आजमगढ़:-पुलिस और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़, एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल, अवैध तमंचा व हथियार बरामद
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़।  फूलपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने गोकशी की घटना में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार 3 मार्च को फूलपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कौड़िया स्थित कुंवर नदी में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने के मामले की जांच चल रही थी। इसी क्रम में गुरुवार तड़के करीब 2:15 बजे पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम मुडियार में शाहिदा सुल्ताना स्कूल के पास पुलिया के पास कुछ संदिग्ध लोग किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना पर थाना फूलपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन बदमाशों के दोबारा फायर करने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई, जबकि दो अन्य को मौके से दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. आमिर (22), साकिब (26) और युसुफ (19) निवासी ग्राम कौड़िया थाना फूलपुर के रूप में हुई है। घायल आरोपी आमिर को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
मौके से पुलिस ने एक अवैध देशी तमंचा (.315 बोर), एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, दो चापड़ और दो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सुनियोजित तरीके से गोवंश को पकड़कर सुनसान स्थानों पर ले जाकर उनका वध करते थे और मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। वध के बाद बचे अवशेषों को नदी-नालों में फेंककर या जमीन में गाड़कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ फूलपुर थाने में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं सहित गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना फूलपुर पुलिस टीम ने अंजाम दिया।
फूलपुर पुलिस और बदमाशों के बीच मुंडियार के पास मुठभेड़ हुई थी। एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी है। दो बदमाशों को पुलिस के दौड़ाकर पकड़ लिया है। घायल को उपचार के लिए सीएचसी फूलपुर भेजा गया। पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही है। 
किरन पाल सिंह, सीओ फूलपुर।

