राम कथा में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, राम गमन प्रसंग सुन छलक पड़े भाव
ामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा (बलिया) स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे श्री राम जन्म महोत्सव के अंतर्गत आयोजित राम कथा प्रवचन के सातवें दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी ने भगवान श्रीराम के वन गमन (राम गमन) प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान महाराज जी ने बताया कि जब भगवान श्रीराम ने पिता के वचन की मर्यादा रखते हुए अयोध्या का राज-पाट त्यागकर वन जाने का निर्णय लिया, तब पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई। माता कौशल्या, सुमित्रा एवं अयोध्यावासियों का विलाप सुन वातावरण भावुक हो उठा। श्रीराम के साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण का वन गमन त्याग, प्रेम और कर्तव्य का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है। कथा के इस प्रसंग ने लोगों को जीवन मूल्यों का संदेश दिया, जिसे सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। प्रवचन के उपरांत भगवान श्रीराम की आरती का आयोजन किया गया, जिसमें नगर थाना अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा, पूर्व विधायक धनंजय कनौजिया, मनीष सिंह, श्याम प्रकाश सिंह, डीएन प्रसाद, बिट्टन सिंह, समरजीत सिंह, धनजी, संजय गुप्ता, आशु सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने सेवक के रूप में भाग लेकर आरती की। इस दौरान पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
साहित्य वाचस्पति उपाधि से विभूषित हुए प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय
मुंबई। हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग ने प्रख्यात आलोचक व मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय को अपनी सर्वोच्च उपाधि साहित्य वाचस्पति (डी. लिट.) से 22 मार्च 2026 को श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,गुजरात में सम्मानित किया।उक्त उपाधि से अब तक साहित्यकारों में पं.मदन मोहन मालवीय,महात्मा गाँधी,अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, ग्रियर्सन, श्यामसुन्दर दास, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त,माखन लाल चतुर्वेदी,डॉ. सम्पूर्णानन्द,हजारी प्रसाद द्विवेदी,विजय दत्त श्रीधर जैसी विभूतियों का समावेश है।

प्रोफेसर उपाध्याय को यह उपाधि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति और प्रख्यात विद्वान् डाॅ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।मुंबई विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं आलोचक डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय इस समय हिन्दी साहित्य के सबसे चर्चित आलोचक हैं।आप भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अधिकारी विद्वान् हैं। आप आलोचना की अद्यतन पद्धतियों से भी पूर्णत: विज्ञ हैं।आप भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नूतन प्रतिमानों का निर्माण करते हैं।आपकी  पुस्तक 'मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ' पर आयोजित परिचर्चा के अवसर पर साहित्यकार चित्रामुद्गल ने डाॅ. उपाध्याय को आज का सबसे बड़ा आलोचक कहा था।

तदुपरांत हिंदी साहित्य भारती द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने इन्हें वर्तमान शती का आचार्य रामचंद्र शुक्ल और डाॅ.अरविंद द्विवेदी ने अज्ञेय के बाद हिंदी का सबसे बड़ा अंत: अनुशासनिक आलोचक कहा।प्रोफेसर उपाध्याय के आलोचनात्मक लेखन पर ममता यादव ने जे.जे.टी.विश्वविद्यालय, झुंझनू,राजस्थान से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दर्जन से अधिक सम्मान से पुरस्कृत डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को उ.प्र. के प्रतापगढ़ जिले के घोरका तालुकदारी नामक गाँव में हुआ।पिता राममनोरथ उपाध्याय विख्यात रामायणी थें और पितामह रामकिशुन उपाध्याय सुविख्यात वैद्य थें।

डाॅ.उपाध्याय की अभी तक कुल 20 मौलिक आलोचनात्मक पुस्तकें और 15 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। गत वर्ष इनका आलोचना ग्रंथ ' जयशंकर प्रसाद महानता के आयाम ' प्रकाशित हुआ है जो इस समय विद्वानों के मध्य मीमांसा का विषय बना हुआ है। महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डाॅ.कविता प्रसाद पुस्तक की प्रशंसा करती है। इस पर अब तक 25 संगोष्ठियां आयोजित हो चुकी हैं।आपके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगभग 400 आलेख - शोध पत्र प्रकाशित हैं।वही प्रो. उपाध्याय के कुशल निर्देशन में अब तक 37 शोधार्थी पी-एच. डी. की उपाधि एवं 55 छात्र एम.फिल. कर चुके हैं।
नवमी पर श्रीराम कथा महायज्ञ का होगा समापन, भव्य शोभायात्रा निकलेगी

