उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, ऑरेंज अलर्ट जारी, 24 जनवरी तक भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान
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सर्प संरक्षणकर्मी शिव खनाल सम्मानित
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से की मुलाकात
नई दिल्ली, 4 अगस्त 2025: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर आज देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने दिवंगत शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया। इस दुखद घड़ी में उन्होंने मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन और अन्य परिजनों से भी मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल दें।
शिबू सोरेन का निधन झारखंड समेत पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है, और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कई गणमान्य व्यक्ति पहुंच रहे हैं।
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विमान में मैकेनिकल समस्या नहीं थी..., रिपोर्ट के बाद उठे सवाल तो एअर इंडिया ने दिया जवाब
#what_did_air_india_ceo_say_on_aaib_preliminary_report
गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को हुए प्लेन हादसे के पूरे एक महीने बाद शुरुआती रिपोर्ट सामने आई। इस हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट पर एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने साफ किया है कि विमान में कोई मैकेनिकल या मेंटेनेंस की खराबी नहीं थी।उन्होंने कहा कि किसी भी नतीजे पर जल्दबाजी में पहुंचना ठीक नहीं है। बता दें कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि विमान के फ्यूल स्विच 'रन' से 'कटऑफ' अवस्था में चले गए थे, जिसकी वजह से विमान क्रैश हो गया और इस हादसे में 242 विमान यात्रियों समेत 270 लोगों की मौत हो गई।
शुरुआती रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही पायलट के फिट होने को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। इन्हीं सवालों के जवाब में एयर इंडिया के सीईओ का बयान सामने आया है। एयरलाइन के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने सोमवार को एक आंतरिक मेमो में कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हादसे के एक महीने बाद जारी की गई रिपोर्ट के दौरान एक भी पल ऐसा नहीं बीता जब हमने उन यात्रियों, दोस्तों, सहकर्मियों और लोगों के बारे में न सोचा हो जो इस दुर्घटना में मारे गए या घायल हुए।
जांच अभी पूरी नहीं हुई
मेमो में विल्सन ने कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट जारी होने के बाद हमें और दुनिया को यह पता चला कि असल में क्या हुआ था। इससे कुछ बातें साफ हुईं, लेकिन कुछ नए सवाल भी खड़े हो गए।' विल्सन ने आगे कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट में किसी कारण का पता नहीं चला है और न ही कोई सिफारिश की गई है। इसलिए मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष न निकालें, क्योंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
एएआईबी की रिपोर्ट में क्या?
इससे पहले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने शनिवार को एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। हादसे में 12 जून को 260 लोग मारे गए थे। अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही AI 171 उड़ान भरने वाला यह विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। एएआईबी की रिपोर्ट में कहा गया कि उड़ान संख्या एआई171 के दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति एक सेकंड के अंतराल पर बंद हो गई, जिससे कॉकपिट में अफरा-तफरी मच गई और उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान अपनी ऊंचाई खोने लगा। 15 पेज की रिपोर्ट में कहा गया कि कॉकपिट की वॉयस रिकॉर्डिंग में एक अज्ञात पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ईंधन क्यों बंद कर दिया? इससे दूसरे पायलट ने इनकार कर दिया। इस बीच भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ (आईसीपीए) ने कहा कि पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुई एआई171 उड़ान के चालक दल ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने प्रशिक्षण और जिम्मेदारियों के अनुसार काम किया। पायलटों को अनुमान के आधार पर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश: एएआईबी रिपोर्ट में बताई गई हादसे की वजह, फ्यूल की सप्लाई हवा में ही बंद हो गई
#aaibreportonairindiaplanecrash
अहमदाबाद से 12 जून को एयर इंडिया की जिस फ्लाइट 171 ने लंदन के लिए उड़ान भरी थी वो क्रैश हो गई थी। इस भयानक हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। इस प्लेन क्रैश ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। हादसे के बाद से ही इसके पीछे के कारणों की जांच की जा रही थी। अब जांच में सामने आया है कि क्रैश के पीछे की वजह फ्यूल कंट्रोल स्विच हो सकता है। शुरुआती जांच के मुताबिक गलत फ्यूल सेटिंग या स्विच में संभावित खराबी, इंजन फेल का कारण बन सकती है।
