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Jul 23 2022, 19:42

ईडी की पूछताछ में अर्पिता मुखर्जी ने किया बड़ा खुलासा, ममता के मंत्री की बढ़ी मुश्किलें

डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल में कथित शिक्षक घोटाला मामले में तृणमूल कांग्रेस के मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की. ईडी के सूत्रों के हवाले से पता चला है कि पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता ने शुरुआती पूछताछ मे इस घोटाले से जुड़ी कई अहम जानकारियों का खुलासा किया है.

ईडी के सूत्रों के मुताबिक, अर्पिता ने छापेमारी में बरामद पैसों के बारे में खुलासा करते हुए अधिकारियों को बताया कि रिश्वत की रकम नीचे से लेकर ऊपर तक जाती थी. ईडी अर्पिता के प्रारंभिक बयानों की सत्यता की जांच कर रही है. ईडी के सूत्रों के हवाले से ये बात भी सामने आई है कि छापेमारी में जो करोड़ों रुपये की रकम बरामद की गई है उसमें सरकारी मंत्री के नाम पर छपे लिफाफे भी मिले हैं. इन लिफाफों में नोटों की गड्डियां मौजूद थी. ईडी को शक है कि लिफाफों में रिश्वत की रकम थी.

के दौरान जो खुलासा किया है उसके मुताबिक रिश्वत की रकम नीचे से लेकर ऊपर तक जाती थी. इसके लिए बकायदा एक चेन बनी हुई थी सूत्रों का कहना है कि इस चेन में दलाल ऐसे लोगों को तलाश करता था जो नौकरी के बदले पैसे दे सकते थे. फिर यह राशि एक जगह पर एकत्र की जाती थी और इस चेन में दलाल प्राइवेट आदमी नौकरशाह से लेकर नेता तक का हिस्सा फिक्स था. सूत्रों का दावा है कि अर्पिता की आरंभिक पूछताछ के दौरान कुछ ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिली है जिनकी जांच के दौरान कुछ और घोटालों का भी पर्दाफाश हो सकता है.

ईडी के एक आला अधिकारी ने बताया कि अर्पिता द्वारा आरंभिक पूछताछ के दौरान जो जवाब दिए गए हैं उनकी सत्यता की जांच की जा रही है. यदि वे बयान सत्य पाए जाते हैं तो उन्हें फिर से अर्पिता के बयानों के तौर पर दर्ज किया जाएगा. साथ ही जरूरत पड़ने पर अर्पिता को गिरफ्तार भी किया जा सकता है. 24 परगना के हरिदेवपुर के डायमंड सिटी दक्षिण स्थित मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी अभिनेत्री और मॉडल अर्पिता के घर से जो अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आदि बरामद हुए हैं उनकी जांच का भी काम किया जा रहा है. 

उन 20 मोबाइल फोनों की कॉल डिटेल्स भी खंगाली जा रही है जो उसके घर से बरामद हुए हैं. ईडी सूत्रों के मुताबिक इस मामले में गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरु हो चुका है और जल्द ही अनेक लोगों की गिरफ्तारी की जायेंगी. इनमें दलाल प्राइवेट आदमी से लेकर सरकारी अधिकारी एवं नेता भी शामिल हो सकते हैं. मामले की जांच जारी है ध्यान रहे कि केंद्रीय जांच ब्यूरो भी इस मामले की जांच कर रहा है.


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Jul 23 2022, 18:46

जस्टिस रमन्ना ने कहा, प्रिंट मीडिया में अकाउंटेबिलिटी दिखती है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जीरो अकाउंटबिलिटी के आधार पर कर रही काम 

भारत के चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने एक बार फिर कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर गैरजिम्मेदाराना रिपोर्टिंग और बहस से न्यायपालिका को भी मुश्किल हो रही है। जस्टिस रमन्ना ने कहा कि प्रिंट मीडिया में आज भी एक अकाउंटबिलिटी दिखती है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जीरो अकाउंटबिलिटी के आधार पर काम कर रहा है। कई मामलों में मीडिया कंगारू कोर्ट लगा लेता है। मीडिया ट्रायल किसी भी हाल में लोकतंत्र के लिए अच्छी बात नहीं है।

