वि,हि,म,जिला अध्यक्ष ने वृद्ध आश्रम में मनाया अपना मनाया अपना विवाह दिवस

बलरामपुर 27 अप्रैल विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह व श्रीमती आरती देवी ने  वृद्ध आश्रम आबर मे वृद्ध जनों के बीच सेवा कर अपना 28 वा विवाह दिवस बड़े ही धूमधाम से सभी वृद्ध जनों एवं माताओ को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया इस अवसर पर वृद्ध जन माताएं व पुरुष सभी बहुत खुश दिखे जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने कहा कि हमें इनके बीच आने के बाद अपनापन महसूस होता है, उक्त कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीवन गुप्ता जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी जिला मीडिया प्रभारी जय सिंह प्रभु नाथ ने भी सेवा में योगदान किया।
झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धनबाद के 20 पुलिसकर्मियों का तबादला रद्द!


झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद जिले के 20 पुलिसकर्मियों के तबादला आदेश को रद्द कर दिया है. जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को यह समझना होगा कि तबादला एक नियमित प्रक्रिया और प्रशासनिक जरूरत हो सकता है, लेकिन इसका उपयोग किसी कर्मचारी को दंड देने के लिए ‘शॉर्टकट’ के रूप में नहीं किया जा सकता. अदालत ने पुलिस विभाग को आदेश दिया है कि इन सभी कर्मियों का योगदान उनके मूल स्थान (धनबाद) में तुरंत स्वीकार किया जाए.

सोमेश तिवारी बनाम भारत संघ मामले का दिया हवाला

अदालत ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध ‘सोमेश तिवारी बनाम भारत संघ’ मामले के कानूनी सिद्धांतों का उल्लेख किया. जस्टिस दीपक रोशन ने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ लापरवाही के आरोप हैं, तो विभाग को उचित विभागीय जांच (Departmental Inquiry) और अनुशासनिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए. जांच के बिना सीधे ट्रांसफर का आदेश देना और उसे ‘प्रशासनिक आवश्यकता’ का नाम देना कानूनी रूप से गलत और दुर्भावनापूर्ण है.

RTI ने खोली विभाग की पोल

सुनवाई के दौरान सूरज कुमार, अनुज कुमार सिंह, बलजीत कुमार और कौशल कुमार दुबे समेत 20 याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखते हुए बताया गया कि उन्हें 24 फरवरी को तबादला किया गया था और 11 मार्च को वर्तमान पद से मुक्त (Relieve) करने का आदेश दिया गया. विभाग ने इसे ‘प्रशासनिक जरूरत’ बताया था, लेकिन जब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, तो सच्चाई कुछ और निकली. आरटीआई के दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि धनबाद एसएसपी ने इन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही के आरोपों के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी. बिना किसी औपचारिक जांच या स्पष्टीकरण के किया गया यह तबादला पूरी तरह से दंडात्मक (Punitive) का था.

अधिकारियों को कड़ा संदेश

हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग दंड देने के लिए न करें. अदालत ने तबादला और पद से मुक्त करने के आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ताओं को राहत दी है. इस फैसले के बाद अब पुलिस महकमे के भीतर हलचल तेज है, क्योंकि यह आदेश भविष्य में उन अधिकारियों के लिए नजीर बनेगा जो बिना प्रक्रिया पूरी किए कर्मियों को इधर-उधर भेज देते हैं.

कर्नलगंज तहसील में अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना स्थगित, बार-बेंच विवाद समाप्त

कर्नलगंज, गोंडा। तहसील परिसर में बीते 27 फरवरी से चल रहा अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को प्रशासनिक आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। आंदोलन समाप्त होने से क्षेत्रीय जनता, वादकारियों और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से जारी धरने के कारण तहसील स्तर पर न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

बार एसोसिएशन कर्नलगंज के अध्यक्ष श्यामधर शुक्ल, मंत्री पवन कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ तिवारी ने बताया कि तहसील अधिकारियों की कार्यशैली और समस्याओं के समाधान में लापरवाही से अधिवक्ता, वादकारी तथा आम जनता प्रभावित हो रही थी। इसी के विरोध में 27 फरवरी से बार एसोसिएशन के बैनर तले धरना शुरू किया गया था।

मंगलवार को उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा की मौजूदगी में अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच वार्ता हुई। बैठक में अधिवक्ताओं द्वारा उठाई गई समस्याओं पर सकारात्मक चर्चा हुई और प्रशासन की ओर से शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद बार एसोसिएशन ने धरना अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।

धरना समाप्त होने के साथ ही बार और बेंच के बीच चला आ रहा गतिरोध भी खत्म हो गया है। तहसील परिसर में अब सामान्य कार्य व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है, जिससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।

स्थानीय नागरिकों और वादकारियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अब उनके जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे। वहीं अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि प्रशासन भविष्य में समस्याओं का समयबद्ध समाधान करेगा, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

