भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों का विरोध हो रहा उग्र, डिटेल में पढ़िए, दस आरोपों पर कौन कौन सी लगाई गई हैं धाराएं


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भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों का विरोध उग्र ही होता जा रहा है। उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 28 अप्रैल को दिल्ली पुलिस में उनके खिलाफ दायर दो केस में आरोपों की बौछार है। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में मदद के बदले सेक्सुअल फेवर की मांग, यौन उत्पीड़न की 15 घटनाओं में से 10 में अनुचित तरीके से शरीर को छूना, स्तनों पर हाथ फेरना, नाभियों को छूना जैसे कई गंभीर आरोप लगे हैं।  

दोनों एफआईआर में आईपीसी की धाराएं 354 (महिला की इज्जत पर हमला करने के इरादे से बल प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 34 (सामान्य इरादे) लगाई गई हैं। इन धाराओं में एक से तीन साल की जेल की सजा है। पहली प्राथमिकी में छह पहलवानों ने आरोप लगाए हैं। आरोपियों में डब्ल्यूएफआई सचिव विनोद तोमर का भी नाम शामिल है।

दूसरी में एक नाबालिग के पिता ने आरोप लगाए हैं। इसे POCSO अधिनियम की धारा 10 के तहत दर्ज किया गया है। इसमें दोष सिद्ध होने पर पांच से सात साल की कैद हो सकती है। एफआईआर में दर्ज घटनाएं कथित तौर पर 2012 से 2022 के बीच है, जो कि भारत और विदेशों में हुईं।

नाबालिग के आरोप

दिल्ली पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, नाबालिग का आरोप है कि उसे कसकर पकड़कर तस्वीर लेने का नाटक करते हुए आरोपी (बृजभूषण शरण सिंह) ने उसे अपनी ओर खींचा। उसके कंधे को जोर से दबाया और फिर जानबूझकर उसके स्तनों पर हाथ फेरा। नाबालिग ने आरोपी से कहा कि वह पहले ही उसे बता चुकी है कि उसे किसी भी प्रकार के शारीरिक संबंध बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उसे पीछा करना बंद कर देना चाहिए। 

पहलवान 1

एक दिन जब मैं होटल के रोस्टोरेंट में डिनर कर रही थी तब आरोपी (बृजभूषण सिंह) ने मुझे अलग से अपनी खाने की मेज पर बुलाया। उसने मेरी सहमति के बिना मेरे स्तन पर अपना हाथ रखा। उसने मुझे पकड़ लिया। उसके हाथ फिर मेरे पेट के नीचे फिसल गए। हालांकि, वह वहां नहीं रुका और फिर से अपना हाथ ऊपर की ओर मेरे स्तन पर ले गया। उसने मेरे स्तन को टटोला और फिर अपना हाथ मेरे पेट पर सरका दिया। उसने करीब 3-4 बार ऐसा किया। 

बृजभूषण सिंह के डब्ल्यूएफआई कार्यालय में उसने मेरी सहमति के बिना मुझे मेरी हथेली, घुटने, जांघों और कंधों को अनुचित तरीके से छूना शुरू कर दिया। मैं कांपने लगी। जब हम बैठे थे तो वह मेरे पैरों को अपने पैरों को छू रहा था। मेरे घुटनों को छुआ। मेरी सांस की जांच करने के बहाने उसने अपने हाथ मेरे स्तन पर रखे। फिर मेरे पेट को नीचे ले गया।

पहलवान 2

जब मैं मैट पर लेटी हुई थी तो बृजभूषण सिंह मेरे पास आया और मेरे कोच की अनुपस्थिति में और मेरी अनुमति के बिना मेरी तरफ झुक गया। उसने मेरी टी-शर्ट खींची और मेरी सांस जांच करने के बहाने उसने अपना हाथ मेरी छाती पर रख दिया। मेरे स्तन छुए और फिर हाथ मेरे पेट के नीचे सरका दिया।

फेडरेशन ऑफिस में उसने मुझे अपने कमरे में बुलाया। मेरे भाई को बाहर रहने के लिए कहा गया। मेरे कमरे में जाते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया। मुझे अपनी ओर खींच लिया और मेरे साथ जबरदस्ती शारीरिक संपर्क बनाने की कोशिश की।

