झारखंड में निवेश की नई उड़ान: इस्पात और स्वच्छ ऊर्जा पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नवीन जिंदल समूह के बीच बड़ी चर्चा

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के यूनाइटेड किंगडम (UK) प्रवास के दौरान झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लंदन में मुख्यमंत्री और नवीन जिंदल समूह के प्रतिनिधियों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें राज्य में स्टील, क्लीन एनर्जी और कौशल विकास के क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाओं पर सहमति बनी।

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रांची से लंदन तक निवेश का रोडमैप

यह मुलाकात 2 जनवरी 2026 को रांची में मुख्यमंत्री और श्री नवीन जिंदल के बीच हुई प्रारंभिक बातचीत का अगला चरण है। इस बैठक का उद्देश्य उन चर्चाओं को धरातल पर उतारना और रणनीतिक साझेदारी को अंतिम रूप देना है।

प्रमुख निवेश और सहयोग के क्षेत्र:

बैठक में तीन मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया गया:

स्टील और बिजली: नवीन जिंदल समूह ने झारखंड में इस्पात उत्पादन और बिजली के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए बड़े निवेश की इच्छा जताई है।

स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy): भारत के 'कम कार्बन अर्थव्यवस्था' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, राज्य में हरित ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई।

उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास: समूह ने मुख्यमंत्री की 'मरांग गोमके छात्रवृत्ति योजना' की सराहना की। इसके तहत झारखंड के छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण कार्यक्रम और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए संस्थानों की क्षमता बढ़ाने पर सहमति बनी।

युवाओं को मिलेंगे वैश्विक अवसर

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ राज्य के युवाओं का कौशल विकास उनकी प्राथमिकता है। नवीन जिंदल समूह के सहयोग से झारखंड के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और औद्योगिक अनुभव मिल सकेगा।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: लंदन में झारखंड के लिए बड़ी डील: नवीन जिंदल समूह करेगा स्टील और क्लीन एनर्जी में निवेश।

विकल्प 2: 'मरांग गोमके छात्रवृत्ति' के मुरीद हुए जिंदल समूह; झारखंड के छात्रों के लिए खुलेंगे वैश्विक शिक्षा के द्वार।

विकल्प 3: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन: झारखंड में उद्योगों के साथ कौशल विकास की नई इबारत लिखेगा जिंदल समूह।

Sambhal नेजा मेला लगेगा या फिर लगेगी रोक? हाईकोर्ट पहुँची नेजा कमेटी, प्रशासन पर साजिश का आरोप
सम्भल में पारंपरिक नेजा मेले को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। पिछले वर्ष प्रशासनिक रोक के चलते मेला आयोजित नहीं हो सका था, लेकिन इस बार धार्मिक नगर नेजा कमेटी ने साफ संकेत दिए हैं कि वे मेले के आयोजन को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। मामला अब सीधे माननीय उच्च न्यायालय पहुँच चुका है।

धार्मिक नगर नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद मसूदी ने बताया कि नेजा मेला सय्यद सालार मसूद ग़ाज़ी रहमतुल्ला अलैह की याद में हजार वर्षों से अधिक समय से परंपरागत रूप से आयोजित होता चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि 2025 में प्रशासन ने जानबूझकर मेले को रोकने की साजिश रची। कमेटी द्वारा समय से उपजिलाधिकारी को लिखित सूचना देने के बावजूद, झंडा रोपण से एक दिन पहले उन्हें कोतवाली बुलाया गया और मेले को गैरकानूनी बताते हुए रोक लगा दी गई। शाहिद मसूदी का आरोप है कि उस दौरान अधिकारियों ने न केवल मेला रोकने की बात कही, बल्कि झंडा गाड़ने वालों को देशद्रोही तक करार दिया गया। इसके बाद उन्हें 24 घंटे के लिए नजरबंद कर दिया गया, जिससे वे कोर्ट भी नहीं जा सके और मेला आयोजित नहीं हो पाया। इस वर्ष कमेटी ने 10 दिसंबर को ही जिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र सौंप दिया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 10 मार्च को नेजा मेले की ढाल गाड़ी जाएगी और उसके बाद मेले का आयोजन होगा। अध्यक्ष ने बताया कि इस बार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 20 तारीख को हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर दी गई है। नेजा मेला न लगने से पिछले साल स्थानीय व्यापारियों और गरीब तबके पर गहरा असर पड़ा था। दूर-दराज से आने वाले दुकानदारों, खासकर दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों की आजीविका प्रभावित हुई। कमेटी ने इस पहलू को भी अपनी याचिका में प्रमुखता से उठाया है। शाहिद मसूदी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि हर धर्म को अपने त्योहार मनाने का संवैधानिक अधिकार है और यही देश की गंगा-जमुनी तहजीब और धर्मनिरपेक्ष पहचान है। अब सबकी नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि इस साल नेजा मेला लगेगा या फिर एक बार फिर उस पर रोक लगेगी।
ठंड व बारिश से फसल नुकसान पर किसानों की चिंता, मोहम्मदपुर सकिश्त बहसूमा में हुई अहम बैठक

