राँची में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू: 16 मई से घर-घर होगी मकानों की गिनती

राँची जिला अंतर्गत भारत जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारी में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक 27.04.2026 से चार्ज स्तर पर प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है।

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है

यह प्रशिक्षण दिनांक 09.05.2026 तक चलेगा।राँची जिले के कुल 19 चार्जों में आयोजित इस प्रशिक्षण में चार्ज स्तर के फील्ड ट्रेनरों द्वारा सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया, जनगणना 2027 के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा CMMS वेब पोर्टल पर डेटा प्रबंधन के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राँची जिले के सभी प्रखंडों के चार्ज/नोडल पदाधिकारी अपने-अपने चार्ज में उपस्थित रहकर निगरानी कर रहे हैं।

मुख्य तिथियाँ:प्रशिक्षण अवधि: 27 अप्रैल 2026 से 09 मई 2026 तक

स्व-जनगणना (Self Enumeration) विकल्प: 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना: 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनगणना 2027 का यह प्रथम चरण पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक क्षेत्र में जाकर प्रत्येक मकान का सूचीकरण करेंगे तथा आवासीय विवरण एकत्रित करेंगे। उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। राँची जिला इसे पूरी निष्ठा और प्रोफेशनलिज्म के साथ संपन्न करेगा। सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें।

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। जिला जनगणना कार्यालय, राँची द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण की गुणता पर विशेष ध्यान रखी जा रही है। साथ ही इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है।

एलडीएः अनंत नगर योजना के 498 भूखण्डों के लिए 28 अप्रैल से खुलेगा पंजीकरण

  • एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जारी किये आदेश, आवेदन के लिए करना होगा ऑनलाइन पंजीकरण 
  • लॉटरी के माध्यम से होगा भूखण्डों का आवंटन, 162 वर्गमीटर से 288 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं भूखण्ड 

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण एक बार फिर अनंत नगर योजना के 498 भूखण्डों का पंजीकरण खोलने जा रहा है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सोमवार को इस बाबत आदेश जारी कर दिये हैं। जिसके तहत 28 अप्रैल से 27 मई, 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जाएगा। इसमें आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 

  एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि मोहान रोड पर 785 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अनंत नगर योजना में लगभग डेढ़ लाख लोगों के आशियाने का सपना साकार होगा। योजना का विकास अंतरराष्ट्रीय मानकों के अंतर्गत ग्रिड पैटर्न पर किया जा रहा है। जिसमें चौड़ी सड़कों के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए भूमिगत केबल बिछायी जा रही हैं। योजना में बड़े हिस्से में एडुटेक सिटी विकसित की जाएगी। वहीं, लगभग 130 एकड़ भूमि पर पार्कों व ग्रीन स्पेस का विकास किया जाएगा, जोकि योजना को पर्यावरण के अनुकूल एक हरा-भरा क्षेत्र बनाएगा। 

  • आलोक खण्ड में 493 भूखण्ड 

अनंत नगर योजना में पहले 03 चरणों में 1283 भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जा चुका है। जिसमें 29 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण धनराशि जमा कराके प्रतिभाग किया था। इस बार आलोक खण्ड के 493, आदर्श खण्ड के 04 और आकाश खण्ड के 01 भूखण्ड के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। उपाध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार से पोर्टल लाइव हो जाएगा और लोग 27 मई 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। 

  • ऐसे करना होगा पंजीकरण 

आवेदन के लिए लोगों को एलडीए की वेबसाइट registration.ldalucknow.in पर लॉगइन करके पंजीकरण पुस्तिका खरीदनी होगी। जिसके बाद भूखण्ड के अनुमानित मूल्य की 05 प्रतिशत पंजीकरण धनराशि जमा कराके रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सफलतापूर्वक पंजीकरण कराने वाले आवेदकों के मध्य भूखण्डों का आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 

  • 03 श्रेणी के हैं भूखण्ड 

अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि चतुर्थ चरण में कुल 498 भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। इसमें 288 वर्गमीटर के 155, 200 वर्गमीटर के 178 और 162 वर्गमीटर के 165 भूखण्ड शामिल हैं। 