*सात निकायों के 47 आर‌ओ में से 33 उगल रहे गरम पानी,आठ पड़े हैं बंद*

*साढ़े तीन करोड़ से सात निकायों में लगे वाटर कूलर का लाभ नहीं*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की सात निकायों में लगे 47 आर‌ओ मशीन में से आठ बंद पड़े हैं। वहीं 33 आर‌ओ ऐसे हैं। जिनसे गर्म पानी निकल रहे हैं। तीन आर‌ओ किसी तरह से ठंडा पानी दे रहें हैं। 44 डिग्री तापमान में वाटर कूलर से निकल रहे गरम पानी से लोगों की प्यास बुझानी मुश्किल हो रहा है। इन वाटर कूलरों पर नगर पंचायत ने सीढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च किया है। करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च करके 47 आर‌ओ प्लांट,वाटर कूलर,आर‌ओ मशीन लगाए गए थे। लेकिन निकायों में लगे आर‌ओ वाटर कूलर की हकीकत कुछ और ही है। भदोही, गोपीगंज पालिका सहित, ज्ञानपुर, सुरियावां,न‌ई बाजार, खमरिया, घोसिया नगर पंचायत है। यहां करीब साढ़े तीन से चार लाख की आबादी निवास करती हैं। पड़ताल में पाया गया कि निकायों में लगे अधिकतर आर‌ओ मशीन से गर्म पानी निकलते मिले। ज्ञानपुर नगर में फरवरी में 1.74 करोड़ रुपए से 21 आर‌ओ मशीन लगाए गए थे। इसमें से दुर्गागंज, पुराना तहसील, मुखर्जी पार्क पर लगी मशीन खराब मिली। 18 मशीनों से ठंडा पानी नहीं निकल रहा है। दुर्गागंज त्रिमुहानी, मुखर्जी पार्क, पुरानी कलेक्ट्री में लगे वाटर कूलर बंद मिले
दुर्गागंज त्रिमुहानी, रजिस्ट्री आफिस, बिजली विभाग,जिला कारागार, पुरानी बाजार, विभुति वीएनजीआई पर लगे मशीनों से भी ठंडे पानी नहीं मिल रहा है।



भदोही में 20 दिन पहले दुरस्त कराया गया था,यदी कही पर तकनीकी खामियां मशीन में आई है, उसे चेक कराया जाएगा। ज्ञानपुर में दो से तीन में सभी मशीनें दुरस्त की जाएगी। बाकी निकाय के ईओ से बातचीत की आएगी।

धर्मराज सिंह नोडल निकाय भदोही
महाराष्ट्र में पहलगाम जैसा मामला! कलमा न पढ़ने पर चाकू से किया हमला

#pahalgamstyleattackinmumbaimiraroad

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके से सोमवार तड़के सामने आए चाकू कांड के मामले ने अब एक नया और बड़ा मोड़ ले लिया है। आरोप है कि हमलावर ने पहले गार्ड का नाम और उसके धर्म के बारे में पूछा और फिर उसे चाकू घोंप दिया।

हमलावर ने बनाया कलमा पढ़ने का दबाव

सोमवार तड़के मीरा रोड के नया नगर क्षेत्र में एक इमारत में तैनात दो सुरक्षा गार्डों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया। दावा किया जा रहा है कि हमलावर ने पहले दोनों सुरक्षाकर्मियों से पहलगाम आतंकी हमले की तरह उनका धर्म पूछा और कलमा पढ़ने का दबाव बनाया। इनकार करते ही उसने बेरहमी से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे दोनों गार्ड बुरी तरह घायल हो गए।

कलमा नहीं पढ़ने पर चाकू से गोदा

राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में ड्यूटी पर तैनात थे। सुबह करीब 4 बजे नया नगर थाना क्षेत्र में वॉकहार्ट अस्पताल के पीछे स्थित अस्मिता ग्रैंड मेंशन की साइट पर 31 वर्षीय आरोपी जैब जुबैर अंसारी पहुंचा। आरोप है कि हमलावर जैब अंसारी ने पहले दोनों गार्डों पर धार्मिक दबाव डालते हुए उनसे कलमा पढ़ने के लिए कहा। जब दोनों गार्डों ने ऐसा करने से मना कर दिया, तो उन पर चाकू से हमला कर दिया गया। घटना के बाद घायल गार्डों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां समय पर इलाज मिलने की वजह से उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

मात्र डेढ़ घंटे में आरोपी गिरफ्तार

इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान कर ली। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान 31 साल के जैब जुबैर अंसारी के तौर पर की है और मात्र डेढ़ घंटे में उसे गिरफ्तार कर लिया।

मुंबई ATS कर रही नोट की जांच

पुलिस को आरोपी के पास से कुछ ऐसी सामग्री मिली है, जिसके आधार पर एटीएस ने जांच अपने हाथ में ली है। आरोपी जुबैर अंसारी के पास से जो नोट मिले हैं उनमें ‘LONE WOLVES WILL POUNCE ON YOU, You mushrikeen will see real jihad in bilad Hind from now!’ इसके अलावा कुछ और बातें भी लिखी गई थीं, जैसे ‘People, family, wives, parents will leave you. May Allah guide them. Gaza will only be free by’ मुंबई ATS फिलहाल इस नोट की जांच कर रही है।

