अजित पवार पंचतत्‍व में विलीन, बेटों ने दी मुखाग्नि*

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजित पवार का बुधवार सुबह विमान हादसे में निधन हो गया। अजित का अंतिम संस्कार आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में किया गया।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार बारामती में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। बेटे पार्थ और जय पवार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। अपने नेता के आखिरी दर्शन करने के लिए समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग नम आंखों से अजित पवार को अंतिम विदाई दी।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री मोदी ने एनसीपी (एसपी) प्रमुख और अजित पवार के चाचा शरद पवार से फोन पर बात कर संवेदना प्रकट की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘बारामती में हुए दुखद विमान हादसे से बेहद आहत हूं। इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वालों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि इस कठिन समय में उन्हें शक्ति और साहस मिले।

विमान हादसे में निधन

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार को एक विमान हादसे में निधन हो गया। वह बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था। हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो पायलट शामिल हैं।

मुख्यमंत्री कैबिनेट से बेसिक शिक्षा शिक्षकों को बड़ा तोहफा: 5 लाख तक कैशलेस इलाज की सौगात
संजीव सिंह बलिया! लखनऊ, 29 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को बड़ी राहत प्रदान करने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और उनके परिवारों को आयुष्मान योजना की तर्ज पर 5 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया।इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 8-10 लाख शिक्षक, कर्मचारी और उनके परिजन लाभान्वित होंगे। यह सुविधा कैशलेस होगी, जिससे इलाज के दौरान किसी आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह फैसला 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी द्वारा की गई घोषणा को साकार करने वाला है।बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े हजारों शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे। इस निर्णय से न केवल उनका चिकित्सा खर्च कम होगा, बल्कि वे निश्चिंत होकर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों पर भी चर्चा हुई, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के लिए यह सबसे बड़ा उपहार साबित होगा।
सीमा सिंह ने बच्चों को कंबल वितरित कर बढ़ाई उनके चेहरों की मुस्कान
मुंबई। आज के बच्चे ही कल के जिम्मेदार नागरिक, नेता, और राष्ट्र निर्माता हैं। उनका शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और संस्कारित होना ही भारत के "विकसित और आत्मनिर्भर" बनने की मजबूत नींव है। यही कारण है कि प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था मेघाश्रेय  की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सिंह हमेशा बच्चों को प्रोत्साहित करती रहती हैं। बच्चों से उनका गहरा लगाव है, यही कारण है कि बच्चे उन्हें मां के नाम से बुलाते हैं। बच्चों की पढ़ाई लिखाई से लेकर उनकी हर आवश्यक जरूरत को पूरा करने का प्रयास करती है।

इस समय जबकि मुंबई में ठंड मौसम है। गरीब परिवारों के पास अपने बच्चों को ठंडी से बचाने के लिए गर्म कपड़ों की कमी है। इस बात का एहसास करते हुए सीमा सिंह ने आज बांद्रा पश्चिम के अलमेडा पार्क में संस्था से जुड़े सैकड़ो बच्चों को कंबल वितरित किया। एक एक बच्चे को उन्होंने अपने पास बुलाया और प्यार से उसके सिर पर हाथ रखकर मातृत्व का बोध कराते हुए कंबल वितरित किया। ठंड मौसम में कंबल प्रकार बच्चों के चेहरे खिल उठे। बच्चों को कंबल वितरित करते समय सीमा सिंह भी भावुक नजर आ रही थी।

सीमा सिंह का मानना है कि अगर बच्चे स्वस्थ और शिक्षित है तो देश का भविष्य सुंदर है। पूरे देश में बच्चों के प्रति उनकी संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की जाती रही है। सीमा सिंह के प्रयासों से हजारों बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। आज उनकी संस्था के सहयोग से अनेक बच्चे विभिन्न क्षेत्रों में नाम रोशन कर रहे हैं।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा गणतंत्र दिवस एवं बसंतोत्सव संपन्न

मुंबई। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट 'पालघर इकाई',दिल्ली इकाई, म.प्र.इकाई सहित राष्ट्रीय कमेटी ने गणतंत्र दिवस एवं बसंतोत्सव पर कविगोष्ठी का आयोजन किया।म.प्र.इकाई के मुख्य अतिथि शशि भार्गव,विशिष्ट अतिथि ए पी द्विवेदी एवं अध्यक्षता सत्यभामा सिंह ने किया। डॉ निशि मंजवानी के संयोजन एवं संचालन में नंदिनी तोमर,गणेश प्रसाद गौतम,डॉ शरद नारायण खरे,कविता पारस झा,अंकिता यादव,भारती खरे ने काव्य पाठ किया।दिल्ली इकाई की अध्यक्षता सत्यभामा सिंह जिया एवं संचालन आशा दिनकर आश ने किया।डॉ गीता विश्वकर्मा के सरस्वती वंदना से शुभारंभ तत्पश्चात अवधेश श्रीवास्तव,रेखा जी,मनोज मंजुल कासगंज,रामदेव राही मथुरा, प्रमोद राणा हापुड़,दीपा शर्मा फरीदाबाद,शोएब सादिक गाजियाबाद,सुरेश कुमार बंछोर, प्रमिला कौशिक, प्रेम टंडन,डॉ सुशीला शर्मा,जागृति सिंह अजय ने दिल्ली इकाई अध्यक्ष डॉ मधु स्वामी के आयोजन में काव्य पाठ किया।पालघर इकाई की गोष्ठी में इकाई अध्यक्ष किरण तिवारी की पुस्तक अंतर्द्वंद पर परिचर्चा एवं मासिक काव्यगोष्ठी उनके निवास स्थान पर रखी गई।

