धर्मांतरण कौन करता है?
जाहिर है कोई ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य या अमीर व्यक्ति तो धर्मांतरण करता नहीं! धर्मांतरण वह लोग करते है जो,समाज में छुआछूत के शिकार है,शोषित है। और यह सर्वविदित है कि हमारे समाज में शोषित और छुआछूत का शिकार कौन है? दलित और आदिवासी। देश में अधिकांश धर्मांतरण इन्हीं समुदाय के लोगों ने किया है। इनके धर्मांतरण करने के कारणों पर मंथन करने के बजाय हम इनको संविधान के धर्मांतरण कानून के तहत आरक्षण खत्म करने का डर दिखा कर,इन्हें जबरन उसी समाज में जीने को मजबूर कर रहे है,जहां ये शोषित होते रहे है। जिसमें दलितों के लिए सिर्फ और सिर्फ जहर घोला गया है।
धर्म बदलना शौक़ नहीं मजबूरी है उन लोगों के लिए जो अछूत है। कोई भी दलित या आदिवासी अपना धर्मांतरण जाति बदलने के लिए नहीं करता। बल्कि जाति के आधार पर होनेवाले उत्पीड़न से बचने के लिए धर्मांतरण करते रहे है। दलितों के साथ छुआछुत होगा,उन पर अत्याचार होगा,उनका सामाजिक बहिष्कार होगा,तब दलित क्या करेगा? निश्चित तौर पर वह दूसरे धर्म का रुख करेगा। यह कितना शर्मनाक है कि,आजादी के 80 वर्षों के बाद भी समाज में दलितों की दुर्दशा कितनी भयावह है। दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने नहीं दिया जाता। मंदिरों में घुसने नहीं दिया जाता। दलित का मूछ रखना समाज को स्वीकार नहीं।
यह वर्षों पुरानी इतिहास की बाते नहीं बल्कि आज के नए भारत की बात है। लोग कुत्ते-बिल्ली को अपने बिस्तरों में सुलाते है पर दलित से उन्हें घिन आती है। दलितों के साथ जानवरों से भी बद्तर सलूक क्यूं? क्या दलित इस ग्रह का इंसान नहीं? क्या यह सामाजिक अन्याय नहीं है?
हमारे देश में सब की जातियां फिक्स है जन्म से। संविधान हमें सिर्फ धर्म चुनने का अधिकार देता है न कि जाति चुनने का। जब हमें जाति चुनने का अधिकार ही नहीं,तो फिर हमारी जाति कैसे बदल जाएगी,किसी भी धर्म को अपनाने या छोड़ने से? सवाल है कि,दलितों को आरक्षण का लाभ सिर्फ हिन्दू,सिक्ख और बौद्ध धर्म अपनाने पर ही मिलेगा। ऐसा क्यूं? देश में हिंदू,सिक्ख,बौद्ध के अलावा मुस्लिम,ईसाई,जैन,पारसी धर्म भी मौजूद है। भारत धार्मिक राष्ट्र नहीं है। फिर दलितों के लिए धर्म का बंधन क्यूं?
कुछ लोगों का मानना है कि,हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा बाकी सभी धर्म (खास कर इस्लाम और ईसाई) विदेशी धर्म है। धर्म विदेशी है पर लोग तो भारतीय है। अपने ही लोगो से इतनी नफरत क्यूं? "विदेशी भाषा अपनाई जा सकती है,विदेशी पहनावे,विदेशी खानपान अपनाया जा सकता है तो फिर विदेशी धर्म क्यूं नहीं अपनाया जा सकता?" बुद्धिजीवियों का मानना है कि,इस्लाम और ईसाई धर्म जाति व्यवस्था को नहीं मानता। इसलिए इस्लाम और ईसाई धर्म में धर्मांतरित दलितों की जातिगत पहचान खत्म हो जाती है और साथ ही उनका जाति आधारित मिला आरक्षण भी खत्म हो जाता है।
वैसे बौद्ध धर्म भी जाति व्यस्था को नहीं मानता। फिर बौद्ध धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण का लाभ क्यूं दिया जाता है?
यह सत्य है कि धर्मांतरण कानून कोई नया कानून नहीं। यह पहले से संविधान में उल्लेखित है। पर संविधान में संशोधन का प्रावधान भी है। समय समय पर जरूरतों के हिसाब से संविधान में संशोधन होते रहे है। उसी संविधान संशोधन प्रावधान के तहत,जिस तरह 1956 में हिंदू के अलावा बौद्ध और सिक्ख धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण के दायरे में लाया गया, "अर्थात हिंदू धर्म के अलावा अगर दलित सिख या बौद्ध धर्म अपनाता है तो उसका आरक्षण खत्म नहीं होगा" उसी तरह संविधान संशोधन कर दलितों के लिए अन्य धर्मों को भी आरक्षण के दायरे में लाया जाना चाहिए था।
मेरे विचार में,संविधान में उल्लेखित धर्मांतरण कानून संतुलित नही है। जहां एक तरफ यह दलितों को आरक्षण का अधिकार देता है ताकि वे समाज में समानता के साथ जी सके। सामाजिक पिछड़ेपन से उबर सके। वहीं दूसरी तरफ एक नागरिक के तौर पर उसके मौलिक अधिकारों का हनन करता है। धर्मांतरण कानून में धर्म के बंधन को खत्म करने के लिए संविधान संशोधन होना चाहिए। इसके लिए देश के सारे दलितों,दलित संगठनों,दलित सांसद और विधायकों को एक साथ आगे आकर सरकार से इसकी माँग करनी चाहिए। दलित समुदाय को सपोर्ट करने के लिए आदिवासी समुदाय को भी आगे आना चाहिए। क्योंकि आजकल जिस तरह से झारखंड में आरएसएस और बीजेपी लगातार 'सरना' को 'सनातन' से जोड़ने की कोशिश कर रही है,इससे संदेश साफ है कि,अगला नम्बर आदिवासियों का है।
कन्याओं का सर्वधर्म मे विशिष्ट स्थान -सरदार पतविंदर सिंह

कन्याओं की पूजा-पाव-पूजन जहा, वहां देवता निवास..

