देवघर-के कांग्रेस कार्यालय में आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35 वीं पुण्यतिथि मनाई गई।
देवघर: कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र दास के अध्यक्षता में देवघर जिला कांग्रेस कार्यालय में भारत - रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 35 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर देवघर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धांजलि सह शांतिसभा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने स्वर्गीय राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी स्मृति को नमन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी ने आधुनिक भारत के निर्माण का जो सपना देखा था, आज वह देश के विकास की मजबूत नींव के रूप में दिखाई देता है। सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार क्रांति, पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने तथा युवाओं को देश निर्माण से जोड़ने में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने भारत को 21वीं सदी की ओर ले जाने का कार्य किया। सभा में वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा करते हुए जिला अध्यक्ष राजेंद्र दास ने कहा कि आज देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है तथा महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार विफल साबित हो रही है। ऐसे समय में राजीव गांधी के विचार, उनकी दूरदृष्टि एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि राजीव गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए देश में भाईचारा, लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। इसके उपरांत सदर अस्पताल देवघर में भारी संख्या में कांग्रेस जनों के साथ जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में मरीजों और जरूरतमंद लोगों के बीच में फल एवं पानी वितरण किया गया । इस शांतिसभा कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रविंद्र नाथ मिश्रा उर्फ दादू जी , वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक प्रसाद राय , कांग्रेसी नेता दिनेशानंद झा , पीसीसी कोऑर्डिनेटर मुकुंद दास ,वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अमरेंद्र कुमार सोना , कार्यालय प्रभारी गणेश दास , मीडिया चेयरमैन बृजभूषण राम , नगर अध्यक्ष रवि केसरी , स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष डॉ अनूप , युवा नेता दीपक कुमार सिंह , सुधीर देव , संजीव कुमार झा , महेश मणि द्वारी , मकसूद आलम, राहुल राज,अब्दुल गफ्फार , सदाशिव राणा , अजय कृष्णा भारती , कुमार बाबा , मोहम्मद शमीम , नुनु खान , सिकंदर यादव , अजय पाठक , रमणिकांत ठाकुर , अनिल चंद्रवंशी , धर्मेंद्र सिंह , नटराज प्रदीप , सुनील कुमार महतो , रिया मिश्रा , आदि दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं नेता उपस्थित रहे ।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्व० दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, कहा - उनके संघर्ष से मिला अलग झारखंड

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय दुर्गा सोरेन जी की पुण्यतिथि पर लोवाडीह, नामकुम स्थित दुर्गा सोरेन स्मारक स्थल पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए स्व० दुर्गा सोरेन जी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि स्व० दुर्गा सोरेन ने अलग झारखंड राज्य की लड़ाई और वंचितों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष की भांति आज हम सभी लोग यहां एकत्रित होकर स्व० दुर्गा सोरेन जी को याद करते है। स्व० दुर्गा सोरेन एक दूरदर्शी, संघर्षील एवं जनभावनाओं से जुड़े हुए नेता थे, उनका जीवन जन कल्याण के प्रति समर्पित रहा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि स्व० दुर्गा सोरेन के विचार एवं आदर्श सदैव हम सभी को प्रेरित करते रहेंगे। स्व० दुर्गा सोरेन जैसे मार्गदर्शक और संघर्षील लोगों के शहादत एवं संघर्ष के बदौलत बहुत बड़ी मंजिल मिली, अलग राज्य मिला। बड़े भाई स्व० दुर्गा सोरेन जैसे कर्मठ एवं युवा नेताओं पर हम सभी को गर्व है। स्व० दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन!

