दिल्ली में इंटरनेट बंद पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी, हलफनामा में कहा- जानबूझकर नहीं किया

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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के चलते 10 अक्टूबर को कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवा बाधित हुई थी। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई थी। इस मामले में केंद्र की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया गया है। केंद्र ने इसे बिना अनुमति प्रदर्शन रोकने के लिए उठाया गया कदम बताया और बिना शर्त माफी मांगी।

अवमानना के आरोपों से इनकार

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बुधवार की देर शाम को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के अवमानना नोटिस का जवाब दिया। इसमें केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। हालांकि, गोविंद मोहन ने अवमानना के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इंटरनेट पाबंदियां लगाने के संबंध में 9 अक्टूबर को दिए गए कोर्ट के आदेश का कोई जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया गया।

नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन का हवाला

सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर केंद्र सरकार की ओर से गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि 9 अक्टूबर को केंद्र सरकार की ओर से लगाई गई पाबंदियों का मकसद शांति बनाए रखना और कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकना था। उन्होंने बताया कि बिना जरूरी अनुमति के एक विरोध प्रदर्शन होने वाला था। साथ ही, उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस को आए अनुभवों का भी हवाला दिया।

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को बंद रही थी सेवाएं

बता दें कि केंद्र के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को रात 10 बजे तक एक दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का अनुरोध किया था। सरकार ने इस अनुरोध पर विचार करने के बाद इसे मंजूरी दी थी। जिसके बाद दिल्ली में प्रदर्शन वाले इलाके में इंटरनेट सेवा बाधित रही थी। दिल्ली के रायसीना हिल के चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट प्रतिबंध था। यह पाबंदी केवल मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर थी, इसमें वाई-फाई और ब्रॉडबैंड कनेक्शन शामिल नहीं थे।

यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत से छोड़ा गया, फिर हो सकते हैं गिरफ्तार, पुलिस ने चेताया

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जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल होने जर्मनी से आए यूट्यूबर ध्रुव राठी को देर रात दिल्ली पुलिस ने छोड़ दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी के शनिवार को हुए प्रदर्शन से पहले ही उन्हें गुरुग्राम में उनके घर से हिरासत में ले लिया गया था। कल ही देर रात ध्रुव राठी को रिहा कर दिया गया। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि ध्रुव राठी ने फिर से जंतर-मंतर जाने की कोशिश की तो उनके खिलाफ फिर से एक्‍शन लिया जाएगा।

शनिवार देर रात रिहा किए गए राठी

पुलिस ने साफ किया है कि अगर ध्रुव राठी प्रतिबंधात्मक आदेशों के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है या उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली में कॉकरोचत जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राठी को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-56 में उनके घर से हिरासत में लिया था। यूट्यूबर ध्रुव राठी को शनिवार देर रात रिहा कर दिया गया।

इंस्टाग्राम पर जारी किया था वीडियो

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से एक दिन पहले शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर ध्रुव राठी ने एक वीडियो भी जारी किया था। शेयर किए गए एक वीडियो में ध्रुव राठी ने विरोध प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में लगाई गई भारी सुरक्षा और परिवहन पाबंदियों पर सवाल उठाए थे। राठी ने कहा था,'मैं दिल्ली पहुंच गया हूं। और मैंने देखा कि हमारे प्रधानमंत्री ने यहां क्या व्यवस्था की है। 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। बसें रद्द कर दी गई हैं। और हमारे विरोध प्रदर्शन के कारण वे लगभग दिल्ली को लॉकडाउन में डाल रहे हैं।' ध्रुव राठी ने इतनी कड़ी पाबंदियों की जरूरत पर भी सवाल उठाते हुए कहा था कि भाजपा से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स दावा कर रहे हैं कि विरोध प्रदर्शन में बहुत कम भीड़ आएगी।

अभिजीत दीपके हिरासत में, रांका और सौरभ भी किए गए डिटेन, प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पहुंचते ही एक्शन

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट से पहले ही दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में है। फेमस यूट्यूबर ध्रुव राठी सहित अब तक 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है। अब दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशतोष रांका को हिरासत में ले लिया है। अहम बात यह है कि वे फ्लाइट उतर तक नहीं पाए थे और पुलिस ने डिटेन कर लिया।

एयरपोर्ट पर लैंड करते ही हिरासत में

दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और उनके साथियों को हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों की मानें तो आईजीआई एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके और उनके साथियों को पहले समझाया गया कि वो नई दिल्ली के इलाके में न जाएं। मगर उन्होंने बात नहीं मानी। मजबूरन पुलिस को अभिजीत दीपके और उनके साथियों को हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर जाने से रोक रही पुलिस

दिल्ली पुलिस इस बात का खासतौर पर ध्यान रख रही है कि किसी भी हालत में प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर तक न पहुंच सकें। दिल्ली से लगने वाली सभी बॉर्डर पर भी भारी तादाद में पुलिसकर्मी तैनात हैं। गाड़ियों की रोक-रोक कर तलाशी ली जा रही है, जो भी वाहनकर्मी संदिग्ध लग रहा है उसे डिटेन किया जा रहा है।

सीजेपी के प्रदर्शन को नहीं मिला सोनम वांगचुक का साथ, बोले-और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा

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कॉकरोच जनता पार्टी आज दिल्ली की सड़कों पर है। सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन है। ये प्रोटेस्ट चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। इधर सोनम वांगचुक ने इस प्रोटेस्ट से खुद को अलग कर लिया है। पिछले सीजेपी प्रोटेस्ट का अहम चेहरा रहे सोनम वांगचुक आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। वांगुचक ने इसको लेकर पोस्ट शेयर की है और कारण बताया है।

आज के आंदलोन से क्यों नहीं जुड़ेंगे सोनम?