चीफ जस्टिस शनिवार को रांची स्थित ज्यूडिशियल एकेडमी में जस्टिस एसबी सिन्हा एसबी मेमोरियल लेक्चर में 'लाइफ ऑफ जज' विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मीडिया अक्सर मामलों को इस तरह उछालता है जिससे न्यायपालिका की छवि तो प्रभावित होती ही है, अनुभवी जजों को भी फैसला लेने में दिक्कत आती है।

मीडिया की बहस लोकतंत्र के लिए खतरनाक

न्याय देने से जुड़े मुद्दों पर गलत सूचना और एजेंडा चलाने वाली मीडिया बहस लोकतंत्र की सेहत के लिए हानिकारक साबित हो रही है। सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को अपनी आवाज का उपयोग लोगों को शिक्षित करने, उन्हें दिशा दिखाने के लिए करना चाहिए।

न्यायपालिका की चुनौतियों का जिक्र करते जस्टिस रमन्ना ने कहा कि अदालतों में काफी संख्या में लंबित मामलों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। फ्रैजाइल ज्यूडिशियरी के लिए हमारे पास आधारभूत संरचना नहीं है। इस चुनौती का सामना करने के लिए हमें आधारभूत संरचना विकसित करनी होगी, ताकि जज पोटेंशियल के साथ काम कर सकें।

सामाजिक दायित्वों से नहीं भागते हैं जज

जस्टिस रमन्ना ने कहा कि जज सामाजिक दायित्वों से भाग नहीं सकते हैं। ज्यूडिशियरी को भविष्य की चुनौतियों के लिए लंबी अवधि की योजना बनानी होगी। जज और ज्यूडिशियरी को एक यूनिफार्म सिस्टम विकसित करना होगा। मल्टी डिसिप्लीनरी एक्शन मोड में काम करना होगा। 

जरूरी है कि हम सस्टेनेबल मेथड ऑफ जस्टिस की अवधारणा लागू करने की दिशा में आगे बढ़ें। जजों को भी सिस्टम को टालने योग्य संघर्षों और बोझ से बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर मामलों की सुनवाई करनी होगी।

रिटायर होने के बाद जजों को मिले सुरक्षा

जस्टिस रमन्ना जजों पर बढ़ते हमलों पर चिंता जताई। कहा कि रिटायरमेंट के बाद जज को भी समाज में जाना पड़ता है। रिटायरमेंट के बाद उन्हें उन कनविक्टेड लोगों से जूझना पड़ता है, जिनके खिलाफ एक जज ने कई आदेश पारित किए। जिस तरह पुलिस और राजनेताओं को रिटायरमेंट के बाद भी सुरक्षा दी जाती है, उसी तरह जजों को भी सुरक्षा मिले।

राजनीति में जाना चाहते थे

 जस्टिस रमन्ना ने अपने निजी जीवन की चर्चा करते हुए चीफ जस्टिस ने कहा कि उन्होंने पहली बार सातवीं कक्षा में अंग्रेजी पढ़नी शुरू की। वह राजनीति में भी जाना चाहते थे लेकिन नियति ने उनके लिए जज की भूमिका तय की।


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Jul 23 2022, 18:44

स्मृति ईरानी की बेटी पर गोवा में एक अवैध बार चलाने का आरोप, स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना

डेस्क: स्मृति ईरानी ने कांग्रेस द्वारा उनकी बेटी पर बार चलाने के आरोपों का खंडन किया है. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेरी बेटी बार नहीं चलाती. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनकी बेटी का चरित्र हनन किया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी गोवा में 'गैरकानूनी बार' चला रही हैं. इतना ही नहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी को बर्खास्त करने की भी मांग की. स्मृति ईरानी की बेटी भी कांग्रेस के इन आरोपों को खारिज कर चुकी हैं.

ईरानी की बेटी पर अवैध बार चलाने का आरोप

ईरानी की बेटी के वकील कीरत नागरा ने कहा था कि उनकी मुवक्किल 'सिली सोल्स' नामक रेस्टोरेंट की न तो मालकिन हैं और न ही इसका संचालन करती हैं. उन्हें कोई ‘कारण बताओ नोटिस’ भी नहीं मिला है. नागरा ने कहा कि निहित स्वार्थ वाले कई लोगों द्वारा गलत, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट किये जा रहे हैं, जो उनकी मुवक्किल की मां, प्रतिष्ठित नेता स्मृति ईरानी के साथ राजनीतिक स्वार्थ साधने का प्रयास कर रहे हैं.

