रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस क्रैश, सात लोगों की दर्दनाक मौत

रांची : झारखंड के चतरा जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सिमरिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भयावह हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, लातेहार निवासी होटल संचालक संजय कुमार आग की एक घटना में 65 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवकमल अस्पताल से दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही यह विमान हादसे का शिकार हो गया।

मृतकों में संजय कुमार, उनकी पत्नी, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक नर्सिंग स्टाफ, दो क्रू मेंबर और एक अन्य सहायक कर्मी शामिल हैं।

हादसे की खबर मिलते ही चतरा और लातेहार जिला प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और बचाव कार्य शुरू किया। चूंकि दुर्घटना स्थल घने जंगलों के बीच है, इसलिए बचाव दल को वहां पहुंचने और राहत कार्य संचालित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में सवार सभी सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सुरक्षा और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से घटनास्थल के आसपास के लगभग तीन किलोमीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इस गंभीर विमान दुर्घटना की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम को रवाना किया गया है, जिसके बाद ही क्रैश के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जीवनदान दिलाने की कोशिश में निकली यह यात्रा बेहद त्रासद अंत में तब्दील हो गई, जिससे लातेहार और चतरा सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

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उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, ऑरेंज अलर्ट जारी, 24 जनवरी तक भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान

सर्प संरक्षणकर्मी शिव खनाल सम्मानित

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से की मुलाकात

नई दिल्ली, 4 अगस्त 2025: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर आज देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने दिवंगत शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया। इस दुखद घड़ी में उन्होंने मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन और अन्य परिजनों से भी मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल दें।

शिबू सोरेन का निधन झारखंड समेत पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है, और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कई गणमान्य व्यक्ति पहुंच रहे हैं।

विमान में मैकेनिकल समस्या नहीं थी..., रिपोर्ट के बाद उठे सवाल तो एअर इंडिया ने दिया जवाब

#what_did_air_india_ceo_say_on_aaib_preliminary_report 

गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को हुए प्लेन हादसे के पूरे एक महीने बाद शुरुआती रिपोर्ट सामने आई। इस हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट पर एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने साफ किया है कि विमान में कोई मैकेनिकल या मेंटेनेंस की खराबी नहीं थी।उन्होंने कहा कि किसी भी नतीजे पर जल्दबाजी में पहुंचना ठीक नहीं है। बता दें कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि विमान के फ्यूल स्विच 'रन' से 'कटऑफ' अवस्था में चले गए थे, जिसकी वजह से विमान क्रैश हो गया और इस हादसे में 242 विमान यात्रियों समेत 270 लोगों की मौत हो गई।

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शुरुआती रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही पायलट के फिट होने को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। इन्हीं सवालों के जवाब में एयर इंडिया के सीईओ का बयान सामने आया है। एयरलाइन के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने सोमवार को एक आंतरिक मेमो में कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हादसे के एक महीने बाद जारी की गई रिपोर्ट के दौरान एक भी पल ऐसा नहीं बीता जब हमने उन यात्रियों, दोस्तों, सहकर्मियों और लोगों के बारे में न सोचा हो जो इस दुर्घटना में मारे गए या घायल हुए।

जांच अभी पूरी नहीं हुई

मेमो में विल्सन ने कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट जारी होने के बाद हमें और दुनिया को यह पता चला कि असल में क्या हुआ था। इससे कुछ बातें साफ हुईं, लेकिन कुछ नए सवाल भी खड़े हो गए।' विल्सन ने आगे कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट में किसी कारण का पता नहीं चला है और न ही कोई सिफारिश की गई है। इसलिए मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष न निकालें, क्योंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

एएआईबी की रिपोर्ट में क्या?

इससे पहले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने शनिवार को एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। हादसे में 12 जून को 260 लोग मारे गए थे। अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही AI 171 उड़ान भरने वाला यह विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। एएआईबी की रिपोर्ट में कहा गया कि उड़ान संख्या एआई171 के दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति एक सेकंड के अंतराल पर बंद हो गई, जिससे कॉकपिट में अफरा-तफरी मच गई और उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान अपनी ऊंचाई खोने लगा। 15 पेज की रिपोर्ट में कहा गया कि कॉकपिट की वॉयस रिकॉर्डिंग में एक अज्ञात पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ईंधन क्यों बंद कर दिया? इससे दूसरे पायलट ने इनकार कर दिया। इस बीच भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ (आईसीपीए) ने कहा कि पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुई एआई171 उड़ान के चालक दल ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने प्रशिक्षण और जिम्मेदारियों के अनुसार काम किया। पायलटों को अनुमान के आधार पर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।

