71000 युवाओं को मोदी ने दिया नियुक्ति पत्र, बोले- यह भारत का प्रो एक्टिव अप्रोच है

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रीय रोजगार मेले का उद्घाटन किया।इस दौरान पीएम मोदी वर्चुअली देश के 71000 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी बांटे।पीएम मोदी वर्चुअल तौर पर राष्ट्रीय रोजगार मेले में शामिल हुए और अपने संबोधन में कहा कि बैसाखी के इस शुभ दिन पर केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में 70,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। 

करीब 40 लाख जॉब पैदा किया

स्टार्टअप का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि इसने देश में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट तरीके से करीब 40 लाख जॉब पैदा किया है। एनडीए और बीजेपी शासित राज्यों में सरकारी नौकरी देने का सिलसिला तेज गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में बुधवार को ही 22,000 से अधिक शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। पीएम मोदी ने कहा कि आज युवाओं के सामने कई ऐसे सेक्टर खुल गए हैं जो 10 साल पहले युवाओं के सामने उपलब्ध ही नहीं थे। स्टार्टअप का उदहारण हमारे सामने है। स्टार्टअप को लेकर आज भारत के युवाओं में जबरदस्त उत्साह है।

आत्मनिर्भर भारत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा कर रहा है

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय रोजगार मेले में कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान की सोच और अप्रोच केवल स्वदेशी अपनाने और वोकल फॉर लोकल से कहीं ज्यादा है। यह सीमित दायरे वाला मामला नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान गांव से लेकर शहरों तक, भारत में रोजगार के करोड़ों अवसर पैदा करने वाला अभियान है। देश में दशकों तक यही विचार रहा कि हमें डिफेंस का सामान आयात ही करना होगा। अब देश में सेना के 300 से ज्यादा उपकरण और सामान बनाए जा रहे हैं। इसने भी देश में हजारों रोजगार पैदा किया।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की टॉय इंडस्ट्री का उदहारण आपके सामने है। दशकों तक भारतीय बच्चे विदेशों से इम्पोर्ट किए खिलौने से ही खेलते रहे। न तो उनकी क्वालिटी अच्छी थी और ना ही वो भारतीय बच्चों को ध्यान में रखकर बनाये जाते थे। हमने आयात होने वाले खिलौने के लिए क्वालिटी पैरामीटर तय किए और अपनी स्वदेशी इंडस्ट्री को बढ़ावा देना शुरू किया। 3-4 वर्ष में ही टॉय इंडस्ट्री का कायाकल्प हो गया और रोजगार के अनेकों नए अवसर तैयार हुए।

इसी प्रकार से ड्रोन सेक्टर भी है। वहीं, बीते 8-9 सालों में देश के स्पोर्ट्स सेक्टर का भी कायाकल्प हो गया है। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज रफ़्तार से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। पूरी दुनिया कोविड के बाद मंदी से जूझ रही है, ज्यादातर देशों की अर्थव्यवस्था लगातार गिरती जा रही है… बावजूद इसके दुनिया भारत को एक Bright Spot के रूप में देख रही है। आज का नया भारत जिस नई नीति और रणनीति पर चल रहा है उसने देश में नई संभावनाओं और अवसरों के द्वार खोल दिए हैं।

महाराष्ट्र में चढ़ा सियासी पारा, विपक्षी नेता अजित पवार ने सीएम शिंदे और फडणवीस से की मुलाकात, अटकलों का बाजार गर्म

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महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म है। महाराष्ट्र की राजनीति में फिर बड़ी राजनीतिक उठापटक के संकेत मिल रहे हैं। राज्य के राजनीतिक गलियारों में इस तरह की चर्चा है कि एनसीपी नेता व महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार बीजेपी ज्वाइन कर रहे हैं। वहीं इस तरह की भी खबर है कि एनसीपी र बीजेपी के बीच गठबंधन होने जा रहा है। दरअसल, बुधवार को महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता अजित पवार ने सय्याद्री गेस्ट हाउस में सीएम एकनाथ शिंद और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। तीनों के बीच करीब एक घंटे तक चर्चा हुई। तीनों की इस मुलाकात से महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। इससे पहले एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने विपक्ष के मुद्दों की ही हवा निकाल दी थी। उन्होंने पिछले 10 दिन में सावरकर, अडानी, पीएम की फर्जी डिग्री मामले पर बीजेपी को राहत देने वाले बयान दिए। शरद पवार के बयान को विपक्षी एकजुटता के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

