पुतिन के भारत दौरे का शेड्यूल जारी, जानें क्यों खास है रूसी राष्ट्रपति की यात्रा

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का शेड्यूल घोषित हो गया है। पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के दो दिनों के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार दिसंबर को भारत आ रहे हैं। राष्ट्रपति पुतिन का दौरा पाँच दिसंबर तक रहेगा।

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पीएम मोदी के निमंत्रण पर पुतिन का दौरा

भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर 2025 को भारत के दौरे पर आएंगे। राष्ट्रपति पुतिन भारत-रूस की 23वीं सालाना शिखर बैठक में शामिल होंगे। इस दौरे में राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करेंगे। साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी उनकी मुलाकात होगी।

रणनीतिक संबंधों की प्रगति पर होगी चर्चा

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यह यात्रा भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने, रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। साथ ही दोनों नेताओं के बीच वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

अमेरिका समेत दुनियाभर की निगाहें दिल्ली पर

रूसी राष्ट्रपति पुतिन का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका भारत पर रूसी तेल खरीदने को लेकर लगातार दबाव बना रहा है। भारत ने इस बीच रूस से तेल खरीद में कमी भी की है। पुतिन की इस यात्रा पर अमेरिका-चीन समेत दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं।

डिफेंस डील को लेकर चर्चा

भारत और रूस के बीच डिफेंस डील की लेकर काफी चर्चा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी पुतिन के साथ मुलाकात में S-400 की खरीद को लेकर डिफेंस डील कर सकते हैं। जबकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान खर्च हुई S-400 की मिसाइलों की खरीद पर भी डील हो सकती है। इसके अलावा पुतिन पीएम मोदी से रूस के पांचवीं पीढ़ी के सुखोई-57 लड़ाकू विमानों के बारे में बातचीत कर सकते हैं।

संविधान दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन, बोलीं-संविधान से हमारा स्वाभिमान सुनिश्चित हुआ

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पूरा भारत आज संविधान दिवस मना रहा है। आज ही के दिन 1949 में भारत ने अपने संविधान को अंगीकार किया था। इस मौके पर विशेष समारोह पुराने संसद भवन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में आयोजित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए मिसाल है। संविधान से हमारा स्वाभिमान सुनिश्चित हुआ है।

संसद भवन के सेंट्रल हॉल से बोलते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज के दिन 26 नवंबर 1949 में संविधान सभा के सदस्यों ने भारत संविधान के निर्माण का कार्य संपन्न किया था। आज के दिन उस पर हम भारत के लोगों ने अपने संविधान को अपनाया था। स्वाधीनता के बाद संविधान सभा ने भारत की अंतरिम संसद के रूप में भी कर्तव्य का निर्वाहन किया।

25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना बड़ी उपलब्धि

अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि संविधान औपनिवेशिक मानसिकता छोड़कर राष्ट्रवादी सोच अपनाने का मार्गदर्शक दस्तावेज है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना देश की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे संविधान-निर्माता चाहते थे कि हमारे व्यक्तिगत और लोकतांत्रिक अधिकार हमेशा सुरक्षित रहें।

तीन तलाक से लेकर आर्टिकल-370 तक का जिक्र

संविधान दिवस के मौके पर संसद में आयोजित विशेष कार्यक्रम में देश को संबोध‍ित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीन तलाक को खत्‍म करना और जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल-370 को हटाने का जिक्र किया। तीन तलाक को खत्‍म करने के कदम को राष्‍ट्रपति मुर्मू ने महिलाओं के सशक्‍तीकरण से जोड़ा। राष्ट्रपति ने कहा, तीन तलाक से जुड़ी सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाकर संसद ने हमारी बहनों और बेटियों के सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए। देश के आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), लागू किया गया। अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से एक ऐसी बाधा दूर हुई जो देश के समग्र राजनीतिक एकीकरण में रुकावट डाल रही थी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला नेतृत्व वाले विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा। इस वर्ष 7 नवंबर से शुरू होकर, हमारे राष्ट्रगान वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव आयोजित किया जा रहा है।

9 भाषाओं में संविधान का अनुवादित संस्करण जारी

इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया सहित 9 भाषाओं में संविधान का अनुवादित संस्करण जारी किया।

राष्‍ट्रपति और राज्‍यपाल विधेयकों को कब तक रोक सकते हैं? प्रेजिडेंशियल रेफरेंस पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

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सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने गुरुवार को राष्ट्रपति की ओर से संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत मांगी गई राय पर अपना फैसला सुना दिया है। सीजेआई के नेतृत्व वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने कहा कि राज्यपाल पर कोई समय-सीमा नहीं लगा सकता। अदालत ने राष्ट्रपति के रेफरेंस पर अपनी राय देते हुए कहा है कि राष्ट्रपति और राज्यपालों को विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समय सीमा तय करने वाला फैसला असंवैधानिक है।

समय सीमा में बांधना संविधान की भावना के विपरीत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से भेजे गए प्रेजिडेंशियल रेफरेंस पर कोर्ट ने गुरुवार को अपनी राय देते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 200/201 के तहत कोर्ट बिल पर फैसला लेने के लिए राज्यपाल और राष्ट्रपति के लिए समयसीमा निर्धारित नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि विधेयक पर फैसला लेने के लिए उन्हें समय सीमा में बांधना संविधान की भावना के विपरीत होगा।

राज्यपालों के पास तीन विकल्प

मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस ए एस चंदुरकर की बेंच ने कहा कि अनुच्छेद 200 के तहत व्यवस्था है कि राज्यपाल विधेयक को मंजूरी दे सकते हैं, विधानसभा को दोबारा भेज सकते हैं या राष्ट्रपति को भेज सकते हैं। अगर विधानसभा किसी बिल को वापस भेजे तो राज्यपाल को उसे मंजूरी देनी होती है।

