डिटेल में जानिए, आखिर कौन हैं अतीक अहमद और उनके भाई की गोली मारकर हत्या करने वाले? यूपी का बनना चाहते थे डॉन हमलावर


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कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच प्रयागराज में शनिवार रात को अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ़ की मीडिया से बात करने दौरान कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

हत्या के बारे में अभी तक उत्तर प्रदेश की पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए हत्या के पीछे का मक़सद भी अभी तक स्पष्ट नहीं है। हालांकि पुलिस ने हत्या की पुष्टि की है और कहा है कि इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

 

गोली चलाने वाले अभियुक्तों ने पुलिस के सामने कथित तौर पर दिए अपने बयान में कहा है, "माफ़िया अतीक़ का पाकिस्तान से संबंध था। उसने और उसके गैंग में शामिल सदस्यों ने तमाम निर्दोष लोगों का कत्ल किया था। अतीक़ ज़मीन हड़पने के लिए हत्या करता था और विरोध में गवाही देने वालों को भी नहीं छोड़ता था। उसका भाई अशरफ़ भी ऐसा करता था, इसलिए हमने दोनों को मार डाला।

 गोली चलाने वाले तीनों अभियुक्त अलग-अलग मामलों में पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस ये भी पता लगा रही है कि अभियुक्त कब और कैसे प्रयागराज आए थे।

जेल में हुई तीनों हमलावरों की दोस्ती

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीनों हमलावर शातिर अपराधी हैं। तीनों ही हत्या, लूट समेत संगीन आरोप में जेल जा चुके हैं। जेल में ही उनकी आपस में दोस्ती हो गई। ये तीनों अतीक़ और अशरफ़ की हत्या करके डॉन बनना चाहते थे।

हमलावरों की पहचान कर ली गई है. इनमें से एक हमीरपुर के हैं, एक कासगंज के और एक बांदा के रहने वाले हैं। पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि तीनों का मानना है कि छोटे-छोटे अपराध में जेल जाने से उनका नाम नहीं हो रहा था, इसलिए वो कुछ बड़ा करने की सोच रहे थे। तीनों को इसी बीच पता चला कि अतीक़ और अशरफ़ अहमद को पुलिस हिरासत में अस्पताल ले जाया जा रहा है। तीनों ने बड़ा नाम कमाने के मक़सद से हत्या की साजिश रची। तीनों ने हत्या की योजना बनाई थी और शुक्रवार को हमला करने से पहले अस्पताल पहुंचकर रेकी की थी। इसके बाद शनिवार को तीनों ने मीडियाकर्मी बनकर अतीक़ और अशरफ़ अहमद को नज़दीक से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

पुलिस ने हमलावर को पकड़ा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तीनों हमलावरों के परिजनों को भी हिरासत में ले लिया गया है। हमलावरों के पास से तीन पिस्तौल बरामद की गई हैं।

शनिवार को घटना के बाद पुलिस ने भी इसकी पारथमिक जानकारी के आधार पर बताया था कि कि हमलावरों के पास से कुछ असलाह मिला है।

शनिवार की रात पुलिस अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद को लेकर पुलिस मेडिकल चेक-अप कराने के लिए काल्विन अस्पताल पहुंची थी। दोनों को पाँच दिन की रिमांड पर लाया गया था। इसी दौरान पुलिस सुरक्षा घेरे में घुसकर हमलावरों ने उन पर कई बार फ़ायरिंग की।

ये हमला उस वक्त हुआ जब अतीक़ और उनके भाई मीडिया वालों के सवालों के जवाब दे रहे थे। इसी बीच एक हमलावर ने अतीक़ अहमद के कनपटी पर पिस्तौल सटाकर उन्हें गोली मार दी और उसके बाद अशरफ़ पर भी कई बार गोलियां चलाईं। हमलावरों ने गोलीबारी के बाद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस के अनुसार इस हमले में एक सिपाही भी घायल हुआ है और एक पत्रकार को भी चोट आई है। हत्या के बाद उत्तर प्रदेश के सभी ज़िलों में धारा 144 लागू कर दी गई है और पुलिस बल गश्त कर रहे हैं।

