कोई नौकरी नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा', पीरियड्स लीव पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

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सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, ऐसा करने से अनजाने में रूढ़िवादिता को बढ़ावा मिलेगा, इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।

सीजेआई सूर्यकांत की अहम टिप्पणी

देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती हैं। ये याचिकाएं डर पैदा करने के लिए, महिलाओं को हीन दिखाने के लिए, यह जताने के लिए दायर की जाती हैं कि पीरियड्स उनके साथ होने वाली कोई बुरी चीज है।

पीरियड्स लीव को अनिवार्य बनाने को लेकर चेताया

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक याचिकाकर्ता की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एम.आर. शमशाद ने दलील दी कि कुछ राज्य सरकारों और संगठनों ने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि केरल ने स्कूलों में ऐसी छूट दी है और कई निजी कंपनियों ने स्वेच्छा से मासिक धर्म अवकाश नीतियां लागू की हैं। इस दलील के जवाब में, सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि नियोक्ताओं द्वारा स्वैच्छिक उपाय स्वागत योग्य हैं। हालांकि, शीर्ष अदालत ने आगाह किया कि कानून के माध्यम से मासिक धर्म अवकाश को अनिवार्य बनाने के अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं।

महिलाओं के विकास क्या होगा असर?

सीजेआई ने कहा, स्वेच्छा से अवकाश दिया जाना बहुत अच्छी बात है लेकिन जैसे ही आप कहेंगे कि यह कानून के तहत अनिवार्य है तो कोई उन्हें नौकरी नहीं देगा। उन्हें न्यायपालिका या सरकारी नौकरियों में कोई नहीं लेगा; उनका करियर खत्म हो जाएगा। पीठ ने ऐसी व्यवस्थाओं के कार्यस्थल पर प्रभाव और महिलाओं की पेशेवर प्रगति पर पड़ने वाले संभावित असर को भी रेखांकित किया।

हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा: राज्य के 23 जिलों में बनेंगे 800 सीटों वाले 'State of Art' पुस्तकालय।

झारखण्ड राज्य में Institute of Driving Training and Research (IDTR Tier-I) की स्थापना हेतु DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) रूपये के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा अनुदानित राशि रू० 17.00 (सत्रह) करोड़ के अतिरिक्त शेष देय राशि रू० 5,03,31,000/- (पाँच करोड तीन लाख इकतीस हजार) मात्र में से Tata Motors Ltd, Jamshedpur द्वारा दी गयी सहमति के अनुसार रु० 1,82,00,000/-(एक करोड़ बयासी लाख) मात्र शेष देयता की राशि के फलस्वरूप रू० 3,21,31,000/- (तीन करोड़ इक्कीस लाख इकतीस हजार) मात्र राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने एवं DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) मात्र के योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

रांची के वीमेंस कॉलेज (साईंस ब्लॉक) में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528 (पांच सौ अ‌ट्ठाईस) शय्या के छात्रावास निर्माण योजना के स्थल परिवर्तन एवं नए स्थल पर निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई।

CT-MIS परियोजना के अधीन कार्यरत System Integrator M/s Tata Consultancy Services Limited को एक वर्ष यथा-01.10.2025 से 30.09.2026 तक की अवधि के लिए वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को नियम 245 के अधीन क्षांत करते हुए मनोनयन के आधार पर अवधि विस्तार हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन०सी०सी०) के कैडेटों के प्रशिक्षण के दौरान नास्ता भत्ता में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत महिला महाविद्यालय, सारठ, देवघर को सह-शिक्षा (Co-Education) महाविद्यालय में परिवर्तित कर इसका नाम डिग्री महाविद्यालय, सारठ, देवघर करने की स्वीकृति दी गई।

★ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत पत्र संख्या 9/35/2025-CD (Cen) दिनांक 24.12.2025 भारत की जनगणना 2027-परिपत्र संख्या 7, को अंगीकृत करते हुए झारखण्ड राज्य अंतर्गत राज्य स्तरीय / जिला स्तरीय, नगर निगम एवं चार्ज स्तरीय तकनीकी कर्मियों एवं बहु-कार्य कर्मचारी (एमटीएस) की नुियक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत मनोनयन के आधार पर M/s Redbird Airways Pvt. Ltd, New Delhi से ली जा रही 01 Turbo Prop Twin Engine B-250/B-200 GT विमान की सेवा को, समान दर एवं शर्तों के साथ, छः (06) माह तक विस्तारित किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कौशिक मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय, राँची) की अनिवार्य सेवानिवृति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य समूह 'घ' से समूह 'ग' (निम्नवर्गीय लिपिक / कनीय सचिवालय सहायक) के पद पर पदोन्नति हेतु सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली, 2026" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 1023/2013 विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.02.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case No. 818/2025 श्रीमती विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-03.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्रीमती विमला देवी, पति स्व० राम बिहारी तिवारी, सेवानिवृत लेखा, लिपिक लघु सिंचाई प्रमण्डल, लातेहार के नियमित रूप से की गई सेवा में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशन प्रदायी सेवा में परिगणित करते हुए सेवानिवृत्ति की तिथि 31.05.2012 से पेंशनादि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 6309/2013 मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-08.02.2023 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 366/2024, मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-16.01.2026 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री मन्नेलाल कामत, सेवानिवृत पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, साहेबगंज के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3274/2018 हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-09.05.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 1077/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री हरिशंकर शर्मा, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न विभाग (कार्य विभाग सहित) /निदेशालय, बोर्ड / निगम, सोसायटी / निकाय इत्यादि द्वारा किये जाने वाले एकरारनामा / कार्यादेश /आपूर्ति आदेश / Standard Bidding Document/F2 Tender Document में e-Bank Guarantee के रूप में प्रतिभूति (Performance Security) प्राप्त करने तथा Dispute Resolution संबंधी प्रावधान अन्तर्वेशित करने तथा 'Jharkhand Procurement of Goods and Services Manual' को एतदर्थ संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P. (S) No-3268/2020 मीना देवी एवं अन्य में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची द्वारा दिनांक 17.11.2022 को पारित न्यायादेश तथा इससे उदभूत अवमाननावाद संख्या-375/2023 में पारित आदेश के अनुपालन में वादी के पेंशन एवं उपादान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों तथा इसके अन्तर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों पर नियुक्ति एवं प्रोन्नति हेतु आरक्षण रोस्टर नियमावली की स्वीकृति दी गई।

