आजमगढ़ :यूजीसी रेगुलेशन लागू करने, जेएनयू के छात्रों के उत्पीड़न के खिलाफ हुआ प्रदर्शन
आजमगढ़ में हुआ प्रदर्शन आजमगढ़ 28 फरवरी 2026. यूजीसी रेगुलेशन लागू करने और जेएनयू के छात्रों के उत्पीड़न के खिलाफ राजव्यापी प्रदर्शन के तहत आजमगढ़ में छात्रों-युवाओं और किसान संगठनों ने मार्च निकालकर महामहिम राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी आजमगढ़ को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार यूजीसी रेगुलेशन को और जवाबदेही के साथ जिम्मेदार और प्रभावी बनाकर लागू करे। यूजीसी रेगुलेशन के समर्थन में आजमगढ़ में हुए राजव्यापी प्रदर्शन में सोशलिस्ट किसान सभा, भाकपा माले, आर.वाई.ए., पूर्वांचल किसान यूनियन, वामसेफ, कारवां, एनएपीएम के नेता और कार्यकर्ता सड़को पर उतरे। कलेक्ट्रेट परिसर में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी रेगुलेशन पर अस्थायी रूप से लगाई गई रोक एस.सी/एस.टी/ओबीसी के छात्रों के अधिकारों पर हमले को और तेज करेगी। जेएनयू में यूजीसी रेगुलेशन को लेकर निकाले गए समता मार्च पर जिस तरीके से दिल्ली पुलिस ने बर्बरता से छात्र-छात्र नेताओं पर हिंसा की और 14 छात्रों को जेल भेज दिया उससे स्पष्ट होता है कि सरकार समता की मांग करने वालों की आवाज को दबाना चाहती है। जेएनयू कुलपति द्वारा यूजीसी रेगुलेशन और दलित छात्रों पर की गयी टिप्पणी स्पष्ट करती है कि वंचित समाज के छात्रों के साथ भेदभाव की नीति संस्थागत है। सुप्रीम कोर्ट के स्टे से जातीय भेदभाव की सिर्फ अनदेखी नहीं की गई बल्कि उत्पीड़न करने वालों का मनोबल भी बढ़ा है। इन्हीं परिस्थितियों में किसी रोहित वेमुला, पायल तड़वी और किसी दर्शन सोलंकी को आत्महत्या करना पड़ता है। जब जेएनयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में संगठित आन्दोलन पर विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस के संरक्षण में गुंडे हमला कर रहे हों तो इससे समझा जा सकता है कि एक अकेले छात्र का जब उत्पीड़न होता है तो वह कितना बेबस हो जाता होगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग किया कि यूजीसी रेगुलेशन रोक को तत्काल निरस्त किया जाए, रोहित एक्ट लागू किया जाए, जेएनयू के जेल भेजे गए सभी छात्र-छात्र नेताओं को तत्काल रिहा किया जाए। जेएनयू की जातिवादी कुलपति को बर्खाश्त किया जाए और छात्रों का उत्पीड़न करने वाले दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। सभा को कामरेड जयप्रकाश नारायण, किसान नेता राजीव यादव, साहित्यकार सत्यम प्रजापति, एडवोकेट विमला यादव, एडवोकेट राजेश यादव, वीरेन्द्र यादव, कामरेड विनोद सिंह, जामिया के पूर्व छात्र नेता कलीम जामई, दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उत्कर्ष शुक्ला, डॉ. राजेन्द्र यादव, गायक काशीनाथ यादव, आलोक गौतम ने सम्बोधित किया। प्रदर्शन में अधिवक्ता विनोद यादव, अधिवक्ता धर्मेन्द चौहान, मंतराज यादव, उमैर आजमी, रवीन्द्र कुमार यादव, अवधेश यादव, कामरेड यमुना प्रजापति, हीरालाल यादव, प्रेमर राजभर, जशवंत राजभर, नन्दलाल यादव, साहबदीन, रामकृष्ण यादव, सुदर्शन राम, रणजीत प्रजापति, हरिश्चन्द्र राजभर, शिवम गिरी, धर्मेन्द्र सरोज, आशीष कुमार, रामाश्रय निषाद, सुखविन्दर यादव, कर्मवीर यादव, अंकित प्रजापति, ज्ञानेन्द्र प्रजापति आदि शामिल थे।
2 hours and 8 min ago
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