सोनभद्र: रेणुका नदी के तट पर वृक्षारोपण के नाम पर लाखों का 'खेला', मानकों की उड़ी धज्जियां
ओबरा/सोनभद्र।उत्तर प्रदेश सरकार जहाँ एक ओर करोड़ों पौधे रोपकर प्रदेश को हरा-भरा बनाने का दावा कर रही है, वहीं सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। रेणुका नदी के तट पर पारसोई-4 वृक्षारोपण स्थल पर भ्रष्टाचार की ऐसी 'इबारत' लिखी गई है, जिसे देखकर कोई भी हैरान रह जाए।
तकनीक नहीं, ये तो पौधों की 'बलि' है
मौके पर मौजूद हकीकत विभागीय आंकड़ों से कोसों दूर है। बोर्ड पर चिल्ला-चिल्ला कर 6112 'बोना नाली' बनाने का दावा किया गया है, लेकिन धरातल पर अधिकांश गड्ढे खाली पड़े हैं। सबसे शर्मनाक स्थिति यह है कि जहाँ पेड़ लगाए भी गए हैं, वहां वैज्ञानिक मानकों को ताक पर रख दिया गया है। विभागीय नियमानुसार जिन पौधों के बीच 5 मीटर (लगभग 16 फीट) की दूरी होनी चाहिए थी, वहां 1 मीटर के दायरे में ही 25 से 30 पौधों को ठूंस दिया गया है।
भ्रष्टाचार का 'सघन' मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही स्थान पर इतने पौधे लगाना उनकी 'हत्या' करने जैसा है। बिना खाद, बिना सिंचाई और बिना पर्याप्त जगह के ये पौधे कुछ ही दिनों में दम तोड़ देंगे। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे 15.28 हेक्टेयर क्षेत्र में गड्ढे खोदने और नाली बनाने की मजदूरी बचाने के लिए विभाग ने एक ही जगह पौधों की 'खानापूर्ति' कर लक्ष्य पूरा दिखा दिया है।
गायब है 'सुरक्षा खाई', दांव पर पर्यावरण
नदी के किनारे मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए बोर्ड पर 1600 मीटर सुरक्षा खाई (CPT) बनाने का विवरण अंकित है, लेकिन मौके पर इसकी स्थिति नगण्य है। सुरक्षा के अभाव में आवारा पशु इन पौधों को अपना निवाला बना रहे हैं। करोड़ों के बजट वाले इस प्रोजेक्ट में न तो सिंचाई की व्यवस्था दिख रही है और न ही पौधों के संवर्धन के लिए कोई खाद या कीटनाशक का प्रयोग किया गया है।
बड़ा खुलासा: सीएचसी तुलसीपुर में सरकारी संपत्ति की 'मिडनाइट' सेंधमारी?
क्या स्वास्थ्य केंद्र की आड़ में चल रहा है भ्रष्टाचार का खेल?

तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 23.04.26 की अर्धरात्रि को डॉ. विकल्प मिश्रा ने एक अनाधिकृत व्यक्ति (बॉबी पांडेय) के साथ मिलकर अस्पताल से भारी मात्रा में सामान बाहर निकाला।

गंभीर सवाल और चौंकाने वाले तथ्य:
अंधेरे का सहारा क्यों? सामान को बिना किसी सक्षम अधिकारी को दिखाए या सूचित किए चोरी-छिपे आधी रात को क्यों ले जाया गया?
सरकारी संपत्ति पर डाका? सूत्रों के मुताबिक, जो सामान 'निजी' बताकर ले जाया गया, उसमें अधिकांश सरकारी संपत्ति होने की आशंका है।
वीडियो ग्राफी का सच: गौरतलब है कि 10 दिन पूर्व ही ACMO डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में अस्पताल के कर्मचारियों की उपस्थिति में सामान की बाकायदा वीडियो ग्राफी कराई गई थी।

वर्चस्व कायम रखने की 'साजिश'?
चर्चा है कि यह केवल सामान की हेराफेरी नहीं, बल्कि अस्पताल पर पकड़ बनाए रखने का एक बड़ा गेम प्लान है। सूत्रों की मानें तो डॉ. विकल्प मिश्रा अपने करीबी डॉ. प्रणव पांडेय को अधीक्षक बनवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, ताकि स्थानांतरण के बाद भी सीएचसी तुलसीपुर में उनका वर्चस्व और हस्तक्षेप बरकरार रहे।


वीडियो ग्राफी से मिलान कर ले जाए गए सामान की तत्काल जांच हो।
सरकारी संपत्ति की चोरी के प्रयास में दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
अस्पताल के प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति पारदर्शिता के आधार पर हो, न कि 'नेक्सस' के आधार पर।
प्रशासन जागे! जनहित और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सर्वोपरि है।
भारत की ज्ञान परंपरा एवं ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना : डॉ सौरभ मालवीय


सुल्तानपुर। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव, वैदिक गणित एवं विज्ञान मेला कार्य योजना बैठक का आयोजन किया गया।दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के पश्चात् प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया।

