अंबेडकर जयंती समारोह समिति की कमान महिलाओं के हाथ में
फर्रुखाबाद l  विश्व महिला दिवस के अवसर पर डॉ बी आर अंबेडकर जयंती समारोह समिति द्वारा एक गेस्ट हाउस में आम सभा आयोजित की गई जिसमें महिलाओं की संख्या लगभग एक सैकड़ा थी।

 
जिसमें सर्वसम्मति  से निर्णय लिया गया कि 14 अप्रैल 2026 को डॉ बी आर अंबेडकर जयंती का कार्यक्रम भव्यता के साथ महिला कार्यकर्ताओं द्वारा संपन्न कराया जाए जिसका सभी ने तालियां बजाकर समर्थन किया गया तथा सर्वसम्मति से सुषमा जाटव को अध्यक्ष, डॉ रंजना राणा महासचिव, तथा शिवांगी गौतम को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया l इस दौरान
उपस्थित सभी लोगों द्वारा पदाधिकारी को बधाई दी गई तथा डॉ बी आर अंबेडकर प्रतिमा स्थल फतेहगढ़ में जाकर सभी के द्वारा माल्यार्पण कर जयंती को भव्यता के साथ मनाने का निर्णय लिया गया।

इस मौके पर मुख्य रूप से सर्वश्री भगवान दास कश्यप, आशाराम बौद्ध,प्रताप नारायण, प्रमोद कुमार,इंजीनियर वेद प्रकाश ,आर सी गौतम,रमेश चंद कनौजिया, विनोद मैनेजर साहब, चंद्रशेखर,दिनेश कुमार,नरेंद्र कुमार,नरेंद्र सिंह, अजय कुमार, अशोक चौधरी,मुकेश कुमार, अशोक कठेरिया,अभिलाष जाटव,रघुवीर कठेरिया,वीरेंद्र कठेरिया,राम नरेश गौतम,प्रभु दयाल,श्रीमती उषा चंद्र,सरोज वाला,रानी सिंह, बिना दयाल, अमृता आर्य, विजय लक्ष्मी बौद्ध, ओम शांति ,उपासना मौर्य ,रेनू वाला ,सोनी ,डॉ प्रभात राव शिवकिशोर सिंह,वीर सिंह अंबेडकर,सौरव आनंद,संतोष दिवाकर,संजीव सत्यार्थी आदि उपस्थित रहे
संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट के स्थापना दिवस पर महिला सम्मान समारोह, परमपूज्य महंत रविंद्र पुरी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति

हरिद्वार, उत्तराखंड। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित महिला सम्मान समारोह में परमपूज्य महंत रविंद्र पुरी महाराज जी (अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी ट्रस्ट) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति संकल्प परिवार के लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का क्षण रही।
तरुण शुक्ल, पूर्व सैनिक व सचिव संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान परमपूज्य महाराज श्री ने अपने आशीर्वचन से सभी को प्रेरित किया तथा समाज में महिलाओं के सम्मान और उनके योगदान की सराहना की। उनका सानिध्य और मार्गदर्शन संस्था के लिए अमूल्य धरोहर एवं अक्षुण्ण पूंजी के समान है।
महाराज श्री के आत्मीय भाव और स्नेहपूर्ण आशीर्वाद से संस्था के सभी सदस्य भावविभोर हो उठे। उन्होंने अपना बहुमूल्य समय देकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, जिसके लिए संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट परिवार उनकी हृदय की गहराइयों से हार्दिक कृतज्ञता और आभार व्यक्त करता है।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने किसानों की विभिन्न मांगों का एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ब्रह्म प्रकाश शर्मा

जानसठ । तहसील क्षेत्र के किसानों ने भाकियू तहसील अध्यक्ष अंकित जावला के नेतृत्व उप-जिलाधिकारी  को एक शिकायती पत्र सौंपकर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में नकली खाद-दवाइयों का काला कारोबार और राजस्व कर्मियों की अवैध वसूली से अन्नदाता बेहाल है। समाधान न होने पर किसानों ने उग्र आंदोलन और धरने की चेतावनी दी है।

किसान नेताओं ने एसडीएम को अवगत कराया कि जानसठ क्षेत्र में कुछ भ्रष्ट व्यापारी सक्रिय हैं, जो भोले-भाले किसानों को नकली खाद और कीटनाशक दवाइयां बेचकर आर्थिक रूप से लूट रहे हैं। इससे न केवल किसानों की जमा-पूंजी बर्बाद हो रही है, बल्कि फसलों की पैदावार पर भी संकट खड़ा हो गया है।
खतौनी में खामियां और पटवारियों की 'अवैध वसूली'
शिकायत में राजस्व विभाग के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। किसानों का कहना है कि खतौनी में 'अंश निर्धारण'  गलत होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री में भारी समस्या आ रही है। आरोप है कि कुछ पटवारी कार्य के बदले अवैध वसूली कर रहे हैं, जिसके वीडियो साक्ष्य भी किसानों के पास मौजूद है।
ग्राम भोपा के सीएचसी के पास स्थित कॉलोनी का मामला भी गरमाया हुआ है। आरोप है कि एक दबंग व्यक्ति ने तालाब में जाने वाली पंचायती नाली पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे जल निकासी पूरी तरह ठप हो गई है। रास्ते में गंदा पानी भरा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और बीमारियां फैलने का डर है। गंदे पानी के कारण पास ही स्थित शिव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं का मार्ग अवरुद्ध हो गया है किसानों ने बताया कि दो बार जांच टीम गठित होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
"यदि प्रशासन ने इन समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया, तो हमारा संगठन धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने पर मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।" — अंकित जावला भाकियू अराजनैतिक

