बांग्लादेश में बीएनपी की जीत, भारत के लिए तारिक रहमान के सत्ता में आने क्या हैं मायने?

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बांग्लादेश में तारिक रहमान की अगुवाई में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार बनने का रास्ता साफ हो चुका है। बांग्लादेश में सबसे ज्यादा वर्षों तक सत्ता में रही अवामी लीग के बगैर हुए चुनावों में शेख हसीना की पार्टी के दोनों कट्टर विरोधी दलों (बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन)ने जातीय संसद पर करीब-करीब पूरा कब्जा कर लिया है।

बीएनपी गठबंधन ने तो दो-तिहाई बहुमत से भी ज्यादा का आंकड़ा पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने पर बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाती है। हालांकि, बांग्लादेश में बीएनपी की सरकार जब भी रही है, तब भारत के साथ संबंधों में गर्मजोशी नहीं रही है। ऐसे में यह सवाल बहुत ही स्वाभाविक हो जाता है कि बीएनपी सरकार का रुख़ पड़ोसी देश भारत को लेकर क्या होगा?

हसीने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध सबसे निचले स्तर पर

शेख़ हसीना के सत्ता से बेदख़ल होने के बाद 18 महीनों तक बांग्लादेश ग़ैर-निर्वाचित अंतरिम सरकार के अधीन रहा। इस अंतरिम सरकार के साथ भारत के संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए थे। हसीना का भारत आना और वहीं से उनके सार्वजनिक वक्तव्यों ने तनाव को और बढ़ाया।वहीं, हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में बढ़ती भारत-विरोधी बयानबाज़ी और हिंसा ने भी चिंता बढ़ाई है। अब सवाल ये है कि क्या पड़ोसी देश में नई सरकार गठन के बाद भारत के साथ रिश्तों को सुधारने पर जोर देगी?

भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं

पिछली बार जब बांग्लादेश में तारिक रहमान की मां खालिदा जिया की सरकार थी तो खासकर 2001 से 2006 के बीच उन्होंने भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं की। इस दौरान बीएनपी पर उल्फा को संरक्षण देने के भी आरोप लगे। उल्फा को बीएनपी सरकार ने हथियारों की तस्करी की खुली छूट दी। 2004 में चटगांव से हथियारों की जब्ती इसका कुख्यात उदाहरण है। परंतु जब 2009 में शेख हसीना की अवामी लीग सत्ता में पूरे दम के साथ बैठी तो उसने भारत-विरोधी अलगाववादी संगठनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ज्यादातर उग्रवादी या तो वहां से भाग खड़े हुए या उन्हें पकड़ कर भारत के हवाले कर दिया गया।

मुहम्मद यूनुस ने बनाया भारत विरोधी माहौल

इस वक्त बांग्लादेश एक नाजुक मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है। देश में कट्टरपंथी ताकतें खुलकर सक्रिय हो गई हैं और अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में भारत के खिलाफ माहौल बनाया गया। शेख हसीना के दौर में बांग्लादेश ने पाकिस्तान से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन उनके सत्ता से हटने के बाद यूनुस के नेतृत्व में नीति में अचानक बदलाव देखने को मिला। जिस भारत की मदद से बांग्लादेश आजाद हुआ था, उससे दूरी बढ़ाते हुए अब पाकिस्तान के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

भारत के साथ कैसे संबंध चाहेंगे तारीक?

तारिक रहमान पिछले साल दिसंबर में ही अपने खुद के निर्वासन वाला जीवन छोड़कर लंदन से ढाका लौटे। आने के बाद से जितने भी भाषण दिए हैं, उससे यह लग रहा है कि वे खुद को बांग्लादेशकी जमीन के साथ फिर से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे अपने पहले भाषणों से ही आंतरिक सौहार्द का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। तारिक रहमान के लिए यह भी माना जाने लगा था कि वह भारत के साथ अच्छे संबंधों की वकालत करते थे। क्योंकि उन्हें लगता था कि दोनों देशों में दोस्ती ही उनके मुल्क की अर्थव्यस्था मजूबत कर सकती है।

बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी गठबंधन को प्रचंड जीत, पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

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बांग्लादेश में गुरूवार को 13वें संसदीय चुनाव के लिए 299 सीटों पर मतदान कराए गए। आज नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। जारी परिणामों में बीएनपी को पूर्ण बहुमत मिला है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के करीब डेढ़ साल बाद पहली बार आम चुनाव कराए गए हैं। मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच है। अवामी लीग चुनाव से बाहर है।

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बीएनपी का दोहरा शतक

बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी ने बड़ी बढ़त बनाते हुए दोहरा शतक पार कर लिया है। जमुना टीवी के अनुसार बीएनपी को अब तक 211 सीटें मिली हैं, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन करीब 70 सीटों पर है। यह बीएनपी की निर्णायक जीत मानी जा रही है।

तारिक रहमान ने की जश्न न मनाने की अपील

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान ने बांग्लादेश चुनाव में जीत का दावा किया है। इसके साथ ही रहमान ने अपनी मां खालिदा जिया के सम्मान में पार्टी कार्यकर्ताओं से जीत का जश्न न मनाने की अपील की है। खालिदा जिया का चुनाव से पहले निधन हो गया था। विजय जुलूस और जश्न की जगह पार्टी ने शुक्रवार की नमाज के बाद खालिदा जिया के लिए दुआ करने की अपील की है।

पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी जीत की बधाई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत के लिए तारिक रहमान को बधाई दी है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मैं बांग्लादेश में संसदीय चुनावों में BNP को बड़ी जीत दिलाने के लिए तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों का आपके नेतृत्व पर भरोसा दिखाती है।'

पीएम मोदी ने कहा- साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं

पीएम मोदी ने आगे लिखा, 'भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं।'

बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

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भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।

बांग्लादेश ने आईपीएल का प्रसारण किया बैन, मुस्तफिजुर को लीग से बाहर किए जाने पर फैसला

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2026) के मैच अब बांग्लादेश में नहीं दिखाई जाएंगे। बांग्लादेश सरकार ने आईपीएल के मैचों के टेलीकास्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है। अपने क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश की सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है। पड़ोसी देश के सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार (5 जनवरी) को इसे लेकर सभी स्थानीय टीवी चैनलों को एक पत्र भेजा है, जिसमें आईपीएल के टेलीकास्ट पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी दी गई है।

बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देश

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को इस संबंध में निर्देश जारी किए। इसमें लिखा गया कि बीसीसीआई ने 26 मार्च से शुरू हो रही इंडियन प्रीमियर लीग (आपीएल) में बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स टीम से बाहर करने का निर्णय लिया है। बयान में कहा गया कि इस निर्णय के पीछे कोई ठोस या तार्किक कारण नहीं था। यह फैसला बांग्लादेश की जनता के लिए अपमानजनक, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। ऐसे में अगले निर्देश तक आईपीएल के सभी मैच के प्रचार, प्रसारण और पुन: प्रसारण को बंद रखने के निर्देश दिए जाते हैं।

मुस्ताफिजुर रहमान केस के बाद बढ़ा विवाद

आईपीएल 2026 के लिए हुए मिनी ऑक्शन में मुस्ताफिजुर रहमान को कोलकाता नाइटराइडर्स ने खरीदा था। मगर इसके बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर बीसीसीआई ने हस्तक्षेप करते हुए केकेआर फ्रेंचाइजी को मुस्ताफिजुर को रीलिज करने का आदेश दिया था। बांग्लादेशी अधिकारियों ने इस फैसले को किसी भी तरह से अतार्किक ठहराया।

बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलने की दी है धमकी

इससे पहले बांग्लादेश में मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने की बांग्लादेश सरकार ने आलोचना की थी। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी इस फैसले का विरोध किया था। साथ ही बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने के लिए भारत में टीम नहीं भेजने का भी ऐलान कर दिया था। बीसीबी ने भारत में अपनी टीम की सुरक्षा को खतरा बताया था और इसके लिए मुस्तफिजुर रहमान को हटाए जाने के कारणों को आधार बनाया था। बीसीबी ने अपनी टीम के मैच भारत से श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग करते हुए आईसीसी को भी पत्र लिखा है।

बीजेपी नेता संगीत सिंह सोम को बांग्लादेशी नंबर से मिली धमकी, बम से उड़ाने की चेतावनी

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यूपी बीजेपी के फायरब्रांड नेता और मेरठ की सरधना से पूर्व विधायक संगीत सिंह सोम को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। यह धमकी बांग्लादेश से किए गए कॉल और मैसेज के जरिए दी गई है।

धमकी भरे फोन कॉल, मैसेज और वीडियो कॉल मिलने के बाद पूर्व विधायक के निजी सचिव शेखर ने सरधना थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

सभी संदिग्ध नंबर पुलिस को सौंपे

भाजपा नेता संगीत सोम ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 8 बजे उन्हें धमकी भरे मैसेज और वीडियो कॉल प्राप्त हुए। कॉल करने वालों ने पूर्व विधायक को परिवार सहित बम से उड़ाकर जान से मारने के साथ-साथ कुछ प्रमुख न्यूज चैनलों को भी बम से उड़ाने की धमकी भी दी। उन्होंने सभी संदिग्ध नंबर पुलिस को जांच के लिए सौंप दिए हैं।

धमकी देने वाले नंबर बांग्लादेश के

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमकी देने वाले नंबर बांग्लादेश के हैं। साइबर सेल और अन्य तकनीकी एजेंसियों की मदद से पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि धमकी देने वालों की पहचान की जा सके।

बांग्लादेश में हिंदुओं के शोषण पर बीजेपी नेता का कड़ा रूख

बता दें कि कि संगीत सोम ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया था और IPL टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान और बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को लेकर तीखी टिप्पीणी की थी। सोम ने कहा था कि जब पड़ोसी देशों में भारत और हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है, तब ऐसे खिलाड़ियों पर करोड़ों खर्च करना गलत है। उन्होंने यह भी कहा था कि वे ऐसे मुद्दों पर आगे भी खुलकर बोलते रहेंगे, चाहे इसके लिए कितनी भी धमकियाँ क्यों न मिलें।

उस्मान हादी की हत्या के दो आरोपी भारत भागे...', बांग्लादेश पुलिस का दावा कितना सच?

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बांग्लादेश के इंकिलाब मंच के नेता उस्मान हादी की मौत के बाद से वहां बवाल मचा हुआ है और सरकार से उनके हत्यारों को पकड़ने की मांग हो रही थी। हालांकि, उस्मान हादी के हत्यारे का अब तक पता नहीं चला है। इस नाकामी के बीच ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस ने दावा किया है कि उस्मान हादी की हत्या के दोनों प्रमुख अभियुक्त भारत भाग गए हैं।

स्थानीय मदद से सीमा करने का दावा

बांग्लादेश की ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने दावा किया है कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या के दो मुख्य आरोपी भारत भाग गए हैं। ढाका पुलिस के मुताबिक ये आरोपी मयमनसिंह जिले के हलुआघाट बॉर्डर के रास्ते भारत में दाखिल हुए, जो मेघालय से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी स्थानीय मदद से सीमा पार कर भारत पहुंचे।

मदद देने वालों की भारत में गिरफ्तारी का दावा

ढाका के डीएमपी मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त आयुक्त एसएन नज़रुल इस्लाम ने बताया कि आरोपी फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख हुलुआघाट सीमा पार कर भारत पहुंचे। पुलिस के अनुसार, सीमा पार करने के बाद उन्हें पहले पूर्ति नाम के व्यक्ति ने रिसीव किया और फिर सामी नामक टैक्सी चालक ने उन्हें मेघालय के तुरा शहर तक पहुंचाया। अधिकारी ने यह भी कहा कि जिन दो लोगों ने आरोपियों को मेघालय पहुंचाने में मदद की, उन्हें भारत में हिरासत में लिया गया है। बांग्लादेशी पुलिस ने भरोसा जताया कि भारतीय एजेंसियों के साथ औपचारिक और अनौपचारिक दोनों स्तरों पर समन्वय जारी है ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया जा सके।

कौन थे शरीफ उस्मान हादी?

शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश के छात्र नेता थे और शेख हसीना विरोधी मंच ‘इनक़िलाब मंच’ से जुड़े थे। वे आगामी फरवरी चुनावों में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी उन पर जानलेवा हमला हुआ। 12 दिसंबर को उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को हादी का सिंगापुर में निधन हो गया और तब से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग मामले में 7 अरेस्ट, चौतरफा आलोचना के बाद झुके मोहम्‍मद यूनुस*

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बांग्लादेश में हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में चौतरफा आलोचना के बाद मोहम्मद यूनुस की सरकार ने कार्रवाई की है। बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन ने मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने यह जानकारी दी है। मोहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की सांप्रदायिक हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार के आधिकारिक हैंडल से की गई पोस्ट में कहा गया कि सनातन धर्म के अनुयायी युवक दीपू चंद्र दास (27) की पीट-पीटकर हत्या के आरोप में रैपिड ऐक्शन बटालियन (RAB) ने सात लोगों को संदिग्ध के तौर पर गिरफ्तार किया है। पोस्ट में बताया गया है कि RAB-14 ने अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाकर संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

ये सात आरोपी गिरफ्तार

जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम हैं- 1- मोहम्मद लिमोन सरकार (19) 2- मोहम्मद तारेक हुसैन (19) 3- मोहम्मद माणिक मिया (20) 4- इरशाद अली (39) 5- निजुम उद्दीन (20) 6- अलोमगीर हुसैन (38) 7- मोहम्मद मिराज हुसैन एकॉन (46)

हिंदू युवा की मॉब लिंचिंग पर यूनुस सरकार ने की निंदा

इससे पहले मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने कल एक बयान में कहा था कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्य सलाहकार की मीडिया टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया- हम हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति को नष्ट करने के सभी कृत्यों की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। बयान में कहा गया था कि इस नाजुक घड़ी में, हम प्रत्येक नागरिक से हिंसा, उकसावे और नफरत को अस्वीकार करके और उनका विरोध करके हादी का सम्मान करने का आह्वान करते हैं।

हादी की मौत के बाद फैली हिंसा के बीच वारदात

दीपू चंद दास की गुरुवार को ईशनिंदा के आरोप में पीटकर हत्या कर दी गई थी और उनके शव को आग लगा दी गई। यह देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की नवीनतम घटना है। यह लिंचिंग उस समय हुई जब देश में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद तनाव और हिंसा फैल गई थी। हादी पिछले साल हुए छात्र-नेतृत्व वाले ‘जुलाई आंदोलन’ के प्रमुख नेताओं में से थे और ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता भी थे।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या, फिर शव को पेड़ से बांध जलाया

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बांग्लादेश में युवा नेता उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़क गई है। पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। बांग्लादेश में जारी हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच एक खौफनाक मामला सामने आया है। कट्टरपंथियों के भारत विरोधी प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उसे पेड़ में बांधकर आग लगा दी गई।

बांग्लादेश में एक हिंदू युवक को ईशनिंदा का आरोप लगाकार पहले पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को नग्न कर पेड़ पर लटका दिया गया और उसमें आग लगा दी गई। मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है, जो एक युवा गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी था और भालुका उपजिला के डुबालिया पाड़ा इलाके में किराए पर रहता था। मॉब लिंचिंग की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

पैगंबर मोहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप

पुलिस के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 9 बजे कुछ स्थानीय लोगों ने उस पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद बिना किसी जांच या कानूनी प्रक्रिया के, भीड़ ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हिंसा पर क्या बोले मोहम्मद यूनुस?

पिछले साल अगस्त में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद कट्टर इस्लामिक संगठनों ने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा शुरू कर दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों हिंदुओं के घर तोड़ दिए गये। कई हिंदुओं की हत्या कर दी गई। लेकिन मोहम्मद यूनुस ने चुप्पी साध रखी थी। अब जबकि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और मोहम्मद यूनुस के लिए इस घटना को झुठलाना मुमकिन नहीं हो रहा है, तो उसने इस घटना की निंदा की है। बांग्लादेश की सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में नागरिकों से सतर्क रहने और हर तरह की हिंसा को खारिज करने की अपील की है।

बांग्‍लादेश में बवालः छात्र नेता हादी की मौत के बाद ढाका की सड़कों पर उतरे युवा, हिंसा-आगजनी

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बांग्लादेश के युवा एक्टिविस्ट उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क गई है, उनके समर्थक सड़कों पर है और कई इमारतों को आग के हवाला कर दिया है। मौत के बाद भीड़ ने रातभर तांडव मचाया और विशेष रूप से मीडिया-पत्रकारों को निशाना बनाया।

बांग्लादेश में 32 साल के छात्र नेता और इंकलाब मंच प्लेटफॉर्म के प्रवक्ता और बांग्लादेश में होने वाले नेशनल चुनावों में उम्मीदवार उस्मान हादी की हत्या के बाद अराजकता का माहौल है। रात भर राजधानी ढाका समेत देश के कई हिस्सों में हल्ला हंगामा और हिंसा जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने डेली स्टार, प्रथोम आलो समेत बड़े अखबारों के दफ्तरों को निशाना बनाया है, जिससे कई पत्रकार रात भर अंदर ही फंसे रहे।

कैंपेन करते समय हादी की हत्या

उस्मान हादी की 12 दिसंबर को ढाका में कैंपेन करते समय नकाबपोश हमलावरों ने सिर में गोली मार दी थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था। उस्मान हादी की मौत की खबर सार्वजनिक होते ही ढाका समेत देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे।

प्रदर्शनकारियों ने मीडिया हाउस को बनाया निशाना

ढाका में हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब उग्र भीड़ ने डेली स्टार अखबार के दफ्तर पर हमला कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखबार के कार्यालय में फंसे कम से कम 25 पत्रकारों को चार घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। शुक्रवार रात करीब 12 बजे भीड़ ढाका के करवान बाजार स्थित डेली स्टार के दफ्तर में घुस गई। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने प्रथम आलो अखबार के दफ्तर पर भी हमला किया था, जहां तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी गई और नारेबाजी की गई।

एंटी इंडिया रूख से जोड़ी जा रही हादी की मौत

दरअसल, हादी की मौत को उनके एंटी इंडिया और एंटी अवामी लीग रुख से जोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों प्रमुख अखबारों को प्रदर्शनकारी भारत समर्थक मान रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मीडिया संस्थानों पर आरोप लगाया कि वे भारत समर्थक हैं और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पक्ष में काम कर रहे हैं, जो अगस्त 2024 में सत्ता से बेदखल होने के बाद भारत चली गई थीं।

