मालदीव मुद्दे पर बंटा “इंडिया”, खड़गे ने कहा-हर बात व्यक्तिगत तौर पर लेते हैं पीएम, पवार बोले-पीएम के खिलाफ अपमानजनक बातें स्वीकार नहीं

#mallikarjunkhargeandsharadpawaronmaldives_dispute

Image 2Image 3

पिछले तीन दिन से देश में मालदीव के साथ तनाव की बातें सुर्खियों में बनी हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा के दौरान तस्वीरें जारी होने के बाद मालदीव के कुछ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर दी थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव के हालात हैं। इस बीच लोग प्रधानमंत्री मोदी और अपने देश के समर्थन में उतर आए हैं। खेल जगत से लेकर फिल्मों से जुड़ी हस्तियां पीएम मोदी के समर्थन में नजर आ रहे हैं। हालांकि, मालदीव-भारत के बीच डिप्लोमेटिक टेंशन के मुद्दे पर इंडिया गुट के नेता एकमत नहीं हैं। महाराष्ट्र की राजनीति के पितामह कहे जाने वाले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पीएम नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारा बुलंद किया। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि पीएम मोदी हर बात को पर्सनल ले लेते हैं।

खरगे ने पीएम मोदी पर कसा तंज

मालदीव के साथ राजनयिक विवाद के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद से ही पीएम मोदी सब कुछ व्यक्तिगत रूप से ले रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ मधुर रिश्ते होने चाहिए। हमें वक्त के मुताबिक काम करना होगा, क्योंकि हम अपने पड़ोसियों को नहीं बदल सकते हैं। पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वो हर चीज को निजी तौर पर ले लेते हैं।

शरद पवार ने क्या कहा?

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की राय से एनसीपी प्रमुख शरद पवार इत्तेफाक नहीं रखते। शरद पवार ने मालदीव विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में बात की है। पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों का जिक्र करते हुए पवार ने मंगलवार को कहा कि किसी भी अन्य देश के किसी व्यक्ति द्वारा प्रधान मंत्री के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। नरेंद्र मोदी हमारे देश के प्रधान मंत्री हैं और यदि किसी अन्य देश का कोई व्यक्ति, जो किसी भी पद पर है, हमारे प्रधान मंत्री पर ऐसी टिप्पणी करता है, तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे। हमें प्रधान मंत्री के पद का सम्मान करना चाहिए। देश के बाहर से हम प्रधान मंत्री के खिलाफ कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे

दरअसल, मालदीव के युवा मंत्रालय में उप मंत्री मालशा शरीफ, मरियम शिउना और अब्दुल्ला महज़ूम माजिद ने पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे को लेकर टिप्पणी की थी. इसके बाद मालदीव सरकार ने तीनों के बयानों से खुद को अलग करते हुए इन्हें मंत्री पद से निलंबित कर दिया है।

भारत-पाकिस्तान को लेकर पूर्व उच्चायुक्त ने किए कई बड़े खुलासे, उरी से लेकर बालाकोट हमले और अभिनंदन की रिहाई तक का जिक्र

#former_high_commissioner_to_pakistan_ajay_bisaria_revealed_secret_in_his_book

अजय बिसारिया पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त रह चुके हैं। उनकी नई किताब आने वाली है, जिसमें उन्होंने कई दावे किए हैं।भारत के पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने अपनी नई किताब 'एंगर मैनेजमेंट: द ट्रब्ल्ड डिप्लोमेटिक रिलेशनशिप बिटवीन इंडिया एंड पाकिस्तान' में कई खुलासे किए हैं। करीब 35 साल तक विदेश सेवा में रहने वाले बिसारिया ने अपनी किताब में स्वतंत्रता के बाद से भारत और पाकिस्तान के संबंधों के अनेक पहलुओं पर रोशनी डाली है। अजय बिसारिया ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जवाब देने को लेकर अपनी राय व्यक्त की है। बिसारिया ने कहा कि अगर आप आज पीछे मुड़कर देखें, तो निश्चित रूप से 2008 में, भारत को यह जवाब देना चाहिए था जो उसने आखिरकार 2016 और 2019 में सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के साथ दिया। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि आतंकवाद और 1980 के दशक में पंजाब में भारत को जो पीड़ा सहनी पड़ी, उसे कम किया जा सकता था यदि भारत ने 90 के दशक की शुरुआत में कठोर शक्ति कार्रवाई की होती।

