बलिया के बागी शेर चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती: सादगी, साहस और समाजवाद का प्रतीक:रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष,
संजीव सिंह बलिया, 17 अप्रैल 2026: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, 'युवा तुर्क' के नाम से विख्यात और समाजवाद एवं लोकतंत्र के नायक, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। बलिया की पावन धरती से निकले इस महान समाजवादी योद्धा को पूर्व नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने सादर नमन किया है।जननायक और वैचारिक प्रखरता का प्रतीकचंद्रशेखर जी केवल राजनेता नहीं, बल्कि सच्चे जननायक थे। बलिया की मिट्टी से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने उनका सफर कड़ी मेहनत और जनसेवा का जीवंत प्रमाण है। 1983 की ऐतिहासिक 'कन्याकुमारी से दिल्ली पदयात्रा' ने उन्हें जनमानस से जोड़ा। इस यात्रा का मकसद कुपोषण, पेयजल संकट और सामाजिक असमानता जैसी बुनियादी समस्याओं को उजागर करना था।निर्भीक वक्ता और संसदीय शेरसंसद में उनकी बेबाक आवाज पक्ष-विपक्ष दोनों को मंत्रमुग्ध कर देती थी। निर्भीक टिप्पणियों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए वे विख्यात रहे।सादगी व शुचिता का जीवन दर्शनसत्ता के शिखर पर रहते हुए भी उनकी ग्रामीण सादगी बरकरार रही। "राजनीति मेरे लिए पेशा नहीं, राष्ट्र सेवा का माध्यम है"—यह उनका जीवन-दर्शन था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।रामगोविंद चौधरी ने कहा, "आज उनकी जयंती पर हम सत्य, साहस और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनके आशीर्वाद से मार्गदर्शन मिलता रहे। शत-शत नमन!"जय चंद्रशेखर! जय बलिया! जय भारत!(रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश
सार्वजनिक स्थलों पर भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करना धर्मसम्मत नहीं : बाबा दुबे

जौनपुर। भगवान परशुराम को विष्णु का छठा अवतार माना गया है और पृथ्वी के साथ चिरंजीवियों में एक माने जाते  हैं। माना जाता है कि आज भी वह महेंद्र गिरी पर्वत पर तपस्या कर रहे हैं। ऐसे में महापुरुषों की तरह सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मूर्तियां स्थापित नहीं की जा सकती हैं। पूर्व विधायक बाबा दुबे ने सार्वजनिक स्थलों पर किसी महापुरुष की तरह लगाई जा रही उनकी मूर्ति को धर्मशास्त्र के विरुद्ध बताते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि किसी भी भगवान की मूर्ति की तरह भगवान परशुराम की मूर्ति को भी प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही स्थापित की जानी चाहिए तथा नियमित उनकी पूजा अर्चना होनी चाहिए जबकि महापुरुषों की मूर्तियों के लिए प्राण प्रतिष्ठा और नियमित पूजा अर्चना लागू नहीं होता। बाबा दुबे ने कहा कि पिछले कुछ अरसे से भगवान परशुराम की मूर्तियों को लेकर राजनीति की जा रही है तथा राजनीतिक पिपासा की शांति के लिए ही उनकी मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं। परंतु हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भगवान परशुराम की मूर्ति को बिना प्राण प्रतिष्ठा किए सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित करके कर्तव्यों की इति श्री नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि उनकी मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया जाए तथा नियमित पूजा पाठ के लिए पुजारी रखे जाएं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम को संसार के सात अमर लोगों में माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कलयुग की समाप्ति पर वे भगवान कल्कि के रूप में एक बार फिर दुष्टों का संहार करेंगे। श्री दुबे ने कहा कि भगवान परशुराम भले ब्राह्मण कुल में पैदा हुए थे परंतु उनका कार्य पूरी तरह से क्षत्रियोचित था। उन्होंने दुष्ट राजाओं का विनाश किया यही कारण है कि उन्हें ब्रह्म क्षत्रीय कहा जाता है। उन्होंने भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे योद्धाओं को शिक्षा दी थी।
लव जिहाद और अवैध कब्ज पर कार्यवाही की मांग को लेकर राष्ट्रपति को जिला प्रशासन के माध्यम से सोपे ज्ञापन