अध्यक्षता डॉ कृपा शंकर मिश्रा एवं मुख्य अतिथि के रूप में शिवकुमार सिंह,विशिष्ट अतिथि निडर जौनपुरी, रासबिहारी पांडे एवं अमरनाथ दुबे उपस्थित थे।सरस्वती वंदना पश्चात किरण तिवारी की पुस्तक 'अंतर्द्वंद' पर परिचर्चा कृपा शंकर मिश्र, सत्यभामा सिंह एवं शिवकुमार सिंह द्वारा किया गया।राजेश दुबे अल्हड़ असरदार के संचालन में काव्य गोष्ठी का आरंभ हुआ सभी कवि -कवित्रियों ने अपनी अपनी रचना गीत,गजल,छंद,दोहे, कविता सुनी और सुनाई। उक्त कार्यक्रम का आयोजन रमेश तिवारी ने किया तथा किरण तिवारी ने आभार व्यक्त किया।
बाबा हरिहरनाथ मंदिर में 11 किलो का धर्म ध्वज स्थापित: आरएस प्राॅपर्टी के प्रवेश तिवारी और रंजीत मिश्रा ने किया समर्पित; प्रधान पुजारी आशीष मिश्र

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर स्थित प्राचीन बाबा हरिहरनाथ मंदिर में गुरुवार को एक धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर आरएस प्रॉपर्टी के प्रवेश तिवारी और रंजीत मिश्रा ने लगभग 11 किलोग्राम वजनी पीतल धातु से निर्मित एक धर्म ध्वज बाबा हरिहरनाथ को समर्पित किया। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित आशीष मिश्रा इस कार्य के मुख्य प्रेरणास्रोत रहे।
विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इस धर्म ध्वज को मंदिर के शिखर पर स्थापित किया गया। धर्म ध्वज की स्थापना के दौरान मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ध्वज स्थापना के बाद विशेष पूजा-अर्चना भी की गई।
टीम के संस्थापक ने बताया कि बाबा हरिहरनाथ की कृपा से मनोकामना पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह धार्मिक कार्य श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न कराया गया है। उन्होंने कहा कि धर्म ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे कार्य समाज में धार्मिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
इस कार्यक्रम में कृष्णकांत, शुभम तिवारी, चतुर्वेदी, रंजीत मिश्रा, प्रवेश तिवारी, नीरज पांडे, मुन्ना सिंह, दीनानाथ पांडे, कृष्ण तिवारी, शिवा प्रकाश दुबे, प्रदीप सिंह, श्रीनिवास चतुर्वेदी और अखिलेश्वर प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
ध्वज स्थापना के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने बाबा हरिहरनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस आयोजन से मंदिर परिसर में देर तक भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।
सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 60 किलो गांजा और दो लग्जरी स्कॉर्पियो के साथ 5 अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
विकास कुमार सोनभद्र। उत्तर प्रदेश की सोनभद्र पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में थाना रॉबर्ट्सगंज और एसओजी की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर 60 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त दो लग्जरी स्कॉर्पियो वाहनों के साथ 5 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 5 लाख रुपये से अधिक की नगदी भी बरामद हुई है।

गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी
अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में 27 जनवरी 2026 की रात करीब 10:35 बजे रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस लाइन मोड़ स्थित 'मम्मी के ढाबा' के पास दो काली स्कॉर्पियो गाड़ियां संदिग्ध अवस्था में खड़ी मिलीं। तलाशी लेने पर एक वाहन (स्कॉर्पियो क्लासिक S-11) से 40 किलो और दूसरे वाहन (स्कॉर्पियो N) से 20 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से भास्कर दूबे, शुभम तिवारी, लकी यादव, सुनील कुमार यादव और सूरज कुमार सोनी को धरदबोचा।

ओडिशा से यूपी तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मुख्य अभियुक्तों ने बताया कि वे स्कॉर्पियो क्लासिक से ओडिशा के सप्लायर 'अर्जुन' से संपर्क कर छत्तीसगढ़ के रास्ते गांजा लेकर आ रहे थे। वे रॉबर्ट्सगंज में स्कॉर्पियो-एन सवार अन्य साथियों को गांजे की खेप ट्रांसफर करने वाले थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। बरामद ₹5,20,000 की नगदी गांजे की खरीद-बिक्री के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। पकड़े गए आरोपियों में से एक वाहन पर कूटरचित (फर्जी) नंबर प्लेट लगाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश की जा रही थी।

