दिल्ली में यमुना के रौद्र रूप के बाद भारी बारिश के कारण दो फीट तक यमुना के पानी में डूबी ताजमहल की दीवारें, आगरा के 28 मोहल्लों में बाढ़ का खतरा

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देश के अधिकतर हिस्सों में भारी बारिश के कारण परेशानी बढ़ती जा रही है। मैदान से पहाड़ी राज्यों तक बारिश के चलते बाढ़ और लैंडस्लाइड की खबरें सामने आ रही हैं। देश की राजधानी दिल्ली में यमुना का रौद्र रूप देखने को मिला वहीं यूपी के कई शहरों में भी बाढ़ के हालात हैं। ताजनगरी आगरा में भी यमुना खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ताजमहल की 02 फीट तक की दीवारें यमुना के पानी में डूब गई हैं। आगरा में मंगलवार सुबह यमुना नदी का जलस्तर 497.30 फीट तक पहुंच गया है जो मीडियम फ्लड लेवल से महज 02 फ़ीट नीचे है। ताजमहल के पीछे बने ताज व्यू पॉइंट पर भी यमुना नदी का पानी पहुंच गया है। ताज व्यू पॉइंट में पानी के पहुंचने के बाद व्यू पॉइंट को आम पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही ताज महल के पीछे महताब बाग के पास में बनी ताज सुरक्षा पुलिस चौकी में भी यमुना नदी का पानी भर गया है। यमुना का पानी चौकी में पहुंचने के बाद वहां सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी अपने - अपने सामान को लेकर पास में बनी अस्थाई चौकी पर जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यमुना का जलस्तर आज से 13 साल पहले इतना देखा गया था। लेकिन इस बार यमुना का जलस्तर धीरे - धीरे बढ़ता जा रहा है। इसका बढ़ता जलस्तर लोगों को डराने लगा है। अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो यमुना के पास बने दो दर्जन से अधिक गांव इसकी आगोश में आ जाएंगे। इस नदी का जलस्तर हर घंटे बढ़ रहा है।

ताजमहल के पास बना दशहरा घाट पानी में डूब चुका है। ताजमहल दशहरा घाट के किनारे पर बांस बलियां लगा दी गई हैं। पुलिस ने लोगों को घाट के किनारे जाने से रोक दिया है। यमुना किनारे बने प्राचीन कैलाश मंदिर के अंदर भी इस नदी का पानी प्रवेश कर गया है। इन नदी के किनारे बसे 28 मोहल्लों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। यमुना नदी का हाई फ्लड लेवल 508 फीट पर है।

लगातार बढ़ रहे यमुना नदी के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। नदी किनारे बसी कॉलोनियों में प्रशासन ने मुनादी करा दी है। इसका पानी रिहायशी कॉलोनियों तक पहुंच गया है। नदी किनारे बनी तनिष्क राजश्री अपार्टमेंट कॉलोनी में भी प्रशासन ने नोटिस चस्पा किया है। लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है। यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर की वजह से यमुना किनारे रहने वाले परिवारों को पलायन का डर सताने लगा है। ओखला बैराज से आज 92035 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है , जबकि गोकुल बैराज से यमुना नदी में 148063 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। स्थिति भयावह बनी हुई है। प्रशासन नागरिकों को सजग और सचेत रहने का संदेश दिया है।

उत्तराखंड में भारी बारिश के अलर्ट के बीच पिथौरागढ़ में फटा बादल, गुंजी-कालापानी को जोड़ने वाला बैली ब्रिज मलबे में दबा, सड़क ध्वस्त, अगले तीन दिन की चेतावनी जारी



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 उत्तराखंड में भारी बारिश के अलर्ट के बीच पिथौरागढ़ में देर रात बादल फट गया। इस दौरान गुंजी- कालापानी को जोड़ने वाला बैली ब्रिज मलबे में दब गया है, जबकि सड़क कई स्थान पर ध्वस्त हो गई। बृजेश होतियाल ने बताया कि मंगलवार की रात बादल फटने के कारण नाग पर्वत से निकलने वाले नचेती नाले का पानी एकाएक बढ़ गया। जिसके चलते पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा भी आ गया।