Image 2Image 3

बिसारिया ने अपनी किताब ‘एंगर मैनेजमेंट: द ट्रबल्ड डिप्लोमेटिक रिलेशनशिप बिटवीन इंडिया एंड पाकिस्तान’ में बालाकोट में भारत के हवाई हमले के दौरान का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि कई देशों ने अपने विशेष राजदूत भेजने की पेशकश की थी, लेकिन इसकी कोई जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा, यहां तक कि चीन भी पीछे नहीं था। उसने सुझाव दिया था कि वह तनाव घटाने के लिए दोनों देशों में अपने उप मंत्री को भेज सकता है। भारत ने इस पेशकश को विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया था। उन्होंने लिखा है कि बालाकोट पर भारत के हवाई हमलों के एक दिन बाद अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस के राजदूतों को पाकिस्तान की तत्कालीन विदेश सचिव तहमीना जांजुआ ने पाकिस्तान की सेना से मिले एक संदेश के बारे में सूचित किया था। बिसारिया ने यह भी लिखा है कि पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करना चाहते थे।

अभिनंदन को छुड़ाने के लिए भारत ने तान दी थीं मिसाइलें

बालाकोट हवाई हमले के समय इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायुक्त रहे बिसारिया ने अपनी किताब में यह भी लिखा है कि पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी हमला हुआ था। इसका बदला लेने के लिए वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के अंदर 100 किलोमीटर तक घुसकर बालाकोट और पीओके के आतंकी ठिकानों पर कहर बरपा दिया था। भारतीय कार्रवाई से गुस्साया पाकिस्तान जवाब देने के लिए अगले ही दिन भारत में घुस गया और 27 फरवरी को आसमान में हुई जंग की चपेट में विंग कमांडर अभिनंदन का मिग-21 बायसन भी आ गया। दुश्मनों के खदेड़ते हुए मिग-21 बायसन में आग लग सकती थी। ऐसे में विंग कमांडर अभिनंदन ने पैराशूट से छलांग लगा दी, लेकिन वे जिस जमीन पर पहुंचे वे इलाका पीओके का था। पाकिस्तानी सेना ने अभिनंदन को पकड़ लिया था। भारत अपने विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान को वापस लाने के लिए वायु सेना का एक प्लेन पाकिस्तान भेजना चाह रहा था, लेकिन पड़ोसी देश ने अनुमति नहीं दी। भारत ने अपने वायुसेना के लड़ाकू पायलट अभिनंदन वर्धमान को छुड़ाने के लिए पाकिस्तान की ओर नौ मिसाइलों को तान दिया था, जिससे पड़ोसी देश की सांसे फूल गई थीं। 

इमरान खान पीएम मोदी को कर रहे थे बार-बार फोन

पूर्व उच्चायुक्त ने बताया कि भारतीय सेना की यह तैयारी देख कर पाकिस्तानी सेना और सरकार हिल गई। वह लड़ाई को आगे नहीं बढ़ाना चाहता था। तनाव कम करने की कोशिश में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के प्रधानमंत्री पीएम मोदी को कई बार फोन किया। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को समझ आ गया था कि अब उनके पास कोई और विकल्प नहीं है। इसलिए उन्हें पायलट को छोड़ने का फैसला लेना पड़ा था।

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पीएम मोदी ने मंत्रियों को किया सचेत, बोले-आस्था दिखनी चाहिए, न कि आक्रामकता

