गढ़वा मे करणी सेना भारत परिवार द्वारा हुआ भव्य खिचड़ी वितरण :- राहुल प्रताप सिंह।

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गढ़वा :- गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित करणी सेना भारत परिवार के द्वारा भव्य खिचड़ी वितरण कार्यकर्ताओं की अध्यक्षता में रंका मोड घंटा घर हनुमान जी मंदिर के पास खिचड़ी प्रसाद वितरण का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। वहीं जिसमे झारखंड राज्य प्रभारी श्री राहुल प्रताप सिंह के नेतृत्व में व युवा जिला अध्यक्ष शुभम सिंह व जिले की समस्त टीम के कार्यकर्ताओं की अध्यक्षता मे जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित झारखंड प्रभारी राहुल प्रताप सिंह जी ने कहा की संगठन का उद्देश्य प्रत्येक समुदाय,धर्म,समाज के समस्त असहाय और निर्धन परिवार का सहयोग और सेवा करना है।

वहीं शुभम सिंह ने कहा कि हम तन मन धन के साथ गढ़वा के प्रत्येक समस्या के साथ अपना सहयोग देते हुए उसका निराकरण कराने का प्रयास करेंगे।

करणी सेना भारत परिवार आने वाले समय में प्रभारी महोदय के नेतृत्व में ऐसे ही कार्य करती रहेगी।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कार्यकर्ता भाई डॉक्टर देवेंद्र जी, शिवम जी, विशाल जी, प्रियांशु जी, रोहित जी, लक्की जी, मनीष जी, वैभव जी, गौतम जी, अयूब आदि लोग उपस्थित थे।

एनडीपीएस एक्ट के मामलें में अभियुक्त को 08 माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से किया गया दण्डित

रमेश दूबे

संत कबीरनगर।नगर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के दृष्टिगत संतकबीरनगर पुलिस के द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अभियोजन द्वारा प्रभावी पैरवी के क्रम में आज  03.02.2026 को  न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट जनपद संतकबीरनगर द्वारा 01 अभियुक्त कोc माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

*घटना विवरणः-*
वादी मुकदमा एसएचओ  बब्लन यादव द्वारा अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर को 3.5 किग्रा नाजायज गाँजा, एक अदद पेचकश, दो अदद विभिन्न प्रकार के चाभियों का गुच्छा बरामद करते हुए थाना कोतवाली खलीलाबाद पर अभियोग पंजीकृत कर उ0नि0  ब्रजेश सिंह द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया था ।

*सजा विवरणः-*
              मु0अ0सं0 051/2014 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर से सम्बन्धित अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर द्वारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अपराध में जेल में बिताई गयी अवधि व 5000 रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । अर्थदण्ड अदा न करने पर 10 दिवस का साधारण कारावास का दण्ड भुगतना होगा । अभियुक्त द्वारा पूर्व में कारावास में बितायी गयी अवधि को दण्डादेश के साथ समायोजित किया जायेगा ।
भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता की प्रधानमंत्री से अपील

मुंबई। महाराष्ट्र भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता ने भारत में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या, बाग्लादेशी व पाकिस्तानियों को तीस दिन में भगाने की मांग प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व रक्षामंत्री से की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह तथा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को ईमेल व स्पीड पोस्ट से पत्र भेज कर निवेदन किया है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक घोषणा की जाये कि अवैध रूप से रहने वाले बाग्लादेशी, रोहिंग्या, व पाकिस्तानी तीस दिन के अंदर भारत छोड़कर चले जायें नहीं तो उसके बाद जितने भी पकड़े जाऐंगे सभी की नसबंदी कर उन्हें भगाया जायेगा।

भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता प्रधानमंत्री से सभी मुख्यमंत्रीयो को इस बारे में निर्देश देकर आगे आकर कठोर कार्रवाई करने के लिए निवेदन किया है।
तंबुओं के शहर पांचाल घाट में रहने वाले  कल्पवासी अब अपने घरों को लौट रहे, धीरे-धीरे उजाड़ रही मेले की रौनक

फर्रुखाबाद l  पांचाल घाट पर 3 जनवरी से शुरू हुआ ऐतिहासिक 'मेला श्री राम नगरिया' अब अपने समापन की ओर है। माघी पूर्णिमा के स्नान के बाद से ही यहां बसा तंबुओं का अस्थाई शहर उजड़ने लगा है। हजारों की संख्या में कल्पवास के लिए पहुंचे संत और श्रद्धालु माँ गंगा से सलामती की दुआ मांगकर अपने आश्रमों और घरों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