वाहनों की आवाजाही बंद

सड़क ध्वस्त होने से कालापानी से लिपुलेख तक वाहनों का आवाजाही बंद हो गई है। जिस स्थान पर पुल मलबे में दबा है वह कालापानी मंदिर से नीचे एक किलोमीटर दूर गुंजी की ओर है। घटना की सूचना मिलने पर बीआरओ की 65 आरसीसी यूनिट के अधिकारी, सेना, आईटीबीपी और एसएसबी के अधिकारी भी मौके में पहुंचे हैं। बीआरओ के अधिकारियों ने प्रशासन को घटना की सूचना दे दी है।

तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड में आज भी मौसम बिगड़ा हुआ है। राजधानी देहरादून समेत कई पहाड़ी इलाकों में सुबह की शुरुआत बारिश के साथ हुई। वहीं, मौसम विभाग ने उत्तराखंड के सभी जिलों में बुधवार और बृहस्पतिवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जबकि, 21 जुलाई को प्रदेशभर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और देहरादून में कहीं-कहीं तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ भारी बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया, 19 से 21 जुलाई तक प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन होने से सड़क और राजमार्ग अवरूद्ध हो सकते हैं।

राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, कहा, केंद्र सरकार मणिपुर हिंसा के मामले में चर्चा को तैयार

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मानसून सत्र कल से शुरू हो रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक के दौरान सभी दलों को सूचित किया कि सरकार मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। वहीं, विपक्षी दलों के नए गठबंधन ‘इंडिया’ की कल सुबह बैठक होगी।

रक्षा मंत्री ने बैठक की अध्यक्षता

बता दें, संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से आरंभ होकर 11 अगस्त तक चलेगा। मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की। केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक के दौरान सभी दलों को सूचित किया कि सरकार मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 से पहले भारतीय टीम के चयन को लेकर भी तैयारियां शुरू, भारत में 5 अक्टूबर से वनडे वर्ल्ड कप की होगी शुरुआत

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अब विश्व कप को लेकर कई तरह की चर्चा बीसीसीआी में हो रही है। बता दें कि बीसीसीआई ने आईसीसी विश्व कप से पहले एशियन गेम्स के लिए टीम का चयन कर उसका ऐलान कर दिया है।

आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 को शुरू होने में काफी कम समय शेष बचा है। वर्ल्ड कप से पहले अब भारतीय टीम के चयन को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई है। भारत में 5 अक्टूबर से वनडे वर्ल्ड कप की शुरुआत होगी। भारत का पहला मैच आठ अक्टबूर को ऑस्ट्रेलिया के साथ होना है।

इस विश्व कप को लेकर अब भारतीय टीम का चयन होने की तैयारियां होने लगी है। बीसीसीआई का मैनेजमेंट अब विश्व कप के लिए कौन से खिलाड़ियों का चयन कर टीम बनाएगा। इस सिलसिले में अब बीसीसीआई के चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर वेस्ट इंडीज के लिए रवाना होने वाले है। कप्तान रोहित शर्मा और कोच राहुल द्रविड़ के साथ मिलकर अजित अगरकर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।

माना जा रहा है कि विश्व कप के लिए 20 सदस्यों की टीम फाइनल की जाएगी। इस सिलसिले में चर्चा करने के लिए भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज से पहले ही चर्चा की जाएगी। इसके लिए अजित अगरकर खुद वेस्टइंडीज जा रहे हैं जहां वो सदस्यों के चयन को लेकर चर्चा करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक व्हाइट बॉल सीरीज की शुरुआत से पहले ही अजीत अगरकर टीम से जुड़ेंगे और फिर विश्व कप को लेकर भी चर्चा होगी। गौरतलब है कि आने वाले दिनों में विश्व कप को लेकर कई तरह की चर्चाएं बीसीसीआी में होने वाली है। बता दें कि बीसीसीआई ने आईसीसी विश्व कप से पहले एशियन गेम्स के लिए टीम का चयन कर उसका ऐलान कर दिया है।