#pm-modi_caution_ministers_show_faith_not_aggression

राम लला का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 22 जनवरी को होना है। इसको लेकर अयोध्या में तैयारी जोर शोर से हो रही है। समारोह को लेकर राम भक्तों में खासा उत्साह है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कैबिनेट के मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि प्रभु राम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर सतर्क रहे। पीएम मोदी ने कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को सख्त निर्देश दिया कि उत्साह में मर्यादाओं का उलंघन न हो।

Image 2Image 3

प्रधानमंत्री मोदी कैबिनेट की बैठक के दौरान बयानबाजी से बचने और मर्यादा का ख्याल रखने का निर्देश दिया है। पीएम ने कहा कि सभी अपने अपने संसदीय क्षेत्र में इस बात का ख्याल रखें कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी ना हो, माहौल खराब ना हो। पीएम ने बैठक में कहा कि प्रभु राम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर सचेत रहें। पीएम ने साफ शब्दों में कहा कि इसको लेकर आस्था दिखाएं, न कि आक्रामकता।

पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों से अपील की है कि अपने-अपने इलाके के लोगों को 22 जनवरी के बाद रामलला के दर्शन करवाने लाएं। ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद दिलाएं।

पहले चार साल के बेटे का किया कत्ल, फिर बैग में शव लेकर किया गोवा से बेंगलुरु के लिए निकली

#bengaluru_ai_start_up_ceo_suchana_seth_killed_son

नॉर्थ गोवा के कलंगुट इलाके से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। यहां, बेंगलुरु की एक स्टार्टअप कंपनी की सीईओ ने गोवा के एक होटल में अपने 4 साल के बेटे की हत्या कर दी। इसके बाद शव को बैग में भरकर टैक्सी से बेंगलुरु के लिए निकली। हालांकि, गोवा पुलिस को इसकी खबर लग गई। जिसके बाद कर्नाटक पुलिस ने आरोपी महिला को उसके बेटे के शव के साथ गिरफ्तार कर लिया। अपने ही बेटे के कत्ल का कारण जानकर होश उड़ जाएँगे। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला नहीं चाहती थी कि उसका बेटा अपने पिता से मिल पाए। इसलिए उसने बेटे की हत्या कर दी।

Image 2Image 3

महिला की पहचान 39 साल की सूचना सेठ के रूप में की गई है। सुचाना सेठ बेंगलुरू के एक एआई स्टार्टअप में सीईओ के तौर पर काम करती है। वह स्टार्टअप कंपनी माइंडफुल AI लैब की फाउंडर है। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला सूचना सेठ की शादी 2010 में हुई थी। 2019 में उसका बेटा पैदा हुआ था और 2020 में उसका अपने पति से विवाद शुरू हो गया। मामला कोर्ट में चला गया, जिसके बाद दोनों ने तलाक ले लिया. कोर्ट ने आदेश दिया था कि बच्चे के पिता अपने बच्चे से रविवार को मिल सकते हैं।

हत्या का कारण बन गया कोर्ट का आदेश। कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी महिला प्रेशर आ गई। दरअसल सुचाना नहीं चाहती थी कि बेटा अपने पिता से मिले। इसलिए प्लान के तहत आरोपी महिला शनिवार को बेटे को साथ लेकर गोवा गई और होटल में हत्याकांड को अंजाम दे दिया।

सुचाना सेठ ने पहले अपने 4 साल के बेटे की गोवा में बेरहमी से हत्या की और फिर वह उसके शव को बैग में ठूसकर बेंगलुरू भाग रही थी, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। महिला को कर्नाटक पुलिस ने अरेस्ट किया है। कर्नाटक पुलिस ने उसे चित्रदुर्ग से उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वो बेटे के शव को बैग में पैक करके टैक्सी से बेंगलुरू जा रही थी।

पुलिस के मुताबिक, सुचाना सेठ ने किसी धारदार हथियार से अपने बेटे की हत्या की। 6 जनवरी को गोवा के सोल बनयान ग्रांडे होटल में अपने बेटे के साथ आई थी। सोमवार (8 जनवरी) को उसने होटल से चेक-आउट किया था। अपराध को अंजाम देने के बाद उसने होटल मैनेजमेंट से बेंगलुरु वापस जाने के लिए टैक्सी बुक करने के लिए कहा। महिला ने होटल स्टाफ से इस बात पर जोर दिया कि वो सड़क के रास्ते से ही बेंगलुरु जाएगी। 