आवामी लीग के नेता के घर लगाई आग

वहीं, आवामी लीग के नेता भी प्रदर्शनकारियों के निशाने पर हैं। उग्र प्रदर्शन के बीच बांग्लादेश के चटगांव के शोलाशहर इलाके में प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग के संगठन सचिव और पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नवफेल के घर में घुस गए। जबरदस्ती घुसे इन उग्रवादियों ने घर में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी को अंजाम दिया है।

ভারতীয় কোস্ট গার্ডের উদ্যোগে বাংলাদেশ থেকে ভারতীয় জেলেদের প্রত্যাবর্তন

Khabar kolkata News Desk: ভারত সরকারের পররাষ্ট্র মন্ত্রণালয় বাংলাদেশে আটক ৪৭ জন ভারতীয় জেলে এবং তিনটি (০৩) ভারতীয় মাছ ধরার নৌকা (IFB) প্রত্যাবর্তনের অনুমোদন দিয়েছে। ০৯ ডিসেম্বর ২০২৫-এ পশ্চিমবঙ্গ রাজ্য সরকারের সমন্বয়ে ভারতীয় কোস্ট গার্ড সফলভাবে এই প্রত্যাবর্তন প্রক্রিয়া সম্পন্ন করে। বঙ্গোপসাগরে আন্তর্জাতিক সামুদ্রিক সীমারেখা বরাবর এই আদান-প্রদান অনুষ্ঠিত হয়।

এই প্রত্যাবর্তন প্রক্রিয়াটি পারস্পরিক ব্যবস্থার অংশ হিসেবে সম্পন্ন হয়, যেখানে ভারত ও তার জলসীমায় অবৈধ মাছ ধরার অভিযোগে ভারতীয় কোস্ট গার্ড কর্তৃক আটক ৩২ জন বাংলাদেশি জেলে এবং একটি (০১) বাংলাদেশি মাছ ধরার নৌকা ফেরত দেয়। ভারতীয় কোস্ট গার্ড জাহাজ বিজয়া নিরাপদে ওই বাংলাদেশি জেলেদের Bangladesh Coast Guard-এর জাহাজ BCGS Kamaruzzaman ও Sadhin Bangla-এর কাছে হস্তান্তর করে।

প্রত্যাবর্তিত ভারতীয় জেলেদের তিনটি IFB-সহ ভারতীয় কোস্ট গার্ড জাহাজ বিজয়া পশ্চিমবঙ্গের ফ্রেজারগঞ্জে নিয়ে আসে এবং ১০ ডিসেম্বর ২০২৫-এ ICGS Frazerganj-এর মাধ্যমে পশ্চিমবঙ্গ রাজ্য প্রশাসনের কাছে হস্তান্তর করে। জেলেদের ও তাদের নৌযানগুলোর এই পারস্পরিক বিনিময় ভারত সরকারের পররাষ্ট্র মন্ত্রণালয় মানবিক দিক ও জেলে সম্প্রদায়ের জীবিকা-সংক্রান্ত বিষয় বিবেচনা করে সম্পন্ন করেছে। গত তিন মাসে ভারতীয় কোস্ট গার্ড ভারতীয় EEZ-এর ভিতরে অবৈধভাবে পরিচালনাকারী ছয়টি বাংলাদেশি মাছ ধরার নৌকা আটক করেছে।

যদিও ভারতীয় কোস্ট গার্ড নিয়মিতভাবে IMBL-এ ভারতীয় মাছ ধরার নৌকাগুলিকে পথনির্দেশ করে থাকে, তবুও নৌকাগুলি অগভীর জলসীমা ব্যবহার করে সীমারেখা অতিক্রম করছে। গত এক বছরে IMBL-এ ভারতীয় কোস্ট গার্ডের ইউনিটগুলো ৩০০-র বেশি IFB-কে ভারতীয় জলসীমায় ফেরত পাঠিয়েছে। পাশাপাশি, জেলেদের IMBL অতিক্রম না করতে উদ্বুদ্ধ করতে স্থানীয় মৎস্য বিভাগ ও মেরিন পুলিশের প্রতিনিধিদের সমন্বয়ে উপকূলবর্তী বিভিন্ন জেলেপল্লিতে নিয়মিতভাবে কমিউনিটি ইন্টারঅ্যাকশন প্রোগ্রাম (CIP) আয়োজন করা হচ্ছে।

IMBL অতিক্রম করে বৈধ নথিপত্র ছাড়া বিদেশি জলসীমায় মাছ ধরা একটি গুরুতর অপরাধ এবং এর মারাত্মক পরিণতি রয়েছে। এ ধরনের লঙ্ঘন বিদেশি আইন-শৃঙ্খলা রক্ষাকারী সংস্থা বা সামুদ্রিক সংস্থার দ্বারা নৌকা/জেলেদের আটক হওয়ার কারণ হয়। এর ফলে জেলেদের এবং তাদের পরিবারের অযথা শারীরিক ও মানসিক কষ্টের সৃষ্টি হয়।

এই প্রসঙ্গে ভারতীয় কোস্ট গার্ড পশ্চিমবঙ্গ রাজ্য প্রশাসনকে স্থানীয় জেলে সম্প্রদায়কে IMBL অতিক্রমের আইনি ও নিরাপত্তাজনিত প্রভাব সম্পর্কে সচেতন করতে প্রয়োজনীয় নির্দেশ জারি করার অনুরোধ জানিয়েছে।

ছবি সৌজন্যে :- ইন্ডিয়ান কোস্ট গার্ড।

बांग्लादेश में बीएनपी की जीत, भारत के लिए तारिक रहमान के सत्ता में आने क्या हैं मायने?

