मणिपुर में असम राइफल्स को लेकर क्यों बढ़ा विवाद? जानिए पूरा मामला

#whyassamriflesandpoliceareoncollisioncourse

Image 2Image 3

मणिपुर में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच हिंसा का दौर जारी है।हिंसा को काबू करने के लिए 40 हज़ार से अधिक सुरक्षाकर्मी लगाए जा चुके हैं। इनमें सेना से लेकर असम राइफल्स, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और आईटीबीपी के जवान और अधिकारी शामिल हैं।हालांकि, दो समुदायों के बीच जारी हिंसा के बीच राज्ये में पुलिस और असम राइफल्स में तनातनी शुरू हो गई है। मणिपुर पुलिस ने असम राइफल्स के खिलाफ FIR तक दर्ज कर दी है। मणिपुर पुलिस ने असम राइफल्स पर ऑपरेशन में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।

असम राइफल्स के खिलाफ FIR

असम राइफल्स के खिलाफ FIR 5 अगस्त को दर्ज की गई थी। मणिपुर पुलिस ने असम राइफल्स के सैनिकों के ख़िलाफ़ काम में बाधा डालने, चोट पहुँचाने की धमकी देने और ग़लत तरीक़े से रोकने की धाराओं के तहत एफ़आईआर दर्ज की है। असम राइफल्स की 9वीं बटालियन के सुरक्षा कर्मियों के ख़िलाफ़ ये एफ़आईआर विष्णुपुर ज़िले के फोउगाकचाओ इखाई पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोप लगाया था कि असम राइफल्स ने बिष्णुपुर जिले में क्वाक्टा गोथोल रोड पर पुलिस वाहनों को रोका। FIR में दावा किया गया है कि असम राइफल्स ने उसके कर्मियों को तब आगे बढ़ने से रोक दिया जब राज्य पुलिस क्वाक्टा से लगे फोलजांग रोड पर कुकी उग्रवादियों की तलाश में आर्म्स ऐक्ट मामले में तलाशी अभियान चलाने के लिए आगे बढ़ रही थी। पुलिस ने दावा किया कि उसके कर्मियों को 9 असम राइफल्स ने अपने ‘कैस्पर’ वाहन से सड़क अवरुद्ध करके उन्हें रोक दिया। कथित घटना तब हुई जब राज्य पुलिस संदिग्ध कुकी आतंकवादियों का पीछा कर रही थी, जिन्होंने तीन नागरिकों की हत्या कर दी थी। 

भारतीय सेना ने किया असम राइफ़ल्स का बचाव

असम राइफ़ल्स की भूमिका पर उठते सवालों का भारतीय सेना ने खंडन किया है। सेना ने असम राइफल्स का बचाव करते हुए एक बयान जारी किया है। भारतीय सेना का कहना है कि "ज़मीनी हालात की जटिल प्रकृति की वजह से विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच सामरिक स्तर पर कभी-कभी मतभेद हो जाते हैं" जिनका निपटारा सयुंक्त तंत्र के ज़रिये तुरंत कर लिया जाता है। इस मामले को लेकर सेना का कहना है कि असम राइफ़ल्स हिंसा रोकने के लिए कुकी और मैतेई क्षेत्रों के बीच बनाये गए बफ़र ज़ोन को सुनिश्चित करने के लिए कमांड मुख्यालय द्वारा दिए गए कार्य को अंज़ाम दे रही थी। 

असम राइफ़ल्स की भूमिका पर सवाल उठाने के हताश प्रयास

बयान में भारतीय सेना ने कहा कि कुछ विरोधी तत्वों ने तीन मई से मणिपुर में लोगों की जान बचाने और शांति बहाल करने की दिशा में लगातार काम कर रहे केंद्रीय सुरक्षा बलों विशेष रूप से असम राइफ़ल्स की भूमिका, इरादे और अखंडता पर सवाल उठाने के हताश और असफल प्रयास बार-बार किए हैं। भारतीय सेना ने कहा कि असम राइफ़ल्स को बदनाम करने के उद्देश्य से पिछले 24 घंटों में दो मामले सामने आए हैं। पहले मामले में असम राइफ़ल्स बटालियन ने दो समुदायों के बीच हिंसा को रोकने के उद्देश्य से बफ़र ज़ोन दिशानिर्देशों को सख़्ती से लागू करने के एकीकृत मुख्यालय के आदेश के अनुसार सख़्ती से काम किया है। दूसरा मामला असम राइफ़ल्स को एक ऐसे क्षेत्र से बाहर ले जाने का है, जिससे उनका कोई संबंध भी नहीं है।

असम राइफल्स से बीजेपी भी नाराज

सत्ताधारी पार्टी बीजेपी भी असम राइफल्स से नाराज नजर आ रही है। उसकी ओर से केंद्र को एक पत्र भी लिखा गया, जिसमें असम राइफल्स को हटाने की मांग की गई। बीजेपी ने कहा कि 3 मई को जब हिंसा भड़की, तब से अब तक असम राइफल्स उसे रोकने में नाकाम रही। उसने अशांति के माहौल में पक्षपातपूर्ण काम किया, ऐसे में उनको हटाकर किसी अन्य इलाके में तैनात किया जाए

क्या है मामला?

