आप के मंच पर पहुंचे कपिल सिब्बल, केंद्र सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, कहा-हर राज्य में सीबीआई और ईडी के भरोसे अपनी सरकार चाहते हैं

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आम आदमी पार्टी आज दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली कर रही है। उनकी यह रैली मोदी सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश के खिलाफ की जा रही है।दिल्ली के रामलीला मैदान में आप की महारैली के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल सुर्खियों में बने हुए हैं। उन्होंने रामलीला मैदान में आप की महारैली को संबोधित करते हुए केन्द्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला।आप की महारैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश की जनता अब केंद्र सरकार को पसंद नहीं करती। जनता अब तानाशाही के खिलाफ उठ खड़ी हुई है। विपक्षी दलों को केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है। 

ये डबल इंजन की नहीं है, डबल बैरल की सरकार-सिब्बल

अपने संबोधन में कपिल सिब्बल ने कहा कि पीएम मोदी हर राज्य में प्रचार करते हुए कहते हैं कि हमारी डबल इंजन की सरकार बनाइए। लेकिन ये डबल इंजन की नहीं है, डबल बैरल की सरकार है। कपिल सिब्बल ने कहा कि मुझे याद है कि 2014 से पहले यूपीए सरकार के दौरान अरविंद केजरीवाल हमारा विरोध करते थे और हम सोचते थे कि मीडिया उनके साथ है। समय बदला, सरकार बदली, पीएम बदला और अब मीडिया उनके साथ है। उन्होंने कहा कि जिस तरह आपने कांग्रेस को 60 साल दिए उसी तरह हमें 60 महीने दीजिए और हम भारत का विकास करेंगे। 120 महीने हो गए लेकिन उन्होंने भारत का नक्शा बदल दिया, उन्होंने सीबीआई ईडी सहित सभी संस्थानों को बर्बाद कर दिया।

हर राज्य में सीबीआई-ईडी के भरोसे अपनी सरकार चाहते हैं-सिब्बल

कपिल सिब्बल ने कहा कि मोदी जी डबल इंजन सरकार चाहते हैं। यानी वे देश के हर राज्य में सीबीआई और ईडी के भरोसे अपनी सरकार चाहते हैं। ये सोच सही नहीं है कि सारी पावर हमारे ही हाथ में हो। अदालत छोड़ बाकी सभी संस्था पर केंद्र का कब्जा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सभी विपक्षी दलों को खत्म करने में लगे हुए हैं अगर विपक्षी दल एकजुट नहीं हुए तो वह विपक्ष का खात्मा कर देंगे।

मोदी जी सब कुछ अपने अनुसार चलाना चाहते हैं-सिब्बल

कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में विधानसभा होने का अर्थ है कि लोग चाहते हैं कि दिल्ली में जनता की आवाज के अनुसार सरकार चले लेकिन मोदी जी सब कुछ अपने अनुसार चलाना चाहते हैं। केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट का फैसला रद्द नहीं कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट इस अध्यदेश को रद्द करेगी। यदि सब कुछ केंद्र सरकार ही करेगी तो विधानसभा का क्या अर्थ है।

*अमित शाह पर संजय राउत का तंज, कहा-मातोश्री और ठाकरे का डर आज भी कायम है, ये अच्छा है*

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के नांदेड़ में शनिवार को जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने उद्धव ठाकरे पर एक के बाद एक कई निशाने साधे। उनके भाषण पर अब शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद संजय राउत ने पलटवार किया है। राउत ने कहा कि आज भी मातोश्री का दबदबा कायम है, उनके दिल में आज भी डर है और ये डर अच्छा है।

संजय राउत ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'नांदेड़ में गृह मंत्री अमित शाह का भाषण सुनिए, मजेदार है। मेरा एक सवाल है क्या यह कार्यक्रम भाजपा का महासंपर्क अभियान था या विशेष रूप से शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे की आलोचना के लिए आयोजित किया गया था ? अमित भाई के 20 मिनट के भाषण में 7 मिनट उद्धवजी पर हैं। इसका मतलब यह हुआ कि मातोश्री का का खौफ अभी भी बराकरार है। 