गोवा पुलिस के मुताबिक, इस घटना की जानकारी होटल स्टाफ ने दी। दरअसल, जब होटल का एक स्टाफ रूम में सफाई करने पहुंचा तो उसने रूम में खून के धब्बे देखे। स्टाफ ने होटल मैनेजमेंट को इसकी सूचना दी। इसके बाद गोवा पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पता चला कि वो अकेले ही होटल से बाहर निकली थी।सूचाना अपने बेटे के साथ होटल में आती दिखती है। हालांकि, चेक आउट के वक्त वह अकेली थी। इसके बाद गोवा पुलिस हरकत में आई।

CM न रहो तो होर्डिंग से फोटो ऐसे गायब होती है, जैसे गधे...', फिर झलका एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का दर्द

Image 2Image 3

 मध्य प्रदेश में जब से नई सरकार बनी है, तब से मुख्यमंत्री न रहते हुए भी शिवराज सिंह चौहान निरंतर ख़बरों में हैं। कभी अपनी योजना लाडली बहना को लेकर दी गई प्रतिक्रिया से तो कभी लाडली बहनों के उनके प्रति स्नेह से। इसी कड़ी में उनका एक और वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने राजनीति में कुर्सी की अहमियत बताई है।

 एक कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, जब हम दूसरों के लिए काम करने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर लें तो जिंदगी आनंद से भर जाती है। मुझे अभी भी 1 मिनट फुर्सत नहीं है। निरंतर काम में लगा हूं। यह अच्छा हुआ कि थोड़ा राजनीति से हटकर काम करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। राजनीति में भी बहुत अच्छे कार्यकर्ता, समर्पित कार्यकर्ता, सेवा करने वाले लोग, मोदी जी जैसे नेता हैं, जो देश के लिए जीते हैं। लेकिन, राजनीति में कई लोग ऐसे होते हैं जो रंग देखते हैं। सीएम हो तो चरण कमल के समान हैं। कर कमल हो जाते हैं। सीएम न रहो तो होर्डिंग से फोटो भी गायब हो जाती है। फोटो ऐसे गायब होती है जैसे गधे के सिंर से सींग'। शिवराज सिंह का ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

वही पिछले दिनों भी उनका एक वीडियो सामने आया था। शिवराज अपने गृह क्षेत्र बुधनी में थे। यहां उन्होंने कहा, कोई बड़ा लक्ष्य होगा। कई बार राजतिलक होते-होते वनवास भी हो जाता है। ऐसा किसी न किसी लक्ष्य की पूर्ति के लिए ही होता है मगर चिंता मत करना। मेरी जिंदगी बहनों, बेटियों तथा जनता जनार्दन के लिए है। इस धरती पर तुम्हारी जिंदगी से दुख दर्द करने आया हूं। आंखों में आंसू नहीं रहने दूंगा। दिन एवं रात काम करूंगा। तथा अब अपना पता है B-8, 74 बंगला। उसका मैंने रख दिया है- मामा का घर'।

भारत से पंगा लेने के बाद मालदीव के राष्ट्रपति की कुर्सी पर लटकी तलवार ! अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष

Image 2Image 3

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। भारत से लड़ाई मोल लेना उसके लिए महंगा साबित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा के दौरान तस्वीरें जारी होने के बाद मालदीव के कुछ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर दी थी, जिसके बाद मालदीव सरकार पर वहां का विपक्ष आक्रामक अंदाज में हमला करता नजर आ रहा है।