पहलवान 3

उसने मुझे फोन पर मेरे माता-पिता से बात बराई। उस समय मेरे पास अपना मोबाइल फोन नहीं था। फिर उसने मुझे अपने बिस्तर पर बुलाया जहां। इसके बाद उसने अचानक मुझे जबरदस्ती गले लगा लिया। उसने मुझे रिश्वत देने की भी कोशिश की।

पहलवान 4

उन्होंने मुझे बुलाया। मेरी सांस की जांच करने के बहाने उसने मेरी टी-शर्ट खींची और अपना हाथ मेरे पेट के नीचे सरका दिया। मेरी नाभि पर हाथ रख दिया।

पहलवान 5

टीम फोटोग्राफ के लिए जब मैं अंतिम पंक्ति में खड़ी थी तो बृजभूषण सिंह मेरे पास आए और मेरे साथ खड़ा हो गए। मुझे अचानक अपने नितंब पर किसी का हाथ महसूस हुआ। मैं उनके कार्यों से दंग रह गई। जब मैंने दूर जाने की कोशिश की तो मुझे जबरन मेरे कंधे से पकड़ लिया गया।

पहलवान 6

मेरे साथ एक तस्वीर क्लिक करने के बहाने उसने मुझे अपने कंधे की तरफ खींच लिया। खुद को बचाने के लिए मैंने दूर जाने की कोशिश की। मैंने बार-बार विरोध किया। उन्हें दूर धकेलने की कोशिश की। इस पर मुझे धमकी दी। उन्होंने मुझसे कहा, "ज्यादा स्मार्ट बन रही है क्या। आगे कोई टूर्नामेंट नहीं खेलना है क्या?"

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पहलवानों को 1983 विश्व कप विजेता क्रिकेट टीम का समर्थन

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पहलवानों को 1983 विश्व कप विजेता क्रिकेट टीम का समर्थन, कहा, जल्दबाजी में न लें कोई फैसला, कानून पर भरोसा रखने की अपील भी की

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प्रदर्शनकारी पहलवानों द्वारा अपने पदक गंगा में बहाने की आशंका से चिंतित 1983 विश्व कप विजेता क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को उनसे आनन फानन में फैसला नहीं लेने का अनुरोध करते हुए उम्मीद जताई कि उनकी शिकायतों का हल निकाला जाएगा। इन दिग्गज क्रिकेटरों में सुनील गावस्कर, मदन लाल, कपिल देव, दिलीप वेंगसरकर आदि क्रिकेटर शामिल है। पूर्व क्रिकेटरों ने बयान जारी कर कहा कि मेडल विजेता पहलवानों के साथ जिस तरह से बदसलूकी की गई है और उसके वीडियो सामने आए हैं, वह परेशान करने वाला है। भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों में गिरफ्तार करने की मांग को लेकर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया 30 मई को हरिद्वार गए थे लेकिन पदकों को गंगा में विसर्जित नहीं किया। 

28 मई को को बिना अनुमति के नए संसद भवन की ओर मार्च कर रहे पहलवानों को दिल्ली पुलिस ने कानून और व्यवस्था के उल्लंघन के लिए हिरासत में लिया था। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था। लेकिन इस बीच पुलिस ने धरना स्थल को भी खाली करा दिया और ये भी कहा थि कि पहलवानों को जंतर-मंतर पर वापस नहीं जाने दिया जाएगा।

क्रिकेटरों ने पहलवानों से अपील की है कि वे जल्दबाजी में कोई फैसला ना लें। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि उनकी चिंताओं को सुना जाएगा और जल्दी से कुछ ना करें। उन्होंने कहा कि कानून पर भरोसा रखना चाहिए। क्रिकेटर मदन लाल ने कहा, 'यह दिल तोड़ने वाली बात है कि उन लोगों ने अपने मेडल्स को ही बहाने का फैसला कर लिया। ऐसा इसलिए क्योंकि मेडल पाना आसान नहीं होता। हम सरकार से अपील करते हैं कि वह जल्दी से जल्दी इस मसले का हल करे।''

1983 विश्व कप विजेता टीम ने पीटीआई को जारी बयान में कहा ,'' हम चैम्पियन पहलवानों के साथ बदसलूकी की तस्वीरें देखकर काफी व्यथित हैं । हमें इसकी काफी चिंता है कि वे मेहनत से जीते गए पदकों को गंगा में बहाने की सोच रहे हैं।''

