माघ मेला 2026 से पूर्व फ्लोटिंग रेस्टोरेंट फेज–02 का भव्य शुभारम्भ

प्रयागराज को मिला जल-पर्यटन और मनोरंजन का नया आयाम

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला 2026 के दृष्टिगत प्रयागराज में पर्यटन एवं मनोरंजन सुविधाओ को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट के फेज–02 का आज भव्य शुभारम्भ किया गया।इस अवसर पर मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा पुलिस आयुक्त जोगेन्द्र कुमार एवं नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट फेज–02 का उद्घाटन किया।प्रयागराज स्मार्ट सिटी प्रा.लि. नगर निगम प्रयागराज द्वारा विकसित इस फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को नए कलेवर में तैयार किया गया है जहां श्रद्धालु एवं पर्यटक यमुना नदी की लहरो के बीच लजीज व्यंजनो के साथ नौका विहार और रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स का दोहरा आनन्द ले सकेगे।यह सुविधा विशेष रूप से माघ मेला 2026 में आने वाले देश–विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण होगी।नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने बताया कि माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओ को सुरक्षित सुव्यवस्थित एवं आधुनिक मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराना स्मार्ट सिटी लिमिटेड नगर निगम प्रयागराज की प्राथमिकता है।फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट में चरणबद्ध रूप से जेट स्कीइंग स्पीड बोट पांटून बोट और बनाना बोट राइड जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।सुरक्षा के दृष्टिगत रेस्क्यू बोट्स प्रशिक्षित स्टाफ तथा सभी आवश्यक मानको का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है।माघ मेला के दृष्टिगत अपर नगर आयुक्त दीपेन्द्र कुमार ने कहा कि माघ मेला 2026 में आने वाले लाखो श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को विशेष रूप से तैयार किया गया है।भीड़ प्रबन्धन सुरक्षा व्यवस्था एवं ऑनलाइन बुकिंग जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है जिससे श्रद्धालुओ को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित वातावरण में यमुना नदी का आनंद ले सकें।उन्होंने आगे बताया कि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की ऑनलाइन बुकिंग 1 जनवरी 2026 से Book My Trip एवं Book My Shop जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रारम्भ की जा रही है जिससे देश– विदेश से आने वाले पर्यटक घर बैठे ही अपनी बुकिंग कर सकेंगे।अधिकारियो ने कहा कि नगर निगम प्रयागराज की यह पहल न केवल माघ मेला 2026 को और अधिक आकर्षक बनाएगी बल्कि प्रयागराज को जल-पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगी।आस्था स्वच्छता सुरक्षा और मनोरंजन—इन सभी को एक साथ जोड़ते हुए श्रद्धालुओ को यादगार अनुभव प्रदान करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

उत्तर प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को जारी, 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने राज्य की अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। सीईओ नवदीप रिणवा के अनुसार, इस बार लगभग 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, क्योंकि उनके रिकॉर्ड का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है।

12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा

नोटिस प्राप्त मतदाताओं को अपने नाम की पुष्टि के लिए मान्य 12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा। जिन लोग दस्तावेज पेश नहीं कर पाएंगे, उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे।
राज्य की अंतिम मतदाता सूची में सभी 75 जिले और 403 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इस प्रक्रिया में कुल 1,72,486 बूथ और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 5,76,611 बूथ स्तरीय एजेंटों की मदद ली गई।
यदि किसी मतदाता का नाम मसौदा सूची में नहीं है या परिवार के किसी गैर-मौजूद सदस्य का नाम दर्ज है, तो वे चुनाव आयोग के समक्ष दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इस कार्य के लिए समयसीमा 6 फरवरी 2026 तय की गई है। दावों और आपत्तियों का निपटारा आयोग 27 फरवरी तक करेगा।

मतदाता बनने या नाम जोड़ने/सुधारने के लिए निम्न फॉर्म उपलब्ध

फॉर्म 6: नए मतदाताओं के लिए आवेदन
फॉर्म 6क: विदेश में रहने वाले नागरिकों के लिए, यदि उन्होंने वहां की नागरिकता नहीं ली है
फॉर्म 7: सूची में नाम हटाने या जोड़ने के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने के लिए
फॉर्म 8: पता परिवर्तन, प्रविष्टियों में सुधार, EPIC प्रतिस्थापन और दिव्यांग चिह्नांकन के लिए
इन फॉर्म को स्थानीय निर्वाचन कार्यालय या वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.inसे प्राप्त किया जा सकता है।

ऑनलाइन इस प्रकार से करें जांच

मतदाता अपनी स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए voters.eci.gov.in
पोर्टल पर जाकर “Search in Electoral Roll” में नाम, पिता का नाम या वोटर आईडी (EPIC) दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा, वोटर हेल्पलाइन एप और स्थानीय बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।नोटिस प्राप्त मतदाताओं के नाम गृह विभाग को नहीं भेजे जाएंगे, लेकिन आयोग इनका विवरण सार्वजनिक करेगा।
यूपी SIR: 75 जिलों में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम कटे, लखनऊ में सबसे अधिक 30.04% वोट डिलीट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश के 75 जिलों में बड़ी संख्या में वोट कटे हैं। राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 30.04 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

एनसीआर और बड़े शहरी जिलों में कटौती का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक रहा। गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत, कानपुर नगर में 25.50 प्रतिशत, बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, मेरठ में 24.65 प्रतिशत, प्रयागराज में 24.64 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 23.98 प्रतिशत और आगरा में 23.25 प्रतिशत वोट कटे हैं।

पश्चिमी यूपी की बात करें तो सहारनपुर में 16.37 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 16.29 प्रतिशत, बुलंदशहर में 15.14 प्रतिशत, बागपत में 18.15 प्रतिशत, हापुड़ में 22.30 प्रतिशत, शामली में 16.75 प्रतिशत और संभल में 20.29 प्रतिशत वोट काटे गए हैं।