इस दौरान मुख्य रूप से राजीव सहरावत, यशपाल सिंह, आकाश चौधरी, तरुण सहरावत, अरविंद सहरावत और बिजेंद्र सिंह, मनोज  चौधरी, धीरेन्द्र सहरावत सहित दर्जनों किसान उपस्थित रहे।
भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा  :  डॉ सुधा पांडे
जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के हनुमान जी माता दुर्गा मंदिर फक्तूपुर के प्रांगण में चल रही पांच दिवसीय श्री राम कथा के आज चतुर्थ दिन वाराणसी की धरती से पधारी मानस कोकिला पूज्य कथा व्यास डॉ. सुधा पांडे द्वारा बड़े ही मार्मिक ढंग से श्री राम कथा सुनाई जा रही है प्रह्लाद द्वारा विष्णु भक्ति करने पर हिरण्यकशिपु ने उन्हें मारने के कई प्रयास किए, जिसमें होलिका दहन का प्रयास भी शामिल था, जिसमें होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गए।नरसिंह अवतार का वध: भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में अवतरित होकर, सांझ के समय, दहलीज पर, अपनी जांघों पर रखकर, नाखूनों से उसका वध किया।पौराणिक कथाओं के अनुसार, हिरण्यकशिपु और उसका भाई हिरण्याक्ष भगवान विष्णु के द्वारपाल 'जय' और 'विजय' थे, जो शाप के कारण राक्षस बने। वही शबरी और श्रीराम जी कथा का वर्णन करते हुए कहा कि नवधा भक्ति राम जी ने सुनाया लेकिन मैया शबरी रहती है कि है भगवान मैं बहुत बड़ी आत्मा हूं अधमा हूं वही सभी से निवेदन करते हुए यह कहा कि भगवान श्री रामचंद्र जी कहते हैं कि अगर कोई हमारी भक्ति करना नहीं जानता है भगवान ने कहा हमारे चरणों में गिर करके निश्चल भाव से स्तुति वंदना करना नहीं जानता तो शरणागत होकर केवल इतना कह दे की मैं आपकी स्तुति करना नहीं जानता हूं वही सबसे बड़ी स्तुति होगी तथा यह भी कहा भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा जिसके जीवन में भक्ति नहीं उसके जीवन में कुछ नहीं हनुमान जी की कथा सुनाते हुए कहा कि लंका दहन करते समय उन्होंने अशोक वाटिका को नहीं जलाया था, क्योंकि वहां सीताजी रहती थीं। इसी तरह उन्होंने रावण के भाई विभीषण का भवन भी नहीं जलाया, क्योंकि विभीषण के भवन के द्वार पर तुलसी का पौधा लगा था। साथ ही भगवान विष्णु के चिन्‍ह शंख, चक्र और गदा भी बने हुए थे। सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह थी कि विभीषण के घर के ऊपर राम नाम अंकित था। उसी क्षण से विभीषण, हनुमान जी के प्रिय हो गए थे। यही कारण है कि जब विभीषण श्री राम की शरण में आये और सुग्रीव ने उनके प्रति आशंका प्रकट करते हुए दंड देने का सुझाव दिया, तो हनुमानजी ने उन्हें शिष्ट मान कर शरण में लेने का अनुरोध किया था और प्रभु राम ने उसे स्‍वीकार कर लिया था। वही वृंदावन की धरती से पधारे कथा व्यास माधव दास जी महाराज द्वारा भक्तों को सुंदर कथा सुनाई जा रही है जिसका सभी ने बखान किया कथा मंच का कुशल संचालन आशीष द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है वहीं कथा प्रांगण में पहुंचे पत्रकार अमित पांडे का डा. सुधा पाण्डेय ने बखान कर आशीर्वाद दिया और कहा कि हर धार्मिक आयोजन में उपस्थित सराहनीय है। इस मौके पर कथा समिति के अध्यक्ष संदीप सिंह सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया इस मौके पर दिनेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह, सुनील सिंह, चंदन सिंह, राहुल सिंह, मंदिर पुजारी ओंकार नाथ मिश्रा, गिरीश चंद्र उपाध्याय, विनोद सेठ सच्चिदानंद त्रिपाठी, राजेश तिवारी सहित सैकड़ो की संख्या में कथा प्रेमी उपस्थित रहे।
झारखंड की राजनीति में उबाल: राष्ट्रपति के बंगाल दौरे और नीतीश कुमार के फैसलों पर सरयू राय और बाबूलाल मरांडी का कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर चल रहा सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मित्र माने जाने वाले सरयू राय की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही है.

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बजट सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरयू राय ने एक बार फिर इस फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुझे व्यक्तिगत रुप से राज्यसभा जाने का उनका फैसला अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि बहुत लोग सराह रहे हैं लेकिन मैंने पहले दिन से कहा है कि मुझे अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि उचित समय पर उचित निर्णय होता तो अच्छा रहता. जिस तरह से अफरातफरी में निर्णय लिया गया उससे परहेज किया जा सकता था. नीतीश कुमार पर दबाव होने के सवाल पर सरयू राय ने कहा कि इस निर्णय के पीछे कोई ना कोई कारण रहा होगा, अभी तो इस कारण का अनुमान ही लगाया जा सकता है.

निशांत कुमार का इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैंः सरयू राय

निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में एंट्री पर सरयू राय ने कहा कि उनका इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैं, आगे वो अपने कर्तव्य से अपनी प्रासंगिकता साबित करेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की इसमें कितनी भूमिका है वह समझना होगा क्योंकि नीतीश कुमार को अपने पुत्र को राजनीति में लाना होता तो पहले ही लाकर स्थापित कर सकते थे.

सरयू राय ने नीतीश कुमार को परिवारवाद करने वालों की श्रेणी में नहीं लाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे परिवारवाद करने वाले का चेहरा ढक जाएगा. उन्होंने कहा कि जदयू आंचलिक पार्टी है जिसके विस्तार की सोच बिहार तक ही सीमित है. जदयू आंचलिक दल है जिसकी सोच कहीं ना कहीं उनके नेता की सोच पर निर्भर करता है. ऐसे में नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं यह रणनीति कितनी स्वस्थ रणनीति के तहत होती है यह जदयू का भविष्य तय करेगा.

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने को नेता प्रतिपक्ष ने राष्ट्रपति पद की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों का अपमान करार दिया है. विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही में भाग लेने आये पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है. राष्ट्रपति महोदया के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी उसे पूरे देश ने महसूस किया है.

कार्यक्रम में शुरू से बाधा डालने की कोशिश- बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मैंने इंटरनेशनल संथाल काउंसिल के पदाधिकारी से बातचीत कर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कार्यक्रम के आयोजन स्थल को तीन बार बदला गया. इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दिन अचानक पास की अनिवार्यता लागू कर दी गई, जबकि पहले से ऐसी कोई व्यवस्था प्रस्तावित नहीं थी. इससे स्पष्ट होता है कि कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश की गई.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुसार जब भी राष्ट्रपति किसी कार्यक्रम में पहुंचती हैं तो मुख्यमंत्री या उनका अधिकृत प्रतिनिधि उनकी अगवानी के लिए मौजूद रहता है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि पश्चिम बंगाल में न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री वहां पहुंचे. यहां तक कि जिला प्रशासन की ओर से डीएम तक की उपस्थिति नहीं रही. यह केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, यह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी अनादर है. ममता बनर्जी सरकार द्वारा किया गया यह व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और किसी भी दृष्टि से क्षम्य नहीं माना जा सकता है.

गिरिडीह के डीसी कान पकड़कर उठक बैठक करें, मांगें माफी- बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने महिला दिवस पर गिरिडीह में अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठी जल सहियाओं के साथ वहां के डीसी के व्यवहार को आपत्तिजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से डीसी पर कार्रवाई करने की मांग की है. गिरिडीह, चतरा एवं अन्य जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों के वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में नौकरशाह बेलगाम हो गया हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह डीसी से सरेआम उन महिलाओं से माफी मंगवाए और कान पकड़ कर उठक बैठक करवाएं. जिससे ऐसे अधिकारी को सबक मिले कि महिलाओं से कैसा व्यवहार उन्हें करना चाहिए.

“जाति पात छोड़ो, अपने नाम के आगे सनातनी जोड़ो” — सर्वेश कुमार सिंह का हुंकार, CM योगी पर टिप्पणी के विरोध में 24 घंटे में FIR व गिरफ्तारी की मां
सुलतानपुर।मुख्यमंत्री Yogi Adityanath* पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जनपद में सनातन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस मामले को लेकर *राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी* के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और संबंधित कथित शंकराचार्य के खिलाफ 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

