बलिया।समाजवादी महिला सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं सीमा राजभर, नेताओं ने जताया हर्ष
संजीव सिंह बलिया!जनपद की निवासी सीमा राजभर को समाजवादी महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी नेताओं ने हार्दिक बधाई दी और प्रसन्नता व्यक्त की।पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रामगोविंद चौधरी ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की सीमा राजभर एक जुझारू और कर्मठ कार्यकर्ता हैं। उनके मनोनयन से पार्टी को निश्चित रूप से अपार मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक दूरदर्शी नेता हैं, जिनकी इसी दूरांतर सोच से सीमा राजभर को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।पार्टी के जिला उपाध्यक्ष兼प्रवक्ता ने कहा कि सीमा राजभर युवा और पार्टी के प्रति पूर्ण समर्पित कार्यकर्ता हैं। उनके नेतृत्व से आगामी 2027 के चुनाव में पार्टी को बड़ा लाभ मिलेगा।
सोनभद्र और प्रतापगढ़ में ‘नारी वंदन सम्मान’ कार्यक्रम सम्पन्न, उत्कृष्ट महिलाओं का हुआ सम्मान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ तथा उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में सोनभद्र और प्रतापगढ़ में “नारी वंदन सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और लोक-सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।
संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति आमजन में जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
सोनभद्र के साईं हॉस्पिटल एंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सजौर रॉबर्ट्सगंज में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को “नारी वंदन सम्मान” से सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में श्वेता कुमारी (वाराणसी), सोनी सेठ (वाराणसी) और रानी सिंह (मिर्जापुर) की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कॉलेज की छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
वहीं प्रतापगढ़ में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक ओम प्रकाश ने की। कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष बेलहा प्रेमलता सिंह विशिष्ट अतिथि रहीं। इसके अलावा प्रो. अमित कुमार श्रीवास्तव, प्रो. बृजभानु सिंह, शिशिर खरे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ में प्रो. किरन मिश्रा, डॉ. पूनम सिंह, डॉ. शशि प्रभा गुप्ता, पूजा मंधान, अनुभा पाण्डेय, अरुणा केसरवानी, सुधा तुलस्यान, प्रियंका राज, लक्ष्मी मिश्रा, सोनिया गुप्ता और श्रद्धा सिंह समेत कई महिलाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर शक्ति कुमार पांडे रहे। आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शक, कलाकार और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सपा प्रतिनिधी मंडल डीएम से मिला मांगा मतदाता सूची के काटे और जोडे गये नाम
मिर्जापुर। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी के निर्देश पर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधीमंडल मंगलवार को जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार  से  जिले की  मिर्जापुर, छानबे, चुनार, मझवां, मडिहान विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के पुनरीक्षण/संशोधन के दौरान जिन मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जोड़े गए हैं, स्थानांतरित (परिवर्तित) किए गए हैं, तथा जिन मतदाताओं के नाम मैपिंग अथवा लॉजिकल एरर की श्रेणी में दर्ज हैं।
उपरोक्त सभी श्रेणियों (वोट कटने, जोड़ने, स्थानांतरण, मैपिंग एवं लॉजिकल एरर) से संबंधित मतदाताओं का स्पष्ट एवं प्रमाणिक विवरण उपलब्ध कराने की मांग की है। जिससे आवश्यक जांच एवं सत्यापन किया जा सके। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी सदर गुलाबचन्द्र से मझवां विधानसभा अध्यक्ष झल्लू यादव ने मझवां विधानसभा की जोडे और काटे गये नामो की सूची मांगी। चुनार विधानसभा अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह उपजिलाधिकारी चुनार राजेश वर्मा से चुनार विधानसभा की मतदाता सूची मांगा। वही छानबे विधानसभा अध्यक्ष सोकिम अहमद ने उपजिलाधिकारी लालगंज से काटे ओैर जोडे गये नामो की मतदाता सूची मांगा। और कहा गया की निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा जायेगा और 24 अप्रैल को जिलाधिकारी से शिकायत की जायेगी और मतदाता सूची पर आपत्ती दर्ज कराया जायेगा।
प्रतिनिधीमंडल ने जिला महासचिव आदर्श यादव, झल्लू यादव, सोकिम अहमद, राणाप्रताप सिंह, कान्धा यादव, हरिशंकर यादव, जुम्मन खान आदि शामिल है।
Mirzapur : ₹ 25 हजार के ईनामिया गिरफ्तार