अपराधियों का लंबा काला इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी पेशेवर अपराधी हैं। सूरज कुमार सोनी पर हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट सहित 21 मुकदमे दर्ज हैं, वहीं लकी यादव और शुभम तिवारी पर हत्या, लूट और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। सुनील कुमार यादव और भास्कर दूबे भी पूर्व में एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल जा चुके हैं।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है। 60 किलोग्राम अवैध गांजा,₹5,25,000 नकद (गांजा बिक्री एवं जामा तलाशी)। 02 लग्जरी वाहन: स्कॉर्पियो क्लासिक (OD-15-Z-4146) एवं स्कॉर्पियो N (UP-32-NP-3600)। 07 मोबाइल फोन।
थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ NDPS Act की धाराओं और फर्जी नंबर प्लेट के मामले में BNS की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें जेल भेज दिया है। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राम स्वरूप वर्मा और एसओजी प्रभारी राजेश जी चौबे सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
ओबरा को मिली विकास की बड़ी सौगात: मंत्री संजीव गौड़ ने किया अत्याधुनिक तहसील भवन का लोकार्पण
विकास कुमार सोनभद्र | 28 जनवरी, 2026ओबरा क्षेत्र के विकास इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा को समाप्त करते हुए प्रदेश के माननीय मंत्री श्री संजीव गौड़ ने ओबरा में नवनिर्मित अत्याधुनिक तहसील भवन का भव्य लोकार्पण किया। समारोह का शुभारंभ पूरे विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद मंत्री जी ने फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर भवन को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा वातावरण विकास के उत्साह व उल्लास से सराबोर दिखा।

जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री संजीव गौड़ ने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि ओबरा की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन की सराहना करते हुए बताया कि 4 सितंबर 2020 को घोषित यह तहसील अब तक अन्यत्र संचालित हो रही थी। ₹965.34 लाख की लागत से रिकॉर्ड समय (2 जून 2025 से अब तक) में तैयार हुआ यह परिसर अब सभी राजस्व, प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों का केंद्र बनेगा। मंत्री जी ने निर्माण में जुटे अभियंताओं और श्रमिकों की सराहना करते हुए तहसील के आवासीय भवन का भी शिलान्यास किया, जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास की सुविधा मिल सकेगी।

जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इस परिसर में बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीणों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र और जमीन संबंधी समस्याओं का निस्तारण एक ही छत के नीचे होगा। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नंदलाल गुप्ता, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, सी.जे.एम. श्री आर.के. अग्रवाल और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कामचोरी करने वाले फौज की जरूरत नहीं, सरकार दे रही लाखों का बजट , आखिर कहां गए उपकरण,अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर की जाए निलंबन की कार्रवाई
फर्रुखाबाद l शासन स्वास्थ्य महकमा में चाक चौबंद व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाखों रुपए का बजट दे रहा है लेकिन इसके बावजूद भी उपकरणों की चोरी फर्जी वाउचर और नियमित अस्पताल न जाने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 72 घंटे में ऐसे कर्मचारियों और स्वास्थ्य महिमा की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए हैं l उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि कामचोरी करने वाले कर्मचारियों को चिन्हित करके उनके खिलाफ अपने एवं शासन स्तर पर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक के दौरान चिकित्सालयों में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की, जिलाधिकारी ने सातो विकास खंडो की रिपोर्ट 72 घंटे के अंदर प्रस्तुत करने को कहा है ,जिलाधिकारी ने कहा कि कहां पर कौन से उपकरण उपलब्ध नहीं है और कोल्ड चैन कहां पर  है और काम नहीं कर रही, जिलाधिकारी ने कहा कि शमशाबाद क्षेत्र के जर्जर चिकित्सालय  के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं l उन्होंने कहा कि तीन लोगों की समिति बनाकर निष्क्रिय कर्मचारियों को चिन्हित करने व सेवा मुक्त करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करे, ऐसा न करने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही की जाए l इस दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रतिदिन निगरानी करने और अधीनस्थों से आवश्यक डाटा प्रतिदिन प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं l उन्होंने कहा कि निकम्मों की फौज की कोई जरूरत नहीं है ,प्रति माह एक लाख आयुष्मान कार्ड बनाएं सक्षम प्राधिकारी  इस पर ध्यान दें, अधीनस्थ अपना 100 प्रतिशत तक कार्य संपन्न नहीं हुआ प्रतिरक्षण अधिकारी व  अधीनस्थ  का कार्य भी संतोषजनक नहीं है । जिलाधिकारी ने तत्काल सुधार करने को कहा,कायमगंज में कार्य का प्रतिशत 41 प्रतिशत है उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए निष्क्रिय कार्य के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों को आरोप पत्र देकर निलंबित करें तभी सुधार होगा, जिलाधिकारी ने एजेंडा रूपांतरित करने के निर्देश दिए टीकाकरण में विभाग की प्रगति अच्छी है l जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग को बेसिक शिक्षा विभाग व पंचायती राज विभाग से समन्वय स्थापित करके कार्य करने के निर्देश दिए ताकि एक कार्य के त्रिआयामी बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके बीएसए से कुल स्कूल व उसके बच्चे एवं उनके क्षेत्र का विवरण प्राप्त कर ले यदि कोई स्कूल मना करे तो बताएं आयुष्मान कार्ड बनने की प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन 9:00 बजे होगी बैठक में संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे l
रसड़ा के सेंट मेरीज़ विद्यालय में धूमधाम से चला सड़क सुरक्षा अभियान, नुक्कड़ नाटक ने बांध ली सभी की नजरें
संजीव सिंह बलिया!मरियमपुर, 29 जनवरी 2026: सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रसड़ा के मरियमपुर राघोपूर स्थित सेंट मेरीज़ विद्यालय में आज एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कक्षा नौवीं के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, भावपूर्ण भाषण और कविता पाठ के माध्यम से सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण संदेश घर-घर पहुंचाए।विद्यार्थियों के जीवंत अभिनय और प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने तेज गति से वाहन चलाने, बिना हेलमेट के दोपहिया चलाने तथा पैदल चलते समय लापरवाही बरतने जैसे घातक खतरों की गंभीरता पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर मरसी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा, "ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव प्रदान करेंगे।" इस अवसर पर नोडल अधिकारी पीयूष त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित रहे और कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।संचालन वेदिका सिंह और प्रिंसी यादव ने बखूबी निभाया, जबकि नुक्कड़ नाटक का नेतृत्व दिव्यांसी सिंह ने किया। कार्यक्रम को यादगार बनाने में सिस्टर विनीडिट,  कृपा शंकर सिंह,शशिकला, शशि सिंह, संजय सिंह, सर्वेश्वर पांडे और लखन सिंह का विशेष योगदान रहा।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यह अभियान जिले भर में चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जो बेसिक शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों पर आधारित है।
सेवलाइफ फाउंडेशन और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कार्य क्षेत्र की सुरक्षा में सुधार के लिए इंजीनियर्स का प्रशिक्षण आयोजित क