  • अनंत नगर योजना की विशेषताएं 

- उत्कृष्ट सडकों का नेटवर्क 

- 130 एकड़ में ग्रीन स्पेस 

- स्वच्छ जल आपूर्ति 

- भूमिगत लाइनों से निर्बाध विद्युत आपूर्ति

- ईवी चार्जिंग स्टेशन 

- सामुदायिक केन्द्र 

- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट 

- जीरो लिक्विड डिस्चाज

खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से यूपी में निवेश और रोजगार को नई रफ्तार, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में तेजी से उभरता औद्योगिक केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार की उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 निवेश, रोजगार, निर्यात और किसानों की आय वृद्धि को नई दिशा दे रही है।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु सोमवार को कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (SLEC) की बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में 18 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

18 नए निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति

बैठक में जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, उनमें प्रमुख रूप से—

  • स्टार्च निर्माण इकाइयाँ
  • डेयरी उत्पाद निर्माण
  • पास्ता एवं मुरमुरा उत्पादन
  • पोल्ट्री एवं कैटल फीड यूनिट
  • ऑर्गेनिक उत्पाद प्रसंस्करण
  • विभिन्न खाद्य उत्पाद विनिर्माण इकाइयाँ

शामिल हैं।

₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित

अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक स्वीकृत परियोजनाओं को ₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

निवेशकों को सम्मानित किया गया

बैठक में जनपद बागपत स्थित Ambrosia Products India Pvt. Ltd. के निवेशक जयदेव सिंह को समयबद्ध इकाई स्थापना और निवेश के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

वहीं अमेठी की एफिकनो फिनटेक कंसल्टेंट्स प्रा. लि. द्वारा स्टार्च उत्पादन परियोजना को भी मंजूरी दी गई। यह स्टार्च बिस्कुट, टॉफी और अन्य खाद्य उत्पादों में उपयोग होगा।

ऑर्गेनिक उद्योग को भी बढ़ावा

बुलंदशहर की शाकुंभरी ऑर्गेनिक एक्जिम LLP द्वारा तिल, मूंगफली, गेहूं और दालों के प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग परियोजना हेतु सब्सिडी आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसे भी सकारात्मक रूप से लिया गया।

पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 26,000 परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में प्रयागराज जिला प्रथम स्थान पर है।

विभागवार परियोजनाओं का प्रतिशत

खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट में—

  • कृषि विभाग – 22%
  • उद्यान विभाग – 30%
  • मत्स्य विभाग – 20%
  • दुग्ध विकास – 22%
  • गन्ना विभाग – 3%
  • आयुष, आबकारी, पशुपालन – 1-1%

परियोजनाएँ शामिल हैं।

निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों और प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, अन्य विभागों के अधिकारी एवं उद्यमी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत 09 मई को, तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित

लखनऊ। जन सामान्य को त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 09 मई 2026 (शनिवार) को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ मलखान सिंह के निर्देशन में सम्पन्न हुई।

बैठक का आयोजन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-7, लखनऊ एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी के कक्ष में किया गया, जिसमें सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राज बहादुर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.के. श्रीवास्तव तथा बैंक ऑफ इंडिया के लीड बैंक मैनेजर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सायं में पुराने उच्च न्यायालय परिसर स्थित मेडिएशन सेंटर, लखनऊ में समस्त मजिस्ट्रेटों के साथ भी बैठक आयोजित की गई।

बैठक में नोडल अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को चिन्हित कर उनके निस्तारण की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि पक्षकारों को समय पर सूचना (तामिला) सुनिश्चित कराई जाए, ताकि अधिकाधिक मामलों का निपटारा संभव हो सके। इस संबंध में सम्मन सेल प्रभारी को शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान मजिस्ट्रेटों को अधिकाधिक मामलों को चिन्हित करने तथा चिन्हित वादों को एनजीडीजी पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने आमजन से अपील की कि वे अपने न्यायालयों में लंबित मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कर उनका त्वरित निस्तारण कराएं और इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