असम राइफ़ल्स के ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर में मणिपुर पुलिस ने कहा है कि पाँच अगस्त को सुबह साढ़े छह बजे राज्य पुलिस की टीमें क्वाक्ता वॉर्ड नंबर आठ के पास फोल्जांग रोड के इलाक़े में अभियुक्त कुकी विद्रोहियों का पता लगाने पहुँची। कुछ ही घंटे पहले दिन में क़रीब साढ़े तीन बजे क्वाक्ता में हथियारबंद अपराधियों ने सो रहे तीन मैतेई लोगों की हत्या कर दी थी। मरने वालों में दो लोग पिता-पुत्र थे। मणिपुर पुलिस को ये शक था कि इस हत्याकांड में कुकी विद्रोहियों का हाथ है और शायद वो अब भी उसी इलाक़े में शरण लिए हुए हैं। मणिपुर पुलिस के मुताबिक़ जब उनकी टीमें इलाक़े में क़ुतुब वाली मस्जिद पहुंचीं तो असम राइफ़ल की 9वीं बटालियन के कर्मियों ने क्वाक्ता फोल्जांग रोड के बीच अपनी बख्तरबंद कैस्पर गाड़ियां लगाकर उन्हें आगे जाने से रोका और इसी वजह से कुकी आतंकियों को किसी सुरक्षित जगह भाग जाने का मौक़ा मिला।

पहली बार नहीं हुआ विवाद

मई की शुरुआत में हिंसा भड़कने के बाद से मणिपुर में पुलिस और असम रायफल्स के बीच टकराव चर्चा का विषय रहा है। दोनों बलों के बीच पिछले टकराव के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए गए थे।दो जून को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें देखा जा सकता था कि असम राइफ़ल्स की 37वीं बटालियन के कर्मियों ने पुलिस स्टेशन के मेन गेट पर एक बख़्तरबंद कैस्पर गाड़ी लगा कर उसका रास्ता रोक दिया था। इस घटना के वीडियो में भी मणिपुर पुलिस के जवानों को असम राइफ़ल्स के सुरक्षाकर्मियों से तीखी बहस करते देखा जा सकता है।

संसद में दिखा मां-बेटे का तालमेल, राहुल का मार्गदर्शन करती नज़र आईं सोनिया गांधी

Image 2Image 3

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ बुधवार (9 अगस्त) को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी विपक्षी गुट INDIA के स्टार थे, मगर यह उनकी मां, पूर्व पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी थीं, जो पर्दे के पीछे से फैसले ले रही थीं। लोकसभा में राहुल के पूरे भाषण के दौरान, सोनिया गांधी अपने बेटे को यह सुनिश्चित करने के लिए मार्गदर्शन करती देखी गईं कि उनके शब्द सही नोट्स पर हों। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राहुल के आगे की पंक्ति में बैठी सोनिया ने उन्हें बोलते वक़्त लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को संबोधित करने के लिए प्रेरित किया। राहुल अपनी मां की सलाह मानने में तेज थे। बाद में, जब भारत के सदस्य वेल में थे, तब सोनिया गांधी ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी से आक्रामकता बढ़ाने की अपील की, जो उनके दाहिनी ओर बैठे हुए थे। विपक्षी सदस्यों में, तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा सबसे पहले भाजपा सांसदों पर चिल्लाने लगीं, जब राहुल अन्य मुद्दे उठा रहे थे। 

हालाँकि, जब वह संक्षिप्त चर्चा के लिए सोनिया गांधी के पास गईं, तो दृश्य बदल गया। इसके बाद TMC सांसद ने भारत के सदस्यों से वेल से हटने और अपनी-अपनी सीटों पर वापस जाने का अनुरोध किया। सोनिया की तरफ से राहुल को अंतिम इशारा उनके भाषण के अंत में किया गया, जब उन्होंने उनसे सिर्फ एक बार तस्वीर अपने हाथ में लेकर दिखाने और फिर उसे अपने पास रखने के लिए कहा। इसके बाद राहुल ने पीएम मोदी और गौतम अडानी की विमान में एक साथ बैठे हुए एक पुरानी तस्वीर सदन में दिखाई और कहा कि प्रधानमंत्री केवल दो लोगों की बात सुनते हैं, अमित शाह और गौतम अडानी, जैसे रावण केवल दो लोगों की सलाह पर ध्यान देता है - मेघनाद और कुंभकरण। 