पुणे, जनवरी, 2026: अपनी चल रही जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत, सेवलाइफ फाउंडेशन ने 20 जनवरी, 2026 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इंजीनियर्स के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले सड़क गलियारों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करके रोकी जा सकने वाली सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को समाप्त करना है।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत समर्थित इस प्रशिक्षण में सुरक्षित सड़क कार्यस्थल प्रबंधन के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया गया था, जिसका उद्देश्य सक्रिय निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों में सुधार करना और दुर्घटना के जोखिम को कम करना था।
इस कार्यक्रम में एमएसआरडीसी की कार्यकारी अभियंता श्रीमती शैलजा पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, “सड़क सुरक्षा प्रबंधन में जमीनी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेसवे पर स्थापित एसओएस सिस्टम के अलावा, मैं पीड़ितों को बुनियादी चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं, जिससे दुर्घटनाओं का प्रभाव कम हो सके।”
94.5 किलोमीटर की दूरी में फैला मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला 6-लेन वाला राजमार्ग है, जो पूरे राज्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में सुधार ला रहा है। वर्ष 2016 में जब सेवलाइफ फाउंडेशन ने अपनी जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत इस कॉरिडोर पर काम शुरू किया, तब से लेकर 31 दिसंबर, 2023 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 58% की कमी आई। हाल ही में, महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर 2025 के बीच एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में 26% की और कमी दर्ज की गई है: 2024 में इसी अवधि के दौरान 82 मौतों से घटकर इस वर्ष 61 रह गईं।
प्रशिक्षण के प्रमुख फोकस क्षेत्र निम्नलिखित थे:
दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए कार्य क्षेत्रों की योजना और प्रबंधन
यातायात प्रबंधन योजनाओं, अवरोधों और साइनेज का प्रभावी उपयोग
केस स्टडीज़: सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग पद्धतियाँ और दुर्घटना निवारण
सुरक्षित जमीनी प्रथाओं पर संवादात्मक सत्र
कार्य क्षेत्र प्रबंधन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा
इसके अतिरिक्त, रखरखाव और निर्माण गतिविधियों के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षित कार्य क्षेत्र स्थापित करने से संबंधित मॉड्यूल भी सत्र का हिस्सा थे।
इंजीनियर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की मार्केटिंग, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और सीएसआर प्रमुख शीना कपूर ने कहा, “आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में, न केवल जीआई श्रेणी में बल्कि मोटर बीमा में भी अग्रणी होने के नाते, हम सड़क सुरक्षा और निवारक उपायों के प्रति अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेवलाइफ फाउंडेशन के साथ हमारा सहयोग सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और/या कम करने तथा शून्य मृत्यु दर वाले कॉरिडोर बनाने पर हमारे उद्देश्य को और मजबूत करता है। आज आयोजित प्रशिक्षण, हमारी सड़कों को सुरक्षित बनाने और बहुमूल्य जीवन बचाने में लगे सड़क इंजीनियरिंग पेशेवरों के कौशल को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।”
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले इंजीनियर्स को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ श्री पीयूष तिवारी ने कहा, “अच्छी तरह से प्रबंधित कार्य क्षेत्र एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह प्रशिक्षण इंजीनियर्स को सुरक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक उपकरण और सर्वोत्तम पद्धतियाँ प्रदान करता है। यह गतिविधि भारतीय सड़कों पर जीवन बचाने की हमारी व्यापक प्रतिबद्धता की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे सेवलाइफ फाउंडेशन के लिए एक प्रमुख फोकस क्षेत्र रहा है। इंजीनियरिंग सुधार, प्रवर्तन प्रशिक्षण और आघात देखभाल को मजबूत करने जैसी पहलों के माध्यम से, एसएलएफ एक्सप्रेसवे पर शून्य दुर्घटनाओं का लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
अजित पवार पंचतत्‍व में विलीन, बेटों ने दी मुखाग्नि*