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने गुरुवार को नैनी के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर कन्या का पूजन करते हुए,हो गए भावुक,नहीं रोक पाए अपने आंसू कहा कि समाज में बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,बेटियों को खेलने दो,नहीं तो सृष्टि विलुप्त हो जाएगी का संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को दुनिया में आने दो,जीवन दो,शिक्षा,स्वास्थ्य,पोषण के साथ
उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिये हम सभी को अपनी सोच बदलना होगा।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने आगे कहा कि बेटियों को शिक्षित कीजिये और आगे बढ़ने के अवसर दीजिये। बेटियों को पहले शिक्षा और फिर विवाह साथ ही विवाह में दहेज देना व लेना,जो कि एक सामाजिक बुराई है उसे बढ़ावा न दिया जाये,क्योंकि काफी हद तक यह मानसिकता बेटियों के भविष्य को खतरे में डाल रही है। आइये आज संकल्प लें नवरात्रि पर कन्या पूजन के साथ ही कन्या संरक्षण भी करेंगे।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने इस अवसर पर विभिन्न गांव में ग्राम वासियों के साथ संकल्प लेते हुए शपथ दिलाई कि कन्या का हमारे समाज में सदैव विशिष्ट स्थान रहा है हमारे शास्त्रों में लिखा गया है जहां कन्या की पूजा होती है वहां देवताओं का निवास है कन्या की बेहतर शिक्षा व अवसर के साथ ही हम बेहतर समाज की कल्पना कर सकते हैं कन्या को शिक्षित करने से हम अच्छे समाज की परिकल्पना कर पाएंगे व्यक्तिगत तौर पर जहां बच्चों की दिनचर्या एवं संगति पर नजर रखना अभिभावकों का पहला दायित्व बनता है प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय धर्म है नशा गंभीर राष्ट्रीय समस्या का रूप धारण करती जा रही हैl
समाजसेवी राजेश थापा ने कहा कि समाज में महिलाओं का स्थान,बालिकाओं के लिए शिक्षा का महत्व,भेदभाव रहित व्यवहार,नारी सम्मान पहचान समाज में नारी के प्रति सकारात्मक सोच और महिलाओं के लिए सरकार की चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं,हेल्पलाइन नंबर आदि के विषय में व्यापक रूप से चर्चा करते हुए जागरूक कियाlइस अवसर पर परमजीत सिंह,करन हांडा,कमलेश कुमार पाल,राजेश थापा,संदीप भारतीय,हरमन जी सिंह,दलजीत कौर,सरदार पतविंदर सिंह सहित कई स्वयंसेवक ने अपने विचार रखेl
सरदार मस्तान सिंह को क्षेत्रीय अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई

मेरठ। बहसूमा।क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोदन सिंह द्वारा रविवार को संगठन का विस्तार किया गया। इस दौरान सरदार मस्तान सिंह को क्षेत्रीय अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। नियुक्ति की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया और सभी ने नव-नियुक्त पदाधिकारी का स्वागत किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोदन सिंह ने कहा कि संगठन निरंतर विस्तार की ओर अग्रसर है और इसमें नए पदाधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरदार मस्तान सिंह अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ निभाएंगे तथा गौ माता की सेवा के साथ-साथ संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम योगदान देंगे।

नव-नियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष सरदार मस्तान सिंह ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका वे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और सेवा कार्यों को गति देने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष प्रविंद्र चौधरी, अजय कुमार, विजय कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया और नए पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
स्कूल चलो अभियान का समारोह सत्र 2026-27 का आयोजन


सुलतानपुर ,उच्च प्राथमिक विद्यालय अमहट, दूबेपुर,सुलतानपुर के परिसर में किया गया l कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय एम.एल.सी.शैलेन्द्र प्रताप सिंह,माननीय विधायक विनोद सिंह व विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया l पी.एम.श्री प्रा.वि.दूबेपुर के बच्चों ने मनमोहक सरस्वती वंदना प्रस्तुत की l उच्च प्राथमिक विद्यालय उघडपुर भटपुरा व प्रा.वि. तुराबखानी के बच्चों ने स्कूल चलो अभियान पर नाटक प्रस्तुत करके उपस्थित जनसमूह का मनमोह लिया l  माननीय एम. एल. सी. शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि *बेसिक शिक्षा,बच्चों के सीखने की नींव होती है l इसलिए सभी बच्चों को सीखने का अवसर देने के लिए शत - प्रतिशत बच्चों का नामांकन विद्यालयों में कराना हम सभी की जिम्मेदारी है l सभी बच्चों को विद्यालय में खेल विधि से व करके सीखने का अधिक से अधिक अवसर मिले, इसे सभी विद्यालयों में सुनिश्चित किया जाए l माननीय विधायक विनोद सिंह ने कहा कि हमारे विद्यालयों में देश के भविष्य का निर्माण होता है, इसलिए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना जरुरी है l आपने आपरेशन कायाकल्प के माध्यम से बेसिक शिक्षा में हो रहे बेहतर बदलाव की सराहना की l मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह ने स्कूल चलो अभियान समारोह की सराहना करते हुए कहा कि आज बेसिक शिक्षा विभाग में बच्चों का चयन राष्ट्रीय योग्यता आधारित छात्रवृत्ति , नवोदय व विद्या ज्ञान जैसी परीक्षाओं में हो रहा है,यह बेसिक शिक्षा में हो रहे बदलाव का शुभ संकेत है। आपने विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए अभिभावकों से सम्पर्क करने का सुझाव दिया। स्कूल चलो अभियान के संयोजक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने माननीय मुख्यमंत्री जी के शुभकामना संदेश को पढ़कर उपस्थित जनसमुदाय को सुनाते हुए कहा कि सभी बच्चे पढ़ें व आगे बढ़े यही हमारे उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य है। आपने उपस्थित जनसमुदाय से शत प्रतिशत बच्चों का नामांकन अपने नजदीकी विद्यालय में कराने की अपील की। सह जिला विद्यालय निरीक्षक जटाशंकर यादव ने कहा कि बच्चे रोज स्कूल आयें इसके लिए शिक्षक विद्यालय में ऐसा शिक्षण करें कि बच्चों को पढ़ने में आनंद आए l जिला सूचना अधिकारी धीरेन्द्र यादव ने बेसिक शिक्षा में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं बालिका शिक्षा पर विस्तार से चर्चा की। जिला समन्वयक योगेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि स्कूल चलो अभियान का प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल तक संचालित किया जा रहा है। इस दौरान शिक्षक अभिभावकों से सम्पर्क करके बच्चों का नामांकन अपने विद्यालय में करेंगे।कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा टी.एल.एम. स्टाल व विज्ञान माडल का अवलोकन करते हुए बच्चों व शिक्षकों से विद्यालय में पठन- पाठन पर संवाद किया। स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत दो प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया ।इस दौरान नवप्रवेशी बच्चों को गिफ्ट व पुस्तकें देकर सम्मानित किया गया l खण्ड शिक्षा अधिकारी दूबेपुर राम तीर्थ वर्मा,जिला समन्वयक योगेन्द्र कुमार मिश्र, श्याम सुंदर यादव ने स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम की व्यवस्था में सराहनीय सहयोग किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में दिलीप पाण्डेय, रमेश तिवारी, राजीव मिश्र, फिरोज अहमद एस. आर. जी. सत्यदेव पाण्डेय, एस.आर.जी.सुनील कुमार सिंह तथा पंकज कुमार सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, इरफान, चन्द्र प्रकाश, राकेश, प्रेम, राजनाथ,वृजेश सिंह, अनुपम शुक्ला, कांती सिंह, मिनी पाण्डेय, प्रतिमा यादव तथा समस्त एआरपी व शिक्षक संकुल दूबेपुर ने सक्रिय योगदान दिया। स्कूल चलो अभियान समारोह का संचालन दीपिका द्विवेदी व अनिल यादव ने किया l
भव्य ‘पारिवारिक सभा’ में नई कार्यकारिणी की घोषणा, नव-युगल को मिला आशीर्वाद
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। एक गरिमामयी ‘पारिवारिक सभा’ का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था की नई कार्यकारिणी (सत्र 2026-27) की आधिकारिक घोषणा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष संजय मिश्रा ने सभी सदस्यों को बधाई, शुभकामनाएं देते हुए आयोजन के सफल संचालन हेतु आभार व्यक्त किया। संरक्षक हर्षवर्धन जैन द्वारा नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए विभिन्न पदों पर दायित्व सौंपे गए।