दोनों इंजनों को फ्यूल की सप्लाई हवा में ही बंद हो गई
एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन एक्सिडेंट ब्यूरो (एएआईबी) ने 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी है।एएआईबी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। एएआईबी ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि प्लेन के टेकऑफ करते ही दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच एक सेकेंड के अंदर कटऑप हो गए। जिसके चलते, इंजन में फ्यूल सप्लाई पहुंचना बंद गई। प्लेन अपना थ्रस्ट और पॉवर खोने लगा। महज कुछ के अंदर प्लेन अहमदाबाद एयरपोर्ट के समीप क्रैश हो गया।
दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच काम कर रहे थे
रिपोर्ट में यह बताया गया है कि क्रैश के बाद थ्रस्ट लीवर (जो इंजन की ताकत को नियंत्रित करता है) आईडल पोजिशन के पास पाए गए, लेकिन ब्लैक बॉक्स के डेटा से पता चला कि टकराव के वक्त तक ये लीवर फॉरवर्ड पोजिशन में ही थे। दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच भी उस समय RUN मोड में थे।
एक इंजन पर रिलाइट अटेम्प्ट का प्रयास विफल
फ्लाइट डेटा से पता चलता है कि इंजन 1 के लिए रिलाइट का प्रयास ऑटोमेटिक रूप से किया गया और सफल रहा, लेकिन इंजन 2 कई बार फ्यूल के रिएंट्री के बावजूद ठीक होने में विफल रहा।
क्रैश के समय इंजन बंद थे
विश्लेषण से पता चलता है कि विमान ने 8° का अगला भाग ऊपर की ओर झुका हुआ था और उसके पंख भी समतल थे, लेकिन दोनों इंजन निष्क्रिय थे। इससे विमान ऊपर जाने में असमर्थ था।
टेकऑफ मोड में कॉकपिट कंट्रोल नॉर्मल
फ्लैप और लैंडिंग गियर लीवर स्टैंडर्ड टेकऑफ स्थिति में थे; थ्रस्ट लीवर दुर्घटना के बाद निष्क्रिय अवस्था में पाए गए। हालांकि वे उड़ान के दौरान टेकऑफ थ्रस्ट पर थे। इससे इन-फ्लाइट कटऑफ की पुष्टि होती है।
साजिश के कोई संकेत नहीं
जांच में एक बड़ा संदेह भी अब दूर हो गया है। रिपोर्ट में साफ किया गया है कि टेकऑफ के समय फ्लैप की सेटिंग (5 डिग्री पर) और लैंडिंग गियर लीवर की स्थिति (नीचे) बिल्कुल सामान्य और मानक के अनुसार थी। एएआईबी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में विमान में किसी तरह की साजिश या तोड़फोड़ के कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं।
गंभीरता ने नहीं ली गई चेतावनी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका की फेडरल एविएशन अथॉरिटी (एफएए) ने दिसंबर 2018 में फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर एक चेतावनी जारी की थी। एफएए ने कहा था कि कुछ बोइंग 737 विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग फीचर को निष्क्रिय स्थिति में पाया गया था। हालांकि, एफएए ने इसे इतना गंभीर नहीं माना कि इस पर अनिवार्य तकनीकी निर्देश (AD) जारी किया जाए।
अहमदाबाद विमान हादसे में 265 लोगों की मौत, सरकार जांच के लिए बनाएगी हाई लेवल कमेटी
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एयर इंडिया का लंदन जा रहा प्लेन गुरुवार दोपहर अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद क्रैश हो गया। इस हादसे में 265 लोग मारे गए। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और 12 क्रू मेंबर्स समेत 241 लोगों की मौत हो गई। हालांकि, डिप्टी कमिश्नर कानन देसाई ने देर रात बताया कि 265 लोगों की मौत हुई है।
265 शव अस्पताल पहुंचे
पुलिस डिप्टी कमिश्नर कानन देसाई ने कहा कि हमें प्राप्त संदेश के अनुसार 265 शव अस्पताल पहुंच चुके हैं। इनमें 241 विमान सवारों के अलावा 4 एमबीबीएस छात्र और एक डॉक्टर की पत्नी भी शामिल हैं। बाकी शवों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी से पता चला कि विमान ने रनवे 23 की पूरी लंबाई का उपयोग करते हुए उड़ान भरी, जो 11,499 फीट लंबी पट्टी है, और मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया। हालांकि, उड़ान भरने के एक मिनट से भी कम समय में विमान का सिग्नल खो गया।
केंद्र सरकार ने बड़ा कदम
अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को जांच सौंपी गई है। यह जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के प्रोटोकॉल के तहत की जाएगी।
विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय समिति करेगी
नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) की ओर से निर्धारित प्रोटोकॉल के लिहाज से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। नायडू ने एक्स पर पोस्ट किया कि इसके अलावा, सरकार इस घटना की गहन जांच के लिए विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर रही है। उन्होंने बताया कि समिति विमानन सुरक्षा को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए काम करेगी।
क्रैश होने के बाद हॉस्पिटल की बिल्डिंग से टकराई प्लेन
