भारत ने विविधता को ताकत में बदला, सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, CSPOC में बोले पीएम मोदी
#pmmodicspoc2026indiademocracydevelopment
![]()
![]()
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। इस कॉन्फ्रेंस में 42 देशों के 61 स्पीकर्स और ऑफिसर्स शामिल हैं। संविधान सदन में आयोजित इस समारोह में पीएम मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा पर कभी संदेह किया गया। लेकिन आज वही लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। यही वजह है कि भारत न सिर्फ स्थिर है बल्कि तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं सबका स्वागत करता हूं। जिस स्थान पर आप सभी बैठे हैं वो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। गुलामी के आखिरी वर्षों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी तब इसी सेंटल हॉल में भारत के संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई। 75 सालों तक ये इमारत भारत की संसद रही। यहां अनेक चर्चाएं हुई, अनेक फैसले लिए गए। अब इसको संविधान सदन का नाम दिया गया है।
डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि यह चौथा अवसर है, जब कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स की कॉन्फ्रेंस भारत में हो रही है। इस बार इस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय इफेक्टिव डिलीवरी ऑफ पर्लियामेंट्री डेमोक्रेसी है। भारत ने डाइवर्सिटी को डेमोक्रेसी की ताकत बना दिया। भारत ने साबित किया कि डमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशन और डेमोक्रेटिक प्रॉसेस, डेमोक्रेसी को स्टेबिलिटी, स्पीड और स्केल तीनों देते हैं।
भारत में लोकतंत्र को लेकर गंभीर संदेह था-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, आज के वैश्विक संदर्भ में बहुत प्रासंगिक है। जब भारत आजाद हुआ था, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात पर गंभीर संदेह था कि इतनी ज़्यादा विविधता वाले देश में लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं। भारत ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया और अपनी विविधता को अपने लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया। एक और आशंका यह थी कि अगर लोकतंत्र किसी तरह बच भी गया, तो भारत विकास के मामले में कुछ खास नहीं कर पाएगा।
हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा की भारत की राष्ट्रपति देश की पहले नागरिक, एक महिला हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री भी महिला हैं। आज, भारतीय महिलाएं न केवल लोकतंत्र में भाग ले रही हैं बल्कि नेतृत्व भी कर रही हैं। आपमें से कई लोग भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र के रूप में जानते हैं। वास्तव में, हमारे लोकतंत्र का पैमाना असाधारण है। उदाहरण के तौर पर, 2024 में हुए भारत के आम चुनाव मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास थे। लगभग 98 करोड़ नागरिकों ने वोट के लिए पंजीकरण कराया। यह संख्या कुछ महाद्वीपों की जनसंख्या से भी अधिक है। चुनावों में 8,000 से अधिक उम्मीदवार और 700 से अधिक राजनीतिक पार्टियां भाग लीं। महिलाओं के मतदान में भी रिकॉर्ड भागीदारी देखी गई।
सभी देशों के विकास में योगदान का प्रयास-पीएम मोदी
कॉमनवेल्थ देशों की कुल जनसंख्या का लगभग 50 फीसदी हिस्सा भारत में बसता है। हमारा प्रयास रहा है कि भारत सभी देशों के विकास में अधिक से अधिक योगदान करे। कॉमनवेल्थ के सतत विकास लक्ष्यों में स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास और नवाचार के क्षेत्र में हम पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी प्रतिबद्धता को पूरा कर रहे हैं। भारत सभी साथियों से सीखने का निरंतर प्रयास करता है। हमारा ये भी प्रयास होता है कि हमारे अनुभव अन्य कॉमनवेल्थ साझेदारों के भी काम आए। आज दुनिया अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में वैश्विक दक्षिण के लिए भी नए रास्ते बनाने का समय है।