कांति राठी, डॉ. अंजली गर्ग, पुरुषोत्तम अग्रवाल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। वहीं वन्दना शर्मा को सर्वसम्मति से ‘महिला सहभागिता’ पद हेतु चुना गया। समारोह के दौरान नव-युगल अनुराग गुप्ता एवं आकांक्षा गुप्ता को समस्त परिवार की ओर से सुखद वैवाहिक जीवन हेतु आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रदान की गईं। कार्यक्रम में समय की पाबंदी का विशेष ध्यान रखते हुए ‘समयबद्धता पुरस्कार’ भी वितरित किए गए। इसके साथ ही संस्था की ओर से सभी सदस्यों को ‘वार्षिक स्नेह उपहार’ भेंट किए गए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभा को और भी आकर्षक बना दिया। बच्चों एवं सदस्यों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक कार्यक्रमों में वृत्तिका पंडित, नंदिता अग्रवाल, आरव त्रिखा, प्रीत वर्धन शर्मा, वीरेंद्र अग्रवाल, धीरज उपाध्याय, वन्दना शर्मा एवं राजीव त्रिखा ने अपनी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. अंजली गर्ग द्वारा किया गया।

इस अवसर पर मनीष गर्ग, विनीत गुप्ता, मनोज राठी, सुखबीर सिंह, के.पी. राठी, ओ.डी. शर्मा, विपिन चौधरी, विनय गर्ग, पुरुषोत्तम सिंघल, ब्रजेश कुमार गुप्ता, प्रीत वर्धन शर्मा, हाकम सिंह, यशपाल अरोरा, डॉ. दीपक कुमार गर्ग, राज कुमार गुप्ता, पंकज गुप्ता, विरेंद्र अग्रवाल, बृज मोहन शर्मा, डॉ. बी.के. आत्रे, अशोक सिंघल, अरुण कुमार मित्तल, अनुराग गुप्ता, आशु अग्रवाल, राजेन्द्र कुमार सैनी, नीरज कुमार, डॉ. राहुल कुशवाहा, विनोद अग्रवाल, सुनीता साह सहित अनेक गणमान्य सदस्य परिवार सहित उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में, हर बार की भांति, सचिव नवनीत गुप्ता का विशेष योगदान रहा। सभा का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में अध्यक्ष संजय मिश्रा ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से सुरुचिपूर्ण रात्रि भोज का आनंद लिया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हाथों कुलपति प्रो.वंदना सिंह को मिला माटी सम्मान
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह को पूर्वांचल क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु प्रतिष्ठित “माटी सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा दिनांक 31 मार्च 2026 को पूर्वांचल महोत्सव माटी-9 कार्यक्रम के अवसर पर गांधी दर्शन परिसर राजघाट में प्रदान किया गया। यह भव्य आयोजन “माटी” संस्था एवं गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित था। बुधवार को नई दिल्ली से विश्वविद्यालय आने पर कुलपति सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने कुलपति प्रो. वंदना सिंह को “माटी सम्मान” प्राप्त होने पर बधाई दी और उनका स्वागत किया।इस अवसर पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह सम्मान उन्हें निरंतर समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जीवन में निष्काम भाव अपने कार्य करते रहना चाहिए।
कुलसचिव केशलाल ने कहा कि यह सम्मान कुलपति के उत्कृष्ट नेतृत्व, दूरदर्शिता एवं शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार का प्रतीक है। परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार सिंह ने इसे विश्वविद्यालय परिवार के लिए प्रेरणास्रोत बताया और कहा कि यह उपलब्धि सभी शिक्षकों, प्राचार्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने सभी की ओर से आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर मनोज मिश्रा ने किया। इस अवसर पर प्रो. अविनाश पाथर्डीकर,  प्रो. अजय प्रताप सिंह,  प्रो. देवराज सिंह, प्रो. सौरभ पाल, प्रो. संदीप सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार,  प्रो. गिरधर मिश्रा, प्रो. विनोद कुमार, प्रो. राम नारायण, डॉ. अमरेंद्र सिंह,  डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर,  डॉ. सुनील कुमार,  डॉ. श्याम कन्हैया सिंह,  डॉ. मनीष गुप्ता, , डॉ. नीतेश जायसवाल, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. मंगला यादव, डॉ. अनुराग मिश्र, उप कुलसचिव अजीत कुमार सिंह एवं बबीता सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन की समस्याओं पर उठा मुद्दा, रेल प्रशासन को सौंपा गया मांग पत्र

बलिया/बेल्थरा रोड | 1 अप्रैल 2026 को
बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन पर व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज़ बुलंद हो गई है। स्टेशन रेलवे उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (SRUCC) के सदस्य मनीष सोनी ने श्री अखिलेश कुमार सिंह (मंडल वाणिज्य निरीक्षक) को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए यात्रियों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। मांग पत्र में बिल्थरा रोड स्टेशन से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की गई है। समिति ने प्रमुख समस्याएं उठाई जो यात्रियों के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत होती थी सबसे पहले तो ट्रैफिक जाम मुसीबत है जो स्टेशन के आसपास अतिक्रमण और अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन के चलते रोज़ाना जाम की स्थिति बन रही है। इससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ई-रिक्शा पर नंबरिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। फुट ओवरब्रिज का भी अधूरा कार्य को पत्र में लिखा गया।प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ने के बावजूद फुट ओवरब्रिज का कार्य अधूरा है, जिससे यात्रियों को रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। यह स्थिति हादसों को न्योता दे रही है। और बुनियादी सुविधाओं का अभाव स्टेशन पर पेयजल और स्वच्छता जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। पुरानी पानी टंकी से पानी सप्लाई जो लेकर भी ध्यान अवगत कराया गया समिति ने कई सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव बेल्थरा रोड स्टेशन पर नहीं होने से स्थानीय यात्रियों में नाराज़गी देखी जा रही थी इसको ध्यान में रखकर समिति ने प्रार्थना पत्र से निवेदन किया मनीष सोनी ने पुराने फुट ओवरब्रिज की मरम्मत मौजूदा ओवरब्रिज की स्थिति ठीक नहीं है, जिसे मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने की आवश्यकता है जो ज्ञापन में प्राथमिकता से दर्शाया ज्ञापन देने में समिति के लोग रहे मौजूद:
मनीष सोनी, मनोज गुप्ता (प्यारे जी), देवेन्द्र गुप्ता, आरके मिश्रा, राकेश बर्नवाल, व्यासमुनि चौहान, राम सुरज पांडेय, अमित सिंह, सईद अहमद,
DCI अखिलेश कुमार सिंह, SS राजू, स्टेशन मास्टर भारती (बेल्थरा रोड), दिनेश मौर्या (CHI), पटेल जी, CS धर्मेंद्र गोंड़ आदि मौजूद रहे।
बेल्थरा रोड से आज़मगढ़ के लिए नई रोडवेज बस सेवा शुरू , पूर्व विधायक गोरख पासवान ने दिखाया झंडी
बेल्थरा रोड (बलिया) से आज़मगढ़ के लिए नई रोडवेज बस सेवा का शुभारंभ बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक गोरख पासवान ने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। साथ ही ड्राइवर को इस सुखद यात्रा के लिए माला पहनाकर स्वागत किया । यह सेवा प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देशानुसार शुरू की गई है।