अतीक़ अहमद पूर्व सांसद थे। उनके भाई भी पूर्व विधायक थे. दोनों भाइयों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है।

अतीक़ अहमद का आपराधिक रिकॉर्ड 

अतीक़ अहमद के आपराधिक इतिहास में 100 से भी अधिक मुक़दमे दर्ज हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, साल 1979 में पहली बार हत्या का मुक़दमा दर्ज हुआ। उस वक्त अतीक़ अहमद नाबालिग़ थे। 1992 में इलाहाबाद पुलिस ने बताया कि अतीक़ के ख़िलाफ़ बिहार में भी हत्या, अपहरण, जबरन वसूली आदि के क़रीब चार दर्जन मामले दर्ज हैं।

प्रयागराज के अभियोजन अधिकारियों के मुताबिक़, अतीक़ अहमद के ख़िलाफ़ 1996 से अब तक 50 मुक़दमे विचाराधीन हैं।

बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य अभियुक्त, मामले की जांच अब सीबीआई के पास 

28 मार्च को प्रयागराज की एमपीएमएलए अदालत ने अतीक़ अहमद को उमेश पाल का 2006 में अपहरण करने के आरोप में दोषी पाया और उम्र कै़द की सज़ा सुनाई।

उमेश पाल हत्याकांड में अब तक 6 अभियुक्तों की मौत

शनिवार को अतीक़ अहमद और उनके भाई अशरफ़ अहमद की गोली मारकर हत्या और उससे पहले बेटे असद की यूपी पुलिस के साथ मुठभेड़ में हुई मौत के बाद, इसी साल 24 फ़रवरी को हुई उमेश पाल की हत्या के मामले में अब तक छह अभियुक्तों की मौत हो गई है।

इनमें अतीक़ ख़ुद, उनके बेटे असद और उनके सहयोगी अरबाज़ और ग़ुलाम मोहम्मद, विजय चौधरी उर्फ़ उस्मान और ग़ुलाम हसन शामिल हैं।

उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या उस वक्त की गई थी जब को कचहरी से लौट रहे थे। इस हमले में दो पुलिसकर्मियों की भी जान गई थी।

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार अतीक़ की पत्नी शाइस्ता परवीन, जिन पर 50 हज़ार का इनाम है वो फ़रार चल रही हैं। अतीक़ के दो बेटे उमर और अली जेल में बंद हैं. उनके दो नाबालिग़ बेटों को बाल सुरक्षा गृह में पुलिस की कड़ी निगरानी में रखा गया है।

ख़बर के अनुसार उमेश पाल की हत्या के बाद इस मामले में पहला एनकाउंटर 27 फ़रवरी को प्रयागराज में ही हुआ था. इसमें अरबाज़ की मौत हुई थी। 24 फ़रवरी को उमेश पाल पर गोली चलाने वाले हमलावर जिस गाड़ी से आए थे, उसे कथित तौर पर अरबाज़ ही चला रहे थे। इसके बाद 6 मार्च को पुलिस ने उस्मान को मुठभेड़ में मारने का दावा किया। असद और ग़ुलाम को 13 अप्रैल को झांसी में पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया। वहीं अतीक़ अहमद के बाकी सहयोगी गुड्डू मुस्लिम, अरमान और साबिर फ़रार चल रहे हैं और पुलिस ने इन पर 5-5 लाख़ रुपये का इनाम भी घोषित किया है।

अतीक़ और अशरफ़ अहमद प्रयागराज की निचली अदालत से लेकर सर्वोच्च अदालत तक में ये कह चुके थे कि उनकी जान को ख़तरा है। बेटे असद की मौत से एक महीने पहले ही अतीक़ अहमद ने सुप्रीम कोर्ट में जेल में अपनी सुरक्षा बढ़ाने की अर्ज़ी दी थी।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की तीसरी लिस्ट, सिद्धारमैया को नहीं मिला कोलार से टिकट