बता दें कि फ्लाइट नंबर AI-171 अहमदाबाद से लंदन जा रही थी। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के कुछ मिनटों बाद ही एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया। आग लगते ही विमान 2.5 किमी दूर बीजे मेडिकल एंड सिविल हॉस्पिटल की बिल्डिंग से जा टकराया। इस बिल्डिंग में अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स रहते हैं। हादसे के समय इमारत में 50 से 60 डॉक्टर मौजूद थे, इनमें 15 से ज्यादा घायल हो गए हैं।
वहीं विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक समेत कुल 230 यात्री सवार थे। इनमें 103 पुरुष, 114 महिलाएं, 11 बच्चे और 2 नवजात थे। बाकी 12 क्रू मेंबर्स थे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने फीता काटकर दस्तक अभियान का किया शुभारंभ
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प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने दरभंगा जिले को दी लगभग 1500 करोड़ रुपये की सौगात,
पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज प्रगति यात्रा के क्रम में दरभंगा जिले को लगभग 1500 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने 186 योजनाओं से संबंधित शिलापट्टों का अनावरण कर उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इसके तहत 935.28 करोड़ रुपये की लागत से 89 योजनाओं का उद्घाटन एवं 561.75 करोड़ रुपये की लागत से 97 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
प्रगति यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री ने दरभंगा जिला अंतर्गत मुख्यमंत्री बाल आश्रय विकास योजना के तहत दरभंगा जिले के मौजा मनिहास में 200 आवासन के नवनिर्मित वृहद् आश्रय गृह भवन का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वृहद् आश्रय गृह प्रांगण एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर का निरीक्षण कर उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान नवनिर्मित वृहद आश्रय गृह दरभंगा पर आधारित लघु फिल्म मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शित की गई। अधिकारियों ने वृहद आश्रय गृह के संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि यह वृहद् आश्रय गृह 5 एकड़ भूमि में बनाया गया है, जिसमें 100 बालकों तथा 100 बालिकाओं के आवासन के साथ-साथ सेवा प्रदाताओं के रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नवनिर्मित वृहद आश्रय गृह के प्रांगण में सुरक्षा के दृष्टिकोण से 32 सी०सी०टीवी कैमरे आच्छादित किये गये हैं। पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइट लगाए गए हैं। फायर फाइटिंग अलार्म और स्मॉक अलार्म भी लगाये गये हैं। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने सिंहवाड़ा प्रखण्ड स्थित सिमरी में चंद्रसार पोखर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह काफी बड़ा पोखर है, जो 52 बीघा में स्थित है। लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इसके चारो तरफ सीढीनुमा घाट निर्माण कराएं और सघन वृक्षारोपण भी कराएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मखाना भंडार गृह निर्माण हेतु मखाना विकास योजना अंतर्गत सहायता अनुदान का सांकेतिक चेक लाभुकों को प्रदान किया। सिंहवाड़ा प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति से जुड़े लोगों से मुख्यमंत्री ने बातचीत की। इस दौरान सिंहवाड़ा प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति द्वारा मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री पंचायत सरकार भवन सिमरी के प्रांगण में सुधा डेयरी बूथ का फीता काटकर उद्घाटन किया। पंचायत सरकार भवन सिमरी के प्रांगण में बने प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति लिमिटेड का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पैक्स द्वारा किए जा रहे धान अधिप्राप्ति का चेक लाभुकों को प्रदान किया।
पंचायत सरकार भवन, सिमरी के प्रांगण में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा तथा आंगनबाड़ी केंद्र का फीता काटकर मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया। पंचायत सरकार भवन सिमरी के प्रांगण में स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर चिकित्सीय परामर्श कक्ष, प्रसव पूर्व जांच आदि का जायजा लिया। ग्राम पंचायत सरकार भवन सिमरी का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर न्यायालय कक्ष, पुस्तकालय आदि की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा मध्य विद्यालय सिमरी के प्रांगण में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सिंहवाड़ा का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्राओं द्वारा लिए जा रहे जूडो कराटे (आत्म) प्रशिक्षण को मुख्यमंत्री ने देखा एवं उसके बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। आत्म प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बच्चियों