मालदीव सरकार की ओर से लगातार स्पष्टीकरण के बावजूद सरकार के लिए चुनौतियां कम होती नहीं दिख रही हैं। चौतरफा घिरने के बाद अब राष्ट्रपति की कुर्सी पर भी खतरा मंडरा रहा है, उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी है। राष्ट्रपति मुइज्जू को पद से हटाने का पहला आह्वान देश के सांसद और डेमोक्रेट नेता अली अजीम की ओर से आया है। उन्होंने मुइज्जू को राष्ट्रपति पद से हटाने के लिए देश के अन्य नेताओं से मदद मांगी है। 

बता दें कि, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू इस समय चीन की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं और देश में उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस बीच भारत ने पीएम मोदी के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की है और मालदीव के राजदूत को तलब कर नाराजगी जताई है। हालाँकि, मालदीव सरकार ने वहां के तीनों मंत्रियों को निलंबित कर दिया है, लेकिन अब भी आक्रोश थमा नहीं है। भारत में सोशल मीडिया पर लगातार मालदीव को बॉयकॉट करने की मांग तेज हो रही है।

मोहम्मद शमी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अर्जुन अवार्ड से किया सम्मानित, वर्ल्ड कप में अपनी गेंदों से बरपाया था कहर

Image 2Image 3

भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को आज मंगलवार (9 जनवरी 2024) को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वनडे विश्व कप 2023 में सनसनीखेज प्रदर्शन के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने शमी के नाम की सिफारिश की थी। शमी ने विश्व कप 2023 को टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज के रूप में समाप्त किया, केवल 7 मैचों में 24 विकेट लिए।

पुरस्कार समारोह से पहले शमी ने कहा कि, "यह पुरस्कार एक सपना है, जिंदगी बीत जाती है और लोग यह पुरस्कार नहीं जीत पाते। मुझे खुशी है कि मुझे इस पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।" मोहम्मद शमी को विश्व कप 2023 में पहले चार मैचों के लिए प्लेइंग इलेवन में नामित नहीं किया गया था। 19 अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ हार्दिक पांड्या के टखने में भयानक चोट लगने के बाद शमी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। शमी ने टूर्नामेंट में तुरंत प्रभाव डाला था उनकी वापसी पर टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 विकेट चटकाए। पेसर ने वहां से रिकॉर्ड रन बनाया। शमी ने टूर्नामेंट में 24 विकेट लिए और वह भारत के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रित बुमराह से आगे रहे।

2023 में अपने सनसनीखेज प्रदर्शन के लिए कुल 26 एथलीटों को अर्जुन पुरस्कार मिला। इस सूची में एशियाई खेल 2023 के एथलीटों का दबदबा था। चीन में, भारत ने 107 पदकों की रिकॉर्ड संख्या जीतकर प्रतियोगिता में खुद को बेहतर प्रदर्शन किया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि ने जकार्ता 2018 एशियाई खेलों के दौरान हासिल किए गए भारत के पिछले सर्वश्रेष्ठ पदकों की संख्या, जो 70 थी, को तोड़ दिया। उस उपलब्धि का जश्न इसमें शामिल 16 स्वर्ण पदकों के लिए मनाया गया था, लेकिन 2023 हांग्जो खेलों ने मात्रा और गुणवत्ता दोनों में इसे ग्रहण कर लिया है। प्रतियोगिता के अंतिम दिन, भारत ने आश्चर्यजनक रूप से कुल 12 पदक जीतकर नई ऊंचाइयों को छुआ। इनमें 6 स्वर्ण पदक, 4 रजत पदक और 2 कांस्य पदक थे। इससे प्रतियोगिता के इतिहास में पहली बार भारत की संख्या 100 से अधिक हो गई।

जानिए, कौन है 'मुस्लिम सूरदास'? जिन्हे मिला अयोध्या में राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा में आने का न्योता

Image 2Image 3

 मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम को मानने वाले केवल हिन्दू धर्म के ही नहीं है, बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में आदर्श मानते हैं। इनमें ही एक हैं मध्य प्रदेश के खंडवा जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर बसे ग्राम हापला-दीपला के एक मुस्लिम कवि अकबर ताज मंसूरी हैं। नेत्रहीन अकबर ताज प्रभु श्री राम पर रचनाएं लिखते-गाते हैं। वह देशभर में श्रीराम के चरित्र का गुणगान करते रहते हैं। 'मुस्लिम सूरदास' बोले जाने वाले अकबर ताज को अयोध्या राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण दिया गया है।

