50 वां इंडिया कारपेट एक्सपो स्थगित, 400 करोड़ के कारोबार को झटका

*ईरान - इजरायल युद्ध: ज्यादातर आयातकों ने रद्द की यात्रा,सीईपीसी ने मेले को रद्द करने का लिया निर्णय*



रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका, ईरान-इस्रराइल युद्ध के कारण नईदिल्ली में 11 से 14 अप्रैल के बीच होने वाले 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो को सीईपीसी ने स्थगित कर दिया है। अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद बेहतर कारोबार की उम्मीद लगाए निर्यातकों को एक बार फिर झटका लगा है। कालीन निर्यात संर्वधन परिषद (सीईपीसी) की ओर से आयोजित प्रशासनिक समिति की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। मेला स्थगित होने से करीब 400 करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा।
50वें कालीन मेले के लिए आयोजन समिति कालीन निर्यात संवर्धन परिषद में काफी समय से ऊहापोह की स्थिति बनी थी। युद्ध के हालातों के बीच मेले में बायरों की भागीदारी और उसकी सफलता के लिए चिंता बना था। मेले में शिरकत करने के लिए अब तक 90 से अधिक निर्यातक स्टॉल के लिए पंजीकरण करा चुके थे। बैठक में प्रशासनिक सदस्यों का मत था कि एक स्टाॅल लगाने में लाखों रुपये खर्च होते हैं। भारी भरकम खर्च के बाद कारोबारी स्टाल लगाएं और उसका लाभ न मिले तो यह चिंता की बात होगी।



टैरिफ हटने से बेहतर कारोबार की थी उम्मीद
बीते साल अक्तूबर में कालीन मेला अमेरिकी टैरिफ के साए में हुआ था। इससे न सिर्फ स्टॉल कम लगे थे, बल्कि बायर भी कम आए थे। यह मेला अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद लगने वाला था। ऐसे में निर्यातकों को इसमें बेहतर कारोबार की उम्मीद थी। शायद यहीं कारण था कि इस फेयर में जिले से करीब 90 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन अब फेयर रद्द होने से बेहतर कारोबार की उम्मीद धरी रह गई है।
हालात सामान्य होने के बाद निर्णय लेगा सीईपीसी
हालात सामान्य होने के बाद पुन: परिषद की बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा के बाद कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता परिषद के चेयरमैन कैप्टन मुकेश ने की। परिषद की अधिशासी निदेशक डॉ. स्मिता नागरकोटी, वाइस चेयरमैन असलम महबूब, संजय गुप्ता, वासिफ अंसारी, रोहित गुप्ता, इम्तीयाज अंसारी, अनिल सिंह, रोहित गुप्ता, हुसैन जाफर, शौकत खान आदि ने विचार रखे।
निर्यातकों ने कहा
अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद इस मेले से काफी उम्मीद थी, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया है। बायरों के लिए इस बार काफी सैंपल तैयार किए थे। अब अगले फेयर में देखा जाएगा।
- श्यामधर यादव, निर्यातक।
वैश्विक परिस्थितियां कालीन उद्योग को प्रभावित कर रही है। अगर ऐसा ही रहा तो उद्योग के लिए यह बड़ी चिंता का विषय बन सकता है। - जितेन्द्र गुप्ता, निर्यातक।
यह फेयर काफी उम्मीदों वाला था, लेकिन अब स्थगित कर दिया गया है तो ठीक ही है, क्योंकि वहां जाने से भी कोई फायदा नहीं होता। - जाकिर बाबू अंसारी, निर्यातक।
पहले अमेरिकी टैरिफ और अब ईरान-इस्ररायल युद्ध उद्योग के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। इसका स्थायी समाधान तलाशा जाए। नहीं तो निर्यातकों को बड़ा नुकसान होगा। - दर्पण बरनवाल, निर्यातक।
बीते चार कालीन मेले का कारोबार
49वां मेला 300 करोड़
48वां मेला 450 करोड़
47वां मेला 550 करोड़
46वां मेला 600 करोड़

युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए यह निर्णय बहुत जरूरी थी। ईरान-इस्ररायल युद्ध अगर इसी तरह लंबा खिंचता रहा तो निश्चित तौर पर कालीन उद्योग पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। सीईपीसी की बैठक के बाद सर्वसम्मिति से वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए निर्यातकों के हितों में यह निर्णय लिया गया है। इससे करीब 300 से 400 करोड़ का कारोबार जनरेट होने की उम्मीद है। - असलम महबूब, वाइस चेयरमैन, सीईपीसी।
धामी मंत्रिमंडल का विस्तार, 5 विधायकों को कैबिनेट में मिली जगह
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है। इस विस्तार में कई विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है।
भीमताल से विधायक राम सिंह कैडा को मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है। वहीं, राजपुर से विधायक खजन दास को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा हरिद्वार से विधायक मदन कौशिक और रुड़की से विधायक प्रदीप बत्रा को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है। रुद्रप्रयाग से विधायक भरत चौधरी को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है।
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और इसे आगामी योजनाओं एवं विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी, पंश्चिम बंगाल से आया फोन

#jayantchaudharycentralministerstaffthreatphone_whatsapp

केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को शुक्रवार को एक अनजान नंबर से जान से मारने की धमकी भरा फोन आया। यह धमकी उनके निजी सहायक विश्वेंद्र शाह को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई। उन्होंने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। धमकी देने वाले की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के इस्माइल के तौर पर हुई है।

आरोपी के पास कहां से आई मंत्री के सरकारी दौरे की योजना?

