झारखंड में छात्रों का आंदोलन खत्म, सरकार को दो महीने का अल्टीमेटम, जांच नहीं होने पर फिर होगा जुटान

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झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ कई दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने मंगलवार को आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया। सरकार की ओर से छात्रों की लगभग सभी प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद राजधानी के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 25 जुलाई से जारी आंदोलन खत्म हो गया।

सरकार को दो महीने का अल्टीमेटम

जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने मंगलवार को आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया। इससे एक दिन पहले सोमवार देर शाम देवेंद्रनाथ गुट ने भी अपना आंदोलन खत्म कर दिया था। अब छात्रों ने राज्य सरकार को मामले की उच्चस्तरीय जांच पूरी करने के लिए दो महीने का समय दिया है। मंच ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय में निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हुई, तो छात्र फिर बड़ी संख्या में रांची पहुंचेंगे और इस बार सीबीआई जांच उनकी मुख्य मांग होगी।

जांच पूरी नहीं होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी

जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की कोर कमेटी की बैठक में आंदोलन को फिलहाल खत्म करने का फैसला लिया गया। छात्रों का कहना है कि राज्य सरकार ने उनकी मांगों को लेकर कई बड़े कदम उठाए हैं, इसलिए उसे मामले की जांच पूरी करने के लिए थोड़ा समय दिया जाना चाहिए। छात्रों ने कहा कि सरकार को दो महीने के भीतर जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच पूरी करनी होगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो मंच दोबारा बड़ी संख्या में छात्रों को एकजुट करेगा और राजधानी रांची में जोरदार आंदोलन किया जाएगा। उस समय सीबीआई जांच की मांग आंदोलन का मुख्य मुद्दा होगी।

25 जुलाई से धरने पर बैठे थे छात्र

बता दें कि छात्र पिछले 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना और प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आंदोलन झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहा था। लगातार कई दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का रास्ता खुला और सरकार ने छात्रों की कई प्रमुख मांगों को स्वीकार किया।

झारखंड की 44 परीक्षाएं रद्द, गड़बड़ी की शिकायतों के बाद हेमंत सोरेन सरकार का बड़ी फैसला

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झारखंड सरकार ने प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर बड़ा फैसला किया है। हेमंत सोरेन की सरकार ने मंगलवार को अनियमितताओं के आरोप में 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। उन 44 भर्ती परीक्षाओं की लिस्ट जारी कर ही है, जिन्हें अनियमितताओं की वजह से रद्द किया गया है। झारखंड सरकार ने देर रात आठ अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए। इन नोटिफिकेशन में रद्द की गई परीक्षाओं की जानकारी है, जो 2014 से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएसस) और आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) ने आयोजित की थीं।

इन परीक्षाओं को किया गया रद्द

छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच इन परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया गया है। मंगलवार रात जारी आठ अधिसूचनाओं में 2014 से जेपीएससी और आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित परीक्षाएं शामिल हैं। झारखंड सरकार द्वारा रद्द की गई परीक्षाओं में ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिप्टी कलेक्टर, डेंटल डॉक्टर, असिस्टेंट इंजीनियर, सिविल जज, अतिरिक्त पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं। वहीं अन्य प्रभावित परीक्षाओं में सरकारी पॉलीटेक्निक के लेक्चरर, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट और कई प्रशासनिक व तकनीकी पदों की परीक्षाएं भी शामिल हैं।

फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करेगी सरकार

सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं में कहा गया है कि जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट से त्वरित न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) गठित करने का अनुरोध किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

सुधार समिति का गठन

वहीं, सरकार ने जेपीएससी-जेएसएससी की व्यवस्था में सुधार के लिए एक समिति का भी गठन किया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। यह समिति आयोग और भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधारों को लेकर अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर सरकार को सौंपेगी। इसके अलावा जेपीएससी-जेएसएससी में एक आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ गठित करने का भी प्रावधान किया गया है, ताकि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों पर नजर रखी जा सके।

हम इस ‘वसूली तंत्र’ को जड़ से बदलकर रहेंगे…झारखंड में छात्र आंदोलन खत्म होने पर बोले राहुल गांधी

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झारखंड सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द कर दी है। बीती रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद इसका ऐलान किया है। इसके बाद भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने झारखंड में छात्र आंदोलन खत्म होने पर खुशी जताई है।

छात्र सवाल उठाएं तो जवाब मिलना चाहिए-राहुल गांधी

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी और झारखंड सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना और समाधान निकाला। छात्रों ने संयम बरता और अपनी बात रखी। यही सही तरीका है, जब छात्र सवाल उठाएं, तो उन्हें जवाब मिलना चाहिए।

वसूली तंत्र को जड़ से बदलकर रहेंगे-राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, वो इस वसूली तंत्र को जड़ से बदलकर रहेंगे, ताकि हर छात्र को उसकी मेहनत का पूरा फल और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हक मिले। उन्होंने कहा कि पूरे देश में ये सिस्टम बदलेगा। अब ऐसी व्यवस्था बनेगी जो छात्रों को आगे बढ़ाए, उन्हें पीछे न खींचे।

देवेंद्र महतो ने खत्म की 16 दिन से चल रही भूख हड़ताल

झारखंड सरकार द्वारा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी 16 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी है। महतो ने कहा, "आज झारखंड के लिए एक बड़ी जीत का दिन है। हालांकि मैं अपना विरोध प्रदर्शन अभी रोक रहा हूं, लेकिन अन्य सुधारों के लिए मेरा संघर्ष जारी रहेगा।"

झारखंड सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच वार्ता आज, फैसला नहीं होने पर 20 अगस्त को सीएम आवास का घेराव

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारी छात्रों ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई है। इसी बीच राज्य सरकार ने छात्रों से बातचीत की पहल की है।

सरकार ने बातचीत के लिए फिर भेजा न्योता

राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों को सोमवार को फिर से बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उन्हें सरकार के साथ बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। यह बैठक आज 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में प्रस्तावित की गई है। सरकार की ओर से उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह के बैठक में शामिल होने की बात सामने आई है। छात्रों को बातचीत के दौरान अपने कानूनी सलाहकारों को साथ रखने का विकल्प भी दिया गया है।

पहले भी हो चुकी है कई दौर की बातचीत

इस विवाद को लेकर सरकार और छात्रों के बीच पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। रिपोर्टों के मुताबिक छह दौर की बातचीत के बाद भी छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर कायम हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जरूरत पड़ने पर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग शामिल है।

20 अगस्त को सीएम आवास घेराव की चेतावनी

इधर, छात्र नेताओं ने कहा है कि यदि 18 अगस्त तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव किया जाएगा। इससे पहले 10 अगस्त को विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी बनी थी। उस घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने की खबर सामने आई थी।

ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, पूरा देश देखेगा’ केंद्र के माइनिंग बिल पर सीएम हेमंत की चेतावनी

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केंद्र सरकार के खान और खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ झारखंड सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। सीएम हेमंत सोरेन ने आंदोलन के ऐलान एक्स पर किए एक पोस्ट में दी।

हेमंत सोरेन ने पूछा- हमारे हक का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?

सीएम हेमंत सोरेन ने लिखा, झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा। उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा- खनिज झारखंड का, जमीन झारखंड की—तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?

सीएम सोरेन ने बताई आंदोलन की वजह

अपने पोस्ट में सीएम सोरेन ने आंदोलन की वजह भी बताई। उन्होंने लिखा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जल्दबाजी में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पास करा केंद्र सरकार ने झारखंड के हाथ-पैरों को काटने का काम किया है। यह काला बिल झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय है, उनके विकास और भविष्य पर बहुत बड़ा कुठाराघात है। झारखंड यह सौतेला व्यवहार नहीं सहेगा। सीएम ने पोस्ट में यह भी लिखा कि इस बिल के कारण झारखंड में करोड़ों लोगों के सामाजिक सुरक्षा जैसे मईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदि योजनाएं बंद होने के कगार पर आ जाएगी।

हर जिला-प्रखंड और पंचायत में होगा कड़ा विरो- हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने लिखा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इसका पुरजोर विरोध करता है। पोस्ट के आखिर में सीएम हेमंत ने लिखा कि प्रत्येक जिला, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक शहर में इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। अगर केंद्र सरकार नहीं चेती, और झारखंड तथा झारखंडियों को उसका हक-अधिकार वापस नहीं किया गया तो झारखंड निर्णायक और ऐतिहासिक निर्णयों को लेने से पीछे भी नहीं हटेगा।

माइनिंग बिल के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के सांसदों, विधायकों और पार्टी कोटे से सरकार में शामिल मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की गई।

चमोली हादसे में फंसे झारखंड के मजदूरों को लेकर सीएम सोरेन ने पुष्कर धामी से की बात, हेल्पलाइन नंबर जारी

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उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल के धंसने से कई मजदूरों की मौत हो गई है। उनमें झारखंड के भी मजदूर शामिल हैं। वहीं, इस हादसे में कई श्रमिक अंदर फंसे हुए हैं। झारखंड के खूंटी, गुमला आदि जिलों के कुछ श्रमिकों के फंसे होने की खबर है। इसकी जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से फोन पर बात की।

सभी मजदूरों के सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया कि झारखंड के खूंटी और गुमला जिले के कई मजदूरों के टनल में फंसे रहने की खबर मिलने के बाद उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बात की। उन्होंने आश्वस्त किया है कि सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

झारखंड सरकार की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी

मुख्यमंत्री ने झारखंड के उन लोगों से अपील की है, जिनके परिजन या परिचित इस परियोजना में काम करने गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कंट्रोल रूम नंबर 1.हेल्पलाइन नंबर (टोल फ्री): 1800-3456-526 2.हेल्पलाइन व्हाट्सएप नंबर: 9470132591, 9431336472, 9431336427 पर संपर्क कर कृपया जानकारी साझा करें। सरकार हर श्रमिक की सुरक्षित वापसी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम-हेमंत सोरेन

सीएम सोरेन ने ये भी कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन प्रकृति के सम्मान और पर्यावरणीय संतुलन के साथ। हेमंत सोरेने ने लिखा, बार-बार निर्माणाधीन सुरंगों में हादसों और श्रमिकों के फंसे होने की खबरें मन को व्यथित करती हैं। विकास जरूरी है, लेकिन प्रकृति के सम्मान और पर्यावरणीय संतुलन के साथ। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम हमें बार-बार चेताते हैं।

छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बीजेपी का आज झारखंड बंद, दिखने लगा असर

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को उस समय हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा की ओर बढ़ते हुए कई बैरिकेड तोड़ दिए। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पहले पानी की बौछार की और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। इसपर भी छात्र नहीं माने तो पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया। अब छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने आज झारखंड बंद का आह्वान किया है।

बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लाठीचार्ज पर सवाल उठाते हुए आज के बंद को जोरदार बनाने का आह्वान किया। राजधानी रांची के चौक चौराहों पर सुबह 7:30 बजे से ही बंद का असर दिखना शुरू हो गया है। रांची के सबसे व्यस्ततम मार्ग में एक किशोरगंज चौक पर सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वहां ट्रैफिक को लेकर जाम की स्थिति नजर आई। खासकर चार पहिया वाहनों को वहां से निकलने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।

झारखंड बंद को लेकर प्रशासन की पुख्ता तैयारी

झारखंड बंद को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बंद के दौरान प्रमुख चौक-चौराहों, सरकारी कार्यालयों, संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती रहेगी। रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन ने देर रात प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बंद के दौरान गड़बड़ हिंसा और विधिव्यवस्था भंग करने चालों की खैर नहीं होगी। ऐसे लोंगों से सख्ती से निपटा जाएगा। डीसी ने कहा कि बंद से निपटने को लेकर हर स्तर पर तैयारी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा घेराव के दौरान काफी संयम बरता गया था।

रांची के अधिकांश स्कूल आज बंद

राजधानी रांची के अधिकांश स्कूलों ने मंगलवार को बंद रखने की घोषणा की है। डीपीएस, लेडी केसी राय स्कूल, जेवीएम श्यामली सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कैंब्रियन स्कूल, ऑक्सफोर्ड स्कूल, सच्चिदानंद स्कूल, शारदा ग्लोबल स्कूल, मेरे नन्हे कदम स्कूल, ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल, चिरंजीव पब्लिक स्कूल, मनन विद्या मनरखन महतो स्कूल, गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल, सरला बिरला स्कूल, श्रद्धानंद बाल मंदिर स्कूल, सेवंथ स्टार एकेडमी, संत माइकल स्कूल बंद है। इसके अलावा स्टेप बाय स्टेप स्कूल, ब्रिजफोर्ड स्कूल, टेंडर हार्ट स्कूल, ओडीएम सफायर स्कूल डीएवी नंदराज बरियातू, संत माइकल प्ले स्कूल, जी एंड एच स्कूल, सेंट्रल एकेडमी, लाला लाजपत राय स्कूल, नोवल किड्स प्ले स्कूल, यूरो किड्स मोराबादी और कांके, ड्रीमर डेन प्री स्कूल, कोलकाता पब्लिक स्कूल, सृजन वैली स्कूल, ईस्ट प्वाइंट स्कूल, सेंट थॉमस स्कूल, डीएवी कपिलदेव, डीएवी बारियातू, डीएवी गांधीनगर आदि ने स्कूल बंद रखने का नोटिस जारी किया है।

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर JFDCL की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन*


विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 एवं 10 अगस्त को आयोजित आदिवासी महोत्सव के तहत आज अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप में Jharkhand Film Development Corporation Limited (JFDCL) की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के हेड ऑफ डिपार्टमेंट श्री शुक्रांतो मजूमदार, श्री शिलाजीत सान्याल, श्री नीलांजन बनर्जी,अभिनेत्री सुश्री कल्याणी खत्री तथा झारखंड के प्रतिष्ठित फिल्म निर्देशक श्री बीजू टोप्पो एवं श्री निरंजन कुजूर की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

इस अवसर पर आदिवासी जीवन, संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक सरोकारों पर आधारित अनेक उत्कृष्ट शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इनमें EPIL, PANCHABHUTA, PAHADA KUDUK, BURO GHAR, THE GIRL WHO LIVED IN THE LOO, LONG LOST HOME, SONDHAYNI, ANGEN, PAPAYA, SARI SARJOM, LADY TARZEN, EDPA KANA, MAN MELODY तथा DOLLS शामिल रहीं।

फिल्म स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में युवाओं एवं विभिन्न महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान फिल्म मेकिंग में करियर विषय पर एक विशेष पैनल डिस्कशन का भी आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के श्री शुक्रांतो मजूमदार ने साउंड प्रोडक्शन के क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को संस्थान में संचालित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, तकनीकी प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों की जानकारी देते हुए इस क्षेत्र में कौशल विकास के महत्व पर बल दिया।

वहीं, श्री शिलाजीत सान्याल ने कहा कि फिल्म मेकिंग से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रम युवाओं के लिए अपने सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा इस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और झारखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर रहे हैं।

फिल्म निर्देशक श्री निरंजन कुजूर ने फिल्म निर्माण से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को रचनात्मकता, समर्पण और निरंतर सीखने की भावना के साथ इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अभिनेत्री सुश्री कल्याणी खत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता का आधार अनुशासन, समर्पण और निरंतर कड़ी मेहनत है। उन्होंने अपने संघर्ष और अनुभव साझा करते हुए युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।

पैनल डिस्कशन में विशेषज्ञों ने युवाओं को फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों, करियर के अवसरों और इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

गौरतलब है कि 10 अगस्त को युवाओं के लिए एक विशेष मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा, जहाँ उन्हें फिल्म निर्माण संबंधी विषय पर अनुभवी विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और सीखने एवं फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा।

मोरहाबादी में सजेगा सिनेमा का दरबार!

रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 और 10 अगस्त को आयोजित 'आदिवासी महोत्सव' के दौरान 'अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप' में Jharkhand Film Development Corporation Limited (JFDCL) की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया जा रहा है।

इस दौरान आदिवासी जीवन, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कई बेहतरीन शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में पैनल डिस्कशन और फिल्म मेकिंग से जुड़ी मास्टर क्लास भी आयोजित होगी, जहाँ आपको सीधे फिल्म इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स से जुड़ने और उनसे सीखने का शानदार मौका मिलेगा।

फिल्म मेकिंग में अपना करियर बनाने वालों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी!

अगर आप फ्यूचर में फ़िल्म मेकिंग की दुनिया से जुड़ना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है। हाल ही में 22 जुलाई 2026 को माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी की गरिमामयी उपस्थिति में JFDCL और SRFTI (Satyajit Ray Film and Television Institute) के बीच एक ऐतिहासिक MoU साइन किया गया है।

इसके तहत जल्द ही सूचना भवन, रांची में एक नया संस्थान— 'झारखंड फिल्म टेलीविजन इंस्टीट्यूट' (Jharkhand Film Television Institute) खुलने जा रहा है। इस संस्थान में आने वाले समय में फिल्मों से जुड़ी शूटिंग, एडिटिंग और डायरेक्शन की प्रोफेशनल क्लासेज दी जाएंगी।

तो अगर आप सिनेमा, फिल्म मेकिंग और झारखंड की संस्कृति से जुड़ी कहानियों के शौकीन हैं, तो यह शानदार मौका हाथ से बिल्कुल न जाने दें!

स्थान: अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप, मोरहाबादी मैदान, रांची

दिनांक: 9 और 10 अगस्त

रांची में बैठे प्रदर्शनकारियों से राहुल गांधी ने की बात, मांगों पर सीएम हेमंत से बात करने का दिलाया भरोसा

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। आज 14वें दिन भी स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत गठबंधन का एक घटक दल है।

छात्रों को दिया हर संभव मदद का भरोसा

छात्र नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार देर शाम राहुल गांदी से फोन पर बातचीत हुई। धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों का विवरण भेजने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे। वो इस मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन से भी बात कर सकते हैं।

मांगों की सूची व्हाट्सएप पर मंगाई

ये बातचीत लगभग 10 मिनट तक चली। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

क्या है छात्रों की मांगें?

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए। उन्होंने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित

इधर, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।

झारखंड में छात्रों का आंदोलन खत्म, सरकार को दो महीने का अल्टीमेटम, जांच नहीं होने पर फिर होगा जुटान

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झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ कई दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने मंगलवार को आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया। सरकार की ओर से छात्रों की लगभग सभी प्रमुख मांगें मान लिए जाने के बाद राजधानी के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 25 जुलाई से जारी आंदोलन खत्म हो गया।

सरकार को दो महीने का अल्टीमेटम

जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने मंगलवार को आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया। इससे एक दिन पहले सोमवार देर शाम देवेंद्रनाथ गुट ने भी अपना आंदोलन खत्म कर दिया था। अब छात्रों ने राज्य सरकार को मामले की उच्चस्तरीय जांच पूरी करने के लिए दो महीने का समय दिया है। मंच ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय में निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हुई, तो छात्र फिर बड़ी संख्या में रांची पहुंचेंगे और इस बार सीबीआई जांच उनकी मुख्य मांग होगी।

जांच पूरी नहीं होने पर फिर आंदोलन की चेतावनी

जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच की कोर कमेटी की बैठक में आंदोलन को फिलहाल खत्म करने का फैसला लिया गया। छात्रों का कहना है कि राज्य सरकार ने उनकी मांगों को लेकर कई बड़े कदम उठाए हैं, इसलिए उसे मामले की जांच पूरी करने के लिए थोड़ा समय दिया जाना चाहिए। छात्रों ने कहा कि सरकार को दो महीने के भीतर जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच पूरी करनी होगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो मंच दोबारा बड़ी संख्या में छात्रों को एकजुट करेगा और राजधानी रांची में जोरदार आंदोलन किया जाएगा। उस समय सीबीआई जांच की मांग आंदोलन का मुख्य मुद्दा होगी।

25 जुलाई से धरने पर बैठे थे छात्र

बता दें कि छात्र पिछले 25 जुलाई से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना और प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आंदोलन झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहा था। लगातार कई दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का रास्ता खुला और सरकार ने छात्रों की कई प्रमुख मांगों को स्वीकार किया।

झारखंड की 44 परीक्षाएं रद्द, गड़बड़ी की शिकायतों के बाद हेमंत सोरेन सरकार का बड़ी फैसला

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झारखंड सरकार ने प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर बड़ा फैसला किया है। हेमंत सोरेन की सरकार ने मंगलवार को अनियमितताओं के आरोप में 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। उन 44 भर्ती परीक्षाओं की लिस्ट जारी कर ही है, जिन्हें अनियमितताओं की वजह से रद्द किया गया है। झारखंड सरकार ने देर रात आठ अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए। इन नोटिफिकेशन में रद्द की गई परीक्षाओं की जानकारी है, जो 2014 से झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएसस) और आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) ने आयोजित की थीं।

इन परीक्षाओं को किया गया रद्द

छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच इन परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया गया है। मंगलवार रात जारी आठ अधिसूचनाओं में 2014 से जेपीएससी और आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित परीक्षाएं शामिल हैं। झारखंड सरकार द्वारा रद्द की गई परीक्षाओं में ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिप्टी कलेक्टर, डेंटल डॉक्टर, असिस्टेंट इंजीनियर, सिविल जज, अतिरिक्त पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर की भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं। वहीं अन्य प्रभावित परीक्षाओं में सरकारी पॉलीटेक्निक के लेक्चरर, सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर, असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट और कई प्रशासनिक व तकनीकी पदों की परीक्षाएं भी शामिल हैं।

फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करेगी सरकार

सरकार की ओर से जारी अधिसूचनाओं में कहा गया है कि जेपीएससी-जेएसएससी से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट से त्वरित न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) गठित करने का अनुरोध किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

सुधार समिति का गठन

वहीं, सरकार ने जेपीएससी-जेएसएससी की व्यवस्था में सुधार के लिए एक समिति का भी गठन किया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। यह समिति आयोग और भर्ती प्रक्रिया में जरूरी सुधारों को लेकर अपनी रिपोर्ट दो महीने के भीतर सरकार को सौंपेगी। इसके अलावा जेपीएससी-जेएसएससी में एक आंतरिक सतर्कता प्रकोष्ठ गठित करने का भी प्रावधान किया गया है, ताकि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों पर नजर रखी जा सके।

हम इस ‘वसूली तंत्र’ को जड़ से बदलकर रहेंगे…झारखंड में छात्र आंदोलन खत्म होने पर बोले राहुल गांधी

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झारखंड सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द कर दी है। बीती रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद इसका ऐलान किया है। इसके बाद भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने झारखंड में छात्र आंदोलन खत्म होने पर खुशी जताई है।

छात्र सवाल उठाएं तो जवाब मिलना चाहिए-राहुल गांधी

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी और झारखंड सरकार ने बातचीत का रास्ता चुना और समाधान निकाला। छात्रों ने संयम बरता और अपनी बात रखी। यही सही तरीका है, जब छात्र सवाल उठाएं, तो उन्हें जवाब मिलना चाहिए।

वसूली तंत्र को जड़ से बदलकर रहेंगे-राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद ने आगे कहा, वो इस वसूली तंत्र को जड़ से बदलकर रहेंगे, ताकि हर छात्र को उसकी मेहनत का पूरा फल और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का हक मिले। उन्होंने कहा कि पूरे देश में ये सिस्टम बदलेगा। अब ऐसी व्यवस्था बनेगी जो छात्रों को आगे बढ़ाए, उन्हें पीछे न खींचे।

देवेंद्र महतो ने खत्म की 16 दिन से चल रही भूख हड़ताल

झारखंड सरकार द्वारा जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा और TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अपनी 16 दिन की भूख हड़ताल खत्म कर दी है। महतो ने कहा, "आज झारखंड के लिए एक बड़ी जीत का दिन है। हालांकि मैं अपना विरोध प्रदर्शन अभी रोक रहा हूं, लेकिन अन्य सुधारों के लिए मेरा संघर्ष जारी रहेगा।"

झारखंड सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच वार्ता आज, फैसला नहीं होने पर 20 अगस्त को सीएम आवास का घेराव

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को 24वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारी छात्रों ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई है। इसी बीच राज्य सरकार ने छात्रों से बातचीत की पहल की है।

सरकार ने बातचीत के लिए फिर भेजा न्योता

राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों को सोमवार को फिर से बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उन्हें सरकार के साथ बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। यह बैठक आज 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में प्रस्तावित की गई है। सरकार की ओर से उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह के बैठक में शामिल होने की बात सामने आई है। छात्रों को बातचीत के दौरान अपने कानूनी सलाहकारों को साथ रखने का विकल्प भी दिया गया है।

पहले भी हो चुकी है कई दौर की बातचीत

इस विवाद को लेकर सरकार और छात्रों के बीच पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। रिपोर्टों के मुताबिक छह दौर की बातचीत के बाद भी छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर कायम हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और जरूरत पड़ने पर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग शामिल है।

20 अगस्त को सीएम आवास घेराव की चेतावनी

इधर, छात्र नेताओं ने कहा है कि यदि 18 अगस्त तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव किया जाएगा। इससे पहले 10 अगस्त को विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति भी बनी थी। उस घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने की खबर सामने आई थी।

ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, पूरा देश देखेगा’ केंद्र के माइनिंग बिल पर सीएम हेमंत की चेतावनी

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केंद्र सरकार के खान और खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ झारखंड सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है। सीएम हेमंत सोरेन ने आंदोलन के ऐलान एक्स पर किए एक पोस्ट में दी।

हेमंत सोरेन ने पूछा- हमारे हक का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?

सीएम हेमंत सोरेन ने लिखा, झारखंड ऐसा बड़ा आंदोलन करेगा, जिसे पूरा देश देखेगा। उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा- खनिज झारखंड का, जमीन झारखंड की—तो हमारे हक-अधिकार का फैसला दिल्ली क्यों करेगी?

सीएम सोरेन ने बताई आंदोलन की वजह

अपने पोस्ट में सीएम सोरेन ने आंदोलन की वजह भी बताई। उन्होंने लिखा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जल्दबाजी में खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पास करा केंद्र सरकार ने झारखंड के हाथ-पैरों को काटने का काम किया है। यह काला बिल झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय है, उनके विकास और भविष्य पर बहुत बड़ा कुठाराघात है। झारखंड यह सौतेला व्यवहार नहीं सहेगा। सीएम ने पोस्ट में यह भी लिखा कि इस बिल के कारण झारखंड में करोड़ों लोगों के सामाजिक सुरक्षा जैसे मईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आदि योजनाएं बंद होने के कगार पर आ जाएगी।

हर जिला-प्रखंड और पंचायत में होगा कड़ा विरो- हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने लिखा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इसका पुरजोर विरोध करता है। पोस्ट के आखिर में सीएम हेमंत ने लिखा कि प्रत्येक जिला, प्रत्येक प्रखंड, प्रत्येक पंचायत, प्रत्येक शहर में इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। अगर केंद्र सरकार नहीं चेती, और झारखंड तथा झारखंडियों को उसका हक-अधिकार वापस नहीं किया गया तो झारखंड निर्णायक और ऐतिहासिक निर्णयों को लेने से पीछे भी नहीं हटेगा।

माइनिंग बिल के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के सांसदों, विधायकों और पार्टी कोटे से सरकार में शामिल मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की गई।

चमोली हादसे में फंसे झारखंड के मजदूरों को लेकर सीएम सोरेन ने पुष्कर धामी से की बात, हेल्पलाइन नंबर जारी

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उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन टनल के धंसने से कई मजदूरों की मौत हो गई है। उनमें झारखंड के भी मजदूर शामिल हैं। वहीं, इस हादसे में कई श्रमिक अंदर फंसे हुए हैं। झारखंड के खूंटी, गुमला आदि जिलों के कुछ श्रमिकों के फंसे होने की खबर है। इसकी जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से फोन पर बात की।

सभी मजदूरों के सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर बताया कि झारखंड के खूंटी और गुमला जिले के कई मजदूरों के टनल में फंसे रहने की खबर मिलने के बाद उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से बात की। उन्होंने आश्वस्त किया है कि सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

झारखंड सरकार की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी

मुख्यमंत्री ने झारखंड के उन लोगों से अपील की है, जिनके परिजन या परिचित इस परियोजना में काम करने गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के कंट्रोल रूम नंबर 1.हेल्पलाइन नंबर (टोल फ्री): 1800-3456-526 2.हेल्पलाइन व्हाट्सएप नंबर: 9470132591, 9431336472, 9431336427 पर संपर्क कर कृपया जानकारी साझा करें। सरकार हर श्रमिक की सुरक्षित वापसी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम-हेमंत सोरेन

सीएम सोरेन ने ये भी कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन प्रकृति के सम्मान और पर्यावरणीय संतुलन के साथ। हेमंत सोरेने ने लिखा, बार-बार निर्माणाधीन सुरंगों में हादसों और श्रमिकों के फंसे होने की खबरें मन को व्यथित करती हैं। विकास जरूरी है, लेकिन प्रकृति के सम्मान और पर्यावरणीय संतुलन के साथ। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन के गंभीर परिणाम हमें बार-बार चेताते हैं।

छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में बीजेपी का आज झारखंड बंद, दिखने लगा असर

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को उस समय हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा की ओर बढ़ते हुए कई बैरिकेड तोड़ दिए। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पहले पानी की बौछार की और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। इसपर भी छात्र नहीं माने तो पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज कर दिया। अब छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने आज झारखंड बंद का आह्वान किया है।

बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता

बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लाठीचार्ज पर सवाल उठाते हुए आज के बंद को जोरदार बनाने का आह्वान किया। राजधानी रांची के चौक चौराहों पर सुबह 7:30 बजे से ही बंद का असर दिखना शुरू हो गया है। रांची के सबसे व्यस्ततम मार्ग में एक किशोरगंज चौक पर सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वहां ट्रैफिक को लेकर जाम की स्थिति नजर आई। खासकर चार पहिया वाहनों को वहां से निकलने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।

झारखंड बंद को लेकर प्रशासन की पुख्ता तैयारी

झारखंड बंद को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बंद के दौरान प्रमुख चौक-चौराहों, सरकारी कार्यालयों, संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती रहेगी। रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन ने देर रात प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बंद के दौरान गड़बड़ हिंसा और विधिव्यवस्था भंग करने चालों की खैर नहीं होगी। ऐसे लोंगों से सख्ती से निपटा जाएगा। डीसी ने कहा कि बंद से निपटने को लेकर हर स्तर पर तैयारी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा घेराव के दौरान काफी संयम बरता गया था।

रांची के अधिकांश स्कूल आज बंद

राजधानी रांची के अधिकांश स्कूलों ने मंगलवार को बंद रखने की घोषणा की है। डीपीएस, लेडी केसी राय स्कूल, जेवीएम श्यामली सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कैंब्रियन स्कूल, ऑक्सफोर्ड स्कूल, सच्चिदानंद स्कूल, शारदा ग्लोबल स्कूल, मेरे नन्हे कदम स्कूल, ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल, चिरंजीव पब्लिक स्कूल, मनन विद्या मनरखन महतो स्कूल, गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल, सरला बिरला स्कूल, श्रद्धानंद बाल मंदिर स्कूल, सेवंथ स्टार एकेडमी, संत माइकल स्कूल बंद है। इसके अलावा स्टेप बाय स्टेप स्कूल, ब्रिजफोर्ड स्कूल, टेंडर हार्ट स्कूल, ओडीएम सफायर स्कूल डीएवी नंदराज बरियातू, संत माइकल प्ले स्कूल, जी एंड एच स्कूल, सेंट्रल एकेडमी, लाला लाजपत राय स्कूल, नोवल किड्स प्ले स्कूल, यूरो किड्स मोराबादी और कांके, ड्रीमर डेन प्री स्कूल, कोलकाता पब्लिक स्कूल, सृजन वैली स्कूल, ईस्ट प्वाइंट स्कूल, सेंट थॉमस स्कूल, डीएवी कपिलदेव, डीएवी बारियातू, डीएवी गांधीनगर आदि ने स्कूल बंद रखने का नोटिस जारी किया है।

विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर JFDCL की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन*


विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 एवं 10 अगस्त को आयोजित आदिवासी महोत्सव के तहत आज अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप में Jharkhand Film Development Corporation Limited (JFDCL) की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के हेड ऑफ डिपार्टमेंट श्री शुक्रांतो मजूमदार, श्री शिलाजीत सान्याल, श्री नीलांजन बनर्जी,अभिनेत्री सुश्री कल्याणी खत्री तथा झारखंड के प्रतिष्ठित फिल्म निर्देशक श्री बीजू टोप्पो एवं श्री निरंजन कुजूर की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

इस अवसर पर आदिवासी जीवन, संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक सरोकारों पर आधारित अनेक उत्कृष्ट शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इनमें EPIL, PANCHABHUTA, PAHADA KUDUK, BURO GHAR, THE GIRL WHO LIVED IN THE LOO, LONG LOST HOME, SONDHAYNI, ANGEN, PAPAYA, SARI SARJOM, LADY TARZEN, EDPA KANA, MAN MELODY तथा DOLLS शामिल रहीं।

फिल्म स्क्रीनिंग में बड़ी संख्या में युवाओं एवं विभिन्न महाविद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान फिल्म मेकिंग में करियर विषय पर एक विशेष पैनल डिस्कशन का भी आयोजन किया गया।

इस अवसर पर सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के श्री शुक्रांतो मजूमदार ने साउंड प्रोडक्शन के क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं को संस्थान में संचालित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, तकनीकी प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों की जानकारी देते हुए इस क्षेत्र में कौशल विकास के महत्व पर बल दिया।

वहीं, श्री शिलाजीत सान्याल ने कहा कि फिल्म मेकिंग से जुड़े व्यावसायिक पाठ्यक्रम युवाओं के लिए अपने सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा इस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और झारखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर रहे हैं।

फिल्म निर्देशक श्री निरंजन कुजूर ने फिल्म निर्माण से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को रचनात्मकता, समर्पण और निरंतर सीखने की भावना के साथ इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

अभिनेत्री सुश्री कल्याणी खत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सफलता का आधार अनुशासन, समर्पण और निरंतर कड़ी मेहनत है। उन्होंने अपने संघर्ष और अनुभव साझा करते हुए युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।

पैनल डिस्कशन में विशेषज्ञों ने युवाओं को फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों, करियर के अवसरों और इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

गौरतलब है कि 10 अगस्त को युवाओं के लिए एक विशेष मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा, जहाँ उन्हें फिल्म निर्माण संबंधी विषय पर अनुभवी विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और सीखने एवं फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा।

मोरहाबादी में सजेगा सिनेमा का दरबार!

रांची के मोरहाबादी मैदान में 9 और 10 अगस्त को आयोजित 'आदिवासी महोत्सव' के दौरान 'अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप' में Jharkhand Film Development Corporation Limited (JFDCL) की ओर से विशेष फिल्म स्क्रीनिंग का आयोजन किया जा रहा है।

इस दौरान आदिवासी जीवन, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कई बेहतरीन शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम में पैनल डिस्कशन और फिल्म मेकिंग से जुड़ी मास्टर क्लास भी आयोजित होगी, जहाँ आपको सीधे फिल्म इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स से जुड़ने और उनसे सीखने का शानदार मौका मिलेगा।

फिल्म मेकिंग में अपना करियर बनाने वालों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी!

अगर आप फ्यूचर में फ़िल्म मेकिंग की दुनिया से जुड़ना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अवसर है। हाल ही में 22 जुलाई 2026 को माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी की गरिमामयी उपस्थिति में JFDCL और SRFTI (Satyajit Ray Film and Television Institute) के बीच एक ऐतिहासिक MoU साइन किया गया है।

इसके तहत जल्द ही सूचना भवन, रांची में एक नया संस्थान— 'झारखंड फिल्म टेलीविजन इंस्टीट्यूट' (Jharkhand Film Television Institute) खुलने जा रहा है। इस संस्थान में आने वाले समय में फिल्मों से जुड़ी शूटिंग, एडिटिंग और डायरेक्शन की प्रोफेशनल क्लासेज दी जाएंगी।

तो अगर आप सिनेमा, फिल्म मेकिंग और झारखंड की संस्कृति से जुड़ी कहानियों के शौकीन हैं, तो यह शानदार मौका हाथ से बिल्कुल न जाने दें!

स्थान: अमर शहीद चाँद-भैरव मुर्मू मंडप, मोरहाबादी मैदान, रांची

दिनांक: 9 और 10 अगस्त

रांची में बैठे प्रदर्शनकारियों से राहुल गांधी ने की बात, मांगों पर सीएम हेमंत से बात करने का दिलाया भरोसा

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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ यह प्रदर्शन हो रहा है। आज 14वें दिन भी स्टूडेंट्स आंदोलन कर रहे हैं। इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से फोन पर बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। बता दें कि कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) नीत गठबंधन का एक घटक दल है।

छात्रों को दिया हर संभव मदद का भरोसा

छात्र नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार देर शाम राहुल गांदी से फोन पर बातचीत हुई। धरना दे रहे छात्र नेताओं की राहुल गांधी से बातचीत रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा के मोबाइल फोन के माध्यम से कराई गई। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों का विवरण भेजने को कहा और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनकी समस्याओं को लेकर राज्य सरकार से बात करेंगे। वो इस मामले को लेकर सीएम हेमंत सोरेन से भी बात कर सकते हैं।

मांगों की सूची व्हाट्सएप पर मंगाई

ये बातचीत लगभग 10 मिनट तक चली। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से कहा कि वे अपनी सभी मांगों का विस्तृत ज्ञापन उन्हें व्हाट्सएप पर भेजें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह पूरे मामले पर झारखंड सरकार से बात करेंगे और छात्रों की मांगों के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए और उनके साथ न्याय होना चाहिए।

क्या है छात्रों की मांगें?

प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि यह जांच या तो केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराई जाए या फिर राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के एक पैनल से कराई जाए। उन्होंने जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधारों पर भी जोर दिया।

वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित

इधर, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार के साथ बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया। प्रतिनिधिमंडल में आठ छात्र प्रतिनिधियों के अलावा दो पत्रकार और एक अधिवक्ता को शामिल किया गया। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि सरकार के समक्ष केवल छात्र प्रतिनिधि ही अपनी मांगें रखेंगे। पत्रकार और अधिवक्ता केवल अभिभावक एवं मार्गदर्शक की भूमिका में मौजूद रहेंगे।