शहीद करतार सिंह सराभा की 129वीं जयंती पर जदयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ ने दी श्रद्धांजलि

_"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव" - यही था उनका जीवन मंत्र_

*सुलतानपुर*। 24 मई 1896 को लुधियाना के सराभा गांव में जन्मे *शहीद करतार सिंह सराभा* का जीवन देशभक्ति और बलिदान का पर्याय है। जदयू उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ *श्री ओम प्रकाश उपाध्याय* ने उनके 129वें जन्मदिवस पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि आज के युवाओं को सराभा जी के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

*अमेरिका में जगाया क्रांति का अलख*
1912 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए करतार सिंह सराभा को वहां भारतीयों के साथ हो रहे नस्लीय भेदभाव ने भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने देखा कि जो भारतीय ब्रिटिश साम्राज्य के लिए लड़ रहे हैं, उसी साम्राज्य के देश में उन्हें "दूसरे दर्जे का नागरिक" समझा जाता है। इसी आक्रोश ने उन्हें *गदर पार्टी* से जोड़ दिया।

1913 में गठित गदर पार्टी के वे सबसे युवा और सक्रिय नेता बने। *"गदर" पत्रिका* का संपादन करते हुए उन्होंने पंजाबी, हिंदी और उर्दू में क्रांतिकारी लेख लिखे। उनके लेखों का नारा था - *"हिंदुस्तान आजाद होकर रहेगा"*।

*19 साल की उम्र में फांसी का फंदा चूमा*
1914 में प्रथम विश्व युद्ध शुरू होते ही सराभा जी भारत लौट आए। उनका लक्ष्य था - ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों को विद्रोह के लिए तैयार करना। उन्होंने पंजाब के गाँव-गाँव में जाकर किसानों और सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया।

लेकिन अंग्रेजों की गुप्तचर एजेंसी ने उनके साथियों को बहला-फुसलाकर उनकी योजना लीक करवा दी। 1915 में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महज *19 वर्ष की आयु* में 16 नवंबर 1915 को लाहौर सेंट्रल जेल में उन्हें फांसी दे दी गई।

फांसी से पहले भी उनके चेहरे पर कोई भय नहीं था। वे अक्सर ये पंक्तियां गुनगुनाते थे:
> _"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव। 
> ऐसा हो तो आओ करतार सिंह सराभा।"_

*भगत सिंह के आदर्श और गुरु*
सरदार भगत सिंह ने सराभा जी को अपना *आदर्श और गुरु* माना था। भगत सिंह ने अपने लेखों में लिखा था कि सराभा जी का बलिदान ही उनके क्रांतिकारी जीवन की प्रेरणा बना।

*ओम प्रकाश उपाध्याय जी ने कहा*: "आज कुछ लोग कहते हैं कि 'दे दी हमें आज़ादी बिना खड़क बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल'। लेकिन सच ये है कि आजादी करतार सिंह सराभा, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे हजारों क्रांतिकारियों के खून और बलिदान से मिली है। इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।"

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सराभा जी के आदर्शों पर चलकर देश की एकता और अखंडता के लिए काम करें।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर श्याम बिहारी अन्न-जल त्याग अनशन पर बैठे, प्रशासन से वार्ता जारी
एसडीएम, नायब तहसीलदार व थाना अध्यक्ष पहुंचे मौके पर, देर शाम तक नहीं निकला समाधान

अमृतपुर-फर्रुखाबाद l विकास खंड राजेपुर की ग्राम पंचायत बलीपट्टी रानीगांव में कथित भ्रष्टाचार और शिकायतों के निस्तारण की मांग को लेकर अन्न-जल त्याग कर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे पीड़ित श्याम बिहारी अवस्थी के धरने ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रविंद्र सिंह, नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह यादव एवं थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मौके पर पहुंचे और धरनास्थल पर पीड़ित से वार्ता की।

धरने पर बैठे श्याम बिहारी अवस्थी ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार की शिकायत उन्होंने कई बार समाधान दिवस और अन्य माध्यमों से की, लेकिन उनके प्रार्थना पत्रों को दबा दिया गया और आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी 11 सूत्रीय मांगों का निस्तारण नहीं होगा, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित को समझाने का प्रयास किया और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की। हालांकि देर शाम तक चली बातचीत के बावजूद किसी ठोस निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी। जिसके चलते धरना और अनशन जारी रहा।

धरनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही और लोगों में मामले को लेकर चर्चाएं होती रहीं। पीड़ित ने प्रशासन पर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन और पीड़ित पक्ष के बीच वार्ता जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका था। अनशन समाप्त कराने आए अधिकारियों से अनशनकारी ने अपनी शिकायतों की संदर्भ संख्या मांगी तो वह बगलें झांकते दिखे श्याम बिहारी अवस्थी ने बताया कि अनशन अनिश्चित कालीन जारी रहेगा।
श्री राम कथा में विदाई प्रसंग पर हृदय भाव-विभोर हो उठा: विधायक अनुराग सिंह
मीरजापुर। रविवार को पावन श्रीराम कथा का श्रवण करने आए चुनार विधायक अनुराग सिंह ने कहा कि आज श्री राम कथा में विदाई प्रसंग पर हृदय भाव-विभोर हो उठा। कथा के प्रत्येक प्रसंग ने जीवन में मर्यादा, सेवा, भक्ति और मानवता का संदेश दिया। प्रभु श्रीराम का आदर्श चरित्र हम सभी को सत्य, धर्म और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस दिव्य आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर वातावरण निर्मित हुआ। कथा वाचक पंडित आचार्य राघवेंद्र जी अध्यक्ष ब्रजराज सेवा ट्रस्ट वृंदावन एवं आयोजक मंडल विजय शंकर पांडे लालबाग कॉलोनी परिवार और समस्त श्रद्धालुजनों का हृदय से अभिनंदन एवं आभार।
प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सद्बुद्धि प्रदान करें। हैहय वंशीय नव युवक कसेरा समाज की अध्यक्ष श्रीमती जाह्नवी कसेरा ने कहा कि राम नाम जीवन का आधार है,और रामकथा आत्मा का उत्सव।
छठवें दिन कथा का श्रवण करने आए मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली, केबी कॉलेज के प्रवक्ता प्रोफेसर रमेश चंद्र ओझा, कड़ेशंकर पांडे, अमरेंद्र कान्त सिंह, कपिल देव तिवारी, सुभाष चंद्र तिवारी, संकटा प्रसाद तिवारी, मनोज पांडे, अमित पांडे, दिलीप पांडे, रिंकू पांडे आदि उपस्थित रहे।
अब चुनाव में "जन्म जहां, चुनाव वहां से" का मुद्दा उछला