शिकायत दिल्ली के तुगलक सड़क थाने में दर्ज कराई गई है। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं। धमकी के पीछे के मकसद का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के पास मंत्री के सरकारी दौरे की योजना की कॉपी भी मौजूद थी।

व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा

पुलिस एफआईआर से मिली जानकारी के मुताबिक, 18 मार्च को सुबह करीब 11 बजे मंत्री के मोबाइल नंबर पर कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी। उसने पूछा कि क्या फोन पर भेजे गए कागजात देखे हैं। व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा गया था, जिस पर स्पष्ट रूप से 'इनको गोली मार दो' लिखा था। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप पर लोकेशन और वॉयस मैसेज भी भेजे गए जिनमें लगातार जान से मारने की धमकियां थीं। जब दोबारा उस नंबर पर फोन किया गया तो धमकी देने वाले ने बताया कि टूर प्रोग्राम उसे 'ऊपर से' भेजा गया था।

टूर प्लान लीक होने के बाद बढ़ी चिंता

पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले केंद्रीय राज्यमंत्री पश्चिम बंगाल के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और वहां से लौटकर दिल्ली आए। इसके बाद उनका आगरा में भी एक सार्वजनिक कार्यक्रम तय था। यह पूरा टूर प्लान केवल सीमित लोगों तक ही था, लेकिन बाद में यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

जयंत चौधरी कौन हैं?

जयंत चौधरी एक जाने-माने राजनेता हैं, जो अभी केंद्र सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर काम कर रहे हैं। वह राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। RLD एक क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है, जिसका पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत जनाधार है।

अयोध्या से दिव्य संदेश: श्रीराम यंत्र स्थापना से जागृत हुई सनातन चेतना
ऋषिकेश, अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (विक्रम संवत 2083) के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसने सनातन संस्कृति की ऊर्जा को नई दिशा दी। इस शुभ अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने कर-कमलों से मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना की।
इस दिव्य आयोजन में आनंदीबेन पटेल, योगी आदित्यनाथ, चंपत राय सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही अम्मा (माता अमृतानंदमयी), स्वामी चिदानन्द सरस्वती, महंत रविन्द्र पुरी समेत कई संतों और धर्माचार्यों ने इस आयोजन को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और आरती से हुई। नवसंवत्सर और चैत्र नवरात्रि के शुभ संगम पर स्थापित श्रीराम यंत्र को धर्म, ऊर्जा और सकारात्मक चेतना का प्रतीक बताया गया। यह यंत्र न केवल आध्यात्मिक जागृति का माध्यम है, बल्कि समाज में साहस, धैर्य और संतुलन जैसे मूल्यों को स्थापित करने का संदेश भी देता है।
इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भारतीय परंपरा में समय केवल गणना नहीं, बल्कि जीवन की दिशा निर्धारित करने वाला तत्व है। नवसंवत्सर का यह आरंभ आत्मोन्नति, सेवा और धर्मपालन का संदेश लेकर आता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम यंत्र की स्थापना सनातन संस्कृति के दिव्य स्पंदन को समाज में प्रसारित करने का माध्यम बनेगी।
यह आयोजन भारतीय संस्कृति, आस्था और राष्ट्रभक्ति का एक अद्भुत संगम बनकर सामने आया, जिसने यह स्पष्ट किया कि सनातन परंपरा आज भी समाज को नई ऊर्जा और दिशा देने में सक्षम है।
हर्षोल्लास के साथ मनाया हिंदू नववर्ष 2083, हवन का हुआ आयोजन

बहसूमा। कस्बा रामराज में हिंदू सनातन धर्म के नववर्ष 2083 का शुभारंभ चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि पर श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक गरिमा के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंगल आरती परिवार आध्यात्मिक सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं हिंदू समाज के लोगों ने विभिन्न धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नववर्ष का स्वागत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ शिव चौक स्थित श्री शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ द्वारा किया गया। हवन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने देश, समाज और विश्व कल्याण की कामना करते हुए आहुतियां अर्पित कीं। हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। यज्ञ का संचालन पंडित गौरव भारद्वाज ने विधिवत वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया।

हवन के पश्चात सेवा ट्रस्ट के सदस्यों ने बारी-बारी से यज्ञ में आहुति देकर अपनी आस्था व्यक्त की और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। इसके उपरांत भगवान की भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और लोगों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

इस दौरान समाज में सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता और आस्था बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में विधि चंद शर्मा हरेंद्र सिंह भारद्वाज, सुदर्शन गोयल, लक्ष्मीकांत रस्तोगी, नितिन गर्ग, विश्व प्रजापति, राजा बालेंद्र प्रजापति, गौरव चौहान, श्री जैन, अजय तोमर, विजय तोमर, विशाल राठी, राजू वर्मा, राजकुमार चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त गौ सेवा टीम रामराज, शक्ति सेवा टीम, श्री राम मंडली तथा क्षेत्र की मातृशक्ति का भी विशेष सहयोग रहा।
तमंचे के दम पर दबंगई पड़ी भारी: माल पुलिस ने आरोपी को हथियार समेत किया गिरफ्तार