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कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 43 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी कर दी है।इस सूची की खास बात यह है कि कोलार से सिद्धारमैया को टिकट नहीं मिला है। वो अब वरुना सीट से ही उम्मीदवार होंगे।कि पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया वरुणा और कोलार दोनों सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे। लेकिन उन्हें कोलार सीट से टिकट नहीं मिला है। उनकी जगह कोथूर जी. मंजूनाथ को कोलार सीट से टिकट दी गई है। वहीं, पूर्व डिप्टी सीएम लक्ष्मण सावदी को कांग्रेस ने अठानी सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है।

बता दें कि कर्नाटक के पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी हाल ही में बीजेपी का साथ छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार की मौजूदगी में कांग्रेस का हाथ थामा था। वह बीजेपी में टिकट कटने से नाराज थे जिसके बाद उन्होंने बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता औऱ विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। ऐसे में पार्टी में शामिल होने के एक दिन बाद ही उन्हें अठानी सीट से टिकट दे दिया गया है।

तीसरी लिस्ट के अनुसार, शिमोगा ग्रामीण सीट से श्रीनिवास करियाना और शिमोगा सीट से एच सी योगेश को उम्मीदवार बनाया गया है। बेल्लारी से पार्टी ने नारा भारत रेड्डी को टिकट दिया है। चिकबल्लापुर सीट से पार्टी ने प्रदीप ईश्वर अय्यर, बेंगलुरु दक्षिण से आरके रमेश, हासन सीट से बानावासी रंगास्वामी और चामराजा सीट से के. हरीश गौड़ा को उम्मीदवार बनाया गया है। 

इससे पहले कर्नाटक कांग्रेस विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की दो लिस्ट जारी कर चुकी है। 124 उम्मीदवारों वाली पहली लिस्ट कांग्रेस ने 25 मार्च को ही जारी कर दी थी। वहीं 42 उम्मीदवारों वाली दूसरी लिस्ट 6 अप्रैल को जारी की गई थी।

जेडीएस चीफ एचडी देवेगौड़ा का बड़ा बयान, कहा-2024 में खड़े रहेगें वाम दलों के साथ

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आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर जनता दल (सेक्युलर) के मुखिया और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने बड़ा बयान दिया है। एचडी देवेगौड़ा ने ऐलान किया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में वह वामपंथी पार्टियों के साथ खड़े रहेंगे। जेडीएस प्रमुख ने बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत में कहा कि मै कर्नाटक में लेफ्ट पार्टी के साथ खड़ा रहूंगा।

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क्या वामपंथी पार्टियों के एहसान चुका रहे देवेगौड़ा?

एचडी देवगौड़ा के इस घोषणा के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या देवेगौड़ा वामपंथी पार्टियों का समर्थन करके एक तरह से उनका एहसान चुका रहे हैं। साल 1996 में जब अचानक एचडी देवेगौड़ा देश के 11वें प्रधानमंत्री बने तो देवेगौड़ा ने भी इसके बारे में नहीं सोचा था। देवेगौड़ा बता चुके हैं कि जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार गिरी तो वामपंथी नेता ज्योति बसु को प्रधानमंत्री बनना था लेकिन आश्चर्यजनक रूप से उन्हें प्रधानमंत्री का पद मिल गया। ज्योति बसु ने ही देवेगौड़ा के नाम का प्रस्ताव दिया था। ऐसे में अब जब देवेगौड़ा 2024 में वामपंथी पार्टियों के साथ खड़े होने की बात कर रहे हैं तो उसके पीछे माना जा रहा है कि देवेगौड़ा शायद अपने कदम से वामपंथी पार्टियों के उस एहसान को उतारना चाहते हैं।

विपक्ष को एकजुट करने की कवायद शुरू

बता दें कि देश में अगले साल 2024 में चुनाव होने वाला है। विपक्षी पार्टियां भाजपा के खिलाफ गठबंधन बनाने को लेकर सक्रिय हो गई हैं। हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नई दिल्ली में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। इसके अलावा नीतीश कुमार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की। इन मुलाकातों के बाद विपक्षी गठबंधन की चर्चा फिर तेज हो गई है। इस बीच देवेगौड़ा का बयान काफी अहम हो जाता है।