बुंदेलखंड क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम कटौती दर्ज की गई। ललितपुर में सबसे कम 9.95 प्रतिशत, हमीरपुर में 10.78 प्रतिशत, महोबा में 12.42 प्रतिशत, बांदा में 13 प्रतिशत और झांसी में 13.92 प्रतिशत वोट कटे।

पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में भी कई जिलों में 15 से 20 प्रतिशत तक नाम हटाए गए हैं। वाराणसी में 18.18 प्रतिशत, गोरखपुर में 17.61 प्रतिशत, बलिया में 18.16 प्रतिशत, आजमगढ़ में 15.25 प्रतिशत, जौनपुर में 16.51 प्रतिशत, बस्ती में 15.70 प्रतिशत, सिद्धार्थनगर में 20.33 प्रतिशत, संत कबीर नगर में 19.96 प्रतिशत, सीतापुर में 19.55 प्रतिशत, बहराइच में 20.44 प्रतिशत और गोंडा में 18.40 प्रतिशत वोट कटे हैं।

मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया फर्जी, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए की गई है।
कुल मिलाकर, यूपी SIR के आंकड़े आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।
मीरा भायंदर में महाविजय की तरफ बढ़ती भाजपा, वार्ड 18 में हताश हुआ विपक्ष
भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका चुनाव में विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा महायुति नहीं करने का निर्णय रंग लाता नजर आ रहा है। एक तरफ भाजपा जहां लगातार महाविजय की तरफ बढ़ रही है, वही शिवसेना प्रत्याशियों के चेहरों पर  महायुती न होने की निराशा साफ दिखाई दे रही है। महापालिका के प्रभाग क्रमांक 18 में भाजपा प्रत्याशी पूर्व महापौर निर्मला सावले, मयूरी सचिन म्हात्रे, नीला सोंस तथा युवा चेहरा विवेक उपाध्याय के पैनल को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। इनकी पदयात्राओं में शामिल मतदाताओं का जोश और उत्साह देखते हुए विपक्ष अभी से पस्त होता दिखाई दे रहा है। प्रभारी सुरेश सिंह की माने तो आमदार नरेंद्र मेहता और जिला अध्यक्ष दिलीप जैन के नेतृत्व में हम यहां से रिकॉर्ड मतों से विजय हासिल करने जा रहे हैं। इस वार्ड में सिर्फ और सिर्फ भाजपा की लहर है। सुरेश सिंह के अलावा सह प्रभारी अजय सिंह ठाकुर, सह प्रभारी  कमलेश दुबे, मंडल अध्यक्ष संजय मिश्रा, कार्यालय प्रभारी जय शेटे, तेजस्विनी सरिता हरपले समेत अनेक लोग इस वार्ड में विजय को महाविजय में तब्दील करने में लगे हैं।
केजीएमयू प्रकरण में नया मोड़, धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े तार, फरार डॉक्टर के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच तेज
लखनऊ। केजीएमयू की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव से जुड़े मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस प्रकरण में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज मलिक के परिवार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब एक संगठित धर्मांतरण नेटवर्क की ओर बढ़ती दिख रही है।

आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में

सोमवार को चौक पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं। पूछताछ में बताया गया कि रमीज, बलरामपुर निवासी छांगुर नामक व्यक्ति के संपर्क में था, जिसे पुलिस धर्मांतरण गिरोह का प्रमुख मान रही है। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद से ही रमीज तनाव में था और लगातार सतर्क रहने लगा था।

सूत्रों के अनुसार, रमीज की मुलाकात छांगुर से एक मौलवी के जरिए कराई गई थी। यही मौलवी कथित तौर पर पीड़िता पर धर्म बदलने का दबाव भी बना रहा था। इस एंगल को गंभीरता से लेते हुए चौक पुलिस ने खुफिया एजेंसियों को भी पूरे मामले की जानकारी साझा की है।

रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही

जांच एजेंसियां बीते एक वर्ष में रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण में सामने आया है कि आरोपी न केवल देश के भीतर, बल्कि विदेशों में भी कई संदिग्ध संपर्कों में था। पुलिस को आशंका है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद रमीज देश छोड़कर फरार हो गया है। हालांकि, उसकी अंतिम लोकेशन लखनऊ की ही मिली थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।

पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था

पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी ने साजिश के तहत पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था। इसी सिलसिले में रमीज के पिता सलीमुद्दीन और मां खदीजा की गिरफ्तारी की गई है। अब पुलिस की नजर पीलीभीत निवासी काजी सैय्यद जाहिद हसन पर है, जिसने कथित तौर पर निकाह और धर्मांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि काजी की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क की तस्वीर और साफ होगी।इसके साथ ही पुलिस धर्मांतरण के गवाह बताए जा रहे शारिक खान की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। यह भी जांच का विषय है कि काजी ने अब तक कितनी महिलाओं का धर्मांतरण कराया और इसके पीछे आर्थिक लेन-देन का क्या ढांचा था।

माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका

इस मामले में आरोपी के अब तक गिरफ्त में न आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद रमीज को समय रहते हिरासत में नहीं लिया गया, जबकि वह उस दौरान केजीएमयू परिसर में मौजूद था। इसी चूक का फायदा उठाकर आरोपी कथित तौर पर भूमिगत हो गया। डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव बनाने का मुकदमा दर्ज है। उसकी पहली पत्नी के बयान के आधार पर माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब केजीएमयू की एक अन्य रेजिडेंट डॉक्टर ने उस पर गंभीर आरोप लगाए।

अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था। पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे संगठित तरीके से धर्मांतरण कराने और उसके बदले मोटी रकम लेने की योजना थी।सूत्रों के मुताबिक, केजीएमयू में चर्चा है कि दिल्ली की एक डॉक्टर के धर्मांतरण के बदले करीब 15 लाख रुपये दिए गए थे, जबकि गैर-चिकित्सकों के लिए यह राशि करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। कॉल डिटेल्स में यह भी सामने आया है कि आरोपी सामान्य ड्यूटी समय के बाद भी रेजिडेंट डॉक्टरों से लंबी बातचीत करता था।फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
SHRESHTA परीक्षा में अरुण सेवा कोचिंग के 10 छात्र सफल,ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया रैंक में स्थान बनाया*

सुलतानपुर के कादीपुर क्षेत्र के घूरीपूर, पांडे बाबा में संचालित अरुण सेवा कोचिंग के 10 विद्यार्थियों ने इस वर्ष आयोजित SHRESHTA परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इन छात्रों ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) में स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सफल होने वाले विद्यार्थियों में विकास (श्रीरामपुर लमौली) ने AIR 105, काजल (भैरोपुर) ने AIR 766, शनिदेव (श्रीरामपुर लमौली) ने AIR 865, कामिनी (गुरेगांव बेलहरी) ने AIR 818, अर्चिता (खनूहट) ने AIR 922, अर्पित (भैरोपुर) ने AIR 1013, सुमित कुमार (मोतिगरपुर) ने AIR 1335, हिमांशु (हांसापुर) ने AIR 1696, आदित्य (धरसौली) ने AIR 2032 और अभिषा (करनाईपुर) ने AIR 2495 रैंक हासिल की है। ये सभी विद्यार्थी वर्तमान में कक्षा 8 में अध्ययनरत हैं। SHRESHTA परीक्षा की काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद इन्हें देशभर के शीर्ष सीबीएसई विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इन विद्यार्थियों को पिछले छह वर्षों से अरुण सेवा कोचिंग में सहायक अध्यापक अरुण कुमार प्रजापति द्वारा निःशुल्क शिक्षा, मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान किया जा रहा है। श्री प्रजापति वर्तमान में यू.पी.एस. कैथाना गोरसरा, मोतिगरपुर, सुलतानपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। अरुण कुमार प्रजापति ने इस अवसर पर कहा, "ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में अपार प्रतिभा छिपी होती है। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे किसी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। मेरा प्रयास हमेशा यही रहा है कि शिक्षा को साधन बनाकर इन बच्चों का भविष्य संवार सकूँ।" इन छात्रों की उपलब्धि पर अरुण सेवा कोचिंग में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों के अभिभावक और भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष डॉ. विनय प्रजापति भी उपस्थित रहे। डॉ. प्रजापति ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह उपलब्धि न केवल इन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है, बल्कि पूरे जनपद के लिए गौरव का विषय है।
ऐतिहासिक पहल: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) में पहली बार दिखेगा झारखंड का जलवा, CM हेमंत सोरेन करेंगे नेतृत्व।

रांची: झारखंड के विकास और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक पटल पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल 18 से 26 जनवरी 2026 तक दावोस और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर जा रहा है। इस महत्वपूर्ण दौरे की तैयारियों को लेकर मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

दावोस (स्विट्जरलैंड): वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ऐतिहासिक सहभागिता बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि यह झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। पहली बार राज्य का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग लेगा।

वैश्विक निवेशकों के सामने 'ब्रांड झारखंड' की प्रस्तुति अधिकारियों ने बताया कि दावोस में आयोजित विभिन्न सत्रों के माध्यम से झारखंड की:

प्रचुर खनिज संपदा

मजबूत औद्योगिक ढांचा

सतत विकास (Sustainable Development) का दृष्टिकोण

पर्यटन एवं निवेश की अपार संभावनाएं को दुनिया के दिग्गज उद्योगपतियों और निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

यूनाइटेड किंगडम (लंदन) का दौरा दावोस के बाद प्रतिनिधिमंडल लंदन का दौरा करेगा। इस प्रवास के दौरान:

संस्थागत एवं शैक्षणिक सहयोग: प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ संवाद।

भारतीय प्रवासी संवाद: लंदन में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ विशेष चर्चा।

निवेश-उन्मुख नीति संवाद: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ दीर्घकालिक सहयोग पर वार्ता।

मुख्यमंत्री का निर्देश: तैयारियाँ हों विश्वस्तरीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दौरे को राज्य के आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियाँ प्रभावी और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड को एक प्रमुख निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में स्थापित करने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति समीक्षा बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल सहित उद्योग, पर्यटन, खान एवं सूचना विभाग के तमाम वरीय सचिव और अधिकारी मौजूद रहे।

