जन सरोकार मंच के पदाधिकारियों ने प्रशासन को पत्र लिखकर सिंगल यूज़ प्लास्टिक की रोकथाम को लेकर की मांग*
रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* कस्बा कछौना में अंधाधुंध सिंगल यूज़ प्लास्टिक की रोकथाम के लिए जन सरोकार मंच के पदाधिकारियों ने प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की। नगर पंचायत कछौना पतसेनी में प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। दुकानदार, फेरी वाले, पटरी दुकानदार, चाय, मिष्ठान दुकानदार, देसी अंग्रेजी शराब की दुकानों के नजदीक कैंटीन दुकानदार धड़ल्ले से प्लास्टिक डिस्पोजल का प्रयोग कर रहे हैं। प्लास्टिक डिस्पोजल के इकट्ठे हुए देर में आग लगा देते हैं जिसका पर्यावरण के साथ मानव जीवन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। पर्यावरण को बेहतर रखने के लिए हाईकोर्ट तक हस्तक्षेप करना पड़ता है। हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग कदापि न हो, इसके प्रयोग को रोकने के लिए निरन्तर अभियान चलाया जाए।
उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाक्षिक कूड़ा कचरा विनियमन अधिनियम 2000 एवं अधिसूचना 15 जुलाई 2018 के तहत प्लास्टिक को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। अमूमन लोग बाजार से सामान, सब्जी, किराना सामग्री खरीदने को बाजार जाते हैं। थैला न ले जाने के कारण दुकानदार प्लास्टिक की थैली में सामान देते हैं, जिसके कारण इसका प्रयोग व चलन अत्यधिक बढ़ गया है। इस प्लास्टिक में जहरीले पदार्थ मिले होते हैं जो मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं। बाजार पर प्लास्टिक की निर्भरता बढ़ती जा रही है। इनको प्रयोग के बाद लोग इन्हें सार्वजनिक स्थानों पर फेंक देते हैं। इधर-उधर पड़ी होने के कारण ये प्लास्टिक नालियों में पहुंच जाती है, ढेर लगने के कारण नालियां चोक हो जाती हैं, जिससे जल निकासी की समस्या भी उत्पन्न होती है। प्लास्टिक की वस्तुएं जमीन में सड़ती नहीं हैं। यहां तक बेजुबान पशु इन प्लास्टिकों की थैली में खाद्य सामग्री के अवशेष को खा लेने से बीमार हो जाते हैं। प्लास्टिक बनने में कई घातक रसायनों का प्रयोग होता है। इसके अंधाधुंध प्रयोग से पशु पक्षी, मानव जीवन व पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। सरकार द्वारा प्रभावी कदम न उठाए जाने के कारण मानव, पशु पक्षी अनजाने में कई बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए पर्यावरण व मानव जीवन सुरक्षित बना रहे इसके लिए मानव को अपनी आदतों में बदलाव के साथ सरकार को इस मामले में सख्त कदम उठाने की नितांत आवश्यकता है।
मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, इसी भावना को चरितार्थ करता


उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़::भारत विकास परिषद की इलीट शाखा द्वारा नगर के मुख्य चौक पर स्थित दक्षिणमुखी देवी मंदिर के बाहर भव्य सेवार्थ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जेठ मास के सातवें बड़े मंगल पर महिला सदस्य पूजा अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत भीषण गर्मी और धूप में आने-जाने वाले सैकड़ों राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए प्रसाद स्वरूप खिचड़ी और ठंडे शर्बत का वितरण किया गया।

इस सेवा कार्य के संबंध में जानकारी देते हुए प्रमुख सदस्य पूजा अग्रवाल ने बताया कि संगठन द्वारा सामाजिक और धार्मिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए समय-समय पर ऐसे सेवा कार्य किए जाते हैं। हर बार की तरह इस बार भी इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भूखे-प्यासे राहगीरों को राहत पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि ऐसे पुनीत कार्यों के माध्यम से न केवल लोगों की सेवा होती है, बल्कि एक बड़ा धर्मकाज भी संपन्न होता है, जिससे मन को असीम संतुष्टि मिलती है।

आयोजन के दौरान योगिता, पूजा, लतिका, श्रुति, महिला सहभागिता मनीला अग्रवाल सहित ओम अग्रवाल, रमेश अग्रवाल और गौरव मित्तल ने अपनी सेवाएं दीं।

कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में इलीट शाखा के सचिव पंकज अग्रवाल और अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति और विशेष योगदान रहा। राहगीरों ने भी परिषद के इस सेवा भाव की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
राष्ट्र जागरण, सामाजिक समरसता और चुनौतियों के दृढ़ मुकाबले से ही भारत का उत्थान संभव: विश्व हिंदू परिषद


उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। पिछले १० दिनों से भदुली स्थित साईं इंटरनेशनल स्कूल में प्रशिक्षण शिविर लगाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न सत्रों में केंद्रीय और क्षेत्रीय अधिकारियों ने अपने विचार रखे। विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस १० दिवसीय प्रांतीय 'शिक्षा वर्ग' में राष्ट्र रक्षा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक इतिहास पर गहन मंथन हुआ।

कार्यक्रम में विहिप के केंद्रीय सह मंत्री मनोज, क्षेत्र सत्संग प्रमुख दिवाकर, विधि प्रकोष्ठ के क्षेत्र संयोजक बृजेन्द्र सिंह और क्षेत्र धर्म प्रसार प्रमुख (लखनऊ क्षेत्र) प्रदीप ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि हिंदू संस्कृति अनादि और पूर्णतः वैज्ञानिक है, जो 'कण-कण में भगवान' के भाव पर आधारित है। हमारे सभी व्रत-त्यौहार पर्यावरण के अनुकूल हैं। विधिक सत्र में कार्यकर्ताओं को गोरक्षा और अवैध धर्मान्तरण विरोधी कानूनों की बारीकियों से अवगत कराते हुए 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद' व 'व्यवसाय जिहाद' के खिलाफ सजग रहने और पीड़ित बहनों की सुरक्षा हेतु दुर्गावाहिनी और बजरंग दल को सक्रिय करने का आह्वान किया गया।

