इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
लगन को देखते हुए आम लोगों के लिए केनरा बैंक की अनूठी पहल खुदरे पैसों की नहीं होगी किल्लत।।।
लगन सीजन में खुदरा पैसों की कमी को देखते हुए रिजर्व बैंक के निर्देश पर केनरा बैंक ने अनूठी पहल की है केनरा बैंक के द्वारा खुदरा नोटों के वितरण के लिए कैंप लगाए गए हैं यही नहीं कैंप में आप कटे-फटे नोटों को भी बदल सकते हैं यह सुविधा केनरा बैंक के ग्राहकों के साथ-साथ अन्य ग्राहकों के लिए भी दी गई है बाजार में छोटे व्यवसाइयो के पास छोटे नोटों की कमी होती है जिसको देखते हुए रिजर्व बैंक ने इस तरह के निर्देश दिए हैं जिसके लिए केनरा बैंक राज्य भर मे कई जगह इस तरह की पहल कर रहा है। केनरा बैंक के सगुना मोर शाखा पर आम जनता के लिए कैंप लगाया गया वहीं इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती और बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे शाखा प्रभारी ज्ञान प्रकाश अधिकारी रवीश मुकुंद करेंसी चेस्ट प्रबंधक उमेश चौधरी प्रबंधक ओपी सिंह तथा क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती भी उपस्थित रहे।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन
(विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )आज ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल मीरापुर में ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपजिलाधिकारी राजकुमार व विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारीसंदीप कुमार उपस्थित रहे  कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी  संदीप कुमार  ने बच्चों को खेल के प्रति प्रोत्साहित किया और जीवन में खेल का महत्व बताया उधर उपजिलाधिकारी राजकुमार ने भी बच्चों को  स्वस्थ रहने के लिए जीवन में खेल का महत्व बताया खण्ड शिक्षा अधिकारी जानसठ राकेश गौड ने भी बच्चों को खेल का महत्व उनके जीवन में बताया  कार्यक्रम में  विभिन्न खेलों का आयोजन हुआ ।

जिसमें उच्च प्राथमिक बालक वर्ग में 100 मीटर दौड़ में उच्च प्राथमिक विद्यालय तिरोला के आरिफ ने प्रथम व विनय ने द्वितीय व प्राथमिक विद्यालय कासमपुर के आरव नें तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मी बालिका वर्ग में हासिमपुर की मनु श्री ने प्रथम तालडा की युगांशी ने द्वितीय मीरापुर दलपत की छवि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मीटर बालक दौड़ में वंश ने प्रथम आरिफ ने द्वितीय विनीत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मीटर बालक वर्ग में आरिफ ने प्रथम विनय ने द्वितीय व आरव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मी बालिका दौड़ में मनु श्री हाशिमपुर ने प्रथम युगांशी ने द्वितीय व मंतोड़ी की अंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मी बालिका वर्ग में पूर्ण है हाशिमपुर की मनु श्री ने प्रथम मिस्टी ने द्वितीय व छवि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया प्राथमिक वर्ग में 200 मी बालिका वर्ग में मंतोड़ी की परी ने प्रथम मीरपुर दलपत की मंत्री ने द्वितीय व विशाखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मीटर बालक वर्ग में वंश ने प्रथम मनीष ने द्वितीय व सामान्य तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मी बालिका वर्ग में अंतिम ने प्रथम वैष्णवी ने द्वितीय विज़जना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मीटर बालक वर्ग में ओवैस ने प्रथम सामान्य द्वितीय वह विधिक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 50 मी बालिका वर्ग में अंतिम ने प्रथम वैष्णवी ने द्वितीय विशाखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 50 मी बाल में नैतिक ने प्रथम ओवैस ने द्वितीय अल्तमश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मी बालिका वर्ग में अक्षय ने प्रथम बुशरा ने द्वितीय विश्व जरने तीर्थ स्थान प्राप्त किया 400 मीटर बालक वर्ग में नैतिक ने प्रथम आयुष ने द्वितीय वह उमेश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया कबड्डी में प्राथमिक विद्यालय कासमपुर घूमने प्रथम स्थान प्राप्त किया कंपोजिट विद्यालय चित्तौड़ा ने को-को बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया गोला फेंक में अंशिका ने प्रथम विधि ने द्वितीय वह प्रिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया खेल के आयोजन में विशेष रूप से नोडल संकुल मयंक शर्मा, पुष्पराज, सत्येंद्र कुमार,विनोद कुमार,पवन रविराज,राहुल विक्रांत,हरभजन सिंह, रविंद्र कोठारी,कुलदीप,राजेश कटारिया,हरपाल सिंह,जोगिंदर सिंह,सतीश कुमार अजब सिंह आदि अनेक शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा
राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर में सात दिवसीय अभिलेख-मुद्रा कार्यशाला का समापन, 70 प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र

