देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस, राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर बड़ा हमला

#rajnathsinghonrahulgandhicjpprotest

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अराजकता से सत्ता हासिल करना चाहती है। युवाओं को अराजक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ये बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं।

युवाओं को भड़काने का आरोप

वामपंथी छात्र संगठन ‘आइसा’ की अध्यक्ष नेहा बोरा के बांग्लादेश में छात्र आंदोलन को लेकर दिए हालिया बयान के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रेस वार्ता कर कड़ा संदेश दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस तरह से युवाओं को भड़का रहे ये स्पष्ट करता है कि इनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है। कांग्रेस और उनके राजनीतिक सहयोगी प्रत्यक्ष रूप से और अपने समर्थक संगठनों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण के विचारों में लगाने की बजाय राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने के साधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

लोकतंत्र अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं-राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को समझना चाहिए कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने या भारत के विकास में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है। राजनीतिक हितों के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं की बलि नहीं दी जा सकती। इस बात को समझने की जरूरत है। झूठा आक्रोश दिखाकर, संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश करके और राजनीतिक अवसरवाद के जरिए भारत की विकास यात्रा को प्रभावित नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी को बाधा डालने वाली राजनीति करने के बजाय, जन-जनादेश का सम्मान करना चाहिए और अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्म-चिंतन करना चाहिए।

देश में अराजकता पैदा कर सत्ता हासिल करने की साजिश-राजनाथ सिंह

बीजेपी नेता ने कहा कि बांग्लादेश की तर्ज पर शासन बदलना चाहते हैं और एक प्रेस वार्ता में खुलकर कहते हैं कि उसने शासन बदलने की प्रेरणा बांग्लादेश से ली है। तो दूसरा डंके की चोट पर सरकार गिराने की बात करता है। राजनाथ बोले- इससे यह साफ होता है कि इनका इकलौता एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है। शासन बदलने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इससे पता चलता है कि उनकी लड़ाई चुनाव सुधार, SIR, ज्ञानेश कुमार, देश के नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए नहीं है। उनकी लड़ाई देश में अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करने की उनकी साजिश है।

सीजेपी के सौरव दास और आशुतोष रांका 5 दिन की न्यायिक हिरासत में, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पड़ा भारी

#cjpleaderssauravdasashutoshrankajudicialcustodyjantarmantarprotest

जंतर-मंतर पर जबरन घुसकर प्रदर्शन के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को बड़ा झटका लगा है। सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने आज यानी बुधवार को सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। वहीं, तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी।

सीजेपी नेताओं पर क्या है आरोप?

आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य जंतर-मंतर से मंगलवार को गिरफ्तार हुए थे। इन्हें जंतर-मंतर क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोप में आज यानी बुधवार को एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। सीजेपी के तीनों नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने बैरिकेड तोड़कर उस इलाके में प्रवेश किया, जिसे हाल ही में निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया था। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए थे।

सीजेपी के वकील का गंभीर आरोप

दूसरी तरफ, सीजेपी नेताओं का पक्ष रखते हुए उनके वकील अभिष्ट हेले ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने केवल इस बेबुनियाद आशंका के आधार पर नेताओं को हिरासत में भिजवाया कि वे कोई अपराध कर सकते हैं। वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अदालत के समक्ष यह सरासर झूठ बोला कि तीनों नेताओं ने आम जनता से उस स्थान पर जुटने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि सीजेपी नेताओं ने न तो ऐसी कोई अपील की थी और न ही किसी भी तरह से बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया है।

पहले भी हिरासत में लिए गए थे दास और रांका

सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान भी हिरासत में लिया गया था। उस समय दोनों ने एक साल तक शांति बनाए रखने का बांड भरा था। इसके बावजूद मंगलवार को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में उन्हें फिर हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति

बता दें कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को विरोध प्रदर्शन और सभाओं के लिए निर्धारित स्थान घोषित किया था। इस आदेश के तहत जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े इस विवाद के बीच नेताओं की हिरासत ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।

जंतर मंतर पर अब नहीं होगा धरना-प्रदर्शन, सरकार ने प्रोटेस्ट के लिए तय किए तीन नए स्थल

#jantarmantarnolongeraprotestsite_delhi

दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन नहीं होगा। इसके बजाय तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए नए स्थल के रूप में निर्धारित किया गया है। सरकार का यह फैसला तब सामने आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर मंतर जाने की कॉकरोच जनता पार्टी मांग कर रही है।

धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान

आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प के तौर पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा करने के वास्ते एक समिति गठित की थी। आदेश में कहा गया है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थानों के तौर पर तय किया गया है।

प्रदर्शन के लिए अलग से जारी होगी प्रक्रिया

दिल्ली पुलिस के आदेश में कहा गया है कि इन तीनों स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी। यानी प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी बाद में दी जाएगी। फिलहाल आदेश में नए नियमों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए प्रदर्शन से जुड़ी शर्तों, अनुमति लेने की प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में अलग आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिलेगी।

