बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को अजित पवार ने नकारा, कहा-'एनसीपी में हूं और यहीं रहूंगा'

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एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार ने बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर चुप्पी तोड़ी है। भाजपा में जाने की अटकलों को अजित पवार ने खारिज कर दिया है। अजित पवार ने कहा है कि वह एनसीपी में हैं और एनसीपी में ही रहेंगे।

एनसीपी नेता और नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी के साथ जाने की खबर को सिरे से खारिज कर दिया। अजीत पवार ने पार्टी छोड़ने की सभी खबरों को केवल एक अफवाह बताया। उन्होंने कहा कि जो खबर दिखाई जा रही उसमें कोई तथ्य नहीं है। बिना वजह ऐसी गलतफहमी पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा जो खबर फैलाई जा रही है, उसमें इंच भर भी सच्चाई नहीं है।

अजित पवार ने कहा कि खबर में कहा जा रहा है कि मैंने एनसीपी के 40 विधायकों की सहमति भी हासिल कर ली है। हस्ताक्षर भी करवा लिए हैं। राज्यपाल को अपने समर्थकों की सूची देने जा रहा हूं। ये सारी खबरें बेबुनियाद है। जो विधायक मुझसे मिलने आज आ रहे हैं, उनके बारे में इसी तरह के कयासों को हवा दी जा रही है। ये बातें बेबुनियाद हैं। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी खबरों से कार्यकर्ता के मन में भ्रम पैदा होता है। शरद पवार के नेतृत्व में हम सब साथ हैं। जानबूझकर ऐसी खबरों को फैलाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी खबरें असामयिक बारिश, मंहगाई , बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए फैलाई जाती हैं। 

इससे पहले एनसीपी मुखिया शरद पवार भी अजित पवार के भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज कर चुके हैं। शरद पवार ने कहा कि 'इन खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। अजित पवार ने कोई बैठक नहीं बुलाई है, वह पार्टी के कार्यकर्ता हैं और ये सब उनके दिमाग की उपज है। 

बता दें कि प्रकाश अंबेडकर ने हाल ही में अपने एक बयान में कहा है कि अगले 15 दिनों में दो बड़े राजनीतिक धमाके होने वाले हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रिया सुले ने कहा है कि 'इनमें से एक धमाका दिल्ली में होगा और एक महाराष्ट्र में। जिसके बाद से महाराष्ट्र की राजनीति गलियारों में खलीबली मची हुई थी।

लापता होने के दावे के बीच मुकुल रॉय दिल्ली पहुंचे, बेटे ने संपर्क नहीं होने पर पुलिस में दर्ज कराई थी शिकायत

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सीनियर लीडर मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय ने बीते सोमवार को अपने पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। मुकुल के बेटे शुभ्रांशु रॉय ने यह दावा किया था कि रॉय का सोमवार शाम से कोई पता नहीं है। उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है।हालांकि, इन खबरों के बीच खबरों के बीच मुकुल रॉय ने अपने दिल्ली में मौजूद होने की जानकारी खुद दी है। मुकुल रॉय ने खुद बताया कि वह अपने निजी काम से दिल्ली आए है। 

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टीएमसी नेता मुकुल रॉय ने बता कि वे निजी काम से दिल्ली आए हैं। रॉय ने पत्रकारों से कहा कि वो राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गए हैं लेकिन उनका ‘‘कोई खास एजेंडा’’ नहीं है। रॉय बोले, ‘‘मैं कई सालों तक संसद सदस्य रहा हूं। क्या मैं दिल्ली नहीं आ सकता? पहले भी, मैं नियमित तौर पर दिल्ली आता रहता था।

भले ही मुकुल रॉय अपने दिल्ली दौरे को ‘‘कोई खास एजेंडा’’ नहीं बता रहे हों, लेकिन पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में उनके राजनीतिक कदम को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।मुकुल रॉय का अचानक दिल्ली पहुंचना कई सारे संदेश दे रहा है। इसको लेकर सियासी सुगबुगाहट तेज हो गई है। बंगाल में टीएमसी भी उनके अचानक दिल्ली पहुंचने से हैरान है। कहा जा रहा है कि मुकुल रॉय कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

इससे पहले बेटे शुभ्रांशु रॉय ने यह दावा किया था कि रॉय का सोमवार शाम से कोई पता नहीं है। उनसे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। शुभ्रांशु ने बताया कि रॉय सोमवार शाम को इंडिगो की फ्लाइट (6E-898) से दिल्ली के लिए निकले थे। उन्हें रात 9.55 बजे तक दिल्ली लैंड होना था, लेकिन अब उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। बीते कल शुभ्रांशु ने कोलकाता एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में इसे लेकर शिकायत भी दर्ज कराई थी।

