झारखंड की राजनीति में उबाल: राष्ट्रपति के बंगाल दौरे और नीतीश कुमार के फैसलों पर सरयू राय और बाबूलाल मरांडी का कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर चल रहा सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मित्र माने जाने वाले सरयू राय की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही है.
बजट सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरयू राय ने एक बार फिर इस फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुझे व्यक्तिगत रुप से राज्यसभा जाने का उनका फैसला अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि बहुत लोग सराह रहे हैं लेकिन मैंने पहले दिन से कहा है कि मुझे अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि उचित समय पर उचित निर्णय होता तो अच्छा रहता. जिस तरह से अफरातफरी में निर्णय लिया गया उससे परहेज किया जा सकता था. नीतीश कुमार पर दबाव होने के सवाल पर सरयू राय ने कहा कि इस निर्णय के पीछे कोई ना कोई कारण रहा होगा, अभी तो इस कारण का अनुमान ही लगाया जा सकता है.
निशांत कुमार का इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैंः सरयू राय
निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में एंट्री पर सरयू राय ने कहा कि उनका इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैं, आगे वो अपने कर्तव्य से अपनी प्रासंगिकता साबित करेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की इसमें कितनी भूमिका है वह समझना होगा क्योंकि नीतीश कुमार को अपने पुत्र को राजनीति में लाना होता तो पहले ही लाकर स्थापित कर सकते थे.
सरयू राय ने नीतीश कुमार को परिवारवाद करने वालों की श्रेणी में नहीं लाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे परिवारवाद करने वाले का चेहरा ढक जाएगा. उन्होंने कहा कि जदयू आंचलिक पार्टी है जिसके विस्तार की सोच बिहार तक ही सीमित है. जदयू आंचलिक दल है जिसकी सोच कहीं ना कहीं उनके नेता की सोच पर निर्भर करता है. ऐसे में नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं यह रणनीति कितनी स्वस्थ रणनीति के तहत होती है यह जदयू का भविष्य तय करेगा.
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने को नेता प्रतिपक्ष ने राष्ट्रपति पद की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों का अपमान करार दिया है. विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही में भाग लेने आये पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है. राष्ट्रपति महोदया के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी उसे पूरे देश ने महसूस किया है.
कार्यक्रम में शुरू से बाधा डालने की कोशिश- बाबूलाल मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मैंने इंटरनेशनल संथाल काउंसिल के पदाधिकारी से बातचीत कर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कार्यक्रम के आयोजन स्थल को तीन बार बदला गया. इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दिन अचानक पास की अनिवार्यता लागू कर दी गई, जबकि पहले से ऐसी कोई व्यवस्था प्रस्तावित नहीं थी. इससे स्पष्ट होता है कि कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश की गई.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुसार जब भी राष्ट्रपति किसी कार्यक्रम में पहुंचती हैं तो मुख्यमंत्री या उनका अधिकृत प्रतिनिधि उनकी अगवानी के लिए मौजूद रहता है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि पश्चिम बंगाल में न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री वहां पहुंचे. यहां तक कि जिला प्रशासन की ओर से डीएम तक की उपस्थिति नहीं रही. यह केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, यह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी अनादर है. ममता बनर्जी सरकार द्वारा किया गया यह व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और किसी भी दृष्टि से क्षम्य नहीं माना जा सकता है.
गिरिडीह के डीसी कान पकड़कर उठक बैठक करें, मांगें माफी- बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने महिला दिवस पर गिरिडीह में अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठी जल सहियाओं के साथ वहां के डीसी के व्यवहार को आपत्तिजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से डीसी पर कार्रवाई करने की मांग की है. गिरिडीह, चतरा एवं अन्य जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों के वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में नौकरशाह बेलगाम हो गया हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह डीसी से सरेआम उन महिलाओं से माफी मंगवाए और कान पकड़ कर उठक बैठक करवाएं. जिससे ऐसे अधिकारी को सबक मिले कि महिलाओं से कैसा व्यवहार उन्हें करना चाहिए.





