सागर में ऐतिहासिक सिविल लाइन चौराहा अब ‘परशुराम चौराहा’, 35 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापना का भूमिपूजन
सागर। शहर के कैंट और नगर निगम क्षेत्र को जोड़ने वाले ऐतिहासिक सिविल लाइन चौराहे का नाम अब बदलकर परशुराम चौराहा कर दिया गया है। अंग्रेजी शासनकाल की पहचान को समाप्त कर भगवान परशुराम के नाम पर चौराहे के नामकरण के साथ ही यहाँ सौंदर्यीकरण और भव्य प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पूर्व में की गई घोषणा के अनुरूप सागर की महापौर संगीता सुशील तिवारी के नेतृत्व में चौराहे पर विधिवत भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर महापौर ने बताया कि चौराहे पर 35 फीट ऊँची भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसे विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमाओं में शामिल करने की योजना है।
महापौर संगीता तिवारी ने कहा कि “भगवान परशुराम शौर्य, तप और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। उनके नाम से चौराहे की पहचान सागर की सांस्कृतिक चेतना को और अधिक सशक्त करेगी। किसी भी स्थान का नाम हमारी सोच, पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत होता है। हमारा प्रयास है कि विकास के साथ-साथ अपनी गौरवशाली परंपराओं को भी संजोया जाए।”
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नगर निगम परिषद से प्रतिमा स्थापना की स्वीकृति मिल चुकी है तथा आवश्यकता पड़ने पर सरकारी या निजी भूमि क्रय करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। महापौर ने इसे भगवान परशुराम के नाम पर किसी सार्वजनिक स्थल के नामकरण की ऐतिहासिक पहल बताया।
इस मौके पर विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि सिविल लाइन चौराहे का भगवान परशुराम के नाम पर नामकरण होना सागर के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा, “महापुरुष राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। प्रतिमा स्थापना के लिए सरकारी अथवा निजी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सागर की पहाड़ियों पर भगवान शिव और हनुमान की प्रतिमा स्थापना को लेकर भी चर्चा की जाएगी।” विधायक ने प्रतिमा निर्माण हेतु निजी अथवा विधायक निधि से सहयोग देने की घोषणा की।
भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं। उन्होंने बताया कि ब्राह्मण समाज की यह लंबे समय से मांग थी और इसके पूर्ण होने पर उन्होंने महापौर व सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने चौराहे पर भगवान परशुराम से संबंधित जानकारी वाली नाम-पट्टिका लगाए जाने की मांग भी रखी।
चौराहे के नाम परिवर्तन और भव्य प्रतिमा स्थापना की घोषणा के बाद पूरे शहर में उत्साह का वातावरण है। इसे सागर की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
5 hours ago
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