लगभग 3000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस विशाल मेले में अब दूर-दूर तक खाली स्थान दिखाई देने लगा है। जहां कुछ दिन पहले तक धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल थी, वहां अब सन्नाटा पसरने लगा है। शेष बचे कल्पवासी भी अपना सामान समेट रहे हैं और अनुमान है कि 5 फरवरी को यहां से प्रस्थान कर जाएंगे।

प्रयागराज के बाद सबसे महत्वपूर्ण माघ मेला

धार्मिक दृष्टि से प्रयागराज के कुंभ/माघ मेले के बाद फर्रुखाबाद का यह मेला विशेष महत्व रखता है। जिला प्रशासन द्वारा कल्पवास के लिए आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए एक माह तक बिजली, पानी और सुरक्षा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। इस वर्ष यह मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा) तक चला।

दुकानदारों में निराशा ।

मेला श्री राम नगरिया में इस वर्ष लगभग 700 दुकानें लगाई गई थीं, जिनमें से अधिकांश अभी भी मौजूद हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे भी अगले एक-दो दिनों में अपनी दुकानें समेट लेंगे। कन्नौज से आए दुकानदार अमित ने बताया कि इस बार उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हुई है, जिससे व्यापारियों में निराशा है।

मनोरंजन क्षेत्र में रौनक
भले ही कल्पवासी लौट रहे हों, लेकिन मेला क्षेत्र में अभी भी रौनक है। यहां लगाए गए विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजन के साधन अभी भी संचालित हैं, जिनका आनंद लेने के लिए स्थानीय लोग पहुंच रहे हैं।
प्रशिक्षित युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में लगाई फांसी मौत पुलिस जांच में जुटी

फर्रुखाबाद l जहानगंज थाना क्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ नगला तरा गांव के रहने वाले एक 27 वर्षीय शिक्षित युवक ने खेत में लगे पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक बीएड और बीटीसी की पढ़ाई पूरी करने के बाद ट्रेनिंग कर रहा था और हाल ही में उसकी शादी की बातचीत भी चल रही थी l

जहानगंज थाना क्षेत्र के नगला तरा गांव निवासी अशोक कुमार के 27 वर्षीय पुत्र सिकंदर का शव मंगलवार की सुबह करीब 6:30 बजे घर से लगभग 500 मीटर दूर एक खेत में आम के पेड़ से लटकता हुआ मिला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिकंदर सोमवार की रात को ही घर से निकल गया था। अगली सुबह जब किसान खेतों में काम करने पहुंचे, तो उन्होंने उसे मफलर के सहारे पेड़ से लटका हुआ देखा। किसानों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। खबर मिलते ही मृतक के पिता अशोक, मां मीरा देवी, भाई मिथुन और इसेन्द्र तथा बहन सुनहरी रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि सिकंदर पढ़ने में होनहार था। उसने बीएड की पढ़ाई पूरी कर ली थी और बीटीसी करने के बाद वर्तमान में ट्रेनिंग कर रहा था। परिजनों ने बताया कि घर में उसकी शादी की तैयारियां हो रही थीं। अभी पांच दिन पहले ही परिवार वाले उसके लिए एक लड़की भी देख चुके थे। पिता ने बताया कि उन्हें इस बात का जरा भी अंदाज नहीं है कि उनके बेटे ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया और आत्महत्या की वजह क्या हो सकती है l इस पर चर्चा हो रही है और पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है l घटना की सूचना मिलते ही जहानगंज थानाध्यक्ष राजेश राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व परिजनों के बयान पर कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड ने साहसिक पर्यटन को दी नई उड़ान
* 83 प्रमुख हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुलीं, भारतीय पर्वतारोहियों को फीस से पूरी छूट, विदेशियों को भी बड़ी राहत
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से गढ़वाल और कुमाऊं हिमालय क्षेत्र की 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोल दिया गया है। यह कदम न केवल राज्य के पर्यटन इतिहास में मील का पत्थर है, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर और सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार का सशक्त माध्यम भी बनेगा।

इन अधिसूचित चोटियों की ऊंचाई 5,700 मीटर से 7,756 मीटर तक है। इनमें कामेट (7,756 मीटर), नंदा देवी ईस्ट, चौखंबा समूह, त्रिशूल समूह, शिवलिंग, सतोपंथ, चांगाबांग, पंचाचूली और नीलकंठ जैसी विश्वविख्यात चोटियां शामिल हैं। ये चोटियां चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल जिलों में स्थित हैं।