उन्होंने आगे लिखा, ''इन पदकों के पीछे बरसों के प्रयास, बलिदान, समर्पण और मेहनत शामिल है । वे उनका ही नहीं बल्कि देश का गौरव हैं। हम उनसे अनुरोध करते हैं कि इस मामले में आनन फानन में फैसला नहीं ले और हम उम्मीद करते हैं कि उनकी शिकायतें सुनी जायेंगी और उनका हल निकाला जाएगा। कानून को अपना काम करने दीजिए।''

कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप 1983 जीतने वाली टीम में सुनील गावस्कर, मोहिदर अमरनाथ, के श्रीकांत, सैयद किरमानी, यशपाल शर्मा, मदन लाल, बलविंदर सिंह संधू, संदीप पाटिल, कीर्ति आजाद, रोजर बिन्नी और रवि शास्त्री भी थे।

पूरे 98 दिनों के बाद जेल से निकलकर अपने घर जाएंगे आप नेता मनीष सिसोदिया, पढ़िए, अदालत ने रिहाई के लिए क्या क्या रखी हैं शर्तें

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आम आदमी पार्टी (आप) के दूसरे सबसे बड़े नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए मनीष सिसोदिया को बीमार पत्नी से मिलने के लिए घर जाने की इजाजत मिली है। तिहाड़ जेल में बंद सिसोदिया 3 जून को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक घर पर रहकर पत्नी और परिवार के साथ मुलाकात कर पाएंगे। हालांकि, इस दौरान वह कस्टडी में ही रहेंगे।

मनीष सिसोदिया की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने शनिवार तक सिसोदिया की पत्नी की मेडिकल रिकॉर्ड भी मांगी है। सिसोदिया की पत्नी 'मल्टीपल स्क्लेरोसिस' नाम की बीमारी से पीड़ित हैं। 26 फरवरी को गिरफ्तार किए गए सिसोदिया घर पर कुछ शर्तों का पालन करना होगा। जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने साफ किया कि सिसोदिया किसी भी तरीके से मीडिया से बात नहीं करेंगे और परिवार के अलावा किसी से मुलाकात नहीं कर सकते हैं। वह फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल भी नहीं कर सकते हैं।

जेल से बाहर आने के बाद फुल फॉर्म में दिखे पूर्व सांसद आनंद मोहन, महान दार्शनिक चाणक्य को याद करते हुए कहा, जिस देश का राजा व्यापारी होगा, उसकी प्रजा भिखारी ही बन जाएगी


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जेल से रिहाई के बाद से पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन फुल फॉर्म में आ गए हैं। गुरुवार को सुपौल में एक कार्यक्रम में पहुंचे। जहां कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। उन्होने बीजेपी पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी और अमित शाह का नाम लिए बिना जमकर निशाना साधा। उन्होने बीजेपी को जुमलों की पार्टी बता डाला। आनंद मोहन ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने 2 करोड़ नौकरियों हर साल देने का वादा किया था। क्या हुआ? देश में 100 स्मार्ट सिटी और बुलेट ट्रेन चलाने की बात कही थी। क्या हुआ? महंगाई पर लगाम लगाने की बात कही थी। क्या हुआ?

बिना नाम लिए साधा निशाना

महान दार्शनिक चाणक्य को याद करते हुए आनंद मोहन ने कहा कि जिस देश का राजा व्यापारी होगा, उसकी प्रजा भिखारी होगी। ये बात किसी और ने नहीं बल्कि चाणक्य ने कही थी। जो आज चरितार्थ होती दिख रही है। आनंद मोहन ने बिना नाम लिए कहा कि दो गुजराती देश को बेच रहे हैं और दो गुजराती देश को खरीद रहे हैं।

सरकारी संस्थान को बीमारू बनाकर बेचा

आनंद मोहन ने मोदी सरकार पर सरकारी कंपनियों को बेचने का आरोप लगाया और कहा कि रेल बेच दी, जहाज बेच दिया, बंदरगाह बेच दिया, एलआईसी बेच दिया। जितने सरकारी संस्थान थे, उन्हें बीमारू बना दिया। बीते 9 सालों में एक भी सरकारी संस्थान खड़ा नहीं किया। लेकिन बेच जरुर दिया। आनंद मोहन ने कहा कि बीजेपी की एक बी टीम हैदराबाद और दूसरी यूपी में है। जबकि सी टीम सीबीआई और ईडी है। उन्होने कहा कि लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव सबका परिणाम बता देगा।

