राँची जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों को बंद करने की चेतावनी।

राँची: जिला प्रशासन ने राँची के सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी और गैर-सरकारी विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार, कक्षा 1 से 8वीं तक संचालित ऐसे सभी स्कूलों को 08 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से मान्यता के लिए आवेदन करना होगा।

RTE पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रावधानों के तहत, सभी स्कूल संचालकों को विभागीय पोर्टल https://rte.jharkhand.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना अनिवार्य है। आवेदन के दौरान स्कूलों को अपनी आधारभूत संरचना, योग्य शिक्षकों की सूची, छात्र नामांकन, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं का सही विवरण अपलोड करना होगा। पोर्टल पर यूजर मैनुअल और मान्यता प्रमाण-पत्र का प्रारूप भी उपलब्ध कराया गया है।

नियम उल्लंघन पर होगी जेल या स्कूल बंदी

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय निर्धारित तिथि (8 अप्रैल) तक आवेदन जमा नहीं करता है या मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो झारखंड निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली के तहत उन पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

अभिभावकों और छात्रों के हित में फैसला

DC मंजूनाथ भजंत्री ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि वे इस निर्देश को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर आवेदन कर विद्यालय संचालन को विधिसम्मत बनाएं, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

झारखंड की वैश्विक उड़ान: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा अध्यक्ष और विपक्षी नेताओं को भेंट की 'दावोस-लंदन' दौरे की विशेष पुस्तक

झारखंड सरकार की उपलब्धियों और राज्य की विकास यात्रा को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। इसी कड़ी में आज रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार मुलाकात हुई, जिसमें राज्य के विकास के 'ग्लोबल विजन' को साझा किया गया।

मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण मुलाकात और भेंट

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित अत्यंत महत्वपूर्ण पुस्तक "JHARKHAND RISING: A GLOBAL STORY" और एक विशेष कॉफी टेबल बुक सप्रेम भेंट की। यह मुलाकात न केवल शिष्टाचार का हिस्सा थी, बल्कि राज्य की प्रगति की रिपोर्ट को सदन के संरक्षक के समक्ष प्रस्तुत करने का एक माध्यम भी रही।

"JHARKHAND RISING: A GLOBAL STORY": झारखंड की अंतरराष्ट्रीय दस्तक

इस पुस्तक में झारखंड की उस ऐतिहासिक यात्रा का विस्तृत विवरण है, जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जनवरी 2026 में की थी।

दावोस (विश्व आर्थिक मंच) और यूनाइटेड किंगडम (लंदन) का दौरा: इस प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक मंचों पर झारखंड की संभावनाओं को प्रस्तुत किया।

निवेश और विकास: दौरे के दौरान हुए समझौतों, वैश्विक निवेशकों के साथ संवाद और झारखंड को एक 'ग्लोबल हब' बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों की पूरी रिपोर्ट इस पुस्तक में समाहित है।

प्रतिवेदन का महत्व: यह पुस्तक दर्शाती है कि कैसे झारखंड अब केवल खनिज संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में भी दुनिया के साथ कदम से कदम मिला रहा है।

विकास की समग्र तस्वीर: कॉफी टेबल बुक

मुलाकात के दौरान भेंट की गई 'कॉफी टेबल बुक' राज्य सरकार के विकासात्मक कार्यों का एक दृश्य दस्तावेज है। इसमें राज्य में हाल के वर्षों में हुए बुनियादी ढांचे के निर्माण, कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुधारों की विस्तृत जानकारी और उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरों का संग्रह है।

लोकतांत्रिक समन्वय की मिसाल

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर केवल विधानसभा अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि संसदीय कार्य मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर और नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी को भी यह पुस्तकें भेंट कीं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस प्रकार का संवाद राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए एक सकारात्मक संदेश है। यह दिखाता है कि राज्य की तरक्की और उसकी वैश्विक छवि को लेकर पूरी सरकार और विधानसभा एकमत है।

The Bhopal Shift: How Definite Success Classes Is Turning the City into India’s New NEET Preparation Hub

For decades, the path for medical aspirants in India was predictable: if you wanted a top-tier rank in NEET-UG, you packed your bags for established coaching hubs like Kota or Delhi. However, over the last few years, a significant shift has been brewing in Central India. Bhopal, once seen primarily as a regional academic center, has transformed into a high-performance hub that is now outperforming legacy cities in "selection-to-enrollment" ratios.This transition is backed by a series of high-stakes results and a growing reputation for academic excellence that has caught the attention of education analysts nationwide.

Breaking the "AIIMS Delhi" Barrier

The most telling indicator of a city's academic depth is its ability to place students in AIIMS Delhi—the most competitive medical institution in the country. For Bhopal, this was a rare feat, with the city often going seven or eight years without a single selection to the premier institute.

That cycle was decisively broken in the 2025 results. Aagam Jain, a student from the premier educational organization Definite Success Classes, secured All India Rank 45, earning a seat at AIIMS Delhi. For observers, this was a "proof of concept" for the city's evolving academic infrastructure, proving that the highest level of conceptual mastery required for top national ranks is now available within Bhopal through elite-level mentorship.

A Growing Magnet for National Student Migration

One of the most remarkable highlights of Bhopal’s rise is the changing geography of its student population. No longer just a center for local talent, Bhopal has become a "magnet city," drawing students from across the Indian map.

Enrollment data reveals a significant trend of student migration to the city, specifically to study under the guidance of Definite Success Classes. Families are now bypassing closer, traditional options to send their children to Bhopal from diverse regions, including:

● North & West: Rajasthan (Jaipur, Alwar, Jhalawar), Uttar Pradesh (Agra, Pratapgarh, Jhansi, Raebareli), and Punjab (Amritsar).

● East & South: West Bengal (Kolkata, Jalpaiguri), Bihar (Rohtas, Katihar), Jharkhand (Jamtara), and Maharashtra (Amravati).

● Remote Frontiers: Even students from the J&K region (Ladakh) and Himachal Pradesh (Kangra) are now choosing the academic stability of Bhopal over larger, more crowded metros.

Education professionals suggest this cross-state movement occurs because families perceive Bhopal to offer a balanced academic ecosystem—combining the high-intensity preparation of a legacy hub with a more supportive, less overwhelming environment.

A Legacy of Excellence: The Multi-Year Record

This national trust is built on a foundation of consistent, verified results. At the center of this trend is the focused approach of Definite Success Classes, which prioritizes academic stability and actual college conversion.

● The 2024 Performance: The city maintained its momentum with over 116 MBBS selections from this prestigious organization. This included elite placements such as Akshar Dubey (AIIMS Bhopal, 705/720), Aashna Jain (GGMC Mumbai, 700/720), and Nandini Jain (AIIMS Rajkot, 696/720).

● The 2023 Foundation: In this cycle, Definite Success Classes recorded a massive surge in students crossing the 650-mark threshold, resulting in 5 AIIMS selections (including the city topper Samridhi Saxena at 693/720) and over 70 Government Medical College seats.

The "Bhopal Factor": Transparency and Well-being

Beyond the numbers, the human factor plays a major role in why families are choosing Bhopal. In an era of high-pressure advertising, Definite Success Classes has set a standard for transparency by publicly verifying results with confirmed college allotments.

Furthermore, Bhopal offers a high quality of life with significantly lower stress and living costs compared to Tier-1 cities. This allows medical aspirants to focus entirely on their preparation in a safe, conducive environment, supported by a healthy student-to-teacher ratio that ensures they are never treated as "just another number."

The New Educational Map

The data suggests that the days of a few cities holding a monopoly on medical education are ending. Bhopal’s ascent—spearheaded by the consistent performance of prestigious organizations like Definite Success Classes—signals a new era where quality is determined by actual college conversion rates rather than the size of a billboard.

As more students from every corner of India choose Bhopal for their NEET journey, the city is no longer just a regional player; it is firmly established on the national map as a premier destination for the next generation of India’s doctors.

हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा: राज्य के 23 जिलों में बनेंगे 800 सीटों वाले 'State of Art' पुस्तकालय।

झारखण्ड राज्य में Institute of Driving Training and Research (IDTR Tier-I) की स्थापना हेतु DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) रूपये के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा अनुदानित राशि रू० 17.00 (सत्रह) करोड़ के अतिरिक्त शेष देय राशि रू० 5,03,31,000/- (पाँच करोड तीन लाख इकतीस हजार) मात्र में से Tata Motors Ltd, Jamshedpur द्वारा दी गयी सहमति के अनुसार रु० 1,82,00,000/-(एक करोड़ बयासी लाख) मात्र शेष देयता की राशि के फलस्वरूप रू० 3,21,31,000/- (तीन करोड़ इक्कीस लाख इकतीस हजार) मात्र राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने एवं DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) मात्र के योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

रांची के वीमेंस कॉलेज (साईंस ब्लॉक) में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528 (पांच सौ अ‌ट्ठाईस) शय्या के छात्रावास निर्माण योजना के स्थल परिवर्तन एवं नए स्थल पर निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई।

CT-MIS परियोजना के अधीन कार्यरत System Integrator M/s Tata Consultancy Services Limited को एक वर्ष यथा-01.10.2025 से 30.09.2026 तक की अवधि के लिए वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को नियम 245 के अधीन क्षांत करते हुए मनोनयन के आधार पर अवधि विस्तार हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन०सी०सी०) के कैडेटों के प्रशिक्षण के दौरान नास्ता भत्ता में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत महिला महाविद्यालय, सारठ, देवघर को सह-शिक्षा (Co-Education) महाविद्यालय में परिवर्तित कर इसका नाम डिग्री महाविद्यालय, सारठ, देवघर करने की स्वीकृति दी गई।

★ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत पत्र संख्या 9/35/2025-CD (Cen) दिनांक 24.12.2025 भारत की जनगणना 2027-परिपत्र संख्या 7, को अंगीकृत करते हुए झारखण्ड राज्य अंतर्गत राज्य स्तरीय / जिला स्तरीय, नगर निगम एवं चार्ज स्तरीय तकनीकी कर्मियों एवं बहु-कार्य कर्मचारी (एमटीएस) की नुियक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत मनोनयन के आधार पर M/s Redbird Airways Pvt. Ltd, New Delhi से ली जा रही 01 Turbo Prop Twin Engine B-250/B-200 GT विमान की सेवा को, समान दर एवं शर्तों के साथ, छः (06) माह तक विस्तारित किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कौशिक मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय, राँची) की अनिवार्य सेवानिवृति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य समूह 'घ' से समूह 'ग' (निम्नवर्गीय लिपिक / कनीय सचिवालय सहायक) के पद पर पदोन्नति हेतु सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली, 2026" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 1023/2013 विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.02.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case No. 818/2025 श्रीमती विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-03.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्रीमती विमला देवी, पति स्व० राम बिहारी तिवारी, सेवानिवृत लेखा, लिपिक लघु सिंचाई प्रमण्डल, लातेहार के नियमित रूप से की गई सेवा में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशन प्रदायी सेवा में परिगणित करते हुए सेवानिवृत्ति की तिथि 31.05.2012 से पेंशनादि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 6309/2013 मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-08.02.2023 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 366/2024, मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-16.01.2026 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री मन्नेलाल कामत, सेवानिवृत पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, साहेबगंज के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3274/2018 हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-09.05.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 1077/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री हरिशंकर शर्मा, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न विभाग (कार्य विभाग सहित) /निदेशालय, बोर्ड / निगम, सोसायटी / निकाय इत्यादि द्वारा किये जाने वाले एकरारनामा / कार्यादेश /आपूर्ति आदेश / Standard Bidding Document/F2 Tender Document में e-Bank Guarantee के रूप में प्रतिभूति (Performance Security) प्राप्त करने तथा Dispute Resolution संबंधी प्रावधान अन्तर्वेशित करने तथा 'Jharkhand Procurement of Goods and Services Manual' को एतदर्थ संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P. (S) No-3268/2020 मीना देवी एवं अन्य में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची द्वारा दिनांक 17.11.2022 को पारित न्यायादेश तथा इससे उदभूत अवमाननावाद संख्या-375/2023 में पारित आदेश के अनुपालन में वादी के पेंशन एवं उपादान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों तथा इसके अन्तर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों पर नियुक्ति एवं प्रोन्नति हेतु आरक्षण रोस्टर नियमावली की स्वीकृति दी गई।

★ 'Jharkhand City Tourist Tax Rules, 2025' के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर वाद Suo Moto Writ Petition (Civil) No.(S) 5/2025 IN RE: "CITY HOUNDED BY STRAYS, KIDS PAY PRICE" के घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को झारखण्ड राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यान्वित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रवासी गतिशीलता (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025 हेतु विचार एवं सुझाव उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

★ शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के दौरान छुट्टी वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में बी०आई०टी० सिन्दरी, धनबाद में 04 Centre of Excellences (CoEs) की स्थापना, BIT Sindri Innovation and Incubation Centre Foundation द्वारा CoEs के संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में रूपये 38,58,69,555/- (अड़तीस करोड़ अंठावन लाख उनहत्तर हजार पाँच सौ पचपन) के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत बच्चों को निःशुल्क विद्यालय कीट योजनान्तर्गत स्कूल बैग उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधान में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को दिनांक-01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान के आलोक में 20 प्रतिशत विशेष वेतन के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के पलामू जिलान्तर्गत रेलवे स्टेशन 'डालटनगंज' का नाम परिवर्तित कर "मेदिनीनगर" करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के सभी सेवा/संवर्गो के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों एवं सेवांत लाभ के भुगतान से संबंधित मामलों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु "झारखण्ड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री प्रभात कुमार, झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक-154/03), तत्कालीन अधिसूचित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जामताड़ा के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-30028 (IIRMS), दिनांक 17.04.2025 द्वारा अधिरोपित दण्ड 'निन्दन' को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय एस० एस० मेमोरियल कॉलेज, रॉची के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 48,56,04,000/-(अड़तालीस करोड़ छप्पन लाख चार हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय जे० एल० एन० कॉलेज, चक्रधरपुर के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 88,92,50,000/-(अठ्ठासी करोड़ बेरानवे लाख पचास हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में नया महिला महाविद्यालय, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 69,57,68,400/- (उनहत्तर करोड़ संतावन लाख अड़सठ हजार चार सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदों कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में डिग्री महाविद्यालय, बोआरीजोर, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 40,19,18,000/- (चालीस करोड़ उन्नीस लाख अठ्ठारह हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री बीरा राम, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख-II, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता एवं अभियंता प्रमुख के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ श्री किशोरी रजक, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना, जल संसाधन विभाग, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3882/2020 संजय कुमार तिवारी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Civil Review No. 85/2025 के दिनांक-16.10.2025 को Dismiss होने के फलस्वरूप वादी श्री संजय कुमार तिवारी, सेवानिवृत्त, पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई अंचल, मेदिनीनगर एवं अन्य 10 कर्मियों द्वारा नियमित रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग), झारखण्ड सरकार के अंतर्गत झारखण्ड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका हवाई अड्डा पर संचालित Commercial Pilot's License With Multi Engine Rating प्रशिक्षण अकादमी में नामांकन प्रक्रिया तथा प्रवेश/नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ के लिए अभ्यर्थिता के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री जलधर मंडल, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (चालू प्रभार), जल संसाधन विभाग, देवघर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमतायुक्त State of Art District Library के निर्माण, उक्त प्रस्तावित 23 पुस्तकालयों में आवश्यक फर्नीचर/उपस्कर तथा पुस्तक क्रय हेतु प्रति पुस्तकालय 12,02,17,300/-(बारह करोड़ दो लाख सतरह हजार तीन सौ) रूपये मात्र के आधार पर कुल 276,49,97,900/- (दो सौ छिहत्तर करोड़ उनचास लाख सन्तानबे हजार नौ सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

झारखंड बजट 2026-27: 1.58 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश, 'नया झारखंड' बनाने का रोडमैप तैयार

रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश करते हुए राज्य के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप रखा. 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के इस बजट में बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को विकास का इंजन बताया गया है.

बजट का आकार और वित्तीय तस्वीर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सकल बजट अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक रखा गया है. राजस्व व्यय के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक और पूंजीगत व्यय के लिए 37,708 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बजट विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी साधने का प्रयास है. राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के GSDP का 2.18 प्रतिशत है.

निधि की व्यवस्था के लिए अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़, केंद्रीय करों में राज्य के हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड़, लोक ऋण से 22,049.96 करोड़ और उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रु होने का अनुमान है.

GSDP दोगुना करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में झारखंड की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है. इसके लिए कृषि, उद्योग, भौतिक संरचना, वित्तीय क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस रखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग और सूखे जैसे बाहरी कारकों के प्रभाव को कम कर 14 प्रतिशत की लक्षित विकास दर हासिल की जाएगी.

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल

महिला किसान खुशहाली योजना के जरिए महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. नकदी फसलों के विस्तार, कोल्ड स्टोरेज युक्त कोऑपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स और लघु वन उत्पादों के उन्नयन से ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रयास किया गया है.

शिक्षा और कौशल विकास

राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को Jharkhand Institute of Technology के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना और चयनित ITI में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की योजना पेश की गई है.

स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश

कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में PET-CT, कैथलैब और जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी. 750 अबुआ दवाखानों के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.

सड़क, पुल और पर्यटन को रफ्तार

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और सेतु योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पर्यटन के क्षेत्र में ग्लास ब्रिज, रोपवे, स्काइवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाओं से राज्य को नया पर्यटन मानचित्र देने की तैयारी है.

निवेश और रोजगार

सरकार के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से झारखंड को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे करीब 45 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है. इसके अलावा औद्योगिक नीतियों के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.

बाल बजट और जेंडर बजट

इस बजट की खासियत आउटकम बजट के तहत तैयार किया गया बाल बजट और जेंडर बजट है. बच्चों से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल योजना आकार का 10.7 प्रतिशत और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को सरकार ने “विकास, निवेश और सामाजिक न्याय का संतुलित दस्तावेज” बताया है, जो झारखंड को अगले दशक में तेज आर्थिक वृद्धि की राह पर ले जाने का दावा करता है.

झारखंड की किशोरियों को मिल रहा है सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ

झारखंड सरकार किशोरियों एवं महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने हेतु निरंतर आगे बढ़ रही है ताकि झारखण्ड एक स्वस्थ और सशक्त प्रदेश बन सके। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच झारखंड की हर महिला को सम्मान और किशोरियों को बेहतर शिक्षा और बेहतर जीवन के साथ ऊँचाईयों तक पहुँचने के सभी अवसर मिले । इसी सोच के साथ झारखण्ड सरकार द्वारा बालिकाओं के शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरूआत 2022-23 वित्तीय वर्ष में की गई है।

स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध मिलती है चालीस हजार रूपया की प्रोत्साहन राशि

इस योजना के अंतर्गत स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध चालीस हजार रूपया प्रोत्साहन राशि प्रदान कर शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि वे सब अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और आर्थिक बाधाओं से मुक्त होकर उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकें।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया की गई है शुरू

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया शुरू किया गया है।

आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा के सभी बालिकाएं अपने विद्यालय से अबुआ सरकार की इस महत्वकांक्षी सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर जल्द से जल्द आवेदन कर के अपनी शिक्षा और सशक्तिकरण की उड़ान भरने की तैयारी करें।

अब तक 6,07,467 बालिकाओं का ऑनलाइन आ चुका है आवेदन

बता दें कि अब तक 6,07,467 बालिकाओं का आवेदन ऑनलाइन आ चुका है इनमें से 2,78,463 बालिकाओं को 104 करोड़ 65 लाख से अधिक राशि भुगतान की जा चुकी है एवं शेष लाभुकों की भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पूरे राज्य में अबतक ई विद्यावाहिनी में अंकित 15007 विद्यालय में से 13,469 विद्यालय से आवेदन प्राप्त हुआ है। शेष विद्यालय से आवेदन प्राप्त करने हेतु आवश्यक निर्देश शिक्षा विभाग में कार्यरत क्षेत्रीय कर्मियों को दी गई है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को ससमय निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का संबंधित विभागीय पोर्टल (savitribaipksy.jharkhand.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का निष्पादन ससमय होनिया हेतु संबंधित पदाधिकारियो, कर्मियों, प्रधानाध्यापक, BEEO एवं प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को समाज कल्याण निदेशालय द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही समय समय पर तकनीकी सहयोग प्रदान भी किया जा रहा है।

योजना से लाभान्वित किये जाने संबंधी अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी या विद्यालयों के प्रधानाध्यापक / BEEO या प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

रिम्स अवैध निर्माण मामला: बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार के "भ्रष्ट सिस्टम" पर बड़ा हमला

"रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी, नगर निगम, रेरा के अधिकारी अविलंब निलंबित हों!"

रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रिम्स (RIMS) परिसर में हो रहे अवैध निर्माण पर राज्य सरकार के भ्रष्ट तंत्र को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निर्दोष फ्लैट खरीदारों को तत्काल राहत देने की मांग की है।

न्यायोचित कार्रवाई, पर भ्रष्ट तंत्र की जवाबदेही

श्री मरांडी ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से अवैध निर्माण को तोड़े जाने को न्यायोचित और स्वागत योग्य बताया, लेकिन सवाल उठाया कि हेमंत सरकार के इस भ्रष्ट तंत्र की सजा आम जनता क्यों भुगते। उन्होंने याद दिलाया कि हेमंत सरकार में सेना की जमीन की हेराफेरी में आईएएस अधिकारी तक जेल जा चुके हैं।

भ्रष्टाचार के लिए सीधे अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार

बाबूलाल मरांडी ने रिम्स परिसर में अवैध निर्माण के लिए निम्नलिखित अधिकारियों और विभागों को सीधा जिम्मेदार ठहराया है, जिन्हें मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त होने का आरोप लगाया:

रजिस्ट्रार (Registrar):

जब जमीन रिम्स की थी, तो रजिस्ट्रार ने फ्लैटों की रजिस्ट्री कैसे कर दी? उनका काम ही रजिस्ट्री से पहले जमीन की वैधता सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी में बड़े भ्रष्टाचार और रिश्वत की लेनदेन से इनकार नहीं किया जा सकता।

अंचल अधिकारी (Circle Officer):

रजिस्ट्री के बाद जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) बड़ी आसानी से कैसे हो गया, जबकि आम आदमी वर्षों तक चक्कर काटता रहता है? इससे भ्रष्टाचार के तार नीचे से ऊपर तक जुड़े होने का संकेत मिलता है।

रांची नगर निगम (Ranchi Municipal Corporation):

रिम्स की जमीन पर फ्लैटों का नक्शा कैसे स्वीकृत और पास हुआ? यह तब हुआ जब हाईकोर्ट के आदेश से वर्षों तक निगम में नक्शा पास करने का काम स्थगित था।

रेरा (RERA, Jharkhand):

रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी) ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और आम जनता को परेशानी में डाल दिया।

राज्य सरकार से मरांडी की प्रमुख मांगें

श्री मरांडी ने कहा कि यह मामला सिर्फ अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार का परिणाम है। उन्होंने राज्य सरकार से निम्नलिखित त्वरित कार्रवाई की मांग की:

अधिकारियों का निलंबन: रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी, रांची नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी, रेरा के जिम्मेदार अधिकारियों को अविलंब निलंबित किया जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

वैकल्पिक आवास: फ्लैट खरीदने वाले निर्दोष लोगों को तत्काल वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए राज्य सरकार।

बैंक लोन की जिम्मेदारी: फ्लैट खरीदारों के बैंक लोन की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार वहन करे।

वसूली: भ्रष्ट अधिकारियों से पैसे की वसूली की जाए।

इस प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता राफिया नाज, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

राज्य के 1,61,55,740 मतदाताओं का विगत एसआईआर के मतदाता सूची से मैपिंग सम्पन्न


रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं का विगत एसआईआर के मतदाता सूची से मैपिंग के क्रम में 1 करोड़ 61 लाख 55 हजार 740 मतदाताओं का मैपिंग किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब्सेंट, शिफ्टेड डेथ एवं एक से अधिक स्थान पर सूचीबद्ध श्रेणी के 12 लाख मतदाताओं को सूचीबद्ध किया गया है। इसके साथ ही मतदाता सूची के मैपिंग के अन्य कार्य प्रगति पर है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मंगलवार को निर्वाचन सदन से कम पैतृक मैपिंग करने वाले विधानसभा के ईआरओ एवं सभी उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि विगत के एसआईआर के बाद राज्य में अन्य राज्यों से आए मतदाता एवं जिन मतदाताओं का विगत के एसआईआर वाले मतदाता सूची से मैपिंग में कठिनाई आ रही है उनका संबंधित राज्य के सीईओ वेबसाईट अथवा भारत निर्वाचन आयोग के वेबसाईट का उपयोग करते हुए मैपिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि https://voters.eci.gov.in/ का प्रयोग करते हुए अन्य राज्य से आए मतदाताओं का पैतृक मैपिंग करें वहीं झारखंड के मतदाताओं के मैपिंग हेतु मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड के वेबसाइट https://ceo.jharkhand.gov.in/ का उपयोग करें।

श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि कम परफॉर्मेंस वाले बीएलओ को चिन्हित करते हुए बैचवार ट्रेनिंग दें। इसके साथ ही मतदाताओं को भी पैतृक मैपिंग की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि वैसे बीएलओ जो विगत के एसआईआर के मतदाता सूची से मतदाता का विवरण नहीं ढूंढ पा रहे वे अपने जिले मुख्यालय के हेल्पडेस्क मैनेजर से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने ईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों से कहा कि बीएलओ को कार्यक्षेत्र में आने वाले कठिनाइयों का आंकलन करते हुए उनकी सहायता करें जिससे वे पैतृक मैपिंग के कार्य को आसानी से कर पाएं ।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि मैपिंग करते समय एएसडी सूची से भी मिलान अवश्य करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं का पैतृक मैपिंग का कार्य को प्राथमिकता देते हुए करें। अधिक से अधिक पैतृक मैपिंग से एसआईआर के समय कम से कम मतदाताओं को दस्तावेज समर्पित करना पड़ेगा एवं प्रक्रिया में आसानी आएगी। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से छुटे नहीं इसे ध्यान में रखकर कार्य करें।

बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर सहित सभी जिलों के ईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे।

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राँची जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: बिना मान्यता चल रहे निजी स्कूलों को बंद करने की चेतावनी।

राँची: जिला प्रशासन ने राँची के सभी गैर-मान्यता प्राप्त निजी और गैर-सरकारी विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार, कक्षा 1 से 8वीं तक संचालित ऐसे सभी स्कूलों को 08 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से मान्यता के लिए आवेदन करना होगा।

RTE पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रावधानों के तहत, सभी स्कूल संचालकों को विभागीय पोर्टल https://rte.jharkhand.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना अनिवार्य है। आवेदन के दौरान स्कूलों को अपनी आधारभूत संरचना, योग्य शिक्षकों की सूची, छात्र नामांकन, सुरक्षा व्यवस्था, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं का सही विवरण अपलोड करना होगा। पोर्टल पर यूजर मैनुअल और मान्यता प्रमाण-पत्र का प्रारूप भी उपलब्ध कराया गया है।

नियम उल्लंघन पर होगी जेल या स्कूल बंदी

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय निर्धारित तिथि (8 अप्रैल) तक आवेदन जमा नहीं करता है या मानकों पर खरा नहीं उतरता है, तो झारखंड निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार नियमावली के तहत उन पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों को बंद करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।

अभिभावकों और छात्रों के हित में फैसला

DC मंजूनाथ भजंत्री ने सभी विद्यालय प्रबंधनों से अपील की है कि वे इस निर्देश को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि समय-सीमा के भीतर आवेदन कर विद्यालय संचालन को विधिसम्मत बनाएं, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

झारखंड की वैश्विक उड़ान: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा अध्यक्ष और विपक्षी नेताओं को भेंट की 'दावोस-लंदन' दौरे की विशेष पुस्तक

झारखंड सरकार की उपलब्धियों और राज्य की विकास यात्रा को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। इसी कड़ी में आज रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण शिष्टाचार मुलाकात हुई, जिसमें राज्य के विकास के 'ग्लोबल विजन' को साझा किया गया।

मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण मुलाकात और भेंट

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित अत्यंत महत्वपूर्ण पुस्तक "JHARKHAND RISING: A GLOBAL STORY" और एक विशेष कॉफी टेबल बुक सप्रेम भेंट की। यह मुलाकात न केवल शिष्टाचार का हिस्सा थी, बल्कि राज्य की प्रगति की रिपोर्ट को सदन के संरक्षक के समक्ष प्रस्तुत करने का एक माध्यम भी रही।

"JHARKHAND RISING: A GLOBAL STORY": झारखंड की अंतरराष्ट्रीय दस्तक

इस पुस्तक में झारखंड की उस ऐतिहासिक यात्रा का विस्तृत विवरण है, जो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जनवरी 2026 में की थी।

दावोस (विश्व आर्थिक मंच) और यूनाइटेड किंगडम (लंदन) का दौरा: इस प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक मंचों पर झारखंड की संभावनाओं को प्रस्तुत किया।

निवेश और विकास: दौरे के दौरान हुए समझौतों, वैश्विक निवेशकों के साथ संवाद और झारखंड को एक 'ग्लोबल हब' बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों की पूरी रिपोर्ट इस पुस्तक में समाहित है।

प्रतिवेदन का महत्व: यह पुस्तक दर्शाती है कि कैसे झारखंड अब केवल खनिज संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, तकनीक और निवेश के क्षेत्र में भी दुनिया के साथ कदम से कदम मिला रहा है।

विकास की समग्र तस्वीर: कॉफी टेबल बुक

मुलाकात के दौरान भेंट की गई 'कॉफी टेबल बुक' राज्य सरकार के विकासात्मक कार्यों का एक दृश्य दस्तावेज है। इसमें राज्य में हाल के वर्षों में हुए बुनियादी ढांचे के निर्माण, कल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सुधारों की विस्तृत जानकारी और उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरों का संग्रह है।

लोकतांत्रिक समन्वय की मिसाल

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर केवल विधानसभा अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि संसदीय कार्य मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर और नेता प्रतिपक्ष श्री बाबूलाल मरांडी को भी यह पुस्तकें भेंट कीं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस प्रकार का संवाद राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए एक सकारात्मक संदेश है। यह दिखाता है कि राज्य की तरक्की और उसकी वैश्विक छवि को लेकर पूरी सरकार और विधानसभा एकमत है।

The Bhopal Shift: How Definite Success Classes Is Turning the City into India’s New NEET Preparation Hub

For decades, the path for medical aspirants in India was predictable: if you wanted a top-tier rank in NEET-UG, you packed your bags for established coaching hubs like Kota or Delhi. However, over the last few years, a significant shift has been brewing in Central India. Bhopal, once seen primarily as a regional academic center, has transformed into a high-performance hub that is now outperforming legacy cities in "selection-to-enrollment" ratios.This transition is backed by a series of high-stakes results and a growing reputation for academic excellence that has caught the attention of education analysts nationwide.

Breaking the "AIIMS Delhi" Barrier

The most telling indicator of a city's academic depth is its ability to place students in AIIMS Delhi—the most competitive medical institution in the country. For Bhopal, this was a rare feat, with the city often going seven or eight years without a single selection to the premier institute.

That cycle was decisively broken in the 2025 results. Aagam Jain, a student from the premier educational organization Definite Success Classes, secured All India Rank 45, earning a seat at AIIMS Delhi. For observers, this was a "proof of concept" for the city's evolving academic infrastructure, proving that the highest level of conceptual mastery required for top national ranks is now available within Bhopal through elite-level mentorship.

A Growing Magnet for National Student Migration

One of the most remarkable highlights of Bhopal’s rise is the changing geography of its student population. No longer just a center for local talent, Bhopal has become a "magnet city," drawing students from across the Indian map.

Enrollment data reveals a significant trend of student migration to the city, specifically to study under the guidance of Definite Success Classes. Families are now bypassing closer, traditional options to send their children to Bhopal from diverse regions, including:

● North & West: Rajasthan (Jaipur, Alwar, Jhalawar), Uttar Pradesh (Agra, Pratapgarh, Jhansi, Raebareli), and Punjab (Amritsar).

● East & South: West Bengal (Kolkata, Jalpaiguri), Bihar (Rohtas, Katihar), Jharkhand (Jamtara), and Maharashtra (Amravati).

● Remote Frontiers: Even students from the J&K region (Ladakh) and Himachal Pradesh (Kangra) are now choosing the academic stability of Bhopal over larger, more crowded metros.

Education professionals suggest this cross-state movement occurs because families perceive Bhopal to offer a balanced academic ecosystem—combining the high-intensity preparation of a legacy hub with a more supportive, less overwhelming environment.

A Legacy of Excellence: The Multi-Year Record

This national trust is built on a foundation of consistent, verified results. At the center of this trend is the focused approach of Definite Success Classes, which prioritizes academic stability and actual college conversion.

● The 2024 Performance: The city maintained its momentum with over 116 MBBS selections from this prestigious organization. This included elite placements such as Akshar Dubey (AIIMS Bhopal, 705/720), Aashna Jain (GGMC Mumbai, 700/720), and Nandini Jain (AIIMS Rajkot, 696/720).

● The 2023 Foundation: In this cycle, Definite Success Classes recorded a massive surge in students crossing the 650-mark threshold, resulting in 5 AIIMS selections (including the city topper Samridhi Saxena at 693/720) and over 70 Government Medical College seats.

The "Bhopal Factor": Transparency and Well-being

Beyond the numbers, the human factor plays a major role in why families are choosing Bhopal. In an era of high-pressure advertising, Definite Success Classes has set a standard for transparency by publicly verifying results with confirmed college allotments.

Furthermore, Bhopal offers a high quality of life with significantly lower stress and living costs compared to Tier-1 cities. This allows medical aspirants to focus entirely on their preparation in a safe, conducive environment, supported by a healthy student-to-teacher ratio that ensures they are never treated as "just another number."

The New Educational Map

The data suggests that the days of a few cities holding a monopoly on medical education are ending. Bhopal’s ascent—spearheaded by the consistent performance of prestigious organizations like Definite Success Classes—signals a new era where quality is determined by actual college conversion rates rather than the size of a billboard.

As more students from every corner of India choose Bhopal for their NEET journey, the city is no longer just a regional player; it is firmly established on the national map as a premier destination for the next generation of India’s doctors.

हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा: राज्य के 23 जिलों में बनेंगे 800 सीटों वाले 'State of Art' पुस्तकालय।

झारखण्ड राज्य में Institute of Driving Training and Research (IDTR Tier-I) की स्थापना हेतु DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) रूपये के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा अनुदानित राशि रू० 17.00 (सत्रह) करोड़ के अतिरिक्त शेष देय राशि रू० 5,03,31,000/- (पाँच करोड तीन लाख इकतीस हजार) मात्र में से Tata Motors Ltd, Jamshedpur द्वारा दी गयी सहमति के अनुसार रु० 1,82,00,000/-(एक करोड़ बयासी लाख) मात्र शेष देयता की राशि के फलस्वरूप रू० 3,21,31,000/- (तीन करोड़ इक्कीस लाख इकतीस हजार) मात्र राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने एवं DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) मात्र के योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

रांची के वीमेंस कॉलेज (साईंस ब्लॉक) में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528 (पांच सौ अ‌ट्ठाईस) शय्या के छात्रावास निर्माण योजना के स्थल परिवर्तन एवं नए स्थल पर निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई।

CT-MIS परियोजना के अधीन कार्यरत System Integrator M/s Tata Consultancy Services Limited को एक वर्ष यथा-01.10.2025 से 30.09.2026 तक की अवधि के लिए वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को नियम 245 के अधीन क्षांत करते हुए मनोनयन के आधार पर अवधि विस्तार हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन०सी०सी०) के कैडेटों के प्रशिक्षण के दौरान नास्ता भत्ता में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत महिला महाविद्यालय, सारठ, देवघर को सह-शिक्षा (Co-Education) महाविद्यालय में परिवर्तित कर इसका नाम डिग्री महाविद्यालय, सारठ, देवघर करने की स्वीकृति दी गई।

★ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत पत्र संख्या 9/35/2025-CD (Cen) दिनांक 24.12.2025 भारत की जनगणना 2027-परिपत्र संख्या 7, को अंगीकृत करते हुए झारखण्ड राज्य अंतर्गत राज्य स्तरीय / जिला स्तरीय, नगर निगम एवं चार्ज स्तरीय तकनीकी कर्मियों एवं बहु-कार्य कर्मचारी (एमटीएस) की नुियक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत मनोनयन के आधार पर M/s Redbird Airways Pvt. Ltd, New Delhi से ली जा रही 01 Turbo Prop Twin Engine B-250/B-200 GT विमान की सेवा को, समान दर एवं शर्तों के साथ, छः (06) माह तक विस्तारित किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कौशिक मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय, राँची) की अनिवार्य सेवानिवृति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य समूह 'घ' से समूह 'ग' (निम्नवर्गीय लिपिक / कनीय सचिवालय सहायक) के पद पर पदोन्नति हेतु सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली, 2026" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 1023/2013 विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.02.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case No. 818/2025 श्रीमती विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-03.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्रीमती विमला देवी, पति स्व० राम बिहारी तिवारी, सेवानिवृत लेखा, लिपिक लघु सिंचाई प्रमण्डल, लातेहार के नियमित रूप से की गई सेवा में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशन प्रदायी सेवा में परिगणित करते हुए सेवानिवृत्ति की तिथि 31.05.2012 से पेंशनादि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 6309/2013 मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-08.02.2023 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 366/2024, मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-16.01.2026 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री मन्नेलाल कामत, सेवानिवृत पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, साहेबगंज के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3274/2018 हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-09.05.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 1077/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री हरिशंकर शर्मा, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न विभाग (कार्य विभाग सहित) /निदेशालय, बोर्ड / निगम, सोसायटी / निकाय इत्यादि द्वारा किये जाने वाले एकरारनामा / कार्यादेश /आपूर्ति आदेश / Standard Bidding Document/F2 Tender Document में e-Bank Guarantee के रूप में प्रतिभूति (Performance Security) प्राप्त करने तथा Dispute Resolution संबंधी प्रावधान अन्तर्वेशित करने तथा 'Jharkhand Procurement of Goods and Services Manual' को एतदर्थ संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P. (S) No-3268/2020 मीना देवी एवं अन्य में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची द्वारा दिनांक 17.11.2022 को पारित न्यायादेश तथा इससे उदभूत अवमाननावाद संख्या-375/2023 में पारित आदेश के अनुपालन में वादी के पेंशन एवं उपादान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों तथा इसके अन्तर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों पर नियुक्ति एवं प्रोन्नति हेतु आरक्षण रोस्टर नियमावली की स्वीकृति दी गई।

★ 'Jharkhand City Tourist Tax Rules, 2025' के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर वाद Suo Moto Writ Petition (Civil) No.(S) 5/2025 IN RE: "CITY HOUNDED BY STRAYS, KIDS PAY PRICE" के घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को झारखण्ड राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यान्वित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रवासी गतिशीलता (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025 हेतु विचार एवं सुझाव उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

★ शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के दौरान छुट्टी वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में बी०आई०टी० सिन्दरी, धनबाद में 04 Centre of Excellences (CoEs) की स्थापना, BIT Sindri Innovation and Incubation Centre Foundation द्वारा CoEs के संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में रूपये 38,58,69,555/- (अड़तीस करोड़ अंठावन लाख उनहत्तर हजार पाँच सौ पचपन) के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत बच्चों को निःशुल्क विद्यालय कीट योजनान्तर्गत स्कूल बैग उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधान में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को दिनांक-01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान के आलोक में 20 प्रतिशत विशेष वेतन के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के पलामू जिलान्तर्गत रेलवे स्टेशन 'डालटनगंज' का नाम परिवर्तित कर "मेदिनीनगर" करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के सभी सेवा/संवर्गो के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों एवं सेवांत लाभ के भुगतान से संबंधित मामलों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु "झारखण्ड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री प्रभात कुमार, झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक-154/03), तत्कालीन अधिसूचित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जामताड़ा के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-30028 (IIRMS), दिनांक 17.04.2025 द्वारा अधिरोपित दण्ड 'निन्दन' को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय एस० एस० मेमोरियल कॉलेज, रॉची के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 48,56,04,000/-(अड़तालीस करोड़ छप्पन लाख चार हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय जे० एल० एन० कॉलेज, चक्रधरपुर के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 88,92,50,000/-(अठ्ठासी करोड़ बेरानवे लाख पचास हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में नया महिला महाविद्यालय, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 69,57,68,400/- (उनहत्तर करोड़ संतावन लाख अड़सठ हजार चार सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदों कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में डिग्री महाविद्यालय, बोआरीजोर, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 40,19,18,000/- (चालीस करोड़ उन्नीस लाख अठ्ठारह हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री बीरा राम, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख-II, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता एवं अभियंता प्रमुख के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ श्री किशोरी रजक, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना, जल संसाधन विभाग, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3882/2020 संजय कुमार तिवारी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Civil Review No. 85/2025 के दिनांक-16.10.2025 को Dismiss होने के फलस्वरूप वादी श्री संजय कुमार तिवारी, सेवानिवृत्त, पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई अंचल, मेदिनीनगर एवं अन्य 10 कर्मियों द्वारा नियमित रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग), झारखण्ड सरकार के अंतर्गत झारखण्ड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका हवाई अड्डा पर संचालित Commercial Pilot's License With Multi Engine Rating प्रशिक्षण अकादमी में नामांकन प्रक्रिया तथा प्रवेश/नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ के लिए अभ्यर्थिता के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री जलधर मंडल, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (चालू प्रभार), जल संसाधन विभाग, देवघर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमतायुक्त State of Art District Library के निर्माण, उक्त प्रस्तावित 23 पुस्तकालयों में आवश्यक फर्नीचर/उपस्कर तथा पुस्तक क्रय हेतु प्रति पुस्तकालय 12,02,17,300/-(बारह करोड़ दो लाख सतरह हजार तीन सौ) रूपये मात्र के आधार पर कुल 276,49,97,900/- (दो सौ छिहत्तर करोड़ उनचास लाख सन्तानबे हजार नौ सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की मौत, दोस्तों के साथ कुल्लू गए थे वीर सोरेन

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत की खबर सामने आई है। यह घटना हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में हुई। सूचना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, उनके बेटे बाबूलाल सोरेन सहित उनके अन्य परिवारिक सदस्य शिमला के लिए रवाना हो गए हैं। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लिया है।

तबीयत अचानक बिगड़ी

जानकारी के मताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन अपने दोस्तों के साथ कुल्लू मनाली घूमने गए थे। बताया जा रहा है कि बर्फ में खेलने और ठंड में समय बिताने के बाद वे अपने होटल लौटे थे। बताया जा रहा है कि होटल पहुंचने के कुछ ही समय बाद वीर सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके दोस्तों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

प्रारंभिक तौर पर मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है, जिससे घटना को संदिग्ध माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

झारखंड में शोक की लहर

चंपई सोरेन झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे हैं और वह प्रदेश के पूर्व मुख्य्मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके पोते की असमय मृत्यु की खबर से राजनीतिक जगत में भी संवेदना व्यक्त की जा रही है।

झारखंड बजट 2026-27: 1.58 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश, 'नया झारखंड' बनाने का रोडमैप तैयार

रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश करते हुए राज्य के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप रखा. 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के इस बजट में बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को विकास का इंजन बताया गया है.

बजट का आकार और वित्तीय तस्वीर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सकल बजट अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक रखा गया है. राजस्व व्यय के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक और पूंजीगत व्यय के लिए 37,708 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बजट विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी साधने का प्रयास है. राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के GSDP का 2.18 प्रतिशत है.

निधि की व्यवस्था के लिए अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़, केंद्रीय करों में राज्य के हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड़, लोक ऋण से 22,049.96 करोड़ और उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रु होने का अनुमान है.

GSDP दोगुना करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में झारखंड की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है. इसके लिए कृषि, उद्योग, भौतिक संरचना, वित्तीय क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस रखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग और सूखे जैसे बाहरी कारकों के प्रभाव को कम कर 14 प्रतिशत की लक्षित विकास दर हासिल की जाएगी.

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल

महिला किसान खुशहाली योजना के जरिए महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. नकदी फसलों के विस्तार, कोल्ड स्टोरेज युक्त कोऑपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स और लघु वन उत्पादों के उन्नयन से ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रयास किया गया है.

शिक्षा और कौशल विकास

राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को Jharkhand Institute of Technology के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना और चयनित ITI में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की योजना पेश की गई है.

स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश

कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में PET-CT, कैथलैब और जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी. 750 अबुआ दवाखानों के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.

सड़क, पुल और पर्यटन को रफ्तार

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और सेतु योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पर्यटन के क्षेत्र में ग्लास ब्रिज, रोपवे, स्काइवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाओं से राज्य को नया पर्यटन मानचित्र देने की तैयारी है.

निवेश और रोजगार

सरकार के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से झारखंड को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे करीब 45 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है. इसके अलावा औद्योगिक नीतियों के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.

बाल बजट और जेंडर बजट

इस बजट की खासियत आउटकम बजट के तहत तैयार किया गया बाल बजट और जेंडर बजट है. बच्चों से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल योजना आकार का 10.7 प्रतिशत और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को सरकार ने “विकास, निवेश और सामाजिक न्याय का संतुलित दस्तावेज” बताया है, जो झारखंड को अगले दशक में तेज आर्थिक वृद्धि की राह पर ले जाने का दावा करता है.

झारखंड की किशोरियों को मिल रहा है सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ

झारखंड सरकार किशोरियों एवं महिलाओं को शिक्षित और सशक्त बनाने हेतु निरंतर आगे बढ़ रही है ताकि झारखण्ड एक स्वस्थ और सशक्त प्रदेश बन सके। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच झारखंड की हर महिला को सम्मान और किशोरियों को बेहतर शिक्षा और बेहतर जीवन के साथ ऊँचाईयों तक पहुँचने के सभी अवसर मिले । इसी सोच के साथ झारखण्ड सरकार द्वारा बालिकाओं के शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना की शुरूआत 2022-23 वित्तीय वर्ष में की गई है।

स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध मिलती है चालीस हजार रूपया की प्रोत्साहन राशि

इस योजना के अंतर्गत स्कूल में अध्ययनरत पात्र किशोरियों को चरणबद्ध चालीस हजार रूपया प्रोत्साहन राशि प्रदान कर शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि वे सब अपनी पढ़ाई जारी रख सकें और आर्थिक बाधाओं से मुक्त होकर उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकें।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया की गई है शुरू

महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष से सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का आवेदन प्राप्त करने हेतु ऑनलाइन की प्रक्रिया शुरू किया गया है।

आठवीं कक्षा से बारहवीं कक्षा के सभी बालिकाएं अपने विद्यालय से अबुआ सरकार की इस महत्वकांक्षी सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल पर जल्द से जल्द आवेदन कर के अपनी शिक्षा और सशक्तिकरण की उड़ान भरने की तैयारी करें।

अब तक 6,07,467 बालिकाओं का ऑनलाइन आ चुका है आवेदन

बता दें कि अब तक 6,07,467 बालिकाओं का आवेदन ऑनलाइन आ चुका है इनमें से 2,78,463 बालिकाओं को 104 करोड़ 65 लाख से अधिक राशि भुगतान की जा चुकी है एवं शेष लाभुकों की भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। पूरे राज्य में अबतक ई विद्यावाहिनी में अंकित 15007 विद्यालय में से 13,469 विद्यालय से आवेदन प्राप्त हुआ है। शेष विद्यालय से आवेदन प्राप्त करने हेतु आवश्यक निर्देश शिक्षा विभाग में कार्यरत क्षेत्रीय कर्मियों को दी गई है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को ससमय निष्पादित करने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का संबंधित विभागीय पोर्टल (savitribaipksy.jharkhand.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का निष्पादन ससमय होनिया हेतु संबंधित पदाधिकारियो, कर्मियों, प्रधानाध्यापक, BEEO एवं प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को समाज कल्याण निदेशालय द्वारा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही समय समय पर तकनीकी सहयोग प्रदान भी किया जा रहा है।

योजना से लाभान्वित किये जाने संबंधी अधिक जानकारी या सहायता के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला समाज कल्याण पदाधिकारी या विद्यालयों के प्रधानाध्यापक / BEEO या प्रखंड के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

रिम्स अवैध निर्माण मामला: बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार के "भ्रष्ट सिस्टम" पर बड़ा हमला

"रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी, नगर निगम, रेरा के अधिकारी अविलंब निलंबित हों!"

रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने रिम्स (RIMS) परिसर में हो रहे अवैध निर्माण पर राज्य सरकार के भ्रष्ट तंत्र को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निर्दोष फ्लैट खरीदारों को तत्काल राहत देने की मांग की है।

न्यायोचित कार्रवाई, पर भ्रष्ट तंत्र की जवाबदेही

श्री मरांडी ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश से अवैध निर्माण को तोड़े जाने को न्यायोचित और स्वागत योग्य बताया, लेकिन सवाल उठाया कि हेमंत सरकार के इस भ्रष्ट तंत्र की सजा आम जनता क्यों भुगते। उन्होंने याद दिलाया कि हेमंत सरकार में सेना की जमीन की हेराफेरी में आईएएस अधिकारी तक जेल जा चुके हैं।

भ्रष्टाचार के लिए सीधे अधिकारियों को ठहराया जिम्मेदार

बाबूलाल मरांडी ने रिम्स परिसर में अवैध निर्माण के लिए निम्नलिखित अधिकारियों और विभागों को सीधा जिम्मेदार ठहराया है, जिन्हें मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त होने का आरोप लगाया:

रजिस्ट्रार (Registrar):

जब जमीन रिम्स की थी, तो रजिस्ट्रार ने फ्लैटों की रजिस्ट्री कैसे कर दी? उनका काम ही रजिस्ट्री से पहले जमीन की वैधता सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी में बड़े भ्रष्टाचार और रिश्वत की लेनदेन से इनकार नहीं किया जा सकता।

अंचल अधिकारी (Circle Officer):

रजिस्ट्री के बाद जमीन का म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) बड़ी आसानी से कैसे हो गया, जबकि आम आदमी वर्षों तक चक्कर काटता रहता है? इससे भ्रष्टाचार के तार नीचे से ऊपर तक जुड़े होने का संकेत मिलता है।

रांची नगर निगम (Ranchi Municipal Corporation):

रिम्स की जमीन पर फ्लैटों का नक्शा कैसे स्वीकृत और पास हुआ? यह तब हुआ जब हाईकोर्ट के आदेश से वर्षों तक निगम में नक्शा पास करने का काम स्थगित था।

रेरा (RERA, Jharkhand):

रेरा (रियल एस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी) ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और आम जनता को परेशानी में डाल दिया।

राज्य सरकार से मरांडी की प्रमुख मांगें

श्री मरांडी ने कहा कि यह मामला सिर्फ अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र में जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार का परिणाम है। उन्होंने राज्य सरकार से निम्नलिखित त्वरित कार्रवाई की मांग की:

अधिकारियों का निलंबन: रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी, रांची नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी, रेरा के जिम्मेदार अधिकारियों को अविलंब निलंबित किया जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

वैकल्पिक आवास: फ्लैट खरीदने वाले निर्दोष लोगों को तत्काल वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए राज्य सरकार।

बैंक लोन की जिम्मेदारी: फ्लैट खरीदारों के बैंक लोन की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार वहन करे।

वसूली: भ्रष्ट अधिकारियों से पैसे की वसूली की जाए।

इस प्रेसवार्ता में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता राफिया नाज, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

राज्य के 1,61,55,740 मतदाताओं का विगत एसआईआर के मतदाता सूची से मैपिंग सम्पन्न


रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि राज्य में वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं का विगत एसआईआर के मतदाता सूची से मैपिंग के क्रम में 1 करोड़ 61 लाख 55 हजार 740 मतदाताओं का मैपिंग किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब्सेंट, शिफ्टेड डेथ एवं एक से अधिक स्थान पर सूचीबद्ध श्रेणी के 12 लाख मतदाताओं को सूचीबद्ध किया गया है। इसके साथ ही मतदाता सूची के मैपिंग के अन्य कार्य प्रगति पर है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मंगलवार को निर्वाचन सदन से कम पैतृक मैपिंग करने वाले विधानसभा के ईआरओ एवं सभी उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

श्री के. रवि कुमार ने कहा कि विगत के एसआईआर के बाद राज्य में अन्य राज्यों से आए मतदाता एवं जिन मतदाताओं का विगत के एसआईआर वाले मतदाता सूची से मैपिंग में कठिनाई आ रही है उनका संबंधित राज्य के सीईओ वेबसाईट अथवा भारत निर्वाचन आयोग के वेबसाईट का उपयोग करते हुए मैपिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि https://voters.eci.gov.in/ का प्रयोग करते हुए अन्य राज्य से आए मतदाताओं का पैतृक मैपिंग करें वहीं झारखंड के मतदाताओं के मैपिंग हेतु मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड के वेबसाइट https://ceo.jharkhand.gov.in/ का उपयोग करें।

श्री के. रवि कुमार ने कहा है कि कम परफॉर्मेंस वाले बीएलओ को चिन्हित करते हुए बैचवार ट्रेनिंग दें। इसके साथ ही मतदाताओं को भी पैतृक मैपिंग की प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि वैसे बीएलओ जो विगत के एसआईआर के मतदाता सूची से मतदाता का विवरण नहीं ढूंढ पा रहे वे अपने जिले मुख्यालय के हेल्पडेस्क मैनेजर से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने ईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों से कहा कि बीएलओ को कार्यक्षेत्र में आने वाले कठिनाइयों का आंकलन करते हुए उनकी सहायता करें जिससे वे पैतृक मैपिंग के कार्य को आसानी से कर पाएं ।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा है कि मैपिंग करते समय एएसडी सूची से भी मिलान अवश्य करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान मतदाता सूची के मतदाताओं का पैतृक मैपिंग का कार्य को प्राथमिकता देते हुए करें। अधिक से अधिक पैतृक मैपिंग से एसआईआर के समय कम से कम मतदाताओं को दस्तावेज समर्पित करना पड़ेगा एवं प्रक्रिया में आसानी आएगी। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची से छुटे नहीं इसे ध्यान में रखकर कार्य करें।

बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर सहित सभी जिलों के ईआरओ एवं उप निर्वाचन पदाधिकारी उपस्थित थे।

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