मकर संक्रांति पर संगम में आस्था की महाडुबकी.लगभग 1.03 करोड़ श्रद्धालुओ ने किया पवित्र स्नान
संजय द्विवेदी, प्रयागराज।माघ मेला 2026 के द्वितीय स्थान पर्व मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।धर्म आस्था और परम्परा के इस महापर्व पर लगभग 1 करोड़ 3 लाख श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।कल एकादशी के अवसर पर लगभग 85 लाख लोगो ने आस्था की डुबकी लगाई थी।शास्त्रो में मकर संक्रांति स्नान का विशेष महत्व बताया गया है।मान्यता है कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम में स्नान करने से समस्त पापो का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
माघ मेला के दौरान मकर संक्रांति का स्नान विशेष फलदायी माना जाता है इसी आस्था के कारण देश-विदेश से लाखो श्रद्धालु प्रयागराज आते हैं।श्रद्धालुओ की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मेला क्षेत्र में व्यापक प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था की गई थी।सभी वरिष्ठ अधिकारी भ्रमणशील रहते हुए पूरे मेला क्षेत्र की सतत निगरानी करते रहे।इस दौरान अपर पुलिस महानिदेशक ज्योति नारायण पुलिस महानिरीक्षक अजय मिश्र मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल पुलिस कमिश्नर प्रयागराज जोगेन्द्र कुमार अपर पुलिस आयुक्त डॉ.अजयपाल शर्मा जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा मेलाधिकारी ऋषिराज तथा मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पाण्डेय द्वारा समय- समय पर आवश्यक दिशा- निर्देश दिए गए जिससे स्नान पर्व शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न हो सका।
श्रद्धालुओ की सुगम आवाजाही के लिए उपलब्ध कराई गई रैपिडो बाइक सेवा का भी व्यापक उपयोग हुआ।आज लगभग 11,500 से अधिक श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ लिया, जबकि अब तक कुल 1,38,500 से अधिक लोगों को रैपिडो बाइक सेवा के माध्यम से उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचने में मदद की जा चुकी है।मकर संक्रांति के पावन अवसर पर प्रशासन की ओर से सामाजिक समरसता और सेवा भाव का भी परिचय दिया गया। सभी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा श्रद्धालुओं को पारंपरिक खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और प्रसन्नता देखने को मिली।












फर्रुखाबाद। गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में हो रही नौ दिवसीय श्री रामकथा के अष्टम दिवस की कथा में आचार्य मनोज अवस्थी जी महाराज ने सीता हरण का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि रामायण में माता सीता का हरण केवल एक अपहरण की घटना नहीं थी, बल्कि इसी प्रसंग से धर्म और अधर्म के बीच होने वाले महासंग्राम की नींव पड़ी। आमतौर पर माना जाता है कि रावण ने यह कृत्य अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए किया था लेकिन वास्तविकता इससे कहीं अधिक गूढ़ और रहस्यमयी है। रावण केवल एक शक्तिशाली राजा ही नहीं, बल्कि महान विद्वान और भविष्य को भांपने वाला तपस्वी भी था। उसके निर्णयों के पीछे क्रोध के साथ-साथ मोक्ष की लालसा और अहंकार की छाया भी मौजूद थी। कथाओं के अनुसार, रावण ने कठोर तप कर भगवान शिव को प्रसन्न किया और उनसे वरदान में देवी पार्वती को मांग लिया। उसके मन में यह भाव था कि जब वह जगत पिता शिव का प्रिय बन सकता है, तो जगत माता की सेवा कर वह उनका भी कृपापात्र बन जाएगा। रावण का उद्देश्य देवी पार्वती को लंका ले जाकर वहां प्रतिष्ठित करना था।
केरेडारी : केरेडारी प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों भयंकर शीतलहर का प्रकोप जारी है! पड़ रहे शीतलहर के मद्देनजर पचडा पंचायत के जोरदाग गांव में शीतलहर से बचाव के लिए सुक्रवार को प्रखंड प्रमुख सुनीता देवी ने जोरदाग गांव स्थित अपने आवास में कंबल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया! इस दौरान जोरदाग गांव में स्थित 200 सौ जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल बांटे गए! यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन गरीब और बेसहारा लोगों की मदद के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिन्हें सर्दी में सहारे की जरूरत है! इस मौके पर समाजसेवी प्रेम रंजन पासवान ने कहा कि गरीबों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है! उन्होंने जोर देकर कहा कि वे बिना किसी भेदभाव के सभी की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह कार्य निरंतर जारी रहेगा! इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे!