विशेष बौद्धिक सत्र में प्रदीप ने बताया कि हिंदुओं के धर्मान्तरण को रोकने और समाज को सशक्त करने हेतु श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सन् १९६४ को मुंबई के पवई में विहिप की स्थापना हुई। १९६६ के प्रयाग कुंभ में प्रथम हिंदू सम्मेलन के मंच पर चारों शंकराचार्यों ने 'हिन्दवः सोदराः सर्वे' का अमर उद्घोष किया। वर्तमान में परिषद के माध्यम से ५७ हजार सेवा केंद्र संचालित हैं। प्रदीप ने साम्यवाद, अलगाववाद और आतंकवाद जैसी चुनौतियों पर सचेत करते हुए बताया कि ईसाई मिशनरियों द्वारा बड़े बजट के साथ धर्मान्तरण का खेल खेला जा रहा है, वहीं कश्मीर में आतंकवाद और देश में नक्सलवाद के जरिए युवाओं को भटकाया गया।

समाज को एकजुट होकर इन देशविरोधी ताकतों का पूर्ण बहिष्कार करना होगा। सत्र अंत में वक्ताओं ने जोर दिया कि जब तक सभी हिंदू जातियां 'संगत से पंगत तक' एक साथ नहीं बैठेंगी, तब तक वास्तविक समरसता नहीं आएगी। इस वर्ग का मुख्य उद्देश्य जातिगत भेदभाव मिटाकर राष्ट्र रक्षा के लिए युवाओं को प्रेरित करना है। वर्ग के समापन सत्र में मुख्य रूप से प्रांत अध्यक्ष सह संरक्षक नागेंद्र ने आह्वान किया कि "अनुशासन ही वह नींव है जिस पर एक कुशल चरित्र और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण होता है। आप अनुशासन और कर्तव्य का पालन करते हुए आगे बढ़ें।" इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को यह निर्देश दिया गया कि वे स्वच्छ मन से समाज के बीच जाकर कार्य करें और भारत को पुनः हिंदू राष्ट्र बनाने में अपना संपूर्ण सहयोग प्रदान करें।

इस समापन अवसर पर क्षेत्र संयोजक बजरंग दल माननीय पूर्णेन्दु, प्रांत संगठन मंत्री दीपेश, संयुक्त विभाग संगठन मंत्री दिव्यांशु, प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख श्री राम कृष्ण मिश्रा, विभाग मंत्री गोपाल, विभाग सहमंत्री विनोद व मनोज शाही, विभाग संयोजक दिनेश, जिला कार्याध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह, जिला उपाध्यक्षा सोमिता श्रीवास्तव, विभाग सहमंत्री विनोद सोनकर व मनोज शाही, जिला मंत्री अभिषेक सिंह “उधम”, जिला सहमंत्री डॉ राहुल राय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी एवं मातृशक्ति के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की भी उपस्थिति रही।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह व नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को लगाए जाने की उठाई मांग दिया ज्ञापन
रितेश मिश्रा

हरदोई । शहर के सभी चौराहों पर महापुरुषों, क्रांतिकारीयो की प्रतिमाओं को लेकर काफी समय से राजनीति माहौल गरम चल रहा है।जिसमें हरदोई के नेताओं द्वारा प्रस्तावित मूर्ति ना लगाकर अन्यत्र मूर्तियों का अनावरण किया जा रहा है।और कही ना कही महा पुरुषों का अपमान किया जा रहा हैं।जिसको लेकर आज युवा करणी सेना संगठन के द्वारा संबोधित ज्ञापन महामहिम राज्यपाल को नगर मजिस्ट्रेट के द्वारा दिया गया जिसमें मोहित मिश्रा युवा करणी सेना ने के प्रदेश मिडिया प्रभारी उ0प्र0, व जिला अध्यक्ष मनोज सिंह की अगुआई में कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर ज्ञापन दिया गया है। जिसमें पूर्व से प्रस्तावित सिनेमा चौराहे पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह की प्रतिमा स्थापित किया जाना सुनिश्चित किया गया था लेकिन जनपद के नेताओं द्वारा अपनी मनमानी राजनीति को चमकाने के लिए भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर दिया गया और जनता जनार्दन को झूठा आश्वासन दिया गया कि प्रतिमा को डीएम चौराहा पर स्थापित किया जाएगा लेकिन वहां पर देश का गौरव सम्राट अशोक का चिन्ह पहले से ही मौजूद हैं।जिसको भी हटाया जाना सर्वथा अनुचित है।

इसी स्थिति में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह की प्रतिमा को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थापित किया जाए और सन् 2000 से सदर मालखाने में क़ैद हम सब के नेता , नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को रिलीज़ कर अस्पताल चौराहे पर पुनः स्थापित किया जाए ।काशीराम कॉलोनी में अवैध रूप से रहकर कॉलोनी कब्ज़ा कर अनैतिक व्यापार सट्टा कारोबार नसे का कारोबार और ग्रुपवाजी कर गैंग बनाकर गुंडई करने वालों और चोर उचक्कों पर कठोर कार्यवाही की जाए किराए पर दिए आवासों का एलाटमेंट निरस्त किया जाए और हम सब की मांगो को जल्द से जल्द पूरा किया जाए अगर हीलाहवाली हुई तो अन्यत्र समाजसेवी संगठनों और समाजसेवियों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन और अन्य प्रकार के प्रदर्शनों के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी इस मौके पर अधिवक्ता नीरज मिश्रा ,मुकेश अग्निहोत्री , अंकित गुप्ता,सुनील भारती, वेदराम, प्रांशु कुमार,सौरभ ,अनूप सिंह ,देवेश सिंह,आलोक द्विवेदी ,जयराम अमित सिंह सहित बहुत से पदाधिकारी मौजूद रहे।
वाराणसी में बनेगा संत रविदास संग्रहालय, केंद्र से 24.63 करोड़ रुपये मंजूर

-  बिरजू महाराज कथक संस्थान लखनऊ के विकास हेतु 40.96 करोड़ की परियोजना को भी मिली स्वीकृति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने वाराणसी में संत रविदास संग्रहालय की स्थापना के लिए 24.63 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत प्रथम चरण में 5.50 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। परियोजना को फरवरी 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह परियोजना भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की म्यूजियम ग्रांट योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है। संग्रहालय के निर्माण से संत रविदास के जीवन, दर्शन और सामाजिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ स्थित बिरजू महाराज कथक संस्थान के आधुनिकीकरण एवं विकास के लिए भी 40.96 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 8.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है।
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संस्थान के विकास कार्यों हेतु 12 करोड़ रुपये की मांग केंद्र सरकार से की थी। परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से संबंधित सभी सांस्कृतिक परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कराने के लिए आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