गोरखपुर।राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में आयोजित सात दिवसीय “प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं–अभिरुचि कार्यशाला” का समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम सोमवार को भव्य रूप से संपन्न हुआ। समापन सत्र के मुख्य अतिथि दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि मुद्राएं संस्कृति का कोड होती हैं, जिनसे इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था और धार्मिक परंपराओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। उन्होंने प्रतिभागियों को मुद्राओं के संग्रह, उनके बदलते स्वरूप और उनसे प्राप्त ऐतिहासिक सूचनाओं के महत्व से अवगत कराया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग और राजकीय बौद्ध संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है, जिससे शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम के दौरान कुलपति द्वारा कार्यशाला में भाग लेने वाले 70 सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। वहीं उत्कृष्ट रिपोर्ट प्रस्तुति के लिए गायत्री सिंह, अनुराधा सिंह, वैष्णवी दुबे, प्रिया राव, संदीप कुमार सरोज और मुनील कुमार को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।कार्यशाला के अंतर्गत राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला में दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने “अभिलेखों एवं मुद्राओं के आलोक में वैष्णव धर्म का विकास” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. राजवंत राव ने सभी सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।कार्यशाला संयोजक डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने सात दिवसीय कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरान अभिलेख एवं मुद्राओं से जुड़े इतिहास पर कुल 09 व्याख्यान आयोजित किए गए, साथ ही प्रतिभागियों को संग्रहालय की विभिन्न वीथिकाओं का शैक्षिक भ्रमण भी कराया गया। समापन कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. सुजाता सहित गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. रामप्यारे मिश्र, प्रो. दिग्विजयनाथ मौर्य, प्रो. कमलेश गौतम, डॉ. पद्मजा, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मणिन्द्र यादव सहित अनेक शिक्षाविदों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला के अपने अनुभव साझा किए।
महात्रिशूल सनातन हिंदू एकता यात्रा सुल्तानपुर पहुंची,60 फीट ऊंचा त्रिशूल अयोध्या में होगा स्थापित*
सुल्तानपुर,महात्रिशूल सनातन हिंदू एकता यात्रा सोमवार को सुल्तानपुर पहुंची। इस यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म को संगठित करना और हिंदू एकता का संदेश देना है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से 2 फरवरी को शुरू हुई यह यात्रा 10 फरवरी को अयोध्या स्थित श्री विघ्नेश्वर नाथ महादेव धाम पहुंचेगी। यात्रा का मुख्य आकर्षण 60 फीट ऊंचा और 800 किलोग्राम वजनी विशाल स्टील का त्रिशूल है। यह त्रिशूल पूरी तरह से स्टील धातु से निर्मित भारत का पहला ऐसा विशाल प्रतीक बताया जा रहा है,जिसे अयोध्या में स्थापित किया जाएगा। सुल्तानपुर पहुंचने पर स्थानीय हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने यात्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान 'जय श्री राम' के उद्घोष गूंजते रहे। यात्रा का नेतृत्व कर रहे अमित योगी विघ्नेश्वर नाथ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह यात्रा सनातनियों को एकजुट करने के लिए निकाली गई है। अमित योगी ने त्रिशूल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह 60 फीट ऊंचा और 11 फीट चौड़ा भव्य प्रतीक है, जो "बाबा की मर्जी से बना" है। यात्रा का व्यापक उद्देश्य समाज में आत्मबल, संबल और धर्म की रक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है। सुल्तानपुर में भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष रीना जायसवाल और अन्य गणमान्य नागरिक भी यात्रा के स्वागत में उपस्थित रहे। यह यात्रा का सातवां दिन था, जो 10 फरवरी को अयोध्या में संपन्न होगी। अमित योगी का मानना है कि प्रत्येक सनातनी के घर में 'शास्त्र' के साथ-साथ 'शस्त्र' का प्रतीक भी होना चाहिए ताकि समाज और परिवार की रक्षा हो सके।
एसडीएम की तैनाती न होने पर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश का धरना, न्यायिक व्यवस्था ठप होने का आरोप

हल्द्वानी, उत्तराखंड। नैनीताल जिले के मुख्यालय हल्द्वानी में लंबे समय से एसडीएम की तैनाती न होने को लेकर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ एसडीएम कोर्ट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि न्यायिक व्यवस्था को जानबूझकर ठप किया जा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान विधायक सुमित हृदयेश और पार्षद रवि जोशी कोर्ट परिसर में जमीन पर बैठकर नारेबाजी करते नजर आए। दोनों नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए शीघ्र एसडीएम की स्थायी तैनाती की मांग की।