बहसूमा। मेरठ क्षेत्र में लगातार पड़ रही ठंड और हो रही बारिश के चलते किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान को लेकर पूर्व डायरेक्टर चौधरी राजपाल सिंह के पुत्र अमित चौधरी के आवास पर एक महत्वपूर्ण चर्चा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों ने मौसम की मार से बर्बाद हो रही फसलों को लेकर गहरी चिंता जताई और शासन-प्रशासन से राहत की मांग की।

बैठक में बसपा सरकार में रहे चर्चित चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि असमय ठंड और बारिश से सरसों, आलू सहित अन्य रबी फसलों को गंभीर नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की।

चर्चा के दौरान पत्रकार परविंदर चौधरी ने कहा कि किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसे जनप्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि पीड़ित किसानों को समय रहते राहत मिल सके। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपनी बात मजबूती से रखने का आह्वान किया।

बैठक में प्रवेश कुमार, परविंदर खंगवाल, जोगिंदर चौधरी, शौकिंदर चौधरी, बहसूमा पप्पू चौधरी, कपिल कुमार सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने बताया कि मौसम की मार से खेतों में खड़ी फसलें बिछ गई हैं और उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।

अंत में सभी ने एक स्वर में मांग की कि शासन द्वारा जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कराकर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें इस प्राकृतिक आपदा से उबरने में मदद मिल सके।
लंदन में गूँजी 'झारखण्ड' की अस्मिता: 'झारखण्ड @25' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने साझा किया विकास का वैश्विक रोडमैप

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में लंदन में आयोजित ‘झारखण्ड कार्यक्रम ने एक नया इतिहास रच दिया है। यह संभवतः भारत का पहला ऐसा अवसर है जब किसी राज्य सरकार ने सात समंदर पार अपने छात्रों, प्रवासियों और उद्यमियों के लिए इतने भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया हो।

मरांग गोमके स्कॉलर्स की दिखी सक्रिय भागीदारी

लंदन के इस विशेष कार्यक्रम में झारखंड की मरांग गोमके ओवरसीज स्कॉलरशिप और चेवनिंग छात्रवृत्ति के तहत यूके की टॉप यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे छात्र, शोधकर्ता, विभिन्न विश्वविद्यालयों के फैकल्टी और सफल उद्यमियों सहित लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। अपनी मिट्टी से दूर विदेशी धरती पर झारखंडी युवाओं के इस हुजूम ने राज्य की बौद्धिक प्रगति का प्रदर्शन किया।

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"जड़ों से जुड़कर, भविष्य की ओर अग्रसर" – मुख्यमंत्री

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के संघर्ष और भविष्य के विजन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:

"यह कार्यक्रम 25 वर्षों की उपलब्धियों से आगे बढ़कर अनंत संभावनाओं की कहानी है। हमारी विकास यात्रा मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा और दिशोम गुरुजी के आत्मसम्मान और न्याय के आदर्शों से प्रेरित है। झारखंड प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर समावेशी विकास के पथ पर निरंतर बढ़ता रहेगा।"

लंदन में सादरी गीतों की गूँज और सांस्कृतिक गौरव

कार्यक्रम स्थल पूरी तरह झारखंडी रंग में रंगा नजर आया। मरांग गोमके स्कॉलर्स और प्रवासी झारखंडियों ने पारंपरिक नृत्य और सादरी गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा हॉल झारखंड की संस्कृति से गुंजायमान हो उठा। छात्रों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे राज्य सरकार की छात्रवृत्ति ने उनके वैश्विक सपनों को हकीकत में बदला है।

प्रमुख आकर्षण:

ऐतिहासिक पहल: किसी राज्य द्वारा विदेश में अपनी अस्मिता और विकास पर केंद्रित पहला बड़ा आयोजन।

युवा शक्ति: उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं ने मुख्यमंत्री को राज्य के विकास में भागीदार बनने का भरोसा दिया।