सुलतानपुर।मुख्यमंत्री Yogi Adityanath* पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जनपद में सनातन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस मामले को लेकर *राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी* के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और संबंधित कथित शंकराचार्य के खिलाफ 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
जौनपुर। बिजली विभाग के मछलीशहर डिवीजन में अधिशासी अभियंता द्वारा किए गए घोटाले की जांच के लिए दो सदस्यीय एक टीम मछलीशहर कार्यालय पहुंची। जहाँ पीड़ित संविदा लाइनमैन अखिलेश कुमार ने अपने गलत तरीके से किए गए निष्कासन के मामले की सुनवाई के लिए जाँच टीम से पुरजोर मांग की। मुंगरा बादशाहपुर के धौरहरा गांव निवासी पवन कुमार पाण्डेय ने अधिशासी अभियंता मछलीशहर राजन कुमार द्वारा किए गए बिजली विभाग के राजस्व घोटाले का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री सहित विद्युत उच्चाघिकारियों को शिकायती पत्र के साथ साक्ष्य सहित शपथ पत्र देते हुए आरोप लगाया है जिसमे दस लोगों के साथ हुए इस भ्रष्टाचार को प्रमुखता से उठाया गया है। इन उपभोक्तओं का 1 लाख का बिजली बिल महज 5 हजार लेकर एक्स ई एन मछलीशहर द्वारा खत्मकर दिया गया हैं। पी.डी. करने के बाद उसी नाम से उसी परिसर में नया कनेक्शन दे दिया गया हैं।अधिशासी अभियंता की शिकायत कि जाँच के लिए अधिशासी अभियंता मीटर व लेखाकार की टीम मछलीशहर पहुँची। उधर पवन का यह भी आरोप है कि वहाँ
मेरठ/मवाना। मेरठ जिले के परीक्षितगढ़ क्षेत्र के मवी गांव में रविवार को विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान मवाना नगर इकाई के नए पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई।
हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। आज स्थानीय विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के बैनर तले सिद्धिविनायक बैंक्वेट हॉल में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका श्वेता शर्मा, फूड क्राफ्ट इंस्टिट्यूट की व्याख्याता डॉ. श्वेता लिंगवाल, मातृ मंदिर बालिका उच्च विद्यालय की पूर्व प्रधानाध्यापिका शोभना सिंह, वार्ड पार्षद सोनी केशरी, चाँदनी चौधरी, वेक्सो इंडिया के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव, संरक्षक प्रो. रामनंदन सिंह, देवघर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रवि कुमार केशरी, संत माइकल एंग्लो विद्यालय के निदेशक डॉ. जय चंद्र राज व अन्य के करकमलों से 26 बालिका एवं महिलाओं को सम्मानित किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार केशरवानी समाज द्वारा झांकी में माँ सरस्वती की भूमिका में संत फ्रांसिस स्कूल की साक्षी केशरी, सीता की भूमिका में देवसंघ नेशनल स्कूल की शगुन कुमारी केशरी, माँ लक्ष्मी की भूमिका में काजल केशरी, रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका में सनराइज द्वारिका ऐकाडमी की सोनम केशरी, निबंध लेखन में दीनबंधु उच्च विद्यालय की शिवानी झा, रॉक एंड रोल डांस ऐकाडमी की शांभवी केशरी, करों निवासी धाविका मनाली सिंह, देवघर संत फ्रांसिस स्कूल की वाणी प्रिया, एकलव्य पब्लिक स्कूल की निदेशिका रेखा कुमारी, मिथिला पेंटिंग विशेषज्ञ खुशबू सिंह, कृष्णापुरी निवासी समाजसेवी प्रियांशु प्रिया, दशरथ प्रसाद सिंह इंटरनेशनल स्कूल की प्रभारी प्राचार्या साक्षी सिंह, कास्टर्स टाउन निवासी समाजसेवी डॉ. रूपा कुमारी, अतिथिवृंद श्वेता द्वय, शोभना सिंह, दीनबंधु उच्च विद्यालय की मनीषा घोष, वार्ड सोनी केशरी, चाँदनी चौधरी एवं अन्य को मोमेंटो, डायरी, कलम देकर सम्मानित किया गया।