राउत ने आगे कहा कि शिवसेना टूट गई, नाम और धनुष-बाण ने देशद्रोही जमात को दे दिया। हालांकि, ठाकरे और शिवसेना का डर बना रहता है। ये डर अच्छा है। उन्होंने उद्धव ठाकरे से जो सवाल किया था, उस पर बीजेपी को विचार करना चाहिए, लेकिन उन्‍होंने अपने जाल में खुद को फंसा लिया है, इतना घबरा गए हैं।

अमित शाह ने क्या कहा था?

अमित शाह ने नांदेड़ में एक सभा को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे पर 2019 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस से हाथ मिलाकर भाजपा को मुख्यमंत्री पद के लिए धोखा देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने धोखाधड़ी और विश्वासघात का काम किया था।

आप की रैली से पहले बीजेपी का केजरीवाल पर पोस्टर अटैक, सीएम आवास की मरम्मत पर खर्च हुए 45 करोड़ पर घेरा

#bjptargetsarvind_kejriwal

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की रामलीला मैदान में होने वाली रैली से पहले बीजेपी हमलावर है।राष्ट्रीय राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर सीएम केजरीवाल के खिलाफ भाजपा ने पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों में भाजपा ने केजरीवाल सरकार को मुख्यमंत्री आवास के खर्च को लेकर घेरा है।।

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बीजेपी ने रामलीला मैदान में होने वाली आप की रैली से पहले बैनर लगा दिए हैं। बैनर पर केजरीवाल के सरकारी आवास की फोटो हैं। बैनर पर लिखा है- केजरीवाल जी हमें भी 45 करोड़ रुपये वाला AAP का राजमहल देखना है। यह पोस्टर भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश की तरफ से लगाए गए हैं। एक अन्य पोस्टर में दिल्ली बीजेपी ने केजरीवाल के सरकारी आवास के रेनोवेशन पर सवाल उठाते हुए लिखा है- केजरीवाल के घर का रेनोवेशन 45 लाख का। जवाब दो? ये पैसा तो मेरे टैक्स का है।

रामलीला मैदान में आप की रैली

आम आदमी पार्टी राजधानी में सेवाओं पर नियंत्रण से जुड़े केंद्र सरकार के अध्यादेश के खिलाफ यह रैली आयोजित कर रही है। रैली को दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, ‘आप’ की दिल्ली इकाई के प्रमुख व मंत्री गोपाल राय और पार्टी सांसद संजय सिंह इस रैली को संबोधित करेंगे। इसमें राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल के भी शामिल होने का अनुमान है।

क्या है मामला

केंद्र सरकार और दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार में इन दिनों एनसीसीएसए अध्यादेश को लेकर धमासान मचा हुआ है। इस अध्यादेश में कहा गया है कि दिल्ली भारत की राजधानी है, जो सीधे राष्ट्रपति के अधीन है। ऐसे में अधिकारियों के फेरबदल का अधिकार राष्ट्रपति के अधीन रहेगा। इस अध्यादेश में कहा गया है कि इस एनसीसीएसए के अध्यक्ष दिल्ली के मुख्यमंत्री होंगे। मगर मुख्य सचिव व गृह सचिव इसके सदस्य होंगे। मुख्य सचिव व गृह सचिव की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी। अधिकारियों की नियुक्ति के विषय में एनसीसीएसए उपराज्यपाल को अनुमोदन करेगी और अधिकारियों के तबादला और नियुक्ति में अगर कोई विवाद होता है तो आखिरी फैसला दिल्ली के एलजी का मान्य होगा