#tariquerahmangovtinbangladeshwhatthinkingforindia

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बांग्लादेश में तारिक रहमान की अगुवाई में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की सरकार बनने का रास्ता साफ हो चुका है। बांग्लादेश में सबसे ज्यादा वर्षों तक सत्ता में रही अवामी लीग के बगैर हुए चुनावों में शेख हसीना की पार्टी के दोनों कट्टर विरोधी दलों (बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन)ने जातीय संसद पर करीब-करीब पूरा कब्जा कर लिया है।

बीएनपी गठबंधन ने तो दो-तिहाई बहुमत से भी ज्यादा का आंकड़ा पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने पर बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के उनके नेतृत्व पर भरोसे को दर्शाती है। हालांकि, बांग्लादेश में बीएनपी की सरकार जब भी रही है, तब भारत के साथ संबंधों में गर्मजोशी नहीं रही है। ऐसे में यह सवाल बहुत ही स्वाभाविक हो जाता है कि बीएनपी सरकार का रुख़ पड़ोसी देश भारत को लेकर क्या होगा?

हसीने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंध सबसे निचले स्तर पर

शेख़ हसीना के सत्ता से बेदख़ल होने के बाद 18 महीनों तक बांग्लादेश ग़ैर-निर्वाचित अंतरिम सरकार के अधीन रहा। इस अंतरिम सरकार के साथ भारत के संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए थे। हसीना का भारत आना और वहीं से उनके सार्वजनिक वक्तव्यों ने तनाव को और बढ़ाया।वहीं, हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में बढ़ती भारत-विरोधी बयानबाज़ी और हिंसा ने भी चिंता बढ़ाई है। अब सवाल ये है कि क्या पड़ोसी देश में नई सरकार गठन के बाद भारत के साथ रिश्तों को सुधारने पर जोर देगी?

भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं

पिछली बार जब बांग्लादेश में तारिक रहमान की मां खालिदा जिया की सरकार थी तो खासकर 2001 से 2006 के बीच उन्होंने भारत के साथ सहज रिश्ते कायम करने की कोशिश नहीं की। इस दौरान बीएनपी पर उल्फा को संरक्षण देने के भी आरोप लगे। उल्फा को बीएनपी सरकार ने हथियारों की तस्करी की खुली छूट दी। 2004 में चटगांव से हथियारों की जब्ती इसका कुख्यात उदाहरण है। परंतु जब 2009 में शेख हसीना की अवामी लीग सत्ता में पूरे दम के साथ बैठी तो उसने भारत-विरोधी अलगाववादी संगठनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ज्यादातर उग्रवादी या तो वहां से भाग खड़े हुए या उन्हें पकड़ कर भारत के हवाले कर दिया गया।

मुहम्मद यूनुस ने बनाया भारत विरोधी माहौल

इस वक्त बांग्लादेश एक नाजुक मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है। देश में कट्टरपंथी ताकतें खुलकर सक्रिय हो गई हैं और अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में भारत के खिलाफ माहौल बनाया गया। शेख हसीना के दौर में बांग्लादेश ने पाकिस्तान से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन उनके सत्ता से हटने के बाद यूनुस के नेतृत्व में नीति में अचानक बदलाव देखने को मिला। जिस भारत की मदद से बांग्लादेश आजाद हुआ था, उससे दूरी बढ़ाते हुए अब पाकिस्तान के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

भारत के साथ कैसे संबंध चाहेंगे तारीक?

तारिक रहमान पिछले साल दिसंबर में ही अपने खुद के निर्वासन वाला जीवन छोड़कर लंदन से ढाका लौटे। आने के बाद से जितने भी भाषण दिए हैं, उससे यह लग रहा है कि वे खुद को बांग्लादेशकी जमीन के साथ फिर से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वे अपने पहले भाषणों से ही आंतरिक सौहार्द का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। तारिक रहमान के लिए यह भी माना जाने लगा था कि वह भारत के साथ अच्छे संबंधों की वकालत करते थे। क्योंकि उन्हें लगता था कि दोनों देशों में दोस्ती ही उनके मुल्क की अर्थव्यस्था मजूबत कर सकती है।

बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी गठबंधन को प्रचंड जीत, पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

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बांग्लादेश में गुरूवार को 13वें संसदीय चुनाव के लिए 299 सीटों पर मतदान कराए गए। आज नतीजे घोषित किए जा रहे हैं। जारी परिणामों में बीएनपी को पूर्ण बहुमत मिला है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के करीब डेढ़ साल बाद पहली बार आम चुनाव कराए गए हैं। मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच है। अवामी लीग चुनाव से बाहर है।

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बीएनपी का दोहरा शतक

बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी ने बड़ी बढ़त बनाते हुए दोहरा शतक पार कर लिया है। जमुना टीवी के अनुसार बीएनपी को अब तक 211 सीटें मिली हैं, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन करीब 70 सीटों पर है। यह बीएनपी की निर्णायक जीत मानी जा रही है।

तारिक रहमान ने की जश्न न मनाने की अपील

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन तारिक रहमान ने बांग्लादेश चुनाव में जीत का दावा किया है। इसके साथ ही रहमान ने अपनी मां खालिदा जिया के सम्मान में पार्टी कार्यकर्ताओं से जीत का जश्न न मनाने की अपील की है। खालिदा जिया का चुनाव से पहले निधन हो गया था। विजय जुलूस और जश्न की जगह पार्टी ने शुक्रवार की नमाज के बाद खालिदा जिया के लिए दुआ करने की अपील की है।

पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी जीत की बधाई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत के लिए तारिक रहमान को बधाई दी है। पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मैं बांग्लादेश में संसदीय चुनावों में BNP को बड़ी जीत दिलाने के लिए तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश के लोगों का आपके नेतृत्व पर भरोसा दिखाती है।'

पीएम मोदी ने कहा- साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं

पीएम मोदी ने आगे लिखा, 'भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और सबको साथ लेकर चलने वाले बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहेगा। मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं।'

बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

#indiarecalledthefamilymembersofitsmissionofficialsfrombangladesh

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भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।

बांग्लादेश ने आईपीएल का प्रसारण किया बैन, मुस्तफिजुर को लीग से बाहर किए जाने पर फैसला

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2026) के मैच अब बांग्लादेश में नहीं दिखाई जाएंगे। बांग्लादेश सरकार ने आईपीएल के मैचों के टेलीकास्ट पर प्रतिबंध लगा दिया है। अपने क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश की सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है। पड़ोसी देश के सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार (5 जनवरी) को इसे लेकर सभी स्थानीय टीवी चैनलों को एक पत्र भेजा है, जिसमें आईपीएल के टेलीकास्ट पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी दी गई है।

बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देश

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को इस संबंध में निर्देश जारी किए। इसमें लिखा गया कि बीसीसीआई ने 26 मार्च से शुरू हो रही इंडियन प्रीमियर लीग (आपीएल) में बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स टीम से बाहर करने का निर्णय लिया है। बयान में कहा गया कि इस निर्णय के पीछे कोई ठोस या तार्किक कारण नहीं था। यह फैसला बांग्लादेश की जनता के लिए अपमानजनक, दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। ऐसे में अगले निर्देश तक आईपीएल के सभी मैच के प्रचार, प्रसारण और पुन: प्रसारण को बंद रखने के निर्देश दिए जाते हैं।

मुस्ताफिजुर रहमान केस के बाद बढ़ा विवाद

आईपीएल 2026 के लिए हुए मिनी ऑक्शन में मुस्ताफिजुर रहमान को कोलकाता नाइटराइडर्स ने खरीदा था। मगर इसके बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर बीसीसीआई ने हस्तक्षेप करते हुए केकेआर फ्रेंचाइजी को मुस्ताफिजुर को रीलिज करने का आदेश दिया था। बांग्लादेशी अधिकारियों ने इस फैसले को किसी भी तरह से अतार्किक ठहराया।

बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलने की दी है धमकी

इससे पहले बांग्लादेश में मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से हटाए जाने की बांग्लादेश सरकार ने आलोचना की थी। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी इस फैसले का विरोध किया था। साथ ही बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने के लिए भारत में टीम नहीं भेजने का भी ऐलान कर दिया था। बीसीबी ने भारत में अपनी टीम की सुरक्षा को खतरा बताया था और इसके लिए मुस्तफिजुर रहमान को हटाए जाने के कारणों को आधार बनाया था। बीसीबी ने अपनी टीम के मैच भारत से श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग करते हुए आईसीसी को भी पत्र लिखा है।

बीजेपी नेता संगीत सिंह सोम को बांग्लादेशी नंबर से मिली धमकी, बम से उड़ाने की चेतावनी

#sangeetsomdeaththreatbangladeshbombthreat

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यूपी बीजेपी के फायरब्रांड नेता और मेरठ की सरधना से पूर्व विधायक संगीत सिंह सोम को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। यह धमकी बांग्लादेश से किए गए कॉल और मैसेज के जरिए दी गई है।

धमकी भरे फोन कॉल, मैसेज और वीडियो कॉल मिलने के बाद पूर्व विधायक के निजी सचिव शेखर ने सरधना थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

सभी संदिग्ध नंबर पुलिस को सौंपे

भाजपा नेता संगीत सोम ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 8 बजे उन्हें धमकी भरे मैसेज और वीडियो कॉल प्राप्त हुए। कॉल करने वालों ने पूर्व विधायक को परिवार सहित बम से उड़ाकर जान से मारने के साथ-साथ कुछ प्रमुख न्यूज चैनलों को भी बम से उड़ाने की धमकी भी दी। उन्होंने सभी संदिग्ध नंबर पुलिस को जांच के लिए सौंप दिए हैं।

धमकी देने वाले नंबर बांग्लादेश के

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि धमकी देने वाले नंबर बांग्लादेश के हैं। साइबर सेल और अन्य तकनीकी एजेंसियों की मदद से पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि धमकी देने वालों की पहचान की जा सके।

बांग्लादेश में हिंदुओं के शोषण पर बीजेपी नेता का कड़ा रूख

बता दें कि कि संगीत सोम ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कड़ा रुख अपनाया था और IPL टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान और बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को लेकर तीखी टिप्पीणी की थी। सोम ने कहा था कि जब पड़ोसी देशों में भारत और हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है, तब ऐसे खिलाड़ियों पर करोड़ों खर्च करना गलत है। उन्होंने यह भी कहा था कि वे ऐसे मुद्दों पर आगे भी खुलकर बोलते रहेंगे, चाहे इसके लिए कितनी भी धमकियाँ क्यों न मिलें।

उस्मान हादी की हत्या के दो आरोपी भारत भागे...', बांग्लादेश पुलिस का दावा कितना सच?

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बांग्लादेश के इंकिलाब मंच के नेता उस्मान हादी की मौत के बाद से वहां बवाल मचा हुआ है और सरकार से उनके हत्यारों को पकड़ने की मांग हो रही थी। हालांकि, उस्मान हादी के हत्यारे का अब तक पता नहीं चला है। इस नाकामी के बीच ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस ने दावा किया है कि उस्मान हादी की हत्या के दोनों प्रमुख अभियुक्त भारत भाग गए हैं।

स्थानीय मदद से सीमा करने का दावा

बांग्लादेश की ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने दावा किया है कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या के दो मुख्य आरोपी भारत भाग गए हैं। ढाका पुलिस के मुताबिक ये आरोपी मयमनसिंह जिले के हलुआघाट बॉर्डर के रास्ते भारत में दाखिल हुए, जो मेघालय से जुड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी स्थानीय मदद से सीमा पार कर भारत पहुंचे।

मदद देने वालों की भारत में गिरफ्तारी का दावा

ढाका के डीएमपी मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त आयुक्त एसएन नज़रुल इस्लाम ने बताया कि आरोपी फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख हुलुआघाट सीमा पार कर भारत पहुंचे। पुलिस के अनुसार, सीमा पार करने के बाद उन्हें पहले पूर्ति नाम के व्यक्ति ने रिसीव किया और फिर सामी नामक टैक्सी चालक ने उन्हें मेघालय के तुरा शहर तक पहुंचाया। अधिकारी ने यह भी कहा कि जिन दो लोगों ने आरोपियों को मेघालय पहुंचाने में मदद की, उन्हें भारत में हिरासत में लिया गया है। बांग्लादेशी पुलिस ने भरोसा जताया कि भारतीय एजेंसियों के साथ औपचारिक और अनौपचारिक दोनों स्तरों पर समन्वय जारी है ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण सुनिश्चित किया जा सके।

कौन थे शरीफ उस्मान हादी?

शरीफ उस्मान हादी बांग्लादेश के छात्र नेता थे और शेख हसीना विरोधी मंच ‘इनक़िलाब मंच’ से जुड़े थे। वे आगामी फरवरी चुनावों में ढाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी उन पर जानलेवा हमला हुआ। 12 दिसंबर को उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को हादी का सिंगापुर में निधन हो गया और तब से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की मॉब लिंचिंग मामले में 7 अरेस्ट, चौतरफा आलोचना के बाद झुके मोहम्‍मद यूनुस*

#bangladeshmoblynchingsevenarrested

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बांग्लादेश में हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या के मामले में चौतरफा आलोचना के बाद मोहम्मद यूनुस की सरकार ने कार्रवाई की है। बांग्लादेश की रैपिड एक्शन बटालियन ने मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने यह जानकारी दी है। मोहम्मद यूनुस ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की सांप्रदायिक हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार के आधिकारिक हैंडल से की गई पोस्ट में कहा गया कि सनातन धर्म के अनुयायी युवक दीपू चंद्र दास (27) की पीट-पीटकर हत्या के आरोप में रैपिड ऐक्शन बटालियन (RAB) ने सात लोगों को संदिग्ध के तौर पर गिरफ्तार किया है। पोस्ट में बताया गया है कि RAB-14 ने अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाकर संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

ये सात आरोपी गिरफ्तार

जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम हैं- 1- मोहम्मद लिमोन सरकार (19) 2- मोहम्मद तारेक हुसैन (19) 3- मोहम्मद माणिक मिया (20) 4- इरशाद अली (39) 5- निजुम उद्दीन (20) 6- अलोमगीर हुसैन (38) 7- मोहम्मद मिराज हुसैन एकॉन (46)

हिंदू युवा की मॉब लिंचिंग पर यूनुस सरकार ने की निंदा

इससे पहले मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने कल एक बयान में कहा था कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्य सलाहकार की मीडिया टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया- हम हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति को नष्ट करने के सभी कृत्यों की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। बयान में कहा गया था कि इस नाजुक घड़ी में, हम प्रत्येक नागरिक से हिंसा, उकसावे और नफरत को अस्वीकार करके और उनका विरोध करके हादी का सम्मान करने का आह्वान करते हैं।

हादी की मौत के बाद फैली हिंसा के बीच वारदात

दीपू चंद दास की गुरुवार को ईशनिंदा के आरोप में पीटकर हत्या कर दी गई थी और उनके शव को आग लगा दी गई। यह देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की नवीनतम घटना है। यह लिंचिंग उस समय हुई जब देश में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद तनाव और हिंसा फैल गई थी। हादी पिछले साल हुए छात्र-नेतृत्व वाले ‘जुलाई आंदोलन’ के प्रमुख नेताओं में से थे और ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता भी थे।

बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या, फिर शव को पेड़ से बांध जलाया

#bangladeshviolencehindumanlynchedoverblasphemy_charges

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बांग्लादेश में युवा नेता उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़क गई है। पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। बांग्लादेश में जारी हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच एक खौफनाक मामला सामने आया है। कट्टरपंथियों के भारत विरोधी प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उसे पेड़ में बांधकर आग लगा दी गई।

बांग्लादेश में एक हिंदू युवक को ईशनिंदा का आरोप लगाकार पहले पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को नग्न कर पेड़ पर लटका दिया गया और उसमें आग लगा दी गई। मृतक की पहचान दीपू चंद्र दास के रूप में हुई है, जो एक युवा गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी था और भालुका उपजिला के डुबालिया पाड़ा इलाके में किराए पर रहता था। मॉब लिंचिंग की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

पैगंबर मोहम्मद पर अपमानजनक टिप्पणी का आरोप

पुलिस के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 9 बजे कुछ स्थानीय लोगों ने उस पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद बिना किसी जांच या कानूनी प्रक्रिया के, भीड़ ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हिंसा पर क्या बोले मोहम्मद यूनुस?

पिछले साल अगस्त में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद कट्टर इस्लामिक संगठनों ने हिंदुओं के खिलाफ हिंसा शुरू कर दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों हिंदुओं के घर तोड़ दिए गये। कई हिंदुओं की हत्या कर दी गई। लेकिन मोहम्मद यूनुस ने चुप्पी साध रखी थी। अब जबकि इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और मोहम्मद यूनुस के लिए इस घटना को झुठलाना मुमकिन नहीं हो रहा है, तो उसने इस घटना की निंदा की है। बांग्लादेश की सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में नागरिकों से सतर्क रहने और हर तरह की हिंसा को खारिज करने की अपील की है।

बांग्‍लादेश में बवालः छात्र नेता हादी की मौत के बाद ढाका की सड़कों पर उतरे युवा, हिंसा-आगजनी

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बांग्लादेश के युवा एक्टिविस्ट उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क गई है, उनके समर्थक सड़कों पर है और कई इमारतों को आग के हवाला कर दिया है। मौत के बाद भीड़ ने रातभर तांडव मचाया और विशेष रूप से मीडिया-पत्रकारों को निशाना बनाया।

बांग्लादेश में 32 साल के छात्र नेता और इंकलाब मंच प्लेटफॉर्म के प्रवक्ता और बांग्लादेश में होने वाले नेशनल चुनावों में उम्मीदवार उस्मान हादी की हत्या के बाद अराजकता का माहौल है। रात भर राजधानी ढाका समेत देश के कई हिस्सों में हल्ला हंगामा और हिंसा जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने डेली स्टार, प्रथोम आलो समेत बड़े अखबारों के दफ्तरों को निशाना बनाया है, जिससे कई पत्रकार रात भर अंदर ही फंसे रहे।

कैंपेन करते समय हादी की हत्या

उस्मान हादी की 12 दिसंबर को ढाका में कैंपेन करते समय नकाबपोश हमलावरों ने सिर में गोली मार दी थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था। उस्मान हादी की मौत की खबर सार्वजनिक होते ही ढाका समेत देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन भड़क उठे।

प्रदर्शनकारियों ने मीडिया हाउस को बनाया निशाना

ढाका में हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब उग्र भीड़ ने डेली स्टार अखबार के दफ्तर पर हमला कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अखबार के कार्यालय में फंसे कम से कम 25 पत्रकारों को चार घंटे बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। शुक्रवार रात करीब 12 बजे भीड़ ढाका के करवान बाजार स्थित डेली स्टार के दफ्तर में घुस गई। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने प्रथम आलो अखबार के दफ्तर पर भी हमला किया था, जहां तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी गई और नारेबाजी की गई।

एंटी इंडिया रूख से जोड़ी जा रही हादी की मौत

दरअसल, हादी की मौत को उनके एंटी इंडिया और एंटी अवामी लीग रुख से जोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों प्रमुख अखबारों को प्रदर्शनकारी भारत समर्थक मान रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मीडिया संस्थानों पर आरोप लगाया कि वे भारत समर्थक हैं और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पक्ष में काम कर रहे हैं, जो अगस्त 2024 में सत्ता से बेदखल होने के बाद भारत चली गई थीं।

आवामी लीग के नेता के घर लगाई आग

वहीं, आवामी लीग के नेता भी प्रदर्शनकारियों के निशाने पर हैं। उग्र प्रदर्शन के बीच बांग्लादेश के चटगांव के शोलाशहर इलाके में प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग के संगठन सचिव और पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नवफेल के घर में घुस गए। जबरदस्ती घुसे इन उग्रवादियों ने घर में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी को अंजाम दिया है।

ভারতীয় কোস্ট গার্ডের উদ্যোগে বাংলাদেশ থেকে ভারতীয় জেলেদের প্রত্যাবর্তন

Khabar kolkata News Desk: ভারত সরকারের পররাষ্ট্র মন্ত্রণালয় বাংলাদেশে আটক ৪৭ জন ভারতীয় জেলে এবং তিনটি (০৩) ভারতীয় মাছ ধরার নৌকা (IFB) প্রত্যাবর্তনের অনুমোদন দিয়েছে। ০৯ ডিসেম্বর ২০২৫-এ পশ্চিমবঙ্গ রাজ্য সরকারের সমন্বয়ে ভারতীয় কোস্ট গার্ড সফলভাবে এই প্রত্যাবর্তন প্রক্রিয়া সম্পন্ন করে। বঙ্গোপসাগরে আন্তর্জাতিক সামুদ্রিক সীমারেখা বরাবর এই আদান-প্রদান অনুষ্ঠিত হয়।

এই প্রত্যাবর্তন প্রক্রিয়াটি পারস্পরিক ব্যবস্থার অংশ হিসেবে সম্পন্ন হয়, যেখানে ভারত ও তার জলসীমায় অবৈধ মাছ ধরার অভিযোগে ভারতীয় কোস্ট গার্ড কর্তৃক আটক ৩২ জন বাংলাদেশি জেলে এবং একটি (০১) বাংলাদেশি মাছ ধরার নৌকা ফেরত দেয়। ভারতীয় কোস্ট গার্ড জাহাজ বিজয়া নিরাপদে ওই বাংলাদেশি জেলেদের Bangladesh Coast Guard-এর জাহাজ BCGS Kamaruzzaman ও Sadhin Bangla-এর কাছে হস্তান্তর করে।

প্রত্যাবর্তিত ভারতীয় জেলেদের তিনটি IFB-সহ ভারতীয় কোস্ট গার্ড জাহাজ বিজয়া পশ্চিমবঙ্গের ফ্রেজারগঞ্জে নিয়ে আসে এবং ১০ ডিসেম্বর ২০২৫-এ ICGS Frazerganj-এর মাধ্যমে পশ্চিমবঙ্গ রাজ্য প্রশাসনের কাছে হস্তান্তর করে। জেলেদের ও তাদের নৌযানগুলোর এই পারস্পরিক বিনিময় ভারত সরকারের পররাষ্ট্র মন্ত্রণালয় মানবিক দিক ও জেলে সম্প্রদায়ের জীবিকা-সংক্রান্ত বিষয় বিবেচনা করে সম্পন্ন করেছে। গত তিন মাসে ভারতীয় কোস্ট গার্ড ভারতীয় EEZ-এর ভিতরে অবৈধভাবে পরিচালনাকারী ছয়টি বাংলাদেশি মাছ ধরার নৌকা আটক করেছে।

যদিও ভারতীয় কোস্ট গার্ড নিয়মিতভাবে IMBL-এ ভারতীয় মাছ ধরার নৌকাগুলিকে পথনির্দেশ করে থাকে, তবুও নৌকাগুলি অগভীর জলসীমা ব্যবহার করে সীমারেখা অতিক্রম করছে। গত এক বছরে IMBL-এ ভারতীয় কোস্ট গার্ডের ইউনিটগুলো ৩০০-র বেশি IFB-কে ভারতীয় জলসীমায় ফেরত পাঠিয়েছে। পাশাপাশি, জেলেদের IMBL অতিক্রম না করতে উদ্বুদ্ধ করতে স্থানীয় মৎস্য বিভাগ ও মেরিন পুলিশের প্রতিনিধিদের সমন্বয়ে উপকূলবর্তী বিভিন্ন জেলেপল্লিতে নিয়মিতভাবে কমিউনিটি ইন্টারঅ্যাকশন প্রোগ্রাম (CIP) আয়োজন করা হচ্ছে।

IMBL অতিক্রম করে বৈধ নথিপত্র ছাড়া বিদেশি জলসীমায় মাছ ধরা একটি গুরুতর অপরাধ এবং এর মারাত্মক পরিণতি রয়েছে। এ ধরনের লঙ্ঘন বিদেশি আইন-শৃঙ্খলা রক্ষাকারী সংস্থা বা সামুদ্রিক সংস্থার দ্বারা নৌকা/জেলেদের আটক হওয়ার কারণ হয়। এর ফলে জেলেদের এবং তাদের পরিবারের অযথা শারীরিক ও মানসিক কষ্টের সৃষ্টি হয়।

এই প্রসঙ্গে ভারতীয় কোস্ট গার্ড পশ্চিমবঙ্গ রাজ্য প্রশাসনকে স্থানীয় জেলে সম্প্রদায়কে IMBL অতিক্রমের আইনি ও নিরাপত্তাজনিত প্রভাব সম্পর্কে সচেতন করতে প্রয়োজনীয় নির্দেশ জারি করার অনুরোধ জানিয়েছে।

ছবি সৌজন্যে :- ইন্ডিয়ান কোস্ট গার্ড।