विपक्षी गठबंधन 'INDIA' में दरार के संकेत, दिल्ली की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में कांग्रेस, जानें आम आदमी पार्टी का जवाब

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विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. में दरार का संकेत मिलने लगे हैं।दरअसल, कांग्रेस दिल्‍ली की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है।कांग्रेस नेत्री अलका लांबा ने बुधवार को बताया कि उनकी पार्टी राजधानी दिल्ली में सभी लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी में तीन घंटे चली बैठक में ये फैसला लिया गया है। कांग्रेस के फैसले बाद आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि अगर कांग्रेस ने दिल्ली में चुनाव अकेले लड़ने का निर्णय कर लिया है तो ‘इंडिया’ गठबंधन की मीटिंग में जाने का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस का दिल्‍ली की सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला गठबंधन के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली में लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक की। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और दीपक बारवरिया सहित अन्य नेता मौजूद थे।

 इस बैठक के बारे में कांग्रेस की नेता अलका लांबा ने विस्तार से बताया। आम आदमी पार्टी से गठबंधन के सवाल पर अलका लांबा ने कहा कि इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। आगे की बैठक में इस पर फैसला हो सकता है। हालांकि, उन्होंने ये साफ कर दिया कि कांग्रेस की तैयारी दिल्ली के सभी सात लोकसभा सीटों पर होगी।

दिल्ली से पहले लोकसभा चुनाव को लेकर 18 राज्यों की मीटिंग हो चुकी है

अलका लांबा ने कहा कि तीन घंटे की मीटिंग की शुरुआत संगठन को लेकर हुई। संगठन की कमजोरियां क्या हैं, उस पर कैसै काम किया जाए , इस पर सुझाव आए कि हम कैसे उसको मजबूत कर सकते हैं। दूसरा सुझाव ये आया कि लोकसभा 2024 की तैयारियां हमें करनी हैं। दिल्ली से पहले लोकसभा की तैयारियों को लेकर 18 राज्यों की मीटिंग हो चुकी है, दिल्ली 19वां राज्य था।

आप का जवाब

कांग्रेस की इस घोषणा के बाद आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि हमारा केंद्रीय नेतृत्व इस पर निर्णय करेगा। हमारी राजनीतिक मामलों की समिति और I.N.D.I.A. गठबंधन एक साथ बैठक करेंगे और इस (चुनावी गठबंधन) पर चर्चा करेंगे

ओएसिस स्कूल में धूमधाम से मनाया गया 77वां स्वतंत्रता दिवस


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हजारीबाग: ओएसिस स्कूल के प्राचार्य डॉक्टर एहसान उल हक ने झंडोतोलन किया एवं स्कूल एनसीसी कैडेट्स ने झंडे को सलामी दी तथा सभी छात्र छात्राओं ने राष्ट्रगान गया।

 इस अवसर पर स्कूल के छात्र छात्राओं ने विद्यालय परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शानदार नृत्य, गायन, वादन एवं भाषण की प्रस्तुति दी।

 कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री वी एस राठौर ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा की विद्यार्थियों की प्रस्तुति वाकई काफी शानदार है जिसमें उनकी प्रतिभा तथा उनके मार्गदर्शकों का मार्गदर्शन कौशल स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ। 

कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यक्ष शब्बीर अहमद एवं कोषाध्यक्ष श्री तनवीर अहमद ने भी स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर अनगिनत देश प्रेमियों तथा अमर शहीद बलिदानियों को याद दिलाते हुए आजादी को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए संकल्पित रहने को कहा। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन की पूरी टीम उपस्थित रही।

मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के निमित्त सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित

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हजारीबाग: जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त, हजारीबाग की अध्यक्षता में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम 2024 के निमित्त सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समाहणालय सभा कक्ष में बैठक का आयोजन किया गया।

 इस अवसर पर आम आदमी पार्टी से श्री देव चौहान, बहुजन समाज पार्टी से श्रीमती शीला देवी भारतीय जनता पार्टी से श्री नन्दलाल मेहता, कम्यूनिष्ट पार्टी ऑफ इंडिया ( मा० ) से श्री गणेश कुमार सीटू, कॉंग्रेस पार्टी से श्री किशोर प्रसाद, आजसू से श्री विकास राणा, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा से मो० जावेद एवं राष्ट्रीय जनता दल से श्री | 

जगरनाथ यादव उपस्थित हुए। उपायुक्त द्वारा सभी सदस्यों को बी०एल०ओ० द्वारा घर-घर सत्यापन कार्य का नियमित अनुश्रवण करने एवं मतदान केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं का जाँच करने तथा कभी पाए जाने पर कार्यालय को सूचित करने का | 