लाख निर्देशों के बावजूद प्राइवेट शिक्षण संस्थान सुधरने का नाम नहीं ले रहे,छात्रों का भविष्य गर्त में सौंपा ज्ञापन*
योगी सरकार के लाख निर्देशों के बावजूद प्राइवेट शिक्षण संस्थान सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। सुल्तानपुर में हाल ये है कि बच्चों से ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स करवाने के नाम पर संस्थान ने फीस तो पूरी ले ली, लेकिन परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरा, ऐसे में बच्चों के सामने परीक्षा न देने का संकट सामने आ गया। नाराज बच्चे आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एडमिट कार्ड दिलवाने के साथ साथ साथ संस्थान पर कड़ी कार्यवाही की मांग कर डाली। दरअसल ये मामला है नगर सीताकुंड स्थित कर्मराजी इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस का। यही पर ओ लेवल के छात्र छात्राओं ने आवेदन किया था। एक सेमेस्टर की परीक्षा भी हो चुकी है। आगामी 10 जनवरी को पुनः इसकी परीक्षा होनी है, लेकिन अभी तक एडमिट कार्ड नहीं मिल सका है। छात्र छात्राओं ने पड़ताल की तो जो जानकारी लगी तो उनके होश उड़ गए। बताया गया कि इस सेमेस्टर के लिए परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरा गया, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय नजर आने लगा। लिहाजा एसएफआई के बैनर तले नाराज बच्चे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप कर संस्थान के प्रबंधक के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर डाली, साथ ही एडमिट कार्ड जारी करवाने का अनुरोध किया ताकि उनका 6 माह का समय न बर्बाद हो सके। वहीं पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की माने तो मामला संज्ञान में है, इसकी जांच करवा कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। सुल्तानपुर गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश सरकार बेरोज़गार पिछड़ा वर्ग चयनित युवाओं के लिए ओ लेवल और ट्रिपल सी मुफ्त कंप्यूटर कोर्स चलाती हैं, कर्मराजी इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस संस्थान में भी ऐसे बच्चे थे, लेकिन उनका भी परीक्षा फीस नहीं जमा किया, ऐसे में संस्थान की लापरवाही साफ नजर आ रही है।
भदोही में सबसे ज्यादा 64362, औराई में सबसे कम 45195 मतदाताओं के कटे नाम
*मतदाता सूची की अन्तिम सूची जारी,दो लाख छह हजार मतदाताओं के कटे नाम*नितेश श्रीवास्तवभदोही। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष कुमार ने मतदाता सूची की अनंतिम सूची को जारी कर दिया है। इसमें दो लाख छह हजार मतदाताओं का नाम कट गया। अब 12 लाख 33 हजार से घटकर मतदाताओं की संख्या 10 लाख 27 हजार हो गई है, हालांकि किन्ही कारणवश छूटे वोटरों को छह फरवरी तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा। सबसे अधिक भदोही विधानसभा में 64362 में नाम कटा है। वहीं ज्ञानपुर में 53067 और औराई में 45195 मतदाताओं का नाम कटा है।कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष कुमार ने पत्रकार वार्ता में एसआईआर के बाद मतदाता सूची को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचक नामावली में कुल 10 लाख 27 हजार चार मतदाता पंजीकृत हैं। इसमें 5,56,580 पुरुष, 4,70,371 महिला और 53 थर्ड जेंडर शामिल हैं। इसमें वरिष्ठ मतदाताओं की संख्या 6320 है। इसमें 2722 पुरुष एवं 3598 महिला हैं। युवा मतदाताओं की संख्या 2604 और दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 12 हजार 731 है। जिसमें 8208 पुरुष और 4521 महिला हैं। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की गणना अवधि में बीएलओ द्वारा 43 हजार 696 मतदाता नो मैपिंग की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। इसमें भदोही विधानसभा में 16 हजार 680, ज्ञानपुर में 11 हजार 701 और औराई में 15 हजार 315 मतदाता शामिल हैं। जो कुल मतदाताओं का 3.54 प्रतिशत है। जिले में कुल 705 मतदान केंद्र हैं। जिसमें भदोही में 241, ज्ञानपुर में 236, औराई में 228 है। कुल मतदेय स्थलों की संख्या 1404 हैं।
शाहजहांपुर में हाईवे पर बड़ा हादसा, मौलाना तौकीर रजा के बेटे की कार रोडवेज बस से भिड़ी, ड्रग्स मिलने से मचा हड़कंप

लखनऊ/ शाहजहांपुर। लखनऊ–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब तिलहर थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार खड़ी रोडवेज बस से जा टकराई। हादसे में कार चालक बाल-बाल बच गया, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के दौरान मामला अचानक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया।

फरमान रजा अपनी कार से बरेली की ओर जा रहा था

जानकारी के अनुसार, बरेली निवासी फरमान रजा अपनी कार से बरेली की ओर जा रहा था। शाम करीब साढ़े सात बजे हरिद्वार जा रही सीतापुर डिपो की रोडवेज बस कछियानी खेड़ा स्थित हनुमान मंदिर के सामने खड़ी थी। बताया जा रहा है कि बस चालक मंदिर में प्रसाद चढ़ाने गया हुआ था, तभी पीछे से आई कार अनियंत्रित होकर बस से टकरा गई।

टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई

टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और फरमान वाहन के अंदर फंस गया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला। हादसे के बाद वह काफी घबराया हुआ नजर आया, हालांकि उसे गंभीर चोटें नहीं आईं। मौके पर भीड़ जुटने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।सूचना मिलने पर तिलहर पुलिस मौके पर पहुंची और फरमान को थाने ले आई।

कार में एक बैग के एक सफेद रंग का संदिध समान मिला

पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें रखे बैग से एक पुड़िया में सफेद रंग का संदिग्ध पदार्थ बरामद हुआ। इसके साथ ही ड्रग्स के इस्तेमाल में प्रयुक्त सिरिंज भी मिलने की बात सामने आई।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे अरुण स्वयं थाने पहुंचीं और जांच की। प्रारंभिक जांच में बरामद पदार्थ को आधा ग्राम क्रिस्टल ड्रग्स बताया गया है। पूछताछ में फरमान ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह नशीला पदार्थ अपने निजी उपयोग के लिए दिल्ली से खरीदा था।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरमान का मेडिकल परीक्षण कराया गया है ताकि नशे के सेवन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि जांच रिपोर्ट और मेडिकल परीक्षण के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और हादसे के साथ-साथ नशीले पदार्थ की बरामदगी के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
माघ मेला 2026 से पूर्व फ्लोटिंग रेस्टोरेंट फेज–02 का भव्य शुभारम्भ