से मुख्यमंत्री ने बातचीत करते हुए उनकी प्रशंसा की और उन्हें बधाई दी। प्लस टू उच्च विद्यालय सिमरी के परिसर में दरभंगा जिला अंतर्गत विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उद्घाटन एवं शिलान्यास किए गए विकासात्मक योजनाओं से संबंधित पुस्तिका को जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने उच्च विद्यालय सिमरी परिसर में जीविका दीदियों एवं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। अवलोकन के क्रम में मुख्यमंत्री ने सतत् जीविकोपार्जन योजना अंतर्गत कुल 2391 परिवारों को 9 करोड़ 87 लाख 86 हजार रुपये का सांकेतिक चेक, 23384 जीविका स्वयं सहायता समूह एवं समूह से संबंधित कुल 93536 जीविका दीदियों को बैंक से क्रेडिट लिंकेज के रूप में प्राप्त वित्तीय सुविधा का 284 करोड़ 79 लाख रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया। साथ ही जीविका भवन की चाबी, सतत् जीविकोपार्जन योजना अंतर्गत संपोषित वाहन की चाबी, बिहार लघु उद्यमी योजना अंतर्गत प्रदत्त राशि का सांकेतिक चेक, आयुष्मान वय वंदना कार्ड, सतत् जीविकोपार्जन योजना अंतर्गत मनरेगा द्वारा निर्मित बकरी शेड की चाबी, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत निर्मित आवास की चाबी, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना का सांकेतिक चेक लाभुकों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों से बातचीत करते हुए कहा कि आप सभी बहुत अच्छा काम कर रही हैं। हम जहां भी जाते हैं वहां स्वयं सहायता समूह से जुड़ी जीविका दीदियों से जरूर बातचीत करते हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर जीविका दीदियां काफी मेहनत कर रही हैं। इससे उनकी आमदनी बढ़ रही है। साथ ही परिवार और समाज में उनका मान-सम्मान भी बढ़ा है। महिलाएं जहां पहले घर से बाहर निकलने में शर्माती थीं वहीं अब निःसंकोच न सिर्फ घरों से बाहर निकल रही हैं बल्कि कई प्रकार के कारोबार से जुड़कर अपने परिवार के भरण-पोषण में अहम भूमिका निभा रही हैं। स्वयं सहयता समूहों से जुड़ी महिलाओं का जीविका नाम हमने ही दिया। हमारे इस काम से प्रेरित होकर उस समय की केंद्र सरकार ने इसका नाम आजीविका किया। इसको आप सब भूलियेगा मत। मनरेगा योजना अंतर्गत ग्राम पंचायत सिमरी के प्लस टू वासुदेव उच्च विद्यालय के प्रांगण में 9.95 लाख रुपये की लागत से निर्मित खेल मैदान का भी रिमोट के माध्यम से मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया। दरभंगा के दिल्ली मोड़ स्थित न्यू बस स्टैंड को प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय/अंतर्राज्यीय बस पड़ाव स्थल के रुप में विकसित करने एवं दरभंगा बस स्टैंड को दरभंगा हवाई अड्डा के सिविल इनक्लेव से जोड़ने संबंधी प्रस्ताव के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने स्थल निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रस्तावित दरभंगा बस स्टैंड के भवन प्रारूप एवं मैप के माध्यम से पार्किंग, यात्रियों की सामान रखने की सुविधा, चार्जिंग प्वाइंट, कार्यालय भवन आदि की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इस दौरान मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना का सांकेतिक चेक एवं वाहन की चाबी लाभुकों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किया। मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तावित दरभंगा बस पड़ाव के संदर्भ में तैयार किए गए लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने हराही, दिग्धी, गंगा सागर तालाब का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों तालाबों को इंटर कनेक्ट करवाएं। ये तीनों तालाब आसपास ही स्थित है। इसके चारो तरफ सीढ़ीनुमा घाट का निर्माण कराएं ताकि सहूलियत पूर्वक लोगों की पहुंच पानी तक हो सके। इसके पश्चात् दरभंगा के दोनार चौक स्थित रेलवे गुमटी पर जाम की समस्या के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने दरभंगा जिला अंतर्गत राज्य उच्च पथ संख्या-56 पर दरभंगा-लहेरियासराय रेलवे स्टेशन के बीच लेबल क्रॉसिंग संख्या-25 एस०पी०एल० के बदले पहुंच पथ सहित आर०ओ०बी० का 134.67 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण के संबंध में मुख्यमंत्री को जानकारी दी।
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চন্দননগরকে ছাপিয়ে জগদ্দল এবারেও ভিড় কেড়েছে জগদ্ধাত্রী পুজোয়
*নিউজ ব্যুরো:* রাজ্যের সেরা আলোকসজ্জা থেকে জগদ্ধাত্রী ঠাকুর চন্দননগরে বিখ্যাত।কিন্তু দিন যত যাচ্ছে ওপারকে ছাপিয়ে উত্তর ২৪ পরগনার জগদ্দল ও ভাটপাড়া টেক্কা দিয়ে এপারের জগদ্ধাত্রী ঠাকুর বিখ্যাত হতে চলেছে। যেমন আলোকসজ্জা, তেমনি মাতৃরূপ নজর কেড়ে নিয়েছে দর্শকদের। পূজার শুরুর দিন থেকেই জনজোয়ারে ভাসছে জগদ্দল ও ভাটপাড়ার জগদ্ধাত্রী পুজো মণ্ডপে। তবে কোথাও ইসরো যান কোথাও থিম সব মিলিয়ে জমজমাট।
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*ছবি: প্রবীর রায়*
