अदालत की अवमानना का नियम किसी जज को आलोचना से बचाने के लिए नहीं है बल्कि उद्देश्य अदालत की न्याय प्रक्रिया में किसी व्यक्ति के दखल को रोकना: सीज

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देश के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने अदालत की अवमानना के नियम को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि अदालत की अवमानना का नियम किसी जज को आलोचना से बचाने के लिए नहीं है बल्कि उसका उद्देश्य अदालत की न्याय प्रक्रिया में किसी व्यक्ति के दखल को रोकना है। एक जज के तौर पर 23 साल और चीफ जस्टिस के पद पर एक साल पूरा करने के मौके पर चंद्रचूड़ ने यह भी कहा कि अदालतों का काम यह सुनिश्चित करना है कि राजनीति अपनी सीमाओं में ही रहे। उन्होंने अदालत की अवमानना के कानून की व्याख्या करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोर्ट के फैसले का अपमान करता है या उसके बारे में गलत बात करता है तो यह अवमानना का मसला होगा। 

कोई अदालत की कार्यवाही को बाधित करता है या उसके दिए आदेश के पालन में आनाकानी करता है तो उसे भी अवमानना माना जाता है। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने साफ किया कि यदि किसी जज के खिलाफ कोई अपनी राय रखता है तो उस मामले में अदालत की अवमानना का केस नहीं बनता। उन्होंने कहा कि मैं पूरी स्पष्टता के साथ यह मानता हूं कि अवमानना के नियम का इस्तेमाल किसी जज को आलोचना से बचाने के लिए नहीं किया जा सकता। अदालतों और जजों को अपनी प्रतिष्ठा काम और फैसलों से बनानी चाहिए। यह अवमानना के नियम से स्थापित नहीं हो सकती। 

जजों की प्रतिष्ठा का निर्धारण तो उनके द्वारा दिए गए फैसलों और कामकाज से होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अदालतों को मीडिया और नागरिकों से संवाद बनाए रखना चाहिए। चीफ जस्टिस ने कहा कि कई बार सोशल मीडिया की पोस्ट परेशान करती है और वे बातें भी उनमें जजों के नाम से शेयर की जाती हैं, जो वे कहते भी नहीं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ऐसी चीजों से निपटने के लिए यह जरूरी है कि हम ही उचित संवाद रखें। इससे गलत जानकारी देने वाले मंच अपने आप ही कम या खत्म हो जाएंगे। 

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमने एक प्रयोग शुरू करने का फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से एक न्यूजलेटर जारी किया जाएगा। इसमें अदालत में हुए फैसलों की जानकारी सीधे जनता को मिलेगी। इससे गलत सूचना देने वाले मंच अपने आप ही खत्म होने लगेंगे। वहीं जनहित याचिकाओं को लेकर भी उन्होंने कहा कि इनके माध्यम से आम लोगों से जुड़े जरूरी मामले उठाए जाते रहे हैं और यह जरूरी चीज है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कई बार इनका इस्तेमाल राजनीतिक हित साधने या फिर चर्चा पाने के लिए भी होने लगा है।

'महुआ अपनी लड़ाई खुद लड़ सकती हैं,' पहली बार मिला TMC का साथ; एथिक्स कमिटी चेयरमैन ने बताया अब क्या होगा एक्शन

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 संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के आरोप में घिरी टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को लेकर एथिक्स कमेटी आज (09 नवंबर) अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट फाइनल करने वाली है। वहीं, कमेटी लोकसभा सचिवालय को रिपोर्ट सबमिट करेगी।

इस ड्राफ्ट में मोइत्रा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, जांच समिति मोइत्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश कर सकता है। मुमकिन है कि महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता भी रद्द हो सकती है। बैठक को लेकर एथिक्स कमेटी के चेयरमैन विनोद सोनकर ने कहा," टीएमसी सांसद के खिलाफ निशिकांत दुबे द्वारा शिकायत की गई और हीरानंदानी द्वारा हलफनामा सौंपा गया।