अतिथि सम्मान के उपरान्त  परियोजना बैठक को संबोधित करते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के मंत्री एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सौरभ मालवीय ने कहा कि हम वर्ष भर की योजना बनाएं।जिस पर मनोयोग पूर्ण ढंग से कार्य करें। हम अखिल भारतीय स्तर पर कुछ कर सकें।इस दृष्टिकोण से योजना बनाएं। विद्या भारती में विज्ञान मेला, वैदिक गणित और संस्कृति बोध परियोजना की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल गणित,मूल स्वभाव, श्रुति परंपरा को मुगलों, अंग्रेजों ने जो षड्यंत्र पूर्वक नष्ट करने का  प्रयास किया, उसे पुनरुज्जीवित करना है। जिस ज्ञान ने सम्पूर्ण भारत को पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जोड़े रखा। उस ज्ञान परंपरा,ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना है।हम वन्दना सत्र,भोजन मंत्र और चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से उनके भीतर यह भाव भरने का कार्य करते हैं।  भारत के भावी कर्णधारों के भीतर भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा का भाव भरकर हम इस मंच से एक सार्थक संदेश दे सकें, यही हमारा मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम कोअखिल भारतीय वैदिक गणित संयोजक देवेन्द्र राव देशमुख क्षेत्र के सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ राममनोहर एवं काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया। इससे पूर्व क्षेत्रीय विज्ञान मेला प्रमुख बांके बिहारी पाण्डेय,क्षेत्रीय संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख राजकुमार सिंह एवं वैदिक गणित परियोजना प्रमुख संतोष सिंह ने सत्र 2026-27  का संक्षिप्त वृत्त निवेदन किया।
जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा नेताओं ने परिजनों से मिलकर दिया सांत्वना , सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल।


भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले दिवंगत गार्ड बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं को आदिवासी हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि राँची राजधानी में विधानसभा से कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर के गर्भगृह में तैनात एक आदिवासी गार्ड की हत्या होना राज्य की लचर कानून-व्यवस्था को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम और बंगाल घूम रहे है और झारखंड में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, लगातार आपराधिक घटनाक्रम को अंजाम दिया जा रहा है। अपराधियों द्वारा राज्य में समानांतर सरकार चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री आदिवासियों की सरकार होने का दंभ भरते हैं लेकिन राजधानी में सरकार के नाक के नीचे खुलेआम हत्याएं हो रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि का मृतक के परिजनों से मिलने नहीं आना, राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी चेहरा और संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे यह क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है और आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री साहू ने कहा कि यहां ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे का खेल चल रहा है। इस कारण पुलिस का लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त रखने पर फोकस नहीं रहता बल्कि उन्हें अपनी लागत पूंजी की सूद सहित वापसी की चिंता ज्यादा सताती रहती है। यही कारण अपराध लगातार बढ़ रहा है।

मंदिर प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से स्थानीय लोग मंदिर की सेवा-सत्कार में योगदान देते आए हैं, लेकिन मंदिर समिति में एक भी स्थानीय व्यक्ति को स्थान नहीं दिया गया है और पूरी समिति का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि मृतक के परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा तत्काल जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

श्री साहू ने मृतक के परिजनों को पार्टी की ओर से 50 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मेयर रोशनी खलखो, वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी, नीरज सिंह, देवराज सिंह, पंकज सिन्हा, ललित ओझा, जितेंद्र वर्मा, संकेत तिवारी सहित कई प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे।

गंगा एक्सप्रेसवे लूटकांड: दो और वांछित आरोपी गिरफ्तार, पुलिस पहले ही कई को भेज चुकी है जेल*

रितेश मिश्रा
सवायजपुर हरदोई/गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर कुछ दिन पहले हुई लूट की घटना का खुलासा पुलिस पहले ही कर चुकी है, जिसमें कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसी क्रम में फरार चल रहे दो और वांछित आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा।
जानकारी के अनुसार, मुकदमे का मुख्य अभियुक्त नीतेश उर्फ छोटू अपने एक साथी के साथ जमानत करवाने के उद्देश्य से अपने ससुराल बरवन लोनार आया हुआ था। रात्रि का फायदा उठाकर वह अपने ससुरालियों से मिलने के बाद पकड़े जाने के डर से गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन से पैदल हुल्लापुर की ओर जा रहा था।मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई। उपनिरीक्षक अतुल गुप्ता, उपनिरीक्षक रंजीत चौधरी समेत पुलिस टीम को मुबारकपुर पुलिया के पास चेकिंग के निर्देश दिए गए। थानाध्यक्ष प्रिंस कुमार भी पुलिस बल और मुखबिर के साथ मौके पर पहुंचे और सघन चेकिंग शुरू की गई।इसी दौरान सर्विस लेन पर करीब 100 मीटर दूरी पर दो संदिग्ध युवक तेजी से रुपापुर की ओर जाते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों भागने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मुबारकपुर पुलिया के अंडरपास से लगभग 100 मीटर आगे खितौली जाने वाली सर्विस लेन पर दोनों को पकड़ लिया। पकड़े गए दोनों आरोपी पहले से वांछित चल रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। साथ ही पुलिस अन्य एक संभावित आरोपी की तलाश में भी जुटी हुई है
वि,हि,म,जिला अध्यक्ष ने वृद्ध आश्रम में मनाया अपना मनाया अपना विवाह दिवस