कौन है शोएब जमई? जिसकी टीवी डिबेट के दौरान हो गई लाइव पिटाई

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आए दिन देश में 'अखंड भारत', हिंदू राष्ट्र' और 'लव जिहाद' जैसे मुद्दे गरमाते रहते हैं। इन मुद्दों के कारण टेलिविजन पर होने वाली बहस भी गर्म हो जाती है।शनिवार को शोएब जमई की एक टीवी डिबेट के दौरान लाइव पिटाइ हो गई। पिटाई का यह वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। लोग तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पिटाई का ये वीडियो है इस्लामिक स्कॉलर शोएब जमई का।यह टीवी डिबेट में मुस्लिम एक्सपर्ट के रूप में अक्सर दिखाई देते हैं। हालांकि, इस बार मामला जरा उल्टा पड़ गया और इनकी महिला के हाथों “धुलाई”हो गई।

टीवी डिबेट में लाइब पिटाई

शोएब जमई की पिटाई का वीडियो एक टीवी स्टूडियो की डिबेट के दौरान का है। हालात ऐसे हो गए कि शोएब को डिबेट छोड़कर बचकर भागना पड़ा।दरअसल, उन्होंने मुस्लिम महिला पैनलिस्ट सुबुही खान को कुछ ऐसी बात कही, जो उन्हें नागवार लगी। यह बहस न्यूज़ 18 के टीवी डिबेट में हो रही थी, जिसका संचालन मशहूर पत्रकार अमन चोपड़ा कर रहे थे। इसी शो में सुबुही खान ने शोएब जमाई को पीट दिया। सुबुही खान ने शोएब जमई को दौड़ा कर पीट दिया। 

वायरल वीडियो में दिख रहा है कि सुबुही खान शोएब जमई को पीटते हुए कहती हैं कि भाग यहां से। तेरी औकात क्या है? हालांकि वहां मौजूद अन्य लोग तुरंत बीच बचाव करते हुए जमई को सुबुही खान से दूर ले जाते हैं। इसके अलावा सुबुही खान ने यह भी कहा कि चल निकल यहां से, तेरे बाप को भी मारूंगी। सोशल मीडिया पर यह वीडियो भी शेयर हो रहा है।लोग तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

जिस दिन हम 75 करोड़ हो जाएँगे

इन दिनों इस्लामिक स्कॉलर शोएब जमाई कई मुद्दों को लेकर बहुत बेबाक है। उनके वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल होते हैं। हाल ही में शोएब का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें वो अखंड भारत बनाने की बात करते है। वो कहते है कि जिस दिन अखंड भारत बन जाएगा उस दिन पाकिस्तान के 25 करोड़, बांग्लादेश के 25 करोड़ और हिंदुस्तान के 25 करोड़ मुसलमान एक हो जाएंगे और ये सब मिलकर जिस दिन 75 करोड़ हो जाएँगे फिर प्रधानमंत्री भी हमारा होगा और 250 से अधिक सांसद भी हमारे होंगे।

बाबाओं को लंगोट लेकर न भागना पड़ेगा-शोएब जमई

वीडियो क्लिप में वह आगे कहते सुने जाते हैं, '2024 में ऐसे बाबाओं को लंगोट लेकर न भागना पड़ा तो शोएब जमई का नाम बदल देना... तुम्हारे बाप का देश है।' जमई के वीडियो से यह स्पष्ट नहीं है कि यह किस डिबेट से लिया गया है लेकिन यह साफ है कि वह बागेश्वर बाबा पर हमलावर थे। बाबा लगातार हिंदू राष्ट्र की बात करते रहते हैं। 35 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहा है।

कौन है शोएब जमई और सुबुही खान?