महाराष्ट्र में मुलाकातों के मायनें

महाराष्ट्र में बीजेपी-एनसीपी के बीच नजदीकी का आभास दिलाने वाली राजनीतिक हलचल के बीच अजित पवार की ने बुधवार को सीएम एकनाथ शिंदे और देवेन्द्र फडणवीस से मुलाकात की। जाहिर तौर पर तो यह मुलाकात बेमौसम बारिश और ओला वृष्टि से प्रभावित किसानों को मदद दिलाने के नाम पर थी। सह्याद्रि गेस्ट हाउस में हुई यह मुलाकात करीब 50 मिनट तक चली। अजित पवार की फडणवीस और शिंदे के साथ इस मुलाकात के टाइमिंग को लेकर दिन भर चर्चाओं का बाजार गरम रहा। चर्चाओं का बाजार इसलिए गरम रहा, क्योंकि यह मुलाकात मंगलवार की रात उद्धव ठाकरे और शरद पवार की डेढ़ घंटे चली मुलाकात के बाद हुई। 

सियासी समीकरण बदलने के संकेत

महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण बदलने की बातें यूं ही नहीं उठ रही है। हाल ही में एनसीपी प्रमुख शरद पवार और अजित पवार ने ऐसे बयान दिए जो भाजपा के पक्ष में नजर आए। अदानी मामले में शरद पवार की टिप्पणी ने मीडिया का सबसे अधिक ध्यान खींचा। जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार व्यवसायी गौतम अदानी और उनके व्यापारिक समूह के खिलाफ जेपीसी जांच की मांग कर रहे हैं। ऐसे में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अदानी का समर्थन किया था। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री विवाद को लेकर कांग्रेस-शिवसेना के रुख से उलट बयान दे चुके हैं।

क्या शिवसेना के बाद एनसीपी पर बीजेपी की नजर?

शरद पवार का सावरकर, अडाणी जैसे मुद्दों पर बीजेपी के सुर में सुर मिलाना और अजित पवार का फडणवीस-शिंदे से मेल मुलाकातों से राज्य की राजनीति का पारा इन दिनों गरमाया हुआ है। खबरें आ रही हैं कि उद्ध‌व की शिवसेना को तोड़ने के बाद बीजेपी एनसीपी को तोड़ने के लिए अजित पवार पर डोरे डाल रही है। इसीलिए गुरुवार को अजित पवार की फडणवीस-शिंदे से मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है।

पिछले 24 घंटे में 10 हजार के पार आए कोरोना के नए केस, सक्रिय मामले 44 हजार के पार

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भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले एक बार फिर टेंशन बढ़ाने लगे हैं। एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामले रिकॉर्ड बनाने लगे हैं। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 10 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं।जो कल के मुकाबले 30 फीसदी अधिक है। बुधवार को 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 7830 नए मामले सामने आए था। वहीं, एक दिन पहले यानी मंगलवार को कुल 5,676 मामले सामने आए थे।

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सक्रिय मरीजों की संख्या 45 हजार के करीब

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 10,158 नए मामले सामने आए हैं।जो कि पिछले सात महीनों में सबसे ज्यादा था। इसी के साथ पॉजिटिविटी दर में 4.42% उछाल आया है और सक्रिय मरीजों की संख्या करीब 45 हजार पहुंच चुकी है।फिलहाल देश में कोरोना के कुल 44,998 एक्टिव केस हो गए हैं।जबकि स्वस्थ होने की दर 98.17 फीसदी है। पिछले 24 घंटे में कुल 5,356 लोग स्वस्थ हुए हैं और इसकी कुल संख्या 4,42,10,127 पहुंच गई है।

