थरूर ने अपनी ही पार्टी को दिखाया आइना, 'छात्रों की गूंज' पर बोले- हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए

#shashitharooroncongressgenzchhatronkigoonjcjpstudent_protest

कांग्रेस सांसद शशि थरूर आए दिन अपनी ही पार्टी को लेकर ऐसा बयान देते हैं कि वह सुर्खियों में आ जाते हैं। एक बार फिर थरूर ने अपनी ही पार्टी को आइना दिखाने का काम किया है। राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन को छात्रों से अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने की बात पर थरूर ने कहा, पार्टी शायद युवाओं और खासकर Gen Z की नब्ज पकड़ने में नाकाम रही।

'छात्रों की गूंज' सीजेपी प्रदर्शन जितना असरदार नहीं रहा-थरूर

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने हाल में जिन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया, वे मुद्दे कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान 'छात्रों की गूंज' का हिस्सा पहले से ही थे। जिसमें राहुल गांधी छात्रों से पेपर लीक के बारे में बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान सीजेपी के प्रदर्शन जितना असर नहीं छोड़ सका। शशि थरूर ने मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर बातचीत के दौरान यह बात कही।

थरूर बोले- हमें समझना होगा हम क्या नहीं कर पाए?

थरूर ने कहा, इसीलिए हमें खुद से पूछना चाहिए कि हम क्या नहीं कर पाए? कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को यह देखना होगा कि कहीं वह छात्रों की बात सुनने में तो नाकाम नहीं रही। उन्होंने कहा कि राजनीति में लोगों की नब्ज टटोलने की पुरानी कहावत है और कांग्रेस को यह समझना होगा कि वह इस मामले में कहां पीछे रह गई।

क्या हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए-थरूर

थरूर ने पूछा, “क्या हम ‘जेन ज़ी’ की नब्ज नहीं पकड़ पाए?” उनके इस बयान को कांग्रेस की युवा रणनीति और छात्रों के बीच पार्टी की पहुंच को लेकर अहम आत्ममंथन के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी के कैंपेन को लेकर कांग्रेस के भीतर से ही थरूर का यह आत्ममंथन वाला बयान सियासी चर्चा का विषय बन गया है।

राहुल गांधी ने 17 जून को शुरू किया 'छात्रों की गूंज' अभियान

बता दें कि पेपर लीक के खिलाफ सबसे पहले आवाज उठाने वालों में कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई भी शामिल था। शुरुआती प्रदर्शनों में से एक के तहत नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने 12 मई को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन उस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ था, जब पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट परीक्षा रद्द कर दी थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया था। इसके बाद यह अभियान देहरादून पहुंचा। वहां राहुल गांधी ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से बातचीत की। राहुल गांधी ने परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों और परिवारों से बातचीत की। इसके बावजूद कांग्रेस की मुहिम उस व्यापक छात्र लामबंदी में नहीं बदल पाई

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन ने देश हिला दिया

वहीं, दूसरी ओर सीजेपी ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के खिलाफ 20 जून से प्रदर्शन शुरू किया था। संगठन ने सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। यह प्रदर्शन धीरे-धीरे देश के पहले जेन जी प्रदर्शन के नाम से चर्चित हुआ। शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्रों की मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, तो प्रदर्शन और तेज हुआ। बाद में कई अन्य छात्र और कार्यकर्ता भी उनके साथ जुड़ गए। बाद में कॉकरेच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया। लेकिन तय मार्च से कुछ दिन पहले वांगचुक को जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया। 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की। जिसके बाद सियसी विवाद बढ़ा जो धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के साथ थमा।

प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका-खरगे सहित कई कांग्रेस सांसद, पीएम के इस्तीफे की मांग

#congressprotestrahulgandhipriyankavadrademandspmmodi_resignation

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए हमले के विरोध और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई शीर्ष नेताओं ने लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने युवा छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

पीएम और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "हम कल छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरताओं का जवाब मांगने प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च निकालकर आए हैं। सरकार न तो जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।"

कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में हुए लाठीचार्ज के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस घायल युवती की मां से भी मुलाकात की, जो आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।