राज्य सरकार ने भारतीय पर्वतारोहियों को बड़ी राहत देते हुए इन सभी चोटियों पर लगने वाले पीक फीस, कैंपिंग शुल्क, ट्रेल मैनेजमेंट फीस और पर्यावरण शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इससे देश के युवा पर्वतारोहियों को हजारों रुपये की बचत होगी और पर्वतारोहण गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

विदेशी पर्वतारोहियों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है। अब उनसे वन विभाग द्वारा लिया जाने वाला अभियान शुल्क समाप्त कर दिया गया है। विदेशी पर्वतारोहियों को केवल भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (IMF) द्वारा निर्धारित शुल्क ही देना होगा।

पर्वतारोहण अभियानों के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां अब उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम (UKMPS) के माध्यम से ऑनलाइन ली जा सकेंगी। इससे अनुमति प्रक्रिया पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक होगी तथा कागजी औपचारिकताओं में कमी आएगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्वतारोहण और एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मिलेगी। दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों को गाइड, पोर्टर, होमस्टे और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

उत्तराखंड सरकार ने देश-विदेश के सभी पर्वतारोहियों से अपील की है कि वे अभियानों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें, पर्यावरण संरक्षण के नियमों का सम्मान करें और हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी की रक्षा में सहयोग दें। यह निर्णय राज्य को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा।
दो दिवसीय बसंतोत्सव मेला हर्षोल्लास के साथ संपन्न, सांस्कृतिक रंगों में रंगा पीवीयूएनएल परिसर

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पीवीयूएनएल द्वारा आयोजित दो दिवसीय बसंतोत्सव मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मेले के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक (पावर) श्री तजिंदर गुप्ता, बीएचईएल उपस्थित रहे। उनका स्वागत श्री ए.के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल एवं महाप्रबंधकों द्वारा किया गया। इस अवसर पर पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।

दूसरे दिन का प्रमुख आकर्षण इंटर हाउस सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, जिसमें कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। नृत्य, संगीत और रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और सभी को मनोरंजन से भर दिया। कार्यक्रम ने आपसी सौहार्द और पारिवारिक सहभागिता को और मजबूत किया।

समापन सत्र में लकी ड्रॉ के अंतर्गत लॉटरी टिकट पुरस्कारों का वितरण किया गया, जिसने प्रतिभागियों में खासा उत्साह पैदा किया। यह बसंतोत्सव मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि संगठनात्मक एकता और सामाजिक जुड़ाव को भी सशक्त करने वाला आयोजन सिद्ध हुआ।

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के एमओयू पर सीएम धामी की सख्ती
* 3.57 लाख करोड़ के निवेश में 1.06 लाख करोड़ की ग्राउंडिंग, अवरोध हटाकर फास्ट-ट्रैक क्रियान्वयन के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में दिसंबर 2023 में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत हस्ताक्षरित एमओयू और उनकी ग्राउंडिंग की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निवेश परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अवरोधों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि समिट के दौरान कुल 3,57,693 करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू साइन किए गए थे, जिनमें से अब तक 1,06,953 करोड़ रुपये के एमओयू की सफलतापूर्वक ग्राउंडिंग हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह निवेशकों के बढ़ते विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग-अनुकूल वातावरण का प्रमाण है।

सीएम धामी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि एमओयू क्रियान्वयन में आने वाली हर बाधा का तुरंत समाधान किया जाए। प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर एमओयू की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। यदि किसी नीति में संशोधन, सरलीकरण या शिथिलीकरण की आवश्यकता हो तो उसके प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर आगे बढ़ाए जाएं। साथ ही उद्योगपतियों से नियमित संवाद बढ़ाने और उन्हें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण तथा सरलीकृत प्रक्रियाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाएं स्पष्ट टाइमलाइन के अनुसार पूरी हों और किसी प्रकार की पेंडेंसी न रहे। उन्होंने कुछ विभागों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना भी की। पर्यटन विभाग को निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि पिथौरागढ़, कैंची धाम सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। विभाग ने जानकारी दी कि स्पेशल टूरिस्ट जोन के लिए एरिया-बेस्ड फोकस पॉलिसी पर काम चल रहा है।

