*इंटर के छात्राओं को विदाई और हाई स्कूल मंगलकान दी गई*
सुल्तानपुर,गोसाईगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत आंगनकोल स्थित ए के शिक्षा निकेतन स्कूल में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय प्रधानाचार्या आरती पांडेय ने बताया कि हाई स्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) के छात्रों के लिए विदाई समारोह एवं शुभकामनाएं एक भावनात्मक और यादगार अवसर होता है। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि यह सुख का क्षण है। बच्चे स्कूली पढ़ाई पूरी कर अब उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हो रहे हैं. 12वीं व 10वीं के सभी बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की मंगल कामना भी की व आशीर्वाद दिया, विद्यार्थियों के सुखद भविष्य की कामना की। इस अवसर पर 12वीं के सभी बच्चों को स्मृति चिन्ह व उपहार भेंट किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने का भी आह्वान किया। इस मौके पर सीमा मिश्रा, पूजा मिश्रा, शालनी यादव, अनुष्का यादव, रेनू भारती, मैसाना, सत्य प्रकाश तिवारी, शेर मोहम्मद, राजेंद्र प्रसाद यादव, धर्मेंद्र शर्मा, सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर का किया निरीक्षण, एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में लिया भाग
एचपीवी टीकाकरण को लेकर  राज्यपाल महोदया ने दिया जागरूकता का संदेश

स्वस्थ, शिक्षित और विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर



बलरामपुर 10 फरवरी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आज मंगलवार को माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय, बलरामपुर के निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण करने पहुंचीं।
इस अवसर पर  राज्यपाल  ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित कुलाधिपति वाटिका में मौलिसरी का पौधरोपण किया। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन सरोवर का नामकरण कुलाधिपति सरोवर के रूप में किया गया।
राज्यपाल  ने प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, कुलपति आवास सहित अन्य निर्माणाधीन संरचनाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश भी दिए।

राज्यपाल  ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किए जाएं तथा विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

इसके उपरांत  राज्यपाल  ने कलेक्ट्रेट में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कैंप में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया।आयोजित एचपीवी टीकाकरण कैंप में 100 बच्चियों का टीकाकरण किया गया।

राज्यपाल  ने अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बेटियों को स्वस्थ रखने के लिए सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाकर एचपीवी वायरस के विरुद्ध टीकाकरण कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि 9 से 14 वर्ष की आयु की बच्चियों को एचपीवी टीके की दो डोज लगाए जाने से वे लगभग 95 प्रतिशत तक सुरक्षित रह सकती हैं। यह टीका 26 वर्ष की आयु तक लगाया जा सकता है।
राज्यपाल  ने कहा कि ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में इंडस्ट्री एवं निजी कंपनियों का सहयोग भी प्राप्त किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे जागरूक बनें और अपनी बच्चियों का टीकाकरण अवश्य कराएं।
उन्होंने कहा कि 3 वर्ष का बच्चा अनिवार्य रूप से आंगनबाड़ी जाए तथा 6 वर्ष का बच्चा विद्यालय अवश्य जाए। विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब कोई भी बच्चा न तो बीमार रहे और न ही अशिक्षित।

उच्च शिक्षा में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री के निर्देशन में शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला बनाया गया है, जिससे अब विद्यार्थी फिजिक्स के साथ संगीत और केमिस्ट्री के साथ भाषा जैसे विषयों का भी अध्ययन कर सकते हैं।
राज्यपाल  ने एक अभिभावक के रूप में बच्चियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपना मार्ग स्वयं तय करें, पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें। उन्होंने बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाने के लिए सभी को जागरूक रहने का आह्वान किया।
उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवारों को ऐसे बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। सभी को समान सम्मान मिले और सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।

इस दौरान  राज्यपाल  ने बच्चियों को पोषण किट एवं टीबी मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया।

इस अवसर पर मंडलायुक्त  शशि भूषण लाल सुशील, कुलपति प्रोफेसर  रवि शंकर सिंह, जिलाधिकारी  विपिन कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक  विकास कुमार, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योति राय, अपर जिलाधिकारी न्यायिक , मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।
समाज को बांटने वाली हर बातों का व्यापक विरोध आवश्यक : ज्ञान प्रकाश सिंह

जौनपुर। प्रख्यात समाजसेवी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने नेटफ्लिक्स पर आ रही फिल्म घूसखोर पंडत का कड़ा विरोध करते हुए इस पर बैन लगाने और फिल्म निर्माता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में ब्राह्मणों को ज्ञान, तप, और सदाचार का प्रतीक मानकर सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उनका महत्व वेदों के संरक्षण, अध्यापन (शिक्षण), धार्मिक अनुष्ठान (यज्ञ-पूजा), और समाज को नैतिक मार्गदर्शन प्रदान करने में निहित है। वे सदियों से ज्ञान के संवाहक और आध्यात्मिक गुरु के रूप में भारतीय सभ्यता के स्तंभ रहे हैं। ज्ञान प्रकाश ने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा से राष्ट्रभक्त और धर्मनिष्ठ रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस फिल्म का संज्ञान होते ही उन्होंने FIR करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली हर चीजों का व्यापक स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए।
सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर हुई कलेक्ट्रेट में एक कार्यशाला
फर्रूखाबाद l मंगलवार को “सुरक्षित इन्टरनेट दिवस ” मनाये जाने हेतु एक कार्यशाला का आयोजन  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजन किया गया।    

इस दौरान कार्यशाला में जिला सूचना  विज्ञान अधिकारी कु0 ज्योति चौधरी ने मोबाइल एवं कंप्यूटर पर सुरक्षित इंटरनेट का प्रयोग कैसे करें इस बारे में सबको बताया । कार्यशाला में एन0आई0सी0 के  दीपक कुमार व पुलिस विभाग के साइबर थाना फतेहगढ़ के एक्सपर्ट के द्वारा , ओ.टी.पी.  फ्रॉड , फेक वेबसाइट  फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट स्कैम  , फेक डेटिंग एप फ्रॉड, मनी लोन एप स्कैम ,   एस.एम.एस. फ्रॉड , सोशल वेबसाइट स्कैम, क्रेडिट कार्ड स्कैम  इत्यादि के बारे में बताया गया ।

इस मौके पर जिला विकास अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी,जिला सूचना विज्ञान केंद्र के सभी कार्मिक अन्य विभागों के कर्मचारी व विभिन्न विद्यालयों के छात्र उपस्थित रहे।
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
लगन को देखते हुए आम लोगों के लिए केनरा बैंक की अनूठी पहल खुदरे पैसों की नहीं होगी किल्लत।।।
लगन सीजन में खुदरा पैसों की कमी को देखते हुए रिजर्व बैंक के निर्देश पर केनरा बैंक ने अनूठी पहल की है केनरा बैंक के द्वारा खुदरा नोटों के वितरण के लिए कैंप लगाए गए हैं यही नहीं कैंप में आप कटे-फटे नोटों को भी बदल सकते हैं यह सुविधा केनरा बैंक के ग्राहकों के साथ-साथ अन्य ग्राहकों के लिए भी दी गई है बाजार में छोटे व्यवसाइयो के पास छोटे नोटों की कमी होती है जिसको देखते हुए रिजर्व बैंक ने इस तरह के निर्देश दिए हैं जिसके लिए केनरा बैंक राज्य भर मे कई जगह इस तरह की पहल कर रहा है। केनरा बैंक के सगुना मोर शाखा पर आम जनता के लिए कैंप लगाया गया वहीं इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती और बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे शाखा प्रभारी ज्ञान प्रकाश अधिकारी रवीश मुकुंद करेंसी चेस्ट प्रबंधक उमेश चौधरी प्रबंधक ओपी सिंह तथा क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती भी उपस्थित रहे।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन
(विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )आज ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल मीरापुर में ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपजिलाधिकारी राजकुमार व विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारीसंदीप कुमार उपस्थित रहे  कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी  संदीप कुमार  ने बच्चों को खेल के प्रति प्रोत्साहित किया और जीवन में खेल का महत्व बताया उधर उपजिलाधिकारी राजकुमार ने भी बच्चों को  स्वस्थ रहने के लिए जीवन में खेल का महत्व बताया खण्ड शिक्षा अधिकारी जानसठ राकेश गौड ने भी बच्चों को खेल का महत्व उनके जीवन में बताया  कार्यक्रम में  विभिन्न खेलों का आयोजन हुआ ।

जिसमें उच्च प्राथमिक बालक वर्ग में 100 मीटर दौड़ में उच्च प्राथमिक विद्यालय तिरोला के आरिफ ने प्रथम व विनय ने द्वितीय व प्राथमिक विद्यालय कासमपुर के आरव नें तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मी बालिका वर्ग में हासिमपुर की मनु श्री ने प्रथम तालडा की युगांशी ने द्वितीय मीरापुर दलपत की छवि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मीटर बालक दौड़ में वंश ने प्रथम आरिफ ने द्वितीय विनीत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मीटर बालक वर्ग में आरिफ ने प्रथम विनय ने द्वितीय व आरव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मी बालिका दौड़ में मनु श्री हाशिमपुर ने प्रथम युगांशी ने द्वितीय व मंतोड़ी की अंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मी बालिका वर्ग में पूर्ण है हाशिमपुर की मनु श्री ने प्रथम मिस्टी ने द्वितीय व छवि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया प्राथमिक वर्ग में 200 मी बालिका वर्ग में मंतोड़ी की परी ने प्रथम मीरपुर दलपत की मंत्री ने द्वितीय व विशाखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मीटर बालक वर्ग में वंश ने प्रथम मनीष ने द्वितीय व सामान्य तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मी बालिका वर्ग में अंतिम ने प्रथम वैष्णवी ने द्वितीय विज़जना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मीटर बालक वर्ग में ओवैस ने प्रथम सामान्य द्वितीय वह विधिक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 50 मी बालिका वर्ग में अंतिम ने प्रथम वैष्णवी ने द्वितीय विशाखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 50 मी बाल में नैतिक ने प्रथम ओवैस ने द्वितीय अल्तमश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मी बालिका वर्ग में अक्षय ने प्रथम बुशरा ने द्वितीय विश्व जरने तीर्थ स्थान प्राप्त किया 400 मीटर बालक वर्ग में नैतिक ने प्रथम आयुष ने द्वितीय वह उमेश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया कबड्डी में प्राथमिक विद्यालय कासमपुर घूमने प्रथम स्थान प्राप्त किया कंपोजिट विद्यालय चित्तौड़ा ने को-को बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया गोला फेंक में अंशिका ने प्रथम विधि ने द्वितीय वह प्रिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया खेल के आयोजन में विशेष रूप से नोडल संकुल मयंक शर्मा, पुष्पराज, सत्येंद्र कुमार,विनोद कुमार,पवन रविराज,राहुल विक्रांत,हरभजन सिंह, रविंद्र कोठारी,कुलदीप,राजेश कटारिया,हरपाल सिंह,जोगिंदर सिंह,सतीश कुमार अजब सिंह आदि अनेक शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा
राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर में सात दिवसीय अभिलेख-मुद्रा कार्यशाला का समापन, 70 प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र

गोरखपुर।राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में आयोजित सात दिवसीय “प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं–अभिरुचि कार्यशाला” का समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम सोमवार को भव्य रूप से संपन्न हुआ। समापन सत्र के मुख्य अतिथि दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि मुद्राएं संस्कृति का कोड होती हैं, जिनसे इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था और धार्मिक परंपराओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। उन्होंने प्रतिभागियों को मुद्राओं के संग्रह, उनके बदलते स्वरूप और उनसे प्राप्त ऐतिहासिक सूचनाओं के महत्व से अवगत कराया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग और राजकीय बौद्ध संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है, जिससे शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम के दौरान कुलपति द्वारा कार्यशाला में भाग लेने वाले 70 सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। वहीं उत्कृष्ट रिपोर्ट प्रस्तुति के लिए गायत्री सिंह, अनुराधा सिंह, वैष्णवी दुबे, प्रिया राव, संदीप कुमार सरोज और मुनील कुमार को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।कार्यशाला के अंतर्गत राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला में दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने “अभिलेखों एवं मुद्राओं के आलोक में वैष्णव धर्म का विकास” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. राजवंत राव ने सभी सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।कार्यशाला संयोजक डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने सात दिवसीय कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरान अभिलेख एवं मुद्राओं से जुड़े इतिहास पर कुल 09 व्याख्यान आयोजित किए गए, साथ ही प्रतिभागियों को संग्रहालय की विभिन्न वीथिकाओं का शैक्षिक भ्रमण भी कराया गया। समापन कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. सुजाता सहित गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. रामप्यारे मिश्र, प्रो. दिग्विजयनाथ मौर्य, प्रो. कमलेश गौतम, डॉ. पद्मजा, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मणिन्द्र यादव सहित अनेक शिक्षाविदों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला के अपने अनुभव साझा किए।
*इंटर के छात्राओं को विदाई और हाई स्कूल मंगलकान दी गई*
सुल्तानपुर,गोसाईगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत आंगनकोल स्थित ए के शिक्षा निकेतन स्कूल में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय प्रधानाचार्या आरती पांडेय ने बताया कि हाई स्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) के छात्रों के लिए विदाई समारोह एवं शुभकामनाएं एक भावनात्मक और यादगार अवसर होता है। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि यह सुख का क्षण है। बच्चे स्कूली पढ़ाई पूरी कर अब उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हो रहे हैं. 12वीं व 10वीं के सभी बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की मंगल कामना भी की व आशीर्वाद दिया, विद्यार्थियों के सुखद भविष्य की कामना की। इस अवसर पर 12वीं के सभी बच्चों को स्मृति चिन्ह व उपहार भेंट किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने का भी आह्वान किया। इस मौके पर सीमा मिश्रा, पूजा मिश्रा, शालनी यादव, अनुष्का यादव, रेनू भारती, मैसाना, सत्य प्रकाश तिवारी, शेर मोहम्मद, राजेंद्र प्रसाद यादव, धर्मेंद्र शर्मा, सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर का किया निरीक्षण, एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में लिया भाग
एचपीवी टीकाकरण को लेकर  राज्यपाल महोदया ने दिया जागरूकता का संदेश

स्वस्थ, शिक्षित और विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर



बलरामपुर 10 फरवरी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आज मंगलवार को माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय, बलरामपुर के निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण करने पहुंचीं।
इस अवसर पर  राज्यपाल  ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित कुलाधिपति वाटिका में मौलिसरी का पौधरोपण किया। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन सरोवर का नामकरण कुलाधिपति सरोवर के रूप में किया गया।
राज्यपाल  ने प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, कुलपति आवास सहित अन्य निर्माणाधीन संरचनाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश भी दिए।

राज्यपाल  ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किए जाएं तथा विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

इसके उपरांत  राज्यपाल  ने कलेक्ट्रेट में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कैंप में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया।आयोजित एचपीवी टीकाकरण कैंप में 100 बच्चियों का टीकाकरण किया गया।

राज्यपाल  ने अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बेटियों को स्वस्थ रखने के लिए सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाकर एचपीवी वायरस के विरुद्ध टीकाकरण कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि 9 से 14 वर्ष की आयु की बच्चियों को एचपीवी टीके की दो डोज लगाए जाने से वे लगभग 95 प्रतिशत तक सुरक्षित रह सकती हैं। यह टीका 26 वर्ष की आयु तक लगाया जा सकता है।
राज्यपाल  ने कहा कि ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में इंडस्ट्री एवं निजी कंपनियों का सहयोग भी प्राप्त किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे जागरूक बनें और अपनी बच्चियों का टीकाकरण अवश्य कराएं।
उन्होंने कहा कि 3 वर्ष का बच्चा अनिवार्य रूप से आंगनबाड़ी जाए तथा 6 वर्ष का बच्चा विद्यालय अवश्य जाए। विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब कोई भी बच्चा न तो बीमार रहे और न ही अशिक्षित।