प्रयागराज को मिला जल-पर्यटन और मनोरंजन का नया आयाम

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला 2026 के दृष्टिगत प्रयागराज में पर्यटन एवं मनोरंजन सुविधाओ को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट के फेज–02 का आज भव्य शुभारम्भ किया गया।इस अवसर पर मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा पुलिस आयुक्त जोगेन्द्र कुमार एवं नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट फेज–02 का उद्घाटन किया।प्रयागराज स्मार्ट सिटी प्रा.लि. नगर निगम प्रयागराज द्वारा विकसित इस फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को नए कलेवर में तैयार किया गया है जहां श्रद्धालु एवं पर्यटक यमुना नदी की लहरो के बीच लजीज व्यंजनो के साथ नौका विहार और रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स का दोहरा आनन्द ले सकेगे।यह सुविधा विशेष रूप से माघ मेला 2026 में आने वाले देश–विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण होगी।नगर आयुक्त सीलम साई तेजा ने बताया कि माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओ को सुरक्षित सुव्यवस्थित एवं आधुनिक मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध कराना स्मार्ट सिटी लिमिटेड नगर निगम प्रयागराज की प्राथमिकता है।फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट में चरणबद्ध रूप से जेट स्कीइंग स्पीड बोट पांटून बोट और बनाना बोट राइड जैसी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।सुरक्षा के दृष्टिगत रेस्क्यू बोट्स प्रशिक्षित स्टाफ तथा सभी आवश्यक मानको का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है।माघ मेला के दृष्टिगत अपर नगर आयुक्त दीपेन्द्र कुमार ने कहा कि माघ मेला 2026 में आने वाले लाखो श्रद्धालुओं की सुविधा सुरक्षा और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट को विशेष रूप से तैयार किया गया है।भीड़ प्रबन्धन सुरक्षा व्यवस्था एवं ऑनलाइन बुकिंग जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है जिससे श्रद्धालुओ को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे सुरक्षित वातावरण में यमुना नदी का आनंद ले सकें।उन्होंने आगे बताया कि फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की ऑनलाइन बुकिंग 1 जनवरी 2026 से Book My Trip एवं Book My Shop जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रारम्भ की जा रही है जिससे देश– विदेश से आने वाले पर्यटक घर बैठे ही अपनी बुकिंग कर सकेंगे।अधिकारियो ने कहा कि नगर निगम प्रयागराज की यह पहल न केवल माघ मेला 2026 को और अधिक आकर्षक बनाएगी बल्कि प्रयागराज को जल-पर्यटन के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगी।आस्था स्वच्छता सुरक्षा और मनोरंजन—इन सभी को एक साथ जोड़ते हुए श्रद्धालुओ को यादगार अनुभव प्रदान करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

उत्तर प्रदेश में अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को जारी, 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग ने राज्य की अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। सीईओ नवदीप रिणवा के अनुसार, इस बार लगभग 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, क्योंकि उनके रिकॉर्ड का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है।

12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा

नोटिस प्राप्त मतदाताओं को अपने नाम की पुष्टि के लिए मान्य 12 दस्तावेजों में से किसी एक को प्रस्तुत करना होगा। जिन लोग दस्तावेज पेश नहीं कर पाएंगे, उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं होंगे।
राज्य की अंतिम मतदाता सूची में सभी 75 जिले और 403 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इस प्रक्रिया में कुल 1,72,486 बूथ और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 5,76,611 बूथ स्तरीय एजेंटों की मदद ली गई।
यदि किसी मतदाता का नाम मसौदा सूची में नहीं है या परिवार के किसी गैर-मौजूद सदस्य का नाम दर्ज है, तो वे चुनाव आयोग के समक्ष दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। इस कार्य के लिए समयसीमा 6 फरवरी 2026 तय की गई है। दावों और आपत्तियों का निपटारा आयोग 27 फरवरी तक करेगा।

मतदाता बनने या नाम जोड़ने/सुधारने के लिए निम्न फॉर्म उपलब्ध

फॉर्म 6: नए मतदाताओं के लिए आवेदन
फॉर्म 6क: विदेश में रहने वाले नागरिकों के लिए, यदि उन्होंने वहां की नागरिकता नहीं ली है
फॉर्म 7: सूची में नाम हटाने या जोड़ने के खिलाफ आपत्ति दर्ज करने के लिए
फॉर्म 8: पता परिवर्तन, प्रविष्टियों में सुधार, EPIC प्रतिस्थापन और दिव्यांग चिह्नांकन के लिए
इन फॉर्म को स्थानीय निर्वाचन कार्यालय या वेबसाइट ceouttarpradesh.nic.inसे प्राप्त किया जा सकता है।

ऑनलाइन इस प्रकार से करें जांच

मतदाता अपनी स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। इसके लिए voters.eci.gov.in
पोर्टल पर जाकर “Search in Electoral Roll” में नाम, पिता का नाम या वोटर आईडी (EPIC) दर्ज किया जा सकता है। इसके अलावा, वोटर हेल्पलाइन एप और स्थानीय बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।नोटिस प्राप्त मतदाताओं के नाम गृह विभाग को नहीं भेजे जाएंगे, लेकिन आयोग इनका विवरण सार्वजनिक करेगा।
यूपी SIR: 75 जिलों में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम कटे, लखनऊ में सबसे अधिक 30.04% वोट डिलीट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश के 75 जिलों में बड़ी संख्या में वोट कटे हैं। राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 30.04 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

एनसीआर और बड़े शहरी जिलों में कटौती का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक रहा। गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत, कानपुर नगर में 25.50 प्रतिशत, बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, मेरठ में 24.65 प्रतिशत, प्रयागराज में 24.64 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 23.98 प्रतिशत और आगरा में 23.25 प्रतिशत वोट कटे हैं।