आजमगढ़ : माहुल के कोटेदार का बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ उजागर, एसडीएम ने निरस्त किया लाइसेंस, जमानत भी किया जप्त

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील अंतर्गत नगर पंचायत माहुल में उचित दर विक्रेता के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कोटेदार मोहम्मद राशिद पुत्र नसीम अहमद की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और इसे प्रशासन की पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मामले की शुरुआत भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा निवासी अतरौलिया और राजेश पाण्डेय ग्राम अतरडीहा, ब्लाक अहरौला की शिकायत से हुई, जिसमें कोटेदार पर नियुक्ति में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर प्रशासन के द्वारा बहुस्तरीय जांच कराई गयी । जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपित विक्रेता ने कूटरचित ढंग से नियुक्ति के समय कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं। न तो सही निवास प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही यह बताया गया कि उनके पिता पहले से ही एक अन्य ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता थे, जबकि नियमों के अनुसार एक ही परिवार को दो दुकानों का आवंटन वर्जित है। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि नियुक्ति के समय विक्रेता राशिद की उम्र निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। प्रस्तुत दस्तावेजों—जैसे परिवार रजिस्टर—में भी गंभीर विसंगतियां पाई गईं, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। खंड विकास अधिकारी अहरौला संजय यादव, अधिशासी अधिकारी माहुल अवधेश मिश्रा और नायब तहसीलदार राजाराम की रिपोर्ट में भी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने सख्त निर्णय लेते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही, विक्रेता की जमा जमानत राशि को भी शासन के पक्ष में जप्त कर लिया गया है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए दुकान से संबंधित सभी उपकरण और ई-पॉस मशीन को माहुल नगर पंचायत के दूसरे उचित दर विक्रेता चंद्रभान को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और अब राशन वितरण का कार्य नए विक्रेता के माध्यम से कराया जाएगा। इस सख्ती से क्षेत्र में साफ संदेश गया है कि नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डी मोनफोर अकादमी में पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन वर्कशॉप आयोजित
मेरठ, बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन’ विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, अंग्रेजी बोलचाल में सुधार करना तथा संवाद शैली को प्रभावशाली बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास निर्माण (Build Confidence), अंग्रेजी बोलचाल (Improve Speaking) और बेहतर संवाद शैली (Enhance Communication) के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास लांबा एवं डॉ. शालिनी लांबा द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और प्रभावशाली प्रशिक्षण शैली से छात्रों को सक्रिय रूप से जोड़े रखा तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें समझाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और मंच पर बोलने का साहस ही छात्र को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि छात्रों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां वे अपनी झिझक छोड़कर एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व निखरता है।

अंत में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने वर्कशॉप के प्रैक्टिकल सेशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनका मनोबल ऊंचा होता है।

वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से महत्वपूर्ण कौशल सीखकर लाभ प्राप्त किया।
मुजफ्फरनगर की राजनीति में बड़ा उलटफेर: गौरव स्वरूप और सुमित खेड़ा के बीच खत्म हुआ मनमुटाव, विकास पर हुई बड़ी
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गौ सम्मान आह्वान अभियान: गुरुकुल वेद वेदांग विद्यापीठ धनपतगंज के ब्रह्मचारियों ने भरी हुंकार, पांचों तहसीलों में सौंपा ज्ञापन
जनपद में गौ संरक्षण एवं सम्मान को लेकर वेद वेदांग विद्यापीठ के ब्रह्मचारियों द्वारा व्यापक अभियान चलाया गया। “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के तहत ब्रह्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और जनपद की पांचों तहसीलों में पहुंचकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम का नेतृत्व आशुतोष जायसवाल ने किया। उन्होंने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसकी रक्षा और संवर्धन करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस अभियान के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ प्रशासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया गया है।
इस मौके पर विनय त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान समय में गौवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि गौशालाओं की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश के लिए स्थायी आश्रय की व्यवस्था हो तथा उनके संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियों को लागू किया जाए।
वहीं डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागिता निभाने का आह्वान किया। ज्ञापन के दौरान अश्रुत पांडेय आचार्य जी विनीत आर्य, सौरभ मिश्र विराट, दिव्या दुबे, बृजेश दूबे, बृजेंद्र मिश्र,शिवम दुबे जाली, अवधेश तिवारी, हृदय नारायण शुक्ला, जय किशन पांडे, ज्ञापन में सैंकड़ों कि संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग पहल को व्यापक स्वीकृति, 554 कारखानों ने पाई रेटिंग