10 दिनों के बाद केस में आगी गिरावट

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच राहत की बात ये है कि 10 दिनों के बाद कोविड-19 के केस में गिरावट देखने को मिल सकती है।हेल्थ मिनिस्ट्री के सूत्रों का कहना है कि भले ही इंफेक्शन कई महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया हो, लेकिन इंफेक्शन अब एंडेमिक स्टेज पर है, जोकि एक विशेष क्षेत्र तक ही सीमित रहता है। हेल्थ मिनिस्ट्री की ओर से ये आकड़े जारी किए गए, जोकि डराने लग गए हैं. संक्रमण दर लगातार बढ़ रही है, लेकिन मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने के मामले बेहद कम हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि कोरोना के नए XBB.1.16 वेरिएंट की वजह से मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन चिंता की बात नहीं है और वायरस के खिलाफ वैक्सीन प्रभावी है।

उत्तर कोरिया ने दागी बैलिस्टिक मिसाइल, जापान में हड़कंप, नागरिकों के लिए अलर्ट जारी

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साउथ कोरिया और अमेरिका के साथ तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च किया है। उत्तर कोरिया ने गुरुवार सुबह बैलिस्टिक मिसाइल दागी। ये मिसाइल कोरियाई प्रायद्वीप और जापान के बीच जाकर गिरी।साउथ कोरिया के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की। वहीं, एक बयान में जापानी सरकार ने बताया कि उत्तर कोरिया की मिसाइल जापानी क्षेत्र में नहीं गिरा। हालांकि, होकैडो द्वीप में रहने वालों को जापान ने इलाके को खाली करने और ईस्ट सी के तटों से दूर बने घरों या बंकरों में शरण लेने की अपील की है।

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उत्तर कोरिया द्वारा एक अनिर्दिष्ट बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने के तुरंत बाद अलर्ट जारी करने के बाद जापानी पक्ष से स्पष्टीकरण आया है। जापान का कहना है कि उत्तर कोरिया द्वारा दागी गई मिसाइल के होकैडो या उसके पास गिरने की अब कोई संभावना नहीं है। हालांकि जापान सरकार ने चेतावनी दी थी कि उत्तर कोरिया द्वारा गुरुवार को छोड़ी गई कई मिसाइल से होकैडो द्वीप के लिए खतरा हो सकता है।

जापान की सरकार ने होक्काइडो के पास रहने वालों को बिल्डिंग या अंडरग्राउंड जगहों पर शरण लेने को कहा। जापान की सरकार ने एक प्रारंभिक चेतावनी जारी करते हुए कहा कि तुरंत जगह को खाली करें। इसके अलावा चेतावनी में ये भी कहा गया कि मिसाइल जापान के समयानुसार सुबह 8:00 बजे गिरी थी। इस पर जापानी प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि नॉर्थ कोरिया के तरफ से दागी गई मिसाइल जापानी क्षेत्र में नहीं गिरी है।

उत्तर कोरिया इस साल की शुरुआत से लगातार हथियारों का परीक्षण कर रहा है। हाल ही में मीडिया ने दावा किया था कि उसने परमाणु-सक्षम अंडरवाटर ड्रोन और दो अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया है।

जल्द शुरू होने जा रही है देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो ट्रेन, जल्द करा जाएगा ट्रायल रन, कोलकाता के नाम होगी एक और उपलब्धि

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भारत की पहली अंडरवाटर मेट्रो ट्रेन जल्द शुरू होने वाली है। ये कोलकाता से शुरू होने जा रही है। कोलकाता में इसके लिए हुगली नदी के नीचे एक सुरंग का निर्माण किया गया है। कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (KMRC) ने पहले रविवार को इस रूट के एक हिस्‍से पर ट्रायल रन करने की घोषणा की थी, लेकिन ऐन वक्‍त पर उसे कैंसिल कर दिया गया। कॉर्पोरेशन का कहना है कि जल्‍द ही ट्रायल रन किया जाएगा।