बता दें कि मुकुल रॉय ने 2017 में तृणमूल कांग्रेस से मतभेद के बाद भाजपा के साथ जुड़े थे। 2020 में वह भाजपा के राष्ट्र उप अध्यक्ष भी थे। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा की तरफ से जीत भी हासिल की थी, लेकिन बाद परिणाम मिलने के एक महीने बाद ही वह तृणमूल कांग्रेस में वापस चले गए।हालांकि, टीएमसी में वापसी के बाद से ही वह लोगों की नजरों से दूर रह रहे हैं।कभी मुकुल रॉय का कद टीएमसी में कभी ममता बनर्जी के बाद दूसरे नंबर का हुआ करता था।

केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग पहुंचे ऊखीमठ, उनकी मौजूदगी में 25 अप्रैल को खुलेंगे बाबा केदारनाथ धाम के कपाट


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केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंच गए हैं। उनकी मौजूदगी में 25 अप्रैल को सुबह 6:10 बजे केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। इससे पूर्व रावल 20 अप्रैल को ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना में शामिल होंगे।

सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे रावल भीमाशंकर लिंग अपने शिष्य केदार लिंग के साथ ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां पुजारी शिव शंकर लिंग, बागेश लिंग और टी. गंगाधर लिंग और मंदिर के वेदपाठियों ने उनका स्वागत किया। 21 अप्रैल को रावल भीमाशंकर लिंग भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली को चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान कराएंगे।

रावल 24 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचे

इसके बाद केदारनाथ धाम के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी बागेश लिंग को धाम की छह माह की पूजा का संकल्प कराएंगे और पगड़ी व अचकन पहनाएंगे। इसके बाद रावल भगवान केदारनाथ की पंचमुखी मूर्ति को स्वर्ण मुकुट पहनाएंगे। वे देवदर्शनी तक डोली को धाम के लिए विदा करेंगे। इसके बाद, रावल 24 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेंगे।

25 अप्रैल को सुबह 5.30 बजे रावल भीमाशंकर लिंग बाबा केदार की पंचमुखी डोली व छड़ी के साथ मंदिर में प्रवेश करेंगे। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने बाद सुबह 6:10 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। इसके बाद रावल ओंकारेश्वर मंदिर लौट आएंगे और जरूरी अवसरों पर धाम जाएंगे। पुजारी शिव शंकर लिंग ने बताया कि रावल पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

महाराष्ट्र में आने वाला है सियासी भूचाल! "अगले 15 दिनों में दिल्ली और महाराष्ट्र में होंगे दो बड़े राजनीतिक विस्फोट", सुप्रिया सुले के बयान से म

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महाराष्ट्र में अजित पवार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। दरअसल उनके बीजेपी के साथ जाने की अकटलों ने जोर पकड़ लिया है। अगर ये अटकले सही होती हैं तो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो सकता है। दरअसल, अजित पवार के साथ 11 से 12 विधायक हैं।यही नहीं, एनसीपी के टॉप नेताओं के बयान आने वाले भूचाल की आहट दे रहे हैं। पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी और सावरकर की तारीफ की। इसके बाद खबर आई की अजित पवार और अमित शाह की मुलाकात हुई है।इसके अलावा अजित पवार ने महाराष्ट्र के सीएम एकनाश शिंदे और देवेन्र फडणवीस से भी मुलाकरात की। जिसके बाद इस तरह की अटकलों ने जोर पड़का। अबअटकलों के बीच एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने भी बड़ा दावा किया है। सुप्रिया सुले ने कहा है कि अगले दो हफ्ते में दो बड़े सियासी विस्फोट होंगे।

शरद पवार ने अटकलों को किया खारिज

एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने एक बयान देकर महाराष्ट्र की सियासत में खलबली ला दी है। हालांकि, शरद पवार ने अजित पवार के बीजेपी के साथ जाने की खबर को खारिज किया।उन्होंने कहा कि अजित पवार समेत एनसीपी का हर नेता कैसे पार्टी को मजबूत किया जाए, इसकी पूरी ताकत से कोशिशें कर रहे है। अजित पवार ने इस संबंध में अभी तक कोई मीटिंग नहीं बुलाई है। इसलिए अजित पवार की खबर में कोई तथ्य नहीं है।अपने समर्थकों के साथ मुझे लेकर जो नए राजनीतिक समीकरण की खबर सामने आ रही है, वो सिर्फ एक खबर है। उसमें कोई तथ्य नहीं है। अजित पवार कल देवगिरी में थे। आज वे फिलहाल विधानभवन में पहुंचे हैं। थोड़ी देर में वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी स्थिति साफ करने वाले हैं।

सुप्रिया सुले ने क्या कहा?