यह ज्ञापन राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के *प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह* के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों और सनातन समाज के लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
*सर्वेश कुमार सिंह का तीखा बयान*
इस दौरान प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने बेहद तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित टिप्पणी केवल एक राजनीतिक बयान नहीं बल्कि सनातन परंपरा, हिंदू समाज और उसकी आस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन संस्कृति, गौसंरक्षण और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रतीक बन चुके हैं, ऐसे में उनके खिलाफ इस प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी पूरे समाज को आहत करने वाली है।
सर्वेश कुमार सिंह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी जनपद से लेकर प्रदेश स्तर तक व्यापक आंदोलन छेड़ देगी और सनातन समाज सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएगा।
*सनातन एकता का नारा*
इस दौरान सर्वेश कुमार सिंह ने सनातन समाज को एकजुट करने के लिए जोरदार नारा दिया —
*“ जाति पात छोड़ो, अपने नाम के आगे सनातनी जोड़ो।”*
उन्होंने कहा कि आज सनातन समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज जाति-पात में बंटा रहेगा तब तक सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्थाओं पर प्रहार करने वालों का मनोबल बढ़ता रहेगा।
*गौसंरक्षण पर भी दिया जोर*
सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार गौसंरक्षण के लिए लगातार बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए बजट का प्रावधान किया गया है और ग्राम पंचायत स्तर तक गोशालाओं के संचालन के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में गौ आश्रय स्थलों का संचालन किया जा रहा है और अवैध बूचड़खानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यदि कोई व्यक्ति गौमाता, सनातन धर्म या प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रामक या अपमानजनक बयान देता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होना बेहद जरूरी है।
*हिंदू संगठनों ने भी जताया समर्थन*
इस मौके पर कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने भी कड़ी कार्रवाई की मांग का समर्थन किया। इनमें विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष दिनकर प्रताप सिंह, विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष दिवाकर रघुवंशी, समाजसेवी सौरभ सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
*राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के प्रमुख पदाधिकारी*
इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें
राकेश सिंह ‘दद्दू’ – संरक्षक
जय शंकर दुबे – प्रदेश महामंत्री
सर्वेश कुमार सिंह – प्रदेश प्रभारी
विनय सिंह ‘बिन्नु’ – जिलाध्यक्ष
पूनम सिंह – जिलाध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ)
उदय प्रकाश मिश्रा – जिला संयोजक
बृजेश श्रीवास्तव ‘बंटू’ – जिला उपाध्यक्ष
प्रदीप कसौधन – जिला उपाध्यक्ष
मुकेश कसौधन – जिला सचिव
फिरोज सोनी – जिला उपाध्यक्ष
सुभाष सोनकर – जिला उपाध्यक्ष
*कार्यकारिणी सदस्य*
गोपाल सोनी, डॉ. प्रदीप तिवारी, धर्मेन्द्र सोनी, शिव सागर, जिम्मी सरदार
इसके अलावा राजवीर श्रीवास्तव, सुरेश जायसवाल, विनय तिवारी, एस.पी. सिंह, मुकेश गोयल, राहुल गुप्ता, राज सिंह, बल्लम श्रीवास्तव, शुभम बरसवाल, विकास यादव, दीप सिंह (सभासद) सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
आंदोलन की चेतावनी
अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सनातन धर्म, गौमाता और प्रदेश के मुख्यमंत्री के सम्मान के खिलाफ किसी भी प्रकार की टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की तो यह मुद्दा जनपद से निकलकर पूरे प्रदेश में सनातन समाज के बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
पीड़ित लाइनमैन छह माह से लगा रहा अधिकारियों के यहाँ चक्कर
जौनपुर।  बिजली विभाग के मछलीशहर डिवीजन में अधिशासी अभियंता द्वारा किए गए घोटाले की जांच के लिए दो सदस्यीय एक टीम मछलीशहर कार्यालय पहुंची। जहाँ पीड़ित संविदा लाइनमैन अखिलेश कुमार ने अपने गलत तरीके से किए गए निष्कासन के मामले की सुनवाई के लिए जाँच टीम से पुरजोर मांग की। मुंगरा बादशाहपुर के धौरहरा गांव निवासी पवन कुमार पाण्डेय ने अधिशासी अभियंता मछलीशहर राजन कुमार द्वारा किए गए बिजली विभाग के राजस्व घोटाले का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री सहित विद्युत उच्चाघिकारियों को शिकायती पत्र के साथ साक्ष्य सहित शपथ पत्र देते हुए आरोप लगाया है जिसमे दस लोगों के साथ हुए इस भ्रष्टाचार को प्रमुखता से उठाया गया है। इन उपभोक्तओं का 1 लाख का बिजली बिल महज 5 हजार लेकर एक्स ई एन मछलीशहर द्वारा खत्मकर दिया गया हैं। पी.डी. करने के बाद उसी नाम से उसी परिसर में नया कनेक्शन दे दिया गया हैं।अधिशासी अभियंता  की शिकायत कि जाँच के लिए अधिशासी अभियंता मीटर व लेखाकार की टीम मछलीशहर पहुँची। उधर पवन का यह भी आरोप है कि वहाँ
लाइन शिफ्ट करने के नाम पर लाखो के राजस्व का  नुकसान हुआ है। बिल रिवीजन के नाम पर यदि  मछलीशहर डिविजन कि जाँच करायी जाये तो कई करोड़ का घोटाला सामने आयेगा। आरोप यह भी है की विद्युत विभाग के नियमों व दिशा निर्देशों को दर किनार करते हुए कनेक्शन के नाम पर अलग-अलग देय शुल्को में रसीद काटी जा रही हैं। जिले के इस डिविजन में सुविधा शुल्क देने पर 1100, 1000, 2700 कि रसीद काटी जाती है जबकि सामान्यतः  6100 कि रसीद कट रही हैं। अधिशासी अभियंता की शिकायत पाँच माह पूर्व ही की गई थी। साक्ष्य सहित आठ मामलों को विभाग को दिया गया था। अभी यह जांच पूरी नहीं हुई थी, तब तक  आठ मामलों को और उजागर करते हुए फिर से जांच कराये जाने की माँग की गई। अधीक्षण अभियंता बिजली जौनपुर, अनिल कुमार पाठक ने बताया कि राजस्व घोटाले के मामले की शिकायत में अधिशासी अभियंता मछलीशहर की जाँच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जाँच टीम वहाँ अपना काम कर रही है। जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जायेगी।
मवाना में विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल की जिला बैठक, मवाना नगर के नए दायित्वों की घोषणा
मेरठ/मवाना। मेरठ जिले के परीक्षितगढ़ क्षेत्र के मवी गांव में रविवार को विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान मवाना नगर इकाई के नए पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई।

बैठक में जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा, जिला उपाध्यक्ष दीपक धमीजा, जिला मंत्री शेखर त्यागी, जिला संयोजक सानू त्यागी और नगर अध्यक्ष हिमांशु अग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस अवसर पर संगठन द्वारा मवाना नगर के नए दायित्वों की घोषणा करते हुए पप्पू भैया को नगर उपाध्यक्ष, निखिल गुप्ता को नगर मंत्री, अभिषेक रस्तोगी को सह मंत्री, एहसास उपाध्याय को सह मंत्री, हर्ष सैनी को सह संयोजक और हर्ष रस्तोगी को सह संयोजक नियुक्त किया गया।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा और उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता समाज में हिंदू धर्म के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करें और संगठन को मजबूत बनाने के लिए मिलकर प्रयास करें।