मुंबई। श्री मंगल की अगुवाई में आयोजित 7 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महायज्ञ का समापन नवमी के अवसर पर होगा। कथा आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और प्रतिदिन भक्ति, संगीत व आध्यात्मिक संदेशों से वातावरण राममय बना हुआ है। कथा के दौरान कथाव्यास ने सती की परीक्षा, शिव विवाह का वर्णन तथा श्रीराम कथा में शिव-पार्वती विवाह की झांकी प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा में बताया गया कि मनुष्य जीवन में भगवान का स्मरण, सत्संग और मर्यादा का पालन अत्यंत आवश्यक है। रामकथा जीवन को सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। आयोजन समिति के अनुसार श्रीराम नवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए रुक्मणी मंदिर में सम्पन्न होगी। शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी ने कहा कि “श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, संस्कार और मर्यादा का संदेश देने का माध्यम है। नवमी के अवसर पर आयोजित समापन समारोह और शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।”वहीं भाष्कर दुबे ने कहा कि “इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में भक्ति, सकारात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। श्रीराम कथा महायज्ञ से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है और शोभायात्रा को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है।”आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा व शोभायात्रा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
सीतापुर में पूर्व विधायक सुनील वर्मा ने लगाया जनता दरबार, लोगों की समस्याओं का किया निस्तारण

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। नगर गेट के निकट सीतापुर मार्ग पर भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर बुधवार को पूर्व भाजपा विधायक सुनील वर्मा ने लगाया जनता दरबार और दूर दराज से आए  लोगों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही फोन से संबंधित अधिकारियों को समस्याओं को अवगत कराकर निस्तारण कराया।

इस संबंध में पूर्व विधायक सुनील वर्मा ने कहा कि जनता की समस्याओं का निराकरण करना उनकी प्राथमिकता है और वह प्रत्येक बुधवार को कार्यालय में रहकर जनता की समस्याओं को सुनकर उसका निस्तारण करायेंगे।  इस मौके पर जमा भाजपा कार्यकर्ताओं से उन्होंने भेंट कर उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारीयों को लेकर जुट जाने की अपील की। जनता दरबार में प्रमुख रूप से जिला मंत्री मनोज गुप्ता, नगर अध्यक्ष विनीत जायसवाल, नगर उपाध्यक्ष रामेश्वर दयाल तिवारी, कोषाध्यक्ष बंशीधर पाठक, नगर मंत्री आलोक जायसवाल, उपाध्यक्ष दिलीप मौर्य, महामंत्री धर्मेंद्र पांडे, सूरज जायसवाल, उमंग मेहरोत्रा सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता व दूर दराज से आए ग्रामीण उपस्थित उपस्थित थे।
पॉक्सो केस में शंकराचार्य समेत अन्य को राहत, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

प्रयागराज । प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके साथ-साथ उनके शिष्य स्वामी प्रत्यक्त चैतन्य मुकुंदानंद गिरि एवं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है।

इस मामले में पूर्व में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने तथ्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।

यह मामला नाबालिग बच्चों के यौन उत्पीड़न से जुड़ा है, जिसमें प्रयागराज के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जानकारी के अनुसार, एक धर्माचार्य के शिष्य की ओर से आशुतोष महाराज द्वारा धारा 173(4) के तहत एफआईआर दर्ज कराने के लिए अर्जी दी गई थी, जिसके आधार पर यह मामला दर्ज हुआ।

गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद यह अंतरिम राहत प्रदान की है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के अनुसार अगली सुनवाई में विस्तृत निर्णय लिया जाएगा।
वरिष्ठ पत्रकार की चाची का बिमारी के चलते निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। छपार में वरिष्ठ पत्रकार की चाची का बिमारी के चलते निधन हो गया। जिससे क्षेत्र में शोक है। उनके आवास पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
मेरठ से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता दीपक त्यागी की चाची पवन देवी पत्नी योगेन्द्र उर्फ टीटू त्यागी पिछले काफी समय से बीमार चल रही थी। वह कैंसर से पीडित थी। मंगलवार दोपहर में ढाई बजे के लगभग उनकी मृत्यु हो गई। वह 50 वर्ष की थी। जिनका छपार के शमशान घाट पर शाम छ बजे अंतिम संस्कार किया गया। वह अपने पीछे पति, पुत्र अर्जुन त्यागी, पुत्रवधु प्रिया त्यागी व तीन पुत्रियों को छोड गई है। उनके आवास पर सांत्वना देने वालों की भीड लगी रही। इस दौरान भाकियू तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. संजीव तोमर, जिलाध्यक्ष निखिल चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर, पुरकाजी ब्लाक प्रमुख पति धनप्रकाश, भाजपा नेता पंकज त्यागी, जिला कार्यकारिणी सदस्य अमित प्रधान, भाजपा के बरला मंडल अध्यक्ष अंकुर त्यागी, मुनीश त्यागी, राजीव बालियान, सपा नेता बालेन्द्र मोर्य, पूर्व प्रधान जुबैर बबलू, गौरव गुप्ता, चन्दन त्यागी, आसपा नेता अनुज कश्यप आदि दर्जनों गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
गया नगर निगम का अजब-गजब कारनामा, अतिक्रमण नहीं हटा तो अपना ही डिवाइडर तोड़ लाखों रुपये किए बर्बाद

जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जनता के लाखों रुपए की पैसे पानी में बह गए

गयाजी। शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर नगर निगम प्रशासन का एक अजीबो-गरीब कारनामा सामने आया है। जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जिससे लाखों रुपये की सरकारी राशि पानी में बह गई।

शहर के केपी रोड में वर्षों व वर्षों का अतिक्रमण को जहां निगम प्रशासन हटाने में विफल रही। वहीं मंगलवार को नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया के कारनामे से चर्चा का विषय रहा। नगर निगम द्वारा सड़क किनारे अवैध कब्जे हटाने के बजाय, उन्होंने जेसीबी मशीन से लाखों रुपए से सड़क के बीच बने ग्रिल लगे पक्के डिवाइडर को ही ध्वस्त कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस अतिक्रमण को नगर प्रशासन ने हटाने के लिए वर्षों से यह कार्रवाई की जा रही थी, जब अतिक्रमण नहीं हटा तो, अपना ही डिवाइडर को हटा दिया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह से लापरवाही और बिना योजना के की गई है। आम जनता के टैक्स के पैसों से बनाए गए निर्माण को ही तोड़ देना समझ से परे है।

स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की कार्यशैली जारी रही, तो विकास कार्यों पर लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा।

फिलहाल, इस पूरे मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर मामला यूं ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

इधर इस संबंध मेयर गणेश पासवान से दूरभाष से बात के दौरान बताया कि इस तरह की मुझे कोई जानकारी नहीं है, न बोर्ड न स्टैंडिंग की बैठक में पास नहीं किया गया। नगर प्रशासक की खुद की कार्रवाई है।

तेज रफ्तार दो पहिया वाहन ने पैदल जा रहे 65 वर्षीय बुजुर्ग से जोरदार टक्कर आई काफी चोट

विश्वनाथ प्रताप सिंह



प्रयागराज।मामला जनपद प्रयाग राज   लालापुर   थाना अंतर्गत सुपारी बाग   के पास  दुर्घटना हो गई जिसमें 65 वर्षीय बुजुर्ग को  मस्तक पर  कभी चोट आई जिससे वह अपना परिचय बताने में समर्थ था
मौके पर वहां पर मौजूद लोगों के द्वारा उनकी मदद की जा रही थी जिसमें तत्काल में 112 को  पत्रकार  सोनू शुक्ला के द्वारा बुलाया गया और एंबुलेंस 108 को भी बुलाया गया