अहमदाबाद प्लेन क्रैश: एएआईबी रिपोर्ट में बताई गई हादसे की वजह, फ्यूल की सप्लाई हवा में ही बंद हो गई

#aaibreportonairindiaplanecrash 

अहमदाबाद से 12 जून को एयर इंडिया की जिस फ्लाइट 171 ने लंदन के लिए उड़ान भरी थी वो क्रैश हो गई थी। इस भयानक हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। इस प्लेन क्रैश ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। हादसे के बाद से ही इसके पीछे के कारणों की जांच की जा रही थी। अब जांच में सामने आया है कि क्रैश के पीछे की वजह फ्यूल कंट्रोल स्विच हो सकता है। शुरुआती जांच के मुताबिक गलत फ्यूल सेटिंग या स्विच में संभावित खराबी, इंजन फेल का कारण बन सकती है।

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दोनों इंजनों को फ्यूल की सप्लाई हवा में ही बंद हो गई

एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन एक्सिडेंट ब्यूरो (एएआईबी) ने 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी है।एएआईबी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। एएआईबी ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि प्‍लेन के टेकऑफ करते ही दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच एक सेकेंड के अंदर कटऑप हो गए। जिसके चलते, इंजन में फ्यूल सप्‍लाई पहुंचना बंद गई। प्‍लेन अपना थ्रस्‍ट और पॉवर खोने लगा। महज कुछ के अंदर प्‍लेन अहमदाबाद एयरपोर्ट के समीप क्रैश हो गया।

दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच काम कर रहे थे

रिपोर्ट में यह बताया गया है कि क्रैश के बाद थ्रस्ट लीवर (जो इंजन की ताकत को नियंत्रित करता है) आईडल पोजिशन के पास पाए गए, लेकिन ब्लैक बॉक्स के डेटा से पता चला कि टकराव के वक्त तक ये लीवर फॉरवर्ड पोजिशन में ही थे। दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच भी उस समय RUN मोड में थे।

एक इंजन पर रिलाइट अटेम्प्ट का प्रयास विफल

फ्लाइट डेटा से पता चलता है कि इंजन 1 के लिए रिलाइट का प्रयास ऑटोमेटिक रूप से किया गया और सफल रहा, लेकिन इंजन 2 कई बार फ्यूल के रिएंट्री के बावजूद ठीक होने में विफल रहा।

क्रैश के समय इंजन बंद थे

विश्लेषण से पता चलता है कि विमान ने 8° का अगला भाग ऊपर की ओर झुका हुआ था और उसके पंख भी समतल थे, लेकिन दोनों इंजन निष्क्रिय थे। इससे विमान ऊपर जाने में असमर्थ था।

टेकऑफ मोड में कॉकपिट कंट्रोल नॉर्मल

फ्लैप और लैंडिंग गियर लीवर स्टैंडर्ड टेकऑफ स्थिति में थे; थ्रस्ट लीवर दुर्घटना के बाद निष्क्रिय अवस्था में पाए गए। हालांकि वे उड़ान के दौरान टेकऑफ थ्रस्ट पर थे। इससे इन-फ्लाइट कटऑफ की पुष्टि होती है।

साजिश के कोई संकेत नहीं

जांच में एक बड़ा संदेह भी अब दूर हो गया है। रिपोर्ट में साफ किया गया है कि टेकऑफ के समय फ्लैप की सेटिंग (5 डिग्री पर) और लैंडिंग गियर लीवर की स्थिति (नीचे) बिल्कुल सामान्य और मानक के अनुसार थी। एएआईबी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में विमान में किसी तरह की साजिश या तोड़फोड़ के कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं।

गंभीरता ने नहीं ली गई चेतावनी

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका की फेडरल एविएशन अथॉरिटी (एफएए) ने दिसंबर 2018 में फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर एक चेतावनी जारी की थी। एफएए ने कहा था कि कुछ बोइंग 737 विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग फीचर को निष्क्रिय स्थिति में पाया गया था। हालांकि, एफएए ने इसे इतना गंभीर नहीं माना कि इस पर अनिवार्य तकनीकी निर्देश (AD) जारी किया जाए।

अहमदाबाद विमान हादसे में 265 लोगों की मौत, सरकार जांच के लिए बनाएगी हाई लेवल कमेटी