बलरामपुर 27 अप्रैल विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह व श्रीमती आरती देवी ने  वृद्ध आश्रम आबर मे वृद्ध जनों के बीच सेवा कर अपना 28 वा विवाह दिवस बड़े ही धूमधाम से सभी वृद्ध जनों एवं माताओ को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया इस अवसर पर वृद्ध जन माताएं व पुरुष सभी बहुत खुश दिखे जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने कहा कि हमें इनके बीच आने के बाद अपनापन महसूस होता है, उक्त कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीवन गुप्ता जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी जिला मीडिया प्रभारी जय सिंह प्रभु नाथ ने भी सेवा में योगदान किया।
झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धनबाद के 20 पुलिसकर्मियों का तबादला रद्द!


झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद जिले के 20 पुलिसकर्मियों के तबादला आदेश को रद्द कर दिया है. जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को यह समझना होगा कि तबादला एक नियमित प्रक्रिया और प्रशासनिक जरूरत हो सकता है, लेकिन इसका उपयोग किसी कर्मचारी को दंड देने के लिए ‘शॉर्टकट’ के रूप में नहीं किया जा सकता. अदालत ने पुलिस विभाग को आदेश दिया है कि इन सभी कर्मियों का योगदान उनके मूल स्थान (धनबाद) में तुरंत स्वीकार किया जाए.

सोमेश तिवारी बनाम भारत संघ मामले का दिया हवाला

अदालत ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध ‘सोमेश तिवारी बनाम भारत संघ’ मामले के कानूनी सिद्धांतों का उल्लेख किया. जस्टिस दीपक रोशन ने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ लापरवाही के आरोप हैं, तो विभाग को उचित विभागीय जांच (Departmental Inquiry) और अनुशासनिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए. जांच के बिना सीधे ट्रांसफर का आदेश देना और उसे ‘प्रशासनिक आवश्यकता’ का नाम देना कानूनी रूप से गलत और दुर्भावनापूर्ण है.

RTI ने खोली विभाग की पोल

सुनवाई के दौरान सूरज कुमार, अनुज कुमार सिंह, बलजीत कुमार और कौशल कुमार दुबे समेत 20 याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखते हुए बताया गया कि उन्हें 24 फरवरी को तबादला किया गया था और 11 मार्च को वर्तमान पद से मुक्त (Relieve) करने का आदेश दिया गया. विभाग ने इसे ‘प्रशासनिक जरूरत’ बताया था, लेकिन जब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, तो सच्चाई कुछ और निकली. आरटीआई के दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि धनबाद एसएसपी ने इन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही के आरोपों के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी. बिना किसी औपचारिक जांच या स्पष्टीकरण के किया गया यह तबादला पूरी तरह से दंडात्मक (Punitive) का था.

अधिकारियों को कड़ा संदेश

हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग दंड देने के लिए न करें. अदालत ने तबादला और पद से मुक्त करने के आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ताओं को राहत दी है. इस फैसले के बाद अब पुलिस महकमे के भीतर हलचल तेज है, क्योंकि यह आदेश भविष्य में उन अधिकारियों के लिए नजीर बनेगा जो बिना प्रक्रिया पूरी किए कर्मियों को इधर-उधर भेज देते हैं.

कर्नलगंज तहसील में अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना स्थगित, बार-बेंच विवाद समाप्त

कर्नलगंज, गोंडा। तहसील परिसर में बीते 27 फरवरी से चल रहा अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को प्रशासनिक आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। आंदोलन समाप्त होने से क्षेत्रीय जनता, वादकारियों और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से जारी धरने के कारण तहसील स्तर पर न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

बार एसोसिएशन कर्नलगंज के अध्यक्ष श्यामधर शुक्ल, मंत्री पवन कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ तिवारी ने बताया कि तहसील अधिकारियों की कार्यशैली और समस्याओं के समाधान में लापरवाही से अधिवक्ता, वादकारी तथा आम जनता प्रभावित हो रही थी। इसी के विरोध में 27 फरवरी से बार एसोसिएशन के बैनर तले धरना शुरू किया गया था।

मंगलवार को उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा की मौजूदगी में अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच वार्ता हुई। बैठक में अधिवक्ताओं द्वारा उठाई गई समस्याओं पर सकारात्मक चर्चा हुई और प्रशासन की ओर से शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद बार एसोसिएशन ने धरना अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।

धरना समाप्त होने के साथ ही बार और बेंच के बीच चला आ रहा गतिरोध भी खत्म हो गया है। तहसील परिसर में अब सामान्य कार्य व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है, जिससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।

स्थानीय नागरिकों और वादकारियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अब उनके जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे। वहीं अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि प्रशासन भविष्य में समस्याओं का समयबद्ध समाधान करेगा, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