संस्कृति का संरक्षण: आधुनिकता के बीच अपनी परंपरा और जड़ों के प्रति गर्व का भाव।

सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर में बसंत पंचमी महोत्सव की धूम*
सुल्तानपुर,बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर की पावन धरा पर मां वीणावादिनी की वीणा के तार झंकृत हो उठे। विद्यालय में प्रकृति पूजा का महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।इधर प्रकृति की नई तरंग, उधर भैया बहनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम की उमंग हिलोरें मार रही थी। पीले रंग की सजावट में मानो विद्या मन्दिर का कोना-कोना फूलों की कान्ति से मुस्कुरा रहा हो। हवन- सामग्री की पवित्र आहुतियां सम्पूर्ण वातावरण को सुगंधित करती रहीं। आचार्य महेश कुमार शुक्ल ने मंत्रोच्चार कर मां शारदे का आह्वान किया तो यजमान अतिथि सुल्तानपुर विभाग के माननीय विभाग संघ चालक डाक्टर ए के सिंह,सुमन सिंह,विभाग प्रचारक श्रीमान् श्री प्रकाश जी, जिला प्रचारक आशीष जी,प्रबन्धक डा.पवन सिंह,डाक्टर शिवांगी सिंह,प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा, पूर्व प्रबन्धक सुनील श्रीवास्तव, शैलेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ पवनेश मिश्र ,शक्ति पाठक के साथ- साथ सभी आचार्य बन्धु भगिनी एवं भैया बहनों ने हवन-पूजन किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज बसंत पंचमी उत्सव के साथ विद्यालय में शिशु वाटिका से लेकर कक्षा 6, 9 एवं 11 की कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आज इन कक्षाओं में प्रवेश के इच्छुक छात्र छात्राओं को प्रवेश परीक्षा हेतु फार्म का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में 151 भैया बहनों का वैदिक रीति से प्रवेश प्रारंभ संस्कार कर प्रवेश प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन संजीव चतुर्वेदी तथा श्वेता पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के अन्त में कार्यक्रम की संयोजिका श्रद्धा सिंह ने आगन्तुक अतिथियों, सहयोगियों एवं भैया बहनों के प्रति आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम के संयोजन में आचार्य अनिल पाण्डेय, रमेश मिश्र , रमाशंकर तिवारी, शेषमणि द्विवेदी, राजबहादुर शर्मा, रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी, प्रांजलि पाण्डेय,शशी द्विवेदी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में सम्पूर्ण विद्यालय परिवार ने भागीदारी की।
लंदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की 'डिप्लोमेसी': वैश्विक नीति-निर्माताओं के सामने रखी झारखंड की विकास गाथा

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लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त श्री विक्रम दोराईस्वामी द्वारा आयोजित आधिकारिक स्वागत समारोह में शिरकत की। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहाँ मुख्यमंत्री ने झारखंड की संभावनाओं पर वैश्विक संवाद का नेतृत्व किया।

भारत के विकास में झारखंड का 'अहम स्थान'

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की समग्र आर्थिक प्रगति में झारखंड की भूमिका कितनी निर्णायक है। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:

औद्योगिक एवं खनिज क्षमता: प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों के साथ राज्य की बढ़ती औद्योगिक ताकत।

युवा शक्ति: मानव संसाधन की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का संकल्प।

रणनीतिक सहयोग: यूके और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, उच्च शिक्षा और कौशल विकास में निवेश की अपील।

विरासत से लेकर खेल तक: बहुआयामी साझेदारी पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी सहयोग के द्वार खोले:

विरासत संरक्षण: झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्राचीन स्मारकों के संरक्षण के लिए ब्रिटिश विशेषज्ञों के साथ तकनीकी साझेदारी।

शिक्षा और खेल: झारखंड के युवाओं और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने के लिए द्विपक्षीय समझौतों पर चर्चा।

तकनीकी सहयोग: नई और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संभावित निवेश।

यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा

यह संवाद यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी के व्यापक ढांचे के अनुरूप रहा। राजनीतिक गलियारों में इस यात्रा को झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेश, उच्च शिक्षा और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलने वाली एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन चर्चाओं के सकारात्मक परिणाम जल्द ही धरातल पर दिखाई देंगे।

झारखंड की प्राचीन विरासत अब वैश्विक मंच पर: लंदन में 'Historic England' के साथ मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक

लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल 'झारखंड वैश्विक आउटरीच के तहत यूनाइटेड किंगडम में राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए नई संभावनाएँ तलाश रहा है। इसी कड़ी में, प्रतिनिधिमंडल ने यूके की विरासत संरक्षण संस्था 'Historic England' के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

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स्टोनहेंज और एवेबरी भ्रमण का विशेष आमंत्रण

झारखंड के मेगालिथिक (पाषाणकालीन) स्मारकों में गहरी रुचि दिखाते हुए 'Historic England' ने मुख्यमंत्री को विश्व प्रसिद्ध एवेबरी (Avebury) और स्टोनहेंज (Stonehenge) जैसे प्रागैतिहासिक स्थलों के भ्रमण के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को इन स्थलों का दौरा कर वहां की संरक्षण तकनीकों का अवलोकन करेंगे।