विधेयकों को रोकने की अनुमति देना संघवाद के हित के खिलाफ

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि राज्यपाल विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना रोक कर रखते हैं तो यह संघवाद की भावना के खिलाफ होगा। सुप्रीम कोर्ट ने 'राष्ट्रपति संदर्भ' मामले में कहा हमारे जैसे लोकतांत्रिक देश में राज्यपालों के लिए समयसीमा तय करना संविधान द्वारा प्रदत्त लचीलेपन की भावना के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं लगता कि राज्यपालों के पास राज्य विधानसभा से पारित विधेयकों को लंबित रखने का असीमित अधिकार है। विधेयकों को रोकने की अनुमति दी जाती है तो यह संघवाद के हित के खिलाफ।

राज्यपाल के अधिकारों का उपयोग न्यायिक समीक्षा के दायरे में नहीं

इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि अत्यधिक देरी लोकतांत्रिक शासन की आत्मा को क्षति पहुंचाती है, इसलिए इन पदों से अपेक्षा है कि वे उचित समय के भीतर निर्णय लें। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने तमिलनाडु के मामले में राज्य के राज्यपाल द्वारा रोक कर रखे गए विधेयकों को शीर्ष अदालत द्वारा 8 अप्रैल को दी गई मान्य स्वीकृति को भी अनुचित बताया। शीर्ष अदालत ने यह भी फैसला दिया कि अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल के अधिकारों का उपयोग न्यायिक समीक्षा के दायरे में नहीं आता।

अपने ही डबल बेंच की राय को भी खारिज किया

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही डबल बेंच की राय को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति को उनके पास भेजे गए किसी विधेयक की संवैधानिकता पर सुप्रीम कोर्ट से अनुच्छेद 143 के तहत राय लेनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रपति को ऐसी कोई राय लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा कि यद्यपि संवैधानिक न्यायालय राज्यपाल के कार्यों पर सीधे सवाल नहीं उठा सकते, लेकिन यदि राज्यपाल किसी विधेयक के उद्देश्यों को विफल करने के लिए लंबे समय तक कार्रवाई न करें, तो ऐसी लंबी देरी की न्यायिक समीक्षा सीमित परिस्थितियों में की जा सकती है। अदालत यह जांच कर सकती है कि देरी जानबूझकर की गई थी या नहीं।

धरती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती आज, राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

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भगवान बिरसा मुंडा की आज 150वीं जयंती है। बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर साल 15 नवंबर को झारखंड का स्थापना दिवस भी मनाया जाता है। साल 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड एक अलग राज्य बना। झारखंड आज अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस 'रजत जयंती' के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धरती आबा को श्रद्धासुमन अर्पित किया है साथ ही झारखंड की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

इस मौके पर संसद परिसर में स्थापित धरती आबा बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। संसद परिसर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोक सभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई मंत्रियों और केंद्रीय कर्मियों ने बिरसा मुंडा को नमन किया। झारखंड में जन्मे मां भारती के इस सपूत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, सभी को झारखंड राज्य की स्थापना की रजत जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा की इस धरती के प्रतिभाशाली और कर्मठ लोगों ने राज्य का और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध यह राज्य देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। यहां के जनजातीय समुदाय की समृद्ध लोक-कलाओं की देश-विदेश में प्रतिष्ठा है। यहां के शूरवीरों ने भारत माता की सेवा के अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। मेरी मंगलकामना है कि झारखंड प्रगति-पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे और राज्य के सभी निवासियों का भविष्य उज्ज्वल हो।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, झारखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर सभी निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। वीरता, आत्मसम्मान और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से ओतप्रोत भगवान बिरसा मुंडा की यह धरती अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जानी जाती है। अपने कर्मठ जनों के योगदान से समृद्ध यह राज्य देश के विकास में अमूल्य भूमिका निभा रहा है। मेरी यही कामना है कि झारखंड निरंतर प्रगति के नए शिखर छूता रहे और यहाँ की धरती सदा समृद्धि व सुख-शांति से परिपूर्ण रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखे संदेश में कहा, देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा जी को उनकी 150वीं जयंती पर शत-शत नमन। जनजातीय गौरव दिवस के इस पावन अवसर पर पूरा देश मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनके अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है। विदेशी हुकूमत के अन्याय के खिलाफ उनका संघर्ष और बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।

एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, जनजातीय संस्कृति से समृद्ध गौरवशाली प्रदेश झारखंड के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा जी की इस धरती का इतिहास साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा हुआ है। आज इस विशेष अवसर पर मैं राज्य के अपने सभी परिवारजनों के साथ ही यहां की प्रगति और समृद्धि की कामना करता हूं।

अमेरिका के दौरे पर पहुंचे अहमद अल शरा, कभी आतंकियों की लिस्ट में थे शुमार

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सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा शनिवार को आधिकारिक दौरे पर अमेरिका पहुंचे हैं। शरा सोमवार को वाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। साल 1946 में देश की आजादी के बाद यानी करीब आठ दशक में यह पहली बार हो रहा है, जब कोई सीरियाई राष्ट्रपति अमेरिकी दौरा कर रहा है। सीरियाई राष्ट्रपति का अमेरिका दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिका ने सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शरा का नाम आतंकवादी सूची से एक दिन पहले ही हटाया है।

दौरे से पहले आतंकी की ब्लैक लिस्ट से निकाला

सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा को अमेरिका ने पहले आतंकवाद की ब्लैक लिस्ट से निकाला। इसी के बाद अब शनिवार को शरा एक ऐतिहासिक आधिकारिक दौरे पर अमेरिका पहुंचे हैं। शरा ने इससे पहले मई में सऊदी अरब में ट्रंप से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद शरा के अमेरिकी दौरे का रास्ता साफ हुआ।