”अगर अरविंद केजरीवाल भ्रष्ट हैं तो इस दुनिया में कोई भी ईमानदार नहीं है”, सीबीआई के समन पर बोले दिल्ली के सीएम

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केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित आबकारी नीति घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 16 अप्रैल को तलब किया है। केजरीवाल ने इससे पहले शनिवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर जमकर केन्द्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। केजरीवाल ने कहा कि कल, उन्होंने (सीबीआई) मुझे बुलाया है और मैं निश्चित रूप से जाऊंगा। केजरीवाल को सीबीआई जांच दल के सवालों का जवाब देने के लिए पूर्वाह्न 11 बजे एजेंसी मुख्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। 

सिसोदिया के बाद अब सीबीआई मेरे पीछे पड़ी है-केजरीवाल

प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि अगर वो भ्रष्ट हैं तो इस दुनिया में कोई भी ईमानदार नहीं है। केजरीवाल ने ये भी कहा कि अगर बीजेपी ने सीबीआई को मुझे गिरफ्तार करने का आदेश दिया है, तो जाहिर तौर पर सीबीआई उनके निर्देशों का पालन करेगी। केजरीवाल ने कहा कि सिसोदिया के बाद अब सीबीआई मेरे पीछे पड़ी हुई है।दिल्ली के सीएम ने कहा कि कहा कि मैंने दिल्ली विधानसभा में जिस दिन भ्रष्टाचार के खिलाफ बोला था, उसी दिन मैं जान गया था कि अगला नंबर मेरा होगा।

खुद सिर से पैर तक भ्रष्टाचार में डूबे-केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीएम मोदी पर बड़ा हमला किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को भ्रष्टाचार से कोई मतलब ही नहीं है, क्योंकि प्रधानमंत्री खुद सिर से पैर तक भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि सत्यपाल मलिक ने भी पीएम मोदी पर सवाल उठाए हैं।

ईडी ने कोर्ट को गुमराह किया, क्योंकि शराब घोटाला तो कुछ है ही नहीं-केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर निशाना साधते हुए कहा कि शराब नीति घोटाला हुआ ही नहीं है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों ने अपने हलफनामे में झूठ बोला और मामले में मनीष सिसोदिया को झूठा आरोपी बनाया गया। केजरीवाल ने कहा, क़रीब एक साल से भाजपा चिल्लाकर कह रही है कि दिल्ली में कोई शराब घोटाला हो गया और बड़ी एजेंसियां पूरा काम छोड़कर इसकी जांच में लगी हुई हैं। सिसोदिया पर सबसे बड़ा आरोप यही लगा कि चौदह फ़ोन तोड़ दिए, ईडी की चार्जशीट में उन फ़ोन का IMEI लिखा है। लेकिन सीजर मेमो में कह रहे हैं कि पांच फ़ोन हमारे पास हैं. बाक़ी नौ फ़ोन…? हमने पता कराया तो पता चला कि बाक़ी ज्‍यादातर फ़ोन ज़िंदा हैं। कोई न कोई इस्तेमाल कर रहा है, मनीष सिसोदिया के फ़ोन नहीं थे वे। ईडी ने कोर्ट को गुमराह किया, क्योंकि शराब घोटाला तो कुछ है ही नहीं।

रोज किसी न किसी को पकड़कर केजरीवाल का नाम लेने को कहते हैं-केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आबकारी घोटाले में उन्हें फंसाने के लिए रोज किसी न किसी व्यक्ति को पकड़ा जाता है, उसे मारा-पीटा जाता है और उससे बयान पर दस्तखत कराए जाते हैं। कोई चंदन रेड्डी हैं, जिसे खूब मारा। मेडिकल रिपोर्ट में कहा है कि पेशेंट ने दोनों बताया कि 16 और 17 सितंबर को मारा, सुनाई नहीं दे रहा। जांच में पता चला कि दोनों कान में चोट है, कान के पर्दे फट गए। चंदन रेड्डी पर क्या कहने का दबाव डाला गया, उसे किस कागज पर साइन करने को कहा गया? अरुण पिल्लई हैं कोई, उन्हें धमकी दी, टॉर्चर किया। समीर महेंद्रू से टॉर्चर कर बयान लिया, मनस्वी, रौशन को टॉर्चर कर बयान लिए।