हालाँकि, ये अलग बात है कि, कुंभकरण ने भी रावण को काफी समझाया था कि, वो श्रीराम से बैर न पाले, लेकिन रावण नहीं माना। बहरहाल, यहाँ राहुल गांधी के रामायण ज्ञान की बात नहीं हो रही, 53 वर्षीय नेता को उनकी माँ और पार्टी की प्रमुख नेता किस तरह संसद में मार्गदर्शित कर रहीं थी, उसकी बात हो रही है। राहुल ने भी अपने भाषण में मणिपुर पर बोलते हुए सोनिया का जिक्र किया और कहा कि, "मेरी मां यहां बैठी हैं। दूसरी मां, भारत माता, आपने (केंद्र) मणिपुर में हत्या कर दी।" उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर राज्य को दो हिस्सों में बांट दिया।

रेपो रेट में बदलाव नहीं, 6.5 फीसदी पर स्थिर, एमपीसी की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का एलान

#reservebankannouncednochangeinrepo_rate

भारतीय रिजर्व बैंक ने आज अपनी मौद्रिक नीति का एलान कर दिया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने घोषणा की है कि रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। रेपो रेट को 6.50 फीसदी पर बरकरार रखा गया है।एमपीसी की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसका एलान किया।इससे महंगाई से जूझ रही जनता को बड़ी राहत मिलेगी। यह लगातार दूसरी बार है जब रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को स्थिर बनाए रखा है।

Image 2Image 3

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि बैंक मजबूत हैं। एनपीए घटा है। कॉरपोरेट बैलेंश शीट मजबूत हुए हैं। भारत के मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक फंडामेंटल बने हुए हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है। शक्तिकांत दास ने कहा कि रिजर्व बैंक की एमपीसी बैठक मंगलवार को शुरू हुई थी और 3 दिन तक बैठक में मंथन के बाद यह निष्‍कर्ष निकाला गया कि अभी आम आदमी पर महंगे कर्ज का बोझ डालने का सही समय नहीं है। लिहाजा रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया और इसे 6.5 फीसदी पर बनाए रखा गया है। इसका मतलब है कि आम आदमी का होम लोन, ऑटो लोन या अन्‍य किसी भी तरह का खुदरा कर्ज महंगा नहीं होगा और उन पर ईएमआई का बोझ भी नहीं आएगा।

अभी महंगाई को थामने पर फोकस-आरबीआई गवर्नर

आरबीआई गवर्नर दास ने साफ कहा है कि अभी उनका फोकस महंगाई को थामने पर है। गवर्नर ने बताया कि हमारा लक्ष्‍य खुदरा महंगाई की दर को 4 फीसदी तक लाने का है। अभी महंगाई दर हमारे लक्ष्‍य से ऊपर है, लिहाजा हम कर्ज की ब्‍याज दरों को स्थिर बनाए रखेंगे। खुदरा महंगाई की वजह से ही आम आदमी पर खर्च का बोझ बढ़ गया है। ऐसे में ईएमआई का बोझ बढ़ाना ठीक नहीं होगा।

खाद्य महंगाई चिंता का विषय-आरबीआई गवर्नर

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि सब्जियों के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ी है। दास ने कहा कि जुलाई और अगस्त महीने में सब्जियों के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ी रहेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था ने महंगाई के नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की, हालांकि खाद्य मुद्रास्फीति चिंता का विषय है। दास ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर मजबूत बनी हुई है। दास ने बताया कि वित्त वर्ष 2024 में महंगाई दर 5.1% से बढ़कर 5.4% पर पहुंचने की आशंका है। 

भारतीय दुनिया में पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना-आरबीआई गवर्नर

एमपीसी की बैठक के बाद RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि हमारी अर्थव्यवस्था उचित गति से बढ़ती रही है और दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है और वैश्विक विकास में लगभग 15% का योगदान दे रही है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि FY 24 में सीपीआई 5.1% से बढ़कर 5.4% रहने का अनुमान है। आरबीआई के मुखिया ने कहा कि FY24 में जीडीपी 6.5% रह सकती है। वहीं FY25 में जीडीपी 6.6% रह सकती है। FY25 में सीपीआई 5.2% रहने का अनुमान है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मौद्रिक नीति का संचरण अब भी जारी है, क्योंकि हेडलाइन मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत के लक्ष्य से अधिक बनी हुई है। आरबीआई गवर्नर दास ने कहा कि एमपीसी मुद्रास्फीति को लेकर सतर्क रहेगी और मुद्रास्फीति को लक्षित स्तर पर लाने की अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ रहेगी।

पीएम मोदी आज लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर देंगे जवाब, विपक्ष के आरोपों पर करेंगे पलटवार

#no_confidence_motion_pm_modi_will_give_answer_today_in_loksabha

Image 2Image 3

मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी आज जवाब देंगे। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने एक दिन पहले इसकी पुष्टि की थी।लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का आज तीसरा दिन है। जानकारी के मुताबिक वे शाम चार बजे इस बहस में शामिल होंगे। 

विपक्ष की ओर से बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर संसद के निचले सदन में 8 और 9 अगस्त को बहस हुई। जहां विपक्षी सांसदों ने सरकार पर कई सवाल उठाए तो सरकार की ओर से सासंदों ने जवाब दिए। जिसके बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जवाब देंगे।प्रधानमंत्री राहुल गांधी के बुधवार को किए गए हमले पर पलटवार कर सकते हैं।

मणिपुर के मुद्दे पर विपक्ष ने लाया है अविश्वास प्रस्ताव

मणिपुर पर पीएम के बयान की मांग को लेकर ही विपक्ष की ओर से अविश्नास प्रस्ताव लाया गया है। 26 जुलाई को मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्वीकार कर लिया था। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मंगलवार को प्रस्ताव पर बहस शुरू की थी।कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी चर्चा की शुरुआत करते हुए मणिपुर का मुद्दा जोर-शोर से उठाया।

मणिपुर में हिंसा को लेकर राहुल गांधी का केंद्र पर जोरदार हमला

वहीं बुधवार को राहुल गांधी ने भी मणिपुर में हिंसा को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने मणिपुर में भारत माता की हत्या की है। राहुल ने कहा, कुछ दिन पहले मणिपुर गया। लेकिन हमारे पीएम नहीं गए। क्योंकि उनके लिए मणिपुर भारत नहीं है। मणिपुर की सच्चाई है कि मणिपुर नहीं बचा है। मैं राहत शिविरों में गया हूं, मैंने वहां महिलाओं से बात की। मणिपुर को आपने तोड़ दिया है।कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि हिंदुस्तान की सेना चाहे तो मणिपुर में एक दिन में शांति बहाल कर सकती है। सरकार मणिपुर में शांति नहीं चाहती है।

स्मृति ईरानी की राहुल पर पलटवार

राहुल गांधी के भाषण के जवाब में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा था कि राहुल गांधी भारत माता की हत्या की बात करते हैं। कांग्रेस ताली बजाती है। ये इस बात का संकेत है कि मन में गद्दारी किसके है। हालांकि इस बीच स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर महिला सांसदों के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया।भाजपा महिला सांसदों ने इसकी शिकायत स्पीकर से भी की।

मणिपुर में जो हुआ शर्मनाक, उसपर राजनीति करना और शर्मनाक-शाह

इसके जवाब में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘मणिपुर में जो हुआ शर्मनाक है। उस पर राजनीति करना उससे भी ज्यादा शर्मनाक है। अमित शाह ने कहा कि 29 अप्रैल को एक अफवाह फेल गई कि शरणार्थियों के स्थान को गांव घोषित कर दिया गया, जिससे तनाव शुरू हुआ। हाई कोर्ट ने मैतई को एसटी का दर्जा देने का फैसला दिया। मणिपुर हाई कोर्ट के फैसले ने आग में तेल डालने का काम किया। शाह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने मुझे रात को 4 बजे कॉल किया है और सुबह 6 बजे मुझे उठाया भी है। और ये लोग (विपक्ष) कहते हैं कि प्रधानमंत्री ध्यान नहीं रखते।

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने बताया मणिपुर में कैसे भड़की हिंसा, सीएम बीरेन को क्यों नहीं हटाया इसपर भी दिया जवाब

#homeministeramitshahspeaksonmanipur_violence

Image 2Image 3

मणिपुर के मुद्दे पर विपक्ष संसद में लगातार सरकार को घेर रहा है।विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी से हिंसा पर बयान देने की मांग कर रहा है। इस बीच केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए मणिपुर हिंसा पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह सच है कि मणिपुर में हिंसा का तांडव हुआ। हिंसक घटनाएं हुईं। वहां जो कुछ भी हुआ, वह शर्मनाक है। उस पर राजनीति करना उससे भी ज्यादा शर्मनाक है।

अमित शाह ने कहा, एक भ्रांति देश मै फैलाई गई है कि ये सरकार मणिपुर पर चर्चा नहीं करना चाहती है। हम पहले दिन से चर्चा को तैयार थे। आप चर्चा को तैयार ही नहीं थे। आप को ये लगता है कि हंगामा करके हमें चुप कर देंगे। आप ऐसा नहीं कर सकते। इस देश की 130 करोड़ जनता ने हमें चुनकर भेजा है। शाह ने कहा कि जब सदन की तारीख भी नहीं आई थी, हम तबसे कह रहे हैं कि चर्चा होनी चाहिए।

6 साल में मणिपुर में एक भी दिन कर्फ्यू नहीं लगा-शाह

गृह मंत्री ने कहा मैं देश को बताना चाहूंगा कि सरकार ने मणिपुर के लिए क्या किया है। 6 साल में मणिपुर में एक भी दिन कर्फ्यू नहीं था। उन्होंने कहा एक भी दिन बंद नहीं रहा। मणिपुर में 6 साल से बीजेपी का शासन है। 2023 में दंगा हुआ। 

गृह मंत्री ने कहा, ‘2021 में पड़ोसी देश म्यांमार में सत्ता परिवर्तन हुआ तो वहां मिलेट्री शासन में कुकी लोगों पर अत्याचार होने लगे। चूंकि म्यांमार का हमारा बॉर्डर खुला हुआ है तो म्यांमार से हजारों कुकी ने मणिपुर मिजोरम में आकर बसना शुरू कर दिया। इससे जनसांख्यकी बदलनी शुरू हो गई। अमित शाह ने कहा, ‘वहां हमारा समझौता है कि कोई पासपोर्ट नहीं लगता। ऐसे में हमने इसको देखते हुए 2022 में बॉर्डर पर फेंसिंग शुरू किया। 2023 में हमने थंब इम्प्रेशन और आई इम्प्रेशन लेकर भारत की वोटर आईडी में डालने का कार्य शुरू किया।

हाई कोर्ट के फैसले ने आग में तेल का काम किया-शाह

अमित शाह ने कहा कि 29 अप्रैल को एक अफवाह फेल गई कि शरणार्थियों के स्थान को गांव घोषित कर दिया गया, जिससे तनाव शुरू हुआ। हाई कोर्ट ने मैतई को एसटी का दर्जा देने का फैसला दिया। मणिपुर हाई कोर्ट के फैसले ने आग में तेल डालने का काम किया। 

प्रधानमंत्री ने मुझे रात को 4 बजे कॉल किया-शाह

अमित शाह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने मुझे रात को 4 बजे कॉल किया है और सुबह 6 बजे मुझे उठाया भी है। और ये लोग (विपक्ष) कहते हैं कि प्रधानमंत्री ध्यान नहीं रखते।तीन दिन तक लगातार हमने यहां से काम किया। 16 वीडियो कॉन्फ्रेंस की, 36 हजार जवान भेजे।चीफ सेक्रेटरी को बदल दिया गया। डीजीपी बदल दिया गया. सुरक्षा सलाहकार भेजे गए।

सीएम बीरेन सिंह को नहीं हटाने पर क्या बोले शाह

सीएम बीरेन सिंह को नहीं हटाने पर अमित शाह ने कहा कि ये कहते हैं कि 356 (राष्ट्रपति शासन) क्यों नहीं लगाया। 356 तब लगाया जाता है जब हिंसा के समय राज्य सरकार मदद न करे। हमने जो बदले राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया। सीएम तब बदलना पड़ता है जो मदद न करे। सीएम मदद कर रहे हैं।

महिलाओं के साथ दरिंदगी का वीडियो सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ही क्यों सामने आया-शाह

महिलाओं से बर्बरता के वायरल वीडियो पर अमित शाह ने कहा कि किसी ने पूछा कि यह वीडियो संसद के मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले ही क्यों सामने आया? अगर किसी के पास वीडियो था तो उसे पुलिस तंत्र को या संसद को देना चाहिए था। इसे सार्वजनिक करने की क्या जरूरत थी? महिलाओं के सम्मान की चिंता करनी चाहिए। चार तारीख की घटना का वीडियो था, अगर उसे सार्वजनिक करने की जगह डीजीपी तक पहुंचाया जाता तो पांच को ही कार्रवाई हो जाती।

1993 में नगा-कुकी हिंसा में 7 सौ से ज्यादा लोग मारे गए

गृह मंत्री ने कहा कि दंगे पहले भी हुए हैं पर हमने दंगों को किसी पार्टी से नहीं जोड़ा है। न कभी किसी गृह मंत्री को दंगों पर जवाब देने से रोका है। न ही सदन की कार्यवाही प्रभावित की है।उन्होंने बताया कि ‘मणिपुर में पहले से भी नस्लीय हिंसा होती आ रही है। इससे पहले नरसिंह राव सरकार के दौरान 1993 में भी नगा-कुकी हिंसा हुई थी, जिसमें 750 से ज्यादा लोग मारे गए।

वर्ल्ड कप का नया शेड्यूल जारी, 9 मैचों की तारीख बदली गई, जानें कब होगा भारत-पाक के बीच महामुकाबला

