नागराज ग्राम में मध्यस्थ दर्शन अनुभव शिविर का भव्य आयोजन, नागराज ग्राम परिवार की सक्रिय सहभागिता।
देवघर: आज दिनांक 14 जनवरी 2026 को नागराजग्राम में मध्यस्थ दर्शन के आलोक में अनुभव शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नागराज ग्राम परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने परिवारों के साथ उपस्थित रहे। साथ ही आसपास के गांवों—करडा, इनारवरण सहित अन्य गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही, जिससे पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह से परिपूर्ण हो गया। कार्यक्रम का संचालन धीरज जी के द्वारा किया गया । कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को मध्यस्थ दर्शन के प्रणेता ए नागराज जी के जीवन एवं विचारों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार मध्यस्थ दर्शन व्यक्ति, परिवार, समाज और प्रकृति—सभी स्तरों पर संतुलन, खुशहाली एवं सह-अस्तित्व की भावना को विकसित करता है। तथा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मार्गदर्शक श्री योगेश शास्त्री (पुणे निवासी), जो पेशे से इंजीनियर एवं प्रबोधक हैं, रहे। उनके मार्गदर्शन में यह अनुभव शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। नागराज ग्राम परिवार के सदस्यों ने ए नागराज जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। इसके पश्चात वंदना गीत प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात मध्यस्थ दर्शन ने लोगों के जीवन को किस प्रकार सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है, इस विषय पर गहन चर्चा हुई तथा कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में नागराज ग्राम परिवार के प्रमुख रूप से कृष्ण देव राय, हरेंद्र कुमार, समीर कुमार, पवन आर्या, विकास कुमार, मणिकांत पाठक, धीरज कुमार, प्रभु यादव, आचार्य नवीन, रितु, बबली, भावना, सुशीला सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सुदामा देवी, जो कल्याणपुर पंचायत की मुखिया हैं, प्रीति, हीरा जी, विष्णु, कैलाश, ज्योतिष, चिंतामणि यादव, चंद्रशेखर चौधरी, समर जी, तालो हेंब्रम समेत आसपास के गांवों से आए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने कहा कि मध्यस्थ दर्शन आज समाज में नई आशा की किरण के रूप में उभर रहा है। इसी विचारधारा से प्रेरित होकर वर्ष 2020 में देवघर क्षेत्र के कुछ जागरूक परिवारों द्वारा नागराज ग्राम की परिकल्पना की गई थी। इन परिवारों में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोग, राज्य सरकार के कर्मचारी, शिक्षक एवं विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर मानवीय मूल्यों पर आधारित सामाजिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसी क्रम में यह अनुभव शिविर हर वर्ष 14 जनवरी को आयोजित किया जाता है और इस वर्ष यह कार्यक्रम लगातार चौथे साल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत ने विविधता को ताकत में बदला, सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, CSPOC में बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस कॉन्फ्रेंस में 42 देशों के 61 स्पीकर्स और ऑफिसर्स शामिल हैं। संविधान सदन में आयोजित इस समारोह में पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर कभी संदेह किया गया। लेकिन आज वही लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। यही वजह है कि भारत न सिर्फ स्थिर है बल्कि तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं सबका स्वागत करता हूं। जिस स्थान पर आप सभी बैठे हैं वो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। गुलामी के आखिरी वर्षों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी तब इसी सेंटल हॉल में भारत के संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई। 75 सालों तक ये इमारत भारत की संसद रही। यहां अनेक चर्चाएं हुई, अनेक फैसले लिए गए। अब इसको संविधान सदन का नाम दिया गया है।

डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि यह चौथा अवसर है, जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस भारत में हो रही है। इस बार इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय इफेक्टिव डिलीवरी ऑफ पर्लियामेंट्री डेमोक्रेसी है। भारत ने डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया। भारत ने साबित किया कि डमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन और डेमोक्रेटिक प्रॉसेस, डेमोक्रेसी को स्टेबिलिटी, स्पीड और स्केल तीनों देते हैं।

भारत में लोकतंत्र को लेकर गंभीर संदेह था-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, आज के वैश्विक संदर्भ में बहुत प्रासंगिक है। जब भारत आजाद हुआ था, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात पर गंभीर संदेह था कि इतनी ज़्यादा विविधता वाले देश में लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। भारत ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया और अपनी विविधता को अपने लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया। एक और आशंका यह थी कि अगर लोकतंत्र किसी तरह बच भी गया, तो भारत विकास के मामले में कुछ खास नहीं कर पाएगा।

हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा की भारत की राष्ट्रपति देश की पहले नागरिक, एक महिला हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। आज, भारतीय महिलाएं न केवल लोकतंत्र में भाग ले रही हैं बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं। आपमें से कई लोग भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र के रूप में जानते हैं। वास्तव में, हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण है। उदाहरण के तौर पर, 2024 में हुए भारत के आम चुनाव मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास थे। लगभग 98 करोड़ नागरिकों ने वोट के लिए पंजीकरण कराया। यह संख्या कुछ महाद्वीपों की जनसंख्या से भी अधिक है। चुनावों में 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से अधिक राजनीतिक पार्टियां भाग लीं। महिलाओं के मतदान में भी रिकॉर्ड भागीदारी देखी गई।