सुल्तानपुर जिले में शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने देश में बढ़ती विभिन्न सामाजिक चुनौतियां अवैध कब्जा और कथित सामाजिक षडयंत्रों के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्ट्रेट के माध्यम से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सोपा।
कार्यकर्ता हूं द्वारा सौंप गए पत्र में कई गंभीर मुद्दों पर चिंता जताई गई है और कठोर कार्यवाही की मांग की गई है ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि देश के विभिन्न नगरों में वन भूमि सार्वजनिक संपत्ति और रेलवे की जमीनों पर सुनियोजित तरीके से अवैध कब्जे किए जा रहे हैं इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक चुनौती बताया गया है।
इसके अतिरिक्त ज्ञापन में लव जिहाद जैसे मामलों और और हिंदू युवतियों के शारीरिक व मानसिक शोषण की बढ़ती घटनाओं का भी जिक्र किया गया है इन पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की गई है बजरंग दल ने समाज में वनस्य फैलाने के उद्देश्य से खानपान की वस्तुओं के साथ हो रही कथित अपवित्र खिलवाड़ पर भी चिंता व्यक्त की है इसे नागरिकों की धार्मिक भावनाओं और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया गया ज्ञापन में मुस्लिम बहुल क्षेत्र में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों और जनजातीय समाज के उत्पीड़न पर रोक लगाने की भी अपील की गई है।
बजरंग दल ने सरकार से निम्नलिखित प्रमुख कदम उठाए ने का आग्रह किया है राष्ट्र विरोधी मानसिकता वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध त्वरित और कठोर दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है सार्वजनिक और सरकारी भूमि से अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कठोर केंद्रीय कानून लागू हो जनजातीय क्षेत्रों में शोषण रोकने हेतु विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए।
देवघर-के दीनबंधु उच्च विद्यालय में साप्ताहिक विश्व पृथ्वी दिवस के अंतर्गत रंगभरो प्रतियोगिता का आयोजन।
देवघर: पृथ्वी दिवस एक वार्षिक आयोजन है जिसे 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित किया जाता है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप की थी। अब इसे 192 से अधिक देशों में प्रति वर्ष मनाया जाता है। स्थानीय साइंस एंड मैथमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के बैनर तले दीनबंधु उच्च विद्यालय के भवानी शंकर बागची सभागार में विद्यार्थियों के बीच रंगभरो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें दर्जनों विद्यार्थियों ने अपनी अपनी भागीदारी निभाई। प्राप्ताँक के आधार पर नील आनंद को प्रथम, प्रियांशु शेखर एवं शिवम् कुमार रमानी को युग्म रूप से द्वितीय, रितिका कुमारी, बेबी कुमारी एवं आयुष कुमार को संयुक्त रूप से तृतीय, अमरजीत कुमार को चतुर्थ, अमन कुमार को पंचम, कशिश प्रिया को षष्ठ, निशांत राज को सप्तम, मुस्कान सिंह को अष्टम, अंकित कुमार को नवम, शौर्य मयंक को दशम स्थान प्राप्त हुआ। धर्मवीर कुमार पोद्दार, पीयूष कुमार, रीतेश कुमार, निखिल कुमार दूबे एवं दर्शन राज द्वारा अंकित चित्रों को भी सराहा गया। सभी विजयी प्रतिभागियों को आगामी 22 अप्रैल रवीन्द्र सभागार में मुख्य अतिथि साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जय चंद्र राज, विशिष्ट अतिथि साइंस फॉर सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह, सचिव सुबोध कुमार झा, साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव व दीनबंधु स्कूल के प्रधानाध्यापक काजल कांति सिकदार के करकमलों से पुरस्कृत किया जाएगा।
धर्मांतरण नहीं, देश के खिलाफ सुनियोजित खेल’, टीसीएस मामले में साजिश की “बू”

#nashiktcsconversionpleasupreme_court

इन दिनों देश में धर्मांतरण का मुद्दा सुर्खियों में है। देश की प्रतिष्ठित आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 'कॉर्पोरेट एथिक्स' और 'वर्कप्लेस कल्चर' को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस के दफ्तर में सामने आए इस मामले में पूरे देश में हलचल मचा दी है।

एक गहरी साजिश की ओर इशारा

टीसीएस की एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के भीतर चल रहे धर्मांतरण के सिंडिकेट और यौन उत्पीड़न के 'नेक्सस' का कच्चा चिट्ठा खोला है। इस 'खुलासे' ने न केवल कंपनी के इंटरनल सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पेशेवर दुनिया के भीतर सक्रिय एक गहरी साजिश की ओर भी इशारा किया है।

मामले में अब तक मामले में 9 एफआईआर दर्ज

26 मार्च को सामने आए इस पूरे मामले में आरोप है कि टीसीएस नासिक के कुछ कर्मचारियों ने 18 से 25 साल की महिला सहकर्मियों को निशाना बनाया। उन पर यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इस केस में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 7 पुरुष और 1 महिला शामिल है। पुलिस को करीब 78 संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट मिले हैं। कुछ वित्तीय लेनदेन के संकेत भी सामने आए हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा 'आतंकवादी कृत्य'

इस बीच धर्मांतरण और योन उत्पीड़ने का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह जबरन या धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण को गंभीर राष्ट्रीय समस्या के तौर पर देखे। याचिकाकर्ता के अनुसार इस तरह का काम 'आतंकवादी कृत्य' और 'भारत के खिलाफ (अप्रत्यक्ष) युद्ध' की श्रेणी में आता है।