बता दें कि सुले ने कहा है कि आने वाले 15 दिनों में दो बड़े राजनीतिक विस्फोट होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि एक विस्फोट दिल्ली और दूसरा महाराष्ट्र में होगा। हालांकि ये विस्फोट कैसे होने वाले हैं, इसके बारे में उन्होंने नहीं बताया है। सुले का ये बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब अजित पवार के बीजेपी में जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।  

दरअसल, उद्धव गुट के नेता के बयान के बाद ये अटकलें तेज हो गई हैं कि अजित पवार बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।कुछ दिन पहले प्रकाश अंबेडकर ने कहा था कि पंद्रह दिनों में राज्य में राजनीतिक भूचाल आ जाएगा। इस बारे में पूछे जाने पर सुप्रिया सुले ने कहा कि एक नहीं बल्कि दो राजनीतिक भूचाल आएंगे, एक दिल्ली में और दूसरा महाराष्ट्र में।

राजस्थान कांग्रेस में हलचल तेज, अशोक गहलोत ने विधायकों से लिया फीडबैक, नहीं पहुंचे सचिन पायलट, कहा- किस मुंह से जनता से मांगेंगे वोट

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 राजस्थान कांग्रेस में हलचल तेज है। राजस्थान प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को कांग्रेस विधायकों से जयपुर स्थित वार रूम में एक एक कर फीडबैक लिया। तीनों नेताओं ने दस जिलों के विधायकों से उनके खुद और सरकार के बारे में फीडबैक लिया। वहीं दूसरी तरफ पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट इस फीडबैक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे।

डोटासरा ने कहा, पायलट विधायक हैं,इसलिए उन्हे बुलाया गया था। पायलट ने जयपुर जिले के शाहपुरा और झुंझुंनूं का दौरा किया। पायलट ने झुंझुनूं के खेतड़ी में शहीद श्योराम की मृर्ति का अनावरण करने के बाद कहा, जनता से किए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं, चुनाव के वक्त किस मुंह से वोट मांगेंगे। उन्होंने कहा, पिछली भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार के मुददे पर मैने एक दिन का अनशन किया, लेकिन सरकार ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया।

यह सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। यह सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उधर रंधावा ने मीडिया से बातचीत में पायलट के अनशन के बाद उठे विवाद में मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलाथ के दखल से इन्कार किया है। रंधावा बोले, मैं प्रभारी हूं तो समाधान मैं ही निकालूंगा ।

प्रदेशाध्यक्ष के बयान से पायलट समर्थक विधायक भड़के

विधायकों के फीडबैक कार्यक्रम के दौरान डोटासरा के बयान पर पायलट समर्थक विधायक भड़क गए। दरअसल, डोटासरा ने रंधावा से पायलट समर्थक हरीश मीणा और राकेश पारीक का परिचय करवाया। डोटासरा ने मीणा के लिए कहा, यह राज्य के पुलिस महानिदेशक और भाजपा से सांसद रहे हैं। पायलट के साथ विद्रोह कर मानेसर जाने वालों में शामिल थे।

इस पर मीणा भड़क गए और बोले, इस तरह बार-बार यह बोलेंगे तो जीतना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होगा। हमें प्रियंका गांधी और स्व. अहमद पटेल ने बुलाकर बात की थी। ये उनसे बड़े हो गए क्या? इस पर रंधावा ने मीणा को शांत किया। पारीक बोले, चुनावी साल में क्या संदेश देना चाहते हैं। जब राहुल गांधी ने पायलट को असेट बता दिया तो अब ये सवाल उठाना ही गलत है। रघु शर्मा ने पायलट के अनशन का समर्थन करते हुए कहा हमने तत्कालीन भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के मुददे पर चुनाव लड़ा था।

विधायकों से यह सवाल पूछे

फीडबैक के दौरान 13 सवालों का एक परिपत्र विधायकों को दिया गया। अब तक सीएम कहते रहे हैं कि सरकार के खिलाफ एंटी इंकम्बेंसी नहीं है। लेकिन विधायकों ने माना कि चुनावी साल में एंटी इंकम्बेंसी है। विधायकों से उनके निर्वाचन क्षेत्र में धार्मिक एवं जातिगत समीकरण, सरकार की योजनाओं, पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को मुददा बनाने के लिए अब तक क्या किया गया।