माना जा रहा है कि जसप्रीत बुमराह लंबे अर्से से टीम से बाहर चल रहे है। वर्तमान में वो एनसीए में रिहैब में है और टीम में अपनी वापसी सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे है। जसप्रीत बुमराह चोटिल होने के कारण लंबे अर्से से टीम में जगह नहीं बना सके थे। वहीं अब रिहैब के साथ ही जसप्रीत ने गेंदबाजी प्रैक्टिस की शुरुआत कर ली है, जिससे उनके फैंस उनकी वापसी को लेकर काफी उत्साहिस हो गए है। वहीं केएल राहुल जो आईपीएल में चोटिल हुए थे, उन्होंने भी बल्लेबाजी शुरू कर दी है। ऐसे में विश्व कप के लिए दो अहम खिलाड़ी उपलब्ध हो सकते है, जो राहत की बात होगी।

मोबाइल देखने से माता पिता ने मना किया तो छत्तीसगढ़ के चित्रकोट वाटरफॉल में कूदी युवती, किसी तरह बची जान

छत्तीसगढ़ में मिनी नियाग्रा कहे जाने वाले चित्रकोट वाटरफॉल के पास एक चौंका देने वाली घटना हुई। यहां एक युवती ने कूदकर जान देने की कोशिश की। हालांकि समय रहते उसे बचा लिया गया। इस घटना के पीछे की वजह ने सभी को दंग कर दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवोदिता पाल ने बताया कि 21 साल की युवती का नाम सरस्वती मौर्य है। वह अपना ज्यादातर समय मोबाइल पर बिताया करती थी। उसकी इस आदत से परिजन परेशान हो गए थे। वह सरस्वती को इसके लिए डाटते थे। इससे नाराज होकर सरस्वती चित्रकोट वाटरफॉल पहुंच गया।

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पुलिस ने बताया कि वाटरफॉल देखने आए लोगों को जब यह एहसास हुआ कि वह आत्महत्या करने जा रही है। उन्होंने उसे रोकने की काफी कोशिश लेकिन सरस्वती ने किसी की नहीं सुनी और फॉल में छलांग लगा दी। हालांकि उसे तुरंत ही अपनी गलती का अहसास हो गया। इसके बाद वह खुद को डूबने से बचाने के लिए तैरकर बाहर आने की कोशिश करने लगी।

चित्रकोट चौकी प्रभारी तामेस्वर चौहान ने आजतक को बताया कि वाटरफॉल के पास सुरक्षा के लिए तैनात गांववाले नाव लेकर सरस्वती के पास पहुंच गए और उसे बचा लिया। पुलिस के अनुसार सरस्वती मौर्य चित्रकोट गांव की ही रहने वाली है।

जानकारी के मुताबिक बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है, जिस चित्रकोट वाटरफॉल में भी खूब पानी है। इस वाटरफॉल की ऊंचाई 90 फीट है।

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए बिछने लगी बिसात, एनडीए के 38 में से 25 दलों के पास एक सांसद भी नहीं, डिटेल में पढ़िए, 38 बनाम 26 की दिलचस्प लड़ाई

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2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को छोड़ दिया जाए तो अन्य 37 दलों का वोट शेयर सिर्फ 7 फीसदी था। इन 37 पार्टियों ने मिलकर लोकसभा की सिर्फ 29 सीटों पर ही जीत दर्ज की थी। जबकि एनडीए की बैठक में 38 दल शामिल हुए थे। 