सभी देशों के विकास में योगदान का प्रयास-पीएम मोदी

कॉमनवेल्थ देशों की कुल जनसंख्या का लगभग 50 फीसदी हिस्सा भारत में बसता है। हमारा प्रयास रहा है कि भारत सभी देशों के विकास में अधिक से अधिक योगदान करे। कॉमनवेल्थ के सतत विकास लक्ष्यों में स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर रहे हैं। भारत सभी साथियों से सीखने का निरंतर प्रयास करता है। हमारा ये भी प्रयास होता है कि हमारे अनुभव अन्य कॉमनवेल्थ साझेदारों के भी काम आए। आज दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में वैश्विक दक्षिण के लिए भी नए रास्ते बनाने का समय है।

रांची में ED अधिकारियों पर मारपीट का आरोप, पुलिस कर रही जांच

रांची : रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर एक क्लर्क के साथ मारपीट का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले की जांच और सबूत जुटाने के लिए एयरपोर्ट थाना की पुलिस भारी संख्या में ED कार्यालय पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

क्लर्क ने लगाए गंभीर आरोप

पेयजल विभाग में कार्यरत क्लर्क संतोष कुमार ने ED अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है। संतोष का कहना है कि पूछताछ के नाम पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसका सिर फोड़ दिया गया। इस मामले को लेकर एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एफआईआर के अनुसार, 12 जनवरी को संतोष कुमार को फोन कर पूछताछ के लिए ED कार्यालय बुलाया गया था। तय समय पर वह ED कार्यालय पहुंचा, जहां पूछताछ के दौरान उस पर जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया गया।

जुर्म कबूल न करने पर पिटाई का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि जब संतोष ने किसी भी तरह का अपराध स्वीकार करने से इनकार किया, तो ED अधिकारियों प्रतीक और शुभम ने डंडे से उसकी पिटाई की। मारपीट में उसका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि उसे जान से मारने और अपराध कबूल नहीं करने पर उसके परिवार के सदस्यों को जेल भेजने की धमकी दी गई। मारपीट के बाद संतोष को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर में छह टांके लगाए। प्राथमिकी में कहा गया है कि इलाज के बाद, बार-बार मना करने के बावजूद उसे फिर से ED कार्यालय ले जाया गया।

थाना प्रभारी करेंगे जांच

यह भी आरोप है कि ED कार्यालय में उसे मारपीट की घटना के बारे में किसी को न बताने की हिदायत दी गई और रात करीब 10 बजे के बाद उसे छोड़ा गया। पुलिस ने बताया है कि इस मामले की जांच थानेदार स्वयं करेंगे। सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बरसाना की विश्वप्रसिद्ध लठमार होली का ऐलान, तीन दिन रंग और भक्ति में डूबेगा ब्रज

बरसाना और नंदगांव में इस बार की होली का आयोजन 24 से 26 फरवरी तक किया जाएगा। उत्सव की शुरुआत श्रीजी मंदिर में लड्डू होली से होगी। भक्तों का उत्साह इस पर्व में और भी बढ़ जाएगा क्योंकि फाग गीतों और प्रसाद के साथ पूरा धाम रंग में रंग जाएगा। 25 फरवरी को बरसाना में लठमार होली होगी। गलियों में हुरियारिन घूंघट ओढ़कर लाठियों के साथ उतरेंगी, और नंदगांव के हुरियारे ढाल सजाकर राधा के आंगन में प्रवेश करेंगे। जय राधे के उद्घोष के साथ यह लीला मनमोहक रूप लेगी। 26 फरवरी को नंदगांव में इसी प्रेम रस की लीला होगी। बरसाने की गोपियां फाग गीतों और ढोल-नगाड़ों की ताल पर थिरकेंगी। प्रशासन और मंदिर सेवायत ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर संभव इंतजाम किए हैं। बरसाना की होली केवल तीन दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि चालीस दिवसीय भक्ति परंपरा का हिस्सा है। वसंत पंचमी से समाज गायन शुरू होता है और महाशिवरात्रि को लठमार होली की प्रथम चौपाई के साथ मुख्य उत्सव प्रारंभ होता है। यह परंपरा विक्रम संवत 1569 से जारी है और आज भी उसी उल्लास और मर्यादा के साथ निभाई जाती है।
मकर संक्रांति पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी:सीतामढ़ी सहित विभिन्न घाटों पर किया दान-पुण्य


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मकर संक्रांति पर्व पर जिले के सीतामढ़ी, रामपुर और भोगांव गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डू्बकी लगाई। सुबह से ही गंगा घाट पर भक्तों की भीड उमड़ पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। यह माघ पर्व का पहला स्नान था, जिसके चलते सुबह से ही लोग गंगा घाटों पर पहुंचने लगे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य किया, जिसके बाद ही उन्होंने अपने अन्य कार्य शुरू किए।
मान्यता है कि मकर संक्रांति पर गंगा में स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है। इसी कारण श्रद्बालु गंगा स्नान को अत्यधिक महत्व देते हैं। एक ओर जहां लोग गंगा स्नान और दान करने में व्यस्त थे। वहीं दूसरी ओर बच्चे पतंगबाजी का आनंद ले रहे थे। लोगों ने अपनी बहन - बेटियों के यहां खिचड़ी पहुंचाने का भी कार्य किया। गंगा स्नान के बाद मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी खाने का एक विशेष महत्व है,जो प्राचीन काल से चला आ रहा है।
वाहनों के फिटनेस के लिए लगाना होगा 70 से 90 किमी का चक्कर
*वाहनों की फिटनेस पांच जनवरी से बंद है,अब मिर्जापुर वाराणसी में होगा फिटनेस*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में वाहनों का फिटनेस कराने के लिए वाहन चालकों को अब 70 से 90 किमी का चक्कर लगाना पड़ेगा। वाहनों का फिटनेस करने वाली संस्था एटीएस का सेंटर इस समय मिर्जापुर के लालगंज और वाराणसी में है। जिले के वाहन स्वामियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। खासकर ऑटो चालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्हें 15 किलोमीटर का ही परमिट मिलता है। ऐसे में फिटनेस के लिए अगर वे 70 किमी दूर जाते हैं तो चालान कट जाएगा।


