सागर मैराथन में हंगामा: मेडल-इनाम न मिलने पर भड़के खिलाड़ी, चक्काजाम के बाद बांटे गए पुरस्कार

सागर। संभागीय खेल परिसर में आयोजित मैराथन प्रतियोगिता उस समय विवादों में घिर गई, जब प्रतिभागियों ने आयोजकों पर मेडल और नगद इनाम राशि न देने के गंभीर आरोप लगाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और आयुष मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मैराथन में सागर सहित दूरदराज के इलाकों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया था।

प्रतियोगिता समाप्त होते ही खिलाड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि IMA अध्यक्ष डॉ. तल्हा शाद मेडल और नगद पुरस्कार लेकर कार्यक्रम स्थल से चले गए। इससे आक्रोशित प्रतिभागियों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालात उस समय और बिगड़ गए, जब एक खिलाड़ी संभागीय खेल परिसर के मुख्य गेट पर चढ़ गया और अन्य प्रतियोगियों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

प्रतिभागियों का कहना था कि 10-10 किलोमीटर की दौड़ के बाद न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की गई और न ही प्रमाण पत्र, मेडल व घोषित इनाम राशि दी गई। प्रतिभागी राकेश ने बताया कि वह 90 किलोमीटर दूर से 500 रुपये खर्च कर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया था, लेकिन आयोजक बिना मेडल और सर्टिफिकेट दिए ही चले गए। वहीं अमिता ने आरोप लगाया कि टॉप-50 प्रतिभागियों को मेडल देने की घोषणा की गई थी, लेकिन किसी को भी कुछ नहीं मिला।

भाजपा नेता कैलाश यादव ने भी आयोजन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं तक की व्यवस्था नहीं की गई और बाद में आयोजक मेडल, प्रमाण पत्र और इनाम राशि दिए बिना मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे खिलाड़ियों को समझाया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद IMA अध्यक्ष को वापस बुलाया गया। इसके बाद खिलाड़ियों को नगद राशि, मेडल और पुरस्कार वितरित किए गए, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।

हालांकि हंगामा शांत हो गया, लेकिन इस घटना ने आयुष मंत्रालय और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की आयोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतियोगियों और स्थानीय नागरिकों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की है।

कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी मामला: मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, FIR रद्द करने से इनकार


भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अब बहुत देर हो चुकी है और इस स्तर पर एफआईआर हटाने का कोई आधार नहीं बनता।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह दो सप्ताह के भीतर यह तय करे कि मामले में अभियोजन चलाया जाएगा या नहीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा। यह एफआईआर भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए मंत्री विजय शाह के कथित अपमानजनक बयान के बाद दर्ज की गई थी। विजय शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने दलील दी कि कोर्ट के निर्देश के बाद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी और यह माफीनामा सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “ऑनलाइन माफीनामा क्या होता है? अगर माफी दी गई है तो उसे रिकॉर्ड पर रखा जाए।”

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश दिए थे। SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश की थी। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा था कि जांच केवल विजय शाह के बयान तक सीमित न रहे, बल्कि उन सभी लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएं जिनकी भावनाएं उनके बयान से आहत हुई हैं।

उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने मीडिया को ब्रीफिंग दी थी, जिसमें भारतीय सेना की कार्रवाई और पराक्रम की जानकारी दी गई थी। इसी दौरान मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी और एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

इस बीच, विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका भी दाखिल की गई है। कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने मंत्री विजय शाह को पद से हटाने की मांग करते हुए क्वो-वारंटो रिट याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि विजय शाह का बयान संविधान के अनुच्छेद 164(3) के तहत ली गई मंत्री पद की शपथ का उल्लंघन है, इसलिए उन्हें तत्काल मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख के बाद यह मामला और गंभीर होता दिख रहा है और आने वाले दिनों में मंत्री विजय शाह की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

देवघर पुस्तक मेला में महिला संसद बनेगी आकर्षण का केंद्र।
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देवघर: में आयोजित होने वाला पुस्तक मेला 23 जनवरी से 2 फरवरी तक चलेगा। इस पुस्तक मेले का सबसे बड़ा आकर्षण महिला संसद होगी, जिसमें महिलाएं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मंच पर प्रस्तुत करेंगी। महिला संसद में मंत्री, सांसद, प्रधानमंत्री, विपक्ष एवं सत्तापक्ष की भूमिका महिलाओं द्वारा निभाई जाएगी। महिला संसद में शिक्षा मंत्री की भूमिका योगमाया कुमारी, स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका मंजुला कांत, रक्षा मंत्री की भूमिका इंदिरा मिश्रा, महिला सशक्तिकरण मंत्री की भूमिका राखी पांडेय, महिला एवं बाल विकास मंत्री की भूमिका डॉ. शिप्रा झा, वित्त मंत्री की भूमिका अर्चना भगत, विदेश मंत्री की भूमिका सोनाली भारती, ग्रामीण विकास मंत्री की भूमिका मधु कुमारी, तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री की भूमिका सिमरन कुमारी निभाएंगी। वहीं महिला संसद में प्रधानमंत्री की भूमिका डॉ. इति, उप-प्रधानमंत्री की भूमिका बबली सिंह, अध्यक्ष की भूमिका डॉ. कल्पना कुमारी और उपाध्यक्ष की भूमिका डॉ. रूपा श्री और ममता किरण।। सत्तापक्ष सांसदों की भूमिका में भारती सिंह, संध्या कुमारी, इंदु तिवारी, गीता सिंह, सलोनी कुमारी, रंजनी रंजन, ममता गुप्ता, खुशबू कुमारी एवं विनीता कुमारी शामिल होंगी। वहीं विपक्ष की भूमिका में अर्चना सिंह, सुनीता कुमारी, डॉ. आशा रानी, सोनम झा, रंजीता कांत, राजेश्वरी सिंह, कुमारी निधि, डॉ. पूजा विश्वकर्मा, मनीषा सिंह, सोमा कुमारी, डॉ. नेहलता, आशु कुमारी, श्री ठाकुर, सुहानी प्रिया एवं खुशी कुमारी शामिल रहेंगी। आयोजकों के अनुसार महिला संसद का उद्देश्य महिलाओं में लोकतांत्रिक समझ विकसित करना और उन्हें नेतृत्व के लिए प्रेरित करना है। महिला संसद निश्चित रूप से पुस्तक मेले में आने वाले दर्शकों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी अनुभव होगी।
वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया लोकप्रिय नगरसेवक मनोज दुबे का अभिनंदन