वीबी- जी राम जी, विकसित भारत रोजगार गारंटी आजीविका मिशन है ।जो मनरेगा की जगह लेने वाला एक नया सरकारी कानून है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिन के रोजगार की गारंटी देना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना ,वर्ष 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप तैयार करने का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है । गांवों में सड़क निर्माण ,जल संरक्षण ,ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास और आजीविका से संबंधित संसाधनों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे रोजगार सृजन के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और अस्थाई विकास को बढ़ावा मिलेगी ।विधेयक में मजदूरी भुगतान को साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर अनिवार्य किया गया है। भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को मुआवजा देने का भी प्रावधान है । आगे इन्होंने कहा की कृषि मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्यों को 60 दिनों की विराम अवधि का विकल्प दिया गया है। ताकि श्रमिक बुवाई और कटाई के दौरान कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध रह सके। केंद्र और राज्यों के बीच 60:40 अनुपात की साझेदारी होगी। जबकि पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90 :10 निर्धारित किया गया है। प्रशासनिक व्यय की सीमा को 6% से बढ़कर 9% किया गया है ।नए कानून देता है ग्रामीण परिवारों के प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिन मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी । नए कानून की प्रमुख विशेषता यह है, कि ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी, जो मनरेगा के तहत मिलने वाले 100 दिनों से, 25 दिन अधिक है ।केंद्र सरकार का दावा है ,कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा मजबूत होगी और वे राष्ट्रीय विकास में अधिक योगदान दे सकेंगे ।साथ ही इस बात पर प्रकाश डालता है कि विकसित भारत ग्राम एवं कृषि रोजगार गारंटी को बढ़ाकर स्थानीय नियोजन को शामिल करके ,श्रमिक सुरक्षा और कृषि उत्पादकता के बीच संतुलन बनाकर, योजनाओं का समन्वय करके ,अग्रिम पंक्ति की क्षमता को मजबूत करके और शासन व्यवस्था का आधुनिकरण करके ग्रामीण आजीविका को बदलने का लक्ष्य रखता है। विशेष कर किसानों के कल्याण के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के नेतृत्व में खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, डेरी ,मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता ,ऊर्जा, कुटीर ग्राम उद्योग ,लघु रोजगार आधारित विकास गतिविधियों के जरिए किसानों के कल्याण के लिए संयुक्त रूप से प्रभावी प्रयास करेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ,अस्थाई आजीविका के अवसर पैदा करना ,बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना और ग्रामीण परिवारों का सशक्त बनाना है आगे माननीय सांसद ने कहा की मनरेगा की संरचनात्मक और कार्यान्वयन संबंधी विफलताएं थी खराब गुणवत्ता, गहरा भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता ,नकली और डुप्लीकेट जॉब कार्ड ,बढ़ा चढ़ा कर मास्टर रोल तैयार करना ,श्रमिकों के अंश का भुगतान नहीं किया जाना। जबकि वीबी जी राम जी ,अधिनियम 2025, जिसका उद्देश्य सुनिश्चित और बेहतर आजीविका सुरक्षा देना ,टिकाऊ, उच्च गुणवत्ता वाली ग्रामीण संपत्तियों का सृजन करना ,तकनीकी आधारित पारदर्शिता के माध्यम से भ्रष्टाचार समाप्त करना।पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से बरही विधायक मनोज कुमार यादव, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी,पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक यादव, प्रदेश कार्य समिति सदस्य अनिल मिश्रा ,हरीश श्रीवास्तव ,जिला पदाधिकारी रेणुका साहू ,जयनारायण प्रसाद, माननीय सांसद के लोकसभा मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी ,इंद्र नारायण कुशवाहा, प्रकाश कुशवाहा, नारायण साहू वीरेंद्र कुमार वीरू राजेश यादव,नवीन मिश्रा,अशोक राणा उपस्थित थे।