एआरटीओ राम सिंह ने बताया कि आठ से नौ हजार चार पहिया वाहन हैं। 6 से 7 हजार ऑटो, तीन हजार के आसपास ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इन वाहनों को समय-समय पर फिटनेस चेक कराना होता है। इससे वाहन सड़क पर चलने लायक हैं कि नहीं, इसका पता लगाया है।
वाहनों की फिटनेस जांच करने वाली संस्था एटीएस प्रदेश के 96 सेंटरों पर काम करती थी, लेकिन बीते पांच जनवरी से यह केवल 17 सेंटरों पर ही काम कर रही है। इससे फिटनेस के लिए वाहन चालकों को अब लालगंज मिर्जापुर या फिर वाराणसी के एटीएस सेंटर पर जाना होगा।
तीन पूर्व शाखा प्रबंधक सहित एक पूर्व कैशियर निलंबित
*205 खातों की होगी जांच

गोंडा।जिले के यूपी कोआपरेटिव बैंक की बडगांव शाखा में हुए बड़े पैमाने पर ऋण घोटाले के मामले में विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ हो गई है।बैंक के महाप्रबंधक कपिल पाठक ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल,पूर्व शाखा प्रबंधक अजय कुमार और सुशील कुमार गौतम तथा तत्कालीन सहायक कैशियर पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।इस मामले में दो मुकदमे पहले ही दर्ज हो चुके हैं।महाप्रबंधक कपिल पाठक ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।प्रारंभिक विभागीय जांच में इन चारों की घोटाले में अहम भूमिका सामने आई है।जांच प्रभावित न हो इसलिए पुलिस जांच शुरू होने से पहले इन्हें निलंबित कर दिया गया है।महाप्रबंधक कपिल पाठक ने निलंबित कर्मचारियों को पुलिस जांच में सहयोग करने के निर्देश दिये हैं।नगर कोतवाली पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।पुलिस विभाग 205 खाताधारकों के खातों की भी गहनता से पड़ताल करवा रहा है।आरोप है कि इन लोगों ने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर 21.47 करोड़ रुपये का घोटाला किया है।यह घोटाला दिसंबर 2021से शुरु हुआ था,जहाँ गोंडा की इस शाखा में ऋण वितरण को कमाई का जरिया बना लिया गया था।आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने लोगों को विश्वास में लेकर उनके साथ धोखाधड़ी किया।नियमों के अनुसार ऋण देने से पहले पात्रता,आय प्रमाण पत्र,जमानत और फील्ड वेरीफिकेशन अनिवार्य होता है।हालांकि अधिकांश मामलों में इन नियमों का उल्लंघन किया गया और फाइलें केवल कागजों पर तैयार की गई।वहीं यूपी कोआपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक कपिल पाठक ने बताया कि गोंडा में जिस तरीके से फ्राड और घोटाला किया गया है यह कतई बर्दाश्त नहीं है।उत्तर प्रदेश सरकार व विभाग द्वारा जीरो टालरेंस नीति के तहत इस फ्राड और भ्रष्टाचार को लेकर कार्रवाई की जा रही है।
70वें जन्मदिन पर मायावती का ऐलान—बीएसपी अकेले लड़ेगी सभी चुनाव, मैं न झुकूंगी न डरूंगी
लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता उनके जन्मदिन को जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाते हैं। इस मौके पर उन्होंने सभी देशवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

मायावती ने केंद्र और प्रदेश की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं के नाम और स्वरूप में थोड़ा बदलाव कर उन्हें लागू किया जा रहा है, लेकिन योजनाओं का वास्तविक लाभ हर पात्र व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रहा है।

उन्होंने कहा कि बीएसपी सरकार के दौरान संतों और महापुरुषों के नाम पर अनेक स्मारक व स्थल बनाए गए, जिनकी आज विरोधी पार्टियां नकल कर रही हैं। मायावती ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी स्थिति “मुंह में राम, बगल में छुरी” जैसी है।

बसपा सुप्रीमो ने दो टूक कहा, “मैं झुकने और डरने वाली नहीं हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि विरोधी दलों द्वारा किए जा रहे षड्यंत्रों का लेखा-जोखा वे अपने संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट के संदर्भ में सामने रखेंगी। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क और सचेत रहने की अपील की।

कांग्रेस और बीजेपी पर आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि ये दोनों दल बीएसपी को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं, इसलिए बीएसपी का सत्ता में आना बेहद जरूरी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव सहित भविष्य के सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ेगी और किसी भी दल से कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि बीएसपी प्रमुख मायावती का 70वां जन्मदिवस देशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है।