अकबर ताज बोलते हैं कि प्रभु श्रीराम सबके हैं तथा उनका अवतार मानव जाति की भलाई के लिए हुआ था। प्रभु श्री राम को लेकर उनके इस प्रेम को देखकर जगद्गुरु संत रामभद्राचार्य ने 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले विशेष आयोजन में प्रस्तुति देने के लिए इस सूरदास कवि अकबर ताज को आमंत्रित किया है। अकबर ताज अयोध्या जाने के लिए बहुत उत्साहित हैं। खंडवा के अकबर ताज दिल्ली, जयपुर, हैदराबाद, लखनऊ व सूरत समेत देशभर के हिंदी मंचों पर रचनापाठ कर चुके हैं। रामलला पर आधारित उनकी रचनाओं ने उन्हें खूब सम्मान दिलाया। अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर वह खुश हैं। वह कहते हैं कि प्रभु श्रीराम का जीवन चरित्र हमें मर्यादा में जीने की सीख देता है। उन्होंने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए 14 साल का वनवास सहर्ष स्वीकार कर लिया। ऐसा व्यक्तित्व आज कहां देखने को मिलता है।  

42 वर्षीय ताज ने कहा कि 14 जनवरी को यूपी के अयोध्या पहुंचेंगे तथा प्रभु श्रीराम पर कविता पाठ करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं पूरे देश में जगह-जगह जाता रहता हूं, मगर अयोध्या में राम जी भद्राचार्य (हिंदू आध्यात्मिक नेता) की तरफ से आमंत्रित किए जाने पर मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं कई अन्य कार्यक्रम छोड़कर वहां जा रहा हूं।' ताज बचपन से ही प्रभु श्रीराम की स्तुति में कविताएं और भजन लिख और उनका पाठ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह एक बहुत निर्धन परिवार से हैं तथा एक 'कच्चे' घर में रहते हैं।

इजरायल की लेबनान में बड़ी एयरस्ट्राइक, हमले में हिजबुल्‍लाह का टॉप कमांड ढेर

#hezbollahtop_commander_killed_in_israel_air_strike 

इजराइल का लेबनान में हमला जारी है। सोमवार को हुए एक अटैक में हिजबुल्लाह का एक टॉप कमांडर ढेर हो गया।हमास के एक टॉप कमांडर को मार गिराने के ठीक एक हफ्ते बाद इजरायल ने अब हिज्जबुल्ला के टॉप कमांडर विसाम हसन ताविल को मार गिराया है।

Image 2Image 3

इजरायल की सेना इस समय कई मोर्चों पर दुश्‍मनों का सामना कर रही है। गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ जंग के बीच इजरायल सेना ईरान समर्थित समूह हिजबुल्‍लाह पर भी हमले कर रही है। हिजबुल्‍लाह के एक सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इजरायल ने सोमवार को दक्षिण लेबनान पर हमले किये, जिसमें एक शीर्ष हिजबुल्लाह कमांडर मारा गया है। गाजा पट्टी में पिछले कई महीनों से इजरायल और हमास के लड़ाकों के बीच जंग हो रही है। इस बीच हमास के समर्थन में कई समूह उतर आए हैं, जिसमें से एक हिजबुल्‍लाह भी है।

हिजबुल्लाह ने एक बयान में इजरायली बलों के साथ सीमा पार संघर्ष के तीन महीने में पहली बार एक "कमांडर" की हत्या की घोषणा की है। हिजबुल्लाह ने कहा कि एक एसयूवी पर हुए हमले में विसाम हसन ताविल की मौत हो गई, जो सीमा पर सक्रिय गुप्त हिजबुल्लाह बल का कमांडर था। वह सशस्त्र समूह में सबसे वरिष्ठ आतंकवादी था जो 7 अक्टूबर को दक्षिणी इज़राइल में हमास के हमले के बाद गाजा में युद्ध और इज़राइल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई के बाद मारा गया है।

विसाम हसन ताविल लंबे समय तक बाहर रहने के बाद रविवार शाम खिरबेट सलीम शहर के बाहरी इलाके स्थित अपने घर पहुंचा। उसका घर फिलिस्तीन की सीमा से लगभग 19 से 20 किलोमीटर दूर है। हमला तब किया गया जब ताविल दोपहर के आसपास घर से निकलकर सड़क पर खड़ी अपनी कार की ओर जा रहा था। हालांकि, जब इजरायली सेना से इस बारे में पूछा गया, तो उन्‍होंने बताया कि सोमवार को लेबनान में हिजबुल्लाह के "सैन्य ठिकानों" पर हमला किया गया था, लेकिन ताविल की मौत पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की।

दक्षिणी इजराइल में 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद गाजा में चौतरफा युद्ध हो रहा है। इजराइल का कहना है कि उसने उत्तरी गाजा में बड़े पैमाने पर बड़े अभियानों को पूरा कर लिया है और अब मध्य क्षेत्र और खान यूनिस के दक्षिणी शहर पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इजरायली अधिकारियों ने कहा है कि लड़ाई कई महीनों तक जारी रहेगी क्योंकि सेना हमास को खत्म करना चाहती है और आतंकवादी समूह के 7 अक्टूबर के हमले के दौरान बंधक बनाए गए कई लोगों को वापस लाना चाहती है।

आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले दी धमकी वीडियो जारी कर समुदाय विशेष को भड़काने की कोशिश

#terrorist_gurpatwant_singh_pannun_urged_muslims_to_oppose_ram_mandir_inauguration 

Image 2Image 3

अयोध्या में इसी महीने 22 जनवरी को राम मंदिर उद्घाटन समारोह होना है। इस बीच पूरे देश रामभक्ति में डूबा हुआ है। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देशभर में तैयारियां जोरों पर हैं। इस बीच सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) का सरगना व आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। पन्नू ने श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा ले पहले भारत के खिलाफ फिर से जहर उगला है। पन्नू ने मुसलमानों से इस समारोह का विरोध करने को कहा है। एक वीडियो में पन्नू ने कहा कि राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में अमृतसर से अयोध्या तक हवाई अड्डों को बंद कर दिया जाएगा। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। 

गुरपतवंत सिंह पन्नू ने श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर एक वीडियो जारी कर भारतीय मुस्लिम समुदाय को भड़काने की साजिश रची है।उसने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुस्लिम समुदाय के कट्टर दुश्मन हैं। पन्नू ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बाबरी मस्जिद को तोड़ कर बनाया गया है। इसे बाबरी मस्जिद को तोड़ा जाना नहीं बल्कि भारत में रहने वाले करोड़ों मुसलमानों का धर्म परिवर्तन माना जा रहा है। 22 जनवरी को अयोध्या में श्री राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम मुस्लिम समुदाय के लिए अऑप्रेशन ब्लू स्टार जैसा है।

पन्नू ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को भारत में उर्दीस्तान की मांग रखने को कहा। इसके साथ ही उसने पंजाब के अमृतसर से अयोध्या तक सभी एयरपोर्ट बंद करवाने की धमकी दी। इससे पहले भी पन्नू ने संसद पर हमले की धमकी दी थी। वह एयर इंडिया की उड़ानें बंद करवाने की धमकी भी दे चुका है। 

पन्नू भारत को अपना दुश्मन मानता है। पन्नू के खिलाफ भारत में कई मामले दर्ज हैं। साल 2020 में पन्नू के खिलाफ यूएपीए की धाराओं के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया था। आतंकी पन्नू का नाम बीते साल ही दूसरी बार गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के साथ जोड़ा गया था। गृह मंत्रालय ने 2019 में एसएफजे पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके एक साल बाद 2020 में पन्नू को यूएपीए के तहत आतंकी घोषित किया गया था।