जानकारी के अनुसार, यह बस प्रतिदिन सुबह 7 बजे बेल्थरा रोड से प्रस्थान करेगी। मार्ग में बस बेलौली, उधरन, भीमपुरा, रतनपुरा और मऊ होते हुए आज़मगढ़ पहुंचेगी। वहीं वापसी में यह बस शाम 4 बजे आज़मगढ़ से चलकर पुनः बेल्थरा रोड पहुंचेगी।
स्थानीय लोगों के लिए यह बस सेवा काफी सुविधाजनक साबित होगी,क्योंकि मऊ के लिए बस सेवा सिर्फ प्राइवेट थी। अब सरकारी बस होने से मरीजों को काफी सहुलियत मिलेगा और क्षेत्र के यात्रियों को आवागमन में बेहतर विकल्प मिलेगा। यात्रियों ने इस नई सेवा की शुरुआत पर खुशी जाहिर की है।

111 कन्याओं की पूजन से शुरू होगी खेड़ापति हनुमान की भव्य शोभायात्रा

धूमधाम से मनाया जाएगा हनुमान जन्मोत्सव का दसवां वर्ष

भोपाल। श्री बाबा महाँकाल सेवा संघ द्वारा आगामी हनुमान जन्मोत्सव को प्रति वर्ष के अनुसार भव्य आयोजन के रूप में मनाया जाएगा। हनुमान जन्मोत्सव कार्यक्रम के संयोजक महेन्द्र यादव ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि आयोजन की शुरुआत में प्रेमनगर स्थित दुर्गा मंदिर में खेड़ापति हनुमान का दिव्य अभिषेक किया जाएगा। दिन के पूजन अनुष्ठान के बाद शाम को कन्या पूजन के साथ शोभायात्रा प्रारंभ होगी। संयोजक महेन्द्र यादव ने कहा कि शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु सम्मिलित होंगे, शोभायात्रा का समापन खेड़ापति हनुमान मंदिर छोला पर होगा। 

श्रद्धा आस्था और भक्ति के महोत्सव का दसवां वर्ष

श्री बाबा महाँकाल सेवा संघ के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि श्री हनुमान जन्मोत्सव संघ का वार्षिक आयोजन है। संस्था द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि आयोजन में कन्या पूजन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और भेदभाव रहित समाज बनाने का संदेश दिया जाता रहा है। वहीं संस्था के उपाध्यक्ष अमन चौरसिया और महासचिव दीपक नामदेव ने बताया कि आयोजन की तैयारी पूर्ण हो चुकी है, तथा आयोजन को और अधिक व्यापक बनाने को लेकर संस्था के सामूहिक प्रयास निरंतर जारी हैं।

खेड़ापति हनुमान मंदिर पर लगेंगे 21 धर्म ध्वज, दक्षिण भारतीय वेश में होंगे श्रद्धालु

श्री बाबा महाँकाल सेवा संघ द्वारा हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर हनुमान जी महाराज को 21 धर्म ध्वज अर्पित किए जाएंगे। बता दें कि संस्था द्वारा विगत आयोजनों में भी धर्म ध्वज अर्पित किए जाते रहे हैं इसके साथ ही इस वर्ष संस्था के सभी सदस्य दक्षिण भारतीय वेश में शोभायात्रा में सम्मिलित होंगे, वहीं संगठन से जुड़ी मातृशक्ति लाल साड़ी और पगड़ी धारण करेंगी।

प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही दिलाएंगे मिशन-2027 में जीत : धर्मपाल सिंह*
प्रशिक्षण महाअभियान को धार देने जुटा भाजपा संगठन, काशी क्षेत्र की बनी रणनीति*