भायंदर। महानगर के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने मीरा भायंदर महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक 21/ क से भारी मतों से विजई भाजपा के नवनिर्वाचित नगरसेवक तथा उत्तर भारतीय समाज के युवा चेहरा मनोज रामनारायण दुबे का अभिनंदन किया। इस अवसर पर उनके पिता तथा पूर्व नगरसेवक रामनारायण दुबे के अलावा भाजपा जिला सचिव रमेश चंद्र मिश्रा जिला प्रवक्ता राधेश्याम मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट डीसी पांडे, वीएन त्रिपाठी, सूरज पांडे विनोद दुबे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ते हुए पहली बार 2017 में नगरसेवक निर्वाचित हुए। भाजपा में रहते हुए उन्होंने मंडल अध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, सभापति समेत अनेक पदों पर विराजमान रहे। आज भी खुद को पार्टी का सिपाही मानने वाले मनोज दुबे अपने पिता रामनारायण दुबे और विधायक नरेंद्र मेहता को अपना राजनीतिक प्रेरणास्रोत मानते हैं। अत्यंत विनम्र, शालीन उदार और सहयोगी प्रवृत्ति के मनोज दुबे ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी अजय अर्जुन सिंह को 5641 मतों से पराजित किया ।
एक दर्जन से अधिक उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले गये,आर्यनगर व तिवारी बाजार चौकी प्रभारी हटाए गए

गोंडा।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने देर रात कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 16 उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया है।इस फेरबदल में आर्यनगर और तिवारी बाजार चौकी प्रभारियों को लापरवाही के आरोप में हटा दिया गया है,जबकि कई नए प्रभारियों की नियुक्ति की गयी है।लापरवाही के आरोप में हटाए गए आर्यनगर चौकी प्रभारी अरुण द्विवेदी को थाना उमरीबेगमगंज भेजा गया है,इसी तरह तिवारी बाजार चौकी प्रभारी अमरनाथ को भी थाना उमरीबेगमगंज स्थानांतरित किया गया है।

इस फेरबदल में अजय कुमार सिंह को बड़गांव चौकी प्रभारी तो गोलू तिवारी को दुबहा बाजार चौकी का प्रभारी बनाया गया है।राजीव कनौजिया को आर्यनगर व उदित कुमार वर्मा को तिवारी बाजार चौकी की बागडोर सौंपी गई है।शिवकुमार यादव को हथियागढ़ चौकी इंचार्ज बनाया गया है।अन्य तबादलों में रुद्रावती को महिला थाने से पुलिस लाइन भेजा गया है।तेज नारायण गुप्ता को देहात कोतवाली,अखिलेश सिंह को न्यायालय सम्मन सेल और इबरार अहमद को नवाबगंज थाना भेजा गया है।विनोद कुमार सिंह को पुलिस लाइन व विनय कुमार सिंह को थाना कोतवाली देहात,संजय कुमार पांडेय को थाना खरगूपुर,अरविंद कुमार सिंह को छपिया तथा राकेश कुमार गुप्ता को मोतीगंज थाने पर भेजा गया है।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को तिवारी बाजार चौकी प्रभारी अमरनाथ के विरुद्ध शिकायतों को सुनने और उनके समाधान में लगातार लापरवाही बरतने की शिकायतें मिल रही थीं,जिसके बाद उन पर कार्रवाई की गई।आर्यनगर चौकी प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी के खिलाफ भी कार्य के प्रति लापरवाही की शिकायतें मिली थीं।पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित पुलिस कर्मियों को तत्काल अपने अपने थानों और चौकियों पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिये हैं।उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निस्तारण करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्देश भी दिया है।उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि यदि कहीं भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो उस पर भी तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
जांच टीम को मेडिकल कॉलेज में नहीं मिले चूहे- डाक्टर संदीपा श्रीवास्तव
*शासन को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

गोंडा।मेडिकल कॉलेज में चूहों के वायरल वीडियो के मामले में गठित उच्चस्तरीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि निरीक्षण के दौरान उन्हें कहीं भी नहीं मिले।समिति की अध्यक्ष और चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक डाक्टर संदीपा श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी है।बताते चलें कि बीते दिनों गोंडा मेडिकल कॉलेज में चूहों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था,इसके बाद शासन ने मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था।जांच टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर नए व पुराने दोनों भवनों के सभी वार्डों का गहन निरीक्षण किया है।डाक्टर संदीपा श्रीवास्तव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें पुराने वार्डों या नई बिल्डिंग में कहीं भी कोई चूहा नहीं मिला।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मरीज ने उनसे चूहों के मिलने की शिकायत नहीं किया है।डाक्टर श्रीवास्तव ने बताया कि जांच टीम में दो मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के एक डाक्टर शामिल थे।उन्होंने कहा कि टीम को शासन के आदेश पर यहां जांच के लिए भेजा गया था।निरीक्षण के दौरान टीम को कहीं भी चूहों से संबंधित शिकायत नहीं मिली है।समिति अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगी जिसके बाद शासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने नई बिल्डिंग को काफी अच्छा बताया है।बताते चलें कि बीते दिनों जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी नई और पुरानी बिल्डिगों का निरीक्षण किया था और पुरानी बिल्डिंग के सभी वार्डों को नई बिल्डिंग में 15 दिन में शिफ्ट करने के लिए निर्देश दिया था।ऐसे में शासन स्तर द्वारा गठित कमेटी ने भी इस बात की जांच की है कि नई बिल्डिंग में पुरानी बिल्डिंग के वार्डों को शिफ्ट किया जाना कितना सही रहेगा
राज अमित कुमार के हिट शो 'बिंदिया के बाहुबली' का सीज़न 2 पारिवारिक जंग में फँसे एक पूरे इलाके की कहानी लेकर लौट रहा है

मुंबई, जनवरी 2026: 'बिंदिया के बाहुबली' की दमदार दुनिया एक बार फिर वापसी के लिए तैयार है। 21 जनवरी को रिलीज़ होने जा रहे इसके दूसरे सीज़न का ट्रेलर साफ इशारा करता है कि अब बिंदिया की लड़ाई सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रही, यह अब बेहद निजी, खतरनाक और जानलेवा हो चुकी है।