राहुल गांधी का बड़ा दावा, अमेरिका में बोले-2024 चुनाव के लिए तैयार हो रहा अंडर करंट, चौंकाएंगे नतीजे

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को वाशिंगटन के नेशनल प्रेस क्लब में बातचीत के दौरान भविष्यवाणी की कि 2024 के आम चुनावों के नतीजे लोगों को आश्चर्यचकित करेंगे। उन्होंने विपक्ष की एकजुटता पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी अगले दो वर्षों में बहुत अच्छा करेगी। एक छिपा हुआ अंडर करंट पैदा हो रहा है।यह अगले लोकसभा चुनाव में लोगों को आश्चर्यचकित करेगा। 

राहुल की भविष्यवाणी-बीजेपी का सफाया होगा

अमेरिका के तीन शहरों की अपनी यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को जाने माने भारतीय-अमेरिकी फ्रैंक इस्लाम द्वारा उनके लिए आयोजित स्वागत कार्यक्रम में यह टिप्पणी की।कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में राहुल ने कहा, 'लोगों को ऐसा लगता है कि आरएसएस (स्वयंसेवक संघ) और भाजपा की ताकत को रोका नहीं जा सकता, लेकिन ऐसा नहीं है। मैं यहां भविष्यवाणी करता हूं कि अगले तीन से चार चुनाव, जो हम भाजपा के खिलाफ सीधे लड़ेंगे, उनमें उसका सफाया होगा। उन्होंने कहा, 'मैं अभी आपको बता सकता हूं कि विधानसभा चुनाव में उनके लिए वास्तव में कठिन समय आने वाला है। हम उनके साथ वही करेंगे जो हमने कर्नाटक में किया है, लेकिन अगर आप भारतीय मीडिया से पूछेंगे तो वे कहेंगे कि ऐसा नहीं होगा। 

भारत के 60 प्रतिशत लोग भाजपा को वोट नहीं देते

उन्होंने कहा, ‘‘ इस बात पर कृपया ध्यान दें कि भारत के 60 प्रतिशत लोग भाजपा को वोट नहीं देते, नरेन्द्र मोदी को वोट नहीं देते। आपको यह याद रखना है। भाजपा के हाथ में ऐसा साधन है, जिसके जरिए वे हल्ला मचा सकते हैं, इसलिए वे चिल्ला सकते हैं.. वे चीजों को तोड-मरोड़ सकते हैं और वे यह काम बेहद अच्छे तरीके से करते हैं। हालांकि उनके पास (उनका समर्थन करने वाली) भारतीय आबादी का विशाल बहुमत नहीं है।'' राहुल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्हें यकीन है कि कांग्रेस, भाजपा को मात दे पाएगी। इस साल के अंत में पांच राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होंगे, जो 2024 में महत्वपूर्ण आम चुनाव के लिए मंच तैयार करेंगे। 

मोदी वास्तव में काफी कमजोर

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, लोकतांत्रिक ढांचे का पुनर्निर्माण आसान नहीं होगा। यह मुश्किल होगा। इसमें समय लगने वाला है, लेकिन हम पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि भाजपा को हराने के लिए हमारे पास बुनियादी चीजें हैं। उन्होंने कहा, आपने मीडिया से सुना होगा कि मोदी को हरा पाना नामुमकिन है। यह सब बहुत ही बढ़-चढ़ाकर कहा गया है। मोदी वास्तव में काफी कमजोर हैं। देश में व्यापक स्तर पर बेरोजगारी है, महंगाई है और भारत में ये चीजें लोगों को बहुत जल्दी और बेहद गहराई से प्रभावित करती हैं। 

सांसदी छीने जाने पर कहा- लोकतंत्र पर हमला करने का तरीका

बतौर सांसद उन्हें अयोग्य घोषित किए जाने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, मेरे लिए यह देखना बहुत दिलचस्प रहा है कि यह प्रक्रिया कैसे चलती है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस तरह लोकतंत्र पर हमला किया जाता सकता है। यह लोकतंत्र पर हमला करने का तरीका है। हालांकि यह मेरे लिए बेहद अच्छा रहा। 