ड्राफ्ट लोकसभा अध्यक्ष को भेजा जाएगा: एथिक्स कमेटी के चेयरमैन

विनोद सोनकर ने आगे बताया,"इससे पहले की दो बैठकों में हमने शिकायतों की जांच की और महुआ मोइत्रा का बयान भी दर्ज किया गया। इन सबके बाद आज एथिक्स कमेटी की बैठक हो रही है, हम सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे और ड्राफ्ट लोकसभा अध्यक्ष को भेजेंगे। कमेटी सभी तथ्यों के आधार पर निर्णय लेगी और प्रस्ताव लोकसभा अध्यक्ष को भेजेगी।

महुआ मोइत्रा अपनी लड़ाई खुद लड़ने में सक्षम: अभिषेक बनर्जी

कमेटी की तीसरी बैठक होने से पहले टीएमसी के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक बनर्जी ने पहली बार खुलकर महुआ मोइत्रा के समर्थन ने अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि महुआ मोइत्रा अपनी लड़ाई खुद लड़ने में सक्षम हैं।

उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आपने देखा कि भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने किस तरह संसद में अपशब्द कहे। जो सांसद अदाणी के खिलाफ सवाल पूछते हुए उन्हें सरकार संसद से हटाने की कोशिश करती है। बता दें कि महुआ मोइत्रा के समर्थन में खुलकर अब तक सीएम ममता बनर्जी ने कुछ नहीं कहा है।

महुआ मोइत्रा पर आरोप

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर रिश्वत के बदले व्यापारी दर्शन हीरानंदानी के कहने पर अडानी ग्रुप को निशाना बनाने वाले सवाल लोकसभा में पूछने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महुआ ने लोकसभा के मेल आईडी का अपना लॉगइन हीरानंदानी को दे दिया था और वो इससे विभिन्न जगहों से प्रश्न डालता था।

दूसरी ओर महुआ ने भी माना है कि हीरानंदानी ने उनके लॉगिन का उपयोग किया है, लेकिन टीएमसी सांसद का कहना है कि उसने रिश्वत पाने या कोई गिफ्ट लेने के लिए नहीं किया है।

विदेशों में भी हो रही सीएम नीतीश कुमार के बयान की निंदा, अब अमेरिका सिंगर मैरी मिलबेन को आया “गुस्सा”, जानें क्या कहा

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जनसंख्या नियंत्रण में शिक्षा और महिलाओं की भूमिका को समझाने के लिए विधानसभा में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर बवाल बढ़ता ही जा रही है। पूरे देश में नीतीश कुमार के बयान की आलोचना हो रही है और उनके इस्तीफे की मांग उठने लगी है।देश ही नहीं, विदेश में भी उनकी निंदा हो रही है।अब एक मशहूर अमेरिकी एक्ट्रेस भी इस सियासी जंग में कूद गई है।अफ्रीकी-अमेरिकी अभिनेत्री और गायिका मैरी मिलबेन ने नीतीश कुमार का इस्तीफा माँगा है। साथ ही कहा है कि यदि वह भारतीय नागरिक होती तो बिहार जाकर उनके खिलाफ चुनाव लड़तीं।

बिहार के सीएम नीतीश कुमार के बयान पर अफ्रीकी-अमेरिकी अभिनेत्री और गायिका मैरी मिलबेन ने एक्स पर प्रतिक्रिया देत हुए कहा कि , 'आज, भारत एक निर्णायक क्षण का सामना कर रहा है, यहीं बिहार में, जहां महिलाओं के मूल्य को चुनौती दी जा रही है। और मेरा मानना है कि इसका केवल एक ही उत्तर है... चुनौती। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की टिप्पणियों के बाद, मेरा मानना है कि एक साहसी महिला को आगे आकर बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करनी चाहिए। अगर मैं भारत की नागरिक होती, तो मैं बिहार जाती और मुख्यमंत्री (पद) के लिए चुनाव लड़ती।'