#worldcup2023fixturesrescheduled

वनडे वर्ल्ड कप इस साल भारत में खेला जाना है। आईसीसी ने इस वर्ल्ड कप का शेड्यूल पिछले महीने जारी कर दिया था, लेकिन अब कुछ मैचों की तारीखों में फिर से बदलाव किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा वर्ल्ड कप 2023 के लिए शेड्यूल में हुए बदलाव की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है। जहां भारत बनाम पाकिस्तान के मैच समेत कुल 9 मुकाबलों में बदलाव किए गए हैं। टीम इंडिया के दो मैचों की तारीखों में बदलावा किया गया है। जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ मैच के अलावा नीदरलैंड वाला मैच भी शामिल है।

Image 2Image 3

14 अक्टूबर को को भिड़ेंगे भारत-पाक

पहले 15 अक्टूबर को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान की टक्कर होनी थी। अब यह मैच 14 अक्टूबर को ही खेला जाएगा। इसकी वजह से दिल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड का मैच शनिवार, 14 अक्टूबर से स्थानांतरित किया गया है। अब 24 घंटे बाद रविवार 15 अक्टूबर को खेला जाएगा। हैदराबाद में श्रीलंका के खिलाफ पाकिस्तान का मुकाबला 12 अक्टूबर की जगह 10 अक्टूबर को खेला जाएगा। लखनऊ में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया का बड़ा मैच 24 घंटे पीछे चला गया है। पहले यह 13 अक्टूबर को खेला जाना था। लेकिन अब यह उनकी जगह 12 अक्टूबर को ही होगा। इसी तरह, बांग्लादेश के खिलाफ न्यूजीलैंड का मैच 14 अक्टूबर को चेन्नई में होना था। अब यह एक दिन पहले यानी 13 अक्टूबर को खेला जाएगा। पहले यह डे मैच होना था लेकिन अब डे नाइट होगा।

भारत और नीदरलैंड्स के बीच होने वाले मैच की भी तारीख बदली

वर्ल्ड कप 2023 के अंत में तीन मुकाबलों का शेड्यूल बदला गया है। 12 नवंबर को इंग्लैंड की टक्कर पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया की बांग्लादेश से होनी थी। अब ये दोनों मैच 11 नवंबर को खेले जाएंगे। इसके साथ ही 11 नवंबर को भारत और नीदरलैंड्स के बीच होने वाला मैच अब 12 नवंबर को होगा। बेंगलुरू में होने वाला यह मुकाबला ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच भी होगा। 12 नवंबर को ही दिवाली भी है।

5 अक्टूबर से शुरू हो रहा है वर्ल्ड कप का रोमांच

वर्ल्ड कप 2023 की शुरुआत 5 अक्टूबर को होगी। वर्ल्ड कप 2023 के पहले मुकाबले में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीम आमने-सामने होगी। दोनों टीमों के बीच यह रोमांचक भिड़ंत अहमदाबाद में देखने को मिलेगी। इंग्लैंड 2019 की वर्ल्ड कप विजेता टीम है। वहीं न्यूजीलैंड पिछली बार उपविजेता रही थी। 15 और 16 नवंबर को सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। खिताबी मुकाबला 19 नवंबर को नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर होगा।

आदिवासी भारत के पहले निवासी, बीजेपी ने वनवासी कहकर अपमानित किया, राजस्थान में बोले राहुल

#ahulgandhisaidbjphumiliated_tribals

विश्व आदिवासी दिवस पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी राजस्थान के मानगढ़ धाम पहुंचे। यहां राहुल गांधदी ने एक सभा को भी संबोधित किया। राहुल गांधी ने कहा- आदिवासियों ने अंग्रेजों की लड़ाई में हिंदुस्तान को बनाने के लिए जो काम किया जो कुर्बानी दी, उसके लिए मैं आप सब को दिल से धन्यवाद देता हूं। आज आदिवासी दिवस की मैं आपको बधाई देता हूं।सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी भारत के पहले मालिक हैं। यह जो हमारी जमीन है, जिसे आज हम भारत कहते है, यह जमीन आदिवासियों की जमीन थी। यह मुझे मेरी दादी इंदिरा गांधी ने बताया है, लेकिन भाजपा आदिवासियों को आदिवासी नहीं वनवासी कहती है। यह आदिवासियों और भारत माता का अपमान है।

Image 2Image 3

राहुल गांधी बोले, जब मैं छोटा सा था, तब मेरी दादी इंदिरा गांधी जी ने मुझे किताब दी थी। किताब का नाम पेंडू एक आदिवासी बच्चा था। वो एक आदिवासी बच्चे की जिंदगी के बारे में किताब थी। वह जंगल में किस तरह जीता था। तीर कमान से मच्छी मरता था। उसके माता-पिता किस प्रकार जीते थे। मुझे बहुत अच्छी लगती थी। मैं शायद 45 साल पुरानी बात कह रहा हूं। मैंने दादी से पूछा आदिवासी शब्द का क्या मतलब है। वो आदिवासियों से बहुत प्यार मोहब्बत करती थीं, आपसे बहुत गहरा रिश्ता उनका था। मुझे याद है उन्होंने क्या कहा ? उन्होंने कहा यह हिंदुस्तान के पहले निवासी हैं। जो हमारी भारत की जमीन है यह पहले आदिवासी की जमीन थी।मेरे दिमाग मे ये बात बैठ गई कि आदिवासी इस जमीन के पहले निवासी थे। 