फोन  करते ही डायल हंड्रेड में हेड कांस्टेबल जय प्रजापति 2 मिनट के अंदर वहाँ मौके पर पहुंचे
जिससे उनका इलाज के लिए तत्काल सही स्थान पर पहुंचाया गया पुलिस विभाग मे p r b 112 जो काम कर जाती है आज वह काम थाना नहीं कर पाता है क्योंकि आज हेड कांस्टेबल जय प्रजापति तत्काल वहां पहुंचकर के यह साबित किया कि जनता की सेवा ही उनका पहला धर्म
राम कथा में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, राम गमन प्रसंग सुन छलक पड़े भाव
ामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा (बलिया) स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे श्री राम जन्म महोत्सव के अंतर्गत आयोजित राम कथा प्रवचन के सातवें दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी ने भगवान श्रीराम के वन गमन (राम गमन) प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान महाराज जी ने बताया कि जब भगवान श्रीराम ने पिता के वचन की मर्यादा रखते हुए अयोध्या का राज-पाट त्यागकर वन जाने का निर्णय लिया, तब पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई। माता कौशल्या, सुमित्रा एवं अयोध्यावासियों का विलाप सुन वातावरण भावुक हो उठा। श्रीराम के साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण का वन गमन त्याग, प्रेम और कर्तव्य का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है। कथा के इस प्रसंग ने लोगों को जीवन मूल्यों का संदेश दिया, जिसे सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। प्रवचन के उपरांत भगवान श्रीराम की आरती का आयोजन किया गया, जिसमें नगर थाना अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा, पूर्व विधायक धनंजय कनौजिया, मनीष सिंह, श्याम प्रकाश सिंह, डीएन प्रसाद, बिट्टन सिंह, समरजीत सिंह, धनजी, संजय गुप्ता, आशु सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने सेवक के रूप में भाग लेकर आरती की। इस दौरान पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
साहित्य वाचस्पति उपाधि से विभूषित हुए प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय
मुंबई। हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग ने प्रख्यात आलोचक व मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय को अपनी सर्वोच्च उपाधि साहित्य वाचस्पति (डी. लिट.) से 22 मार्च 2026 को श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,गुजरात में सम्मानित किया।उक्त उपाधि से अब तक साहित्यकारों में पं.मदन मोहन मालवीय,महात्मा गाँधी,अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, ग्रियर्सन, श्यामसुन्दर दास, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त,माखन लाल चतुर्वेदी,डॉ. सम्पूर्णानन्द,हजारी प्रसाद द्विवेदी,विजय दत्त श्रीधर जैसी विभूतियों का समावेश है।

प्रोफेसर उपाध्याय को यह उपाधि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति और प्रख्यात विद्वान् डाॅ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।मुंबई विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं आलोचक डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय इस समय हिन्दी साहित्य के सबसे चर्चित आलोचक हैं।आप भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अधिकारी विद्वान् हैं। आप आलोचना की अद्यतन पद्धतियों से भी पूर्णत: विज्ञ हैं।आप भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नूतन प्रतिमानों का निर्माण करते हैं।आपकी  पुस्तक 'मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ' पर आयोजित परिचर्चा के अवसर पर साहित्यकार चित्रामुद्गल ने डाॅ. उपाध्याय को आज का सबसे बड़ा आलोचक कहा था।

तदुपरांत हिंदी साहित्य भारती द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने इन्हें वर्तमान शती का आचार्य रामचंद्र शुक्ल और डाॅ.अरविंद द्विवेदी ने अज्ञेय के बाद हिंदी का सबसे बड़ा अंत: अनुशासनिक आलोचक कहा।प्रोफेसर उपाध्याय के आलोचनात्मक लेखन पर ममता यादव ने जे.जे.टी.विश्वविद्यालय, झुंझनू,राजस्थान से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दर्जन से अधिक सम्मान से पुरस्कृत डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को उ.प्र. के प्रतापगढ़ जिले के घोरका तालुकदारी नामक गाँव में हुआ।पिता राममनोरथ उपाध्याय विख्यात रामायणी थें और पितामह रामकिशुन उपाध्याय सुविख्यात वैद्य थें।

डाॅ.उपाध्याय की अभी तक कुल 20 मौलिक आलोचनात्मक पुस्तकें और 15 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। गत वर्ष इनका आलोचना ग्रंथ ' जयशंकर प्रसाद महानता के आयाम ' प्रकाशित हुआ है जो इस समय विद्वानों के मध्य मीमांसा का विषय बना हुआ है। महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डाॅ.कविता प्रसाद पुस्तक की प्रशंसा करती है। इस पर अब तक 25 संगोष्ठियां आयोजित हो चुकी हैं।आपके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगभग 400 आलेख - शोध पत्र प्रकाशित हैं।वही प्रो. उपाध्याय के कुशल निर्देशन में अब तक 37 शोधार्थी पी-एच. डी. की उपाधि एवं 55 छात्र एम.फिल. कर चुके हैं।
नवमी पर श्रीराम कथा महायज्ञ का होगा समापन, भव्य शोभायात्रा निकलेगी