आग्रह किया गया है साथ ही ई०वी०एम० वी०वी०पैट के ट कार्य में प्रतिदिन उपस्थित होने तथा अपने निगरानी में कार्य कराने का अनुरोध किया गया, तथा दिनांक 24.08.2023 को मॉक पॉल में अनिवार्य रूप से शामिल होने का अनुरोध किया गया है।

झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में अब आवेदन की अंतिम तिथि 16 अगस्त

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धनबाद. झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी रांची के स्टडी सेंटर तेलीपाड़ा हीरापुर धनबाद स्थित ''कोयलांचल एकेडमी'' के निदेशक संजय कुमार ने बताया कि यूनिवर्सिटी में आवेदन की तिथि 16 अगस्त तक बढ़ा दी गयी है. 

यहां विद्यार्थी एक छत के नीचे सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा तक के 31 कोर्स के लिए आवेदन कर सकते हैं. जेएसओयू में इ-कॉमर्स, मास कम्युनिकेशन जैसे सात सर्टिफिकेट कोर्स के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास है. 

कंप्यूटर एप्लिकेशन, मैनेजमेंट, बैंकिंग एंड इंश्योरेंस, नेचुरोथेरेपी योगा, नर्सरी टीचर ट्रेनिंग जैसे 12 महीने के 19 डोप्लोमा कोर्स और मैनेजमेंट, एचआर, आरडी, आइटी व कंप्यूटर एप्लिकेशन के 18 माह के पीजी डिप्लोमा कोर्स - उपलब्ध हैं. पीजी डिप्लोमा के लिए योग्यता स्नातक है. 

जेएसओयू (झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी) का एक दूरस्थ शिक्षा कोर्स उन लोगों के लिए एक बेहतर विकल्प बन कर सामने आया है, जो इंटरमीडिएट के बाद वर्तमान में अन्य कहीं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं या कोई नौकरी कर रहे हैं.

नक्सली के साथ हुए मुठभेड़ में शहीद जवानों का हुआ राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार


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चाईबासा में नक्सल हमले में शहीद हुए सब इंस्पेक्टर अमित कुमार तिवारी पंचतत्व में विलीन हो गये. उनके पैतृक गांव पलामू के तोलरा में राजकीय सम्मान के साथ अमित कुमार तिवारी का अंतिम संस्कार किया गया. 

इस दौरान पलामू के सांसद विष्णुदयाल राम, आईजी राजकुमार लकड़ा, एसपी रिष्मा रमेशन, एएसपी ऋषभ गर्ग, एसडीपीओ सुरजीत कुमार समेत हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए.

 इससे पहले अमित कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार देर रात करीब दो बजे तोलरा गांव स्थित उनके घर पहुंचा था. शहीद के अंतिम दर्शन के लिए रात से ही काफी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी.

चांद के और करीब पहुंचा चंद्रयान-3, आखिरी ऑर्बिट में ली एंट्री, अब 23 अगस्त का इंतजार

#chandrayaan_3_successfully_completes_fifth_and_final_maneuver_to_reach_moon

चंद्रयान-3 चांद के और करीब पहुंच गया है।चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने की पांचवीं और अंतिम कवायद सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।जी हां, चंद्रयान-3 आज चंद्रमा के आखिरी ऑर्बिट में पहुंच गया है। इसरो ने इसकी जानकारी दी है।इसरो ने ट्वीट कर बताया कि रफ्तार बढ़ाने के लिए की गई आज की सफल फायरिंग थोड़े समय के लिए आवश्यक थी। इस फायरिंग ने चंद्रयान-3 को अपनी मंशा के अनुरूप 153 किलोमीटर से 163 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित कर दिया है।यह वो पल है जहां से चंद्रयान की यात्रा में महत्वपूर्ण लेकिन निर्णायक बदलाव होने हैं। 

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इसरो के मुताबिक, इस ऑर्बिट में पहुंचने के बाद वह लैंडर को अलग करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे।इसरो ने बताया कि अब तैयारियों का समय आ गया है क्योंकि प्रोपल्शन मॉड्यूल और लैंडर मॉड्यूल अपनी अलग-अलग यात्राओं के लिए तैयार हो रहे हैं। लैंडर मॉड्यूल को प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग करने की योजना 17 अगस्त, 2023 को बनाई गई है।

