देवघर-में 'ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स' के माध्यम से रची जा रही है सेवा की नई इबारत, सेवायतों को मिला सम्मान।
देवघर:
बाबा बैद्यनाथ की पावन नगरी देवघर आज न केवल अपनी आध्यात्मिक विरासत के लिए, बल्कि अपनी सामाजिक सरोकार और सेवा भावना के लिए भी पूरे प्रदेश में एक मिसाल पेश कर रही है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और रक्त की कमी के कारण किसी भी व्यक्ति की सांसे न थमने देने के पावन संकल्प के साथ शुरू हुई 'ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स' मुहिम आज एक विशाल जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। इस अभिनव अभियान की दूरदर्शी शुरुआत देवघर के पूर्व उपायुक्त सह रेडक्रॉस के तत्कालीन अध्यक्ष मंजुनाथ भजंत्री द्वारा की गई थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले की विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी, सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं को एक सशक्त मंच पर लाकर रक्त की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना था, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में किसी भी जरूरतमंद को रक्त के लिए दर-दर न भटकना पड़े।
इसी गौरवशाली परंपरा और सेवा के जज्बे का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस के गरिमामय और ऐतिहासिक अवसर पर देवघर कॉलेज के विशाल मैदान में जिला प्रशासन द्वारा उन तमाम संस्थाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने इस मानवीय महायज्ञ में अपनी निस्वार्थ आहुति दी है। यह गौरवपूर्ण और प्रेरणादायक सम्मान समारोह उपायुक्त देवघर नमन प्रियेश लकड़ा, पुलिस अधीक्षक सौरव, उपविकास आयुक्त पीयूष सिन्हा एवं अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इन वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र और सम्मान चिन्ह प्रदान कर उनके सामाजिक योगदान की सराहना की। इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने और संस्थाओं का मनोबल बढ़ाने हेतु रेडक्रॉस की पूरी टीम मुस्तैद रही, जिसमें इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन जीतेश राजपाल, वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल, महिला प्रतिनिधि ममता किरण, कार्यकारिणी सदस्य विजय प्रताप सनातन, आजीवन सदस्य श्वेता शर्मा, अभिजीत सिंह, आशीष दुबे, संजीव झा सहित जिले की दर्जनों प्रतिष्ठित संस्थाओं के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान रेडक्रॉस चेयरमैन जीतेश राजपाल ने अभियान की सफलता के प्रभावी आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि 'ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स' के प्रति समाज का विश्वास और समर्पण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने जानकारी साझा की कि इस मुहिम से अब तक जिले की कुल 95 संस्थाएं आधिकारिक रूप से जुड़ चुकी हैं। इनमें से 82 संस्थाओं ने अब तक पूर्ण सक्रियता दिखाते हुए विभिन्न रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन किया है, जिसके सुखद परिणाम स्वरूप कुल 3630 यूनिट रक्त संग्रहित कर देवघर रक्त अधिकोष (ब्लड बैंक) को सौंपा गया है। चेयरमैन ने जोर देकर कहा कि यह 3630 यूनिट महज एक सांख्यिकीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह उन हजारों मरीजों की धड़कनें हैं जिन्हें समय पर रक्त मिलने से नया जीवन मिला है। आज के उन्नत चिकित्सा युग में भी रक्त का कोई अन्य कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। मानव रक्त केवल एक संवेदनशील इंसान द्वारा दूसरे जरूरतमंद इंसान को दिए गए निस्वार्थ उपहार से ही प्राप्त किया जा सकता है। सामूहिक रक्तदान शिविरों का आयोजन समाज में एक ऐसी सामूहिक चेतना का संचार करता है, जिससे न केवल थलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को नियमित रक्त की आपूर्ति सुनिश्चित होती है, बल्कि प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं, भीषण सड़क दुर्घटनाओं और जटिल शल्य चिकित्सा (सर्जरी) के समय जीवन-मृत्यु के बीच झूल रहे मरीजों के लिए यह रक्त 'संजीवनी' का कार्य करता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी रक्तदान करने वाले व्यक्ति के शरीर में नए रक्त का निर्माण होता है, कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है और हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम काफी कम हो जाता है। अतः यह प्रक्रिया लेने वाले के साथ-साथ देने वाले के लिए भी स्वास्थ्यवर्धक और मानसिक संतोष देने वाली है। 26 जनवरी 2025 के बाद से लेकर 26 जनवरी 2026 तक रक्तदान शिविर आयोजित करने वाले संस्थाओं को पुनः इस वर्ष भी सम्मानित किया गया, जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित होने वाली प्रमुख संस्थाओं की सूची बहुत लंबी है, जो देवघर की समृद्ध सेवा संस्कृति को दर्शाती है। इनमें इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी (देवघर एवं अनुमंडल शाखा मधुपुर), जिला पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, एम्स (AIIMS) देवघर, देवघर एयरपोर्ट, अदानी पावर प्लांट, मारवाड़ी युवा मंच, प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, सनातन फाउंडेशन, फूड क्राफ्ट इंस्टिट्यूट, अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद, कल्पतरु प्रोजेक्ट इंटरनेशनल लिमिटेड, विरॉय फाउंडेशन, भारतीय जनता युवा मोर्चा (जिला इकाई), रामकृष्ण मिशन विद्यापीठ और रोटरी क्लब जैसी संस्थाएं शामिल रहीं। इन सभी संस्थाओं ने न केवल शिविर आयोजित किए, बल्कि युवाओं के बीच फैली इस भ्रांति को भी जड़ से मिटाने का काम किया कि रक्तदान से शरीर में कमजोरी आती है। अंत में, जिला प्रशासन और रेडक्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारियों ने इस संकल्प को पुनः दोहराया कि मानवता की सेवा के प्रति समर्पित यह 'ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स' मुहिम भविष्य में भी इसी तरह अनवरत और निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में और भी नई संस्थाएं इस कारवां का हिस्सा बनेंगी। यह अभियान केवल रक्त संग्रह करने का जरिया नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करने का एक पवित्र माध्यम है। यह सम्मान समारोह उन सभी अज्ञात रक्तदाताओं और संस्थागत कार्यकर्ताओं के प्रति एक कृतज्ञता है, जिन्होंने मानवता को सर्वोपरि मानकर देवघर को पूरे झारखंड में एक 'आदर्श सेवा केंद्र' के रूप में स्थापित किया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जब तक समाज में एक भी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता है, तब तक यह अभियान मानवहित में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।
1 hour and 30 min ago
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