उद्योगों को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में हर महीने ‘उद्योग मित्र समिति’ की बैठक आयोजित की जाए, ताकि उद्योगों से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान हो सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी, हिंदू स्टडीज सेंटर, प्राच्य शोध केंद्र, स्पिरिचुअल जोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर निर्माण और आयुर्वेद एम्स जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक को 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की सफलता को जमीनी हकीकत में बदलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि शेष एमओयू भी शीघ्र क्रियान्वित हों, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिले।
एनसीसी कैडेट्स राष्ट्र की अनुशासित शक्ति हैं-संजय सिंह*
एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट कैडेट्स का विदाई समारोह सम्पन्न सुलतानपुर,राणा प्रताप पी.जी.कॉलेज में एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट प्राप्त कैडेट्स के सम्मान में विदाई समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य एनसीसी कैडेट्स द्वारा अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में किए गए योगदान को सम्मानित करना रहा। महाविद्यालय के अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी कैडेट्स राष्ट्र की अनुशासित शक्ति हैं। एनसीसी से प्राप्त प्रशिक्षण जीवनभर मार्गदर्शन करता है और कैडेट्स को जिम्मेदार नागरिक बनाता है। प्रबंधक बाल चंद्र सिंह ने कहा कि एनसीसी युवाओं में आत्मविश्वास,नेतृत्व और सेवा भाव विकसित करती है, जो किसी भी क्षेत्र में सफलता की नींव है। प्राचार्य प्रो. डी. के. त्रिपाठी ने कैडेट्स को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि एनसीसी के संस्कार उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति सदैव कर्तव्यनिष्ठ बनाए रखेंगे। प्रो. धीरेंद्र कुमार, प्रो. शैलेन्द्र प्रताप सिंह एवं प्रो. इंद्रमणि कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एनसीसी कैडेट्स अनुशासन, समयबद्धता और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं तथा महाविद्यालय का गौरव बढ़ाते हैं। सीनियर अंडर ऑफिसर शरद कुमार ने एनसीसी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि एनसीसी ने उन्हें नेतृत्व, आत्मसंयम और राष्ट्रभक्ति का वास्तविक अर्थ सिखाया, जो उनके जीवन की अमूल्य पूंजी है। आभार ज्ञापन एनसीसी प्रशिक्षक सतेंद्र भदौरिया ने किया। उन्होंने कैडेट्स की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कैडेट्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का कुशल संचालन हर्षित विश्वकर्मा एवं माण्डवी तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ.संतोष अंश,डॉ.हीरालाल यादव, दिलीप सिंह, समर बहादुर सिंह, सतेंद्र सिंह सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
हरिद्वार में 4 से 6 फरवरी तक स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में तीन दिवसीय समारोह
* राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ सहित संत-समाज और राजनीतिक जगत की कई दिग्गज हस्तियां होंगी शामिल

हरिद्वार। भारत माता मंदिर के संस्थापक एवं पद्मविभूषण से सम्मानित ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में हरिद्वार में 4 से 6 फरवरी तक तीन दिवसीय विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। उत्तरी हरिद्वार में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से संत-महात्मा, धर्माचार्य और राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।

जूना पीठाधीश्वर एवं भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि 4 फरवरी को समारोह का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की गरिमामयी उपस्थिति में होगा। इस दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा सायंकाल भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजन संध्या में प्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण और प्रख्यात भजन गायक सुजीत ओझा प्रस्तुति देंगे।

5 फरवरी को धर्मसभा और संत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार सहित अनेक संत-महात्मा और धर्माचार्य भाग लेंगे। शाम को आयोजित भजन संध्या में बनारस घराने की प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा अपनी मधुर प्रस्तुति देंगी।

6 फरवरी को ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की समाधि स्थल पर उनकी विग्रह मूर्ति की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।

स्वामी अवधेशानंद गिरी ने बताया कि भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट की ओर से समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी के डॉ. अनुज सिंघल और डॉ. तारा सिंघल को संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा।

महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद ने स्वामी विवेकानंद और आद्य शंकराचार्य के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपना संपूर्ण जीवन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में समर्पित किया। शंकराचार्य पद से त्यागपत्र देना उनके त्याग और तपस्या का अद्वितीय उदाहरण है। ऐसे महापुरुष का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
गढ़वा मे करणी सेना भारत परिवार द्वारा हुआ भव्य खिचड़ी वितरण :- राहुल प्रताप सिंह।

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गढ़वा :- गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित करणी सेना भारत परिवार के द्वारा भव्य खिचड़ी वितरण कार्यकर्ताओं की अध्यक्षता में रंका मोड घंटा घर हनुमान जी मंदिर के पास खिचड़ी प्रसाद वितरण का कार्यक्रम संपन्न कराया गया। वहीं जिसमे झारखंड राज्य प्रभारी श्री राहुल प्रताप सिंह के नेतृत्व में व युवा जिला अध्यक्ष शुभम सिंह व जिले की समस्त टीम के कार्यकर्ताओं की अध्यक्षता मे जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित झारखंड प्रभारी राहुल प्रताप सिंह जी ने कहा की संगठन का उद्देश्य प्रत्येक समुदाय,धर्म,समाज के समस्त असहाय और निर्धन परिवार का सहयोग और सेवा करना है।