इसरो ने ट्वीट में कहा गया है कि आज इंजन को सफलतापूर्वक ऑन करने के बाद उसने चांद की तरफ जाने वाली एक ऑर्बिट को पूरा कर लिया है। अब उसकी दूरी 153 km x 163 km रह गई है। यहां से लैंडर को अलग किया जाएगा और इस मिशन का कैरियर 17 अगस्त से एक और राउंड पूरा करने के बाद अपनी अलग-अलग यात्रा शुरू करेंगे। अगर सब ठीक रहता है तो लैंडर 23 अगस्त को अपने तय समय के मुताबिक चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग कर जाएगा।

लैंडर के प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होने और 100 किमी x 30 किमी की कक्षा में प्रवेश करने के बाद सॉफ्ट लैंडिंग प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। लगभग 30 किमी की ऊंचाई पर लैंडर चंद्रमा की सतह तक नीचे जाने के लिए अपने थ्रस्टर्स का उपयोग करेगा। सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए इस नाजुक ऑपरेशन के लिए सटीक नियंत्रण और नेविगेशन की आवश्यकता होती है। चंद्रयान-3 का मिशन न सिर्फ अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन है बल्कि इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक खोजें करना भी है।

‘चंद्रयान-3' का प्रक्षेपण 14 जुलाई को किया गया था और पांच अगस्त को इसने चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था।चंद्रयान-3 ने जब पहली बार चंद्रमा की कक्षा में एंट्री की थी तो उसकी ऑर्बिट 164 Km x 18,074 Km थी।ऑर्बिट में प्रवेश करते समय उसके ऑनबोर्ड कैमरों ने चांद की तस्वीरें भी कैप्चर की थीं। इसरो में ने अपनी वेबसाइट पर इसका एक वीडियो बनाकर शेयर किया था।पांच अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने के बाद छह और नौ अगस्त को चंद्रयान को कक्षा में नीचे लाए जाने की दो प्रक्रियाओं को अंजाम दिया गया।

मिजोरम को लेकर बीजेपी नेता के दावे का सचिन पायलट ने दिया करारा जवाब, कहा- मेरे पिता ने बम जरूर गिराए थे, लेकिन...

#sachin_pilot_replied_on_amit_malviya_claims 

मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी की केन्द्र सरकार और विपक्ष आमने सामने हैं। विपक्ष द्वारा हाल ही में मणिपुर के मसले पर संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इस बीच मिजोरम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में जुबानी जंग छिड़ गई है।इस बीच कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने उनके पिता राजेश पायलट को लेकर किए किए गए भारतीय जनता पार्टी के दावे का करारा जवाब दिया है। अमित मालवीय ने ये दावा करते हुए ट्वीट किया था कि राजेश पायलट ने मार्च 1966 में बतौर भारतीय वायुसेना पायलट मिजोरम में बम गिराए थे। इस पर सचिन पायलट ने कहा कि आपके तथ्य और दिनांक दोनों ही गलत हैं।

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सचिन पायलट ने अमित मालवीय के ही ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने लिखा, 'स्व. राजेश पायलट दिनांक 29 अक्टूबर, 1966 को भारतीय वायु सेना में कमीशन हुए थे। यह कहना कि उन्होंने 5 मार्च 1966 में मिज़ोरम में बमबारी करी थी- काल्पनिक है, तथ्यहीन है और पूर्ण तरह भ्रामक है। हां, 80 के दशक में एक राजनेता के रूप में मिजोरम में युद्ध विराम करवाने और स्थाई शांति संधि स्थापित करवाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका जरूर निभाई थी। स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ, जय हिन्द।'

इसके साथ ही सचिन पायलट ने पिता राजेश पायलट के वायुसेना में कमीशन होने का सर्टिफिकेट भी अटैच किया है।

दरअसल, अमित मालवीय ने 13 अगस्त को एक ट्वीट किया था। मालवीय ने ट्वीट में लिखा था, "राजेश पायलट और सुरेश कलमाड़ी भारतीय वायुसेना के उन विमानों को उड़ा रहे थे, जिन्होंने 5 मार्च 1966 को मिज़ोरम की राजधानी आइजोल पर बम गिराए। बाद में दोनों कांग्रेस के टिकट पर सांसद और सरकार में मंत्री भी बने। साफ है कि नार्थ ईस्ट में अपने ही लोगों पर हवाई हमला करने वालों को इंदिरा गांधी ने बतौर इनाम राजनीति में जगह दी, सम्मान दिया।"

बता दें कि मिजोरम का यह मसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान दिए भाषण के बाद उठा है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि मिजोरम में कांग्रेस ने अपने ही नागरिकों पर वायुसेना से हमला करवाया था, क्या मिजोरम के लोग हमारे देश के नागरिक नहीं थे। आज भी 5 मार्च को मिजोरम में शोक दिवस मनाया जाता है. मणिपुर पर जवाब देते हुए पीएम मोदी ने यह हमला किया था, जिसके बाद से ही बीजेपी-कांग्रेस के बीच तकरार चल रही है।

दुनिया को रास्ता दिखाने के लिए आजाद हुआ भारत, स्वतंत्रता दिवस पर बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत


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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि पूरे विश्व को प्रकाशित करने के लिए भारत स्वतंत्र हुआ था। अब सम्पूर्ण दुनिया को प्रकाश देने के लिए भारत को अपनी क्षमताओं को बढ़ाने की जरूरत है।बता दें कि संघ प्रमुख ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कर्नाटक की राजधानी बंगलुरू में ध्वजारोहण किया। 

भारत स्वतंत्रता दिवस की 77वीं सालगिरह पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी बसवनगुड़ी में तिरंगा फहराया।बसवनगुड़ी के वासवी कन्वेंशन हॉल में समर्थ भारत संस्था ने 77वें स्वतंत्रता दिवस पर झंडारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया।इस दौरान भागवत ने राष्ट्रीय ध्वज के महत्व को समझने पर भी जोर दिया। साथ ही भागवत ने भारत का भी अर्थ बताया।भागवत ने कहा कि हम सूर्य की पूजा करते हैं और इसलिए हमें भारत कहा जाता है। इसमें भा का मतलब होता है रोशनी। सूर्य की आराधना स्वतंत्रता दिवस पर होने वाला एक सार्थक आयोजन है।उन्होंने कहा कि यहां हमने ध्वजात्तोलन किया। भारत माता का पूजन किया। सूर्य भगवान की आराधना आप लोग कर रहे हैं, सूर्य नमस्कार के द्वारा। यह अत्यंत समीचीन बात है। उन्होंने कहा कि प्रकाश का उद्गम हमारे विश्व के लिए सूर्य हैं, उस आदित्य की आराधना स्वतंत्रता दिवस पर करना अत्यंत औचित्यपूर्ण कार्य है। 

मोहन भागवत ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस, भारत के स्वतंत्र होने का अवसर है और भारत सम्पूर्ण विश्व को प्रकाश देने के लिए स्वतंत्र हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र होने के मूल में स्व है, यह महत्वपूर्ण उक्ति हैं और आज विश्व को इसकी आवश्यकता है, इसके लिए सभी को तैयार होना है।

कुछ ताकतें भारत की प्रगति को रोकना चाहती हैं-भागवत

मोहन भागवत ने कहा कि देश को तिरंगे से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए और दुनिया का नेतृत्व करना चाहिए। हालांकि देश विरोधी ताकतें नहीं चाहतीं कि हम आगे बढ़ें। संघ प्रमुख ने अपने बयान में कहा कि भारत, दुनिया को जागृत करने में सक्षम है लेकिन कुछ ताकतें हैं जो भारत की प्रगति को रोकना चाहती हैं। हमें उनसे सावधान रहना होगा और हमारे राष्ट्रीय ध्वज में छिपे संदेश के अनुसार, काम करना होगा और देश को एकजुट रखना होगा। जिससे नकारात्मक ताकतें सफल ना हो सकें।

हमें राष्ट्रीय ध्वज के संदेश के आधार पर ही काम करना होगा-भागवत

इस मौके पर भागवत ने राष्ट्रीय ध्वज के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि झंडे में सबसे ऊपर नारंगी रंग बलिदान का प्रतीक होता है और ये तमसो मा ज्योतिर्गमय का संदेश देता है। इसका मतलब होता है अंधेरे से उजाले की तरफ जाना।भागवत ने बताया कि झंडे में सफेद रंग शुद्धता और बिना किसी स्वार्थ के काम करने का प्रतीक होता है। वहीं हरे रंग को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने लक्ष्मी और समृद्धि का प्रतीक है, जो बौद्धिक, आध्यात्मिक और निस्वार्थ शक्ति की प्राप्त करने में मदद करता है।भागवत ने कहा कि हमें राष्ट्रीय ध्वज के संदेश के आधार पर ही काम करना होगा

रूस में बड़ा हादसा, गैस स्टेशन में हुए भीषण विस्फोट में 25 से ज्यादा लोगों की मौत, 100 से ज्यादा घायल