मीरजापुर। दिल्ली एक निवासी एक शातिर अपराधी को मीरजापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था जो फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक द्वारा जनपद में अपराधों के रोकथाम एवं अपराधियों की धरपकड़ तथा गो-तस्करी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही सहित इनामियां अपराधियों की गिरफ्तारी के क्रम में यह गिरफ्तारी की गई है।
दरअसल, पुलिस अधीक्षक आपरेशन व क्षेत्राधिकारी आपरेशन के नेतृत्व में थाना अहरौरा पुलिस टीम को मंगलवार को यह सफलता हाथ तब लगी है, जब अहरौरा थाना पुलिस पर उ.प्र. गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम से सम्बन्धित ₹ 25 हजार के ईनामियां वांछित पंकज कश्यप पुत्र मदन कुमार निवासी शास्त्री पार्क उस्मानपुर जनपद पूर्वी दिल्ली, दिल्ली को थाना अहरौरा क्षेत्रांतर्गत लखनियादरी तिराहा के पास से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के पश्चात आवश्यक कार्यवाही करते हुए उसे जेल भेजा गया है। थाना प्रभारी अहरौरा के मुताबिक पंकज पर कई मुकदमें पंजीकृत हैं तथा वह एक शातिर किस्म का अपराधी है।
बुआ के घर बरीक्षा में आए युवक की ट्रैक्टर ट्रॉली के चपेट में आने से मौत
*शव को सड़क पर शव रखकर परिजन कर रहे प्रदर्शन

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत चकपान गांव में ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से आकाश यादव (16) की मौत हो गई।आकाश अपने फूफा रामजनक यादव के यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने आया था।घटना के बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का प्रयास किया जा रहा था,परन्तु परिजनों ने शव को कब्जे में लेकर गांव के बाहर सड़क पर रख दिया।वे आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।परिजनों ने ट्रैक्टर ट्रॉली चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर भी दिया है।विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी तरबगंज के साथ तरबगंज, नवाबगंज तथा वजीरगंज थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है।पुलिस अधिकारी परिजनों को समझाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं,लेकिन प्रदर्शन एक घंटे से अधिक समय से जारी है।परिजनों की मांग है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा,तब तक परिजन इसी तरह से धरना देते रहेंगे।थानाध्यक्ष नवाबगंज अभय सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान आकाश यादव (16) पुत्र प्रभु नाथ यादव के रूप में हुई है।जो नवाबगंज थाना क्षेत्र के चौबेपुर गांव का निवासी था।उन्होंने पुष्टि किया कि आकाश अपने फूफा के यहाँ बरीक्षा कार्यक्रम में शामिल होने आया था और मिट्टी गिराने जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से उसकी मौत हुई है।पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई हो रही है।आकाश यादव की मौत को लेकर भारी संख्या में गांव के लोग भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं और सड़क को जाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं।
महिला अधिकारों के समर्थन में सड़क पर उतरे सीएम योगी
*  लखनऊ में जन आक्रोश पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब

लखनऊ। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को विपक्ष द्वारा समर्थन न दिए जाने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ में भाजपा की ओर से विशाल जन आक्रोश पदयात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सड़क पर उतरकर इस पदयात्रा का नेतृत्व करते नजर आए। मुख्यमंत्री आवास से शुरू हुई यात्रा सिविल अस्पताल, हजरतगंज होते हुए विधान भवन तक पहुंची, जहां हजारों महिलाओं की मौजूदगी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, ब्रजेश पाठक, सहयोगी दलों के नेता, मंत्रिमंडल के सदस्य और पार्टी पदाधिकारी भी पदयात्रा में शामिल हुए।
विधान भवन के सामने महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की ऐतिहासिक पहल है, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और इंडी गठबंधन के दलों ने इसे बाधित कर अपना महिला-विरोधी चेहरा उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएं चलाई गईं, जिनका व्यापक लाभ देश की महिलाओं को मिला है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल रहा है, इसलिए आज देशभर की महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जता रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

* तेज धूप भी नहीं रोक सकी महिलाओं का उत्साह
सुबह लगभग 10 बजे शुरू हुई पदयात्रा में तेज धूप के बावजूद महिलाओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ हजारों महिलाएं पदयात्रा में शामिल हुईं। ‘महिला अधिकारों पर वार, सपा-कांग्रेस जिम्मेदार’ और ‘नारी सम्मान में एनडीए मैदान में’ जैसे नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।
रैली के दौरान राजधानी की सड़कों पर अनुशासन, उत्साह और महिला शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। युवा, बुजुर्ग, छात्राएं और कामकाजी महिलाओं की भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक जनसमर्थन का स्वरूप दिया।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि को मारी गोली, लखनऊ रिफर
*गाड़ी में बैठते समय कहासुनी के बाद दबंगों ने मारी गोली

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डेसरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में सोमवार देर रात लगभग 10 बजे चुनावी रंजिश को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई है।जहाँ जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह को गांव के कुछ लोगों ने आपसी कहासुनी के बाद गोली मार दिया।गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा से लखनऊ रिफर कर दिया गया है।यह घटना देर रात  उस समय हुई जब भूपेंद्र सिंह अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे।गोली लगने के बाद उनकी गाड़ी एक पेड़ से टकरा गई।घटना के तत्काल बाद परिवार के सदस्य उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसपुर ले गये,जहाँ से उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज भेज दिया गया।जहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रिफर कर दिया गया है।भूपेंद्र सिंह के पेट में गोली के छर्रे लगे हैं,जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल घटना स्थल पर पहुंचे।उन्होंने भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह की पत्नी और परसपुर पंचम से जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने पांच टीमों का गठन किया है।भूपेंद्र सिंह पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी बताए जाते हैं।उनकी पत्नी अनामिका सिंह परसपुर पंचम क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं।भूपेंद्र सिंह स्वयं भी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि होने के साथ साथ प्रधानी के चुनाव की तैयारी कर रहे थे।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह घटना चुनावी रंजिश और आपसी कहासुनी का प्रतीत होता है।पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि किया कि उन्होंने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया है।उन्होंने बताया कि घटना के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच पुलिस टीमों को लगाया गया है।पुलिस ने जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस से नीचे उतारते समय साथ आए लोगों ने मेडिकल कालेज की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्ड से गाली गलौज किया है,जिससे मेडिकल कालेज में तैनात कई गार्ड नाराज हैं और उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग किया है।
मगध विश्वविद्यालय में वैचारिक टकराव गहराया, जातीय उन्माद और हिंदू विरोधी विचारों के प्रसार के आरोप