*वाहनों की फिटनेस पांच जनवरी से बंद है,अब मिर्जापुर वाराणसी में होगा फिटनेस*

*205 खातों की होगी जांच

लखनऊ । बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता उनके जन्मदिन को जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाते हैं। इस मौके पर उन्होंने सभी देशवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
भारतीय सेना दिवस के अवसर पर देशभर में वीर जवानों के शौर्य, बलिदान और अनुशासन को याद किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर भारतीय सेना को नमन करते हुए कहा कि सेना निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र रक्षा की सजीव प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अटूट संकल्प के साथ देश की सुरक्षा करते हैं और उनके साहस से हर भारतीय को भरोसा मिलता है।प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि भारतीय सेना के जवान कर्तव्य के प्रति समर्पण और त्याग की मिसाल हैं। उन्होंने शहीद सैनिकों को भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश उन वीरों को हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद रखेगा, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सेना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय सेना ने हमेशा देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा की है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ सेना आपदा प्रबंधन, मानवीय सहायता और संकट के समय भी अहम भूमिका निभाती है। सैनिकों का “राष्ट्र प्रथम” का भाव पूरे देश को प्रेरित करता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना ने अपने अनुशासन, पेशेवर दक्षता और मानवीय दृष्टिकोण के कारण वैश्विक स्तर पर सम्मान अर्जित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक आधुनिक, आत्मनिर्भर और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार सेना के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और गृह मंत्री अमित शाह ने भी सेना दिवस पर जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। अमित शाह ने कहा कि सेना के शौर्य की गूंज इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जो हर पीढ़ी को देशभक्ति की प्रेरणा देती है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सेना के योगदान को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र हमेशा सैनिकों के साहस और बलिदान का ऋणी रहेगा। सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन 1949 में फील्ड मार्शल के.एम. करियाप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बनने की स्मृति में मनाया जाता है।

आज दिनांक 14 जनवरी 2026 को नागराजग्राम में मध्यस्थ दर्शन के आलोक में अनुभव शिविर का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नागराज ग्राम परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने परिवारों के साथ उपस्थित रहे। साथ ही आसपास के गांवों—करडा, इनारवरण सहित अन्य गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही, जिससे पूरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह से परिपूर्ण हो गया। कार्यक्रम का संचालन धीरज जी के द्वारा किया गया । कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह को मध्यस्थ दर्शन के प्रणेता ए नागराज जी के जीवन एवं विचारों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। वक्ताओं ने बताया कि किस प्रकार मध्यस्थ दर्शन व्यक्ति, परिवार, समाज और प्रकृति—सभी स्तरों पर संतुलन, खुशहाली एवं सह-अस्तित्व की भावना को विकसित करता है।
तथा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मार्गदर्शक श्री योगेश शास्त्री (पुणे निवासी), जो पेशे से इंजीनियर एवं प्रबोधक हैं, रहे। उनके मार्गदर्शन में यह अनुभव शिविर सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। नागराज ग्राम परिवार के सदस्यों ने ए नागराज जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की। इसके पश्चात वंदना गीत प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात मध्यस्थ दर्शन ने लोगों के जीवन को किस प्रकार सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है, इस विषय पर गहन चर्चा हुई तथा कई प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में नागराज ग्राम परिवार के प्रमुख रूप से कृष्ण देव राय, हरेंद्र कुमार, समीर कुमार, पवन आर्या, विकास कुमार, मणिकांत पाठक, धीरज कुमार, प्रभु यादव, आचार्य नवीन, रितु, बबली, भावना, सुशीला सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त सुदामा देवी, जो कल्याणपुर पंचायत की मुखिया हैं, प्रीति, हीरा जी, विष्णु, कैलाश, ज्योतिष, चिंतामणि यादव, चंद्रशेखर चौधरी, समर जी, तालो हेंब्रम समेत आसपास के गांवों से आए बड़ी संख्या में ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वक्ताओं ने कहा कि मध्यस्थ दर्शन आज समाज में नई आशा की किरण के रूप में उभर रहा है। इसी विचारधारा से प्रेरित होकर वर्ष 2020 में देवघर क्षेत्र के कुछ जागरूक परिवारों द्वारा नागराज ग्राम की परिकल्पना की गई थी। इन परिवारों में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े लोग, राज्य सरकार के कर्मचारी, शिक्षक एवं विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर मानवीय मूल्यों पर आधारित सामाजिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसी क्रम में यह अनुभव शिविर हर वर्ष 14 जनवरी को आयोजित किया जाता है और इस वर्ष यह कार्यक्रम लगातार चौथे साल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
23 sec ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1