-  सांस्कृतिक धरोहरों को मिलेगा नया आयाम
संत रविदास संग्रहालय और बिरजू महाराज कथक संस्थान की विकास परियोजनाएं प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन परियोजनाओं से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ कला, संस्कृति और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित होंगे।
स्व. अरुणेश वाजपेयी की 75वीं जयंती हीरक जयंती के रूप में मनाई जाएगी, उत्कृष्ट विभूतियों को मिलेगा स्मृति सम्मान .
रितेश मिश्रा
हरदोई: सामाजिक संस्था आप और हम चेतना मंच की एक विशेष बैठक संस्थापक सदस्य अखिलेश पाठक के सुभाषनगर स्थित आवास पर आयोजित की गई। बैठक में संस्था के संरक्षक, वरिष्ठ अधिवक्ता, पत्रकार एवं समाजसेवी स्मृतिशेष अरुणेश वाजपेयी की 75वीं जयंती को हीरक जयंती समारोह के रूप में भव्य स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही उनके जीवन और कार्यों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों को आमंत्रित करने तथा उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित करने की रूपरेखा तैयार की गई।
मंच अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने सभी सदस्यों के सुझावों के साथ प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। चेतना मंच के संयोजक कमलेश पाठक ने बताया कि समारोह दो सत्रों में आयोजित होगा। प्रथम सत्र में स्व. अरुणेश वाजपेयी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित वैचारिक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जबकि द्वितीय सत्र में शिक्षा, साहित्य, धर्म-संस्कृति एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को "अरुणेश वाजपेयी स्मृति सम्मान" से सम्मानित किया जाएगा।
सम्मान के लिए चयनित होने वाली विभूतियों की सूची तैयार करने हेतु वरिष्ठ पत्रकार महेश मिश्र की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय चयन समिति गठित की गई है। समिति में सुयश वाजपेयी, कवयित्री कंचन वाजपेयी, मंच उपाध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह तथा सीमा वाजपेयी को शामिल किया गया है। समिति के समन्वयक का दायित्व डॉ. शीला पाण्डेय को सौंपा गया है, जबकि संवाद संयोजन की जिम्मेदारी भरत पाण्डेय निभाएंगे। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि स्व. अरुणेश वाजपेयी एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने पत्रकारिता, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे रफी अहमद किदवई इंटर कॉलेज के प्रबंधक, सांस्कृतिक संस्था प्रतिबिम्ब के संस्थापक, साहित्यिक संस्था श्रीसरस्वती सदन के अध्यक्ष तथा वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी के रूप में सक्रिय रहे।
वक्ताओं ने कहा कि अरुणेश वाजपेयी स्मृति सम्मान का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ सेवा करने वाली विभूतियों के योगदान को सम्मानित करना है, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों और सामाजिक दायित्वों से प्रेरणा प्राप्त कर सके।
बैठक की अध्यक्षता मंच अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर राकेश सिंह, प्रद्युम्न सिंह, प्रताप सिंह, भरत पाण्डेय, अनिल सिंह वीरू, रामपाल पाण्डेय, आलोक शुक्ला, उमाकांत शुक्ला, अवनिकांत वाजपेयी, रामपाल शुक्ला, सुनील शुक्ला, ओमप्रकाश तिवारी, अखिलेश पाठक, सुयश वाजपेयी, विकास पाठक, आशीष पाठक, हिमांशु पाठक सहित संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन,
जनप्रतिनिधियों ने गिनाईं मोदी सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियां*

रितेश मिश्रा
हरियावां (हरदोई)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरियावां में केंद्र सरकार के "सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के स्वर्णिम 12 वर्ष" कार्यक्रम के अंतर्गत एक भव्य स्वास्थ्य शिविर एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न रोगों की जांच, परामर्श एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता सेवाएं प्रदान की गईं। शिविर में केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अंकुर त्रिपाठी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, आयुष्मान भारत योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण अभियान तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शशांक सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों तक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने अपने संबोधन में सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य हो रहा है।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत और एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि महिला सम्मान ही राष्ट्र के उत्थान का आधार है।
उन्होंने स्वास्थ्य शिविर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिविर के दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। कार्यक्रम में डॉ. कुमार शाश्वत, डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. अमित सिंह, नेत्र सहायक शफीउल्ला खान, फार्मासिस्ट राकेश कुमार , चीफ फार्मासिस्ट मिनी कुमारी ,सतीश वर्मा, राम सजीवन, मुकेश शुक्ला, शशांक पाण्डेय सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और जनसमुदाय को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्रिय योगदान दिया।
स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन पर क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे जनहित में एक सराहनीय पहल बताया।
"बिहारी होना गर्व की बात, युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना समय की मांग" : विकास वैभव

बौधायन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी का भव्य उद्घाटन, शिक्षा और रोजगार के नए युग की शुरुआत

गया: गया शहर के ए.पी. कॉलोनी स्थित बौधायन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के भव्य उद्घाटन समारोह में शिक्षा, रोजगार और बिहार के गौरव को लेकर प्रेरणादायक संदेशों की गूंज सुनाई दी। समारोह का उद्घाटन मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव, कॉलेज के चेयरमैन कैप्टन राज कुमार सिंह, निदेशक डॉ. नेहा राज सिंह तथा संस्थान के बोर्ड सदस्यों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि आईजी विकास वैभव ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार की पहचान केवल एक राज्य के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा और संस्कृति की वैश्विक धरोहर के रूप में रही है। उन्होंने कहा, “बिहारी होना किसी भी दृष्टि से अपमान नहीं, बल्कि गर्व की बात है। आज आवश्यकता है कि युवा अपनी प्रतिभा और शिक्षा के बल पर बिहार को फिर से उसकी गौरवशाली पहचान दिलाएं।”

उन्होंने युवाओं से रोजगारपरक एवं व्यावहारिक शिक्षा को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कॉलेज की निदेशक डॉ. नेहा राज सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल शैक्षणिक डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में सफल बनाने के लिए आवश्यक कौशल, संस्कार और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है।

