मांगे पूरी करने के आश्वासन पर सीएचसी कौंधियारा का धरना स्थगित।
संजय द्विवेदी प्रयागराज। यमुनानगर अन्तर्गत
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कौंधियारा की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओ के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (किस) के बैनर तले आयोजित धरना प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। धरना प्रदर्शन में सैकड़ों किसान, ग्राम प्रधान, महिलाएं एवं युवा शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। माल्यार्पण करने वालों में पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष बृजेश पांडे, प्रधान संघ अध्यक्ष कृष्णानंद ओझा, रवेन्द्र मिश्रा, दीपेंद्र सिंह, शिवकुमार बिंद, मानिकचंद यादव (प्रधान), पूर्वांचल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंदेल, मंडल अध्यक्ष भैयाजी मिश्रा, मंडल महासचिव धर्मेंद्र सिंह पटेल, रामबहादुर कुशवाहा सहित अन्य प्रमुख लोग शामिल रहे।धरनास्थल पर वक्ताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं को उठाते हुए एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था, दंत चिकित्सक एवं आवश्यक उपकरण, नेत्र चिकित्सक की तैनाती, उपलब्ध दवाइयों की सूची सार्वजनिक करने, महिला एवं बाल चिकित्सकों की नियमित नियुक्ति, सीएचसी में तैनात डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की संख्या व तैनाती की जानकारी, गांवों में स्थित उपकेंद्र, आरोग्य केंद्र व जन औषधि केंद्रों की स्थिति, आशा नियुक्ति तथा अस्पताल की साफ-सफाई व स्वच्छता सुनिश्चित करने की मांग की।इन सभी मांगों से संबंधित ज्ञापन मंडल महासचिव भैयाजी दुबे द्वारा डिप्टी सीएमओ प्रमोद कुमार एवं सीएचसी अधीक्षक उमेश कुमार को सौंपा गया। इस दौरान डिप्टी सीएमओ ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।इसके बाद पूर्वांचल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंदेल ने उपस्थित लोगों से वार्ता कर एक सप्ताह के भीतर सुधार करने की चेतावनी देते हुए धरना स्थगित करने की घोषणा की। धरने का आयोजन अधिवक्ता कृष्णा नन्द शुक्ला मण्डल प्रभारी विधि प्रकोष्ठ ने किया।धरना प्रदर्शन में कमलेश शुक्ला, गुलाब सिंह (ग्रामीण प्रदेश उपाध्यक्ष), गुड़िया यादव, रुक्मिणी, विद्याकांत तिवारी, अंबिका, आशीष, भारत लाल, सियाराम, दिनेश पाण्डेय, छोटू यादव, दीपू भारतीय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।












लखनऊ। मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति को धरातल पर उतारते हुए आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने प्रदेशभर में बड़ी कार्रवाई की है। लंबित विवेचनाओं को गति देने और वर्षों से फरार चल रहे आर्थिक अपराधियों की गिरफ्तारी के उद्देश्य से ईओडब्ल्यू द्वारा 5 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2026 तक विशेष अभियान “ऑपरेशन शिकंजा” चलाया गया। इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न जनपदों से कुल 28 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिसे ईओडब्ल्यू की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए ईओडब्ल्यू मुख्यालय और सेक्टर स्तर पर कुल 8 विशेष टीमें गठित की गई थीं। इनके साथ ही सेंट्रल क्रैक टीम को भी सक्रिय रूप से लगाया गया। टीमों ने अलग-अलग जनपदों में सुनियोजित ढंग से छापेमारी और धरपकड़ की, जिसके परिणामस्वरूप लंबे समय से फरार चल रहे आर्थिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान गाजियाबाद के बहुचर्चित श्री बालाजी हाइटेक कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड घोटाले में अहम गिरफ्तारी की गई। करीब 100 करोड़ रुपये के इस घोटाले में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर, डायरेक्टर और कुछ बैंक अधिकारियों पर भोली-भाली जनता से धोखाधड़ी का आरोप है। आरोप है कि फ्लैट आवंटन के नाम पर लोगों को गुमराह कर बैंक से मिलीभगत कर लोन दिलवाया गया और फिर उसी फ्लैट को दूसरे या तीसरे व्यक्ति को आवंटित कर धन का गबन किया गया। इस मामले में गाजियाबाद जनपद में कुल 38 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 19 मामलों की विवेचना ईओडब्ल्यू द्वारा की जा रही है। इसी क्रम में नीरज कुमार मिश्रा, मैनेजर (एडमिन एंड फाइनेंस), निवासी नोएडा को 9 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। नीरज मिश्रा वर्ष 2009 से 2014 तक कंपनी में कार्यरत था और लोन अप्रूवल, भुगतान मांग, अलॉटमेंट लेटर तैयार करने तथा कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण कार्य देखता था। वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा वीडीओ, समाज कल्याण पर्यवेक्षक और ग्राम पंचायत अधिकारी के 1953 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में व्यापक धांधली की शिकायत मिलने पर जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी गई। जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद मामला दर्ज किया गया। ऑपरेशन शिकंजा के तहत इस घोटाले में कुल 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 6 अभ्यर्थी और 1 निजी कंपनी का कर्मचारी शामिल है। पुष्टि हुई है कि गिरफ्तार आरोपी परीक्षा प्रक्रिया में धांधली में संलिप्त थे। गिरफ्तार अभियुक्तों में अरुण कुमार, कर्मवीर, अंकुश यादव, अमर सिंह, उमेशचंद्र, अमन कुमार और एसआरएन डाटा क्रिएट सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड का कर्मचारी उमेश पाल शामिल हैं। भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की संयुक्त आईएसएसडीएपफ आवास योजना में गबन के मामले में भी ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की। नगर पंचायत मुशाफिरखाना, जनपद अमेठी में 534 आवासों के निर्माण हेतु 7.15 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में राधेश्याम श्रीवास्तव, रेजीडेंट इंजीनियर को 11 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि आईएसएसडीपी योजना का उद्देश्य शहरी गरीबों को सुरक्षित पक्का आवास उपलब्ध कराना और मलिन बस्तियों में सड़क, पानी, बिजली, नाली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास करना है। इस योजना में गबन को गंभीर अपराध मानते हुए ईओडब्ल्यू ने सख्त कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू की टीमों ने महज 7 दिनों के भीतर 28 वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि आर्थिक अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। “ऑपरेशन शिकंजा” को भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदेश सरकार की सख्त नीति का मजबूत उदाहरण माना जा रहा है।ईओडब्ल्यू ने संकेत दिए हैं कि आगे भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे और आर्थिक अपराधों में संलिप्त फरार आरोपियों पर शिकंजा और कसा जाएगा।




हजारीबाग जिले के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) हजारीबाग स्थित पुलिस पिकेट की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने की माँग उठी है। अस्पताल में दुर्घटना या घटना में मृत व्यक्तियों के शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अक्सर अनावश्यक रूप से बाधित हो रही है, जिसका खामियाजा शोकाकुल परिजनों को घंटों इंतजार करके भुगतना पड़ रहा है।
जनपद के प्रभारी मंत्री, कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में जिला प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक की गई आहूत
7 hours ago
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