बताया गया कि एसडीएम हल्द्वानी राहुल शाह के स्थानांतरण के बाद से कोर्ट का नियमित संचालन बाधित है। न्यायिक अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कई दिनों से मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर अधिवक्ताओं और आम जनता पर पड़ रहा है। छोटे मामलों में भी लोगों को बार-बार तारीख मिल रही है, जिससे न्याय प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी हो गई है।

धरने के दौरान विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि एसडीएम कोर्ट हल्द्वानी क्षेत्र की एक अहम न्यायिक इकाई है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। कोर्ट का नियमित संचालन न होना प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है और यह न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कुमाऊं आयुक्त और जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर स्थिति से अवगत कराया है तथा हल्द्वानी में जल्द से जल्द नए एसडीएम की तैनाती की मांग की है।

वहीं पार्षद रवि जोशी ने भी प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि न्यायिक कार्य ठप होने से क्षेत्र की जनता में भारी रोष है। लोग अपने जरूरी काम छोड़कर कोर्ट आते हैं, लेकिन सुनवाई न होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की।

सागर में ऐतिहासिक सिविल लाइन चौराहा अब ‘परशुराम चौराहा’, 35 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापना का भूमिपूजन

सागर। शहर के कैंट और नगर निगम क्षेत्र को जोड़ने वाले ऐतिहासिक सिविल लाइन चौराहे का नाम अब बदलकर परशुराम चौराहा कर दिया गया है। अंग्रेजी शासनकाल की पहचान को समाप्त कर भगवान परशुराम के नाम पर चौराहे के नामकरण के साथ ही यहाँ सौंदर्यीकरण और भव्य प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

पूर्व में की गई घोषणा के अनुरूप सागर की महापौर संगीता सुशील तिवारी के नेतृत्व में चौराहे पर विधिवत भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर महापौर ने बताया कि चौराहे पर 35 फीट ऊँची भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसे विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमाओं में शामिल करने की योजना है।

महापौर संगीता तिवारी ने कहा कि “भगवान परशुराम शौर्य, तप और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। उनके नाम से चौराहे की पहचान सागर की सांस्कृतिक चेतना को और अधिक सशक्त करेगी। किसी भी स्थान का नाम हमारी सोच, पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत होता है। हमारा प्रयास है कि विकास के साथ-साथ अपनी गौरवशाली परंपराओं को भी संजोया जाए।”

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नगर निगम परिषद से प्रतिमा स्थापना की स्वीकृति मिल चुकी है तथा आवश्यकता पड़ने पर सरकारी या निजी भूमि क्रय करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। महापौर ने इसे भगवान परशुराम के नाम पर किसी सार्वजनिक स्थल के नामकरण की ऐतिहासिक पहल बताया।

इस मौके पर विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि सिविल लाइन चौराहे का भगवान परशुराम के नाम पर नामकरण होना सागर के लिए गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा, “महापुरुष राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। प्रतिमा स्थापना के लिए सरकारी अथवा निजी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सागर की पहाड़ियों पर भगवान शिव और हनुमान की प्रतिमा स्थापना को लेकर भी चर्चा की जाएगी।” विधायक ने प्रतिमा निर्माण हेतु निजी अथवा विधायक निधि से सहयोग देने की घोषणा की।

भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं। उन्होंने बताया कि ब्राह्मण समाज की यह लंबे समय से मांग थी और इसके पूर्ण होने पर उन्होंने महापौर व सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने चौराहे पर भगवान परशुराम से संबंधित जानकारी वाली नाम-पट्टिका लगाए जाने की मांग भी रखी।

चौराहे के नाम परिवर्तन और भव्य प्रतिमा स्थापना की घोषणा के बाद पूरे शहर में उत्साह का वातावरण है। इसे सागर की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा देवहट गांव
मृत श्रमिक के परिजनों से मिलकर घटना की ली जानकारी