*सात निकायों के 47 आर‌ओ में से 33 उगल रहे गरम पानी,आठ पड़े हैं बंद*

*साढ़े तीन करोड़ से सात निकायों में लगे वाटर कूलर का लाभ नहीं*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की सात निकायों में लगे 47 आर‌ओ मशीन में से आठ बंद पड़े हैं। वहीं 33 आर‌ओ ऐसे हैं। जिनसे गर्म पानी निकल रहे हैं। तीन आर‌ओ किसी तरह से ठंडा पानी दे रहें हैं। 44 डिग्री तापमान में वाटर कूलर से निकल रहे गरम पानी से लोगों की प्यास बुझानी मुश्किल हो रहा है। इन वाटर कूलरों पर नगर पंचायत ने सीढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च किया है। करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च करके 47 आर‌ओ प्लांट,वाटर कूलर,आर‌ओ मशीन लगाए गए थे। लेकिन निकायों में लगे आर‌ओ वाटर कूलर की हकीकत कुछ और ही है। भदोही, गोपीगंज पालिका सहित, ज्ञानपुर, सुरियावां,न‌ई बाजार, खमरिया, घोसिया नगर पंचायत है। यहां करीब साढ़े तीन से चार लाख की आबादी निवास करती हैं। पड़ताल में पाया गया कि निकायों में लगे अधिकतर आर‌ओ मशीन से गर्म पानी निकलते मिले। ज्ञानपुर नगर में फरवरी में 1.74 करोड़ रुपए से 21 आर‌ओ मशीन लगाए गए थे। इसमें से दुर्गागंज, पुराना तहसील, मुखर्जी पार्क पर लगी मशीन खराब मिली। 18 मशीनों से ठंडा पानी नहीं निकल रहा है। दुर्गागंज त्रिमुहानी, मुखर्जी पार्क, पुरानी कलेक्ट्री में लगे वाटर कूलर बंद मिले
दुर्गागंज त्रिमुहानी, रजिस्ट्री आफिस, बिजली विभाग,जिला कारागार, पुरानी बाजार, विभुति वीएनजीआई पर लगे मशीनों से भी ठंडे पानी नहीं मिल रहा है।



भदोही में 20 दिन पहले दुरस्त कराया गया था,यदी कही पर तकनीकी खामियां मशीन में आई है, उसे चेक कराया जाएगा। ज्ञानपुर में दो से तीन में सभी मशीनें दुरस्त की जाएगी। बाकी निकाय के ईओ से बातचीत की आएगी।

धर्मराज सिंह नोडल निकाय भदोही
महाराष्ट्र में पहलगाम जैसा मामला! कलमा न पढ़ने पर चाकू से किया हमला

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महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके से सोमवार तड़के सामने आए चाकू कांड के मामले ने अब एक नया और बड़ा मोड़ ले लिया है। आरोप है कि हमलावर ने पहले गार्ड का नाम और उसके धर्म के बारे में पूछा और फिर उसे चाकू घोंप दिया।

हमलावर ने बनाया कलमा पढ़ने का दबाव

सोमवार तड़के मीरा रोड के नया नगर क्षेत्र में एक इमारत में तैनात दो सुरक्षा गार्डों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया। दावा किया जा रहा है कि हमलावर ने पहले दोनों सुरक्षाकर्मियों से पहलगाम आतंकी हमले की तरह उनका धर्म पूछा और कलमा पढ़ने का दबाव बनाया। इनकार करते ही उसने बेरहमी से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे दोनों गार्ड बुरी तरह घायल हो गए।

कलमा नहीं पढ़ने पर चाकू से गोदा

राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में ड्यूटी पर तैनात थे। सुबह करीब 4 बजे नया नगर थाना क्षेत्र में वॉकहार्ट अस्पताल के पीछे स्थित अस्मिता ग्रैंड मेंशन की साइट पर 31 वर्षीय आरोपी जैब जुबैर अंसारी पहुंचा। आरोप है कि हमलावर जैब अंसारी ने पहले दोनों गार्डों पर धार्मिक दबाव डालते हुए उनसे कलमा पढ़ने के लिए कहा। जब दोनों गार्डों ने ऐसा करने से मना कर दिया, तो उन पर चाकू से हमला कर दिया गया। घटना के बाद घायल गार्डों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां समय पर इलाज मिलने की वजह से उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

मात्र डेढ़ घंटे में आरोपी गिरफ्तार

इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान कर ली। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान 31 साल के जैब जुबैर अंसारी के तौर पर की है और मात्र डेढ़ घंटे में उसे गिरफ्तार कर लिया।

मुंबई ATS कर रही नोट की जांच

पुलिस को आरोपी के पास से कुछ ऐसी सामग्री मिली है, जिसके आधार पर एटीएस ने जांच अपने हाथ में ली है। आरोपी जुबैर अंसारी के पास से जो नोट मिले हैं उनमें ‘LONE WOLVES WILL POUNCE ON YOU, You mushrikeen will see real jihad in bilad Hind from now!’ इसके अलावा कुछ और बातें भी लिखी गई थीं, जैसे ‘People, family, wives, parents will leave you. May Allah guide them. Gaza will only be free by’ मुंबई ATS फिलहाल इस नोट की जांच कर रही है।