मौके पर श्वेता शर्मा ने कहा- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम दान से लाभ है, जो सहयोग, समानता और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है। इसका मुख्य संदेश है कि जब हम महिलाओं को समान अवसर, शिक्षा और संसाधन प्रदान करते हैं, तो उससे केवल उनका ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता का विकास होता है, जिससे सभी को लाभ मिलता है। श्वेता लिंगवाल ने कहा-दान से लाभ थीम बताती है कि महिलाओं के उत्थान में योगदान देने से वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से स्वतंत्र बनती हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आता है।
जब महिलाएं शिक्षित और सक्षम होती हैं, तो वे परिवार और देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाती हैं। शोभना सिंह ने कहा- इस वर्ष का थीम कौशल, समय और ज्ञान को साझा करने के माध्यम से, उदारता के साथ महिलाओं को आगे बढ़ाने पर जोर देती है। वार्ड पार्षद सोनी केशरी ने कहा- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का उद्देश्य महिलाओं की आवाज को मजबूत करना, समाज में फैले भेदभाव और रूढ़िवादिता को चुनौती देकर ऐसा बदलाव लाना है जिससे महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी और सम्मान मिले। रवि केशरी ने कहा- महिला दिवस की शुरुआत किसी एक दिन की घटना नहीं, बल्कि कई दशकों के संघर्ष का परिणाम है।
डॉ. प्रदीप ने कहा- 1908 में न्यूयॉर्क शहर में लगभग 15,000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और वोट देने के अधिकार के लिए विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद 1910 में क्लारा जेटकिन ने कोपेनहेगन में एक सम्मेलन के दौरान 'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस' मनाने का विचार पेश किया। जिसके बाद 1911 में पहली बार ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में इसे मनाया गया। इसके बाद 8 मार्च 1917 को रूस की महिलाओं ने रोटी और शांति की मांग को लेकर ऐतिहासिक हड़ताल की, जिससे वहां की सरकार को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देना पड़ा। इसी वजह से ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च को महिला दिवस के रूप में चुना गया। 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक तौर पर मान्यता दी और तभी से यह वैश्विक स्तर पर यह हर साल 8 मार्च को मनाया जाने लगा।

आजमगढ़। अहरौला राजकीय महिला महाविद्यालय, अहिरौला में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यस्थल पर महिलाओं का सशक्तीकरण और समावेशन के नारीवादी दृष्टिकोण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य प्रो. महेन्द्र प्रकाश की अध्यक्षता में हाइब्रिड माध्यम में संगोष्ठी आईक्यूएसी द्वारा आयोजित की गयी। जिसमें आधिकारिक विचार क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़ डा. रमेश कुमार सिंह ने दिया और कहा कि महिला आधे समाज की प्रतिनिधि हैं, उनके लिए अवसर की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। बतौर मुख्य आमंत्रित वक्ता बीएचयू के हिन्दी विभाग की प्रोफेसर उर्वशी गेहलोत, नगालैंड के दीमापुर राजकीय महाविद्यालय की डा. अमोंगला एन जमीर, मध्यप्रदेश के पीएमओसी माधव राजकीय महाविद्यालय, उज्जैन की डा. रीना, कालिदास राजकीय महिला पीजी कॉलेज, उज्जैन की अंजना बुंदेला रहीं। पैनल वक्ता उपाधि पीजी कॉलेज, पीलीभीत के प्रो. विपिन कुमार नीरज रहे। वक्ताओं ने महिला अधिकार, समानता, कार्यस्थल की समावेशी प्रकृति और सशक्तीकरण के समक्ष भारत व वैश्विक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी समन्वयक डा. जमालुद्दीन अहमद ने मुख्य वक्ता और विशिष्ट वक्ताओं के साथ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े विद्वानों और शोधार्थी छात्रों का स्वागत किया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर उर्वशी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले की कहानी हमें सशक्त