वहीं शुभम सिंह ने कहा कि हम तन मन धन के साथ गढ़वा के प्रत्येक समस्या के साथ अपना सहयोग देते हुए उसका निराकरण कराने का प्रयास करेंगे।

करणी सेना भारत परिवार आने वाले समय में प्रभारी महोदय के नेतृत्व में ऐसे ही कार्य करती रहेगी।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित कार्यकर्ता भाई डॉक्टर देवेंद्र जी, शिवम जी, विशाल जी, प्रियांशु जी, रोहित जी, लक्की जी, मनीष जी, वैभव जी, गौतम जी, अयूब आदि लोग उपस्थित थे।

एनडीपीएस एक्ट के मामलें में अभियुक्त को 08 माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से किया गया दण्डित

रमेश दूबे

संत कबीरनगर।नगर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के दृष्टिगत संतकबीरनगर पुलिस के द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना तथा अभियोजन द्वारा प्रभावी पैरवी के क्रम में आज  03.02.2026 को  न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट जनपद संतकबीरनगर द्वारा 01 अभियुक्त कोc माह के कारावास व 5000 रुपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

*घटना विवरणः-*
वादी मुकदमा एसएचओ  बब्लन यादव द्वारा अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर को 3.5 किग्रा नाजायज गाँजा, एक अदद पेचकश, दो अदद विभिन्न प्रकार के चाभियों का गुच्छा बरामद करते हुए थाना कोतवाली खलीलाबाद पर अभियोग पंजीकृत कर उ0नि0  ब्रजेश सिंह द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया था ।

*सजा विवरणः-*
              मु0अ0सं0 051/2014 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर से सम्बन्धित अभियुक्त दीपक विश्वकर्मा पुत्र अर्जुन प्रसाद विश्वकर्मा निवासी कैलाशनगर आरटीओ कार्यालय जनपद संतकबीरनगर द्वारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अपराध में जेल में बिताई गयी अवधि व 5000 रु0 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । अर्थदण्ड अदा न करने पर 10 दिवस का साधारण कारावास का दण्ड भुगतना होगा । अभियुक्त द्वारा पूर्व में कारावास में बितायी गयी अवधि को दण्डादेश के साथ समायोजित किया जायेगा ।
भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता की प्रधानमंत्री से अपील

मुंबई। महाराष्ट्र भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता ने भारत में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या, बाग्लादेशी व पाकिस्तानियों को तीस दिन में भगाने की मांग प्रधानमंत्री, गृहमंत्री व रक्षामंत्री से की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह तथा रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को ईमेल व स्पीड पोस्ट से पत्र भेज कर निवेदन किया है कि राष्ट्रीय स्तर पर एक घोषणा की जाये कि अवैध रूप से रहने वाले बाग्लादेशी, रोहिंग्या, व पाकिस्तानी तीस दिन के अंदर भारत छोड़कर चले जायें नहीं तो उसके बाद जितने भी पकड़े जाऐंगे सभी की नसबंदी कर उन्हें भगाया जायेगा।

भाजपा नेता अर्जुन गुप्ता प्रधानमंत्री से सभी मुख्यमंत्रीयो को इस बारे में निर्देश देकर आगे आकर कठोर कार्रवाई करने के लिए निवेदन किया है।
तंबुओं के शहर पांचाल घाट में रहने वाले  कल्पवासी अब अपने घरों को लौट रहे, धीरे-धीरे उजाड़ रही मेले की रौनक

फर्रुखाबाद l  पांचाल घाट पर 3 जनवरी से शुरू हुआ ऐतिहासिक 'मेला श्री राम नगरिया' अब अपने समापन की ओर है। माघी पूर्णिमा के स्नान के बाद से ही यहां बसा तंबुओं का अस्थाई शहर उजड़ने लगा है। हजारों की संख्या में कल्पवास के लिए पहुंचे संत और श्रद्धालु माँ गंगा से सलामती की दुआ मांगकर अपने आश्रमों और घरों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