दुर्गा सोरेन स्मारक स्थित उनकी प्रतिमा पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।

पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में नवीन आपराधिक कानूनों के अन्तर्गत डिजिटल साक्ष्य संकलन को सुदृढ़ बनाने हेतु गोष्ठी आयोजित
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक  गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में आज दिनांक 21.05.2026 को जनपद गोण्डा में E-Sakshya प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नवीन आपराधिक कानूनों के अन्तर्गत डिजिटल साक्ष्य संकलन को सुदृढ़ बनाने हेतु पुलिस लाइन बहुद्देशिय हाल में एक गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठी में समस्त थानों के विवेचकों एवं सम्बन्धित पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को E-Sakshya मोबाइल ऐप एवं वेब पोर्टल के उपयोग के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी गयी।
सी0सी0टी0एन0एस प्रभारी श्री राजदीप यादव द्वारा गोष्ठी के दौरान बताया गया कि E-Sakshya एक उन्नत डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन प्रणाली है, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन एवं वेब पोर्टल दोनों सम्मिलित हैं। यह प्रणाली नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप विकसित की गयी है, जिसका उद्देश्य साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, सटीक, पारदर्शी एवं विधिसम्मत बनाना है। विवेचको को E-Sakshya प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके माध्यम से घटनास्थल, साक्ष्य एवं गवाहों के बयान का वीडियो एवं फोटो रियल टाइम में रिकॉर्ड किया जा सकता है। साथ ही रिकॉर्ड किए गए साक्ष्य सुरक्षित रूप से संरक्षित रहते हैं, जिससे उनके साथ छेड़छाड़ की संभावना समाप्त होती है तथा न्यायालय में उनकी विश्वसनीयता बनी रहती है। प्रणाली में डिजिटल ऑथेन्टिकेशन एवं टाइम स्टैम्प की सुविधा उपलब्ध है, जिससे साक्ष्यों की प्रमाणिकता सुनिश्चित होती है। यह प्रणाली केंद्रीकृत वेब पोर्टल से जुड़ी होने के कारण अधिकृत अधिकारी कहीं से भी साक्ष्यों की समीक्षा कर सकते हैं। गोष्ठी में नवीन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत E-Sakshya प्रणाली के उपयोग के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि सभी विवेचनाओं में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए डिजिटल साक्ष्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध संकलन सुनिश्चित किया जाए तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन किया जाए। गोष्ठी में उपस्थित अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए E-Sakshya प्रणाली के सफल संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
जनगणना कार्य के समयबद्ध व सफल संचालन को लेकर सभी अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी ने की बैठक

*जनगणना कार्य में सभी अधिकारियों व कर्मचारी समपर्ण भाव के साथ करें कार्य-जिलाधिकारी*

*गोण्डा 21 मई,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आगामी जनगणना कार्य के सफल संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारीगण, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारीगण, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका एवं नगर पंचायत सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य प्रारम्भ होने से पूर्व सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा कार्य की रूपरेखा को अंतिम रूप देना था।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनगणना कार्य को राष्ट्रीय महत्व का कार्य बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश की योजनाओं और विकास की आधारशिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना से संबंधित सभी तैयारियां समयबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से पूर्ण की जाएं, जिससे कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन सुनिश्चित करें तथा अधीनस्थ कर्मचारियों को भी आवश्यक प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश उपलब्ध कराएं।
बैठक में जनगणना कार्य के विभिन्न चरणों, कर्मचारियों की तैनाती, प्रशिक्षण व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण एवं क्षेत्रवार जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जनगणना कार्य में पारदर्शिता एवं शुद्धता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा कार्य में शिथिलता कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों से आपसी समन्वय बनाकर जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का आह्वान किया तथा कहा कि यह कार्य शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए सभी अधिकारी इसे पूर्ण जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ संपादित करें।
उत्तर प्रदेश में 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले, कई को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गईं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नौ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं और कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक यातायात और सड़क सुरक्षा ए. सतीश गणेश को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ ही अपर पुलिस महानिदेशक अपराध उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी भी दी गई है।

जय नरायन सिंह को पुलिस महानिदेशक ईओडब्ल्यू यूपी, लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे पुलिस महानिदेशक/अपर पुलिस महानिदेशक यूपी पॉवर कॉरपोरेशन के पद पर कार्यरत थे।