आजमगढ़:- फायरिंग कांड का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक लाइसेंसी राइफल भी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार 4 मार्च को शाम करीब 3 बजे वादी अपने मित्र के साथ घर के सामने खड़ा होकर बातचीत कर रहा था। उसी दौरान गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर मामला बढ़ गया और एक आरोपी ने गनर की लाइसेंसी राइफल लेकर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। आसपास लोगों के जुटने पर सभी आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
इस मामले में कोतवाली थाने में मुकदमा संख्या 87/2026 के तहत बीएनएस की धारा 109(1), 352, 351(3), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/27/30 में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर 4 मार्च की रात 11:59 बजे हीरापट्टी निवासी अजय कुमार राव को ब्रह्मस्थान से हीरापट्टी जाने वाले मार्ग पर डीह बाबा स्थान के पास से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 5 मार्च की सुबह 6:10 बजे प्राइवेट बस स्टैंड के पास से अन्य आरोपी रिशु यादव, आजाद अहमद उर्फ बिट्टू, शशिकांत राय और अमित कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक लाइसेंसी राइफल (लाइसेंस नंबर 509/13) बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अखिलेश नारायण सिंह, हेड कांस्टेबल सर्वेश विक्रम, हेड कांस्टेबल अजब नारायण सिंह, कांस्टेबल सुमित कुमार और कांस्टेबल आकाश कुमार शामिल
*आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 का रजिस्ट्रेशन 5 मार्च से शुरू; परीक्षा 7 जून को होगी*
* सभी 7 आईआईएसईआर में प्रवेश का आधार सिर्फ आईएटी स्कोर होगा, जेईई स्कोर के आधार पर प्रवेश नहीं |
*लखनऊ, मार्च 2026* : इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) ने आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आईएटी शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए सभी आईआईएसईआर कैंपस के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एकमात्र और अनिवार्य परीक्षा है।
ऑनलाइन आवेदन की आरंभिक तिथि 5 मार्च, 2026 (गुरुवार) है और एप्टीट्यूड टेस्ट 7 जून, 2026 (रविवार) को होगा।
विज्ञान पढ़ने के इच्छुक उम्मीदवार इस अनिवार्य एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। इस परीक्षा से सभी 7 आईआईएसईआर कैंपस में किसी में भी विश्वस्तरीय शोध एवं प्रशिक्षण का प्रवेश द्वार खुल जाएगा। आईआईएसईआर की स्थापना भारत सरकार ने उच्च गुणवत्ता के साथ आधारभूत विज्ञान की शिक्षा और शोध संवर्धन के लिए किया। ये देश के प्रमुख स्वयात्त शिक्षा संस्थान हैं।
आईआईएसईआर बरहामपुर, आईआईएसईआर भोपाल, आईआईएसईआर कोलकाता, आईआईएसईआर मोहाली, आईआईएसईआर पुणे, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम और आईआईएसईआर तिरुपति- किसी भी आईआईएसईआर में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://www.iiseradmission.in/ पर साल 2026 के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। वेबसाइट पर परीक्षा केंद्र के विवरण भी दिए जाएँगे।
आईएटी 2026 की पूरी प्रवेश प्रक्रिया में उम्मीदवारों की सहायता के लिए एक हेल्पडेस्क (टेली. $91 7205457461 (कार्य दिवस में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच); ईमेल: का प्रावधान किया गया है।
आईआईएसईआर के प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छे रहे हैं। पूरी दुनिया के टॉप ग्लोबल फर्मों, रिसर्च इंस्टिट्यूशन्स और पीएचडी प्रोग्राम्स में आईआईएसईआर के ग्रेजुएट्स अपनी जगह बना रहे हैं। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से सीखने के पर्याप्त अवसर मिलते हैं। उनके लिए शिक्षा जगत, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में अच्छा करियर बनाना आसान होता है।
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) ‘सर्वोपरि विज्ञान’ का मार्ग प्रशस्त करता है। यह इसे खास पहचान देता है। विद्यार्थियों को उनकी विशेषज्ञता का विषय चुनने से पहले कई विषयों को जानने का अवसर देता है। प्रवेश परीक्षा में सफल आवेदकों को एक वाइब्रेंट कम्युनिटी मिलती है, जहाँ बायोलॉजिकल, केमिकल, मैथमेटिकल, फिजिकल और अर्थ साइंसेज में अत्याधुनिक शोध हो रहे हैं।
आईआईएसईआर के विद्यार्थियों को रिसर्च, कॉन्सेप्चुअल ट्रेनिंग, इंटरडिसिप्लिनरी और हायर स्टडीज़ (एमएस / पीएचडी) के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और फिर आर एण्ड डी, एकेडेमिया, डीप टेक और साइंटिफिक इनोवेशन में करियर के लिए बेहतर अनुकूलन का दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
आईएटी 2026 के लिए योग्यता मानक
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 में आवेदन के लिए उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम में कक्षा 12 / समकक्ष परीक्षा या न्यूनतम 3 साल का डिप्लोमा प्रोग्राम (2024, 2025 या 2026 में) न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों (एससी / एसटी / पीडब्ल्यू के लिए 55 प्रतिशत) के साथ पास होना अनिवार्य है। यह आकलन सभी विषयों को ध्यान में रख कर किया गया हो।
उम्मीदवार ने बायोलॉजी, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और फिजिक्स में से कम से कम तीन विषयों की पढ़ाई की हो। आईआईएसईआर कोलकाता के बीएस-एमएस कम्प्यूटेशनल और डेटा साइंस प्रोग्राम, आईआईएसईआर भोपाल के बी.टेक / बीएस इकोनॉमिक साइंस प्रोग्राम और आईआईएसईआर तिरुपति के बीएस इकोनॉमिक और स्टैटिस्टिकल साइंस प्रोग्राम के लिए मैथमेटिक्स अनिवार्य है।
विशेष सूचना- दिसंबर 2023 के जेकेबीओएसई कश्मीर / लद्दाख के विद्यार्थियों को 2024 में पास माना जाएगा; कश्मीरी माइग्रेंट्स अपने डोमिसाइल सर्टिफिकेट अपलोड करें; आरक्षण भारत सरकार की नीतियों के अनुसार उपलब्ध हैं। (एससी 15 प्रतिशत, एसटी 7.5 प्रतिशत, ओबीसी-एनसीएल 27 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी 5 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस 10 प्रतिशत तक, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए सुपरन्यूमरेरी)।
*उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स अनुसार आईएटी 2026 में आवेदन करें-*
स्टेप 1 - आईआईएसईआर एडमिशन 2026 के लिए वेबसाइट https://iiseradmission.in/ पर जाएँ।
स्टेप 2 - होमपेज पर ‘अप्लाई फॉर आईएटी-2026’ पर जाएँ
स्टेप 3 - अगले पेज पर रजिस्टर कर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें
स्टेप 4 - सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और उचित राशि भुगतान कर आवेदन पत्र पूरा भरें।
उम्मीदवार सभी विवरण सही से और ध्यानपूर्वक दें। आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद विवरण नहीं बदल सकते हैं।
*महत्वपूर्ण तिथियाँ*
5 मार्च, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल खुलेगा
13 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल बंद होगा
16-18 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन
24 मई, 2026 - एग्जाम हॉल टिकट जारी होगा
7 जून, 2026 - आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 परीक्षा की तिथि (सुबह 9:00 बजे - दोपहर 12:00 बजे आईएसटी)
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि किसी अपडेट के लिए नियमित रूप से ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल देखें- https://www.iiseradmission.in/#admission_important_dates
एनेक्सर
*प्रो. अशोक कुमार गांगुली, निदेशक, आईआईएसईआर बरहामपुर, ओडिशा, ने कहा,* “आईआईएसईआर बरहामपुर का शांत, सुकून भरा और स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश उन्मुक्त सोच और सर्जना का संवर्धन करता है। साथ ही सबसे आधुनिक उपकरण देता है, ताकि अब तक अज्ञात पहलुओं को समझने और इनोवेशन करने का अवसर मिले। हमने विद्यार्थियों को शिक्षा का अद्वितीय अनुभव प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानव संसाधन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। हम स्पोर्ट्स, कल्चरल और आउटरीच / सोशल एक्टिविटीज़ को पर्याप्त महत्व देते हैं, क्योंकि ये विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास के लिए जरूरी हैं।“
*प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल, ने कहा,* “आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट एक प्रवेश परीक्षा से बढ़ कर आईआईएसईआर भोपाल के डायनामिक रिसर्च इकोसिस्टम का प्रवेश मार्ग है। हमारा कैंपस विद्यार्थियों को नई जानकारियाँ हासिल करने, परीक्षण और सर्जन करने की प्रेरणा देता है। आईआईएसईआर भोपाल कई खूबियों की वजह से खास है, जैसे यहाँ साइंस, इंजीनियरिंग, इकोनॉमिक्स और ह्यूमैनिटीज़ का अनोखा तालमेल है। श्रेष्ठ शिक्षा का इंटरडिसिप्लिनरी परिवेश है। यह शिक्षा के अलावा कैंपस लाइफ के ज़रूरी स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देता है। खेल का अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाएँ देता है। कुल मिला कर विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास में पूरा योगदान देता है।”
*प्रो. सुनील कुमार खरे, निदेशक, आईआईएसईआर कोलकाता, ने कहा,* “आईआईएसईआर कोलकाता में हम आगामी पीढ़ी के लीडर्स को प्रशिक्षण देने के लिए कृतसंकल्प हैं, ताकि वे देश को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स के शिखर पर ले जाएँ। साल 2006 में संस्थान के शुभारंभ के बाद हम ने रिसर्च, टीचिंग और इनोवेशन में श्रेष्ठ कार्य करने का वाइब्रेंट इकोसिस्टम स्थापित किया है। कैंपस में सब के समावेश और प्रगतिशील परिवेश के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएँ दी है। हमारे फैकल्टी अपने क्षेत्र में जाने-माने नाम हैं, जो क्यूरियोसिटी, लीडरशिप और इंटरडिसिप्लिनरी सोच को बढ़ावा देते हैं। हम शैक्षिक मार्गदर्शन के अलावा विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठ, ज़िम्मेदार और भविष्य के तैयार बनाते हैं। बड़े बदलाव के विज़न के साथ उन्हें समाज में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करते हैं।”
*प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, आईआईएसईआर मोहाली, ने कहा* , “आईआईएसईआर मोहाली हिमालय की तराई में बसी नॉलेज सिटी मोहाली में है, जहाँ नागरिकों के लिए बेहतरीन परिवेश है। यहाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा को एक उद्देश्य मिलता है, आश्चर्य भाव से ज्ञान सृजन होता है, विज्ञान का जुनून समझदारी और इनोवेशन का रूप लेता है और ज्ञान मनुष्य की प्रगति का संबल बनता है। हम विज्ञान की उत्कृष्ट शिक्षा पर ज़ोर देते हैं। साथ ही स्पोर्ट्स और कल्चरल जानने का उत्साह भरते हैं, क्योंकि यह विद्यार्थियों के सम्रग विकास के लिए जरूरी है। इस तरह हम विद्यार्थियों की करिकुलर और एक्स्ट्रा करिकुलर सभी गतिविधियों में मदद करते हैं।”
*प्रो. सुनील एस. भागवत, निदेशक, आईआईएसईआर पुणे, ने कहा,* “आईआईएसईआर पुणे में दुनिया की कुछ सबसे अच्छी यूनिवर्सिटीज़ की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएँ हैं। अत्याधुनिक शोधों में संलग्न फैकल्टी हैं। सही अर्थों में शानदार प्रतिभाएँ तैयार करने का आदर्श परिवेश है। संस्थान पुणे शहर में है और इसके चारों ओर उच्च स्तरीय शोध संस्थान और उद्योग केंद्र हैं। आईआईएसईआर पुणे सीखने, नई खोज और प्रगति करने का जीवंत और उत्साहवर्धक माहौल देता है। साथ ही, कल्चरल और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के साथ सभी के समावेश का परिवेश देता है।”
*प्रो. जारुगु नरसिम्हा मूर्ति, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम, ने कहा,* “आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम में हम विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश देने के लिए कृतसंकल्प हैं, जिसमें उत्सकुता से प्रेरित जिज्ञाशा वैज्ञानिक प्रशिक्षण को संपूर्णता प्रदान करती करती है। केरल के वेस्टर्न घाट की शांत पृष्ठभूमि में हमारा कैंपस एक प्रेरक परिवेश देता है, ताकि विभिन्न विषयों में जिज्ञाशा, सर्जना और सार्थक सहयोग का संवर्धन हो। साल 2008 में संस्थान की शुरुआत के बाद से हम ने उच्च गुणवत्ता के शोध और शिक्षण की मजबूत नींव बनाई है। हमारे पास अत्याधुनिक लैब्स और अध्ययन-अध्यापन की वाइब्रेंट कम्युनिटी है। हम उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें दुनिया की वास्तविक चुनौतियाँ पार कर शिखर छूने के लिए तैयार करते हैं। इस तरह वे देश-दुनिया की ज्वलंत समस्याओं के समाधान देने में सक्षम होते हैं। हमारे एकेडमिक प्रोग्राम्स इसलिए खास हैं, क्योंकि हम उन्हें इंटरडिसिप्लिनरी बनाते हैं। हम प्रतिभा प्रशिक्षण पर जोर देकर देश के भविष के लिए तैयार एक मजूबत वैज्ञानिक कार्यबलब बना रहे हैं। यह एनर्जी सेक्युरिटी, एडवांस्ड मटीरियल, मॉडर्न मेडिसिन, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि आधुनिक कार्य क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान देंगे।”
*प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुपति, ने कहा* , “आईआईएसईआर तिरुपति एक अग्रगण्य शोध-उन्मुख संस्थान है (यह वर्ष 2015 में स्थापित और आईआईएसईआर सीरीज़ का 6ठा संस्थान है)। आईआईएसईआर तिरुपति का 5-साल का इंटरडिसिप्लिनरी बीएस-एमएस प्रोग्राम मौलिक विज्ञान का शोध-उन्मुख शिक्षा से बेजोड़ तालमेल करता है। संस्थान के पास अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सबसे बड़ा आईआईएसईआर कैंपस, उच्च कोटि के इंस्ट्रूमेंट्स, स्वयं सीख कर वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने पर जोर और उच्च गुणवत्ता के फैकल्टी के मार्गदर्शन में शिक्षण-प्रशिक्षण जैसे सभी फीचर्स हैं। यहाँ मेजर और माइनर्स के कई ऑप्शन हैं। साथ ही पूरी दुनिया में मान्य डुअल डिग्री के अवसर भी हैं। आईआईएसईआर तिरुपति में हम भविष्य सँवारने में सक्षम जिज्ञाशा का सम्मान करते हैं। हमें चुनौती देते सवालों, हमें प्रेरित करते एक्सपेरिमेंट्स और उन खोजों को अहमियत देते हैं, जो हमारी दुनिया बदलने में सक्षम दिखते हैं। यह रिसर्चर्स, स्कॉलर्स और उन लोगों के लिए है, जिनके सपने हैं, जो हर दिन ज्ञान की नई सीमाएँ बना रहे हैं।”
*इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) का संक्षिप्त परिचय*
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) विज्ञान की शिक्षा और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने के अपने मजबूत इरादों के लिए मशहूर हैं। ये संस्थान बरहमपुर, भोपाल, कोलकाता, मोहाली, पुणे, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति में हैं। इन संस्थानों में शिक्षा का अद्वितीय परिवेश है, जहाँ विभिन्न विषयों के तालमेल से सीखने और शोध करने को बढ़ावा दिया जाता है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, शोध केंद्र और कैंपस का प्रगतिशील माहौल है। इस तरह आईआईएसईआर अपने विद्यार्थियों को नई खोज, इनोवेशन और शैक्षिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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आजमगढ़:- जहरीला पदार्थ के सेवन से छात्रा की मौत, प्रेमी हिरासत में, अहरौला के पारा गांव का मामला

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।  अहरौला थाना के फुलवरिया पारा गांव में बुधवार की रात एक प्रेमी युगल ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना में प्रेमिका की मौत हो गई, जबकि प्रेमी पुलिस हिरासत में है। वही परिजन हत्या का आरोप लगा रहे है। बताया जा रहा है कि, फुलवरिया पारा गांव निवासी सरिता पुत्री सुरेश गोंड, बीए की छात्रा थी। सरिता का गांव के ही युवक दिलीप से प्रेम प्रपंच चल रहा था। कुछ दिन पहले दोनों घर से फरार हो गए थे, लेकिन बाद में घर लौट आए। बताया जा रहा है कि होली की रात बुधवार को दिलीप ने सरिता को फोन कर बुलाया। दोनों गांव के सिवान क्षेत्र में मिलकर जहरीला पदार्थ खा गए। इसके बाद दिलीप ने अपने मित्र को बुलाया, जिसने सरिता को उसके घर के पास रास्ते पर छोड़ दिया। गुरुवार की भोर में गांव के लोग रास्ते पर अचेत पड़ी सरिता को देखकर अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। प्रेमी दिलीप की हालत ठीक है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सरिता के पिता की तहरीर पर पहले ही रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है और दोनों के घर से फरार होने के कारणों को भी खंगाल रही है। परिजनों का आरोप है कि पूर्व में दर्ज मुकदमे की रंजिश के चलते लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाया गया और उसकी हत्या कर दी गई। थानाध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि युवती के पिता ने कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है, फोरेंसिक टीम साक्ष्य संकलित कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
*बाबा जनवारी नाथधाम में बने करोड़ों की लागत से पुजारी आवास गेट बाउंड्री वॉल के जांच के लिए पर्यटन मंत्री यूपी शासन को दिया गया पत्र*
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री तथा बाबा जन वारी नाथ के भक्त रवीन्द्र त्रिपाठी पर्यटन मंत्री उत्तर प्रदेश शासन जयवीर सिंह से मुलाकात कर पर्यटन विभाग से करोड़ों की लागत से बने धर्मशाला पुजारी आवास बाउंड्री वॉल तथा गेट के निर्माण के 12 वर्ष के बाद ही जर्जर होने की शिकायती मांग पत्र पर्यटन मंत्री को सौंपा। दिए गए मांग पत्र में भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने लिख है कि उत्तर प्रदेश के जनपद सुल्तानपुर के लंभुआ तहसील अंतर्गत सयता पुर सराय में स्वतः लिंग बाबा जन वारी नाथ स्थित है जहां पर हजारों की संख्या में प्रत्येक शनिवार व सोमवार को शिव भक्तों द्वारा जलाभिषेक एवं पूजन अर्चन किया जाता है जहां पर वर्ष 2013-14 में करोड़ों की लागत से बाबा जनवारी नाथ धाम में डबल स्टोरी धर्मशाला पुजारी आवास बाउंड्री बलवा गेट का निर्माण हुआ था निर्माण बहुत ही घटिया हुआ था जो 12 वर्ष में ही जर्जर हो गया कई बार पर्यटन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई स्थिति यह है कि जो भी निर्माण हुआ है वह इतना घटिया है कि कभी भी धर्मशाला पुजारी आवास की छत गिर सकती है एक बड़ा हादसा हो सकता है जिसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई रिकवरी करते हुए उक्त निर्माण को दोबारा कराए जाने की मांग पर्यटन मंत्री से व्यापारी नेता रवीन्द्र त्रिपाठी ने किया है श्री त्रिपाठी ने पर्यटन मंत्री को बताया कि हम बाबा जन वारी नाथ के भक्त हैं वहां पर प्रायः शनिवार व सोमवार को जाकर बाबा काजल अभिषेक एवं पूजन करता हूं वहां पर हुए निर्माण जर्जर अवस्था में है निर्माण 12 वर्ष बाद ही निर्माण कर जर्जर हो गया है और गिरने की स्थिति में है यदि धर्मशाला पुजारी आवास आदि आकस्मिक गिर गया तो बड़ी घटना होगी इसलिए इस प्रकरण की तत्काल जांच करवाते हुए दोषियों पर कार्यवाही कर उनसे रिकवरी करते हुए पुनः संपूर्ण निर्माण फिर से करवाने की कृपा की जाए। जिस पर पर्यटन मंत्री ने तत्काल प्रमुख सचिव पर्यटन विभाग को जांच करने का निर्देश जारी किया। प्रदेश महामंत्री ने पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारे प्रस्ताव पर आपके द्वारा संज्ञान लेते हुए तीर्थ स्थल धोपाप में 2 करोड़ की धनराशि वहां के विकास के लिए आवंटित किया गया सर्वे भी हो गया जिसे हम स्वागत करते हुए आपको संपूर्ण क्षेत्रवासियों की तरफ से धन्यवाद दे रहे हैं। प्रदेश महामंत्री के साथ जिला अध्यक्ष रमेश अग्रहरि कोषाध्यक्ष राकेश अग्रहरी जिला मीडिया प्रभारी जयप्रकाश मिश्रभी उपस्थित रहे।
आजमगढ़:-आजमगढ़ पुलिस लाइन में हर्षोल्लास से खेली गई होली, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक दूसरे को लगाया अबीर और गुलाल

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। जनपद में होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के बाद पुलिस लाइन आजमगढ़ में गुरुवार को पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने हर्षोल्लास के साथ होली उत्सव मनाया। इस दौरान अधिकारी व कर्मचारी रंग, अबीर और गुलाल में सराबोर होकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते नजर आए।
कार्यक्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने भी सहभागिता करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ होली का उत्सव मनाया। इस अवसर पर सभी ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द्र का संदेश दिया।
उत्सव के दौरान संगीत, लोकगीत और नृत्य का भी आयोजन किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर माहौल को उल्लासपूर्ण बना दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने होली पर्व के दौरान जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि होली प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक पर्व है, जो समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करने का संदेश देता है।
इस अवसर पर सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई।
उदयप्रताप सिंह को फिर मिली मुंबई भाजपा प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुंबई। मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम द्वारा आज जारी सूची में उदयप्रताप सिंह को एक बार फिर मुंबई भाजपा प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा प्रवक्ता के रूप में उदय प्रताप सिंह लगातार पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाते रहे हैं। मीडिया में उनकी लगातार सक्रियता और समर्पित भावना के साथ की जा रही कार्यशैली को देखते हुए पार्टी द्वारा उन्हें एक बार फिर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। पत्रकार संघ द्वारा पत्रकार मित्र पुरस्कार से सम्मानित उदयप्रताप सिंह ने दी गई जिम्मेदारी के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम के अलावा सभी शीर्ष नेताओं का आभार मानते हुए कहा कि वे दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग पूर्वक करते हुए पार्टी के प्रचार प्रसार और उसकी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम पूर्ववत करते रहेंगे।
दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ का हमला: मादा गैंडे की मौत से वन विभाग हैरान

लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के दक्षिण सोनारीपुर रेंज स्थित प्रथम गैंडा पुनर्वास केंद्र से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां बाघ के हमले में एक मादा गैंडे की मौत हो गई।
घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों और वन्य जीव विशेषज्ञों में चिंता और हैरानी का माहौल है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में बाघ इतने बड़े और शक्तिशाली जानवर पर आसानी से हमला नहीं करते। ऐसे में इस घटना को असामान्य माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह मादा गैंडा पुनर्वास केंद्र में संरक्षित थी। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी।
इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और विशेषज्ञ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में बाघ ने गैंडे पर हमला किया।
नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में भरा पर्चा

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर दिल्ली जाने के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार ने आज राज्य सभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल कर दिया है। नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नामांकन पर्चा दाखिल किया है। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे थे।

एक ही गाड़ी से विधानसभा पहुंचे

पटना स्थित विधानमंडल परिसर में उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन के मौके पर तीनों दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। खास बात यह रही कि अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन एक ही गाड़ी से बिहार विधानसभा पहुंचे, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। इस दौरान जदयू और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।

नामांकन से पहले अमित शाह के साथ बैठक

राज्य सभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में पहले से ही हलचल थी। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का पटना दौरा इस चर्चा को और तेज कर गया। गुरुवार सुबह अमित शाह सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया और उन्हें शॉल भेंट किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में राज्य सभा चुनाव के साथ-साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

भाजपा-जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर मंथन

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एनडीए के अंदर नए सत्ता समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा और जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन की बैठक में बिहार की भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी बातचीत हुई है। हालांकि इस बैठक में क्या फैसला हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नीतीश कुमार ने खुद दी राज्यसभा वाली जानकारी

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज घोषणा की कि वो राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। कुमार ने राज्य के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। साथ ही उन्होंने ये बी भरोसा दिलाया कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।

यूएस हमले में डूबा 'आइरिस डेना', ईरान ने चेताया, कहा-भारतीय नौसेना का मेहमान था, पछताएगा अमेरिका

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अमेरिका और ईरान के बीच की लड़ाई अब एक बेहद खतरनाक और खूनी मोड़ पर पहुंच गई है। हवा में छिड़ी जंग अब समुद्र की गहराइयों तक पहुंच गई है। युद्ध का दायरा मिडिल ईस्ट की हदों से बाहर पहुंचता जा रहा है। इस बीच हिंद महासागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है।

श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हमला

अमेरिका की एक पनडुब्बी ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के ईरानी युद्धपोत 'आइरिस डेना' पर अचानक टॉरपीडो से हमला कर दिया और उसे समंदर में डुबो दिया। इस विनाशकारी हमले में जहाज पर सवार कम से कम 87 ईरानी नाविकों की दर्दनाक मौत हो गई है। ये हमला उस वक्त हुआ जब, ईरानी युद्धपोत 'आइरिस डेना' श्रीलंका के दक्षिणी तट से गुजर रहा था।

श्रीलंकाई नौसेना ने बताया-जहाज से मदद के लिए संदेश आया

श्रीलंकाई नौसेना और रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह हमला पनडुब्बी से छोड़े गए टॉरपीडो से किया गया। गुरुवार सुबह लगभग 5 बजकर 08 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट के बीच जहाज से मदद के लिए संदेश भेजा गया। संदेश में बताया गया कि समुद्र के अंदर एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिससे जहाज को भारी नुकसान हुआ और उसमें तेजी से पानी भरने लगा। कुछ ही मिनटों में जहाज रडार से गायब हो गया और डूब गया।

अमेरिकी सेना ने जारी किया हमले का वीडियो

यह अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के दौरान गहरे समुद्र में हुई पहली बड़ी नौसैनिक घटना मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे यह संकेत मिलता है कि युद्ध अब भारत के समुद्री क्षेत्र के आसपास भी फैल सकता है। अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत आइरिस डेना पर हुए हमले का वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में विध्वसंक जहाज आइरिस डेना को अमेरिकी सेना ने पलक झपकते नेस्तनाबूद कर दिया।

ईरान हुआ आगबबूला

इस हमले के बाद ईरान आगबबूला हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने अमेरिका की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे और भारतीय नौसेना के अतिथि रहे फ्रिगेट 'देना' पर बिना किसी चेतावनी के हमला हुआ।" उन्होंने बताया कि यह जहाज हाल ही में भारत की नौसेना के कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहा था और इसमें करीब 130 नाविक सवार थे। अराघची ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई का अमेरिका को "कड़ा परिणाम भुगतना पड़ेगा।"

आजमगढ़:-पुलिस और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़, एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल, अवैध तमंचा व हथियार बरामद
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़।  फूलपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने गोकशी की घटना में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार 3 मार्च को फूलपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कौड़िया स्थित कुंवर नदी में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने के मामले की जांच चल रही थी। इसी क्रम में गुरुवार तड़के करीब 2:15 बजे पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम मुडियार में शाहिदा सुल्ताना स्कूल के पास पुलिया के पास कुछ संदिग्ध लोग किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना पर थाना फूलपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन बदमाशों के दोबारा फायर करने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई, जबकि दो अन्य को मौके से दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. आमिर (22), साकिब (26) और युसुफ (19) निवासी ग्राम कौड़िया थाना फूलपुर के रूप में हुई है। घायल आरोपी आमिर को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
मौके से पुलिस ने एक अवैध देशी तमंचा (.315 बोर), एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, दो चापड़ और दो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सुनियोजित तरीके से गोवंश को पकड़कर सुनसान स्थानों पर ले जाकर उनका वध करते थे और मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। वध के बाद बचे अवशेषों को नदी-नालों में फेंककर या जमीन में गाड़कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ फूलपुर थाने में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं सहित गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना फूलपुर पुलिस टीम ने अंजाम दिया।
फूलपुर पुलिस और बदमाशों के बीच मुंडियार के पास मुठभेड़ हुई थी। एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी है। दो बदमाशों को पुलिस के दौड़ाकर पकड़ लिया है। घायल को उपचार के लिए सीएचसी फूलपुर भेजा गया। पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही है। 
किरन पाल सिंह, सीओ फूलपुर।

आजमगढ़:- फायरिंग कांड का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक लाइसेंसी राइफल भी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार 4 मार्च को शाम करीब 3 बजे वादी अपने मित्र के साथ घर के सामने खड़ा होकर बातचीत कर रहा था। उसी दौरान गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर मामला बढ़ गया और एक आरोपी ने गनर की लाइसेंसी राइफल लेकर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। आसपास लोगों के जुटने पर सभी आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
इस मामले में कोतवाली थाने में मुकदमा संख्या 87/2026 के तहत बीएनएस की धारा 109(1), 352, 351(3), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/27/30 में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर 4 मार्च की रात 11:59 बजे हीरापट्टी निवासी अजय कुमार राव को ब्रह्मस्थान से हीरापट्टी जाने वाले मार्ग पर डीह बाबा स्थान के पास से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 5 मार्च की सुबह 6:10 बजे प्राइवेट बस स्टैंड के पास से अन्य आरोपी रिशु यादव, आजाद अहमद उर्फ बिट्टू, शशिकांत राय और अमित कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक लाइसेंसी राइफल (लाइसेंस नंबर 509/13) बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अखिलेश नारायण सिंह, हेड कांस्टेबल सर्वेश विक्रम, हेड कांस्टेबल अजब नारायण सिंह, कांस्टेबल सुमित कुमार और कांस्टेबल आकाश कुमार शामिल
*आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 का रजिस्ट्रेशन 5 मार्च से शुरू; परीक्षा 7 जून को होगी*
* सभी 7 आईआईएसईआर में प्रवेश का आधार सिर्फ आईएटी स्कोर होगा, जेईई स्कोर के आधार पर प्रवेश नहीं |
*लखनऊ, मार्च 2026* : इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) ने आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आईएटी शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए सभी आईआईएसईआर कैंपस के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एकमात्र और अनिवार्य परीक्षा है।
ऑनलाइन आवेदन की आरंभिक तिथि 5 मार्च, 2026 (गुरुवार) है और एप्टीट्यूड टेस्ट 7 जून, 2026 (रविवार) को होगा।
विज्ञान पढ़ने के इच्छुक उम्मीदवार इस अनिवार्य एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। इस परीक्षा से सभी 7 आईआईएसईआर कैंपस में किसी में भी विश्वस्तरीय शोध एवं प्रशिक्षण का प्रवेश द्वार खुल जाएगा। आईआईएसईआर की स्थापना भारत सरकार ने उच्च गुणवत्ता के साथ आधारभूत विज्ञान की शिक्षा और शोध संवर्धन के लिए किया। ये देश के प्रमुख स्वयात्त शिक्षा संस्थान हैं।
आईआईएसईआर बरहामपुर, आईआईएसईआर भोपाल, आईआईएसईआर कोलकाता, आईआईएसईआर मोहाली, आईआईएसईआर पुणे, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम और आईआईएसईआर तिरुपति- किसी भी आईआईएसईआर में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://www.iiseradmission.in/ पर साल 2026 के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। वेबसाइट पर परीक्षा केंद्र के विवरण भी दिए जाएँगे।
आईएटी 2026 की पूरी प्रवेश प्रक्रिया में उम्मीदवारों की सहायता के लिए एक हेल्पडेस्क (टेली. $91 7205457461 (कार्य दिवस में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच); ईमेल: का प्रावधान किया गया है।
आईआईएसईआर के प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छे रहे हैं। पूरी दुनिया के टॉप ग्लोबल फर्मों, रिसर्च इंस्टिट्यूशन्स और पीएचडी प्रोग्राम्स में आईआईएसईआर के ग्रेजुएट्स अपनी जगह बना रहे हैं। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से सीखने के पर्याप्त अवसर मिलते हैं। उनके लिए शिक्षा जगत, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में अच्छा करियर बनाना आसान होता है।
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) ‘सर्वोपरि विज्ञान’ का मार्ग प्रशस्त करता है। यह इसे खास पहचान देता है। विद्यार्थियों को उनकी विशेषज्ञता का विषय चुनने से पहले कई विषयों को जानने का अवसर देता है। प्रवेश परीक्षा में सफल आवेदकों को एक वाइब्रेंट कम्युनिटी मिलती है, जहाँ बायोलॉजिकल, केमिकल, मैथमेटिकल, फिजिकल और अर्थ साइंसेज में अत्याधुनिक शोध हो रहे हैं।
आईआईएसईआर के विद्यार्थियों को रिसर्च, कॉन्सेप्चुअल ट्रेनिंग, इंटरडिसिप्लिनरी और हायर स्टडीज़ (एमएस / पीएचडी) के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और फिर आर एण्ड डी, एकेडेमिया, डीप टेक और साइंटिफिक इनोवेशन में करियर के लिए बेहतर अनुकूलन का दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
आईएटी 2026 के लिए योग्यता मानक
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 में आवेदन के लिए उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम में कक्षा 12 / समकक्ष परीक्षा या न्यूनतम 3 साल का डिप्लोमा प्रोग्राम (2024, 2025 या 2026 में) न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों (एससी / एसटी / पीडब्ल्यू के लिए 55 प्रतिशत) के साथ पास होना अनिवार्य है। यह आकलन सभी विषयों को ध्यान में रख कर किया गया हो।
उम्मीदवार ने बायोलॉजी, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और फिजिक्स में से कम से कम तीन विषयों की पढ़ाई की हो। आईआईएसईआर कोलकाता के बीएस-एमएस कम्प्यूटेशनल और डेटा साइंस प्रोग्राम, आईआईएसईआर भोपाल के बी.टेक / बीएस इकोनॉमिक साइंस प्रोग्राम और आईआईएसईआर तिरुपति के बीएस इकोनॉमिक और स्टैटिस्टिकल साइंस प्रोग्राम के लिए मैथमेटिक्स अनिवार्य है।
विशेष सूचना- दिसंबर 2023 के जेकेबीओएसई कश्मीर / लद्दाख के विद्यार्थियों को 2024 में पास माना जाएगा; कश्मीरी माइग्रेंट्स अपने डोमिसाइल सर्टिफिकेट अपलोड करें; आरक्षण भारत सरकार की नीतियों के अनुसार उपलब्ध हैं। (एससी 15 प्रतिशत, एसटी 7.5 प्रतिशत, ओबीसी-एनसीएल 27 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी 5 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस 10 प्रतिशत तक, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए सुपरन्यूमरेरी)।
*उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स अनुसार आईएटी 2026 में आवेदन करें-*
स्टेप 1 - आईआईएसईआर एडमिशन 2026 के लिए वेबसाइट https://iiseradmission.in/ पर जाएँ।
स्टेप 2 - होमपेज पर ‘अप्लाई फॉर आईएटी-2026’ पर जाएँ
स्टेप 3 - अगले पेज पर रजिस्टर कर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें
स्टेप 4 - सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और उचित राशि भुगतान कर आवेदन पत्र पूरा भरें।
उम्मीदवार सभी विवरण सही से और ध्यानपूर्वक दें। आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद विवरण नहीं बदल सकते हैं।
*महत्वपूर्ण तिथियाँ*
5 मार्च, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल खुलेगा
13 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल बंद होगा
16-18 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन
24 मई, 2026 - एग्जाम हॉल टिकट जारी होगा
7 जून, 2026 - आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 परीक्षा की तिथि (सुबह 9:00 बजे - दोपहर 12:00 बजे आईएसटी)
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि किसी अपडेट के लिए नियमित रूप से ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल देखें- https://www.iiseradmission.in/#admission_important_dates
एनेक्सर
*प्रो. अशोक कुमार गांगुली, निदेशक, आईआईएसईआर बरहामपुर, ओडिशा, ने कहा,* “आईआईएसईआर बरहामपुर का शांत, सुकून भरा और स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश उन्मुक्त सोच और सर्जना का संवर्धन करता है। साथ ही सबसे आधुनिक उपकरण देता है, ताकि अब तक अज्ञात पहलुओं को समझने और इनोवेशन करने का अवसर मिले। हमने विद्यार्थियों को शिक्षा का अद्वितीय अनुभव प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानव संसाधन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। हम स्पोर्ट्स, कल्चरल और आउटरीच / सोशल एक्टिविटीज़ को पर्याप्त महत्व देते हैं, क्योंकि ये विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास के लिए जरूरी हैं।“
*प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल, ने कहा,* “आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट एक प्रवेश परीक्षा से बढ़ कर आईआईएसईआर भोपाल के डायनामिक रिसर्च इकोसिस्टम का प्रवेश मार्ग है। हमारा कैंपस विद्यार्थियों को नई जानकारियाँ हासिल करने, परीक्षण और सर्जन करने की प्रेरणा देता है। आईआईएसईआर भोपाल कई खूबियों की वजह से खास है, जैसे यहाँ साइंस, इंजीनियरिंग, इकोनॉमिक्स और ह्यूमैनिटीज़ का अनोखा तालमेल है। श्रेष्ठ शिक्षा का इंटरडिसिप्लिनरी परिवेश है। यह शिक्षा के अलावा कैंपस लाइफ के ज़रूरी स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देता है। खेल का अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाएँ देता है। कुल मिला कर विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास में पूरा योगदान देता है।”
*प्रो. सुनील कुमार खरे, निदेशक, आईआईएसईआर कोलकाता, ने कहा,* “आईआईएसईआर कोलकाता में हम आगामी पीढ़ी के लीडर्स को प्रशिक्षण देने के लिए कृतसंकल्प हैं, ताकि वे देश को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स के शिखर पर ले जाएँ। साल 2006 में संस्थान के शुभारंभ के बाद हम ने रिसर्च, टीचिंग और इनोवेशन में श्रेष्ठ कार्य करने का वाइब्रेंट इकोसिस्टम स्थापित किया है। कैंपस में सब के समावेश और प्रगतिशील परिवेश के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएँ दी है। हमारे फैकल्टी अपने क्षेत्र में जाने-माने नाम हैं, जो क्यूरियोसिटी, लीडरशिप और इंटरडिसिप्लिनरी सोच को बढ़ावा देते हैं। हम शैक्षिक मार्गदर्शन के अलावा विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठ, ज़िम्मेदार और भविष्य के तैयार बनाते हैं। बड़े बदलाव के विज़न के साथ उन्हें समाज में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करते हैं।”
*प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, आईआईएसईआर मोहाली, ने कहा* , “आईआईएसईआर मोहाली हिमालय की तराई में बसी नॉलेज सिटी मोहाली में है, जहाँ नागरिकों के लिए बेहतरीन परिवेश है। यहाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा को एक उद्देश्य मिलता है, आश्चर्य भाव से ज्ञान सृजन होता है, विज्ञान का जुनून समझदारी और इनोवेशन का रूप लेता है और ज्ञान मनुष्य की प्रगति का संबल बनता है। हम विज्ञान की उत्कृष्ट शिक्षा पर ज़ोर देते हैं। साथ ही स्पोर्ट्स और कल्चरल जानने का उत्साह भरते हैं, क्योंकि यह विद्यार्थियों के सम्रग विकास के लिए जरूरी है। इस तरह हम विद्यार्थियों की करिकुलर और एक्स्ट्रा करिकुलर सभी गतिविधियों में मदद करते हैं।”
*प्रो. सुनील एस. भागवत, निदेशक, आईआईएसईआर पुणे, ने कहा,* “आईआईएसईआर पुणे में दुनिया की कुछ सबसे अच्छी यूनिवर्सिटीज़ की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएँ हैं। अत्याधुनिक शोधों में संलग्न फैकल्टी हैं। सही अर्थों में शानदार प्रतिभाएँ तैयार करने का आदर्श परिवेश है। संस्थान पुणे शहर में है और इसके चारों ओर उच्च स्तरीय शोध संस्थान और उद्योग केंद्र हैं। आईआईएसईआर पुणे सीखने, नई खोज और प्रगति करने का जीवंत और उत्साहवर्धक माहौल देता है। साथ ही, कल्चरल और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के साथ सभी के समावेश का परिवेश देता है।”
*प्रो. जारुगु नरसिम्हा मूर्ति, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम, ने कहा,* “आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम में हम विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश देने के लिए कृतसंकल्प हैं, जिसमें उत्सकुता से प्रेरित जिज्ञाशा वैज्ञानिक प्रशिक्षण को संपूर्णता प्रदान करती करती है। केरल के वेस्टर्न घाट की शांत पृष्ठभूमि में हमारा कैंपस एक प्रेरक परिवेश देता है, ताकि विभिन्न विषयों में जिज्ञाशा, सर्जना और सार्थक सहयोग का संवर्धन हो। साल 2008 में संस्थान की शुरुआत के बाद से हम ने उच्च गुणवत्ता के शोध और शिक्षण की मजबूत नींव बनाई है। हमारे पास अत्याधुनिक लैब्स और अध्ययन-अध्यापन की वाइब्रेंट कम्युनिटी है। हम उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें दुनिया की वास्तविक चुनौतियाँ पार कर शिखर छूने के लिए तैयार करते हैं। इस तरह वे देश-दुनिया की ज्वलंत समस्याओं के समाधान देने में सक्षम होते हैं। हमारे एकेडमिक प्रोग्राम्स इसलिए खास हैं, क्योंकि हम उन्हें इंटरडिसिप्लिनरी बनाते हैं। हम प्रतिभा प्रशिक्षण पर जोर देकर देश के भविष के लिए तैयार एक मजूबत वैज्ञानिक कार्यबलब बना रहे हैं। यह एनर्जी सेक्युरिटी, एडवांस्ड मटीरियल, मॉडर्न मेडिसिन, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि आधुनिक कार्य क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान देंगे।”
*प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुपति, ने कहा* , “आईआईएसईआर तिरुपति एक अग्रगण्य शोध-उन्मुख संस्थान है (यह वर्ष 2015 में स्थापित और आईआईएसईआर सीरीज़ का 6ठा संस्थान है)। आईआईएसईआर तिरुपति का 5-साल का इंटरडिसिप्लिनरी बीएस-एमएस प्रोग्राम मौलिक विज्ञान का शोध-उन्मुख शिक्षा से बेजोड़ तालमेल करता है। संस्थान के पास अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सबसे बड़ा आईआईएसईआर कैंपस, उच्च कोटि के इंस्ट्रूमेंट्स, स्वयं सीख कर वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने पर जोर और उच्च गुणवत्ता के फैकल्टी के मार्गदर्शन में शिक्षण-प्रशिक्षण जैसे सभी फीचर्स हैं। यहाँ मेजर और माइनर्स के कई ऑप्शन हैं। साथ ही पूरी दुनिया में मान्य डुअल डिग्री के अवसर भी हैं। आईआईएसईआर तिरुपति में हम भविष्य सँवारने में सक्षम जिज्ञाशा का सम्मान करते हैं। हमें चुनौती देते सवालों, हमें प्रेरित करते एक्सपेरिमेंट्स और उन खोजों को अहमियत देते हैं, जो हमारी दुनिया बदलने में सक्षम दिखते हैं। यह रिसर्चर्स, स्कॉलर्स और उन लोगों के लिए है, जिनके सपने हैं, जो हर दिन ज्ञान की नई सीमाएँ बना रहे हैं।”
*इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) का संक्षिप्त परिचय*
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) विज्ञान की शिक्षा और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने के अपने मजबूत इरादों के लिए मशहूर हैं। ये संस्थान बरहमपुर, भोपाल, कोलकाता, मोहाली, पुणे, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति में हैं। इन संस्थानों में शिक्षा का अद्वितीय परिवेश है, जहाँ विभिन्न विषयों के तालमेल से सीखने और शोध करने को बढ़ावा दिया जाता है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, शोध केंद्र और कैंपस का प्रगतिशील माहौल है। इस तरह आईआईएसईआर अपने विद्यार्थियों को नई खोज, इनोवेशन और शैक्षिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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आजमगढ़:- जहरीला पदार्थ के सेवन से छात्रा की मौत, प्रेमी हिरासत में, अहरौला के पारा गांव का मामला

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।  अहरौला थाना के फुलवरिया पारा गांव में बुधवार की रात एक प्रेमी युगल ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना में प्रेमिका की मौत हो गई, जबकि प्रेमी पुलिस हिरासत में है। वही परिजन हत्या का आरोप लगा रहे है। बताया जा रहा है कि, फुलवरिया पारा गांव निवासी सरिता पुत्री सुरेश गोंड, बीए की छात्रा थी। सरिता का गांव के ही युवक दिलीप से प्रेम प्रपंच चल रहा था। कुछ दिन पहले दोनों घर से फरार हो गए थे, लेकिन बाद में घर लौट आए। बताया जा रहा है कि होली की रात बुधवार को दिलीप ने सरिता को फोन कर बुलाया। दोनों गांव के सिवान क्षेत्र में मिलकर जहरीला पदार्थ खा गए। इसके बाद दिलीप ने अपने मित्र को बुलाया, जिसने सरिता को उसके घर के पास रास्ते पर छोड़ दिया। गुरुवार की भोर में गांव के लोग रास्ते पर अचेत पड़ी सरिता को देखकर अस्पताल ले गए, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। प्रेमी दिलीप की हालत ठीक है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सरिता के पिता की तहरीर पर पहले ही रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है और दोनों के घर से फरार होने के कारणों को भी खंगाल रही है। परिजनों का आरोप है कि पूर्व में दर्ज मुकदमे की रंजिश के चलते लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाया गया और उसकी हत्या कर दी गई। थानाध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि युवती के पिता ने कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है, फोरेंसिक टीम साक्ष्य संकलित कर रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
*बाबा जनवारी नाथधाम में बने करोड़ों की लागत से पुजारी आवास गेट बाउंड्री वॉल के जांच के लिए पर्यटन मंत्री यूपी शासन को दिया गया पत्र*
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री तथा बाबा जन वारी नाथ के भक्त रवीन्द्र त्रिपाठी पर्यटन मंत्री उत्तर प्रदेश शासन जयवीर सिंह से मुलाकात कर पर्यटन विभाग से करोड़ों की लागत से बने धर्मशाला पुजारी आवास बाउंड्री वॉल तथा गेट के निर्माण के 12 वर्ष के बाद ही जर्जर होने की शिकायती मांग पत्र पर्यटन मंत्री को सौंपा। दिए गए मांग पत्र में भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल प्रदेश महामंत्री रवीन्द्र त्रिपाठी ने लिख है कि उत्तर प्रदेश के जनपद सुल्तानपुर के लंभुआ तहसील अंतर्गत सयता पुर सराय में स्वतः लिंग बाबा जन वारी नाथ स्थित है जहां पर हजारों की संख्या में प्रत्येक शनिवार व सोमवार को शिव भक्तों द्वारा जलाभिषेक एवं पूजन अर्चन किया जाता है जहां पर वर्ष 2013-14 में करोड़ों की लागत से बाबा जनवारी नाथ धाम में डबल स्टोरी धर्मशाला पुजारी आवास बाउंड्री बलवा गेट का निर्माण हुआ था निर्माण बहुत ही घटिया हुआ था जो 12 वर्ष में ही जर्जर हो गया कई बार पर्यटन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई स्थिति यह है कि जो भी निर्माण हुआ है वह इतना घटिया है कि कभी भी धर्मशाला पुजारी आवास की छत गिर सकती है एक बड़ा हादसा हो सकता है जिसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई रिकवरी करते हुए उक्त निर्माण को दोबारा कराए जाने की मांग पर्यटन मंत्री से व्यापारी नेता रवीन्द्र त्रिपाठी ने किया है श्री त्रिपाठी ने पर्यटन मंत्री को बताया कि हम बाबा जन वारी नाथ के भक्त हैं वहां पर प्रायः शनिवार व सोमवार को जाकर बाबा काजल अभिषेक एवं पूजन करता हूं वहां पर हुए निर्माण जर्जर अवस्था में है निर्माण 12 वर्ष बाद ही निर्माण कर जर्जर हो गया है और गिरने की स्थिति में है यदि धर्मशाला पुजारी आवास आदि आकस्मिक गिर गया तो बड़ी घटना होगी इसलिए इस प्रकरण की तत्काल जांच करवाते हुए दोषियों पर कार्यवाही कर उनसे रिकवरी करते हुए पुनः संपूर्ण निर्माण फिर से करवाने की कृपा की जाए। जिस पर पर्यटन मंत्री ने तत्काल प्रमुख सचिव पर्यटन विभाग को जांच करने का निर्देश जारी किया। प्रदेश महामंत्री ने पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारे प्रस्ताव पर आपके द्वारा संज्ञान लेते हुए तीर्थ स्थल धोपाप में 2 करोड़ की धनराशि वहां के विकास के लिए आवंटित किया गया सर्वे भी हो गया जिसे हम स्वागत करते हुए आपको संपूर्ण क्षेत्रवासियों की तरफ से धन्यवाद दे रहे हैं। प्रदेश महामंत्री के साथ जिला अध्यक्ष रमेश अग्रहरि कोषाध्यक्ष राकेश अग्रहरी जिला मीडिया प्रभारी जयप्रकाश मिश्रभी उपस्थित रहे।
आजमगढ़:-आजमगढ़ पुलिस लाइन में हर्षोल्लास से खेली गई होली, अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक दूसरे को लगाया अबीर और गुलाल

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। जनपद में होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के बाद पुलिस लाइन आजमगढ़ में गुरुवार को पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने हर्षोल्लास के साथ होली उत्सव मनाया। इस दौरान अधिकारी व कर्मचारी रंग, अबीर और गुलाल में सराबोर होकर एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते नजर आए।
कार्यक्रम में पुलिस उपमहानिरीक्षक आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह, जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने भी सहभागिता करते हुए पुलिसकर्मियों के साथ होली का उत्सव मनाया। इस अवसर पर सभी ने आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द्र का संदेश दिया।
उत्सव के दौरान संगीत, लोकगीत और नृत्य का भी आयोजन किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर माहौल को उल्लासपूर्ण बना दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने होली पर्व के दौरान जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि होली प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक पर्व है, जो समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करने का संदेश देता है।
इस अवसर पर सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई।
उदयप्रताप सिंह को फिर मिली मुंबई भाजपा प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुंबई। मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम द्वारा आज जारी सूची में उदयप्रताप सिंह को एक बार फिर मुंबई भाजपा प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा प्रवक्ता के रूप में उदय प्रताप सिंह लगातार पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाते रहे हैं। मीडिया में उनकी लगातार सक्रियता और समर्पित भावना के साथ की जा रही कार्यशैली को देखते हुए पार्टी द्वारा उन्हें एक बार फिर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। पत्रकार संघ द्वारा पत्रकार मित्र पुरस्कार से सम्मानित उदयप्रताप सिंह ने दी गई जिम्मेदारी के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम के अलावा सभी शीर्ष नेताओं का आभार मानते हुए कहा कि वे दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग पूर्वक करते हुए पार्टी के प्रचार प्रसार और उसकी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम पूर्ववत करते रहेंगे।
दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ का हमला: मादा गैंडे की मौत से वन विभाग हैरान

लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के दक्षिण सोनारीपुर रेंज स्थित प्रथम गैंडा पुनर्वास केंद्र से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां बाघ के हमले में एक मादा गैंडे की मौत हो गई।
घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों और वन्य जीव विशेषज्ञों में चिंता और हैरानी का माहौल है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में बाघ इतने बड़े और शक्तिशाली जानवर पर आसानी से हमला नहीं करते। ऐसे में इस घटना को असामान्य माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह मादा गैंडा पुनर्वास केंद्र में संरक्षित थी। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी।
इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और विशेषज्ञ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में बाघ ने गैंडे पर हमला किया।
नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, अमित शाह की मौजूदगी में भरा पर्चा

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर दिल्ली जाने के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार ने आज राज्य सभा चुनाव के लिए अपना नॉमिनेशन पेपर फाइल कर दिया है। नीतीश कुमार के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी नामांकन पर्चा दाखिल किया है। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे थे।

एक ही गाड़ी से विधानसभा पहुंचे

पटना स्थित विधानमंडल परिसर में उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नामांकन दाखिल किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा नामांकन के मौके पर तीनों दिग्गज नेता एक साथ नजर आए। खास बात यह रही कि अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन एक ही गाड़ी से बिहार विधानसभा पहुंचे, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं। इस दौरान जदयू और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।

नामांकन से पहले अमित शाह के साथ बैठक

राज्य सभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में पहले से ही हलचल थी। ऐसे में गृह मंत्री अमित शाह का पटना दौरा इस चर्चा को और तेज कर गया। गुरुवार सुबह अमित शाह सीधे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे, जहां नीतीश कुमार ने उनका स्वागत किया और उन्हें शॉल भेंट किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच अहम बैठक हुई, जिसमें भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में राज्य सभा चुनाव के साथ-साथ बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

भाजपा-जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर मंथन

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एनडीए के अंदर नए सत्ता समीकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा और जेडीयू के बीच नए राजनीतिक फॉर्मूले पर विचार चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन की बैठक में बिहार की भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर भी बातचीत हुई है। हालांकि इस बैठक में क्या फैसला हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नीतीश कुमार ने खुद दी राज्यसभा वाली जानकारी

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज घोषणा की कि वो राज्यसभा चुनाव लड़ेंगे। कुमार ने राज्य के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें। साथ ही उन्होंने ये बी भरोसा दिलाया कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।

यूएस हमले में डूबा 'आइरिस डेना', ईरान ने चेताया, कहा-भारतीय नौसेना का मेहमान था, पछताएगा अमेरिका

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अमेरिका और ईरान के बीच की लड़ाई अब एक बेहद खतरनाक और खूनी मोड़ पर पहुंच गई है। हवा में छिड़ी जंग अब समुद्र की गहराइयों तक पहुंच गई है। युद्ध का दायरा मिडिल ईस्ट की हदों से बाहर पहुंचता जा रहा है। इस बीच हिंद महासागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी है।

श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हमला

अमेरिका की एक पनडुब्बी ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के ईरानी युद्धपोत 'आइरिस डेना' पर अचानक टॉरपीडो से हमला कर दिया और उसे समंदर में डुबो दिया। इस विनाशकारी हमले में जहाज पर सवार कम से कम 87 ईरानी नाविकों की दर्दनाक मौत हो गई है। ये हमला उस वक्त हुआ जब, ईरानी युद्धपोत 'आइरिस डेना' श्रीलंका के दक्षिणी तट से गुजर रहा था।

श्रीलंकाई नौसेना ने बताया-जहाज से मदद के लिए संदेश आया

श्रीलंकाई नौसेना और रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह हमला पनडुब्बी से छोड़े गए टॉरपीडो से किया गया। गुरुवार सुबह लगभग 5 बजकर 08 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट के बीच जहाज से मदद के लिए संदेश भेजा गया। संदेश में बताया गया कि समुद्र के अंदर एक बड़ा विस्फोट हुआ, जिससे जहाज को भारी नुकसान हुआ और उसमें तेजी से पानी भरने लगा। कुछ ही मिनटों में जहाज रडार से गायब हो गया और डूब गया।

अमेरिकी सेना ने जारी किया हमले का वीडियो

यह अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध के दौरान गहरे समुद्र में हुई पहली बड़ी नौसैनिक घटना मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इससे यह संकेत मिलता है कि युद्ध अब भारत के समुद्री क्षेत्र के आसपास भी फैल सकता है। अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत आइरिस डेना पर हुए हमले का वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में विध्वसंक जहाज आइरिस डेना को अमेरिकी सेना ने पलक झपकते नेस्तनाबूद कर दिया।

ईरान हुआ आगबबूला

इस हमले के बाद ईरान आगबबूला हो गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने अमेरिका की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उन्होंने लिखा, "अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे और भारतीय नौसेना के अतिथि रहे फ्रिगेट 'देना' पर बिना किसी चेतावनी के हमला हुआ।" उन्होंने बताया कि यह जहाज हाल ही में भारत की नौसेना के कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहा था और इसमें करीब 130 नाविक सवार थे। अराघची ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई का अमेरिका को "कड़ा परिणाम भुगतना पड़ेगा।"