पर्यावरण और एजुकेशन पर काम करने वाले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं। सोनम वांगचुक ने एक्स पर लिखा-'मैं दिल्ली में आप सबके साथ क्यों नहीं जुड़ पाऊंगा...! सरकार की तरफ से हमारे काम में रुकावट डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद हम देश की सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे...और आने वाली सर्दियों के लिए तैयारियां कर रहे हैं। इसमें पानी की सुरक्षा के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना और GLOF (ग्लेशियर झील में बाढ़) से सुरक्षा के लिए प्रयोग करना शामिल है...ताकि ऊंचे हिमालय में मौजूद 200 से ज्यादा 'टिकिंग वॉटर बॉम्ब' (कभी भी फटने को तैयार पानी के खतरनाक भंडार) के खतरे को कम किया जा सके।'

फैज साहब के लिखे शब्दों का लिया सहारा

वांगचुक ने फैज साहब के लिखे शब्दों के माध्यम से कहा कि 'और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा। मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील करता हूं। मैं GenZ के सभी दोस्तों से आग्रह करता हूं कि वे हर हाल में पूरी तरह शांति बनाए रखें। यह बापू का दिया हुआ तोहफा था, जिसे मैं जून में जंतर-मंतर ले जाने की कोशिश कर रहा था। मुझे उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे।'

नीट पेपर लीक मामले में वांगचुक ने की भी भूख हड़ताल

बता दें कि इससे पहले वांगचुक सीजेपी के जुलाई वाले विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थे। इस आंदोलन में परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में वे जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने 23 जुलाई को गुरुग्राम के एक अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म की। उन्होंने कहा कि कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए उन्होंने अपना अनशन तोड़ा।

द‍िल्‍ली के 57 मेट्रो स्‍टेशन आज रात 9 बजे से रहेंगे बंद, पुलिस के प्रस्ताव को डीएमआरसी की मंजूरी

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दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का फ़ैसला लिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी। डीएमआरसी के मुताबिक़, 9 अक्तूबर, 2026 को रात 9 बजे से इन स्टेशनों को बंद कर दिया जाएगा। ये स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे।

सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला

डीएमआरसी ने एक्स पर लिखा, "सुरक्षा कारणों से, इन मेट्रो स्टेशनों पर 9 अक्तूबर, 2026 को रात 09:00 बजे से एंट्री और एग्ज़िट के रास्ते बंद रहेंगे। यह रोक 10 अक्तूबर, 2026 को भी अगले आदेश तक जारी रहेगी। हालांकि, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर, सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।" इसका मतलब है कि यात्री एक लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकेंगे। लेकिन वे स्टेशन से बाहर नहीं निकल पाएंगे। साथ ही, इन स्टेशनों में प्रवेश भी नहीं कर पाएंगे।

10 घंटे तक दिल्ली और निज़ामुद्दीन स्टेशन बंद

इधर, भारतीय रेलवे ने शनिवार, 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने और वहाँ से रवाना होने वाली सभी ट्रेनों को 10 घंटे के लिए रद्द कर दिया है। शनिवार सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली सभी ट्रेन सेवाएं रद्द रहेंगी। विरोध प्रदर्शन के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा कम करने के लिए यह फ़ैसला लिया गया है।

सीजेपी को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर मंतर पर 10 अक्तूबर से आंदोलन की घोषणा की है। सीजेपी के इस आंदोलन का विपक्ष समर्थन कर रहा है लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाज़त नहीं दी है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की जॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, ''कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास से हमें एक आवेदन मिला है। इस आवेदन पर विचार किया गया, लेकिन पाया गया कि प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी, जबकि निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन से 10 दिन पहले सूचना देना ज़रूरी है।'' नूपुर प्रसाद ने कहा, ''यह बताना भी ज़रूरी है कि इससे पहले जब सीजेपी को वहाँ विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तब पार्टी ने क़ानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था और उस समय दिए गए अपने आश्वासनों का भी उल्लंघन किया था।''

दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन कल हो सकते बंद, नई दिल्ली और निजामुद्दीन पहुंचने वाली ट्रेनें भी रहेंगी रद्द

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दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रदर्शन के आह्वान किया है। इससे पहले दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। इस बीच दिल्लीवालों के ल‍िए बड़ी खबर है। आज रात से द‍िल्‍ली मेट्रो के 57 मेट्रो स्टेशन बंद हो सकते हैं। डीएमआरसी मेट्रो स्‍टेशनों को लेकर यह बड़ा फैसला ले सकता है। वहीं, सीजेपी के प्रदर्शन के बीच रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने ट्रैफिक जाम का हवाला देते हुए 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निज़ामुद्दीन पहुंचने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया है।

डीएमआरसी की ओर से अंतिम पुष्टि का इंतजार

दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर डीएमआरसी को लेटर लिखा है और हालात को काबू में रखने के लिए कई मेट्रो स्टेशन बंद रखने का प्रस्ताव दिया है। आज रात 9 बजे से कल तक मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों को भेजा गया है। डीएमआरसी की ओर से इस पर अंतिम पुष्टि का इंतजार है।