कभी तारीफ तो कभी बुराई

अमेरिकी दौरे पर जाकर के राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए नजर आते है तो कभी उन्हीं पर हमला कर वार कर रहे है। आपको बता दें इस बयानबाजी में रुस और यूक्रेन युद्ध को लेकर के पीएम के विचारों पर सहमती जताई है। इसपर उनका कहना है कि रूस के साथ हमारे संबंध हैं. रूस पर हमारी कुछ निर्भरताएं (रक्षा) हैं. इसलिए मेरा रुख भारत सरकार के समान ही होगा. आखिकार, हमें हमारे हितों का भी ख्याल रखना होता है।

*बृजभूषण पर बीजेपी आलाकमान सख्त, बेवजह की बयानबाजी से बचने की हिदायत, रद्द कराई 5 जून की अयोध्या रैली

#brijbhushan_sharan_singh_rally_in_ayodhya_uttar_pradesh_hold 

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यौन शोषण के आरोपों में घिरे बृजभूषण शरण सिंह के मामले में बीजेपी आलाकमान एक्शन में आ गया है। केंद्रीय नेतृत्व ने बृजभूषण को अनावश्यक बयानबाजी से बचने की हिदायत दी है। इसी के मद्देनजर 5 जून की रैली को करने से मना किया गया।इसके बाद बृजभूषण ने आलाकमान के निर्देश पर रैली रद्द कर दी।

दरअसल, बृजभूषण सिंह पर पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस दो मामले दर्ज कर जांच में जुटी है। इन सबके बीच बृजभूषण सिंह ने 5 जून को अयोध्या में रैली बुलाई थी। इसमें बृजभूषण ने 11 लाख लोगों के जुटने का दावा किया था। रैली का आयोजन पर्यावरण दिवस पर अयोध्या के रामकथा पार्क में होना था। लेकिन शुक्रवार (2 जून) को एक फेसबुक पोस्ट के जरिए उन्होंने रैली को रद्द करने की घोषणा कर दी।माना जा रहा है कि हाईकमान के निर्देश पर भी बृजभूषण ने 5 जून को होने वाली प्रस्तावित रैली रद्द की है।

बृजभूषण ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, मेरे प्रिय शुभचिंतकों! आपके समर्थन के साथ पिछले 28 वर्षों से लोकसभा के सदस्य के रूप में सेवा की है। मैंने सत्ता और विपक्ष में रहते हुए सभी जातियों, समुदायों और धर्मों के लोगों को एकजुट करने का प्रयास किया है। इन्हीं कारणों से मेरे राजनीतिक विरोधियों और उनकी पार्टियों ने मुझ पर झूठे आरोप लगाए है।

उन्होंने आगे लिखा, वर्तमान स्थिति में कुछ राजनीतिक दल विभिन्न स्थानों पर रैलियां कर प्रांतवाद, क्षेत्रवाद और जातीय संघर्ष को बढ़ावा देकर सामाजिक समरसता को भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। उद्देश्य यह है कि 5 जून को अयोध्या में एक संत सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया ताकि पूरे समाज में फैल रही बुराई पर विचार किया जा सके, लेकिन अब जबकि पुलिस आरोपों की जांच कर रही है और सुप्रीम कोर्ट के गंभीर निर्देशों का सम्मान करते हुए "जन चेतना महारैली, 5 जून, अयोध्या चलो" कार्यक्रम कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है।

बता दें, बृजभूषण सिंह के खिलाफ पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. उनके खिलाफ दो एफआईआर भी दर्ज की गई थी। इनमें से एक एफआईआर नाबालिग की शिकायत पर दर्ज की गई थी। इन दोनों ही एफआईआर में बृजभूषण सिंह के खिलाफ कई गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। उनपर आरोप है कि उन्होंने कई मौकों पर पहलवानों को गलत तरीके से छूने की और छेड़खानी की कोशिश की। पहलवानों ने इस मामले में 21 अप्रैल को शिकायत की थी और 28 अप्रैल को पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। पहली एफआईआर नाबालिग के पिता की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई जबकि दूसरी एफआईआर में 6 पहलवानों ने बृजभूषण पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। फिलहाल पुलिस आरोपों की जांच कर रही है।

अमेरिका से भारत सरकार पर निशाना साध रहे राहुल गांधी ने की पीएम मोदी की प्रशंसा,जानें क्या है मामला