ध्रुव कांत ठाकुर को पुलिस महानिदेशक/महासमादेष्टा, होमगार्ड यूपी के साथ ही पुलिस महानिदेशक नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं विनोद कुमार सिंह को पुलिस महानिदेशक, सीआईडी यूपी के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम यूपी, लखनऊ और पुलिस महानिदेशक यूपी 112 लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

आलोक सिंह को पुलिस महानिदेशक, पीएसी मुख्यालय, यूपी लखनऊ के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अनुपम कुलश्रेष्ठ को अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन नियुक्त किया गया है।

डॉ. आर. के. स्वर्णकार को अपर पुलिस महानिदेशक यूपी पॉवर कारपोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा गीता सिंह को पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय और एस. के. भगत को अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस निर्णय के माध्यम से सरकार ने पुलिस विभाग में बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण सुनिश्चित किया है।
उत्तर प्रदेश में 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले, कई को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गईं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नौ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं और कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक यातायात और सड़क सुरक्षा ए. सतीश गणेश को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ ही अपर पुलिस महानिदेशक अपराध उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी भी दी गई है।

जय नरायन सिंह को पुलिस महानिदेशक ईओडब्ल्यू यूपी, लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे पुलिस महानिदेशक/अपर पुलिस महानिदेशक यूपी पॉवर कॉरपोरेशन के पद पर कार्यरत थे।

ध्रुव कांत ठाकुर को पुलिस महानिदेशक/महासमादेष्टा, होमगार्ड यूपी के साथ ही पुलिस महानिदेशक नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं विनोद कुमार सिंह को पुलिस महानिदेशक, सीआईडी यूपी के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम यूपी, लखनऊ और पुलिस महानिदेशक यूपी 112 लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

आलोक सिंह को पुलिस महानिदेशक, पीएसी मुख्यालय, यूपी लखनऊ के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अनुपम कुलश्रेष्ठ को अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन नियुक्त किया गया है।