साथ ही सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया कि नगर और क्षेत्र में संगठन के कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आगे बढ़ाया जाए तथा समाज में भाईचारा और जागरूकता का संदेश दिया जाए। बैठक के अंत में सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी गईं।
देवघर-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का उद्देश्य महिलाओं की आवाज को मजबूत करना : श्वेता शर्मा
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देवघर: हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। आज स्थानीय विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के बैनर तले सिद्धिविनायक बैंक्वेट हॉल में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका श्वेता शर्मा, फूड क्राफ्ट इंस्टिट्यूट की व्याख्याता डॉ. श्वेता लिंगवाल, मातृ मंदिर बालिका उच्च विद्यालय की पूर्व प्रधानाध्यापिका शोभना सिंह, वार्ड पार्षद सोनी केशरी, चाँदनी चौधरी, वेक्सो इंडिया के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव, संरक्षक प्रो. रामनंदन सिंह, देवघर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रवि कुमार केशरी, संत माइकल एंग्लो विद्यालय के निदेशक डॉ. जय चंद्र राज व अन्य के करकमलों से 26 बालिका एवं महिलाओं को सम्मानित किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार केशरवानी समाज द्वारा झांकी में माँ सरस्वती की भूमिका में संत फ्रांसिस स्कूल की साक्षी केशरी, सीता की भूमिका में देवसंघ नेशनल स्कूल की शगुन कुमारी केशरी, माँ लक्ष्मी की भूमिका में काजल केशरी, रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका में सनराइज द्वारिका ऐकाडमी की सोनम केशरी, निबंध लेखन में दीनबंधु उच्च विद्यालय की शिवानी झा, रॉक एंड रोल डांस ऐकाडमी की शांभवी केशरी, करों निवासी धाविका मनाली सिंह, देवघर संत फ्रांसिस स्कूल की वाणी प्रिया, एकलव्य पब्लिक स्कूल की निदेशिका रेखा कुमारी, मिथिला पेंटिंग विशेषज्ञ खुशबू सिंह, कृष्णापुरी निवासी समाजसेवी प्रियांशु प्रिया, दशरथ प्रसाद सिंह इंटरनेशनल स्कूल की प्रभारी प्राचार्या साक्षी सिंह, कास्टर्स टाउन निवासी समाजसेवी डॉ. रूपा कुमारी, अतिथिवृंद श्वेता द्वय, शोभना सिंह, दीनबंधु उच्च विद्यालय की मनीषा घोष, वार्ड सोनी केशरी, चाँदनी चौधरी एवं अन्य को मोमेंटो, डायरी, कलम देकर सम्मानित किया गया। मौके पर श्वेता शर्मा ने कहा- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम दान से लाभ है, जो सहयोग, समानता और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है। इसका मुख्य संदेश है कि जब हम महिलाओं को समान अवसर, शिक्षा और संसाधन प्रदान करते हैं, तो उससे केवल उनका ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता का विकास होता है, जिससे सभी को लाभ मिलता है। श्वेता लिंगवाल ने कहा-दान से लाभ थीम बताती है कि महिलाओं के उत्थान में योगदान देने से वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से स्वतंत्र बनती हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। जब महिलाएं शिक्षित और सक्षम होती हैं, तो वे परिवार और देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाती हैं। शोभना सिंह ने कहा- इस वर्ष का थीम कौशल, समय और ज्ञान को साझा करने के माध्यम से, उदारता के साथ महिलाओं को आगे बढ़ाने पर जोर देती है। वार्ड पार्षद सोनी केशरी ने कहा- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का उद्देश्य महिलाओं की आवाज को मजबूत करना, समाज में फैले भेदभाव और रूढ़िवादिता को चुनौती देकर ऐसा बदलाव लाना है जिससे महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी और सम्मान मिले। रवि केशरी ने कहा- महिला दिवस की शुरुआत किसी एक दिन की घटना नहीं, बल्कि कई दशकों के संघर्ष का परिणाम है। डॉ. प्रदीप ने कहा- 1908 में न्यूयॉर्क शहर में लगभग 15,000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और वोट देने के अधिकार के लिए विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद 1910 में क्लारा जेटकिन ने कोपेनहेगन में एक सम्मेलन के दौरान 'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस' मनाने का विचार पेश किया। जिसके बाद 1911 में पहली बार ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में इसे मनाया गया। इसके बाद 8 मार्च 1917 को रूस की महिलाओं ने रोटी और शांति की मांग को लेकर ऐतिहासिक हड़ताल की, जिससे वहां की सरकार को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देना पड़ा। इसी वजह से ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च को महिला दिवस के रूप में चुना गया। 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक तौर पर मान्यता दी और तभी से यह वैश्विक स्तर पर यह हर साल 8 मार्च को मनाया जाने लगा।
आजमगढ़: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हुआ गोष्ठी का आयोजन
आजमगढ़। अहरौला राजकीय महिला महाविद्यालय, अहिरौला में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यस्थल पर महिलाओं का सशक्तीकरण और समावेशन के नारीवादी दृष्टिकोण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य प्रो. महेन्द्र प्रकाश की अध्यक्षता में हाइब्रिड माध्यम में संगोष्ठी आईक्यूएसी द्वारा आयोजित की गयी। जिसमें आधिकारिक विचार क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़ डा. रमेश कुमार सिंह ने दिया और कहा कि महिला आधे समाज की प्रतिनिधि हैं, उनके लिए अवसर की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। बतौर मुख्य आमंत्रित वक्ता बीएचयू के हिन्दी विभाग की प्रोफेसर उर्वशी गेहलोत, नगालैंड के दीमापुर राजकीय महाविद्यालय की डा. अमोंगला एन जमीर, मध्यप्रदेश के पीएमओसी माधव राजकीय महाविद्यालय, उज्जैन की डा. रीना, कालिदास राजकीय महिला पीजी कॉलेज, उज्जैन की अंजना बुंदेला रहीं। पैनल वक्ता उपाधि पीजी कॉलेज, पीलीभीत के प्रो. विपिन कुमार नीरज रहे। वक्ताओं ने महिला अधिकार, समानता, कार्यस्थल की समावेशी प्रकृति और सशक्तीकरण के समक्ष भारत व वैश्विक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी समन्वयक डा. जमालुद्दीन अहमद ने मुख्य वक्ता और विशिष्ट वक्ताओं के साथ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े विद्वानों और शोधार्थी छात्रों का स्वागत किया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर उर्वशी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले की कहानी हमें सशक्त प्रेरणा देती है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में संघर्ष करना आवश्यक होता है। उन्होंने प्रगतिशील चिंतक सीमोन दी बोवा का उद्धरण देते हुए कहा कि स्त्री पैदा नहीं होती, बनाई जाती है। विशिष्ट वक्ता अमोंगला ने नगालैंड की महिला समस्या, उनकी कार्यशैली और संस्कृति पर बात रखते हुए हुए बताया कि महिला सशक्तीकरण और समावेशन में नगालैंड का प्रथम स्थान है। डा. रीना ने सामाजिक संरचना में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए आर्थिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में अभी भी महिलाओं का योगदान लगभग चालीस प्रतिशत से कम है तथा पंचायत में महिलाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। जिसके लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप की जरूरत है। डा. अंजना बुंदेला ने बताया कि कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि शिक्षा की उन्नति और निर्णय की स्वतंत्रता से समावेशी संस्कृति का विकास करना ही नारी सशक्तीकरण के पहलू हैं। संगोष्ठी के शोध पत्र प्रस्तुतीकरण सत्र में शोधार्थियों और विद्वान आचार्यों ने अपने शोध पत्रों का वाचन किया, जिसमें डा. क्रांति कुमार त्रिवेदी, डा. सुधा जायसवाल, डा. जयप्रकाश नारायण यादव, डा. अनीता जायसवाल, डा. नेहा मिश्रा, डा. प्रज्ञानन्द प्रजापति, डा. अमित कुमार गोंड ने कार्यस्थल पर नारी के समस्त वर्ग के समावेशन की संस्कृति को विकसित करने पर बल दिया। आयोजन सचिव डा. राकेश कुमार यादव ने सभी प्रतिभागियों के साथ एनएसएस की छात्राओं, महाविद्यालय के कर्मचारीगण और सभी प्राध्यापकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
अंबेडकर जयंती समारोह समिति की कमान महिलाओं के हाथ में
फर्रुखाबाद l  विश्व महिला दिवस के अवसर पर डॉ बी आर अंबेडकर जयंती समारोह समिति द्वारा एक गेस्ट हाउस में आम सभा आयोजित की गई जिसमें महिलाओं की संख्या लगभग एक सैकड़ा थी।