अमेरिकी अभिनेत्री ने आगे कहा ' मेरा मानना है कि अब समय आ गया है कि नीतीश कुमार इस्तीफा दें। मेरा मानना है कि भाजपा को बिहार में नेतृत्व करने के लिए महिलाओं को सशक्त बनाना चाहिए । यही महिला सशक्तिकरण और विकास की सच्ची भावना होगी और प्रतिक्रिया होगी... आप बिहार के लोगों, भारत के लोगों के पास एक महिला को वोट देने की शक्ति है, वोट देने की शक्ति है और ऐसे समय में बदलाव करने की शक्ति है।'

बता दें कि मिलबेन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी प्रशंसक हैं।अपने ट्वीट में मिलबेन ने पीएम मोदी को लेकर कहा कि बहुत से लोग पूछते हैं कि मैं प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन क्यों करती हूं और भारत के मामलों पर इतनी बारीकी से नजर क्यों रखती हूं। उत्तर सीधा है। मैं भारत से प्यार करती हूं… और मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी भारत और भारतीय नागरिकों की प्रगति के लिए सर्वश्रेष्ठ नेता हैं। वह अमेरिका-भारत संबंधों और दुनिया की वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए सर्वश्रेष्ठ नेता हैं। प्रधानमंत्री महिलाओं के पक्ष में हैं।

बता दें कि गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राज्य विधानसभा में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। नीतीश कुमार बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बोल रहे थे। जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए लड़कियों की शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी की। अपनी टिप्पणी पर हंगामा मचने के बाद कुमार ने बुधवार को माफी मांगी और कहा कि वह अपने शब्द वापस ले रहे हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि ‘अगर मेरी बात ग़लत थी तो मैं उसके लिए माफी मांगता हूं। अगर किसी को मेरे शब्दों से ठेस पहुंची है तो मैं उसे वापस लेता हूं।’ उनकी टिप्पणी पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी नाराजगी जताई और उनसे बिना शर्त माफी मांगने को कहा।

क्या रद्द हो जाएगा अशोक गहलोत का नामांकन? जानें क्या है पूरा मामला*

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राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने सरदारपुरा विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है।हालांकि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के चुनावी हलफनामे पर विवाद खड़ा हो गया है।गहलोत के नामांकन में आपराधिक मामलों को छुपाने की शिकायत सामने आई है। हलफनामे में जानकारी छिपाने को लेकर बीजेपी ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है।बीजेपी ने चुनाव आयोग से गहलोत के नामांकन को खारिज करने की मांग की है।

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर की सरदारपुरा सीट से नामांकन दाखिल किया है।भारतीय जनता पार्टी ने उन पर बड़ा आरोप लगाया है। बीजेपी का कहना है कि गहलोत ने चुनावी हलफनामे में दो आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं दी है।केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि गहलोत ने चुनावी हलफनामे में जानबूझकर एफआईआर की जानकारी नहीं दी। उन पर जो दो आरोप लगे हैं, वो काफी गंभीर हैं। गहलोत को मुकदमों की पूरी जानकारी थी लेकिन उन्होंने हलफनामे में इसका जिक्र नहीं किया।

शपथ पत्र में दो मामले छुपाने का आरोप

बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने सरदारपुरा रिटर्निंग ऑफिसर संजय कुमार बासु को मुख्यमंत्री की ओर से तथ्य छिपाने को लेकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में शिकायत के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने रिटर्निग ऑफिसर से मामले की जानकारी मांगी है।कार्यकर्ताओं ने एडवोकेट नाथू सिंह राठौड़ के जरिए रिटर्निंग ऑफिसर के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत के बाद भाजपा की ओर से एडवोकेट नाथू सिंह राठौड़ ने बताया कि गहलोत के खिलाफ न्यायालय में पांच मामले चल रहे हैं। लेकिन गहलोत ने सभी मामलों का उल्लेख नहीं किया है। उन्होंने तथ्य छुपाते हुए दिल्ली के दो मामलों को नहीं बताया है। जबकि उन्होंने अपने शपथ पत्र में पांच की जगह तीन मामलों का उल्लेख किया हैं। इनमें एक दिल्ली और दो जयपुर के बताए गए हैं। 