लखनऊ। राजधानी के थाना माल क्षेत्र में अवैध हथियार के बल पर धमकी और विवाद करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 मार्च 2026 को कस्बा माल निवासी उदयवीर सिंह ने थाना माल में शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने निजी मकान का निर्माण करा रहे थे, तभी धर्मेन्द्र सिंह नामक व्यक्ति वहां पहुंचा और अवैध तमंचा दिखाकर गाली-गलौज व झगड़ा करने लगा।
शिकायत के आधार पर थाना माल पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। उपनिरीक्षक रवि कुमार कटियार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी धर्मेन्द्र सिंह को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से .315 बोर का अवैध देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में अवैध हथियार रखने वालों और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि लखनऊ पुलिस अपराध और दबंगई के खिलाफ पूरी तरह सख्त है।
खामनेई की शहादत पर शिया समुदाय में शोक, मौलाना जावेद हैदर जैदी ने दी सादगी से ईद मनाने की अपील
लखनऊ । ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई की शहादत की खबर से दुनियाभर के शिया समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुखद घटना के बाद धार्मिक विद्वानों और उलेमाओं द्वारा समुदाय को संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की जा रही है।
इसी क्रम में प्रख्यात शिया धर्मगुरु जावेद हैदर जैदी ने एक अहम संदेश जारी करते हुए कहा कि खामनेई की शहादत निश्चित रूप से अपूरणीय क्षति है, लेकिन ऐसे समय में धार्मिक कर्तव्यों को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईद-उल-फ़ितर अल्लाह की बंदगी का दिन है और इसे सादगी, इबादत और ग़म के एहसास के साथ मनाना चाहिए।
मौलाना जैदी ने अपने संदेश में इस्लामी इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि 21 रमज़ान 40 हिजरी के बाद भी इमाम हसन (अलैहिस्सलाम) ने उसी वर्ष ईद की नमाज़ अदा की थी। उन्होंने कहा कि ईद केवल खुशी का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन, गुनाहों से दूर रहने और अल्लाह के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी है।
उन्होंने आगे कहा,
“हर वह दिन ईद है जिसमें इंसान गुनाह से दूर रहे। असल ईद वही है, जिसमें इंसान अपने कर्मों का आकलन करे और अल्लाह की राह पर चले।”
मौलाना ने ईद के बाद ‘ज़ियारत-ए-वारिसा’ की अहमियत पर भी जोर देते हुए बताया कि इसमें अहलुलबैत (अलैहिस्सलाम) की फज़ीलतों और उनकी मसीबतों का जिक्र किया जाता है, साथ ही अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश भी निहित होता है।
अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष भी ईद-उल-फितर मनाई जानी चाहिए, लेकिन अहलुलबैत के बताए रास्ते पर चलते हुए, सादगी और इबादत के साथ, ताकि शोक और श्रद्धा दोनों का संतुलन बना रहे।
हिंदू नववर्ष पर मेजा में ऐतिहासिक शोभायात्रा, जयकारों से गूंजा क्षेत्र, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

पटपरिया महादेव मंदिर से निकली भव्य यात्रा, सुजनी चौराहा तक उमड़ा जनसैलाब, युवाओं ने संभाली कमान