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और बीजेपी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस सभी छोटे-बड़े दलों को एक साथ लाकर लोकसभा चुनाव में बीजेपी को कड़ी टक्कर देना चाहती है। 18 जुलाई को बेंगलुरु में हुई विपक्षी दलों की बैठक में कुल 26 पार्टियों ने शिरकत की। वहीं बीजेपी ने भी दिल्ली में एनडीए की बैठक बुलाई। इस बैठक में 38 पार्टियों के नेता शामिल हुए। बीजेपी 38 दलों की बैठक बुलाकर अपने गठबंधन को विपक्षी गठबंधन से अधिक मजबूत दिखाने की कोशिश कर रहे है। कांग्रेस ने एनडीए की बैठक में बुलाए गए दलों पर तंज कस्ते हुए पूछा कि इनमें से सभी पार्टियों का रजिस्ट्रेशन हुआ भी है या नहीं? दरअसल एनडीए के अधिकांश दलों के पास लोकसभा की एक सीट भी नहीं है।

38 बनाम 26 की लड़ाई

राजनीति हमेशा से ही नजरिए का खेल रहा है और बीजेपी भी इस खेल में पीछे नहीं रहना चाहती है। मंगलवार को विपक्षी दल ने बेंगलुरु में बैठक बुलाई थी। इस बैठक में 26 छोटी-बड़ी पार्टियों ने भाग लिया था। विपक्षी दल ने अपने गठबंधन का नाम I.N.D.I.A रखा है। विपक्षी गठबंधन एक सीट- एक उम्मीदवार के समीकरण पर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है। वहीं बीजेपी भी अपने कुनबे को विपक्ष से बड़ा दिखाने के लिए एनडीए गठबंधन के सभी सहयोगियों को साथ लाकर विपक्ष को कड़ी टक्कर देना चाहती है।

एनडीए के 25 दलों के पास एक सांसद भी नहीं

एनडीए गठबंधन में कुल 38 पार्टियां है लेकिन अधिकांश दलों की राष्ट्रीय राजनीति में न तो कोई पकड़ है न ही उनकी कोई पहचान है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को छोड़ दिया जाए तो अन्य 37 दलों का वोट शेयर सिर्फ 7 फीसदी था। इन 37 पार्टियों ने मिलकर लोकसभा की सिर्फ 29 सीटों पर ही जीत दर्ज की थी। वहीं बीजेपी की बात करें तो उसने अकेले 303 सीट पर जीत दर्ज की थी। बीजेपी का वोट शेयर 37% से अधिक था। आपको बता दें कि 2019 लोकसभा चुनाव में 37 में से 9 दलों ने अपने उम्मीदवार भी नहीं उतारे थे। वहीं 16 दलों के पास एक भी सांसद नहीं है। यानी 37 में से 25 दलों के पास ना तो कोई सांसद है और ना ही राष्ट्रीय राजनीति में कोई प्रतिनिधित्व है। वहीं एनडीए गठबंधन के 7 दलों के पास सिर्फ एक ही सांसद है। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) 13 सांसद के साथ एनडीए का सबसे बड़ा सहयोगी दल है। वहीं लोजपा 6 सांसदों के साथ दूसरा सबसे बड़ा सहयोगी दल है। उत्तर प्रदेश में अपना दल के पास 2 सांसद हैं।

7 दलों के पास सिर्फ एक सीट

2019 लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के 7 दलों ने सिर्फ एक-एक सीट पर ही जीत दर्ज की थी। इन दलों में मेघालय में एनपीपी, तमिलनाडु में एआईडीएमके, सिक्किम में एसकेएम, नागालैंड में एनपीएफ, झारखंड में एजेएसयू, मिजोरम में एमएनएफ शामिल है। बीजेपी दक्षिण भारत में खाता खोलने में नाकाम रही है। 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उम्मीद है कि एआईडीएमके एनडीए गठबंधन को अधिक सीटों पर जीत दिला पाएगी। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि बीजेपी आंध्रप्रदेश में टीआरएस के साथ गठबंधन कर दक्षिण भारत में अपना पकड़ मजबूत करेगी।