POCC 2025: भारत-यूके सांस्कृतिक सहयोग का लाभ

यह बैठक 'यूके भारत व्यापक सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम (POCC) 2025' के तहत आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा:

"झारखंड देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जो इस अंतरराष्ट्रीय ढांचे का उपयोग कर अपनी आदिवासी विरासत और प्राचीन मेगालिथिक परंपराओं को वैश्विक पहचान दिला रहा है। झारखंड की विशेषता यह है कि यहाँ हजारों साल पुरानी परंपराएँ आज भी समुदायों के जीवन में जीवित हैं।"

झारखंड के 'जीवाश्म' और 'मेगालिथ' की वैश्विक प्रस्तुति

बैठक में झारखंड के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को शोध-आधारित तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया गया:

पकरी बरवाडीह (हजारीबाग): सूर्य की गति के अनुसार निर्मित विशिष्ट मेगालिथिक परिसर।

मंदर जीवाश्म उद्यान (साहिबगंज): करोड़ों साल पुराने जीवाश्मों का अनूठा संग्रह।

शैलचित्र एवं मोनोलिथ: राज्य के विभिन्न हिस्सों में फैले पाषाण स्मारक।

"Sentinels of Time" कॉफी टेबल बुक का विमोचन

प्रतिनिधिमंडल ने “Sentinels of Time” शीर्षक वाली एक विशेष कॉफी टेबल बुक प्रस्तुत की। यह पुस्तक झारखंड के मेगालिथिक और जीवाश्म परिदृश्यों को वैश्विक विशेषज्ञों और पर्यटकों के सामने वैज्ञानिक और दृश्य दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत करती है।

सांस्कृतिक पर्यटन और स्थानीय आजीविका पर जोर

झारखंड सरकार का लक्ष्य विरासत संरक्षण को केवल स्मारकों तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, शैक्षणिक साझेदारी और स्थानीय आदिवासियों की आजीविका व पर्यटन से जोड़ना है।

उपस्थिति: बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना डाडेल सहित 'English Heritage Trust' और 'National Trust' के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

गोंडा। करनैलगंज तहसील क्षेत्र के परसपुर विकासखंड अंतर्गत आंटा गांव निवासी तथा पूरे जनपद में पप्पू मड़हा के नाम से चर्चित धर्मेंद्र प्रताप सिंह (54 वर्ष) का हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके असामयिक निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है। धर्मेंद्र प्रताप सिंह सरल स्वभाव, मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी थे। वे कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रह चुके थे तथा परसपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण वे क्षेत्र में व्यापक रूप से लोकप्रिय थे।

उनके निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनपदवासियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की, साथ ही शोकाकुल परिवार को इस असीम पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का जाना क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
आरोपी लकी और इमरान पर इनाम घोषित‍ जिम में धर्मांतरण, यौन शोषण का मामला

मीरजापुर। नगर के चर्चित जिमों में फिटनेस की आड़ में धर्मांतरण और यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद धड़ाधड़ गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपी लकी और इमरान पर इनाम घोषित कर उनके धड़पकड़ में तेजी से जुड़ गई है।

दोनों पर 25-25 हजार का इनाम‍ घोषित किया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया है। शुरुवाती जांच में 50 लड़कियों के मिले वीडियो के आधार पर पुलिस कार्रवाई की गति तेज‍ करते हुए लगातार आगे बढ़ रही है। बताया गया है कि
आरोपित जिमों में हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण का खेल चल रहा था। आरोप है कि KGN 1, 2, 3 और बी फिट जिम में चलता आ रहा था धर्मांतरण और यौन शोषण का गंदा खेल।

इस मामले में यूपी पुलिस का एक सिपाही समेत 6 आरोपी पहले ही किए जा चुके हैं अरेस्ट। पुलिस के मुताबिक सिंडिकेट के लोग व्हॉट्सऐप से बातचीत करते थे।
धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

गोंडा। करनैलगंज तहसील क्षेत्र के परसपुर विकासखंड अंतर्गत आंटा गांव निवासी तथा पूरे जनपद में पप्पू मड़हा के नाम से चर्चित धर्मेंद्र प्रताप सिंह (54 वर्ष) का हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके असामयिक निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है। धर्मेंद्र प्रताप सिंह सरल स्वभाव, मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी थे। वे कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रह चुके थे तथा परसपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण वे क्षेत्र में व्यापक रूप से लोकप्रिय थे।

उनके निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनपदवासियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की, साथ ही शोकाकुल परिवार को इस असीम पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का जाना क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
झारखंड में निवेश की नई उड़ान: इस्पात और स्वच्छ ऊर्जा पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नवीन जिंदल समूह के बीच बड़ी चर्चा