सोनभद्र: रेणुका नदी के तट पर वृक्षारोपण के नाम पर लाखों का 'खेला', मानकों की उड़ी धज्जियां
ओबरा/सोनभद्र।उत्तर प्रदेश सरकार जहाँ एक ओर करोड़ों पौधे रोपकर प्रदेश को हरा-भरा बनाने का दावा कर रही है, वहीं सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं। रेणुका नदी के तट पर पारसोई-4 वृक्षारोपण स्थल पर भ्रष्टाचार की ऐसी 'इबारत' लिखी गई है, जिसे देखकर कोई भी हैरान रह जाए।
तकनीक नहीं, ये तो पौधों की 'बलि' है
मौके पर मौजूद हकीकत विभागीय आंकड़ों से कोसों दूर है। बोर्ड पर चिल्ला-चिल्ला कर 6112 'बोना नाली' बनाने का दावा किया गया है, लेकिन धरातल पर अधिकांश गड्ढे खाली पड़े हैं। सबसे शर्मनाक स्थिति यह है कि जहाँ पेड़ लगाए भी गए हैं, वहां वैज्ञानिक मानकों को ताक पर रख दिया गया है। विभागीय नियमानुसार जिन पौधों के बीच 5 मीटर (लगभग 16 फीट) की दूरी होनी चाहिए थी, वहां 1 मीटर के दायरे में ही 25 से 30 पौधों को ठूंस दिया गया है।
भ्रष्टाचार का 'सघन' मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही स्थान पर इतने पौधे लगाना उनकी 'हत्या' करने जैसा है। बिना खाद, बिना सिंचाई और बिना पर्याप्त जगह के ये पौधे कुछ ही दिनों में दम तोड़ देंगे। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे 15.28 हेक्टेयर क्षेत्र में गड्ढे खोदने और नाली बनाने की मजदूरी बचाने के लिए विभाग ने एक ही जगह पौधों की 'खानापूर्ति' कर लक्ष्य पूरा दिखा दिया है।
गायब है 'सुरक्षा खाई', दांव पर पर्यावरण
नदी के किनारे मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए बोर्ड पर 1600 मीटर सुरक्षा खाई (CPT) बनाने का विवरण अंकित है, लेकिन मौके पर इसकी स्थिति नगण्य है। सुरक्षा के अभाव में आवारा पशु इन पौधों को अपना निवाला बना रहे हैं। करोड़ों के बजट वाले इस प्रोजेक्ट में न तो सिंचाई की व्यवस्था दिख रही है और न ही पौधों के संवर्धन के लिए कोई खाद या कीटनाशक का प्रयोग किया गया है।
बड़ा खुलासा: सीएचसी तुलसीपुर में सरकारी संपत्ति की 'मिडनाइट' सेंधमारी?
क्या स्वास्थ्य केंद्र की आड़ में चल रहा है भ्रष्टाचार का खेल?

तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 23.04.26 की अर्धरात्रि को डॉ. विकल्प मिश्रा ने एक अनाधिकृत व्यक्ति (बॉबी पांडेय) के साथ मिलकर अस्पताल से भारी मात्रा में सामान बाहर निकाला।

गंभीर सवाल और चौंकाने वाले तथ्य:
अंधेरे का सहारा क्यों? सामान को बिना किसी सक्षम अधिकारी को दिखाए या सूचित किए चोरी-छिपे आधी रात को क्यों ले जाया गया?
सरकारी संपत्ति पर डाका? सूत्रों के मुताबिक, जो सामान 'निजी' बताकर ले जाया गया, उसमें अधिकांश सरकारी संपत्ति होने की आशंका है।
वीडियो ग्राफी का सच: गौरतलब है कि 10 दिन पूर्व ही ACMO डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में अस्पताल के कर्मचारियों की उपस्थिति में सामान की बाकायदा वीडियो ग्राफी कराई गई थी।

वर्चस्व कायम रखने की 'साजिश'?
चर्चा है कि यह केवल सामान की हेराफेरी नहीं, बल्कि अस्पताल पर पकड़ बनाए रखने का एक बड़ा गेम प्लान है। सूत्रों की मानें तो डॉ. विकल्प मिश्रा अपने करीबी डॉ. प्रणव पांडेय को अधीक्षक बनवाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, ताकि स्थानांतरण के बाद भी सीएचसी तुलसीपुर में उनका वर्चस्व और हस्तक्षेप बरकरार रहे।


वीडियो ग्राफी से मिलान कर ले जाए गए सामान की तत्काल जांच हो।
सरकारी संपत्ति की चोरी के प्रयास में दोषियों पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
अस्पताल के प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति पारदर्शिता के आधार पर हो, न कि 'नेक्सस' के आधार पर।
प्रशासन जागे! जनहित और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सर्वोपरि है।
भारत की ज्ञान परंपरा एवं ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना : डॉ सौरभ मालवीय


सुल्तानपुर। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव, वैदिक गणित एवं विज्ञान मेला कार्य योजना बैठक का आयोजन किया गया।दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के पश्चात् प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया।