पश्चिमी यूपी की बात करें तो सहारनपुर में 16.37 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 16.29 प्रतिशत, बुलंदशहर में 15.14 प्रतिशत, बागपत में 18.15 प्रतिशत, हापुड़ में 22.30 प्रतिशत, शामली में 16.75 प्रतिशत और संभल में 20.29 प्रतिशत वोट काटे गए हैं।

बुंदेलखंड क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम कटौती दर्ज की गई। ललितपुर में सबसे कम 9.95 प्रतिशत, हमीरपुर में 10.78 प्रतिशत, महोबा में 12.42 प्रतिशत, बांदा में 13 प्रतिशत और झांसी में 13.92 प्रतिशत वोट कटे।

पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में भी कई जिलों में 15 से 20 प्रतिशत तक नाम हटाए गए हैं। वाराणसी में 18.18 प्रतिशत, गोरखपुर में 17.61 प्रतिशत, बलिया में 18.16 प्रतिशत, आजमगढ़ में 15.25 प्रतिशत, जौनपुर में 16.51 प्रतिशत, बस्ती में 15.70 प्रतिशत, सिद्धार्थनगर में 20.33 प्रतिशत, संत कबीर नगर में 19.96 प्रतिशत, सीतापुर में 19.55 प्रतिशत, बहराइच में 20.44 प्रतिशत और गोंडा में 18.40 प्रतिशत वोट कटे हैं।

मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया फर्जी, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए की गई है।
कुल मिलाकर, यूपी SIR के आंकड़े आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।
मीरा भायंदर में महाविजय की तरफ बढ़ती भाजपा, वार्ड 18 में हताश हुआ विपक्ष
भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका चुनाव में विधायक नरेंद्र मेहता द्वारा महायुति नहीं करने का निर्णय रंग लाता नजर आ रहा है। एक तरफ भाजपा जहां लगातार महाविजय की तरफ बढ़ रही है, वही शिवसेना प्रत्याशियों के चेहरों पर  महायुती न होने की निराशा साफ दिखाई दे रही है। महापालिका के प्रभाग क्रमांक 18 में भाजपा प्रत्याशी पूर्व महापौर निर्मला सावले, मयूरी सचिन म्हात्रे, नीला सोंस तथा युवा चेहरा विवेक उपाध्याय के पैनल को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। इनकी पदयात्राओं में शामिल मतदाताओं का जोश और उत्साह देखते हुए विपक्ष अभी से पस्त होता दिखाई दे रहा है। प्रभारी सुरेश सिंह की माने तो आमदार नरेंद्र मेहता और जिला अध्यक्ष दिलीप जैन के नेतृत्व में हम यहां से रिकॉर्ड मतों से विजय हासिल करने जा रहे हैं। इस वार्ड में सिर्फ और सिर्फ भाजपा की लहर है। सुरेश सिंह के अलावा सह प्रभारी अजय सिंह ठाकुर, सह प्रभारी  कमलेश दुबे, मंडल अध्यक्ष संजय मिश्रा, कार्यालय प्रभारी जय शेटे, तेजस्विनी सरिता हरपले समेत अनेक लोग इस वार्ड में विजय को महाविजय में तब्दील करने में लगे हैं।
केजीएमयू प्रकरण में नया मोड़, धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े तार, फरार डॉक्टर के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच तेज
लखनऊ। केजीएमयू की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव से जुड़े मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस प्रकरण में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज मलिक के परिवार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब एक संगठित धर्मांतरण नेटवर्क की ओर बढ़ती दिख रही है।

आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में

सोमवार को चौक पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं। पूछताछ में बताया गया कि रमीज, बलरामपुर निवासी छांगुर नामक व्यक्ति के संपर्क में था, जिसे पुलिस धर्मांतरण गिरोह का प्रमुख मान रही है। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद से ही रमीज तनाव में था और लगातार सतर्क रहने लगा था।

सूत्रों के अनुसार, रमीज की मुलाकात छांगुर से एक मौलवी के जरिए कराई गई थी। यही मौलवी कथित तौर पर पीड़िता पर धर्म बदलने का दबाव भी बना रहा था। इस एंगल को गंभीरता से लेते हुए चौक पुलिस ने खुफिया एजेंसियों को भी पूरे मामले की जानकारी साझा की है।

रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही

जांच एजेंसियां बीते एक वर्ष में रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण में सामने आया है कि आरोपी न केवल देश के भीतर, बल्कि विदेशों में भी कई संदिग्ध संपर्कों में था। पुलिस को आशंका है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद रमीज देश छोड़कर फरार हो गया है। हालांकि, उसकी अंतिम लोकेशन लखनऊ की ही मिली थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।

पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था

पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी ने साजिश के तहत पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था। इसी सिलसिले में रमीज के पिता सलीमुद्दीन और मां खदीजा की गिरफ्तारी की गई है। अब पुलिस की नजर पीलीभीत निवासी काजी सैय्यद जाहिद हसन पर है, जिसने कथित तौर पर निकाह और धर्मांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि काजी की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क की तस्वीर और साफ होगी।इसके साथ ही पुलिस धर्मांतरण के गवाह बताए जा रहे शारिक खान की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। यह भी जांच का विषय है कि काजी ने अब तक कितनी महिलाओं का धर्मांतरण कराया और इसके पीछे आर्थिक लेन-देन का क्या ढांचा था।

माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका

इस मामले में आरोपी के अब तक गिरफ्त में न आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद रमीज को समय रहते हिरासत में नहीं लिया गया, जबकि वह उस दौरान केजीएमयू परिसर में मौजूद था। इसी चूक का फायदा उठाकर आरोपी कथित तौर पर भूमिगत हो गया। डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव बनाने का मुकदमा दर्ज है। उसकी पहली पत्नी के बयान के आधार पर माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब केजीएमयू की एक अन्य रेजिडेंट डॉक्टर ने उस पर गंभीर आरोप लगाए।

अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था। पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे संगठित तरीके से धर्मांतरण कराने और उसके बदले मोटी रकम लेने की योजना थी।सूत्रों के मुताबिक, केजीएमयू में चर्चा है कि दिल्ली की एक डॉक्टर के धर्मांतरण के बदले करीब 15 लाख रुपये दिए गए थे, जबकि गैर-चिकित्सकों के लिए यह राशि करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। कॉल डिटेल्स में यह भी सामने आया है कि आरोपी सामान्य ड्यूटी समय के बाद भी रेजिडेंट डॉक्टरों से लंबी बातचीत करता था।फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
SHRESHTA परीक्षा में अरुण सेवा कोचिंग के 10 छात्र सफल,ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों ने ऑल इंडिया रैंक में स्थान बनाया*

सुलतानपुर के कादीपुर क्षेत्र के घूरीपूर, पांडे बाबा में संचालित अरुण सेवा कोचिंग के 10 विद्यार्थियों ने इस वर्ष आयोजित SHRESHTA परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। इन छात्रों ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) में स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। सफल होने वाले विद्यार्थियों में विकास (श्रीरामपुर लमौली) ने AIR 105, काजल (भैरोपुर) ने AIR 766, शनिदेव (श्रीरामपुर लमौली) ने AIR 865, कामिनी (गुरेगांव बेलहरी) ने AIR 818, अर्चिता (खनूहट) ने AIR 922, अर्पित (भैरोपुर) ने AIR 1013, सुमित कुमार (मोतिगरपुर) ने AIR 1335, हिमांशु (हांसापुर) ने AIR 1696, आदित्य (धरसौली) ने AIR 2032 और अभिषा (करनाईपुर) ने AIR 2495 रैंक हासिल की है। ये सभी विद्यार्थी वर्तमान में कक्षा 8 में अध्ययनरत हैं। SHRESHTA परीक्षा की काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद इन्हें देशभर के शीर्ष सीबीएसई विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इन विद्यार्थियों को पिछले छह वर्षों से अरुण सेवा कोचिंग में सहायक अध्यापक अरुण कुमार प्रजापति द्वारा निःशुल्क शिक्षा, मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान किया जा रहा है। श्री प्रजापति वर्तमान में यू.पी.एस. कैथाना गोरसरा, मोतिगरपुर, सुलतानपुर में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। अरुण कुमार प्रजापति ने इस अवसर पर कहा, "ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में अपार प्रतिभा छिपी होती है। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे किसी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। मेरा प्रयास हमेशा यही रहा है कि शिक्षा को साधन बनाकर इन बच्चों का भविष्य संवार सकूँ।" इन छात्रों की उपलब्धि पर अरुण सेवा कोचिंग में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों के अभिभावक और भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष डॉ. विनय प्रजापति भी उपस्थित रहे। डॉ. प्रजापति ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह उपलब्धि न केवल इन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है, बल्कि पूरे जनपद के लिए गौरव का विषय है।
ऐतिहासिक पहल: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) में पहली बार दिखेगा झारखंड का जलवा, CM हेमंत सोरेन करेंगे नेतृत्व।

रांची: झारखंड के विकास और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक पटल पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल 18 से 26 जनवरी 2026 तक दावोस और यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर जा रहा है। इस महत्वपूर्ण दौरे की तैयारियों को लेकर मंगलवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

दावोस (स्विट्जरलैंड): वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ऐतिहासिक सहभागिता बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि यह झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा। पहली बार राज्य का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग लेगा।

वैश्विक निवेशकों के सामने 'ब्रांड झारखंड' की प्रस्तुति अधिकारियों ने बताया कि दावोस में आयोजित विभिन्न सत्रों के माध्यम से झारखंड की:

प्रचुर खनिज संपदा

मजबूत औद्योगिक ढांचा

सतत विकास (Sustainable Development) का दृष्टिकोण

पर्यटन एवं निवेश की अपार संभावनाएं को दुनिया के दिग्गज उद्योगपतियों और निवेशकों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

यूनाइटेड किंगडम (लंदन) का दौरा दावोस के बाद प्रतिनिधिमंडल लंदन का दौरा करेगा। इस प्रवास के दौरान:

संस्थागत एवं शैक्षणिक सहयोग: प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ संवाद।

भारतीय प्रवासी संवाद: लंदन में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ विशेष चर्चा।

निवेश-उन्मुख नीति संवाद: बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ दीर्घकालिक सहयोग पर वार्ता।

मुख्यमंत्री का निर्देश: तैयारियाँ हों विश्वस्तरीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस दौरे को राज्य के आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियाँ प्रभावी और सुव्यवस्थित होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, "झारखंड को एक प्रमुख निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में स्थापित करने के लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति समीक्षा बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल सहित उद्योग, पर्यटन, खान एवं सूचना विभाग के तमाम वरीय सचिव और अधिकारी मौजूद रहे।

