देवघर-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का उद्देश्य महिलाओं की आवाज को मजबूत करना : श्वेता शर्मा
देवघर:हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। आज स्थानीय विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के बैनर तले सिद्धिविनायक बैंक्वेट हॉल में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका श्वेता शर्मा, फूड क्राफ्ट इंस्टिट्यूट की व्याख्याता डॉ. श्वेता लिंगवाल, मातृ मंदिर बालिका उच्च विद्यालय की पूर्व प्रधानाध्यापिका शोभना सिंह, वार्ड पार्षद सोनी केशरी, चाँदनी चौधरी, वेक्सो इंडिया के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव, संरक्षक प्रो. रामनंदन सिंह, देवघर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रवि कुमार केशरी, संत माइकल एंग्लो विद्यालय के निदेशक डॉ. जय चंद्र राज व अन्य के करकमलों से 26 बालिका एवं महिलाओं को सम्मानित किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार केशरवानी समाज द्वारा झांकी में माँ सरस्वती की भूमिका में संत फ्रांसिस स्कूल की साक्षी केशरी, सीता की भूमिका में देवसंघ नेशनल स्कूल की शगुन कुमारी केशरी, माँ लक्ष्मी की भूमिका में काजल केशरी, रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका में सनराइज द्वारिका ऐकाडमी की सोनम केशरी, निबंध लेखन में दीनबंधु उच्च विद्यालय की शिवानी झा, रॉक एंड रोल डांस ऐकाडमी की शांभवी केशरी, करों निवासी धाविका मनाली सिंह, देवघर संत फ्रांसिस स्कूल की वाणी प्रिया, एकलव्य पब्लिक स्कूल की निदेशिका रेखा कुमारी, मिथिला पेंटिंग विशेषज्ञ खुशबू सिंह, कृष्णापुरी निवासी समाजसेवी प्रियांशु प्रिया, दशरथ प्रसाद सिंह इंटरनेशनल स्कूल की प्रभारी प्राचार्या साक्षी सिंह, कास्टर्स टाउन निवासी समाजसेवी डॉ. रूपा कुमारी, अतिथिवृंद श्वेता द्वय, शोभना सिंह, दीनबंधु उच्च विद्यालय की मनीषा घोष, वार्ड सोनी केशरी, चाँदनी चौधरी एवं अन्य को मोमेंटो, डायरी, कलम देकर सम्मानित किया गया।
मौके पर श्वेता शर्मा ने कहा- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम दान से लाभ है, जो सहयोग, समानता और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है। इसका मुख्य संदेश है कि जब हम महिलाओं को समान अवसर, शिक्षा और संसाधन प्रदान करते हैं, तो उससे केवल उनका ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता का विकास होता है, जिससे सभी को लाभ मिलता है। श्वेता लिंगवाल ने कहा-दान से लाभ थीम बताती है कि महिलाओं के उत्थान में योगदान देने से वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से स्वतंत्र बनती हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आता है।
जब महिलाएं शिक्षित और सक्षम होती हैं, तो वे परिवार और देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाती हैं। शोभना सिंह ने कहा- इस वर्ष का थीम कौशल, समय और ज्ञान को साझा करने के माध्यम से, उदारता के साथ महिलाओं को आगे बढ़ाने पर जोर देती है। वार्ड पार्षद सोनी केशरी ने कहा- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का उद्देश्य महिलाओं की आवाज को मजबूत करना, समाज में फैले भेदभाव और रूढ़िवादिता को चुनौती देकर ऐसा बदलाव लाना है जिससे महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी और सम्मान मिले। रवि केशरी ने कहा- महिला दिवस की शुरुआत किसी एक दिन की घटना नहीं, बल्कि कई दशकों के संघर्ष का परिणाम है।