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के यूनाइटेड किंगडम (UK) प्रवास के दौरान झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लंदन में मुख्यमंत्री और नवीन जिंदल समूह के प्रतिनिधियों के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें राज्य में स्टील, क्लीन एनर्जी और कौशल विकास के क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाओं पर सहमति बनी।

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रांची से लंदन तक निवेश का रोडमैप

यह मुलाकात 2 जनवरी 2026 को रांची में मुख्यमंत्री और श्री नवीन जिंदल के बीच हुई प्रारंभिक बातचीत का अगला चरण है। इस बैठक का उद्देश्य उन चर्चाओं को धरातल पर उतारना और रणनीतिक साझेदारी को अंतिम रूप देना है।

प्रमुख निवेश और सहयोग के क्षेत्र:

बैठक में तीन मुख्य स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया गया:

स्टील और बिजली: नवीन जिंदल समूह ने झारखंड में इस्पात उत्पादन और बिजली के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए बड़े निवेश की इच्छा जताई है।

स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy): भारत के 'कम कार्बन अर्थव्यवस्था' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, राज्य में हरित ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई।

उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास: समूह ने मुख्यमंत्री की 'मरांग गोमके छात्रवृत्ति योजना' की सराहना की। इसके तहत झारखंड के छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण कार्यक्रम और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए संस्थानों की क्षमता बढ़ाने पर सहमति बनी।

युवाओं को मिलेंगे वैश्विक अवसर

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ राज्य के युवाओं का कौशल विकास उनकी प्राथमिकता है। नवीन जिंदल समूह के सहयोग से झारखंड के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और औद्योगिक अनुभव मिल सकेगा।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: लंदन में झारखंड के लिए बड़ी डील: नवीन जिंदल समूह करेगा स्टील और क्लीन एनर्जी में निवेश।

विकल्प 2: 'मरांग गोमके छात्रवृत्ति' के मुरीद हुए जिंदल समूह; झारखंड के छात्रों के लिए खुलेंगे वैश्विक शिक्षा के द्वार।

विकल्प 3: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का विजन: झारखंड में उद्योगों के साथ कौशल विकास की नई इबारत लिखेगा जिंदल समूह।

Sambhal नेजा मेला लगेगा या फिर लगेगी रोक? हाईकोर्ट पहुँची नेजा कमेटी, प्रशासन पर साजिश का आरोप
सम्भल में पारंपरिक नेजा मेले को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। पिछले वर्ष प्रशासनिक रोक के चलते मेला आयोजित नहीं हो सका था, लेकिन इस बार धार्मिक नगर नेजा कमेटी ने साफ संकेत दिए हैं कि वे मेले के आयोजन को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। मामला अब सीधे माननीय उच्च न्यायालय पहुँच चुका है।

धार्मिक नगर नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद मसूदी ने बताया कि नेजा मेला सय्यद सालार मसूद ग़ाज़ी रहमतुल्ला अलैह की याद में हजार वर्षों से अधिक समय से परंपरागत रूप से आयोजित होता चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि 2025 में प्रशासन ने जानबूझकर मेले को रोकने की साजिश रची। कमेटी द्वारा समय से उपजिलाधिकारी को लिखित सूचना देने के बावजूद, झंडा रोपण से एक दिन पहले उन्हें कोतवाली बुलाया गया और मेले को गैरकानूनी बताते हुए रोक लगा दी गई। शाहिद मसूदी का आरोप है कि उस दौरान अधिकारियों ने न केवल मेला रोकने की बात कही, बल्कि झंडा गाड़ने वालों को देशद्रोही तक करार दिया गया। इसके बाद उन्हें 24 घंटे के लिए नजरबंद कर दिया गया, जिससे वे कोर्ट भी नहीं जा सके और मेला आयोजित नहीं हो पाया। इस वर्ष कमेटी ने 10 दिसंबर को ही जिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र सौंप दिया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 10 मार्च को नेजा मेले की ढाल गाड़ी जाएगी और उसके बाद मेले का आयोजन होगा। अध्यक्ष ने बताया कि इस बार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 20 तारीख को हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर दी गई है। नेजा मेला न लगने से पिछले साल स्थानीय व्यापारियों और गरीब तबके पर गहरा असर पड़ा था। दूर-दराज से आने वाले दुकानदारों, खासकर दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों की आजीविका प्रभावित हुई। कमेटी ने इस पहलू को भी अपनी याचिका में प्रमुखता से उठाया है। शाहिद मसूदी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि हर धर्म को अपने त्योहार मनाने का संवैधानिक अधिकार है और यही देश की गंगा-जमुनी तहजीब और धर्मनिरपेक्ष पहचान है। अब सबकी नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि इस साल नेजा मेला लगेगा या फिर एक बार फिर उस पर रोक लगेगी।
ठंड व बारिश से फसल नुकसान पर किसानों की चिंता, मोहम्मदपुर सकिश्त बहसूमा में हुई अहम बैठक