अतिथि सम्मान के उपरान्त  परियोजना बैठक को संबोधित करते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के मंत्री एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सौरभ मालवीय ने कहा कि हम वर्ष भर की योजना बनाएं।जिस पर मनोयोग पूर्ण ढंग से कार्य करें। हम अखिल भारतीय स्तर पर कुछ कर सकें।इस दृष्टिकोण से योजना बनाएं। विद्या भारती में विज्ञान मेला, वैदिक गणित और संस्कृति बोध परियोजना की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल गणित,मूल स्वभाव, श्रुति परंपरा को मुगलों, अंग्रेजों ने जो षड्यंत्र पूर्वक नष्ट करने का  प्रयास किया, उसे पुनरुज्जीवित करना है। जिस ज्ञान ने सम्पूर्ण भारत को पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जोड़े रखा। उस ज्ञान परंपरा,ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना है।हम वन्दना सत्र,भोजन मंत्र और चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से उनके भीतर यह भाव भरने का कार्य करते हैं।  भारत के भावी कर्णधारों के भीतर भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा का भाव भरकर हम इस मंच से एक सार्थक संदेश दे सकें, यही हमारा मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम कोअखिल भारतीय वैदिक गणित संयोजक देवेन्द्र राव देशमुख क्षेत्र के सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ राममनोहर एवं काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया। इससे पूर्व क्षेत्रीय विज्ञान मेला प्रमुख बांके बिहारी पाण्डेय,क्षेत्रीय संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख राजकुमार सिंह एवं वैदिक गणित परियोजना प्रमुख संतोष सिंह ने सत्र 2026-27  का संक्षिप्त वृत्त निवेदन किया।
जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा नेताओं ने परिजनों से मिलकर दिया सांत्वना , सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल।


भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले दिवंगत गार्ड बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं को आदिवासी हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि राँची राजधानी में विधानसभा से कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर के गर्भगृह में तैनात एक आदिवासी गार्ड की हत्या होना राज्य की लचर कानून-व्यवस्था को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम और बंगाल घूम रहे है और झारखंड में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, लगातार आपराधिक घटनाक्रम को अंजाम दिया जा रहा है। अपराधियों द्वारा राज्य में समानांतर सरकार चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री आदिवासियों की सरकार होने का दंभ भरते हैं लेकिन राजधानी में सरकार के नाक के नीचे खुलेआम हत्याएं हो रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि का मृतक के परिजनों से मिलने नहीं आना, राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी चेहरा और संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे यह क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है और आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री साहू ने कहा कि यहां ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे का खेल चल रहा है। इस कारण पुलिस का लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त रखने पर फोकस नहीं रहता बल्कि उन्हें अपनी लागत पूंजी की सूद सहित वापसी की चिंता ज्यादा सताती रहती है। यही कारण अपराध लगातार बढ़ रहा है।

मंदिर प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से स्थानीय लोग मंदिर की सेवा-सत्कार में योगदान देते आए हैं, लेकिन मंदिर समिति में एक भी स्थानीय व्यक्ति को स्थान नहीं दिया गया है और पूरी समिति का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि मृतक के परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा तत्काल जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

श्री साहू ने मृतक के परिजनों को पार्टी की ओर से 50 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मेयर रोशनी खलखो, वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी, नीरज सिंह, देवराज सिंह, पंकज सिन्हा, ललित ओझा, जितेंद्र वर्मा, संकेत तिवारी सहित कई प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे।

गंगा एक्सप्रेसवे लूटकांड: दो और वांछित आरोपी गिरफ्तार, पुलिस पहले ही कई को भेज चुकी है जेल*

रितेश मिश्रा
सवायजपुर हरदोई/गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर कुछ दिन पहले हुई लूट की घटना का खुलासा पुलिस पहले ही कर चुकी है, जिसमें कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसी क्रम में फरार चल रहे दो और वांछित आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा।
जानकारी के अनुसार, मुकदमे का मुख्य अभियुक्त नीतेश उर्फ छोटू अपने एक साथी के साथ जमानत करवाने के उद्देश्य से अपने ससुराल बरवन लोनार आया हुआ था। रात्रि का फायदा उठाकर वह अपने ससुरालियों से मिलने के बाद पकड़े जाने के डर से गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन से पैदल हुल्लापुर की ओर जा रहा था।मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई। उपनिरीक्षक अतुल गुप्ता, उपनिरीक्षक रंजीत चौधरी समेत पुलिस टीम को मुबारकपुर पुलिया के पास चेकिंग के निर्देश दिए गए। थानाध्यक्ष प्रिंस कुमार भी पुलिस बल और मुखबिर के साथ मौके पर पहुंचे और सघन चेकिंग शुरू की गई।इसी दौरान सर्विस लेन पर करीब 100 मीटर दूरी पर दो संदिग्ध युवक तेजी से रुपापुर की ओर जाते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों भागने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मुबारकपुर पुलिया के अंडरपास से लगभग 100 मीटर आगे खितौली जाने वाली सर्विस लेन पर दोनों को पकड़ लिया। पकड़े गए दोनों आरोपी पहले से वांछित चल रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। साथ ही पुलिस अन्य एक संभावित आरोपी की तलाश में भी जुटी हुई है