उन्होंने बताया कि कॉलेज में आधुनिक शिक्षण पद्धति, तकनीकी संसाधन और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं चेयरमैन कैप्टन राज कुमार सिंह ने कहा कि बौधायन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि संस्थान में अनुभवी शिक्षकों की टीम, आधुनिक कक्षाएं तथा व्यक्तित्व विकास और करियर मार्गदर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है।

समारोह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। गायन, नृत्य और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। पूरे परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने संस्थान की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह महाविद्यालय गया और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

शादी की जिद में ट्रिपल मर्डर का खुलासा, मुख्य आरोपित हिमांशु मुठभेड़ में घायल, भाई-दोस्त समेत ग्राम प्रधान गिरफ्तार
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मेजा थाना क्षेत्र के कुकरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज नौ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपित हिमांशु यादव और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रेम प्रसंग और शादी को लेकर चल रहे विवाद के चलते आरोपित ने अपनी प्रेमिका के परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी थी।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार की सुबह मेजा थाना क्षेत्र के कुकुर कटवा गांव निवासी श्यामलाल गुप्ता(60) पुत्र स्वर्गीय गुलजार और उसकी भयाहू इंद्रावती (51) पत्नी दूधनाथ गुप्ता एवं अमरावती (50) पत्नी नेब्बूलाल का शव घर के बाहर रक्तरंजित पाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने तीनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस संबंध में मृतिका के दामाद लोकपति की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस महेज नौ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपित हिमांशु यादव एवं उसके दोस्त को गिरफतार किया। पूछताछ में खुला हत्या का राज

पुलिस के अनुसार हिमांशु यादव अपनी प्रेमिका नेहा से शादी करना चाहता था, लेकिन युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसी रंजिश में हिमांशु ने अपने साथी गौतम के साथ मिलकर लोहे की रॉड से हमला कर युवती के परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों आरोपित फरार हो गए थे और कोर्ट में आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही एसओजी यमुनानगर जोन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उन्हें दबोच लिया।

जांच में यह भी सामने आया कि हिमांशु और नेहा के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। दोनों कुछ माह पहले घर छोड़कर चले गए थे, हालांकि बाद में परिवार और समाज के लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया था। इसके बाद युवती को उसके मामा के घर भेज दिया गया था, जबकि हिमांशु फरवरी में छत्तीसगढ़ से वापस मेजा लौट आया था।

मामले में पहले से ही तनाव की स्थिति को देखते हुए युवती के परिजनों ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई न होने के आरोप में पुलिस आयुक्त जोगेंद्र सिंह द्वारा उपनिरीक्षक रामविलास सिंह को पूर्व में निलंबित किया जा चुका है।

पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि आरोपितों की तलाश के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें मुख्य आरोपित हिमांशु यादव के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में हिमांशु यादव के भाई, उसके एक दोस्त तथा एक ग्राम प्रधान को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

डीसीपी ने बताया कि पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्याकांड की साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

उधर, घटना के बाद मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्य जुटाकर आरोपितों के खिलाफ मजबूत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मोहर्रम पर सख्त निर्देश: शक्ति प्रदर्शन नहीं, मातम का अवसर; नीट अभ्यर्थियों को बस किराये में 50% छूट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मोहर्रम मातम और श्रद्धा का पर्व है, शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं। इसलिए जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन, नई परंपराओं की शुरुआत, उग्र गतिविधियों तथा कानफोड़ू डीजे और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी।

मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

शांति समितियों से संवाद बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मोहर्रम के आयोजन से पहले शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएं और धर्मगुरुओं, ताजिया समितियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह, भड़काऊ गतिविधि या विवाद की आशंका को पहले ही समाप्त करने के लिए प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाए।उन्होंने कहा कि सभी जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए तथा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन और नई परंपरा पर रोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मोहर्रम के जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान करती है, लेकिन किसी भी जिले में नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं होगी। पूर्व से चली आ रही परंपराओं और निर्धारित मार्गों के अनुसार ही आयोजन किए जाएं।

डीजे और ध्वनि प्रदूषण पर रहेगा नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मोहर्रम के दौरान कानफोड़ू डीजे, अत्यधिक ध्वनि वाले साउंड सिस्टम और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। ध्वनि प्रदूषण से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर नियमों की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।

ताजियों की ऊंचाई को लेकर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा कारणों से ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए तथा 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों को अनुमति न दी जाए।उन्होंने कहा कि कई बार ऊंची ताजियां विद्युत लाइनों और अन्य अवरोधों के कारण दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। इसलिए संबंधित विभाग पहले से समन्वय स्थापित कर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें।

शरारती तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर

मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान अफवाह, भ्रामक सूचना या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नीट परीक्षा में शामिल होंगे साढ़े तीन लाख से अधिक अभ्यर्थी

बैठक में मुख्यमंत्री ने 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 59 जनपदों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।उन्होंने कहा कि परीक्षा का निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी जिलों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र सक्रिय रखा जाए।

नीट अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट

परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।सरकार के इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।

जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए ठहरने की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि दूसरे जनपदों में परीक्षा देने पहुंचने वाले ऐसे अभ्यर्थियों की पहचान की जाए जिनके पास ठहरने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर अस्थायी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने पर जोर

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश व्यवस्था और अन्य सभी प्रबंध पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया या परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि विद्यार्थियों का विश्वास बना रहे।