#rahul_gandhi_supported_pm_narendra_modi 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ते। फिलहाल, राहुल गाधी अमेरिका के दौरे पर हैं, जहां वे लगातार मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। राहुल ने विदेशी धरती से नए संसद भवन और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर केंद्र सरकार को घेरा है। हालांकि, इसी बीच अमेरिकी दौरे में उन्होंने रूस को लेकर मोदी सरकार के रुख की तारीफ की है। रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख को राहुल गांधी ने सही बताया है।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अमेरिका में रूस-यूक्रेन युद्ध पर पीएम मोदी और बीजेपी के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे पर उसी तरह का जवाब देंगे साथ ही कहा कि इस मामले में कांग्रेस और बीजेपी की पॉलिसी समान है। राहुल ने यूक्रेन के साथ चल रहे सैन्य संघर्ष के आलोक में रूस के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों का आकलन कैसे करेंगे। इस पर अपना विचार रखते हुए यह टिप्पणी की। राहुल गांधी वॉशिंगटन में नेशनल प्रेस क्लब में फ्री-व्हीलिंग बातचीत के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। एक सवाल के जवाब में कांग्रेस नेता ने दशकों पुराने रूस के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जो किया। मैं उसी तरह रूस को जवाब दूंगा। हम (कांग्रेस) उसी तरह रूस-यूक्रेन संघर्ष पर जवाब देंगे। क्योंकि भारत का रूस के साथ अच्छे संबंध है, इसे इनकार नहीं किया जा सकता। इस मामले मे हमारी नीति समान होगी

राहुल गांधी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में एक संवाद कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक सवाल पर राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि वह इस मुद्दे पर मोदी सरकार के साथ हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, रूस के साथ हमारे संबंध हैं। रूस पर हमारी कुछ निर्भरताएं (रक्षा) हैं। इसलिए मेरा रुख भारत सरकार के समान ही होगा। आखिकार, हमें हमारे हितों का भी ख्याल रखना होता है।

छत्रपति शिवाजी महाराज ने गुलामी की मानसिकता को खत्म किया, राज्याभिषेक की 350वीं वर्षगांठ बोले पीएम मोदी

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छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक की 350वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पूरे महाराष्ट्र में आज का दिन महोत्सव के तौर पर मनाया जा रहा है। जब छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ था, उसमें स्वराज की ललकार और राष्ट्रीयता की जय-जयकार समाहित थी। पीएम मोदी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी हमें प्रेरित करते रहते हैं। वह बहादुरी और साहस के प्रतीक हैं। उन्होंने हमें स्वशासन दिखाया। उन्होंने गुलामी की मानसिकता को समाप्त किया।

'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विजन में शिवाजी महाराज के विचारों का प्रतिबिंब

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक दिवस नई चेतना, नई ऊर्जा लेकर आया है। छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक उस काल का एक अद्भुत और विशेष अध्याय है। राष्ट्रीय कल्याण और लोक कल्याण उनके शासन के मूल तत्व रहे हैं। मैं आज छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं। पीएम ने कहा कि उन्होंने हमेशा भारत की एकता और अखंडता को सर्वोपरि रखा। आज 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के विजन में शिवाजी महाराज के विचारों का ही प्रतिबिंब देखा जा सकता है। 

शिवाजी ने जगाया आत्मविश्वास- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, सैकड़ों वर्षों की गुलामी ने देशवासियों से उनका आत्मविश्वास छीन लिया था, ऐसे समय में लोगों में आत्मविश्वास जगाना एक कठिन कार्य था। उस दौर में छत्रपति शिवाजी महाराज ने न केवल आक्रमणकारियों का मुकाबला किया बल्कि जन मानस में ये विश्वास भी कायम किया कि स्वयं का राज संभव है।

स्वराज की स्थापना और सुराज भी कायम किया

छत्रपति शिवाजी महाराज का व्यक्तित्व अद्भुत था। उन्होंने स्वराज की भी स्थापना और सुराज को भी कायम किया। वो अपने शौर्य के लिए भी जाने जाते हैं और अपने सुशासन के लिए भी। उन्होंने राष्ट्र निर्माण का एक व्यापक विजन भी सामने रखा। उन्होंने शासन का लोक कल्याणकारी चरित्र लोगों के सामने रखा।