गया-बोधगया। मगध विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों में हाल के दिनों में हो रही कुछ गतिविधियों ने शैक्षणिक वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ व्यक्तियों द्वारा वामपंथी विचारधारा के नाम पर छात्रों के बीच जातीय उन्माद फैलाने तथा हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित होता प्रतीत हो रहा है, जो चिंता का विषय है।एबीवीपी के छात्र नेता सूरज सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान के केंद्र होते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में सुनियोजित ढंग से छात्रों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर छात्रों को बांटना तथा हिंदू आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध नकारात्मक वातावरण तैयार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल छात्र एकता कमजोर होती है, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सूरज सिंह ने आगे आरोप लगाया कि कुछ तत्व एकतरफा विचारधारा और भ्रामक प्रचार के माध्यम से छात्रों व ख़ास कर छात्राओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे परिसर में अविश्वास और तनाव का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति या वैचारिक उन्माद को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सूरज सिंह ने सभी छात्र संगठनों, शिक्षकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से भी अपील की कि वे छात्रों को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सकारात्मक, समावेशी एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में कार्य करें।

इधर छात्र समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई छात्रों का मानना है कि विचारों की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, लेकिन किसी भी विचारधारा के नाम पर समाज या किसी धर्म विशेष के खिलाफ माहौल बनाना तथा छात्रों को विभाजित करना शिक्षा की मूल भावना के विपरीत है।

गुस्साए आसपास गांवों के सैकड़ो ग्रामीणों ने पुल को लेकर हुए लामबंद

दर्जनों गांव के ग्रामीण आगामी चुनाव में वोट का करेंगे बहिष्कार- पुल नहीं तो वोट नहीं*

पीयूष तिवारी
अहिरोरी - जनपद हरदोई में जनप्रतिनिधियों द्वारा बराबर कागज पर विकास की तो गंगा बहाई जा रही है लेकिन धरातल पर कुछ ओर ही नजर आ रहा है बता दे विकासखंड अहिरोरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत चठिया मजरा ढपरापुर गांव के बाहर निकली घरेरा नदी पर आजादी के बाद अभी तक ग्रामीणों को पुल नसीब नहीं हुआ है जिसका दंश आज भी वहां के इलाकाई ग्रामीण झेलने को मजबूर है। ढ़परापुर,शोभे पुरवा,पत्तीपुर,चठिया,बांनेकुइया,चाहलैहिया,रघुनाथपुर,सुनौवा, जलालपुर,पत्तीपुर डीह सहित दर्जनों गांव के गुस्साए सैकड़ो ग्रामीणों ने सोमवार को लामबंद होकर पुल निर्माण की मांग उठाई पुल नहीं तो वोट नहीं। प्रधान कृष्ण कुमार मौर्य,ब्रह्मशरण मिश्रा, मुकेश यादव,रजनीश,कृष्णपाल रविंद्र मिश्रा,राजकुमार,कुलदीप सहित सैकड़ो ग्रामीणों ने पुल निर्माण को लेकर अपना दर्द बयां किया है ग्रामीणों का कहना है बरसात के समय इस मार्ग से दर्जनों गांव के ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो जाता है क्योंकि यह मार्ग ढ़परापुर गांव से सीधे प्रताप नगर सीतापुर मार्ग को जोड़ता है जिसकी दूरी गांव से करीब 1 से 2 किलोमीटर बताई है ग्रामीणों का कहना है यहां के जिम्मेदार सांसद,विधायक जनप्रतिनिधियों से कई बार कहां गया लेकिन अनसुनी कर देते।
*गुस्साए ग्रामीण विधानसभा,लोकसभा चुनाव में वोट का करेंगे बहिष्कार*
गुस्साए ग्रामीणों ने इस बार मन बना लिया है इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के सारे ग्रामीण लामबंद होकर आगामी विधानसभा,लोकसभा चुनाव में वोट का बहिष्कार करेंगे।
*शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा- क्षेत्रीय विधायक प्रभास कुमार*
क्षेत्रीय विधायक प्रभास कुमार ने कहा यह मामला मेरे संज्ञान में है शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
*रोड निर्माण कार्य का प्रस्ताव भेजा गया है*
बालामऊ विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामपाल वर्मा ने कहा प्रताप नगर सीतापुर मार्ग पुलिस चौकी से घरेरा नदी तक रोड निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है प्रस्ताव स्वीकृत होते ही रोड निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिससे वहां के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
पश्चिम एशिया संकट का असर : हीलियम, एल्युमीनियम से लेकर मेडिकल उपकरण पर भी असर
अमरेश द्विवेदी