 
जिसमें सर्वसम्मति  से निर्णय लिया गया कि 14 अप्रैल 2026 को डॉ बी आर अंबेडकर जयंती का कार्यक्रम भव्यता के साथ महिला कार्यकर्ताओं द्वारा संपन्न कराया जाए जिसका सभी ने तालियां बजाकर समर्थन किया गया तथा सर्वसम्मति से सुषमा जाटव को अध्यक्ष, डॉ रंजना राणा महासचिव, तथा शिवांगी गौतम को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया l इस दौरान
उपस्थित सभी लोगों द्वारा पदाधिकारी को बधाई दी गई तथा डॉ बी आर अंबेडकर प्रतिमा स्थल फतेहगढ़ में जाकर सभी के द्वारा माल्यार्पण कर जयंती को भव्यता के साथ मनाने का निर्णय लिया गया।

इस मौके पर मुख्य रूप से सर्वश्री भगवान दास कश्यप, आशाराम बौद्ध,प्रताप नारायण, प्रमोद कुमार,इंजीनियर वेद प्रकाश ,आर सी गौतम,रमेश चंद कनौजिया, विनोद मैनेजर साहब, चंद्रशेखर,दिनेश कुमार,नरेंद्र कुमार,नरेंद्र सिंह, अजय कुमार, अशोक चौधरी,मुकेश कुमार, अशोक कठेरिया,अभिलाष जाटव,रघुवीर कठेरिया,वीरेंद्र कठेरिया,राम नरेश गौतम,प्रभु दयाल,श्रीमती उषा चंद्र,सरोज वाला,रानी सिंह, बिना दयाल, अमृता आर्य, विजय लक्ष्मी बौद्ध, ओम शांति ,उपासना मौर्य ,रेनू वाला ,सोनी ,डॉ प्रभात राव शिवकिशोर सिंह,वीर सिंह अंबेडकर,सौरव आनंद,संतोष दिवाकर,संजीव सत्यार्थी आदि उपस्थित रहे
संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट के स्थापना दिवस पर महिला सम्मान समारोह, परमपूज्य महंत रविंद्र पुरी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति

हरिद्वार, उत्तराखंड। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित महिला सम्मान समारोह में परमपूज्य महंत रविंद्र पुरी महाराज जी (अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी ट्रस्ट) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति संकल्प परिवार के लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का क्षण रही।
तरुण शुक्ल, पूर्व सैनिक व सचिव संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान परमपूज्य महाराज श्री ने अपने आशीर्वचन से सभी को प्रेरित किया तथा समाज में महिलाओं के सम्मान और उनके योगदान की सराहना की। उनका सानिध्य और मार्गदर्शन संस्था के लिए अमूल्य धरोहर एवं अक्षुण्ण पूंजी के समान है।
महाराज श्री के आत्मीय भाव और स्नेहपूर्ण आशीर्वाद से संस्था के सभी सदस्य भावविभोर हो उठे। उन्होंने अपना बहुमूल्य समय देकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई, जिसके लिए संकल्प सेवा परमोधर्म ट्रस्ट परिवार उनकी हृदय की गहराइयों से हार्दिक कृतज्ञता और आभार व्यक्त करता है।
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने किसानों की विभिन्न मांगों का एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ब्रह्म प्रकाश शर्मा

जानसठ । तहसील क्षेत्र के किसानों ने भाकियू तहसील अध्यक्ष अंकित जावला के नेतृत्व उप-जिलाधिकारी  को एक शिकायती पत्र सौंपकर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में नकली खाद-दवाइयों का काला कारोबार और राजस्व कर्मियों की अवैध वसूली से अन्नदाता बेहाल है। समाधान न होने पर किसानों ने उग्र आंदोलन और धरने की चेतावनी दी है।

किसान नेताओं ने एसडीएम को अवगत कराया कि जानसठ क्षेत्र में कुछ भ्रष्ट व्यापारी सक्रिय हैं, जो भोले-भाले किसानों को नकली खाद और कीटनाशक दवाइयां बेचकर आर्थिक रूप से लूट रहे हैं। इससे न केवल किसानों की जमा-पूंजी बर्बाद हो रही है, बल्कि फसलों की पैदावार पर भी संकट खड़ा हो गया है।
खतौनी में खामियां और पटवारियों की 'अवैध वसूली'
शिकायत में राजस्व विभाग के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। किसानों का कहना है कि खतौनी में 'अंश निर्धारण'  गलत होने के कारण फार्मर रजिस्ट्री में भारी समस्या आ रही है। आरोप है कि कुछ पटवारी कार्य के बदले अवैध वसूली कर रहे हैं, जिसके वीडियो साक्ष्य भी किसानों के पास मौजूद है।
ग्राम भोपा के सीएचसी के पास स्थित कॉलोनी का मामला भी गरमाया हुआ है। आरोप है कि एक दबंग व्यक्ति ने तालाब में जाने वाली पंचायती नाली पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे जल निकासी पूरी तरह ठप हो गई है। रास्ते में गंदा पानी भरा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और बीमारियां फैलने का डर है। गंदे पानी के कारण पास ही स्थित शिव मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं का मार्ग अवरुद्ध हो गया है किसानों ने बताया कि दो बार जांच टीम गठित होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
"यदि प्रशासन ने इन समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया, तो हमारा संगठन धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने पर मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।" — अंकित जावला भाकियू अराजनैतिक

इस दौरान मुख्य रूप से राजीव सहरावत, यशपाल सिंह, आकाश चौधरी, तरुण सहरावत, अरविंद सहरावत और बिजेंद्र सिंह, मनोज  चौधरी, धीरेन्द्र सहरावत सहित दर्जनों किसान उपस्थित रहे।
भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा  :  डॉ सुधा पांडे
जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के हनुमान जी माता दुर्गा मंदिर फक्तूपुर के प्रांगण में चल रही पांच दिवसीय श्री राम कथा के आज चतुर्थ दिन वाराणसी की धरती से पधारी मानस कोकिला पूज्य कथा व्यास डॉ. सुधा पांडे द्वारा बड़े ही मार्मिक ढंग से श्री राम कथा सुनाई जा रही है प्रह्लाद द्वारा विष्णु भक्ति करने पर हिरण्यकशिपु ने उन्हें मारने के कई प्रयास किए, जिसमें होलिका दहन का प्रयास भी शामिल था, जिसमें होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गए।नरसिंह अवतार का वध: भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में अवतरित होकर, सांझ के समय, दहलीज पर, अपनी जांघों पर रखकर, नाखूनों से उसका वध किया।पौराणिक कथाओं के अनुसार, हिरण्यकशिपु और उसका भाई हिरण्याक्ष भगवान विष्णु के द्वारपाल 'जय' और 'विजय' थे, जो शाप के कारण राक्षस बने। वही शबरी और श्रीराम जी कथा का वर्णन करते हुए कहा कि नवधा भक्ति राम जी ने सुनाया लेकिन मैया शबरी रहती है कि है भगवान मैं बहुत बड़ी आत्मा हूं अधमा हूं वही सभी से निवेदन करते हुए यह कहा कि भगवान श्री रामचंद्र जी कहते हैं कि अगर कोई हमारी भक्ति करना नहीं जानता है भगवान ने कहा हमारे चरणों में गिर करके निश्चल भाव से स्तुति वंदना करना नहीं जानता तो शरणागत होकर केवल इतना कह दे की मैं आपकी स्तुति करना नहीं जानता हूं वही सबसे बड़ी स्तुति होगी तथा यह भी कहा भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा जिसके जीवन में भक्ति नहीं उसके जीवन में कुछ नहीं हनुमान जी की कथा सुनाते हुए कहा कि लंका दहन करते समय उन्होंने अशोक वाटिका को नहीं जलाया था, क्योंकि वहां सीताजी रहती थीं। इसी तरह उन्होंने रावण के भाई विभीषण का भवन भी नहीं जलाया, क्योंकि विभीषण के भवन के द्वार पर तुलसी का पौधा लगा था। साथ ही भगवान विष्णु के चिन्‍ह शंख, चक्र और गदा भी बने हुए थे। सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह थी कि विभीषण के घर के ऊपर राम नाम अंकित था। उसी क्षण से विभीषण, हनुमान जी के प्रिय हो गए थे। यही कारण है कि जब विभीषण श्री राम की शरण में आये और सुग्रीव ने उनके प्रति आशंका प्रकट करते हुए दंड देने का सुझाव दिया, तो हनुमानजी ने उन्हें शिष्ट मान कर शरण में लेने का अनुरोध किया था और प्रभु राम ने उसे स्‍वीकार कर लिया था। वही वृंदावन की धरती से पधारे कथा व्यास माधव दास जी महाराज द्वारा भक्तों को सुंदर कथा सुनाई जा रही है जिसका सभी ने बखान किया कथा मंच का कुशल संचालन आशीष द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है वहीं कथा प्रांगण में पहुंचे पत्रकार अमित पांडे का डा. सुधा पाण्डेय ने बखान कर आशीर्वाद दिया और कहा कि हर धार्मिक आयोजन में उपस्थित सराहनीय है। इस मौके पर कथा समिति के अध्यक्ष संदीप सिंह सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया इस मौके पर दिनेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह, सुनील सिंह, चंदन सिंह, राहुल सिंह, मंदिर पुजारी ओंकार नाथ मिश्रा, गिरीश चंद्र उपाध्याय, विनोद सेठ सच्चिदानंद त्रिपाठी, राजेश तिवारी सहित सैकड़ो की संख्या में कथा प्रेमी उपस्थित रहे।
झारखंड की राजनीति में उबाल: राष्ट्रपति के बंगाल दौरे और नीतीश कुमार के फैसलों पर सरयू राय और बाबूलाल मरांडी का कड़ा प्रहार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर चल रहा सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. जदयू नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मित्र माने जाने वाले सरयू राय की नाराजगी कम होती नहीं दिख रही है.