गुजरात में 30 साल से सरकार चला रहे हैं, लेकिन एक स्कूल को व्यवस्थित नहीं कर पाए-केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहले नंबर थ्री को अरेस्ट किया, फिर नंबर टू को अरेस्ट किया। यह सब इसलिए किया, क्योंकि पीएम मोदी ईडी और सीबीआई के जरिए उनकी गर्दन को पकड़ना चाहते हैं। यह सब यूं ही नहीं हो रहा है। इसके पीछे बड़ा कारण है। हमने देश की जनता को एक उम्मीद दी है। ये लोग उसी उम्मीद को कुचलने के लिए केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को कुचलना चाहते हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ये गुजरात में बीते 30 साल से सरकार चला रहे हैं, लेकिन फोटो खिंचाने भर के लिए भी एक स्कूल को व्यवस्थित नहीं कर पाए हैं।

महज एक जोड़ी कपड़ा और कुछ जरूरत का सामान लेकर सरकारी आवास से निकले राहुल गाँधी, दृश्य देख रो पड़े कांग्रेसी


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 कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज अपना सरकारी आवास खाली कर दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, घर खाली करने के बाद लास्ट में राहुल गाँधी अपने साथ एक जोड़ी कपड़ा लिए हुए आवास से बाहर निकलते दिखाई दिए जिसे देख कांग्रेसी भावुक हो उठे।

राहुल गांधी का बदला ठिकाना 

राहुल गांधी दिल्ली के 12 तुगलक लेन में स्थित बंगले में रह रहे थे। राहुल गांधी घर खाली करने के बाद मां सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ में शिफ्ट हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, घर खाली करने के बाद दिल्ली में अब राहुल गांधी के ऑफिस के लिए जगह ढूंढी जा रही है। 

 लोकसभा की हाउसिंग कमेटी ने भेजा था नोटिस

बता दे कि लोकसभा की हाउसिंग कमेटी ने राहुल गांधी को नोटिस भेजा था। ज्ञात हो कि(23 अप्रैल)शुक्रवार को लोकसभा सचिवालय ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता को रद्द कर दिया था। राहुल गांधी केरल के वायनाड से सांसद थे। इस फैसले के बाद राहुल को सरकारी बंगला 22 अप्रैल तक खाली करने का नोटिस दिया गया था।

बता दें कि राहुल गांधी वर्ष 2004 में जब पहली बार अमेठी से सांसद बने थे, तभी उन्हें लुटियंस दिल्ली के तुगलक लेन पर स्थित 12 नंबर का बंगला आवंटित किया गया था। पिछले 18 साल से यही उनका आशियाना था, हालांकि अब यह बदल जाएगा।

मानहानि मामले में पाए गए थे दोषी

मोदी सरनेम पर 2019 में आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी को बीते महीने ही सूरत की अदालत ने दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। इस सजा के बाद राहुल गांधी की लोकसभा की सदस्यता चली गई थी और इसके बाद उन्हें बंगला खाली करने का नोटिस मिला था। राहुल गांधी ने इस सजा को सूरत की ही सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर गुरुवार को सुनवाई हुई, लेकिन अब भी इस पर बहस जारी है।

तेलंगाना सीएम केसीआर का बड़ा दावा, कहा-बोले- केंद्र में अगली सरकार बीआरएस की बनेगी

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आने वाले लोकसभा चुनाव में अभी करीब एक साल का वक्त बचा है।हालांकि, अभी से जिस तरह से सियासी जमीन तैयार की जा रही है, उसने पूरे देश में राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। इस बार का लोकसभा चुनाव बीजेपी बनाम महागठबंधन के बीच होना तय माना जा रहा है। इसके लिए प्रयास भी शुरू हो चुके हैं। भाजपा के विरुद्ध कांग्रेस, राजद और जदयू की एकजुटता के प्रयासों के बीच तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने बड़ा दावा किया है। केसीआर की मानें तो केन्द्र में अगली सरकार उनकी पार्टी भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस की बनने वाली है।

