अलका तिवारी झारखंड के मुख्य सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया,वे 1988 बैच की आईएएस अधिकारी हैं


झारखंड डेस्क 

झारखंड चुनाव के दौरान अधिकारियों के जिम्मेबरियों में चुनाव आयोग द्वारा बदलाव किया जा रहा ताकि निष्पक्ष चुनाव हो, इसी प्रक्रिया के तहत अलका तिवारी ने मुख्यसचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया है. अलका तिवारी को झारखंड की नयी चीफ सेक्रेटरी बनाया गया हैं। इस बात की पुष्टि मुख्य निर्वाचन.. पदाधिकारी के रवि कुमार ने की है। 

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बता दें कि अलका तिवारी 1988 बैच की आईएएस हैं। उनके रिटायरमेंट की तिथि 30 सितंबर 2025 है। बता दें कि राज्य सरकार ने एल खियांग्ते के तीन महीने के एक्सटेंशन के लिए चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इस पर कोई आदेश नहीं आया। 1988 बैच के आईएएस एल खियांग्ते 31 अक्टूबर को रिटायर हो जाने के बाद मुख्य सचिव का पद भर दिया गया है।

अलका तिवारी ने अपने करियर की शुरूआत गुमला डीसी के रूप में की थी

अलका तिवारी ने अपने करियर की शुरूआत गुमला डीसी के रूप में की. इसके बाद वे लोहरदगा में भी डीसी रही. झारखंड सरकार के वाणिज्यिक कर और वन एवं पर्यावरण विभाग में सचिव के पद पर योगदान दिया.

कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों में केंद्र में दिया योगदान

अलका तिवारी ने केंद्र के महत्वपूर्ण मंत्रालयों में भी योगदान दिया. वह भारत सरकार के नीति आयोग में सलाहकार, उर्वरक विभाग में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव के पद पर रहीं. नीति आयोग में, वह वित्तीय संसाधन, शिक्षा के महत्वपूर्ण कार्यक्षेत्र की जिम्मेवारी बखूबी निभाई. भारत के उच्च शिक्षा नियामक ढांचे में सुधार और शिक्षण और अनुसंधान के विश्व स्तरीय संस्थानों को विकसित करने के लिए रणनीति दस्तावेज विकसित किए. उर्वरक कंपनी एफएजीएमआइएल के सीएमडी के रूप में भी योगदान दिया.

सीएम हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर चुनाव आयोग से किया अपील, कहा छठ पर्व पर छुट्टी चाहने वाले राज्य कर्मियों को जिला प्रशासन को छुट्टी देने का निर्देश

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झारखंड डेस्क 

झारखंड में चुनाव को लेकर जहाँ चुनाव आयोग और राज्य सरकार के बीच आरोप और प्रत्यारोप का दौर चल रहा है वहीं इस सफ्ताह हिन्दुओं के कई महत्वपूर्ण पर्व में राज्य कर्मियों को छुट्टी नहीं मिल पाने पर भी अपना नाराजगी ब्यक्त किया है.

  चूँकि चुनाव कि तिथि की घोषणा के बाद सारे प्रशासनिक निर्णय चुनाव आयोग के अधीन है, लेकिन इस त्यौहारी सीजन में झारखंड चुनावी सभा के लिए पीएम मोदी और अन्य नेताओं की दौरा को लेकर सरकारी कर्मी को छुट्टी नहीं मिल पा रही है.