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर के उद्योगों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की अनेक विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।

  • श्रमिक हितों की सुरक्षा का प्रमाण

श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कारखाने इस बात का संकेत हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल उद्योगों में सुरक्षित, जिम्मेदार और श्रमिक हितैषी वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

*श्रम स्टार रेटिंग पाने वाले पहले पाँच कारखाने

श्रम विभाग के अनुसार श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले प्रथम पाँच कारखाने इस प्रकार हैं—

1. UltraTech Cement Limited Unit Birla White, कटनी

2. JK White (Unit of J K Cement Ltd.), कटनी

3. Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd., कटनी

4. Udaipur Beverages Ltd., जबलपुर

5. KEC International Ltd., जबलपुर

  • उद्योगों को भी मिल रहे कई लाभ

इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हित सुरक्षित होते हैं, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा बढ़ती है। साथ ही प्रमाणित कारखानों को ग्राहकों की प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है।

  • अन्य उद्योगों से भी अपील

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थानों को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।

राँची में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू: 16 मई से घर-घर होगी मकानों की गिनती

राँची जिला अंतर्गत भारत जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की तैयारी में उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार आज दिनांक 27.04.2026 से चार्ज स्तर पर प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है।

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है

यह प्रशिक्षण दिनांक 09.05.2026 तक चलेगा।राँची जिले के कुल 19 चार्जों में आयोजित इस प्रशिक्षण में चार्ज स्तर के फील्ड ट्रेनरों द्वारा सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को व्यावहारिक उदाहरणों, CMMS वेब पोर्टल तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया, जनगणना 2027 के विभिन्न चरणों, कार्यप्रणाली, डिजिटल उपकरणों के उपयोग तथा CMMS वेब पोर्टल पर डेटा प्रबंधन के महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है।प्रशिक्षण कार्यक्रम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राँची जिले के सभी प्रखंडों के चार्ज/नोडल पदाधिकारी अपने-अपने चार्ज में उपस्थित रहकर निगरानी कर रहे हैं।

मुख्य तिथियाँ:प्रशिक्षण अवधि: 27 अप्रैल 2026 से 09 मई 2026 तक

स्व-जनगणना (Self Enumeration) विकल्प: 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक

मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना: 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक

सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें

जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनगणना 2027 का यह प्रथम चरण पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। प्रशिक्षित प्रगणक एवं पर्यवेक्षक क्षेत्र में जाकर प्रत्येक मकान का सूचीकरण करेंगे तथा आवासीय विवरण एकत्रित करेंगे। उपायुक्त-सह-प्रधान जिला जनगणना पदाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। राँची जिला इसे पूरी निष्ठा और प्रोफेशनलिज्म के साथ संपन्न करेगा। सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों से अपेक्षा है कि वे प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और मैदान में उतरकर उच्च गुणवत्ता वाला कार्य सुनिश्चित करें।

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं

जनगणना संबंधी किसी भी जानकारी, सहायता या स्व-जनगणना पोर्टल के उपयोग के लिए नागरिक CMMS वेब पोर्टल एवं संबंधित मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। जिला जनगणना कार्यालय, राँची द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण की गुणता पर विशेष ध्यान रखी जा रही है। साथ ही इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है।

एलडीएः अनंत नगर योजना के 498 भूखण्डों के लिए 28 अप्रैल से खुलेगा पंजीकरण

  • एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जारी किये आदेश, आवेदन के लिए करना होगा ऑनलाइन पंजीकरण 
  • लॉटरी के माध्यम से होगा भूखण्डों का आवंटन, 162 वर्गमीटर से 288 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं भूखण्ड 