रोशनी के लिए एक चिंगारी ही काफी है-केसीआर

आंबेडकर जयंती के मौके पर हैदराबाद में शुक्रवार को देश में बाबा साहेब की सबसे ऊंची (125 फीट) प्रतिमा के अनावरण के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद बीआरएस केंद्र में सरकार बनाएगी।जनसभा को संबोधित करते हुए केसीआर कहा कि बीआरएस को महाराष्ट्र में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है और वह पश्चिम बंगाल, बिहार तथा उत्तर प्रदेश से भी इसी तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा, मैं आपको कुछ बातें बताना चाहता हूं, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में अगली सरकार हमारी, हमारी और हमारी ही बनेगी। हो सकता है कि हमारे कुछ शत्रु इसे हजम न कर पाएं। लेकिन रोशनी के लिए एक चिंगारी ही काफी है। 

बीआरएस के आने पर पूरे देश में दलित बंधु योजना लागू की जाएगी-केसीआर

राव ने कहा कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर पूरे देश में दलित बंधु योजना लागू की जाएगी। वर्ष 2021 में शुरू की गई ‘दलित बंधु योजना’ में अनुसूचित जाति के परिवारों को व्यवसाय शुरू करने के लिए 100 प्रतिशत अनुदान के रूप में 10 लाख रुपये प्रदान किए जाते हैं। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना के तहत दिए गए अनुदान को चुकाने की जरूरत नहीं होती। 

विपक्षी एकता की राह में बड़ा रोड़ा

केसीआर का यह बयान तब आया है जब दो दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर राहुल गांधी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं राजद के नेता तेजस्वी यादव की बैठक हुई है। इस बैठक में भाजपा विरोधी दलों को एकजुट करने का संकल्प लिया गया है। ऐसे में केसीआर के इस बयान से विपक्षी एकता की राह में बड़ा रोड़ा नजर आ रहा है।

देश में लगातार तीसरे दिन 10 हजार से ज्यादा कोरोना के नए मामले, 24 घंटे में 27 मौतें

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कोरोना संक्रमण की रफ्तारर लगातार तेज होती जा रही है। जिसने सरकार के साथ-साथ लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 10 हजार 753 नए मामले दर्ज हुए हैं। जिसके बाद देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 53 हजार 720 हो गई है।इसके साथ ही पिछले 24 घंटे में कोरोना के चलते 27 लोगों ने दम तोड़ा है।

पिछले 3 दिनों से एक दिन में 10 हजार से अधिक नए मामले सामने आए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना संक्रमण के 10,753 नए केस दर्ज किए गए। हालांकि कल की तुलना में कोरोना के नए केस के मामलों में थोड़ी गिरावट आई है। शुक्रवार कोरोना के मामलों की संख्या 11 हजार 109 सामने आए थे, जबकि आज उससे 356 कम मामले हैं। हालांकि, आज मौत का आंकड़ा कल के मुकाबले ज्यादा है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के चलते 27 लोगों ने दम तोड़ा है। इस दौरान सबसे अधिक मौतें महाराष्ट्र में दर्ज हुई हैं। महाराष्ट्र में दम तोड़ने वाले मरीज़ों की संख्या 4 है।

रिकवरी रेट 98.69%

देश में संक्रमण के कुल मामलों में एक्टिव केस अभी 0.12% ही है. जबकि रिकवरी रेट 98.69% हो गई है। पिछले 24 घंटे में 6,628 मरीज कोरोना से ठीक हुए हैं। अब तक 4,42,23,211 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। देश में एक दिन में 27 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके बाद कोरोना से मृत्यु दर बढ़कर 1.19 प्रतिशत पहुंच गई है। देश में अब तक कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 531091 पहुंच गया है।

केरल में सबसे ज्यादा एक्टिव केस

स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, केरल में इस समय सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं। केरल में इस समय 18663 एक्टिव केस हैं। इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर है जहां 5928 मामले हैं। राजधानी दिल्ली में भी 4 हजार से अधिक एक्टिव केस हैं। यहां पर 4311 लोग संक्रमित हैं जिनका इलाज चल रहा है।