बहसूमा। मेरठ क्षेत्र में लगातार पड़ रही ठंड और हो रही बारिश के चलते किसानों की फसलों को हुए भारी नुकसान को लेकर पूर्व डायरेक्टर चौधरी राजपाल सिंह के पुत्र अमित चौधरी के आवास पर एक महत्वपूर्ण चर्चा बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों ने मौसम की मार से बर्बाद हो रही फसलों को लेकर गहरी चिंता जताई और शासन-प्रशासन से राहत की मांग की।

बैठक में बसपा सरकार में रहे चर्चित चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि असमय ठंड और बारिश से सरसों, आलू सहित अन्य रबी फसलों को गंभीर नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की।

चर्चा के दौरान पत्रकार परविंदर चौधरी ने कहा कि किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए इसे जनप्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि पीड़ित किसानों को समय रहते राहत मिल सके। उन्होंने किसानों से एकजुट होकर अपनी बात मजबूती से रखने का आह्वान किया।

बैठक में प्रवेश कुमार, परविंदर खंगवाल, जोगिंदर चौधरी, शौकिंदर चौधरी, बहसूमा पप्पू चौधरी, कपिल कुमार सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने बताया कि मौसम की मार से खेतों में खड़ी फसलें बिछ गई हैं और उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है।

अंत में सभी ने एक स्वर में मांग की कि शासन द्वारा जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कराकर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन्हें इस प्राकृतिक आपदा से उबरने में मदद मिल सके।
लंदन में गूँजी 'झारखण्ड' की अस्मिता: 'झारखण्ड @25' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने साझा किया विकास का वैश्विक रोडमैप

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में लंदन में आयोजित ‘झारखण्ड कार्यक्रम ने एक नया इतिहास रच दिया है। यह संभवतः भारत का पहला ऐसा अवसर है जब किसी राज्य सरकार ने सात समंदर पार अपने छात्रों, प्रवासियों और उद्यमियों के लिए इतने भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया हो।

मरांग गोमके स्कॉलर्स की दिखी सक्रिय भागीदारी

लंदन के इस विशेष कार्यक्रम में झारखंड की मरांग गोमके ओवरसीज स्कॉलरशिप और चेवनिंग छात्रवृत्ति के तहत यूके की टॉप यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे छात्र, शोधकर्ता, विभिन्न विश्वविद्यालयों के फैकल्टी और सफल उद्यमियों सहित लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। अपनी मिट्टी से दूर विदेशी धरती पर झारखंडी युवाओं के इस हुजूम ने राज्य की बौद्धिक प्रगति का प्रदर्शन किया।

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"जड़ों से जुड़कर, भविष्य की ओर अग्रसर" – मुख्यमंत्री

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के संघर्ष और भविष्य के विजन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:

"यह कार्यक्रम 25 वर्षों की उपलब्धियों से आगे बढ़कर अनंत संभावनाओं की कहानी है। हमारी विकास यात्रा मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा और दिशोम गुरुजी के आत्मसम्मान और न्याय के आदर्शों से प्रेरित है। झारखंड प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर समावेशी विकास के पथ पर निरंतर बढ़ता रहेगा।"

लंदन में सादरी गीतों की गूँज और सांस्कृतिक गौरव

कार्यक्रम स्थल पूरी तरह झारखंडी रंग में रंगा नजर आया। मरांग गोमके स्कॉलर्स और प्रवासी झारखंडियों ने पारंपरिक नृत्य और सादरी गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे पूरा हॉल झारखंड की संस्कृति से गुंजायमान हो उठा। छात्रों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे राज्य सरकार की छात्रवृत्ति ने उनके वैश्विक सपनों को हकीकत में बदला है।

प्रमुख आकर्षण:

ऐतिहासिक पहल: किसी राज्य द्वारा विदेश में अपनी अस्मिता और विकास पर केंद्रित पहला बड़ा आयोजन।

युवा शक्ति: उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं ने मुख्यमंत्री को राज्य के विकास में भागीदार बनने का भरोसा दिया।