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को शांत करने के लिए किए जा रहे सीजफायर प्रयासों में अभी भी बड़ा गतिरोध बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत तो चल रही है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इसे “स्टैंडस्टिल” यानी ठहराव की स्थिति बता रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यस्थ देशों (जैसे पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र) की कोशिशों से अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी सीजफायर प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और रणनीतिक समुद्री रास्ते (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य) खोलने की बात शामिल थी।
हालांकि, ईरान ने इससे पहले कई छोटे और अस्थायी सीजफायर प्रस्तावों को भी खारिज कर दिया है और कहा है कि वह केवल दीर्घकालिक और ठोस समझौते पर ही बात करेगा।
इस संघर्ष का असर केवल राजनीतिक नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर भी गहराता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान से जुड़े तनाव के कारण तेल और गैस बाजार पहले ही प्रभावित हैं, लेकिन अब इसका असर कई महत्वपूर्ण औद्योगिक संसाधनों पर भी पड़ने लगा है।
ईरान से जुड़े तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में उत्पादन और सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर हीलियम की आपूर्ति पर देखा जा रहा है।
कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े हीलियम उत्पादकों में से एक है, ने कुछ औद्योगिक घटनाओं और हमलों के बाद उत्पादन में अस्थायी रोक की घोषणा की है। इससे वैश्विक हीलियम सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
हीलियम प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग का एक महत्वपूर्ण बाय-प्रोडक्ट है और इसका उपयोग कई अत्याधुनिक क्षेत्रों में होता है, जैसे - सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, मेडिकल उपकरण (एमआरआई मशीन), स्पेस टेक्नोलॉजी और रॉकेट लॉन्चिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स कूलिंग सिस्टम आदि।
विशेषज्ञों का मानना है कि हीलियम की कमी से चिप निर्माण उद्योग प्रभावित हो सकता है, जिससे स्मार्टफोन, लैपटॉप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों की प्रगति धीमी पड़ सकती है।
इसके अलावा एल्युमीनियम सप्लाई पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खाड़ी देशों का वैश्विक एल्युमीनियम उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान है और किसी भी प्रकार की रुकावट से इसकी कीमतों में वृद्धि हो सकती है। एल्युमीनियम का उपयोग बड़े पैमाने पर पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण उद्योग में होता है। सप्लाई बाधित होने से इन सभी क्षेत्रों में लागत बढ़ सकती है और उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ सकता है।
तेल और गैस आपूर्ति में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित है। गैसोलीन और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो यह वैश्विक मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकता है।
सेमीकंडक्टर और एआई इंडस्ट्री पहले से ही सप्लाई चेन चुनौतियों का सामना कर रही है। हीलियम और अन्य दुर्लभ गैसों की कमी से चिप निर्माण की गति धीमी हो सकती है। इसका असर सीधे तौर पर स्मार्टफोन निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति जल्दी नहीं सुधरी, तो कई कंपनियों को अपने उत्पादन लक्ष्य में देरी करनी पड़ सकती है।
हीलियम की कमी का असर मेडिकल सेक्टर पर भी पड़ सकता है, क्योंकि एमआरआई मशीनों और अन्य हाई-टेक मेडिकल उपकरणों में इसका उपयोग जरूरी होता है। इसके अलावा स्पेस इंडस्ट्री में रॉकेट फ्यूल टैंक की सफाई और लॉन्चिंग प्रक्रियाओं में भी हीलियम का उपयोग होता है।
स्पेस कंपनियों के बढ़ते लॉन्च कार्यक्रमों के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कमी की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में यह तनाव लंबे समय तक चलता है, तो इसका असर केवल ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वैश्विक सप्लाई चेन को गहराई से प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि कई कंपनियां पहले से ही संभावित कमी और कीमतों में वृद्धि को देखते हुए अपने प्रोडक्शन प्लान में बदलाव कर रही हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता फिलहाल ठहराव की स्थिति में है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक मतभेद अब तक दूर नहीं हो पाए हैं। इस बीच वैश्विक स्तर पर ऊर्जा, हीलियम, एल्युमीनियम और हाई-टेक उद्योगों पर असर बढ़ने की आशंका है।
स्थिति अगर जल्द नहीं सुधरी, तो इसका प्रभाव आने वाले महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, उद्योग और आम उपभोक्ताओं तक महसूस किया जाएगा।
बलिया।समाजवादी महिला सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं सीमा राजभर, नेताओं ने जताया हर्ष
संजीव सिंह बलिया!जनपद की निवासी सीमा राजभर को समाजवादी महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी नेताओं ने हार्दिक बधाई दी और प्रसन्नता व्यक्त की।पार्टी के राष्ट्रीय सचिव रामगोविंद चौधरी ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की सीमा राजभर एक जुझारू और कर्मठ कार्यकर्ता हैं। उनके मनोनयन से पार्टी को निश्चित रूप से अपार मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक दूरदर्शी नेता हैं, जिनकी इसी दूरांतर सोच से सीमा राजभर को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।पार्टी के जिला उपाध्यक्ष兼प्रवक्ता ने कहा कि सीमा राजभर युवा और पार्टी के प्रति पूर्ण समर्पित कार्यकर्ता हैं। उनके नेतृत्व से आगामी 2027 के चुनाव में पार्टी को बड़ा लाभ मिलेगा।
सोनभद्र और प्रतापगढ़ में ‘नारी वंदन सम्मान’ कार्यक्रम सम्पन्न, उत्कृष्ट महिलाओं का हुआ सम्मान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, लखनऊ तथा उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में सोनभद्र और प्रतापगढ़ में “नारी वंदन सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और लोक-सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।
संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी ने बताया कि कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति आमजन में जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
सोनभद्र के साईं हॉस्पिटल एंड कॉलेज ऑफ नर्सिंग, सजौर रॉबर्ट्सगंज में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को “नारी वंदन सम्मान” से सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में श्वेता कुमारी (वाराणसी), सोनी सेठ (वाराणसी) और रानी सिंह (मिर्जापुर) की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कॉलेज की छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
वहीं प्रतापगढ़ में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक ओम प्रकाश ने की। कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष बेलहा प्रेमलता सिंह विशिष्ट अतिथि रहीं। इसके अलावा प्रो. अमित कुमार श्रीवास्तव, प्रो. बृजभानु सिंह, शिशिर खरे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ में प्रो. किरन मिश्रा, डॉ. पूनम सिंह, डॉ. शशि प्रभा गुप्ता, पूजा मंधान, अनुभा पाण्डेय, अरुणा केसरवानी, सुधा तुलस्यान, प्रियंका राज, लक्ष्मी मिश्रा, सोनिया गुप्ता और श्रद्धा सिंह समेत कई महिलाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर शक्ति कुमार पांडे रहे। आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शक, कलाकार और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सपा प्रतिनिधी मंडल डीएम से मिला मांगा मतदाता सूची के काटे और जोडे गये नाम
मिर्जापुर। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी के निर्देश पर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधीमंडल मंगलवार को जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार  से  जिले की  मिर्जापुर, छानबे, चुनार, मझवां, मडिहान विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के पुनरीक्षण/संशोधन के दौरान जिन मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, जोड़े गए हैं, स्थानांतरित (परिवर्तित) किए गए हैं, तथा जिन मतदाताओं के नाम मैपिंग अथवा लॉजिकल एरर की श्रेणी में दर्ज हैं।
उपरोक्त सभी श्रेणियों (वोट कटने, जोड़ने, स्थानांतरण, मैपिंग एवं लॉजिकल एरर) से संबंधित मतदाताओं का स्पष्ट एवं प्रमाणिक विवरण उपलब्ध कराने की मांग की है। जिससे आवश्यक जांच एवं सत्यापन किया जा सके। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी सदर गुलाबचन्द्र से मझवां विधानसभा अध्यक्ष झल्लू यादव ने मझवां विधानसभा की जोडे और काटे गये नामो की सूची मांगी। चुनार विधानसभा अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह उपजिलाधिकारी चुनार राजेश वर्मा से चुनार विधानसभा की मतदाता सूची मांगा। वही छानबे विधानसभा अध्यक्ष सोकिम अहमद ने उपजिलाधिकारी लालगंज से काटे ओैर जोडे गये नामो की मतदाता सूची मांगा। और कहा गया की निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा जायेगा और 24 अप्रैल को जिलाधिकारी से शिकायत की जायेगी और मतदाता सूची पर आपत्ती दर्ज कराया जायेगा।
प्रतिनिधीमंडल ने जिला महासचिव आदर्श यादव, झल्लू यादव, सोकिम अहमद, राणाप्रताप सिंह, कान्धा यादव, हरिशंकर यादव, जुम्मन खान आदि शामिल है।
Mirzapur : ₹ 25 हजार के ईनामिया गिरफ्तार