★ 'Jharkhand City Tourist Tax Rules, 2025' के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर वाद Suo Moto Writ Petition (Civil) No.(S) 5/2025 IN RE: "CITY HOUNDED BY STRAYS, KIDS PAY PRICE" के घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को झारखण्ड राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यान्वित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रवासी गतिशीलता (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025 हेतु विचार एवं सुझाव उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

★ शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के दौरान छुट्टी वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में बी०आई०टी० सिन्दरी, धनबाद में 04 Centre of Excellences (CoEs) की स्थापना, BIT Sindri Innovation and Incubation Centre Foundation द्वारा CoEs के संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में रूपये 38,58,69,555/- (अड़तीस करोड़ अंठावन लाख उनहत्तर हजार पाँच सौ पचपन) के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत बच्चों को निःशुल्क विद्यालय कीट योजनान्तर्गत स्कूल बैग उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधान में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को दिनांक-01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान के आलोक में 20 प्रतिशत विशेष वेतन के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के पलामू जिलान्तर्गत रेलवे स्टेशन 'डालटनगंज' का नाम परिवर्तित कर "मेदिनीनगर" करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के सभी सेवा/संवर्गो के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों एवं सेवांत लाभ के भुगतान से संबंधित मामलों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु "झारखण्ड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री प्रभात कुमार, झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक-154/03), तत्कालीन अधिसूचित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जामताड़ा के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-30028 (IIRMS), दिनांक 17.04.2025 द्वारा अधिरोपित दण्ड 'निन्दन' को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय एस० एस० मेमोरियल कॉलेज, रॉची के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 48,56,04,000/-(अड़तालीस करोड़ छप्पन लाख चार हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय जे० एल० एन० कॉलेज, चक्रधरपुर के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 88,92,50,000/-(अठ्ठासी करोड़ बेरानवे लाख पचास हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में नया महिला महाविद्यालय, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 69,57,68,400/- (उनहत्तर करोड़ संतावन लाख अड़सठ हजार चार सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदों कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में डिग्री महाविद्यालय, बोआरीजोर, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 40,19,18,000/- (चालीस करोड़ उन्नीस लाख अठ्ठारह हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री बीरा राम, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख-II, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता एवं अभियंता प्रमुख के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ श्री किशोरी रजक, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना, जल संसाधन विभाग, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3882/2020 संजय कुमार तिवारी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Civil Review No. 85/2025 के दिनांक-16.10.2025 को Dismiss होने के फलस्वरूप वादी श्री संजय कुमार तिवारी, सेवानिवृत्त, पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई अंचल, मेदिनीनगर एवं अन्य 10 कर्मियों द्वारा नियमित रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग), झारखण्ड सरकार के अंतर्गत झारखण्ड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका हवाई अड्डा पर संचालित Commercial Pilot's License With Multi Engine Rating प्रशिक्षण अकादमी में नामांकन प्रक्रिया तथा प्रवेश/नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ के लिए अभ्यर्थिता के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री जलधर मंडल, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (चालू प्रभार), जल संसाधन विभाग, देवघर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमतायुक्त State of Art District Library के निर्माण, उक्त प्रस्तावित 23 पुस्तकालयों में आवश्यक फर्नीचर/उपस्कर तथा पुस्तक क्रय हेतु प्रति पुस्तकालय 12,02,17,300/-(बारह करोड़ दो लाख सतरह हजार तीन सौ) रूपये मात्र के आधार पर कुल 276,49,97,900/- (दो सौ छिहत्तर करोड़ उनचास लाख सन्तानबे हजार नौ सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*

असम में फाइटर जेट सुखोई हुआ क्रैश, वायुसेना के 2 पायलट शहीद

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इंडियन एयर फोर्स का एक सुखोई-30 MKI फाइटर जेट गुरुवार की शाम को असम के कार्बी आंगलोंग जिले में क्रैश हो गया। इस फाइटर जेट में दो पायलट थे। इस हादसे में दोनों पायलटने जान गंवा दी।

दो जवान शहीद

सुखोई-30 प्लेन क्रैश में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर को अपनी जडान गंवानी पड़ी। भारतीय वायु सेना ने स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के निधन पर गहरा शोक जताया है। सेना ने कहा गया कि भारतीय वायु सेना शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस दुख की घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