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर गुरुवार को ग्राम पंचायत सुजनी क्षेत्र में भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा का आयोजन किया गया। पटपरिया महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई यह विशाल शोभायात्रा पालपट्टी होते हुए सुजनी चौराहा तक पहुंची, जहां पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यात्रा के दौरान जय श्रीराम, हर हर महादेव और भारत माता के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा की शुरुआत महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद ढोल-नगाड़ों, भगवा ध्वजों और भक्ति गीतों के साथ यात्रा आगे बढ़ी। रास्ते भर जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में सहभागिता ने कार्यक्रम को और भव्य बना दिया। इस आयोजन को सफल बनाने में क्षेत्र के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतीक सिंह, अमित तिवारी, राज पाण्डेय, संजय पाण्डेय, संजीव पाण्डेय, रोहन सोनी, अरविंद सोनी, श्लोक चौहान, अभी सिंह, सुन्दरम पाण्डेय, वीरू सिंह सहित कई युवाओं ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था संभाली और यात्रा को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया। पूरे मार्ग में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग सराहनीय रहा। शोभायात्रा के समापन पर सभी ने हिंदू नववर्ष को हर्षोल्लास के साथ मनाते हुए समाज में एकता, संस्कृति और धर्म की रक्षा का संकल्प लिया। इस भव्य आयोजन को लेकर क्षेत्र में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा और लोगों ने इसे वर्षों में हुई सबसे बड़ी शोभायात्राओं में से एक बताया।
बलिया:दुबहड़ ब्लॉक के सवरूबाँध कंपोजिट विद्यालय की शिक्षामित्र शाहिदा खातून का हृदयाघात से असमय निधन, शिक्षा जगत शोकाकुल
संजीव सिंह बलिया। दुबहड़ ब्लॉक के सवरूबाँध कंपोजिट विद्यालय में लंबे समय से समर्पित सेवा दे रहीं शिक्षामित्र शाहिदा खातून का आज अचानक हृदयाघात से निधन हो गया। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गुलाब शेख की पत्नी शाहिदा खातून का असमय चले जाना स्थानीय शिक्षा जगत और समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है।वर्षों से प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में निष्ठा से कार्यरत शाहिदा खातून एसआईआर में बीएलओ के पद पर भी अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही थीं। उनकी मेहनत और लगन ने कई पीढ़ियों को पढ़ा-लिखाकर नई दिशा प्रदान की। आज सुबह मऊ में इलाज कराते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद वे बच न सकीं।इस दुखद घटना से परिवार, सहकर्मी और ग्रामीण क्षेत्र शोकाकुल है। शिक्षा मित्र समुदाय संगठन से राजेश साहनी, अखिलेश पांडेय, संजीव सिंह, भरत यादव, सरल यादव, दिलीप प्रसाद, पंकज सिंह, राकेश पांडेय, अमृत सिंह, लालजी वर्मा, मोहम्मद वसीम, डिम्पल सिंह, मंजूर हुसैन समेत कई स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने कहा कि उनका जाना शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा आघात है। शाहिदा खातून का समर्पण हमें सिखाता है कि शिक्षा सेवा में निष्ठा ही असली धरोहर है। उनके योगदान को याद रखते हुए हम सब मिलकर शिक्षा को मजबूत बनाएं। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने लांच किया धार्मिक कैलेंडर प्रदेश के सभी मठ -मंदिरों और स्कूल- कॉलेज तक पहुंचेगा धार्मिक कैलेंडर
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पटना प्रो रणवीर नंदन पटना। हिंदू नव वर्ष के प्रथम दिन बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की ओर से धार्मिक कैलेंडर लॉन्च किया गया। इस कैलेंडर में हिंदी तिथि ग्रह नक्षत्र रितु के अलावा किस मौसम में क्या खाना उचित होगा इसकी चर्चा है। इस मौके पर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष पूर्व विधान पार्षद प्रोफेसर रणबीर नंदन ने कहा कि इस कैलेंडर के माध्यम से न्यास पर्षद सनातनियों को जीवन जीने की पद्धति की ओर ले जा रहा है। उन्होंने कहा हिंदू नव वर्ष सिर्फ मानव जाति के लिए नहीं बल्कि पृथ्वी जड़ चेतन पशु पक्षियों और पेड़ पौधों के लिए भी है। इस बसंत ऋतु में ही नव वर्ष की शुरुआत होती है और इसी समय पर में नए पट्टे लगते हैं साथ ही इसी दिन पृथ्वी का भी प्रादुर्भाव हुआ था। प्रोफेसर नंदन ने कहा की इस कैलेंडर को प्रदेश के सभी 4:30 हजार मत मंदिरों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों में उपलब्ध कराया जाएगा ।साथ ही इस कैलेंडर के माध्यम से उनकी अपील है कि इस विषय पर विश्वविद्यालय में भी शोध हो और नए-नए आयाम सामने आए। प्रो नंदन ने कहा कि धार्मिक न्यास पर्षद की वर्तमान समिति के गठन के बाद समाज को एकजुट करने के लिए कई कार्यक्रम किए गए जिसमें सनातन समागम का आयोजन हुआ जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे। इसके अलावा सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार पर कार्यक्रम आयोजित हुआ और स्वामी विवेकानंद, संत रविदास ,अटल जी के जयंती पर भी कार्यक्रम कर लोगों तक इन महापुरुषों का संदेश पहुंचाया गया। प्रो नंदन ने कहा कि उनका प्रयास है कि धार्मिक न्यास पर्षद कार्यक्रमों के साथ-साथ मठ मंदिरों का कैसे विकास हो और इन मठ मंदिरों का समाज से कैसे जुड़ाव बढ़े इसके लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए न्यास परिषद में विचार आया था कि धार्मिक कैलेंडर बनाया जाएगा जिसमें सनातन धर्म के पर्व त्यौहार को समाहित कर इसी के अनुसार काम होगा। इस मौके पर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि सनातन धर्म में मानव ही नहीं बल्कि जीव जंतु जड़ चेतन की मंगल कामना करता है। समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद में काम हो रहा है। मौके पर बिहार राज धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य हेमराज राम ने कहा कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद सनातन संस्कृति को एकजुट करने के लिए काम कर रहा है। इस मौके पर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य आनंद कुमार ने कहा की धार्मिक न्यास पर्षद की ओर से मठ मंदिरों के विवाद को सुलझाने के अलावा मठ मंदिरों को सामाजिक कार्यों से भी जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में बिहार राज धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य विश्व मोहन दास ने कहा कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद की पहल पर ही अब प्रदेश के मंदिरों में सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहा है। कार्यक्रम में पटन देवी मंदिर महंत विजय गिरी ने कहा कि चैत्र नवरात्र के पहले दिन इस तरह के अद्वितीय कैलेंडर की लांचिंग हम सनातनियों के लिए सौभाग्य की बात है।
50 वां इंडिया कारपेट एक्सपो स्थगित, 400 करोड़ के कारोबार को झटका

*ईरान - इजरायल युद्ध: ज्यादातर आयातकों ने रद्द की यात्रा,सीईपीसी ने मेले को रद्द करने का लिया निर्णय*



रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। अमेरिका, ईरान-इस्रराइल युद्ध के कारण नईदिल्ली में 11 से 14 अप्रैल के बीच होने वाले 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो को सीईपीसी ने स्थगित कर दिया है। अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद बेहतर कारोबार की उम्मीद लगाए निर्यातकों को एक बार फिर झटका लगा है। कालीन निर्यात संर्वधन परिषद (सीईपीसी) की ओर से आयोजित प्रशासनिक समिति की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। मेला स्थगित होने से करीब 400 करोड़ का कारोबार प्रभावित होगा।
50वें कालीन मेले के लिए आयोजन समिति कालीन निर्यात संवर्धन परिषद में काफी समय से ऊहापोह की स्थिति बनी थी। युद्ध के हालातों के बीच मेले में बायरों की भागीदारी और उसकी सफलता के लिए चिंता बना था। मेले में शिरकत करने के लिए अब तक 90 से अधिक निर्यातक स्टॉल के लिए पंजीकरण करा चुके थे। बैठक में प्रशासनिक सदस्यों का मत था कि एक स्टाॅल लगाने में लाखों रुपये खर्च होते हैं। भारी भरकम खर्च के बाद कारोबारी स्टाल लगाएं और उसका लाभ न मिले तो यह चिंता की बात होगी।



टैरिफ हटने से बेहतर कारोबार की थी उम्मीद
बीते साल अक्तूबर में कालीन मेला अमेरिकी टैरिफ के साए में हुआ था। इससे न सिर्फ स्टॉल कम लगे थे, बल्कि बायर भी कम आए थे। यह मेला अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद लगने वाला था। ऐसे में निर्यातकों को इसमें बेहतर कारोबार की उम्मीद थी। शायद यहीं कारण था कि इस फेयर में जिले से करीब 90 से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन अब फेयर रद्द होने से बेहतर कारोबार की उम्मीद धरी रह गई है।
हालात सामान्य होने के बाद निर्णय लेगा सीईपीसी
हालात सामान्य होने के बाद पुन: परिषद की बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा के बाद कोई सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता परिषद के चेयरमैन कैप्टन मुकेश ने की। परिषद की अधिशासी निदेशक डॉ. स्मिता नागरकोटी, वाइस चेयरमैन असलम महबूब, संजय गुप्ता, वासिफ अंसारी, रोहित गुप्ता, इम्तीयाज अंसारी, अनिल सिंह, रोहित गुप्ता, हुसैन जाफर, शौकत खान आदि ने विचार रखे।
निर्यातकों ने कहा
अमेरिकी टैरिफ हटने के बाद इस मेले से काफी उम्मीद थी, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया है। बायरों के लिए इस बार काफी सैंपल तैयार किए थे। अब अगले फेयर में देखा जाएगा।
- श्यामधर यादव, निर्यातक।
वैश्विक परिस्थितियां कालीन उद्योग को प्रभावित कर रही है। अगर ऐसा ही रहा तो उद्योग के लिए यह बड़ी चिंता का विषय बन सकता है। - जितेन्द्र गुप्ता, निर्यातक।
यह फेयर काफी उम्मीदों वाला था, लेकिन अब स्थगित कर दिया गया है तो ठीक ही है, क्योंकि वहां जाने से भी कोई फायदा नहीं होता। - जाकिर बाबू अंसारी, निर्यातक।
पहले अमेरिकी टैरिफ और अब ईरान-इस्ररायल युद्ध उद्योग के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। इसका स्थायी समाधान तलाशा जाए। नहीं तो निर्यातकों को बड़ा नुकसान होगा। - दर्पण बरनवाल, निर्यातक।
बीते चार कालीन मेले का कारोबार
49वां मेला 300 करोड़
48वां मेला 450 करोड़
47वां मेला 550 करोड़
46वां मेला 600 करोड़

युद्ध जैसे हालातों को देखते हुए यह निर्णय बहुत जरूरी थी। ईरान-इस्ररायल युद्ध अगर इसी तरह लंबा खिंचता रहा तो निश्चित तौर पर कालीन उद्योग पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। सीईपीसी की बैठक के बाद सर्वसम्मिति से वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए निर्यातकों के हितों में यह निर्णय लिया गया है। इससे करीब 300 से 400 करोड़ का कारोबार जनरेट होने की उम्मीद है। - असलम महबूब, वाइस चेयरमैन, सीईपीसी।
धामी मंत्रिमंडल का विस्तार, 5 विधायकों को कैबिनेट में मिली जगह
देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है। इस विस्तार में कई विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है।
भीमताल से विधायक राम सिंह कैडा को मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है। वहीं, राजपुर से विधायक खजन दास को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा हरिद्वार से विधायक मदन कौशिक और रुड़की से विधायक प्रदीप बत्रा को भी कैबिनेट में शामिल किया गया है। रुद्रप्रयाग से विधायक भरत चौधरी को भी मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई है।
मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और इसे आगामी योजनाओं एवं विकास कार्यों को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी, पंश्चिम बंगाल से आया फोन

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केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को शुक्रवार को एक अनजान नंबर से जान से मारने की धमकी भरा फोन आया। यह धमकी उनके निजी सहायक विश्वेंद्र शाह को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से दी गई। उन्होंने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। धमकी देने वाले की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के इस्माइल के तौर पर हुई है।

आरोपी के पास कहां से आई मंत्री के सरकारी दौरे की योजना?