गुलामी के निशान से नौसेना को मुक्ति 

शिवाजी की शासन प्रणाली और नीतियों को *आज भी प्रासंगिक बताते हुए पीएम मोदी ने उनकी सामरिक क्षमता की भी तारीफ की। पीएम ने कहा, शिवाजी ने भारत के सामर्थ्य को पहचान कर जिस तरह से नौसेना का विस्तार किया वो आज भी हमें प्रेरणा देता है। ये हमारी सरकार का सौभाग्य है कि छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरणा लेकर पिछले साल भारत ने गुलामी के एक निशान से नौसेना को मुक्ति दे दी। अंग्रेजी शासन की पहचान को हटा कर शिवाजी महाराज की राज-मुद्रा को जगह दी है।

बता दें, 2 सितम्बर, 2022 को भारत सरकार ने नेवी के झंडे में बदलाव करते हुए इससे सेंट जॉर्ज क्रॉस को हटा दिया था। नए झंडे में एक तरफ सत्यमेव जयते लिखा है, जबकि दूसरी तरफ एंकर बना हुआ है। ये शिवाजी महाराज की शाही मुहर है।

द्रेशद्रोह कानून खत्म होगा या नहीं? विधि आयोग ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट

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भारत के विधि आयोग ने द्रेशद्रोह कानून पर अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप दी है।आयोग का कहना है कि देशद्रोह से निपटने के लिए आईपीसी की धारा 124ए को बनाए रखने की आवश्यकता है। साथ ही आयोग ने कुछ संशोधन के साथ राजद्रोह कानून को बनाए रखने की सिफारिश की है।इससे जुड़ी एक रिपोर्ट कानून मंत्रालय को भेजी गई है। 

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को लिखे अपने कवरिंग लेटर में 22वें लॉ कमीशन के अध्यक्ष जस्टिस रितु राज अवस्थी (सेवानिवृत्त) ने कुछ सुझाव भी दिए हैं। भारतीय विधि आयोग का कहना है कि भारतीय दंड संहिता के राजद्रोह अपराध (धारा 124ए) को कुछ संशोधनों के साथ बरकरार रखा जाना चाहिए।आयोग ने अधिक स्पष्टता लाने के लिए कानून ममें संशोधन की सिफारिश की है। विधि आयोग ने कहा है कि उसका सुविचारित मत है कि भारतीय दंड संहिता में धारा I24ए को बनाए रखने की आवश्यकता है। हालांकि, केदार नाथ सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तथ्यों को शामिल कर कुछ संशोधन किए जा सकते हैं, ताकि प्रावधान के उपयोग के संबंध में अधिक स्पष्टता लाई जा सके।

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि ‘आईपीसी की धारा 124ए को केवल इस आधार पर निरस्त करना कि कुछ देशों ने ऐसा किया है ये ठीक नहीं है क्योंकि ऐसा करना भारत में मौजूद जमीनी हकीकत से आंखें मूंद लेने की तरह होगा।’ आयोग ने यह भी कहा कि ‘‘औपनिवेशिक विरासत’’ होने के आधार पर राजद्रोह को निरस्त करना उचित नहीं है। इसे निरस्त करने से देश की अखंड़ता और सुरक्षा पर प्रभाव पड़ सकता है।

इसमें कहा गया कि आईपीसी की धारा 124ए जैसे प्रावधान की अनुपस्थिति में, सरकार के खिलाफ दंगा भड़काने वाले किसी भी अभिव्यक्ति पर निश्चित रूप से विशेष कानूनों और आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा, जिसमें अभियुक्तों से निपटने के लिए कहीं अधिक कड़े प्रावधान हैं।रिपोर्ट में आगे कहा गया कि सभी देश अपनी स्थिती को देखकर फैसला लेते हैं। इसलिए आईपीसी की धारा 124ए को केवल इस आधार पर निरस्त करना कि कुछ देशों ने ऐसा किया है, ये ठीक नहीं है क्योंकि ऐसा करना भारत में मौजूद जमीनी हकीकत से आंखें मूंद लेने की तरह होगा। 

एक मई को राजद्रोह कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा था कि सरकार ने राजद्रोह के प्रावधानों का परीक्षण शुरू किया है। इसके लिए हितधारकों से परामर्श चल रहा है।ये अभी एडवांस चरण में है जिसमें समय लगेगा। संसद के मानसून सत्र में बिल लाया जा सकता है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अगस्त के दूसरे हफ्ते में सुनवाई करेगा। तब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक राजद्रोह के मामलों पर रोक रहेगी। सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि क्या राजद्रोह पर 1962 के पांच जजों के फैसले की समीक्षा के लिए सात जजों के संविधान पीठ भेजा जाए या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि इस मामले में उसका क्या रुख है? केंद्र की कमेटी की क्या प्रगति है। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा था कि केंद्र का रूख जानने के बाद फैसला करेंगे

गलत तरीके से छुआ, कंधे को दबाया, जानें महिला पहलवानों ने बृजभूषण पर क्या-क्या आरोप लगाए?