ईरानी की बेटी ने किया आरोपों का खंडन

वकील ने आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे लोग सिर्फ इसलिए दुष्प्रचार कर रहे हैं ताकि तथ्यों की जांच-परख किये बिना मुद्दाविहीन बात को सनसनी बनाकर पेश किया जा सके और वे मेरी मुवक्किल को सिर्फ इसलिए बदनाम करने पर आमादा हैं कि वह एक नेता की पुत्री हैं.' कांग्रेस ने एक कागजात जारी करते हुए दावा किया कि आबकारी विभाग की ओर से स्मृति ईरानी की पुत्री को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था और जिस अधिकारी ने नोटिस दिया था उसका कथित तौर पर तबादला किया जा रहा है.

कांग्रेस ने लगाए हैं ईरानी की बेटी पर गंभीर आरोप

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, 'केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के परिवार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं. गोवा में उनकी बेटी द्वारा चलाए जा रहे रेस्टोरेंट पर शराब परोसने के लिए फ़र्ज़ी लाइसेंस जारी करवाने का आरोप लगा है और यह कोई ‘सूत्रों के हवाले से’ अथवा एजेंसियों द्वारा राजनीतिक प्रतिशोध लेने के लिए लगाया गया आरोप नहीं है, बल्कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी में खुलासा हुआ है.' उन्होंने दावा किया, 'केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी ने अपने ‘सिली सोल्स कैफे एंड बार’ के लिए फ़र्ज़ी दस्तावेज़ देकर 'बार लाइसेंस' जारी करवाए.' कांग्रेस नेता के अनुसार, '22 जून 2022 को लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए जिस 'एंथनी डीगामा' के नाम से आवेदन किया गया, जबकि उनकी पिछले साल मई में ही मौत हो चुकी है. एंथनी के आधार कार्ड से पता चला है कि वे मुंबई के विले पार्ले के निवासी थे. आरटीआई के तहत सूचना मांगने वाले वकील को इनका मृत्यु प्रमाण-पत्र भी मिला है.'


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Jul 23 2022, 18:30

फर्जीवाड़े में घिरी स्मृति ईरानी, फर्जी और झूठे दस्तावेजों के जरिए शराब बेचने का लाइसेंस लेने का आरोप, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा

गोवा के एक्साइज कमिश्नर ने एक वकील द्वारा फर्जी और झूठे दस्तावेजों के जरिए लाइसेंस लेने की शिकायत पर रेस्त्रां को जारी किया नोटिस

  

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अक्सर कांग्रेस को घेरने और आरोप लगाने वाली केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी खुद ही अब एक फर्जीवाड़े में घिरती नजर आ रही है। स्मृति की बेटी का गोवा स्थित रेस्त्रां अब विवादों में फंस गया है। रिपोर्टों के मुताबिक रेस्त्रां पर एक मृत व्यक्ति के नाम पर शराब का लाइसेंस लेने का आरोप है।

गोवा के एक्साइज कमिश्नर ने एक वकील द्वारा फर्जी और झूठे दस्तावेजों के जरिए लाइसेंस लेने की शिकायत पर रेस्त्रां को नोटिस जारी किया है। मामले में अब 29 जुलाई को सुनवाई होनी है। स्मृति ईरानी की बेटी जोइश ईरानी गोवा के अस्सागाव में एक "सिली सोल्स कैफे एंड बार" नाम से एक पॉश रेस्त्रां चलाती हैं।

यह रेस्त्रां तब विवादों में घिर गया जब पता चला कि इसके मालिकों ने शराब के लाइसेंस को रिन्यू करवाने के लिए एक मृत व्यक्ति के नाम का सहारा लिया है। इस संबंध में वकील एरेज रोड्रिग्ज ने शिकायत की थी। उन्होंने दावा किया कि फर्जी और गढ़े गए दस्तावेजों के जरिए यह लाइसेंस हासिल किया गया है।