डॉ. प्रदीप ने कहा- 1908 में न्यूयॉर्क शहर में लगभग 15,000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और वोट देने के अधिकार के लिए विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद 1910 में क्लारा जेटकिन ने कोपेनहेगन में एक सम्मेलन के दौरान 'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस' मनाने का विचार पेश किया। जिसके बाद 1911 में पहली बार ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में इसे मनाया गया। इसके बाद 8 मार्च 1917 को रूस की महिलाओं ने रोटी और शांति की मांग को लेकर ऐतिहासिक हड़ताल की, जिससे वहां की सरकार को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देना पड़ा। इसी वजह से ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च को महिला दिवस के रूप में चुना गया। 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक तौर पर मान्यता दी और तभी से यह वैश्विक स्तर पर यह हर साल 8 मार्च को मनाया जाने लगा।
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हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। आज स्थानीय विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के बैनर तले सिद्धिविनायक बैंक्वेट हॉल में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका श्वेता शर्मा, फूड क्राफ्ट इंस्टिट्यूट की व्याख्याता डॉ. श्वेता लिंगवाल, मातृ मंदिर बालिका उच्च विद्यालय की पूर्व प्रधानाध्यापिका शोभना सिंह, वार्ड पार्षद सोनी केशरी, चाँदनी चौधरी, वेक्सो इंडिया के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव, संरक्षक प्रो. रामनंदन सिंह, देवघर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रवि कुमार केशरी, संत माइकल एंग्लो विद्यालय के निदेशक डॉ. जय चंद्र राज व अन्य के करकमलों से 26 बालिका एवं महिलाओं को सम्मानित किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार केशरवानी समाज द्वारा झांकी में माँ सरस्वती की भूमिका में संत फ्रांसिस स्कूल की साक्षी केशरी, सीता की भूमिका में देवसंघ नेशनल स्कूल की शगुन कुमारी केशरी, माँ लक्ष्मी की भूमिका में काजल केशरी, रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका में सनराइज द्वारिका ऐकाडमी की सोनम केशरी, निबंध लेखन में दीनबंधु उच्च विद्यालय की शिवानी झा, रॉक एंड रोल डांस ऐकाडमी की शांभवी केशरी, करों निवासी धाविका मनाली सिंह, देवघर संत फ्रांसिस स्कूल की वाणी प्रिया, एकलव्य पब्लिक स्कूल की निदेशिका रेखा कुमारी, मिथिला पेंटिंग विशेषज्ञ खुशबू सिंह, कृष्णापुरी निवासी समाजसेवी प्रियांशु प्रिया, दशरथ प्रसाद सिंह इंटरनेशनल स्कूल की प्रभारी प्राचार्या साक्षी सिंह, कास्टर्स टाउन निवासी समाजसेवी डॉ. रूपा कुमारी, अतिथिवृंद श्वेता द्वय, शोभना सिंह, दीनबंधु उच्च विद्यालय की मनीषा घोष, वार्ड सोनी केशरी, चाँदनी चौधरी एवं अन्य को मोमेंटो, डायरी, कलम देकर सम्मानित किया गया।
मौके पर श्वेता शर्मा ने कहा- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम दान से लाभ है, जो सहयोग, समानता और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है। इसका मुख्य संदेश है कि जब हम महिलाओं को समान अवसर, शिक्षा और संसाधन प्रदान करते हैं, तो उससे केवल उनका ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता का विकास होता है, जिससे सभी को लाभ मिलता है। श्वेता लिंगवाल ने कहा-दान से लाभ थीम बताती है कि महिलाओं के उत्थान में योगदान देने से वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से स्वतंत्र बनती हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आता है।
जब महिलाएं शिक्षित और सक्षम होती हैं, तो वे परिवार और देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाती हैं। शोभना सिंह ने कहा- इस वर्ष का थीम कौशल, समय और ज्ञान को साझा करने के माध्यम से, उदारता के साथ महिलाओं को आगे बढ़ाने पर जोर देती है। वार्ड पार्षद सोनी केशरी ने कहा- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का उद्देश्य महिलाओं की आवाज को मजबूत करना, समाज में फैले भेदभाव और रूढ़िवादिता को चुनौती देकर ऐसा बदलाव लाना है जिससे महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी और सम्मान मिले। रवि केशरी ने कहा- महिला दिवस की शुरुआत किसी एक दिन की घटना नहीं, बल्कि कई दशकों के संघर्ष का परिणाम है।