ड्रमंडगंज।समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी के निर्देश पर सोमवार दोपहर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल क्षेत्र के देवहट गांव पहुंचा। समाजवादी पार्टी के छानबे विधानसभा अध्यक्ष सोकिम अहमद के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने मृत श्रमिक छोटकऊ कोल के घर पहुंचकर स्वजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। प्रतिनिधि मंडल ने श्रमिक की हत्या का खुलासा नही किए जाने पर आक्रोश जताया। प्रतिनिधि मंडल मृत श्रमिक के पुत्र रविन्द्र कुमार उर्फ पिंटू के साथ ड्रमंडगंज थाने पर पहुंचा और घटना की जांच के संबंध में थानाध्यक्ष भारत सुमन से जानकारी ली। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने श्रमिक की हत्या का जल्द से जल्द खुलासा करने के लिए थानाध्यक्ष से कहा। थानाध्यक्ष ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि मामले की जांच चल रही है जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। समाजवादी पार्टी के अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव सियाराम जैसल ने बताया कि जिलाध्यक्ष के निर्देश पर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल पीड़ित परिवार से मिलकर घटना के संबंध में जानकारी ली। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक आवाज उठाएगी। थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज से मामले की जांच की प्रगति के संबंध में वार्ता की गई है।हम उम्मीद करते हैं कि डीएम और एसएसपी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का कार्य करेंगे। राष्ट्रीय सचिव ने आरोप लगाया कि श्रमिक दुलार मनि कोल ने आत्म हत्या नही कि बल्कि उसकी भी हत्या कर पेड़ से लटका दिया गया।छोटकऊ कोल की हत्या में शामिल लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है। समाजवादी पार्टी श्रमिक की हत्या में शामिल लोगों के विरुद्ध  कार्रवाई की मांग करती है। प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
दिनदहाड़े संविदा स्वास्थ्यकर्मी का स्पलेन्डर प्लस बाइक हुआ चोरी
मीरजापुर। अभी तक तो मंडलीय अस्पताल परिसर में ही बाइक और साइकिल चोरी की घटनाएं घटित हुआ करती थी, अब टीबी अस्पताल परिसर भी इससे अछूता नहीं रहा है। शनिवार को चोरों ने दिनदहाड़े टीबी अस्पताल में तैनात संविदा स्वास्थ्यकर्मी का स्पलेन्डर प्लस बाइक पार कर दिया। बाइक चोरी होने की जानकारी होते ही अन्य टीबी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों सहित आएं हुए मरीजों में हड़कंप मचा रहा है।
बताते चलें कि देहात कोतवाली थाना क्षेत्र भरुहना निवासी आकाश कुमार यादव टीबी अस्पताल में संविदा पद पर कार्यरत है, नित्य की भांति शनिवार 7 फ़रवरी को भी वह अपनी बाइक (मोटर साइकिल) से टीबी अस्पताल आएं हुए थे। अचानक समय दोपहर 1.15 बजे जहां उन्होंने अपनी बाइक खड़ा किया हुआ था वहां से संख्या UP63 AZ 3839 स्पलेन्डर प्लस जो ब्लेक (काला) रंग की रही नदारद देख दंग रह गए। पहले सोचा कि किसी ने हटाकर इधर-उधर खड़ा कर दिया होगा, लेकिन पूरा परिसर खंगालने के बाद भी जब बाइक का कोई पता नहीं चला तो उन्होंने बाइक चोरी की सूचना अस्पताल पुलिस चौकी सहित शहर कोतवाली पुलिस को भी दे दी।

*दो दिन बाद भी चोरी गई बाइक का नहीं चला पता*

दिनदहाड़े संविदा टीबी अस्पताल स्वास्थ्यकर्मी का स्पलेन्डर प्लस बाइक चोरी होने की घटना के दो दिन बीतने के बाद भी बाइक चोरों का पुलिस पता लगा पाने में असफल रही है। बाइक चोरी के तीसरे दिन सोमवार को टीबी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों एवं यहां आएं हुए मरीजों में चोरों का खौफ देखा गया। लोग चर्चा करते हुए देखें सुनें जा रहें थें कि टीबी अस्पताल के गेट से लेकर परिसर पर बेख़ौफ़ नशेड़ियों एवं बाहरी लोगों का आना जाना लगा रहता है। बाइक चोरी वाले दिन भी कुछ संदिग्ध युवकों की आवा-जाही बनी हुई थी‌ आशंका जताई जा रही है कि नशेड़ियों एवं जुआड़ियों की भी इसमें संलिप्तता हो सकती है। यदि पुलिस ने कुछ संदिग्धों सहित नशेड़ियों, गजेड़ियों की आवा-जाही को संज्ञान में लिया तो बाइक चोरी का खुलासा किया जा सकता है।