शिकायत दिल्ली के तुगलक सड़क थाने में दर्ज कराई गई है। नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं। धमकी के पीछे के मकसद का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी के पास मंत्री के सरकारी दौरे की योजना की कॉपी भी मौजूद थी।

व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा

पुलिस एफआईआर से मिली जानकारी के मुताबिक, 18 मार्च को सुबह करीब 11 बजे मंत्री के मोबाइल नंबर पर कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी। उसने पूछा कि क्या फोन पर भेजे गए कागजात देखे हैं। व्हाट्सएप पर मंत्री का 'सरकारी टूर प्रोग्राम' भेजा गया था, जिस पर स्पष्ट रूप से 'इनको गोली मार दो' लिखा था। इसके अतिरिक्त, व्हाट्सएप पर लोकेशन और वॉयस मैसेज भी भेजे गए जिनमें लगातार जान से मारने की धमकियां थीं। जब दोबारा उस नंबर पर फोन किया गया तो धमकी देने वाले ने बताया कि टूर प्रोग्राम उसे 'ऊपर से' भेजा गया था।

टूर प्लान लीक होने के बाद बढ़ी चिंता

पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले केंद्रीय राज्यमंत्री पश्चिम बंगाल के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और वहां से लौटकर दिल्ली आए। इसके बाद उनका आगरा में भी एक सार्वजनिक कार्यक्रम तय था। यह पूरा टूर प्लान केवल सीमित लोगों तक ही था, लेकिन बाद में यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

जयंत चौधरी कौन हैं?

जयंत चौधरी एक जाने-माने राजनेता हैं, जो अभी केंद्र सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर काम कर रहे हैं। वह राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। RLD एक क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है, जिसका पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूत जनाधार है।

अयोध्या से दिव्य संदेश: श्रीराम यंत्र स्थापना से जागृत हुई सनातन चेतना
ऋषिकेश, अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (विक्रम संवत 2083) के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसने सनातन संस्कृति की ऊर्जा को नई दिशा दी। इस शुभ अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने कर-कमलों से मंदिर के द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना की।
इस दिव्य आयोजन में आनंदीबेन पटेल, योगी आदित्यनाथ, चंपत राय सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही अम्मा (माता अमृतानंदमयी), स्वामी चिदानन्द सरस्वती, महंत रविन्द्र पुरी समेत कई संतों और धर्माचार्यों ने इस आयोजन को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की।
कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और आरती से हुई। नवसंवत्सर और चैत्र नवरात्रि के शुभ संगम पर स्थापित श्रीराम यंत्र को धर्म, ऊर्जा और सकारात्मक चेतना का प्रतीक बताया गया। यह यंत्र न केवल आध्यात्मिक जागृति का माध्यम है, बल्कि समाज में साहस, धैर्य और संतुलन जैसे मूल्यों को स्थापित करने का संदेश भी देता है।
इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि भारतीय परंपरा में समय केवल गणना नहीं, बल्कि जीवन की दिशा निर्धारित करने वाला तत्व है। नवसंवत्सर का यह आरंभ आत्मोन्नति, सेवा और धर्मपालन का संदेश लेकर आता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम यंत्र की स्थापना सनातन संस्कृति के दिव्य स्पंदन को समाज में प्रसारित करने का माध्यम बनेगी।
यह आयोजन भारतीय संस्कृति, आस्था और राष्ट्रभक्ति का एक अद्भुत संगम बनकर सामने आया, जिसने यह स्पष्ट किया कि सनातन परंपरा आज भी समाज को नई ऊर्जा और दिशा देने में सक्षम है।
हर्षोल्लास के साथ मनाया हिंदू नववर्ष 2083, हवन का हुआ आयोजन

बहसूमा। कस्बा रामराज में हिंदू सनातन धर्म के नववर्ष 2083 का शुभारंभ चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि पर श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक गरिमा के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंगल आरती परिवार आध्यात्मिक सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं हिंदू समाज के लोगों ने विभिन्न धार्मिक आयोजनों के माध्यम से नववर्ष का स्वागत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ शिव चौक स्थित श्री शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ द्वारा किया गया। हवन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने देश, समाज और विश्व कल्याण की कामना करते हुए आहुतियां अर्पित कीं। हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। यज्ञ का संचालन पंडित गौरव भारद्वाज ने विधिवत वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया।

हवन के पश्चात सेवा ट्रस्ट के सदस्यों ने बारी-बारी से यज्ञ में आहुति देकर अपनी आस्था व्यक्त की और सनातन परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया। इसके उपरांत भगवान की भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और लोगों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर हिंदू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

इस दौरान समाज में सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता और आस्था बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में विधि चंद शर्मा हरेंद्र सिंह भारद्वाज, सुदर्शन गोयल, लक्ष्मीकांत रस्तोगी, नितिन गर्ग, विश्व प्रजापति, राजा बालेंद्र प्रजापति, गौरव चौहान, श्री जैन, अजय तोमर, विजय तोमर, विशाल राठी, राजू वर्मा, राजकुमार चौहान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त गौ सेवा टीम रामराज, शक्ति सेवा टीम, श्री राम मंडली तथा क्षेत्र की मातृशक्ति का भी विशेष सहयोग रहा।
तमंचे के दम पर दबंगई पड़ी भारी: माल पुलिस ने आरोपी को हथियार समेत किया गिरफ्तार