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख अजित पवार का बुधवार सुबह विमान हादसे में निधन हो गया। अजित का अंतिम संस्कार आज बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में किया गया।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार बारामती में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। बेटे पार्थ और जय पवार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। अपने नेता के आखिरी दर्शन करने के लिए समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग नम आंखों से अजित पवार को अंतिम विदाई दी।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री मोदी ने एनसीपी (एसपी) प्रमुख और अजित पवार के चाचा शरद पवार से फोन पर बात कर संवेदना प्रकट की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘बारामती में हुए दुखद विमान हादसे से बेहद आहत हूं। इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वालों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि इस कठिन समय में उन्हें शक्ति और साहस मिले।

विमान हादसे में निधन

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार को एक विमान हादसे में निधन हो गया। वह बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था। हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो पायलट शामिल हैं।

मुख्यमंत्री कैबिनेट से बेसिक शिक्षा शिक्षकों को बड़ा तोहफा: 5 लाख तक कैशलेस इलाज की सौगात
संजीव सिंह बलिया! लखनऊ, 29 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज हुई कैबिनेट बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को बड़ी राहत प्रदान करने वाला ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और उनके परिवारों को आयुष्मान योजना की तर्ज पर 5 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का प्रस्ताव स्वीकृत कर दिया।इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 8-10 लाख शिक्षक, कर्मचारी और उनके परिजन लाभान्वित होंगे। यह सुविधा कैशलेस होगी, जिससे इलाज के दौरान किसी आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह फैसला 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी द्वारा की गई घोषणा को साकार करने वाला है।बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े हजारों शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे। इस निर्णय से न केवल उनका चिकित्सा खर्च कम होगा, बल्कि वे निश्चिंत होकर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों पर भी चर्चा हुई, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग के लिए यह सबसे बड़ा उपहार साबित होगा।
सीमा सिंह ने बच्चों को कंबल वितरित कर बढ़ाई उनके चेहरों की मुस्कान
मुंबई। आज के बच्चे ही कल के जिम्मेदार नागरिक, नेता, और राष्ट्र निर्माता हैं। उनका शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और संस्कारित होना ही भारत के "विकसित और आत्मनिर्भर" बनने की मजबूत नींव है। यही कारण है कि प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था मेघाश्रेय  की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सिंह हमेशा बच्चों को प्रोत्साहित करती रहती हैं। बच्चों से उनका गहरा लगाव है, यही कारण है कि बच्चे उन्हें मां के नाम से बुलाते हैं। बच्चों की पढ़ाई लिखाई से लेकर उनकी हर आवश्यक जरूरत को पूरा करने का प्रयास करती है।

इस समय जबकि मुंबई में ठंड मौसम है। गरीब परिवारों के पास अपने बच्चों को ठंडी से बचाने के लिए गर्म कपड़ों की कमी है। इस बात का एहसास करते हुए सीमा सिंह ने आज बांद्रा पश्चिम के अलमेडा पार्क में संस्था से जुड़े सैकड़ो बच्चों को कंबल वितरित किया। एक एक बच्चे को उन्होंने अपने पास बुलाया और प्यार से उसके सिर पर हाथ रखकर मातृत्व का बोध कराते हुए कंबल वितरित किया। ठंड मौसम में कंबल प्रकार बच्चों के चेहरे खिल उठे। बच्चों को कंबल वितरित करते समय सीमा सिंह भी भावुक नजर आ रही थी।

सीमा सिंह का मानना है कि अगर बच्चे स्वस्थ और शिक्षित है तो देश का भविष्य सुंदर है। पूरे देश में बच्चों के प्रति उनकी संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की जाती रही है। सीमा सिंह के प्रयासों से हजारों बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। आज उनकी संस्था के सहयोग से अनेक बच्चे विभिन्न क्षेत्रों में नाम रोशन कर रहे हैं।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा गणतंत्र दिवस एवं बसंतोत्सव संपन्न

मुंबई। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट 'पालघर इकाई',दिल्ली इकाई, म.प्र.इकाई सहित राष्ट्रीय कमेटी ने गणतंत्र दिवस एवं बसंतोत्सव पर कविगोष्ठी का आयोजन किया।म.प्र.इकाई के मुख्य अतिथि शशि भार्गव,विशिष्ट अतिथि ए पी द्विवेदी एवं अध्यक्षता सत्यभामा सिंह ने किया। डॉ निशि मंजवानी के संयोजन एवं संचालन में नंदिनी तोमर,गणेश प्रसाद गौतम,डॉ शरद नारायण खरे,कविता पारस झा,अंकिता यादव,भारती खरे ने काव्य पाठ किया।दिल्ली इकाई की अध्यक्षता सत्यभामा सिंह जिया एवं संचालन आशा दिनकर आश ने किया।डॉ गीता विश्वकर्मा के सरस्वती वंदना से शुभारंभ तत्पश्चात अवधेश श्रीवास्तव,रेखा जी,मनोज मंजुल कासगंज,रामदेव राही मथुरा, प्रमोद राणा हापुड़,दीपा शर्मा फरीदाबाद,शोएब सादिक गाजियाबाद,सुरेश कुमार बंछोर, प्रमिला कौशिक, प्रेम टंडन,डॉ सुशीला शर्मा,जागृति सिंह अजय ने दिल्ली इकाई अध्यक्ष डॉ मधु स्वामी के आयोजन में काव्य पाठ किया।पालघर इकाई की गोष्ठी में इकाई अध्यक्ष किरण तिवारी की पुस्तक अंतर्द्वंद पर परिचर्चा एवं मासिक काव्यगोष्ठी उनके निवास स्थान पर रखी गई।