डॉ. आर. के. स्वर्णकार को अपर पुलिस महानिदेशक यूपी पॉवर कारपोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा गीता सिंह को पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय और एस. के. भगत को अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस निर्णय के माध्यम से सरकार ने पुलिस विभाग में बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण सुनिश्चित किया है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
*
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
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लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
देवघर-बलिदान दिवस (पुण्यतिथि) पर इंटक एवं महिला कांग्रेस द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी को श्रद्धांजलि।
देवघर: आज 21 मई 2026 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 35 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर देवघर जिला इंटक एवं देवघर जिला महिला कांग्रेस द्वारा संथाली जसीडीह वार्ड नंबर 1 देवघर प्रखंड स्थित अंबेडकर मोहल्ला में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। स्वर्गीय राजीव गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष प्रमिला देवी, देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिकांत यादव के अलावा अंबेडकर मोहल्ला के संतोष हरि, संजय हरि, आरती देवी, कमल बाबा, मुकेश, फिरोज, बिहारी हरि, श्रवण कुमार, गौरव हरि, प्राची कुमारी, टुनटुन हरि, समा देवी, शोभा देवी, आरती देवी ,रामबाबू राहुल, धीरज, लक्ष्मी देवी, मनिया देवी, चंदन, पंकज, प्रदीप, सिकंदर, जानी, मुकेश, अजय, विशाल सहित कई और मोहल्ला के वासी प्रमुख थे। श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात मोहल्ला वासियों के बीच फल वितरण किया गया। उक्त अवसर पर झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार ने स्वर्गीय राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी जिन आदर्शों, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्र की एकता का अखंडता के लिए अपने प्राणों की बलि दे दी आज भी प्रासंगिक है। आज उनके बलिदान दिवस के अवसर पर हम सभी एकजुट होकर उनके सपनों के अनुसार नए भारत के निर्माण में जुड़ जाएं यही उनके प्रति श्रद्धांजलि होगी। देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता एवं अखंडता की जीती जागती प्रतिमूर्ति स्वर्गीय राजीव गांधी ने कभी भी राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के नाम पर किसी से कोई समझौता नहीं किया। वे जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रवाद से परे थे। देवघर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष प्रमिला देवी ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी अपने विचारों से देश को आजाद कर वैसे नए भारत का निर्माण करना चाहते थे जो राष्ट्र की एकता व अखंडता का जीता जागता मिसाल हो । अभिषेक सिंह सचिव सह कार्यालय प्रभारी देवघर जिला इंटक
यूपी के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड होगा अनिवार्य
* योगी सरकार का बड़ा फैसला, समानता और अनुशासन को बढ़ावा देने की पहल
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने घोषणा की है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल  के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान में यथासंभव एक समान ड्रेस कोड लागू किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं के बीच समानता, अनुशासन और सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि छात्र वर्ग एक समरूप वर्ग होता है, जहां किसी भी प्रकार का ऊंच-नीच या भेदभाव नहीं दिखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई बार पहनावे के कारण सामाजिक और आर्थिक असमानता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिससे कुछ छात्रों में हीन भावना और कुछ में श्रेष्ठता का भाव पैदा हो जाता है। ड्रेस कोड लागू होने से इस तरह की परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण होगा और सभी विद्यार्थियों को समान माहौल में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक, अनुशासित और संस्कारित वातावरण तैयार करना भी है। ड्रेस कोड व्यवस्था से छात्रों का ध्यान पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास पर अधिक केंद्रित रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में एकरूपता के साथ बेहतर शैक्षणिक संस्कृति विकसित होगी, जो विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।
देवघर-के कांग्रेस कार्यालय में आज भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 35 वीं पुण्यतिथि मनाई गई।
देवघर: कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र दास के अध्यक्षता में देवघर जिला कांग्रेस कार्यालय में भारत - रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 35 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर देवघर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धांजलि सह शांतिसभा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेसजनों ने स्वर्गीय राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी स्मृति को नमन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी ने आधुनिक भारत के निर्माण का जो सपना देखा था, आज वह देश के विकास की मजबूत नींव के रूप में दिखाई देता है। सूचना प्रौद्योगिकी, दूरसंचार क्रांति, पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने तथा युवाओं को देश निर्माण से जोड़ने में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने भारत को 21वीं सदी की ओर ले जाने का कार्य किया। सभा में वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा करते हुए जिला अध्यक्ष राजेंद्र दास ने कहा कि आज देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है तथा महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक सौहार्द जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार विफल साबित हो रही है। ऐसे समय में राजीव गांधी के विचार, उनकी दूरदृष्टि एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है। कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि राजीव गांधी के बताए मार्ग पर चलते हुए देश में भाईचारा, लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। इसके उपरांत सदर अस्पताल देवघर में भारी संख्या में कांग्रेस जनों के साथ जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में मरीजों और जरूरतमंद लोगों के बीच में फल एवं पानी वितरण किया गया । इस शांतिसभा कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रविंद्र नाथ मिश्रा उर्फ दादू जी , वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अशोक प्रसाद राय , कांग्रेसी नेता दिनेशानंद झा , पीसीसी कोऑर्डिनेटर मुकुंद दास ,वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अमरेंद्र कुमार सोना , कार्यालय प्रभारी गणेश दास , मीडिया चेयरमैन बृजभूषण राम , नगर अध्यक्ष रवि केसरी , स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष डॉ अनूप , युवा नेता दीपक कुमार सिंह , सुधीर देव , संजीव कुमार झा , महेश मणि द्वारी , मकसूद आलम, राहुल राज,अब्दुल गफ्फार , सदाशिव राणा , अजय कृष्णा भारती , कुमार बाबा , मोहम्मद शमीम , नुनु खान , सिकंदर यादव , अजय पाठक , रमणिकांत ठाकुर , अनिल चंद्रवंशी , धर्मेंद्र सिंह , नटराज प्रदीप , सुनील कुमार महतो , रिया मिश्रा , आदि दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ता एवं नेता उपस्थित रहे ।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्व० दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, कहा - उनके संघर्ष से मिला अलग झारखंड