लखनऊ। राजधानी के थाना माल क्षेत्र में अवैध हथियार के बल पर धमकी और विवाद करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 मार्च 2026 को कस्बा माल निवासी उदयवीर सिंह ने थाना माल में शिकायत दर्ज कराई कि वह अपने निजी मकान का निर्माण करा रहे थे, तभी धर्मेन्द्र सिंह नामक व्यक्ति वहां पहुंचा और अवैध तमंचा दिखाकर गाली-गलौज व झगड़ा करने लगा।
शिकायत के आधार पर थाना माल पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। उपनिरीक्षक रवि कुमार कटियार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपी धर्मेन्द्र सिंह को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से .315 बोर का अवैध देशी तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में अवैध हथियार रखने वालों और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि लखनऊ पुलिस अपराध और दबंगई के खिलाफ पूरी तरह सख्त है।
खामनेई की शहादत पर शिया समुदाय में शोक, मौलाना जावेद हैदर जैदी ने दी सादगी से ईद मनाने की अपील
लखनऊ । ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई की शहादत की खबर से दुनियाभर के शिया समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। इस दुखद घटना के बाद धार्मिक विद्वानों और उलेमाओं द्वारा समुदाय को संयम और धैर्य बनाए रखने की अपील की जा रही है।
इसी क्रम में प्रख्यात शिया धर्मगुरु जावेद हैदर जैदी ने एक अहम संदेश जारी करते हुए कहा कि खामनेई की शहादत निश्चित रूप से अपूरणीय क्षति है, लेकिन ऐसे समय में धार्मिक कर्तव्यों को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईद-उल-फ़ितर अल्लाह की बंदगी का दिन है और इसे सादगी, इबादत और ग़म के एहसास के साथ मनाना चाहिए।
मौलाना जैदी ने अपने संदेश में इस्लामी इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि 21 रमज़ान 40 हिजरी के बाद भी इमाम हसन (अलैहिस्सलाम) ने उसी वर्ष ईद की नमाज़ अदा की थी। उन्होंने कहा कि ईद केवल खुशी का पर्व नहीं, बल्कि आत्ममंथन, गुनाहों से दूर रहने और अल्लाह के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी है।
उन्होंने आगे कहा,
“हर वह दिन ईद है जिसमें इंसान गुनाह से दूर रहे। असल ईद वही है, जिसमें इंसान अपने कर्मों का आकलन करे और अल्लाह की राह पर चले।”
मौलाना ने ईद के बाद ‘ज़ियारत-ए-वारिसा’ की अहमियत पर भी जोर देते हुए बताया कि इसमें अहलुलबैत (अलैहिस्सलाम) की फज़ीलतों और उनकी मसीबतों का जिक्र किया जाता है, साथ ही अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश भी निहित होता है।
अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष भी ईद-उल-फितर मनाई जानी चाहिए, लेकिन अहलुलबैत के बताए रास्ते पर चलते हुए, सादगी और इबादत के साथ, ताकि शोक और श्रद्धा दोनों का संतुलन बना रहे।
हिंदू नववर्ष पर मेजा में ऐतिहासिक शोभायात्रा, जयकारों से गूंजा क्षेत्र, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

पटपरिया महादेव मंदिर से निकली भव्य यात्रा, सुजनी चौराहा तक उमड़ा जनसैलाब, युवाओं ने संभाली कमान