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पहलवानों की शिकायत पर दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में रेसलिंग फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष ब़जभूषण शरण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दर्ज दोनों एफआईआर सामने आ गई हैं।दर्ज एफआईआर के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 2 एफआईआर में यौन शोषण की मांग और छेड़छाड़ के कम से कम 10 मामलों की शिकायत है।पहलवानों के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को दो अलग अलग एफआईआर दर्ज की. इन दोनों एफआईआर की कॉपी सामने आ गई है।

एफआईआर के मुताबिक बृजभूषण के खिलाफ यौन संबंध बनाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। खिलाड़ियों ने कहा है कि बृजभूषण ने उनके साथ कई बार छेड़छाड़ की।शिकायत में गलत तरीके से छूना, किसी बहाने से छाती के ऊपर हाथ रखने की कोशिश या हाथ रखना, छाती से पीठ तक हाथ को लेकर जाना, पीछा करना शामिल है।

यह शिकायत कनॉट प्लेस थाने में 21 अप्रैल को दी गई थी और दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को दो एफआईआर दर्ज की। ये दोनों ही एफआईआऱ आईपीसी की धारा 354 (महिला की इज्जत भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 34 के तहत दर्ज की गई हैं। इसमें एक से तीन साल की जेल की सजा है। पहली एफआईआर में छह वयस्क पहलवानों के आरोप शामिल हैं और इसमें डब्ल्यूएफआई सचिव विनोद तोमर का भी नाम है।

दूसरी एफआईआर एक नाबालिग के पिता की शिकायत पर दर्ज की गई है। यह पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 के तहत है जिसमें पांच से सात साल सजा का प्रावधान है। एफआईआर में जिन घटनाओं का उल्लेख किया गया है वे कथित तौर पर 2012 से 2022 तक देश और विदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुईं।

6 बालिग महिला रेसलर ने अपनी शिकायत में क्या आरोप लगाए?

-6 बालिग महिला रेसलर में से पहली रेसलर की शिकायत के मुताबिक आरोपी ने होटल के रेस्टोरेंट में रात के खाने के दौरान मुझे अपनी मेज पर बुलाया और मुझे टच किया. छाती से पेट तक छुआ. रेसलिंग फेडरेशन के ऑफिस में बिना मेरी इजाजत के मेरे कुटनो मेरे कंधों और हथेली को छुआ गया। अपने पैर से मेरे पैर को भी टच किया गया। मेरी सांसों के पैटर्न को समझने के बहाने से छाती से पेट तक टच किया गया।

-दूसरी रेसलर की शिकायत के मुताबिक जब मैं चटाई पर लेटी हुआ थी, आरोपी (सिंह) मेरे पास आया, मेरे कोच उस वक्त नहीं थे, मेरी अनुमति के बिना मेरी टी-शर्ट खींची, अपना हाथ मेरे छाती पर रख दिया और मेरी सांस की जांच के बहाने इसे मेरे पेट के नीचे सरका दिया। इसके अलावा फेडरेशन के ऑफिस में मैं अपने भाई के साथ थी। मुझे बुलाया और भाई को रुकने को कहा गया. फिर कमरे में अपनी तरफ जबरदस्ती खींचा।

-तीसरी रेसलर की शिकायत के मुताबिक आरोपी ने रेसलर से माता पिता से बात करने के लिए कहा, उसे गले लगाया और रिश्वत देने की बात कही।

-चौथी रेसलर की शिकायत के मुताबिक आरोपी ने सांस की जांच करने के बहाने नाभि पर हाथ रख दिया।

-पांचवी रेसलर की शिकायत के मुताबिक मैं लाइन में सबसे पीछे थी, तभी गलत तरीके से छुआ, मैने जब दूर जाने की कोशिश की तो कंधे को पकड़ लिया।

- छठी रेसलर की शिकायत के मुताबिक तस्वीर के बहाने कंधे पर हाथ रखा, जबकि रेसलर ने विरोध किया।