मीरजापुर। दिल्ली एक निवासी एक शातिर अपराधी को मीरजापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था जो फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक द्वारा जनपद में अपराधों के रोकथाम एवं अपराधियों की धरपकड़ तथा गो-तस्करी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही सहित इनामियां अपराधियों की गिरफ्तारी के क्रम में यह गिरफ्तारी की गई है।
दरअसल, पुलिस अधीक्षक आपरेशन व क्षेत्राधिकारी आपरेशन के नेतृत्व में थाना अहरौरा पुलिस टीम को मंगलवार को यह सफलता हाथ तब लगी है, जब अहरौरा थाना पुलिस पर उ.प्र. गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम से सम्बन्धित ₹ 25 हजार के ईनामियां वांछित पंकज कश्यप पुत्र मदन कुमार निवासी शास्त्री पार्क उस्मानपुर जनपद पूर्वी दिल्ली, दिल्ली को थाना अहरौरा क्षेत्रांतर्गत लखनियादरी तिराहा के पास से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के पश्चात आवश्यक कार्यवाही करते हुए उसे जेल भेजा गया है। थाना प्रभारी अहरौरा के मुताबिक पंकज पर कई मुकदमें पंजीकृत हैं तथा वह एक शातिर किस्म का अपराधी है।
बुआ के घर बरीक्षा में आए युवक की ट्रैक्टर ट्रॉली के चपेट में आने से मौत
*शव को सड़क पर शव रखकर परिजन कर रहे प्रदर्शन