सामाजिक ताने-बाने को तबाह करने की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय ने डाली है। उन्होंने इस घटना को एक व्यापक पैटर्न के तौर पर देखने की मांग की है, जो कि सिर्फ नासिक टीसीएस तक सीमित नहीं है। याचिकाकर्ता की दलील है कि संगठित धर्मांतरण निजी बुरे कर्मों से कहीं ज्यादा खतरनाक है और यह सामाजिक ताने-बाने को तबाह कर सकता है।

एक महिला ने लगाए कई गंभीर आरोप

इस मामले में दर्ज पहली एफआईआर में एक महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज कराने वाली महिला 2023 से टीसीएस के नासिक ऑफिस में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है। एफआईआर के मुताबिक़, "उसकी मुलाकात 2022 में एक अभियुक्त से हुई थी। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और दोस्त थे। अभियुक्त ने महिला को अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी दौरान जुलाई 2022 में अभियुक्त ने महिला से शारीरिक संबंध की मांग की और ज़बरदस्ती भी की। महिला के विरोध करने पर उसने शादी की इच्छा जताई।महिला ने कहा कि वह सोचकर बताएगी।"

एफ़आईआर के मुताबिक, बाद में अभियुक्त महिला को अक्सर कॉलेज के बाद मिलने के लिए बुलाने लगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने महिला को इसी कंपनी में इंटरव्यू देने को कहा, जहां वह एसोसिएट पद पर सिलेक्ट हो गई। टीसीएस में ही महिला की मुलाक़ात अभियुक्त के एक पुरुष और एक महिला परिचित से हुई। ये चारों अक्सर साथ रहते, कैंटीन जाते और साथ टहलते थे। इसी दौरान अभियुक्त और उसके दोनों साथी महिला से उसके धर्म को लेकर कथित तौर पर कई अपमानजनक बातें भी कही जाती थीं।

एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2024 में अभियुक्त महिला को एक रिज़ॉर्ट ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि इसके बाद कंपनी में काम करने वाला उसका दोस्त महिला के घर गया और परिवार को रिश्ते की बात बताने की धमकी देकर उससे भी शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। बाद में ऑफ़िस में भी महिला के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। एफआईआर के मुताबिक़, दोनों दोस्त महिला पर लगातार दबाव बनाते रहे कि उसे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए। महिला के मुताबिक, इस दौरान अभियुक्त उससे नजदीकियां बढ़ाने की भी कोशिश करते रहे।

मीरजापुर में युवक को पीट पीटकर उतारा मौत के घाट


मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में जिगना थाना क्षेत्र के गोगांव गांव में बीती रात जमीन पर जेसीबी से मिट्टी खुदाई को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मनबढ़ों की पिटाई से घायल 40 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे गांव में तनाव का माहौल है।

मृतक की पहचान दिनेश चौबे पुत्र स्व. जटाशंकर चौबे के रूप में हुई है। परिजन के अनुसार, गांव में कुछ लोग उनकी जमीन पर जेसीबी मशीन से मिट्टी की खुदाई कर रहे थे। जब दिनेश चौबे ने इसका विरोध किया, तो अजय, ललित उर्फ ऋषि (पुत्र ताड़कनाथ तिवारी) और बृजेश तिवारी उर्फ बबलू (पुत्र राजेन्द्र तिवारी) ने मिलकर उन्हें लात-घूसों से बुरी तरह पीट दिया।

गंभीर रूप से घायल दिनेश को तत्काल पीएचसी सर्रोंई ले जाया गया, जहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पुनीत अग्रवाल ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक की मां मालती देवी ने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।उधर, क्षेत्राधिकारी लालगंज अमर बहादुर ने शुक्रवार भोर में घटनास्थल का निरीक्षण किया और बताया कि मामले में जल्द ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। गांव में स्थिति को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
आजमगढ़ : पट्टी गांव में गेहूं के खेत में लगी भीषण आग ग्रामीणों व दमकल की मदद से आग पर पाया गया काबू
आजमगढ़।मेहनगर तहसील क्षेत्र अंतर्गत पट्टी ग्राम सभा में गुरुवार के दिन गेहूं के खेत में दोपहर लगभग 2 बजे लगी भीषण आग बेकाबू हो गया जिसको काबू में करने के लिए पूरे गांव के लोगों को टुल्लू पंप आदि की व्यवस्था रायपुर पट्टी ग्राम सभा के एसके सिंह एंड कंपनी के सभी मजदूर और जनरेटर के सहारे आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया बाद में मेहनगर से आए दमकल कर्मियों को भी काफी मशक्कत करना पड़ा। आग इतना विकराल रूप ले लिया था कि लगभग 30 बिघा खेत इसके आगोश में आ गया था। ग्रामीणों में से जिसने जिधर से देखा उधर से ग्रामीण लाठी डंडे और पेड़ों के डाल लेकर के आग बुझाने के लिए पहुंचे कुछ लोगों ने ट्यूबल स्टार्ट कर जनरेटर लगा करके आग पर काबू पाने की कोशिश करी कुछ देर बीते ही थे तब तक मेंहनगर से किसी के द्वारा फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी फायर ब्रिगेड वालों ने भी काफी मशक्कत करते हुए किसी तरह से आग पर लगभग 5:30 बजे काबू पाया परंतु इस अग्नि में कई लोगों के रखे हुए गेहूं के बोझ जलकर खाक हो गए। मशीन के द्वारा काटी गई गेहूं की फसल में बचे डंठल में आग लगने से यह आग पूरे 30 बिघा खेतों में फैल गया। खेतों में जिनके नुकसान हुए उन किसानों के नाम हैं,मनीष सिंह पट्टी 90 बोझ( बंटाई पर हरी यादव मठिया)सचिन राम मठिया बस्ती 6 बिस्सा,रमेश सिंह पट्टी 10 बिस्सा,उदय नारायण सिंह पट्टी 20 बिस्सा, बनवारी राम 20 बिस्सा पट्टी और अजीत सिंह पट्टी 100 बोझ, राजकुमार सिंह और जगदंबा सिंह का दो बीघा पराली,सुभाष मौर्य का 50 बोझ और लगभग 10 से 15 और लोगों के पराली वाला भूसा जलकर राख हो गया।
जादूगर शंकर सम्राट 10 साल बाद झुमरी तिलैया में फिर लौट रहा मैजिक शो, नए अंदाज में होगा मनोरंजन और संदेश

झुमरी तिलैया: आज आयोजित प्रेस वार्ता में मैजिक शो टीम ने मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि करीब 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर भव्य मैजिक शो झुमरी तिलैया की धरती पर आयोजित होने जा रहा है। इस बार शो पूरी तरह नए अंदाज और नई प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों के सामने आएगा।

आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्षों में उनके कार्यक्रमों को दर्शकों ने काफी सराहा था और इस बार भी उन्हें पूरा विश्वास है कि लोग इस नए मैजिक शो को पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग सोशल मीडिया और मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में यह लाइव मैजिक शो परिवार के साथ बैठकर मनोरंजन का बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।

इस शो में विदेशी शैली के कई आकर्षक मैजिक प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें माइंड रीडिंग, टेलीपैथी, त्राटक और मेस्मेरिज्म जैसे करीब 36 बड़े आइटम शामिल होंगे। दो घंटे के इस शो का आयोजन प्रतिदिन किया जाएगा। सामान्य दिनों में शो का समय शाम 4 बजे और शाम 6:30 बजे होगा, जबकि रविवार को दर्शकों की भीड़ को देखते हुए तीन शो—दोपहर 1 बजे, 4 बजे और शाम 6:30 बजे आयोजित किए जाएंगे।

इस बार शो का मुख्य आकर्षण जलती आग से लड़की का प्रकट होना, लाइव डायनासोर की प्रस्तुति और दर्शकों को मंच पर बुलाकर उनके मन की बात पढ़ना होगा, जो कार्यक्रम को और भी रोमांचक बनाएगा।

कार्यक्रम का आयोजन दुर्गा मंडप, बेलाटांड सिनेमा हॉल के समीप किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि वे पिछले लगभग 18-20 वर्षों से मैजिक शो कर रहे हैं और झुमरी तिलैया उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है, जिससे उनका खास लगाव है।

इस बार शो की खास बात यह भी होगी कि मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी दिया जाएगा। भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, नशा मुक्ति, जल संरक्षण और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे सामाजिक मुद्दों को मैजिक के माध्यम से थीम बनाकर प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि लोगों को मनोरंजन के साथ जागरूकता का संदेश भी मिल सके।

आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवार के साथ इस अनोखे मैजिक शो का आनंद लें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के इस प्रयास का हिस्सा बनें।
महिला आरक्षण अधिनियम 2023 हुआ लागू, सरकार ने जारी की अधिसूचना

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देश की संसद में देर रात तक महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर जोरदार बहस हुई। आज शाम चार बजे महिला आरक्षण पर वोटिंग भी होनी है। इस बीच महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम-2023 गुरुवार से लागू हो गया। इस संबंध में केंद्रीय कानून मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया। कानून को लागू करने के संबंध में एक अधिकारी ने ’’तकनीकी खामियों’’ का हवाला दिया, लेकिन इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया।

अभी नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ

अधिकारी ने आगे कहा कि अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जा सकता है। इसके मुताबिक अधिनियम लागू होने के बावजूद वर्तमान लोकसभा में महिलाओं को इसका लाभ तुरंत नहीं मिल सकेगा।

अधिसूचना में क्या?

अधिसूचना में लिखा है: "संविधान (एक सौ छठा संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतद्द्वारा उक्त अधिनियम के प्रावधानों के लागू होने की तिथि 16 अप्रैल, 2026 नियुक्त करती है।"

आज लोकसभा में 6 घंटे तक होगी बहस, फिर वोटिंग

इधर, लोकसभा में गुरुवार को पेश किए गए तीन अहम बिलों पर आज भी चर्चा जारी रहेगी और शाम को इन पर मतदान कराया जाएगा। लोकसभा कार्यसूची के अनुसार, गुरुवार को इन बिलों पर 12 घंटे से अधिक लंबी बहस हुई थी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे। आज यानी शुक्रवार को करीब 6 घंटे अतिरिक्त चर्चा के लिए निर्धारित किए गए हैं। वोटिंग से पहले गृहमंत्री अमित शाह सदन में विस्तृत जवाब देंगे, जिसके बाद इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर निर्णय लिया जाएगा।

2023 में पारित हुआ था विधेयक

सितंबर 2023 में, संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इंदिरा भवन में कांग्रेस की समीक्षा बैठक संपन्न

संगठन सुदृढ़ीकरण और महिला भागीदारी बढ़ाने पर जोर

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की उपस्थिति में गुरुवार को इंदिरा भवन, भोपाल में विभिन्न संभागों के जिला अध्यक्षों तथा महिला कांग्रेस पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में संगठन विस्तार, जमीनी सक्रियता और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिला अध्यक्षों के साथ हुई समीक्षा बैठकें

प्रथम चरण में इंदौर और खंडवा संभाग के जिला अध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इसके बाद रीवा और सागर संभाग के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक हुई, जिसमें संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सह प्रभारी उषा नायडू, प्रशिक्षण विभाग प्रभारी महेंद्र जोशी, संगठन महासचिव संजय कामले सहित संबंधित संभागों के जिला अध्यक्ष उपस्थित रहे।

महिला कांग्रेस की बैठक में रणनीति पर मंथन

इसके पश्चात मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की बैठक आयोजित हुई, जिसमें महिला कांग्रेस की सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में महिला संगठन के विस्तार, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी, एआईसीसी सचिव उषा नायडू, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, संगठन महासचिव संजय कामले, महिला कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ममता चंद्राकर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

संगठन की मजबूती सबसे बड़ी ताकत : हरीश चौधरी

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि संगठन की मजबूती ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है। इसके लिए हर स्तर पर सक्रियता जरूरी है। उन्होंने जिला अध्यक्षों से जमीनी स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।

महिलाओं के अधिकारों के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध : जीतू पटवारी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल वर्षों पहले सोनिया गांधी द्वारा संसद में उठाई गई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे जातिगत जनगणना और परिसीमन के मुद्दे में उलझाकर लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अधिकारों और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की तैयारी

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी ने कहा कि महिला कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को और सशक्त बनाया जा सके।

बलिया के बागी शेर चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती: सादगी, साहस और समाजवाद का प्रतीक:रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष,
संजीव सिंह बलिया, 17 अप्रैल 2026: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, 'युवा तुर्क' के नाम से विख्यात और समाजवाद एवं लोकतंत्र के नायक, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। बलिया की पावन धरती से निकले इस महान समाजवादी योद्धा को पूर्व नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने सादर नमन किया है।जननायक और वैचारिक प्रखरता का प्रतीकचंद्रशेखर जी केवल राजनेता नहीं, बल्कि सच्चे जननायक थे। बलिया की मिट्टी से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने उनका सफर कड़ी मेहनत और जनसेवा का जीवंत प्रमाण है। 1983 की ऐतिहासिक 'कन्याकुमारी से दिल्ली पदयात्रा' ने उन्हें जनमानस से जोड़ा। इस यात्रा का मकसद कुपोषण, पेयजल संकट और सामाजिक असमानता जैसी बुनियादी समस्याओं को उजागर करना था।निर्भीक वक्ता और संसदीय शेरसंसद में उनकी बेबाक आवाज पक्ष-विपक्ष दोनों को मंत्रमुग्ध कर देती थी। निर्भीक टिप्पणियों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए वे विख्यात रहे।सादगी व शुचिता का जीवन दर्शनसत्ता के शिखर पर रहते हुए भी उनकी ग्रामीण सादगी बरकरार रही। "राजनीति मेरे लिए पेशा नहीं, राष्ट्र सेवा का माध्यम है"—यह उनका जीवन-दर्शन था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।रामगोविंद चौधरी ने कहा, "आज उनकी जयंती पर हम सत्य, साहस और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनके आशीर्वाद से मार्गदर्शन मिलता रहे। शत-शत नमन!"जय चंद्रशेखर! जय बलिया! जय भारत!(रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश
सार्वजनिक स्थलों पर भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करना धर्मसम्मत नहीं : बाबा दुबे

जौनपुर। भगवान परशुराम को विष्णु का छठा अवतार माना गया है और पृथ्वी के साथ चिरंजीवियों में एक माने जाते  हैं। माना जाता है कि आज भी वह महेंद्र गिरी पर्वत पर तपस्या कर रहे हैं। ऐसे में महापुरुषों की तरह सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मूर्तियां स्थापित नहीं की जा सकती हैं। पूर्व विधायक बाबा दुबे ने सार्वजनिक स्थलों पर किसी महापुरुष की तरह लगाई जा रही उनकी मूर्ति को धर्मशास्त्र के विरुद्ध बताते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि किसी भी भगवान की मूर्ति की तरह भगवान परशुराम की मूर्ति को भी प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही स्थापित की जानी चाहिए तथा नियमित उनकी पूजा अर्चना होनी चाहिए जबकि महापुरुषों की मूर्तियों के लिए प्राण प्रतिष्ठा और नियमित पूजा अर्चना लागू नहीं होता। बाबा दुबे ने कहा कि पिछले कुछ अरसे से भगवान परशुराम की मूर्तियों को लेकर राजनीति की जा रही है तथा राजनीतिक पिपासा की शांति के लिए ही उनकी मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं। परंतु हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भगवान परशुराम की मूर्ति को बिना प्राण प्रतिष्ठा किए सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित करके कर्तव्यों की इति श्री नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि उनकी मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया जाए तथा नियमित पूजा पाठ के लिए पुजारी रखे जाएं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम को संसार के सात अमर लोगों में माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कलयुग की समाप्ति पर वे भगवान कल्कि के रूप में एक बार फिर दुष्टों का संहार करेंगे। श्री दुबे ने कहा कि भगवान परशुराम भले ब्राह्मण कुल में पैदा हुए थे परंतु उनका कार्य पूरी तरह से क्षत्रियोचित था। उन्होंने दुष्ट राजाओं का विनाश किया यही कारण है कि उन्हें ब्रह्म क्षत्रीय कहा जाता है। उन्होंने भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे योद्धाओं को शिक्षा दी थी।
लव जिहाद और अवैध कब्ज पर कार्यवाही की मांग को लेकर राष्ट्रपति को जिला प्रशासन के माध्यम से सोपे ज्ञापन

सुल्तानपुर जिले में शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने देश में बढ़ती विभिन्न सामाजिक चुनौतियां अवैध कब्जा और कथित सामाजिक षडयंत्रों के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्ट्रेट के माध्यम से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सोपा।
कार्यकर्ता हूं द्वारा सौंप गए पत्र में कई गंभीर मुद्दों पर चिंता जताई गई है और कठोर कार्यवाही की मांग की गई है ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि देश के विभिन्न नगरों में वन भूमि सार्वजनिक संपत्ति और रेलवे की जमीनों पर सुनियोजित तरीके से अवैध कब्जे किए जा रहे हैं इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक चुनौती बताया गया है।
इसके अतिरिक्त ज्ञापन में लव जिहाद जैसे मामलों और और हिंदू युवतियों के शारीरिक व मानसिक शोषण की बढ़ती घटनाओं का भी जिक्र किया गया है इन पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की गई है बजरंग दल ने समाज में वनस्य फैलाने के उद्देश्य से खानपान की वस्तुओं के साथ हो रही कथित अपवित्र खिलवाड़ पर भी चिंता व्यक्त की है इसे नागरिकों की धार्मिक भावनाओं और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया गया ज्ञापन में मुस्लिम बहुल क्षेत्र में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों और जनजातीय समाज के उत्पीड़न पर रोक लगाने की भी अपील की गई है।
बजरंग दल ने सरकार से निम्नलिखित प्रमुख कदम उठाए ने का आग्रह किया है राष्ट्र विरोधी मानसिकता वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध त्वरित और कठोर दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है सार्वजनिक और सरकारी भूमि से अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कठोर केंद्रीय कानून लागू हो जनजातीय क्षेत्रों में शोषण रोकने हेतु विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए।
देवघर-के दीनबंधु उच्च विद्यालय में साप्ताहिक विश्व पृथ्वी दिवस के अंतर्गत रंगभरो प्रतियोगिता का आयोजन।
देवघर: पृथ्वी दिवस एक वार्षिक आयोजन है जिसे 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित किया जाता है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप की थी। अब इसे 192 से अधिक देशों में प्रति वर्ष मनाया जाता है। स्थानीय साइंस एंड मैथमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के बैनर तले दीनबंधु उच्च विद्यालय के भवानी शंकर बागची सभागार में विद्यार्थियों के बीच रंगभरो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें दर्जनों विद्यार्थियों ने अपनी अपनी भागीदारी निभाई। प्राप्ताँक के आधार पर नील आनंद को प्रथम, प्रियांशु शेखर एवं शिवम् कुमार रमानी को युग्म रूप से द्वितीय, रितिका कुमारी, बेबी कुमारी एवं आयुष कुमार को संयुक्त रूप से तृतीय, अमरजीत कुमार को चतुर्थ, अमन कुमार को पंचम, कशिश प्रिया को षष्ठ, निशांत राज को सप्तम, मुस्कान सिंह को अष्टम, अंकित कुमार को नवम, शौर्य मयंक को दशम स्थान प्राप्त हुआ। धर्मवीर कुमार पोद्दार, पीयूष कुमार, रीतेश कुमार, निखिल कुमार दूबे एवं दर्शन राज द्वारा अंकित चित्रों को भी सराहा गया। सभी विजयी प्रतिभागियों को आगामी 22 अप्रैल रवीन्द्र सभागार में मुख्य अतिथि साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जय चंद्र राज, विशिष्ट अतिथि साइंस फॉर सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह, सचिव सुबोध कुमार झा, साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव व दीनबंधु स्कूल के प्रधानाध्यापक काजल कांति सिकदार के करकमलों से पुरस्कृत किया जाएगा।
धर्मांतरण नहीं, देश के खिलाफ सुनियोजित खेल’, टीसीएस मामले में साजिश की “बू”

#nashiktcsconversionpleasupreme_court

इन दिनों देश में धर्मांतरण का मुद्दा सुर्खियों में है। देश की प्रतिष्ठित आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 'कॉर्पोरेट एथिक्स' और 'वर्कप्लेस कल्चर' को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस के दफ्तर में सामने आए इस मामले में पूरे देश में हलचल मचा दी है।

एक गहरी साजिश की ओर इशारा

टीसीएस की एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के भीतर चल रहे धर्मांतरण के सिंडिकेट और यौन उत्पीड़न के 'नेक्सस' का कच्चा चिट्ठा खोला है। इस 'खुलासे' ने न केवल कंपनी के इंटरनल सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पेशेवर दुनिया के भीतर सक्रिय एक गहरी साजिश की ओर भी इशारा किया है।

मामले में अब तक मामले में 9 एफआईआर दर्ज

26 मार्च को सामने आए इस पूरे मामले में आरोप है कि टीसीएस नासिक के कुछ कर्मचारियों ने 18 से 25 साल की महिला सहकर्मियों को निशाना बनाया। उन पर यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इस केस में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 7 पुरुष और 1 महिला शामिल है। पुलिस को करीब 78 संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट मिले हैं। कुछ वित्तीय लेनदेन के संकेत भी सामने आए हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा 'आतंकवादी कृत्य'

इस बीच धर्मांतरण और योन उत्पीड़ने का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह जबरन या धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण को गंभीर राष्ट्रीय समस्या के तौर पर देखे। याचिकाकर्ता के अनुसार इस तरह का काम 'आतंकवादी कृत्य' और 'भारत के खिलाफ (अप्रत्यक्ष) युद्ध' की श्रेणी में आता है।

सामाजिक ताने-बाने को तबाह करने की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय ने डाली है। उन्होंने इस घटना को एक व्यापक पैटर्न के तौर पर देखने की मांग की है, जो कि सिर्फ नासिक टीसीएस तक सीमित नहीं है। याचिकाकर्ता की दलील है कि संगठित धर्मांतरण निजी बुरे कर्मों से कहीं ज्यादा खतरनाक है और यह सामाजिक ताने-बाने को तबाह कर सकता है।

एक महिला ने लगाए कई गंभीर आरोप

इस मामले में दर्ज पहली एफआईआर में एक महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज कराने वाली महिला 2023 से टीसीएस के नासिक ऑफिस में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है। एफआईआर के मुताबिक़, "उसकी मुलाकात 2022 में एक अभियुक्त से हुई थी। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और दोस्त थे। अभियुक्त ने महिला को अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी दौरान जुलाई 2022 में अभियुक्त ने महिला से शारीरिक संबंध की मांग की और ज़बरदस्ती भी की। महिला के विरोध करने पर उसने शादी की इच्छा जताई।महिला ने कहा कि वह सोचकर बताएगी।"

एफ़आईआर के मुताबिक, बाद में अभियुक्त महिला को अक्सर कॉलेज के बाद मिलने के लिए बुलाने लगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने महिला को इसी कंपनी में इंटरव्यू देने को कहा, जहां वह एसोसिएट पद पर सिलेक्ट हो गई। टीसीएस में ही महिला की मुलाक़ात अभियुक्त के एक पुरुष और एक महिला परिचित से हुई। ये चारों अक्सर साथ रहते, कैंटीन जाते और साथ टहलते थे। इसी दौरान अभियुक्त और उसके दोनों साथी महिला से उसके धर्म को लेकर कथित तौर पर कई अपमानजनक बातें भी कही जाती थीं।

एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2024 में अभियुक्त महिला को एक रिज़ॉर्ट ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि इसके बाद कंपनी में काम करने वाला उसका दोस्त महिला के घर गया और परिवार को रिश्ते की बात बताने की धमकी देकर उससे भी शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। बाद में ऑफ़िस में भी महिला के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। एफआईआर के मुताबिक़, दोनों दोस्त महिला पर लगातार दबाव बनाते रहे कि उसे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए। महिला के मुताबिक, इस दौरान अभियुक्त उससे नजदीकियां बढ़ाने की भी कोशिश करते रहे।

मीरजापुर में युवक को पीट पीटकर उतारा मौत के घाट


मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में जिगना थाना क्षेत्र के गोगांव गांव में बीती रात जमीन पर जेसीबी से मिट्टी खुदाई को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मनबढ़ों की पिटाई से घायल 40 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिससे गांव में तनाव का माहौल है।