ट्रेनिंग मिशन पर था फाइटर जेट

पहले इस विमान के लापता होने की सूचना आई थी। फाइटर जेट एक ट्रेनिंग मिशन पर था। अधिकारियों ने कहा था कि विमान ने असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद रडार से संपर्क खो दिया था। बृहस्पतिवार शाम को जोरहाट हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद असम के कार्बी आंगलोंग जिले के ऊपर से गुजरते समय रडार से संपर्क टूट गया था। यह फाइटर जेट जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग इलाके में क्रैश हो गया।

सबसे दमदार लड़ाकू विमान माना जाता है सुखोई

भारतीय वायु सेना के पास 260 से अधिक Su-30MKI जेट विमानों का बेड़ा है। 2000 के दशक की शुरुआत में वायु सेना में शामिल किया गया सुखोई Su-30 MKI सबसे दमदार लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है।

पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब सुखोई जेट क्रैश हुआ हो। इससे पहले सुखोई-30 एमकेआई एयरक्राफ्ट क्रैश हो चुका है। अगस्त 2019 में सुखोई-30 एमकेआई एक रूटीन ट्रेनिंग मिशन के दौरान असम में तेजपुर के पास धान के खेत में क्रैश हो गया था। उस दौरान दोनों पायलट सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे और बाद में उनकी जान बचा ली गई थी। मई 2015 में सुखोई-30 एमकेआई एयरक्राफ्ट टेक-ऑफ के तुरंत बाद तेजपुर एयर फोर्स बेस से लगभग 36 किलोमीटर दूर दक्षिण में क्रैश हो गया था, जिसमें क्रैश होने से पहले दोनों पायलट सुरक्षित निकल गए थे।

गावस्कर, कपिल देव समेत 14 पूर्व कप्तानों ने पाक सरकार को लिखी चिट्ठी, इमरान खान से जुड़ा है मामला

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की खराब सेहत को लेकर 6 देशों के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अपील की है कि 73 साल के इमरान को जेल में उचित इलाज दिया जाए।

इमरान खान के समर्थन में आए पूर्व क्रिकेटर

पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तन के प्रधानमंत्री रह चुके इमरान खान की जेल में सेहत बिगड़ने की खबरों के बीच अब दुनिया भर के क्रिकेटर साथ आए हैं। अब दुनिया भर के पूर्व क्रिकेटरों ने मिलकर एक साथ जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान, इमरान खान के साथ "सही और इंसानी बर्ताव" की मांग कर रहा है।

इन पूर्व क्रिकेटर के साइन

रिपोर्ट के मुताबिक इस इस चिट्ठी पर बेलिंडा क्लार्क, ग्रेग चैपल, माइकल एथरटन, सुनील गावस्कर, कपिल देव, नासिर हुसैन, इयान चैपल, माइकल ब्रियरली, एलन बॉर्डर, डेविड गावर, किम ह्यूजेस, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट ने साइन किए हैं

पूर्व कप्तानों ने चिट्ठी में क्या लिखा?

पूर्व कप्तानों द्वारा पाकिस्तान सरकार को लिखी इस चिट्ठी में लिखा गया है, "इमरान खान की खेल में दिए गए योगदान की पूरी दुनिया में तारीफ होती है। कप्तान के तौर पर उन्होंने 1992 में पाकिस्तान को वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत दिलाई। ये जीत स्किल, स्पोर्ट्समैनशिप, मजबूत लीडरशिप से आई थी, जिसने दुनिया की नई पीढ़ी को इंस्पायर किया। हमनें उनके साथ मैदान शेयर किया, उनसे सीखा। वह क्रिकेट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक हैं, जिनका सभी सम्मान करते हैं। क्रिकेट के आलावा उन्होंने प्रधानमंत्री बनकर भी पाकिस्तान की सेवा की, और मुश्किल समय में पाकिस्तान को संभाला।"

जेल में इमरान खान की बिगड़ती तबियत को लेकर चिट्ठी में लिखा गया, "उनकी सेहत से जुड़ी रिपोर्ट्स, उनकी आंखों की रौशनी का कम होने की खबर ने, हमें चिंता में डाल दिया है।" चिट्ठी में पूर्व कप्तानों ने लिखा कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और ग्लोबल स्पोर्ट्स आइकॉन के साथ जेल में अच्छे से पेश आना चाहिए।

800 से ज्यादा दिनों से जेल में

बता दें कि इमरान को जेल में 800 दिनों से ज्यादा का समय हो गया है। उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है, जिससे जेल में उनके साथ हो रहे बर्ताव को लेकर सवाल और चिंताएं होने लगी है। इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने जेल में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री के साथ हो रहे बर्ताव और उनकी बिगड़ती सेहत के खिलाफ आवाज उठाई थी।

इमरान की एक आंख की 85% रोशनी खत्म

बताया जा रहा है कि इमरान खान की एक आंख की करीब 85% रोशनी चली गई है। यह खुलासा पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई जांच में हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नियुक्त वकील सलमान सफदर ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि इमरान खान जेल प्रशासन से कई महीनों आंखों में धुंधलापन होने की शिकायत कर रहे थे। अक्टूबर 2025 तक उनकी नजर सामान्य थी, लेकिन बाद में दाईं आंख की रोशनी अचानक चली गई। जांच के दौरान पिम्स अस्पताल के एक आई एक्सपर्ट को बुलाया गया था। डॉक्टरों ने पाया कि उनकी आंख में खून का थक्का जम गया था, जिससे गंभीर नुकसान हुआ। इलाज और इंजेक्शन देने के बाद भी उनकी दाईं आंख में अब सिर्फ लगभग 15% रोशनी बची है। वहीं इमरान का कहना है उन्हें निजी डॉक्टर से इलाज कराने की इजाजत नहीं दी गई है।

UGC के नए नियम पर क्यों मचा है बवाल, क्या है 'इक्विटी कमेटी' और बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने 2026 में नए नियम बनाए हैं। Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हैं। यूजीसी के जारी नए गाइडलाइन के खिलाफ देशभर के छात्रों और शिक्षाविदों के एक बड़े तबके में भारी रोष दिख रहा है।

UGC का नया 'इक्विटी' नियम

यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी। ये कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी। कमेटी में एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का होना जरूरी है। कमेटी का काम कैंपस में बराबरी का माहौल बनाना और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाएं लागू करना है।

सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई प्रावधान नहीं

इसके पहले ड्राफ्ट में जातिगत भेदभाव से सुरक्षा के दायरे में केवल एससी और एसटी को रखा गया था। लेकिन अब इसमें ओबीसी को भी शामिल कर लिया गया है। जिसका विरोध हो रहा है। विवाद इस बात को लेकर है कि इस कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों का होना अनिवार्य है, लेकिन सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है। 

नए नियम के दुरुपयोग की आशंका

विरोध करने वालों का कहना है कि यह परिभाषा एकतरफा है, इसमें सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव या झूठी शिकायतों का कोई जिक्र नहीं है।सामान्य वर्ग को आशंका है कि जिस तरह से एससी-एसटी एक्ट के गलत इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट तक टिप्पणी कर चुका है, वैसे ही UGC की गाइडलाइंस का भी दुरुपयोग हो सकता है। आलोचकों का मानना है कि समता समितियां है, शायद ही निष्पक्ष रह पाएं। उन्हें जो शक्तियां दी जा रही हैं, उनका सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है। गलत शिकायत पर सजा का प्रावधान भी नहीं है।

क्यों लाने पड़े ये नियम?

दरअसल, रोहित वेमुला केस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए नियम-कानून बनाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों की सुनवाई के दौरान UGC को 8 हफ्तों में नए सख्त नियम बनाने को कहा था। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला और मुंबई मेडिकल कॉलेज की पायल तड़वी ने कथित जातिगत उत्पीड़न के बाद सुसाइड कर लिया था। इन मामलों में उनकी माताओं ने PIL दाखिल की थी। कोर्ट ने UGC से कहा था कि 2012 के पुराने नियमों को अपडेट करें और भेदभाव रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाएं।

क्या कहते हैं जाति आधारित भेदभाव के आंकड़े?

यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें जातिगत भेदभाव के आंकड़े दिए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतें 2017-18 में 173 थीं, जो 2023-24 में बढ़कर 378 हो गईं यानी 5 साल में इसमें 118.4% की बढ़ोतरी हुई. ये आंकड़े UGC के अपने डेटा से हैं, जो पार्लियामेंट कमिटी और सुप्रीम कोर्ट को दिए गए। शिकायतों में 90% से ज्यादा का निपटारा हुआ, लेकिन पेंडिंग केस भी बढ़े.2019-20 में 18 से 2023-24 में 108 केस सामने आए।

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

गया में निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर में 250 से अधिक मरीजों का हुआ सफल इलाज

गया। कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के तत्वावधान में एवं प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सहयोग से रविवार, 25 जनवरी 2026 को गया जिले के विशुनगंज स्थित शिव मंदिर परिसर / सामुदायिक भवन में एक निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिविर के शुभारंभ अवसर पर स्थानीय ग्रामीण बालिका छात्राओं द्वारा सभी चिकित्सकों का तिलक लगाकर एवं गुलाब का फूल भेंट कर पारंपरिक स्वागत किया गया, तत्पश्चात रिबन काटकर शिविर का विधिवत शुभारंभ कराया गया। इस अवसर ने सामाजिक सहभागिता एवं बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया।

इस शिविर में लगभग 250 से अधिक मरीजों की निःशुल्क जांच एवं परामर्श किया गया। शिविर में विशेष रूप से पित्त की थैली की पथरी (Gall Bladder Stone), हर्निया, प्रोस्टेट रोग, पेट दर्द, बवासीर (Piles), स्तन संबंधी रोग, हाइड्रोसील सहित पेट एवं मूत्र रोगों से पीड़ित संभावित मरीजों की जांच की गई।

शिविर में डॉ. जे. पी. सिंह, लेज़र, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन तथा पेट एवं मूत्र रोग विशेषज्ञ ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। उन्होंने मरीजों को बताया कि प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, गया में इन सभी रोगों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है।

इसके अतिरिक्त शिविर में डॉ. रवि रंजन सिंह (MBBS, MS – हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ), डॉ. रजनी कुमारी (MBBS, MD – स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ), डॉ. लाल देव (MBBS – जनरल फिजिशियन) एवं डॉ. निशा कुमारी (BPT, MPT – फिजियोथेरेपिस्ट) द्वारा भी मरीजों की जांच, परामर्श एवं उपचार किया गया। इस शिविर को सफल बनाने में कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के सक्रिय सदस्य श्री प्रमोद कुमार (शिक्षक, जिला स्कूल, गया) का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने शिविर के आयोजन हेतु अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया।

शिविर में आए मरीजों एवं ग्रामीण नागरिकों ने इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया

*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

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उत्तराखंड : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में हरिद्वार में जोरदार प्रदर्शन, पूर्व मेयर के पति ने कराया मुंडन

कोई नौकरी नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा', पीरियड्स लीव पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

#supremecourtrefusedtohearpilseekingpolicymenstrual_leave

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, ऐसा करने से अनजाने में रूढ़िवादिता को बढ़ावा मिलेगा, इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।

सीजेआई सूर्यकांत की अहम टिप्पणी

देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती हैं। ये याचिकाएं डर पैदा करने के लिए, महिलाओं को हीन दिखाने के लिए, यह जताने के लिए दायर की जाती हैं कि पीरियड्स उनके साथ होने वाली कोई बुरी चीज है।

पीरियड्स लीव को अनिवार्य बनाने को लेकर चेताया

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक याचिकाकर्ता की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एम.आर. शमशाद ने दलील दी कि कुछ राज्य सरकारों और संगठनों ने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि केरल ने स्कूलों में ऐसी छूट दी है और कई निजी कंपनियों ने स्वेच्छा से मासिक धर्म अवकाश नीतियां लागू की हैं। इस दलील के जवाब में, सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि नियोक्ताओं द्वारा स्वैच्छिक उपाय स्वागत योग्य हैं। हालांकि, शीर्ष अदालत ने आगाह किया कि कानून के माध्यम से मासिक धर्म अवकाश को अनिवार्य बनाने के अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं।

महिलाओं के विकास क्या होगा असर?

सीजेआई ने कहा, स्वेच्छा से अवकाश दिया जाना बहुत अच्छी बात है लेकिन जैसे ही आप कहेंगे कि यह कानून के तहत अनिवार्य है तो कोई उन्हें नौकरी नहीं देगा। उन्हें न्यायपालिका या सरकारी नौकरियों में कोई नहीं लेगा; उनका करियर खत्म हो जाएगा। पीठ ने ऐसी व्यवस्थाओं के कार्यस्थल पर प्रभाव और महिलाओं की पेशेवर प्रगति पर पड़ने वाले संभावित असर को भी रेखांकित किया।

हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा: राज्य के 23 जिलों में बनेंगे 800 सीटों वाले 'State of Art' पुस्तकालय।

झारखण्ड राज्य में Institute of Driving Training and Research (IDTR Tier-I) की स्थापना हेतु DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) रूपये के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा अनुदानित राशि रू० 17.00 (सत्रह) करोड़ के अतिरिक्त शेष देय राशि रू० 5,03,31,000/- (पाँच करोड तीन लाख इकतीस हजार) मात्र में से Tata Motors Ltd, Jamshedpur द्वारा दी गयी सहमति के अनुसार रु० 1,82,00,000/-(एक करोड़ बयासी लाख) मात्र शेष देयता की राशि के फलस्वरूप रू० 3,21,31,000/- (तीन करोड़ इक्कीस लाख इकतीस हजार) मात्र राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने एवं DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) मात्र के योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

रांची के वीमेंस कॉलेज (साईंस ब्लॉक) में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528 (पांच सौ अ‌ट्ठाईस) शय्या के छात्रावास निर्माण योजना के स्थल परिवर्तन एवं नए स्थल पर निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई।

CT-MIS परियोजना के अधीन कार्यरत System Integrator M/s Tata Consultancy Services Limited को एक वर्ष यथा-01.10.2025 से 30.09.2026 तक की अवधि के लिए वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को नियम 245 के अधीन क्षांत करते हुए मनोनयन के आधार पर अवधि विस्तार हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन०सी०सी०) के कैडेटों के प्रशिक्षण के दौरान नास्ता भत्ता में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत महिला महाविद्यालय, सारठ, देवघर को सह-शिक्षा (Co-Education) महाविद्यालय में परिवर्तित कर इसका नाम डिग्री महाविद्यालय, सारठ, देवघर करने की स्वीकृति दी गई।

★ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत पत्र संख्या 9/35/2025-CD (Cen) दिनांक 24.12.2025 भारत की जनगणना 2027-परिपत्र संख्या 7, को अंगीकृत करते हुए झारखण्ड राज्य अंतर्गत राज्य स्तरीय / जिला स्तरीय, नगर निगम एवं चार्ज स्तरीय तकनीकी कर्मियों एवं बहु-कार्य कर्मचारी (एमटीएस) की नुियक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत मनोनयन के आधार पर M/s Redbird Airways Pvt. Ltd, New Delhi से ली जा रही 01 Turbo Prop Twin Engine B-250/B-200 GT विमान की सेवा को, समान दर एवं शर्तों के साथ, छः (06) माह तक विस्तारित किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कौशिक मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय, राँची) की अनिवार्य सेवानिवृति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य समूह 'घ' से समूह 'ग' (निम्नवर्गीय लिपिक / कनीय सचिवालय सहायक) के पद पर पदोन्नति हेतु सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली, 2026" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 1023/2013 विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.02.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case No. 818/2025 श्रीमती विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-03.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्रीमती विमला देवी, पति स्व० राम बिहारी तिवारी, सेवानिवृत लेखा, लिपिक लघु सिंचाई प्रमण्डल, लातेहार के नियमित रूप से की गई सेवा में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशन प्रदायी सेवा में परिगणित करते हुए सेवानिवृत्ति की तिथि 31.05.2012 से पेंशनादि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 6309/2013 मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-08.02.2023 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 366/2024, मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-16.01.2026 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री मन्नेलाल कामत, सेवानिवृत पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, साहेबगंज के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3274/2018 हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-09.05.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 1077/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री हरिशंकर शर्मा, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न विभाग (कार्य विभाग सहित) /निदेशालय, बोर्ड / निगम, सोसायटी / निकाय इत्यादि द्वारा किये जाने वाले एकरारनामा / कार्यादेश /आपूर्ति आदेश / Standard Bidding Document/F2 Tender Document में e-Bank Guarantee के रूप में प्रतिभूति (Performance Security) प्राप्त करने तथा Dispute Resolution संबंधी प्रावधान अन्तर्वेशित करने तथा 'Jharkhand Procurement of Goods and Services Manual' को एतदर्थ संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P. (S) No-3268/2020 मीना देवी एवं अन्य में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची द्वारा दिनांक 17.11.2022 को पारित न्यायादेश तथा इससे उदभूत अवमाननावाद संख्या-375/2023 में पारित आदेश के अनुपालन में वादी के पेंशन एवं उपादान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों तथा इसके अन्तर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों पर नियुक्ति एवं प्रोन्नति हेतु आरक्षण रोस्टर नियमावली की स्वीकृति दी गई।

★ 'Jharkhand City Tourist Tax Rules, 2025' के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर वाद Suo Moto Writ Petition (Civil) No.(S) 5/2025 IN RE: "CITY HOUNDED BY STRAYS, KIDS PAY PRICE" के घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को झारखण्ड राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यान्वित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रवासी गतिशीलता (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025 हेतु विचार एवं सुझाव उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

★ शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के दौरान छुट्टी वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में बी०आई०टी० सिन्दरी, धनबाद में 04 Centre of Excellences (CoEs) की स्थापना, BIT Sindri Innovation and Incubation Centre Foundation द्वारा CoEs के संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में रूपये 38,58,69,555/- (अड़तीस करोड़ अंठावन लाख उनहत्तर हजार पाँच सौ पचपन) के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत बच्चों को निःशुल्क विद्यालय कीट योजनान्तर्गत स्कूल बैग उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधान में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को दिनांक-01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान के आलोक में 20 प्रतिशत विशेष वेतन के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के पलामू जिलान्तर्गत रेलवे स्टेशन 'डालटनगंज' का नाम परिवर्तित कर "मेदिनीनगर" करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के सभी सेवा/संवर्गो के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों एवं सेवांत लाभ के भुगतान से संबंधित मामलों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु "झारखण्ड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री प्रभात कुमार, झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक-154/03), तत्कालीन अधिसूचित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जामताड़ा के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-30028 (IIRMS), दिनांक 17.04.2025 द्वारा अधिरोपित दण्ड 'निन्दन' को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय एस० एस० मेमोरियल कॉलेज, रॉची के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 48,56,04,000/-(अड़तालीस करोड़ छप्पन लाख चार हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय जे० एल० एन० कॉलेज, चक्रधरपुर के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 88,92,50,000/-(अठ्ठासी करोड़ बेरानवे लाख पचास हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में नया महिला महाविद्यालय, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 69,57,68,400/- (उनहत्तर करोड़ संतावन लाख अड़सठ हजार चार सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदों कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में डिग्री महाविद्यालय, बोआरीजोर, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 40,19,18,000/- (चालीस करोड़ उन्नीस लाख अठ्ठारह हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री बीरा राम, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख-II, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता एवं अभियंता प्रमुख के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ श्री किशोरी रजक, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना, जल संसाधन विभाग, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3882/2020 संजय कुमार तिवारी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Civil Review No. 85/2025 के दिनांक-16.10.2025 को Dismiss होने के फलस्वरूप वादी श्री संजय कुमार तिवारी, सेवानिवृत्त, पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई अंचल, मेदिनीनगर एवं अन्य 10 कर्मियों द्वारा नियमित रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग), झारखण्ड सरकार के अंतर्गत झारखण्ड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका हवाई अड्डा पर संचालित Commercial Pilot's License With Multi Engine Rating प्रशिक्षण अकादमी में नामांकन प्रक्रिया तथा प्रवेश/नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ के लिए अभ्यर्थिता के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री जलधर मंडल, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (चालू प्रभार), जल संसाधन विभाग, देवघर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमतायुक्त State of Art District Library के निर्माण, उक्त प्रस्तावित 23 पुस्तकालयों में आवश्यक फर्नीचर/उपस्कर तथा पुस्तक क्रय हेतु प्रति पुस्तकालय 12,02,17,300/-(बारह करोड़ दो लाख सतरह हजार तीन सौ) रूपये मात्र के आधार पर कुल 276,49,97,900/- (दो सौ छिहत्तर करोड़ उनचास लाख सन्तानबे हजार नौ सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*

असम में फाइटर जेट सुखोई हुआ क्रैश, वायुसेना के 2 पायलट शहीद

#twopilotsdiedinasukhoi30mkifighterjetcrash

इंडियन एयर फोर्स का एक सुखोई-30 MKI फाइटर जेट गुरुवार की शाम को असम के कार्बी आंगलोंग जिले में क्रैश हो गया। इस फाइटर जेट में दो पायलट थे। इस हादसे में दोनों पायलटने जान गंवा दी।

दो जवान शहीद

सुखोई-30 प्लेन क्रैश में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर को अपनी जडान गंवानी पड़ी। भारतीय वायु सेना ने स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के निधन पर गहरा शोक जताया है। सेना ने कहा गया कि भारतीय वायु सेना शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस दुख की घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

ट्रेनिंग मिशन पर था फाइटर जेट

पहले इस विमान के लापता होने की सूचना आई थी। फाइटर जेट एक ट्रेनिंग मिशन पर था। अधिकारियों ने कहा था कि विमान ने असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद रडार से संपर्क खो दिया था। बृहस्पतिवार शाम को जोरहाट हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद असम के कार्बी आंगलोंग जिले के ऊपर से गुजरते समय रडार से संपर्क टूट गया था। यह फाइटर जेट जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग इलाके में क्रैश हो गया।

सबसे दमदार लड़ाकू विमान माना जाता है सुखोई

भारतीय वायु सेना के पास 260 से अधिक Su-30MKI जेट विमानों का बेड़ा है। 2000 के दशक की शुरुआत में वायु सेना में शामिल किया गया सुखोई Su-30 MKI सबसे दमदार लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है।

पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा

हालांकि यह पहली बार नहीं है जब सुखोई जेट क्रैश हुआ हो। इससे पहले सुखोई-30 एमकेआई एयरक्राफ्ट क्रैश हो चुका है। अगस्त 2019 में सुखोई-30 एमकेआई एक रूटीन ट्रेनिंग मिशन के दौरान असम में तेजपुर के पास धान के खेत में क्रैश हो गया था। उस दौरान दोनों पायलट सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे और बाद में उनकी जान बचा ली गई थी। मई 2015 में सुखोई-30 एमकेआई एयरक्राफ्ट टेक-ऑफ के तुरंत बाद तेजपुर एयर फोर्स बेस से लगभग 36 किलोमीटर दूर दक्षिण में क्रैश हो गया था, जिसमें क्रैश होने से पहले दोनों पायलट सुरक्षित निकल गए थे।

गावस्कर, कपिल देव समेत 14 पूर्व कप्तानों ने पाक सरकार को लिखी चिट्ठी, इमरान खान से जुड़ा है मामला

#formercaptainsincludinggavaskarkapilwritestopakgovtforimran_khan

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की खराब सेहत को लेकर 6 देशों के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अपील की है कि 73 साल के इमरान को जेल में उचित इलाज दिया जाए।

इमरान खान के समर्थन में आए पूर्व क्रिकेटर

पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तन के प्रधानमंत्री रह चुके इमरान खान की जेल में सेहत बिगड़ने की खबरों के बीच अब दुनिया भर के क्रिकेटर साथ आए हैं। अब दुनिया भर के पूर्व क्रिकेटरों ने मिलकर एक साथ जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान, इमरान खान के साथ "सही और इंसानी बर्ताव" की मांग कर रहा है।

इन पूर्व क्रिकेटर के साइन

रिपोर्ट के मुताबिक इस इस चिट्ठी पर बेलिंडा क्लार्क, ग्रेग चैपल, माइकल एथरटन, सुनील गावस्कर, कपिल देव, नासिर हुसैन, इयान चैपल, माइकल ब्रियरली, एलन बॉर्डर, डेविड गावर, किम ह्यूजेस, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट ने साइन किए हैं

पूर्व कप्तानों ने चिट्ठी में क्या लिखा?

पूर्व कप्तानों द्वारा पाकिस्तान सरकार को लिखी इस चिट्ठी में लिखा गया है, "इमरान खान की खेल में दिए गए योगदान की पूरी दुनिया में तारीफ होती है। कप्तान के तौर पर उन्होंने 1992 में पाकिस्तान को वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत दिलाई। ये जीत स्किल, स्पोर्ट्समैनशिप, मजबूत लीडरशिप से आई थी, जिसने दुनिया की नई पीढ़ी को इंस्पायर किया। हमनें उनके साथ मैदान शेयर किया, उनसे सीखा। वह क्रिकेट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक हैं, जिनका सभी सम्मान करते हैं। क्रिकेट के आलावा उन्होंने प्रधानमंत्री बनकर भी पाकिस्तान की सेवा की, और मुश्किल समय में पाकिस्तान को संभाला।"

जेल में इमरान खान की बिगड़ती तबियत को लेकर चिट्ठी में लिखा गया, "उनकी सेहत से जुड़ी रिपोर्ट्स, उनकी आंखों की रौशनी का कम होने की खबर ने, हमें चिंता में डाल दिया है।" चिट्ठी में पूर्व कप्तानों ने लिखा कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और ग्लोबल स्पोर्ट्स आइकॉन के साथ जेल में अच्छे से पेश आना चाहिए।

800 से ज्यादा दिनों से जेल में

बता दें कि इमरान को जेल में 800 दिनों से ज्यादा का समय हो गया है। उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है, जिससे जेल में उनके साथ हो रहे बर्ताव को लेकर सवाल और चिंताएं होने लगी है। इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने जेल में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री के साथ हो रहे बर्ताव और उनकी बिगड़ती सेहत के खिलाफ आवाज उठाई थी।

इमरान की एक आंख की 85% रोशनी खत्म

बताया जा रहा है कि इमरान खान की एक आंख की करीब 85% रोशनी चली गई है। यह खुलासा पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई जांच में हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नियुक्त वकील सलमान सफदर ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि इमरान खान जेल प्रशासन से कई महीनों आंखों में धुंधलापन होने की शिकायत कर रहे थे। अक्टूबर 2025 तक उनकी नजर सामान्य थी, लेकिन बाद में दाईं आंख की रोशनी अचानक चली गई। जांच के दौरान पिम्स अस्पताल के एक आई एक्सपर्ट को बुलाया गया था। डॉक्टरों ने पाया कि उनकी आंख में खून का थक्का जम गया था, जिससे गंभीर नुकसान हुआ। इलाज और इंजेक्शन देने के बाद भी उनकी दाईं आंख में अब सिर्फ लगभग 15% रोशनी बची है। वहीं इमरान का कहना है उन्हें निजी डॉक्टर से इलाज कराने की इजाजत नहीं दी गई है।

UGC के नए नियम पर क्यों मचा है बवाल, क्या है 'इक्विटी कमेटी' और बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

#ugcnewrules_controversy 

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने 2026 में नए नियम बनाए हैं। Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हैं। यूजीसी के जारी नए गाइडलाइन के खिलाफ देशभर के छात्रों और शिक्षाविदों के एक बड़े तबके में भारी रोष दिख रहा है।

UGC का नया 'इक्विटी' नियम

यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी। ये कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी। कमेटी में एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का होना जरूरी है। कमेटी का काम कैंपस में बराबरी का माहौल बनाना और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाएं लागू करना है।

सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई प्रावधान नहीं

इसके पहले ड्राफ्ट में जातिगत भेदभाव से सुरक्षा के दायरे में केवल एससी और एसटी को रखा गया था। लेकिन अब इसमें ओबीसी को भी शामिल कर लिया गया है। जिसका विरोध हो रहा है। विवाद इस बात को लेकर है कि इस कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों का होना अनिवार्य है, लेकिन सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है। 

नए नियम के दुरुपयोग की आशंका

विरोध करने वालों का कहना है कि यह परिभाषा एकतरफा है, इसमें सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव या झूठी शिकायतों का कोई जिक्र नहीं है।सामान्य वर्ग को आशंका है कि जिस तरह से एससी-एसटी एक्ट के गलत इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट तक टिप्पणी कर चुका है, वैसे ही UGC की गाइडलाइंस का भी दुरुपयोग हो सकता है। आलोचकों का मानना है कि समता समितियां है, शायद ही निष्पक्ष रह पाएं। उन्हें जो शक्तियां दी जा रही हैं, उनका सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है। गलत शिकायत पर सजा का प्रावधान भी नहीं है।

क्यों लाने पड़े ये नियम?

दरअसल, रोहित वेमुला केस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए नियम-कानून बनाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों की सुनवाई के दौरान UGC को 8 हफ्तों में नए सख्त नियम बनाने को कहा था। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला और मुंबई मेडिकल कॉलेज की पायल तड़वी ने कथित जातिगत उत्पीड़न के बाद सुसाइड कर लिया था। इन मामलों में उनकी माताओं ने PIL दाखिल की थी। कोर्ट ने UGC से कहा था कि 2012 के पुराने नियमों को अपडेट करें और भेदभाव रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाएं।

क्या कहते हैं जाति आधारित भेदभाव के आंकड़े?

यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें जातिगत भेदभाव के आंकड़े दिए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतें 2017-18 में 173 थीं, जो 2023-24 में बढ़कर 378 हो गईं यानी 5 साल में इसमें 118.4% की बढ़ोतरी हुई. ये आंकड़े UGC के अपने डेटा से हैं, जो पार्लियामेंट कमिटी और सुप्रीम कोर्ट को दिए गए। शिकायतों में 90% से ज्यादा का निपटारा हुआ, लेकिन पेंडिंग केस भी बढ़े.2019-20 में 18 से 2023-24 में 108 केस सामने आए।

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

गया में निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर में 250 से अधिक मरीजों का हुआ सफल इलाज

गया। कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के तत्वावधान में एवं प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सहयोग से रविवार, 25 जनवरी 2026 को गया जिले के विशुनगंज स्थित शिव मंदिर परिसर / सामुदायिक भवन में एक निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिविर के शुभारंभ अवसर पर स्थानीय ग्रामीण बालिका छात्राओं द्वारा सभी चिकित्सकों का तिलक लगाकर एवं गुलाब का फूल भेंट कर पारंपरिक स्वागत किया गया, तत्पश्चात रिबन काटकर शिविर का विधिवत शुभारंभ कराया गया। इस अवसर ने सामाजिक सहभागिता एवं बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया।

इस शिविर में लगभग 250 से अधिक मरीजों की निःशुल्क जांच एवं परामर्श किया गया। शिविर में विशेष रूप से पित्त की थैली की पथरी (Gall Bladder Stone), हर्निया, प्रोस्टेट रोग, पेट दर्द, बवासीर (Piles), स्तन संबंधी रोग, हाइड्रोसील सहित पेट एवं मूत्र रोगों से पीड़ित संभावित मरीजों की जांच की गई।

शिविर में डॉ. जे. पी. सिंह, लेज़र, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन तथा पेट एवं मूत्र रोग विशेषज्ञ ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। उन्होंने मरीजों को बताया कि प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, गया में इन सभी रोगों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है।

इसके अतिरिक्त शिविर में डॉ. रवि रंजन सिंह (MBBS, MS – हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ), डॉ. रजनी कुमारी (MBBS, MD – स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ), डॉ. लाल देव (MBBS – जनरल फिजिशियन) एवं डॉ. निशा कुमारी (BPT, MPT – फिजियोथेरेपिस्ट) द्वारा भी मरीजों की जांच, परामर्श एवं उपचार किया गया। इस शिविर को सफल बनाने में कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के सक्रिय सदस्य श्री प्रमोद कुमार (शिक्षक, जिला स्कूल, गया) का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने शिविर के आयोजन हेतु अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया।

शिविर में आए मरीजों एवं ग्रामीण नागरिकों ने इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया

*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

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उत्तराखंड : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में हरिद्वार में जोरदार प्रदर्शन, पूर्व मेयर के पति ने कराया मुंडन