कौन से दो मामलों के तथ्य छिपाए गए है

शिकायत पत्र में बताया गया है कि पहला आपराधिक मामला 8 सितंबर 2015 का है। जो कि जयपुर के गांधीनगर पुलिस थाने में दर्ज कराया गया था। पत्र में एफआईआर की संख्या 409/2015 बताई गई है। इसमें धारा 166, 409, 420, 467, 471 और 120 बी के तहत मामला दर्ज हुआ हैं। इसके बारे में गहलोत ने अपने नामांकन में जानकारी नहीं दी है। यह मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है और इसकी अगली सुनवाई 24 नवंबर 2023 को होनी है। जबकि दूसरा मामला 31 मार्च 2022 का बताया गया है। जिसमें शिकायतकर्ता के मुताबिक कोर्ट की ओर से अशोक गहलोत समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश था। शिकायत में मामला भी अभी राजस्थान उच्च न्यायालय में बताया है।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर होगा एक्शन? एथिक्स कमिटी की 500 पेज की रिपोर्ट तैयार, आज अहम बैठक

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तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।आज संसद भवन में लोकसभा की एथिक्स कमिटी की बैठक होनी है। इस बैठक में कमेटी महुआ मोइत्रा के खिलाफ लगे आरोप पर तैयार मसौदा रिपोर्ट स्वीकार कर सकती है।सभापति विनोद सोनकर गुरुवार को होने वाली एथिक्स कमिटी की बैठक में इस ड्राफ्ट रिपोर्ट पर मुहर लगवाने की कोशिश करेंगे। ज्यादा संभावना इस बात की है कि कमेटी की इस रिपोर्ट को स्वीकार करने के लिए वोटिंग करवाने की नौबत भी आ सकती है। फिर इस रिपोर्ट को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के सामने रखा जाएगा। 

बता दें कि पार्लियामेंट एथिक्स कमेटी में कुल 15 मेंबर हैं. इनमें बीजेपी के सात, कांग्रेस के तीन और बसपा, शिवसेना, वाईएसआर कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और जदयू के एक-एक सदस्य शामिल हैं। बताया जा रहा है कि एथिक्स कमेटी ने इस पूरे मामले में 500 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है।रिपोर्ट में महुआ की लोकसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश है।समिति ने महुआ मोइत्रा के एक्शन को अत्यधिक आपत्तिजनक, अनैतिक, जघन्य और आपराधिक बताते हुए कहा कि वह कड़ी सजा की मांग की है। समिति ने यह भी सिफारिश की है कि पूरे मामले की कानूनी, गहन, संस्थागत और समयबद्ध जांच की जाए।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा पर उपहार के बदले व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के इशारे पर अडाणी समूह को निशाना बनाने के लिए लोकसभा में सवाल पूछने का आरोप लगाया था। जिसकी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत की थी। इसके बाद एक कमेटी गठित की गई। इस 15 सदस्यीय कमेटी में बीजेपी के सात, कांग्रेस के तीन और बीएसपी, शिवसेना, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के एक-एक सदस्य हैं।

इससे पहले निशिकांत दुबे ने बुधवार को ये दावा किया कि लोकपाल ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दे दिया है। हालांकि इस मामले में लोकपाल की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस पर महुआ ने पलटवार करते हुए कहा कि सीबीआई को पहले अडानी समूह के कथित कोयला घोटाले की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए।

टीएमसी महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकपाल ने दिए सीबीआई जांच के आदेश, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का दावा