क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा के अतिरिक्त कोई अन्य पार्टी मजबूत है क्या? सोशल मीडिया पर विधायकों से सक्रियता के बारे में भी पूछा गया। मंगलवार को 14 और बृहस्पतिवार को नौ जिलों के विधायकों से फीडबैक लिया जाएगा। चुनावी रणनीति बनाने को लेकर जयपुर में बुधवार को मंत्रियों, विधायकों, लोकसभा व विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशियों का सम्मेलन होगा।

वित्तीय लेन-देन में सत्यनिष्ठा नियम है, अपवाद नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हम वैधानिक आदेश से समान रूप से बंधे हैं


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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वित्तीय लेन-देन में सत्यनिष्ठा नियम होना चाहिए अपवाद नहीं। कहा कि पारदर्शिता के उद्देश्य को विफल करने वाले वैधानिक आदेश को प्रभावी होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। जस्टिस एसके कौल, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने ये टिप्पणियां उस फैसले में की जिसमें उसने महाराष्ट्र की धुले जिला परिषद के एक सदस्य वीरेंद्र सिंह की अपील को खारिज कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वीरेंद्र सिंह ने नासिक के डिविजनल कमिश्नर के आदेश को चुनौती दी थी। जिसने अपने पुत्र को ठेका देने के लिए वीरेंद्र सिंह को अयोग्य ठहरा दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा, 'यह निस्संदेह सत्य है कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को कमजोर आधारों पर अयोग्य नहीं ठहराया जाना चाहिए। लेकिन, हम वैधानिक आदेश से समान रूप से बंधे हैं, जिसके तहत पारदर्शिता के उद्देश्य को विफल करने वाली गतिविधियों को प्रभावी होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।'

वीरेंद्र सिंह को नासिक के डिविजनल कमिश्नर के आठ नवंबर, 2021 के आदेश पर अयोग्य ठहराया गया था। वीरेंद्र ¨सह से जिला परिषद का चुनाव हारने वाले उसके प्रतिद्वंद्वी ने इस बाबत शिकायत की थी।

उत्तराखंड में भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, अगले दो दिन कई जिलों में बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट

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 उत्तराखंड में लोगों को अब गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश-ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। 18 और 19 अप्रैल को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

गढ़वाल और कुमाऊं के शेष जनपदों में हल्की बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ओलावृष्टि की संभावना है। इसके अलावा उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी और हरिद्वार में कहीं-कहीं 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

नागपुर में इंडिगो विमान का पिछला हिस्सा लैंडिग के दौरान जमीन से टकराया, बाल बाल बचे सभी यात्री, घटना की हो रही जांच

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मुंबई से आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई-203 का पिछला हिस्सा नागपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान जमीन से टकरा गया। यह घटना 14 अप्रैल को तब हुई जब फ्लाइट 6ई 203 मुंबई से नागपुर जा रही थी। इंडिगो ने एक बयान में कहा, "14 अप्रैल 2023 को, मुंबई से उड़ान 6ई 203, नागपुर में उतरते समय पीछे से टकरा गई थी।

एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने साथ ही बताया कि विमान को मूल्यांकन और मरम्मत के लिए नागपुर हवाई अड्डे पर ग्राउंडेड किया गया। फिलहाल इस घटना की विस्तार से जांच की जा रही है। एयरलाइंस कंपनी इंडिगो ने कहा कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

बिहार में बालू माफिया की गुंडागर्दी, खनन विभाग के महिला अफसरों को घसीट कर पीटा, पुलिसकर्मियों को भी दौड़ा-दौड़ा कर मारा, 44 आरोपित गिरफ्तार

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पटना के पास बिहटा के परेव में कोईलवर पुल पर अवैध बालू कारोबारियों के खिलाफ छापेमारी करने गई खनन विभाग की टीम पर सोमवार को बालू माफियाओं ने हमला कर दिया। करीब 100 लोगों ने खनन अधिकारी और पुलिसकर्मियों पर पथराव के साथ ही लाठी डंडे से वार किया। बेखौफ आरोपितों ने खनन विभाग के अफसरों को घसीट कर पीटा। पुलिसकर्मियों को भी दौड़ा-दौड़ा कर मारा गया। इस घटना में ज़िला खनन विकास पदाधिकारी कुमार गौरव सहित दो महिला ख़नन निरीक्षक सैयद फरहीन और आम्या कुमारी बुरी तरह घायल हो गईं। तीनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आधे घंटे तक अफरातफरी मची रही। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि इस मामले में 44 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, अलग-अलग तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। 