इस सम्बन्ध में राज्य के सी एम हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर कहा है कि - अक्टूबर को दीपावली थी, अब भैया दूज, सोहराय, गोहाल पूजा, बांधना पर्व और चित्रगुप्त पूजा है और 04 नवम्बर से 08 नवम्बर तक छठ महापर्व है।

ये पर्व झारखण्ड के लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसमें सभी आमजन, सरकारी कर्मी, पुलिस कर्मी छुट्टी लेकर अपने घर जाते हैं। लेकिन सूचना मिली है कि जिला प्रशासन चुनाव एवं प्रधानमंत्री जी के प्रस्तावित दौरे को लेकर किसी प्रकार की छुट्टी नहीं दे रहे हैं।

चुनाव आयोग से अनुरोध है कि स्पष्ट निर्देश जिले के डीसी, एसपी को दें कि पूजा हेतु इन कर्मियों को छुट्टियां दें, छुट्टियों को रद्द न करें। 

साथ ही बड़ी संख्या में बस एवं अन्य वाहनों को जिला प्रशासन ने चुनाव कार्य हेतु जप्त कर रखा है। वे इन वाहनों को 02 नवम्बर से 08 नवम्बर तक अस्थायी रूप से छोड़ें ताकि आस्था के महापर्व छठ के अवसर पर घर पहुंचने में लोगों को असुविधा न हो।

विधानसभा चुनाव 2024, धनबाद विधानसभा से 3 प्रत्याशियों ने लिया अपना नाम वापस


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धनबाद. विधानसभा चुनाव 2024 के लिए नाम वापस लेने की अंतिम तिथि, 1 नवंबर 2024, को तीन प्रत्याशियों ने अपना नाम वापस लिया है। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि व समय के बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त सुश्री माधवी मिश्रा ने मीडिया को बताया कि 42 टुंडी विधानसभा से श्री दिनेश कुमार महतो एवं श्री हिरामन नायक तथा 41 झरिया विधानसभा से मोहम्मद सद्दाम हुसैन ने अपना नाम वापस लिया है।

उन्होंने बताया कि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि के बाद 38 सिंदरी विधानसभा से 9, 39 निरसा से 9, 40 धनबाद विधानसभा से 18, 41 झरिया विधानसभा से 11, 42 टुंडी विधानसभा से 20 एवं 43 बाघमारा विधानसभा से 13 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। 

मतदान के दिन 40 धनबाद एवं 42 टुंडी विधानसभा में 2-2 बैलेट यूनिट का प्रयोग किया जाएगा। जबकि 38 सिंदरी, 39 निरसा, 41 झरिया एवं 43 बाघमारा में एक-एक बैलट यूनिट का प्रयोग किया जाएगा।

उपायुक्त ने मीडिया को बताया कि निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा हर विधानसभा के लिए एक-एक सामान्य प्रेक्षक, 2 व्यय प्रेक्षक एवं एक पुलिस प्रेक्षक की नियुक्ति की गई है। जिसकी सूचना समाचार पत्रों में प्रकाशित कर दी गई है। 

आदर्श आचार संहिता या अन्य किसी भी शिकायत को लेकर कोई भी मतदाता प्रेक्षकों से मिल सकते हैं। मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण पर प्रकाश डालते हुए उपायुक्त ने कहा कि पहले चरण का प्रशिक्षण पूरा कर लिया गया है। 4 नवंबर से दूसरे चरण का प्रशिक्षण श्री श्री लक्ष्मी नारायण ट्रस्ट महिला महाविद्यालय, पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज एवं गुरु नानक कॉलेज भुदा में शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर जिला प्रशासन ने सारी तैयारियां तथा चुनाव में उपयोग करने के लिए पर्याप्त वाहन की व्यवस्था कर ली है। 

पर्व त्यौहार को देखते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा वैसे-वैसे सभी टीम ज्यादा सतर्क रहकर अपना कार्य करेगी। पत्रकार वार्ता में वरीय पुलिस अधीक्षक श्री हृदीप पी जनार्दनन ने मतदाताओं व मतदान केंद्र की सुरक्षा, चेक पोस्ट सहित अन्य बिंदुओं पर पुलिस की तैयारियों से मीडिया को अवगत कराया।

विधानसभा चुनाव 2024 

कन्ट्रोल रूम नं.- 9065729326

टॉल फ्री नंबर- 1950 या 0326 -1950

भाकपा माले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जारी किया पार्टी का घोषणा पत्र

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धनबाद :शुक्रवार को भाकपा-माले का एक प्रेस कॉन्फ्रेंस एलसी रोड हीरापुर स्थित सम्राट चौधरी के आवासीय कार्यालय में हुआ। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में 

 का झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 का घोषणा पत्र (संकल्प पत्र) जारी किया गया।

जिसमें विकास, स्थानीयता रोजगार,झारखंडियों का मूल अधिकार, के लिए बुलंद आवाज बनने का घोषणा किया गया.

इस घोषणा पत्र में झारखंडी हितों पर हमला का जवाब विधानसभा चुनाव 24 में भाजपा को हराकर दिया जायेगा.

इस अवसर पर माले क़ी ओर से कहा गया कि झारखंड को कोरपोरेट के हाथों में नहीं जाने दिया जायेगा. स्थानीयता और रोजगार झारखंडियों का मूल अधिकार है,शिक्षा स्वास्थ्य और खेलकूद में बजट राशि बढ़ाए,स्किल वर्करो को नियमित करें, जल जंगल जमीन और पर्यावरण बचाएं.

इस अवसर पर प्रवक्ताओं ने कहा कि भाकपा-माले और मासस के नेताओं- कार्यकर्ताओं न मुकदमा और जेल की परवाह नहीं की, दमन झेला और शहादते दी है.

इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए कहा है कि हमने कभी भी जनता के हितों के साथ किसी सरकार या पूंजीपति से समझौता नहीं किया, हमारे विधायक हो या सांसद या पार्टी के कार्यकर्ता संघर्षों में आपके साथ रहे हैं और आपके लिए रहे हैं, मोदी सरकार झारखंड पर लगातार हमले करते रहे और 2019 में मिले झारखंड के जनादेश को अपमानित करती रही.

 भाजपा ने झारखंडियों के अधिकारों को ईडी सीबीआई और नययायिक प्रक्रियाओं के जाल में बंधक बनाए रखा, बीजेपी झारखंड को अडानी के हाथों सौंप देना चाहती है गोड्डा के बाद अब वह हजारीबाग के बड़का गांव के जंगल और गांव को कोल माइंस के लिए हड़प रही है, झारखंड में रोजगार संकट में भयावह रूप ले लिया है,भाजपा ने रोजगार और स्थानीयता नीति के साथ हमेशा खिलवाड़ किया है, राज्य की शिक्षा स्वास्थ पंचायती कार्य या कल्याण योजनाएं स्कीम वर्करो के कंधों पर है, इसमें स्कूल में ₹2000 महीने पर रसोईया से लेकर लगभग ₹10000 पर काम करने वाली पारा शिक्षक भी शामिल है पुरा देश कॉर्पोरेट गुलामी को झेल रहा है, उसी का मुक्ति के लिए इंडिया गठबंधन को लाना जरूरी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से भाकपा-माले पोलिट ब्यूरो सदस्य कॉमरेड आनंद महतो, पोलिट ब्यूरो सदस्य कॉमरेड हलदर महतो, राज्य सचिव कॉमरेड मनोज भक्त, जिला सचिव कॉमरेड बिंदा पासवान, जिला सह-सचिव कॉमरेड कार्तिक प्रसाद, राज्य सदस्य कॉमरेड सम्राट चौधरी,कॉमरेड नकुल देव सिंह,कॉमरेड राणा चट्टराज, कॉमरेड विजय पासवान, कॉमरेड करण पासवान उपस्थित थे।

हर्ष अजमेरा ने हजारीबाग में प्रेस वार्ता में चुनावी प्रतिबद्धता और जनता का समर्थन मांगा।

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रिपोर्टर पिंटू कुमार।

निर्दलीय प्रत्याशी हर्ष अजमेरा ने हजारीबाग में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने चुनावी चुनौतियों और अपने दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। 