#ahmedabadairindiaplanecrash

एयर इंडिया का लंदन जा रहा प्लेन गुरुवार दोपहर अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद क्रैश हो गया। इस हादसे में 265 लोग मारे गए। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और 12 क्रू मेंबर्स समेत 241 लोगों की मौत हो गई। हालांकि, डिप्टी कमिश्नर कानन देसाई ने देर रात बताया कि 265 लोगों की मौत हुई है।

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265 शव अस्पताल पहुंचे

पुलिस डिप्टी कमिश्नर कानन देसाई ने कहा कि हमें प्राप्त संदेश के अनुसार 265 शव अस्पताल पहुंच चुके हैं। इनमें 241 विमान सवारों के अलावा 4 एमबीबीएस छात्र और एक डॉक्टर की पत्नी भी शामिल हैं। बाकी शवों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी से पता चला कि विमान ने रनवे 23 की पूरी लंबाई का उपयोग करते हुए उड़ान भरी, जो 11,499 फीट लंबी पट्टी है, और मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया। हालांकि, उड़ान भरने के एक मिनट से भी कम समय में विमान का सिग्नल खो गया।

केंद्र सरकार ने बड़ा कदम

अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को जांच सौंपी गई है। यह जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के प्रोटोकॉल के तहत की जाएगी।

विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय समिति करेगी

नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) की ओर से निर्धारित प्रोटोकॉल के लिहाज से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। नायडू ने एक्स पर पोस्ट किया कि इसके अलावा, सरकार इस घटना की गहन जांच के लिए विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर रही है। उन्होंने बताया कि समिति विमानन सुरक्षा को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए काम करेगी।

क्रैश होने के बाद हॉस्पिटल की बिल्डिंग से टकराई प्लेन

बता दें कि फ्लाइट नंबर AI-171 अहमदाबाद से लंदन जा रही थी। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के कुछ मिनटों बाद ही एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया। आग लगते ही विमान 2.5 किमी दूर बीजे मेडिकल एंड सिविल हॉस्पिटल की बिल्डिंग से जा टकराया। इस बिल्डिंग में अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स रहते हैं। हादसे के समय इमारत में 50 से 60 डॉक्टर मौजूद थे, इनमें 15 से ज्यादा घायल हो गए हैं।

वहीं विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक समेत कुल 230 यात्री सवार थे। इनमें 103 पुरुष, 114 महिलाएं, 11 बच्चे और 2 नवजात थे। बाकी 12 क्रू मेंबर्स थे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने फीता काटकर दस्तक अभियान का किया शुभारंभ

रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस क्रैश, सात लोगों की दर्दनाक मौत

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, लातेहार निवासी होटल संचालक संजय कुमार आग की एक घटना में 65 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवकमल अस्पताल से दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही यह विमान हादसे का शिकार हो गया।

मृतकों में संजय कुमार, उनकी पत्नी, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक नर्सिंग स्टाफ, दो क्रू मेंबर और एक अन्य सहायक कर्मी शामिल हैं।

हादसे की खबर मिलते ही चतरा और लातेहार जिला प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और बचाव कार्य शुरू किया। चूंकि दुर्घटना स्थल घने जंगलों के बीच है, इसलिए बचाव दल को वहां पहुंचने और राहत कार्य संचालित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में सवार सभी सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सुरक्षा और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से घटनास्थल के आसपास के लगभग तीन किलोमीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इस गंभीर विमान दुर्घटना की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम को रवाना किया गया है, जिसके बाद ही क्रैश के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जीवनदान दिलाने की कोशिश में निकली यह यात्रा बेहद त्रासद अंत में तब्दील हो गई, जिससे लातेहार और चतरा सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

https://news4u36.in/kathavachak-yuvraj-pandey-threat-video-viral/

उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, ऑरेंज अलर्ट जारी, 24 जनवरी तक भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से की मुलाकात

नई दिल्ली, 4 अगस्त 2025: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर आज देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने दिवंगत शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया। इस दुखद घड़ी में उन्होंने मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन और अन्य परिजनों से भी मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल दें।

शिबू सोरेन का निधन झारखंड समेत पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है, और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कई गणमान्य व्यक्ति पहुंच रहे हैं।

विमान में मैकेनिकल समस्या नहीं थी..., रिपोर्ट के बाद उठे सवाल तो एअर इंडिया ने दिया जवाब