विपक्ष के प्रदर्शन के बीच फैसला

दिल्ली पुलिस का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय राजधानी में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी इंडिया गठबंधन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को कहा कि वह जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए दिल्ली पुलिस को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय देगी क्योंकि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखे हुए है।

इंडिया गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट मार्च आज, छह मेट्रो स्टेशन बंद

#indiabloccjpjantarmantar_protest

चुनाव आयोग में कथित अनियमितता को लेकर विपक्ष लामबंद दिख रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ दिल्ली में आंदोलन हो रहा है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन अपनी मांग को लेकर लगातार सड़कों पर है। आज फिर दिल्ली में इंडिया ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च प्रस्तावित है।

राहुल गांधी की युवाओं से प्रोटेस्ट में भाग लेने की अपील

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बड़ी संख्या में देश के लोगों और युवाओं से इस प्रोटेस्ट में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यह किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा, तमाम विपक्षी दल, सिविल सोसाइटी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोग इस मार्च में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि संविधान के साथ खड़े सभी लोग इस पहल का हिस्सा बनेंगे।

राहुल गांधी ने डरो मत का नारा भी दिया

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये लोग भारत की आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि विपक्ष डरने वाला नहीं है और सरकार को पीछे हटना होगा। राहुल गांधी ने लिखा कि सभी लोग मोहब्बत, भाईचारे और देशभक्ति की भावना के साथ एक साथ मार्च करेंगे। राहुल गांधी ने अपने संदेश में 'डरो मत' का नारा भी दिया और कहा कि सोमवार को पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा।

इंडिया ब्लॉक के मार्च में कौन-कौन से नेता होंगे शामिल?

प्रस्तावित मार्च में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हो सकते हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में यह मार्च सुप्रीम कोर्ट तक निकाला जाना है। इसमें तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वाम दलों, आरजेडी, एनसीपी (एसपी), नेशनल कॉन्फ्रेंस, वीसीके और आईयूएमएल के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। केरल के कुछ क्षेत्रीय दल भी मार्च में हिस्सा ले सकते हैं। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है।

मार्च से पहले सुरक्षाबल मुस्तैद

दिल्ली में आज सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बाराखंभा रोड और मंडी हाउस के पास सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। यहां दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मी भी तैनात हैं। प्रस्तावित मार्च को देखते हुए इन इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है। हालांकि, विरोध मार्च में शामिल होने वाले नेताओं की संख्या, मार्च के निर्धारित मार्ग और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

दिल्ली के 6 मेट्रो स्टेशन आज रहेंगे बंद

विपक्षी दलों के मार्च को देखते हुए आज सुबह 6 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन, मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन, बाराखंभा रोड मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे।

CJP का आज फिर जंतर-मंतर मार्च, अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुनवाई

#cjpprotestjantar_mantar

कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है और अपना विरोध दर्ज करा रही है। शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी। अलग-अलग जगहों पर हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया। अब सीजेपी ने एक बार फिर जंतर-मंतर पर जुटने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

आज फिर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली पुलिस ने कल यानी शनिवार को तो किसी भी प्रदर्शनकारी को जंतर-मंतर नहीं पहुंचने दिया, लेकिन सीजेपी ने आज रविवार को फिर से प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि वो इस मामले से पीछे हटने वाले नहीं है।

दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था सख्त

सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के ऐलान और बीते कल पुलिस की कार्रवाई के बाद आज भी जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों की तैनाती है। यहां बड़ी संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षा बल मौजूद हैं। ऐसे में दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी गई है। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। रविवार को भी पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती जारी रहेगी।

अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट रविवार को एक अवमानना याचिका पर विशेष सुनवाई करेगा। यह याचिका जंतर-मंतर पर आज होने वाले सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से पहले सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह बंद करने के कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश की जानबूझकर अनदेखी करने के आरोप में दायर की गई है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच 11 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी। अवमानना याचिका में केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और डीएमआरसी चेयरमैन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि घोषणा के अनुसार 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखे गए थे।

सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर 3000 लोगों पर कार्रवाई, ममता और केजरीवाल भी हिरासत में

#cjpprotestjantar_mantar

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में काफी बवाल देका गया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही हिरासत में ले लिया गया। वहीं टीएमसी सुप्रीम ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को भी विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान 3000 से ज्यादा लोग हिरासत में

सीजेपी के बुलाए गए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 3,000 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी के अलग-अलग इलाकों में यह कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध जताने के लिए जुटे थे। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की।

6 पुलिसकर्मी घायल

3000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें पिंक फोर्स की एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आकाशवाणी भवन और कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के पास पथराव की घटनाएं हुईं। महिला पुलिसकर्मी सुमन ने बताया कि हनुमान मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते समय कुछ महिलाओं ने उनकी उंगली मोड़ दी, जिससे फ्रैक्चर हो गया। वहीं, आकाशवाणी भवन के पास इम्तियाज अली मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग गिराकर पुलिस पर पत्थर फेंके। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बाद हुई। पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। सुरक्षा के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया था और ड्रोन से निगरानी की गई।