प्रोटोकॉल पालन व रात्रि प्रवास पर जोर, बूथ तक रणनीति तैयार*

प्रशिक्षण महाअभियान पर काशी क्षेत्र के 16 जिलाध्यक्षों व जिला प्रभारी संग मंथन*

सुलतानपुर,पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के तहत मंगलवार को भाजपा जिला कार्यालय सुलतानपुर में काशी क्षेत्र के जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों एवं मंडल प्रशिक्षण प्रमुखों की महत्वपूर्ण समीक्षा एवं रणनीति बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने की,जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मिशन-2027 की सफलता का आधार मजबूत,प्रशिक्षित और अनुशासित कार्यकर्ता ही होंगे।मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशिक्षण वर्ग केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति और अनुशासन को आत्मसात करने का माध्यम है।उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के सभी निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने विशेष रूप से रात्रि प्रवास को प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे कार्यकर्ताओं में समर्पण,अनुशासन और संगठनात्मक एकात्मता का विकास होता है,जो आगामी चुनावी चुनौतियों में निर्णायक भूमिका निभाएगा।बैठक का संचालन क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरनाथ यादव ने किया। इस दौरान प्रशिक्षण महाअभियान की विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना तय की गई। भाजपा जिला मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी के अनुसार बैठक में काशी क्षेत्र के 16 जनपदों के जिलाध्यक्ष,जिला प्रभारी एवं मंडल प्रशिक्षण प्रमुख उपस्थित रहे।प्रमुख रूप से सुलतानपुर जिला प्रभारी व प्रदेश मंत्री मीना चौबे,अमेठी जिला प्रभारी व प्रदेश मंत्री शंकर गिरि, सुलतानपुर जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, अमेठी जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ल, वाराणसी हंसराज विश्वकर्मा,कौशांबी धर्मराज मौर्य गाजीपुर ओम प्रकाश राय, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, राकेश त्रिवेदी,नागेन्द्र रघुवंशी सहित अन्य जिल पदाधिकारी मौजूद रहे।
धर्मांतरण कौन करता है?
जाहिर है कोई ब्राह्मण,क्षत्रिय,वैश्य या अमीर व्यक्ति तो धर्मांतरण करता नहीं! धर्मांतरण वह लोग करते है जो,समाज में छुआछूत के शिकार है,शोषित है। और यह सर्वविदित है कि हमारे समाज में शोषित और छुआछूत का शिकार कौन है? दलित और आदिवासी। देश में अधिकांश धर्मांतरण इन्हीं समुदाय के लोगों ने किया है। इनके धर्मांतरण करने के कारणों पर मंथन करने के बजाय हम इनको संविधान के धर्मांतरण कानून के तहत आरक्षण खत्म करने का डर दिखा कर,इन्हें जबरन उसी समाज में जीने को मजबूर कर रहे है,जहां ये शोषित होते रहे है। जिसमें दलितों के लिए सिर्फ और सिर्फ जहर घोला गया है।
धर्म बदलना शौक़ नहीं मजबूरी है उन लोगों के लिए जो अछूत है। कोई भी दलित या आदिवासी अपना धर्मांतरण जाति बदलने के लिए नहीं करता। बल्कि जाति के आधार पर होनेवाले उत्पीड़न से बचने के लिए धर्मांतरण करते रहे है। दलितों के साथ छुआछुत होगा,उन पर अत्याचार होगा,उनका सामाजिक बहिष्कार होगा,तब दलित क्या करेगा? निश्चित तौर पर वह दूसरे धर्म का रुख करेगा। यह कितना शर्मनाक है कि,आजादी के 80 वर्षों के बाद भी समाज में दलितों की दुर्दशा कितनी भयावह है। दलित दूल्हे को घोड़ी चढ़ने नहीं दिया जाता। मंदिरों में घुसने नहीं दिया जाता। दलित का मूछ रखना समाज को स्वीकार नहीं।
यह वर्षों पुरानी इतिहास की बाते नहीं बल्कि आज के नए भारत की बात है। लोग कुत्ते-बिल्ली को अपने बिस्तरों में सुलाते है पर दलित से उन्हें घिन आती है। दलितों के साथ जानवरों से भी बद्तर सलूक क्यूं? क्या दलित इस ग्रह का इंसान नहीं? क्या यह सामाजिक अन्याय नहीं है?
हमारे देश में सब की जातियां फिक्स है जन्म से। संविधान हमें सिर्फ धर्म चुनने का अधिकार देता है न कि जाति चुनने का। जब हमें जाति चुनने का अधिकार ही नहीं,तो फिर हमारी जाति कैसे बदल जाएगी,किसी भी धर्म को अपनाने या छोड़ने से? सवाल है कि,दलितों को आरक्षण का लाभ सिर्फ हिन्दू,सिक्ख और बौद्ध धर्म अपनाने पर ही मिलेगा। ऐसा क्यूं? देश में हिंदू,सिक्ख,बौद्ध के अलावा मुस्लिम,ईसाई,जैन,पारसी धर्म भी मौजूद है। भारत धार्मिक राष्ट्र नहीं है। फिर दलितों के लिए धर्म का बंधन क्यूं?
कुछ लोगों का मानना है कि,हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अलावा बाकी सभी धर्म (खास कर इस्लाम और ईसाई) विदेशी धर्म है। धर्म विदेशी है पर लोग तो भारतीय है। अपने ही लोगो से इतनी नफरत क्यूं? "विदेशी भाषा अपनाई जा सकती है,विदेशी पहनावे,विदेशी खानपान अपनाया जा सकता है तो फिर विदेशी धर्म क्यूं नहीं अपनाया जा सकता?" बुद्धिजीवियों का मानना है कि,इस्लाम और ईसाई धर्म जाति व्यवस्था को नहीं मानता। इसलिए इस्लाम और ईसाई धर्म में धर्मांतरित दलितों की जातिगत पहचान खत्म हो जाती है और साथ ही उनका जाति आधारित मिला आरक्षण भी खत्म हो जाता है।
वैसे बौद्ध धर्म भी जाति व्यस्था को नहीं मानता। फिर बौद्ध धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण का लाभ क्यूं दिया जाता है?
यह सत्य है कि धर्मांतरण कानून कोई नया कानून नहीं। यह पहले से संविधान में उल्लेखित है। पर संविधान में संशोधन का प्रावधान भी है। समय समय पर जरूरतों के हिसाब से संविधान में संशोधन होते रहे है। उसी संविधान संशोधन प्रावधान के तहत,जिस तरह 1956 में हिंदू के अलावा बौद्ध और सिक्ख धर्म में धर्मांतरित दलितों को आरक्षण के दायरे में लाया गया, "अर्थात हिंदू धर्म के अलावा अगर दलित सिख या बौद्ध धर्म अपनाता है तो उसका आरक्षण खत्म नहीं होगा" उसी तरह संविधान संशोधन कर दलितों के लिए अन्य धर्मों को भी आरक्षण के दायरे में लाया जाना चाहिए था।
मेरे विचार में,संविधान में उल्लेखित धर्मांतरण कानून संतुलित नही है। जहां एक तरफ यह दलितों को आरक्षण का अधिकार देता है ताकि वे समाज में समानता के साथ जी सके। सामाजिक पिछड़ेपन से उबर सके। वहीं दूसरी तरफ एक नागरिक के तौर पर उसके मौलिक अधिकारों का हनन करता है। धर्मांतरण कानून में धर्म के बंधन को खत्म करने के लिए संविधान संशोधन होना चाहिए। इसके लिए देश के सारे दलितों,दलित संगठनों,दलित सांसद और विधायकों को एक साथ आगे आकर सरकार से इसकी माँग करनी चाहिए। दलित समुदाय को सपोर्ट करने के लिए आदिवासी समुदाय को भी आगे आना चाहिए। क्योंकि आजकल जिस तरह से झारखंड में आरएसएस और बीजेपी लगातार 'सरना' को 'सनातन' से जोड़ने की कोशिश कर रही है,इससे संदेश साफ है कि,अगला नम्बर आदिवासियों का है।
कन्याओं का सर्वधर्म मे विशिष्ट स्थान -सरदार पतविंदर सिंह

कन्याओं की पूजा-पाव-पूजन जहा, वहां देवता निवास..

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने गुरुवार को नैनी के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर कन्या का पूजन करते हुए,हो गए भावुक,नहीं रोक पाए अपने आंसू कहा कि समाज में बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,बेटियों को खेलने दो,नहीं तो सृष्टि विलुप्त हो जाएगी का संदेश देते हुए कहा कि बेटियों को दुनिया में आने दो,जीवन दो,शिक्षा,स्वास्थ्य,पोषण के साथ
उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिये हम सभी को अपनी सोच बदलना होगा।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने आगे कहा कि बेटियों को शिक्षित कीजिये और आगे बढ़ने के अवसर दीजिये। बेटियों को पहले शिक्षा और फिर विवाह साथ ही विवाह में दहेज देना व लेना,जो कि एक सामाजिक बुराई है उसे बढ़ावा न दिया जाये,क्योंकि काफी हद तक यह मानसिकता बेटियों के भविष्य को खतरे में डाल रही है। आइये आज संकल्प लें नवरात्रि पर कन्या पूजन के साथ ही कन्या संरक्षण भी करेंगे।
क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने इस अवसर पर विभिन्न गांव में ग्राम वासियों के साथ संकल्प लेते हुए शपथ दिलाई कि कन्या का हमारे समाज में सदैव विशिष्ट स्थान रहा है हमारे शास्त्रों में लिखा गया है जहां कन्या की पूजा होती है वहां देवताओं का निवास है कन्या की बेहतर शिक्षा व अवसर के साथ ही हम बेहतर समाज की कल्पना कर सकते हैं कन्या को शिक्षित करने से हम अच्छे समाज की परिकल्पना कर पाएंगे व्यक्तिगत तौर पर जहां बच्चों की दिनचर्या एवं संगति पर नजर रखना अभिभावकों का पहला दायित्व बनता है प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय धर्म है नशा गंभीर राष्ट्रीय समस्या का रूप धारण करती जा रही हैl
समाजसेवी राजेश थापा ने कहा कि समाज में महिलाओं का स्थान,बालिकाओं के लिए शिक्षा का महत्व,भेदभाव रहित व्यवहार,नारी सम्मान पहचान समाज में नारी के प्रति सकारात्मक सोच और महिलाओं के लिए सरकार की चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं,हेल्पलाइन नंबर आदि के विषय में व्यापक रूप से चर्चा करते हुए जागरूक कियाlइस अवसर पर परमजीत सिंह,करन हांडा,कमलेश कुमार पाल,राजेश थापा,संदीप भारतीय,हरमन जी सिंह,दलजीत कौर,सरदार पतविंदर सिंह सहित कई स्वयंसेवक ने अपने विचार रखेl
सरदार मस्तान सिंह को क्षेत्रीय अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई

मेरठ। बहसूमा।क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोदन सिंह द्वारा रविवार को संगठन का विस्तार किया गया। इस दौरान सरदार मस्तान सिंह को क्षेत्रीय अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। नियुक्ति की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया और सभी ने नव-नियुक्त पदाधिकारी का स्वागत किया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सोदन सिंह ने कहा कि संगठन निरंतर विस्तार की ओर अग्रसर है और इसमें नए पदाधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरदार मस्तान सिंह अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ निभाएंगे तथा गौ माता की सेवा के साथ-साथ संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम योगदान देंगे।

नव-नियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष सरदार मस्तान सिंह ने संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका वे पूरी मेहनत और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और सेवा कार्यों को गति देने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष प्रविंद्र चौधरी, अजय कुमार, विजय कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया और नए पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
स्कूल चलो अभियान का समारोह सत्र 2026-27 का आयोजन


सुलतानपुर ,उच्च प्राथमिक विद्यालय अमहट, दूबेपुर,सुलतानपुर के परिसर में किया गया l कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय एम.एल.सी.शैलेन्द्र प्रताप सिंह,माननीय विधायक विनोद सिंह व विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया l पी.एम.श्री प्रा.वि.दूबेपुर के बच्चों ने मनमोहक सरस्वती वंदना प्रस्तुत की l उच्च प्राथमिक विद्यालय उघडपुर भटपुरा व प्रा.वि. तुराबखानी के बच्चों ने स्कूल चलो अभियान पर नाटक प्रस्तुत करके उपस्थित जनसमूह का मनमोह लिया l  माननीय एम. एल. सी. शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि *बेसिक शिक्षा,बच्चों के सीखने की नींव होती है l इसलिए सभी बच्चों को सीखने का अवसर देने के लिए शत - प्रतिशत बच्चों का नामांकन विद्यालयों में कराना हम सभी की जिम्मेदारी है l सभी बच्चों को विद्यालय में खेल विधि से व करके सीखने का अधिक से अधिक अवसर मिले, इसे सभी विद्यालयों में सुनिश्चित किया जाए l माननीय विधायक विनोद सिंह ने कहा कि हमारे विद्यालयों में देश के भविष्य का निर्माण होता है, इसलिए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना जरुरी है l आपने आपरेशन कायाकल्प के माध्यम से बेसिक शिक्षा में हो रहे बेहतर बदलाव की सराहना की l मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह ने स्कूल चलो अभियान समारोह की सराहना करते हुए कहा कि आज बेसिक शिक्षा विभाग में बच्चों का चयन राष्ट्रीय योग्यता आधारित छात्रवृत्ति , नवोदय व विद्या ज्ञान जैसी परीक्षाओं में हो रहा है,यह बेसिक शिक्षा में हो रहे बदलाव का शुभ संकेत है। आपने विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए अभिभावकों से सम्पर्क करने का सुझाव दिया। स्कूल चलो अभियान के संयोजक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने माननीय मुख्यमंत्री जी के शुभकामना संदेश को पढ़कर उपस्थित जनसमुदाय को सुनाते हुए कहा कि सभी बच्चे पढ़ें व आगे बढ़े यही हमारे उत्तर प्रदेश सरकार का मुख्य लक्ष्य है। आपने उपस्थित जनसमुदाय से शत प्रतिशत बच्चों का नामांकन अपने नजदीकी विद्यालय में कराने की अपील की। सह जिला विद्यालय निरीक्षक जटाशंकर यादव ने कहा कि बच्चे रोज स्कूल आयें इसके लिए शिक्षक विद्यालय में ऐसा शिक्षण करें कि बच्चों को पढ़ने में आनंद आए l जिला सूचना अधिकारी धीरेन्द्र यादव ने बेसिक शिक्षा में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं बालिका शिक्षा पर विस्तार से चर्चा की। जिला समन्वयक योगेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि स्कूल चलो अभियान का प्रथम चरण 01 अप्रैल से 15 अप्रैल तक संचालित किया जा रहा है। इस दौरान शिक्षक अभिभावकों से सम्पर्क करके बच्चों का नामांकन अपने विद्यालय में करेंगे।कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा टी.एल.एम. स्टाल व विज्ञान माडल का अवलोकन करते हुए बच्चों व शिक्षकों से विद्यालय में पठन- पाठन पर संवाद किया। स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत दो प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया ।इस दौरान नवप्रवेशी बच्चों को गिफ्ट व पुस्तकें देकर सम्मानित किया गया l खण्ड शिक्षा अधिकारी दूबेपुर राम तीर्थ वर्मा,जिला समन्वयक योगेन्द्र कुमार मिश्र, श्याम सुंदर यादव ने स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम की व्यवस्था में सराहनीय सहयोग किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में दिलीप पाण्डेय, रमेश तिवारी, राजीव मिश्र, फिरोज अहमद एस. आर. जी. सत्यदेव पाण्डेय, एस.आर.जी.सुनील कुमार सिंह तथा पंकज कुमार सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, इरफान, चन्द्र प्रकाश, राकेश, प्रेम, राजनाथ,वृजेश सिंह, अनुपम शुक्ला, कांती सिंह, मिनी पाण्डेय, प्रतिमा यादव तथा समस्त एआरपी व शिक्षक संकुल दूबेपुर ने सक्रिय योगदान दिया। स्कूल चलो अभियान समारोह का संचालन दीपिका द्विवेदी व अनिल यादव ने किया l
भव्य ‘पारिवारिक सभा’ में नई कार्यकारिणी की घोषणा, नव-युगल को मिला आशीर्वाद
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। एक गरिमामयी ‘पारिवारिक सभा’ का आयोजन किया गया, जिसमें संस्था की नई कार्यकारिणी (सत्र 2026-27) की आधिकारिक घोषणा की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् के सामूहिक गायन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष संजय मिश्रा ने सभी सदस्यों को बधाई, शुभकामनाएं देते हुए आयोजन के सफल संचालन हेतु आभार व्यक्त किया। संरक्षक हर्षवर्धन जैन द्वारा नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए विभिन्न पदों पर दायित्व सौंपे गए।