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80 किमी/घंटा की गति से चलेगी

साल्ट लेक में हावड़ा मैदान और सेक्टर वी को जोड़ने वाले ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के बीच हुगली के नीचे दो सुरंगें बनाई गई हैं। हुगली नदी के तल को काटकर बनाई गई सुरंगों में मेट्रो रेल 80 किमी/घंटा की गति से चलेगी। दो से छह कोच वाली मेट्रो ट्रेन ट्रायल रन के तहत एस्प्लेनेड और हावड़ा मैदान के बीच 4.8 किमी की दूरी तय करेगी।

हुगली नदी के तल से 13 मीटर नीचे से गुजरेगी ट्रेन

16 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन में 10.8 किलोमीटर भूमिगत खंड हैं। नदी का वह हिस्सा जो नीचे की ओर है, इसमें शामिल है। यह मेट्रो ट्रेन हुगली नदी के तल से 13 मीटर नीचे से गुजरेगी और हावड़ा मेट्रो स्टेशन भी 33 मीटर तक गहरा होगा। अभी दिल्‍ली का हौज खास देश का सबसे गहरा मेट्रो स्‍टेशन है।इसकी गहराई 29 मीटर है।

कोलकाता में शुरु हुई थी देश की पहली मेट्रो

देश की पहली मेट्रो रेलवे कोलकाता में ही 1984 में शुरू की गई थी। कोलकाता की तुलना में दिल्ली में बहुत बाद में 2002 में मेट्रो सेवा शुरू हुई थी। अब कई शहरों में इसकी शुरुआत हो चुकी है। वहीं कोलकाता की उपलब्धि में एक और अंडरवाटर मेट्रो जुड़ने जा रही है।

दिसंबर तक पूरी हो जाएगी परियोजना

कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का कहना है कि अंडरवाटर ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर परियोजना दिसंबर 2023 तक पूरी हो जाएगी।

*कर्नाटक विधानसभा चुनावःपहली लिस्ट जारी होते ही बीजेपी में रिजाइन देने का सिलसिला शुरू, पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी ने की बीजेपी छोड़ने की

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कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी के लिए संकट गहराता नजर आ रहा है। मंगलवार रात जारी की गई पार्टी की 189 उम्मीदवारों वाली पहली लिस्ट जारी होने के बाद नाराजगी सामने आने लगी है। लिस्ट जारी हुए अभी 24 घंटे भी नहीं बीते लेकिन कई विधायकों के समर्थकों ने बवाल करना शुरू कर दिया है। कई विधायक टिकट काटे जाने से नाराज हैं।

पहली लिस्ट जारी होते ही बीजेपी में रिजाइन देने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसमें पहला नाम है पूर्व डिप्टी सीएम और एमएलसी लक्ष्मण सावदी का। अठानी विधानसभा सीट से टिकट न मिलने से नाराज सावदी ने बुधवार को बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह 13 अप्रैल को अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर फैसला करेंगे। ऐसे में माना जा रहा है कि सावदी गुरुवार को किसी अन्य पार्टी का दामन थाम सकते हैं।

सावदी ने बेलागावी में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैंने निश्चित तौर पर फैसला किया है। मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया है।’’ वह आगे यह भी बोले, "मैं उन लोगों में से नहीं हूं, जो भीख मांगने वाला कटोरा लेकर पहुंच जाते हैं। मैं आत्म-सम्मान वाला राजनेता हूं। मैं किसी के प्रभाव या दवाब में आकर काम नहीं करता हूं।" कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों के बीच 63 साल के नेता ने कहा कि वह बृहस्पतिवार शाम को एक 'मजबूत निर्णय' लेंगे और शुक्रवार से इस पर काम करना शुरू कर देंगे।

सावदी बीएस येदियुरप्पा के काफी करीबी माने जाते हैं। उन्हें येदियुरप्पा के बाद सबसे मजबूत लिंगायत नेताओं में से एक माना जाता था। सावदी जिले की अथानी विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे हैं। पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के तत्कालीन उम्मीदवार महेश कुमाथल्ली के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था।

