चार पीढ़ियों की परम्परा, महका रही आधा शहर
- 1935 से शुरू किया था इत्र कारोबार, अब 4 काउंटर्स से खिदमत
खान आशु
भोपाल। रमजान के पाक महीने में नमाज, तरावीह और रोजे के दौरान ताजगी व पवित्रता के लिए इत्र (अत्तर) की मांग बहुत बढ़ जाती है। सुन्नत होने के कारण लोग अल्कोहल-मुक्त इत्र पसंद किया जाता है, जिसमें ऊद, खस, गुलाब और कस्तूरी सबसे ज्यादा बिकते हैं। बाजार में ₹40 से लेकर हजारों रुपये तोला तक के इत्र उपलब्ध हैं। राजधानी भोपाल में वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह से शुरू हुआ इत्र कारोबार अब चौथी पीढ़ी तक जारी है। कारोबार को खिदमत मानते हुए इस परिवार द्वारा 4 काउंटर्स से खुशबू फैलाई जा रही है।
कई ब्रांड के परफ्यूम भले ही मार्केट में आ गए हों, लेकिन परंपरागत इत्र की महक के आगे यह फीके दिखाई देते हैं। रमजान के पवित्र माह में भोपाल सहित प्रदेशभर में इत्र की बिक्री में जमकर बढ़ोत्तरी होती है। इस बार भोपाल में एक माह में खुशबू के इस कारोबार का आंकड़ा 10 करोड़ से ज्यादा का होगा। हालांकि इस कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस बार पिछले सालों की अपेक्षा खुशबू का कारोबार थोड़ा फीका है। भोपाल में इत्र 50 रुपए में भी मिल जाता है और बेहतर प्रीमियम क्वालिटी का इत्र 20 हजार रुपए तोला तक होता है।
- सुबह 4 बजे तक खुल रहीं दुकानें
रमजान माह में इत्र की बिक्री ज्यादा ही बढ़ जाती है। रमजान में इत्र खरीदकर एक दूसरे को गिफ्ट में भी देते हैं। रमजान माह के चलते भोपाल के पुराने शहर के मार्केट का कुछ हिस्सा रात में भी गुलजार रहता है।
इब्राहिमपुरा में नवाबी दौर से इत्र का कारोबार कर रहे हाजी इनायत उल्लाह के बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया। उनके बाद यह व्यवस्था उनके बेटे रफीक अहमद राजा के हाथ है। वे बताते हैं कि रात 4 बजे दुकान बंद करके गया था। इस एक माह में दिन से ज्यादा कारोबार रात में होता है। इत्र से जुड़े कारोबारी इस एक माह में इत्र का थोक और फुटकर कारोबार 10 करोड़ से ज्यादा का होने की उम्मीद जता रहे हैं।
इत्र बिक्री में बढ़ोत्तरी शब-ए-बारात से बढ़ जाती है। रमजान में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है।
- 50 रुपए से 20 हजार तोला तक कीमत का इत्र
इत्र से जुड़े परिवार के मोहम्मद अहमद बताते हैं कि भोपाल में इत्र की बड़ी रेंज मौजूद हैं। हर वर्ग के लिए खुशबू का बाजार सजा है। यहां 50 रुपए का इत्र मौजूद है तो प्रीमियम रेंज 20 हजार रुपए तोला से शुरू होती है। सबसे महंगा इत्र ऊद होता है। इसकी कीमत 20 हजार रुपए तोला तक होती है। हालांकि इसकी पहचान की जाना बहुत जरूरी होता है। पूरी दुनिया में सबसे अच्छा यह इत्र असम में पाया जाता है। खस का इत्र भी बहुत महंगा होता है।
इत्र कारोबारी फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद कहते हैं कि ओरिजनल इत्र महंगा होता है। भोपाल में आमतौर पर कन्नौज से इत्र आता है। इसके अलावा मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, असम के अलावा दुबई और ओमान से भी इत्र बुलाए जाते हैं।
- ऐसे बढ़ा कुनबा
वर्ष 1935 में हाजी इनायत उल्लाह ने शहर के जुमेराती इलाके में इत्र और तेल का कारोबार शुरू किया था। उनके कारोबार के विस्तार का यह आलम था कि उनके यहां बड़े कंटेनर्स से तेल और इत्र आया करता था। उनके बाद उनके बेटे हाजी युनुस अहमद ने इस कारोबार को आगे बढ़ाया और इब्राहिमपुरा को अपना ठिकाना बनाया। उनके दुनिया से रुखसत होने के बाद भी उनके हाथों से बेचे गए इत्र और अखलाक की ख़ुशबू आज भी ताजा महसूस होती है। आगे चलकर इस कारोबार को मोहम्मद अहमद और रफीक अहमद ने आगे बढ़ाया। जहां मोहम्मद अहमद लक्ष्मी टॉकीज पर कारोबार कर रहे हैं, रफीक अहमद राजा ने इब्राहिमपुरा की इत्र दुकान को बड़े शोरूम का रूप दे दिया है। इधर परिवार की चौथी पीढ़ी के फैजान अहमद, नौमान अहमद, अमीन अहमद और जुनैद अहमद भी अलग जगहों पर खुशबू के कारोबार को पंख लगा रहे हैं।