#what_did_air_india_ceo_say_on_aaib_preliminary_report 

गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को हुए प्लेन हादसे के पूरे एक महीने बाद शुरुआती रिपोर्ट सामने आई। इस हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट पर एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने साफ किया है कि विमान में कोई मैकेनिकल या मेंटेनेंस की खराबी नहीं थी।उन्होंने कहा कि किसी भी नतीजे पर जल्दबाजी में पहुंचना ठीक नहीं है। बता दें कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि विमान के फ्यूल स्विच 'रन' से 'कटऑफ' अवस्था में चले गए थे, जिसकी वजह से विमान क्रैश हो गया और इस हादसे में 242 विमान यात्रियों समेत 270 लोगों की मौत हो गई।

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शुरुआती रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही पायलट के फिट होने को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। इन्हीं सवालों के जवाब में एयर इंडिया के सीईओ का बयान सामने आया है। एयरलाइन के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने सोमवार को एक आंतरिक मेमो में कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हादसे के एक महीने बाद जारी की गई रिपोर्ट के दौरान एक भी पल ऐसा नहीं बीता जब हमने उन यात्रियों, दोस्तों, सहकर्मियों और लोगों के बारे में न सोचा हो जो इस दुर्घटना में मारे गए या घायल हुए।

जांच अभी पूरी नहीं हुई

मेमो में विल्सन ने कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट जारी होने के बाद हमें और दुनिया को यह पता चला कि असल में क्या हुआ था। इससे कुछ बातें साफ हुईं, लेकिन कुछ नए सवाल भी खड़े हो गए।' विल्सन ने आगे कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट में किसी कारण का पता नहीं चला है और न ही कोई सिफारिश की गई है। इसलिए मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष न निकालें, क्योंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

एएआईबी की रिपोर्ट में क्या?

इससे पहले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने शनिवार को एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। हादसे में 12 जून को 260 लोग मारे गए थे। अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही AI 171 उड़ान भरने वाला यह विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। एएआईबी की रिपोर्ट में कहा गया कि उड़ान संख्या एआई171 के दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति एक सेकंड के अंतराल पर बंद हो गई, जिससे कॉकपिट में अफरा-तफरी मच गई और उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान अपनी ऊंचाई खोने लगा। 15 पेज की रिपोर्ट में कहा गया कि कॉकपिट की वॉयस रिकॉर्डिंग में एक अज्ञात पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ईंधन क्यों बंद कर दिया? इससे दूसरे पायलट ने इनकार कर दिया। इस बीच भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ (आईसीपीए) ने कहा कि पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुई एआई171 उड़ान के चालक दल ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने प्रशिक्षण और जिम्मेदारियों के अनुसार काम किया। पायलटों को अनुमान के आधार पर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।

अहमदाबाद प्लेन क्रैश: एएआईबी रिपोर्ट में बताई गई हादसे की वजह, फ्यूल की सप्लाई हवा में ही बंद हो गई

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अहमदाबाद से 12 जून को एयर इंडिया की जिस फ्लाइट 171 ने लंदन के लिए उड़ान भरी थी वो क्रैश हो गई थी। इस भयानक हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। इस प्लेन क्रैश ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। हादसे के बाद से ही इसके पीछे के कारणों की जांच की जा रही थी। अब जांच में सामने आया है कि क्रैश के पीछे की वजह फ्यूल कंट्रोल स्विच हो सकता है। शुरुआती जांच के मुताबिक गलत फ्यूल सेटिंग या स्विच में संभावित खराबी, इंजन फेल का कारण बन सकती है।

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दोनों इंजनों को फ्यूल की सप्लाई हवा में ही बंद हो गई

एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन एक्सिडेंट ब्यूरो (एएआईबी) ने 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी है।एएआईबी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। एएआईबी ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि प्‍लेन के टेकऑफ करते ही दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच एक सेकेंड के अंदर कटऑप हो गए। जिसके चलते, इंजन में फ्यूल सप्‍लाई पहुंचना बंद गई। प्‍लेन अपना थ्रस्‍ट और पॉवर खोने लगा। महज कुछ के अंदर प्‍लेन अहमदाबाद एयरपोर्ट के समीप क्रैश हो गया।

दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच काम कर रहे थे

रिपोर्ट में यह बताया गया है कि क्रैश के बाद थ्रस्ट लीवर (जो इंजन की ताकत को नियंत्रित करता है) आईडल पोजिशन के पास पाए गए, लेकिन ब्लैक बॉक्स के डेटा से पता चला कि टकराव के वक्त तक ये लीवर फॉरवर्ड पोजिशन में ही थे। दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच भी उस समय RUN मोड में थे।

एक इंजन पर रिलाइट अटेम्प्ट का प्रयास विफल

फ्लाइट डेटा से पता चलता है कि इंजन 1 के लिए रिलाइट का प्रयास ऑटोमेटिक रूप से किया गया और सफल रहा, लेकिन इंजन 2 कई बार फ्यूल के रिएंट्री के बावजूद ठीक होने में विफल रहा।