बीजेपी ने छोटे दलों पर खेला बड़ा दांव 

बीजेपी छोटे दलों पर बड़ा दाव खेल रही है इसका पहला कारण है कि बीजेपी नंबर गेम में पीछे नहीं रहना चाहती है। वह विपक्ष के 26 दलों के एक साथ आने के दावे को अपने 38 गठबंधन के सहयोगियों के साथ बौना दिखाना चाहती है। बाकि छोटे दल उन सभी सीटों पर अहम भूमिका निभा सकते है जहां जीत और हार का मार्जिन बहुत कम था। वहीं ये छोटे दल जिला स्तर पर बीजेपी को जीत में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

सपा विधायक को 'वंदे मातरम्' का नारा लगाना स्वीकार नहीं, कहा-मेरा धर्म इजाजत नहीं देता

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महाराष्ट्र विधानसभा सदन में आज उस वक्त हंगामा शुरू हो गया, जब समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने वंदे मातरम कहने से इनकार कर दिया।समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी की 'वंदे मातरम' के बारे में इस तरह की टिप्पणी को लेकर भाजपा विधायकों के हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

समाजवादी पार्टी के विधायक आजमी ने यह बयान दिया है कि उनका महजब उन्हें इस बात की इजाजत नहीं देता कि वह किसी के सामने सिर झुकाएं। लिहाजा हम वंदे मातरम नहीं कह सकते हैं। हम अपनी मां के सामने भी सिर नहीं झुकाते हैं। हम सिर्फ अल्लाह के सामने सिर झुकाते हैं। आजमी ने कहा कि आफताब पूनावाला के नाम पर मुसलमानों को बदनाम किया गया।

मेरे दिल में मेरे मुल्क के लिए इज्जत कम नहीं होगी-आजमी

इसके अलावा अबू आजमी ने कहा, ‘हम वो है जिनके पूर्वजों ने इस देश के लिए अपनी जान दी, हम वो है, जिन्होंने पाकिस्तान को नहीं भारत को अपना मुल्क माना। हमें इस्लाम सिखाता है की सर उसी के आगे झुकाओ जिसने ये सारा जहान बनाया। मेरे मजहब के मुताबिक अगर मैं वंदे मातरम नहीं बोल सकता हूं तो इससे मेरे दिल में मेरे मुल्क के लिए इज्जत और मेरी वतनपरस्ती में कोई कमी नहीं होती और इससे किसी को अप्पत्ति होनी भी नहीं चाहिए, जितने आप इस मुल्क के उतने हम भी!’

एक ही मजहब को टारगेट करने का आरोप

आजमी ने कहा कि आफताब पूनावाला के नाम पर मुसलमानों को बदनाम किया गया। इसके बाद आजमी ने औरंगाबाद में राममंदिर के बाहर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां यह नारा लगाया गया कि भारत में रहना है तो वंदे मातरम क्या होगा। इससे माहौल ख़राब हो गया, पुलिस ने दोनों गुटों को वहां से हटाया। रात में फिर वहां पंद्रह- बीस लोग आए। इसके बाद वहां पर दोनों तरफ के लोग आये फिर नारेबाजी और झगड़ा शुरू हुआ। आजमी ने कहा कि पुलिस के मुताबिक दोनों तरफ से ढाई- ढाई सौ लोग मौजूद थे। इसलिए मेरा सवाल है कि आखिर एक ही मजहब के लोग क्यों गिरफ्तार किये गए।

बेंगलुरु में आईएसआईएस के पांच आतंकी गिरफ्तार, धमाके की थी योजना, हथियार और विस्फोटक बरामद

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कर्नाटक की राजधानी में आतंकवादी हमले की योजना बनाने के आरोप में केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने आज बेंगलुरु में पांच संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने पकड़े गए इन पांचो आतंकियों के पास से हैंड ग्रेनेड और सात पिस्टल के साथ ही कई कारतूस बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि ये आतंकी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। मिली जानकारी के मुताबिक ये पांचो आतंकी कर्नाटक के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं, जिनका संपर्क आईएसआईएस मॉड्यूल से था।