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रूस के मखाचकाला में एक गैस स्टेशन में भीषण धमाका हो गया है। इस धमाके में तीन बच्चों समेत 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। जबकि 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। बताया जा रहा है कि आग पहले कार की मरम्मत करने वाली दुकान में लगी और देखते ही देखते पास के गैस स्टेशन में फैल गई।

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती की देश के आपातकाल मंत्रालय के हवाले से जारी की गई खबर के मुताबिक, क्षेत्र की राजधानी मखचकाला के बाहरी क्षेत्र में स्थित गैस स्टेशन में सोमवार रात को विस्फोट हुआ था। आग पहले कार की मरम्मत करने वाली दुकान में लगी और देखते ही देखते पास के गैस स्टेशन में फैल गई। खबर के मुताबिक, गैस स्टेशन में लगी आग थोड़ी ही देर में 600 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैल गई। आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को साढ़े तीन घंटे से अधिक समय लगा।

रूसी उप स्वास्थ्य मंत्री व्लादिमीर फिसेन्को ने बताया है कि घायलों में से 10 की हालत गंभीर है। इंटरफैक्स ने दागेस्तानी स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया कि घायलों में तेरह बच्चे हैं। रूस के आपातकालीन स्थिति मंत्रालय ने टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप पर कहा कि गंभीर रूप से घायलों को मॉस्को ले जाने के लिए माखचकाला में एक विमान भेजा गया था।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मखचकाला में ग्लोबस शॉपिंग सेंटर के पास एक कार सर्विस सेंटर में विस्फोट हुआ था। क्षेत्रीय गवर्नर ने मंगलवार 15 अगस्त को कहा कि दागेस्तान के दक्षिणी रूसी क्षेत्र में एक गैस स्टेशन में आग लगने का मामला सामने आया। डागेस्टानी डिजास्टर मेडिसिन सेंटर की जानकारी के अनुसार, 12.00 बजे (मॉस्को समय) तक 12 लोग मारे गए, 50 घायल हो गए। हालांकि बाद में मृतकों की संख्या और बढ़ी जो कि 25 से ज्यादा पहुंच गई। मरने वालों में 3 बच्चे भी शामिल हैं।

अक्षय कुमार को मिली भारतीय नागरिकता, बोले- दिल और सिटीजनशिप दोनों हिन्दुस्तानी

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भारतवासी आज 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। इस मौके पर हर व्यक्ति जोश और उत्साह से भरा हुआ है। बॉलीवुड में भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर अलग उमंग देखने को मिल रही है। इस बीच बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार ने अपने फैंस को बड़ी खुशखबरी दी है।अक्षय कुमार अब भारतीय नागरिक बन गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर ऑफिशियल डॉक्यूमेंट शेयर किए हैं। उन्होंने डॉक्यूमेंट की तस्वीर शेयर करके फैंस को ये खुशखबरी दे दी है।बता दें कि फिल्मों में सफलता नहीं मिलने के कारण उन्होंने 1990 में भारत की नागरिकता छोड़ दी थी और कनाडा में बसने और काम करने के लिए वहां की नागरिकता ले ली थी।

नागरिकता को लेकर सवाल उठने वालों को मिला जवाब

अक्षय कुमार ने भारतीय नागरिकता पाने की जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए दी है।अक्षय ने फोटो शेयर करते हुए लिखा- 'दिल और सिटिजनशिप, दोनों हिंदुस्तानी। स्वतंत्रता दिवस की बधाई। जय हिंद। उन्होंने इंडियन सिटीजनशिप के लिए 2019 में आवेदन किया था।इसके साथ ही अक्षय कुमार की नागरिकता को लेकर उठने वाले सवालों पर पूर्ण विराम लग गया है।दरअसल, कनाडा की नागरिकता होने की वजह से हेटर्स ने कई बार उनकी देशभक्ति पर भी सवाल खड़े किए थे।

पहले अक्षय के पास थी कनाडा की नागरिकता

याद दिला दें कि अक्षय कुमार के पास पहले भारतीय नहीं, कनाडा की नागरिकता थी। लगातार उनकी फिल्में फ्लॉप हो रही थीं, जिसके बाद उन्होंने कनाडा में बसने का फैसला किया था, लेकिन इसके बाद एक बार फिर उनका सिक्का बॉलीवुड में चल पड़ा और वो भारत छोड़कर कनाडा नहीं जा पाए। लंबे वक्त से अक्षय भारतीय नागरिकता के लिए प्रयास कर रहे थे। आखिरकार अब उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई है।