अध्यक्षता डॉ कृपा शंकर मिश्रा एवं मुख्य अतिथि के रूप में शिवकुमार सिंह,विशिष्ट अतिथि निडर जौनपुरी, रासबिहारी पांडे एवं अमरनाथ दुबे उपस्थित थे।सरस्वती वंदना पश्चात किरण तिवारी की पुस्तक 'अंतर्द्वंद' पर परिचर्चा कृपा शंकर मिश्र, सत्यभामा सिंह एवं शिवकुमार सिंह द्वारा किया गया।राजेश दुबे अल्हड़ असरदार के संचालन में काव्य गोष्ठी का आरंभ हुआ सभी कवि -कवित्रियों ने अपनी अपनी रचना गीत,गजल,छंद,दोहे, कविता सुनी और सुनाई। उक्त कार्यक्रम का आयोजन रमेश तिवारी ने किया तथा किरण तिवारी ने आभार व्यक्त किया।
बाबा हरिहरनाथ मंदिर में 11 किलो का धर्म ध्वज स्थापित: आरएस प्राॅपर्टी के प्रवेश तिवारी और रंजीत मिश्रा ने किया समर्पित; प्रधान पुजारी आशीष मिश्र

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर स्थित प्राचीन बाबा हरिहरनाथ मंदिर में गुरुवार को एक धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर आरएस प्रॉपर्टी के प्रवेश तिवारी और रंजीत मिश्रा ने लगभग 11 किलोग्राम वजनी पीतल धातु से निर्मित एक धर्म ध्वज बाबा हरिहरनाथ को समर्पित किया। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित आशीष मिश्रा इस कार्य के मुख्य प्रेरणास्रोत रहे।
विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इस धर्म ध्वज को मंदिर के शिखर पर स्थापित किया गया। धर्म ध्वज की स्थापना के दौरान मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ध्वज स्थापना के बाद विशेष पूजा-अर्चना भी की गई।
टीम के संस्थापक ने बताया कि बाबा हरिहरनाथ की कृपा से मनोकामना पूर्ण होने के उपलक्ष्य में यह धार्मिक कार्य श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न कराया गया है। उन्होंने कहा कि धर्म ध्वज केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे कार्य समाज में धार्मिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
इस कार्यक्रम में कृष्णकांत, शुभम तिवारी, चतुर्वेदी, रंजीत मिश्रा, प्रवेश तिवारी, नीरज पांडे, मुन्ना सिंह, दीनानाथ पांडे, कृष्ण तिवारी, शिवा प्रकाश दुबे, प्रदीप सिंह, श्रीनिवास चतुर्वेदी और अखिलेश्वर प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
ध्वज स्थापना के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने बाबा हरिहरनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस आयोजन से मंदिर परिसर में देर तक भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।
सोनभद्र पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 60 किलो गांजा और दो लग्जरी स्कॉर्पियो के साथ 5 अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार
विकास कुमार सोनभद्र। उत्तर प्रदेश की सोनभद्र पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन में थाना रॉबर्ट्सगंज और एसओजी की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर 60 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इस दौरान पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त दो लग्जरी स्कॉर्पियो वाहनों के साथ 5 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 5 लाख रुपये से अधिक की नगदी भी बरामद हुई है।

गुप्त सूचना पर पुलिस की छापेमारी
अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी नगर श्री रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण में 27 जनवरी 2026 की रात करीब 10:35 बजे रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस लाइन मोड़ स्थित 'मम्मी के ढाबा' के पास दो काली स्कॉर्पियो गाड़ियां संदिग्ध अवस्था में खड़ी मिलीं। तलाशी लेने पर एक वाहन (स्कॉर्पियो क्लासिक S-11) से 40 किलो और दूसरे वाहन (स्कॉर्पियो N) से 20 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से भास्कर दूबे, शुभम तिवारी, लकी यादव, सुनील कुमार यादव और सूरज कुमार सोनी को धरदबोचा।

ओडिशा से यूपी तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मुख्य अभियुक्तों ने बताया कि वे स्कॉर्पियो क्लासिक से ओडिशा के सप्लायर 'अर्जुन' से संपर्क कर छत्तीसगढ़ के रास्ते गांजा लेकर आ रहे थे। वे रॉबर्ट्सगंज में स्कॉर्पियो-एन सवार अन्य साथियों को गांजे की खेप ट्रांसफर करने वाले थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। बरामद ₹5,20,000 की नगदी गांजे की खरीद-बिक्री के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। पकड़े गए आरोपियों में से एक वाहन पर कूटरचित (फर्जी) नंबर प्लेट लगाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश की जा रही थी।