*ट्विटर से पीएम मोदी से जुड़ी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री हटाने को लेकर एलन मस्क ने दिया जवाब, कहा- भारत में सोशल मीडिया कंटेंट के खिलाफ नियम काफी स

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अक्सर सुर्ख़ियों में रहने वाले ट्विटर के मालिक और टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने बीबीसी को इंटरव्यू दिया।इंटरव्यू में उन्होंने कई मुद्दों पर सवालों के जवाब दिए। बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में ट्विटर के बॉस एलॉन मस्क ने भारत और सेंसरशिप पर बात की। 

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दरअसल, बीबीसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्‍यमंत्री कार्यकाल को लेकर बनाई गई अपनी एक डॉक्यूमेंट्री को लेकर विवादों में आ गई थी और भारत में उसकी इस डॉक्यूमेंट्री को बैन कर दिया गया था। वहीं, भारत सरकार ने ट्विटर को निर्देश दिया था कि विवादित और भड़काउू कंटेंट को टि्वटर पर प्रसारित न करने दिया जाए। जिसके बाद ट्विटर से बीबीसी की कुछ विवादित सामग्री हटा दी गई थी। वहीं, अब बीबीसी की ओर से उस मामले में ट्विटर के सीईओ एलन मस्क से कुछ सवाल किए गए तो मस्‍क ने चौंकाने वाले जवाब दिए।

मस्क ने कहा-भारत में सोशल मीडिया कंटेंट के खिलाफ नियम काफी सख्त हैं

इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मुझे उस विशेष स्थिति की जानकारी नहीं है। पता नहीं वास्तव में भारत में कुछ कंटेंट के साथ क्या हुआ। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कंटेंट के खिलाफ नियम काफी सख्त हैं और हम देश के कानूनों से अलग नहीं हो सकते। मस्क ने कहा कि वेबसाइट भारतीय यूजर्स को वैसे स्वतंत्रता नहीं दे सकती, जैसी अमेरिकी यूजर्स और दूसरे पश्चिमी देशों में मिलती है।मस्क ने बताया कि ट्विटर कभी-कभी भारत में कंटेंट सेंसर और ब्लॉक करता है। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी भारत के नियमों का पालन नहीं करेगी, तो उसके कर्मचारी जेल भेजे जा सकते हैं।

बीबीसी को सरकार पोषित संस्थान बताने पर दी प्रतिक्रिया

बीबीसी के साथ ये इंटरव्यू तब हुआ है जब बीबीबी के ट्विटर हैंडल पर उसे गवर्नमेंट फंडेड मीडिया लेबल दिया गया। हाल ही में ट्विटर ने बीबीसी के अकाउंट को सरकार पोषित संस्थान बताया था जिसे लेकर बीबीसी ने एतराज़ जताया था। इस विवाद पर इंटरव्यू के दौरान मस्क ने प्रतिक्रिया दी। इस पर जवाब देते हुए मस्क ने कहा कि ट्विटर इस टैग को ‘पब्लिकली फंडेड’ टैग में बदल देगा। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम लेबल को ‘पब्लिकली फंडेड’ करने के लिए एडजस्ट कर रहे हैं। मुझे लगता है कि ये बहुत आपत्तिजनक नहीं है।

ट्विटर के सफर को उतार-चढ़ावों से भरा बताया

ट्विटर में उनका समय कैसा गुज़र रहा है इस सवाल पर मस्क ने कहा, ये उबाऊ नहीं है। ये बहुत से उतार-चढ़ावों से भरा है। अब चीज़ें ठीक जा रही हैं। उन्होंने ये भी माना कि कुछ तकनीकी समस्याएं आईं और कई बार ट्विटर ठप भी हुआ। हालांकि, ये उतने लंबे समय के लिए नहीं था और अब सब ठीक चल रहा है।