*स्वास्थ्य कर्मियों ने एसपी से लगाई गुहार*

बाइक चोरी की घटना के तीसरे दिन टीबी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने पीड़ित संविदाकर्मी के संग नवागत पुलिस अधीक्षक से मिलकर बाइक चोरी की घटना से अवगत कराते हुए बाइक को बरामद करने की गुहार लगाई, साथ ही बाइक चोरी की सूचना दर्ज किये जाने एवं चोरी करने वाले के विरूद्ध विधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही करने की मांग की। जिसपर पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी नगर सहित शहर कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
लगन को देखते हुए आम लोगों के लिए केनरा बैंक की अनूठी पहल खुदरे पैसों की नहीं होगी किल्लत।।।
लगन सीजन में खुदरा पैसों की कमी को देखते हुए रिजर्व बैंक के निर्देश पर केनरा बैंक ने अनूठी पहल की है केनरा बैंक के द्वारा खुदरा नोटों के वितरण के लिए कैंप लगाए गए हैं यही नहीं कैंप में आप कटे-फटे नोटों को भी बदल सकते हैं यह सुविधा केनरा बैंक के ग्राहकों के साथ-साथ अन्य ग्राहकों के लिए भी दी गई है बाजार में छोटे व्यवसाइयो के पास छोटे नोटों की कमी होती है जिसको देखते हुए रिजर्व बैंक ने इस तरह के निर्देश दिए हैं जिसके लिए केनरा बैंक राज्य भर मे कई जगह इस तरह की पहल कर रहा है। केनरा बैंक के सगुना मोर शाखा पर आम जनता के लिए कैंप लगाया गया वहीं इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती और बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे शाखा प्रभारी ज्ञान प्रकाश अधिकारी रवीश मुकुंद करेंसी चेस्ट प्रबंधक उमेश चौधरी प्रबंधक ओपी सिंह तथा क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती भी उपस्थित रहे।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन
(विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )आज ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल मीरापुर में ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपजिलाधिकारी राजकुमार व विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारीसंदीप कुमार उपस्थित रहे  कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी  संदीप कुमार  ने बच्चों को खेल के प्रति प्रोत्साहित किया और जीवन में खेल का महत्व बताया उधर उपजिलाधिकारी राजकुमार ने भी बच्चों को  स्वस्थ रहने के लिए जीवन में खेल का महत्व बताया खण्ड शिक्षा अधिकारी जानसठ राकेश गौड ने भी बच्चों को खेल का महत्व उनके जीवन में बताया  कार्यक्रम में  विभिन्न खेलों का आयोजन हुआ ।

जिसमें उच्च प्राथमिक बालक वर्ग में 100 मीटर दौड़ में उच्च प्राथमिक विद्यालय तिरोला के आरिफ ने प्रथम व विनय ने द्वितीय व प्राथमिक विद्यालय कासमपुर के आरव नें तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मी बालिका वर्ग में हासिमपुर की मनु श्री ने प्रथम तालडा की युगांशी ने द्वितीय मीरापुर दलपत की छवि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मीटर बालक दौड़ में वंश ने प्रथम आरिफ ने द्वितीय विनीत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मीटर बालक वर्ग में आरिफ ने प्रथम विनय ने द्वितीय व आरव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मी बालिका दौड़ में मनु श्री हाशिमपुर ने प्रथम युगांशी ने द्वितीय व मंतोड़ी की अंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मी बालिका वर्ग में पूर्ण है हाशिमपुर की मनु श्री ने प्रथम मिस्टी ने द्वितीय व छवि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया प्राथमिक वर्ग में 200 मी बालिका वर्ग में मंतोड़ी की परी ने प्रथम मीरपुर दलपत की मंत्री ने द्वितीय व विशाखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मीटर बालक वर्ग में वंश ने प्रथम मनीष ने द्वितीय व सामान्य तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मी बालिका वर्ग में अंतिम ने प्रथम वैष्णवी ने द्वितीय विज़जना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मीटर बालक वर्ग में ओवैस ने प्रथम सामान्य द्वितीय वह विधिक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 50 मी बालिका वर्ग में अंतिम ने प्रथम वैष्णवी ने द्वितीय विशाखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 50 मी बाल में नैतिक ने प्रथम ओवैस ने द्वितीय अल्तमश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मी बालिका वर्ग में अक्षय ने प्रथम बुशरा ने द्वितीय विश्व जरने तीर्थ स्थान प्राप्त किया 400 मीटर बालक वर्ग में नैतिक ने प्रथम आयुष ने द्वितीय वह उमेश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया कबड्डी में प्राथमिक विद्यालय कासमपुर घूमने प्रथम स्थान प्राप्त किया कंपोजिट विद्यालय चित्तौड़ा ने को-को बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया गोला फेंक में अंशिका ने प्रथम विधि ने द्वितीय वह प्रिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया खेल के आयोजन में विशेष रूप से नोडल संकुल मयंक शर्मा, पुष्पराज, सत्येंद्र कुमार,विनोद कुमार,पवन रविराज,राहुल विक्रांत,हरभजन सिंह, रविंद्र कोठारी,कुलदीप,राजेश कटारिया,हरपाल सिंह,जोगिंदर सिंह,सतीश कुमार अजब सिंह आदि अनेक शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा
राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर में सात दिवसीय अभिलेख-मुद्रा कार्यशाला का समापन, 70 प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र

गोरखपुर।राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में आयोजित सात दिवसीय “प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं–अभिरुचि कार्यशाला” का समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम सोमवार को भव्य रूप से संपन्न हुआ। समापन सत्र के मुख्य अतिथि दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि मुद्राएं संस्कृति का कोड होती हैं, जिनसे इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था और धार्मिक परंपराओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। उन्होंने प्रतिभागियों को मुद्राओं के संग्रह, उनके बदलते स्वरूप और उनसे प्राप्त ऐतिहासिक सूचनाओं के महत्व से अवगत कराया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग और राजकीय बौद्ध संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है, जिससे शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम के दौरान कुलपति द्वारा कार्यशाला में भाग लेने वाले 70 सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। वहीं उत्कृष्ट रिपोर्ट प्रस्तुति के लिए गायत्री सिंह, अनुराधा सिंह, वैष्णवी दुबे, प्रिया राव, संदीप कुमार सरोज और मुनील कुमार को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।कार्यशाला के अंतर्गत राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला में दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने “अभिलेखों एवं मुद्राओं के आलोक में वैष्णव धर्म का विकास” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. राजवंत राव ने सभी सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।कार्यशाला संयोजक डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने सात दिवसीय कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरान अभिलेख एवं मुद्राओं से जुड़े इतिहास पर कुल 09 व्याख्यान आयोजित किए गए, साथ ही प्रतिभागियों को संग्रहालय की विभिन्न वीथिकाओं का शैक्षिक भ्रमण भी कराया गया। समापन कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. सुजाता सहित गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. रामप्यारे मिश्र, प्रो. दिग्विजयनाथ मौर्य, प्रो. कमलेश गौतम, डॉ. पद्मजा, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मणिन्द्र यादव सहित अनेक शिक्षाविदों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला के अपने अनुभव साझा किए।
महात्रिशूल सनातन हिंदू एकता यात्रा सुल्तानपुर पहुंची,60 फीट ऊंचा त्रिशूल अयोध्या में होगा स्थापित*
सुल्तानपुर,महात्रिशूल सनातन हिंदू एकता यात्रा सोमवार को सुल्तानपुर पहुंची। इस यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म को संगठित करना और हिंदू एकता का संदेश देना है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से 2 फरवरी को शुरू हुई यह यात्रा 10 फरवरी को अयोध्या स्थित श्री विघ्नेश्वर नाथ महादेव धाम पहुंचेगी। यात्रा का मुख्य आकर्षण 60 फीट ऊंचा और 800 किलोग्राम वजनी विशाल स्टील का त्रिशूल है। यह त्रिशूल पूरी तरह से स्टील धातु से निर्मित भारत का पहला ऐसा विशाल प्रतीक बताया जा रहा है,जिसे अयोध्या में स्थापित किया जाएगा। सुल्तानपुर पहुंचने पर स्थानीय हिंदू संगठनों और श्रद्धालुओं ने यात्रा का भव्य स्वागत किया। इस दौरान 'जय श्री राम' के उद्घोष गूंजते रहे। यात्रा का नेतृत्व कर रहे अमित योगी विघ्नेश्वर नाथ ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह यात्रा सनातनियों को एकजुट करने के लिए निकाली गई है। अमित योगी ने त्रिशूल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह 60 फीट ऊंचा और 11 फीट चौड़ा भव्य प्रतीक है, जो "बाबा की मर्जी से बना" है। यात्रा का व्यापक उद्देश्य समाज में आत्मबल, संबल और धर्म की रक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना है। सुल्तानपुर में भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष रीना जायसवाल और अन्य गणमान्य नागरिक भी यात्रा के स्वागत में उपस्थित रहे। यह यात्रा का सातवां दिन था, जो 10 फरवरी को अयोध्या में संपन्न होगी। अमित योगी का मानना है कि प्रत्येक सनातनी के घर में 'शास्त्र' के साथ-साथ 'शस्त्र' का प्रतीक भी होना चाहिए ताकि समाज और परिवार की रक्षा हो सके।
एसडीएम की तैनाती न होने पर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश का धरना, न्यायिक व्यवस्था ठप होने का आरोप

हल्द्वानी, उत्तराखंड। नैनीताल जिले के मुख्यालय हल्द्वानी में लंबे समय से एसडीएम की तैनाती न होने को लेकर कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ एसडीएम कोर्ट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि न्यायिक व्यवस्था को जानबूझकर ठप किया जा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान विधायक सुमित हृदयेश और पार्षद रवि जोशी कोर्ट परिसर में जमीन पर बैठकर नारेबाजी करते नजर आए। दोनों नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए शीघ्र एसडीएम की स्थायी तैनाती की मांग की।

बताया गया कि एसडीएम हल्द्वानी राहुल शाह के स्थानांतरण के बाद से कोर्ट का नियमित संचालन बाधित है। न्यायिक अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण कई दिनों से मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर अधिवक्ताओं और आम जनता पर पड़ रहा है। छोटे मामलों में भी लोगों को बार-बार तारीख मिल रही है, जिससे न्याय प्रक्रिया अनावश्यक रूप से लंबी हो गई है।

धरने के दौरान विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि एसडीएम कोर्ट हल्द्वानी क्षेत्र की एक अहम न्यायिक इकाई है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। कोर्ट का नियमित संचालन न होना प्रशासन की उदासीनता को दर्शाता है और यह न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने कुमाऊं आयुक्त और जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर स्थिति से अवगत कराया है तथा हल्द्वानी में जल्द से जल्द नए एसडीएम की तैनाती की मांग की है।

वहीं पार्षद रवि जोशी ने भी प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि न्यायिक कार्य ठप होने से क्षेत्र की जनता में भारी रोष है। लोग अपने जरूरी काम छोड़कर कोर्ट आते हैं, लेकिन सुनवाई न होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की।

सागर में ऐतिहासिक सिविल लाइन चौराहा अब ‘परशुराम चौराहा’, 35 फीट ऊँची प्रतिमा स्थापना का भूमिपूजन

सागर। शहर के कैंट और नगर निगम क्षेत्र को जोड़ने वाले ऐतिहासिक सिविल लाइन चौराहे का नाम अब बदलकर परशुराम चौराहा कर दिया गया है। अंग्रेजी शासनकाल की पहचान को समाप्त कर भगवान परशुराम के नाम पर चौराहे के नामकरण के साथ ही यहाँ सौंदर्यीकरण और भव्य प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

पूर्व में की गई घोषणा के अनुरूप सागर की महापौर संगीता सुशील तिवारी के नेतृत्व में चौराहे पर विधिवत भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर महापौर ने बताया कि चौराहे पर 35 फीट ऊँची भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसे विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमाओं में शामिल करने की योजना है।

महापौर संगीता तिवारी ने कहा कि “भगवान परशुराम शौर्य, तप और सामाजिक समरसता के प्रतीक हैं। उनके नाम से चौराहे की पहचान सागर की सांस्कृतिक चेतना को और अधिक सशक्त करेगी। किसी भी स्थान का नाम हमारी सोच, पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत होता है। हमारा प्रयास है कि विकास के साथ-साथ अपनी गौरवशाली परंपराओं को भी संजोया जाए।”

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नगर निगम परिषद से प्रतिमा स्थापना की स्वीकृति मिल चुकी है तथा आवश्यकता पड़ने पर सरकारी या निजी भूमि क्रय करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। महापौर ने इसे भगवान परशुराम के नाम पर किसी सार्वजनिक स्थल के नामकरण की ऐतिहासिक पहल बताया।

इस मौके पर विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि सिविल लाइन चौराहे का भगवान परशुराम के नाम पर नामकरण होना सागर के लिए गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा, “महापुरुष राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। प्रतिमा स्थापना के लिए सरकारी अथवा निजी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही सागर की पहाड़ियों पर भगवान शिव और हनुमान की प्रतिमा स्थापना को लेकर भी चर्चा की जाएगी।” विधायक ने प्रतिमा निर्माण हेतु निजी अथवा विधायक निधि से सहयोग देने की घोषणा की।

भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं। उन्होंने बताया कि ब्राह्मण समाज की यह लंबे समय से मांग थी और इसके पूर्ण होने पर उन्होंने महापौर व सभी जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने चौराहे पर भगवान परशुराम से संबंधित जानकारी वाली नाम-पट्टिका लगाए जाने की मांग भी रखी।

चौराहे के नाम परिवर्तन और भव्य प्रतिमा स्थापना की घोषणा के बाद पूरे शहर में उत्साह का वातावरण है। इसे सागर की सांस्कृतिक पहचान को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा देवहट गांव
मृत श्रमिक के परिजनों से मिलकर घटना की ली जानकारी