16 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य योजना अंतर्गत प्रमंडलीय कार्यशाला पूर्वाह्न 11 बजे से में Hotel vioray inn में आहुत हुआ यह कार्यशाला झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक के पत्र के आलोक में राज्य मुख्यालय के प्रतिनिधि की उपस्थिति में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला में दुमका,पाकुड़,गोड्डा,साहेबगंज,जामताड़ा,देवघर एवं गिरिडीह के सभी गैर सरकारी सूचीबद्ध अस्पताल के प्रबंधक एवं आयुष्मान मित्र जबकि सभी सरकारी अस्पताल के संबंधित जिले के सिविल सर्जन, उपाधीक्षक,नोडल पदाधिकारी(आयुष्मान)प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,जिला कार्यक्रम समन्वयक(आयुष्मान) को इस कार्यशाला में उपस्थित रहे।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है कि आयुष्मान लाभुकों को बेहतर और सुलभ तरीके से स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराया जा सके और सूचीबद्ध सभी सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों को आयुष्मान के नए पोर्टल HEM 2.0 पोर्टल पर पंजीकृत कराया जा सके।
अब तक राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों नए पोर्टल पर पंजीकृत कर दिया गया है जबकि सभी गैर सरकारी सूचीबद्ध अस्पतालों के पंजीकृत करने की प्रक्रिया जारी है।प्रभारी सिविल सर्जन देवघर डॉ बी के सिंह एवं उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ सुषमा वर्मा द्वारा एक पत्र प्रेषित किया गया है जिसमें जिला नोडल पदाधिकारी डॉ शरद कुमार एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक(आयुष्मान योजना) मृगेंद्र को इस कार्यशाला को सफल एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
इस कार्यशाला में प्रमंडल के विभिन्न जिलों के लगभग एक सौ साठ प्रतिनिधि शामिल हुए। झारखंड राज्य जन आरोग्य योजना के राज्य स्तरीय तीन पदाधिकारी अनुपमा सिंह,स्वेता एवं विश्वजीतस्तरीय पदाधिकारी 15 जनवरी के देर शाम तक देवघर पहुंच गए थे,उनके आवासन की व्यवस्था सर्किट हाउस में कराने हेतु सिविल सर्जन देवघर के माध्यम से जिला प्रशासन को पत्र प्रेषित किया जा चुका था।
आज सुबह सबसे पहले राज्य से आए प्रतिनिधि ने शिव मंदिर में दर्शन एवं पूजा किया।इस योजना के तहद पहले लाभुकों को पहले 5 लाख की राशि तक उपचार की व्यवस्था थी जबकि अब अबुआ स्वास्थ्य योजना के तहद उसको बढ़ा कर 15 लाख तक कर दिया गया है,राज्य प्रतिनिधि अनुपमा सिंह,स्वेता एवं विश्वजीत द्वारा विस्तृत रूप से पूरी योजना के संबंध में जानकारी दी गई।
नए अस्पताल को सूचीबद्ध करने के लिए जो नए नियम है उसकी भी जानकारी दी गई।राज्य से आए हुए प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि इस योजना को धरातल पर सुगम एवं सुचारू बनाने हेतु जिला के जिला कार्यक्रम समन्वय और जिला निढाल पदाधिकारी प्राधिकृत है।इस मौके पर साहेबगंज के सिविल सर्जन डॉ रामदेव पासवान,दुमका सिविल सर्जन डॉ एस के मिश्रा,जामताड़ा सिविल सर्जन डॉ आनंद मोहन सोरेन,सहित अन्य जिलों के उपाधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद थे।
उपरोक्त कार्यक्रम की जानकारी आयुष्मान योजना के जिला नोडल पदाधिकारी सह वरीय दन्त चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शरद कुमार द्वारा दी गई।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया गया जबकि सभी सिविल सर्जन एवं राज्य प्रतिनिधि को बुके दे कर स्वागत किया गया।
हजारीबाग: दिनांक 16 जनवरी 2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना अंतर्गत ग्राम सिलोदर में वन विभाग एवं चौपारण पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान लगभग 40 एकड़ में अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती को चिन्हित करते हुए मौके पर ही पूरी फसल को विनष्ट कर दिया गया।
Jan 16 2026, 20:28
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