57 मेट्रो स्टेशन हो सकते हैं बंद

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों और बेकाबू भीड़ के जमा होने की आशंका को देखते हुए, 9 अक्टूबर को रात 9:00 बजे से लेकर 10 अक्टूबर को हालात सामान्य होने तक दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों के एंट्री/एक्जिट गेट बंद किए जा सकते हैं। दिल्ली मेट्रो पुलिस की ओर से डीएमआरसी को लिखे गए एक पत्र के अनुसार, 10 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी के 57 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एक्जिट गेट बंद करने और इन स्टेशनों पर ट्रेनों की संख्या कम करने का प्रस्ताव दिया है।

रेलवे ने लिया बड़ा फैसला

इस बीच रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। ट्रैफ़िक जाम की वजह से रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन पहुँचने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 10 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आस-पास के इलाक़े में सड़क पर भारी ट्रैफ़िक जाम की आशंका को देखते हुए यह फ़ैसला लिया गया है।

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर खुफिया इनपुट, बढ़ाई गई चौकसी, 26 हजार से ज्यादा जवान तैनात

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भारतीय निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। जिसको लेकर सड़कों पर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन प्रस्तावित है। सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन रहेगा जारी

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा कर चुके हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने शनिवार को जंतर मंतर पर धरने का आह्वान किया है। इस बड़े विरोध प्रदर्शन में कई अन्य विपक्षी दलों के शामिल होने की भी संभावना है।

प्रदर्शन की अनुमति नहीं

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस के खुफिया विभाग ने प्रदर्शन को लेकर इनपुट मिलने की बात कही है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं। ऐसे में जंतर-मंतर तक किसी भी अनधिकृत जमावड़े को पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति होने वाले किसी भी प्रदर्शन या जमावड़े में शामिल नहीं होने की अपील की है।

दिल्ली में 26,000 से ज्यादा जवान तैनात

सीजेपी दो महीने पहले, नीट-यूजी पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर थी। इस दौरान काफी बवाल देखने को मिला। अब सीजेपी के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर है। ऐसे में हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 26,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।

महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर

जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ कंपनियां आ रही हैं। ये अतिरिक्त बल प्रदर्शनों को संभालने, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुरक्षा करने और केंद्रीय दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेंगे। महिलाओं की बड़ी संख्या में शामिल होने की आशंका को देखते हुए पांच महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर होंगी।

राहुल गांधी और प्रियंका के खिलाफ केस दर्ज, आकाशवाणी कार्यालय में जबरन घुसने का आरोप

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चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन के परिसर में बिना अनुमति के दाखिल होने और वहां धरना देने के मामले में दिल्ली पुलिस ने संज्ञान लिया है। पुलिस ने बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्षी दलों के गठबंधन के कई अन्य सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

राहुल-प्रियंका समेत कई अन्य पर एफआईआर

दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य लोगों के खिलाफ आकाशवाणी कार्यालय में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई सांसदों पर आकाशवाणी कार्यालय में जबरन प्रवेश करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों से आकाशवाणी भवन परिसर खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया।

सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ निकाला था मार्च

एक दिन पहले ही सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया था। प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी और न ही पुलिस की ओर से इसकी अनुमति दी गई थी। निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं और सांसदों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। इसी दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहां भी विरोध-प्रदर्शन जारी रखा।

प्रवेश वर्मा के थप्पड़ कांड से चढ़ा दिल्ली का सियासी पारा, डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी

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पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा वीडियो बना रहे युवक को थप्पड़ मारने के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई। आम आदमी पार्टी (आप) समेत विपक्षी दल मंत्री की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी घटना के बाद डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। न केवल पार्टी, बल्कि खुद प्रवेश ने भी माना कि जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था, लेकिन इसके बाद भी यह विवाद अभी आसानी से थमता नहीं दिख रहा है।

प्रवेश वर्मा ने वीडियो बना रहे युवक को थप्पड़ जड़ा

दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा रविवार को तिलक नगर में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता जांचने पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक वहां आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह भी मौजूद थे। सड़क की जांच के दौरान उस समय विवाद बढ़ गया, जब आप विधायक के साथ पहुंचे वीडियोग्राफर ने वीडियो बनाना शुरू किया। आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह भी मौजूद थे और वे जब प्रवेश वर्मा को सड़क उखाड़कर दिखा रहे थे तो युवा उसका वीडियो शूट कर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान मंत्री ने युवक को थप्पड़ मार दिया।

बीजेपी और आप आमने-सामने

इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और दोनों ओर से एक दूसरे पर हमले व बयानबाजी हो रही है। जहां आम आदमी पार्टी इस घटना के वीडियो पोस्ट कर बीजेपी पर गुंडागर्दी के आरोप लगा रही है, वहीं मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह पर सड़क बनाने में कमीशन मांगने और जिस युवा को थप्पड़ मारा है उस पर गालियां देने का आरोप लगाया है।

मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने मांग

घटना के बाद आप नेताओं ने पीडब्ल्यूडी मंत्री के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने मांग की। इसी मांग को लेकर रविवार रात सौरभ भारद्वाज, जनरैल सिंह और कुलदीप कुमार कार्यकर्ताओं के साथ डीसीपी कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। आप नेताओं का आरोप था कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज नहीं किया। पुलिस ने शिकायत की जांच किए जाने की बात कही। इससे नाराज आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीसीपी कार्यलय के बाहर सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। रात करीब 10:45 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर किया।

प्रवेश सिंह ने लगाया परिवार को गालियां देने का आरोप

थप्पड़ के मामले में प्रवेश साहिब सिंह का कहना है कि आप जरनैल सिंह के कार्यकर्ता ने उनके परिवार को गाली दी थी, जिससे आवेश में आकर उन्होंने हाथ उठाया। प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, 'आप' के कुछ नेता जो विडियो सर्कुलेट कर रहे हैं, उसके पीछे की सच्चाई जानना लोगों के लिए भी जरूरी है। विकासपुरी रिंग रोड पर पिछले कई दिनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा है। जरनैल सिंह रोड निर्माण करने वाले ठेकेदार से कमिशन के लिए पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों को लगातार फोन कर कॉन्ट्रैक्टर से मिलवाने की बात कह रहे थे। इसके लिए इंजीनियरों ने संबंधित थाने में शिकायत भी दी है। अब उनके खिलाफ FIR कराने की तैयारी है।

क्या बोले- आप विधायक जरनैल सिंह

आप विधायक जरनैल सिंह ने कहा, प्रवेश वर्मा जी के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो गया जिसे देखकर वह आपे से बाहर हो गए। मुझे उनका फोन आता है कि दिखाओ सड़क तो ठीक बनी है, आप क्यों सड़क की बार-बार शिकायत कर रहे हो? जब मैंने दिखाया तो सड़क सच में उखड़ गई और हाथ में आ गई। यह मंत्री जी से बर्दाश्त नहीं हुआ। साहिब सिंह जो इन सभी का वीडियो बना रहा था, वो देख मंत्री जी तिलमिला गए। मैंने वहां पर सच दिखाया, सड़क उखाड़ के दिखाया तो उसके बाद भाजपा वालों के कैमरे एकदम बंद हो गए। हमारी तरफ से कैमरा चालू था तो मंत्री जी इतना तिलमिला गए कि साहिब सिंह के मुंह पर सीधा थप्पड़ जड़ दिया।

GAFA and IIRIS Consulting Push Forensic Investigation into the AI Era

NEW DELHI: The growing sophistication of financial fraud and technology-enabled crime is forcing a rethink of how investigations are conducted. Artificial intelligence is increasingly becoming part of the investigator’s toolkit, not simply for automation, but for analysing large volumes of financial data, identifying anomalies and connecting information that may otherwise remain fragmented.

Against this backdrop, the Global Association of Forensic Accountants (GAFA) has joined hands with IIRIS Consulting to develop the Certified AI Investigator (CAII) programme, bringing artificial intelligence directly into the professional investigation curriculum. The programme is positioned at the intersection of forensic accounting, fraud investigation, financial intelligence and applied technology.

The initiative reflects a broader shift in the investigation profession. Fraudsters are increasingly using digital platforms, automated processes, complex transaction structures and technology to conceal financial activity. Investigators, consequently, need to be able to work with data at scale and use technology without losing the fundamentals of evidence-based investigation.

The CAII programme is built around practical application rather than AI theory alone. The current programme includes 48 hours of live instruction across eight modules and eight working platforms, with applications covering AI-assisted investigation, data and transaction analysis, fraud detection and investigative intelligence.

What makes the initiative particularly relevant is its emphasis on the investigator remaining in control. AI can identify patterns and accelerate analysis, but it cannot independently establish whether an unusual transaction is fraudulent, determine the credibility of evidence or replace professional skepticism. Those decisions still require human judgment, corroboration and investigative reasoning.

The collaboration also brings complementary capabilities. The skill enhancement capabilities of Global Association of Forensic Accountants (GAFA) operating across forensic accounting, fraud investigation, AML and financial-crime education, and IIRIS Consulting’s intelligence capabilities across risk advisory, security, intelligence, forensics and due diligence, with operations spanning India, MENA, Asia and Europe.

The development points to a larger transformation within forensic investigation: the next generation of professionals may need to be equally comfortable reading financial statements, interrogating datasets and questioning AI-generated findings. As financial crime continues to evolve, the advantage may increasingly belong not to investigators who simply use AI, but to those who understand when to use it, how to challenge it and how to turn its output into defensible investigative evidence.

दिल्ली में इंटरनेट बंद पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी, हलफनामा में कहा- जानबूझकर नहीं किया

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दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के चलते 10 अक्टूबर को कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवा बाधित हुई थी। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई थी। इस मामले में केंद्र की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया गया है। केंद्र ने इसे बिना अनुमति प्रदर्शन रोकने के लिए उठाया गया कदम बताया और बिना शर्त माफी मांगी।

अवमानना के आरोपों से इनकार

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बुधवार की देर शाम को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के अवमानना नोटिस का जवाब दिया। इसमें केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है। हालांकि, गोविंद मोहन ने अवमानना के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इंटरनेट पाबंदियां लगाने के संबंध में 9 अक्टूबर को दिए गए कोर्ट के आदेश का कोई जानबूझकर उल्लंघन नहीं किया गया।

नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन का हवाला

सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर केंद्र सरकार की ओर से गृह सचिव गोविंद मोहन ने कहा कि 9 अक्टूबर को केंद्र सरकार की ओर से लगाई गई पाबंदियों का मकसद शांति बनाए रखना और कानून-व्यवस्था बिगड़ने से रोकना था। उन्होंने बताया कि बिना जरूरी अनुमति के एक विरोध प्रदर्शन होने वाला था। साथ ही, उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस को आए अनुभवों का भी हवाला दिया।

दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को बंद रही थी सेवाएं

बता दें कि केंद्र के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को रात 10 बजे तक एक दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का अनुरोध किया था। सरकार ने इस अनुरोध पर विचार करने के बाद इसे मंजूरी दी थी। जिसके बाद दिल्ली में प्रदर्शन वाले इलाके में इंटरनेट सेवा बाधित रही थी। दिल्ली के रायसीना हिल के चार किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट प्रतिबंध था। यह पाबंदी केवल मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर थी, इसमें वाई-फाई और ब्रॉडबैंड कनेक्शन शामिल नहीं थे।

यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत से छोड़ा गया, फिर हो सकते हैं गिरफ्तार, पुलिस ने चेताया

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जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल होने जर्मनी से आए यूट्यूबर ध्रुव राठी को देर रात दिल्ली पुलिस ने छोड़ दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी के शनिवार को हुए प्रदर्शन से पहले ही उन्हें गुरुग्राम में उनके घर से हिरासत में ले लिया गया था। कल ही देर रात ध्रुव राठी को रिहा कर दिया गया। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि ध्रुव राठी ने फिर से जंतर-मंतर जाने की कोशिश की तो उनके खिलाफ फिर से एक्‍शन लिया जाएगा।

शनिवार देर रात रिहा किए गए राठी

पुलिस ने साफ किया है कि अगर ध्रुव राठी प्रतिबंधात्मक आदेशों के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है या उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दिल्ली में कॉकरोचत जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राठी को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-56 में उनके घर से हिरासत में लिया था। यूट्यूबर ध्रुव राठी को शनिवार देर रात रिहा कर दिया गया।

इंस्टाग्राम पर जारी किया था वीडियो

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से एक दिन पहले शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर ध्रुव राठी ने एक वीडियो भी जारी किया था। शेयर किए गए एक वीडियो में ध्रुव राठी ने विरोध प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में लगाई गई भारी सुरक्षा और परिवहन पाबंदियों पर सवाल उठाए थे। राठी ने कहा था,'मैं दिल्ली पहुंच गया हूं। और मैंने देखा कि हमारे प्रधानमंत्री ने यहां क्या व्यवस्था की है। 50 से ज्यादा मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं। ट्रेनें बंद कर दी गई हैं। बसें रद्द कर दी गई हैं। और हमारे विरोध प्रदर्शन के कारण वे लगभग दिल्ली को लॉकडाउन में डाल रहे हैं।' ध्रुव राठी ने इतनी कड़ी पाबंदियों की जरूरत पर भी सवाल उठाते हुए कहा था कि भाजपा से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स दावा कर रहे हैं कि विरोध प्रदर्शन में बहुत कम भीड़ आएगी।

अभिजीत दीपके हिरासत में, रांका और सौरभ भी किए गए डिटेन, प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पहुंचते ही एक्शन

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट से पहले ही दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में है। फेमस यूट्यूबर ध्रुव राठी सहित अब तक 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया जा चुका है। अब दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशतोष रांका को हिरासत में ले लिया है। अहम बात यह है कि वे फ्लाइट उतर तक नहीं पाए थे और पुलिस ने डिटेन कर लिया।

एयरपोर्ट पर लैंड करते ही हिरासत में

दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करने के बाद दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके, सौरव दास और उनके साथियों को हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों की मानें तो आईजीआई एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके और उनके साथियों को पहले समझाया गया कि वो नई दिल्ली के इलाके में न जाएं। मगर उन्होंने बात नहीं मानी। मजबूरन पुलिस को अभिजीत दीपके और उनके साथियों को हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर जाने से रोक रही पुलिस

दिल्ली पुलिस इस बात का खासतौर पर ध्यान रख रही है कि किसी भी हालत में प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर तक न पहुंच सकें। दिल्ली से लगने वाली सभी बॉर्डर पर भी भारी तादाद में पुलिसकर्मी तैनात हैं। गाड़ियों की रोक-रोक कर तलाशी ली जा रही है, जो भी वाहनकर्मी संदिग्ध लग रहा है उसे डिटेन किया जा रहा है।

सीजेपी के प्रदर्शन को नहीं मिला सोनम वांगचुक का साथ, बोले-और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा

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कॉकरोच जनता पार्टी आज दिल्ली की सड़कों पर है। सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन है। ये प्रोटेस्ट चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर है। इधर सोनम वांगचुक ने इस प्रोटेस्ट से खुद को अलग कर लिया है। पिछले सीजेपी प्रोटेस्ट का अहम चेहरा रहे सोनम वांगचुक आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। वांगुचक ने इसको लेकर पोस्ट शेयर की है और कारण बताया है।

आज के आंदलोन से क्यों नहीं जुड़ेंगे सोनम?