प्रयागराज में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू, 16 अप्रैल तक रहेगा प्रभावी



बलरामपुर 10 मार्च मौलाना अब्दुल्लाह सलीम द्वारा मुख्यमंत्री व गोरक्ष पीठाधीश्वर की माता के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर विश्व हिंदू महासंघ ने तुलसीपुर के हनुमानगढ़ी मंदिर तिराहे से आक्रोश रैली निकाली जो नगर के नई बाजार चौक होते हुए बलरामपुर कलश चौराहे पर पहुंची रैली में विभिन्न प्रकार के नारे लगाए गए सैकड़ो कार्यकर्ताओं द्वारा हाथ में भागवा झंडा लेकर मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए कलश चौराहा बलरामपुर चौराहा आक्रोश रैली निकालकर चौराहे पर सलीम का पुतला फूंका गया तत्पश्चात एसडीम तुलसीपुर को केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन दिया गया जिसमें सलीम को तुरंत गिरफ्तार कर कार्यवाही की मांग की गई जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने कहा कि यदि तत्काल गिरफ्तारी नहीं की जाती है तो विश्व हिंदू महासंघ बृहद रूप से विरोध करेगा। कार्यक्रम जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह के नेतृत्व में रैली निकाली गई उसमें रामकिशन चौधरी सुग्रीव कश्यप विजय प्रताप सोनी नंबाबू चौरसिया राधेश्याम कौशल कालीदीन जय सिंह विक्की गुप्ता अनूप यादव प्रेमनाथ मिश्रा नरेंद्र देव वर्मा वेद प्रकाश टेक घर जायसवाल रवि प्रताप वेद प्रकाश सहित सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मेरठ। बहसूमा। कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने के उद्देश्य से थाना बहसूमा पुलिस ने रविवार को सघन गश्त अभियान चलाया। थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कस्बे के प्रमुख मार्गों, बाजारों और मोहल्लों में पैदल तथा वाहन से गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
फर्रुखाबाद l विश्व महिला दिवस के अवसर पर डॉ बी आर अंबेडकर जयंती समारोह समिति द्वारा एक गेस्ट हाउस में आम सभा आयोजित की गई जिसमें महिलाओं की संख्या लगभग एक सैकड़ा थी।

आजमगढ़। टेट अनिवार्यता खत्म करने को लेकर शिक्षक लामबंद है।अब वे आर पार की लड़ाई का मन बना लिया है। और संघर्ष की तैयारी में जुट गये है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डाक्टर दिनेश चंद्र शर्मा ने 4 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कूंच करने का एलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान के बाद शिक्षक धरना प्रदर्शन को सफल बनाने की कवायद तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अभिमन्यु यादव ने जनपद के सभी ब्लॉकों के अध्यक्ष मंत्री एवं संघर्ष समिति के अध्यक्ष मंत्री व उनके कार्य समिति के सदस्यों शिक्षक शिक्षिकाओं से आह्वान किया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ऐतिहासिक निर्णय ले लिया है कि 4 अप्रैल 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में पहुंचकर भारत सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे । उन्होंने कहा कि वे कमर कस कर तैयार हो जाएं। कहा कि प्रदेश में जनपद का प्रतिनिधित्व प्रदेश में सबसे अधिक होना चाहिए । श्री यादव ने कहा कि शिक्षक भर्ती के समय सारी आहर्ता पूरा किया है। अब टेट की अनिवार्यता थोपा जाना कहीं से भी न्याय संगत नहीं है। 4 अप्रैल को दिल्ली पहुंचकर अपनी बात सरकार के समक्ष रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि टेट अनिवार्यता खत्म होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
7 hours ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.7k