अब कल इंडिया गठबंधन का हल्ला बोल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन का सोमवार को बड़े प्रोटेस्ट मार्च का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार शाम एक्स पर पोस्ट करके कहा, ‘हम उन सभी भारतीयों से अपील करते हैं जो भारतीय लोकतंत्र को बचाने को लेकर चिंतित हैं कि वे सोमवार को दिल्ली में होने वाले बड़े विरोध मार्च में हमारे साथ शामिल हों – यह मार्च मोदी-शाह सरकार द्वारा देश भर में किए गए ‘वोट चोरी’ के खिलाफ है।’

सोनम वांगचुक ने और क्या चेतवानी दी?

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर भारत को ‘अघोषित आपातकाल’ की स्थिति में बताया। वांगचुक ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन से पहले एकता और शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसे हालात देखने को मिलेंगे। वांगचुक ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कई नेता आंदोलन का नेतृत्व करेंगे, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा करने पर विचार करने को मजबूर होंगे।

सीजेपी के प्रदर्शन को नहीं मिला सोनम वांगचुक का साथ, बोले-और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा

#sonamwangchukisskippingcjpdelhiprotest_today

कॉकरोच जनता पार्टी आज दिल्ली की सड़कों पर है। सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन है। ये प्रोटेस्ट चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। इधर सोनम वांगचुक ने इस प्रोटेस्ट से खुद को अलग कर लिया है। पिछले सीजेपी प्रोटेस्ट का अहम चेहरा रहे सोनम वांगचुक आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। वांगुचक ने इसको लेकर पोस्ट शेयर की है और कारण बताया है।

आज के आंदलोन से क्यों नहीं जुड़ेंगे सोनम?

पर्यावरण और एजुकेशन पर काम करने वाले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं। सोनम वांगचुक ने एक्स पर लिखा-'मैं दिल्ली में आप सबके साथ क्यों नहीं जुड़ पाऊंगा...! सरकार की तरफ से हमारे काम में रुकावट डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद हम देश की सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे...और आने वाली सर्दियों के लिए तैयारियां कर रहे हैं। इसमें पानी की सुरक्षा के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना और GLOF (ग्लेशियर झील में बाढ़) से सुरक्षा के लिए प्रयोग करना शामिल है...ताकि ऊंचे हिमालय में मौजूद 200 से ज्यादा 'टिकिंग वॉटर बॉम्ब' (कभी भी फटने को तैयार पानी के खतरनाक भंडार) के खतरे को कम किया जा सके।'

फैज साहब के लिखे शब्दों का लिया सहारा

वांगचुक ने फैज साहब के लिखे शब्दों के माध्यम से कहा कि 'और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा। मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील करता हूं। मैं GenZ के सभी दोस्तों से आग्रह करता हूं कि वे हर हाल में पूरी तरह शांति बनाए रखें। यह बापू का दिया हुआ तोहफा था, जिसे मैं जून में जंतर-मंतर ले जाने की कोशिश कर रहा था। मुझे उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे।'

नीट पेपर लीक मामले में वांगचुक ने की भी भूख हड़ताल

बता दें कि इससे पहले वांगचुक सीजेपी के जुलाई वाले विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थे। इस आंदोलन में परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में वे जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने 23 जुलाई को गुरुग्राम के एक अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म की। उन्होंने कहा कि कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए उन्होंने अपना अनशन तोड़ा।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का हल्लाबोल, प्रोटेस्ट से पहले ध्रुव राठी हिरासत में, 150 प्रदर्शनकारी डिटेन

#cjpjantarmantar_protest

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। अभिजीत दीपके सहित कई राजनीतिक नेता भी इसमें शामिल हो रहे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हो रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। वहीं, प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट पर पाबंदियां लगाई गई हैं।

ध्रुव राठी हिरासत में

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीम सुबह करीब 7:48 बजे सेक्टर-56 स्थित केंद्रीय विहार में उनके आवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि ध्रुव राठी की मां के दरवाजा खोलते ही पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हो गए। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की करीब 50 सदस्यीय टीम देर रात से ही उनके घर के बाहर मौजूद थी। इसके बाद पुलिस ध्रुव राठी को अपने साथ ले गई। हालांकि, उन्हें किस मामले में हिरासत में लिया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। धरना स्थल की तरफ जा रहे कई प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग इलाके से डिटेन किया गया है। इसके अलावा कनॉट प्लेस से भी कई प्रदर्शनकारी पकड़े गए हैं। इन सबको बसों में बैठाया गया है। इससे पहले कल रात को जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों को भी हिरासत में लिया गया था। सभी को तब से लेकर अब तक जामिया पुलिस स्टेशन में बैठाया गया है।