*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*
https://news4u36.in/kathavachak-yuvraj-pandey-threat-video-viral/
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उत्तराखंड में बदलेगा मौसम, ऑरेंज अलर्ट जारी, 24 जनवरी तक भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान
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सर्प संरक्षणकर्मी शिव खनाल सम्मानित
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से की मुलाकात
नई दिल्ली, 4 अगस्त 2025: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर आज देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने दिवंगत शिबू सोरेन के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया। इस दुखद घड़ी में उन्होंने मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन और अन्य परिजनों से भी मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में संबल दें।
शिबू सोरेन का निधन झारखंड समेत पूरे देश के लिए एक बड़ी क्षति है, और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कई गणमान्य व्यक्ति पहुंच रहे हैं।
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विमान में मैकेनिकल समस्या नहीं थी..., रिपोर्ट के बाद उठे सवाल तो एअर इंडिया ने दिया जवाब
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गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून को हुए प्लेन हादसे के पूरे एक महीने बाद शुरुआती रिपोर्ट सामने आई। इस हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट पर एअर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने साफ किया है कि विमान में कोई मैकेनिकल या मेंटेनेंस की खराबी नहीं थी।उन्होंने कहा कि किसी भी नतीजे पर जल्दबाजी में पहुंचना ठीक नहीं है। बता दें कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि विमान के फ्यूल स्विच 'रन' से 'कटऑफ' अवस्था में चले गए थे, जिसकी वजह से विमान क्रैश हो गया और इस हादसे में 242 विमान यात्रियों समेत 270 लोगों की मौत हो गई।
शुरुआती रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही पायलट के फिट होने को लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे। इन्हीं सवालों के जवाब में एयर इंडिया के सीईओ का बयान सामने आया है। एयरलाइन के सीईओ कैम्पबेल विल्सन ने सोमवार को एक आंतरिक मेमो में कई बातें कहीं। उन्होंने कहा कि हादसे के एक महीने बाद जारी की गई रिपोर्ट के दौरान एक भी पल ऐसा नहीं बीता जब हमने उन यात्रियों, दोस्तों, सहकर्मियों और लोगों के बारे में न सोचा हो जो इस दुर्घटना में मारे गए या घायल हुए।
जांच अभी पूरी नहीं हुई
मेमो में विल्सन ने कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट जारी होने के बाद हमें और दुनिया को यह पता चला कि असल में क्या हुआ था। इससे कुछ बातें साफ हुईं, लेकिन कुछ नए सवाल भी खड़े हो गए।' विल्सन ने आगे कहा, 'शुरुआती रिपोर्ट में किसी कारण का पता नहीं चला है और न ही कोई सिफारिश की गई है। इसलिए मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष न निकालें, क्योंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
एएआईबी की रिपोर्ट में क्या?
इससे पहले विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने शनिवार को एअर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी। हादसे में 12 जून को 260 लोग मारे गए थे। अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही AI 171 उड़ान भरने वाला यह विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। एएआईबी की रिपोर्ट में कहा गया कि उड़ान संख्या एआई171 के दोनों इंजनों की ईंधन आपूर्ति एक सेकंड के अंतराल पर बंद हो गई, जिससे कॉकपिट में अफरा-तफरी मच गई और उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान अपनी ऊंचाई खोने लगा। 15 पेज की रिपोर्ट में कहा गया कि कॉकपिट की वॉयस रिकॉर्डिंग में एक अज्ञात पायलट ने दूसरे से पूछा कि उसने ईंधन क्यों बंद कर दिया? इससे दूसरे पायलट ने इनकार कर दिया। इस बीच भारतीय वाणिज्यिक पायलट संघ (आईसीपीए) ने कहा कि पिछले महीने दुर्घटनाग्रस्त हुई एआई171 उड़ान के चालक दल ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने प्रशिक्षण और जिम्मेदारियों के अनुसार काम किया। पायलटों को अनुमान के आधार पर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश: एएआईबी रिपोर्ट में बताई गई हादसे की वजह, फ्यूल की सप्लाई हवा में ही बंद हो गई
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अहमदाबाद से 12 जून को एयर इंडिया की जिस फ्लाइट 171 ने लंदन के लिए उड़ान भरी थी वो क्रैश हो गई थी। इस भयानक हादसे में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी। इस प्लेन क्रैश ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। हादसे के बाद से ही इसके पीछे के कारणों की जांच की जा रही थी। अब जांच में सामने आया है कि क्रैश के पीछे की वजह फ्यूल कंट्रोल स्विच हो सकता है। शुरुआती जांच के मुताबिक गलत फ्यूल सेटिंग या स्विच में संभावित खराबी, इंजन फेल का कारण बन सकती है।