राज अमित कुमार द्वारा लिखित और निर्देशित पहले सीज़न में काल्पनिक कस्बे 'बिंदिया की कहानी' को एक ब्लैक कॉमेडी के अंदाज़ में सामने आई थी, जहाँ अपराध और राजनीति अजीबोगरीब तरीके से साथ-साथ चलते हैं। चुनाव के दौरान खौफनाक माफिया डॉन बड़े दवन की गिरफ्तारी से सत्ता का संतुलन बिगड़ जाता है। इस मौके को भाँपते हुए उसका महत्वाकांक्षी बेटा छोटे दवन सत्ता हथियाने की कोशिश करता है, भले ही इसके लिए उसे अपने ही परिवार के खिलाफ क्यों न जाना पड़े।

सीज़न 2 में पिता-पुत्र के इस टूटे रिश्ते और पारिवारिक टकराव को और भी गहराई से दिखाया गया है, जो अब एक भीषण सत्ता संघर्ष में बदल चुका है। ट्रेलर में बड़े दवन और छोटे दवन के बीच एक क्रूर आमना-सामना देखने को मिलता है, जिसमें बिंदिया बीच में फँस जाता है। गठजोड़ बदलते हैं, धोखे बढ़ते हैं और हर चाल जानलेवा साबित होती है। अब यह लड़ाई विरासत की नहीं, बल्कि खून-पसीने से सत्ता छीनने की है।

सीज़न 2 पर बात करते हुए निर्देशक राज अमित कुमार ने कहा, "सीज़न 1 कॉमेडी था, लेकिन सीज़न 2 में कॉमेडी त्रासदी में बदल जाती है। यदि पहला सीज़न सेट-अप था, तो यह उसका पे-ऑफ है। यदि सीज़न 1 नमक था, तो सीज़न 2 टकीला शॉट है। इस बार संघर्ष भावनात्मक और नैतिक रूप से कहीं ज्यादा खतरनाक हैं। पारिवारिक सत्ता संघर्ष अब सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि बेहद निजी और मानवीय हो गया है।"

रणवीर शौरी और सौरभ शुक्ला के साथ इस सीरीज़ में सीमा बिस्वास, सई ताम्हणकर, तनिष्ठा चटर्जी, क्रांति प्रकाश झा, दिब्येंदु भट्टाचार्य और शीबा चड्ढा अहम भूमिकाओं में नज़र आएँगे।

'बिंदिया के बाहुबली' सीज़न 2, 21 जनवरी, 2026 से अमेज़न प्राइम वीडियो और अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम होने जा रहा है।
सेवलाइफ फाउंडेशन और पार्ले बिस्कुट्स प्राइवेट लिमिटेड ने नागपुर के ग्रामीण अस्पतालों को महत्वपूर्ण शल्य चिकित्सा उपकरण सौंपे*

*नागपुर, जनवरी 2026:* घातक सड़क दुर्घटनाओं के इतिहास वाले उच्च जोखिम वाले गलियारों में आपातकालीन चिकित्सा देखभाल और आघात देखभाल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन ने पार्ले बिस्कुट प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक सीएसआर साझेदारी में, महाराष्ट्र सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से, नागपुर ग्रामीण जिले में एनएच-353डी (उमरेड-भीवापुर रोड) पर स्थित उमरेड ग्रामीण अस्पताल और आघात देखभाल इकाई और एनएच-44 (नागपुर-देओलापार रोड) पर स्थित देओलापार ग्रामीण अस्पताल को महत्वपूर्ण शल्य चिकित्सा उपकरण सौंपे।
उमरेड ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रभाकर वंजारी और देओलापार ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मेश्राम ने सेवलाइफ फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के साथ संबंधित कार्यक्रमों में भाग लिया।
इस कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए उमरेड ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रभाकर वंजारी ने कहा, "सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने पर समय पर हस्तक्षेप करना महत्वपूर्ण है, इसलिए इस शल्य चिकित्सा उपकरण के जुड़ने से उमरेड ग्रामीण अस्पताल की आपातकालीन आघात के मामलों से निपटने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।"
देवलापार ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मेश्राम ने प्रकाश डालते हुए कहा,“यह सहयोग हमारे अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करता है और एनएच-44 पर सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए मरीजों को सीधे तौर पर लाभ पहुँचाएगा। ग्रामीण स्तर पर आघात देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करने में सेवलाइफ फाउंडेशन और पार्ले बिस्कुट प्राइवेट लिमिटेड के प्रयासों की हम सराहना करते हैं।”
एनएच-353डी और एनएच-44 पर यातायात बहुत अधिक रहता है और यहाँ गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। जनवरी-नवंबर 2025 के बीच, एनएच-44 पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 104% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2024 में 24 से बढ़कर 2025 में 49 हो गईं। वहीं, एनएच-353डी पर मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 10% की कमी दर्ज की गई, जो 2024 में 30 से घटकर 2025 में 27 रह गईं। कुल मिलाकर, नागपुर ग्रामीण क्षेत्र के उच्च मृत्यु दर वाले गलियारों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 7.3% की वृद्धि दर्ज की गई, जो जनवरी-नवंबर 2024 के बीच 233 से बढ़कर इस वर्ष इसी अवधि में 250 हो गईं। ग्रामीण अस्पतालों को आवश्यक शल्य चिकित्सा और आपातकालीन देखभाल उपकरणों से लैस करके, इस पहल का उद्देश्य आघात देखभाल की तैयारियों में सुधार करना और सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली रोकी जा सकने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करना है।
पारले बिस्कुट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) प्रयासों के तहत समर्थित, जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर कार्यक्रम उन्नत दुर्घटना डेटा विश्लेषण, सामुदायिक सहभागिता, बेहतर आघात देखभाल और क्षमता निर्माण के माध्यम से उच्च जोखिम वाले राजमार्गों को सुरक्षित गलियारों में बदलने पर केंद्रित है।
उमरेड ग्रामीण अस्पताल और देओलापार ग्रामीण अस्पताल को महत्वपूर्ण शल्य चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की पहल से सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए आपातकालीन देखभाल की तैयारी और समय पर उपचार सुनिश्चित होगा। जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर कार्यक्रम के तहत यह पहल रोकी जा सकने वाली मौतों को कम करने और अधिक प्रभावी आपातकालीन देखभाल प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक कदम है।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन की कार्यक्रम प्रमुख डॉ. इलिया जाफर ने कहा, ”विशेषीकृत आघात देखभाल सुविधाओं की अनुपलब्धतादुर्घटनास्थलों के निकट स्थित अस्पताल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है। उमरेड ग्रामीण अस्पताल और देओलापार ग्रामीण अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा और आघात संबंधी देखभाल प्रदान करने की क्षमता को मजबूत करके, हम बेहतर उत्तरजीविता परिणामों को प्राप्त करने के प्रति आश्वस्त हैं।”
सेवलाइफ फाउंडेशन भारत के राजमार्गों पर शून्य मौतों के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से डेटा-आधारित साक्ष्यों का लाभ उठाते हुए सड़क सुरक्षा और आघात देखभाल के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
डर और हँसी का धमाकेदार संगम: नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी की 'भानुप्रिया भूतोर होटल' का ट्रेलर हुआ रिलीज़