अपराधियों का लंबा काला इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी पेशेवर अपराधी हैं। सूरज कुमार सोनी पर हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट सहित 21 मुकदमे दर्ज हैं, वहीं लकी यादव और शुभम तिवारी पर हत्या, लूट और शस्त्र अधिनियम जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। सुनील कुमार यादव और भास्कर दूबे भी पूर्व में एनडीपीएस और गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल जा चुके हैं।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है। 60 किलोग्राम अवैध गांजा,₹5,25,000 नकद (गांजा बिक्री एवं जामा तलाशी)। 02 लग्जरी वाहन: स्कॉर्पियो क्लासिक (OD-15-Z-4146) एवं स्कॉर्पियो N (UP-32-NP-3600)। 07 मोबाइल फोन।
थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ NDPS Act की धाराओं और फर्जी नंबर प्लेट के मामले में BNS की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें जेल भेज दिया है। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राम स्वरूप वर्मा और एसओजी प्रभारी राजेश जी चौबे सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
ओबरा को मिली विकास की बड़ी सौगात: मंत्री संजीव गौड़ ने किया अत्याधुनिक तहसील भवन का लोकार्पण
विकास कुमार सोनभद्र | 28 जनवरी, 2026ओबरा क्षेत्र के विकास इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा को समाप्त करते हुए प्रदेश के माननीय मंत्री श्री संजीव गौड़ ने ओबरा में नवनिर्मित अत्याधुनिक तहसील भवन का भव्य लोकार्पण किया। समारोह का शुभारंभ पूरे विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद मंत्री जी ने फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर भवन को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा वातावरण विकास के उत्साह व उल्लास से सराबोर दिखा।

जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री संजीव गौड़ ने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि ओबरा की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन की सराहना करते हुए बताया कि 4 सितंबर 2020 को घोषित यह तहसील अब तक अन्यत्र संचालित हो रही थी। ₹965.34 लाख की लागत से रिकॉर्ड समय (2 जून 2025 से अब तक) में तैयार हुआ यह परिसर अब सभी राजस्व, प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों का केंद्र बनेगा। मंत्री जी ने निर्माण में जुटे अभियंताओं और श्रमिकों की सराहना करते हुए तहसील के आवासीय भवन का भी शिलान्यास किया, जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास की सुविधा मिल सकेगी।

जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इस परिसर में बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीणों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र और जमीन संबंधी समस्याओं का निस्तारण एक ही छत के नीचे होगा। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नंदलाल गुप्ता, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, सी.जे.एम. श्री आर.के. अग्रवाल और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कामचोरी करने वाले फौज की जरूरत नहीं, सरकार दे रही लाखों का बजट , आखिर कहां गए उपकरण,अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर की जाए निलंबन की कार्रवाई
फर्रुखाबाद l शासन स्वास्थ्य महकमा में चाक चौबंद व्यवस्था बनाए रखने के लिए लाखों रुपए का बजट दे रहा है लेकिन इसके बावजूद भी उपकरणों की चोरी फर्जी वाउचर और नियमित अस्पताल न जाने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को 72 घंटे में ऐसे कर्मचारियों और स्वास्थ्य महिमा की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए हैं l उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि कामचोरी करने वाले कर्मचारियों को चिन्हित करके उनके खिलाफ अपने एवं शासन स्तर पर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक बैठक के दौरान चिकित्सालयों में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति पर नाराजगी व्यक्त की, जिलाधिकारी ने सातो विकास खंडो की रिपोर्ट 72 घंटे के अंदर प्रस्तुत करने को कहा है ,जिलाधिकारी ने कहा कि कहां पर कौन से उपकरण उपलब्ध नहीं है और कोल्ड चैन कहां पर  है और काम नहीं कर रही, जिलाधिकारी ने कहा कि शमशाबाद क्षेत्र के जर्जर चिकित्सालय  के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं l उन्होंने कहा कि तीन लोगों की समिति बनाकर निष्क्रिय कर्मचारियों को चिन्हित करने व सेवा मुक्त करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करे, ऐसा न करने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही की जाए l इस दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रतिदिन निगरानी करने और अधीनस्थों से आवश्यक डाटा प्रतिदिन प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं l उन्होंने कहा कि निकम्मों की फौज की कोई जरूरत नहीं है ,प्रति माह एक लाख आयुष्मान कार्ड बनाएं सक्षम प्राधिकारी  इस पर ध्यान दें, अधीनस्थ अपना 100 प्रतिशत तक कार्य संपन्न नहीं हुआ प्रतिरक्षण अधिकारी व  अधीनस्थ  का कार्य भी संतोषजनक नहीं है । जिलाधिकारी ने तत्काल सुधार करने को कहा,कायमगंज में कार्य का प्रतिशत 41 प्रतिशत है उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए निष्क्रिय कार्य के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों को आरोप पत्र देकर निलंबित करें तभी सुधार होगा, जिलाधिकारी ने एजेंडा रूपांतरित करने के निर्देश दिए टीकाकरण में विभाग की प्रगति अच्छी है l जिलाधिकारी ने चिकित्सा विभाग को बेसिक शिक्षा विभाग व पंचायती राज विभाग से समन्वय स्थापित करके कार्य करने के निर्देश दिए ताकि एक कार्य के त्रिआयामी बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके बीएसए से कुल स्कूल व उसके बच्चे एवं उनके क्षेत्र का विवरण प्राप्त कर ले यदि कोई स्कूल मना करे तो बताएं आयुष्मान कार्ड बनने की प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन 9:00 बजे होगी बैठक में संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे l
रसड़ा के सेंट मेरीज़ विद्यालय में धूमधाम से चला सड़क सुरक्षा अभियान, नुक्कड़ नाटक ने बांध ली सभी की नजरें
संजीव सिंह बलिया!मरियमपुर, 29 जनवरी 2026: सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रसड़ा के मरियमपुर राघोपूर स्थित सेंट मेरीज़ विद्यालय में आज एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कक्षा नौवीं के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, भावपूर्ण भाषण और कविता पाठ के माध्यम से सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण संदेश घर-घर पहुंचाए।विद्यार्थियों के जीवंत अभिनय और प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को पूरी तरह मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने तेज गति से वाहन चलाने, बिना हेलमेट के दोपहिया चलाने तथा पैदल चलते समय लापरवाही बरतने जैसे घातक खतरों की गंभीरता पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर मरसी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा, "ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव प्रदान करेंगे।" इस अवसर पर नोडल अधिकारी पीयूष त्रिपाठी विशेष रूप से उपस्थित रहे और कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।संचालन वेदिका सिंह और प्रिंसी यादव ने बखूबी निभाया, जबकि नुक्कड़ नाटक का नेतृत्व दिव्यांसी सिंह ने किया। कार्यक्रम को यादगार बनाने में सिस्टर विनीडिट,  कृपा शंकर सिंह,शशिकला, शशि सिंह, संजय सिंह, सर्वेश्वर पांडे और लखन सिंह का विशेष योगदान रहा।विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि यह अभियान जिले भर में चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का हिस्सा है, जो बेसिक शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों पर आधारित है।
सेवलाइफ फाउंडेशन और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कार्य क्षेत्र की सुरक्षा में सुधार के लिए इंजीनियर्स का प्रशिक्षण आयोजित क