दोनों इंजनों को फ्यूल की सप्लाई हवा में ही बंद हो गई
एयरक्राफ्ट इन्वेस्टिगेशन एक्सिडेंट ब्यूरो (एएआईबी) ने 12 जून को अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी कर दी है।एएआईबी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है। एएआईबी ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि प्लेन के टेकऑफ करते ही दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच एक सेकेंड के अंदर कटऑप हो गए। जिसके चलते, इंजन में फ्यूल सप्लाई पहुंचना बंद गई। प्लेन अपना थ्रस्ट और पॉवर खोने लगा। महज कुछ के अंदर प्लेन अहमदाबाद एयरपोर्ट के समीप क्रैश हो गया।
दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच काम कर रहे थे
रिपोर्ट में यह बताया गया है कि क्रैश के बाद थ्रस्ट लीवर (जो इंजन की ताकत को नियंत्रित करता है) आईडल पोजिशन के पास पाए गए, लेकिन ब्लैक बॉक्स के डेटा से पता चला कि टकराव के वक्त तक ये लीवर फॉरवर्ड पोजिशन में ही थे। दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच भी उस समय RUN मोड में थे।
एक इंजन पर रिलाइट अटेम्प्ट का प्रयास विफल
फ्लाइट डेटा से पता चलता है कि इंजन 1 के लिए रिलाइट का प्रयास ऑटोमेटिक रूप से किया गया और सफल रहा, लेकिन इंजन 2 कई बार फ्यूल के रिएंट्री के बावजूद ठीक होने में विफल रहा।
क्रैश के समय इंजन बंद थे
विश्लेषण से पता चलता है कि विमान ने 8° का अगला भाग ऊपर की ओर झुका हुआ था और उसके पंख भी समतल थे, लेकिन दोनों इंजन निष्क्रिय थे। इससे विमान ऊपर जाने में असमर्थ था।
टेकऑफ मोड में कॉकपिट कंट्रोल नॉर्मल
फ्लैप और लैंडिंग गियर लीवर स्टैंडर्ड टेकऑफ स्थिति में थे; थ्रस्ट लीवर दुर्घटना के बाद निष्क्रिय अवस्था में पाए गए। हालांकि वे उड़ान के दौरान टेकऑफ थ्रस्ट पर थे। इससे इन-फ्लाइट कटऑफ की पुष्टि होती है।
साजिश के कोई संकेत नहीं
जांच में एक बड़ा संदेह भी अब दूर हो गया है। रिपोर्ट में साफ किया गया है कि टेकऑफ के समय फ्लैप की सेटिंग (5 डिग्री पर) और लैंडिंग गियर लीवर की स्थिति (नीचे) बिल्कुल सामान्य और मानक के अनुसार थी। एएआईबी ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच में विमान में किसी तरह की साजिश या तोड़फोड़ के कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं।
गंभीरता ने नहीं ली गई चेतावनी
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अमेरिका की फेडरल एविएशन अथॉरिटी (एफएए) ने दिसंबर 2018 में फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर एक चेतावनी जारी की थी। एफएए ने कहा था कि कुछ बोइंग 737 विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग फीचर को निष्क्रिय स्थिति में पाया गया था। हालांकि, एफएए ने इसे इतना गंभीर नहीं माना कि इस पर अनिवार्य तकनीकी निर्देश (AD) जारी किया जाए।
अहमदाबाद विमान हादसे में 265 लोगों की मौत, सरकार जांच के लिए बनाएगी हाई लेवल कमेटी
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एयर इंडिया का लंदन जा रहा प्लेन गुरुवार दोपहर अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद क्रैश हो गया। इस हादसे में 265 लोग मारे गए। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और 12 क्रू मेंबर्स समेत 241 लोगों की मौत हो गई। हालांकि, डिप्टी कमिश्नर कानन देसाई ने देर रात बताया कि 265 लोगों की मौत हुई है।
265 शव अस्पताल पहुंचे
पुलिस डिप्टी कमिश्नर कानन देसाई ने कहा कि हमें प्राप्त संदेश के अनुसार 265 शव अस्पताल पहुंच चुके हैं। इनमें 241 विमान सवारों के अलावा 4 एमबीबीएस छात्र और एक डॉक्टर की पत्नी भी शामिल हैं। बाकी शवों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी से पता चला कि विमान ने रनवे 23 की पूरी लंबाई का उपयोग करते हुए उड़ान भरी, जो 11,499 फीट लंबी पट्टी है, और मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया। हालांकि, उड़ान भरने के एक मिनट से भी कम समय में विमान का सिग्नल खो गया।
केंद्र सरकार ने बड़ा कदम
अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) को जांच सौंपी गई है। यह जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के प्रोटोकॉल के तहत की जाएगी।
विशेषज्ञों की उच्च स्तरीय समिति करेगी
नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) की ओर से निर्धारित प्रोटोकॉल के लिहाज से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। नायडू ने एक्स पर पोस्ट किया कि इसके अलावा, सरकार इस घटना की गहन जांच के लिए विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर रही है। उन्होंने बताया कि समिति विमानन सुरक्षा को मजबूत करने और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए काम करेगी।
क्रैश होने के बाद हॉस्पिटल की बिल्डिंग से टकराई प्लेन
