रांची में बैठे प्रदर्शनकारियों से राहुल गांधी ने की बात, मांगों पर सीएम हेमंत से बात करने का दिलाया भरोसा

#jharkhand

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। आज 14वें दिन भी स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत गठबंधन का एक घटक दल है।

छात्रों को दिया हर संभव मदद का भरोसा

छात्र नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार देर शाम राहुल गांदी से फोन पर बातचीत हुई। धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों का विवरण भेजने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे। वो इस मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन से भी बात कर सकते हैं।

मांगों की सूची व्हाट्सएप पर मंगाई

ये बातचीत लगभग 10 मिनट तक चली। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

क्या है छात्रों की मांगें?

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए। उन्होंने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित

इधर, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।

प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका-खरगे सहित कई कांग्रेस सांसद, पीएम के इस्तीफे की मांग

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए हमले के विरोध और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई शीर्ष नेताओं ने लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने युवा छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

पीएम और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "हम कल छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरताओं का जवाब मांगने प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च निकालकर आए हैं। सरकार न तो जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।"

कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में हुए लाठीचार्ज के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस घायल युवती की मां से भी मुलाकात की, जो आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन फिर शुरू, जानें अभिजीत दीपके ने समर्थकों से क्यों मांगी माफी

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कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हो गया है। सीजेपी का संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार शाम 5 बजे जंतर-मंतर खाली करा दिया था। प्रदर्शनकारी और अभिजीत दीपके 6 घंटे बाद फिर लौट आए। सोमवार रात 11 बजे तक भारी तादाद में लोग जमा हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

अभिजीत दीपके ने समर्थकों से मांगी माफी

मंगलवार सुबह अभिजीत दिपके ने कहा, मैं अपने सभी समर्थकों से माफी मांगता हूं, खासकर उन लड़कियों से जिन्हें पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा। हम और बेहतर कर सकते थे। दिल्ली पुलिस की अमानवीय हरकतों से आपको बचाने के लिए मैं और बेहतर कर सकता था। उन्होंने आगे कहा, सिर्फ एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए - जो 20 से ज्यादा छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं - सरकार और भी कई युवा छात्रों का खून बहाने को तैयार थी। अगर आप घायल हुए थे और यह संदेश देख रहे हैं, तो कृपया मुझे मैसेज करें। मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से बात करना और माफी मांगना चाहता हूं। हम आप सभी के लिए लड़ते रहेंगे।

पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

जंतर-मंतर पर एक तरफ प्रदर्शकारियों ने फिर से मंच बना लिया है तो वहीं पुलिस ने भी सुरक्षा को बढ़ा दिया है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्ते खुले हैं लेकिन संसद भवन की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच पुलिस को आशंका है कि आज प्रदर्शनकारी फिर से संसद की तरफ कूच कर सकते हैं। इसके साथ ही आज विपक्ष के कई नेता जंतर मंतर पर पहुंच सकते हैं। कुल मिलाकर आज पुलिस बेहद सतर्क हैं और किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है।

बंगाल में वोटिंग के बीच शुभेंदु अधिकारी को टीएमसी कार्यकर्ताओं ने घेरा, चोर-चोर के लगाए नारे*

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है, जहां हर बूथ अब राजनीतिक अखाड़ा बनता दिख रहा है। इस बीच कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट के कालीघाट इलाके में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला।

भवानीपुर में वोटिंग के दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। मतदान केंद्र पर निरीक्षण करने पहुंचे शुभेंदु अधिकारी के साथ टीएमसी कार्यकर्ता भिड़ गए। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी को टीएमसी समर्थकों ने घेर और जय बंगाल के नारे लगाने शुरू कर दिए। जवाब में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए।

शुभेंदु अधिकारी बोले- वहां मौजूद लोग असली मतदाता नहीं

इस घटना के बाद भड़के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ये लोग वोटर नहीं, बाहरी हैं। इन्होंने मुझ पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने फोन पर किसी से बात करते हुए कहा कि यहां तुरंत सीआरपीएफ भेजी जाए। जब तक फोर्स नहीं आएगी, मैं यहां से नहीं जाऊंगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थक हैं। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर मौजूद हैं और हालात को काबू में रखने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी रह सके।