गोंडा।जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत चकपान गांव में ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से आकाश यादव (16) की मौत हो गई।आकाश अपने फूफा रामजनक यादव के यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने आया था।घटना के बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का प्रयास किया जा रहा था,परन्तु परिजनों ने शव को कब्जे में लेकर गांव के बाहर सड़क पर रख दिया।वे आरोपियों को तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।परिजनों ने ट्रैक्टर ट्रॉली चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर भी दिया है।विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी तरबगंज के साथ तरबगंज, नवाबगंज तथा वजीरगंज थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है।पुलिस अधिकारी परिजनों को समझाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं,लेकिन प्रदर्शन एक घंटे से अधिक समय से जारी है।परिजनों की मांग है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा,तब तक परिजन इसी तरह से धरना देते रहेंगे।थानाध्यक्ष नवाबगंज अभय सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान आकाश यादव (16) पुत्र प्रभु नाथ यादव के रूप में हुई है।जो नवाबगंज थाना क्षेत्र के चौबेपुर गांव का निवासी था।उन्होंने पुष्टि किया कि आकाश अपने फूफा के यहाँ बरीक्षा कार्यक्रम में शामिल होने आया था और मिट्टी गिराने जा रही ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से उसकी मौत हुई है।पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई हो रही है।आकाश यादव की मौत को लेकर भारी संख्या में गांव के लोग भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं और सड़क को जाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं।
महिला अधिकारों के समर्थन में सड़क पर उतरे सीएम योगी
*  लखनऊ में जन आक्रोश पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब

लखनऊ। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को विपक्ष द्वारा समर्थन न दिए जाने के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ में भाजपा की ओर से विशाल जन आक्रोश पदयात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सड़क पर उतरकर इस पदयात्रा का नेतृत्व करते नजर आए। मुख्यमंत्री आवास से शुरू हुई यात्रा सिविल अस्पताल, हजरतगंज होते हुए विधान भवन तक पहुंची, जहां हजारों महिलाओं की मौजूदगी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, ब्रजेश पाठक, सहयोगी दलों के नेता, मंत्रिमंडल के सदस्य और पार्टी पदाधिकारी भी पदयात्रा में शामिल हुए।
विधान भवन के सामने महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की ऐतिहासिक पहल है, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके और इंडी गठबंधन के दलों ने इसे बाधित कर अपना महिला-विरोधी चेहरा उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएं चलाई गईं, जिनका व्यापक लाभ देश की महिलाओं को मिला है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का आचरण नारी गरिमा के प्रतिकूल रहा है, इसलिए आज देशभर की महिलाएं लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जता रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

* तेज धूप भी नहीं रोक सकी महिलाओं का उत्साह
सुबह लगभग 10 बजे शुरू हुई पदयात्रा में तेज धूप के बावजूद महिलाओं का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। हाथों में तख्तियां और नारों के साथ हजारों महिलाएं पदयात्रा में शामिल हुईं। ‘महिला अधिकारों पर वार, सपा-कांग्रेस जिम्मेदार’ और ‘नारी सम्मान में एनडीए मैदान में’ जैसे नारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।
रैली के दौरान राजधानी की सड़कों पर अनुशासन, उत्साह और महिला शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। युवा, बुजुर्ग, छात्राएं और कामकाजी महिलाओं की भागीदारी ने इस आयोजन को व्यापक जनसमर्थन का स्वरूप दिया।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि को मारी गोली, लखनऊ रिफर
*गाड़ी में बैठते समय कहासुनी के बाद दबंगों ने मारी गोली

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डेसरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में सोमवार देर रात लगभग 10 बजे चुनावी रंजिश को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई है।जहाँ जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह को गांव के कुछ लोगों ने आपसी कहासुनी के बाद गोली मार दिया।गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा से लखनऊ रिफर कर दिया गया है।यह घटना देर रात  उस समय हुई जब भूपेंद्र सिंह अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे।गोली लगने के बाद उनकी गाड़ी एक पेड़ से टकरा गई।घटना के तत्काल बाद परिवार के सदस्य उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसपुर ले गये,जहाँ से उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज भेज दिया गया।जहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रिफर कर दिया गया है।भूपेंद्र सिंह के पेट में गोली के छर्रे लगे हैं,जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल घटना स्थल पर पहुंचे।उन्होंने भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह की पत्नी और परसपुर पंचम से जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने पांच टीमों का गठन किया है।भूपेंद्र सिंह पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी बताए जाते हैं।उनकी पत्नी अनामिका सिंह परसपुर पंचम क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं।भूपेंद्र सिंह स्वयं भी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि होने के साथ साथ प्रधानी के चुनाव की तैयारी कर रहे थे।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह घटना चुनावी रंजिश और आपसी कहासुनी का प्रतीत होता है।पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि किया कि उन्होंने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया है।उन्होंने बताया कि घटना के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच पुलिस टीमों को लगाया गया है।पुलिस ने जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस से नीचे उतारते समय साथ आए लोगों ने मेडिकल कालेज की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्ड से गाली गलौज किया है,जिससे मेडिकल कालेज में तैनात कई गार्ड नाराज हैं और उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग किया है।
मगध विश्वविद्यालय में वैचारिक टकराव गहराया, जातीय उन्माद और हिंदू विरोधी विचारों के प्रसार के आरोप