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय दुर्गा सोरेन जी की पुण्यतिथि पर लोवाडीह, नामकुम स्थित दुर्गा सोरेन स्मारक स्थल पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए स्व० दुर्गा सोरेन जी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि स्व० दुर्गा सोरेन ने अलग झारखंड राज्य की लड़ाई और वंचितों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष की भांति आज हम सभी लोग यहां एकत्रित होकर स्व० दुर्गा सोरेन जी को याद करते है। स्व० दुर्गा सोरेन एक दूरदर्शी, संघर्षील एवं जनभावनाओं से जुड़े हुए नेता थे, उनका जीवन जन कल्याण के प्रति समर्पित रहा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि स्व० दुर्गा सोरेन के विचार एवं आदर्श सदैव हम सभी को प्रेरित करते रहेंगे। स्व० दुर्गा सोरेन जैसे मार्गदर्शक और संघर्षील लोगों के शहादत एवं संघर्ष के बदौलत बहुत बड़ी मंजिल मिली, अलग राज्य मिला। बड़े भाई स्व० दुर्गा सोरेन जैसे कर्मठ एवं युवा नेताओं पर हम सभी को गर्व है। स्व० दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन!

दुर्गा सोरेन स्मारक स्थित उनकी प्रतिमा पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।

पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में नवीन आपराधिक कानूनों के अन्तर्गत डिजिटल साक्ष्य संकलन को सुदृढ़ बनाने हेतु गोष्ठी आयोजित
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक  गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में आज दिनांक 21.05.2026 को जनपद गोण्डा में E-Sakshya प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नवीन आपराधिक कानूनों के अन्तर्गत डिजिटल साक्ष्य संकलन को सुदृढ़ बनाने हेतु पुलिस लाइन बहुद्देशिय हाल में एक गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठी में समस्त थानों के विवेचकों एवं सम्बन्धित पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को E-Sakshya मोबाइल ऐप एवं वेब पोर्टल के उपयोग के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी गयी।
सी0सी0टी0एन0एस प्रभारी श्री राजदीप यादव द्वारा गोष्ठी के दौरान बताया गया कि E-Sakshya एक उन्नत डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन प्रणाली है, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन एवं वेब पोर्टल दोनों सम्मिलित हैं। यह प्रणाली नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप विकसित की गयी है, जिसका उद्देश्य साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, सटीक, पारदर्शी एवं विधिसम्मत बनाना है। विवेचको को E-Sakshya प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके माध्यम से घटनास्थल, साक्ष्य एवं गवाहों के बयान का वीडियो एवं फोटो रियल टाइम में रिकॉर्ड किया जा सकता है। साथ ही रिकॉर्ड किए गए साक्ष्य सुरक्षित रूप से संरक्षित रहते हैं, जिससे उनके साथ छेड़छाड़ की संभावना समाप्त होती है तथा न्यायालय में उनकी विश्वसनीयता बनी रहती है। प्रणाली में डिजिटल ऑथेन्टिकेशन एवं टाइम स्टैम्प की सुविधा उपलब्ध है, जिससे साक्ष्यों की प्रमाणिकता सुनिश्चित होती है। यह प्रणाली केंद्रीकृत वेब पोर्टल से जुड़ी होने के कारण अधिकृत अधिकारी कहीं से भी साक्ष्यों की समीक्षा कर सकते हैं। गोष्ठी में नवीन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत E-Sakshya प्रणाली के उपयोग के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि सभी विवेचनाओं में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए डिजिटल साक्ष्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध संकलन सुनिश्चित किया जाए तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन किया जाए। गोष्ठी में उपस्थित अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए E-Sakshya प्रणाली के सफल संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
जनगणना कार्य के समयबद्ध व सफल संचालन को लेकर सभी अधिकारियों के साथ जिलाधिकारी ने की बैठक