इसे लेकर कांग्रेस भी स्मृति पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मृति ईरानी ने अपनी बेटी को फर्जी तरीके से लाइसेंस दिलाने में मदद दिलाई। कांग्रेस ने इस मामले में स्मृति और उनके परिजनों पर कई आरोप लगाए हैं। इन मामलों में स्मृति पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कांग्रेस ने पीएम मोदी से अपील करते हुए स्मृति ईरानी से इस्तीफा मांगा है।

कांग्रेस प्रवक्ता अलका लांबा ने अपनी सोशल मीडिया हैंडल से एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी को लेकर ‘कई अखबारों में खबर छपी हुई है। कहा, स्मृति ईरानी इस बात की जानकारी दें कि उनकी बेटी को कमिश्नर द्वारा नोटिस दी गई है। खुलासा हुआ है कि आपकी बेटी जो गोवा में एक रेस्टोरेंट चलाती हैं, वहां पर शराब परोसने के लिए जो लाइसेंस बनवाया गया था, वह फर्जी तरीके से बनाया गया है?


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Jul 23 2022, 18:28

दिल्ली बीजेपी ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर के बाहर किया विरोध प्रदर्शन 

LG वीके सक्सेना ने आबकारी नीति 2021-22 में गड़बड़ी के आरोपों की CBI जांच कराने की सिफारिश की

 दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ बीजेपी लगातार हमलावर है। दिल्ली की नई आबकारी नीति को लेकर सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद दिल्ली बीजेपी की इकाई ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

इस दौरान बीजेपी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मनीष सिसोदिया की बर्खास्तगी की मांग करते हुए कहा, ‘हम लोग यहां सड़क पर हैं। केजरीवाल की कौन सी मजबूरी है जो शराब माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए बिना कैबिनेट अप्रूवल के पैसा दे देते हैं। ये लोग शराब माफिया को हज़ारों करोड़ का फायदा पहुंचा रहे हैं। मनीष सिसोदिया को बर्खास्त करना चाहिए। वहीं सिसोदिया ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि आप नेताओं पर और 'फर्जी मुकदमे' दर्ज होंगे। भाजपा सरकार गिराने के लिए यह सब कर रही है। इधर, इस कार्यवाही के कारण दिल्ली का राजनैतिक पारा चढ़ा हुआ है।


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Jul 23 2022, 17:30

क्या है पश्चिम बंगाल का शिक्षक भर्ती घोटाला? जिसने राजनीति में ला दिया भूचाल, जानिए पूरा मामला

डेस्क: शिक्षक भर्ती घोटाले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है. ममता बनर्जी सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी को शनिवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया है. चटर्जी को करीब 26 घंटे की पूछताछ के बाद अरेस्ट किया गया. ईडी ने उनकी एक करीबी अर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में लिया है जिनके घर से भारी रकम बरामद हुई है. जानते हैं क्या है यह घोटाला.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) हाईकोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है. वहीं, ईडी इस मामले से संबंधित कथित धनशोधन की तफ्तीश में जुटा है.

क्या है पूरा मामला?

राज्य के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तहत शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों पर नियुक्तियों के लिए स्कूल सेवा आयोग ने 2016 में परीक्षा आयोजित की थी. इस परीक्षा के तहत 20 उम्मीदवारों का चयन होना था.

परीक्षा के परिणाम नवंबर 2017 में आए - सिलीगुड़ी की बबीता सरकार का नाम टाप 20 उम्मीदवारों में शामिल था. बबीता 20वें नंबर पर थी

लेकिन आयोग ने यह सूची रद्द कर दी. बाद में दोबारा लिस्ट निकली उसमें बबीता का नाम वेटिंग लिस्ट में चला गया.

नई लिस्ट में बबीता 21वे नंबर पर आ गई और पहले नंबर पर परेश अधिकारी जो उस वक्त विधायक थे (फिलहाल शिक्षा विभाग के राज्य मंत्री हैं), की बेटी अंकिता अधिकारी का नाम आ गया.