सामाजिक संस्था नया कारवां के फाउंडर ने उठाया मामला

भोपाल। शहर को, शहरवासियों को लफंडर और फकोड़ा कहकर एक पूर्व विधायक बवाल में आ गए हैं। उन्होंने जीते हुए विधायक से अपना अवसाद निकालने के लिए उन्हें अनर्गल भाषा अपनाने के बीच भोपालियों को भी झूठा और फकोड़ा कहने में कोताही नहीं बरती है। शहरवासी उनकी इस बात से खफा भी हैं, और जो व्यक्ति जहां जन्मा हो, चुनाव भी वहीं से लड़े, की मांग उठाने लगा है।नेशनल एनजीओ नया कारवां के फाउंडर मोहम्मद तारिक ने इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग में शिकायत करने की तैयारी की है। मोहम्मद तारिक लंबे समय से भाजपा की रीतिनीति से जुड़े रहे हैं, लेकिन उनका भाजपा से अलगाव तब हो गया, जब तत्कालीन भाजपा विधायक ध्रुव नारायण सिंह ने यह सार्वजनिक बयान दिया कि उनके पास कई मुस्लिम महिलाएं आती हैं, उनसे उनके अंतरंग रिश्ते भी हैं और इससे वे खुशी भी महसूस करते हैं। तारिक ने कहा कि जिस मध्य विधानसभा से वे चुनाव जीतकर विधायक बने थे, वहां करीब आधी आबादी मुस्लिमों की है। ऐसे में अपने मतदाताओं से इस तरह का दोगला व्यवहार रखना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस समय कांग्रेस प्रत्याशी नासिर इस्लाम को पराजित करने की रणनीति बनाई गई थी, तब उनको इन्हीं आरिफ मसूद ने का सहयोग लेना पड़ा था, जिन्हें अब वे फर्जी, गुंडा और झूठा करार दे रहे हैं।

भोपाली फकोड़े, तो छोड़ क्यों नहीं देते शहर...

ध्रुव नारायण सिंह जिन भोपालियों को फकोड़ा और बतौला कह रहे हैं, उन्हीं के वोट समर्थन से वे जीत हासिल करना चाहते हैं। वे मूलतः सतना जिले के रामपुर बघेलान के रहने वाले हैं, अगर वे खुद को इतना सबल मानते हैं, तो अपने पैतृक गांव जाकर चुनाव क्यों नहीं लड़ते। मोहम्मद तारिक इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से मांग भी करने वाले हैं, कि जो व्यक्ति जहां जन्मा हो, वह वहीं से चुनाव लड़े।

धर्म सियासत नहीं चलेगी

मोहम्मद तारिक ने ध्रुव नारायण के उस प्रयास पर भी प्रहार किया है, जिसमें शहर की जनता को सांप्रदायिक आग में झोंकने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि आरिफ मसूद मुस्लिम समुदाय से हैं, विपक्षी दल से ताल्लुक रखते हैं और किसी अप्रत्याशित निर्णय के मामले में बोलने को स्वतंत्र हैं। उनके कार्यकाल में वे हर धर्म का सम्मान और सभी धर्मों के त्यौहार में सहभागिता करते रहे हैं। ऐसे में हार की हताशा में ध्रुव नारायण को इस तरह की सियासत करने से बाज आना चाहिए। वैसे भी यह शहर गंगा जमुनी तहजीब का बड़ा उदाहरण कहा जाता है, उनके इस तरह के बयानों से जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इनका कहना 

सियासत में मर्यादाओं का ख्याल जरूरी है। इस मामले में सिर्फ इतना ही कह पाऊंगा कि 

इन दोनों में एक मेरा जूनियर छोटा भाई है तो दूसरी तरफ़ मेरा सुसराली पक्ष भाई। दोनों को धैर्य और संयम रखना चाहिए।

मोहम्मद तारिक,

नयां कारवां 

(नेशनल एनजीओ) 

