झारखंड की प्राचीन विरासत अब वैश्विक मंच पर: लंदन में 'Historic England' के साथ मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक
लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल 'झारखंड वैश्विक आउटरीच के तहत यूनाइटेड किंगडम में राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए नई संभावनाएँ तलाश रहा है। इसी कड़ी में, प्रतिनिधिमंडल ने यूके की विरासत संरक्षण संस्था 'Historic England' के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
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स्टोनहेंज और एवेबरी भ्रमण का विशेष आमंत्रण
झारखंड के मेगालिथिक (पाषाणकालीन) स्मारकों में गहरी रुचि दिखाते हुए 'Historic England' ने मुख्यमंत्री को विश्व प्रसिद्ध एवेबरी (Avebury) और स्टोनहेंज (Stonehenge) जैसे प्रागैतिहासिक स्थलों के भ्रमण के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को इन स्थलों का दौरा कर वहां की संरक्षण तकनीकों का अवलोकन करेंगे।
POCC 2025: भारत-यूके सांस्कृतिक सहयोग का लाभ
यह बैठक 'यूके भारत व्यापक सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम (POCC) 2025' के तहत आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा:
"झारखंड देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जो इस अंतरराष्ट्रीय ढांचे का उपयोग कर अपनी आदिवासी विरासत और प्राचीन मेगालिथिक परंपराओं को वैश्विक पहचान दिला रहा है। झारखंड की विशेषता यह है कि यहाँ हजारों साल पुरानी परंपराएँ आज भी समुदायों के जीवन में जीवित हैं।"
झारखंड के 'जीवाश्म' और 'मेगालिथ' की वैश्विक प्रस्तुति
बैठक में झारखंड के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को शोध-आधारित तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया गया:
पकरी बरवाडीह (हजारीबाग): सूर्य की गति के अनुसार निर्मित विशिष्ट मेगालिथिक परिसर।
मंदर जीवाश्म उद्यान (साहिबगंज): करोड़ों साल पुराने जीवाश्मों का अनूठा संग्रह।
शैलचित्र एवं मोनोलिथ: राज्य के विभिन्न हिस्सों में फैले पाषाण स्मारक।
"Sentinels of Time" कॉफी टेबल बुक का विमोचन
प्रतिनिधिमंडल ने “Sentinels of Time” शीर्षक वाली एक विशेष कॉफी टेबल बुक प्रस्तुत की। यह पुस्तक झारखंड के मेगालिथिक और जीवाश्म परिदृश्यों को वैश्विक विशेषज्ञों और पर्यटकों के सामने वैज्ञानिक और दृश्य दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत करती है।
सांस्कृतिक पर्यटन और स्थानीय आजीविका पर जोर
झारखंड सरकार का लक्ष्य विरासत संरक्षण को केवल स्मारकों तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, शैक्षणिक साझेदारी और स्थानीय आदिवासियों की आजीविका व पर्यटन से जोड़ना है।
उपस्थिति: बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना डाडेल सहित 'English Heritage Trust' और 'National Trust' के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।









मुंबई। सामाजिक संस्था जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति (रजि) के बैनर तले आगामी सोमवार 26 जनवरी 2026 को कल्याण शहर में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती मनाई जा रही है।जबकि असंवैधानिक पदाधिकारियों की निगरानी में जयंती उनके नाम का दुरुपयोग करते हुए विवादित संस्था जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति के नाम का उपयोग करते हुए किया जा रहा है जहां श्रद्धेय कर्पूरी ठाकुर जी के नाम पर व्यक्तिगत वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से आयोजन करने का प्राविधान है।महानगर के कवि एवं समाजसेवी विनय शर्मा दीप ने सभी शुभचिंतकों से निवेदन किया किया है कि श्रद्धेय भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती हर्षोल्लास के साथ शहर से लेकर देश के सभी प्रदेशों के प्रत्येक जिलों में मनाई जानी चाहिए जिससे समाज का गौरव तो बढ़ेगा साथ साथ जननायक जी की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।आप जयंती संवैधानिक संस्था के आधीन या सार्वजनिक रुप से उनकी प्रतिमा रखकर मनाएं।दीप ने बताया कि कल्याण शहर में जयंती एक विवादित संस्था जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति रजि. जो धर्मादाय आयुक्त मुंबई (चैरिटी कमिश्नर) के अधीन विचाराधीन है।जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति संस्था के नाम का उपयोग कोई नहीं कर सकता किन्तु माननीय न्यायालय धर्मादाय आयुक्त मुंबई की अवहेलना करते हुए उक्त नाम के बैनर तले जयंती मनाई जा रही है जो न्याय विरुद्ध है।आप सभी से निवेदन है कि उचित निर्णय लेकर ही आप सभी समारोह में जाने का फैसला लीजिए।आप सभी को भविष्य में कुछ भी सामाजिक आवश्यकता पड़ती है तो यह संस्था और सलंग्न असंवैधानिक पदाधिकारी सिर्फ धन उगाही के नाम पर आपका शोषण करेंगे किन्तु जब आपकी कोई समस्या होगी तो उसका समाधान,न्याय लिगल रूप से आप सभी को नही दिला पाएंगे।ऐसे व्यक्तियों व संस्था के कार्यक्रम से सावधान रहें।










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1 hour and 40 min ago
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