आईएसआईएस के खिलाफ दिख सकती है एकजुटता

शरा के नेतृत्व वाले गुट ने बीते साल बशर अल असद का तख्तापलट करते हुए सीरिया की सत्ता पर कब्जा किया था। सीरिया में अमेरिका के राजदूत टॉम बराक ने उम्मीद जताई कि अहमद अल शरा के इस अमेरिका दौरे पर सीरिया की सरकार, आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले गुट में शामिल होने के समझौते पर हस्ताक्षर कर सकती है। ट्रंप के साथ सोमवार को होने वाली बैठक के दौरान सीरियाई और अमेरिका के राष्ट्रपति सीरिया के पुनर्निर्माण पर भी चर्चा कर सकते हैं।

आतंकी संगठन अल कायदा से रहा है जुड़ाव

अहमद अल शरा के पूर्व के संगठन हयात तहरीर अल-शाम का खूंखार आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़ाव था। यही वजह थी कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शरा का नाम आतंकवादी सूची में डाला हुआ था। हालांकि बाद में शरा सक्रिय राजनीति में उतरे और बीते साल बशर अल असद के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। सत्ता संभालने के बाद से, शरा और सीरिया के नए नेतृत्व ने खुद को अपने उग्रवादी अतीत से दूर कर सीरियाई लोगों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक अधिक उदार छवि पेश करने की कोशिश की है।

पाकिस्तान भी कर रहा परमाणु परीक्षण, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि पाकिस्तान परमाणु परीक्षण कर रहा है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जो सक्रिय रूप से परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ देशों की यही प्रवृत्ति दर्शाती है कि अमेरिका के लिए भी अपने परमाणु परीक्षण को फिर से शुरू करना जरूरी हो गया है।

पाकिस्तान सहित कई देश परमाणु परीक्षण कर रहे-ट्रंप

रविवार को सीबीएस न्यूज़ को दिए 60 मिनट के साक्षात्कार में, ट्रंप ने कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान सहित कई देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। लेकिन वो इसके बारे में बात नहीं करते हैं, लेकिन हम एक खुला समाज हैं, हम इसपर बात करते हैं। और हमें इसपर बात करनी होगी नहीं तो आप लोग (मीडिया) इसपर रिपोर्ट करेंगे। इसीलिए वो टेस्ट करते हैं, बार बार टेस्ट करते हैं। निश्चित तौर पर उत्तर कोरिया टेस्ट कर रहा है। पाकिस्तान न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है।

हमारे पास दुनिया को 150 बार उड़ाने के लिए परमाणु हथियार-ट्रंप

सीबीएस चैनल के खास कार्यक्रम '60 मिनट्स' को दिए गये एक इंटरव्यू के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने विशाल परमाणु भंडार के बावजूद एकमात्र ऐसा देश नहीं हो सकता जो परीक्षण न करे। मैंने राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दोनों के साथ इस पर चर्चा की है। हमारे पास दुनिया को 150 बार उड़ाने के लिए पर्याप्त परमाणु हथियार हैं। रूस के पास बहुत सारे परमाणु हथियार हैं और चीन के पास भी बहुत सारे होंगे।" उन्होंने आगे कहा कि "अमेरिका अकेला ऐसा देश नहीं होना चाहिए जो परीक्षणों से परहेज करे।

रूस ने अपने सबसे घातक मिसाइल का किया परीक्षण

यह बयान उस वक्त आया है जब ट्रंप ने पहले ही रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वे तुरंत परमाणु परीक्षण शुरू करें। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करीब 30 सालों के बाद अमेरिका को फिर से परमाणु हथियारों की रेस में उस वक्त उतारा है, जब रूस ने अपनी सबसे घातक मिसाइल का परीक्षण किया है। ये परमाणु ऊर्जा से चलने वाली मिसाइल है, जो 15 घंटे से ज्यादा वक्त तक उड़ान भर सकती है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल में भरी उड़ान, अंबाला एयरबेस पर रचा इतिहास

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने वायुसेना की ड्रेस में राफेल की उड़ान भरी। राष्ट्रपति ने ये उड़ान हरियाणा में स्थित अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से भरी। यह पहली बार हुआ है कि राष्ट्रपति ने राफेल से उड़ान भरी। बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर हैं। इस नाते वह तीनों सेनाओं की कमांडर भी हैं।

राष्ट्रपति सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं। राफेल में उड़ान भरने से पहले अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने स्वागत किया। एयरफोर्स के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से ऐतिहासिक उड़ान

राष्ट्रपति ने हरियाणा में स्थित अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से ऐतिहासिक उड़ान भरी। उड़ान के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने हाथ हिलाकर उपस्थित लोगों का अभिवादन किया। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है।

सुखोई-30 लड़ाकू विमान में भी भर चुकीं हैं उड़ान

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन से सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। ऐसा करने वाली वह देश की तीसरी राष्ट्रपति बन गई थीं.पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने क्रमशः 8 जून, 2006 और 25 नवंबर, 2009 को पुणे के पास लोहेगांव वायुसेना स्टेशन से सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में बड़ी चूक, चॉपर लैंड होते ही हेलिपैड धंसा

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है। राष्ट्रपति को सबरीमाला यात्रा पर लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर बुधवार को केरल के एक लैंडिंग पैड पर फंस गया। राष्ट्रपति को सबरीमाला यात्रा पर ले जा रहा वायु सेना का हेलीकॉप्टर बुधवार सुबह प्रमदम स्थित राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम में नए कंक्रीट वाले हेलीपैड पर उतरते समय एक गड्ढे में फंस गया। हादसे के तुरंत बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए हेलिकॉप्टर को धंसे हुए हिस्से से हाथों से खींचकर बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

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आज सुबह पूरा हुआ हेलीपैड निर्माण कार्य

राष्ट्रपति मुर्मू सबरीमाला जाने के लिए केरल पहुंची थीं। राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर सबरीमाला में हेलीपैड का निर्माण अंतिम समय में किया गया। बताया गया कि हेलीपैड पर कॉन्क्रीट का काम बुधवार (22 अक्टूबर) सुबह पूरा हुआ। सूत्रों के मुताबिक, हेलीपैड बनाने का निर्णय मंगलवार (21 अक्टूबर) शाम को ही लिया गया था और पायलटों के निर्देश पर रात में ही कॉन्क्रीट डालने का काम शुरू हो गया। सुबह तक काम पूरा किया गया, ताकि राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर वहां उतर सके।