हर बार हिन्दुओं के खिलाफ ज़हर उगलने वाला शोएब जमई ‘इंडियन मुस्लिम फाउंडेशन’ का अध्यक्ष है।शोएब जमई ने ट्विटर पर अपने बायो में लिखा है कि वह इंडिया मुस्लिम फाउंडेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। साथ ही उन्होंने अपना परिचय शाहीन बाग मूवमेंट के कन्वीनर के तौर पर भी बताया है। वह मीडिया पैनलिस्ट हैं। वह जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर भी हैं। 

वहीं सुबुही खान ‘राष्ट्रीय जागरण अभियान’ की संयोजक हैं और साथ ही ‘कबीर फाउंडेशन’ की संस्थापक हैं।

*चक्रवात बिपोर्जॉय को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट, अगले छह घंटे में बेहद खतरनाक रूप लेगा तूफान, इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

#cyclonebiparjoyinarabianseatobecomeextremelyseverestormtoday

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चक्रवात तूफान बिपोर्जॉय अगले छह घंटे में एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने वाला है।भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को कहा है कि अरब सारब में बना चक्रवाती तूफान 'बिपरजॉय' 5 किमी प्रति घंटे की गति के साथ उत्तर की ओर बढ़ गया और अगले 6 घंटों के दौरान और भी ज्यादा तीव्र हो सकता है। इस तूफान का असर कई तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। इस दौरान यहां तूफान व तेज बारिश होने की आशंका है।

गुजरात-महाराष्ट्र में मचा सकता है बड़ी तबाही

आईएमडी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया, अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान बिपोर्जॉय फिलहाल मुंबई से 600 किलोमीटर, पोरबंदर से 530 किलोमीटर कराची से 830 किलोमीटर पर केंद्रित है। चक्रवात यहां से गंभीर रूप अख्तियार करेगा और फिर पाकिस्तान, सौराष्ट्र और कच्छ सहित 15 जून तक आसपास के क्षेत्रों में पहुंचेगा। आने वाले दिनों में राजस्थान के कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि अरब सागर में पिछले छह घंटे में पांच किलोमीटर की गति से चक्रवात तूफान बिपोर्जॉय फिलहाल मुंबई, पोरबंदर के दक्षिण-दक्षिण पश्चिम, द्वारका से 580 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम, नलिया से 670 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में और कराची से 830 किमी दक्षिण में 10 जून से केंद्रित हुआ है।

भारी बारिश की संभावना

आईएमडी के अनुसार, बिपरजॉय उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण भारतीय क्षेत्र में अगले चार दिनों में बारिश होने की संभावना है। जहां केरल और तटीय कर्नाटक में सोमवार तक भारी बारिश होने की संभावना है, वहीं लक्षद्वीप में रविवार तक बारिश होगी। एक रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों सहित महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में अगले 24 घंटों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। 

पाकिस्तान तक दिखेगा असर

इस तूफान का असर पाकिस्तान तक देखा जाएगा। 15 जून तक यह खतरनाक बिपरजॉय पाकिस्तान और उससे सटे तट तक पहुंच जाएगा। पाकिस्तान स्थित एआरवाई न्यूज ने शनिवार को बताया कि महानगर के दक्षिण में लगभग 900 किलोमीटर दूर होने का अनुमान था। कराची पोर्ट ट्रस्ट ने वीएससीएस "बिपरजॉय" के कारण जहाजों और बंदरगाह सुविधाओं की सुरक्षा के लिए 'आपातकालीन दिशानिर्देश' जारी किए हैं। एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, केपीटी ने एक बयान में कहा कि शिपिंग गतिविधियां निलंबित रहेंगी।

एक बयान में, ट्रस्ट ने घोषणा की कि 25 समुद्री मील से ऊपर तेज हवाओं के मामले में शिपिंग गतिविधियां निलंबित रहेंगी। आगे कहा गया है कि अगर हवा की गति 35 समुद्री मील से ऊपर है, तो मालवाहक जहाजों की आवाजाही निलंबित रहेगी। कराची पोर्ट ट्रस्ट ने जहाजों से संपर्क करने के लिए दो आपातकालीन फ्रीक्वेंसी भी जारी की हैं। इसमें कहा गया, 'तूफान के प्रभाव को देखते हुए रात के समय जहाजों की आवाजाही निलंबित रहेगी।' ट्रस्ट ने अधिकारियों को हार्बर क्राफ्ट को चौकी में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने का भी निर्देश दिया।