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण एक बार फिर अनंत नगर योजना के 498 भूखण्डों का पंजीकरण खोलने जा रहा है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सोमवार को इस बाबत आदेश जारी कर दिये हैं। जिसके तहत 28 अप्रैल से 27 मई, 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जाएगा। इसमें आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 

  एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि मोहान रोड पर 785 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अनंत नगर योजना में लगभग डेढ़ लाख लोगों के आशियाने का सपना साकार होगा। योजना का विकास अंतरराष्ट्रीय मानकों के अंतर्गत ग्रिड पैटर्न पर किया जा रहा है। जिसमें चौड़ी सड़कों के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए भूमिगत केबल बिछायी जा रही हैं। योजना में बड़े हिस्से में एडुटेक सिटी विकसित की जाएगी। वहीं, लगभग 130 एकड़ भूमि पर पार्कों व ग्रीन स्पेस का विकास किया जाएगा, जोकि योजना को पर्यावरण के अनुकूल एक हरा-भरा क्षेत्र बनाएगा। 

  • आलोक खण्ड में 493 भूखण्ड 

अनंत नगर योजना में पहले 03 चरणों में 1283 भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जा चुका है। जिसमें 29 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण धनराशि जमा कराके प्रतिभाग किया था। इस बार आलोक खण्ड के 493, आदर्श खण्ड के 04 और आकाश खण्ड के 01 भूखण्ड के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। उपाध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार से पोर्टल लाइव हो जाएगा और लोग 27 मई 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। 

  • ऐसे करना होगा पंजीकरण 

आवेदन के लिए लोगों को एलडीए की वेबसाइट registration.ldalucknow.in पर लॉगइन करके पंजीकरण पुस्तिका खरीदनी होगी। जिसके बाद भूखण्ड के अनुमानित मूल्य की 05 प्रतिशत पंजीकरण धनराशि जमा कराके रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सफलतापूर्वक पंजीकरण कराने वाले आवेदकों के मध्य भूखण्डों का आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 

  • 03 श्रेणी के हैं भूखण्ड 

अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि चतुर्थ चरण में कुल 498 भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। इसमें 288 वर्गमीटर के 155, 200 वर्गमीटर के 178 और 162 वर्गमीटर के 165 भूखण्ड शामिल हैं। 

  • अनंत नगर योजना की विशेषताएं 

- उत्कृष्ट सडकों का नेटवर्क 

- 130 एकड़ में ग्रीन स्पेस 

- स्वच्छ जल आपूर्ति 

- भूमिगत लाइनों से निर्बाध विद्युत आपूर्ति

- ईवी चार्जिंग स्टेशन 

- सामुदायिक केन्द्र 

- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट 

- जीरो लिक्विड डिस्चाज

खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से यूपी में निवेश और रोजगार को नई रफ्तार, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में तेजी से उभरता औद्योगिक केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार की उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 निवेश, रोजगार, निर्यात और किसानों की आय वृद्धि को नई दिशा दे रही है।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु सोमवार को कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (SLEC) की बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में 18 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

18 नए निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति

बैठक में जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, उनमें प्रमुख रूप से—

  • स्टार्च निर्माण इकाइयाँ
  • डेयरी उत्पाद निर्माण
  • पास्ता एवं मुरमुरा उत्पादन
  • पोल्ट्री एवं कैटल फीड यूनिट
  • ऑर्गेनिक उत्पाद प्रसंस्करण
  • विभिन्न खाद्य उत्पाद विनिर्माण इकाइयाँ

शामिल हैं।

₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित

अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक स्वीकृत परियोजनाओं को ₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

निवेशकों को सम्मानित किया गया

बैठक में जनपद बागपत स्थित Ambrosia Products India Pvt. Ltd. के निवेशक जयदेव सिंह को समयबद्ध इकाई स्थापना और निवेश के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

वहीं अमेठी की एफिकनो फिनटेक कंसल्टेंट्स प्रा. लि. द्वारा स्टार्च उत्पादन परियोजना को भी मंजूरी दी गई। यह स्टार्च बिस्कुट, टॉफी और अन्य खाद्य उत्पादों में उपयोग होगा।