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर गुरुवार को ग्राम पंचायत सुजनी क्षेत्र में भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा का आयोजन किया गया। पटपरिया महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई यह विशाल शोभायात्रा पालपट्टी होते हुए सुजनी चौराहा तक पहुंची, जहां पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यात्रा के दौरान जय श्रीराम, हर हर महादेव और भारत माता के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा की शुरुआत महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद ढोल-नगाड़ों, भगवा ध्वजों और भक्ति गीतों के साथ यात्रा आगे बढ़ी। रास्ते भर जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में सहभागिता ने कार्यक्रम को और भव्य बना दिया। इस आयोजन को सफल बनाने में क्षेत्र के युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतीक सिंह, अमित तिवारी, राज पाण्डेय, संजय पाण्डेय, संजीव पाण्डेय, रोहन सोनी, अरविंद सोनी, श्लोक चौहान, अभी सिंह, सुन्दरम पाण्डेय, वीरू सिंह सहित कई युवाओं ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था संभाली और यात्रा को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया। पूरे मार्ग में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग सराहनीय रहा। शोभायात्रा के समापन पर सभी ने हिंदू नववर्ष को हर्षोल्लास के साथ मनाते हुए समाज में एकता, संस्कृति और धर्म की रक्षा का संकल्प लिया। इस भव्य आयोजन को लेकर क्षेत्र में दिनभर उत्सव जैसा माहौल बना रहा और लोगों ने इसे वर्षों में हुई सबसे बड़ी शोभायात्राओं में से एक बताया।
बलिया:दुबहड़ ब्लॉक के सवरूबाँध कंपोजिट विद्यालय की शिक्षामित्र शाहिदा खातून का हृदयाघात से असमय निधन, शिक्षा जगत शोकाकुल
संजीव सिंह बलिया। दुबहड़ ब्लॉक के सवरूबाँध कंपोजिट विद्यालय में लंबे समय से समर्पित सेवा दे रहीं शिक्षामित्र शाहिदा खातून का आज अचानक हृदयाघात से निधन हो गया। सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक गुलाब शेख की पत्नी शाहिदा खातून का असमय चले जाना स्थानीय शिक्षा जगत और समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति है।वर्षों से प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में निष्ठा से कार्यरत शाहिदा खातून एसआईआर में बीएलओ के पद पर भी अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही थीं। उनकी मेहनत और लगन ने कई पीढ़ियों को पढ़ा-लिखाकर नई दिशा प्रदान की। आज सुबह मऊ में इलाज कराते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद वे बच न सकीं।इस दुखद घटना से परिवार, सहकर्मी और ग्रामीण क्षेत्र शोकाकुल है। शिक्षा मित्र समुदाय संगठन से राजेश साहनी, अखिलेश पांडेय, संजीव सिंह, भरत यादव, सरल यादव, दिलीप प्रसाद, पंकज सिंह, राकेश पांडेय, अमृत सिंह, लालजी वर्मा, मोहम्मद वसीम, डिम्पल सिंह, मंजूर हुसैन समेत कई स्थानीय लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने कहा कि उनका जाना शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ा आघात है। शाहिदा खातून का समर्पण हमें सिखाता है कि शिक्षा सेवा में निष्ठा ही असली धरोहर है। उनके योगदान को याद रखते हुए हम सब मिलकर शिक्षा को मजबूत बनाएं। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने लांच किया धार्मिक कैलेंडर प्रदेश के सभी मठ -मंदिरों और स्कूल- कॉलेज तक पहुंचेगा धार्मिक कैलेंडर
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पटना प्रो रणवीर नंदन पटना। हिंदू नव वर्ष के प्रथम दिन बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की ओर से धार्मिक कैलेंडर लॉन्च किया गया। इस कैलेंडर में हिंदी तिथि ग्रह नक्षत्र रितु के अलावा किस मौसम में क्या खाना उचित होगा इसकी चर्चा है। इस मौके पर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष पूर्व विधान पार्षद प्रोफेसर रणबीर नंदन ने कहा कि इस कैलेंडर के माध्यम से न्यास पर्षद सनातनियों को जीवन जीने की पद्धति की ओर ले जा रहा है। उन्होंने कहा हिंदू नव वर्ष सिर्फ मानव जाति के लिए नहीं बल्कि पृथ्वी जड़ चेतन पशु पक्षियों और पेड़ पौधों के लिए भी है। इस बसंत ऋतु में ही नव वर्ष की शुरुआत होती है और इसी समय पर में नए पट्टे लगते हैं साथ ही इसी दिन पृथ्वी का भी प्रादुर्भाव हुआ था। प्रोफेसर नंदन ने कहा की इस कैलेंडर को प्रदेश के सभी 4:30 हजार मत मंदिरों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों में उपलब्ध कराया जाएगा ।साथ ही इस कैलेंडर के माध्यम से उनकी अपील है कि इस विषय पर विश्वविद्यालय में भी शोध हो और नए-नए आयाम सामने आए। प्रो नंदन ने कहा कि धार्मिक न्यास पर्षद की वर्तमान समिति के गठन के बाद समाज को एकजुट करने के लिए कई कार्यक्रम किए गए जिसमें सनातन समागम का आयोजन हुआ जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे। इसके अलावा सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार पर कार्यक्रम आयोजित हुआ और स्वामी विवेकानंद, संत रविदास ,अटल जी के जयंती पर भी कार्यक्रम कर लोगों तक इन महापुरुषों का संदेश पहुंचाया गया। प्रो नंदन ने कहा कि उनका प्रयास है कि धार्मिक न्यास पर्षद कार्यक्रमों के साथ-साथ मठ मंदिरों का कैसे विकास हो और इन मठ मंदिरों का समाज से कैसे जुड़ाव बढ़े इसके लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए न्यास परिषद में विचार आया था कि धार्मिक कैलेंडर बनाया जाएगा जिसमें सनातन धर्म के पर्व त्यौहार को समाहित कर इसी के अनुसार काम होगा। इस मौके पर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने कहा कि सनातन धर्म में मानव ही नहीं बल्कि जीव जंतु जड़ चेतन की मंगल कामना करता है। समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद में काम हो रहा है। मौके पर बिहार राज धार्मिक न्यास पर्षद के सदस्य हेमराज राम ने कहा कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद सनातन संस्कृति को एकजुट करने के लिए काम कर रहा है। इस मौके पर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य आनंद कुमार ने कहा की धार्मिक न्यास पर्षद की ओर से मठ मंदिरों के विवाद को सुलझाने के अलावा मठ मंदिरों को सामाजिक कार्यों से भी जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में बिहार राज धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य विश्व मोहन दास ने कहा कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद की पहल पर ही अब प्रदेश के मंदिरों में सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहा है। कार्यक्रम में पटन देवी मंदिर महंत विजय गिरी ने कहा कि चैत्र नवरात्र के पहले दिन इस तरह के अद्वितीय कैलेंडर की लांचिंग हम सनातनियों के लिए सौभाग्य की बात है।