बता दें कि फ्लाइट नंबर AI-171 अहमदाबाद से लंदन जा रही थी। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के कुछ मिनटों बाद ही एयर इंडिया का प्लेन क्रैश हो गया। आग लगते ही विमान 2.5 किमी दूर बीजे मेडिकल एंड सिविल हॉस्पिटल की बिल्डिंग से जा टकराया। इस बिल्डिंग में अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स रहते हैं। हादसे के समय इमारत में 50 से 60 डॉक्टर मौजूद थे, इनमें 15 से ज्यादा घायल हो गए हैं।
वहीं विमान में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक समेत कुल 230 यात्री सवार थे। इनमें 103 पुरुष, 114 महिलाएं, 11 बच्चे और 2 नवजात थे। बाकी 12 क्रू मेंबर्स थे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने फीता काटकर दस्तक अभियान का किया शुभारंभ
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प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने दरभंगा जिले को दी लगभग 1500 करोड़ रुपये की सौगात,
पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज प्रगति यात्रा के क्रम में दरभंगा जिले को लगभग 1500 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने 186 योजनाओं से संबंधित शिलापट्टों का अनावरण कर उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इसके तहत 935.28 करोड़ रुपये की लागत से 89 योजनाओं का उद्घाटन एवं 561.75 करोड़ रुपये की लागत से 97 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
प्रगति यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री ने दरभंगा जिला अंतर्गत मुख्यमंत्री बाल आश्रय विकास योजना के तहत दरभंगा जिले के मौजा मनिहास में 200 आवासन के नवनिर्मित वृहद् आश्रय गृह भवन का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वृहद् आश्रय गृह प्रांगण एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर का निरीक्षण कर उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान नवनिर्मित वृहद आश्रय गृह दरभंगा पर आधारित लघु फिल्म मुख्यमंत्री के समक्ष प्रदर्शित की गई। अधिकारियों ने वृहद आश्रय गृह के संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि यह वृहद् आश्रय गृह 5 एकड़ भूमि में बनाया गया है, जिसमें 100 बालकों तथा 100 बालिकाओं के आवासन के साथ-साथ सेवा प्रदाताओं के रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नवनिर्मित वृहद आश्रय गृह के प्रांगण में सुरक्षा के दृष्टिकोण से 32 सी०सी०टीवी कैमरे आच्छादित किये गये हैं। पर्याप्त संख्या में स्ट्रीट लाइट लगाए गए हैं। फायर फाइटिंग अलार्म और स्मॉक अलार्म भी लगाये गये हैं। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने सिंहवाड़ा प्रखण्ड स्थित सिमरी में चंद्रसार पोखर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह काफी बड़ा पोखर है, जो 52 बीघा में स्थित है। लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इसके चारो तरफ सीढीनुमा घाट निर्माण कराएं और सघन वृक्षारोपण भी कराएं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मखाना भंडार गृह निर्माण हेतु मखाना विकास योजना अंतर्गत सहायता अनुदान का सांकेतिक चेक लाभुकों को प्रदान किया। सिंहवाड़ा प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति से जुड़े लोगों से मुख्यमंत्री ने बातचीत की। इस दौरान सिंहवाड़ा प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति द्वारा मुख्यमंत्री को प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री पंचायत सरकार भवन सिमरी के प्रांगण में सुधा डेयरी बूथ का फीता काटकर उद्घाटन किया। पंचायत सरकार भवन सिमरी के प्रांगण में बने प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति लिमिटेड का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पैक्स द्वारा किए जा रहे धान अधिप्राप्ति का चेक लाभुकों को प्रदान किया।
पंचायत सरकार भवन, सिमरी के प्रांगण में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा तथा आंगनबाड़ी केंद्र का फीता काटकर मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया। पंचायत सरकार भवन सिमरी के प्रांगण में स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर चिकित्सीय परामर्श कक्ष, प्रसव पूर्व जांच आदि का जायजा लिया। ग्राम पंचायत सरकार भवन सिमरी का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर न्यायालय कक्ष, पुस्तकालय आदि की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड द्वारा मध्य विद्यालय सिमरी के प्रांगण में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सिंहवाड़ा का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्राओं द्वारा लिए जा रहे जूडो कराटे (आत्म) प्रशिक्षण को मुख्यमंत्री ने देखा एवं उसके बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। आत्म प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बच्चियों से मुख्यमंत्री ने बातचीत करते हुए उनकी प्रशंसा की और उन्हें बधाई दी। प्लस टू उच्च विद्यालय सिमरी के परिसर में दरभंगा जिला अंतर्गत विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उद्घाटन एवं शिलान्यास किए गए विकासात्मक योजनाओं से संबंधित पुस्तिका को जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को भेंट किया।