पर्यावरण और एजुकेशन पर काम करने वाले एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि वह 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि वह आने वाली सर्दियों की तैयारियों में व्यस्त हैं। सोनम वांगचुक ने एक्स पर लिखा-'मैं दिल्ली में आप सबके साथ क्यों नहीं जुड़ पाऊंगा...! सरकार की तरफ से हमारे काम में रुकावट डालने और उसे नुकसान पहुंचाने की तमाम कोशिशों के बावजूद हम देश की सुरक्षा के लिए काम करते रहेंगे...और आने वाली सर्दियों के लिए तैयारियां कर रहे हैं। इसमें पानी की सुरक्षा के लिए कृत्रिम ग्लेशियर बनाना और GLOF (ग्लेशियर झील में बाढ़) से सुरक्षा के लिए प्रयोग करना शामिल है...ताकि ऊंचे हिमालय में मौजूद 200 से ज्यादा 'टिकिंग वॉटर बॉम्ब' (कभी भी फटने को तैयार पानी के खतरनाक भंडार) के खतरे को कम किया जा सके।'

फैज साहब के लिखे शब्दों का लिया सहारा

वांगचुक ने फैज साहब के लिखे शब्दों के माध्यम से कहा कि 'और भी गम हैं जमाने में सियासत के सिवा, राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा। मैं सभी को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और अलग-अलग समूहों के नेताओं से एकजुट रहने और समझदारी दिखाने की अपील करता हूं। मैं GenZ के सभी दोस्तों से आग्रह करता हूं कि वे हर हाल में पूरी तरह शांति बनाए रखें। यह बापू का दिया हुआ तोहफा था, जिसे मैं जून में जंतर-मंतर ले जाने की कोशिश कर रहा था। मुझे उम्मीद है कि हम बापू को निराश नहीं करेंगे।'

नीट पेपर लीक मामले में वांगचुक ने की भी भूख हड़ताल

बता दें कि इससे पहले वांगचुक सीजेपी के जुलाई वाले विरोध प्रदर्शन का मुख्य चेहरा थे। इस आंदोलन में परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी। प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में वे जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठे रहे। उन्होंने 23 जुलाई को गुरुग्राम के एक अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म की। उन्होंने कहा कि कई शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को देखते हुए उन्होंने अपना अनशन तोड़ा।

द‍िल्‍ली के 57 मेट्रो स्‍टेशन आज रात 9 बजे से रहेंगे बंद, पुलिस के प्रस्ताव को डीएमआरसी की मंजूरी

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दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन से पहले 57 मेट्रो स्टेशन बंद करने का फ़ैसला लिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी। डीएमआरसी के मुताबिक़, 9 अक्तूबर, 2026 को रात 9 बजे से इन स्टेशनों को बंद कर दिया जाएगा। ये स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे।

सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला

डीएमआरसी ने एक्स पर लिखा, "सुरक्षा कारणों से, इन मेट्रो स्टेशनों पर 9 अक्तूबर, 2026 को रात 09:00 बजे से एंट्री और एग्ज़िट के रास्ते बंद रहेंगे। यह रोक 10 अक्तूबर, 2026 को भी अगले आदेश तक जारी रहेगी। हालांकि, नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर, सभी संबंधित मेट्रो स्टेशनों पर मेट्रो बदलने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।" इसका मतलब है कि यात्री एक लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकेंगे। लेकिन वे स्टेशन से बाहर नहीं निकल पाएंगे। साथ ही, इन स्टेशनों में प्रवेश भी नहीं कर पाएंगे।

10 घंटे तक दिल्ली और निज़ामुद्दीन स्टेशन बंद

इधर, भारतीय रेलवे ने शनिवार, 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने और वहाँ से रवाना होने वाली सभी ट्रेनों को 10 घंटे के लिए रद्द कर दिया है। शनिवार सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे तक नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से आने-जाने वाली सभी ट्रेन सेवाएं रद्द रहेंगी। विरोध प्रदर्शन के दौरान यात्रियों को होने वाली असुविधा कम करने के लिए यह फ़ैसला लिया गया है।

सीजेपी को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली के जंतर मंतर पर 10 अक्तूबर से आंदोलन की घोषणा की है। सीजेपी के इस आंदोलन का विपक्ष समर्थन कर रहा है लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाज़त नहीं दी है। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की जॉइंट सीपी नूपुर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा, ''कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास से हमें एक आवेदन मिला है। इस आवेदन पर विचार किया गया, लेकिन पाया गया कि प्रदर्शन की सूचना बहुत कम समय पहले दी गई थी, जबकि निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन से 10 दिन पहले सूचना देना ज़रूरी है।'' नूपुर प्रसाद ने कहा, ''यह बताना भी ज़रूरी है कि इससे पहले जब सीजेपी को वहाँ विरोध प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तब पार्टी ने क़ानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था और उस समय दिए गए अपने आश्वासनों का भी उल्लंघन किया था।''

दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन कल हो सकते बंद, नई दिल्ली और निजामुद्दीन पहुंचने वाली ट्रेनें भी रहेंगी रद्द

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दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रदर्शन के आह्वान किया है। इससे पहले दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। इस बीच दिल्लीवालों के ल‍िए बड़ी खबर है। आज रात से द‍िल्‍ली मेट्रो के 57 मेट्रो स्टेशन बंद हो सकते हैं। डीएमआरसी मेट्रो स्‍टेशनों को लेकर यह बड़ा फैसला ले सकता है। वहीं, सीजेपी के प्रदर्शन के बीच रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने ट्रैफिक जाम का हवाला देते हुए 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निज़ामुद्दीन पहुंचने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया है।