क्रैश के समय इंजन बंद थे

विश्लेषण से पता चलता है कि विमान ने 8° का अगला भाग ऊपर की ओर झुका हुआ था और उसके पंख भी समतल थे, लेकिन दोनों इंजन निष्क्रिय थे। इससे विमान ऊपर जाने में असमर्थ था।

टेकऑफ मोड में कॉकपिट कंट्रोल नॉर्मल

फ्लैप और लैंडिंग गियर लीवर स्टैंडर्ड टेकऑफ स्थिति में थे; थ्रस्ट लीवर दुर्घटना के बाद निष्क्रिय अवस्था में पाए गए। हालांकि वे उड़ान के दौरान टेकऑफ थ्रस्ट पर थे। इससे इन-फ्लाइट कटऑफ की पुष्टि होती है।

साजिश के कोई संकेत नहीं

जांच में एक बड़ा संदेह भी अब दूर हो गया है। रिपोर्ट में साफ किया गया है कि टेकऑफ के समय फ्लैप की सेटिंग (5 डिग्री पर) और लैंडिंग गियर लीवर की स्थिति (नीचे) बिल्कुल सामान्य और मानक के अनुसार थी। एएआईबी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में विमान में किसी तरह की साजिश या तोड़फोड़ के कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं।

गंभीरता ने नहीं ली गई चेतावनी

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका की फेडरल एविएशन अथॉरिटी (एफएए) ने दिसंबर 2018 में फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर एक चेतावनी जारी की थी। एफएए ने कहा था कि कुछ बोइंग 737 विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग फीचर को निष्क्रिय स्थिति में पाया गया था। हालांकि, एफएए ने इसे इतना गंभीर नहीं माना कि इस पर अनिवार्य तकनीकी निर्देश (AD) जारी किया जाए।

अहमदाबाद विमान हादसे में 265 लोगों की मौत, सरकार जांच के लिए बनाएगी हाई लेवल कमेटी

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एयर इंडिया का लंदन जा रहा प्लेन गुरुवार दोपहर अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद क्रैश हो गया। इस हादसे में 265 लोग मारे गए। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और 12 क्रू मेंबर्स समेत 241 लोगों की मौत हो गई। हालांकि, डिप्टी कमिश्नर कानन देसाई ने देर रात बताया कि 265 लोगों की मौत हुई है।

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265 शव अस्पताल पहुंचे

पुलिस डिप्टी कमिश्नर कानन देसाई ने कहा कि हमें प्राप्त संदेश के अनुसार 265 शव अस्पताल पहुंच चुके हैं। इनमें 241 विमान सवारों के अलावा 4 एमबीबीएस छात्र और एक डॉक्टर की पत्नी भी शामिल हैं। बाकी शवों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी से पता चला कि विमान ने रनवे 23 की पूरी लंबाई का उपयोग करते हुए उड़ान भरी, जो 11,499 फीट लंबी पट्टी है, और मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया। हालांकि, उड़ान भरने के एक मिनट से भी कम समय में विमान का सिग्नल खो गया।

केंद्र सरकार ने बड़ा कदम

अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को जांच सौंपी गई है। यह जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के प्रोटोकॉल के तहत की जाएगी।

विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय समिति करेगी

नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) की ओर से निर्धारित प्रोटोकॉल के लिहाज से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। नायडू ने एक्स पर पोस्ट किया कि इसके अलावा, सरकार इस घटना की गहन जांच के लिए विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर रही है। उन्होंने बताया कि समिति विमानन सुरक्षा को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए काम करेगी।

क्रैश होने के बाद हॉस्पिटल की बिल्डिंग से टकराई प्लेन

बता दें कि फ्लाइट नंबर AI-171 अहमदाबाद से लंदन जा रही थी। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के कुछ मिनटों बाद ही एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया। आग लगते ही विमान 2.5 किमी दूर बीजे मेडिकल एंड सिविल हॉस्पिटल की बिल्डिंग से जा टकराया। इस बिल्डिंग में अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स रहते हैं। हादसे के समय इमारत में 50 से 60 डॉक्टर मौजूद थे, इनमें 15 से ज्यादा घायल हो गए हैं।

वहीं विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक समेत कुल 230 यात्री सवार थे। इनमें 103 पुरुष, 114 महिलाएं, 11 बच्चे और 2 नवजात थे। बाकी 12 क्रू मेंबर्स थे।

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