मुख्यमंत्री ने उच्च विद्यालय सिमरी परिसर में जीविका दीदियों एवं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया। अवलोकन के क्रम में मुख्यमंत्री ने सतत् जीविकोपार्जन योजना अंतर्गत कुल 2391 परिवारों को 9 करोड़ 87 लाख 86 हजार रुपये का सांकेतिक चेक, 23384 जीविका स्वयं सहायता समूह एवं समूह से संबंधित कुल 93536 जीविका दीदियों को बैंक से क्रेडिट लिंकेज के रूप में प्राप्त वित्तीय सुविधा का 284 करोड़ 79 लाख रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया। साथ ही जीविका भवन की चाबी, सतत् जीविकोपार्जन योजना अंतर्गत संपोषित वाहन की चाबी, बिहार लघु उद्यमी योजना अंतर्गत प्रदत्त राशि का सांकेतिक चेक, आयुष्मान वय वंदना कार्ड, सतत् जीविकोपार्जन योजना अंतर्गत मनरेगा द्वारा निर्मित बकरी शेड की चाबी, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत निर्मित आवास की चाबी, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना का सांकेतिक चेक लाभुकों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों से बातचीत करते हुए कहा कि आप सभी बहुत अच्छा काम कर रही हैं। हम जहां भी जाते हैं वहां स्वयं सहायता समूह से जुड़ी जीविका दीदियों से जरूर बातचीत करते हैं। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर जीविका दीदियां काफी मेहनत कर रही हैं। इससे उनकी आमदनी बढ़ रही है। साथ ही परिवार और समाज में उनका मान-सम्मान भी बढ़ा है। महिलाएं जहां पहले घर से बाहर निकलने में शर्माती थीं वहीं अब निःसंकोच न सिर्फ घरों से बाहर निकल रही हैं बल्कि कई प्रकार के कारोबार से जुड़कर अपने परिवार के भरण-पोषण में अहम भूमिका निभा रही हैं। स्वयं सहयता समूहों से जुड़ी महिलाओं का जीविका नाम हमने ही दिया। हमारे इस काम से प्रेरित होकर उस समय की केंद्र सरकार ने इसका नाम आजीविका किया। इसको आप सब भूलियेगा मत। मनरेगा योजना अंतर्गत ग्राम पंचायत सिमरी के प्लस टू वासुदेव उच्च विद्यालय के प्रांगण में 9.95 लाख रुपये की लागत से निर्मित खेल मैदान का भी रिमोट के माध्यम से मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया। दरभंगा के दिल्ली मोड़ स्थित न्यू बस स्टैंड को प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय/अंतर्राज्यीय बस पड़ाव स्थल के रुप में विकसित करने एवं दरभंगा बस स्टैंड को दरभंगा हवाई अड्डा के सिविल इनक्लेव से जोड़ने संबंधी प्रस्ताव के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने स्थल निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रस्तावित दरभंगा बस स्टैंड के भवन प्रारूप एवं मैप के माध्यम से पार्किंग, यात्रियों की सामान रखने की सुविधा, चार्जिंग प्वाइंट, कार्यालय भवन आदि की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इस दौरान मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना का सांकेतिक चेक एवं वाहन की चाबी लाभुकों को मुख्यमंत्री ने प्रदान किया। मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तावित दरभंगा बस पड़ाव के संदर्भ में तैयार किए गए लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने हराही, दिग्धी, गंगा सागर तालाब का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों तालाबों को इंटर कनेक्ट करवाएं। ये तीनों तालाब आसपास ही स्थित है। इसके चारो तरफ सीढ़ीनुमा घाट का निर्माण कराएं ताकि सहूलियत पूर्वक लोगों की पहुंच पानी तक हो सके। इसके पश्चात् दरभंगा के दोनार चौक स्थित रेलवे गुमटी पर जाम की समस्या के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने दरभंगा जिला अंतर्गत राज्य उच्च पथ संख्या-56 पर दरभंगा-लहेरियासराय रेलवे स्टेशन के बीच लेबल क्रॉसिंग संख्या-25 एस०पी०एल० के बदले पहुंच पथ सहित आर०ओ०बी० का 134.67 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण के संबंध में मुख्यमंत्री को जानकारी दी।
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চন্দননগরকে ছাপিয়ে জগদ্দল এবারেও ভিড় কেড়েছে জগদ্ধাত্রী পুজোয়
*নিউজ ব্যুরো:* রাজ্যের সেরা আলোকসজ্জা থেকে জগদ্ধাত্রী ঠাকুর চন্দননগরে বিখ্যাত।কিন্তু দিন যত যাচ্ছে ওপারকে ছাপিয়ে উত্তর ২৪ পরগনার জগদ্দল ও ভাটপাড়া টেক্কা দিয়ে এপারের জগদ্ধাত্রী ঠাকুর বিখ্যাত হতে চলেছে। যেমন আলোকসজ্জা, তেমনি মাতৃরূপ নজর কেড়ে নিয়েছে দর্শকদের। পূজার শুরুর দিন থেকেই জনজোয়ারে ভাসছে জগদ্দল ও ভাটপাড়ার জগদ্ধাত্রী পুজো মণ্ডপে। তবে কোথাও ইসরো যান কোথাও থিম সব মিলিয়ে জমজমাট।
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*ছবি: প্রবীর রায়*
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