डॉ. प्रदीप ने कहा- 1908 में न्यूयॉर्क शहर में लगभग 15,000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और वोट देने के अधिकार के लिए विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद 1910 में क्लारा जेटकिन ने कोपेनहेगन में एक सम्मेलन के दौरान 'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस' मनाने का विचार पेश किया। जिसके बाद 1911 में पहली बार ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में इसे मनाया गया। इसके बाद 8 मार्च 1917 को रूस की महिलाओं ने रोटी और शांति की मांग को लेकर ऐतिहासिक हड़ताल की, जिससे वहां की सरकार को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देना पड़ा। इसी वजह से ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च को महिला दिवस के रूप में चुना गया। 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक तौर पर मान्यता दी और तभी से यह वैश्विक स्तर पर यह हर साल 8 मार्च को मनाया जाने लगा।

आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर तीसरी बार खिताब अपने नाम कर लिया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने दमदार खेल दिखाया और इतिहास रच दिया। इस जीत के बाद पूरे देश में खुशी का माहौल है और कई बड़े नेताओं ने टीम इंडिया को बधाई दी है।
भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया और ऐसा करने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई। साथ ही भारत लगातार दो बार यह ट्रॉफी जीतने वाला भी पहला देश बन गया है।
गया। आर्षेय अरिहंत फाउंडेशन के तत्वाधान में गया शहर के एपी कॉलोनी में संचालित अर्श सुपर स्पेशलियटी हॉस्पिटल के तत्वाधान में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन समर्थ केन्द्र बङगांव कोंच टेकारी में किया गया. इस शिविर आयोजन में समर्थ केंद्र बङगांव का सहयोग रहा । इस चिकित्सा शिविर में लगभग 1000 मरीजो का नि:शुल्क परामर्श किया गया. इसके साथ ही मुफ्त में दवा का भी वितरण किया गया.

आजमगढ़। अहरौला राजकीय महिला महाविद्यालय, अहिरौला में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यस्थल पर महिलाओं का सशक्तीकरण और समावेशन के नारीवादी दृष्टिकोण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य प्रो. महेन्द्र प्रकाश की अध्यक्षता में हाइब्रिड माध्यम में संगोष्ठी आईक्यूएसी द्वारा आयोजित की गयी। जिसमें आधिकारिक विचार क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़ डा. रमेश कुमार सिंह ने दिया और कहा कि महिला आधे समाज की प्रतिनिधि हैं, उनके लिए अवसर की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। बतौर मुख्य आमंत्रित वक्ता बीएचयू के हिन्दी विभाग की प्रोफेसर उर्वशी गेहलोत, नगालैंड के दीमापुर राजकीय महाविद्यालय की डा. अमोंगला एन जमीर, मध्यप्रदेश के पीएमओसी माधव राजकीय महाविद्यालय, उज्जैन की डा. रीना, कालिदास राजकीय महिला पीजी कॉलेज, उज्जैन की अंजना बुंदेला रहीं। पैनल वक्ता उपाधि पीजी कॉलेज, पीलीभीत के प्रो. विपिन कुमार नीरज रहे। वक्ताओं ने महिला अधिकार, समानता, कार्यस्थल की समावेशी प्रकृति और सशक्तीकरण के समक्ष भारत व वैश्विक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी समन्वयक डा. जमालुद्दीन अहमद ने मुख्य वक्ता और विशिष्ट वक्ताओं के साथ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े विद्वानों और शोधार्थी छात्रों का स्वागत किया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर उर्वशी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले की कहानी हमें सशक्त प्रेरणा देती है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में संघर्ष करना आवश्यक होता है। उन्होंने प्रगतिशील चिंतक सीमोन दी बोवा का उद्धरण