इस नई लिस्ट आने के बाद बबीता सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

हाई कोर्ट ने आयोग से दोनों की नंबर शीट मांगी जिससे खुलासा हुआ कि 16 नंबर कम पाने के बावजूद मंत्री जी की बेटी का नाम टॉप पर आ गया और 21 नंबर पर बबिता सरकार आ गई.

कलकत्ता हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि अंकिता अधिकारी को नौकरी से हटाया जाए और उनको जितना वेतन मिली है वो वसूला जाए. वेतन वसूल कर पैसा बबिता सरकार को दिया जाए और उसे नौकरी पर रखा गाए।

आदालत ने एक जांच आयोग बैठा दिया. अदालत ने पहले इस कथित घोटाले की जांच के लिए न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) रंजीत कुमार बाग की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था.

समिति ने अपनी रिपोर्ट में घोटाले में शामिल तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की सिफारिश की थी.

मामला हाईकोर्ट को सौंपा गया

बाग समिति ने ग्रुप-डी और ग्रुप-सी पदों पर नियुक्तियों में अनियमितता पाई थी. समिति ने कहा था कि ग्रुप-सी में 381 और ग्रुप-डी में 609 नियुक्तियां अवैध रूप से की गई थीं.

राज्य स्कूल सेवा आयोग के चार पूर्व शीर्ष अधिकारियों और पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के मौजूदा अध्यक्ष कल्याणमय गांगुली के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही की सिफारिश की थी.

अदालत ने समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दिया.

पार्थ चटर्जी थे घोटाले के वक्त शिक्षा मंत्री

अभी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पद पर काबिज पार्थ चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब कथित घोटाला हुआ था. CBI उनसे पहले भी दो बार पूछताछ कर चुकी है. पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी. शुक्रवार (23 जुलाई) को पश्चिम बंगाल के दो मंत्रियों-पार्थ चटर्जी और परेश अधिकारी के घरों पर भी छापेमारी की गई.

ED ने आर्पिता मुखर्जी को भी हिरासत में लिया है जो पार्थ चटर्जी की करीबी बताई जा रही हैं. ईडी ने एक बयान में कहा कि अर्पिता मुखर्जी के आवास पर बरामद 20 करोड़ रुपये "उक्त एसएससी घोटाले के अपराध की आय होने का संदेह है". छोटे समय के लिए अभिनेत्री रह चुकीं अर्पिता मुखर्जी 2019 और 2020 में पार्थ चटर्जी की दुर्गा पूजा समिति के प्रचार अभियानों का चेहरा थीं.

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इन ईडी के छापों को केंद्र की बीजेपी सरकार द्वारा अपने राजनीतिक विरोधियों को "परेशान" करने के लिए एक "चाल" बताया और इस मुद्दे में किसी भी भूमिका से इनकार किया. दूसरी तरफ बीजेपी (BJP) ने दावा किया है कि सीबीआई और ईडी "सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं."


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Jul 23 2022, 16:43

अरुणाचल प्रदेश से लापता 19 मजदूरों में से सात का चला पता, असम के रहने वाले थे सभी

डेस्क: अरुणाचल प्रदेश में कुरुंग कुमे जिले से 13 जुलाई को लापता हुए असम के 19 निर्माण मजदूरों में से सात का पता लगा लिया गया है और उन्हें बचा लिया गया है। उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है। IAF के हेलिकॉप्टर अभी खोज और बचाव कार्यों में लगे हुए हैं। बाकी 12 मजदूरों की तलाश अब भी जारी है। रेस्क्यू से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जिन मजदूरों को तलाशा गया है वे बहुत कमजोर पाए गए हैं।

बता दें कि चीनी सीमा से लगते अरुणाचल प्रदेश के कुरुंग कुमे जिले में 19 मजदूर 13 जुलाई को लापता हो गए थे. जिनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। ये मजदूर भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जिले के दामिन सबडिवीजन के सुदूर हुरी इलाके में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के तहत एक परियोजना के लिए सड़क निर्माण में काम करते थे। इन्हें एक स्थानीय निजी ठेकेदार ने काम पर रखा था। ये सभी मजदूर असम के रहने वाले हैं। उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र केंद्रीय मंत्री किरिन रिजिजू के लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