छावनी में तब्दील दिल्ली और आस-पास के इलाके

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों की तैनाती की गई है।

दिल्ली के कुछ इलाकों को छावनी में तब्दील किया गया है। नई दिल्ली में मंडी हाउस से जंतर-मंतर की तरफ जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा का तगड़ा पहरा है। दिल्ली पुलिस वाहनों को चेकिंग करने के बाद ही आगे जाने दे रही है। दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस की ओर जाने वाली फिरोज शाह रोड पर भी बैरिकेड्स लगा दिए हैं। वहीं, जनपथ गोल चक्कर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उधर, दिल्ली पुलिस ने राजधानी से सटे दूसरे राज्यों की सीमाओं पर भी सुरक्षा बढ़ाई है।

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर खुफिया इनपुट, बढ़ाई गई चौकसी, 26 हजार से ज्यादा जवान तैनात

#intelligenceinputsregardingcjpprotestindelhi

भारतीय निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। जिसको लेकर सड़कों पर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन प्रस्तावित है। सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन रहेगा जारी

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा कर चुके हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने शनिवार को जंतर मंतर पर धरने का आह्वान किया है। इस बड़े विरोध प्रदर्शन में कई अन्य विपक्षी दलों के शामिल होने की भी संभावना है।

प्रदर्शन की अनुमति नहीं

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस के खुफिया विभाग ने प्रदर्शन को लेकर इनपुट मिलने की बात कही है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं। ऐसे में जंतर-मंतर तक किसी भी अनधिकृत जमावड़े को पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति होने वाले किसी भी प्रदर्शन या जमावड़े में शामिल नहीं होने की अपील की है।

दिल्ली में 26,000 से ज्यादा जवान तैनात

सीजेपी दो महीने पहले, नीट-यूजी पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर थी। इस दौरान काफी बवाल देखने को मिला। अब सीजेपी के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर है। ऐसे में हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 26,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।

महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर

जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ कंपनियां आ रही हैं। ये अतिरिक्त बल प्रदर्शनों को संभालने, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुरक्षा करने और केंद्रीय दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेंगे। महिलाओं की बड़ी संख्या में शामिल होने की आशंका को देखते हुए पांच महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर होंगी।

आज जंतर मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, 11 मेट्रो स्टेशन बंद, बढ़ाई गई सुरक्षा

#protestsagainstcecgyaneshkumaratjantar_mantar

दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने गांधी जयंती के मौके पर जंतर मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। प्रदर्शन से पहले ही जंतर-मंतर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जंतर मंतर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेड लगाए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज जंतर मंतर पर प्रदर्शन होना है। सीजेपी के साथ ही AISA, SFI और DYFI से जुड़े छात्र संगठनों ने चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन बुलाया है। पुलिस सूत्रों ने अनुमान जताया है कि प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोग जुट सकते हैं। इस प्रदर्शन का सीधा फोकस एसआईआर और चुनावी मतदाता सूचियों को लेकर उठ रहे सवालों पर है। आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी लोगों से सुबह 10 बजे जंतर मंतर पहुंचने की अपील की है।

छात्र संगठन निकालेंगे मार्च

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर तक मार्च निकालेंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे। संगठन के एक सदस्य ने बताया कि प्रस्तावित मार्च के लिए दोनों संगठनों को अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद वे बड़ी संख्या में जंतर-मंतर की ओर बढ़ेंगे। मार्च में करीब 1,500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

पुलिस के साथ सीएपीएफ भी तैनात

इस दौरान किसी भी संभावित भीड़ से निपटने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया है। जंतर मंतर को चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई है। आसपास के मेट्रो स्टेशन पर भी जवानों को तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से भी पूरे नई दिल्ली इलाके में नजर रखी जाएगी। पुलिस कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरे से भी लगातार निगरानी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की कोशिश होगी कि प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर आने से पहले ही रोक लिया जाए।

11 मेट्रो स्टेशन बंद

जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को 11 स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। डीएमारसी के मुताबिक, अगले आदेश तक जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर एंट्री-एग्जिट बंद रहेगी. हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस, राजनाथ सिंह का राहुल गांधी पर बड़ा हमला

#rajnathsinghonrahulgandhicjpprotest

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट पर बड़ा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अराजकता से सत्ता हासिल करना चाहती है। युवाओं को अराजक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ये बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं।

युवाओं को भड़काने का आरोप

वामपंथी छात्र संगठन ‘आइसा’ की अध्यक्ष नेहा बोरा के बांग्लादेश में छात्र आंदोलन को लेकर दिए हालिया बयान के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रेस वार्ता कर कड़ा संदेश दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस तरह से युवाओं को भड़का रहे ये स्पष्ट करता है कि इनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है। कांग्रेस और उनके राजनीतिक सहयोगी प्रत्यक्ष रूप से और अपने समर्थक संगठनों के माध्यम से युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों और राष्ट्र निर्माण के विचारों में लगाने की बजाय राजनीतिक टकराव और अराजकता फैलाने के साधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

लोकतंत्र अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं-राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को समझना चाहिए कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने या भारत के विकास में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है। राजनीतिक हितों के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं की बलि नहीं दी जा सकती। इस बात को समझने की जरूरत है। झूठा आक्रोश दिखाकर, संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश करके और राजनीतिक अवसरवाद के जरिए भारत की विकास यात्रा को प्रभावित नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी को बाधा डालने वाली राजनीति करने के बजाय, जन-जनादेश का सम्मान करना चाहिए और अपनी राजनीतिक भूमिका पर आत्म-चिंतन करना चाहिए।

देश में अराजकता पैदा कर सत्ता हासिल करने की साजिश-राजनाथ सिंह

बीजेपी नेता ने कहा कि बांग्लादेश की तर्ज पर शासन बदलना चाहते हैं और एक प्रेस वार्ता में खुलकर कहते हैं कि उसने शासन बदलने की प्रेरणा बांग्लादेश से ली है। तो दूसरा डंके की चोट पर सरकार गिराने की बात करता है। राजनाथ बोले- इससे यह साफ होता है कि इनका इकलौता एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त करना और देश में आग लगाना है। शासन बदलने जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, इससे पता चलता है कि उनकी लड़ाई चुनाव सुधार, SIR, ज्ञानेश कुमार, देश के नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए नहीं है। उनकी लड़ाई देश में अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करने की उनकी साजिश है।

सीजेपी के सौरव दास और आशुतोष रांका 5 दिन की न्यायिक हिरासत में, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पड़ा भारी

#cjpleaderssauravdasashutoshrankajudicialcustodyjantarmantarprotest

जंतर-मंतर पर जबरन घुसकर प्रदर्शन के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को बड़ा झटका लगा है। सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने आज यानी बुधवार को सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। वहीं, तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी।

सीजेपी नेताओं पर क्या है आरोप?

आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य जंतर-मंतर से मंगलवार को गिरफ्तार हुए थे। इन्हें जंतर-मंतर क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोप में आज यानी बुधवार को एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। सीजेपी के तीनों नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने बैरिकेड तोड़कर उस इलाके में प्रवेश किया, जिसे हाल ही में निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया था। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए थे।

सीजेपी के वकील का गंभीर आरोप

दूसरी तरफ, सीजेपी नेताओं का पक्ष रखते हुए उनके वकील अभिष्ट हेले ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने केवल इस बेबुनियाद आशंका के आधार पर नेताओं को हिरासत में भिजवाया कि वे कोई अपराध कर सकते हैं। वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अदालत के समक्ष यह सरासर झूठ बोला कि तीनों नेताओं ने आम जनता से उस स्थान पर जुटने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि सीजेपी नेताओं ने न तो ऐसी कोई अपील की थी और न ही किसी भी तरह से बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया है।

पहले भी हिरासत में लिए गए थे दास और रांका

सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान भी हिरासत में लिया गया था। उस समय दोनों ने एक साल तक शांति बनाए रखने का बांड भरा था। इसके बावजूद मंगलवार को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में उन्हें फिर हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति

बता दें कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को विरोध प्रदर्शन और सभाओं के लिए निर्धारित स्थान घोषित किया था। इस आदेश के तहत जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े इस विवाद के बीच नेताओं की हिरासत ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।

जंतर मंतर पर अब नहीं होगा धरना-प्रदर्शन, सरकार ने प्रोटेस्ट के लिए तय किए तीन नए स्थल

#jantarmantarnolongeraprotestsite_delhi

दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन नहीं होगा। इसके बजाय तीन नए स्थान निर्धारित किए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को धरना-प्रदर्शन के लिए नए स्थल के रूप में निर्धारित किया गया है। सरकार का यह फैसला तब सामने आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर मंतर जाने की कॉकरोच जनता पार्टी मांग कर रही है।

धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान

आदेश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प के तौर पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा करने के वास्ते एक समिति गठित की थी। आदेश में कहा गया है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर अधिसूचित किया गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थानों के तौर पर तय किया गया है।

प्रदर्शन के लिए अलग से जारी होगी प्रक्रिया

दिल्ली पुलिस के आदेश में कहा गया है कि इन तीनों स्थलों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी। यानी प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया और उससे जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी बाद में दी जाएगी। फिलहाल आदेश में नए नियमों का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए प्रदर्शन से जुड़ी शर्तों, अनुमति लेने की प्रक्रिया और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में अलग आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट जानकारी मिलेगी।

विपक्ष के प्रदर्शन के बीच फैसला

दिल्ली पुलिस का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राष्ट्रीय राजधानी में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी इंडिया गठबंधन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को कहा कि वह जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए दिल्ली पुलिस को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय देगी क्योंकि पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखे हुए है।

इंडिया गठबंधन का सुप्रीम कोर्ट मार्च आज, छह मेट्रो स्टेशन बंद

#indiabloccjpjantarmantar_protest

चुनाव आयोग में कथित अनियमितता को लेकर विपक्ष लामबंद दिख रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ दिल्ली में आंदोलन हो रहा है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन अपनी मांग को लेकर लगातार सड़कों पर है। आज फिर दिल्ली में इंडिया ब्लॉक का सुप्रीम कोर्ट तक विरोध मार्च प्रस्तावित है।

राहुल गांधी की युवाओं से प्रोटेस्ट में भाग लेने की अपील

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बड़ी संख्या में देश के लोगों और युवाओं से इस प्रोटेस्ट में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यह किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवा, तमाम विपक्षी दल, सिविल सोसाइटी और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोग इस मार्च में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि संविधान के साथ खड़े सभी लोग इस पहल का हिस्सा बनेंगे।

राहुल गांधी ने डरो मत का नारा भी दिया

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि ये लोग भारत की आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने कहा कि विपक्ष डरने वाला नहीं है और सरकार को पीछे हटना होगा। राहुल गांधी ने लिखा कि सभी लोग मोहब्बत, भाईचारे और देशभक्ति की भावना के साथ एक साथ मार्च करेंगे। राहुल गांधी ने अपने संदेश में 'डरो मत' का नारा भी दिया और कहा कि सोमवार को पूरा भारत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा।

इंडिया ब्लॉक के मार्च में कौन-कौन से नेता होंगे शामिल?

प्रस्तावित मार्च में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हो सकते हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में यह मार्च सुप्रीम कोर्ट तक निकाला जाना है। इसमें तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वाम दलों, आरजेडी, एनसीपी (एसपी), नेशनल कॉन्फ्रेंस, वीसीके और आईयूएमएल के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। केरल के कुछ क्षेत्रीय दल भी मार्च में हिस्सा ले सकते हैं। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है।

मार्च से पहले सुरक्षाबल मुस्तैद

दिल्ली में आज सुप्रीम कोर्ट तक इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित विरोध मार्च से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बाराखंभा रोड और मंडी हाउस के पास सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। यहां दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मी भी तैनात हैं। प्रस्तावित मार्च को देखते हुए इन इलाकों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है। हालांकि, विरोध मार्च में शामिल होने वाले नेताओं की संख्या, मार्च के निर्धारित मार्ग और यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

दिल्ली के 6 मेट्रो स्टेशन आज रहेंगे बंद

विपक्षी दलों के मार्च को देखते हुए आज सुबह 6 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन, मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन, बाराखंभा रोड मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे।

CJP का आज फिर जंतर-मंतर मार्च, अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुनवाई

#cjpprotestjantar_mantar

कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव आयोग में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है और अपना विरोध दर्ज करा रही है। शनिवार को पुलिस ने प्रदर्शन रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी। अलग-अलग जगहों पर हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया। अब सीजेपी ने एक बार फिर जंतर-मंतर पर जुटने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

आज फिर सीजेपी का विरोध प्रदर्शन

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली पुलिस ने कल यानी शनिवार को तो किसी भी प्रदर्शनकारी को जंतर-मंतर नहीं पहुंचने दिया, लेकिन सीजेपी ने आज रविवार को फिर से प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी का कहना है कि वो इस मामले से पीछे हटने वाले नहीं है।

दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था सख्त

सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के ऐलान और बीते कल पुलिस की कार्रवाई के बाद आज भी जंतर-मंतर पर सुरक्षा बलों की तैनाती है। यहां बड़ी संख्या में पुलिस और अन्य सुरक्षा बल मौजूद हैं। ऐसे में दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी गई है। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। रविवार को भी पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती जारी रहेगी।

अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट रविवार को एक अवमानना याचिका पर विशेष सुनवाई करेगा। यह याचिका जंतर-मंतर पर आज होने वाले सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन से पहले सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह बंद करने के कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश की जानबूझकर अनदेखी करने के आरोप में दायर की गई है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच 11 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे इस मामले की सुनवाई करेगी। अवमानना याचिका में केंद्रीय गृह सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और डीएमआरसी चेयरमैन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि घोषणा के अनुसार 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद रखे गए थे।

सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर 3000 लोगों पर कार्रवाई, ममता और केजरीवाल भी हिरासत में

#cjpprotestjantar_mantar

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में काफी बवाल देका गया। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही हिरासत में ले लिया गया। वहीं टीएमसी सुप्रीम ममता बनर्जी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और दुर्गेश पाठक को भी विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

विरोध प्रदर्शन के दौरान 3000 से ज्यादा लोग हिरासत में

सीजेपी के बुलाए गए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 3,000 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी के अलग-अलग इलाकों में यह कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध जताने के लिए जुटे थे। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की।

6 पुलिसकर्मी घायल

3000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के दौरान छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें पिंक फोर्स की एक महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आकाशवाणी भवन और कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर के पास पथराव की घटनाएं हुईं। महिला पुलिसकर्मी सुमन ने बताया कि हनुमान मंदिर के पास प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते समय कुछ महिलाओं ने उनकी उंगली मोड़ दी, जिससे फ्रैक्चर हो गया। वहीं, आकाशवाणी भवन के पास इम्तियाज अली मार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग गिराकर पुलिस पर पत्थर फेंके। यह कार्रवाई चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के आह्वान के बाद हुई। पुलिस ने कानून-व्यवस्था की स्थिति और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। सुरक्षा के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया था और ड्रोन से निगरानी की गई।

अब कल इंडिया गठबंधन का हल्ला बोल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन का सोमवार को बड़े प्रोटेस्ट मार्च का ऐलान किया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शनिवार शाम एक्स पर पोस्ट करके कहा, ‘हम उन सभी भारतीयों से अपील करते हैं जो भारतीय लोकतंत्र को बचाने को लेकर चिंतित हैं कि वे सोमवार को दिल्ली में होने वाले बड़े विरोध मार्च में हमारे साथ शामिल हों – यह मार्च मोदी-शाह सरकार द्वारा देश भर में किए गए ‘वोट चोरी’ के खिलाफ है।’

सोनम वांगचुक ने और क्या चेतवानी दी?

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर भारत को ‘अघोषित आपातकाल’ की स्थिति में बताया। वांगचुक ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन से पहले एकता और शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसे हालात देखने को मिलेंगे। वांगचुक ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कई नेता आंदोलन का नेतृत्व करेंगे, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा करने पर विचार करने को मजबूर होंगे।

सीजेपी के प्रदर्शन को नहीं मिला सोनम वांगचुक का साथ, बोले-और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा

#sonamwangchukisskippingcjpdelhiprotest_today

कॉकरोच जनता पार्टी आज दिल्ली की सड़कों पर है। सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन है। ये प्रोटेस्ट चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। इधर सोनम वांगचुक ने इस प्रोटेस्ट से खुद को अलग कर लिया है। पिछले सीजेपी प्रोटेस्ट का अहम चेहरा रहे सोनम वांगचुक आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। वांगुचक ने इसको लेकर पोस्ट शेयर की है और कारण बताया है।

आज के आंदलोन से क्यों नहीं जुड़ेंगे सोनम?

पर्यावरण और एजुकेशन पर काम करने वाले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं। सोनम वांगचुक ने एक्स पर लिखा-'मैं दिल्ली में आप सबके साथ क्यों नहीं जुड़ पाऊंगा...! सरकार की तरफ से हमारे काम में रुकावट डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद हम देश की सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे...और आने वाली सर्दियों के लिए तैयारियां कर रहे हैं। इसमें पानी की सुरक्षा के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना और GLOF (ग्लेशियर झील में बाढ़) से सुरक्षा के लिए प्रयोग करना शामिल है...ताकि ऊंचे हिमालय में मौजूद 200 से ज्यादा 'टिकिंग वॉटर बॉम्ब' (कभी भी फटने को तैयार पानी के खतरनाक भंडार) के खतरे को कम किया जा सके।'

फैज साहब के लिखे शब्दों का लिया सहारा

वांगचुक ने फैज साहब के लिखे शब्दों के माध्यम से कहा कि 'और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा। मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील करता हूं। मैं GenZ के सभी दोस्तों से आग्रह करता हूं कि वे हर हाल में पूरी तरह शांति बनाए रखें। यह बापू का दिया हुआ तोहफा था, जिसे मैं जून में जंतर-मंतर ले जाने की कोशिश कर रहा था। मुझे उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे।'

नीट पेपर लीक मामले में वांगचुक ने की भी भूख हड़ताल

बता दें कि इससे पहले वांगचुक सीजेपी के जुलाई वाले विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थे। इस आंदोलन में परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में वे जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने 23 जुलाई को गुरुग्राम के एक अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म की। उन्होंने कहा कि कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए उन्होंने अपना अनशन तोड़ा।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का हल्लाबोल, प्रोटेस्ट से पहले ध्रुव राठी हिरासत में, 150 प्रदर्शनकारी डिटेन

#cjpjantarmantar_protest

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। अभिजीत दीपके सहित कई राजनीतिक नेता भी इसमें शामिल हो रहे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हो रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। वहीं, प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट पर पाबंदियां लगाई गई हैं।

ध्रुव राठी हिरासत में

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीम सुबह करीब 7:48 बजे सेक्टर-56 स्थित केंद्रीय विहार में उनके आवास पर पहुंची। बताया जा रहा है कि ध्रुव राठी की मां के दरवाजा खोलते ही पुलिसकर्मी घर के अंदर दाखिल हो गए। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की करीब 50 सदस्यीय टीम देर रात से ही उनके घर के बाहर मौजूद थी। इसके बाद पुलिस ध्रुव राठी को अपने साथ ले गई। हालांकि, उन्हें किस मामले में हिरासत में लिया गया है, इसकी आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। धरना स्थल की तरफ जा रहे कई प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग इलाके से डिटेन किया गया है। इसके अलावा कनॉट प्लेस से भी कई प्रदर्शनकारी पकड़े गए हैं। इन सबको बसों में बैठाया गया है। इससे पहले कल रात को जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों को भी हिरासत में लिया गया था। सभी को तब से लेकर अब तक जामिया पुलिस स्टेशन में बैठाया गया है।

छावनी में तब्दील दिल्ली और आस-पास के इलाके

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों की तैनाती की गई है।

दिल्ली के कुछ इलाकों को छावनी में तब्दील किया गया है। नई दिल्ली में मंडी हाउस से जंतर-मंतर की तरफ जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा का तगड़ा पहरा है। दिल्ली पुलिस वाहनों को चेकिंग करने के बाद ही आगे जाने दे रही है। दिल्ली पुलिस ने मंडी हाउस की ओर जाने वाली फिरोज शाह रोड पर भी बैरिकेड्स लगा दिए हैं। वहीं, जनपथ गोल चक्कर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उधर, दिल्ली पुलिस ने राजधानी से सटे दूसरे राज्यों की सीमाओं पर भी सुरक्षा बढ़ाई है।

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर खुफिया इनपुट, बढ़ाई गई चौकसी, 26 हजार से ज्यादा जवान तैनात

#intelligenceinputsregardingcjpprotestindelhi

भारतीय निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। जिसको लेकर सड़कों पर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन प्रस्तावित है। सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन रहेगा जारी

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा कर चुके हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने शनिवार को जंतर मंतर पर धरने का आह्वान किया है। इस बड़े विरोध प्रदर्शन में कई अन्य विपक्षी दलों के शामिल होने की भी संभावना है।

प्रदर्शन की अनुमति नहीं

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस के खुफिया विभाग ने प्रदर्शन को लेकर इनपुट मिलने की बात कही है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं। ऐसे में जंतर-मंतर तक किसी भी अनधिकृत जमावड़े को पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति होने वाले किसी भी प्रदर्शन या जमावड़े में शामिल नहीं होने की अपील की है।

दिल्ली में 26,000 से ज्यादा जवान तैनात

सीजेपी दो महीने पहले, नीट-यूजी पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर थी। इस दौरान काफी बवाल देखने को मिला। अब सीजेपी के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर है। ऐसे में हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 26,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।

महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर

जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ कंपनियां आ रही हैं। ये अतिरिक्त बल प्रदर्शनों को संभालने, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुरक्षा करने और केंद्रीय दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेंगे। महिलाओं की बड़ी संख्या में शामिल होने की आशंका को देखते हुए पांच महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर होंगी।

आज जंतर मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, 11 मेट्रो स्टेशन बंद, बढ़ाई गई सुरक्षा

#protestsagainstcecgyaneshkumaratjantar_mantar

दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने गांधी जयंती के मौके पर जंतर मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। प्रदर्शन से पहले ही जंतर-मंतर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। जंतर मंतर की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर बैरिकेड लगाए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज जंतर मंतर पर प्रदर्शन होना है। सीजेपी के साथ ही AISA, SFI और DYFI से जुड़े छात्र संगठनों ने चुनाव आयोग के काम करने के तरीके और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन बुलाया है। पुलिस सूत्रों ने अनुमान जताया है कि प्रदर्शन में करीब 3,000 से 4,000 लोग जुट सकते हैं। इस प्रदर्शन का सीधा फोकस एसआईआर और चुनावी मतदाता सूचियों को लेकर उठ रहे सवालों पर है। आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने भी लोगों से सुबह 10 बजे जंतर मंतर पहुंचने की अपील की है।

छात्र संगठन निकालेंगे मार्च

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर तक मार्च निकालेंगे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे। संगठन के एक सदस्य ने बताया कि प्रस्तावित मार्च के लिए दोनों संगठनों को अनुमति नहीं मिली है। इसके बावजूद वे बड़ी संख्या में जंतर-मंतर की ओर बढ़ेंगे। मार्च में करीब 1,500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

पुलिस के साथ सीएपीएफ भी तैनात

इस दौरान किसी भी संभावित भीड़ से निपटने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया है। जंतर मंतर को चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई है। आसपास के मेट्रो स्टेशन पर भी जवानों को तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरे से भी पूरे नई दिल्ली इलाके में नजर रखी जाएगी। पुलिस कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरे से भी लगातार निगरानी की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की कोशिश होगी कि प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर आने से पहले ही रोक लिया जाए।

11 मेट्रो स्टेशन बंद

जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने शुक्रवार को 11 स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और बाहर निकलने पर रोक लगा दी है। डीएमारसी के मुताबिक, अगले आदेश तक जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर एंट्री-एग्जिट बंद रहेगी. हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी।