सीता हरण से सुग्रीव राज्याभिषेक तक, रामकथा में झूमे श्रद्धालु
रामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा (बलिया) स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम जन्म महोत्सव के अंतर्गत चल रहे रामकथा प्रवचन के आठवें दिन बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर नजर आया, जहां श्रद्धालु कथा श्रवण में तल्लीन रहे। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी ने अपने ओजस्वी एवं मधुर वचनों से रामकथा के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने सीता हरण प्रसंग को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हुए धर्म-अधर्म के संघर्ष को समझाया। साथ ही जटायु-रावण युद्ध का वर्णन करते हुए जटायु की वीरता और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी निष्ठा को विस्तार से बताया, जिससे श्रोता भावुक हो उठे। प्रवचन के दौरान बाली-सुग्रीव युद्ध का प्रसंग भी विस्तार से सुनाया गया। महाराज जी ने बताया कि भगवान श्रीराम ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर सुग्रीव को उसका अधिकार दिलाया। इसके पश्चात सुग्रीव के राज्याभिषेक का सुंदर वर्णन करते हुए धर्म की स्थापना का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ आरती के साथ हुआ, जिसमें विजय नारायण सिंह उर्फ गोपाल जी, निर्भय प्रकाश, मनमोहन सिंह, डॉ. डीपी सिंह, अरविंद नारायण सिंह, डॉ. बृजेश सिंह, बिट्टन सिंह, छट्ठू राम, डॉ. आर.एस. वर्मा, समरजीत सिंह, नंदलाल गुप्ता, आलोक यादव, संजीव गिरी, धनजी सिंह,संजय ,फतेह बहादुर सिंह सहित अन्य श्रद्धालुओं ने सेवक के रूप में भगवान की आरती उतारकर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। कथा के दौरान “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। आयोजन स्थल पर व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ कथा का आनंद लिया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
साइबर ठगी में पश्चिम बंगाल के फरीद की जमानत खारिज
*जिला जज की अदालत ने 2.75 करोड़ की ठगी में नहीं दी राहत*

सुलतानपुर। ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर धोखाधड़ी करने व 2.75 करोड़ की साइबर ठगी के आरोप से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल के आरोपी फरीद मलिक की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर बुधवार को जिला जज की अदालत मे सुनवाई चली। प्रभारी जिला जज संध्या चौधरी की अदालत ने आरोपी के अपराध को समाज के लिए अत्यंत घातक व बेहद गंभीर मानते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
कोतवाली नगर के विवेकानन्द नगर के वर्तमान व चांदा थाने के सफीपुर स्थायी निवासी भास्कर पांडेय ने गत 14 अक्टूबर को अशिका वेल्थ बिल्डर्स नेटवर्क के व्हाट्सएप ग्रुप के खिलाफ साइबर थाने में धोखाधड़ी व लाखों की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया। उनके आरोप के मुताबिक साइबर ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसाकर 10.11 लाख रुपए गत अप्रैल व मई माह में जमा कराकर उनसे ठग लिए। ठगी का शिकार होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने मामला दर्ज कराया। वहीं अमेठी जिले के अभिषेक सिंह ने भी इन्हीं साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।आरोपियो का यह गिरोह कई प्रदेशों में फैला हुआ है। पुलिस की जांच में करीब 2.75 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मामले में लोगों को लुभावनी स्कीम बताकर उन्हें अपने जाल में फंसा कर निवेश करने व बड़े स्तर पर फ्रॉड का काम आरोपी करते रहे। पुलिस ने इस गिरोह में शामिल असम राज्य के हनीफ काजी, शमसुद्दीन,सफीकुल इस्लाम व जाकिर खान एवं मुंबई के संतोष सर्वे, विजय ईश्वर पश्चिम बंगाल के फरीद मलिक को जेल भेजने की कारवाई किया था। मामले में आरोपी जाकिर खान,संतोष सर्वे, विजय इश्वर व अन्य की जमानत अर्जी पूर्व में खारिज हो चुकी है। अदालत ने आरोपी फरीद मलिक की भूमिका को अत्यंत गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
गौ सेवा के संकल्प को नई दिशा: चौधरी सौदान सिंह बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

मेरठ। भारतीय गौ सेवा संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा किए गए चयन के बाद चौधरी सौदान सिंह को संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस घोषणा के साथ ही संगठन में उत्साह की लहर दौड़ गई है और कार्यकर्ताओं ने नए नेतृत्व से गौ सेवा के कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद जताई है।

प्रदेश अध्यक्ष गौरव चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि गौ सेवा संघ का मुख्य उद्देश्य गौवंश की रक्षा, सेवा और संरक्षण करना है। भारतीय संस्कृति में गाय को विशेष महत्व प्राप्त है, और इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए संगठन निरंतर कार्य कर रहा है।

मेरठ जनपद में भी संगठन की नई टीम सक्रिय रूप से कार्य करेगी। जिला अध्यक्ष के रूप में विजय भाई को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि जिला उपाध्यक्ष पद पर परविंदर चौधरी को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा अजय भाई, विकास, मनोज, सचिन शर्मा, मोहित कुमार और विशाल कुमार सहित कई कार्यकर्ता संगठन से जुड़कर गौ सेवा के कार्यों में योगदान देंगे।

संगठन पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि नए नेतृत्व में गौ सेवा संघ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ गौ संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करेगा।
परिषदीय विद्यालयों की बदली तस्वीर — संविलियन विद्यालय जसरा में वार्षिकोत्सव और नवारम्भ कार्यक्रम ने जीता दिल

बच्चों की प्रतिभा, अभिभावकों की भागीदारी और सांस्कृतिक रंगों से गूंजा विद्यालय परिसर, अधिकारियों ने की खुलकर सराहना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विकास खंड जसरा क्षेत्र के संविलियन विद्यालय जसरा में आयोजित वार्षिकोत्सव एवं नवारम्भ कार्यक्रम उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के बीच भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि अब परिषदीय विद्यालय भी किसी कॉन्वेंट स्कूल से कम नहीं रह गए हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खण्ड विकास अधिकारी जसरा अनिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में परिषदीय विद्यालयों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि जब विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, अभिभावकों की सहभागिता और बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुति होती है, तो बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब सरकारी विद्यालयों की छवि तेजी से बदल रही है और इसका श्रेय शिक्षकों की मेहनत को जाता है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कक्षा 2 के नन्हे बच्चों ने “पेड़ लगाओ – जीवन बचाओ” गीत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, जिसे सुनकर पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। वहीं कक्षा 6 के बच्चों ने “राधा संग होली खेले घनश्याम – रंग बरसे” जैसे होली गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश दिया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मनीषा यादव ने सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ देकर स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय परिवार का प्रयास है कि बच्चों को पढ़ाई के साथ- साथ संस्कार और मंच देने का अवसर भी मिले। इस अवसर पर एडीओ समाज कल्याण गुलजार सिंह, शिक्षामित्र संघ जिलाध्यक्ष वसीम अहमद, माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष जगत शुक्ला, समाजवादी व्यापार सभा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र केसरवानी, भूमि विकास बैंक अध्यक्ष लाल विष्णु पटेल, समाजसेवी राम बाबू यादव सहित कई गणमान्य लोगों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए मेधावी छात्रों और प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान आशीष सोनकर ने की, जबकि मंच संचालन दिलीप तिवारी ने प्रभावशाली ढंग से किया। इस मौके पर दशरथ भारती, पूनम सिंह, पूर्णिमा यादव, सुमन पाण्डेय, उमा राय, ममता मिश्रा, नीलम, गीता, मीना, धर्मेंद्र कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि यदि इसी प्रकार विद्यालयों में शैक्षिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ होती रहीं तो परिषदीय विद्यालयों की पहचान नई ऊंचाइयों तक

राम कथा में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, राम गमन प्रसंग सुन छलक पड़े भाव
ामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा (बलिया) स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे श्री राम जन्म महोत्सव के अंतर्गत आयोजित राम कथा प्रवचन के सातवें दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी ने भगवान श्रीराम के वन गमन (राम गमन) प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान महाराज जी ने बताया कि जब भगवान श्रीराम ने पिता के वचन की मर्यादा रखते हुए अयोध्या का राज-पाट त्यागकर वन जाने का निर्णय लिया, तब पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई। माता कौशल्या, सुमित्रा एवं अयोध्यावासियों का विलाप सुन वातावरण भावुक हो उठा। श्रीराम के साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण का वन गमन त्याग, प्रेम और कर्तव्य का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है। कथा के इस प्रसंग ने लोगों को जीवन मूल्यों का संदेश दिया, जिसे सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। प्रवचन के उपरांत भगवान श्रीराम की आरती का आयोजन किया गया, जिसमें नगर थाना अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा, पूर्व विधायक धनंजय कनौजिया, मनीष सिंह, श्याम प्रकाश सिंह, डीएन प्रसाद, बिट्टन सिंह, समरजीत सिंह, धनजी, संजय गुप्ता, आशु सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने सेवक के रूप में भाग लेकर आरती की। इस दौरान पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
साहित्य वाचस्पति उपाधि से विभूषित हुए प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय
मुंबई। हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग ने प्रख्यात आलोचक व मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय को अपनी सर्वोच्च उपाधि साहित्य वाचस्पति (डी. लिट.) से 22 मार्च 2026 को श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,गुजरात में सम्मानित किया।उक्त उपाधि से अब तक साहित्यकारों में पं.मदन मोहन मालवीय,महात्मा गाँधी,अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, ग्रियर्सन, श्यामसुन्दर दास, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त,माखन लाल चतुर्वेदी,डॉ. सम्पूर्णानन्द,हजारी प्रसाद द्विवेदी,विजय दत्त श्रीधर जैसी विभूतियों का समावेश है।

प्रोफेसर उपाध्याय को यह उपाधि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति और प्रख्यात विद्वान् डाॅ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।मुंबई विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं आलोचक डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय इस समय हिन्दी साहित्य के सबसे चर्चित आलोचक हैं।आप भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अधिकारी विद्वान् हैं। आप आलोचना की अद्यतन पद्धतियों से भी पूर्णत: विज्ञ हैं।आप भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नूतन प्रतिमानों का निर्माण करते हैं।आपकी  पुस्तक 'मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ' पर आयोजित परिचर्चा के अवसर पर साहित्यकार चित्रामुद्गल ने डाॅ. उपाध्याय को आज का सबसे बड़ा आलोचक कहा था।

तदुपरांत हिंदी साहित्य भारती द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने इन्हें वर्तमान शती का आचार्य रामचंद्र शुक्ल और डाॅ.अरविंद द्विवेदी ने अज्ञेय के बाद हिंदी का सबसे बड़ा अंत: अनुशासनिक आलोचक कहा।प्रोफेसर उपाध्याय के आलोचनात्मक लेखन पर ममता यादव ने जे.जे.टी.विश्वविद्यालय, झुंझनू,राजस्थान से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दर्जन से अधिक सम्मान से पुरस्कृत डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को उ.प्र. के प्रतापगढ़ जिले के घोरका तालुकदारी नामक गाँव में हुआ।पिता राममनोरथ उपाध्याय विख्यात रामायणी थें और पितामह रामकिशुन उपाध्याय सुविख्यात वैद्य थें।

डाॅ.उपाध्याय की अभी तक कुल 20 मौलिक आलोचनात्मक पुस्तकें और 15 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। गत वर्ष इनका आलोचना ग्रंथ ' जयशंकर प्रसाद महानता के आयाम ' प्रकाशित हुआ है जो इस समय विद्वानों के मध्य मीमांसा का विषय बना हुआ है। महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डाॅ.कविता प्रसाद पुस्तक की प्रशंसा करती है। इस पर अब तक 25 संगोष्ठियां आयोजित हो चुकी हैं।आपके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगभग 400 आलेख - शोध पत्र प्रकाशित हैं।वही प्रो. उपाध्याय के कुशल निर्देशन में अब तक 37 शोधार्थी पी-एच. डी. की उपाधि एवं 55 छात्र एम.फिल. कर चुके हैं।
नवमी पर श्रीराम कथा महायज्ञ का होगा समापन, भव्य शोभायात्रा निकलेगी

मुंबई। श्री मंगल की अगुवाई में आयोजित 7 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महायज्ञ का समापन नवमी के अवसर पर होगा। कथा आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और प्रतिदिन भक्ति, संगीत व आध्यात्मिक संदेशों से वातावरण राममय बना हुआ है। कथा के दौरान कथाव्यास ने सती की परीक्षा, शिव विवाह का वर्णन तथा श्रीराम कथा में शिव-पार्वती विवाह की झांकी प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा में बताया गया कि मनुष्य जीवन में भगवान का स्मरण, सत्संग और मर्यादा का पालन अत्यंत आवश्यक है। रामकथा जीवन को सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। आयोजन समिति के अनुसार श्रीराम नवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए रुक्मणी मंदिर में सम्पन्न होगी। शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी ने कहा कि “श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, संस्कार और मर्यादा का संदेश देने का माध्यम है। नवमी के अवसर पर आयोजित समापन समारोह और शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।”वहीं भाष्कर दुबे ने कहा कि “इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में भक्ति, सकारात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। श्रीराम कथा महायज्ञ से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है और शोभायात्रा को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है।”आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा व शोभायात्रा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
सीतापुर में पूर्व विधायक सुनील वर्मा ने लगाया जनता दरबार, लोगों की समस्याओं का किया निस्तारण

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। नगर गेट के निकट सीतापुर मार्ग पर भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर बुधवार को पूर्व भाजपा विधायक सुनील वर्मा ने लगाया जनता दरबार और दूर दराज से आए  लोगों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही फोन से संबंधित अधिकारियों को समस्याओं को अवगत कराकर निस्तारण कराया।

इस संबंध में पूर्व विधायक सुनील वर्मा ने कहा कि जनता की समस्याओं का निराकरण करना उनकी प्राथमिकता है और वह प्रत्येक बुधवार को कार्यालय में रहकर जनता की समस्याओं को सुनकर उसका निस्तारण करायेंगे।  इस मौके पर जमा भाजपा कार्यकर्ताओं से उन्होंने भेंट कर उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारीयों को लेकर जुट जाने की अपील की। जनता दरबार में प्रमुख रूप से जिला मंत्री मनोज गुप्ता, नगर अध्यक्ष विनीत जायसवाल, नगर उपाध्यक्ष रामेश्वर दयाल तिवारी, कोषाध्यक्ष बंशीधर पाठक, नगर मंत्री आलोक जायसवाल, उपाध्यक्ष दिलीप मौर्य, महामंत्री धर्मेंद्र पांडे, सूरज जायसवाल, उमंग मेहरोत्रा सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता व दूर दराज से आए ग्रामीण उपस्थित उपस्थित थे।
सीता हरण से सुग्रीव राज्याभिषेक तक, रामकथा में झूमे श्रद्धालु
रामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा (बलिया) स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम जन्म महोत्सव के अंतर्गत चल रहे रामकथा प्रवचन के आठवें दिन बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर नजर आया, जहां श्रद्धालु कथा श्रवण में तल्लीन रहे। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी ने अपने ओजस्वी एवं मधुर वचनों से रामकथा के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने सीता हरण प्रसंग को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हुए धर्म-अधर्म के संघर्ष को समझाया। साथ ही जटायु-रावण युद्ध का वर्णन करते हुए जटायु की वीरता और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी निष्ठा को विस्तार से बताया, जिससे श्रोता भावुक हो उठे। प्रवचन के दौरान बाली-सुग्रीव युद्ध का प्रसंग भी विस्तार से सुनाया गया। महाराज जी ने बताया कि भगवान श्रीराम ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर सुग्रीव को उसका अधिकार दिलाया। इसके पश्चात सुग्रीव के राज्याभिषेक का सुंदर वर्णन करते हुए धर्म की स्थापना का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ आरती के साथ हुआ, जिसमें विजय नारायण सिंह उर्फ गोपाल जी, निर्भय प्रकाश, मनमोहन सिंह, डॉ. डीपी सिंह, अरविंद नारायण सिंह, डॉ. बृजेश सिंह, बिट्टन सिंह, छट्ठू राम, डॉ. आर.एस. वर्मा, समरजीत सिंह, नंदलाल गुप्ता, आलोक यादव, संजीव गिरी, धनजी सिंह,संजय ,फतेह बहादुर सिंह सहित अन्य श्रद्धालुओं ने सेवक के रूप में भगवान की आरती उतारकर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। कथा के दौरान “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। आयोजन स्थल पर व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ कथा का आनंद लिया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
साइबर ठगी में पश्चिम बंगाल के फरीद की जमानत खारिज
*जिला जज की अदालत ने 2.75 करोड़ की ठगी में नहीं दी राहत*

सुलतानपुर। ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर धोखाधड़ी करने व 2.75 करोड़ की साइबर ठगी के आरोप से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल के आरोपी फरीद मलिक की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर बुधवार को जिला जज की अदालत मे सुनवाई चली। प्रभारी जिला जज संध्या चौधरी की अदालत ने आरोपी के अपराध को समाज के लिए अत्यंत घातक व बेहद गंभीर मानते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
कोतवाली नगर के विवेकानन्द नगर के वर्तमान व चांदा थाने के सफीपुर स्थायी निवासी भास्कर पांडेय ने गत 14 अक्टूबर को अशिका वेल्थ बिल्डर्स नेटवर्क के व्हाट्सएप ग्रुप के खिलाफ साइबर थाने में धोखाधड़ी व लाखों की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया। उनके आरोप के मुताबिक साइबर ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसाकर 10.11 लाख रुपए गत अप्रैल व मई माह में जमा कराकर उनसे ठग लिए। ठगी का शिकार होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने मामला दर्ज कराया। वहीं अमेठी जिले के अभिषेक सिंह ने भी इन्हीं साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।आरोपियो का यह गिरोह कई प्रदेशों में फैला हुआ है। पुलिस की जांच में करीब 2.75 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मामले में लोगों को लुभावनी स्कीम बताकर उन्हें अपने जाल में फंसा कर निवेश करने व बड़े स्तर पर फ्रॉड का काम आरोपी करते रहे। पुलिस ने इस गिरोह में शामिल असम राज्य के हनीफ काजी, शमसुद्दीन,सफीकुल इस्लाम व जाकिर खान एवं मुंबई के संतोष सर्वे, विजय ईश्वर पश्चिम बंगाल के फरीद मलिक को जेल भेजने की कारवाई किया था। मामले में आरोपी जाकिर खान,संतोष सर्वे, विजय इश्वर व अन्य की जमानत अर्जी पूर्व में खारिज हो चुकी है। अदालत ने आरोपी फरीद मलिक की भूमिका को अत्यंत गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
गौ सेवा के संकल्प को नई दिशा: चौधरी सौदान सिंह बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

मेरठ। भारतीय गौ सेवा संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा किए गए चयन के बाद चौधरी सौदान सिंह को संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस घोषणा के साथ ही संगठन में उत्साह की लहर दौड़ गई है और कार्यकर्ताओं ने नए नेतृत्व से गौ सेवा के कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद जताई है।

प्रदेश अध्यक्ष गौरव चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि गौ सेवा संघ का मुख्य उद्देश्य गौवंश की रक्षा, सेवा और संरक्षण करना है। भारतीय संस्कृति में गाय को विशेष महत्व प्राप्त है, और इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए संगठन निरंतर कार्य कर रहा है।

मेरठ जनपद में भी संगठन की नई टीम सक्रिय रूप से कार्य करेगी। जिला अध्यक्ष के रूप में विजय भाई को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि जिला उपाध्यक्ष पद पर परविंदर चौधरी को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा अजय भाई, विकास, मनोज, सचिन शर्मा, मोहित कुमार और विशाल कुमार सहित कई कार्यकर्ता संगठन से जुड़कर गौ सेवा के कार्यों में योगदान देंगे।

संगठन पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि नए नेतृत्व में गौ सेवा संघ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ गौ संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करेगा।
परिषदीय विद्यालयों की बदली तस्वीर — संविलियन विद्यालय जसरा में वार्षिकोत्सव और नवारम्भ कार्यक्रम ने जीता दिल

बच्चों की प्रतिभा, अभिभावकों की भागीदारी और सांस्कृतिक रंगों से गूंजा विद्यालय परिसर, अधिकारियों ने की खुलकर सराहना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विकास खंड जसरा क्षेत्र के संविलियन विद्यालय जसरा में आयोजित वार्षिकोत्सव एवं नवारम्भ कार्यक्रम उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों के बीच भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि अब परिषदीय विद्यालय भी किसी कॉन्वेंट स्कूल से कम नहीं रह गए हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खण्ड विकास अधिकारी जसरा अनिल कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में परिषदीय विद्यालयों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि जब विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, अभिभावकों की सहभागिता और बच्चों की रचनात्मक प्रस्तुति होती है, तो बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब सरकारी विद्यालयों की छवि तेजी से बदल रही है और इसका श्रेय शिक्षकों की मेहनत को जाता है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कक्षा 2 के नन्हे बच्चों ने “पेड़ लगाओ – जीवन बचाओ” गीत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, जिसे सुनकर पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। वहीं कक्षा 6 के बच्चों ने “राधा संग होली खेले घनश्याम – रंग बरसे” जैसे होली गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश दिया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मनीषा यादव ने सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ देकर स्वागत करते हुए कहा कि विद्यालय परिवार का प्रयास है कि बच्चों को पढ़ाई के साथ- साथ संस्कार और मंच देने का अवसर भी मिले। इस अवसर पर एडीओ समाज कल्याण गुलजार सिंह, शिक्षामित्र संघ जिलाध्यक्ष वसीम अहमद, माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष जगत शुक्ला, समाजवादी व्यापार सभा जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र केसरवानी, भूमि विकास बैंक अध्यक्ष लाल विष्णु पटेल, समाजसेवी राम बाबू यादव सहित कई गणमान्य लोगों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए मेधावी छात्रों और प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान आशीष सोनकर ने की, जबकि मंच संचालन दिलीप तिवारी ने प्रभावशाली ढंग से किया। इस मौके पर दशरथ भारती, पूनम सिंह, पूर्णिमा यादव, सुमन पाण्डेय, उमा राय, ममता मिश्रा, नीलम, गीता, मीना, धर्मेंद्र कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि यदि इसी प्रकार विद्यालयों में शैक्षिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ होती रहीं तो परिषदीय विद्यालयों की पहचान नई ऊंचाइयों तक

राम कथा में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, राम गमन प्रसंग सुन छलक पड़े भाव
ामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा (बलिया) स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे श्री राम जन्म महोत्सव के अंतर्गत आयोजित राम कथा प्रवचन के सातवें दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी ने भगवान श्रीराम के वन गमन (राम गमन) प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान महाराज जी ने बताया कि जब भगवान श्रीराम ने पिता के वचन की मर्यादा रखते हुए अयोध्या का राज-पाट त्यागकर वन जाने का निर्णय लिया, तब पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई। माता कौशल्या, सुमित्रा एवं अयोध्यावासियों का विलाप सुन वातावरण भावुक हो उठा। श्रीराम के साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण का वन गमन त्याग, प्रेम और कर्तव्य का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है। कथा के इस प्रसंग ने लोगों को जीवन मूल्यों का संदेश दिया, जिसे सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। प्रवचन के उपरांत भगवान श्रीराम की आरती का आयोजन किया गया, जिसमें नगर थाना अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा, पूर्व विधायक धनंजय कनौजिया, मनीष सिंह, श्याम प्रकाश सिंह, डीएन प्रसाद, बिट्टन सिंह, समरजीत सिंह, धनजी, संजय गुप्ता, आशु सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने सेवक के रूप में भाग लेकर आरती की। इस दौरान पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
साहित्य वाचस्पति उपाधि से विभूषित हुए प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय
मुंबई। हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग ने प्रख्यात आलोचक व मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय को अपनी सर्वोच्च उपाधि साहित्य वाचस्पति (डी. लिट.) से 22 मार्च 2026 को श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,गुजरात में सम्मानित किया।उक्त उपाधि से अब तक साहित्यकारों में पं.मदन मोहन मालवीय,महात्मा गाँधी,अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, ग्रियर्सन, श्यामसुन्दर दास, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त,माखन लाल चतुर्वेदी,डॉ. सम्पूर्णानन्द,हजारी प्रसाद द्विवेदी,विजय दत्त श्रीधर जैसी विभूतियों का समावेश है।

प्रोफेसर उपाध्याय को यह उपाधि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति और प्रख्यात विद्वान् डाॅ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।मुंबई विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं आलोचक डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय इस समय हिन्दी साहित्य के सबसे चर्चित आलोचक हैं।आप भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अधिकारी विद्वान् हैं। आप आलोचना की अद्यतन पद्धतियों से भी पूर्णत: विज्ञ हैं।आप भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नूतन प्रतिमानों का निर्माण करते हैं।आपकी  पुस्तक 'मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ' पर आयोजित परिचर्चा के अवसर पर साहित्यकार चित्रामुद्गल ने डाॅ. उपाध्याय को आज का सबसे बड़ा आलोचक कहा था।

तदुपरांत हिंदी साहित्य भारती द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने इन्हें वर्तमान शती का आचार्य रामचंद्र शुक्ल और डाॅ.अरविंद द्विवेदी ने अज्ञेय के बाद हिंदी का सबसे बड़ा अंत: अनुशासनिक आलोचक कहा।प्रोफेसर उपाध्याय के आलोचनात्मक लेखन पर ममता यादव ने जे.जे.टी.विश्वविद्यालय, झुंझनू,राजस्थान से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दर्जन से अधिक सम्मान से पुरस्कृत डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को उ.प्र. के प्रतापगढ़ जिले के घोरका तालुकदारी नामक गाँव में हुआ।पिता राममनोरथ उपाध्याय विख्यात रामायणी थें और पितामह रामकिशुन उपाध्याय सुविख्यात वैद्य थें।

डाॅ.उपाध्याय की अभी तक कुल 20 मौलिक आलोचनात्मक पुस्तकें और 15 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। गत वर्ष इनका आलोचना ग्रंथ ' जयशंकर प्रसाद महानता के आयाम ' प्रकाशित हुआ है जो इस समय विद्वानों के मध्य मीमांसा का विषय बना हुआ है। महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डाॅ.कविता प्रसाद पुस्तक की प्रशंसा करती है। इस पर अब तक 25 संगोष्ठियां आयोजित हो चुकी हैं।आपके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगभग 400 आलेख - शोध पत्र प्रकाशित हैं।वही प्रो. उपाध्याय के कुशल निर्देशन में अब तक 37 शोधार्थी पी-एच. डी. की उपाधि एवं 55 छात्र एम.फिल. कर चुके हैं।
नवमी पर श्रीराम कथा महायज्ञ का होगा समापन, भव्य शोभायात्रा निकलेगी

मुंबई। श्री मंगल की अगुवाई में आयोजित 7 दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महायज्ञ का समापन नवमी के अवसर पर होगा। कथा आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और प्रतिदिन भक्ति, संगीत व आध्यात्मिक संदेशों से वातावरण राममय बना हुआ है। कथा के दौरान कथाव्यास ने सती की परीक्षा, शिव विवाह का वर्णन तथा श्रीराम कथा में शिव-पार्वती विवाह की झांकी प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा में बताया गया कि मनुष्य जीवन में भगवान का स्मरण, सत्संग और मर्यादा का पालन अत्यंत आवश्यक है। रामकथा जीवन को सत्य, प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। आयोजन समिति के अनुसार श्रीराम नवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो प्रमुख मार्गों से होते हुए रुक्मणी मंदिर में सम्पन्न होगी। शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी ने कहा कि “श्रीराम कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकता, संस्कार और मर्यादा का संदेश देने का माध्यम है। नवमी के अवसर पर आयोजित समापन समारोह और शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।”वहीं भाष्कर दुबे ने कहा कि “इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में भक्ति, सकारात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। श्रीराम कथा महायज्ञ से क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया है और शोभायात्रा को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है।”आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा व शोभायात्रा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
सीतापुर में पूर्व विधायक सुनील वर्मा ने लगाया जनता दरबार, लोगों की समस्याओं का किया निस्तारण

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। नगर गेट के निकट सीतापुर मार्ग पर भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर बुधवार को पूर्व भाजपा विधायक सुनील वर्मा ने लगाया जनता दरबार और दूर दराज से आए  लोगों की समस्याओं को सुना और मौके पर ही फोन से संबंधित अधिकारियों को समस्याओं को अवगत कराकर निस्तारण कराया।

इस संबंध में पूर्व विधायक सुनील वर्मा ने कहा कि जनता की समस्याओं का निराकरण करना उनकी प्राथमिकता है और वह प्रत्येक बुधवार को कार्यालय में रहकर जनता की समस्याओं को सुनकर उसका निस्तारण करायेंगे।  इस मौके पर जमा भाजपा कार्यकर्ताओं से उन्होंने भेंट कर उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारीयों को लेकर जुट जाने की अपील की। जनता दरबार में प्रमुख रूप से जिला मंत्री मनोज गुप्ता, नगर अध्यक्ष विनीत जायसवाल, नगर उपाध्यक्ष रामेश्वर दयाल तिवारी, कोषाध्यक्ष बंशीधर पाठक, नगर मंत्री आलोक जायसवाल, उपाध्यक्ष दिलीप मौर्य, महामंत्री धर्मेंद्र पांडे, सूरज जायसवाल, उमंग मेहरोत्रा सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता व दूर दराज से आए ग्रामीण उपस्थित उपस्थित थे।