सादगी का संदेश, काफिलों का विशेष” — जहानाबाद में वीआईपी काफिले पर जनता के तंज और सवाल
जहानाबाद: एक ओर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, सादगी अपनाने और छोटी दूरी के लिए पैदल चलने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जहानाबाद में बिहार के उपमुख्यमंत्री  विजय कुमार चौधरी  के लंबे काफिले ने लोगों के बीच चर्चा और व्यंग्य को जन्म दे दिया है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में करीब 200 गाड़ियों का काफिला शामिल था, जिसे लेकर आम लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहानाबाद में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का लंबा काफिला लोगों के आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना रहा। नेताओं, अधिकारियों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं की गाड़ियों से सड़कें इस तरह भर गईं कि लोगों ने इसकी तुलना शाही बारात से कर डाली। ऊपर से ऊंट और घोड़ों की मौजूदगी ने माहौल को और भी राजसी बना दिया। स्थानीय लोगों ने इसे लेकर सोशल मीडिया और चौक-चौराहों पर जमकर तंज कसे। लोगों का कहना था कि एक तरफ आम जनता महंगे पेट्रोल-डीजल के बीच खर्च का हिसाब लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ वीआईपी काफिलों की लंबाई सादगी के संदेश पर सवाल खड़े कर रही है। लोगों के बीच व्यंग्य की पंक्तियां भी खूब चर्चा में रहीं— “जनता पैदल चल रही, नेता काफिले संग,
डीजल-पेट्रोल सोच रहे — आखिर हम जाएं किसके संग।”
एक बुजुर्ग ने मुस्कुराते हुए कहा कि जनता को पैदल चलने की सलाह शायद इसलिए दी जा रही है, ताकि नेताओं के काफिलों को ट्रैफिक में परेशानी न हो। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि सभी लोग सादगी अपनाएं, अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और छोटी दूरी के लिए पैदल चलने की आदत डालें। लेकिन जहानाबाद में निकले इस विशाल काफिले ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या बचत और सादगी के नियम सिर्फ आम जनता के लिए ही हैं।
व्यंग्य की एक और पंक्ति लोगों के बीच चर्चा में रही—
“जनता बोले — तेल बचाओ,
नेता बोले — काफिला लाओ।”
फिलहाल जहानाबाद में यह वीआईपी काफिला राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी बहस और व्यंग्य का विषय बना हुआ है।
विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने सुल्तानपुर विधानसभा के लोगों को दी बड़ी सौगात,किया उद्घाटन*
सुल्तानपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने सुल्तानपुर विधानसभा के लोगों को बड़ी सौगात दी है। वर्षों ने बिजली को लेकर उपेक्षित चल रहे करौंदिया पुलिस लाइन और आस पास को मोहल्लों के उपकेंद्र बैंक तैयार हो गया है और आज विनोद सिंह ने इसका उद्घाटन कर जनता को समर्पित कर दिया है। दरअसल करौंदिया पुलिस लाइन और आस पास के करीब आधा दर्जन मोहल्ले लंबे समय से बिजली की समस्या से परेशान थे। इन क्षेत्रों की आबादी बढ़ने के बाद यहां कभी लो बोल्टेज तो कभी ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर जल जाना आम बात हो गई थी। कभी केबिल जलना तो कभी तार टूट कर गिर जाते थे। इसी को लेकर इन तमाम मोहल्ले वासियों ने सुल्तानपुर विधानसभा से विधायक चुने गए विनोद सिंह से गुहार लगाई थी। विनोद सिंह इसके लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। बिजली विभाग से उन्होंने प्रपोजल बनवा का शासन को भिजवाया और लगातार उसके लिए शासन से पैरवी करते रहे। ऊर्जा विभाग के साथ साथ मुख्यमंत्री से मिलते रहे। जिसका परिणाम रहा कि करौंदिया पुलिस लाइन फीडर को स्वीकृति मिली और निर्माण कर प्रारंभ हुआ अभी कुछ दिनों पहले ही फीडर बनकर तैनात हुआ। जिसके बाद आज एक कार्यक्रम के तहत सुल्तानपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह करौंदिया पुलिस लाइन फीडर पहुंचे और इसका उद्घाटन कर जनता को समर्पित कर दिया। इस दौरान सभासद संजय कप्तान,रमेश सिंह टिन्नू,सुधर तिवारी, अफ़ज़ल अंसारी, संदीप गुप्ता,मनीष जायसवाल ,नगर अध्यक्ष रीना जायसवाल सहित तमाम बीजेपी नेता और कार्यकर्ता के साथ आमजन मौजूद रहे और उन्होंने विधायक विनोद सिंह का आभार व्यक्त किया। वहीं बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता विपुल जैन,अधिशासी अभियंता अश्वनी कुमार वर्मा,उपखंड अधिकारी खूबलाल, अवर अभियंता कृष्ण चंद्र कुशवाहा सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं विनोद सिंह ने लगातार हो रही बिजली कटौती पर कहा कि बिजली आज पूरे देश की बड़ी समस्या बन चुकी है, जिसका संज्ञान सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है। आज उन्होंने बिजली विभाग के आलाधिकारियों को तलब किया है जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
आजमगढ़: जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं - रामानंद
जमगढ़। मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक विलासिता का सुख प्राप्त करना नहीं है। मानव जीवन का उद्देश्य राग द्वेष बैर भाव ऊंच नीच छूआ छूत से ऊपर उठकर सबको गले लगाना है। श्री श्री 1008  योगी रामानंददास महाराज ने जिले के तहबरपुुुुर विकास खण्ड में पड़ने वाले सराय सागर गांव में चल रहे श्री शत चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन में कही । उन्होंने ने “पुरुषार्थ” और “निर्वाण” का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए बताया कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की ओर बढ़ना है। जाति पाति ऊंच नीच बैर भाव लोभ मोह मद से ऊपर उठकर समाज के दबे-कुचले का उत्थान करना है।उन्होंने कहा कि पुरुषार्थ का अर्थ है — "मनुष्य द्वारा जीवन में किए जाने वाले श्रेष्ठ प्रयास"। सनातन धर्म में चार पुरुषार्थ बताए गए हैं: 'धर्म' – सत्य और कर्तव्य का पालन। 'अर्थ' – न्यायपूर्ण तरीके से धन अर्जन। 'काम' – मर्यादित इच्छाओं की पूर्ति। 'मोक्ष' – जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति। इन चारों में मोक्ष को सर्वोच्च माना गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्वाण का अर्थ है अहंकार, मोह, क्रोध ,ल़ोभ और सांसारिक बंधनों से पूर्ण मुक्ति प्राप्त कर परम शांति की अवस्था में पहुँचना। योग और भक्ति के माध्यम से मनुष्य आत्मज्ञान प्राप्त कर निर्वाण की ओर अग्रसर हो सकता है। इस अवसर पर अनिल सिंह, संजय सिंह, प्रेम प्रकाश राय, दीनदयाल उपाध्याय, राकेश उपाध्याय,रजत सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन मौजूद रहे।
यज्ञ-कथा अनुष्ठान सनातन धर्म के आधार- प्रेमावती
रितेश मिश्रा
हरदोई पंचनद कटरी के गाँव अंतूपूरवा खद्दीपुरराजा स्थित दुर्गा देवी मंदिर पर चल रही दशदिवसात्मक श्रीशतचंडी महायज्ञ के साथ श्रीरामकथा एवं श्रीमद्भागवतकथा में धर्म कर्म के विभिन्न प्रसंगों से भक्ति-श्रद्धा और आध्यात्म का संगम हिलोरें ले उठा. अनुष्ठान में पहुंचीं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा ने यजमान संतोष त्रिवेदी के साथ यज्ञवेदी की परिक्रमा कर फूल फलों और दक्षिणा से व्यासपीठ का पूजन करते हुए कहा ग्रामीण अँचलों में ऐसे सुन्दर अनुष्ठान सनातन धर्म के आधार और संवर्धन में सहायक हैं.
श्रीरामकथा व्यास शिवस्वरूप अग्निहोत्री ने मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श चरित्र का वर्णन कर पाण्डाल को भक्ति से भर दिया. कहा श्रीराम का अवतार ऋषि-मुनियों और यज्ञ-वैदिक संस्कृति की रक्षा के साथ धर्म की स्थापना के लिया. जनकपुर गमन में गौतम ऋषि पत्नी अहिल्या का उद्धार, धनुष-यज्ञ आदि विभिन्न प्रसंगों को श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों और रामायण के श्लोकों की व्याख्या के साथ किया. श्रीमद्भागवतकथा व्यास पं. शिवम अग्निहोत्री ने विभिन्न पौराणिक प्रसंगों से धर्म गँगा प्रवाहित की. प्रात:कालीन वेला में यजमानों ने नैमिषधाम के यज्ञाचार्य निर्दोष अग्निहोत्री ने पँचकुण्डीय यज्ञवेदियों का पूजन कराया.
अनुष्ठान में पहुँचीं जिला पँचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा का स्वागत राकेश अग्निहोत्री, जितेंद्र अग्निहोत्री, बीडीसी रोहित अग्निहोत्री, रोहित अग्निहोत्री, ब्रजेश अग्निहोत्री, सारिका अग्निहोत्री ने पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया. कथा में यजमान श्यामाकुमार त्रिवेदी, रामलखन मिश्र, मोहित अग्निहोत्री, सोनू अवस्थी, कामेश आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे.
कन्नौज में 3 जून को पहुंचेगी “गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा”, संतों ने गौसंरक्षण और सनातन जागरण का दिया संदेश
पंकज कुमार श्रीवास्तव/विवेक कुमार