बीजेपी-आरएसएस कहती है कि आदिवासी जंगल में रहें-राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, पहले देश की पूरी जमीन आदिवासियों की हुआ करती थी। आहिस्ते आहिस्ते उनको धकेला गया।वह (भाजपा) कहती है आप आदिवासी नहीं बनवासी हो। यह गलत है बीजेपी और आरएसएस कहती है कि आप जंगल में रहो, आपके बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, इंडस्ट्रियलिस्ट नहीं बनें, हवाई जहाज नहीं उड़ाएं, प्रोफेसर नहीं बने, वो आपके वनवासी का पट्टा बांधना चाहते हैं। वो चाहते हैं आप वन में ही रहो आगे नहीं बढ़ो। वही वन उद्योगपतियों को सौंप दिए। वह चाहते हैं कि आहिस्ता-आहिस्ता जंगल खत्म कर दें और आप कहीं के नहीं रहें। लेकिन, कांग्रेस की सोच है आप और आपके बच्चे आगे बढ़े। 

पीएम चाहते हैं मणिपुर में आग लगी रहे-राहुल गांधी

वहीं, मणिपुर हिंसा पर संसद में सरकार को घेरेन के बाद एक बार फिर राहुल गांधी राजस्थान में भी गरजे। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि मणिपुर में आग जलती रहे। तीन माह हो गए, ऐसा लगता है मणिपुर देश का भाग ही नहीं है। मैं रिलीफ कैंप गया, विपक्ष के नेता गए लेकिन पीएम नहीं गए। पीएम मणिपुर पर एक शब्द नहीं बोले। जहां भी ये लोग जाते हैं, किसी न किसी को लड़ा देते हैं। नफरत, हिंसा फैलाएंगे, बाकी लोगों के बारे में गलत शब्द प्रयोग करेंगे।

पीएम तो मणिपुर को भड़काना चाहते हैं-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा, बीजेपी ने मणिपुर में भारत माता की हत्या की। पीएम चाहें तो दो तीन दिन में इस आग को बुझा सकते हैं। सेना को कहें दो दिन में आग बुझा दो तो बुझा सकते हैं। लेकिन, पीएम तो मणिपुर को भड़काना चाहते हैं।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने संसद में राहुल गांधी को दिया जवाब


Image 2Image 3

डेस्क: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने संसद में राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि यहाँ पर भारत माँ की हत्या की बात की गई। मणिपुर आज खंडित नहीं है। मणिपुर भारत का अभिन्न अंग है।

भारत माँ की हत्या पर कांग्रेस ने तली बजाया. कोई अपनी माँ की हत्या पर ताली कैसे बजा सकता हैं। आज साबित हुआ किसके दिल में गद्दारी है। इनके एक गठबंधन पार्टी DMK ने भारत माता को सिर्फ उत्तर भारत बताया। कांग्रेस को और गांधी परिवार की हिम्मत है तो उनसे सवाल पूछें।

क्या भारत केवल उत्तर भारत है?

क्या कांग्रेस देश का विभाजन चाहती है? कश्मीर में पंडितों पर हत्याचार पर कांग्रेस कभी नहीं बोली। क्या कश्मीर की आवाज़ देश की आवाज़ नहीं है।

सिख दंगों में लोगों की बेहरहमी से हत्या की गई। महिलाओं के साथ रेप किया गया। कांग्रेस सिखों की हत्यारी है। इनका बस चले तो यह धारा 370 पुनः स्थापति कर दें।

 धारा 370 के चलते कश्मीर में बेटियों को कोई अधिकार नहीं था। कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद शांति पहुँची है। राजस्थान के भीलवाड़ा में एक 14 साल की बच्ची का रेप कर भट्टी में जला दिया गया। उस पर कुछ क्यों नहीं बोलते हैं। असम में जब हिंसा हुआ करती थी तो हिंसा रोकने के लिए सेना तक नहीं भेजती थी।

 तब कांग्रेस के सीएम तरुण गुगोई ने खुद बोला कि केंद्र की कांग्रेस सरकार कोई मदद नहीं करती थी। असम के नरसंहार पर कांग्रेस क्यों चुप रहती थी?