मुंबई। श्री मंगल की अगुवाई में आयोजित 7 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महायज्ञ का समापन नवमी के अवसर पर होगा। कथा आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और प्रतिदिन भक्ति, संगीत व आध्यात्मिक संदेशों से वातावरण राममय बना हुआ है। कथा के दौरान कथाव्यास ने सती की परीक्षा, शिव विवाह का वर्णन तथा श्रीराम कथा में शिव-पार्वती विवाह की झांकी प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा में बताया गया कि मनुष्य जीवन में भगवान का स्मरण, सत्संग और मर्यादा का पालन अत्यंत आवश्यक है। रामकथा जीवन को सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। आयोजन समिति के अनुसार श्रीराम नवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए रुक्मणी मंदिर में सम्पन्न होगी। शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी ने कहा कि “श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, संस्कार और मर्यादा का संदेश देने का माध्यम है। नवमी के अवसर पर आयोजित समापन समारोह और शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।”वहीं भाष्कर दुबे ने कहा कि “इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में भक्ति, सकारात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। श्रीराम कथा महायज्ञ से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है और शोभायात्रा को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है।”आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा व शोभायात्रा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
सीतापुर में पूर्व विधायक सुनील वर्मा ने लगाया जनता दरबार, लोगों की समस्याओं का किया निस्तारण

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। नगर गेट के निकट सीतापुर मार्ग पर भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर बुधवार को पूर्व भाजपा विधायक सुनील वर्मा ने लगाया जनता दरबार और दूर दराज से आए  लोगों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही फोन से संबंधित अधिकारियों को समस्याओं को अवगत कराकर निस्तारण कराया।

इस संबंध में पूर्व विधायक सुनील वर्मा ने कहा कि जनता की समस्याओं का निराकरण करना उनकी प्राथमिकता है और वह प्रत्येक बुधवार को कार्यालय में रहकर जनता की समस्याओं को सुनकर उसका निस्तारण करायेंगे।  इस मौके पर जमा भाजपा कार्यकर्ताओं से उन्होंने भेंट कर उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारीयों को लेकर जुट जाने की अपील की। जनता दरबार में प्रमुख रूप से जिला मंत्री मनोज गुप्ता, नगर अध्यक्ष विनीत जायसवाल, नगर उपाध्यक्ष रामेश्वर दयाल तिवारी, कोषाध्यक्ष बंशीधर पाठक, नगर मंत्री आलोक जायसवाल, उपाध्यक्ष दिलीप मौर्य, महामंत्री धर्मेंद्र पांडे, सूरज जायसवाल, उमंग मेहरोत्रा सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता व दूर दराज से आए ग्रामीण उपस्थित उपस्थित थे।
पॉक्सो केस में शंकराचार्य समेत अन्य को राहत, हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

प्रयागराज । प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके साथ-साथ उनके शिष्य स्वामी प्रत्यक्त चैतन्य मुकुंदानंद गिरि एवं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है।

इस मामले में पूर्व में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने तथ्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए अग्रिम जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।

यह मामला नाबालिग बच्चों के यौन उत्पीड़न से जुड़ा है, जिसमें प्रयागराज के झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। जानकारी के अनुसार, एक धर्माचार्य के शिष्य की ओर से आशुतोष महाराज द्वारा धारा 173(4) के तहत एफआईआर दर्ज कराने के लिए अर्जी दी गई थी, जिसके आधार पर यह मामला दर्ज हुआ।

गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद यह अंतरिम राहत प्रदान की है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के अनुसार अगली सुनवाई में विस्तृत निर्णय लिया जाएगा।
वरिष्ठ पत्रकार की चाची का बिमारी के चलते निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। छपार में वरिष्ठ पत्रकार की चाची का बिमारी के चलते निधन हो गया। जिससे क्षेत्र में शोक है। उनके आवास पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
मेरठ से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता दीपक त्यागी की चाची पवन देवी पत्नी योगेन्द्र उर्फ टीटू त्यागी पिछले काफी समय से बीमार चल रही थी। वह कैंसर से पीडित थी। मंगलवार दोपहर में ढाई बजे के लगभग उनकी मृत्यु हो गई। वह 50 वर्ष की थी। जिनका छपार के शमशान घाट पर शाम छ बजे अंतिम संस्कार किया गया। वह अपने पीछे पति, पुत्र अर्जुन त्यागी, पुत्रवधु प्रिया त्यागी व तीन पुत्रियों को छोड गई है। उनके आवास पर सांत्वना देने वालों की भीड लगी रही। इस दौरान भाकियू तोमर के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. संजीव तोमर, जिलाध्यक्ष निखिल चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर, पुरकाजी ब्लाक प्रमुख पति धनप्रकाश, भाजपा नेता पंकज त्यागी, जिला कार्यकारिणी सदस्य अमित प्रधान, भाजपा के बरला मंडल अध्यक्ष अंकुर त्यागी, मुनीश त्यागी, राजीव बालियान, सपा नेता बालेन्द्र मोर्य, पूर्व प्रधान जुबैर बबलू, गौरव गुप्ता, चन्दन त्यागी, आसपा नेता अनुज कश्यप आदि दर्जनों गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
गया नगर निगम का अजब-गजब कारनामा, अतिक्रमण नहीं हटा तो अपना ही डिवाइडर तोड़ लाखों रुपये किए बर्बाद

जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जनता के लाखों रुपए की पैसे पानी में बह गए

गयाजी। शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर नगर निगम प्रशासन का एक अजीबो-गरीब कारनामा सामने आया है। जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जिससे लाखों रुपये की सरकारी राशि पानी में बह गई।

शहर के केपी रोड में वर्षों व वर्षों का अतिक्रमण को जहां निगम प्रशासन हटाने में विफल रही। वहीं मंगलवार को नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया के कारनामे से चर्चा का विषय रहा। नगर निगम द्वारा सड़क किनारे अवैध कब्जे हटाने के बजाय, उन्होंने जेसीबी मशीन से लाखों रुपए से सड़क के बीच बने ग्रिल लगे पक्के डिवाइडर को ही ध्वस्त कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस अतिक्रमण को नगर प्रशासन ने हटाने के लिए वर्षों से यह कार्रवाई की जा रही थी, जब अतिक्रमण नहीं हटा तो, अपना ही डिवाइडर को हटा दिया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह से लापरवाही और बिना योजना के की गई है। आम जनता के टैक्स के पैसों से बनाए गए निर्माण को ही तोड़ देना समझ से परे है।

स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की कार्यशैली जारी रही, तो विकास कार्यों पर लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा।

फिलहाल, इस पूरे मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर मामला यूं ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

इधर इस संबंध मेयर गणेश पासवान से दूरभाष से बात के दौरान बताया कि इस तरह की मुझे कोई जानकारी नहीं है, न बोर्ड न स्टैंडिंग की बैठक में पास नहीं किया गया। नगर प्रशासक की खुद की कार्रवाई है।

तेज रफ्तार दो पहिया वाहन ने पैदल जा रहे 65 वर्षीय बुजुर्ग से जोरदार टक्कर आई काफी चोट

विश्वनाथ प्रताप सिंह



प्रयागराज।मामला जनपद प्रयाग राज   लालापुर   थाना अंतर्गत सुपारी बाग   के पास  दुर्घटना हो गई जिसमें 65 वर्षीय बुजुर्ग को  मस्तक पर  कभी चोट आई जिससे वह अपना परिचय बताने में समर्थ था
मौके पर वहां पर मौजूद लोगों के द्वारा उनकी मदद की जा रही थी जिसमें तत्काल में 112 को  पत्रकार  सोनू शुक्ला के द्वारा बुलाया गया और एंबुलेंस 108 को भी बुलाया गया

फोन  करते ही डायल हंड्रेड में हेड कांस्टेबल जय प्रजापति 2 मिनट के अंदर वहाँ मौके पर पहुंचे
जिससे उनका इलाज के लिए तत्काल सही स्थान पर पहुंचाया गया पुलिस विभाग मे p r b 112 जो काम कर जाती है आज वह काम थाना नहीं कर पाता है क्योंकि आज हेड कांस्टेबल जय प्रजापति तत्काल वहां पहुंचकर के यह साबित किया कि जनता की सेवा ही उनका पहला धर्म