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बजट सत्र के दौरान झारखंड विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सरयू राय ने एक बार फिर इस फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि मुझे व्यक्तिगत रुप से राज्यसभा जाने का उनका फैसला अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि बहुत लोग सराह रहे हैं लेकिन मैंने पहले दिन से कहा है कि मुझे अच्छा नहीं लगा है. उन्होंने कहा कि उचित समय पर उचित निर्णय होता तो अच्छा रहता. जिस तरह से अफरातफरी में निर्णय लिया गया उससे परहेज किया जा सकता था. नीतीश कुमार पर दबाव होने के सवाल पर सरयू राय ने कहा कि इस निर्णय के पीछे कोई ना कोई कारण रहा होगा, अभी तो इस कारण का अनुमान ही लगाया जा सकता है.

निशांत कुमार का इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैंः सरयू राय

निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में एंट्री पर सरयू राय ने कहा कि उनका इतना ही महत्व है कि वो नीतीश कुमार के पुत्र हैं, आगे वो अपने कर्तव्य से अपनी प्रासंगिकता साबित करेंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की इसमें कितनी भूमिका है वह समझना होगा क्योंकि नीतीश कुमार को अपने पुत्र को राजनीति में लाना होता तो पहले ही लाकर स्थापित कर सकते थे.

सरयू राय ने नीतीश कुमार को परिवारवाद करने वालों की श्रेणी में नहीं लाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे परिवारवाद करने वाले का चेहरा ढक जाएगा. उन्होंने कहा कि जदयू आंचलिक पार्टी है जिसके विस्तार की सोच बिहार तक ही सीमित है. जदयू आंचलिक दल है जिसकी सोच कहीं ना कहीं उनके नेता की सोच पर निर्भर करता है. ऐसे में नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं यह रणनीति कितनी स्वस्थ रणनीति के तहत होती है यह जदयू का भविष्य तय करेगा.

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने को नेता प्रतिपक्ष ने राष्ट्रपति पद की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों का अपमान करार दिया है. विधानसभा के बजट सत्र की कार्यवाही में भाग लेने आये पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति इस प्रकार का रवैया न केवल प्रोटोकॉल का उल्लंघन है, बल्कि यह आदिवासी समाज की भावनाओं को भी आहत करता है. राष्ट्रपति महोदया के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता झलक रही थी उसे पूरे देश ने महसूस किया है.

कार्यक्रम में शुरू से बाधा डालने की कोशिश- बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मैंने इंटरनेशनल संथाल काउंसिल के पदाधिकारी से बातचीत कर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के साथ हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी ली. उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से कार्यक्रम के आयोजन स्थल को तीन बार बदला गया. इतना ही नहीं, कार्यक्रम के दिन अचानक पास की अनिवार्यता लागू कर दी गई, जबकि पहले से ऐसी कोई व्यवस्था प्रस्तावित नहीं थी. इससे स्पष्ट होता है कि कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश की गई.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुसार जब भी राष्ट्रपति किसी कार्यक्रम में पहुंचती हैं तो मुख्यमंत्री या उनका अधिकृत प्रतिनिधि उनकी अगवानी के लिए मौजूद रहता है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि पश्चिम बंगाल में न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई मंत्री वहां पहुंचे. यहां तक कि जिला प्रशासन की ओर से डीएम तक की उपस्थिति नहीं रही. यह केवल देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति का अपमान नहीं है, यह संविधान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का भी अनादर है. ममता बनर्जी सरकार द्वारा किया गया यह व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और किसी भी दृष्टि से क्षम्य नहीं माना जा सकता है.

गिरिडीह के डीसी कान पकड़कर उठक बैठक करें, मांगें माफी- बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने महिला दिवस पर गिरिडीह में अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठी जल सहियाओं के साथ वहां के डीसी के व्यवहार को आपत्तिजनक बताते हुए मुख्यमंत्री से डीसी पर कार्रवाई करने की मांग की है. गिरिडीह, चतरा एवं अन्य जगहों पर प्रशासनिक अधिकारियों के वायरल हो रहे वीडियो का हवाला देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य में नौकरशाह बेलगाम हो गया हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह डीसी से सरेआम उन महिलाओं से माफी मंगवाए और कान पकड़ कर उठक बैठक करवाएं. जिससे ऐसे अधिकारी को सबक मिले कि महिलाओं से कैसा व्यवहार उन्हें करना चाहिए.

“जाति पात छोड़ो, अपने नाम के आगे सनातनी जोड़ो” — सर्वेश कुमार सिंह का हुंकार, CM योगी पर टिप्पणी के विरोध में 24 घंटे में FIR व गिरफ्तारी की मां
सुलतानपुर।मुख्यमंत्री Yogi Adityanath* पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर जनपद में सनातन समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस मामले को लेकर *राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी* के पदाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और संबंधित कथित शंकराचार्य के खिलाफ 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