कन्नौज में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान “गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा” को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। कानपुर मंडल प्रभारी पप्पू भैया और जिला प्रभारी कौशल जी महाराज ने बताया कि यह 81 दिवसीय विशाल यात्रा गोरखपुर से प्रारंभ हुई है, जिसका समापन नोएडा में होगा। यात्रा का उद्देश्य गौमाता की रक्षा, सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार और समाज में धार्मिक व सांस्कृतिक जागरूकता फैलाना है।प्रेस वार्ता में बताया गया कि यह यात्रा विभिन्न जनपदों से गुजरते हुए 3 जून को कन्नौज पहुंचेगी। यात्रा के स्वागत को लेकर जिले में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। यात्रा का रूट तिर्वा से बेला, फिर बेला से वापस तिर्वा तक रहेगा। इसके बाद तिर्वा से पाल चौराहे तक यात्रा का भव्य स्वागत और सत्कार किया जाएगा। वहीं देर शाम यात्रा छिबरामऊ पहुंचेगी, जहां एक निजी गेस्ट हाउस में संतों और पदाधिकारियों का रात्रि विश्राम होगा। अगले दिन यात्रा पुनः फर्रुखाबाद के लिए प्रस्थान करेगी।

कौशल जी महाराज ने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौवंश संरक्षण को लेकर समाज को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की पहचान है। समाज को एकजुट होकर गौहत्या रोकने और गौसेवा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि आज के समय में सनातन संस्कृति पर लगातार प्रहार हो रहे हैं, ऐसे में समाज को जागृत करने के लिए इस प्रकार की यात्राएं बेहद आवश्यक हैं। यात्रा के दौरान संत समाज लोगों को धर्म, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक करेगा। साथ ही युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। यात्रा के दौरान जगह-जगह धार्मिक सभाएं, स्वागत कार्यक्रम और जनजागरण अभियान चलाए जाएंगे। संत समाज द्वारा लोगों से गौसंरक्षण के लिए आगे आने और गौशालाओं की सहायता करने की अपील भी की जाएगी।

कानपुर मंडल प्रभारी पप्पू भैया ने कहा कि यात्रा को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न जिलों में श्रद्धालु और सनातन प्रेमी बड़ी संख्या में यात्रा का स्वागत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कन्नौज में भी यात्रा का ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा और हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है।यात्रा को सफल बनाने के लिए विभिन्न पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। विधानसभा प्रभारी के रूप में आशुतोष त्रिपाठी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई स्थानीय कार्यकर्ता और सामाजिक संगठन यात्रा की तैयारियों में जुटे हुए हैं।संतों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होकर गौमाता और सनातन धर्म के संरक्षण का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज को जागृत करने का अभियान है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मजबूत करना है।
गोपीगंज में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, प्रशासन ने दी तीन दिन की मोहलत

नितेश श्रीवास्तव


गोपीगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित नगर क्षेत्र में शुक्रवार को प्रशासन की ओर से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अचानक बिना पूर्व सूचना के पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे और प्रतिष्ठानों के सामने किए गए अतिक्रमण पर लाल निशान लगाए गए। कार्रवाई के दौरान पूरे नगर में हड़कंप मच गया और कई लोग खुद ही अपना अतिक्रमण हटाते नजर आए।
अभियान के दौरान न्यायिक एसडीएम शिव प्रकाश यादव, एडिशनल एसपी शुभम अग्रवाल, क्षेत्राधिकारी प्रभात राय, कोतवाल शैलेश राय चौकी प्रभारी  तथा लेखपाल राहुल चौधरी समेत राजस्व व पुलिस विभाग की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिन लोगों ने तीन दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया, उनके खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। इसके बाद बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
प्रशासन ने खास तौर पर उन लोगों को भी चेताया है जो अपने मकान या प्रतिष्ठानों के सामने पैसे लेकर ठेला-खोमचा लगवाते हैं। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ भी ठोस कार्रवाई की जाएगी और सड़क किनारे अवैध कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों किनारों पर कई स्थानों पर लाल निशान लगाए गए। प्रशासन की सख्ती को देखते हुए दुकानदारों और अतिक्रमणकारियों में पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
शहीद करतार सिंह सराभा की 129वीं जयंती पर जदयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ ने दी श्रद्धांजलि

_"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव" - यही था उनका जीवन मंत्र_

*सुलतानपुर*। 24 मई 1896 को लुधियाना के सराभा गांव में जन्मे *शहीद करतार सिंह सराभा* का जीवन देशभक्ति और बलिदान का पर्याय है। जदयू उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ *श्री ओम प्रकाश उपाध्याय* ने उनके 129वें जन्मदिवस पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि आज के युवाओं को सराभा जी के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

*अमेरिका में जगाया क्रांति का अलख*
1912 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए करतार सिंह सराभा को वहां भारतीयों के साथ हो रहे नस्लीय भेदभाव ने भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने देखा कि जो भारतीय ब्रिटिश साम्राज्य के लिए लड़ रहे हैं, उसी साम्राज्य के देश में उन्हें "दूसरे दर्जे का नागरिक" समझा जाता है। इसी आक्रोश ने उन्हें *गदर पार्टी* से जोड़ दिया।

1913 में गठित गदर पार्टी के वे सबसे युवा और सक्रिय नेता बने। *"गदर" पत्रिका* का संपादन करते हुए उन्होंने पंजाबी, हिंदी और उर्दू में क्रांतिकारी लेख लिखे। उनके लेखों का नारा था - *"हिंदुस्तान आजाद होकर रहेगा"*।

*19 साल की उम्र में फांसी का फंदा चूमा*
1914 में प्रथम विश्व युद्ध शुरू होते ही सराभा जी भारत लौट आए। उनका लक्ष्य था - ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों को विद्रोह के लिए तैयार करना। उन्होंने पंजाब के गाँव-गाँव में जाकर किसानों और सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया।

लेकिन अंग्रेजों की गुप्तचर एजेंसी ने उनके साथियों को बहला-फुसलाकर उनकी योजना लीक करवा दी। 1915 में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महज *19 वर्ष की आयु* में 16 नवंबर 1915 को लाहौर सेंट्रल जेल में उन्हें फांसी दे दी गई।

फांसी से पहले भी उनके चेहरे पर कोई भय नहीं था। वे अक्सर ये पंक्तियां गुनगुनाते थे:
> _"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव। 
> ऐसा हो तो आओ करतार सिंह सराभा।"_

*भगत सिंह के आदर्श और गुरु*
सरदार भगत सिंह ने सराभा जी को अपना *आदर्श और गुरु* माना था। भगत सिंह ने अपने लेखों में लिखा था कि सराभा जी का बलिदान ही उनके क्रांतिकारी जीवन की प्रेरणा बना।

*ओम प्रकाश उपाध्याय जी ने कहा*: "आज कुछ लोग कहते हैं कि 'दे दी हमें आज़ादी बिना खड़क बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल'। लेकिन सच ये है कि आजादी करतार सिंह सराभा, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे हजारों क्रांतिकारियों के खून और बलिदान से मिली है। इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।"

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सराभा जी के आदर्शों पर चलकर देश की एकता और अखंडता के लिए काम करें।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर श्याम बिहारी अन्न-जल त्याग अनशन पर बैठे, प्रशासन से वार्ता जारी
एसडीएम, नायब तहसीलदार व थाना अध्यक्ष पहुंचे मौके पर, देर शाम तक नहीं निकला समाधान

अमृतपुर-फर्रुखाबाद l विकास खंड राजेपुर की ग्राम पंचायत बलीपट्टी रानीगांव में कथित भ्रष्टाचार और शिकायतों के निस्तारण की मांग को लेकर अन्न-जल त्याग कर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे पीड़ित श्याम बिहारी अवस्थी के धरने ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रविंद्र सिंह, नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह यादव एवं थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मौके पर पहुंचे और धरनास्थल पर पीड़ित से वार्ता की।

धरने पर बैठे श्याम बिहारी अवस्थी ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार की शिकायत उन्होंने कई बार समाधान दिवस और अन्य माध्यमों से की, लेकिन उनके प्रार्थना पत्रों को दबा दिया गया और आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी 11 सूत्रीय मांगों का निस्तारण नहीं होगा, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित को समझाने का प्रयास किया और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की। हालांकि देर शाम तक चली बातचीत के बावजूद किसी ठोस निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी। जिसके चलते धरना और अनशन जारी रहा।

धरनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही और लोगों में मामले को लेकर चर्चाएं होती रहीं। पीड़ित ने प्रशासन पर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन और पीड़ित पक्ष के बीच वार्ता जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका था। अनशन समाप्त कराने आए अधिकारियों से अनशनकारी ने अपनी शिकायतों की संदर्भ संख्या मांगी तो वह बगलें झांकते दिखे श्याम बिहारी अवस्थी ने बताया कि अनशन अनिश्चित कालीन जारी रहेगा।
श्री राम कथा में विदाई प्रसंग पर हृदय भाव-विभोर हो उठा: विधायक अनुराग सिंह
मीरजापुर। रविवार को पावन श्रीराम कथा का श्रवण करने आए चुनार विधायक अनुराग सिंह ने कहा कि आज श्री राम कथा में विदाई प्रसंग पर हृदय भाव-विभोर हो उठा। कथा के प्रत्येक प्रसंग ने जीवन में मर्यादा, सेवा, भक्ति और मानवता का संदेश दिया। प्रभु श्रीराम का आदर्श चरित्र हम सभी को सत्य, धर्म और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस दिव्य आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर वातावरण निर्मित हुआ। कथा वाचक पंडित आचार्य राघवेंद्र जी अध्यक्ष ब्रजराज सेवा ट्रस्ट वृंदावन एवं आयोजक मंडल विजय शंकर पांडे लालबाग कॉलोनी परिवार और समस्त श्रद्धालुजनों का हृदय से अभिनंदन एवं आभार।
प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सद्बुद्धि प्रदान करें। हैहय वंशीय नव युवक कसेरा समाज की अध्यक्ष श्रीमती जाह्नवी कसेरा ने कहा कि राम नाम जीवन का आधार है,और रामकथा आत्मा का उत्सव।
छठवें दिन कथा का श्रवण करने आए मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली, केबी कॉलेज के प्रवक्ता प्रोफेसर रमेश चंद्र ओझा, कड़ेशंकर पांडे, अमरेंद्र कान्त सिंह, कपिल देव तिवारी, सुभाष चंद्र तिवारी, संकटा प्रसाद तिवारी, मनोज पांडे, अमित पांडे, दिलीप पांडे, रिंकू पांडे आदि उपस्थित रहे।
अब चुनाव में "जन्म जहां, चुनाव वहां से" का मुद्दा उछला

सामाजिक संस्था नया कारवां के फाउंडर ने उठाया मामला

भोपाल। शहर को, शहरवासियों को लफंडर और फकोड़ा कहकर एक पूर्व विधायक बवाल में आ गए हैं। उन्होंने जीते हुए विधायक से अपना अवसाद निकालने के लिए उन्हें अनर्गल भाषा अपनाने के बीच भोपालियों को भी झूठा और फकोड़ा कहने में कोताही नहीं बरती है। शहरवासी उनकी इस बात से खफा भी हैं, और जो व्यक्ति जहां जन्मा हो, चुनाव भी वहीं से लड़े, की मांग उठाने लगा है।नेशनल एनजीओ नया कारवां के फाउंडर मोहम्मद तारिक ने इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग में शिकायत करने की तैयारी की है। मोहम्मद तारिक लंबे समय से भाजपा की रीतिनीति से जुड़े रहे हैं, लेकिन उनका भाजपा से अलगाव तब हो गया, जब तत्कालीन भाजपा विधायक ध्रुव नारायण सिंह ने यह सार्वजनिक बयान दिया कि उनके पास कई मुस्लिम महिलाएं आती हैं, उनसे उनके अंतरंग रिश्ते भी हैं और इससे वे खुशी भी महसूस करते हैं। तारिक ने कहा कि जिस मध्य विधानसभा से वे चुनाव जीतकर विधायक बने थे, वहां करीब आधी आबादी मुस्लिमों की है। ऐसे में अपने मतदाताओं से इस तरह का दोगला व्यवहार रखना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस समय कांग्रेस प्रत्याशी नासिर इस्लाम को पराजित करने की रणनीति बनाई गई थी, तब उनको इन्हीं आरिफ मसूद ने का सहयोग लेना पड़ा था, जिन्हें अब वे फर्जी, गुंडा और झूठा करार दे रहे हैं।

भोपाली फकोड़े, तो छोड़ क्यों नहीं देते शहर...

ध्रुव नारायण सिंह जिन भोपालियों को फकोड़ा और बतौला कह रहे हैं, उन्हीं के वोट समर्थन से वे जीत हासिल करना चाहते हैं। वे मूलतः सतना जिले के रामपुर बघेलान के रहने वाले हैं, अगर वे खुद को इतना सबल मानते हैं, तो अपने पैतृक गांव जाकर चुनाव क्यों नहीं लड़ते। मोहम्मद तारिक इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से मांग भी करने वाले हैं, कि जो व्यक्ति जहां जन्मा हो, वह वहीं से चुनाव लड़े।

धर्म सियासत नहीं चलेगी

मोहम्मद तारिक ने ध्रुव नारायण के उस प्रयास पर भी प्रहार किया है, जिसमें शहर की जनता को सांप्रदायिक आग में झोंकने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि आरिफ मसूद मुस्लिम समुदाय से हैं, विपक्षी दल से ताल्लुक रखते हैं और किसी अप्रत्याशित निर्णय के मामले में बोलने को स्वतंत्र हैं। उनके कार्यकाल में वे हर धर्म का सम्मान और सभी धर्मों के त्यौहार में सहभागिता करते रहे हैं। ऐसे में हार की हताशा में ध्रुव नारायण को इस तरह की सियासत करने से बाज आना चाहिए। वैसे भी यह शहर गंगा जमुनी तहजीब का बड़ा उदाहरण कहा जाता है, उनके इस तरह के बयानों से जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इनका कहना 

सियासत में मर्यादाओं का ख्याल जरूरी है। इस मामले में सिर्फ इतना ही कह पाऊंगा कि 

इन दोनों में एक मेरा जूनियर छोटा भाई है तो दूसरी तरफ़ मेरा सुसराली पक्ष भाई। दोनों को धैर्य और संयम रखना चाहिए।

मोहम्मद तारिक,

नयां कारवां 

(नेशनल एनजीओ) 