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भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि लोकपाल ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया है। झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद ने एक्स पर पोस्ट कर ये दावा किया।बता दें कि निशिकांत दुबे ने 21 अक्तूबर को मोइत्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन पर संसद में सवाल उठाने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था। दुबे ने मोइत्रा पर मौद्रिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का भी आरोप लगाया था।

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निशिकांत दुबे ने ट्वीट किया, 'लोकपाल ने आज मेरी शिकायत पर आरोपी सांसद महुआ के राष्ट्रीय सुरक्षा को गिरवी रखकर भ्रष्टाचार करने पर CBI inquiry का आदेश दिया।

हालांकि, निशिकांत दुबे के दावे पर अभी तक लोकपाल की ओर से सीबीआई जांच के आदेश की कोई पुष्टि नहीं हुई है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के दावे के जवाब में तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने अपनी प्रतिक्रिया दी। महुआ ने जांच का स्वागत किया।निशिकांत दुबे के ट्वीट के तुरंत बाद, महुआ मोइत्रा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सीबीआई पहले कथित 13,000 करोड़ रुपये के अडानी कोयला घोटाले के खिलाफ मामला दर्ज करे।राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा यह है कि कैसे संदिग्ध एफपीआई स्वामित्व वाली (चीनी और संयुक्त अरब अमीरात समेत) अडानी कंपनियां भारतीय बंदरगाहों और हवाई अड्डों को खरीद रही हैं और वो भी भारतीय गृह मंत्रायल की मंजूरी के साथ। फिर भी सीबीआई का स्वागत है, आइए, मेरे जूते गिनिए

इससे पहले खबर आई थी कि महुआ मोइत्रा पर ‘पैसे के बदले प्रश्न पूछने’ के आरोपों की जांच कर रही लोकसभा की आचार समिति की अहम बैठक नौ नवंबर को होगी। पहले यह बैठक बीते दिन ही होनी थी। इस दौरान मसौदा रिपोर्ट को स्वीकार करने पर चर्चा की जानी है।

बता दें कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि महुआ मोइत्रा ने संसदीय आईडी का अपना लॉग-इन पासवर्ड शेयर किया था, जहां से किसी दूसरे शख्स ने व्यापारी गौतम अडानी को घेरने वाले सवाल संसद में उठाए।निशिकांत दुबे ने दावा किया था कि महुआ मोइत्रा ने बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी को लोकसभा वेबसाइट का लॉगिन एक्सेस दिया था।

वनडे वर्ल्ड कप 2023: सेमीफाइनल के लिए तीन टीमें तय, जानें भारतीय टीम के साथ किसकी होगी भिड़ंत?

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आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2023 भारत की मेजबानी में खेला जा रहा है। अब तक आधे से ज्यादा मैच खेले जा चुके हैं। अब चर्चा सेमीफाइल में भिड़ने वाली टीमों को लेकर होने लगी है।विश्व कप 2023 में शीर्ष तीन टीमें तय हो चुकी हैं। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बाद ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को अफगानिस्तान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

भारत का शीर्ष पर रहकर लीग राउंड को खत्म करना तय माना जा रहा है। भारतीय क्रिकेट टीम ने इस वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह और अंक तालिका में अपनी पोजिशन दोनों को फिक्स कर लिया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि टीम इंडिया ने अभी तक के 8 मैचों में से आठों में जीत हासिल की है और 16 अंक हासिल कर लिए हैं। इन अंकों की मदद से टीम इंडिया अंक तालिका के टॉप पर है, और टॉप पर ही रहेगी। वहीं, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे और तीसरे स्थान के लिए जंग होगी। हालांकि, दूसरे या तीसरे स्थान पर जो भी टीम रहे, सेमीफाइनल मुकाबला इन दोनों के बीच खेला जाना तय है। प्लेइंग कंडीशंस के मुताबिक, दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम तीसरे स्थान की टीम से और पहले स्थान पर रहने वाली टीम चौथे स्थान पर रहने वाली टीम से भिड़ेगी। हालांकि, चौथी टीम अब तक तय नहीं हो सकी है। 