उच्च शिक्षा में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री के निर्देशन में शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला बनाया गया है, जिससे अब विद्यार्थी फिजिक्स के साथ संगीत और केमिस्ट्री के साथ भाषा जैसे विषयों का भी अध्ययन कर सकते हैं।
राज्यपाल  ने एक अभिभावक के रूप में बच्चियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपना मार्ग स्वयं तय करें, पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें। उन्होंने बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाने के लिए सभी को जागरूक रहने का आह्वान किया।
उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवारों को ऐसे बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। सभी को समान सम्मान मिले और सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।

इस दौरान  राज्यपाल  ने बच्चियों को पोषण किट एवं टीबी मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया।

इस अवसर पर मंडलायुक्त  शशि भूषण लाल सुशील, कुलपति प्रोफेसर  रवि शंकर सिंह, जिलाधिकारी  विपिन कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक  विकास कुमार, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योति राय, अपर जिलाधिकारी न्यायिक , मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।
समाज को बांटने वाली हर बातों का व्यापक विरोध आवश्यक : ज्ञान प्रकाश सिंह

जौनपुर। प्रख्यात समाजसेवी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने नेटफ्लिक्स पर आ रही फिल्म घूसखोर पंडत का कड़ा विरोध करते हुए इस पर बैन लगाने और फिल्म निर्माता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म में ब्राह्मणों को ज्ञान, तप, और सदाचार का प्रतीक मानकर सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उनका महत्व वेदों के संरक्षण, अध्यापन (शिक्षण), धार्मिक अनुष्ठान (यज्ञ-पूजा), और समाज को नैतिक मार्गदर्शन प्रदान करने में निहित है। वे सदियों से ज्ञान के संवाहक और आध्यात्मिक गुरु के रूप में भारतीय सभ्यता के स्तंभ रहे हैं। ज्ञान प्रकाश ने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा से राष्ट्रभक्त और धर्मनिष्ठ रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस फिल्म का संज्ञान होते ही उन्होंने FIR करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली हर चीजों का व्यापक स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए।
सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर हुई कलेक्ट्रेट में एक कार्यशाला
फर्रूखाबाद l मंगलवार को “सुरक्षित इन्टरनेट दिवस ” मनाये जाने हेतु एक कार्यशाला का आयोजन  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजन किया गया।    

इस दौरान कार्यशाला में जिला सूचना  विज्ञान अधिकारी कु0 ज्योति चौधरी ने मोबाइल एवं कंप्यूटर पर सुरक्षित इंटरनेट का प्रयोग कैसे करें इस बारे में सबको बताया । कार्यशाला में एन0आई0सी0 के  दीपक कुमार व पुलिस विभाग के साइबर थाना फतेहगढ़ के एक्सपर्ट के द्वारा , ओ.टी.पी.  फ्रॉड , फेक वेबसाइट  फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट स्कैम  , फेक डेटिंग एप फ्रॉड, मनी लोन एप स्कैम ,   एस.एम.एस. फ्रॉड , सोशल वेबसाइट स्कैम, क्रेडिट कार्ड स्कैम  इत्यादि के बारे में बताया गया ।

इस मौके पर जिला विकास अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी,जिला सूचना विज्ञान केंद्र के सभी कार्मिक अन्य विभागों के कर्मचारी व विभिन्न विद्यालयों के छात्र उपस्थित रहे।
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
लगन को देखते हुए आम लोगों के लिए केनरा बैंक की अनूठी पहल खुदरे पैसों की नहीं होगी किल्लत।।।
लगन सीजन में खुदरा पैसों की कमी को देखते हुए रिजर्व बैंक के निर्देश पर केनरा बैंक ने अनूठी पहल की है केनरा बैंक के द्वारा खुदरा नोटों के वितरण के लिए कैंप लगाए गए हैं यही नहीं कैंप में आप कटे-फटे नोटों को भी बदल सकते हैं यह सुविधा केनरा बैंक के ग्राहकों के साथ-साथ अन्य ग्राहकों के लिए भी दी गई है बाजार में छोटे व्यवसाइयो के पास छोटे नोटों की कमी होती है जिसको देखते हुए रिजर्व बैंक ने इस तरह के निर्देश दिए हैं जिसके लिए केनरा बैंक राज्य भर मे कई जगह इस तरह की पहल कर रहा है। केनरा बैंक के सगुना मोर शाखा पर आम जनता के लिए कैंप लगाया गया वहीं इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती और बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे शाखा प्रभारी ज्ञान प्रकाश अधिकारी रवीश मुकुंद करेंसी चेस्ट प्रबंधक उमेश चौधरी प्रबंधक ओपी सिंह तथा क्षेत्रीय प्रमुख विकास भारती भी उपस्थित रहे।
मगहर में सजेगा रंगमंच का उत्सव, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा
* संत कबीर अकादमी सभागार में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का शुभारंभ, ‘मोटे राम का निमंत्रण’ से शानदार शुरुआत

संत कबीर नगर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त तत्वावधान में सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस चार दिवसीय नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
नाट्य समारोह के पहले दिन सोमवार को मुंशी प्रेमचंद द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक ‘मोटे राम का निमंत्रण’ का मंचन किया गया। यह नाटक प्रेमचंद की चर्चित कहानी ‘निमंत्रण’ पर आधारित है, जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। हास्य-व्यंग्य से भरपूर इस नाटक में सामाजिक ढोंग, लालच और झूठ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
नाटक की कथा में दिखाया गया कि किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों के स्थान पर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मित्र चिंतामणि द्वारा उनका झूठ उजागर होने के साथ नाटक सामाजिक सीख देते हुए समाप्त होता है। सधे हुए निर्देशन और जीवंत संवादों ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। मोटे राम शास्त्री की भूमिका में हरीश शर्मा ‘हंस’ तथा सोना देवी ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया।
इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन न केवल कलाकारों को प्रोत्साहन देते हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
नाट्य समारोह के दूसरे दिन 10 फरवरी को के.पी. सक्सेना द्वारा लिखित नाटक ‘बाप रे बाप’ का मंचन किया जाएगा, जिसका निर्देशन योगेश पंवार करेंगे। यह प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा दी जाएगी।
तीसरे दिन 11 फरवरी को जे.पी. सिंह जयवर्धन रचित ‘दरोगाजी चोरी हो गई’ का मंचन होगा, जिसका निर्देशन अशोक लाल करेंगे। यह प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से होगी।
समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक ‘कर्मयोगिनी अहिल्याबाई’ का मंचन किया जाएगा, जिसके लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं। यह प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
चार दिवसीय यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को बढ़ावा देने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने और दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आयोजकों ने समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन
(विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )आज ज्ञानस्थली पब्लिक स्कूल मीरापुर में ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपजिलाधिकारी राजकुमार व विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारीसंदीप कुमार उपस्थित रहे  कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी  संदीप कुमार  ने बच्चों को खेल के प्रति प्रोत्साहित किया और जीवन में खेल का महत्व बताया उधर उपजिलाधिकारी राजकुमार ने भी बच्चों को  स्वस्थ रहने के लिए जीवन में खेल का महत्व बताया खण्ड शिक्षा अधिकारी जानसठ राकेश गौड ने भी बच्चों को खेल का महत्व उनके जीवन में बताया  कार्यक्रम में  विभिन्न खेलों का आयोजन हुआ ।