टीएमसी ने किया पटलवार

वहीं, टीएमसी नेता काजोरी बनर्जी ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'हम लोग शांतिपूर्वक वोट देने आए थे, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने यहां आकर माहौल खराब करने की कोशिश की है। उन पर किसी ने हमला नहीं किया, वे केवल वोटिंग को प्रभावित करने के लिए गलत आरोप लगा रहे हैं।'

142 सीटों पर हो रहा मतदान

बता दें कि दूसरे चरण में 294 में से 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसे टीएमसी के गढ़ दक्षिण बंगाल और कोलकाता में उसकी राजनीतिक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में बुधवार को दोपहर 1 बजे तक 61.11 परसेंट वोटिंग हुई है। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, हुगली 64.57 परसेंट वोटिंग के साथ सबसे ऊपर रहा, उसके बाद हावड़ा 60.68 परसेंट वोटिंग के साथ दूसरे नंबर पर रहा।

नेपाल में बालेन शाह के शपथ लेते ही पूर्व पीएम केपी ओली गिरफ्तार, प्रधानमंत्री बनते ही एक्शन

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नेपाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पिछले साल हुए घातक जेन-जी विरोध प्रदर्शनों में कथित भूमिका के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई नए प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह के पद की शपथ लेने के 24 घंटे की गई है।

ओली के साथ पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक भी गिरफ्तार

ओली को शनिवार सुबह भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। ओली के साथ उनके पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है। वहीं, लेखक को सुबह करीब 5 बजे भक्तपुर के सूर्यविनायक स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। काठमांडू वैली पुलिस के अनुसार, दोनों को सुबह गिरफ्तार किया गया और अब आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

ओली को हो सकती है 10 साल तक की सजा

ये गिरफ्तारियां पिछले साल जेन-जी विरोध प्रदर्शन मामले में गृह मंत्रालय की दर्ज कराई एक औपचारिक शिकायत के बाद हुई हैं। शिकायत के चलते जांच शुरू हुई और गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। उन पर ऐसी धाराओं के तहत आरोप लगाए जाने की संभावना है, जिनमें अधिकतम 10 साल तक सजा हो सकती है।

सरकार ने कहा- कार्रवाई बदले की भावना से नहीं

ओली और लेखक की गिरफ्तारी बालेन शाह के नेपाल का प्रधानमंत्री बनने के 24 घंटे के भीतर हुई हैं। शुक्रवार को ही बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। एक दिन बाद ही यह एक्शन हो गया है। सरकार ने साफ किया है कि यह कार्रवाई किसी बदले की भावना से नहीं, बल्कि कानून के तहत की जा रही है। दरअसल, बालेन शाह के सत्ता में आने से पहले ही उनके खिलाफ एक्शन की सिफारिश की गई थी।

क्या था जेन-जी विरोध प्रदर्शन?

पिछले साल सितंबर में नेपाल में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें जेन-जी विरोध प्रदर्शन कहा गया। ये प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गए और दो दिनों के भीतर 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस हिंसा के बाद ओली सरकार पर गंभीर सवाल उठे और आखिरकार उनकी सरकार गिर गई। इन घटनाओं ने देश की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया।

खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन को लेकर भारत में हाई अलर्ट, गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक निर्देश

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अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। खामेनेई की मौत से पूरी दुनिया के मुस्लिम कम्यूनिटी में शोक की लहर है। भारत के कई शहरों में भी खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका और इजरायल के विरोध में प्रदर्शन किए गए। देशभर में प्रदर्शनों को लेकर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से सतर्क रहने को कहा है।

केन्द्र का कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश

गृह मंत्रालय ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को एक सख्त पत्र लिखा है। इस पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि मध्य पूर्व एशिया में चल रहे युद्ध और खामेनेई की मौत का बहाना बनाकर देश के अंदर कोई भी माहौल खराब करने की कोशिश कर सकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

दूतावासों के बाहर सुरक्षा बढ़ाई जाए

राज्यों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि वे ईरान समर्थक और ईरान विरोधी समूहों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। विशेष रूप से ईरानी, अमेरिकी और इजरायली दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

आतंकी संगठनों की ओर से संभावित खतरों की चेतावनी

गृह मंत्रालय ने शिया मिलिशिया के साथ-साथ इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों से उत्पन्न संभावित खतरों की ओर भी इशारा किया है। खुफिया इनपुट के अनुसार, आतंकी समूह इस तनावपूर्ण माहौल का फायदा उठाकर अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।