लगभग 3000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस विशाल मेले में अब दूर-दूर तक खाली स्थान दिखाई देने लगा है। जहां कुछ दिन पहले तक धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की भारी चहल-पहल थी, वहां अब सन्नाटा पसरने लगा है। शेष बचे कल्पवासी भी अपना सामान समेट रहे हैं और अनुमान है कि 5 फरवरी को यहां से प्रस्थान कर जाएंगे।

प्रयागराज के बाद सबसे महत्वपूर्ण माघ मेला

धार्मिक दृष्टि से प्रयागराज के कुंभ/माघ मेले के बाद फर्रुखाबाद का यह मेला विशेष महत्व रखता है। जिला प्रशासन द्वारा कल्पवास के लिए आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के लिए एक माह तक बिजली, पानी और सुरक्षा की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। इस वर्ष यह मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 1 फरवरी (माघी पूर्णिमा) तक चला।

दुकानदारों में निराशा ।

मेला श्री राम नगरिया में इस वर्ष लगभग 700 दुकानें लगाई गई थीं, जिनमें से अधिकांश अभी भी मौजूद हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे भी अगले एक-दो दिनों में अपनी दुकानें समेट लेंगे। कन्नौज से आए दुकानदार अमित ने बताया कि इस बार उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं हुई है, जिससे व्यापारियों में निराशा है।

मनोरंजन क्षेत्र में रौनक
भले ही कल्पवासी लौट रहे हों, लेकिन मेला क्षेत्र में अभी भी रौनक है। यहां लगाए गए विभिन्न प्रकार के झूले और अन्य मनोरंजन के साधन अभी भी संचालित हैं, जिनका आनंद लेने के लिए स्थानीय लोग पहुंच रहे हैं।
प्रशिक्षित युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में लगाई फांसी मौत पुलिस जांच में जुटी

फर्रुखाबाद l जहानगंज थाना क्षेत्र में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ नगला तरा गांव के रहने वाले एक 27 वर्षीय शिक्षित युवक ने खेत में लगे पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक बीएड और बीटीसी की पढ़ाई पूरी करने के बाद ट्रेनिंग कर रहा था और हाल ही में उसकी शादी की बातचीत भी चल रही थी l

जहानगंज थाना क्षेत्र के नगला तरा गांव निवासी अशोक कुमार के 27 वर्षीय पुत्र सिकंदर का शव मंगलवार की सुबह करीब 6:30 बजे घर से लगभग 500 मीटर दूर एक खेत में आम के पेड़ से लटकता हुआ मिला।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिकंदर सोमवार की रात को ही घर से निकल गया था। अगली सुबह जब किसान खेतों में काम करने पहुंचे, तो उन्होंने उसे मफलर के सहारे पेड़ से लटका हुआ देखा। किसानों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी। खबर मिलते ही मृतक के पिता अशोक, मां मीरा देवी, भाई मिथुन और इसेन्द्र तथा बहन सुनहरी रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता अशोक कुमार ने पुलिस को बताया कि सिकंदर पढ़ने में होनहार था। उसने बीएड की पढ़ाई पूरी कर ली थी और बीटीसी करने के बाद वर्तमान में ट्रेनिंग कर रहा था। परिजनों ने बताया कि घर में उसकी शादी की तैयारियां हो रही थीं। अभी पांच दिन पहले ही परिवार वाले उसके लिए एक लड़की भी देख चुके थे। पिता ने बताया कि उन्हें इस बात का जरा भी अंदाज नहीं है कि उनके बेटे ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया और आत्महत्या की वजह क्या हो सकती है l इस पर चर्चा हो रही है और पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है l घटना की सूचना मिलते ही जहानगंज थानाध्यक्ष राजेश राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व परिजनों के बयान पर कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड ने साहसिक पर्यटन को दी नई उड़ान
* 83 प्रमुख हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुलीं, भारतीय पर्वतारोहियों को फीस से पूरी छूट, विदेशियों को भी बड़ी राहत
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से गढ़वाल और कुमाऊं हिमालय क्षेत्र की 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोल दिया गया है। यह कदम न केवल राज्य के पर्यटन इतिहास में मील का पत्थर है, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर और सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार का सशक्त माध्यम भी बनेगा।

इन अधिसूचित चोटियों की ऊंचाई 5,700 मीटर से 7,756 मीटर तक है। इनमें कामेट (7,756 मीटर), नंदा देवी ईस्ट, चौखंबा समूह, त्रिशूल समूह, शिवलिंग, सतोपंथ, चांगाबांग, पंचाचूली और नीलकंठ जैसी विश्वविख्यात चोटियां शामिल हैं। ये चोटियां चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल जिलों में स्थित हैं।