संस्कृति का संरक्षण: आधुनिकता के बीच अपनी परंपरा और जड़ों के प्रति गर्व का भाव।

सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर में बसंत पंचमी महोत्सव की धूम*
सुल्तानपुर,बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर की पावन धरा पर मां वीणावादिनी की वीणा के तार झंकृत हो उठे। विद्यालय में प्रकृति पूजा का महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।इधर प्रकृति की नई तरंग, उधर भैया बहनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम की उमंग हिलोरें मार रही थी। पीले रंग की सजावट में मानो विद्या मन्दिर का कोना-कोना फूलों की कान्ति से मुस्कुरा रहा हो। हवन- सामग्री की पवित्र आहुतियां सम्पूर्ण वातावरण को सुगंधित करती रहीं। आचार्य महेश कुमार शुक्ल ने मंत्रोच्चार कर मां शारदे का आह्वान किया तो यजमान अतिथि सुल्तानपुर विभाग के माननीय विभाग संघ चालक डाक्टर ए के सिंह,सुमन सिंह,विभाग प्रचारक श्रीमान् श्री प्रकाश जी, जिला प्रचारक आशीष जी,प्रबन्धक डा.पवन सिंह,डाक्टर शिवांगी सिंह,प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा, पूर्व प्रबन्धक सुनील श्रीवास्तव, शैलेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ पवनेश मिश्र ,शक्ति पाठक के साथ- साथ सभी आचार्य बन्धु भगिनी एवं भैया बहनों ने हवन-पूजन किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज बसंत पंचमी उत्सव के साथ विद्यालय में शिशु वाटिका से लेकर कक्षा 6, 9 एवं 11 की कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आज इन कक्षाओं में प्रवेश के इच्छुक छात्र छात्राओं को प्रवेश परीक्षा हेतु फार्म का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में 151 भैया बहनों का वैदिक रीति से प्रवेश प्रारंभ संस्कार कर प्रवेश प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन संजीव चतुर्वेदी तथा श्वेता पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के अन्त में कार्यक्रम की संयोजिका श्रद्धा सिंह ने आगन्तुक अतिथियों, सहयोगियों एवं भैया बहनों के प्रति आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम के संयोजन में आचार्य अनिल पाण्डेय, रमेश मिश्र , रमाशंकर तिवारी, शेषमणि द्विवेदी, राजबहादुर शर्मा, रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी, प्रांजलि पाण्डेय,शशी द्विवेदी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में सम्पूर्ण विद्यालय परिवार ने भागीदारी की।
लंदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की 'डिप्लोमेसी': वैश्विक नीति-निर्माताओं के सामने रखी झारखंड की विकास गाथा

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लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त श्री विक्रम दोराईस्वामी द्वारा आयोजित आधिकारिक स्वागत समारोह में शिरकत की। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहाँ मुख्यमंत्री ने झारखंड की संभावनाओं पर वैश्विक संवाद का नेतृत्व किया।

भारत के विकास में झारखंड का 'अहम स्थान'

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की समग्र आर्थिक प्रगति में झारखंड की भूमिका कितनी निर्णायक है। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:

औद्योगिक एवं खनिज क्षमता: प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों के साथ राज्य की बढ़ती औद्योगिक ताकत।

युवा शक्ति: मानव संसाधन की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का संकल्प।

रणनीतिक सहयोग: यूके और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, उच्च शिक्षा और कौशल विकास में निवेश की अपील।

विरासत से लेकर खेल तक: बहुआयामी साझेदारी पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी सहयोग के द्वार खोले:

विरासत संरक्षण: झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्राचीन स्मारकों के संरक्षण के लिए ब्रिटिश विशेषज्ञों के साथ तकनीकी साझेदारी।

शिक्षा और खेल: झारखंड के युवाओं और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने के लिए द्विपक्षीय समझौतों पर चर्चा।

तकनीकी सहयोग: नई और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संभावित निवेश।

यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा

यह संवाद यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी के व्यापक ढांचे के अनुरूप रहा। राजनीतिक गलियारों में इस यात्रा को झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेश, उच्च शिक्षा और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलने वाली एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन चर्चाओं के सकारात्मक परिणाम जल्द ही धरातल पर दिखाई देंगे।

झारखंड की प्राचीन विरासत अब वैश्विक मंच पर: लंदन में 'Historic England' के साथ मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक

लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल 'झारखंड वैश्विक आउटरीच के तहत यूनाइटेड किंगडम में राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए नई संभावनाएँ तलाश रहा है। इसी कड़ी में, प्रतिनिधिमंडल ने यूके की विरासत संरक्षण संस्था 'Historic England' के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

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स्टोनहेंज और एवेबरी भ्रमण का विशेष आमंत्रण

झारखंड के मेगालिथिक (पाषाणकालीन) स्मारकों में गहरी रुचि दिखाते हुए 'Historic England' ने मुख्यमंत्री को विश्व प्रसिद्ध एवेबरी (Avebury) और स्टोनहेंज (Stonehenge) जैसे प्रागैतिहासिक स्थलों के भ्रमण के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को इन स्थलों का दौरा कर वहां की संरक्षण तकनीकों का अवलोकन करेंगे।