प्रेरणा देती है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में संघर्ष करना आवश्यक होता है। उन्होंने प्रगतिशील चिंतक सीमोन दी बोवा का उद्धरण देते हुए कहा कि स्त्री पैदा नहीं होती, बनाई जाती है। विशिष्ट वक्ता अमोंगला ने नगालैंड की महिला समस्या, उनकी कार्यशैली और संस्कृति पर बात रखते हुए हुए बताया कि महिला सशक्तीकरण और समावेशन में नगालैंड का प्रथम स्थान है। डा. रीना ने सामाजिक संरचना में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए आर्थिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में अभी भी महिलाओं का योगदान लगभग चालीस प्रतिशत से कम है तथा पंचायत में महिलाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। जिसके लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप की जरूरत है। डा. अंजना बुंदेला ने बताया कि कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि शिक्षा की उन्नति और निर्णय की स्वतंत्रता से समावेशी संस्कृति का विकास करना ही नारी सशक्तीकरण के पहलू हैं। संगोष्ठी के शोध पत्र प्रस्तुतीकरण सत्र में शोधार्थियों और विद्वान आचार्यों ने अपने शोध पत्रों का वाचन किया, जिसमें डा. क्रांति कुमार त्रिवेदी, डा. सुधा जायसवाल, डा. जयप्रकाश नारायण यादव, डा. अनीता जायसवाल, डा. नेहा मिश्रा, डा. प्रज्ञानन्द प्रजापति, डा. अमित कुमार गोंड ने कार्यस्थल पर नारी के समस्त वर्ग के समावेशन की संस्कृति को विकसित करने पर बल दिया। आयोजन सचिव डा. राकेश कुमार यादव ने सभी प्रतिभागियों के साथ एनएसएस की छात्राओं, महाविद्यालय के कर्मचारीगण और सभी प्राध्यापकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
वलसाड। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था काव्य सृजन परिवार द्वारा रविवार 8 मार्च 2026 को वलसाड, गुजरात के रमणीय स्थल पर होली मिलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।जिसका आयोजन संस्था के संगठन मंत्री सौरभ दत्ता "जयंत" के मार्गदर्शन में हुआ।समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ शारदे का पूजन-वंदन एवं धूप-दीप पुष्प अर्पित करते हुए किया गया। साथ ही संस्था के संस्थापक शिवप्रकाश जमदग्निपुरी ने मंत्रोच्चारण करके माँ सरस्वती की वंदना व स्तुति की।कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया गया।प्रथम सत्र की अध्यक्षता हौंसिला प्रसाद सिंह अन्वेषी ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में विनोद शुक्ला कवि व टिकट निरीक्षक रेलवे मुंबई उपस्थित रहे। प्रथम सत्र का बहुत ही शानदार संचालन पंडित शिव प्रकाश जमदग्निपुरी ने होली के शब्द रुपी रंगों से किया।कार्यक्रम के दूसरे सत्र की अध्यक्षता प्रो.डॉ कृष्ण कुमार मिश्र मुंबई ने किया तथा मुख्य अतिथि के रुप में डॉक्टर प्रमोद कुमार पल्लवित मंच पर उपस्थित रहे।दूसरे सत्र का बहुत ही खूबसूरत संचालन श्रीमती लक्ष्मी यादव ने किया। उपस्थित सभी अतिथियों का सम्मान पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं सम्मान चिन्ह देकर किया गया।उक्त समारोह में मुंबई शहर के,मुंबई उपनगर के तथा ठाणे एवं पालघर सहित गुजरात के अन्य जिलों से भी लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि व पूर्व शिक्षक लाल बहादुर यादव कमल,अरुण दुबे अविकल,पूर्व बैंक अधिकारी व सुप्रसिद्ध कवि ओमप्रकाश तिवारी,कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप, जालना से पधारे शिक्षक कवि उमेश पाण्डेय, पूर्व शिक्षक व कवि डॉ शारदा प्रसाद दुबे शरदचंद्र,रामकिशन शर्मा,कैलाश नाथ गुप्ता,शिवनारायण यादव, अधिवक्ता अनिल शर्मा,आर एन शर्मा,दीपक यादव,संस्था सचिव प्राध्यापक अंजनी कुमार द्विवेदी अनमोल,डीके अग्निहोत्री उर्फ कैलाश,प्रतिष्ठित कवि व गीतकार अवधेश विश्वकर्मा नमन, विपुल मिश्रा,अनूप बिंदल,संस्था उपसचिव आनंद पाण्डेय केवल,विनोद कुमार शुक्ला,मुख्य अतिथि सोनल,इंदु भोलानाथ मिश्र,संजीत कुमार ठाकुर,मदन मोहन दास,संस्था अध्यक्ष श्रीधर मिश्र आत्मिक और मोतीलाल बजाज (प्रेषित रचना द्वारा) सहित कार्यक्रम संयोजक सौरभ दत्ता जयंत आदि ने काव्यपाठ किया। सभी कवियों ने होली पर तथा अपनी विविध रचनाओं के माध्यम से उपस्थित सभी श्रोताओं एवं कवियों को आनंदित एवं भावविभोर कर दिया।