देवघर-गंगा विश्व शांति सद्भावनाधाम में विभिन्न देवी देवताओं की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा 18 से, होंगे कई कार्यक्रम।
देवघर:
में महान पूर्वज ऋषि मुनियों को इस देव ऋषि संस्कृति, महान संस्कारों, उदार चरित्रों, मानवीय गुणों के कारण जो भारत विश्व गुरू पद पाया उन देवीय मानवीय मूल्यों की पुर्नस्थापना द्वारा भारत माता की स्वाभिमान की रक्षा हेतु पराम्बा परब्रह्म की असीम अनुकंपा से 21 वर्षों तक अन्न जल त्याग कर, सिले वस्त्र त्यागकर, गो-दुग्ध का पान कर, 13 वर्षों तक मौन व्रत में रहे ऐसे विश्व गुरू हिमालय के तपो योगी श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं 13 वर्ष की अल्पायु से श्रीमद् भागवत, देवी भागवत, शिव महापुराण, रामकथा के ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री जिन्हें देश में सैंकड़ों कथाएँ करने का सौभाग्य प्राप्त है।
ऐसे पूज्य सद्गुरू के कृपा पात्र शिष्य के पावन सानिध्य में सन् 2021 में गंगा विश्वशांति सद्भावना धाम, बैद्यनाथधाम संस्था की स्थापना की गई जिसमें श्री श्री राधा कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव की तीन मंजिला मंदिर का निर्माण 5 करोड़ की लागत से 4.5 वर्ष की अवधि में किया गया है। दक्षिण भारतीय कलाकृति एवं बिहार के समस्तीपुर जिले के कलाकारों द्वारा निर्मित भव्य मंदिर बाबाधाम में आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। संस्था का उद्देश्य हिमालय से गंगासागर तक गंगा-यमुना स्वच्छ अभियान एवं समग्र भारत राष्ट्र में विश्वात्मा पराम्बा गंगा-राष्ट्रमाता गौमाता-गौरी (कन्या-नारी) मठ मंदिर तीर्थ रक्षा अभियान-देवऋषि संस्कृति संस्कार बचाओ-युवाओं को नशा मुक्त कर संस्कारित कर कर्मयोगी बनाना, निर्धन विद्यार्थी शिक्षा, निर्धन कन्या विवाह, दिव्यांग रोगी, बीमार सेवा, असहाय अनाथ सेवा, वृद्ध सेवा, दैवीय प्राकृतिक आपदाओं के शमन हेतु प्राकृतिक पर्यावरण ओजोन परत बचाने हेतु पेड़ पौधे लगाना, शुद्ध गाय घी, प्राकृतिक जड़ी बूटियों, वन औषधियों समिधाओं से हवन, सरहद में देश के अमर सपूतों 'अमृतस्य पुत्राः' के जय विजय एवं राष्ट्रीय एकता व अखंडता समरसता हेतु विश्वशांति सद्भावना महायज्ञों द्वारा समग्र भारत विश्व में सनातन धर्म पुर्नस्थापना है।
परम सद्गुरु डॉ० दुर्गेशाचार्य जी महाराज के इस पुनीत राष्ट्रव्यापी सनातन जन जागृति अभियान में आप सपरिवार जुड़कर मानव जीवन सफल सार्थक बनाकर पुण्य के भागी बने। दिनांक-18 फरवरी दिन बुधवार से 26 फरवरी 2026 तक श्री श्री राधा-कृष्ण, माँ जगदम्बा एवं भगवान शिव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें चार वेद एवं गंगा अष्टादश महापुराण श्रीमद् भागवत कथा का राष्ट्रीय संत ब्रह्मर्षि डॉ. दुर्गेशाचार्य महाराज एवं ममज्ञ भागवत भूषण आचार्य महामाया प्रसाद शास्त्री का प्रवचन होगा।
महोत्सव का शुभारंभ 18 फरवरी 2026 दिन बुधवार को प्रातः 8 बजे 2100 कन्या एवं महिलाएं के द्वारा भव्य मंगल कलश शोभा यात्रा निकाली जायेगी। 20 फरवरी दिन शुक्रवार 2026 को शुभ लग्नानुसार प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न होगा। 18 से 26 फरवरी तक प्रतिदिन प्रातः 7 बजे से नित्य पूजन, मूल पाठ, हवन आदि का उत्तराखण्ड से 251 विद्वान पंडितों के द्वारा सम्पन्न होगा। श्रीमद् भागवत कथा का प्रवचन अपराह्न 1:30 से संध्या 6 बजे तक आयोजन होगा। संध्या 6 बजे से प्रतिदिन वृन्दावन धाम उत्तरप्रदेश के कलाकारों द्वारा रासलीला कार्यक्रम का आयोजन होगा। संध्या 7:30 बजे से प्रतिदिन भागवत महाप्रसाद भंडारा का आयोजन रात्रि 10:30 बजे तक होगा। अतः आप सनातन धर्म प्रेमी महानुभाव सपरिवार इष्टमित्रों सहित इस विश्व लोक कल्याणकारी यज्ञ का मुख्य यजमान बनकर अपनी सेवा सहभागिता सुनिश्चित कर कार्यक्रमानुसार कथा श्रवण एवं पराम्बा-राधा कृष्ण मंदिर दर्शनार्थ सादर सप्रेम आमंत्रित हैं। मोके पर संस्था के अध्यक्ष महेश प्रसाद राय, बिहार-झारखण्ड के संयोजक कृष्ण कन्हैया राय, उपाध्यक्ष अजित कुमार राय, महासचिव अमरेश कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष रणजीत झा, विजय कुमार राय, ब्रजेश कुमार सिंह, दिलीप कुमार (टींकू जी) कुणाल राय, संजीव कुमार सिंह, राजीव नयन प्रसाद सिंह, गौरव कुमार, सुधांशु कुमार राय, स्वपनिल सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
55 min ago
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