बताया अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में किसे किया था वोट

मस्क ट्विटर पर कई राजनीतिक विचार साझा करते आए हैं। कई लोग उन्हें ट्रंप का समर्थक बताते हैं। हालांकि, बीबीसी को मस्क ने बताया कि बीते अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में उन्होंने जो बाइडन को वोट दिया था। मस्क ने कहा, बेशक क़रीब आधे देश ने डोनाल्ड ट्रंप के लिए वोट किया था। लेकिन मैं उनमें शामिल नहीं था।

”विपक्ष को एकजुट करने का ऐतिहासिक कदम”, नीतीश-तेजस्वी से मुलाकात के बाद बोले राहुल गांधी, जानें नीतीश और खड़गे की राय

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2024 का लोकसभा चुनाव बीजेपी बनाम महाविपक्ष हो सकता है।बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कवायद शुरू भी हो गई है। इस कड़ी में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का बुधवार को कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात को ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है।

दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आज बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ राहुल गांधी की मुलाकात हुई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज की मुलाकात को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा, विपक्ष को एक साथ लाने को लेकर एक बेहद ही ऐतिहासिक कदम लिया गया है। इस मकसद में जितनी भी विपक्ष के दल हमारे साथ आएंगे उन्हें हम साथ लेकर चलेंगे। इस समय देश और लोकतंत्र पर जो हमले हो रहे हैं उसके खिलाफ हम एक साथ खड़े होंगे और इसके लिए लड़ते रहेंगे।

जो पार्टियां विचारधारा की लड़ाई में साथ आना चाहती हैं उसको लेकर चलेंगे-राहुल

राहुल गांधी ने कहा कि जो नीतीश जी ने कहा कि विपक्ष को एक करने में बहुत एतिहासिक कदम लिया गया है। कितनी विपक्षी पार्टियों को इकट्ठा करना है। ये एक प्रक्रिया है। विपक्ष का जो भी नजरिया है, उसे हम विकसित करेंगे और जो भी पार्टियां विचारधारा की लड़ाई में साथ आना चाहती हैं उसको लेकर चलेंगे। जो संस्थानों पर आक्रमण हो रहा है, देश पर आक्रमण हो रहा है, उसके खिलाफ हम लड़ेंगे।

चुनाव में एकजुटता दिखाकर लड़ने का निर्णय-खड़गे

इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सभी पार्टियों को एकजुट करना और एक होकर आगे जो चुनाव आएंगे, उस चुनाव में एकजुटता दिखाकर लड़ना और यह हमारा निर्णय हुआ है। हम सब उसी रास्ते पर काम करेंगे। तेजस्वी जी, नीतीश जी, सभी हमारे नेतागण जो यहां बैठे हैं। हम सब उसी लाइन पर काम करेंगे।

अधिक से अधिक पार्टियों को एकजुट करने की कोशिश करना है-नीतीश

खरगे के आवास पर मुलाकात को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, अभी बात हो गई है। हमने विपक्षी एकता को लेकर काफी देर तक चर्चा की है। हमारी कोशिश अधिक से अधिक पार्टियों को देश भर में एक जुट करने की कोशिश करते रहना है। उन्होंने कहा कि हम आगे एक साथ काम करेंगे बैठक में यह तय हो गया है।

एकजुट हो रहा विपक्ष! कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने पहुंचे नीतीश कुमार, बैठक में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव भी मौजूद

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आगामी लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने का कवायद तेज हो गई है। बीजेपीके साथ राहें जुदा होने के बाद से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार इस प्रयास में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में बुधवार को नीतीश कुमार ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से उनके आवास पर मुलाकात करने पहुंचे हैं। 

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बता दें कि नीतीश कुमार तीन दिनों के लिए दिल्ली में हैं। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार विपक्ष को एकजुट करने की तैयारी में हैं।नीतीश कुमार के साथ-साथ डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह भी मौजूद है। दूसरी ओर से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी खरगे के आवास पर पहुंचे हैं। 

बैठक को लेकर एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें जेडीयू के सभी दिग्गज नजर आ रहे हैं।बैठक में आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा भी नजर आ रहे हैं। बिहार में जेडीयू-आरजेडी गठबंधन की सरकार है ऐसे में दोनों ही पार्टी के दिग्गज नेता मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि इस बैठक में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा हो रही है।