महाराष्ट्र के रायगढ़ में बड़ा हादसा, अब तक 12 की मौत, 25 से ज्यादा जख्मी

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महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। मुंबई-पुणे ओल्ड हाईवे पर खोपोली इलाके में शिंगरोबा मंदिर के पीछे एक निजी बस खाई में गिर गई। इस हादसे में बस में सवार 12 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 25 से ज्यादा यात्री घायल हो गए।मौके पर राहत और बचाव अभियान जारी है।

पुलिस के मुताबिक, निजी बस पुणे से मुंबई जा रही थी। मुंबई-पुणे हाईवे पर ही शिंगरोबा मंदिर के पास ही यह नियंत्रण खोकर सड़क से उतरकर गड्ढे में जा गिरी। बस में 40 के करीब यात्री सवार थे। राहत-बचाव कर्मियों ने सभी घायलों को पास के अस्पताल पहुंचाना जारी रखा है।बस में गोरेगांव इलाके की एक संस्था से जुड़े लोग सवार थे। ये सभी पुणे में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे। पुणे से वापस लौटते समय इनकी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

जानकारी के मुताबिक, यात्रियों से भरी बस पुणे से मुंबई आ रही थी। इस दौरान मुंबई पुणे ओल्ड हाईवे पर बस का नियंत्रण खो गया और वह 200 फीट गहरी खाई में गिर गई।इससे 12 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।हादसे की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस घायलों को बस से निकालने का प्रयास कर रही है. वहीं स्थानीय लोग भी रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस की मदद कर रहे हैं।

जापान के पीएम फुमियो किशिदा बाल बाल बचे, भाषण के दौरान ब्लास्ट

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जापान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा पर जानलेवा हमले की खबर है। प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा की सभा में विस्फोट हो गया है। हालांकि, किशिदा सुरक्षित है।वहीं, इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।

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बताया जा रहा है कि पीएम किशिदा के भाषण के दौरान स्मोक बम से हमला किया गया है। वाकायामा शहर में भाषण के दौरान उन पर एक व्यक्ति ने पाइप बम फेंक दिया था। हालांकि, जब तक यह बम फटता, पीएम किशिदा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बताया गया है कि जहां किशिदा का भाषण होना था, वहां से उन्हें निकाले जाने के ठीक बाद ही बड़ा धमाका सुना गया। जानकारी के मुताबिक धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि लोगों में चीख पुकार मच गई और वो इधर-उधर भागते नजर आए।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें पत्रकारों और रैली में मौजूद लोगों को सुरक्षा के लिए भागते हुए दिखाया गया है। एक व्यक्ति को अन्य लोगों द्वारा पकड़ लिया गया है जिनके कानून प्रवर्तन अधिकारी होने की संभावना है। बताया गया है कि घटना में पीएम को कोई चोट नहीं आई है। वे एक कार्यक्रम में अपनी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में भाषण देने आए थे।

पूर्व पीएम शिंजो आबे की भी हुई थी हत्या

ऐसा पहली बार नहीं है कि जब जापान के प्रधानमंत्री पर हमला किया गया है। इससे पहले पिछले साल 8 जुलाई को जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।8 जुलाई, 2022 को नारा शहर में आयोजित एक राजनीतिक अभियान कार्यक्रम के दौरान गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाते समय आबे की मृत्यु हो गई थी। शिंजो आबे की एक स्टंप भाषण के दौरान गोली मारकर हत्या किए जाने के एक साल से भी कम समय बाद इस तरह की वारदात को अंजाम दिया गया है।

एलएसी से सटे गांवों के लिए मोदी सरकार ने की ये प्लानिंग, जिससे चीन की बढ़ी बेचैनी, जानें क्या है 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम'