* ब्राह्मणों की उपेक्षा पर मायावती बोलीं—बीएसपी सरकार ही दे सकती है सुरक्षा
लखनऊ में ब्राह्मण समाज के विधायकों की बैठक के बाद बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बैठक में ब्राह्मण समाज की लगातार हो रही उपेक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।

मायावती ने कहा कि बीएसपी ने हमेशा ब्राह्मण समाज को उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया है और आगे भी देती रहेगी। उन्होंने ब्राह्मण समाज से अपील करते हुए कहा कि उन्हें किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए और न ही किसी के “बाटी-चोखा” के लालच में पड़ना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज पर किसी भी प्रकार का अत्याचार न हो, इसके लिए प्रदेश में बीएसपी की सरकार का होना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि बीएसपी की नीतियां सभी समाजों को साथ लेकर चलने वाली हैं और ब्राह्मण समाज की सुरक्षा व सम्मान पार्टी की प्राथमिकता रही है। मायावती के इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों और ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

* मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शॉर्ट सर्किट से मची अफरातफरी
बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब प्रेसवार्ता समाप्त होने के ठीक पहले शॉर्ट सर्किट हो गया। अचानक हुए शॉर्ट सर्किट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में धुआं भर गया, जिससे कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई।

हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया। मौके पर मौजूद अग्नि सुरक्षा उपकरणों का तत्काल उपयोग किया गया, जिससे किसी भी बड़ी घटना को टाल दिया गया।

धुएं के फैलते ही सुरक्षा घेरे के बीच पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। कुछ ही देर में हालात पूरी तरह सामान्य हो गए।प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली और कार्यक्रम को सुरक्षित रूप से समाप्त किया गया।
Indian Army Day: पीएम मोदी ने जवानों को किया नमन बोले- भारतीय सेना निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र रक्षा की मिसाल
भारतीय सेना दिवस के अवसर पर देशभर में वीर जवानों के शौर्य, बलिदान और अनुशासन को याद किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर भारतीय सेना को नमन करते हुए कहा कि सेना निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र रक्षा की सजीव प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अटूट संकल्प के साथ देश की सुरक्षा करते हैं और उनके साहस से हर भारतीय को भरोसा मिलता है।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि भारतीय सेना के जवान कर्तव्य के प्रति समर्पण और त्याग की मिसाल हैं। उन्होंने शहीद सैनिकों को भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश उन वीरों को हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद रखेगा, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सेना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय सेना ने हमेशा देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ सेना आपदा प्रबंधन, मानवीय सहायता और संकट के समय भी अहम भूमिका निभाती है। सैनिकों का “राष्ट्र प्रथम” का भाव पूरे देश को प्रेरित करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने अपने अनुशासन, पेशेवर दक्षता और मानवीय दृष्टिकोण के कारण वैश्विक स्तर पर सम्मान अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक आधुनिक, आत्मनिर्भर और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार सेना के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और गृह मंत्री अमित शाह ने भी सेना दिवस पर जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। अमित शाह ने कहा कि सेना के शौर्य की गूंज इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जो हर पीढ़ी को देशभक्ति की प्रेरणा देती है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सेना के योगदान को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र हमेशा सैनिकों के साहस और बलिदान का ऋणी रहेगा। सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियाप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बनने की स्मृति में मनाया जाता है।
झारखंड बोर्ड (JAC) 2026 परीक्षा कार्यक्रम जारी: 3 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं

रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वर्ष 2026 की मैट्रिक (10वीं) और इंटर (12वीं) बोर्ड परीक्षाओं की आधिकारिक डेटशीट जारी कर दी है। जैक की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, दोनों परीक्षाएं 3 फरवरी 2026 से शुरू होंगी।

मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा 3 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी।

इंटर (12वीं) की परीक्षा 3 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक चलेगी।

इस बार भी परीक्षा दो पालियों में ली जाएगी — पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 1:45 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा का पूरा शेड्यूल जैक की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

एडमिट कार्ड जनवरी में जारी होंगे

जैक ने जानकारी दी है कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के एडमिट कार्ड जनवरी 2026 में स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि छात्रों को समय पर एडमिट कार्ड वितरित करें और परीक्षा संबंधी दिशानिर्देशों की जानकारी दें।

तैयारी के अंतिम चरण में छात्र

झारखंड के हजारों विद्यालयों में छात्र-छात्राएं अब अपनी परीक्षा तैयारी के अंतिम चरण में हैं। शिक्षक छात्रों को मॉडल प्रश्नपत्रों और पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों के माध्यम से अभ्यास करा रहे हैं। जैक की ओर से पहले ही मॉडल पेपर जारी किए जा चुके हैं ताकि विद्यार्थी परीक्षा पैटर्न से परिचित हो सकें।

जैक ने दी अपील

काउंसिल ने छात्रों से अपील की है कि वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचें, निर्धारित ड्रेस कोड और दिशा-निर्देशों का पालन करें। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।

राज्यभर में करीब 1,200 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ सुरक्षा और निगरानी की विशेष व्यवस्था की जाएगी।