जानकारी के अनुसार, ये सभी ईद पर घर जाना चाहते थे, लेकिन इन्हें ठेकेदार ने छुट्टी नहीं दी। मजदूर ठेकेदार को बिना सूचित किए पांच जुलाई की रात को शिविर से निकल पड़े। बाद में पता चला कि वे लापता हो गए। स्थानीय लोगों ने खुद ही उनकी पहले काफी खोजबीन की, लेकिन जब किसी तरह कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को इसकी जानकारी दी।

एसपी अभिमन्यु पोसवाल ने बताया कि जंगल में हमें कुछ निशान मिले थे। उन्होंने बताया कि कहीं पर कुछ जूते मिले हैं तो कहीं पर भोजने करने के निशान भी मिले हैं। हालांकि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पुलिस हर बिंदुओं पर काम कर रही है।


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Jul 23 2022, 16:05

हिमालय पर सूख गए हैं 50 प्रतिशत झरने, चेतावनी- अब न सुधरे तो देर हो जाएगी

डेस्क: प्रकृति के मामले में जितना ज्यादा मानवीय हस्तक्षेप बढ़ता जा रहा है, उतना ही प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला भी बढ़ रहा है। विशेषकर हिमालयी क्षेत्रों में मानवीय दखल ने प्रकृति को कुछ ज्यादा ही नाराज कर दिया है। पिछले कुछ महीनों में इसकी बानगी भी देखने को मिली है। फिर चाहें अमरनाथ गुफा मंदिर में बदलों के फटने से 15 यात्रियों की मौत हो या फिर मणिपुर के नोनाी में 30 जून को हुआ भूस्खलन, जिसमें 56 लोग काल के मुंह में समा गए थे।

इसके अलावा भी अलग-अलग क्षेत्रों में भूस्खलन या अन्य आपदाएं देखने को मिली हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के कारण कई प्रमुख सड़कें वर्तमान में अवरुद्ध हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालय स्वाभाविक रूप से भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में हैं, क्योंकि यहां नए पहाड़ हैं जो अभी भी बढ़ रहे हैं और भूकंपीय रूप से बहुत सक्रिय हैं।

साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर एंड पीपल (SANDRP) के समन्वयक हिमांशु ठक्कर ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। उन्होंने बताया कि खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ गया है, क्योंकि भूस्खलन, बाढ़ और बादल की घटनाएं ज्यादा विनाशकारी होती जा रही हैं। उन्होंने बताया, बिना सोचे-समझे नदियों पर बांध, जल विद्युत परियोजनाओं, राजमार्गों, खनन, वनों की कटाई, इमारतों, अनियमित पर्यटन और तीर्थयात्रा के कारण पहाड़ों की नाजुकता बढ़ गई है। इससे खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने कहा, हम पर्यावरणीय प्रभाव का ईमानदारी से आकलन नहीं करते हैं, न ही हम पहाड़ों की वहन क्षमता को ध्यान में रखते हैं। हमारे पास हिमालय के लिए एक विश्वसनीय आपदा प्रबंधन प्रणाली भी नहीं है।

भूस्खलन, बाढ़ और मिट्टी के कटाव से कृषि भूमि प्रभावित होने से पहाड़ियों में खाद्य सुरक्षा खतरे में है। पहले हमारे पासघने जंगल थे, जो बरसात में पानी को जमीन में रिसने में मदद करते थे जो मानसून के बाद झरनों के रूप में उपलब्ध होते थे। अब जंगलों के कटने से बारिश का पानी बह जाता है। इसलिए, झरने गायब होते जा रहे हैं। अगस्त 2018 में नीति आयोग ने एक रिपोर्ट जारी की थी। इसके मुताबिक, भारतीय हिमालयी क्षेत्र (IHR) में लगभग 50 प्रतिशत झरने सूख रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया था कि पूरे भारत करीब पाँच मिलियन झरने हैं, जिनमें से लगभग तीन मिलियन अकेले भारतीय हिमालयी क्षेत्र में हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 200 मिलियन से अधिक लोग झरनों पर निर्भर हैं।


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Jul 23 2022, 15:31

वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की विदाई पर किताबों का होगा विमोचन, तस्वीरों में दिखेगा राष्ट्रपति भवन का सफर