कानून-व्यवस्था और परीक्षा दोनों पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य मोहर्रम, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और नीट जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसहयोग, संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
जन सरोकार मंच के पदाधिकारियों ने प्रशासन को पत्र लिखकर सिंगल यूज़ प्लास्टिक की रोकथाम को लेकर की मांग*
रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* कस्बा कछौना में अंधाधुंध सिंगल यूज़ प्लास्टिक की रोकथाम के लिए जन सरोकार मंच के पदाधिकारियों ने प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की। नगर पंचायत कछौना पतसेनी में प्रतिबंधित सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। दुकानदार, फेरी वाले, पटरी दुकानदार, चाय, मिष्ठान दुकानदार, देसी अंग्रेजी शराब की दुकानों के नजदीक कैंटीन दुकानदार धड़ल्ले से प्लास्टिक डिस्पोजल का प्रयोग कर रहे हैं। प्लास्टिक डिस्पोजल के इकट्ठे हुए देर में आग लगा देते हैं जिसका पर्यावरण के साथ मानव जीवन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। पर्यावरण को बेहतर रखने के लिए हाईकोर्ट तक हस्तक्षेप करना पड़ता है। हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग कदापि न हो, इसके प्रयोग को रोकने के लिए निरन्तर अभियान चलाया जाए।
उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाक्षिक कूड़ा कचरा विनियमन अधिनियम 2000 एवं अधिसूचना 15 जुलाई 2018 के तहत प्लास्टिक को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। अमूमन लोग बाजार से सामान, सब्जी, किराना सामग्री खरीदने को बाजार जाते हैं। थैला न ले जाने के कारण दुकानदार प्लास्टिक की थैली में सामान देते हैं, जिसके कारण इसका प्रयोग व चलन अत्यधिक बढ़ गया है। इस प्लास्टिक में जहरीले पदार्थ मिले होते हैं जो मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं। बाजार पर प्लास्टिक की निर्भरता बढ़ती जा रही है। इनको प्रयोग के बाद लोग इन्हें सार्वजनिक स्थानों पर फेंक देते हैं। इधर-उधर पड़ी होने के कारण ये प्लास्टिक नालियों में पहुंच जाती है, ढेर लगने के कारण नालियां चोक हो जाती हैं, जिससे जल निकासी की समस्या भी उत्पन्न होती है। प्लास्टिक की वस्तुएं जमीन में सड़ती नहीं हैं। यहां तक बेजुबान पशु इन प्लास्टिकों की थैली में खाद्य सामग्री के अवशेष को खा लेने से बीमार हो जाते हैं। प्लास्टिक बनने में कई घातक रसायनों का प्रयोग होता है। इसके अंधाधुंध प्रयोग से पशु पक्षी, मानव जीवन व पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। सरकार द्वारा प्रभावी कदम न उठाए जाने के कारण मानव, पशु पक्षी अनजाने में कई बीमारियों से प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए पर्यावरण व मानव जीवन सुरक्षित बना रहे इसके लिए मानव को अपनी आदतों में बदलाव के साथ सरकार को इस मामले में सख्त कदम उठाने की नितांत आवश्यकता है।
मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, इसी भावना को चरितार्थ करता


उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़::भारत विकास परिषद की इलीट शाखा द्वारा नगर के मुख्य चौक पर स्थित दक्षिणमुखी देवी मंदिर के बाहर भव्य सेवार्थ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जेठ मास के सातवें बड़े मंगल पर महिला सदस्य पूजा अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत भीषण गर्मी और धूप में आने-जाने वाले सैकड़ों राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए प्रसाद स्वरूप खिचड़ी और ठंडे शर्बत का वितरण किया गया।

इस सेवा कार्य के संबंध में जानकारी देते हुए प्रमुख सदस्य पूजा अग्रवाल ने बताया कि संगठन द्वारा सामाजिक और धार्मिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए समय-समय पर ऐसे सेवा कार्य किए जाते हैं। हर बार की तरह इस बार भी इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भूखे-प्यासे राहगीरों को राहत पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि ऐसे पुनीत कार्यों के माध्यम से न केवल लोगों की सेवा होती है, बल्कि एक बड़ा धर्मकाज भी संपन्न होता है, जिससे मन को असीम संतुष्टि मिलती है।

आयोजन के दौरान योगिता, पूजा, लतिका, श्रुति, महिला सहभागिता मनीला अग्रवाल सहित ओम अग्रवाल, रमेश अग्रवाल और गौरव मित्तल ने अपनी सेवाएं दीं।

कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में इलीट शाखा के सचिव पंकज अग्रवाल और अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति और विशेष योगदान रहा। राहगीरों ने भी परिषद के इस सेवा भाव की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
राष्ट्र जागरण, सामाजिक समरसता और चुनौतियों के दृढ़ मुकाबले से ही भारत का उत्थान संभव: विश्व हिंदू परिषद


उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। पिछले १० दिनों से भदुली स्थित साईं इंटरनेशनल स्कूल में प्रशिक्षण शिविर लगाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न सत्रों में केंद्रीय और क्षेत्रीय अधिकारियों ने अपने विचार रखे। विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस १० दिवसीय प्रांतीय 'शिक्षा वर्ग' में राष्ट्र रक्षा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक इतिहास पर गहन मंथन हुआ।

कार्यक्रम में विहिप के केंद्रीय सह मंत्री मनोज, क्षेत्र सत्संग प्रमुख दिवाकर, विधि प्रकोष्ठ के क्षेत्र संयोजक बृजेन्द्र सिंह और क्षेत्र धर्म प्रसार प्रमुख (लखनऊ क्षेत्र) प्रदीप ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि हिंदू संस्कृति अनादि और पूर्णतः वैज्ञानिक है, जो 'कण-कण में भगवान' के भाव पर आधारित है। हमारे सभी व्रत-त्यौहार पर्यावरण के अनुकूल हैं। विधिक सत्र में कार्यकर्ताओं को गोरक्षा और अवैध धर्मान्तरण विरोधी कानूनों की बारीकियों से अवगत कराते हुए 'लव जिहाद', 'लैंड जिहाद' व 'व्यवसाय जिहाद' के खिलाफ सजग रहने और पीड़ित बहनों की सुरक्षा हेतु दुर्गावाहिनी और बजरंग दल को सक्रिय करने का आह्वान किया गया।

विशेष बौद्धिक सत्र में प्रदीप ने बताया कि हिंदुओं के धर्मान्तरण को रोकने और समाज को सशक्त करने हेतु श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सन् १९६४ को मुंबई के पवई में विहिप की स्थापना हुई। १९६६ के प्रयाग कुंभ में प्रथम हिंदू सम्मेलन के मंच पर चारों शंकराचार्यों ने 'हिन्दवः सोदराः सर्वे' का अमर उद्घोष किया। वर्तमान में परिषद के माध्यम से ५७ हजार सेवा केंद्र संचालित हैं। प्रदीप ने साम्यवाद, अलगाववाद और आतंकवाद जैसी चुनौतियों पर सचेत करते हुए बताया कि ईसाई मिशनरियों द्वारा बड़े बजट के साथ धर्मान्तरण का खेल खेला जा रहा है, वहीं कश्मीर में आतंकवाद और देश में नक्सलवाद के जरिए युवाओं को भटकाया गया।

समाज को एकजुट होकर इन देशविरोधी ताकतों का पूर्ण बहिष्कार करना होगा। सत्र अंत में वक्ताओं ने जोर दिया कि जब तक सभी हिंदू जातियां 'संगत से पंगत तक' एक साथ नहीं बैठेंगी, तब तक वास्तविक समरसता नहीं आएगी। इस वर्ग का मुख्य उद्देश्य जातिगत भेदभाव मिटाकर राष्ट्र रक्षा के लिए युवाओं को प्रेरित करना है। वर्ग के समापन सत्र में मुख्य रूप से प्रांत अध्यक्ष सह संरक्षक नागेंद्र ने आह्वान किया कि "अनुशासन ही वह नींव है जिस पर एक कुशल चरित्र और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण होता है। आप अनुशासन और कर्तव्य का पालन करते हुए आगे बढ़ें।" इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को यह निर्देश दिया गया कि वे स्वच्छ मन से समाज के बीच जाकर कार्य करें और भारत को पुनः हिंदू राष्ट्र बनाने में अपना संपूर्ण सहयोग प्रदान करें।

इस समापन अवसर पर क्षेत्र संयोजक बजरंग दल माननीय पूर्णेन्दु, प्रांत संगठन मंत्री दीपेश, संयुक्त विभाग संगठन मंत्री दिव्यांशु, प्रांत विशेष संपर्क प्रमुख श्री राम कृष्ण मिश्रा, विभाग मंत्री गोपाल, विभाग सहमंत्री विनोद व मनोज शाही, विभाग संयोजक दिनेश, जिला कार्याध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह, जिला उपाध्यक्षा सोमिता श्रीवास्तव, विभाग सहमंत्री विनोद सोनकर व मनोज शाही, जिला मंत्री अभिषेक सिंह “उधम”, जिला सहमंत्री डॉ राहुल राय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी एवं मातृशक्ति के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं की भी उपस्थिति रही।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह व नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को लगाए जाने की उठाई मांग दिया ज्ञापन
रितेश मिश्रा

हरदोई । शहर के सभी चौराहों पर महापुरुषों, क्रांतिकारीयो की प्रतिमाओं को लेकर काफी समय से राजनीति माहौल गरम चल रहा है।जिसमें हरदोई के नेताओं द्वारा प्रस्तावित मूर्ति ना लगाकर अन्यत्र मूर्तियों का अनावरण किया जा रहा है।और कही ना कही महा पुरुषों का अपमान किया जा रहा हैं।जिसको लेकर आज युवा करणी सेना संगठन के द्वारा संबोधित ज्ञापन महामहिम राज्यपाल को नगर मजिस्ट्रेट के द्वारा दिया गया जिसमें मोहित मिश्रा युवा करणी सेना ने के प्रदेश मिडिया प्रभारी उ0प्र0, व जिला अध्यक्ष मनोज सिंह की अगुआई में कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर ज्ञापन दिया गया है। जिसमें पूर्व से प्रस्तावित सिनेमा चौराहे पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह की प्रतिमा स्थापित किया जाना सुनिश्चित किया गया था लेकिन जनपद के नेताओं द्वारा अपनी मनमानी राजनीति को चमकाने के लिए भगवान बुद्ध की प्रतिमा का अनावरण कर दिया गया और जनता जनार्दन को झूठा आश्वासन दिया गया कि प्रतिमा को डीएम चौराहा पर स्थापित किया जाएगा लेकिन वहां पर देश का गौरव सम्राट अशोक का चिन्ह पहले से ही मौजूद हैं।जिसको भी हटाया जाना सर्वथा अनुचित है।

इसी स्थिति में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप सिंह की प्रतिमा को किसी सुरक्षित स्थान पर स्थापित किया जाए और सन् 2000 से सदर मालखाने में क़ैद हम सब के नेता , नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को रिलीज़ कर अस्पताल चौराहे पर पुनः स्थापित किया जाए ।काशीराम कॉलोनी में अवैध रूप से रहकर कॉलोनी कब्ज़ा कर अनैतिक व्यापार सट्टा कारोबार नसे का कारोबार और ग्रुपवाजी कर गैंग बनाकर गुंडई करने वालों और चोर उचक्कों पर कठोर कार्यवाही की जाए किराए पर दिए आवासों का एलाटमेंट निरस्त किया जाए और हम सब की मांगो को जल्द से जल्द पूरा किया जाए अगर हीलाहवाली हुई तो अन्यत्र समाजसेवी संगठनों और समाजसेवियों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन और अन्य प्रकार के प्रदर्शनों के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी इस मौके पर अधिवक्ता नीरज मिश्रा ,मुकेश अग्निहोत्री , अंकित गुप्ता,सुनील भारती, वेदराम, प्रांशु कुमार,सौरभ ,अनूप सिंह ,देवेश सिंह,आलोक द्विवेदी ,जयराम अमित सिंह सहित बहुत से पदाधिकारी मौजूद रहे।
वाराणसी में बनेगा संत रविदास संग्रहालय, केंद्र से 24.63 करोड़ रुपये मंजूर

-  बिरजू महाराज कथक संस्थान लखनऊ के विकास हेतु 40.96 करोड़ की परियोजना को भी मिली स्वीकृति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने वाराणसी में संत रविदास संग्रहालय की स्थापना के लिए 24.63 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत प्रथम चरण में 5.50 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। परियोजना को फरवरी 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह परियोजना भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की म्यूजियम ग्रांट योजना के अंतर्गत संचालित की जा रही है। संग्रहालय के निर्माण से संत रविदास के जीवन, दर्शन और सामाजिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ स्थित बिरजू महाराज कथक संस्थान के आधुनिकीकरण एवं विकास के लिए भी 40.96 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 8.87 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की जा चुकी है।
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए संस्थान के विकास कार्यों हेतु 12 करोड़ रुपये की मांग केंद्र सरकार से की थी। परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से संबंधित सभी सांस्कृतिक परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कराने के लिए आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