हेलीपैड का कॉन्क्रीट पूरी तरह सूखा नहीं था

हालांकि, राज्य खुफिया विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि हेलीपैड का कॉन्क्रीट पूरी तरह सूखा नहीं है, इसलिए वहां हेलिकॉप्टर न उतारा जाए। यह चेतावनी नजरअंदाज कर दी गई। अधिकारी ने बताया कि पहले राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग पंबा के पास निलक्कल में होनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण, राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग प्रमदम में हुई

राष्ट्रपति का कार्यक्रम

राष्ट्रपति मुर्मू का केरल का चार दिवसीय दौरा 21 अक्टूबर से शुरू हुआ है और 24 अक्टूबर तक चलेगा। बुधवार को राष्ट्रपति मुर्मू ने भगवान अयप्पा के सबरीमाला मंदिर में पूजा-अर्चना की। वह सबरीमाला दर्शन करने वाली पहली महिला राष्ट्रपति हैं और इस पवित्र स्थल पर जाने वाली दूसरी राष्ट्रपति हैं। इससे पहले 1970 के दशक में पूर्व राष्ट्रपति वी.वी. गिरि यहां पहुंचे थे। सबरीमाला दर्शन के बाद राष्ट्रपति मुर्मू बुधवार शाम को तिरुवनंतपुरम लौटेंगी। गुरुवार को वह राजभवन में पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन की प्रतिमा का अनावरण करेंगी। इसके अलावा, वह वड़करा के शिवगिरी मठ में श्री नारायण गुरु की महासमाधि शताब्दी समारोह का उद्घाटन भी करेंगी। राष्ट्रपति शुक्रवार को कोट्टायम जिले के पाला स्थित सेंट थॉमस कॉलेज के प्लेटिनम जुबली समापन समारोह में शामिल होंगी और 24 अक्टूबर को एर्नाकुलम के सेंट टेरेसा कॉलेज के शताब्दी समारोह में भाग लेकर अपने दौरे का समापन करेंगी।

ट्रंप ने दी दिवाली की शुभकामनाएं तो पीएम मोदी ने दिया धन्यवाद, बोले-आतंकवाद के खिलाफ हम एकजुट

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दिवाली के खास मौके पर बधाई संदेश के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद कहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने दिवाली के खास मौके पर पीएम मोदी से फोन पर बात की। दीपावली की शुभकामनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया। साथ ही पीएम ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ने की उम्मीद जताई।

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप, आपके फोन कॉल और दिवाली की हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। प्रकाश के इस पर्व पर हमारे दो महान लोकतंत्र दुनिया को आशा की किरण दिखाते रहें और आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ एकजुट रहें।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दीप जलाया

प्रधानमंत्री का यह सुबह का पोस्ट उस समय आया जब कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक विशेष दिवाली कार्यक्रम में दीप जलाया था। दीवाली के मौके पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं भारत के लोगों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। ट्रंप ने दिवाली के अवसर पर सभी भारतीय-अमेरिकी नागरिकों और विश्वभर में त्योहार मना रहे लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। वॉशिंगटन से जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि आज मैं उन सभी अमेरिकियों को शुभकामनाएं देता हूं जो दिवाली, रोशनी का त्योहार मना रहे हैं।

रूस से तेल खरीद पर भी दिया बयान

इस दौरान पत्रकारों को बताया था कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत की है। उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री ने रूसी तेल आयात में कमी लाने का आश्वासन दिया है और मई में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को रोका था। वह पहले भी कई बार ऐसे दावे कर चुके हैं। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था।

कांग्रेस ने पीएम मोदी को बताया “मौनी बाबा”, पर साधा निशाना, ट्रंप के रूस से तेल खरीद के दावे पर साधा निशाना

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और रूस के बीच कच्चा तेल खरीदने संबंधी दावे को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। कांग्रेस लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रही है। इस बीच कांग्रेस ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें 'मौनी बाबा' बताया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया है

क्या बोले जयराम रमेश?

जयराम रमेश ने शनिवार को 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि उनके 'अच्छे दोस्त' ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल के आयात में कटौती करेगा। लेकिन वह 'अच्छे दोस्त' उस वक्त अचानक 'मौनी बाबा' बन जाते हैं जब राष्ट्रपति ट्रंप कहते हैं कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर रुकवा दिया है और अब जब वह कहते हैं कि भारत रूस से तेल का आयात कम कर देगा।'

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा के बाद तंज

रमेश ने एक्स पर किए अपने पोस्ट में आगे लिखा कि अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 54.4 अरब डॉलर तक बढ़ गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 49.6 अरब डॉलर था। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और वह तनाव घटा रहा है और पीछे हट रहा है। यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है।

ट्रंप ने क्या दावा किया?

इससे पहले गुरूवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल की खरीद बंद कर देगा। रूस से कच्चे तेल के आयात को लेकर ट्रंप के पिछले दावे के बाद भारत सरकार ने कहा था कि वह बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप ऊर्जा स्रोत के आधार को व्यापक और विविध बना रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्रंप के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना सरकार की निरंतर प्राथमिकता रही है।

पुतिन के भारत दौरे का शेड्यूल जारी, जानें क्यों खास है रूसी राष्ट्रपति की यात्रा

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का शेड्यूल घोषित हो गया है। पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आमंत्रण पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत के दो दिनों के आधिकारिक दौरे पर आ रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार दिसंबर को भारत आ रहे हैं। राष्ट्रपति पुतिन का दौरा पाँच दिसंबर तक रहेगा।

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पीएम मोदी के निमंत्रण पर पुतिन का दौरा

भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर 2025 को भारत के दौरे पर आएंगे। राष्ट्रपति पुतिन भारत-रूस की 23वीं सालाना शिखर बैठक में शामिल होंगे। इस दौरे में राष्ट्रपति पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करेंगे। साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी उनकी मुलाकात होगी।

रणनीतिक संबंधों की प्रगति पर होगी चर्चा

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यह यात्रा भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने, रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगी। साथ ही दोनों नेताओं के बीच वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

अमेरिका समेत दुनियाभर की निगाहें दिल्ली पर

रूसी राष्ट्रपति पुतिन का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब अमेरिका भारत पर रूसी तेल खरीदने को लेकर लगातार दबाव बना रहा है। भारत ने इस बीच रूस से तेल खरीद में कमी भी की है। पुतिन की इस यात्रा पर अमेरिका-चीन समेत दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं।

डिफेंस डील को लेकर चर्चा

भारत और रूस के बीच डिफेंस डील की लेकर काफी चर्चा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी पुतिन के साथ मुलाकात में S-400 की खरीद को लेकर डिफेंस डील कर सकते हैं। जबकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान खर्च हुई S-400 की मिसाइलों की खरीद पर भी डील हो सकती है। इसके अलावा पुतिन पीएम मोदी से रूस के पांचवीं पीढ़ी के सुखोई-57 लड़ाकू विमानों के बारे में बातचीत कर सकते हैं।

संविधान दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू का संबोधन, बोलीं-संविधान से हमारा स्वाभिमान सुनिश्चित हुआ

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पूरा भारत आज संविधान दिवस मना रहा है। आज ही के दिन 1949 में भारत ने अपने संविधान को अंगीकार किया था। इस मौके पर विशेष समारोह पुराने संसद भवन के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में आयोजित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने संविधान दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के लिए मिसाल है। संविधान से हमारा स्वाभिमान सुनिश्चित हुआ है।

संसद भवन के सेंट्रल हॉल से बोलते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज के दिन 26 नवंबर 1949 में संविधान सभा के सदस्यों ने भारत संविधान के निर्माण का कार्य संपन्न किया था। आज के दिन उस पर हम भारत के लोगों ने अपने संविधान को अपनाया था। स्वाधीनता के बाद संविधान सभा ने भारत की अंतरिम संसद के रूप में भी कर्तव्य का निर्वाहन किया।

25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना बड़ी उपलब्धि

अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि संविधान औपनिवेशिक मानसिकता छोड़कर राष्ट्रवादी सोच अपनाने का मार्गदर्शक दस्तावेज है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना देश की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे संविधान-निर्माता चाहते थे कि हमारे व्यक्तिगत और लोकतांत्रिक अधिकार हमेशा सुरक्षित रहें।

तीन तलाक से लेकर आर्टिकल-370 तक का जिक्र

संविधान दिवस के मौके पर संसद में आयोजित विशेष कार्यक्रम में देश को संबोध‍ित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीन तलाक को खत्‍म करना और जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल-370 को हटाने का जिक्र किया। तीन तलाक को खत्‍म करने के कदम को राष्‍ट्रपति मुर्मू ने महिलाओं के सशक्‍तीकरण से जोड़ा। राष्ट्रपति ने कहा, तीन तलाक से जुड़ी सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाकर संसद ने हमारी बहनों और बेटियों के सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए। देश के आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा कर सुधार, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), लागू किया गया। अनुच्छेद 370 को हटाए जाने से एक ऐसी बाधा दूर हुई जो देश के समग्र राजनीतिक एकीकरण में रुकावट डाल रही थी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला नेतृत्व वाले विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा। इस वर्ष 7 नवंबर से शुरू होकर, हमारे राष्ट्रगान वंदे मातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव आयोजित किया जा रहा है।

9 भाषाओं में संविधान का अनुवादित संस्करण जारी

इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया सहित 9 भाषाओं में संविधान का अनुवादित संस्करण जारी किया।

राष्‍ट्रपति और राज्‍यपाल विधेयकों को कब तक रोक सकते हैं? प्रेजिडेंशियल रेफरेंस पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

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सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने गुरुवार को राष्ट्रपति की ओर से संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत मांगी गई राय पर अपना फैसला सुना दिया है। सीजेआई के नेतृत्व वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने कहा कि राज्यपाल पर कोई समय-सीमा नहीं लगा सकता। अदालत ने राष्ट्रपति के रेफरेंस पर अपनी राय देते हुए कहा है कि राष्ट्रपति और राज्यपालों को विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समय सीमा तय करने वाला फैसला असंवैधानिक है।

समय सीमा में बांधना संविधान की भावना के विपरीत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से भेजे गए प्रेजिडेंशियल रेफरेंस पर कोर्ट ने गुरुवार को अपनी राय देते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 200/201 के तहत कोर्ट बिल पर फैसला लेने के लिए राज्यपाल और राष्ट्रपति के लिए समयसीमा निर्धारित नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि विधेयक पर फैसला लेने के लिए उन्हें समय सीमा में बांधना संविधान की भावना के विपरीत होगा।

राज्यपालों के पास तीन विकल्प

मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस ए एस चंदुरकर की बेंच ने कहा कि अनुच्छेद 200 के तहत व्यवस्था है कि राज्यपाल विधेयक को मंजूरी दे सकते हैं, विधानसभा को दोबारा भेज सकते हैं या राष्ट्रपति को भेज सकते हैं। अगर विधानसभा किसी बिल को वापस भेजे तो राज्यपाल को उसे मंजूरी देनी होती है।

विधेयकों को रोकने की अनुमति देना संघवाद के हित के खिलाफ

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि राज्यपाल विधानसभा द्वारा पारित विधेयकों को संविधान के अनुच्छेद 200 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना रोक कर रखते हैं तो यह संघवाद की भावना के खिलाफ होगा। सुप्रीम कोर्ट ने 'राष्ट्रपति संदर्भ' मामले में कहा हमारे जैसे लोकतांत्रिक देश में राज्यपालों के लिए समयसीमा तय करना संविधान द्वारा प्रदत्त लचीलेपन की भावना के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें नहीं लगता कि राज्यपालों के पास राज्य विधानसभा से पारित विधेयकों को लंबित रखने का असीमित अधिकार है। विधेयकों को रोकने की अनुमति दी जाती है तो यह संघवाद के हित के खिलाफ।

राज्यपाल के अधिकारों का उपयोग न्यायिक समीक्षा के दायरे में नहीं

इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि अत्यधिक देरी लोकतांत्रिक शासन की आत्मा को क्षति पहुंचाती है, इसलिए इन पदों से अपेक्षा है कि वे उचित समय के भीतर निर्णय लें। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने तमिलनाडु के मामले में राज्य के राज्यपाल द्वारा रोक कर रखे गए विधेयकों को शीर्ष अदालत द्वारा 8 अप्रैल को दी गई मान्य स्वीकृति को भी अनुचित बताया। शीर्ष अदालत ने यह भी फैसला दिया कि अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल के अधिकारों का उपयोग न्यायिक समीक्षा के दायरे में नहीं आता।

अपने ही डबल बेंच की राय को भी खारिज किया

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही डबल बेंच की राय को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति को उनके पास भेजे गए किसी विधेयक की संवैधानिकता पर सुप्रीम कोर्ट से अनुच्छेद 143 के तहत राय लेनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रपति को ऐसी कोई राय लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ये भी कहा कि यद्यपि संवैधानिक न्यायालय राज्यपाल के कार्यों पर सीधे सवाल नहीं उठा सकते, लेकिन यदि राज्यपाल किसी विधेयक के उद्देश्यों को विफल करने के लिए लंबे समय तक कार्रवाई न करें, तो ऐसी लंबी देरी की न्यायिक समीक्षा सीमित परिस्थितियों में की जा सकती है। अदालत यह जांच कर सकती है कि देरी जानबूझकर की गई थी या नहीं।

धरती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती आज, राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

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भगवान बिरसा मुंडा की आज 150वीं जयंती है। बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। हर साल 15 नवंबर को झारखंड का स्थापना दिवस भी मनाया जाता है। साल 2000 में बिहार से अलग होकर झारखंड एक अलग राज्य बना। झारखंड आज अपना 25वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस 'रजत जयंती' के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धरती आबा को श्रद्धासुमन अर्पित किया है साथ ही झारखंड की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

इस मौके पर संसद परिसर में स्थापित धरती आबा बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। संसद परिसर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोक सभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई मंत्रियों और केंद्रीय कर्मियों ने बिरसा मुंडा को नमन किया। झारखंड में जन्मे मां भारती के इस सपूत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी श्रद्धांजलि दी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, सभी को झारखंड राज्य की स्थापना की रजत जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा की इस धरती के प्रतिभाशाली और कर्मठ लोगों ने राज्य का और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध यह राज्य देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। यहां के जनजातीय समुदाय की समृद्ध लोक-कलाओं की देश-विदेश में प्रतिष्ठा है। यहां के शूरवीरों ने भारत माता की सेवा के अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। मेरी मंगलकामना है कि झारखंड प्रगति-पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे और राज्य के सभी निवासियों का भविष्य उज्ज्वल हो।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, झारखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती पर सभी निवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। वीरता, आत्मसम्मान और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से ओतप्रोत भगवान बिरसा मुंडा की यह धरती अपने गौरवशाली इतिहास के लिए जानी जाती है। अपने कर्मठ जनों के योगदान से समृद्ध यह राज्य देश के विकास में अमूल्य भूमिका निभा रहा है। मेरी यही कामना है कि झारखंड निरंतर प्रगति के नए शिखर छूता रहे और यहाँ की धरती सदा समृद्धि व सुख-शांति से परिपूर्ण रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखे संदेश में कहा, देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा जी को उनकी 150वीं जयंती पर शत-शत नमन। जनजातीय गौरव दिवस के इस पावन अवसर पर पूरा देश मातृभूमि के स्वाभिमान की रक्षा के लिए उनके अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है। विदेशी हुकूमत के अन्याय के खिलाफ उनका संघर्ष और बलिदान हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।

एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, जनजातीय संस्कृति से समृद्ध गौरवशाली प्रदेश झारखंड के सभी निवासियों को राज्य के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। भगवान बिरसा मुंडा जी की इस धरती का इतिहास साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की गाथाओं से भरा हुआ है। आज इस विशेष अवसर पर मैं राज्य के अपने सभी परिवारजनों के साथ ही यहां की प्रगति और समृद्धि की कामना करता हूं।

अमेरिका के दौरे पर पहुंचे अहमद अल शरा, कभी आतंकियों की लिस्ट में थे शुमार

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सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा शनिवार को आधिकारिक दौरे पर अमेरिका पहुंचे हैं। शरा सोमवार को वाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। साल 1946 में देश की आजादी के बाद यानी करीब आठ दशक में यह पहली बार हो रहा है, जब कोई सीरियाई राष्ट्रपति अमेरिकी दौरा कर रहा है। सीरियाई राष्ट्रपति का अमेरिका दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब अमेरिका ने सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल शरा का नाम आतंकवादी सूची से एक दिन पहले ही हटाया है।

दौरे से पहले आतंकी की ब्लैक लिस्ट से निकाला

सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा को अमेरिका ने पहले आतंकवाद की ब्लैक लिस्ट से निकाला। इसी के बाद अब शनिवार को शरा एक ऐतिहासिक आधिकारिक दौरे पर अमेरिका पहुंचे हैं। शरा ने इससे पहले मई में सऊदी अरब में ट्रंप से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद शरा के अमेरिकी दौरे का रास्ता साफ हुआ।

आईएसआईएस के खिलाफ दिख सकती है एकजुटता

शरा के नेतृत्व वाले गुट ने बीते साल बशर अल असद का तख्तापलट करते हुए सीरिया की सत्ता पर कब्जा किया था। सीरिया में अमेरिका के राजदूत टॉम बराक ने उम्मीद जताई कि अहमद अल शरा के इस अमेरिका दौरे पर सीरिया की सरकार, आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले गुट में शामिल होने के समझौते पर हस्ताक्षर कर सकती है। ट्रंप के साथ सोमवार को होने वाली बैठक के दौरान सीरियाई और अमेरिका के राष्ट्रपति सीरिया के पुनर्निर्माण पर भी चर्चा कर सकते हैं।

आतंकी संगठन अल कायदा से रहा है जुड़ाव

अहमद अल शरा के पूर्व के संगठन हयात तहरीर अल-शाम का खूंखार आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़ाव था। यही वजह थी कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शरा का नाम आतंकवादी सूची में डाला हुआ था। हालांकि बाद में शरा सक्रिय राजनीति में उतरे और बीते साल बशर अल असद के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। सत्ता संभालने के बाद से, शरा और सीरिया के नए नेतृत्व ने खुद को अपने उग्रवादी अतीत से दूर कर सीरियाई लोगों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने एक अधिक उदार छवि पेश करने की कोशिश की है।

पाकिस्तान भी कर रहा परमाणु परीक्षण, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि पाकिस्तान परमाणु परीक्षण कर रहा है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान उन देशों में शामिल है जो सक्रिय रूप से परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ देशों की यही प्रवृत्ति दर्शाती है कि अमेरिका के लिए भी अपने परमाणु परीक्षण को फिर से शुरू करना जरूरी हो गया है।

पाकिस्तान सहित कई देश परमाणु परीक्षण कर रहे-ट्रंप

रविवार को सीबीएस न्यूज़ को दिए 60 मिनट के साक्षात्कार में, ट्रंप ने कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान सहित कई देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं। लेकिन वो इसके बारे में बात नहीं करते हैं, लेकिन हम एक खुला समाज हैं, हम इसपर बात करते हैं। और हमें इसपर बात करनी होगी नहीं तो आप लोग (मीडिया) इसपर रिपोर्ट करेंगे। इसीलिए वो टेस्ट करते हैं, बार बार टेस्ट करते हैं। निश्चित तौर पर उत्तर कोरिया टेस्ट कर रहा है। पाकिस्तान न्यूक्लियर टेस्ट कर रहा है।

हमारे पास दुनिया को 150 बार उड़ाने के लिए परमाणु हथियार-ट्रंप

सीबीएस चैनल के खास कार्यक्रम '60 मिनट्स' को दिए गये एक इंटरव्यू के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने विशाल परमाणु भंडार के बावजूद एकमात्र ऐसा देश नहीं हो सकता जो परीक्षण न करे। मैंने राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दोनों के साथ इस पर चर्चा की है। हमारे पास दुनिया को 150 बार उड़ाने के लिए पर्याप्त परमाणु हथियार हैं। रूस के पास बहुत सारे परमाणु हथियार हैं और चीन के पास भी बहुत सारे होंगे।" उन्होंने आगे कहा कि "अमेरिका अकेला ऐसा देश नहीं होना चाहिए जो परीक्षणों से परहेज करे।

रूस ने अपने सबसे घातक मिसाइल का किया परीक्षण

यह बयान उस वक्त आया है जब ट्रंप ने पहले ही रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि वे तुरंत परमाणु परीक्षण शुरू करें। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने करीब 30 सालों के बाद अमेरिका को फिर से परमाणु हथियारों की रेस में उस वक्त उतारा है, जब रूस ने अपनी सबसे घातक मिसाइल का परीक्षण किया है। ये परमाणु ऊर्जा से चलने वाली मिसाइल है, जो 15 घंटे से ज्यादा वक्त तक उड़ान भर सकती है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल में भरी उड़ान, अंबाला एयरबेस पर रचा इतिहास

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया है। राष्ट्रपति मुर्मू ने वायुसेना की ड्रेस में राफेल की उड़ान भरी। राष्ट्रपति ने ये उड़ान हरियाणा में स्थित अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से भरी। यह पहली बार हुआ है कि राष्ट्रपति ने राफेल से उड़ान भरी। बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर हैं। इस नाते वह तीनों सेनाओं की कमांडर भी हैं।

राष्ट्रपति सुबह अंबाला एयरबेस पहुंचीं। राफेल में उड़ान भरने से पहले अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने स्वागत किया। एयरफोर्स के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से ऐतिहासिक उड़ान

राष्ट्रपति ने हरियाणा में स्थित अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से ऐतिहासिक उड़ान भरी। उड़ान के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने हाथ हिलाकर उपस्थित लोगों का अभिवादन किया। राष्ट्रपति की इस उड़ान ने आज भारतीय वायुसेना के साथ-साथ पूरे देश को गौरव से भर दिया है।

सुखोई-30 लड़ाकू विमान में भी भर चुकीं हैं उड़ान

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन से सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। ऐसा करने वाली वह देश की तीसरी राष्ट्रपति बन गई थीं.पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल ने क्रमशः 8 जून, 2006 और 25 नवंबर, 2009 को पुणे के पास लोहेगांव वायुसेना स्टेशन से सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में बड़ी चूक, चॉपर लैंड होते ही हेलिपैड धंसा

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में बड़ी लापरवाही सामने आई है। राष्ट्रपति को सबरीमाला यात्रा पर लेकर जा रहा हेलीकॉप्टर बुधवार को केरल के एक लैंडिंग पैड पर फंस गया। राष्ट्रपति को सबरीमाला यात्रा पर ले जा रहा वायु सेना का हेलीकॉप्टर बुधवार सुबह प्रमदम स्थित राजीव गांधी इंडोर स्टेडियम में नए कंक्रीट वाले हेलीपैड पर उतरते समय एक गड्ढे में फंस गया। हादसे के तुरंत बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए हेलिकॉप्टर को धंसे हुए हिस्से से हाथों से खींचकर बाहर निकाला और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

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आज सुबह पूरा हुआ हेलीपैड निर्माण कार्य

राष्ट्रपति मुर्मू सबरीमाला जाने के लिए केरल पहुंची थीं। राष्ट्रपति की यात्रा को लेकर सबरीमाला में हेलीपैड का निर्माण अंतिम समय में किया गया। बताया गया कि हेलीपैड पर कॉन्क्रीट का काम बुधवार (22 अक्टूबर) सुबह पूरा हुआ। सूत्रों के मुताबिक, हेलीपैड बनाने का निर्णय मंगलवार (21 अक्टूबर) शाम को ही लिया गया था और पायलटों के निर्देश पर रात में ही कॉन्क्रीट डालने का काम शुरू हो गया। सुबह तक काम पूरा किया गया, ताकि राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर वहां उतर सके।

हेलीपैड का कॉन्क्रीट पूरी तरह सूखा नहीं था

हालांकि, राज्य खुफिया विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि हेलीपैड का कॉन्क्रीट पूरी तरह सूखा नहीं है, इसलिए वहां हेलिकॉप्टर न उतारा जाए। यह चेतावनी नजरअंदाज कर दी गई। अधिकारी ने बताया कि पहले राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग पंबा के पास निलक्कल में होनी थी, लेकिन खराब मौसम के कारण, राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग प्रमदम में हुई

राष्ट्रपति का कार्यक्रम

राष्ट्रपति मुर्मू का केरल का चार दिवसीय दौरा 21 अक्टूबर से शुरू हुआ है और 24 अक्टूबर तक चलेगा। बुधवार को राष्ट्रपति मुर्मू ने भगवान अयप्पा के सबरीमाला मंदिर में पूजा-अर्चना की। वह सबरीमाला दर्शन करने वाली पहली महिला राष्ट्रपति हैं और इस पवित्र स्थल पर जाने वाली दूसरी राष्ट्रपति हैं। इससे पहले 1970 के दशक में पूर्व राष्ट्रपति वी.वी. गिरि यहां पहुंचे थे। सबरीमाला दर्शन के बाद राष्ट्रपति मुर्मू बुधवार शाम को तिरुवनंतपुरम लौटेंगी। गुरुवार को वह राजभवन में पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन की प्रतिमा का अनावरण करेंगी। इसके अलावा, वह वड़करा के शिवगिरी मठ में श्री नारायण गुरु की महासमाधि शताब्दी समारोह का उद्घाटन भी करेंगी। राष्ट्रपति शुक्रवार को कोट्टायम जिले के पाला स्थित सेंट थॉमस कॉलेज के प्लेटिनम जुबली समापन समारोह में शामिल होंगी और 24 अक्टूबर को एर्नाकुलम के सेंट टेरेसा कॉलेज के शताब्दी समारोह में भाग लेकर अपने दौरे का समापन करेंगी।

ट्रंप ने दी दिवाली की शुभकामनाएं तो पीएम मोदी ने दिया धन्यवाद, बोले-आतंकवाद के खिलाफ हम एकजुट

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दिवाली के खास मौके पर बधाई संदेश के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद कहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने दिवाली के खास मौके पर पीएम मोदी से फोन पर बात की। दीपावली की शुभकामनाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया। साथ ही पीएम ने आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ने की उम्मीद जताई।

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप, आपके फोन कॉल और दिवाली की हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। प्रकाश के इस पर्व पर हमारे दो महान लोकतंत्र दुनिया को आशा की किरण दिखाते रहें और आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ एकजुट रहें।

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दीप जलाया

प्रधानमंत्री का यह सुबह का पोस्ट उस समय आया जब कुछ घंटे पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक विशेष दिवाली कार्यक्रम में दीप जलाया था। दीवाली के मौके पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं भारत के लोगों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। ट्रंप ने दिवाली के अवसर पर सभी भारतीय-अमेरिकी नागरिकों और विश्वभर में त्योहार मना रहे लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। वॉशिंगटन से जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि आज मैं उन सभी अमेरिकियों को शुभकामनाएं देता हूं जो दिवाली, रोशनी का त्योहार मना रहे हैं।

रूस से तेल खरीद पर भी दिया बयान

इस दौरान पत्रकारों को बताया था कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत की है। उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रधानमंत्री ने रूसी तेल आयात में कमी लाने का आश्वासन दिया है और मई में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को रोका था। वह पहले भी कई बार ऐसे दावे कर चुके हैं। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया था।

कांग्रेस ने पीएम मोदी को बताया “मौनी बाबा”, पर साधा निशाना, ट्रंप के रूस से तेल खरीद के दावे पर साधा निशाना

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और रूस के बीच कच्चा तेल खरीदने संबंधी दावे को लेकर देश का सियासी पारा हाई है। कांग्रेस लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रही है। इस बीच कांग्रेस ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए उन्हें 'मौनी बाबा' बताया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया है

क्या बोले जयराम रमेश?

जयराम रमेश ने शनिवार को 'एक्स' पर पोस्ट किया, 'राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर कहा है कि उनके 'अच्छे दोस्त' ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल के आयात में कटौती करेगा। लेकिन वह 'अच्छे दोस्त' उस वक्त अचानक 'मौनी बाबा' बन जाते हैं जब राष्ट्रपति ट्रंप कहते हैं कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर रुकवा दिया है और अब जब वह कहते हैं कि भारत रूस से तेल का आयात कम कर देगा।'

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा के बाद तंज

रमेश ने एक्स पर किए अपने पोस्ट में आगे लिखा कि अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा 54.4 अरब डॉलर तक बढ़ गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 49.6 अरब डॉलर था। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर दावा किया कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा और वह तनाव घटा रहा है और पीछे हट रहा है। यह दूसरी बार है जब ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है।

ट्रंप ने क्या दावा किया?

इससे पहले गुरूवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल की खरीद बंद कर देगा। रूस से कच्चे तेल के आयात को लेकर ट्रंप के पिछले दावे के बाद भारत सरकार ने कहा था कि वह बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप ऊर्जा स्रोत के आधार को व्यापक और विविध बना रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ट्रंप के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना सरकार की निरंतर प्राथमिकता रही है।