पर्यटक स्थलों और संवेदनशील जगहों पर नजर

दरअसल, मंत्रालय को खुफिया इनपुट मिला है। अलर्ट में प्रमुख पर्यटन स्थलों, यहूदी संस्थानों और पश्चिमी देशों से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी संभावित निशाना बताया गया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर भारत में प्रदर्शन, लखनऊ से लेकर श्रीनगर तक सड़क पर उतरे लोग

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इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में भी प्रदर्शन शुरू हो गए है। भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कश्मीर से लेकर लखनऊ में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए।

खामेनेई की हत्या के बाद लाल चौक पर विरोध प्रदर्शन

जम्मू कश्मीर के लाल चौक पर शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की हत्या के बाद विरोध किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए और ईरान के समर्थन में आवाज उठाई। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारे प्रिय नेता अली खामेनेई शहीद हो गए हैं। यह शोक जुलूस शहर के बीचों-बीच शांतिपूर्वक निकाला जा रहा है। इस दौरान लोगों ने खामेनेई की तस्वीरें, काले झंडे और ईरान के समर्थन वाले बैनर उठाए हुए थे। श्रीनगर की सड़कों पर मातमी गीत (नौहा) भी पढ़े गए।

लखनऊ में शिया समुदाय तीन दिन मनाएंगे शोक

आयतुल्ला खामेनेईई की मौत पर लखनऊ में भी शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। शिया समुदाय के लोगों ने तीन दिवसीय शोक घोषित किया है। इसके तहत शिया समुदाय के लोग अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस संबंध में मौलाना कल्बे जवाद ने तमाम उम्मते मुस्लिमा और इंसानियत परस्त लोगों से शोक में शामिल होने की अपील की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह बैठक में सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके तहत लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

भारत स्थित ईरानी दूतावास ने की चुप ना रहने की अपील

ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत स्थित ईरानी दूतावास ने दुनिया भर की सरकारों से अमेरिकी-इजराइली हमले की कड़ी निंदा करने और चुप न रहने की अपील की है। जारी बयान में दूतावास ने खामेनेई की मौत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के पुष्टि की कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में उनकी मृत्यु हुई। दूतावास ने कहा कि स्वतंत्र और न्यायप्रिय राष्ट्रों को इस खुले अपराध की स्पष्ट शब्दों में निंदा करनी चाहिए और आक्रामकता के सामने मौन नहीं रहना चाहिए। बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिका और इजरायल को इस कार्रवाई के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

AI समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, टी-शर्ट उतारकर पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी

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राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में एआई इंपैक्ट समिट चल रहा है। समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में टॉपलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी विरोधी नारे भी लगाए। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिस तरह बिना शर्ट के प्रदर्शन किया उसे लेकर राजनीति गरमा गई है।

पुलिस ने 4 लोगों को किया गिरफ्तार

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यूथ कांग्रेस कार्यकता AI समिट में घुस आए। उन्होंने अपने टीशर्ट उतार कर प्रदर्शन किया। अचानक नारेबाजी शुरू होने से कुछ समय के लिए कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल किया और स्थिति को सामान्य किया। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सभी को हिरासत में ले लिया गया है और FIR दर्ज की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों ने गिरफ्तार किया है।

सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया

इंडियन यूथ कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और उनकी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया। यूथ कांग्रेस ने कहा, 'जब विदेश नीति में झुकाव, कॉरपोरेट दबाव और चुप्पी हावी हो तो साफ है पीएम मोदी COMPROMISED हैं। इसी सच्चाई को बेनकाब करने भारतीय युवा कांग्रेस के जाबांज कार्यकर्ता AI Summit पहुंचे और Compromised PM के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। देश की अस्मिता से कोई समझौता नहीं। इंकलाब जिंदाबाद।'

बीजेपी का कांग्रेस पर करारा वार

बीजेपी ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर सवाल उठाए बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट में कांग्रेस पर करारा वार किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'राष्ट्रीय शर्म, ऐसे समय में जब भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने नवाचार और नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहा है। कांग्रेस पार्टी ने गरिमा की जगह व्यवधान का रास्ता चुना है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिखर सम्मेलन स्थल पर नग्न होकर हंगामा किया, जो स्पष्ट रूप से भारत को विश्व मंच पर शर्मिंदा करने के उद्देश्य से किया गया कृत्य था।

ईरान में खामेनेई विरोधी आंदोलन के बीच भारतीय गिरफ्तार? जानें पूरा मामला

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ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गए हैं। प्रदर्शनों में हिंसा और मौतों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी का कहना है कि ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 538 हो गई है। मारे गए लोगों में 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के सदस्य हैं। देशभर में अभी तक 10,670 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

छह भारतीयों को गिरफ्तारी का दावा

इस बीच सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया कि ईरान की पुलिस ने कई भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तेहरान सहित देशभर में फैले आंदोलन के बीच दावा किया गया था कि ईरानी पुलिस ने छह भारतीयों को गिरफ्तार किया है। पोस्ट में दावा किया गया कि ईरानी पुलिस ने 10 अफगान और 6 भारतीय नागरिकों सहित कुछ ईरानी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है।

ईरान ने दावों को किया खारिज

हालांकि ईरान ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत में ईरानी राजदूत ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही ईरानी राजदूत ने लोगों से जानकारी के लिए विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है। एक्‍स पोस्‍ट में ईरानी राजदूत मोहम्मद फथली ने कहा, 'कुछ विदेशी X खातों पर ईरान के घटनाक्रमों के बारे में जारी खबरें पूरी तरह से झूठी हैं। मैं सभी इच्छुक लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे विश्वसनीय स्रोतों से ही खबरें हासिल करें।

ईरानी सरकार ने नहीं बताई हताहतों की कुल संख्या

पूरे ईरान में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शन के मद्देनजर इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इंटरनेट बंद होने और फोन लाइनें कटी होने के कारण प्रदर्शनों के जमीन पर असर और हिंसा में नुकसान अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों में हताहतों की कुल संख्या नहीं बताई है। ऐसे में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

दिल्ली में अमित शाह के दफ्तर के बाहर टीएमसी सांसदों का प्रदर्शन, लिए गए हिरासत में, जानें पूरा मामला

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के बीच टकराव शुक्रवार को और बढ़ गया। कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी के बाद तृणमूल के आठ सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर धरना दिया। जिसके बाद पुलिस ने महुआ मोइत्रा सहित अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया है।

कोलकाता में कई ठिकानों पर गुरुवार को ईडी ने रेड मारी थी। इनमें से दो रेड IPAC कंपनी के खिलाफ भी थीं। यह कंपनी टीएमसी के चुनावी मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाल रही है। इस रेड के बाद बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है, जिसका असर दिल्ली तक दिख रहा है। शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के 8 सांसदों ने दिल्ली में होम मिनिस्टर, अमित शाह के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।

केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन के लिए डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार पहुंचे थे। सांसदों ने केंद्र सरकार पर चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और नारे लगाए। इस दौरान वहां पुलिस पहुंची और टीएमसी सांसदों को हिरासत में ले लिया। प्रोटेस्ट का जो वीडियो आया है, उसमें पुलिस, टीएमसी सांसदों को पकड़ती दिख रही है। उन्हें जबरन अपने साथ गाड़ी में बैठाती नजर आ रही है।

महुआ मोइत्रा ने जताई नाराजगी

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, 'हम भाजपा को हराएंगे, देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा बर्ताव कर रही है।' वहीं टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने कहा, 'अमित शाह ने ईडी के अधिकारियों का इस्तेमाल किया और वे हमारे राजनीतिक दस्तावेज छीनने के लिए वहां गए। वे (भाजपा) पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं जीत सकते, इसीलिए वे ऐसा घटिया काम कर रहे हैं।'

यह विवाद गुरुवार को शुरू हुआ था, जब ईडी ने कोयला तस्करी से जुड़े मामले में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और संगठन के कार्यालय पर छापे मारे। छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुँचीं और एजेंसी पर तृणमूल से जुड़े अहम दस्तावेज ले जाने का आरोप लगाया।

रांची में बैठे प्रदर्शनकारियों से राहुल गांधी ने की बात, मांगों पर सीएम हेमंत से बात करने का दिलाया भरोसा

#jharkhand

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। आज 14वें दिन भी स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत गठबंधन का एक घटक दल है।

छात्रों को दिया हर संभव मदद का भरोसा

छात्र नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार देर शाम राहुल गांदी से फोन पर बातचीत हुई। धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों का विवरण भेजने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे। वो इस मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन से भी बात कर सकते हैं।

मांगों की सूची व्हाट्सएप पर मंगाई

ये बातचीत लगभग 10 मिनट तक चली। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

क्या है छात्रों की मांगें?

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए। उन्होंने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित

इधर, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।

प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका-खरगे सहित कई कांग्रेस सांसद, पीएम के इस्तीफे की मांग

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए हमले के विरोध और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई शीर्ष नेताओं ने लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने युवा छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

पीएम और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "हम कल छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरताओं का जवाब मांगने प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च निकालकर आए हैं। सरकार न तो जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।"

कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में हुए लाठीचार्ज के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस घायल युवती की मां से भी मुलाकात की, जो आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।

जंतर-मंतर पर सीजेपी का प्रदर्शन फिर शुरू, जानें अभिजीत दीपके ने समर्थकों से क्यों मांगी माफी

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कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का फिर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हो गया है। सीजेपी का संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस ने सोमवार शाम 5 बजे जंतर-मंतर खाली करा दिया था। प्रदर्शनकारी और अभिजीत दीपके 6 घंटे बाद फिर लौट आए। सोमवार रात 11 बजे तक भारी तादाद में लोग जमा हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

अभिजीत दीपके ने समर्थकों से मांगी माफी

मंगलवार सुबह अभिजीत दिपके ने कहा, मैं अपने सभी समर्थकों से माफी मांगता हूं, खासकर उन लड़कियों से जिन्हें पुरुष पुलिस अधिकारियों ने बेरहमी से पीटा। हम और बेहतर कर सकते थे। दिल्ली पुलिस की अमानवीय हरकतों से आपको बचाने के लिए मैं और बेहतर कर सकता था। उन्होंने आगे कहा, सिर्फ एक धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए - जो 20 से ज्यादा छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं - सरकार और भी कई युवा छात्रों का खून बहाने को तैयार थी। अगर आप घायल हुए थे और यह संदेश देख रहे हैं, तो कृपया मुझे मैसेज करें। मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से बात करना और माफी मांगना चाहता हूं। हम आप सभी के लिए लड़ते रहेंगे।

पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

जंतर-मंतर पर एक तरफ प्रदर्शकारियों ने फिर से मंच बना लिया है तो वहीं पुलिस ने भी सुरक्षा को बढ़ा दिया है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्ते खुले हैं लेकिन संसद भवन की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस बीच पुलिस को आशंका है कि आज प्रदर्शनकारी फिर से संसद की तरफ कूच कर सकते हैं। इसके साथ ही आज विपक्ष के कई नेता जंतर मंतर पर पहुंच सकते हैं। कुल मिलाकर आज पुलिस बेहद सतर्क हैं और किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है।

बंगाल में वोटिंग के बीच शुभेंदु अधिकारी को टीएमसी कार्यकर्ताओं ने घेरा, चोर-चोर के लगाए नारे*

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है, जहां हर बूथ अब राजनीतिक अखाड़ा बनता दिख रहा है। इस बीच कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट के कालीघाट इलाके में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला।

भवानीपुर में वोटिंग के दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। मतदान केंद्र पर निरीक्षण करने पहुंचे शुभेंदु अधिकारी के साथ टीएमसी कार्यकर्ता भिड़ गए। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी को टीएमसी समर्थकों ने घेर और जय बंगाल के नारे लगाने शुरू कर दिए। जवाब में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए।

शुभेंदु अधिकारी बोले- वहां मौजूद लोग असली मतदाता नहीं

इस घटना के बाद भड़के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ये लोग वोटर नहीं, बाहरी हैं। इन्होंने मुझ पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने फोन पर किसी से बात करते हुए कहा कि यहां तुरंत सीआरपीएफ भेजी जाए। जब तक फोर्स नहीं आएगी, मैं यहां से नहीं जाऊंगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थक हैं। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर मौजूद हैं और हालात को काबू में रखने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी रह सके।

टीएमसी ने किया पटलवार

वहीं, टीएमसी नेता काजोरी बनर्जी ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'हम लोग शांतिपूर्वक वोट देने आए थे, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने यहां आकर माहौल खराब करने की कोशिश की है। उन पर किसी ने हमला नहीं किया, वे केवल वोटिंग को प्रभावित करने के लिए गलत आरोप लगा रहे हैं।'

142 सीटों पर हो रहा मतदान

बता दें कि दूसरे चरण में 294 में से 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसे टीएमसी के गढ़ दक्षिण बंगाल और कोलकाता में उसकी राजनीतिक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में बुधवार को दोपहर 1 बजे तक 61.11 परसेंट वोटिंग हुई है। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, हुगली 64.57 परसेंट वोटिंग के साथ सबसे ऊपर रहा, उसके बाद हावड़ा 60.68 परसेंट वोटिंग के साथ दूसरे नंबर पर रहा।

नेपाल में बालेन शाह के शपथ लेते ही पूर्व पीएम केपी ओली गिरफ्तार, प्रधानमंत्री बनते ही एक्शन

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नेपाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पिछले साल हुए घातक जेन-जी विरोध प्रदर्शनों में कथित भूमिका के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई नए प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह के पद की शपथ लेने के 24 घंटे की गई है।

ओली के साथ पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक भी गिरफ्तार

ओली को शनिवार सुबह भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। ओली के साथ उनके पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है। वहीं, लेखक को सुबह करीब 5 बजे भक्तपुर के सूर्यविनायक स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। काठमांडू वैली पुलिस के अनुसार, दोनों को सुबह गिरफ्तार किया गया और अब आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

ओली को हो सकती है 10 साल तक की सजा

ये गिरफ्तारियां पिछले साल जेन-जी विरोध प्रदर्शन मामले में गृह मंत्रालय की दर्ज कराई एक औपचारिक शिकायत के बाद हुई हैं। शिकायत के चलते जांच शुरू हुई और गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए। उन पर ऐसी धाराओं के तहत आरोप लगाए जाने की संभावना है, जिनमें अधिकतम 10 साल तक सजा हो सकती है।

सरकार ने कहा- कार्रवाई बदले की भावना से नहीं

ओली और लेखक की गिरफ्तारी बालेन शाह के नेपाल का प्रधानमंत्री बनने के 24 घंटे के भीतर हुई हैं। शुक्रवार को ही बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। एक दिन बाद ही यह एक्शन हो गया है। सरकार ने साफ किया है कि यह कार्रवाई किसी बदले की भावना से नहीं, बल्कि कानून के तहत की जा रही है। दरअसल, बालेन शाह के सत्ता में आने से पहले ही उनके खिलाफ एक्शन की सिफारिश की गई थी।

क्या था जेन-जी विरोध प्रदर्शन?

पिछले साल सितंबर में नेपाल में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शन हुए थे, जिन्हें जेन-जी विरोध प्रदर्शन कहा गया। ये प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गए और दो दिनों के भीतर 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। इस हिंसा के बाद ओली सरकार पर गंभीर सवाल उठे और आखिरकार उनकी सरकार गिर गई। इन घटनाओं ने देश की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया।

खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन को लेकर भारत में हाई अलर्ट, गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक निर्देश

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अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। खामेनेई की मौत से पूरी दुनिया के मुस्लिम कम्यूनिटी में शोक की लहर है। भारत के कई शहरों में भी खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका और इजरायल के विरोध में प्रदर्शन किए गए। देशभर में प्रदर्शनों को लेकर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से सतर्क रहने को कहा है।

केन्द्र का कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश

गृह मंत्रालय ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को एक सख्त पत्र लिखा है। इस पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि मध्य पूर्व एशिया में चल रहे युद्ध और खामेनेई की मौत का बहाना बनाकर देश के अंदर कोई भी माहौल खराब करने की कोशिश कर सकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

दूतावासों के बाहर सुरक्षा बढ़ाई जाए

राज्यों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि वे ईरान समर्थक और ईरान विरोधी समूहों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। विशेष रूप से ईरानी, अमेरिकी और इजरायली दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

आतंकी संगठनों की ओर से संभावित खतरों की चेतावनी

गृह मंत्रालय ने शिया मिलिशिया के साथ-साथ इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों से उत्पन्न संभावित खतरों की ओर भी इशारा किया है। खुफिया इनपुट के अनुसार, आतंकी समूह इस तनावपूर्ण माहौल का फायदा उठाकर अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।

पर्यटक स्थलों और संवेदनशील जगहों पर नजर

दरअसल, मंत्रालय को खुफिया इनपुट मिला है। अलर्ट में प्रमुख पर्यटन स्थलों, यहूदी संस्थानों और पश्चिमी देशों से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी संभावित निशाना बताया गया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर भारत में प्रदर्शन, लखनऊ से लेकर श्रीनगर तक सड़क पर उतरे लोग

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इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद भारत में भी प्रदर्शन शुरू हो गए है। भारत के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कश्मीर से लेकर लखनऊ में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए।

खामेनेई की हत्या के बाद लाल चौक पर विरोध प्रदर्शन

जम्मू कश्मीर के लाल चौक पर शिया समुदाय के लोगों ने खामेनेई की हत्या के बाद विरोध किया है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए और ईरान के समर्थन में आवाज उठाई। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हमारे प्रिय नेता अली खामेनेई शहीद हो गए हैं। यह शोक जुलूस शहर के बीचों-बीच शांतिपूर्वक निकाला जा रहा है। इस दौरान लोगों ने खामेनेई की तस्वीरें, काले झंडे और ईरान के समर्थन वाले बैनर उठाए हुए थे। श्रीनगर की सड़कों पर मातमी गीत (नौहा) भी पढ़े गए।

लखनऊ में शिया समुदाय तीन दिन मनाएंगे शोक

आयतुल्ला खामेनेईई की मौत पर लखनऊ में भी शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। शिया समुदाय के लोगों ने तीन दिवसीय शोक घोषित किया है। इसके तहत शिया समुदाय के लोग अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इस संबंध में मौलाना कल्बे जवाद ने तमाम उम्मते मुस्लिमा और इंसानियत परस्त लोगों से शोक में शामिल होने की अपील की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह बैठक में सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। इसके तहत लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

भारत स्थित ईरानी दूतावास ने की चुप ना रहने की अपील

ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद भारत स्थित ईरानी दूतावास ने दुनिया भर की सरकारों से अमेरिकी-इजराइली हमले की कड़ी निंदा करने और चुप न रहने की अपील की है। जारी बयान में दूतावास ने खामेनेई की मौत पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार तड़के पुष्टि की कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में उनकी मृत्यु हुई। दूतावास ने कहा कि स्वतंत्र और न्यायप्रिय राष्ट्रों को इस खुले अपराध की स्पष्ट शब्दों में निंदा करनी चाहिए और आक्रामकता के सामने मौन नहीं रहना चाहिए। बयान में यह भी कहा गया कि अमेरिका और इजरायल को इस कार्रवाई के गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

AI समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, टी-शर्ट उतारकर पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी

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राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में एआई इंपैक्ट समिट चल रहा है। समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में टॉपलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी विरोधी नारे भी लगाए। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिस तरह बिना शर्ट के प्रदर्शन किया उसे लेकर राजनीति गरमा गई है।

पुलिस ने 4 लोगों को किया गिरफ्तार

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यूथ कांग्रेस कार्यकता AI समिट में घुस आए। उन्होंने अपने टीशर्ट उतार कर प्रदर्शन किया। अचानक नारेबाजी शुरू होने से कुछ समय के लिए कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल किया और स्थिति को सामान्य किया। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सभी को हिरासत में ले लिया गया है और FIR दर्ज की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों ने गिरफ्तार किया है।

सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया

इंडियन यूथ कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और उनकी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया। यूथ कांग्रेस ने कहा, 'जब विदेश नीति में झुकाव, कॉरपोरेट दबाव और चुप्पी हावी हो तो साफ है पीएम मोदी COMPROMISED हैं। इसी सच्चाई को बेनकाब करने भारतीय युवा कांग्रेस के जाबांज कार्यकर्ता AI Summit पहुंचे और Compromised PM के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। देश की अस्मिता से कोई समझौता नहीं। इंकलाब जिंदाबाद।'

बीजेपी का कांग्रेस पर करारा वार

बीजेपी ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर सवाल उठाए बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट में कांग्रेस पर करारा वार किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'राष्ट्रीय शर्म, ऐसे समय में जब भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने नवाचार और नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहा है। कांग्रेस पार्टी ने गरिमा की जगह व्यवधान का रास्ता चुना है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिखर सम्मेलन स्थल पर नग्न होकर हंगामा किया, जो स्पष्ट रूप से भारत को विश्व मंच पर शर्मिंदा करने के उद्देश्य से किया गया कृत्य था।

ईरान में खामेनेई विरोधी आंदोलन के बीच भारतीय गिरफ्तार? जानें पूरा मामला

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ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गए हैं। प्रदर्शनों में हिंसा और मौतों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी का कहना है कि ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 538 हो गई है। मारे गए लोगों में 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के सदस्य हैं। देशभर में अभी तक 10,670 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

छह भारतीयों को गिरफ्तारी का दावा

इस बीच सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया कि ईरान की पुलिस ने कई भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। तेहरान सहित देशभर में फैले आंदोलन के बीच दावा किया गया था कि ईरानी पुलिस ने छह भारतीयों को गिरफ्तार किया है। पोस्ट में दावा किया गया कि ईरानी पुलिस ने 10 अफगान और 6 भारतीय नागरिकों सहित कुछ ईरानी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है।

ईरान ने दावों को किया खारिज

हालांकि ईरान ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत में ईरानी राजदूत ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही ईरानी राजदूत ने लोगों से जानकारी के लिए विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है। एक्‍स पोस्‍ट में ईरानी राजदूत मोहम्मद फथली ने कहा, 'कुछ विदेशी X खातों पर ईरान के घटनाक्रमों के बारे में जारी खबरें पूरी तरह से झूठी हैं। मैं सभी इच्छुक लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे विश्वसनीय स्रोतों से ही खबरें हासिल करें।

ईरानी सरकार ने नहीं बताई हताहतों की कुल संख्या

पूरे ईरान में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शन के मद्देनजर इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। इंटरनेट बंद होने और फोन लाइनें कटी होने के कारण प्रदर्शनों के जमीन पर असर और हिंसा में नुकसान अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है। ईरानी सरकार ने प्रदर्शनों में हताहतों की कुल संख्या नहीं बताई है। ऐसे में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

दिल्ली में अमित शाह के दफ्तर के बाहर टीएमसी सांसदों का प्रदर्शन, लिए गए हिरासत में, जानें पूरा मामला

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के बीच टकराव शुक्रवार को और बढ़ गया। कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी के बाद तृणमूल के आठ सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर धरना दिया। जिसके बाद पुलिस ने महुआ मोइत्रा सहित अन्य सांसदों को हिरासत में ले लिया है।

कोलकाता में कई ठिकानों पर गुरुवार को ईडी ने रेड मारी थी। इनमें से दो रेड IPAC कंपनी के खिलाफ भी थीं। यह कंपनी टीएमसी के चुनावी मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाल रही है। इस रेड के बाद बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है, जिसका असर दिल्ली तक दिख रहा है। शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस के 8 सांसदों ने दिल्ली में होम मिनिस्टर, अमित शाह के दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।

केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन के लिए डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और डॉ. शर्मिला सरकार पहुंचे थे। सांसदों ने केंद्र सरकार पर चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और नारे लगाए। इस दौरान वहां पुलिस पहुंची और टीएमसी सांसदों को हिरासत में ले लिया। प्रोटेस्ट का जो वीडियो आया है, उसमें पुलिस, टीएमसी सांसदों को पकड़ती दिख रही है। उन्हें जबरन अपने साथ गाड़ी में बैठाती नजर आ रही है।

महुआ मोइत्रा ने जताई नाराजगी

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, 'हम भाजपा को हराएंगे, देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा बर्ताव कर रही है।' वहीं टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने कहा, 'अमित शाह ने ईडी के अधिकारियों का इस्तेमाल किया और वे हमारे राजनीतिक दस्तावेज छीनने के लिए वहां गए। वे (भाजपा) पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं जीत सकते, इसीलिए वे ऐसा घटिया काम कर रहे हैं।'

यह विवाद गुरुवार को शुरू हुआ था, जब ईडी ने कोयला तस्करी से जुड़े मामले में I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और संगठन के कार्यालय पर छापे मारे। छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुँचीं और एजेंसी पर तृणमूल से जुड़े अहम दस्तावेज ले जाने का आरोप लगाया।