उन्होंने कहा, मैं ना पहले झुका हूं और ना भविष्य में झुकूंगा, यह बताकर कि वह किसी भी दुष्प्रचार या षड्यंत्रों के खिलाफ डटे रहेंगे।अजमेरा ने अपने नामांकन को व्यक्तिगत स्वार्थ का नहीं, बल्कि हजारीबाग की जनता की भावना का प्रतीक बताया।

 उन्होंने कहा, यह चुनाव केवल मेरा नहीं है, बल्कि हजारीबाग के हर नागरिक का है। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे सही जानकारी फैलाएं और दुष्प्रचार का खंडन करें।अपने चुनाव चिन्ह छड़ी को जनता का सहारा बताते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक चुनाव चिन्ह नहीं, बल्कि जनता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। अजमेरा ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को अपने चुनाव अभियान के मुख्य मुद्दे बताया। उन्होंने कहा, हम हजारीबाग को एक ऐसा स्थान बनाना चाहते हैं जहां सभी को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इन संकल्पों के साथ, हर्ष अजमेरा ने हजारीबाग की जनता से सहयोग की अपील की, ताकि वे मिलकर स्थायी बदलाव की दिशा में आगे बढ़ सकें।

हेमंत विस्व सरमा झारखंड में डैमेज कंट्रोल के लिए नाला से बागी उमम्मीदवार सत्‍यानंद झा से मिले, नामांकन वापस लेने को कहा

उन्होंने आश्वासन दिया उन्हें उचित स्थान पार्टी केंद्र या राज्य में देगी


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झारखंड डेस्क 

विधानसभा का टिकट नहीं मिलने पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से नाराज भाजपा नेता सत्यानंद झा बागी हो गए। उन्‍होंने नाला विधानसभा चुनाव के निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया है। 

अब इन सभी डैमेज कंट्रोल में असम के मुख्यमंत्री और झारखंड भाजपा के चुनाव सह प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा लग गए. उन्होंने सत्‍यानंद झा के घर पहुंच कर उन्हें आश्वासन दिया है कि केंद्र अथवा राज्य में उन्हें सम्मानजनक जगह दिया जायेगा.

झा से मुलाक़ात के बाद हेमंत विस्व सरमा ने मीडिया को बताया कि हम पार्टी से किसी एक ही व्यक्ति को टिकट दे सकते थे। पार्टी ने उस एक व्यक्ति को टिकट दिया और इन्हे नहीं दें पाए.इसलिए झा जी नाराज हो गए। निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया। उन्होंने नामांकन भी कर दिया। इस बार भाजपा के लिए सरकार बनाना बहुत जरूरी है। झारखंड के लिए जरूरी है।

श्री सरमा ने कहा कि मैं यहां झा जी से आग्रह करने आया था कि आप नामांकन वापस लेकर पार्टी की मदद करें। हमने ये भी कहा है कि श्री झा को राज्य या केंद्र सरकार में अच्छा सम्मानित पोस्ट देंगे। वे बहुत पुराने कार्यकर्ता हैं। झा जी अपने कार्यकर्ता के साथ बात कर फैसला लेंगे।

जयराम महतो को बड़ा झटका, गांडेय विधानसभा से JKLM के प्रत्याशी रिजवान् झामुमो में शामिल,अपना नामांकन लेगें वापस,

गांडेय से कल्पना सोरेन हैं झामुमो प्रत्याशी


झारखंड डेस्क 

रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव में गांडेय सीट से खड़े जयराम महतो के पार्टी का उम्मीदवार अखिल अख्तर ऊर्फ रिजवान झामुमो में शामिल हो गए हैं. अब गांडेय सीट कल्पना सोरेन के लिए सुरक्षित हो गया है.

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विदित हो कि अखिल अख्तर ऊर्फ रिजवान जयराम महतो की पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष थे उनके झामुमो में शामिल होने से जयराम महतो के पार्टी को बड़ा झटका लगा है.