यह ज्ञापन राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के *प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह* के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों और सनातन समाज के लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
*सर्वेश कुमार सिंह का तीखा बयान*
इस दौरान प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने बेहद तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित टिप्पणी केवल एक राजनीतिक बयान नहीं बल्कि सनातन परंपरा, हिंदू समाज और उसकी आस्था पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सनातन संस्कृति, गौसंरक्षण और राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रतीक बन चुके हैं, ऐसे में उनके खिलाफ इस प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी पूरे समाज को आहत करने वाली है।
सर्वेश कुमार सिंह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी जनपद से लेकर प्रदेश स्तर तक व्यापक आंदोलन छेड़ देगी और सनातन समाज सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएगा।
*सनातन एकता का नारा*
इस दौरान सर्वेश कुमार सिंह ने सनातन समाज को एकजुट करने के लिए जोरदार नारा दिया —
*“ जाति पात छोड़ो, अपने नाम के आगे सनातनी जोड़ो।”*
उन्होंने कहा कि आज सनातन समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज जाति-पात में बंटा रहेगा तब तक सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्थाओं पर प्रहार करने वालों का मनोबल बढ़ता रहेगा।
*गौसंरक्षण पर भी दिया जोर*
सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार गौसंरक्षण के लिए लगातार बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए बजट का प्रावधान किया गया है और ग्राम पंचायत स्तर तक गोशालाओं के संचालन के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में गौ आश्रय स्थलों का संचालन किया जा रहा है और अवैध बूचड़खानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यदि कोई व्यक्ति गौमाता, सनातन धर्म या प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रामक या अपमानजनक बयान देता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होना बेहद जरूरी है।
*हिंदू संगठनों ने भी जताया समर्थन*
इस मौके पर कई हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने भी कड़ी कार्रवाई की मांग का समर्थन किया। इनमें विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष दिनकर प्रताप सिंह, विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष दिवाकर रघुवंशी, समाजसेवी सौरभ सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
*राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी के प्रमुख पदाधिकारी*
इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें
राकेश सिंह ‘दद्दू’ – संरक्षक
जय शंकर दुबे – प्रदेश महामंत्री
सर्वेश कुमार सिंह – प्रदेश प्रभारी
विनय सिंह ‘बिन्नु’ – जिलाध्यक्ष
पूनम सिंह – जिलाध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ)
उदय प्रकाश मिश्रा – जिला संयोजक
बृजेश श्रीवास्तव ‘बंटू’ – जिला उपाध्यक्ष
प्रदीप कसौधन – जिला उपाध्यक्ष
मुकेश कसौधन – जिला सचिव
फिरोज सोनी – जिला उपाध्यक्ष
सुभाष सोनकर – जिला उपाध्यक्ष
*कार्यकारिणी सदस्य*
गोपाल सोनी, डॉ. प्रदीप तिवारी, धर्मेन्द्र सोनी, शिव सागर, जिम्मी सरदार
इसके अलावा राजवीर श्रीवास्तव, सुरेश जायसवाल, विनय तिवारी, एस.पी. सिंह, मुकेश गोयल, राहुल गुप्ता, राज सिंह, बल्लम श्रीवास्तव, शुभम बरसवाल, विकास यादव, दीप सिंह (सभासद) सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
आंदोलन की चेतावनी
अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि सनातन धर्म, गौमाता और प्रदेश के मुख्यमंत्री के सम्मान के खिलाफ किसी भी प्रकार की टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की तो यह मुद्दा जनपद से निकलकर पूरे प्रदेश में सनातन समाज के बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
पीड़ित लाइनमैन छह माह से लगा रहा अधिकारियों के यहाँ चक्कर
जौनपुर।  बिजली विभाग के मछलीशहर डिवीजन में अधिशासी अभियंता द्वारा किए गए घोटाले की जांच के लिए दो सदस्यीय एक टीम मछलीशहर कार्यालय पहुंची। जहाँ पीड़ित संविदा लाइनमैन अखिलेश कुमार ने अपने गलत तरीके से किए गए निष्कासन के मामले की सुनवाई के लिए जाँच टीम से पुरजोर मांग की। मुंगरा बादशाहपुर के धौरहरा गांव निवासी पवन कुमार पाण्डेय ने अधिशासी अभियंता मछलीशहर राजन कुमार द्वारा किए गए बिजली विभाग के राजस्व घोटाले का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री सहित विद्युत उच्चाघिकारियों को शिकायती पत्र के साथ साक्ष्य सहित शपथ पत्र देते हुए आरोप लगाया है जिसमे दस लोगों के साथ हुए इस भ्रष्टाचार को प्रमुखता से उठाया गया है। इन उपभोक्तओं का 1 लाख का बिजली बिल महज 5 हजार लेकर एक्स ई एन मछलीशहर द्वारा खत्मकर दिया गया हैं। पी.डी. करने के बाद उसी नाम से उसी परिसर में नया कनेक्शन दे दिया गया हैं।अधिशासी अभियंता  की शिकायत कि जाँच के लिए अधिशासी अभियंता मीटर व लेखाकार की टीम मछलीशहर पहुँची। उधर पवन का यह भी आरोप है कि वहाँ
लाइन शिफ्ट करने के नाम पर लाखो के राजस्व का  नुकसान हुआ है। बिल रिवीजन के नाम पर यदि  मछलीशहर डिविजन कि जाँच करायी जाये तो कई करोड़ का घोटाला सामने आयेगा। आरोप यह भी है की विद्युत विभाग के नियमों व दिशा निर्देशों को दर किनार करते हुए कनेक्शन के नाम पर अलग-अलग देय शुल्को में रसीद काटी जा रही हैं। जिले के इस डिविजन में सुविधा शुल्क देने पर 1100, 1000, 2700 कि रसीद काटी जाती है जबकि सामान्यतः  6100 कि रसीद कट रही हैं। अधिशासी अभियंता की शिकायत पाँच माह पूर्व ही की गई थी। साक्ष्य सहित आठ मामलों को विभाग को दिया गया था। अभी यह जांच पूरी नहीं हुई थी, तब तक  आठ मामलों को और उजागर करते हुए फिर से जांच कराये जाने की माँग की गई। अधीक्षण अभियंता बिजली जौनपुर, अनिल कुमार पाठक ने बताया कि राजस्व घोटाले के मामले की शिकायत में अधिशासी अभियंता मछलीशहर की जाँच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जाँच टीम वहाँ अपना काम कर रही है। जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जायेगी।
मवाना में विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल की जिला बैठक, मवाना नगर के नए दायित्वों की घोषणा
मेरठ/मवाना। मेरठ जिले के परीक्षितगढ़ क्षेत्र के मवी गांव में रविवार को विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान मवाना नगर इकाई के नए पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई।

बैठक में जिला अध्यक्ष अनुज शर्मा, जिला उपाध्यक्ष दीपक धमीजा, जिला मंत्री शेखर त्यागी, जिला संयोजक सानू त्यागी और नगर अध्यक्ष हिमांशु अग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस अवसर पर संगठन द्वारा मवाना नगर के नए दायित्वों की घोषणा करते हुए पप्पू भैया को नगर उपाध्यक्ष, निखिल गुप्ता को नगर मंत्री, अभिषेक रस्तोगी को सह मंत्री, एहसास उपाध्याय को सह मंत्री, हर्ष सैनी को सह संयोजक और हर्ष रस्तोगी को सह संयोजक नियुक्त किया गया।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा और उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता समाज में हिंदू धर्म के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करें और संगठन को मजबूत बनाने के लिए मिलकर प्रयास करें।