डेस्क: देश की नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का चुनाव हो चुका है। 25 जुलाई को वह शपथ ग्रहण करेंगी और इसी के साथ वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल भी समाप्त हो जाएगा। इसके ठीक एक दिन पहले यानी 24 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान भारत के सभी राष्ट्रपतियों की यात्रा को तस्वीरों के माध्यम से दर्शाने वाली तीन पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। 

अधिकारियों ने बताया, तीनों पुस्तकों का विमोचन राष्ट्रपति भवन में होगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर सभी पुस्तकों का विमोचन करेंगे। इस कार्यक्रम मे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। 

कार्यक्रम के दौरान पहली पुस्तक- 'मूड्स, मोमेंट एंड मेमोरीज' का विमोचन होगा। इसमें 1950 से 2017 तक के राष्ट्रपतियों की यात्रा को दिखाया जाएगा। वहीं दूसरी पुस्तक- 'द फर्स्ट सिटिजन' में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कार्यकाल का सचित्र रिकॉर्ड है। वहीं तीसरी किताब- 'इंटरप्रेटिंग जियोमेट्री फ्लोरिंग ऑफ राष्ट्रपति भवन', 1912 में भारत के वायसराय के निवास के लिए सर एडविन लुटियन द्वारा डिजाइन किए गए फर्श पैटर्न का एक अनूठा भंडार है। यह 1929 तक चली।

अधिकारियों ने बताया राष्ट्रपति कोविंद भारत के लोगों के लिए राष्ट्रपति भवन को और अधिक खोलने के अपने प्रयास, राष्ट्रपति भवन के दृश्य व इतिहास को साझा करना चाहते हैं। इसलिए किताब 'मूड, मोमेंट्स एंड मेमोरीज़...' उस मिशन का एक हिस्सा है। यह फोटो संग्रह पूर्व राष्ट्रपतियों की ऐसी झलक पेश करता है जो आम जनता के सामने कम ही आई है।


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Jul 23 2022, 14:50

कोरोना अपडेट: 21 हजार से ज्यादा नए केस मिले, सक्रिय केस डेढ़ लाख के पार, 67 मौतें

देश में शनिवार को लगातार तीसरे दिन 21 हजार से ज्यादा नए कोरोना केस मिले हैं। बीते 24 घंटे में 67 और लोगों ने महामारी के आगे हार मान ली। शनिवार को सक्रिय केस में 618 की बढ़ोतरी हुई और ये बढ़कर 1,50,100 हो गए। दैनिक संक्रमण दर 4.46 फीसदी दर्ज की गई। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शनिवार सुबह 8 बजे अपडेट आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में 21,411 नए संक्रमित मिले हैं। हालांकि, इस दौरान 20,726 लोग महामारी से उबर गए। बीते तीन दिनों से रोज 21 हजार से ज्यादा नए संक्रमित मिल रहे हैं। 

आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 618 की वृद्धि हुई है। वहीं, संक्रमण की दैनिक और साप्ताहिक दर 4.46 प्रतिशत दर्ज की गई है। देश में कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 4,31,92,379 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.20 प्रतिशत दर्ज की गई है। वहीं, देशव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक 201.68 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कोरोना वायरस संक्रमण से देश में जिन 67 और मरीजों की मौत हुई है, उनमें से 32 केरल, सात पश्चिम बंगाल, छह महाराष्ट्र, तीन-तीन गुजरात और उत्तर प्रदेश, दो-दो असम, बिहार, झारखंड व मेघालय तथा एक-एक मरीज छत्तीसगढ़, दिल्ली, गोवा, मध्य प्रदेश, मिजोरम, पुडुचेरी, सिक्किम और तमिलनाडु के हैं।

इस महामारी से देश में अभी तक कुल 5,25,997 लोग जान गंवा चुके हैं। इनमें से 1,48,051 मरीजों की मौत महाराष्ट्र, 70,366 की केरल, 40,132 की कर्नाटक, 38,032 की तमिलनाडु, 26,298 की दिल्ली, 23,559 की उत्तर प्रदेश और 21,307 मरीजों की मौत पश्चिम बंगाल में हुई है।