टीएमसी के विलय की अटकलों पर कांग्रेस ने तोड़ी चुप्पी, जयराम रमेश ने बताया सोनिया-ममता की मुलाकात का सच

#congresstermsreportsofmergerwithtmcasmisleading

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद बने सियासी हालात के बीच कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के विलय की अटकलें लगाई जा रही है। चर्चाओं ने तब जोर पकड़ा, जब कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी के बीच हाल ही में बैठक हुई। इस बैठक के ठीक एक दिन बाद राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की भी मुलाकात हुई। इन मुलाकातों के बाद जारी चर्चा पर कांग्रेस ने चुप्पी तोड़ी है।

मीडिया में चल रही कई खबरें पूरी तरह गलत-जयराम रमेश

कांग्रेस ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की मुलाकात के दौरान टीएमसी के कांग्रेस में विलय पर चर्चा हुई। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात को लेकर मीडिया में चल रही कई खबरें पूरी तरह गलत हैं।।

सोनिया-ममता के बीच निजी विषयों पर चर्चा

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई थी। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत संबंध हैं और मुलाकात के दौरान कई निजी विषयों पर चर्चा हुई।

टीएमसी ने भी खारिज की विलय की खबरें

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने भी पार्टी के कांग्रेस में विलय की अटकलों को खारिज किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि टीएमसी के कांग्रेस में विलय की कोई योजना नहीं है और इस तरह की खबरों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

टीएमसी में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच मुलाकातें

बता दें कि टीएमसी में जारी अंदरूनी खींचतान और कुछ नेताओं की बगावत के बीच मंगलवार को ममता बनर्जी ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गईं कि कांग्रेस नेतृत्व ने टीएमसी के कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव रखा है।

थरूर ने अपनी ही पार्टी को दिखाया आइना, 'छात्रों की गूंज' पर बोले- हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर आए दिन अपनी ही पार्टी को लेकर ऐसा बयान देते हैं कि वह सुर्खियों में आ जाते हैं। एक बार फिर थरूर ने अपनी ही पार्टी को आइना दिखाने का काम किया है। राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ कैंपेन को छात्रों से अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने की बात पर थरूर ने कहा, पार्टी शायद युवाओं और खासकर Gen Z की नब्ज पकड़ने में नाकाम रही।

'छात्रों की गूंज' सीजेपी प्रदर्शन जितना असरदार नहीं रहा-थरूर

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) ने हाल में जिन मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया, वे मुद्दे कांग्रेस के छात्र संपर्क अभियान 'छात्रों की गूंज' का हिस्सा पहले से ही थे। जिसमें राहुल गांधी छात्रों से पेपर लीक के बारे में बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह अभियान सीजेपी के प्रदर्शन जितना असर नहीं छोड़ सका। शशि थरूर ने मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) की 15वीं वर्षगांठ के मौके पर बातचीत के दौरान यह बात कही।

थरूर बोले- हमें समझना होगा हम क्या नहीं कर पाए?

थरूर ने कहा, इसीलिए हमें खुद से पूछना चाहिए कि हम क्या नहीं कर पाए? कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को यह देखना होगा कि कहीं वह छात्रों की बात सुनने में तो नाकाम नहीं रही। उन्होंने कहा कि राजनीति में लोगों की नब्ज टटोलने की पुरानी कहावत है और कांग्रेस को यह समझना होगा कि वह इस मामले में कहां पीछे रह गई।

क्या हम Gen Z की नब्ज नहीं पकड़ पाए-थरूर

थरूर ने पूछा, “क्या हम ‘जेन ज़ी’ की नब्ज नहीं पकड़ पाए?” उनके इस बयान को कांग्रेस की युवा रणनीति और छात्रों के बीच पार्टी की पहुंच को लेकर अहम आत्ममंथन के तौर पर देखा जा रहा है। राहुल गांधी के कैंपेन को लेकर कांग्रेस के भीतर से ही थरूर का यह आत्ममंथन वाला बयान सियासी चर्चा का विषय बन गया है।