श्रोताओं में सुश्री चौहान मैडम नालासोपारा,राजीव अवस्थी, ललित कुमार,सुजया सौरभ दत्ता सहित आयोजन सहयोगियों में अविनाश सर,राहुल खुल्लर, धनंजय कुमार सिंह,विजय पटेल,जयेश पटेल,मनोज राठौड़,अमित पटेल,रवि प्रताप सिंह,चंद्रजीत मौर्य का अतुलनीय एवं सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।होली स्नेह मिलन समारोह में संस्था पदाधिकारियों ने सभी को अबीर और गुलाल लगाकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम में अनूप बिंदल ने संस्था को श्रीमद्भागवत गीता की प्रति भेंट की।सम्मान समारोह के अंतर्गत लब्ध प्रतिष्ठित कवि व शायर डॉ सागर त्रिपाठी को काव्यसृजन रत्नाकर सम्मान से सम्मानित किया गया, उनकी अनुपस्थिति में पुरस्कार डॉ कृष्णकुमार मिश्रा ने ग्रहण किया।अरुण दूबे अविकल को साहित्य रत्न सम्मान,डॉ शारदा प्रसाद दूबे शरदचन्द्र को साहित्य सेवी सम्मान भारतेंदु बाबू हरिश्चंद्र सम्मान,युवा कवि मदनमोहन दास को काव्यसृजन युवा साहित्यरत्न सम्मान, लक्ष्मी यादव "ओजस्विनी" को काव्यसृजन महिला साहित्यरत्न से सम्मानित किया गया।सभी को होली के स्नेह रूपी रंगों में रंगने के पश्चात उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं साहित्यकारों ने होली पर विविध रंग रुपी कविताओं,छंदों,गीतों और होली के कबीरा और जोगीरा से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत में सौरभ दत्ता जयंत जी ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ इस शानदार समारोह का समापन किया गया।
मेरठ। बहसूमा। भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल मैच को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। ग्राम मोहम्मदपुर साकिस्त में ग्रामीणों के मनोरंजन और मैच का आनंद दिलाने के लिए डॉ. नीरज कुमार द्वारा माता रानी के मंदिर के पास एलईडी स्क्रीन लगवाई गई, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर मैच का आनंद ले रहे हैं।
सुल्तानपुर के कूरेभार थानाक्षेत्र के मुजेश गांव में एक नहर के पास एक महिला का शव मिला है। महिला की पहचान अयोध्या के बीकापुर थाना क्षेत्र के बेनीपुर निवासी दीप प्रकाश की पत्नी राधा के रूप में हुई है। राधा की एक तीन साल की बेटी है। महिला के भाई ने अपनी बहन की दहेज के लिए हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। अयोध्या के हैदरगंज थाना क्षेत्र के बैसूपाली निवासी धर्मेंद्र कुमार ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन राधा की शादी वर्ष 2020 में अयोध्या के बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के बेनीपुर निवासी दीप प्रकाश से हुई थी। धर्मेंद्र के अनुसार, शादी में उन्होंने अपने बहनोई को एक लाख रुपये नकद और एक बाइक सहित अन्य सामान उपहार स्वरूप दिया था।
धर्मेंद्र ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद ही पति दीप प्रकाश, ससुर राम शब्द, सास, अजिया सास, देवरानी कविता, देवर जय प्रकाश, विकास और विवेक ने राधा को कम दहेज लाने का ताना देना शुरू कर दिया। वे उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। पिछले साल अक्टूबर माह में दीप प्रकाश ने व्यापार के लिए राधा पर अपने पिता से तीन लाख रुपये मांगने का दबाव बनाया। जब राधा ने अपने पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने का हवाला देते हुए और दहेज देने से इनकार किया, तो दीप प्रकाश और उसके परिवार के सदस्यों ने उसे आए दिन मारना-पीटना शुरू कर