पुणे, जनवरी, 2026: अपनी चल रही जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत, सेवलाइफ फाउंडेशन ने 20 जनवरी, 2026 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इंजीनियर्स के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले सड़क गलियारों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करके रोकी जा सकने वाली सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को समाप्त करना है।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत समर्थित इस प्रशिक्षण में सुरक्षित सड़क कार्यस्थल प्रबंधन के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया गया था, जिसका उद्देश्य सक्रिय निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों में सुधार करना और दुर्घटना के जोखिम को कम करना था।
इस कार्यक्रम में एमएसआरडीसी की कार्यकारी अभियंता श्रीमती शैलजा पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, “सड़क सुरक्षा प्रबंधन में जमीनी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेसवे पर स्थापित एसओएस सिस्टम के अलावा, मैं पीड़ितों को बुनियादी चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं, जिससे दुर्घटनाओं का प्रभाव कम हो सके।”
94.5 किलोमीटर की दूरी में फैला मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला 6-लेन वाला राजमार्ग है, जो पूरे राज्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में सुधार ला रहा है। वर्ष 2016 में जब सेवलाइफ फाउंडेशन ने अपनी जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत इस कॉरिडोर पर काम शुरू किया, तब से लेकर 31 दिसंबर, 2023 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 58% की कमी आई। हाल ही में, महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर 2025 के बीच एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में 26% की और कमी दर्ज की गई है: 2024 में इसी अवधि के दौरान 82 मौतों से घटकर इस वर्ष 61 रह गईं।
प्रशिक्षण के प्रमुख फोकस क्षेत्र निम्नलिखित थे:
दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए कार्य क्षेत्रों की योजना और प्रबंधन
यातायात प्रबंधन योजनाओं, अवरोधों और साइनेज का प्रभावी उपयोग
केस स्टडीज़: सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग पद्धतियाँ और दुर्घटना निवारण
सुरक्षित जमीनी प्रथाओं पर संवादात्मक सत्र
कार्य क्षेत्र प्रबंधन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा
इसके अतिरिक्त, रखरखाव और निर्माण गतिविधियों के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षित कार्य क्षेत्र स्थापित करने से संबंधित मॉड्यूल भी सत्र का हिस्सा थे।
इंजीनियर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की मार्केटिंग, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और सीएसआर प्रमुख शीना कपूर ने कहा, “आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में, न केवल जीआई श्रेणी में बल्कि मोटर बीमा में भी अग्रणी होने के नाते, हम सड़क सुरक्षा और निवारक उपायों के प्रति अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेवलाइफ फाउंडेशन के साथ हमारा सहयोग सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और/या कम करने तथा शून्य मृत्यु दर वाले कॉरिडोर बनाने पर हमारे उद्देश्य को और मजबूत करता है। आज आयोजित प्रशिक्षण, हमारी सड़कों को सुरक्षित बनाने और बहुमूल्य जीवन बचाने में लगे सड़क इंजीनियरिंग पेशेवरों के कौशल को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।”
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले इंजीनियर्स को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ श्री पीयूष तिवारी ने कहा, “अच्छी तरह से प्रबंधित कार्य क्षेत्र एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह प्रशिक्षण इंजीनियर्स को सुरक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक उपकरण और सर्वोत्तम पद्धतियाँ प्रदान करता है। यह गतिविधि भारतीय सड़कों पर जीवन बचाने की हमारी व्यापक प्रतिबद्धता की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे सेवलाइफ फाउंडेशन के लिए एक प्रमुख फोकस क्षेत्र रहा है। इंजीनियरिंग सुधार, प्रवर्तन प्रशिक्षण और आघात देखभाल को मजबूत करने जैसी पहलों के माध्यम से, एसएलएफ एक्सप्रेसवे पर शून्य दुर्घटनाओं का लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयासरत है।