कांति राठी, डॉ. अंजली गर्ग, पुरुषोत्तम अग्रवाल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। वहीं वन्दना शर्मा को सर्वसम्मति से ‘महिला सहभागिता’ पद हेतु चुना गया। समारोह के दौरान नव-युगल अनुराग गुप्ता एवं आकांक्षा गुप्ता को समस्त परिवार की ओर से सुखद वैवाहिक जीवन हेतु आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रदान की गईं। कार्यक्रम में समय की पाबंदी का विशेष ध्यान रखते हुए ‘समयबद्धता पुरस्कार’ भी वितरित किए गए। इसके साथ ही संस्था की ओर से सभी सदस्यों को ‘वार्षिक स्नेह उपहार’ भेंट किए गए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभा को और भी आकर्षक बना दिया। बच्चों एवं सदस्यों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक कार्यक्रमों में वृत्तिका पंडित, नंदिता अग्रवाल, आरव त्रिखा, प्रीत वर्धन शर्मा, वीरेंद्र अग्रवाल, धीरज उपाध्याय, वन्दना शर्मा एवं राजीव त्रिखा ने अपनी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. अंजली गर्ग द्वारा किया गया।

इस अवसर पर मनीष गर्ग, विनीत गुप्ता, मनोज राठी, सुखबीर सिंह, के.पी. राठी, ओ.डी. शर्मा, विपिन चौधरी, विनय गर्ग, पुरुषोत्तम सिंघल, ब्रजेश कुमार गुप्ता, प्रीत वर्धन शर्मा, हाकम सिंह, यशपाल अरोरा, डॉ. दीपक कुमार गर्ग, राज कुमार गुप्ता, पंकज गुप्ता, विरेंद्र अग्रवाल, बृज मोहन शर्मा, डॉ. बी.के. आत्रे, अशोक सिंघल, अरुण कुमार मित्तल, अनुराग गुप्ता, आशु अग्रवाल, राजेन्द्र कुमार सैनी, नीरज कुमार, डॉ. राहुल कुशवाहा, विनोद अग्रवाल, सुनीता साह सहित अनेक गणमान्य सदस्य परिवार सहित उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में, हर बार की भांति, सचिव नवनीत गुप्ता का विशेष योगदान रहा। सभा का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में अध्यक्ष संजय मिश्रा ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से सुरुचिपूर्ण रात्रि भोज का आनंद लिया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के हाथों कुलपति प्रो.वंदना सिंह को मिला माटी सम्मान
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह को पूर्वांचल क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु प्रतिष्ठित “माटी सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा दिनांक 31 मार्च 2026 को पूर्वांचल महोत्सव माटी-9 कार्यक्रम के अवसर पर गांधी दर्शन परिसर राजघाट में प्रदान किया गया। यह भव्य आयोजन “माटी” संस्था एवं गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित था। बुधवार को नई दिल्ली से विश्वविद्यालय आने पर कुलपति सभागार में आयोजित सम्मान समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने कुलपति प्रो. वंदना सिंह को “माटी सम्मान” प्राप्त होने पर बधाई दी और उनका स्वागत किया।इस अवसर पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह सम्मान उन्हें निरंतर समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जीवन में निष्काम भाव अपने कार्य करते रहना चाहिए।
कुलसचिव केशलाल ने कहा कि यह सम्मान कुलपति के उत्कृष्ट नेतृत्व, दूरदर्शिता एवं शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नवाचार का प्रतीक है। परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार सिंह ने इसे विश्वविद्यालय परिवार के लिए प्रेरणास्रोत बताया और कहा कि यह उपलब्धि सभी शिक्षकों, प्राचार्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने सभी की ओर से आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर मनोज मिश्रा ने किया। इस अवसर पर प्रो. अविनाश पाथर्डीकर,  प्रो. अजय प्रताप सिंह,  प्रो. देवराज सिंह, प्रो. सौरभ पाल, प्रो. संदीप सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार,  प्रो. गिरधर मिश्रा, प्रो. विनोद कुमार, प्रो. राम नारायण, डॉ. अमरेंद्र सिंह,  डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर,  डॉ. सुनील कुमार,  डॉ. श्याम कन्हैया सिंह,  डॉ. मनीष गुप्ता, , डॉ. नीतेश जायसवाल, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. मंगला यादव, डॉ. अनुराग मिश्र, उप कुलसचिव अजीत कुमार सिंह एवं बबीता सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन की समस्याओं पर उठा मुद्दा, रेल प्रशासन को सौंपा गया मांग पत्र

बलिया/बेल्थरा रोड | 1 अप्रैल 2026 को
बेल्थरा रोड रेलवे स्टेशन पर व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज़ बुलंद हो गई है। स्टेशन रेलवे उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (SRUCC) के सदस्य मनीष सोनी ने श्री अखिलेश कुमार सिंह (मंडल वाणिज्य निरीक्षक) को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए यात्रियों की परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। मांग पत्र में बिल्थरा रोड स्टेशन से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की गई है। समिति ने प्रमुख समस्याएं उठाई जो यात्रियों के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत होती थी सबसे पहले तो ट्रैफिक जाम मुसीबत है जो स्टेशन के आसपास अतिक्रमण और अनियंत्रित ई-रिक्शा संचालन के चलते रोज़ाना जाम की स्थिति बन रही है। इससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ई-रिक्शा पर नंबरिंग व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। फुट ओवरब्रिज का भी अधूरा कार्य को पत्र में लिखा गया।प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ने के बावजूद फुट ओवरब्रिज का कार्य अधूरा है, जिससे यात्रियों को रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है। यह स्थिति हादसों को न्योता दे रही है। और बुनियादी सुविधाओं का अभाव स्टेशन पर पेयजल और स्वच्छता जैसी आवश्यक सुविधाओं की कमी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। पुरानी पानी टंकी से पानी सप्लाई जो लेकर भी ध्यान अवगत कराया गया समिति ने कई सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव बेल्थरा रोड स्टेशन पर नहीं होने से स्थानीय यात्रियों में नाराज़गी देखी जा रही थी इसको ध्यान में रखकर समिति ने प्रार्थना पत्र से निवेदन किया मनीष सोनी ने पुराने फुट ओवरब्रिज की मरम्मत मौजूदा ओवरब्रिज की स्थिति ठीक नहीं है, जिसे मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने की आवश्यकता है जो ज्ञापन में प्राथमिकता से दर्शाया ज्ञापन देने में समिति के लोग रहे मौजूद:
मनीष सोनी, मनोज गुप्ता (प्यारे जी), देवेन्द्र गुप्ता, आरके मिश्रा, राकेश बर्नवाल, व्यासमुनि चौहान, राम सुरज पांडेय, अमित सिंह, सईद अहमद,
DCI अखिलेश कुमार सिंह, SS राजू, स्टेशन मास्टर भारती (बेल्थरा रोड), दिनेश मौर्या (CHI), पटेल जी, CS धर्मेंद्र गोंड़ आदि मौजूद रहे।
बेल्थरा रोड से आज़मगढ़ के लिए नई रोडवेज बस सेवा शुरू , पूर्व विधायक गोरख पासवान ने दिखाया झंडी
बेल्थरा रोड (बलिया) से आज़मगढ़ के लिए नई रोडवेज बस सेवा का शुभारंभ बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधायक गोरख पासवान ने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। साथ ही ड्राइवर को इस सुखद यात्रा के लिए माला पहनाकर स्वागत किया । यह सेवा प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के निर्देशानुसार शुरू की गई है।