चौथे स्थान के लिए ये टीमें दौड़ में

चौथे स्थान के लिए अब न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जंग है।यानी, भारत के खिलाफ खेलने के लिए अभी न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और अफगानिस्तान तीनों दौड़ में हैं। तीनों ही टीमों के आठ-आठ अंक हैं। तीनों ही टीमों को आखिरी लीग मैच खेलना है।न्यूजीलैंड का सामना श्रीलंका से, पाकिस्तान का सामना इंग्लैंड से और अफगानिस्तान को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलना है। 

सेमीफाइनल में इस टीम से भिड़ सकता है भारत

लीग स्टेज में नंबर वन पर रहने वाली टीम का सेमीफाइनल मैच नंबर-4 की टीम के साथ खेला जाएगा। ऐसे में अब सवाल उठता है कि इस वर्ल्ड कप के लीग स्टेज में नंबर-4 पर कौनसी टीम रहेगी। इसके लिए तीन मुख्य दावेदार हैं। पहली दावेदार न्यूज़ीलैंड की टीम है. न्यूज़ीलैंड की टीम के पास इस वक्त 8 अंक है, और अगर उनकी टीम आखिरी लीग मैच में श्रीलंका को हरा देती है, तो इस बात की प्रबल संभावना है कि मुंबई में भारत बनाम न्यूज़ीलैंड सेमीफाइनल मैच हो सकता है। 

इसके अलावा लीग स्टेज में नंबर-4 पर रहने की दूसरी प्रबल दावेदार टीम पाकिस्तान है। पाकिस्तान टीम के पास भी 8 अंक हैं, लेकिन उनका नेट रन रेट न्यूज़ीलैंड से कम है, इसलिए उनके पास न्यूज़ीलैंड के मुकाबले कम चांस है। हालांकि, अगर पाकिस्तान अपने आखिरी लीग मैच में इंग्लैंड को हरा देती है तो मुंबई में भारत बनाम पाकिस्तान का एक शानदार सेमीफाइनल मैच हो सकता है।

लीग स्टेज में नंबर-4 पर खत्म करने वाली तीसरी प्रबल दावेदार टीम अफगानिस्तान है। अफगानिस्तान की टीम के पास भी 8 ही अंक है, लेकिन नेट रन रेट के मामले में अफगानी टीम ऊपरी दोनों टीमों से पीछे है, इसलिए इनकी संभावना इन तीनों में सबसे कम है। हालांकि, अगर अफगानिस्तान अपने आखिरी लीग मैच में साउथ अफ्रीका को हरा देती है तो मुंबई में भारत बनाम अफगानिस्तान का भी सेमीफाइनल मैच हो सकता है। अब देखना होगा कि टीम इंडिया के खिलाफ इस वर्ल्ड कप का पहला सेमीफाइनल मैच खेलने के लिए न्यूज़ीलैंड, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में से कौनसी टीम मुंबई पहुंचती है।

एमपी चुनाव से ठीक पहले दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर एम. एस. एन. यानी महाराज, शिवराज और नाराज वाला किया वार, जमकर साधा निशाना

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियां जोर-शोर से अपने चुनाव प्रचार में जुटी हैं। इधर नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इस बीच एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर एम. एस. एन. यानी महाराज, शिवराज और नाराज वाला वार किया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी तीन गुटों में बंट गई है। एक गुट महाराज बीजेपी (ज्योतिरादित्य सिंधिया) है। दूसरा शिवराज बीजेपी (सीएम शिवराज सिंह चौहान) और तीसरा नाराज बीजेपी (बागी) है। दिग्विज सिंह ने बुधवार को ग्वालियर जिले में कांग्रेस उम्मीदवार के कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। दिग्विजय सिंह ने बीजेपी और शिवराज पर निशाना साधा।