राज्य सरकार ने भारतीय पर्वतारोहियों को बड़ी राहत देते हुए इन सभी चोटियों पर लगने वाले पीक फीस, कैंपिंग शुल्क, ट्रेल मैनेजमेंट फीस और पर्यावरण शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इससे देश के युवा पर्वतारोहियों को हजारों रुपये की बचत होगी और पर्वतारोहण गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

विदेशी पर्वतारोहियों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है। अब उनसे वन विभाग द्वारा लिया जाने वाला अभियान शुल्क समाप्त कर दिया गया है। विदेशी पर्वतारोहियों को केवल भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (IMF) द्वारा निर्धारित शुल्क ही देना होगा।

पर्वतारोहण अभियानों के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां अब उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम (UKMPS) के माध्यम से ऑनलाइन ली जा सकेंगी। इससे अनुमति प्रक्रिया पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक होगी तथा कागजी औपचारिकताओं में कमी आएगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्वतारोहण और एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मिलेगी। दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों को गाइड, पोर्टर, होमस्टे और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

उत्तराखंड सरकार ने देश-विदेश के सभी पर्वतारोहियों से अपील की है कि वे अभियानों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें, पर्यावरण संरक्षण के नियमों का सम्मान करें और हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी की रक्षा में सहयोग दें। यह निर्णय राज्य को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा।
दो दिवसीय बसंतोत्सव मेला हर्षोल्लास के साथ संपन्न, सांस्कृतिक रंगों में रंगा पीवीयूएनएल परिसर

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पीवीयूएनएल द्वारा आयोजित दो दिवसीय बसंतोत्सव मेला सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मेले के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में निदेशक (पावर) श्री तजिंदर गुप्ता, बीएचईएल उपस्थित रहे। उनका स्वागत श्री ए.के. सहगल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, पीवीयूएनएल एवं महाप्रबंधकों द्वारा किया गया। इस अवसर पर पूरे परिसर में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।

दूसरे दिन का प्रमुख आकर्षण इंटर हाउस सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, जिसमें कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। नृत्य, संगीत और रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और सभी को मनोरंजन से भर दिया। कार्यक्रम ने आपसी सौहार्द और पारिवारिक सहभागिता को और मजबूत किया।

समापन सत्र में लकी ड्रॉ के अंतर्गत लॉटरी टिकट पुरस्कारों का वितरण किया गया, जिसने प्रतिभागियों में खासा उत्साह पैदा किया। यह बसंतोत्सव मेला न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि संगठनात्मक एकता और सामाजिक जुड़ाव को भी सशक्त करने वाला आयोजन सिद्ध हुआ।

ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के एमओयू पर सीएम धामी की सख्ती
* 3.57 लाख करोड़ के निवेश में 1.06 लाख करोड़ की ग्राउंडिंग, अवरोध हटाकर फास्ट-ट्रैक क्रियान्वयन के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में दिसंबर 2023 में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के तहत हस्ताक्षरित एमओयू और उनकी ग्राउंडिंग की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निवेश परियोजनाओं में किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अवरोधों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि समिट के दौरान कुल 3,57,693 करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू साइन किए गए थे, जिनमें से अब तक 1,06,953 करोड़ रुपये के एमओयू की सफलतापूर्वक ग्राउंडिंग हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह निवेशकों के बढ़ते विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग-अनुकूल वातावरण का प्रमाण है।

सीएम धामी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि एमओयू क्रियान्वयन में आने वाली हर बाधा का तुरंत समाधान किया जाए। प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त कर एमओयू की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। यदि किसी नीति में संशोधन, सरलीकरण या शिथिलीकरण की आवश्यकता हो तो उसके प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर आगे बढ़ाए जाएं। साथ ही उद्योगपतियों से नियमित संवाद बढ़ाने और उन्हें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण तथा सरलीकृत प्रक्रियाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाएं स्पष्ट टाइमलाइन के अनुसार पूरी हों और किसी प्रकार की पेंडेंसी न रहे। उन्होंने कुछ विभागों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना भी की। पर्यटन विभाग को निर्देश देते हुए सीएम ने कहा कि पिथौरागढ़, कैंची धाम सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। विभाग ने जानकारी दी कि स्पेशल टूरिस्ट जोन के लिए एरिया-बेस्ड फोकस पॉलिसी पर काम चल रहा है।

उद्योगों को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में हर महीने ‘उद्योग मित्र समिति’ की बैठक आयोजित की जाए, ताकि उद्योगों से जुड़े मुद्दों का त्वरित समाधान हो सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी, हिंदू स्टडीज सेंटर, प्राच्य शोध केंद्र, स्पिरिचुअल जोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर निर्माण और आयुर्वेद एम्स जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक को 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की सफलता को जमीनी हकीकत में बदलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि शेष एमओयू भी शीघ्र क्रियान्वित हों, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति मिले।
एनसीसी कैडेट्स राष्ट्र की अनुशासित शक्ति हैं-संजय सिंह*
एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट कैडेट्स का विदाई समारोह सम्पन्न सुलतानपुर,राणा प्रताप पी.जी.कॉलेज में एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट प्राप्त कैडेट्स के सम्मान में विदाई समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य एनसीसी कैडेट्स द्वारा अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में किए गए योगदान को सम्मानित करना रहा। महाविद्यालय के अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी कैडेट्स राष्ट्र की अनुशासित शक्ति हैं। एनसीसी से प्राप्त प्रशिक्षण जीवनभर मार्गदर्शन करता है और कैडेट्स को जिम्मेदार नागरिक बनाता है। प्रबंधक बाल चंद्र सिंह ने कहा कि एनसीसी युवाओं में आत्मविश्वास,नेतृत्व और सेवा भाव विकसित करती है, जो किसी भी क्षेत्र में सफलता की नींव है। प्राचार्य प्रो. डी. के. त्रिपाठी ने कैडेट्स को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि एनसीसी के संस्कार उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति सदैव कर्तव्यनिष्ठ बनाए रखेंगे। प्रो. धीरेंद्र कुमार, प्रो. शैलेन्द्र प्रताप सिंह एवं प्रो. इंद्रमणि कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एनसीसी कैडेट्स अनुशासन, समयबद्धता और टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं तथा महाविद्यालय का गौरव बढ़ाते हैं। सीनियर अंडर ऑफिसर शरद कुमार ने एनसीसी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि एनसीसी ने उन्हें नेतृत्व, आत्मसंयम और राष्ट्रभक्ति का वास्तविक अर्थ सिखाया, जो उनके जीवन की अमूल्य पूंजी है। आभार ज्ञापन एनसीसी प्रशिक्षक सतेंद्र भदौरिया ने किया। उन्होंने कैडेट्स की मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना करते हुए सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कैडेट्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम का कुशल संचालन हर्षित विश्वकर्मा एवं माण्डवी तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ.संतोष अंश,डॉ.हीरालाल यादव, दिलीप सिंह, समर बहादुर सिंह, सतेंद्र सिंह सहित अन्य शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
हरिद्वार में 4 से 6 फरवरी तक स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में तीन दिवसीय समारोह
* राजनाथ सिंह, योगी आदित्यनाथ सहित संत-समाज और राजनीतिक जगत की कई दिग्गज हस्तियां होंगी शामिल

हरिद्वार। भारत माता मंदिर के संस्थापक एवं पद्मविभूषण से सम्मानित ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की स्मृति में हरिद्वार में 4 से 6 फरवरी तक तीन दिवसीय विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। उत्तरी हरिद्वार में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से संत-महात्मा, धर्माचार्य और राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।

जूना पीठाधीश्वर एवं भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि 4 फरवरी को समारोह का शुभारंभ पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की गरिमामयी उपस्थिति में होगा। इस दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी तथा सायंकाल भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। भजन संध्या में प्रसिद्ध नृत्यांगना पद्मश्री शोवना नारायण और प्रख्यात भजन गायक सुजीत ओझा प्रस्तुति देंगे।

5 फरवरी को धर्मसभा और संत सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार सहित अनेक संत-महात्मा और धर्माचार्य भाग लेंगे। शाम को आयोजित भजन संध्या में बनारस घराने की प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा अपनी मधुर प्रस्तुति देंगी।

6 फरवरी को ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद की समाधि स्थल पर उनकी विग्रह मूर्ति की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।

स्वामी अवधेशानंद गिरी ने बताया कि भारत माता मंदिर समन्वय सेवा ट्रस्ट की ओर से समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए स्वामी विवेकानंद हेल्थ मिशन सोसायटी के डॉ. अनुज सिंघल और डॉ. तारा सिंघल को संयुक्त रूप से सम्मानित किया जाएगा।

महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद ने स्वामी विवेकानंद और आद्य शंकराचार्य के आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपना संपूर्ण जीवन सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में समर्पित किया। शंकराचार्य पद से त्यागपत्र देना उनके त्याग और तपस्या का अद्वितीय उदाहरण है। ऐसे महापुरुष का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।