दिया। धर्मेंद्र ने बताया कि 7 मार्च 2026 को उनके बहनोई दीप प्रकाश ने फोन कर सूचना दी कि राधा घर से कहीं चली गई है। परिवार के सदस्यों ने राधा की तलाश शुरू की, लेकिन जब उसका कहीं पता नहीं चला, तो धर्मेंद्र ने बीकापुर कोतवाली थाने में राधा के गुम होने की सूचना दर्ज कराई। आज सुबह धर्मेंद्र को फोन पर सूचना मिली कि उनकी बहन का शव मुजेश स्थित नहर के किनारे लटका हुआ मिला है। धर्मेंद्र ने यह भी बताया कि उनकी बहन 2-3 माह की गर्भवती थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बहन की हत्या उक्त लोगों ने की है।
जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के हनुमान जी माता दुर्गा मंदिर फक्तूपुर के प्रांगण में चल रही पांच दिवसीय श्री राम कथा के आज चतुर्थ दिन वाराणसी की धरती से पधारी मानस कोकिला पूज्य कथा व्यास डॉ. सुधा पांडे द्वारा बड़े ही मार्मिक ढंग से श्री राम कथा सुनाई जा रही है प्रह्लाद द्वारा विष्णु भक्ति करने पर हिरण्यकशिपु ने उन्हें मारने के कई प्रयास किए, जिसमें होलिका दहन का प्रयास भी शामिल था, जिसमें होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गए।नरसिंह अवतार का वध: भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में अवतरित होकर, सांझ के समय, दहलीज पर, अपनी जांघों पर रखकर, नाखूनों से उसका वध किया।पौराणिक कथाओं के अनुसार, हिरण्यकशिपु और उसका भाई हिरण्याक्ष भगवान विष्णु के द्वारपाल 'जय' और 'विजय' थे, जो शाप के कारण राक्षस बने। वही शबरी और श्रीराम जी कथा का वर्णन करते हुए कहा कि नवधा भक्ति राम जी ने सुनाया लेकिन मैया शबरी रहती है कि है भगवान मैं बहुत बड़ी आत्मा हूं अधमा हूं वही सभी से निवेदन करते हुए यह कहा कि भगवान श्री रामचंद्र जी कहते हैं कि अगर कोई हमारी भक्ति करना नहीं जानता है भगवान ने कहा हमारे चरणों में गिर करके निश्चल भाव से स्तुति वंदना करना नहीं जानता तो शरणागत होकर केवल इतना कह दे की मैं आपकी स्तुति करना नहीं जानता हूं वही सबसे बड़ी स्तुति होगी तथा यह भी कहा भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा जिसके जीवन में भक्ति नहीं उसके जीवन में कुछ नहीं हनुमान जी की कथा सुनाते हुए कहा कि लंका दहन करते समय उन्होंने अशोक वाटिका को नहीं जलाया था, क्योंकि वहां सीताजी रहती थीं। इसी तरह उन्होंने रावण के भाई विभीषण का भवन भी नहीं जलाया, क्योंकि विभीषण के भवन के द्वार पर तुलसी का पौधा लगा था। साथ ही भगवान विष्णु के चिन्ह शंख, चक्र और गदा भी बने हुए थे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि विभीषण के घर के ऊपर राम नाम अंकित था। उसी क्षण से विभीषण, हनुमान जी के प्रिय हो गए थे। यही कारण है कि जब विभीषण श्री राम की शरण में आये और सुग्रीव ने उनके प्रति आशंका प्रकट करते हुए दंड देने का सुझाव दिया, तो हनुमानजी ने उन्हें शिष्ट मान कर शरण में लेने का अनुरोध किया था और प्रभु राम ने उसे स्वीकार कर लिया था। वही वृंदावन की धरती से पधारे कथा व्यास माधव दास जी महाराज द्वारा भक्तों को सुंदर कथा सुनाई जा रही है जिसका सभी ने बखान किया कथा मंच का कुशल संचालन आशीष द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है वहीं कथा प्रांगण में पहुंचे पत्रकार अमित पांडे का डा. सुधा पाण्डेय ने बखान कर आशीर्वाद दिया और कहा कि हर धार्मिक आयोजन में उपस्थित सराहनीय है। इस मौके पर कथा समिति के अध्यक्ष संदीप सिंह सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया इस मौके पर दिनेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह, सुनील सिंह, चंदन सिंह, राहुल सिंह, मंदिर पुजारी ओंकार नाथ मिश्रा, गिरीश चंद्र उपाध्याय, विनोद सेठ सच्चिदानंद त्रिपाठी, राजेश तिवारी सहित सैकड़ो की संख्या में कथा प्रेमी उपस्थित रहे।
31 sec ago
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