मुकाबला गद्दार और ईमानदार आदमी के बीच 

दिग्विजय सिंह ने कहा कि 'यह चुनाव उन लोगों के बीच है, जिन्होंने कांग्रेस (2020 की राजनीतिक उथल-पुथल का जिक्र करते हुए) और कांग्रेस को धोखा दिया था। यह चुनाव धनबल और जनबल के बीच, एक गद्दार और एक ईमानदार आदमी के बीच है। 2018 में मुझे और कमल नाथ को केवल पांच महीने मिले थे। तब संगठन भी उतना तैयार नहीं था, जितना होना चाहिए था। हालांकि अब हमारा संगठन तैयार है।'

भाजपा तीन गुटों में विभाजित हो गई है, महाराज भाजपा (केंद्रीय मंत्री सिंधिया), शिवराज भाजपा (सीएम चौहान) और नाराज भाजपा (विद्रोही पार्टी कार्यकर्ता)। पहले, केवल एक भाजपा थी। पहले हमारे पास मजबूत संगठन नहीं था। संगठन को तैयार करने में कई साल लग गए। अब हम पूरी तरह से तैयार हैं।

सीएम शिवराज के खिलाफ जनता में आक्रोश: दिग्विजय

कांग्रेस नेता दिग्विजय ने आगे सीएम चौहान पर हमला बोलते हुए कहा कि आज शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ बहुत आक्रोश है। उन्होंने कहा, 'सीएम चौहान के खिलाफ बहुत नाराजगी है। 2018 में उससे भी ज्यादा नाराजगी थी। बीजेपी भी आज बंटी हुई है। मजदूरों को जितना नुकसान भारतीय जनता पार्टी ने पहुंचाया, उतना कोई और संगठन नहीं पहुंचा सकता।'

कांग्रेस छोड़कर जाने वालों के लिए दरवाजे बंद: दिग्विजय

इसके अलावा पूर्व सीएम सिंह ने उन कांग्रेसियों को भी चेतावनी दी, जो कांग्रेस छोड़कर चले गए। दिग्विजय ने सिंधिया का नाम लिए बना कहा कि 'जो कांग्रेस छोड़कर गए थे, उनके लिए दिग्विजय सिंह के दरवाजे हमेशा बंद रहेंगे।' बता दें, मध्य प्रदेश उन पांच राज्यों में से एक है जहां 17 नवंबर को एक चरण में मतदान होना है और वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। मतदाता 230 विधानसभा क्षेत्रों से विधायक चुनेंगे।

कोतवाली के मालखाने में रखी शराब पी गए चूहे...', मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा कोतवाली थाने से सामने आई चौंकाने वाली घटना

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 मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा कोतवाली थाना से एक अनोखी घटना सामने आई है। कोतवाली के मालखाने में रखीं बरामद की गईं शराब की 60 से बोतलें चूहों ने खाली कर दीं। परेशान पुलिस ने मालखाने में चूहे पकड़े वाले पिंजरे लगाए। कुछ चूहों का पकड़ा भी गया है। अब यह मामला ख़बरों में है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। खबर देते हुए टीआई कोतवाली उमेश गोल्हानी ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के चलते बरामद किए जाने वाला सामान मालखाने में जमा कर दिया जाता है। जब अदालत में पेश करना होता है। उन्होंने कहा कि बरामद की शराब को अदालत में सबूत के तौर पर पेश करना था।

लेकिन, जब मालखाने में देखा गया तो शराब की बोतलों को चूहों द्वारा कुतर दिया गया था। इसकी वजह से शराब रिस गई थी। थाने के मालखाने में रखे शराब के कार्टन को चूहों द्वारा काट दिया गया था। उसमें रखीं 60-65 शराब की छोटी प्लास्टिक बोतलों को भी कुतर दिया था। इसकी वजह से बोतलों में रखी शराब रिस गई तथा कार्टन खाली हो गया। हमने मालखाने की सफाई की और एविडेंस भी लिया है। 