जेल में आए आतंकियों के संपर्क में

बेंगलुरु पुलिस की क्राइम ब्रांच के मुताबिक पकड़े गए पांचो आतंकी सोहेल, उमर, जुनैद, मुदासिर और जाहिद जेल में आतंकियों के संपर्क में आए थे। सीसीबी ने बताया कि ये पांचों 2017 के एक हत्या मामले में आरोपी थे और परप्पाना अग्रहारा सेंट्रल जेल में थे जहां वे आतंकवादियों के संपर्क में आए।उन्हें 2017 में गिरफ्तार किया गया था और 2019 में रिहा किया गया।ये 18 महीने तक जेल में थे।

हमले जैसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक

बेंगलुरु पुलिस की क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के मुताबिक आतंकियों के पास से हैंड ग्रेनेड के अलावा कई ऐसे अन्य मशीनी उपकरण बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल हमले जैसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए किया जाता है। गिरफ्तार किए गए पांच संदिग्ध आतंकवादियों के पास से चार वॉकी-टॉकी, सात देसी पिस्तौल, 42 जिंदा गोलियां, दो खंजर, दो सैटेलाइट फोन, चार ग्रेनेड और विस्फोटकों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की एक बड़ी खेप बरामद की गई है। आतंकियों के पास से बरामद हैंडग्रेनेड को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि इनके पास यह पंजाब गुजरात-बॉर्डर से पहुंचाया गया है।

सीमा हैदर का एक और सच आया सामने, मेकओवर में पेशेवर की ली मदद, जांच एजेंसियों को तीसरे शख्स की तलाश

#seema_haider_case

पाकिस्तान की रहने वाली सीमा हैदर और भारत के सचिन मीणा की प्रेम कहानी सुर्खियों में बनी हुई है। सीमा हैदर पर लगातार पाकिस्तानी जासूस होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। एटीएस पिछले दो दिनों से सीमा से पूछताछ कर रही है। वहीं अब एटीएस और जांच एजेंसियों ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जिसके बाद लगातार नए खुलासे हो रहे हैं।

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सीमा हैदर मामले की जांच कर रही केन्द्रीय जांच एजेंसियों को अहम जानकारी मिली है कि सीमा सचिन के साथ किसी तीसरे शख्स की मदद से भारतीय सीमा में दाखिल हुई। खुफिया एजेंसी सूत्रों के मुताबिक भारतीय सीमा में दाखिल होने के दौरान सीमा ने बकायदा अपना ड्रेसअप इस तरीके से किया था कि वह ग्रामीण भारतीय महिला लगे, ना की बाहर के देश की महिला और इस मेकअप में पेशेवर लोगों की मदद ली गई थी। सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए उसने अपने बच्चों को भी इसी तरह से तैयार किया था।

जांच एजेंसियों के मुताबिक ऐसा ही तरीका ह्यूमन ट्रैफिकिंग यानि घरेलू सहायिका या जिस्मफरोशी रैकेट में शामिल महिलाएं भारत-नेपाल सीमा पार करने में इस्तेमाल करती हैं। ये भी दावा किया जा रहा कि जिस धाराप्रवाह भाषा में सीमा लगातार बात कर रही है, ऐसी ट्रेनिंग नेपाल में मौजूद पाकिस्तानी हैंडलर उन महिलाओं को देते हैं, जिनको नेपाल बार्डर पार कराकर भारत में गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भेजा जाता है।

बता दें कि सीमा हैदर जांच एजेंसियों के निशाने पर है। यूपी एटीएस ने सीमा हैदर से लगातार दो दिनों तक पूछताछ की है। करीब 15 घंटे तक सीमा हैदर से पूछताछ की गई है। हालांकि जांच एजेंसी उसके जवाबों से संतुष्ट नजर नहीं आ रही है। पूछताछ के दौरान सीमा द्वारा बताए गए एंट्री वाले सीमाओं के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। लेकिन जांच एजेंसी को कुछ भी नहीं मिला।

एशियन गेम्स के लिए विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को नहीं देना होगा ट्रायल, डायरेक्ट एंट्री पर मचा बवाल