लाख निर्देशों के बावजूद प्राइवेट शिक्षण संस्थान सुधरने का नाम नहीं ले रहे,छात्रों का भविष्य गर्त में सौंपा ज्ञापन*
योगी सरकार के लाख निर्देशों के बावजूद प्राइवेट शिक्षण संस्थान सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। सुल्तानपुर में हाल ये है कि बच्चों से ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स करवाने के नाम पर संस्थान ने फीस तो पूरी ले ली, लेकिन परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरा, ऐसे में बच्चों के सामने परीक्षा न देने का संकट सामने आ गया। नाराज बच्चे आज जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एडमिट कार्ड दिलवाने के साथ साथ साथ संस्थान पर कड़ी कार्यवाही की मांग कर डाली। दरअसल ये मामला है नगर सीताकुंड स्थित कर्मराजी इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस का। यही पर ओ लेवल के छात्र छात्राओं ने आवेदन किया था। एक सेमेस्टर की परीक्षा भी हो चुकी है। आगामी 10 जनवरी को पुनः इसकी परीक्षा होनी है, लेकिन अभी तक एडमिट कार्ड नहीं मिल सका है। छात्र छात्राओं ने पड़ताल की तो जो जानकारी लगी तो उनके होश उड़ गए। बताया गया कि इस सेमेस्टर के लिए परीक्षा फॉर्म ही नहीं भरा गया, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय नजर आने लगा। लिहाजा एसएफआई के बैनर तले नाराज बच्चे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप कर संस्थान के प्रबंधक के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर डाली, साथ ही एडमिट कार्ड जारी करवाने का अनुरोध किया ताकि उनका 6 माह का समय न बर्बाद हो सके। वहीं पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की माने तो मामला संज्ञान में है, इसकी जांच करवा कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। सुल्तानपुर गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश सरकार बेरोज़गार पिछड़ा वर्ग चयनित युवाओं के लिए ओ लेवल और ट्रिपल सी मुफ्त कंप्यूटर कोर्स चलाती हैं, कर्मराजी इंस्टीट्यूट ऑफ कंप्यूटर साइंस संस्थान में भी ऐसे बच्चे थे, लेकिन उनका भी परीक्षा फीस नहीं जमा किया, ऐसे में संस्थान की लापरवाही साफ नजर आ रही है।
भदोही में सबसे ज्यादा 64362, औराई में सबसे कम 45195 मतदाताओं के कटे नाम
*मतदाता सूची की अन्तिम सूची जारी,दो लाख छह हजार मतदाताओं के कटे नाम*नितेश श्रीवास्तवभदोही। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष कुमार ने मतदाता सूची की अनंतिम सूची को जारी कर दिया है। इसमें दो लाख छह हजार मतदाताओं का नाम कट गया। अब 12 लाख 33 हजार से घटकर मतदाताओं की संख्या 10 लाख 27 हजार हो गई है, हालांकि किन्ही कारणवश छूटे वोटरों को छह फरवरी तक मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा। सबसे अधिक भदोही विधानसभा में 64362 में नाम कटा है। वहीं ज्ञानपुर में 53067 और औराई में 45195 मतदाताओं का नाम कटा है।कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेष कुमार ने पत्रकार वार्ता में एसआईआर के बाद मतदाता सूची को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचक नामावली में कुल 10 लाख 27 हजार चार मतदाता पंजीकृत हैं। इसमें 5,56,580 पुरुष, 4,70,371 महिला और 53 थर्ड जेंडर शामिल हैं। इसमें वरिष्ठ मतदाताओं की संख्या 6320 है। इसमें 2722 पुरुष एवं 3598 महिला हैं। युवा मतदाताओं की संख्या 2604 और दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 12 हजार 731 है। जिसमें 8208 पुरुष और 4521 महिला हैं। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की गणना अवधि में बीएलओ द्वारा 43 हजार 696 मतदाता नो मैपिंग की श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। इसमें भदोही विधानसभा में 16 हजार 680, ज्ञानपुर में 11 हजार 701 और औराई में 15 हजार 315 मतदाता शामिल हैं। जो कुल मतदाताओं का 3.54 प्रतिशत है। जिले में कुल 705 मतदान केंद्र हैं। जिसमें भदोही में 241, ज्ञानपुर में 236, औराई में 228 है। कुल मतदेय स्थलों की संख्या 1404 हैं।
शाहजहांपुर में हाईवे पर बड़ा हादसा, मौलाना तौकीर रजा के बेटे की कार रोडवेज बस से भिड़ी, ड्रग्स मिलने से मचा हड़कंप

लखनऊ/ शाहजहांपुर। लखनऊ–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब तिलहर थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार खड़ी रोडवेज बस से जा टकराई। हादसे में कार चालक बाल-बाल बच गया, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के दौरान मामला अचानक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया।

फरमान रजा अपनी कार से बरेली की ओर जा रहा था

जानकारी के अनुसार, बरेली निवासी फरमान रजा अपनी कार से बरेली की ओर जा रहा था। शाम करीब साढ़े सात बजे हरिद्वार जा रही सीतापुर डिपो की रोडवेज बस कछियानी खेड़ा स्थित हनुमान मंदिर के सामने खड़ी थी। बताया जा रहा है कि बस चालक मंदिर में प्रसाद चढ़ाने गया हुआ था, तभी पीछे से आई कार अनियंत्रित होकर बस से टकरा गई।

टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई

टक्कर इतनी तेज थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और फरमान वाहन के अंदर फंस गया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला। हादसे के बाद वह काफी घबराया हुआ नजर आया, हालांकि उसे गंभीर चोटें नहीं आईं। मौके पर भीड़ जुटने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।सूचना मिलने पर तिलहर पुलिस मौके पर पहुंची और फरमान को थाने ले आई।

कार में एक बैग के एक सफेद रंग का संदिध समान मिला

पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें रखे बैग से एक पुड़िया में सफेद रंग का संदिग्ध पदार्थ बरामद हुआ। इसके साथ ही ड्रग्स के इस्तेमाल में प्रयुक्त सिरिंज भी मिलने की बात सामने आई।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे अरुण स्वयं थाने पहुंचीं और जांच की। प्रारंभिक जांच में बरामद पदार्थ को आधा ग्राम क्रिस्टल ड्रग्स बताया गया है। पूछताछ में फरमान ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह नशीला पदार्थ अपने निजी उपयोग के लिए दिल्ली से खरीदा था।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरमान का मेडिकल परीक्षण कराया गया है ताकि नशे के सेवन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि जांच रिपोर्ट और मेडिकल परीक्षण के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और हादसे के साथ-साथ नशीले पदार्थ की बरामदगी के सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।