जिसमें उच्च प्राथमिक बालक वर्ग में 100 मीटर दौड़ में उच्च प्राथमिक विद्यालय तिरोला के आरिफ ने प्रथम व विनय ने द्वितीय व प्राथमिक विद्यालय कासमपुर के आरव नें तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मी बालिका वर्ग में हासिमपुर की मनु श्री ने प्रथम तालडा की युगांशी ने द्वितीय मीरापुर दलपत की छवि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मीटर बालक दौड़ में वंश ने प्रथम आरिफ ने द्वितीय विनीत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मीटर बालक वर्ग में आरिफ ने प्रथम विनय ने द्वितीय व आरव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मी बालिका दौड़ में मनु श्री हाशिमपुर ने प्रथम युगांशी ने द्वितीय व मंतोड़ी की अंशिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मी बालिका वर्ग में पूर्ण है हाशिमपुर की मनु श्री ने प्रथम मिस्टी ने द्वितीय व छवि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया प्राथमिक वर्ग में 200 मी बालिका वर्ग में मंतोड़ी की परी ने प्रथम मीरपुर दलपत की मंत्री ने द्वितीय व विशाखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 200 मीटर बालक वर्ग में वंश ने प्रथम मनीष ने द्वितीय व सामान्य तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मी बालिका वर्ग में अंतिम ने प्रथम वैष्णवी ने द्वितीय विज़जना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 100 मीटर बालक वर्ग में ओवैस ने प्रथम सामान्य द्वितीय वह विधिक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 50 मी बालिका वर्ग में अंतिम ने प्रथम वैष्णवी ने द्वितीय विशाखा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 50 मी बाल में नैतिक ने प्रथम ओवैस ने द्वितीय अल्तमश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया 400 मी बालिका वर्ग में अक्षय ने प्रथम बुशरा ने द्वितीय विश्व जरने तीर्थ स्थान प्राप्त किया 400 मीटर बालक वर्ग में नैतिक ने प्रथम आयुष ने द्वितीय वह उमेश ने तृतीय स्थान प्राप्त किया कबड्डी में प्राथमिक विद्यालय कासमपुर घूमने प्रथम स्थान प्राप्त किया कंपोजिट विद्यालय चित्तौड़ा ने को-को बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया गोला फेंक में अंशिका ने प्रथम विधि ने द्वितीय वह प्रिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया खेल के आयोजन में विशेष रूप से नोडल संकुल मयंक शर्मा, पुष्पराज, सत्येंद्र कुमार,विनोद कुमार,पवन रविराज,राहुल विक्रांत,हरभजन सिंह, रविंद्र कोठारी,कुलदीप,राजेश कटारिया,हरपाल सिंह,जोगिंदर सिंह,सतीश कुमार अजब सिंह आदि अनेक शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा
राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर में सात दिवसीय अभिलेख-मुद्रा कार्यशाला का समापन, 70 प्रतिभागियों को मिले प्रमाणपत्र

गोरखपुर।राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर में आयोजित सात दिवसीय “प्राचीन भारतीय अभिलेख एवं मुद्राएं–अभिरुचि कार्यशाला” का समापन एवं प्रमाण-पत्र वितरण कार्यक्रम सोमवार को भव्य रूप से संपन्न हुआ। समापन सत्र के मुख्य अतिथि दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि मुद्राएं संस्कृति का कोड होती हैं, जिनसे इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था और धार्मिक परंपराओं की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। उन्होंने प्रतिभागियों को मुद्राओं के संग्रह, उनके बदलते स्वरूप और उनसे प्राप्त ऐतिहासिक सूचनाओं के महत्व से अवगत कराया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग और राजकीय बौद्ध संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यशाला शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुई है, जिससे शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। कार्यक्रम के दौरान कुलपति द्वारा कार्यशाला में भाग लेने वाले 70 सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। वहीं उत्कृष्ट रिपोर्ट प्रस्तुति के लिए गायत्री सिंह, अनुराधा सिंह, वैष्णवी दुबे, प्रिया राव, संदीप कुमार सरोज और मुनील कुमार को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।कार्यशाला के अंतर्गत राष्ट्रीय व्याख्यान श्रृंखला में दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी ने “अभिलेखों एवं मुद्राओं के आलोक में वैष्णव धर्म का विकास” विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. राजवंत राव ने सभी सफल प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विषय विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया।कार्यशाला संयोजक डॉ. यशवंत सिंह राठौर ने सात दिवसीय कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस दौरान अभिलेख एवं मुद्राओं से जुड़े इतिहास पर कुल 09 व्याख्यान आयोजित किए गए, साथ ही प्रतिभागियों को संग्रहालय की विभिन्न वीथिकाओं का शैक्षिक भ्रमण भी कराया गया। समापन कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय की प्रो. सुजाता सहित गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रो. रामप्यारे मिश्र, प्रो. दिग्विजयनाथ मौर्य, प्रो. कमलेश गौतम, डॉ. पद्मजा, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. मणिन्द्र यादव सहित अनेक शिक्षाविदों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। प्रतिभागियों ने भी कार्यशाला के अपने अनुभव साझा किए।