*केंद्र के अध्यादेश के विरोध में आज दिल्ली के रामलीला मैदान में आप की महारैली, मोदी सरकार के खिलाफ हुंकार भरेंगे केजरीवाल*

#aaprallydelhitransferposting_ordinance

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दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल आज रामलीला मैदान में अपनी ताकत दिखाने वाले हैं।12 साल बाद रामलीला मैदान में एक बार फिर अरविंद केजरीवाल किसी राजनीतिक रैली को संबोधित करेंगे। रामलीला मैदान से ही राजनीति में एंट्री लेने वाले केजरीवाल आज केंद्र की बीजेपी सरकार के अध्यादेश खिलाफ रैली में हुंकार भरने वाले हैं।

1 लाख लोगों के के रैली में आने का दावा

दिल्ली सरकार में अधिकारियों की नियुक्ति और तबादले को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश के विरोध में आम आदमी पार्टी की रविवार को रामलीला मैदान में महारैली होगी। इस महारैली के जरिये आप शक्ति प्रदर्शन भी करेगी। केंद्र सरकार के ट्रांसफर पोस्टिंग वाले अध्यादेश के खिलाफ होने वाली इस रैली में 1 लाख लोगों के आने का दावा किया जा रहा है।

कपिल सिब्बल भी रैली में होंगे शामिल

वहीं, पूर्व कांग्रेस नेता और समाजवादी पार्टी के सहयोग से राज्यसभा सांसद बने कपिल सिब्बल भी इस रैली में शामिल होने वाले हैं। इसे लेकर पार्टी ने ट्वीट कर उन्हें धन्यवाद किया है। इस महारैली को 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के सीएम भगवंत मान के अलावा दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री और कई नेता संबोधित करेंगे। 

दिल्ली पुलिस ने किए सुरक्षा के कड़े इंतजाम

आम आदमी पार्टी की रामलीला मैदान में होने वाली रैली के लिए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि 12 लेयर की सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा में दिल्ली पुलिस के अलावा पारा मिलिट्री की भी तैनाती की गई है। महारैली को देखते हुए यातायात पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने सलाह दी है कि रामलीला मैदान आने वाले मार्गों की बजाय वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें। महाराजा रंजीत सिंह मार्ग, मीर दर्द चौक अजमेरी गेट जवाहरलाल नेहरू मार्ग भवभूति मार्ग, मिंटो रोड, दिल्ली गेट, कमला मार्केट से हमदर्द चौक और पहाड़गंज चौक पर महारैली में आने वाले लोगों की अधिक भीड़ हो सकती है।

अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटा केंद्र

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को अपने आदेश के जरिए दिल्ली में अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग और विजिलेंस पर चुनी हुई सरकार का नियंत्रण दे दिया था, लेकिन केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलट दिया। इसके विरोध में आम आदमी पार्टी की ओर से यह महारैली की जा रही है। पार्टी का दावा है कि महारैली में भारी तादाद में दिल्ली की जनता शामिल होकर इसे ऐतिहासिक बनाएगी।

केजरीवाल के मिशन 2024 का आगाज?