साथ ही सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया गया कि नगर और क्षेत्र में संगठन के कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से आगे बढ़ाया जाए तथा समाज में भाईचारा और जागरूकता का संदेश दिया जाए। बैठक के अंत में सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी गईं।
देवघर-अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का उद्देश्य महिलाओं की आवाज को मजबूत करना : श्वेता शर्मा
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देवघर: हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। आज स्थानीय विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के बैनर तले सिद्धिविनायक बैंक्वेट हॉल में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका श्वेता शर्मा, फूड क्राफ्ट इंस्टिट्यूट की व्याख्याता डॉ. श्वेता लिंगवाल, मातृ मंदिर बालिका उच्च विद्यालय की पूर्व प्रधानाध्यापिका शोभना सिंह, वार्ड पार्षद सोनी केशरी, चाँदनी चौधरी, वेक्सो इंडिया के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव, संरक्षक प्रो. रामनंदन सिंह, देवघर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष रवि कुमार केशरी, संत माइकल एंग्लो विद्यालय के निदेशक डॉ. जय चंद्र राज व अन्य के करकमलों से 26 बालिका एवं महिलाओं को सम्मानित किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार केशरवानी समाज द्वारा झांकी में माँ सरस्वती की भूमिका में संत फ्रांसिस स्कूल की साक्षी केशरी, सीता की भूमिका में देवसंघ नेशनल स्कूल की शगुन कुमारी केशरी, माँ लक्ष्मी की भूमिका में काजल केशरी, रानी लक्ष्मीबाई की भूमिका में सनराइज द्वारिका ऐकाडमी की सोनम केशरी, निबंध लेखन में दीनबंधु उच्च विद्यालय की शिवानी झा, रॉक एंड रोल डांस ऐकाडमी की शांभवी केशरी, करों निवासी धाविका मनाली सिंह, देवघर संत फ्रांसिस स्कूल की वाणी प्रिया, एकलव्य पब्लिक स्कूल की निदेशिका रेखा कुमारी, मिथिला पेंटिंग विशेषज्ञ खुशबू सिंह, कृष्णापुरी निवासी समाजसेवी प्रियांशु प्रिया, दशरथ प्रसाद सिंह इंटरनेशनल स्कूल की प्रभारी प्राचार्या साक्षी सिंह, कास्टर्स टाउन निवासी समाजसेवी डॉ. रूपा कुमारी, अतिथिवृंद श्वेता द्वय, शोभना सिंह, दीनबंधु उच्च विद्यालय की मनीषा घोष, वार्ड सोनी केशरी, चाँदनी चौधरी एवं अन्य को मोमेंटो, डायरी, कलम देकर सम्मानित किया गया। मौके पर श्वेता शर्मा ने कहा- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 की थीम दान से लाभ है, जो सहयोग, समानता और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है। इसका मुख्य संदेश है कि जब हम महिलाओं को समान अवसर, शिक्षा और संसाधन प्रदान करते हैं, तो उससे केवल उनका ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता का विकास होता है, जिससे सभी को लाभ मिलता है। श्वेता लिंगवाल ने कहा-दान से लाभ थीम बताती है कि महिलाओं के उत्थान में योगदान देने से वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से स्वतंत्र बनती हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। जब महिलाएं शिक्षित और सक्षम होती हैं, तो वे परिवार और देश की प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाती हैं। शोभना सिंह ने कहा- इस वर्ष का थीम कौशल, समय और ज्ञान को साझा करने के माध्यम से, उदारता के साथ महिलाओं को आगे बढ़ाने पर जोर देती है। वार्ड पार्षद सोनी केशरी ने कहा- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का उद्देश्य महिलाओं की आवाज को मजबूत करना, समाज में फैले भेदभाव और रूढ़िवादिता को चुनौती देकर ऐसा बदलाव लाना है जिससे महिलाओं को हर क्षेत्र में बराबरी और सम्मान मिले। रवि केशरी ने कहा- महिला दिवस की शुरुआत किसी एक दिन की घटना नहीं, बल्कि कई दशकों के संघर्ष का परिणाम है। डॉ. प्रदीप ने कहा- 1908 में न्यूयॉर्क शहर में लगभग 15,000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और वोट देने के अधिकार के लिए विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद 1910 में क्लारा जेटकिन ने कोपेनहेगन में एक सम्मेलन के दौरान 'अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस' मनाने का विचार पेश किया। जिसके बाद 1911 में पहली बार ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में इसे मनाया गया। इसके बाद 8 मार्च 1917 को रूस की महिलाओं ने रोटी और शांति की मांग को लेकर ऐतिहासिक हड़ताल की, जिससे वहां की सरकार को महिलाओं को वोट देने का अधिकार देना पड़ा। इसी वजह से ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 8 मार्च को महिला दिवस के रूप में चुना गया। 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक तौर पर मान्यता दी और तभी से यह वैश्विक स्तर पर यह हर साल 8 मार्च को मनाया जाने लगा।
आजमगढ़: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हुआ गोष्ठी का आयोजन
आजमगढ़। अहरौला राजकीय महिला महाविद्यालय, अहिरौला में अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यस्थल पर महिलाओं का सशक्तीकरण और समावेशन के नारीवादी दृष्टिकोण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। प्राचार्य प्रो. महेन्द्र प्रकाश की अध्यक्षता में हाइब्रिड माध्यम में संगोष्ठी आईक्यूएसी द्वारा आयोजित की गयी। जिसमें आधिकारिक विचार क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़ डा. रमेश कुमार सिंह ने दिया और कहा कि महिला आधे समाज की प्रतिनिधि हैं, उनके लिए अवसर की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। बतौर मुख्य आमंत्रित वक्ता बीएचयू के हिन्दी विभाग की प्रोफेसर उर्वशी गेहलोत, नगालैंड के दीमापुर राजकीय महाविद्यालय की डा. अमोंगला एन जमीर, मध्यप्रदेश के पीएमओसी माधव राजकीय महाविद्यालय, उज्जैन की डा. रीना, कालिदास राजकीय महिला पीजी कॉलेज, उज्जैन की अंजना बुंदेला रहीं। पैनल वक्ता उपाधि पीजी कॉलेज, पीलीभीत के प्रो. विपिन कुमार नीरज रहे। वक्ताओं ने महिला अधिकार, समानता, कार्यस्थल की समावेशी प्रकृति और सशक्तीकरण के समक्ष भारत व वैश्विक चुनौतियों पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी समन्वयक डा. जमालुद्दीन अहमद ने मुख्य वक्ता और विशिष्ट वक्ताओं के साथ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े विद्वानों और शोधार्थी छात्रों का स्वागत किया। मुख्य वक्ता प्रोफेसर उर्वशी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले की कहानी हमें सशक्त प्रेरणा देती है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में संघर्ष करना आवश्यक होता है। उन्होंने प्रगतिशील चिंतक सीमोन दी बोवा का उद्धरण देते हुए कहा कि स्त्री पैदा नहीं होती, बनाई जाती है। विशिष्ट वक्ता अमोंगला ने नगालैंड की महिला समस्या, उनकी कार्यशैली और संस्कृति पर बात रखते हुए हुए बताया कि महिला सशक्तीकरण और समावेशन में नगालैंड का प्रथम स्थान है। डा. रीना ने सामाजिक संरचना में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए आर्थिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में अभी भी महिलाओं का योगदान लगभग चालीस प्रतिशत से कम है तथा पंचायत में महिलाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। जिसके लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप की जरूरत है। डा. अंजना बुंदेला ने बताया कि कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि शिक्षा की उन्नति और निर्णय की स्वतंत्रता से समावेशी संस्कृति का विकास करना ही नारी सशक्तीकरण के पहलू हैं। संगोष्ठी के शोध पत्र प्रस्तुतीकरण सत्र में शोधार्थियों और विद्वान आचार्यों ने अपने शोध पत्रों का वाचन किया, जिसमें डा. क्रांति कुमार त्रिवेदी, डा. सुधा जायसवाल, डा. जयप्रकाश नारायण यादव, डा. अनीता जायसवाल, डा. नेहा मिश्रा, डा. प्रज्ञानन्द प्रजापति, डा. अमित कुमार गोंड ने कार्यस्थल पर नारी के समस्त वर्ग के समावेशन की संस्कृति को विकसित करने पर बल दिया। आयोजन सचिव डा. राकेश कुमार यादव ने सभी प्रतिभागियों के साथ एनएसएस की छात्राओं, महाविद्यालय के कर्मचारीगण और सभी प्राध्यापकों का धन्यवाद ज्ञापन किया।