गया-बोधगया। मगध विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों में हाल के दिनों में हो रही कुछ गतिविधियों ने शैक्षणिक वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ व्यक्तियों द्वारा वामपंथी विचारधारा के नाम पर छात्रों के बीच जातीय उन्माद फैलाने तथा हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित होता प्रतीत हो रहा है, जो चिंता का विषय है।एबीवीपी के छात्र नेता सूरज सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान के केंद्र होते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में सुनियोजित ढंग से छात्रों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर छात्रों को बांटना तथा हिंदू आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध नकारात्मक वातावरण तैयार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल छात्र एकता कमजोर होती है, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सूरज सिंह ने आगे आरोप लगाया कि कुछ तत्व एकतरफा विचारधारा और भ्रामक प्रचार के माध्यम से छात्रों व ख़ास कर छात्राओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे परिसर में अविश्वास और तनाव का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति या वैचारिक उन्माद को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सूरज सिंह ने सभी छात्र संगठनों, शिक्षकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से भी अपील की कि वे छात्रों को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सकारात्मक, समावेशी एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में कार्य करें।

इधर छात्र समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई छात्रों का मानना है कि विचारों की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, लेकिन किसी भी विचारधारा के नाम पर समाज या किसी धर्म विशेष के खिलाफ माहौल बनाना तथा छात्रों को विभाजित करना शिक्षा की मूल भावना के विपरीत है।

गुस्साए आसपास गांवों के सैकड़ो ग्रामीणों ने पुल को लेकर हुए लामबंद

दर्जनों गांव के ग्रामीण आगामी चुनाव में वोट का करेंगे बहिष्कार- पुल नहीं तो वोट नहीं*

पीयूष तिवारी
अहिरोरी - जनपद हरदोई में जनप्रतिनिधियों द्वारा बराबर कागज पर विकास की तो गंगा बहाई जा रही है लेकिन धरातल पर कुछ ओर ही नजर आ रहा है बता दे विकासखंड अहिरोरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत चठिया मजरा ढपरापुर गांव के बाहर निकली घरेरा नदी पर आजादी के बाद अभी तक ग्रामीणों को पुल नसीब नहीं हुआ है जिसका दंश आज भी वहां के इलाकाई ग्रामीण झेलने को मजबूर है। ढ़परापुर,शोभे पुरवा,पत्तीपुर,चठिया,बांनेकुइया,चाहलैहिया,रघुनाथपुर,सुनौवा, जलालपुर,पत्तीपुर डीह सहित दर्जनों गांव के गुस्साए सैकड़ो ग्रामीणों ने सोमवार को लामबंद होकर पुल निर्माण की मांग उठाई पुल नहीं तो वोट नहीं। प्रधान कृष्ण कुमार मौर्य,ब्रह्मशरण मिश्रा, मुकेश यादव,रजनीश,कृष्णपाल रविंद्र मिश्रा,राजकुमार,कुलदीप सहित सैकड़ो ग्रामीणों ने पुल निर्माण को लेकर अपना दर्द बयां किया है ग्रामीणों का कहना है बरसात के समय इस मार्ग से दर्जनों गांव के ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो जाता है क्योंकि यह मार्ग ढ़परापुर गांव से सीधे प्रताप नगर सीतापुर मार्ग को जोड़ता है जिसकी दूरी गांव से करीब 1 से 2 किलोमीटर बताई है ग्रामीणों का कहना है यहां के जिम्मेदार सांसद,विधायक जनप्रतिनिधियों से कई बार कहां गया लेकिन अनसुनी कर देते।
*गुस्साए ग्रामीण विधानसभा,लोकसभा चुनाव में वोट का करेंगे बहिष्कार*
गुस्साए ग्रामीणों ने इस बार मन बना लिया है इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के सारे ग्रामीण लामबंद होकर आगामी विधानसभा,लोकसभा चुनाव में वोट का बहिष्कार करेंगे।
*शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा- क्षेत्रीय विधायक प्रभास कुमार*
क्षेत्रीय विधायक प्रभास कुमार ने कहा यह मामला मेरे संज्ञान में है शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।
*रोड निर्माण कार्य का प्रस्ताव भेजा गया है*
बालामऊ विधानसभा क्षेत्र से विधायक रामपाल वर्मा ने कहा प्रताप नगर सीतापुर मार्ग पुलिस चौकी से घरेरा नदी तक रोड निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है प्रस्ताव स्वीकृत होते ही रोड निर्माण कार्य कराया जाएगा। जिससे वहां के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
पश्चिम एशिया संकट का असर : हीलियम, एल्युमीनियम से लेकर मेडिकल उपकरण पर भी असर
अमरेश द्विवेदी

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को शांत करने के लिए किए जा रहे सीजफायर प्रयासों में अभी भी बड़ा गतिरोध बना हुआ है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत तो चल रही है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ इसे “स्टैंडस्टिल” यानी ठहराव की स्थिति बता रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यस्थ देशों (जैसे पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र) की कोशिशों से अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी सीजफायर प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और रणनीतिक समुद्री रास्ते (जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य) खोलने की बात शामिल थी।
हालांकि, ईरान ने इससे पहले कई छोटे और अस्थायी सीजफायर प्रस्तावों को भी खारिज कर दिया है और कहा है कि वह केवल दीर्घकालिक और ठोस समझौते पर ही बात करेगा।
इस संघर्ष का असर केवल राजनीतिक नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर भी गहराता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान से जुड़े तनाव के कारण तेल और गैस बाजार पहले ही प्रभावित हैं, लेकिन अब इसका असर कई महत्वपूर्ण औद्योगिक संसाधनों पर भी पड़ने लगा है।
ईरान से जुड़े तनाव और क्षेत्रीय संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में उत्पादन और सप्लाई प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर हीलियम की आपूर्ति पर देखा जा रहा है।
कतर, जो दुनिया के सबसे बड़े हीलियम उत्पादकों में से एक है, ने कुछ औद्योगिक घटनाओं और हमलों के बाद उत्पादन में अस्थायी रोक की घोषणा की है। इससे वैश्विक हीलियम सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
हीलियम प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग का एक महत्वपूर्ण बाय-प्रोडक्ट है और इसका उपयोग कई अत्याधुनिक क्षेत्रों में होता है, जैसे - सेमीकंडक्टर चिप निर्माण, मेडिकल उपकरण (एमआरआई मशीन), स्पेस टेक्नोलॉजी और रॉकेट लॉन्चिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स कूलिंग सिस्टम आदि।
विशेषज्ञों का मानना है कि हीलियम की कमी से चिप निर्माण उद्योग प्रभावित हो सकता है, जिससे स्मार्टफोन, लैपटॉप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों की प्रगति धीमी पड़ सकती है।
इसके अलावा एल्युमीनियम सप्लाई पर भी दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खाड़ी देशों का वैश्विक एल्युमीनियम उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान है और किसी भी प्रकार की रुकावट से इसकी कीमतों में वृद्धि हो सकती है। एल्युमीनियम का उपयोग बड़े पैमाने पर पैकेजिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण उद्योग में होता है। सप्लाई बाधित होने से इन सभी क्षेत्रों में लागत बढ़ सकती है और उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ सकता है।
तेल और गैस आपूर्ति में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित है। गैसोलीन और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो यह वैश्विक मुद्रास्फीति को और बढ़ा सकता है।
सेमीकंडक्टर और एआई इंडस्ट्री पहले से ही सप्लाई चेन चुनौतियों का सामना कर रही है। हीलियम और अन्य दुर्लभ गैसों की कमी से चिप निर्माण की गति धीमी हो सकती है। इसका असर सीधे तौर पर स्मार्टफोन निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्थिति जल्दी नहीं सुधरी, तो कई कंपनियों को अपने उत्पादन लक्ष्य में देरी करनी पड़ सकती है।
हीलियम की कमी का असर मेडिकल सेक्टर पर भी पड़ सकता है, क्योंकि एमआरआई मशीनों और अन्य हाई-टेक मेडिकल उपकरणों में इसका उपयोग जरूरी होता है। इसके अलावा स्पेस इंडस्ट्री में रॉकेट फ्यूल टैंक की सफाई और लॉन्चिंग प्रक्रियाओं में भी हीलियम का उपयोग होता है।
स्पेस कंपनियों के बढ़ते लॉन्च कार्यक्रमों के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे कमी की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में यह तनाव लंबे समय तक चलता है, तो इसका असर केवल ऊर्जा बाजार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह वैश्विक सप्लाई चेन को गहराई से प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि कई कंपनियां पहले से ही संभावित कमी और कीमतों में वृद्धि को देखते हुए अपने प्रोडक्शन प्लान में बदलाव कर रही हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर वार्ता फिलहाल ठहराव की स्थिति में है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और रणनीतिक मतभेद अब तक दूर नहीं हो पाए हैं। इस बीच वैश्विक स्तर पर ऊर्जा, हीलियम, एल्युमीनियम और हाई-टेक उद्योगों पर असर बढ़ने की आशंका है।
स्थिति अगर जल्द नहीं सुधरी, तो इसका प्रभाव आने वाले महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, उद्योग और आम उपभोक्ताओं तक महसूस किया जाएगा।