*जनगणना कार्य में सभी अधिकारियों व कर्मचारी समपर्ण भाव के साथ करें कार्य-जिलाधिकारी*

*गोण्डा 21 मई,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आगामी जनगणना कार्य के सफल संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अपर जिलाधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारीगण, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारीगण, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका एवं नगर पंचायत सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य प्रारम्भ होने से पूर्व सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा कार्य की रूपरेखा को अंतिम रूप देना था।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनगणना कार्य को राष्ट्रीय महत्व का कार्य बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश की योजनाओं और विकास की आधारशिला है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना से संबंधित सभी तैयारियां समयबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से पूर्ण की जाएं, जिससे कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन सुनिश्चित करें तथा अधीनस्थ कर्मचारियों को भी आवश्यक प्रशिक्षण एवं दिशा-निर्देश उपलब्ध कराएं।
बैठक में जनगणना कार्य के विभिन्न चरणों, कर्मचारियों की तैनाती, प्रशिक्षण व्यवस्था, अभिलेखों के संधारण एवं क्षेत्रवार जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिये कि जनगणना कार्य में पारदर्शिता एवं शुद्धता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता अथवा कार्य में शिथिलता कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों से आपसी समन्वय बनाकर जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने का आह्वान किया तथा कहा कि यह कार्य शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए सभी अधिकारी इसे पूर्ण जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ संपादित करें।
उत्तर प्रदेश में 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले, कई को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गईं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नौ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं और कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक यातायात और सड़क सुरक्षा ए. सतीश गणेश को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ ही अपर पुलिस महानिदेशक अपराध उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी भी दी गई है।

जय नरायन सिंह को पुलिस महानिदेशक ईओडब्ल्यू यूपी, लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे पुलिस महानिदेशक/अपर पुलिस महानिदेशक यूपी पॉवर कॉरपोरेशन के पद पर कार्यरत थे।

ध्रुव कांत ठाकुर को पुलिस महानिदेशक/महासमादेष्टा, होमगार्ड यूपी के साथ ही पुलिस महानिदेशक नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं विनोद कुमार सिंह को पुलिस महानिदेशक, सीआईडी यूपी के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम यूपी, लखनऊ और पुलिस महानिदेशक यूपी 112 लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

आलोक सिंह को पुलिस महानिदेशक, पीएसी मुख्यालय, यूपी लखनऊ के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अनुपम कुलश्रेष्ठ को अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन नियुक्त किया गया है।

डॉ. आर. के. स्वर्णकार को अपर पुलिस महानिदेशक यूपी पॉवर कारपोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा गीता सिंह को पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय और एस. के. भगत को अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस निर्णय के माध्यम से सरकार ने पुलिस विभाग में बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण सुनिश्चित किया है।
उत्तर प्रदेश में 9 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले, कई को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गईं
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नौ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं और कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक यातायात और सड़क सुरक्षा ए. सतीश गणेश को वर्तमान जिम्मेदारी के साथ ही अपर पुलिस महानिदेशक अपराध उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी भी दी गई है।

जय नरायन सिंह को पुलिस महानिदेशक ईओडब्ल्यू यूपी, लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे पुलिस महानिदेशक/अपर पुलिस महानिदेशक यूपी पॉवर कॉरपोरेशन के पद पर कार्यरत थे।

ध्रुव कांत ठाकुर को पुलिस महानिदेशक/महासमादेष्टा, होमगार्ड यूपी के साथ ही पुलिस महानिदेशक नागरिक सुरक्षा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं विनोद कुमार सिंह को पुलिस महानिदेशक, सीआईडी यूपी के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक, साइबर क्राइम यूपी, लखनऊ और पुलिस महानिदेशक यूपी 112 लखनऊ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