मुंबई, जनवरी, 2026: बहुप्रतीक्षित फिल्म 'भानुप्रिया भूतोर होटल' का ट्रेलर आखिरकार रिलीज़ हो गया है और यह डरावने माहौल के साथ ठहाकों से भरपूर मनोरंजन का वादा करता है। रहस्यमय वातावरण, चुटीला हास्य और अप्रत्याशित मोड़ों से सजा यह ट्रेलर ऐसी दुनिया की झलक दिखाता है, जहाँ हॉरर और कॉमेडी का मज़ेदार टकराव देखने को मिलता है।

फिल्म में मिमी चक्रवर्ती, सोहम मजूमदार, बॉनी सेनगुप्ता और स्वस्तिका दत्ता अहम भूमिकाओं में नज़र आ रहे हैं। ट्रेलर में दिलचस्प किरदार, शानदार कॉमिक टाइमिंग और डर पैदा करने वाले विज़ुअल्स देखने को मिलते हैं, जो दर्शकों को डरते-डरते हँसने पर मजबूर कर देते हैं। चतुर संवादों से लेकर अलौकिक अराजकता तक, ट्रेलर एक ताज़ा और मनोरंजक सिनेमाई सफर का संकेत देता है।

फिल्म को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए सोहम मजूमदार ने कहा, "इस फिल्म ने मुझे इसलिए आकर्षित किया, क्योंकि यह हॉरर को बहुत ही खेल-खेल में पेश करती है। यह सिर्फ डर पर निर्भर नहीं है, बल्कि ऐसा माहौल रचती है, जहाँ हास्य और भय साथ-साथ चलते हैं। ट्रेलर उस संतुलन को बखूबी दर्शाता है, और मुझे लगता है दर्शकों के लिए यह एक बेहद मनोरंजक अनुभव होगा।"

वहीं मिमी चक्रवर्ती ने कहा, "भानुप्रिया भूतोर होटल मेरे लिए बिल्कुल अलग अनुभव है। यह डरावनी भी है, अजीब-सी भी और साथ ही बेहद मज़ेदार भी। ट्रेलर उस पागलपन की झलक देता है, जिसकी उम्मीद दर्शक फिल्म से कर सकते हैं। मैं उत्साहित हूँ कि दर्शक बड़े पर्दे पर हॉरर और कॉमेडी के इस अनोखे मेल का आनंद लें।"

हॉरर-कॉमेडी जॉनर में अपनी पहली कोशिश को लेकर निर्देशक अरित्र मुखर्जी ने कहा, "भानुप्रिया भूतोर होटल’ के साथ हम ऐसे जॉनर को एक्सप्लोर करना चाहते थे, जहाँ कल्पना, हास्य और भावनाएँ एक साथ मौजूद हों। हॉरर-कॉमेडी हमें यह आज़ादी देती है कि हम एक ऐसी कहानी कह सकें, जो मनोरंजक भी हों और किरदारों व परिस्थितियों के ज़रिए दर्शकों से जुड़ भी सकें। ट्रेलर को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया ने हमें और उत्साहित किया है।"

निर्माता नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी के लिए भी यह फिल्म हॉरर-कॉमेडी स्पेस में पहली पेशकश है। कंटेंट-समृद्ध और दर्शकों द्वारा पसंद की जाने वाली फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले इस जोड़ी के लिए, यह जॉनर उनकी कहानी कहने की विरासत में एक नया और रोमांचक अध्याय जोड़ता है। हॉरर-कॉमेडी पर उनका चंचल लेकिन सधा हुआ अंदाज़ इस फिल्म को खास बनाता है।

विंडोज़ प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी 'भानुप्रिया भूतोर होटल' 23 जनवरी, 2026 को छुट्टियों के मौके पर रिलीज़ होने के लिए तैयार है। ट्रेलर को देखकर इतना तय है कि दर्शकों को एक डरावना, हँसी से भरपूर और पूरी तरह मनोरंजक अनुभव मिलने वाला है।
नितिन नवीन आज भाजपा अध्यक्ष पद के लिए करेंगे नामांकन, निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। सोमवार 19 जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नवीन के निर्विरोध सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बनने की संभावना है।

सभी राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव

नितिन नवीन के नामांकन में सभी राज्यों से एक-एक प्रस्ताव मंगाया गया है। राज्यों के अलावा नितिन नवीन के प्रस्तावक के रूप में बीजेपी संसदीय दल की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह सरीखे पार्टी के प्रमुख नेता भी होंगे।

निर्विरोध चुने जाने की संभावना

पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है।

दो बजे से चार बजे तक होगा नामांकन

भाजपा के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, इस पद के लिए नामांकन सोमवार को अपराह्न दो बजे से चार बजे तक दाखिल किए जाएंगे। चुनाव की प्रक्रिया बीजेपी मुख्यालय में पूरी कराई जाएगी। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन नए पार्टी अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

कल होगा नाम का औपचारिक ऐलान

20 जनवरी को औपचारिक रूप से नितिन नवीन की अध्यक्ष के रूप में घोषणा कर दी जाएगी। 20 जनवरी को इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत सभी वरिष्ठ नेता, सभी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे।

भाजपा में कैसे होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जाती है। भाजपा के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता के पंद्रह वर्ष पूरे हो चुके हों। पार्टी संविधान के मुताबिक ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव संपन्न हो चुके हैं।

सागर मैराथन में हंगामा: मेडल-इनाम न मिलने पर भड़के खिलाड़ी, चक्काजाम के बाद बांटे गए पुरस्कार

सागर। संभागीय खेल परिसर में आयोजित मैराथन प्रतियोगिता उस समय विवादों में घिर गई, जब प्रतिभागियों ने आयोजकों पर मेडल और नगद इनाम राशि न देने के गंभीर आरोप लगाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और आयुष मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मैराथन में सागर सहित दूरदराज के इलाकों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया था।