टीआई ने कहा कि चूहों की वजह से हम लोग बहुत परेशान रहते हैं। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। इसके पहले भी ऐसा होता रहा है। उन्होंने कहा कि थाने की इमारत पुरानी हो गई। इसकी वजह से चूहों की संख्या बढ़ गई है। मालखाने में चूहों ने कई मार्ग बना रखे हैं, जिससे वह अंदर आ जाते हैं। बरामद की गईं गांजे की बोरियां समेत दूसरा सामान भी चूहे कुतर देते हैं। जिससे परेशानी हो जाती है। सामान को चूहों से बचाने के लिए लोहे- टिन के बक्सों में रखते हैं। TI ने यह भी कहा है कि चूहे आवश्यक फाइलों को भी कुतर देते हैं। इसलिए फाइलों को बचाने के लिए उन्हें सुरक्षित जगह पर रखा जाता है। चूहों के पकड़ने के लिए पिजरें लगाए जाते हैं, उनमें फंसे चूहों को बाहर छुड़वा दिया जाता है। टीआई ने आगे कहा कि चूहे चाहे ऑफिस में हों या घर में नुकसान तो करते ही है।

सेक्स पर बिहार के सीएम के बयान के बाद पीएम मोदी भी उन पर हमलावर, एमपी में रैली के दौरान बोले, शर्म तो आती नहीं, कितना नीचे गिरेंगे

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विधानसभा में अश्लीलता भरे शब्दों में यौन संबंधों पर बोलकर घिर गए हैं। माफी मांगने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उन पर हमलावर है। बिहार विधानसभा में हंगामे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। मध्य प्रदेश में एक रैली के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि क्या ऐसे नेता माताओं-बहनों का भला कर सकते हैं? 

गुना में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने नीतीश कुमार का नाम लिए बिना उन पर जोरदार प्रहार किया। पीएम मोदी ने कहा, 'जो INDI अलायंस का झंडा लेकर घूम रहे हैं, जो देश की वर्तमान सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए भांति-भांति के खेल कर रहे हैं, उन्होंने विधानसभा के अंदर जिस सभा में माताएं-बहने भी मौजूद थीं, कोई कल्पना नहीं कर सकता है ऐसी भाषा में भद्दी बातें कीं। शर्म तो आती नहीं है उनको।'

नीतीश के बयान पर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों की चुप्पी पर भी पीएम मोदी ने सवाल उठाया और कहा कि महिलाओं के अपमान पर एक शब्द नहीं कहा गया। पीएम मोदी ने कहा, 'INDI अलायंस का एक भी नेता मताओं-बहनों के भयंकर अपमान के खिलाफ एक शब्द बोलने को तैयार नहीं। जो माताओं-बहनों के प्रति यह दृष्टिकोण रखते हैं, वे क्या आपका भला कर सकते हैं, आपकी इज्जत बता सकते हैं? वह आपका सम्मान कर सकते हैंय़ वह आपका गौरव कर सकते हैं? कैसा दुर्भाग्य आया है इस देश का। कितने नीचे गिरोगे। दुनिया में देश की बेइज्जती करा रहे हो।' पीएम ने यह भी कहा कि वह महिलाओं के सम्मान में कभी पीछे नहीं हटेंगे।

जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए महिलाओं को शिक्षित करने पर जोर देते हुए नीतीश कुमार ने मंगलवार को सदन में कहा था कि कैसे एक शिक्षित महिला अपने पति को संभोग के दौरान 'रोक' सकती है। भाजपा ने नीतीश कुमार पर आक्रामक रुख अपना लिया है। उनसे इस्तीफे की मांग की जा रही है। महिला आयोग ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर नीतीश के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामे के बीच नीतीश कुमार ने अपने बयान के लिए माफी मांगी है।