ऑर्गेनिक उद्योग को भी बढ़ावा

बुलंदशहर की शाकुंभरी ऑर्गेनिक एक्जिम LLP द्वारा तिल, मूंगफली, गेहूं और दालों के प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग परियोजना हेतु सब्सिडी आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसे भी सकारात्मक रूप से लिया गया।

पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 26,000 परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में प्रयागराज जिला प्रथम स्थान पर है।

विभागवार परियोजनाओं का प्रतिशत

खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट में—

  • कृषि विभाग – 22%
  • उद्यान विभाग – 30%
  • मत्स्य विभाग – 20%
  • दुग्ध विकास – 22%
  • गन्ना विभाग – 3%
  • आयुष, आबकारी, पशुपालन – 1-1%

परियोजनाएँ शामिल हैं।

निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों और प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, अन्य विभागों के अधिकारी एवं उद्यमी मौजूद रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत 09 मई को, तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित

लखनऊ। जन सामान्य को त्वरित, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगामी 09 मई 2026 (शनिवार) को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ मलखान सिंह के निर्देशन में सम्पन्न हुई।

बैठक का आयोजन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-7, लखनऊ एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी के कक्ष में किया गया, जिसमें सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) राज बहादुर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.के. श्रीवास्तव तथा बैंक ऑफ इंडिया के लीड बैंक मैनेजर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सायं में पुराने उच्च न्यायालय परिसर स्थित मेडिएशन सेंटर, लखनऊ में समस्त मजिस्ट्रेटों के साथ भी बैठक आयोजित की गई।

बैठक में नोडल अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को चिन्हित कर उनके निस्तारण की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि पक्षकारों को समय पर सूचना (तामिला) सुनिश्चित कराई जाए, ताकि अधिकाधिक मामलों का निपटारा संभव हो सके। इस संबंध में सम्मन सेल प्रभारी को शत-प्रतिशत तामिला सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान मजिस्ट्रेटों को अधिकाधिक मामलों को चिन्हित करने तथा चिन्हित वादों को एनजीडीजी पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने आमजन से अपील की कि वे अपने न्यायालयों में लंबित मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कर उनका त्वरित निस्तारण कराएं और इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

आजमगढ़ : माहुल के कोटेदार का बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ उजागर, एसडीएम ने निरस्त किया लाइसेंस, जमानत भी किया जप्त

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील अंतर्गत नगर पंचायत माहुल में उचित दर विक्रेता के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कोटेदार मोहम्मद राशिद पुत्र नसीम अहमद की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और इसे प्रशासन की पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मामले की शुरुआत भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा निवासी अतरौलिया और राजेश पाण्डेय ग्राम अतरडीहा, ब्लाक अहरौला की शिकायत से हुई, जिसमें कोटेदार पर नियुक्ति में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर प्रशासन के द्वारा बहुस्तरीय जांच कराई गयी । जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपित विक्रेता ने कूटरचित ढंग से नियुक्ति के समय कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं। न तो सही निवास प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही यह बताया गया कि उनके पिता पहले से ही एक अन्य ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता थे, जबकि नियमों के अनुसार एक ही परिवार को दो दुकानों का आवंटन वर्जित है। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि नियुक्ति के समय विक्रेता राशिद की उम्र निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। प्रस्तुत दस्तावेजों—जैसे परिवार रजिस्टर—में भी गंभीर विसंगतियां पाई गईं, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। खंड विकास अधिकारी अहरौला संजय यादव, अधिशासी अधिकारी माहुल अवधेश मिश्रा और नायब तहसीलदार राजाराम की रिपोर्ट में भी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने सख्त निर्णय लेते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही, विक्रेता की जमा जमानत राशि को भी शासन के पक्ष में जप्त कर लिया गया है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए दुकान से संबंधित सभी उपकरण और ई-पॉस मशीन को माहुल नगर पंचायत के दूसरे उचित दर विक्रेता चंद्रभान को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और अब राशन वितरण का कार्य नए विक्रेता के माध्यम से कराया जाएगा। इस सख्ती से क्षेत्र में साफ संदेश गया है कि नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
डी मोनफोर अकादमी में पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन वर्कशॉप आयोजित
मेरठ, बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन’ विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, अंग्रेजी बोलचाल में सुधार करना तथा संवाद शैली को प्रभावशाली बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास निर्माण (Build Confidence), अंग्रेजी बोलचाल (Improve Speaking) और बेहतर संवाद शैली (Enhance Communication) के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास लांबा एवं डॉ. शालिनी लांबा द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और प्रभावशाली प्रशिक्षण शैली से छात्रों को सक्रिय रूप से जोड़े रखा तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें समझाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और मंच पर बोलने का साहस ही छात्र को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि छात्रों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां वे अपनी झिझक छोड़कर एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व निखरता है।