नागराज ग्राम में मध्यस्थ दर्शन अनुभव शिविर का भव्य आयोजन, नागराज ग्राम परिवार की सक्रिय सहभागिता।
देवघर: आज दिनांक 14 जनवरी 2026 को नागराजग्राम में मध्यस्थ दर्शन के आलोक में अनुभव शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नागराज ग्राम परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने परिवारों के साथ उपस्थित रहे। साथ ही आसपास के गांवों—करडा, इनारवरण सहित अन्य गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही, जिससे पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह से परिपूर्ण हो गया। कार्यक्रम का संचालन धीरज जी के द्वारा किया गया । कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को मध्यस्थ दर्शन के प्रणेता ए नागराज जी के जीवन एवं विचारों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार मध्यस्थ दर्शन व्यक्ति, परिवार, समाज और प्रकृति—सभी स्तरों पर संतुलन, खुशहाली एवं सह-अस्तित्व की भावना को विकसित करता है। तथा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मार्गदर्शक श्री योगेश शास्त्री (पुणे निवासी), जो पेशे से इंजीनियर एवं प्रबोधक हैं, रहे। उनके मार्गदर्शन में यह अनुभव शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। नागराज ग्राम परिवार के सदस्यों ने ए नागराज जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। इसके पश्चात वंदना गीत प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात मध्यस्थ दर्शन ने लोगों के जीवन को किस प्रकार सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है, इस विषय पर गहन चर्चा हुई तथा कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में नागराज ग्राम परिवार के प्रमुख रूप से कृष्ण देव राय, हरेंद्र कुमार, समीर कुमार, पवन आर्या, विकास कुमार, मणिकांत पाठक, धीरज कुमार, प्रभु यादव, आचार्य नवीन, रितु, बबली, भावना, सुशीला सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सुदामा देवी, जो कल्याणपुर पंचायत की मुखिया हैं, प्रीति, हीरा जी, विष्णु, कैलाश, ज्योतिष, चिंतामणि यादव, चंद्रशेखर चौधरी, समर जी, तालो हेंब्रम समेत आसपास के गांवों से आए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने कहा कि मध्यस्थ दर्शन आज समाज में नई आशा की किरण के रूप में उभर रहा है। इसी विचारधारा से प्रेरित होकर वर्ष 2020 में देवघर क्षेत्र के कुछ जागरूक परिवारों द्वारा नागराज ग्राम की परिकल्पना की गई थी। इन परिवारों में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोग, राज्य सरकार के कर्मचारी, शिक्षक एवं विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर मानवीय मूल्यों पर आधारित सामाजिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसी क्रम में यह अनुभव शिविर हर वर्ष 14 जनवरी को आयोजित किया जाता है और इस वर्ष यह कार्यक्रम लगातार चौथे साल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत ने विविधता को ताकत में बदला, सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, CSPOC में बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस कॉन्फ्रेंस में 42 देशों के 61 स्पीकर्स और ऑफिसर्स शामिल हैं। संविधान सदन में आयोजित इस समारोह में पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर कभी संदेह किया गया। लेकिन आज वही लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। यही वजह है कि भारत न सिर्फ स्थिर है बल्कि तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं सबका स्वागत करता हूं। जिस स्थान पर आप सभी बैठे हैं वो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। गुलामी के आखिरी वर्षों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी तब इसी सेंटल हॉल में भारत के संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई। 75 सालों तक ये इमारत भारत की संसद रही। यहां अनेक चर्चाएं हुई, अनेक फैसले लिए गए। अब इसको संविधान सदन का नाम दिया गया है।

डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि यह चौथा अवसर है, जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस भारत में हो रही है। इस बार इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय इफेक्टिव डिलीवरी ऑफ पर्लियामेंट्री डेमोक्रेसी है। भारत ने डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया। भारत ने साबित किया कि डमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन और डेमोक्रेटिक प्रॉसेस, डेमोक्रेसी को स्टेबिलिटी, स्पीड और स्केल तीनों देते हैं।

भारत में लोकतंत्र को लेकर गंभीर संदेह था-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, आज के वैश्विक संदर्भ में बहुत प्रासंगिक है। जब भारत आजाद हुआ था, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात पर गंभीर संदेह था कि इतनी ज़्यादा विविधता वाले देश में लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। भारत ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया और अपनी विविधता को अपने लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया। एक और आशंका यह थी कि अगर लोकतंत्र किसी तरह बच भी गया, तो भारत विकास के मामले में कुछ खास नहीं कर पाएगा।

हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा की भारत की राष्ट्रपति देश की पहले नागरिक, एक महिला हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। आज, भारतीय महिलाएं न केवल लोकतंत्र में भाग ले रही हैं बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं। आपमें से कई लोग भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र के रूप में जानते हैं। वास्तव में, हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण है। उदाहरण के तौर पर, 2024 में हुए भारत के आम चुनाव मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास थे। लगभग 98 करोड़ नागरिकों ने वोट के लिए पंजीकरण कराया। यह संख्या कुछ महाद्वीपों की जनसंख्या से भी अधिक है। चुनावों में 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से अधिक राजनीतिक पार्टियां भाग लीं। महिलाओं के मतदान में भी रिकॉर्ड भागीदारी देखी गई।

सभी देशों के विकास में योगदान का प्रयास-पीएम मोदी

कॉमनवेल्थ देशों की कुल जनसंख्या का लगभग 50 फीसदी हिस्सा भारत में बसता है। हमारा प्रयास रहा है कि भारत सभी देशों के विकास में अधिक से अधिक योगदान करे। कॉमनवेल्थ के सतत विकास लक्ष्यों में स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर रहे हैं। भारत सभी साथियों से सीखने का निरंतर प्रयास करता है। हमारा ये भी प्रयास होता है कि हमारे अनुभव अन्य कॉमनवेल्थ साझेदारों के भी काम आए। आज दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में वैश्विक दक्षिण के लिए भी नए रास्ते बनाने का समय है।

रांची में ED अधिकारियों पर मारपीट का आरोप, पुलिस कर रही जांच

रांची : रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर एक क्लर्क के साथ मारपीट का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले की जांच और सबूत जुटाने के लिए एयरपोर्ट थाना की पुलिस भारी संख्या में ED कार्यालय पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

क्लर्क ने लगाए गंभीर आरोप

पेयजल विभाग में कार्यरत क्लर्क संतोष कुमार ने ED अधिकारियों पर पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है। संतोष का कहना है कि पूछताछ के नाम पर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और उसका सिर फोड़ दिया गया। इस मामले को लेकर एयरपोर्ट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एफआईआर के अनुसार, 12 जनवरी को संतोष कुमार को फोन कर पूछताछ के लिए ED कार्यालय बुलाया गया था। तय समय पर वह ED कार्यालय पहुंचा, जहां पूछताछ के दौरान उस पर जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया गया।

जुर्म कबूल न करने पर पिटाई का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि जब संतोष ने किसी भी तरह का अपराध स्वीकार करने से इनकार किया, तो ED अधिकारियों प्रतीक और शुभम ने डंडे से उसकी पिटाई की। मारपीट में उसका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि उसे जान से मारने और अपराध कबूल नहीं करने पर उसके परिवार के सदस्यों को जेल भेजने की धमकी दी गई। मारपीट के बाद संतोष को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके सिर में छह टांके लगाए। प्राथमिकी में कहा गया है कि इलाज के बाद, बार-बार मना करने के बावजूद उसे फिर से ED कार्यालय ले जाया गया।

थाना प्रभारी करेंगे जांच

यह भी आरोप है कि ED कार्यालय में उसे मारपीट की घटना के बारे में किसी को न बताने की हिदायत दी गई और रात करीब 10 बजे के बाद उसे छोड़ा गया। पुलिस ने बताया है कि इस मामले की जांच थानेदार स्वयं करेंगे। सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बरसाना की विश्वप्रसिद्ध लठमार होली का ऐलान, तीन दिन रंग और भक्ति में डूबेगा ब्रज

बरसाना और नंदगांव में इस बार की होली का आयोजन 24 से 26 फरवरी तक किया जाएगा। उत्सव की शुरुआत श्रीजी मंदिर में लड्डू होली से होगी। भक्तों का उत्साह इस पर्व में और भी बढ़ जाएगा क्योंकि फाग गीतों और प्रसाद के साथ पूरा धाम रंग में रंग जाएगा। 25 फरवरी को बरसाना में लठमार होली होगी। गलियों में हुरियारिन घूंघट ओढ़कर लाठियों के साथ उतरेंगी, और नंदगांव के हुरियारे ढाल सजाकर राधा के आंगन में प्रवेश करेंगे। जय राधे के उद्घोष के साथ यह लीला मनमोहक रूप लेगी। 26 फरवरी को नंदगांव में इसी प्रेम रस की लीला होगी। बरसाने की गोपियां फाग गीतों और ढोल-नगाड़ों की ताल पर थिरकेंगी। प्रशासन और मंदिर सेवायत ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर संभव इंतजाम किए हैं। बरसाना की होली केवल तीन दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि चालीस दिवसीय भक्ति परंपरा का हिस्सा है। वसंत पंचमी से समाज गायन शुरू होता है और महाशिवरात्रि को लठमार होली की प्रथम चौपाई के साथ मुख्य उत्सव प्रारंभ होता है। यह परंपरा विक्रम संवत 1569 से जारी है और आज भी उसी उल्लास और मर्यादा के साथ निभाई जाती है।
मकर संक्रांति पर हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई डुबकी:सीतामढ़ी सहित विभिन्न घाटों पर किया दान-पुण्य


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मकर संक्रांति पर्व पर जिले के सीतामढ़ी, रामपुर और भोगांव गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डू्बकी लगाई। सुबह से ही गंगा घाट पर भक्तों की भीड उमड़ पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था। यह माघ पर्व का पहला स्नान था, जिसके चलते सुबह से ही लोग गंगा घाटों पर पहुंचने लगे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य किया, जिसके बाद ही उन्होंने अपने अन्य कार्य शुरू किए।
मान्यता है कि मकर संक्रांति पर गंगा में स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है। इसी कारण श्रद्बालु गंगा स्नान को अत्यधिक महत्व देते हैं। एक ओर जहां लोग गंगा स्नान और दान करने में व्यस्त थे। वहीं दूसरी ओर बच्चे पतंगबाजी का आनंद ले रहे थे। लोगों ने अपनी बहन - बेटियों के यहां खिचड़ी पहुंचाने का भी कार्य किया। गंगा स्नान के बाद मकर संक्रांति पर्व पर खिचड़ी खाने का एक विशेष महत्व है,जो प्राचीन काल से चला आ रहा है।
वाहनों के फिटनेस के लिए लगाना होगा 70 से 90 किमी का चक्कर
*वाहनों की फिटनेस पांच जनवरी से बंद है,अब मिर्जापुर वाराणसी में होगा फिटनेस*



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में वाहनों का फिटनेस कराने के लिए वाहन चालकों को अब 70 से 90 किमी का चक्कर लगाना पड़ेगा। वाहनों का फिटनेस करने वाली संस्था एटीएस का सेंटर इस समय मिर्जापुर के लालगंज और वाराणसी में है। जिले के वाहन स्वामियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। खासकर ऑटो चालकों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उन्हें 15 किलोमीटर का ही परमिट मिलता है। ऐसे में फिटनेस के लिए अगर वे 70 किमी दूर जाते हैं तो चालान कट जाएगा।


एआरटीओ राम सिंह ने बताया कि आठ से नौ हजार चार पहिया वाहन हैं। 6 से 7 हजार ऑटो, तीन हजार के आसपास ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इन वाहनों को समय-समय पर फिटनेस चेक कराना होता है। इससे वाहन सड़क पर चलने लायक हैं कि नहीं, इसका पता लगाया है।
वाहनों की फिटनेस जांच करने वाली संस्था एटीएस प्रदेश के 96 सेंटरों पर काम करती थी, लेकिन बीते पांच जनवरी से यह केवल 17 सेंटरों पर ही काम कर रही है। इससे फिटनेस के लिए वाहन चालकों को अब लालगंज मिर्जापुर या फिर वाराणसी के एटीएस सेंटर पर जाना होगा।
तीन पूर्व शाखा प्रबंधक सहित एक पूर्व कैशियर निलंबित
*205 खातों की होगी जांच

गोंडा।जिले के यूपी कोआपरेटिव बैंक की बडगांव शाखा में हुए बड़े पैमाने पर ऋण घोटाले के मामले में विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ हो गई है।बैंक के महाप्रबंधक कपिल पाठक ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक पवन कुमार पाल,पूर्व शाखा प्रबंधक अजय कुमार और सुशील कुमार गौतम तथा तत्कालीन सहायक कैशियर पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।इस मामले में दो मुकदमे पहले ही दर्ज हो चुके हैं।महाप्रबंधक कपिल पाठक ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।प्रारंभिक विभागीय जांच में इन चारों की घोटाले में अहम भूमिका सामने आई है।जांच प्रभावित न हो इसलिए पुलिस जांच शुरू होने से पहले इन्हें निलंबित कर दिया गया है।महाप्रबंधक कपिल पाठक ने निलंबित कर्मचारियों को पुलिस जांच में सहयोग करने के निर्देश दिये हैं।नगर कोतवाली पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।पुलिस विभाग 205 खाताधारकों के खातों की भी गहनता से पड़ताल करवा रहा है।आरोप है कि इन लोगों ने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर 21.47 करोड़ रुपये का घोटाला किया है।यह घोटाला दिसंबर 2021से शुरु हुआ था,जहाँ गोंडा की इस शाखा में ऋण वितरण को कमाई का जरिया बना लिया गया था।आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने लोगों को विश्वास में लेकर उनके साथ धोखाधड़ी किया।नियमों के अनुसार ऋण देने से पहले पात्रता,आय प्रमाण पत्र,जमानत और फील्ड वेरीफिकेशन अनिवार्य होता है।हालांकि अधिकांश मामलों में इन नियमों का उल्लंघन किया गया और फाइलें केवल कागजों पर तैयार की गई।वहीं यूपी कोआपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक कपिल पाठक ने बताया कि गोंडा में जिस तरीके से फ्राड और घोटाला किया गया है यह कतई बर्दाश्त नहीं है।उत्तर प्रदेश सरकार व विभाग द्वारा जीरो टालरेंस नीति के तहत इस फ्राड और भ्रष्टाचार को लेकर कार्रवाई की जा रही है।
70वें जन्मदिन पर मायावती का ऐलान—बीएसपी अकेले लड़ेगी सभी चुनाव, मैं न झुकूंगी न डरूंगी
लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता उनके जन्मदिन को जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाते हैं। इस मौके पर उन्होंने सभी देशवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

मायावती ने केंद्र और प्रदेश की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं के नाम और स्वरूप में थोड़ा बदलाव कर उन्हें लागू किया जा रहा है, लेकिन योजनाओं का वास्तविक लाभ हर पात्र व्यक्ति तक नहीं पहुंच पा रहा है।

उन्होंने कहा कि बीएसपी सरकार के दौरान संतों और महापुरुषों के नाम पर अनेक स्मारक व स्थल बनाए गए, जिनकी आज विरोधी पार्टियां नकल कर रही हैं। मायावती ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी स्थिति “मुंह में राम, बगल में छुरी” जैसी है।

बसपा सुप्रीमो ने दो टूक कहा, “मैं झुकने और डरने वाली नहीं हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि विरोधी दलों द्वारा किए जा रहे षड्यंत्रों का लेखा-जोखा वे अपने संघर्षमय जीवन और बीएसपी मूवमेंट के संदर्भ में सामने रखेंगी। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क और सचेत रहने की अपील की।

कांग्रेस और बीजेपी पर आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि ये दोनों दल बीएसपी को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं, इसलिए बीएसपी का सत्ता में आना बेहद जरूरी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि बहुजन समाज पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव सहित भविष्य के सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले ही लड़ेगी और किसी भी दल से कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि बीएसपी प्रमुख मायावती का 70वां जन्मदिवस देशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है।