आलोक सिंह को पुलिस महानिदेशक, पीएसी मुख्यालय, यूपी लखनऊ के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक विशेष सुरक्षा बल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अनुपम कुलश्रेष्ठ को अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन नियुक्त किया गया है।

डॉ. आर. के. स्वर्णकार को अपर पुलिस महानिदेशक यूपी पॉवर कारपोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा गीता सिंह को पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय और एस. के. भगत को अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इस निर्णय के माध्यम से सरकार ने पुलिस विभाग में बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण सुनिश्चित किया है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
*
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
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लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
देवघर-बलिदान दिवस (पुण्यतिथि) पर इंटक एवं महिला कांग्रेस द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी को श्रद्धांजलि।
देवघर: आज 21 मई 2026 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की 35 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर देवघर जिला इंटक एवं देवघर जिला महिला कांग्रेस द्वारा संथाली जसीडीह वार्ड नंबर 1 देवघर प्रखंड स्थित अंबेडकर मोहल्ला में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। स्वर्गीय राजीव गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष प्रमिला देवी, देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक, वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिकांत यादव के अलावा अंबेडकर मोहल्ला के संतोष हरि, संजय हरि, आरती देवी, कमल बाबा, मुकेश, फिरोज, बिहारी हरि, श्रवण कुमार, गौरव हरि, प्राची कुमारी, टुनटुन हरि, समा देवी, शोभा देवी, आरती देवी ,रामबाबू राहुल, धीरज, लक्ष्मी देवी, मनिया देवी, चंदन, पंकज, प्रदीप, सिकंदर, जानी, मुकेश, अजय, विशाल सहित कई और मोहल्ला के वासी प्रमुख थे। श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात मोहल्ला वासियों के बीच फल वितरण किया गया। उक्त अवसर पर झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार ने स्वर्गीय राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी जिन आदर्शों, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्र की एकता का अखंडता के लिए अपने प्राणों की बलि दे दी आज भी प्रासंगिक है। आज उनके बलिदान दिवस के अवसर पर हम सभी एकजुट होकर उनके सपनों के अनुसार नए भारत के निर्माण में जुड़ जाएं यही उनके प्रति श्रद्धांजलि होगी। देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की एकता एवं अखंडता की जीती जागती प्रतिमूर्ति स्वर्गीय राजीव गांधी ने कभी भी राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के नाम पर किसी से कोई समझौता नहीं किया। वे जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्रवाद से परे थे। देवघर जिला महिला कांग्रेस की अध्यक्ष प्रमिला देवी ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी अपने विचारों से देश को आजाद कर वैसे नए भारत का निर्माण करना चाहते थे जो राष्ट्र की एकता व अखंडता का जीता जागता मिसाल हो । अभिषेक सिंह सचिव सह कार्यालय प्रभारी देवघर जिला इंटक
यूपी के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड होगा अनिवार्य
* योगी सरकार का बड़ा फैसला, समानता और अनुशासन को बढ़ावा देने की पहल
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने घोषणा की है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल  के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान में यथासंभव एक समान ड्रेस कोड लागू किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं के बीच समानता, अनुशासन और सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि छात्र वर्ग एक समरूप वर्ग होता है, जहां किसी भी प्रकार का ऊंच-नीच या भेदभाव नहीं दिखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई बार पहनावे के कारण सामाजिक और आर्थिक असमानता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिससे कुछ छात्रों में हीन भावना और कुछ में श्रेष्ठता का भाव पैदा हो जाता है। ड्रेस कोड लागू होने से इस तरह की परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण होगा और सभी विद्यार्थियों को समान माहौल में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक, अनुशासित और संस्कारित वातावरण तैयार करना भी है। ड्रेस कोड व्यवस्था से छात्रों का ध्यान पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास पर अधिक केंद्रित रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में एकरूपता के साथ बेहतर शैक्षणिक संस्कृति विकसित होगी, जो विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।