सादगी का संदेश, काफिलों का विशेष” — जहानाबाद में वीआईपी काफिले पर जनता के तंज और सवाल
जहानाबाद: एक ओर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, सादगी अपनाने और छोटी दूरी के लिए पैदल चलने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जहानाबाद में बिहार के उपमुख्यमंत्री  विजय कुमार चौधरी  के लंबे काफिले ने लोगों के बीच चर्चा और व्यंग्य को जन्म दे दिया है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में करीब 200 गाड़ियों का काफिला शामिल था, जिसे लेकर आम लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहानाबाद में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का लंबा काफिला लोगों के आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना रहा। नेताओं, अधिकारियों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं की गाड़ियों से सड़कें इस तरह भर गईं कि लोगों ने इसकी तुलना शाही बारात से कर डाली। ऊपर से ऊंट और घोड़ों की मौजूदगी ने माहौल को और भी राजसी बना दिया। स्थानीय लोगों ने इसे लेकर सोशल मीडिया और चौक-चौराहों पर जमकर तंज कसे। लोगों का कहना था कि एक तरफ आम जनता महंगे पेट्रोल-डीजल के बीच खर्च का हिसाब लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ वीआईपी काफिलों की लंबाई सादगी के संदेश पर सवाल खड़े कर रही है। लोगों के बीच व्यंग्य की पंक्तियां भी खूब चर्चा में रहीं— “जनता पैदल चल रही, नेता काफिले संग,
डीजल-पेट्रोल सोच रहे — आखिर हम जाएं किसके संग।”
एक बुजुर्ग ने मुस्कुराते हुए कहा कि जनता को पैदल चलने की सलाह शायद इसलिए दी जा रही है, ताकि नेताओं के काफिलों को ट्रैफिक में परेशानी न हो। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि सभी लोग सादगी अपनाएं, अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और छोटी दूरी के लिए पैदल चलने की आदत डालें। लेकिन जहानाबाद में निकले इस विशाल काफिले ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या बचत और सादगी के नियम सिर्फ आम जनता के लिए ही हैं।
व्यंग्य की एक और पंक्ति लोगों के बीच चर्चा में रही—
“जनता बोले — तेल बचाओ,
नेता बोले — काफिला लाओ।”
फिलहाल जहानाबाद में यह वीआईपी काफिला राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी बहस और व्यंग्य का विषय बना हुआ है।
विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने सुल्तानपुर विधानसभा के लोगों को दी बड़ी सौगात,किया उद्घाटन*
सुल्तानपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने सुल्तानपुर विधानसभा के लोगों को बड़ी सौगात दी है। वर्षों ने बिजली को लेकर उपेक्षित चल रहे करौंदिया पुलिस लाइन और आस पास को मोहल्लों के उपकेंद्र बैंक तैयार हो गया है और आज विनोद सिंह ने इसका उद्घाटन कर जनता को समर्पित कर दिया है। दरअसल करौंदिया पुलिस लाइन और आस पास के करीब आधा दर्जन मोहल्ले लंबे समय से बिजली की समस्या से परेशान थे। इन क्षेत्रों की आबादी बढ़ने के बाद यहां कभी लो बोल्टेज तो कभी ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर जल जाना आम बात हो गई थी। कभी केबिल जलना तो कभी तार टूट कर गिर जाते थे। इसी को लेकर इन तमाम मोहल्ले वासियों ने सुल्तानपुर विधानसभा से विधायक चुने गए विनोद सिंह से गुहार लगाई थी। विनोद सिंह इसके लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। बिजली विभाग से उन्होंने प्रपोजल बनवा का शासन को भिजवाया और लगातार उसके लिए शासन से पैरवी करते रहे। ऊर्जा विभाग के साथ साथ मुख्यमंत्री से मिलते रहे। जिसका परिणाम रहा कि करौंदिया पुलिस लाइन फीडर को स्वीकृति मिली और निर्माण कर प्रारंभ हुआ अभी कुछ दिनों पहले ही फीडर बनकर तैनात हुआ। जिसके बाद आज एक कार्यक्रम के तहत सुल्तानपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह करौंदिया पुलिस लाइन फीडर पहुंचे और इसका उद्घाटन कर जनता को समर्पित कर दिया। इस दौरान सभासद संजय कप्तान,रमेश सिंह टिन्नू,सुधर तिवारी, अफ़ज़ल अंसारी, संदीप गुप्ता,मनीष जायसवाल ,नगर अध्यक्ष रीना जायसवाल सहित तमाम बीजेपी नेता और कार्यकर्ता के साथ आमजन मौजूद रहे और उन्होंने विधायक विनोद सिंह का आभार व्यक्त किया। वहीं बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता विपुल जैन,अधिशासी अभियंता अश्वनी कुमार वर्मा,उपखंड अधिकारी खूबलाल, अवर अभियंता कृष्ण चंद्र कुशवाहा सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं विनोद सिंह ने लगातार हो रही बिजली कटौती पर कहा कि बिजली आज पूरे देश की बड़ी समस्या बन चुकी है, जिसका संज्ञान सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है। आज उन्होंने बिजली विभाग के आलाधिकारियों को तलब किया है जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
आजमगढ़: जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं - रामानंद
जमगढ़। मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक विलासिता का सुख प्राप्त करना नहीं है। मानव जीवन का उद्देश्य राग द्वेष बैर भाव ऊंच नीच छूआ छूत से ऊपर उठकर सबको गले लगाना है। श्री श्री 1008  योगी रामानंददास महाराज ने जिले के तहबरपुुुुर विकास खण्ड में पड़ने वाले सराय सागर गांव में चल रहे श्री शत चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन में कही । उन्होंने ने “पुरुषार्थ” और “निर्वाण” का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए बताया कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की ओर बढ़ना है। जाति पाति ऊंच नीच बैर भाव लोभ मोह मद से ऊपर उठकर समाज के दबे-कुचले का उत्थान करना है।उन्होंने कहा कि पुरुषार्थ का अर्थ है — "मनुष्य द्वारा जीवन में किए जाने वाले श्रेष्ठ प्रयास"। सनातन धर्म में चार पुरुषार्थ बताए गए हैं: 'धर्म' – सत्य और कर्तव्य का पालन। 'अर्थ' – न्यायपूर्ण तरीके से धन अर्जन। 'काम' – मर्यादित इच्छाओं की पूर्ति। 'मोक्ष' – जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति। इन चारों में मोक्ष को सर्वोच्च माना गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्वाण का अर्थ है अहंकार, मोह, क्रोध ,ल़ोभ और सांसारिक बंधनों से पूर्ण मुक्ति प्राप्त कर परम शांति की अवस्था में पहुँचना। योग और भक्ति के माध्यम से मनुष्य आत्मज्ञान प्राप्त कर निर्वाण की ओर अग्रसर हो सकता है। इस अवसर पर अनिल सिंह, संजय सिंह, प्रेम प्रकाश राय, दीनदयाल उपाध्याय, राकेश उपाध्याय,रजत सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन मौजूद रहे।
यज्ञ-कथा अनुष्ठान सनातन धर्म के आधार- प्रेमावती
रितेश मिश्रा
हरदोई पंचनद कटरी के गाँव अंतूपूरवा खद्दीपुरराजा स्थित दुर्गा देवी मंदिर पर चल रही दशदिवसात्मक श्रीशतचंडी महायज्ञ के साथ श्रीरामकथा एवं श्रीमद्भागवतकथा में धर्म कर्म के विभिन्न प्रसंगों से भक्ति-श्रद्धा और आध्यात्म का संगम हिलोरें ले उठा. अनुष्ठान में पहुंचीं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा ने यजमान संतोष त्रिवेदी के साथ यज्ञवेदी की परिक्रमा कर फूल फलों और दक्षिणा से व्यासपीठ का पूजन करते हुए कहा ग्रामीण अँचलों में ऐसे सुन्दर अनुष्ठान सनातन धर्म के आधार और संवर्धन में सहायक हैं.
श्रीरामकथा व्यास शिवस्वरूप अग्निहोत्री ने मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्श चरित्र का वर्णन कर पाण्डाल को भक्ति से भर दिया. कहा श्रीराम का अवतार ऋषि-मुनियों और यज्ञ-वैदिक संस्कृति की रक्षा के साथ धर्म की स्थापना के लिया. जनकपुर गमन में गौतम ऋषि पत्नी अहिल्या का उद्धार, धनुष-यज्ञ आदि विभिन्न प्रसंगों को श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों और रामायण के श्लोकों की व्याख्या के साथ किया. श्रीमद्भागवतकथा व्यास पं. शिवम अग्निहोत्री ने विभिन्न पौराणिक प्रसंगों से धर्म गँगा प्रवाहित की. प्रात:कालीन वेला में यजमानों ने नैमिषधाम के यज्ञाचार्य निर्दोष अग्निहोत्री ने पँचकुण्डीय यज्ञवेदियों का पूजन कराया.
अनुष्ठान में पहुँचीं जिला पँचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा का स्वागत राकेश अग्निहोत्री, जितेंद्र अग्निहोत्री, बीडीसी रोहित अग्निहोत्री, रोहित अग्निहोत्री, ब्रजेश अग्निहोत्री, सारिका अग्निहोत्री ने पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया. कथा में यजमान श्यामाकुमार त्रिवेदी, रामलखन मिश्र, मोहित अग्निहोत्री, सोनू अवस्थी, कामेश आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे.
कन्नौज में 3 जून को पहुंचेगी “गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा”, संतों ने गौसंरक्षण और सनातन जागरण का दिया संदेश
पंकज कुमार श्रीवास्तव/विवेक कुमार