देते हुए कहा कि स्त्री पैदा नहीं होती, बनाई जाती है। विशिष्ट वक्ता अमोंगला ने नगालैंड की महिला समस्या, उनकी कार्यशैली और संस्कृति पर बात रखते हुए हुए बताया कि महिला सशक्तीकरण और समावेशन में नगालैंड का प्रथम स्थान है। डा. रीना ने सामाजिक संरचना में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए आर्थिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में अभी भी महिलाओं का योगदान लगभग चालीस प्रतिशत से कम है तथा पंचायत में महिलाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। जिसके लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप की जरूरत है। डा. अंजना बुंदेला ने बताया कि कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि शिक्षा की उन्नति और निर्णय की स्वतंत्रता से समावेशी संस्कृति का विकास करना ही नारी सशक्तीकरण के पहलू हैं। संगोष्ठी के शोध पत्र प्रस्तुतीकरण सत्र में शोधार्थियों और विद्वान आचार्यों ने अपने शोध पत्रों का वाचन किया, जिसमें डा. क्रांति कुमार त्रिवेदी, डा. सुधा जायसवाल, डा. जयप्रकाश नारायण यादव, डा. अनीता जायसवाल, डा. नेहा मिश्रा, डा. प्रज्ञानन्द प्रजापति, डा. अमित कुमार गोंड ने कार्यस्थल पर नारी के समस्त वर्ग के समावेशन की संस्कृति को विकसित करने पर बल दिया। आयोजन सचिव डा. राकेश कुमार यादव ने सभी प्रतिभागियों के साथ एनएसएस की छात्राओं, महाविद्यालय के कर्मचारीगण और सभी प्राध्यापकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

संजीव सिंह बलिया। रसड़ा: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार, 8 मार्च को सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, रसरा में एक आकर्षक समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं के सामाजिक और शैक्षिक योगदान को रेखांकित किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत महिला दिवस पर आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, "पिक द चिट" गेम और कविता पाठ जैसी रोचक गतिविधियों से हुई, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।प्रधानाचार्य संजीव सिंह चौहान ने सभा को संबोधित करते हुए महिलाओं के समाज और शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाएं राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं।स्कूल को विशेष सम्मान प्रदान करते हुए टाइम्स ऑफ इंडिया, दिल्ली कार्यालय के वरिष्ठ मुख्य राजनीतिक संपादक अखिलेश सिंह सेंगर तथा लखनऊ विश्वविद्यालय के सरवजीत सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भव्यता प्रदान की।समारोह का समापन शिक्षकों के साथ सामूहिक दोपहर भोजन के साथ हुआ। अंत में प्रधानाचार्य ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आभार व्यक्त किया।
वलसाड। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था काव्य सृजन परिवार द्वारा रविवार 8 मार्च 2026 को वलसाड, गुजरात के रमणीय स्थल पर होली मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।जिसका आयोजन संस्था के संगठन मंत्री सौरभ दत्ता "जयंत" के मार्गदर्शन में हुआ।समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ शारदे का पूजन-वंदन एवं धूप-दीप पुष्प अर्पित करते हुए किया गया। साथ ही संस्था के संस्थापक शिवप्रकाश जमदग्निपुरी ने मंत्रोच्चारण करके माँ सरस्वती की वंदना व स्तुति की।कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया गया।प्रथम सत्र की अध्यक्षता हौंसिला प्रसाद सिंह अन्वेषी ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में विनोद शुक्ला कवि व टिकट निरीक्षक रेलवे मुंबई उपस्थित रहे। प्रथम सत्र का बहुत ही शानदार संचालन पंडित शिव प्रकाश जमदग्निपुरी ने होली के शब्द रुपी रंगों से किया।कार्यक्रम के दूसरे सत्र की अध्यक्षता प्रो.डॉ कृष्ण कुमार मिश्र मुंबई ने किया तथा मुख्य अतिथि के रुप में डॉक्टर प्रमोद कुमार पल्लवित मंच पर उपस्थित रहे।