जयराम महतो ने दावा किया था कि झारखंड के राजनीति में बड़े बदलाव करेंगे.लेकिन उनके पार्टी के एक के बाद एक कई महत्वपूर्ण लोग उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं. कुछ ने तो अपनी अलग पार्टी बना ली तो कुछ दूसरे पार्टी में शामिल हो रहे हैं. जयराम महतो के पार्टी से अलग होने वालों का दावा हैं कि जयराम महतो की सोच और नियत बदल गयी है जिस उद्देश्य से झारखंड के युवाओं ने एक आंदोलन को जन्म दियाउससे उसकी दिशा बदल गयी है.

उल्लेखनीय है कि रिजवान् को जयराम महतो की पार्टी JLKM ने गांडेय सीट से विधान सभा चुनाव के मैदान में उतारी थी. रिजवान का नाम पहली लिस्ट में हीं थी. लेकिन अब मतदान से पहले जयराम महतो को बड़ा झटका देते हुए रिजवान झामुमो में शामिल हो गए और अपना नामांकन वापस लेने के लिए तैयार हो गए.

रिजवान् ने दीपावली के मौके पर रांची स्थित सीएम आवास में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने पार्टी की सदस्य्ता ली.गांडेय से रिजवान कल अपना नाम वापस लेंगे।

झारखंड को बदलने का दावा करते हुए चुनाव में उतरने वाले जयराम महतो के साथी अब धीरे-धीरे उनसे अलग हो रहे हैं। लोकसभा चुनाव में हजारीबाग से उम्‍मीदवार रहे संजय मेहता उनसे अलग होकर नई पार्टी बना ली। अब रिजवान अलग हो गए।

जयराम महतो को बड़ा झटका, गांडेय विधानसभा से JKLM के प्रत्याशी रिजवान् झामुमो में शामिल,अपना नामांकन लेगें वापस

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गांडेय से कल्पना सोरेन हैं झामुमो प्रत्याशी

झारखंड डेस्क 

रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव में गांडेय सीट से खड़े जयराम महतो के पार्टी का उम्मीदवार अखिल अख्तर ऊर्फ रिजवान झामुमो में शामिल हो गए हैं. अब गांडेय सीट कल्पना सोरेन के लिए सुरक्षित हो गया है.

विदित हो कि अखिल अख्तर ऊर्फ रिजवान जयराम महतो की पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष थे उनके झामुमो में शामिल होने से जयराम महतो के पार्टी को बड़ा झटका लगा है.

जयराम महतो ने दावा किया था कि झारखंड के राजनीति में बड़े बदलाव करेंगे.लेकिन उनके पार्टी के एक के बाद एक कई महत्वपूर्ण लोग उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं. कुछ ने तो अपनी अलग पार्टी बना ली तो कुछ दूसरे पार्टी में शामिल हो रहे हैं. जयराम महतो के पार्टी से अलग होने वालों का दावा हैं कि जयराम महतो की सोच और नियत बदल गयी है जिस उद्देश्य से झारखंड के युवाओं ने एक आंदोलन को जन्म दियाउससे उसकी दिशा बदल गयी है.

उल्लेखनीय है कि रिजवान् को जयराम महतो की पार्टी JLKM ने गांडेय सीट से विधान सभा चुनाव के मैदान में उतारी थी. रिजवान का नाम पहली लिस्ट में हीं थी. लेकिन अब मतदान से पहले जयराम महतो को बड़ा झटका देते हुए रिजवान झामुमो में शामिल हो गए और अपना नामांकन वापस लेने के लिए तैयार हो गए.