अंत में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने वर्कशॉप के प्रैक्टिकल सेशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनका मनोबल ऊंचा होता है।

वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से महत्वपूर्ण कौशल सीखकर लाभ प्राप्त किया।
मुजफ्फरनगर की राजनीति में बड़ा उलटफेर: गौरव स्वरूप और सुमित खेड़ा के बीच खत्म हुआ मनमुटाव, विकास पर हुई बड़ी
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गौ सम्मान आह्वान अभियान: गुरुकुल वेद वेदांग विद्यापीठ धनपतगंज के ब्रह्मचारियों ने भरी हुंकार, पांचों तहसीलों में सौंपा ज्ञापन
जनपद में गौ संरक्षण एवं सम्मान को लेकर वेद वेदांग विद्यापीठ के ब्रह्मचारियों द्वारा व्यापक अभियान चलाया गया। “गौ सम्मान आह्वान अभियान” के तहत ब्रह्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और जनपद की पांचों तहसीलों में पहुंचकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
कार्यक्रम का नेतृत्व आशुतोष जायसवाल ने किया। उन्होंने कहा कि गौवंश भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसकी रक्षा और संवर्धन करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इस अभियान के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ प्रशासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित किया गया है।
इस मौके पर विनय त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान समय में गौवंश की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि गौशालाओं की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, सड़कों पर विचरण कर रहे गौवंश के लिए स्थायी आश्रय की व्यवस्था हो तथा उनके संरक्षण के लिए प्रभावी नीतियों को लागू किया जाए।
वहीं डॉ. सौरभ मिश्र ‘विनम्र’ ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सहभागिता निभाने का आह्वान किया। ज्ञापन के दौरान अश्रुत पांडेय आचार्य जी विनीत आर्य, सौरभ मिश्र विराट, दिव्या दुबे, बृजेश दूबे, बृजेंद्र मिश्र,शिवम दुबे जाली, अवधेश तिवारी, हृदय नारायण शुक्ला, जय किशन पांडे, ज्ञापन में सैंकड़ों कि संख्या में लोग उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग पहल को व्यापक स्वीकृति, 554 कारखानों ने पाई रेटिंग

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर के उद्योगों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की अनेक विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।

  • श्रमिक हितों की सुरक्षा का प्रमाण

श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कारखाने इस बात का संकेत हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल उद्योगों में सुरक्षित, जिम्मेदार और श्रमिक हितैषी वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

*श्रम स्टार रेटिंग पाने वाले पहले पाँच कारखाने

श्रम विभाग के अनुसार श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले प्रथम पाँच कारखाने इस प्रकार हैं—

1. UltraTech Cement Limited Unit Birla White, कटनी

2. JK White (Unit of J K Cement Ltd.), कटनी

3. Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd., कटनी

4. Udaipur Beverages Ltd., जबलपुर

5. KEC International Ltd., जबलपुर

  • उद्योगों को भी मिल रहे कई लाभ

इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हित सुरक्षित होते हैं, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा बढ़ती है। साथ ही प्रमाणित कारखानों को ग्राहकों की प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है।

  • अन्य उद्योगों से भी अपील

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थानों को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।