डीएमआरसी की ओर से अंतिम पुष्टि का इंतजार

दिल्ली पुलिस ने एहतियात के तौर पर डीएमआरसी को लेटर लिखा है और हालात को काबू में रखने के लिए कई मेट्रो स्टेशन बंद रखने का प्रस्ताव दिया है। आज रात 9 बजे से कल तक मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों को भेजा गया है। डीएमआरसी की ओर से इस पर अंतिम पुष्टि का इंतजार है।

57 मेट्रो स्टेशन हो सकते हैं बंद

दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों और बेकाबू भीड़ के जमा होने की आशंका को देखते हुए, 9 अक्टूबर को रात 9:00 बजे से लेकर 10 अक्टूबर को हालात सामान्य होने तक दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों के एंट्री/एक्जिट गेट बंद किए जा सकते हैं। दिल्ली मेट्रो पुलिस की ओर से डीएमआरसी को लिखे गए एक पत्र के अनुसार, 10 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राजधानी के 57 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एक्जिट गेट बंद करने और इन स्टेशनों पर ट्रेनों की संख्या कम करने का प्रस्ताव दिया है।

रेलवे ने लिया बड़ा फैसला

इस बीच रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। ट्रैफ़िक जाम की वजह से रेलवे ने 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन पहुँचने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक 10 अक्टूबर, 2026 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और हजरत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आस-पास के इलाक़े में सड़क पर भारी ट्रैफ़िक जाम की आशंका को देखते हुए यह फ़ैसला लिया गया है।

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर खुफिया इनपुट, बढ़ाई गई चौकसी, 26 हजार से ज्यादा जवान तैनात

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भारतीय निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट है। विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। जिसको लेकर सड़कों पर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस बीच जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन प्रस्तावित है। सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन रहेगा जारी

विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा कर चुके हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) भी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने शनिवार को जंतर मंतर पर धरने का आह्वान किया है। इस बड़े विरोध प्रदर्शन में कई अन्य विपक्षी दलों के शामिल होने की भी संभावना है।

प्रदर्शन की अनुमति नहीं

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। दिल्ली पुलिस के खुफिया विभाग ने प्रदर्शन को लेकर इनपुट मिलने की बात कही है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं। ऐसे में जंतर-मंतर तक किसी भी अनधिकृत जमावड़े को पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति होने वाले किसी भी प्रदर्शन या जमावड़े में शामिल नहीं होने की अपील की है।

दिल्ली में 26,000 से ज्यादा जवान तैनात

सीजेपी दो महीने पहले, नीट-यूजी पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर थी। इस दौरान काफी बवाल देखने को मिला। अब सीजेपी के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर है। ऐसे में हंगामे के आसार को देखते हुए दिल्ली पुलिस के साथ सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स के 26,000 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है।

महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर

जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से सीआरपीएफ कंपनियां आ रही हैं। ये अतिरिक्त बल प्रदर्शनों को संभालने, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुरक्षा करने और केंद्रीय दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेंगे। महिलाओं की बड़ी संख्या में शामिल होने की आशंका को देखते हुए पांच महिला पैरासैन्य कंपनियां भी ड्यूटी पर होंगी।

राहुल गांधी और प्रियंका के खिलाफ केस दर्ज, आकाशवाणी कार्यालय में जबरन घुसने का आरोप

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चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन के परिसर में बिना अनुमति के दाखिल होने और वहां धरना देने के मामले में दिल्ली पुलिस ने संज्ञान लिया है। पुलिस ने बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्षी दलों के गठबंधन के कई अन्य सांसदों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

राहुल-प्रियंका समेत कई अन्य पर एफआईआर

दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य लोगों के खिलाफ आकाशवाणी कार्यालय में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई सांसदों पर आकाशवाणी कार्यालय में जबरन प्रवेश करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों से आकाशवाणी भवन परिसर खाली करने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया।

सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ निकाला था मार्च

एक दिन पहले ही सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया था। प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी और न ही पुलिस की ओर से इसकी अनुमति दी गई थी। निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद विपक्षी नेताओं और सांसदों ने वहीं धरना शुरू कर दिया। इसी दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहां भी विरोध-प्रदर्शन जारी रखा।

प्रवेश वर्मा के थप्पड़ कांड से चढ़ा दिल्ली का सियासी पारा, डैमेज कंट्रोल में जुटी बीजेपी

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पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर में सड़क निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा वीडियो बना रहे युवक को थप्पड़ मारने के बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई। आम आदमी पार्टी (आप) समेत विपक्षी दल मंत्री की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी घटना के बाद डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। न केवल पार्टी, बल्कि खुद प्रवेश ने भी माना कि जो हुआ, वह नहीं होना चाहिए था, लेकिन इसके बाद भी यह विवाद अभी आसानी से थमता नहीं दिख रहा है।

प्रवेश वर्मा ने वीडियो बना रहे युवक को थप्पड़ जड़ा

दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा रविवार को तिलक नगर में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क की गुणवत्ता जांचने पहुंचे थे। जानकारी के मुताबिक वहां आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह भी मौजूद थे। सड़क की जांच के दौरान उस समय विवाद बढ़ गया, जब आप विधायक के साथ पहुंचे वीडियोग्राफर ने वीडियो बनाना शुरू किया। आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह भी मौजूद थे और वे जब प्रवेश वर्मा को सड़क उखाड़कर दिखा रहे थे तो युवा उसका वीडियो शूट कर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान मंत्री ने युवक को थप्पड़ मार दिया।