-  सांस्कृतिक धरोहरों को मिलेगा नया आयाम
संत रविदास संग्रहालय और बिरजू महाराज कथक संस्थान की विकास परियोजनाएं प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इन परियोजनाओं से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ कला, संस्कृति और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित होंगे।
स्व. अरुणेश वाजपेयी की 75वीं जयंती हीरक जयंती के रूप में मनाई जाएगी, उत्कृष्ट विभूतियों को मिलेगा स्मृति सम्मान .
रितेश मिश्रा
हरदोई: सामाजिक संस्था आप और हम चेतना मंच की एक विशेष बैठक संस्थापक सदस्य अखिलेश पाठक के सुभाषनगर स्थित आवास पर आयोजित की गई। बैठक में संस्था के संरक्षक, वरिष्ठ अधिवक्ता, पत्रकार एवं समाजसेवी स्मृतिशेष अरुणेश वाजपेयी की 75वीं जयंती को हीरक जयंती समारोह के रूप में भव्य स्तर पर आयोजित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही उनके जीवन और कार्यों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों को आमंत्रित करने तथा उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित करने की रूपरेखा तैयार की गई।
मंच अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने सभी सदस्यों के सुझावों के साथ प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। चेतना मंच के संयोजक कमलेश पाठक ने बताया कि समारोह दो सत्रों में आयोजित होगा। प्रथम सत्र में स्व. अरुणेश वाजपेयी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित वैचारिक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जबकि द्वितीय सत्र में शिक्षा, साहित्य, धर्म-संस्कृति एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को "अरुणेश वाजपेयी स्मृति सम्मान" से सम्मानित किया जाएगा।
सम्मान के लिए चयनित होने वाली विभूतियों की सूची तैयार करने हेतु वरिष्ठ पत्रकार महेश मिश्र की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय चयन समिति गठित की गई है। समिति में सुयश वाजपेयी, कवयित्री कंचन वाजपेयी, मंच उपाध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह तथा सीमा वाजपेयी को शामिल किया गया है। समिति के समन्वयक का दायित्व डॉ. शीला पाण्डेय को सौंपा गया है, जबकि संवाद संयोजन की जिम्मेदारी भरत पाण्डेय निभाएंगे। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि स्व. अरुणेश वाजपेयी एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने पत्रकारिता, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे रफी अहमद किदवई इंटर कॉलेज के प्रबंधक, सांस्कृतिक संस्था प्रतिबिम्ब के संस्थापक, साहित्यिक संस्था श्रीसरस्वती सदन के अध्यक्ष तथा वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी के रूप में सक्रिय रहे।
वक्ताओं ने कहा कि अरुणेश वाजपेयी स्मृति सम्मान का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ सेवा करने वाली विभूतियों के योगदान को सम्मानित करना है, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों और सामाजिक दायित्वों से प्रेरणा प्राप्त कर सके।
बैठक की अध्यक्षता मंच अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर राकेश सिंह, प्रद्युम्न सिंह, प्रताप सिंह, भरत पाण्डेय, अनिल सिंह वीरू, रामपाल पाण्डेय, आलोक शुक्ला, उमाकांत शुक्ला, अवनिकांत वाजपेयी, रामपाल शुक्ला, सुनील शुक्ला, ओमप्रकाश तिवारी, अखिलेश पाठक, सुयश वाजपेयी, विकास पाठक, आशीष पाठक, हिमांशु पाठक सहित संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन,
जनप्रतिनिधियों ने गिनाईं मोदी सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियां*

रितेश मिश्रा
हरियावां (हरदोई)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरियावां में केंद्र सरकार के "सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के स्वर्णिम 12 वर्ष" कार्यक्रम के अंतर्गत एक भव्य स्वास्थ्य शिविर एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न रोगों की जांच, परामर्श एवं स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता सेवाएं प्रदान की गईं। शिविर में केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अंकुर त्रिपाठी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, आयुष्मान भारत योजना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण अभियान तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शशांक सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों तक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने अपने संबोधन में सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य हो रहा है।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवा विकास, आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत और एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने महिलाओं के सम्मान और उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि महिला सम्मान ही राष्ट्र के उत्थान का आधार है।
उन्होंने स्वास्थ्य शिविर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिविर के दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। कार्यक्रम में डॉ. कुमार शाश्वत, डॉ. आकांक्षा सिंह, डॉ. अमित सिंह, नेत्र सहायक शफीउल्ला खान, फार्मासिस्ट राकेश कुमार , चीफ फार्मासिस्ट मिनी कुमारी ,सतीश वर्मा, राम सजीवन, मुकेश शुक्ला, शशांक पाण्डेय सहित स्वास्थ्य विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे और जनसमुदाय को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्रिय योगदान दिया।
स्वास्थ्य शिविर के सफल आयोजन पर क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे जनहित में एक सराहनीय पहल बताया।
"बिहारी होना गर्व की बात, युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना समय की मांग" : विकास वैभव

बौधायन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी का भव्य उद्घाटन, शिक्षा और रोजगार के नए युग की शुरुआत

गया: गया शहर के ए.पी. कॉलोनी स्थित बौधायन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के भव्य उद्घाटन समारोह में शिक्षा, रोजगार और बिहार के गौरव को लेकर प्रेरणादायक संदेशों की गूंज सुनाई दी। समारोह का उद्घाटन मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव, कॉलेज के चेयरमैन कैप्टन राज कुमार सिंह, निदेशक डॉ. नेहा राज सिंह तथा संस्थान के बोर्ड सदस्यों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि आईजी विकास वैभव ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार की पहचान केवल एक राज्य के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा और संस्कृति की वैश्विक धरोहर के रूप में रही है। उन्होंने कहा, “बिहारी होना किसी भी दृष्टि से अपमान नहीं, बल्कि गर्व की बात है। आज आवश्यकता है कि युवा अपनी प्रतिभा और शिक्षा के बल पर बिहार को फिर से उसकी गौरवशाली पहचान दिलाएं।”

उन्होंने युवाओं से रोजगारपरक एवं व्यावहारिक शिक्षा को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कॉलेज की निदेशक डॉ. नेहा राज सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल शैक्षणिक डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में सफल बनाने के लिए आवश्यक कौशल, संस्कार और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है।