कन्नौज में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान “गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध यात्रा” को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई। कानपुर मंडल प्रभारी पप्पू भैया और जिला प्रभारी कौशल जी महाराज ने बताया कि यह 81 दिवसीय विशाल यात्रा गोरखपुर से प्रारंभ हुई है, जिसका समापन नोएडा में होगा। यात्रा का उद्देश्य गौमाता की रक्षा, सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार और समाज में धार्मिक व सांस्कृतिक जागरूकता फैलाना है।प्रेस वार्ता में बताया गया कि यह यात्रा विभिन्न जनपदों से गुजरते हुए 3 जून को कन्नौज पहुंचेगी। यात्रा के स्वागत को लेकर जिले में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। यात्रा का रूट तिर्वा से बेला, फिर बेला से वापस तिर्वा तक रहेगा। इसके बाद तिर्वा से पाल चौराहे तक यात्रा का भव्य स्वागत और सत्कार किया जाएगा। वहीं देर शाम यात्रा छिबरामऊ पहुंचेगी, जहां एक निजी गेस्ट हाउस में संतों और पदाधिकारियों का रात्रि विश्राम होगा। अगले दिन यात्रा पुनः फर्रुखाबाद के लिए प्रस्थान करेगी।

कौशल जी महाराज ने बताया कि यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौवंश संरक्षण को लेकर समाज को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की पहचान है। समाज को एकजुट होकर गौहत्या रोकने और गौसेवा को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि आज के समय में सनातन संस्कृति पर लगातार प्रहार हो रहे हैं, ऐसे में समाज को जागृत करने के लिए इस प्रकार की यात्राएं बेहद आवश्यक हैं। यात्रा के दौरान संत समाज लोगों को धर्म, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक करेगा। साथ ही युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। यात्रा के दौरान जगह-जगह धार्मिक सभाएं, स्वागत कार्यक्रम और जनजागरण अभियान चलाए जाएंगे। संत समाज द्वारा लोगों से गौसंरक्षण के लिए आगे आने और गौशालाओं की सहायता करने की अपील भी की जाएगी।

कानपुर मंडल प्रभारी पप्पू भैया ने कहा कि यात्रा को लेकर लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न जिलों में श्रद्धालु और सनातन प्रेमी बड़ी संख्या में यात्रा का स्वागत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कन्नौज में भी यात्रा का ऐतिहासिक स्वागत किया जाएगा और हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है।यात्रा को सफल बनाने के लिए विभिन्न पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। विधानसभा प्रभारी के रूप में आशुतोष त्रिपाठी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई स्थानीय कार्यकर्ता और सामाजिक संगठन यात्रा की तैयारियों में जुटे हुए हैं।संतों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होकर गौमाता और सनातन धर्म के संरक्षण का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज को जागृत करने का अभियान है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मजबूत करना है।
गोपीगंज में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, प्रशासन ने दी तीन दिन की मोहलत

नितेश श्रीवास्तव


गोपीगंज। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित नगर क्षेत्र में शुक्रवार को प्रशासन की ओर से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। अचानक बिना पूर्व सूचना के पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सड़क किनारे और प्रतिष्ठानों के सामने किए गए अतिक्रमण पर लाल निशान लगाए गए। कार्रवाई के दौरान पूरे नगर में हड़कंप मच गया और कई लोग खुद ही अपना अतिक्रमण हटाते नजर आए।
अभियान के दौरान न्यायिक एसडीएम शिव प्रकाश यादव, एडिशनल एसपी शुभम अग्रवाल, क्षेत्राधिकारी प्रभात राय, कोतवाल शैलेश राय चौकी प्रभारी  तथा लेखपाल राहुल चौधरी समेत राजस्व व पुलिस विभाग की टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिन लोगों ने तीन दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया, उनके खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। इसके बाद बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
प्रशासन ने खास तौर पर उन लोगों को भी चेताया है जो अपने मकान या प्रतिष्ठानों के सामने पैसे लेकर ठेला-खोमचा लगवाते हैं। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ भी ठोस कार्रवाई की जाएगी और सड़क किनारे अवैध कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभियान के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों किनारों पर कई स्थानों पर लाल निशान लगाए गए। प्रशासन की सख्ती को देखते हुए दुकानदारों और अतिक्रमणकारियों में पूरे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।