प्रतियोगिता समाप्त होते ही खिलाड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि IMA अध्यक्ष डॉ. तल्हा शाद मेडल और नगद पुरस्कार लेकर कार्यक्रम स्थल से चले गए। इससे आक्रोशित प्रतिभागियों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालात उस समय और बिगड़ गए, जब एक खिलाड़ी संभागीय खेल परिसर के मुख्य गेट पर चढ़ गया और अन्य प्रतियोगियों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

प्रतिभागियों का कहना था कि 10-10 किलोमीटर की दौड़ के बाद न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की गई और न ही प्रमाण पत्र, मेडल व घोषित इनाम राशि दी गई। प्रतिभागी राकेश ने बताया कि वह 90 किलोमीटर दूर से 500 रुपये खर्च कर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया था, लेकिन आयोजक बिना मेडल और सर्टिफिकेट दिए ही चले गए। वहीं अमिता ने आरोप लगाया कि टॉप-50 प्रतिभागियों को मेडल देने की घोषणा की गई थी, लेकिन किसी को भी कुछ नहीं मिला।

भाजपा नेता कैलाश यादव ने भी आयोजन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं तक की व्यवस्था नहीं की गई और बाद में आयोजक मेडल, प्रमाण पत्र और इनाम राशि दिए बिना मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे खिलाड़ियों को समझाया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद IMA अध्यक्ष को वापस बुलाया गया। इसके बाद खिलाड़ियों को नगद राशि, मेडल और पुरस्कार वितरित किए गए, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।

हालांकि हंगामा शांत हो गया, लेकिन इस घटना ने आयुष मंत्रालय और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की आयोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतियोगियों और स्थानीय नागरिकों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की है।

कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी मामला: मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, FIR रद्द करने से इनकार


भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अब बहुत देर हो चुकी है और इस स्तर पर एफआईआर हटाने का कोई आधार नहीं बनता।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह दो सप्ताह के भीतर यह तय करे कि मामले में अभियोजन चलाया जाएगा या नहीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा। यह एफआईआर भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए मंत्री विजय शाह के कथित अपमानजनक बयान के बाद दर्ज की गई थी। विजय शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने दलील दी कि कोर्ट के निर्देश के बाद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी और यह माफीनामा सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “ऑनलाइन माफीनामा क्या होता है? अगर माफी दी गई है तो उसे रिकॉर्ड पर रखा जाए।”

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश दिए थे। SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश की थी। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा था कि जांच केवल विजय शाह के बयान तक सीमित न रहे, बल्कि उन सभी लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएं जिनकी भावनाएं उनके बयान से आहत हुई हैं।

उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने मीडिया को ब्रीफिंग दी थी, जिसमें भारतीय सेना की कार्रवाई और पराक्रम की जानकारी दी गई थी। इसी दौरान मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी और एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

इस बीच, विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका भी दाखिल की गई है। कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने मंत्री विजय शाह को पद से हटाने की मांग करते हुए क्वो-वारंटो रिट याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि विजय शाह का बयान संविधान के अनुच्छेद 164(3) के तहत ली गई मंत्री पद की शपथ का उल्लंघन है, इसलिए उन्हें तत्काल मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख के बाद यह मामला और गंभीर होता दिख रहा है और आने वाले दिनों में मंत्री विजय शाह की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

देवघर पुस्तक मेला में महिला संसद बनेगी आकर्षण का केंद्र।
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देवघर: में आयोजित होने वाला पुस्तक मेला 23 जनवरी से 2 फरवरी तक चलेगा। इस पुस्तक मेले का सबसे बड़ा आकर्षण महिला संसद होगी, जिसमें महिलाएं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मंच पर प्रस्तुत करेंगी। महिला संसद में मंत्री, सांसद, प्रधानमंत्री, विपक्ष एवं सत्तापक्ष की भूमिका महिलाओं द्वारा निभाई जाएगी। महिला संसद में शिक्षा मंत्री की भूमिका योगमाया कुमारी, स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका मंजुला कांत, रक्षा मंत्री की भूमिका इंदिरा मिश्रा, महिला सशक्तिकरण मंत्री की भूमिका राखी पांडेय, महिला एवं बाल विकास मंत्री की भूमिका डॉ. शिप्रा झा, वित्त मंत्री की भूमिका अर्चना भगत, विदेश मंत्री की भूमिका सोनाली भारती, ग्रामीण विकास मंत्री की भूमिका मधु कुमारी, तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री की भूमिका सिमरन कुमारी निभाएंगी। वहीं महिला संसद में प्रधानमंत्री की भूमिका डॉ. इति, उप-प्रधानमंत्री की भूमिका बबली सिंह, अध्यक्ष की भूमिका डॉ. कल्पना कुमारी और उपाध्यक्ष की भूमिका डॉ. रूपा श्री और ममता किरण।। सत्तापक्ष सांसदों की भूमिका में भारती सिंह, संध्या कुमारी, इंदु तिवारी, गीता सिंह, सलोनी कुमारी, रंजनी रंजन, ममता गुप्ता, खुशबू कुमारी एवं विनीता कुमारी शामिल होंगी। वहीं विपक्ष की भूमिका में अर्चना सिंह, सुनीता कुमारी, डॉ. आशा रानी, सोनम झा, रंजीता कांत, राजेश्वरी सिंह, कुमारी निधि, डॉ. पूजा विश्वकर्मा, मनीषा सिंह, सोमा कुमारी, डॉ. नेहलता, आशु कुमारी, श्री ठाकुर, सुहानी प्रिया एवं खुशी कुमारी शामिल रहेंगी। आयोजकों के अनुसार महिला संसद का उद्देश्य महिलाओं में लोकतांत्रिक समझ विकसित करना और उन्हें नेतृत्व के लिए प्रेरित करना है। महिला संसद निश्चित रूप से पुस्तक मेले में आने वाले दर्शकों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी अनुभव होगी।
वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया लोकप्रिय नगरसेवक मनोज दुबे का अभिनंदन

भायंदर। महानगर के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने मीरा भायंदर महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक 21/ क से भारी मतों से विजई भाजपा के नवनिर्वाचित नगरसेवक तथा उत्तर भारतीय समाज के युवा चेहरा मनोज रामनारायण दुबे का अभिनंदन किया। इस अवसर पर उनके पिता तथा पूर्व नगरसेवक रामनारायण दुबे के अलावा भाजपा जिला सचिव रमेश चंद्र मिश्रा जिला प्रवक्ता राधेश्याम मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट डीसी पांडे, वीएन त्रिपाठी, सूरज पांडे विनोद दुबे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ते हुए पहली बार 2017 में नगरसेवक निर्वाचित हुए। भाजपा में रहते हुए उन्होंने मंडल अध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, सभापति समेत अनेक पदों पर विराजमान रहे। आज भी खुद को पार्टी का सिपाही मानने वाले मनोज दुबे अपने पिता रामनारायण दुबे और विधायक नरेंद्र मेहता को अपना राजनीतिक प्रेरणास्रोत मानते हैं। अत्यंत विनम्र, शालीन उदार और सहयोगी प्रवृत्ति के मनोज दुबे ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी अजय अर्जुन सिंह को 5641 मतों से पराजित किया ।
एक दर्जन से अधिक उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले गये,आर्यनगर व तिवारी बाजार चौकी प्रभारी हटाए गए

गोंडा।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने देर रात कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 16 उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया है।इस फेरबदल में आर्यनगर और तिवारी बाजार चौकी प्रभारियों को लापरवाही के आरोप में हटा दिया गया है,जबकि कई नए प्रभारियों की नियुक्ति की गयी है।लापरवाही के आरोप में हटाए गए आर्यनगर चौकी प्रभारी अरुण द्विवेदी को थाना उमरीबेगमगंज भेजा गया है,इसी तरह तिवारी बाजार चौकी प्रभारी अमरनाथ को भी थाना उमरीबेगमगंज स्थानांतरित किया गया है।

इस फेरबदल में अजय कुमार सिंह को बड़गांव चौकी प्रभारी तो गोलू तिवारी को दुबहा बाजार चौकी का प्रभारी बनाया गया है।राजीव कनौजिया को आर्यनगर व उदित कुमार वर्मा को तिवारी बाजार चौकी की बागडोर सौंपी गई है।शिवकुमार यादव को हथियागढ़ चौकी इंचार्ज बनाया गया है।अन्य तबादलों में रुद्रावती को महिला थाने से पुलिस लाइन भेजा गया है।तेज नारायण गुप्ता को देहात कोतवाली,अखिलेश सिंह को न्यायालय सम्मन सेल और इबरार अहमद को नवाबगंज थाना भेजा गया है।विनोद कुमार सिंह को पुलिस लाइन व विनय कुमार सिंह को थाना कोतवाली देहात,संजय कुमार पांडेय को थाना खरगूपुर,अरविंद कुमार सिंह को छपिया तथा राकेश कुमार गुप्ता को मोतीगंज थाने पर भेजा गया है।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को तिवारी बाजार चौकी प्रभारी अमरनाथ के विरुद्ध शिकायतों को सुनने और उनके समाधान में लगातार लापरवाही बरतने की शिकायतें मिल रही थीं,जिसके बाद उन पर कार्रवाई की गई।आर्यनगर चौकी प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी के खिलाफ भी कार्य के प्रति लापरवाही की शिकायतें मिली थीं।पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित पुलिस कर्मियों को तत्काल अपने अपने थानों और चौकियों पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिये हैं।उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निस्तारण करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्देश भी दिया है।उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि यदि कहीं भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो उस पर भी तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
जांच टीम को मेडिकल कॉलेज में नहीं मिले चूहे- डाक्टर संदीपा श्रीवास्तव
*शासन को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

गोंडा।मेडिकल कॉलेज में चूहों के वायरल वीडियो के मामले में गठित उच्चस्तरीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि निरीक्षण के दौरान उन्हें कहीं भी नहीं मिले।समिति की अध्यक्ष और चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक डाक्टर संदीपा श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी है।बताते चलें कि बीते दिनों गोंडा मेडिकल कॉलेज में चूहों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था,इसके बाद शासन ने मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था।जांच टीम ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर नए व पुराने दोनों भवनों के सभी वार्डों का गहन निरीक्षण किया है।डाक्टर संदीपा श्रीवास्तव ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें पुराने वार्डों या नई बिल्डिंग में कहीं भी कोई चूहा नहीं मिला।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मरीज ने उनसे चूहों के मिलने की शिकायत नहीं किया है।डाक्टर श्रीवास्तव ने बताया कि जांच टीम में दो मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के एक डाक्टर शामिल थे।उन्होंने कहा कि टीम को शासन के आदेश पर यहां जांच के लिए भेजा गया था।निरीक्षण के दौरान टीम को कहीं भी चूहों से संबंधित शिकायत नहीं मिली है।समिति अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगी जिसके बाद शासन के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने नई बिल्डिंग को काफी अच्छा बताया है।बताते चलें कि बीते दिनों जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने भी नई और पुरानी बिल्डिगों का निरीक्षण किया था और पुरानी बिल्डिंग के सभी वार्डों को नई बिल्डिंग में 15 दिन में शिफ्ट करने के लिए निर्देश दिया था।ऐसे में शासन स्तर द्वारा गठित कमेटी ने भी इस बात की जांच की है कि नई बिल्डिंग में पुरानी बिल्डिंग के वार्डों को शिफ्ट किया जाना कितना सही रहेगा
राज अमित कुमार के हिट शो 'बिंदिया के बाहुबली' का सीज़न 2 पारिवारिक जंग में फँसे एक पूरे इलाके की कहानी लेकर लौट रहा है

मुंबई, जनवरी 2026: 'बिंदिया के बाहुबली' की दमदार दुनिया एक बार फिर वापसी के लिए तैयार है। 21 जनवरी को रिलीज़ होने जा रहे इसके दूसरे सीज़न का ट्रेलर साफ इशारा करता है कि अब बिंदिया की लड़ाई सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रही, यह अब बेहद निजी, खतरनाक और जानलेवा हो चुकी है।

राज अमित कुमार द्वारा लिखित और निर्देशित पहले सीज़न में काल्पनिक कस्बे 'बिंदिया की कहानी' को एक ब्लैक कॉमेडी के अंदाज़ में सामने आई थी, जहाँ अपराध और राजनीति अजीबोगरीब तरीके से साथ-साथ चलते हैं। चुनाव के दौरान खौफनाक माफिया डॉन बड़े दवन की गिरफ्तारी से सत्ता का संतुलन बिगड़ जाता है। इस मौके को भाँपते हुए उसका महत्वाकांक्षी बेटा छोटे दवन सत्ता हथियाने की कोशिश करता है, भले ही इसके लिए उसे अपने ही परिवार के खिलाफ क्यों न जाना पड़े।

सीज़न 2 में पिता-पुत्र के इस टूटे रिश्ते और पारिवारिक टकराव को और भी गहराई से दिखाया गया है, जो अब एक भीषण सत्ता संघर्ष में बदल चुका है। ट्रेलर में बड़े दवन और छोटे दवन के बीच एक क्रूर आमना-सामना देखने को मिलता है, जिसमें बिंदिया बीच में फँस जाता है। गठजोड़ बदलते हैं, धोखे बढ़ते हैं और हर चाल जानलेवा साबित होती है। अब यह लड़ाई विरासत की नहीं, बल्कि खून-पसीने से सत्ता छीनने की है।

सीज़न 2 पर बात करते हुए निर्देशक राज अमित कुमार ने कहा, "सीज़न 1 कॉमेडी था, लेकिन सीज़न 2 में कॉमेडी त्रासदी में बदल जाती है। यदि पहला सीज़न सेट-अप था, तो यह उसका पे-ऑफ है। यदि सीज़न 1 नमक था, तो सीज़न 2 टकीला शॉट है। इस बार संघर्ष भावनात्मक और नैतिक रूप से कहीं ज्यादा खतरनाक हैं। पारिवारिक सत्ता संघर्ष अब सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि बेहद निजी और मानवीय हो गया है।"

रणवीर शौरी और सौरभ शुक्ला के साथ इस सीरीज़ में सीमा बिस्वास, सई ताम्हणकर, तनिष्ठा चटर्जी, क्रांति प्रकाश झा, दिब्येंदु भट्टाचार्य और शीबा चड्ढा अहम भूमिकाओं में नज़र आएँगे।

'बिंदिया के बाहुबली' सीज़न 2, 21 जनवरी, 2026 से अमेज़न प्राइम वीडियो और अमेज़न एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम होने जा रहा है।
सेवलाइफ फाउंडेशन और पार्ले बिस्कुट्स प्राइवेट लिमिटेड ने नागपुर के ग्रामीण अस्पतालों को महत्वपूर्ण शल्य चिकित्सा उपकरण सौंपे*

*नागपुर, जनवरी 2026:* घातक सड़क दुर्घटनाओं के इतिहास वाले उच्च जोखिम वाले गलियारों में आपातकालीन चिकित्सा देखभाल और आघात देखभाल सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन ने पार्ले बिस्कुट प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक सीएसआर साझेदारी में, महाराष्ट्र सरकार के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से, नागपुर ग्रामीण जिले में एनएच-353डी (उमरेड-भीवापुर रोड) पर स्थित उमरेड ग्रामीण अस्पताल और आघात देखभाल इकाई और एनएच-44 (नागपुर-देओलापार रोड) पर स्थित देओलापार ग्रामीण अस्पताल को महत्वपूर्ण शल्य चिकित्सा उपकरण सौंपे।
उमरेड ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रभाकर वंजारी और देओलापार ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मेश्राम ने सेवलाइफ फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के साथ संबंधित कार्यक्रमों में भाग लिया।
इस कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए उमरेड ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रभाकर वंजारी ने कहा, "सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने पर समय पर हस्तक्षेप करना महत्वपूर्ण है, इसलिए इस शल्य चिकित्सा उपकरण के जुड़ने से उमरेड ग्रामीण अस्पताल की आपातकालीन आघात के मामलों से निपटने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।"
देवलापार ग्रामीण अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मेश्राम ने प्रकाश डालते हुए कहा,“यह सहयोग हमारे अस्पताल की आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करता है और एनएच-44 पर सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए मरीजों को सीधे तौर पर लाभ पहुँचाएगा। ग्रामीण स्तर पर आघात देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करने में सेवलाइफ फाउंडेशन और पार्ले बिस्कुट प्राइवेट लिमिटेड के प्रयासों की हम सराहना करते हैं।”
एनएच-353डी और एनएच-44 पर यातायात बहुत अधिक रहता है और यहाँ गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। जनवरी-नवंबर 2025 के बीच, एनएच-44 पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 104% की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2024 में 24 से बढ़कर 2025 में 49 हो गईं। वहीं, एनएच-353डी पर मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 10% की कमी दर्ज की गई, जो 2024 में 30 से घटकर 2025 में 27 रह गईं। कुल मिलाकर, नागपुर ग्रामीण क्षेत्र के उच्च मृत्यु दर वाले गलियारों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 7.3% की वृद्धि दर्ज की गई, जो जनवरी-नवंबर 2024 के बीच 233 से बढ़कर इस वर्ष इसी अवधि में 250 हो गईं। ग्रामीण अस्पतालों को आवश्यक शल्य चिकित्सा और आपातकालीन देखभाल उपकरणों से लैस करके, इस पहल का उद्देश्य आघात देखभाल की तैयारियों में सुधार करना और सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली रोकी जा सकने वाली मौतों और गंभीर चोटों को कम करना है।
पारले बिस्कुट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) प्रयासों के तहत समर्थित, जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर कार्यक्रम उन्नत दुर्घटना डेटा विश्लेषण, सामुदायिक सहभागिता, बेहतर आघात देखभाल और क्षमता निर्माण के माध्यम से उच्च जोखिम वाले राजमार्गों को सुरक्षित गलियारों में बदलने पर केंद्रित है।
उमरेड ग्रामीण अस्पताल और देओलापार ग्रामीण अस्पताल को महत्वपूर्ण शल्य चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने की पहल से सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए आपातकालीन देखभाल की तैयारी और समय पर उपचार सुनिश्चित होगा। जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर कार्यक्रम के तहत यह पहल रोकी जा सकने वाली मौतों को कम करने और अधिक प्रभावी आपातकालीन देखभाल प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक कदम है।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन की कार्यक्रम प्रमुख डॉ. इलिया जाफर ने कहा, ”विशेषीकृत आघात देखभाल सुविधाओं की अनुपलब्धतादुर्घटनास्थलों के निकट स्थित अस्पताल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का एक प्रमुख कारण है। उमरेड ग्रामीण अस्पताल और देओलापार ग्रामीण अस्पताल की आपातकालीन चिकित्सा और आघात संबंधी देखभाल प्रदान करने की क्षमता को मजबूत करके, हम बेहतर उत्तरजीविता परिणामों को प्राप्त करने के प्रति आश्वस्त हैं।”
सेवलाइफ फाउंडेशन भारत के राजमार्गों पर शून्य मौतों के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से डेटा-आधारित साक्ष्यों का लाभ उठाते हुए सड़क सुरक्षा और आघात देखभाल के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
डर और हँसी का धमाकेदार संगम: नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी की 'भानुप्रिया भूतोर होटल' का ट्रेलर हुआ रिलीज़

मुंबई, जनवरी, 2026: बहुप्रतीक्षित फिल्म 'भानुप्रिया भूतोर होटल' का ट्रेलर आखिरकार रिलीज़ हो गया है और यह डरावने माहौल के साथ ठहाकों से भरपूर मनोरंजन का वादा करता है। रहस्यमय वातावरण, चुटीला हास्य और अप्रत्याशित मोड़ों से सजा यह ट्रेलर ऐसी दुनिया की झलक दिखाता है, जहाँ हॉरर और कॉमेडी का मज़ेदार टकराव देखने को मिलता है।

फिल्म में मिमी चक्रवर्ती, सोहम मजूमदार, बॉनी सेनगुप्ता और स्वस्तिका दत्ता अहम भूमिकाओं में नज़र आ रहे हैं। ट्रेलर में दिलचस्प किरदार, शानदार कॉमिक टाइमिंग और डर पैदा करने वाले विज़ुअल्स देखने को मिलते हैं, जो दर्शकों को डरते-डरते हँसने पर मजबूर कर देते हैं। चतुर संवादों से लेकर अलौकिक अराजकता तक, ट्रेलर एक ताज़ा और मनोरंजक सिनेमाई सफर का संकेत देता है।

फिल्म को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए सोहम मजूमदार ने कहा, "इस फिल्म ने मुझे इसलिए आकर्षित किया, क्योंकि यह हॉरर को बहुत ही खेल-खेल में पेश करती है। यह सिर्फ डर पर निर्भर नहीं है, बल्कि ऐसा माहौल रचती है, जहाँ हास्य और भय साथ-साथ चलते हैं। ट्रेलर उस संतुलन को बखूबी दर्शाता है, और मुझे लगता है दर्शकों के लिए यह एक बेहद मनोरंजक अनुभव होगा।"

वहीं मिमी चक्रवर्ती ने कहा, "भानुप्रिया भूतोर होटल मेरे लिए बिल्कुल अलग अनुभव है। यह डरावनी भी है, अजीब-सी भी और साथ ही बेहद मज़ेदार भी। ट्रेलर उस पागलपन की झलक देता है, जिसकी उम्मीद दर्शक फिल्म से कर सकते हैं। मैं उत्साहित हूँ कि दर्शक बड़े पर्दे पर हॉरर और कॉमेडी के इस अनोखे मेल का आनंद लें।"

हॉरर-कॉमेडी जॉनर में अपनी पहली कोशिश को लेकर निर्देशक अरित्र मुखर्जी ने कहा, "भानुप्रिया भूतोर होटल’ के साथ हम ऐसे जॉनर को एक्सप्लोर करना चाहते थे, जहाँ कल्पना, हास्य और भावनाएँ एक साथ मौजूद हों। हॉरर-कॉमेडी हमें यह आज़ादी देती है कि हम एक ऐसी कहानी कह सकें, जो मनोरंजक भी हों और किरदारों व परिस्थितियों के ज़रिए दर्शकों से जुड़ भी सकें। ट्रेलर को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया ने हमें और उत्साहित किया है।"

निर्माता नंदिता रॉय और शिबोप्रसाद मुखर्जी के लिए भी यह फिल्म हॉरर-कॉमेडी स्पेस में पहली पेशकश है। कंटेंट-समृद्ध और दर्शकों द्वारा पसंद की जाने वाली फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले इस जोड़ी के लिए, यह जॉनर उनकी कहानी कहने की विरासत में एक नया और रोमांचक अध्याय जोड़ता है। हॉरर-कॉमेडी पर उनका चंचल लेकिन सधा हुआ अंदाज़ इस फिल्म को खास बनाता है।

विंडोज़ प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी 'भानुप्रिया भूतोर होटल' 23 जनवरी, 2026 को छुट्टियों के मौके पर रिलीज़ होने के लिए तैयार है। ट्रेलर को देखकर इतना तय है कि दर्शकों को एक डरावना, हँसी से भरपूर और पूरी तरह मनोरंजक अनुभव मिलने वाला है।
नितिन नवीन आज भाजपा अध्यक्ष पद के लिए करेंगे नामांकन, निर्विरोध चुने जाने की पूरी संभावना

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। सोमवार 19 जनवरी को पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। नवीन के निर्विरोध सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बनने की संभावना है।

सभी राज्यों से मांगे गए प्रस्ताव

नितिन नवीन के नामांकन में सभी राज्यों से एक-एक प्रस्ताव मंगाया गया है। राज्यों के अलावा नितिन नवीन के प्रस्तावक के रूप में बीजेपी संसदीय दल की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह सरीखे पार्टी के प्रमुख नेता भी होंगे।

निर्विरोध चुने जाने की संभावना

पार्टी सूत्रों ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुने जाने की संभावना है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी नेतृत्व इस पद के लिए उनकी उम्मीदवारी का समर्थन कर रहा है।

दो बजे से चार बजे तक होगा नामांकन

भाजपा के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, इस पद के लिए नामांकन सोमवार को अपराह्न दो बजे से चार बजे तक दाखिल किए जाएंगे। चुनाव की प्रक्रिया बीजेपी मुख्यालय में पूरी कराई जाएगी। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन नए पार्टी अध्यक्ष के नाम की घोषणा की जाएगी।

कल होगा नाम का औपचारिक ऐलान

20 जनवरी को औपचारिक रूप से नितिन नवीन की अध्यक्ष के रूप में घोषणा कर दी जाएगी। 20 जनवरी को इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत सभी वरिष्ठ नेता, सभी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय पदाधिकारी शामिल होंगे।

भाजपा में कैसे होता है राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया की देखरेख पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी द्वारा की जाती है। भाजपा के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कोई भी 20 सदस्य संयुक्त रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ऐसे व्यक्ति का नाम प्रस्तावित कर सकते हैं, जो चार कार्यकाल तक सक्रिय सदस्य रहा हो और जिसकी सदस्यता के पंद्रह वर्ष पूरे हो चुके हों। पार्टी संविधान के मुताबिक ऐसा संयुक्त प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आना चाहिए जहां राष्ट्रीय परिषद के लिए चुनाव संपन्न हो चुके हैं।