दिल्ली में आठ वर्ष से सत्तासीन आप की यह पहली महारैली है। इसे सफल बनाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक रखी है।रैली की वजह तो ट्रांसफर पोस्टिंग वाला अध्यादेश बताया गया है लेकिन एक्सपर्ट मान रहे हैं कि ये रैली केजरीवाल के मिशन 2024 का आगाज है।

चक्रवात का असरःकेरल में दस्तक देकर ठहर गया मानसून, पूर्वी उत्तर के कुछ हिस्सों अगले चार दिनों तक चलेगी लू, जाने कब मिलेगी भीषण गर्मी से राहत


अरब सागर में सक्रिय चक्रवात अगर नहीं डालता,तो अब तक बिहार - झारखंड एवं बंगाल समेत पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में मानसून की बारिश हो रही होती। मानसून में विलंब का ही असर है कि इन राज्यों में अभी लू चल रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों को भी चपेट में ले सकता है। 13 जून के बाद से लू की स्थिति कमजोर होने लगी। 

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भारतीय मौसम विभाग ने लू को लेकर बिहार - झारखंड ओडिशा एवं सिक्किम के लोगों को सतर्क किया है। उधर केरल में दस्तक देकर मानसून ठहर - सा गया है। तमिलनाडु के कुछ हिस्से में प्रवेश करते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगा। 12 जून तक सिक्किम समेत उत्तर पूर्वी राज्यों के अधिकांश हिस्से तक मानसून बारिश होने लग जाएगी। इस बीच अरब सागर का चक्रवात बिपरजाॅय धीरे-धीरे प्रचंड होता जा रहा है। गोवा, कनार्टक, महाराष्ट्र एवं गुजरात को अलर्ट पर रखा गया है। 

आईएमडी का कहना कि रविवार तक इसकी हवाओं गति 150-165 किमी प्रति घंटे तक आगे बढ़ने की रफ्तार पांच से छह किमी प्रति घंटा रह सकती है। अभी यह गुजरात के करीब आता जा रहा है। 13-14 जून को चार सौ किमी दूर रह जाएगा। इसके असर से पांच दिनों के दौरान गुजरात के क‌ई स्थानों में बारिश हो सकती है।

रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव

भारत ने ठुकराया अमेरिका का ऑफर, नाटो में शामिल होने से इनकार

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भारत ने अमेरिका के ऑफर को ठुकरा दिया है।भारत ने अमेरिका के नाटो में शामिल होने की पेशकश को मना कर दिया है। भारत ने साफ कर दिया है, कि पश्चिमी देशों के नेतृत्व वाले उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल होने का उसका कोई इरादा नहीं है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है, कि नाटो सैन्य गठबंधन "भारत के लिए उपयुक्त नहीं है।

इससे पहले अमेरिका ‘नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) प्लस’ में भारत को शामिल करने की सिफारिश कर चुका है। भारत ने नाटो में शामिल होने से उस वक्त इनकार किया है, जब अमेरिकी कांग्रेस की एक शक्तिशाली कमेटी ने भारत को नाटो प्लस में शामिल करने की मजबूत सिफारिश की थी। अमेरिकी कांग्रेस की कमेटी ने कहा था कि एशिया में नाटो प्लस में भारत को शामिल करने की मजबूत कोशिश की जानी चाहिए। नाटो प्लस, नाटो का ही एक एक्सटेंशन है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान, इजरायल और दक्षिण कोरिया हैं और ये एक सुरक्षा व्यवस्था है, जिसे नाटो से टेक्नोलॉजिकल, खुफिया और हथियारों की मदद मिलती है। 

नाटो प्लस में भारत को शामिल करने से हिंद प्रशात क्षेत्र में सीसीपी की आक्रामकता को रोकने और वैश्विक सुरक्षा मजबूत करने में अमेरिका तथा भारत की करीबी साझेदारी बढ़ेगी।अमेरिकी समिति ने कहा, 'नाटो प्लस में भारत को शामिल करने से हिंद प्रशात क्षेत्र में सीसीपी की आक्रामकता को रोकने और वैश्विक सुरक्षा मजबूत करने में अमेरिका तथा भारत की करीबी साझेदारी बढ़ेगी।

दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य संगठन है नाटो

नाटो दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य गठबंधन संगठन है। नाटो की शुरुआत दूसरे विश्व युद्ध के बाद 4 अप्रैल 1949 में की गई। विश्व युद्ध में दुनिया के बहुत सारे देशों को गहरा जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा। ऐसे में सभी देश चिंतित थे कि ऐसी कोई घटना फिर कभी ना हो। इसी समस्या के हल के लिए युद्ध के समाप्त होने पर नाटो का निर्माण किया गया। जिसमें बहुत सारे देशों ने अपने सैन्य बल को साझा किया।नाटो उस समय और भी चर्चा में आया, जब रूस और उक्रेन के बीच युद्ध की बातें सामने आने लगीं। नाटो संगठन के अंतर्गत एक देश दूसरे देश में अपनी सेना भेजता है और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय ट्रेनिंग भी दी जाती है। मुख्य रूप से नाटो का उद्देश्य विश्व में शांति को कायम रखना है।

नाटो में शामिल देश

अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर के अनुच्छेद 15 के तहत उत्तर अटलांटिक संधि प्रस्ताव की पेशकश की, इस संधि पर दुनिया के 12 अलग अलग देशों ने हस्ताक्षर किये। संधि में अमेरिका के अलावा ब्रिटेन, नीदरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, बेल्जियम, आइसलैंड, लक्जमबर्ग, फ्रांस, कनाडा और इटली जैसे कई देश शामिल थे। बाद में शीत युद्ध से कुछ समय पहले स्पेन, पश्चिम जर्मनी, टर्की और यूनान ने इसकी सदस्य्ता ली। शीत युद्ध खत्म होने के बाद हंगरी, पोलैंड और चेक गणराज्य देशों को भी नाटो में शामिल किया गया। इसके अलावा साल 2004 में 7 और देशों ने इसकी सदस्य्ता ली।

भारत ने ठुकराया अमेरिका का ऑफर, नाटो में शामिल होने से इनकार

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भारत ने अमेरिका के ऑफर को ठुकरा दिया है।भारत ने अमेरिका के नाटो में शामिल होने की पेशकश को मना कर दिया है। भारत ने साफ कर दिया है, कि पश्चिमी देशों के नेतृत्व वाले उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल होने का उसका कोई इरादा नहीं है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है, कि नाटो सैन्य गठबंधन "भारत के लिए उपयुक्त नहीं है।

इससे पहले अमेरिका ‘नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) प्लस’ में भारत को शामिल करने की सिफारिश कर चुका है। भारत ने नाटो में शामिल होने से उस वक्त इनकार किया है, जब अमेरिकी कांग्रेस की एक शक्तिशाली कमेटी ने भारत को नाटो प्लस में शामिल करने की मजबूत सिफारिश की थी। अमेरिकी कांग्रेस की कमेटी ने कहा था कि एशिया में नाटो प्लस में भारत को शामिल करने की मजबूत कोशिश की जानी चाहिए। नाटो प्लस, नाटो का ही एक एक्सटेंशन है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान, इजरायल और दक्षिण कोरिया हैं और ये एक सुरक्षा व्यवस्था है, जिसे नाटो से टेक्नोलॉजिकल, खुफिया और हथियारों की मदद मिलती है। 

नाटो प्लस में भारत को शामिल करने से हिंद प्रशात क्षेत्र में सीसीपी की आक्रामकता को रोकने और वैश्विक सुरक्षा मजबूत करने में अमेरिका तथा भारत की करीबी साझेदारी बढ़ेगी।अमेरिकी समिति ने कहा, 'नाटो प्लस में भारत को शामिल करने से हिंद प्रशात क्षेत्र में सीसीपी की आक्रामकता को रोकने और वैश्विक सुरक्षा मजबूत करने में अमेरिका तथा भारत की करीबी साझेदारी बढ़ेगी।

दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य संगठन है नाटो

नाटो दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य गठबंधन संगठन है। नाटो की शुरुआत दूसरे विश्व युद्ध के बाद 4 अप्रैल 1949 में की गई। विश्व युद्ध में दुनिया के बहुत सारे देशों को गहरा जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा। ऐसे में सभी देश चिंतित थे कि ऐसी कोई घटना फिर कभी ना हो। इसी समस्या के हल के लिए युद्ध के समाप्त होने पर नाटो का निर्माण किया गया। जिसमें बहुत सारे देशों ने अपने सैन्य बल को साझा किया।नाटो उस समय और भी चर्चा में आया, जब रूस और उक्रेन के बीच युद्ध की बातें सामने आने लगीं। नाटो संगठन के अंतर्गत एक देश दूसरे देश में अपनी सेना भेजता है और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय ट्रेनिंग भी दी जाती है। मुख्य रूप से नाटो का उद्देश्य विश्व में शांति को कायम रखना है।

नाटो में शामिल देश

अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर के अनुच्छेद 15 के तहत उत्तर अटलांटिक संधि प्रस्ताव की पेशकश की, इस संधि पर दुनिया के 12 अलग अलग देशों ने हस्ताक्षर किये। संधि में अमेरिका के अलावा ब्रिटेन, नीदरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल, बेल्जियम, आइसलैंड, लक्जमबर्ग, फ्रांस, कनाडा और इटली जैसे कई देश शामिल थे। बाद में शीत युद्ध से कुछ समय पहले स्पेन, पश्चिम जर्मनी, टर्की और यूनान ने इसकी सदस्य्ता ली। शीत युद्ध खत्म होने के बाद हंगरी, पोलैंड और चेक गणराज्य देशों को भी नाटो में शामिल किया गया। इसके अलावा साल 2004 में 7 और देशों ने इसकी सदस्य्ता ली।

शरद पवार ने सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को दी बड़ी जिम्मेदारी, दोनों बनाए गए कार्यकारी अध्यक्ष, अजीत के हाथ खाली

#supriyasuleandprafulpatelbecameworkingpresidentof_ncp 

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महाराष्ट्र में विधानसभा और आगामी लोकसभा चुनाव से पहले एनसीपी में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार की बेटी व लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा पार्टी में कद्दावर नेता प्रफुल्ल पटेल का कद भी बढ़ा हैं, उन्हें भी कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। इसका ऐलान खुद शरद पवार की ओर से किया गया है।

क्या है पवार का प्लान?

एनसीपी की 25 वीं सालगिरह के मौके पर शरद पवार ने दो बड़े ऐलान किए।शरद पवार ने अपनी सांसद बेटी सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाने का ऐलान कर दिया।उन्हें महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा की जिम्मेदारी दी गई है।यही नहीं, शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल के हाथ मध्यप्रदेश, गुजरात, गोवा, राजस्थान और झारखंड की कमान दी है।जबकि अजित के लिए ऐसा कोई एलान नहीं किया गया है।एनसीपी में शरद पवार के भतीजे अजित पवार को यह अहम पद न देना अपने आप में कई सियासी संकेत देता है।शरद पवार के ऐलान से साफ हो गया कि राज्य की कमान भी धीरे-धीरे पूरी तरह से सुप्रिया सुले को देने का उनका प्लान है।

अजीत पवार के लिए बड़ा झटका

शरद पवार की ओर से यह फैसला उनके ही भतीजे और एनसीपी के कद्दावर नेता अजीत पवार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, शरद पवार के बाद अजीत पवार को पार्टी का सबसे बड़ा नेता माना जाता था। एनसीपी अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदारों में उनका नाम सबसे आगे था। हालांकि, अब राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले शरद पवार ने इस फैसले से सभी को हैरान कर दिया है। 

पार्टी हाईकमान की ओर से यह फैसला शरद पवार के इस्तीफे के कुछ दिन बाद किया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले शरद पवार ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर चौंका दिया था। हालांकि, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और मनाने के बाद उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया था। हालांकि, अब उन्होंने अपने बेटी को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर सभी को चौंका दिया है।