ड्रमंडगंज।समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी के निर्देश पर सोमवार दोपहर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल क्षेत्र के देवहट गांव पहुंचा। समाजवादी पार्टी के छानबे विधानसभा अध्यक्ष सोकिम अहमद के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने मृत श्रमिक छोटकऊ कोल के घर पहुंचकर स्वजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। प्रतिनिधि मंडल ने श्रमिक की हत्या का खुलासा नही किए जाने पर आक्रोश जताया। प्रतिनिधि मंडल मृत श्रमिक के पुत्र रविन्द्र कुमार उर्फ पिंटू के साथ ड्रमंडगंज थाने पर पहुंचा और घटना की जांच के संबंध में थानाध्यक्ष भारत सुमन से जानकारी ली। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने श्रमिक की हत्या का जल्द से जल्द खुलासा करने के लिए थानाध्यक्ष से कहा। थानाध्यक्ष ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि मामले की जांच चल रही है जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा। समाजवादी पार्टी के अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव सियाराम जैसल ने बताया कि जिलाध्यक्ष के निर्देश पर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल पीड़ित परिवार से मिलकर घटना के संबंध में जानकारी ली। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा तक आवाज उठाएगी। थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज से मामले की जांच की प्रगति के संबंध में वार्ता की गई है।हम उम्मीद करते हैं कि डीएम और एसएसपी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का कार्य करेंगे। राष्ट्रीय सचिव ने आरोप लगाया कि श्रमिक दुलार मनि कोल ने आत्म हत्या नही कि बल्कि उसकी भी हत्या कर पेड़ से लटका दिया गया।छोटकऊ कोल की हत्या में शामिल लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है। समाजवादी पार्टी श्रमिक की हत्या में शामिल लोगों के विरुद्ध  कार्रवाई की मांग करती है। प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
दिनदहाड़े संविदा स्वास्थ्यकर्मी का स्पलेन्डर प्लस बाइक हुआ चोरी
मीरजापुर। अभी तक तो मंडलीय अस्पताल परिसर में ही बाइक और साइकिल चोरी की घटनाएं घटित हुआ करती थी, अब टीबी अस्पताल परिसर भी इससे अछूता नहीं रहा है। शनिवार को चोरों ने दिनदहाड़े टीबी अस्पताल में तैनात संविदा स्वास्थ्यकर्मी का स्पलेन्डर प्लस बाइक पार कर दिया। बाइक चोरी होने की जानकारी होते ही अन्य टीबी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों सहित आएं हुए मरीजों में हड़कंप मचा रहा है।
बताते चलें कि देहात कोतवाली थाना क्षेत्र भरुहना निवासी आकाश कुमार यादव टीबी अस्पताल में संविदा पद पर कार्यरत है, नित्य की भांति शनिवार 7 फ़रवरी को भी वह अपनी बाइक (मोटर साइकिल) से टीबी अस्पताल आएं हुए थे। अचानक समय दोपहर 1.15 बजे जहां उन्होंने अपनी बाइक खड़ा किया हुआ था वहां से संख्या UP63 AZ 3839 स्पलेन्डर प्लस जो ब्लेक (काला) रंग की रही नदारद देख दंग रह गए। पहले सोचा कि किसी ने हटाकर इधर-उधर खड़ा कर दिया होगा, लेकिन पूरा परिसर खंगालने के बाद भी जब बाइक का कोई पता नहीं चला तो उन्होंने बाइक चोरी की सूचना अस्पताल पुलिस चौकी सहित शहर कोतवाली पुलिस को भी दे दी।

*दो दिन बाद भी चोरी गई बाइक का नहीं चला पता*

दिनदहाड़े संविदा टीबी अस्पताल स्वास्थ्यकर्मी का स्पलेन्डर प्लस बाइक चोरी होने की घटना के दो दिन बीतने के बाद भी बाइक चोरों का पुलिस पता लगा पाने में असफल रही है। बाइक चोरी के तीसरे दिन सोमवार को टीबी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों एवं यहां आएं हुए मरीजों में चोरों का खौफ देखा गया। लोग चर्चा करते हुए देखें सुनें जा रहें थें कि टीबी अस्पताल के गेट से लेकर परिसर पर बेख़ौफ़ नशेड़ियों एवं बाहरी लोगों का आना जाना लगा रहता है। बाइक चोरी वाले दिन भी कुछ संदिग्ध युवकों की आवा-जाही बनी हुई थी‌ आशंका जताई जा रही है कि नशेड़ियों एवं जुआड़ियों की भी इसमें संलिप्तता हो सकती है। यदि पुलिस ने कुछ संदिग्धों सहित नशेड़ियों, गजेड़ियों की आवा-जाही को संज्ञान में लिया तो बाइक चोरी का खुलासा किया जा सकता है।

*स्वास्थ्य कर्मियों ने एसपी से लगाई गुहार*

बाइक चोरी की घटना के तीसरे दिन टीबी अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने पीड़ित संविदाकर्मी के संग नवागत पुलिस अधीक्षक से मिलकर बाइक चोरी की घटना से अवगत कराते हुए बाइक को बरामद करने की गुहार लगाई, साथ ही बाइक चोरी की सूचना दर्ज किये जाने एवं चोरी करने वाले के विरूद्ध विधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही करने की मांग की। जिसपर पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी नगर सहित शहर कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।