POCC 2025: भारत-यूके सांस्कृतिक सहयोग का लाभ

यह बैठक 'यूके भारत व्यापक सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम (POCC) 2025' के तहत आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा:

"झारखंड देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जो इस अंतरराष्ट्रीय ढांचे का उपयोग कर अपनी आदिवासी विरासत और प्राचीन मेगालिथिक परंपराओं को वैश्विक पहचान दिला रहा है। झारखंड की विशेषता यह है कि यहाँ हजारों साल पुरानी परंपराएँ आज भी समुदायों के जीवन में जीवित हैं।"

झारखंड के 'जीवाश्म' और 'मेगालिथ' की वैश्विक प्रस्तुति

बैठक में झारखंड के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को शोध-आधारित तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया गया:

पकरी बरवाडीह (हजारीबाग): सूर्य की गति के अनुसार निर्मित विशिष्ट मेगालिथिक परिसर।

मंदर जीवाश्म उद्यान (साहिबगंज): करोड़ों साल पुराने जीवाश्मों का अनूठा संग्रह।

शैलचित्र एवं मोनोलिथ: राज्य के विभिन्न हिस्सों में फैले पाषाण स्मारक।

"Sentinels of Time" कॉफी टेबल बुक का विमोचन

प्रतिनिधिमंडल ने “Sentinels of Time” शीर्षक वाली एक विशेष कॉफी टेबल बुक प्रस्तुत की। यह पुस्तक झारखंड के मेगालिथिक और जीवाश्म परिदृश्यों को वैश्विक विशेषज्ञों और पर्यटकों के सामने वैज्ञानिक और दृश्य दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत करती है।

सांस्कृतिक पर्यटन और स्थानीय आजीविका पर जोर

झारखंड सरकार का लक्ष्य विरासत संरक्षण को केवल स्मारकों तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, शैक्षणिक साझेदारी और स्थानीय आदिवासियों की आजीविका व पर्यटन से जोड़ना है।

उपस्थिति: बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना डाडेल सहित 'English Heritage Trust' और 'National Trust' के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

गोंडा। करनैलगंज तहसील क्षेत्र के परसपुर विकासखंड अंतर्गत आंटा गांव निवासी तथा पूरे जनपद में पप्पू मड़हा के नाम से चर्चित धर्मेंद्र प्रताप सिंह (54 वर्ष) का हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके असामयिक निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है। धर्मेंद्र प्रताप सिंह सरल स्वभाव, मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी थे। वे कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रह चुके थे तथा परसपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण वे क्षेत्र में व्यापक रूप से लोकप्रिय थे।

उनके निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनपदवासियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की, साथ ही शोकाकुल परिवार को इस असीम पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का जाना क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
आरोपी लकी और इमरान पर इनाम घोषित‍ जिम में धर्मांतरण, यौन शोषण का मामला

मीरजापुर। नगर के चर्चित जिमों में फिटनेस की आड़ में धर्मांतरण और यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद धड़ाधड़ गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपी लकी और इमरान पर इनाम घोषित कर उनके धड़पकड़ में तेजी से जुड़ गई है।

दोनों पर 25-25 हजार का इनाम‍ घोषित किया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया है। शुरुवाती जांच में 50 लड़कियों के मिले वीडियो के आधार पर पुलिस कार्रवाई की गति तेज‍ करते हुए लगातार आगे बढ़ रही है। बताया गया है कि
आरोपित जिमों में हिंदू लड़कियों के धर्मांतरण का खेल चल रहा था। आरोप है कि KGN 1, 2, 3 और बी फिट जिम में चलता आ रहा था धर्मांतरण और यौन शोषण का गंदा खेल।

इस मामले में यूपी पुलिस का एक सिपाही समेत 6 आरोपी पहले ही किए जा चुके हैं अरेस्ट। पुलिस के मुताबिक सिंडिकेट के लोग व्हॉट्सऐप से बातचीत करते थे।
धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

गोंडा। करनैलगंज तहसील क्षेत्र के परसपुर विकासखंड अंतर्गत आंटा गांव निवासी तथा पूरे जनपद में पप्पू मड़हा के नाम से चर्चित धर्मेंद्र प्रताप सिंह (54 वर्ष) का हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके असामयिक निधन से परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है। धर्मेंद्र प्रताप सिंह सरल स्वभाव, मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्तित्व के धनी थे। वे कर्नलगंज विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रह चुके थे तथा परसपुर के पूर्व ब्लाक प्रमुख के रूप में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं। सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण वे क्षेत्र में व्यापक रूप से लोकप्रिय थे।

उनके निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनपदवासियों ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की, साथ ही शोकाकुल परिवार को इस असीम पीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। धर्मेंद्र प्रताप सिंह (पप्पू मड़हा) का जाना क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।