* ब्राह्मणों की उपेक्षा पर मायावती बोलीं—बीएसपी सरकार ही दे सकती है सुरक्षा
लखनऊ में ब्राह्मण समाज के विधायकों की बैठक के बाद बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बैठक में ब्राह्मण समाज की लगातार हो रही उपेक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।

मायावती ने कहा कि बीएसपी ने हमेशा ब्राह्मण समाज को उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया है और आगे भी देती रहेगी। उन्होंने ब्राह्मण समाज से अपील करते हुए कहा कि उन्हें किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए और न ही किसी के “बाटी-चोखा” के लालच में पड़ना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राह्मण समाज पर किसी भी प्रकार का अत्याचार न हो, इसके लिए प्रदेश में बीएसपी की सरकार का होना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि बीएसपी की नीतियां सभी समाजों को साथ लेकर चलने वाली हैं और ब्राह्मण समाज की सुरक्षा व सम्मान पार्टी की प्राथमिकता रही है। मायावती के इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों और ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

* मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शॉर्ट सर्किट से मची अफरातफरी
बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई, जब प्रेसवार्ता समाप्त होने के ठीक पहले शॉर्ट सर्किट हो गया। अचानक हुए शॉर्ट सर्किट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में धुआं भर गया, जिससे कुछ देर के लिए हड़कंप की स्थिति बन गई।

हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया। मौके पर मौजूद अग्नि सुरक्षा उपकरणों का तत्काल उपयोग किया गया, जिससे किसी भी बड़ी घटना को टाल दिया गया।

धुएं के फैलते ही सुरक्षा घेरे के बीच पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। कुछ ही देर में हालात पूरी तरह सामान्य हो गए।प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली और कार्यक्रम को सुरक्षित रूप से समाप्त किया गया।
Indian Army Day: पीएम मोदी ने जवानों को किया नमन बोले- भारतीय सेना निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र रक्षा की मिसाल
भारतीय सेना दिवस के अवसर पर देशभर में वीर जवानों के शौर्य, बलिदान और अनुशासन को याद किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर भारतीय सेना को नमन करते हुए कहा कि सेना निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र रक्षा की सजीव प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अटूट संकल्प के साथ देश की सुरक्षा करते हैं और उनके साहस से हर भारतीय को भरोसा मिलता है।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि भारतीय सेना के जवान कर्तव्य के प्रति समर्पण और त्याग की मिसाल हैं। उन्होंने शहीद सैनिकों को भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश उन वीरों को हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद रखेगा, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सेना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय सेना ने हमेशा देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ सेना आपदा प्रबंधन, मानवीय सहायता और संकट के समय भी अहम भूमिका निभाती है। सैनिकों का “राष्ट्र प्रथम” का भाव पूरे देश को प्रेरित करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने अपने अनुशासन, पेशेवर दक्षता और मानवीय दृष्टिकोण के कारण वैश्विक स्तर पर सम्मान अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक आधुनिक, आत्मनिर्भर और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार सेना के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और गृह मंत्री अमित शाह ने भी सेना दिवस पर जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। अमित शाह ने कहा कि सेना के शौर्य की गूंज इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जो हर पीढ़ी को देशभक्ति की प्रेरणा देती है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सेना के योगदान को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र हमेशा सैनिकों के साहस और बलिदान का ऋणी रहेगा। सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियाप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बनने की स्मृति में मनाया जाता है।
झारखंड बोर्ड (JAC) 2026 परीक्षा कार्यक्रम जारी: 3 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं

रांची : झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वर्ष 2026 की मैट्रिक (10वीं) और इंटर (12वीं) बोर्ड परीक्षाओं की आधिकारिक डेटशीट जारी कर दी है। जैक की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, दोनों परीक्षाएं 3 फरवरी 2026 से शुरू होंगी।

मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा 3 फरवरी से 17 फरवरी 2026 तक आयोजित की जाएगी।

इंटर (12वीं) की परीक्षा 3 फरवरी से 23 फरवरी 2026 तक चलेगी।

इस बार भी परीक्षा दो पालियों में ली जाएगी — पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 1:45 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा का पूरा शेड्यूल जैक की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है।

एडमिट कार्ड जनवरी में जारी होंगे

जैक ने जानकारी दी है कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के एडमिट कार्ड जनवरी 2026 में स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि छात्रों को समय पर एडमिट कार्ड वितरित करें और परीक्षा संबंधी दिशानिर्देशों की जानकारी दें।

तैयारी के अंतिम चरण में छात्र

झारखंड के हजारों विद्यालयों में छात्र-छात्राएं अब अपनी परीक्षा तैयारी के अंतिम चरण में हैं। शिक्षक छात्रों को मॉडल प्रश्नपत्रों और पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों के माध्यम से अभ्यास करा रहे हैं। जैक की ओर से पहले ही मॉडल पेपर जारी किए जा चुके हैं ताकि विद्यार्थी परीक्षा पैटर्न से परिचित हो सकें।

जैक ने दी अपील

काउंसिल ने छात्रों से अपील की है कि वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुँचें, निर्धारित ड्रेस कोड और दिशा-निर्देशों का पालन करें। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।

राज्यभर में करीब 1,200 से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ सुरक्षा और निगरानी की विशेष व्यवस्था की जाएगी।