उन्होंने बताया कि कॉलेज में आधुनिक शिक्षण पद्धति, तकनीकी संसाधन और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं चेयरमैन कैप्टन राज कुमार सिंह ने कहा कि बौधायन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि संस्थान में अनुभवी शिक्षकों की टीम, आधुनिक कक्षाएं तथा व्यक्तित्व विकास और करियर मार्गदर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है।

समारोह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। गायन, नृत्य और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। पूरे परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने संस्थान की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह महाविद्यालय गया और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

शादी की जिद में ट्रिपल मर्डर का खुलासा, मुख्य आरोपित हिमांशु मुठभेड़ में घायल, भाई-दोस्त समेत ग्राम प्रधान गिरफ्तार
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मेजा थाना क्षेत्र के कुकरकटवा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज नौ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपित हिमांशु यादव और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रेम प्रसंग और शादी को लेकर चल रहे विवाद के चलते आरोपित ने अपनी प्रेमिका के परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी थी।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार की सुबह मेजा थाना क्षेत्र के कुकुर कटवा गांव निवासी श्यामलाल गुप्ता(60) पुत्र स्वर्गीय गुलजार और उसकी भयाहू इंद्रावती (51) पत्नी दूधनाथ गुप्ता एवं अमरावती (50) पत्नी नेब्बूलाल का शव घर के बाहर रक्तरंजित पाया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने तीनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस संबंध में मृतिका के दामाद लोकपति की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस महेज नौ घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपित हिमांशु यादव एवं उसके दोस्त को गिरफतार किया। पूछताछ में खुला हत्या का राज

पुलिस के अनुसार हिमांशु यादव अपनी प्रेमिका नेहा से शादी करना चाहता था, लेकिन युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसी रंजिश में हिमांशु ने अपने साथी गौतम के साथ मिलकर लोहे की रॉड से हमला कर युवती के परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या कर दी। वारदात के बाद दोनों आरोपित फरार हो गए थे और कोर्ट में आत्मसमर्पण की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही एसओजी यमुनानगर जोन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उन्हें दबोच लिया।

जांच में यह भी सामने आया कि हिमांशु और नेहा के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। दोनों कुछ माह पहले घर छोड़कर चले गए थे, हालांकि बाद में परिवार और समाज के लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हो गया था। इसके बाद युवती को उसके मामा के घर भेज दिया गया था, जबकि हिमांशु फरवरी में छत्तीसगढ़ से वापस मेजा लौट आया था।

मामले में पहले से ही तनाव की स्थिति को देखते हुए युवती के परिजनों ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई न होने के आरोप में पुलिस आयुक्त जोगेंद्र सिंह द्वारा उपनिरीक्षक रामविलास सिंह को पूर्व में निलंबित किया जा चुका है।

पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि आरोपितों की तलाश के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें मुख्य आरोपित हिमांशु यादव के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में हिमांशु यादव के भाई, उसके एक दोस्त तथा एक ग्राम प्रधान को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।

डीसीपी ने बताया कि पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्याकांड की साजिश में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

उधर, घटना के बाद मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्य जुटाकर आरोपितों के खिलाफ मजबूत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मोहर्रम पर सख्त निर्देश: शक्ति प्रदर्शन नहीं, मातम का अवसर; नीट अभ्यर्थियों को बस किराये में 50% छूट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मोहर्रम मातम और श्रद्धा का पर्व है, शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं। इसलिए जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन, नई परंपराओं की शुरुआत, उग्र गतिविधियों तथा कानफोड़ू डीजे और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी।

मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

शांति समितियों से संवाद बढ़ाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मोहर्रम के आयोजन से पहले शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएं और धर्मगुरुओं, ताजिया समितियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह, भड़काऊ गतिविधि या विवाद की आशंका को पहले ही समाप्त करने के लिए प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाए।उन्होंने कहा कि सभी जिलों में संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए तथा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शन और नई परंपरा पर रोक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि मोहर्रम के जुलूसों में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार सभी धर्मों और समुदायों की आस्था का सम्मान करती है, लेकिन किसी भी जिले में नई परंपरा शुरू करने की अनुमति नहीं होगी। पूर्व से चली आ रही परंपराओं और निर्धारित मार्गों के अनुसार ही आयोजन किए जाएं।

डीजे और ध्वनि प्रदूषण पर रहेगा नियंत्रण

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मोहर्रम के दौरान कानफोड़ू डीजे, अत्यधिक ध्वनि वाले साउंड सिस्टम और ढोल-ताशों के अनियंत्रित उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। ध्वनि प्रदूषण से संबंधित सभी मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर नियमों की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।

ताजियों की ऊंचाई को लेकर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा कारणों से ताजियों की ऊंचाई को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए तथा 10 से 12 फीट से अधिक ऊंची ताजियों को अनुमति न दी जाए।उन्होंने कहा कि कई बार ऊंची ताजियां विद्युत लाइनों और अन्य अवरोधों के कारण दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। इसलिए संबंधित विभाग पहले से समन्वय स्थापित कर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें।

शरारती तत्वों और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर

मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान अफवाह, भ्रामक सूचना या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट प्रसारित करने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए।उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नीट परीक्षा में शामिल होंगे साढ़े तीन लाख से अधिक अभ्यर्थी

बैठक में मुख्यमंत्री ने 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 59 जनपदों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा में लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।उन्होंने कहा कि परीक्षा का निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी जिलों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र सक्रिय रखा जाए।

नीट अभ्यर्थियों को रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट

परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि नीट परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में प्रवेश पत्र दिखाने पर किराये में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।सरकार के इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।

जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए ठहरने की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि दूसरे जनपदों में परीक्षा देने पहुंचने वाले ऐसे अभ्यर्थियों की पहचान की जाए जिनके पास ठहरने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर अस्थायी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने पर जोर

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश व्यवस्था और अन्य सभी प्रबंध पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रश्नपत्र, परीक्षा प्रक्रिया या परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए ताकि विद्यार्थियों का विश्वास बना रहे।

कानून-व्यवस्था और परीक्षा दोनों पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य मोहर्रम, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और नीट जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसहयोग, संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।