राहुल गांधी ने 17 जून को शुरू किया 'छात्रों की गूंज' अभियान

बता दें कि पेपर लीक के खिलाफ सबसे पहले आवाज उठाने वालों में कांग्रेस का छात्र संगठन एनएसयूआई भी शामिल था। शुरुआती प्रदर्शनों में से एक के तहत नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने 12 मई को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन उस घटना के कुछ दिनों बाद हुआ था, जब पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट परीक्षा रद्द कर दी थी। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से 'छात्रों की गूंज' अभियान शुरू किया था। इसके बाद यह अभियान देहरादून पहुंचा। वहां राहुल गांधी ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से बातचीत की। राहुल गांधी ने परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों और परिवारों से बातचीत की। इसके बावजूद कांग्रेस की मुहिम उस व्यापक छात्र लामबंदी में नहीं बदल पाई

जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन ने देश हिला दिया

वहीं, दूसरी ओर सीजेपी ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के खिलाफ 20 जून से प्रदर्शन शुरू किया था। संगठन ने सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। यह प्रदर्शन धीरे-धीरे देश के पहले जेन जी प्रदर्शन के नाम से चर्चित हुआ। शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्रों की मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की, तो प्रदर्शन और तेज हुआ। बाद में कई अन्य छात्र और कार्यकर्ता भी उनके साथ जुड़ गए। बाद में कॉकरेच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया। लेकिन तय मार्च से कुछ दिन पहले वांगचुक को जंतर-मंतर के प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया। 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की। जिसके बाद सियसी विवाद बढ़ा जो धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के साथ थमा।

प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठे राहुल-प्रियंका-खरगे सहित कई कांग्रेस सांसद, पीएम के इस्तीफे की मांग

#congressprotestrahulgandhipriyankavadrademandspmmodi_resignation

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए हमले के विरोध और छात्र आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई शीर्ष नेताओं ने लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। उन्होंने युवा छात्रों पर हुए कथित अत्याचारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

पीएम और गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, "हम कल छात्रों के खिलाफ हुई बर्बरताओं का जवाब मांगने प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च निकालकर आए हैं। सरकार न तो जवाबदेही लेना चाहती है और न ही संसद में इस मुद्दे पर बहस करना चाहती है। भारत के युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।"

कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस की ओर से हिरासत में लिया है। दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया है।

घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे राहुल-प्रियंका

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में हुए लाठीचार्ज के एक दिन बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरएमएल अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने छात्रों का हालचाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उस घायल युवती की मां से भी मुलाकात की, जो आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है।

टीएमसी के विलय की अटकलों पर कांग्रेस ने तोड़ी चुप्पी, जयराम रमेश ने बताया सोनिया-ममता की मुलाकात का सच

#congresstermsreportsofmergerwithtmcasmisleading

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद बने सियासी हालात के बीच कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के विलय की अटकलें लगाई जा रही है। चर्चाओं ने तब जोर पकड़ा, जब कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी के बीच हाल ही में बैठक हुई। इस बैठक के ठीक एक दिन बाद राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी की भी मुलाकात हुई। इन मुलाकातों के बाद जारी चर्चा पर कांग्रेस ने चुप्पी तोड़ी है।

मीडिया में चल रही कई खबरें पूरी तरह गलत-जयराम रमेश

कांग्रेस ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि सोनिया गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की मुलाकात के दौरान टीएमसी के कांग्रेस में विलय पर चर्चा हुई। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ऐसी खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात को लेकर मीडिया में चल रही कई खबरें पूरी तरह गलत हैं।।

सोनिया-ममता के बीच निजी विषयों पर चर्चा

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई थी। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत संबंध हैं और मुलाकात के दौरान कई निजी विषयों पर चर्चा हुई।

टीएमसी ने भी खारिज की विलय की खबरें

तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने भी पार्टी के कांग्रेस में विलय की अटकलों को खारिज किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि टीएमसी के कांग्रेस में विलय की कोई योजना नहीं है और इस तरह की खबरों का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

टीएमसी में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच मुलाकातें

बता दें कि टीएमसी में जारी अंदरूनी खींचतान और कुछ नेताओं की बगावत के बीच मंगलवार को ममता बनर्जी ने दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गईं कि कांग्रेस नेतृत्व ने टीएमसी के कांग्रेस में विलय का प्रस्ताव रखा है।