इससे पहले मंगलवार शाम जदयू प्रमुख ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने 2024 के संसदीय चुनावों में भाजपा को लेने के लिए विपक्षी एकता को मजबूत करने के प्रयासों के बीच वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। बिहार की राजनीति के दो दिग्गजों के बीच बैठक उस दिन हुई जब बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव नई दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए जो कथित भूमि-के-नौकरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए पेश हुए।

2024 लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा काफी अहम माना जा रहा है।वे लगातार बीजेपी के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार दिल्ली दौरे पर कई विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं।वहीं, फरवरी में, नीतीश कुमार ने इस बात पर जोर दिया था कि यदि कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल 2024 का लोकसभा चुनाव एकजुट होकर लड़ते हैं, तो भाजपा 100 सीट से कम सीट पर सिमट जाएगी।

इससे पहले नीतीश पिछले साल सितंबर में दिल्ली के दौरे पर पहुंचे थे. तब उन्होंने एनसीपी नेता शरद पवार, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, डी राजा, सीताराम येचुरी और अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। बता दें कि बिहार में अभी नीतीश के नेतृत्व में गठबंधन सरकार है। इसमें जदयू, राजद, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां शामिल हैं।

*पायलट को लेकर कांग्रेस में मची उठापटक पर पीएम मोदी का तंज, कहा- गहलोत हमारे मित्र, संकट के वक्त भी विकास कार्यों के लिए समय निकाला

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जयपुर-दिल्ली कैंट के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजस्थान की धरती को आज पहली वंदे भारत ट्रेन मिल रही है। दिल्ली कैंट अजमेर वंदे भारत एक्सप्रेस से जयपुर से दिल्ली आना जाना और आसान हो जाएगा। ये राजस्थान के पर्यटन में भी बहुत सहायक होगी।

वहीं इस दौरान पीएम ने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत द्वारा केंद्र सरकार के कामों पर हर बार भरोसा जताने के लिए आभार प्रकट करते हुए सचिन पायलट के चलते कांग्रेस में मची उठापटक पर भी तंज कसा। मुझे गहलोत जी का विशेष रूप से आभार व्यक्त करना चाहता हूं। संकटों से गुजर रहे हैं। इसके बाद भी विकास के काम के लिए समय निकालकर आए हैं। रेलवे के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मैं उनका स्वागत, अभिनंदन करता हूं। गहलोत जी, आपके तो दो-दो हाथ में लड्डू है। आपके रेलमंत्री राजस्थान के हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन भी राजस्थान के हैं। जो काम आजादी के तुरंत बाद होना चाहिए था, अब तक नहीं हो पाया। आपका मुझ पर इतना भरोसा है कि आपने वह काम भी मेरे सामने रखे हैं। एक मित्र के नाते जो भरोसा रखते हैं, उसका मैं आभार व्यक्त करता हूं। 

वहीं पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले ट्रेनों को राजनीति का अखाड़ा बनाया गया। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद रेलवे के आधुनिकीकरण पर हमेशा राजनीतिक स्वार्थ हावी रहा। पीएम मोदी ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ को देखकर ही तय किया जाता था कि कौन रेल मंत्री बनेगा, राजनीतिक स्वार्थ ने ही ऐसी-ऐसी ट्रेनों की घोषणा करवाई, जो कभी चली ही नहीं। हालत यह थी कि गरीब की जमीन छीन कर उन्हें रेलवे में नौकरी का झांसा दिया गया।

पीएम मोदी ने कहा, साल 2014 से पहले रेलवे को केवल राजस्थान में 700 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, लेकिन साल 2014 के बाद बीजेपी की सरकार आई तो इसमें लगातार बढ़ोतरी की गई। अब राजस्थान में रेलवे विकास का यह बजट बढ़कर 9500 करोड़ रुपये हो गया है। केंद्र सरकार लगातार रेलवे का विकास कर रही है।