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भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) की एडहॉक कमिटी ने ओलिंपिक पदक विजेता बजरंग पूनिया और विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट को एशियाई खेलों में सीधे एंट्री दे दी। इसका मतलब है कि अब उन्हें एशियन गेम्स में एंट्री के लिए ट्रायल नहीं देना पड़ेगा। वहीं, दूसरे पहलवान कमेटी के इस फैसले पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहलवान इतने समय से प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि वह लगातार प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने पहलवानों के ट्रायल की मांग की है। अब ये मामला काफी ज्यादा गर्माता जा रहा है। दूसरे पहलवान और उनके कोच अदालत में चुनौती दे सकते हैं।

एशियन गेम्स इस साल चीन में खेला जाना है। इसके लिए सभी खिलाड़ी अभी से तैयारी कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच भारतीय पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया को भारतीय ओलंपिक संघ की एक समिति ने मंगलवार को एशियाई खेलों में सीधे प्रवेश देने का फैसला किया था। बताया जा रहा है कि IOA ने ये फैसला नेशनल चीफ कोचों की सहमति के बिना ही ले लिया है। संस्था के एड-हॉक पैनल द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में बताया गया है कि पुरुषों के फ्रीस्टाइल 65 किलोग्राम वर्ग में और महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में पहले से ही सिलेक्शन किया जा चुका है। 3 रेसलिंग स्टाइल्स के बाकी के अन्य 6 कैटेगरी में ट्रायल लिया जाएगा।

विनेश फोगाट को 53 किलो वर्ग और बजरंग पूनिया को 65 किलो वर्ग के लिए क्वालीफाई किया गया है। अब इस मुद्दे को लेकर अंडर 20 वर्ल्ड चैंपियन अंतिम पंघाल ने सावल खड़े कर दिए हैं। अंतिम पंघाल ने बुधवार को विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के लिए चयन ट्रायल से छूट दिये जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ वह ही नहीं बल्कि कई अन्य भारतीय पहलवान 53 किलो वर्ग में विनेश को हराने में सक्षम हैं। हिसार की रहने वाली 19 वर्ष की पंघाल भी 53 किलो में उतरती हैं। उन्होंने पूछा कि इतने समय से अभ्यास नहीं करने के बावजूद विनेश का चयन कैसे हुआ। सीनियर एशियाई चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता पंघाल ने एक वीडियो में कहा कि विनेश फोगाट को एशियाई खेलों में सीधे प्रवेश मिलेगा जबकि उसने पिछले एक साल से अभ्यास भी नहीं किया है। पिछले एक साल में उसकी कोई उपलब्धि नहीं है 

पहलवान विशाल कालीरमन ने कहा, मैं भी अंडर 65kg कैटेगरी में खेलता हूं और एशियन गेम के लिए बजरंग पुनिया को ट्रायल के बिना ही डायरेक्ट एंट्री दे दी गई है। ये लोग लगभग एक साल से प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि हम लागातार प्रैक्टिस कर रहे हैं। हम इनके भी ट्रायल की मांग करते हैं। हम कोई फेवर या लाभ नहीं चाहते हैं, लेकिन कम से कम ट्रायल तो करवाया जाना चाहिए वरना हम भी अदालत जाने के लिए तैयार हैं और हम कोर्ट में अपील करेंगे। हम 15 सालों से इसके लिए तैयारी कर रहे हैं। अगर बजरंग पुनिया एशियन गेम्स में खेलने से इनकार करते हैं तो किसी और को मौका मिल सकेगा और वह एशियन गेम्स में खेल सकेगा।

बता दें कि एशियन गेम्स के लिए खिलाड़ियों के चयन हेतु ट्रायल 4 दिनों बाद ही शुरू होने वाला है। ये टूर्नामेंट 23 सितंबर से चीन के हांगझोउ में खेला जाना है। दिल्ली के IG स्टेडियम में 22 जुलाई से महिलाओं का और 23 जुलाई से पुरुष खिलाड़ियों का ट्रायल लिया जाएगा।