आपातकाल के दौरान महिलाओं के साथ हत्याचार हुआ। यूपीए के दौरान खुले में सोच जाने से महिलाओं के साथ बलात्कार के मामले हो रहे थे। इस विषय में रिपोर्ट भी इनकी सरकार को दी गई लेकिन इन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।

 आज देश के हर महिला को शौचालय देने काम मोदी सरकार ने किया। हम शौचालय की बात करते हैं तो यह हंसते हैं। जनधन योजना के तहत 23 करोड़ महिलाओं का अकाउंट खुला। मोदी सरकार महिलाओं की मददगार। आज हर किसान के खाते में पैसा पहुँच रहा है। राहुल गांधी ने मुस्लिम लीग पर विश्वास जताया। राजस्थान में अड़ानी को निवेश के लिए क्यों बुलाया?

अड़ानी को राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने जमीन क्यों दी? राहुल गांधी ने अभद्रता की। सदन में फ्लाइंग किस कर के गए।

“चंदा मामा” के और करीब पहुंचा इसरो का चंद्रयान-3, तीसरी कक्षा में सफल एंट्री, जानें अब कितना दूर

#chandrayaan_3_gets_closer_to_the_moon

Image 2Image 3

चंद्रयान-3 को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान की ओर से एक और शुभ समाचार आया है। चंद्रयान-3 चांद के और करीबी कक्षा में पहुंच गया है। इसरो ने बताया कि चंद्रयान-3 स्पेसक्राफ्ट ने चांद की कक्षा बदलने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।चंद्रयान-3 को चंद्रमा की तीसरी ऑर्बिट में पहुंचा दिया है।इसरो के एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

इसरो ने एक ट्वीट में कहा, "चंद्रयान-3 अब चांद की सतह के और करीब है। चंद्रयान-3 के ऑर्बिट कम करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इसकी दूरी 174 किमी*1437 किमी रह गई है।" इसरो ने कहा कि अब यान का चांद की कक्षा बदलने से जुड़ा ऑपरेशन 14 अगस्त को दिन में 11.30 से 12.30 के बीच होगा। जैसे-जैसे मिशन आगे बढ़ रहा है चंद्रयान-3 को चांद की कक्षा में और नीचे उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि इसे चांद के ध्रुव पर पहुंचाया जा सके। 

अब 14 अगस्त का इंतजार

इसरो ने 9 अगस्त को दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर ऑर्बिट में बदलाव किया। यानी चंद्रयान-3 के थ्रस्टर्स को ऑन किया गया था। बता दें कि यह 5 अगस्त 2023 को जब चंद्रमा की पहली कक्षा में चंद्रयान-3 पहुंचा था। उस समय उसने चांद से पहली तस्वीरें भेजी थीं। चंद्रयान-3 को चरणबद्ध तरीके से चंद्रमा के पास ले जाया जा रहा है। आज चंद्रयान-3 के चंद्रमा की तीसरी कक्षा में प्रविष्ट कराए जाने के बाद 14 अगस्त और 16 अगस्त को इसे क्रमश: चौथी और पांचवीं कक्षा में पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद, लैंडर पर डी-आर्बिटिंग कवायद की जाएगी। 

23 अगस्त को चांद में कहां लैंड करेगा चंद्रयान-3?

चंद्रयान -3 की चांद के सतह पर कदम रखने की तारीख 23 अगस्त मुकर्रर है। इसरो ने बताया कि लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास लैंड करेगा। अगर सब सही रहा तो शाम के 5:45 बजे चंद्रयान-3 चांद की सतह को छू लेगा। तीन पहले 20 अगस्त को चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल की रात पौने दो बजे डीऑर्बिटिंग होगी।

क्या केरल का नाम बदल कर हो जाएगा “केरलम”, विधानसभा में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित

#kerala_name_change_now_keralam_officially_resolution_passed

Image 2Image 3

केरल विधानसभा ने राज्य का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर ‘केरलम’ करने का केंद्र से आग्रह करने संबंधी प्रस्ताव बुधवार को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पेश किया।इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का आग्रह किया। इस प्रस्ताव को कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) ने किसी संशोधन या बदलाव का सुझाव दिए बगैर स्वीकार कर लिया।

मलयालम में कहा जाता केरलम

मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि राज्य को मलयालम में ‘केरलम’ कहा जाता है, लेकिन अन्य भाषाओं में यह अब भी केरल ही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम भाषी समुदायों के लिए एकजुट केरल बनाने की आवश्यकता मजबूती से उभरी है। विजयन ने कहा कि संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम केरल लिखा हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा, लेकिन संविधान की पहली अनुसूची में हमारे राज्य का नाम केरल लिखा हुआ है। उन्होंने कहा, यह विधानसभा केंद्र सरकार से सर्वसम्मति से अनुरोध करती है कि वह संविधान के अनुच्छेद तीन के तहत इसे संशोधित करके ‘केरलम’ करने के लिए तत्काल कदम उठाए और संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्लिखित सभी भाषाओं में इसका नाम बदलकर ‘केरलम’ करे।