जानकारी के अनुसार, यह बस प्रतिदिन सुबह 7 बजे बेल्थरा रोड से प्रस्थान करेगी। मार्ग में बस बेलौली, उधरन, भीमपुरा, रतनपुरा और मऊ होते हुए आज़मगढ़ पहुंचेगी। वहीं वापसी में यह बस शाम 4 बजे आज़मगढ़ से चलकर पुनः बेल्थरा रोड पहुंचेगी।
स्थानीय लोगों के लिए यह बस सेवा काफी सुविधाजनक साबित होगी,क्योंकि मऊ के लिए बस सेवा सिर्फ प्राइवेट थी। अब सरकारी बस होने से मरीजों को काफी सहुलियत मिलेगा और क्षेत्र के यात्रियों को आवागमन में बेहतर विकल्प मिलेगा। यात्रियों ने इस नई सेवा की शुरुआत पर खुशी जाहिर की है।

111 कन्याओं की पूजन से शुरू होगी खेड़ापति हनुमान की भव्य शोभायात्रा

धूमधाम से मनाया जाएगा हनुमान जन्मोत्सव का दसवां वर्ष

भोपाल। श्री बाबा महाँकाल सेवा संघ द्वारा आगामी हनुमान जन्मोत्सव को प्रति वर्ष के अनुसार भव्य आयोजन के रूप में मनाया जाएगा। हनुमान जन्मोत्सव कार्यक्रम के संयोजक महेन्द्र यादव ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि आयोजन की शुरुआत में प्रेमनगर स्थित दुर्गा मंदिर में खेड़ापति हनुमान का दिव्य अभिषेक किया जाएगा। दिन के पूजन अनुष्ठान के बाद शाम को कन्या पूजन के साथ शोभायात्रा प्रारंभ होगी। संयोजक महेन्द्र यादव ने कहा कि शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु सम्मिलित होंगे, शोभायात्रा का समापन खेड़ापति हनुमान मंदिर छोला पर होगा। 

श्रद्धा आस्था और भक्ति के महोत्सव का दसवां वर्ष

श्री बाबा महाँकाल सेवा संघ के अध्यक्ष रंजीत सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि श्री हनुमान जन्मोत्सव संघ का वार्षिक आयोजन है। संस्था द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि आयोजन में कन्या पूजन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और भेदभाव रहित समाज बनाने का संदेश दिया जाता रहा है। वहीं संस्था के उपाध्यक्ष अमन चौरसिया और महासचिव दीपक नामदेव ने बताया कि आयोजन की तैयारी पूर्ण हो चुकी है, तथा आयोजन को और अधिक व्यापक बनाने को लेकर संस्था के सामूहिक प्रयास निरंतर जारी हैं।

खेड़ापति हनुमान मंदिर पर लगेंगे 21 धर्म ध्वज, दक्षिण भारतीय वेश में होंगे श्रद्धालु

श्री बाबा महाँकाल सेवा संघ द्वारा हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर हनुमान जी महाराज को 21 धर्म ध्वज अर्पित किए जाएंगे। बता दें कि संस्था द्वारा विगत आयोजनों में भी धर्म ध्वज अर्पित किए जाते रहे हैं इसके साथ ही इस वर्ष संस्था के सभी सदस्य दक्षिण भारतीय वेश में शोभायात्रा में सम्मिलित होंगे, वहीं संगठन से जुड़ी मातृशक्ति लाल साड़ी और पगड़ी धारण करेंगी।

प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही दिलाएंगे मिशन-2027 में जीत : धर्मपाल सिंह*
प्रशिक्षण महाअभियान को धार देने जुटा भाजपा संगठन, काशी क्षेत्र की बनी रणनीति*

प्रोटोकॉल पालन व रात्रि प्रवास पर जोर, बूथ तक रणनीति तैयार*

प्रशिक्षण महाअभियान पर काशी क्षेत्र के 16 जिलाध्यक्षों व जिला प्रभारी संग मंथन*

सुलतानपुर,पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के तहत मंगलवार को भाजपा जिला कार्यालय सुलतानपुर में काशी क्षेत्र के जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों एवं मंडल प्रशिक्षण प्रमुखों की महत्वपूर्ण समीक्षा एवं रणनीति बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने की,जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मिशन-2027 की सफलता का आधार मजबूत,प्रशिक्षित और अनुशासित कार्यकर्ता ही होंगे।मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशिक्षण वर्ग केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति और अनुशासन को आत्मसात करने का माध्यम है।उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के सभी निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने विशेष रूप से रात्रि प्रवास को प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे कार्यकर्ताओं में समर्पण,अनुशासन और संगठनात्मक एकात्मता का विकास होता है,जो आगामी चुनावी चुनौतियों में निर्णायक भूमिका निभाएगा।बैठक का संचालन क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरनाथ यादव ने किया। इस दौरान प्रशिक्षण महाअभियान की विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना तय की गई। भाजपा जिला मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी के अनुसार बैठक में काशी क्षेत्र के 16 जनपदों के जिलाध्यक्ष,जिला प्रभारी एवं मंडल प्रशिक्षण प्रमुख उपस्थित रहे।प्रमुख रूप से सुलतानपुर जिला प्रभारी व प्रदेश मंत्री मीना चौबे,अमेठी जिला प्रभारी व प्रदेश मंत्री शंकर गिरि, सुलतानपुर जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, अमेठी जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ल, वाराणसी हंसराज विश्वकर्मा,कौशांबी धर्मराज मौर्य गाजीपुर ओम प्रकाश राय, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, राकेश त्रिवेदी,नागेन्द्र रघुवंशी सहित अन्य जिल पदाधिकारी मौजूद रहे।