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भारत के खिलाफ चीन की चालों को नाकाम करने के लिए मोदी सरकार ने खास प्लानिंग की है। केंद्र की मोदी सरकार ने चीन सीमा यानी एलएसी से लगे गांवों को डेवलप करने के लिए 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम' शुरू किया है। गृहमंत्री अमित शाह ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के किबिथू गांव में 'वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम' की शुरूआत की है। इस कार्यक्रम से चार राज्यों एवं एक केंद्र शासित प्रदेश के 19 जिलों और 46 सीमावर्ती ब्लाकों में आजीविका के अवसर और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। इससे उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्र में समावेशी विकास सुनिश्वित हो सकेगा। इस कार्यक्रम से यहां रहने वाले लोगों के लिये गुणवत्तापूर्ण अवसर प्राप्त हो सकेंगे।

मोदी सरकार की इस योजना के तहत अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के 19 जिलों के 46 ब्लॉक में 2,967 गांवों को चुना गया है।सबसे पहले इस प्रोग्राम के तहत 662 गांवों को डेवलप किया जाएगा। इनमें से अकेले 455 अरुणाचल में हैं। इन गांवों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।इस प्रोग्राम का उद्देश्य न केवल आजीविका या जॉब की तलाश में इन गांवों से शहर में जाने वाले ग्रामीणों को रोकना है, बल्कि जो शहर चले गए हैं उन्हें भी वापस लाना है।

इस योजना का उद्देश्य उत्तरी सीमा के सीमावर्ती गांवों में स्थानीय, प्राकृतिक और अन्य संसाधनों के आधार पर आर्थिक प्रेरकों की पहचान और विकास करना तथा सामाजिक उद्यमिता प्रोत्साहन, कौशल विकास तथा उद्यमिता के माध्यम से युवाओं व महिलाओं को सशक्त बनाना है।‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत इन इलाकों में विकास केंद्र विकसित करने, स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान और विरासत को प्रोत्साहन देकर पर्यटन क्षमता को मजबूत बनाने और समुदाय आधारित संगठनों, सहकारिता, एनजीओ के माध्यम से “एक गांव एक उत्पाद” की अवधारणा पर स्थायी इको-एग्री बिजनेस के विकास पर ध्यान केंद्रीत किया जायेगा।

पीएम मोदी भी बता चुके हैं इस योजना की अहमियत

जहां एक तरफ सरकार की इस योजना से देश के पूर्वोतर राज्यों का विकास होगा। वहीं, पूर्वोत्तर में चीन की विस्तारवादी नीति का मुकाबला करने की सरकार की एक अच्छी रणनीति है।खुद पीएम मोदी ने भी इस योजना के महत्व के बारे में कहा था कि सीमा से सटे गांवों से पलायन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बुरा है।

चीन को मिलेगा माकूल जवाब

बता दें कि अरुणाचल प्रदेश की चीन के साथ करीब 1,129 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। अभी हाल में चीन ने अरुणाचल प्रदेश में कुल 11 जगहों का नाम बदला था। हालांकि, भारत ने चीन की इस हरकत को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि नाम बदलने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी।यही नहीं, पिछले 9-10 सालों में चीन एलएसी से सटे अपने इलाकों में 600 से अधिक गांवों निर्माण किया है। कई गांव ऐसे हैं जो रणनीतिक रूप से भारत के लिए काफी मायने रखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इन गांवों को एक शिविर के रूप में इस्तेमाल कर सकता है।

4,800 करोड़ रुपये खर्च कर रही केंद्र सरकार

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के लिए केंद्र सरकार ने 4,800 करोड़ रुपये का खर्च निश्चित किया है। इसके अलावा इन गांवों में सड़कों के नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 2,500 करोड़ रुपये अलग से आवंटित किए गए हैं। भारत सरकार ने जिन गांवों को चुना है, ये वह गांव हैं जो कि भारत-चीन सीमा पर फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में जाने जाते हैं। खास बात यह है कि गांवों में चल रहे बॉर्डर प्रोग्राम्स से इसका कोई लेना देना नहीं है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम उससे अलग प्रोजेक्ट है. इस प्रोजेक्ट का मुआयना सीधे तौर पर केंद्र सरकार के अधिकारी करेंगे कि काम ठीक से हो रहा है या नहीं।