बीजेपी और आप आमने-सामने

इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और दोनों ओर से एक दूसरे पर हमले व बयानबाजी हो रही है। जहां आम आदमी पार्टी इस घटना के वीडियो पोस्ट कर बीजेपी पर गुंडागर्दी के आरोप लगा रही है, वहीं मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह पर सड़क बनाने में कमीशन मांगने और जिस युवा को थप्पड़ मारा है उस पर गालियां देने का आरोप लगाया है।

मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने मांग

घटना के बाद आप नेताओं ने पीडब्ल्यूडी मंत्री के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने मांग की। इसी मांग को लेकर रविवार रात सौरभ भारद्वाज, जनरैल सिंह और कुलदीप कुमार कार्यकर्ताओं के साथ डीसीपी कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। आप नेताओं का आरोप था कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज नहीं किया। पुलिस ने शिकायत की जांच किए जाने की बात कही। इससे नाराज आप नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीसीपी कार्यलय के बाहर सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। रात करीब 10:45 बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर किया।

प्रवेश सिंह ने लगाया परिवार को गालियां देने का आरोप

थप्पड़ के मामले में प्रवेश साहिब सिंह का कहना है कि आप जरनैल सिंह के कार्यकर्ता ने उनके परिवार को गाली दी थी, जिससे आवेश में आकर उन्होंने हाथ उठाया। प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, 'आप' के कुछ नेता जो विडियो सर्कुलेट कर रहे हैं, उसके पीछे की सच्चाई जानना लोगों के लिए भी जरूरी है। विकासपुरी रिंग रोड पर पिछले कई दिनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा है। जरनैल सिंह रोड निर्माण करने वाले ठेकेदार से कमिशन के लिए पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों को लगातार फोन कर कॉन्ट्रैक्टर से मिलवाने की बात कह रहे थे। इसके लिए इंजीनियरों ने संबंधित थाने में शिकायत भी दी है। अब उनके खिलाफ FIR कराने की तैयारी है।

क्या बोले- आप विधायक जरनैल सिंह

आप विधायक जरनैल सिंह ने कहा, प्रवेश वर्मा जी के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश हो गया जिसे देखकर वह आपे से बाहर हो गए। मुझे उनका फोन आता है कि दिखाओ सड़क तो ठीक बनी है, आप क्यों सड़क की बार-बार शिकायत कर रहे हो? जब मैंने दिखाया तो सड़क सच में उखड़ गई और हाथ में आ गई। यह मंत्री जी से बर्दाश्त नहीं हुआ। साहिब सिंह जो इन सभी का वीडियो बना रहा था, वो देख मंत्री जी तिलमिला गए। मैंने वहां पर सच दिखाया, सड़क उखाड़ के दिखाया तो उसके बाद भाजपा वालों के कैमरे एकदम बंद हो गए। हमारी तरफ से कैमरा चालू था तो मंत्री जी इतना तिलमिला गए कि साहिब सिंह के मुंह पर सीधा थप्पड़ जड़ दिया।

GAFA and IIRIS Consulting Push Forensic Investigation into the AI Era

NEW DELHI: The growing sophistication of financial fraud and technology-enabled crime is forcing a rethink of how investigations are conducted. Artificial intelligence is increasingly becoming part of the investigator’s toolkit, not simply for automation, but for analysing large volumes of financial data, identifying anomalies and connecting information that may otherwise remain fragmented.

Against this backdrop, the Global Association of Forensic Accountants (GAFA) has joined hands with IIRIS Consulting to develop the Certified AI Investigator (CAII) programme, bringing artificial intelligence directly into the professional investigation curriculum. The programme is positioned at the intersection of forensic accounting, fraud investigation, financial intelligence and applied technology.

The initiative reflects a broader shift in the investigation profession. Fraudsters are increasingly using digital platforms, automated processes, complex transaction structures and technology to conceal financial activity. Investigators, consequently, need to be able to work with data at scale and use technology without losing the fundamentals of evidence-based investigation.

The CAII programme is built around practical application rather than AI theory alone. The current programme includes 48 hours of live instruction across eight modules and eight working platforms, with applications covering AI-assisted investigation, data and transaction analysis, fraud detection and investigative intelligence.

What makes the initiative particularly relevant is its emphasis on the investigator remaining in control. AI can identify patterns and accelerate analysis, but it cannot independently establish whether an unusual transaction is fraudulent, determine the credibility of evidence or replace professional skepticism. Those decisions still require human judgment, corroboration and investigative reasoning.

The collaboration also brings complementary capabilities. The skill enhancement capabilities of Global Association of Forensic Accountants (GAFA) operating across forensic accounting, fraud investigation, AML and financial-crime education, and IIRIS Consulting’s intelligence capabilities across risk advisory, security, intelligence, forensics and due diligence, with operations spanning India, MENA, Asia and Europe.

The development points to a larger transformation within forensic investigation: the next generation of professionals may need to be equally comfortable reading financial statements, interrogating datasets and questioning AI-generated findings. As financial crime continues to evolve, the advantage may increasingly belong not to investigators who simply use AI, but to those who understand when to use it, how to challenge it and how to turn its output into defensible investigative evidence.