गया नगर निगम का अजब-गजब कारनामा, अतिक्रमण नहीं हटा तो अपना ही डिवाइडर तोड़ लाखों रुपये किए बर्बाद
जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जनता के लाखों रुपए की पैसे पानी में बह गए
गयाजी। शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर नगर निगम प्रशासन का एक अजीबो-गरीब कारनामा सामने आया है। जहां अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होनी थी, वहां निगम प्रशासन ने खुद के ही बनाए डिवाइडर को तोड़ दिया, जिससे लाखों रुपये की सरकारी राशि पानी में बह गई।
शहर के केपी रोड में वर्षों व वर्षों का अतिक्रमण को जहां निगम प्रशासन हटाने में विफल रही। वहीं मंगलवार को नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया के कारनामे से चर्चा का विषय रहा। नगर निगम द्वारा सड़क किनारे अवैध कब्जे हटाने के बजाय, उन्होंने जेसीबी मशीन से लाखों रुपए से सड़क के बीच बने ग्रिल लगे पक्के डिवाइडर को ही ध्वस्त कर दिया। हैरानी की बात यह है कि जिस अतिक्रमण को नगर प्रशासन ने हटाने के लिए वर्षों से यह कार्रवाई की जा रही थी, जब अतिक्रमण नहीं हटा तो, अपना ही डिवाइडर को हटा दिया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह से लापरवाही और बिना योजना के की गई है। आम जनता के टैक्स के पैसों से बनाए गए निर्माण को ही तोड़ देना समझ से परे है।
स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की कार्यशैली जारी रही, तो विकास कार्यों पर लोगों का भरोसा खत्म हो जाएगा।
फिलहाल, इस पूरे मामले में नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर मामला यूं ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
इधर इस संबंध मेयर गणेश पासवान से दूरभाष से बात के दौरान बताया कि इस तरह की मुझे कोई जानकारी नहीं है, न बोर्ड न स्टैंडिंग की बैठक में पास नहीं किया गया। नगर प्रशासक की खुद की कार्रवाई है।
7 hours ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
2- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1.5k