रिजवान् ने दीपावली के मौके पर रांची स्थित सीएम आवास में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने पार्टी की सदस्य्ता ली.गांडेय से रिजवान कल अपना नाम वापस लेंगे।

झारखंड को बदलने का दावा करते हुए चुनाव में उतरने वाले जयराम महतो के साथी अब धीरे-धीरे उनसे अलग हो रहे हैं। लोकसभा चुनाव में हजारीबाग से उम्‍मीदवार रहे संजय मेहता उनसे अलग होकर नई पार्टी बना ली। अब रिजवान अलग हो गए।

देवघर के एसपी को चुनाव आयोग द्वारा हटाए जाने से सीएम सोरेन खफा, कहा चुनाव आयोग दलित और आदिवासी विरोधी है

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झारखंड डेस्क 

चुनाव आयोग द्वारा देवघर के एसपी को चुनाव के दौरान हटाने को लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने 

 चुनाव आयोग को निशाने पर लिया है.

उन्होंने बीजेपी पार्टी को दलित विरोधी कहा है। मालूम हो कि देवघर जिला के डीसी और एसपी पर लोकसभा चुनाव में और इस चुनाव में SP पर गाज गिरी है।

चुनाव आयोग के किस निर्णय से खफा है सीएम

जानकारी के अनुसार देवघर एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग को हटाये जाने का फैसला भारत निर्वाचन आयोग ने लिया. इस संबंध में आयोग ने राज्य सरकार को लेटर लिखकर तीन आइपीएस अधिकारियों का पैनल मांगा है. विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के बीच अजीत पीटर डुंगडुंग को हटाए जाने के फैसले पर सीएम हेमंत सोरेन ने नाराजगी जाहिर की है.

सोशल मीडिया पर इसे साझा करते भाजपा को निशाने पर लिया है. कहा है कि दलित IAS अफ़सर को हटाया गया, लगातार परेशान किया गया. अब आदिवासी IPS अफ़सर को लगातार परेशान किया जा रहा है. भाजपा को घेरते हुए कहा कि उसे आख़िर दलितों, आदिवासियों से इतनी परेशानी क्यों है? 

लोकसभा चुनाव में भी चुनाव आयोग ने देवघर के डीसी को हटाया था

 देवघर के पूर्व डीसी रहे मंजूनाथ भजंत्री को भी आयोग की पहल पर पूर्व में वहां से हटाया गया था. यहां तक कि उनके देवघर के पूराने रिकॉर्ड को देखते ही अभी हाल ही में रांची डीसी के पद से भी हटाया गया और वरुण रंजन को डीसी बनाया गया. अब देवघर एसपी के मामले में भी ऐसा देखने को मिला है. सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत पर लोकसभा चुनाव 2024 के ठीक पहले अजीत पीटर डुंगडुंग को देवघर से हटाया गया था. 

हालांकि चुनाव संपन्न होते ही राज्य सरकार ने फिर से अजीत पीटर डुंगडुंग को देवघर का एसपी बना दिया था. पर अब विधानसभा चुनाव को देखते निर्वाचन आयोग ने उन्हें फिर से देवघर से हटाए जाने का फैसला लिया है.

बोकारो के पटाखा दुकानों में लगी भीषण आग, दर्जनों दुकानें जलकर खाक


बोकारो : चास में गरगा नदी के किनारे स्थित पटाखों की दर्जनों दुकानों में अचानक भीषण आग लग गई, जिसमें एक करोड़ से अधिक की संपत्ति का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है. इस हादसे से पूरे इलाके में भगदड़ और दहशत का माहौल बन गया. 

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आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची और लगातार प्रयास कर रही हैं. बताया जा रहा है कि यह दुकानें सुरक्षा के दृष्टिकोण से सघन आबादी से दूर, बोकारो और चास के बीच स्थापित की गई थीं. आग की लपटों से कई गाड़ियां भी जलकर खाक हो गईं.

 प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय पटाखों के धमाके से लोग भयभीत हो गए और अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागने लगे, जिससे भगदड़ में कई लोग घायल हो गए.

बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी के आवास के समीप लगी इन दुकानों में अचानक आग लगने से दिवाली की खुशियां मातम में बदल गईं. 

आसमान में उठते धुएं के गुबार और आग के तेज़ गोले ने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया.