बांग्लादेश में बीएनपी की जीत, भारत के लिए तारिक रहमान के सत्ता में आने क्या हैं मायने?
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बांग्लादेश में तारिक रहमान की अगुवाई में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार बनने का रास्ता साफ हो चुका है। बांग्लादेश में सबसे ज्यादा वर्षों तक सत्ता में रही अवामी लीग के बगैर हुए चुनावों में शेख हसीना की पार्टी के दोनों कट्टर विरोधी दलों (बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन)ने जातीय संसद पर करीब-करीब पूरा कब्जा कर लिया है।
बीएनपी गठबंधन ने तो दो-तिहाई बहुमत से भी ज्यादा का आंकड़ा पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने पर बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाती है। हालांकि, बांग्लादेश में बीएनपी की सरकार जब भी रही है, तब भारत के साथ संबंधों में गर्मजोशी नहीं रही है। ऐसे में यह सवाल बहुत ही स्वाभाविक हो जाता है कि बीएनपी सरकार का रुख़ पड़ोसी देश भारत को लेकर क्या होगा?
हसीने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध सबसे निचले स्तर पर
शेख़ हसीना के सत्ता से बेदख़ल होने के बाद 18 महीनों तक बांग्लादेश ग़ैर-निर्वाचित अंतरिम सरकार के अधीन रहा। इस अंतरिम सरकार के साथ भारत के संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए थे। हसीना का भारत आना और वहीं से उनके सार्वजनिक वक्तव्यों ने तनाव को और बढ़ाया।वहीं, हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में बढ़ती भारत-विरोधी बयानबाज़ी और हिंसा ने भी चिंता बढ़ाई है। अब सवाल ये है कि क्या पड़ोसी देश में नई सरकार गठन के बाद भारत के साथ रिश्तों को सुधारने पर जोर देगी?
भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं
पिछली बार जब बांग्लादेश में तारिक रहमान की मां खालिदा जिया की सरकार थी तो खासकर 2001 से 2006 के बीच उन्होंने भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं की। इस दौरान बीएनपी पर उल्फा को संरक्षण देने के भी आरोप लगे। उल्फा को बीएनपी सरकार ने हथियारों की तस्करी की खुली छूट दी। 2004 में चटगांव से हथियारों की जब्ती इसका कुख्यात उदाहरण है। परंतु जब 2009 में शेख हसीना की अवामी लीग सत्ता में पूरे दम के साथ बैठी तो उसने भारत-विरोधी अलगाववादी संगठनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ज्यादातर उग्रवादी या तो वहां से भाग खड़े हुए या उन्हें पकड़ कर भारत के हवाले कर दिया गया।
मुहम्मद यूनुस ने बनाया भारत विरोधी माहौल
इस वक्त बांग्लादेश एक नाजुक मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है। देश में कट्टरपंथी ताकतें खुलकर सक्रिय हो गई हैं और अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में भारत के खिलाफ माहौल बनाया गया। शेख हसीना के दौर में बांग्लादेश ने पाकिस्तान से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन उनके सत्ता से हटने के बाद यूनुस के नेतृत्व में नीति में अचानक बदलाव देखने को मिला। जिस भारत की मदद से बांग्लादेश आजाद हुआ था, उससे दूरी बढ़ाते हुए अब पाकिस्तान के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
भारत के साथ कैसे संबंध चाहेंगे तारीक?
तारिक रहमान पिछले साल दिसंबर में ही अपने खुद के निर्वासन वाला जीवन छोड़कर लंदन से ढाका लौटे। आने के बाद से जितने भी भाषण दिए हैं, उससे यह लग रहा है कि वे खुद को बांग्लादेशकी जमीन के साथ फिर से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे अपने पहले भाषणों से ही आंतरिक सौहार्द का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। तारिक रहमान के लिए यह भी माना जाने लगा था कि वह भारत के साथ अच्छे संबंधों की वकालत करते थे। क्योंकि उन्हें लगता था कि दोनों देशों में दोस्ती ही उनके मुल्क की अर्थव्यस्था मजूबत कर सकती है।





Thane came alive with unstoppable energy as over 12,000 runners — elite athletes, corporate teams, students, seniors and fitness lovers — stormed the streets on Sunday, 8th February 2026.
Flagged off by fitness legend Milind Soman and Mr. Asheesh Pandey, MD & CEO, Union Bank of India, the race exploded with electric energy at TMC Ground, Hiranandani Estate, Thane. Adding to the thrill, both icons laced up and hit the roads themselves — Milind powering through the 10 km challenge with his signature grit, while Mr. Pandey inspired thousands by completing the 4 km. The momentum carried into fierce battles on the 21 km Half Marathon and 10 km routes — elite performances that lit up the morning!













राँची, 30 जनवरी 2026: झारखंड के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देते हुए श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा आयोजित ‘झारखंड कौशल उत्कर्ष’ प्रतियोगिता का भव्य समापन हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्रम मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने 39 विजेताओं को सम्मानित किया और घोषणा की कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित करने के लिए राज्य के सभी प्रखंडों में नए कौशल केंद्र खोले जाएंगे।

1 hour and 27 min ago
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