जानकारी के अनुसार जिला खनन पदाधिकारी कुमार गौरव व खनन निरीक्षक सैयद फरहीन और आम्या कुमारी बालू कारोबारियों पर कार्रवाई के लिए सोमवार की दोपहर करीब 2.45 बजे कोईलवर पुल पर पहुंचे थे। उनके साथ पुलिस के छह जवान भी मौजूद थे। खनन विभाग की टीम ने अवैध बालू से लदे ट्रकों का चालान काटना शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर मिलते ही बालू माफिया सकते में आ गए। बाद में अचानक से परेव से करीब 100 लोग मौके पर पहुंचे और खनन अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर हमला बोल दिया।

संख्या बल कम होने से अधिकारी और पुलिसकर्मी हमलावार भीड़ के सामने बेबस हो गए। उधर बालू माफिया और उनके लोगों ने पत्थर व लाठी डंडे से कर्मियों को पीटना शुरू कर दिया। खनन विभाग के अधिकारियों पर पथराव कर दिया। बालू माफियाओं ने महिला खनन पदाधिकारी को घसीट-घसीट कर पीटा और पत्थर से मारकर लहूलुहान कर दिया। वही बालू माफिया और उनके गुर्गों ने अन्य खनन अधिकारी एवं पुलिस बल के जवानों को भी दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। उनके वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए। 

स्कार्पियो में मिला वाकी टॉकी

हमले की घटना के बाद पटना एवं भोजपुर के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। आधे घंटे बाद पटना पश्चिमी के सिटी एसपी, दानापुर व पालीगंज के एएसपी, एसडीएम सहित भारी संख्या में बिहटा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक हमलावार फरार हो चुके थे। पुलिस ने घटनास्थल से एक काले रंग की स्कॉर्पियो भी जप्त की है। उसमें एक वाकी टॉकी सेट भी मिला है। यह कार गुंजन कुमार नाम के बालू माफिया की बताई जा रही है। पुलिस ने गुंजन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उधर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को फंसा रही है, जबकि वे घटना स्थल पर गए ही नहीं थे।

दो दिनों से कोरोना मामलों की संख्या में गिरावट, 24 घंटे में मिले 7 हजार केस, 11 लोगों ने तोड़ा दम

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देशभर में कोरोना के मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि, पिछले तीन दिनों से देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 7,633 नए केस दर्ज किए गए हैं। इससे पहले सोमवार को कोरोना के 9 हजार 111 नए केस दर्ज हुए थे।वहीं, रविवार को देश में कोरोना के 9111 नए मामले सामने आए थे।

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में कोरोना के 7633 नए मामले सामने आए हैं जबकि 6702 लोग ठीक हो चुके है। इसी के साथ एक्टिव केसों की संख्या 61233 हो गई है। वहीं पिछले 24 घंटों में 11 लोगों की मौत की खबर सामने आई है जिसके अब बाद कुल मौतों की संख्या 531152 पहुंच गई है।

11 में से अकेले 4 मौतें दिल्ली में

कई राज्यों में कोरोना की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जहां संक्रमण के नए मामले घटे हैं तो वहीं मौत के मामले बढ़ गए हैं। देशभर में हुई 11 में से अकेले 4 मौतें दिल्ली में हुई हैं और केरल में भी 4 लोगों ने जान गवांई है। हरियाणा, कर्नाटक और पंजाब में भी एक-एक व्यक्ति की जान गई है।

 

इन राज्यों में ज्यादा मामले

कोरोना देश के जिन बड़े राज्यों पर सबसे ज्यादा कहर बरपा रहा है, उनमें केरल, दिल्ली एनसीआर, महाराष्ट्र हरियाणा शामिल है। केरल में कोरोना के मामले पिछले हफ्ते 18 हजार के पार पहुंच गे थे। वहीं दिल्ली में भी पिछले हफ्ते सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई थी। इस बीच कुल मामलों में आ रही कमी के लिए टेस्टिंग में कमी आना भी बड़ी वजह माना जा रहा है।

रिकवरी रेट 98.68 प्रतिशत

आंकड़ों के मुताबिक, देश में अभी 61,233 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.14 फीसदी है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.68 प्रतिशत है। अभी तक कुल 4 करोड़ 42 लाख 42 हजार 474 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, भारत में राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220,66,27,271 खुराक लगाई जा चुकी हैं।