दूसरे सत्र का बहुत ही खूबसूरत संचालन श्रीमती लक्ष्मी यादव ने किया। उपस्थित सभी अतिथियों का सम्मान पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं सम्मान चिन्ह देकर किया गया।उक्त समारोह में मुंबई शहर के,मुंबई उपनगर के तथा ठाणे एवं पालघर सहित गुजरात के अन्य जिलों से भी लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि व पूर्व शिक्षक लाल बहादुर यादव कमल,अरुण दुबे अविकल,पूर्व बैंक अधिकारी व सुप्रसिद्ध कवि ओमप्रकाश तिवारी,कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप, जालना से पधारे शिक्षक कवि उमेश पाण्डेय, पूर्व शिक्षक व कवि डॉ शारदा प्रसाद दुबे शरदचंद्र,रामकिशन शर्मा,कैलाश नाथ गुप्ता,शिवनारायण यादव, अधिवक्ता अनिल शर्मा,आर एन शर्मा,दीपक यादव,संस्था सचिव प्राध्यापक अंजनी कुमार द्विवेदी अनमोल,डीके अग्निहोत्री उर्फ कैलाश,प्रतिष्ठित कवि व गीतकार अवधेश विश्वकर्मा नमन, विपुल मिश्रा,अनूप बिंदल,संस्था उपसचिव आनंद पाण्डेय केवल,विनोद कुमार शुक्ला,मुख्य अतिथि सोनल,इंदु भोलानाथ मिश्र,संजीत कुमार ठाकुर,मदन मोहन दास,संस्था अध्यक्ष श्रीधर मिश्र आत्मिक और मोतीलाल बजाज (प्रेषित रचना द्वारा) सहित कार्यक्रम संयोजक सौरभ दत्ता जयंत आदि ने काव्यपाठ किया। सभी कवियों ने होली पर तथा अपनी विविध रचनाओं के माध्यम से उपस्थित सभी श्रोताओं एवं कवियों को आनंदित एवं भावविभोर कर दिया।श्रोताओं में सुश्री चौहान मैडम नालासोपारा,राजीव अवस्थी, ललित कुमार,सुजया सौरभ दत्ता सहित आयोजन सहयोगियों में अविनाश सर,राहुल खुल्लर, धनंजय कुमार सिंह,विजय पटेल,जयेश पटेल,मनोज राठौड़,अमित पटेल,रवि प्रताप सिंह,चंद्रजीत मौर्य का अतुलनीय एवं सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।होली स्नेह मिलन समारोह में संस्था पदाधिकारियों ने सभी को अबीर और गुलाल लगाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में अनूप बिंदल ने संस्था को श्रीमद्भागवत गीता की प्रति भेंट की।सम्मान समारोह के अंतर्गत लब्ध प्रतिष्ठित कवि व शायर डॉ सागर त्रिपाठी को काव्यसृजन रत्नाकर सम्मान से सम्मानित किया गया, उनकी अनुपस्थिति में पुरस्कार डॉ कृष्णकुमार मिश्रा ने ग्रहण किया।अरुण दूबे अविकल को साहित्य रत्न सम्मान,डॉ शारदा प्रसाद दूबे शरदचन्द्र को साहित्य सेवी सम्मान भारतेंदु बाबू हरिश्चंद्र सम्मान,युवा कवि मदनमोहन दास को काव्यसृजन युवा साहित्यरत्न सम्मान, लक्ष्मी यादव "ओजस्विनी" को काव्यसृजन महिला साहित्यरत्न से सम्मानित किया गया।सभी को होली के स्नेह रूपी रंगों में रंगने के पश्चात उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं साहित्यकारों ने होली पर विविध रंग रुपी कविताओं,छंदों,गीतों और होली के कबीरा और जोगीरा से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत में सौरभ दत्ता जयंत जी ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ इस शानदार समारोह का समापन किया गया।
मेरठ। बहसूमा। भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल मैच को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। ग्राम मोहम्मदपुर साकिस्त में ग्रामीणों के मनोरंजन और मैच का आनंद दिलाने के लिए डॉ. नीरज कुमार द्वारा माता रानी के मंदिर के पास एलईडी स्क्रीन लगवाई गई, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर मैच का आनंद ले रहे हैं।
गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित संगठन मेरा युवा भारत के तत्वावधान में गया कॉलेज, गया के प्रांगण में जिला स्तरीय दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में पुरुष एवं महिला दोनों वर्गों के लिए वॉलीबॉल, कबड्डी, 200 मीटर तथा 400 मीटर दौड़ की प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की गईं।
21 min ago
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