मृतक की पहचान दिनेश चौबे पुत्र स्व. जटाशंकर चौबे के रूप में हुई है। परिजन के अनुसार, गांव में कुछ लोग उनकी जमीन पर जेसीबी मशीन से मिट्टी की खुदाई कर रहे थे। जब दिनेश चौबे ने इसका विरोध किया, तो अजय, ललित उर्फ ऋषि (पुत्र ताड़कनाथ तिवारी) और बृजेश तिवारी उर्फ बबलू (पुत्र राजेन्द्र तिवारी) ने मिलकर उन्हें लात-घूसों से बुरी तरह पीट दिया।

गंभीर रूप से घायल दिनेश को तत्काल पीएचसी सर्रोंई ले जाया गया, जहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पुनीत अग्रवाल ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतक की मां मालती देवी ने आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।उधर, क्षेत्राधिकारी लालगंज अमर बहादुर ने शुक्रवार भोर में घटनास्थल का निरीक्षण किया और बताया कि मामले में जल्द ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो गई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। गांव में स्थिति को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
आजमगढ़ : पट्टी गांव में गेहूं के खेत में लगी भीषण आग ग्रामीणों व दमकल की मदद से आग पर पाया गया काबू
आजमगढ़।मेहनगर तहसील क्षेत्र अंतर्गत पट्टी ग्राम सभा में गुरुवार के दिन गेहूं के खेत में दोपहर लगभग 2 बजे लगी भीषण आग बेकाबू हो गया जिसको काबू में करने के लिए पूरे गांव के लोगों को टुल्लू पंप आदि की व्यवस्था रायपुर पट्टी ग्राम सभा के एसके सिंह एंड कंपनी के सभी मजदूर और जनरेटर के सहारे आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया बाद में मेहनगर से आए दमकल कर्मियों को भी काफी मशक्कत करना पड़ा। आग इतना विकराल रूप ले लिया था कि लगभग 30 बिघा खेत इसके आगोश में आ गया था। ग्रामीणों में से जिसने जिधर से देखा उधर से ग्रामीण लाठी डंडे और पेड़ों के डाल लेकर के आग बुझाने के लिए पहुंचे कुछ लोगों ने ट्यूबल स्टार्ट कर जनरेटर लगा करके आग पर काबू पाने की कोशिश करी कुछ देर बीते ही थे तब तक मेंहनगर से किसी के द्वारा फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी फायर ब्रिगेड वालों ने भी काफी मशक्कत करते हुए किसी तरह से आग पर लगभग 5:30 बजे काबू पाया परंतु इस अग्नि में कई लोगों के रखे हुए गेहूं के बोझ जलकर खाक हो गए। मशीन के द्वारा काटी गई गेहूं की फसल में बचे डंठल में आग लगने से यह आग पूरे 30 बिघा खेतों में फैल गया। खेतों में जिनके नुकसान हुए उन किसानों के नाम हैं,मनीष सिंह पट्टी 90 बोझ( बंटाई पर हरी यादव मठिया)सचिन राम मठिया बस्ती 6 बिस्सा,रमेश सिंह पट्टी 10 बिस्सा,उदय नारायण सिंह पट्टी 20 बिस्सा, बनवारी राम 20 बिस्सा पट्टी और अजीत सिंह पट्टी 100 बोझ, राजकुमार सिंह और जगदंबा सिंह का दो बीघा पराली,सुभाष मौर्य का 50 बोझ और लगभग 10 से 15 और लोगों के पराली वाला भूसा जलकर राख हो गया।
जादूगर शंकर सम्राट 10 साल बाद झुमरी तिलैया में फिर लौट रहा मैजिक शो, नए अंदाज में होगा मनोरंजन और संदेश

झुमरी तिलैया: आज आयोजित प्रेस वार्ता में मैजिक शो टीम ने मीडिया प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जानकारी दी कि करीब 10 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर भव्य मैजिक शो झुमरी तिलैया की धरती पर आयोजित होने जा रहा है। इस बार शो पूरी तरह नए अंदाज और नई प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों के सामने आएगा।

आयोजकों ने बताया कि पिछले वर्षों में उनके कार्यक्रमों को दर्शकों ने काफी सराहा था और इस बार भी उन्हें पूरा विश्वास है कि लोग इस नए मैजिक शो को पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग सोशल मीडिया और मोबाइल में व्यस्त रहते हैं, ऐसे में यह लाइव मैजिक शो परिवार के साथ बैठकर मनोरंजन का बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।

इस शो में विदेशी शैली के कई आकर्षक मैजिक प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें माइंड रीडिंग, टेलीपैथी, त्राटक और मेस्मेरिज्म जैसे करीब 36 बड़े आइटम शामिल होंगे। दो घंटे के इस शो का आयोजन प्रतिदिन किया जाएगा। सामान्य दिनों में शो का समय शाम 4 बजे और शाम 6:30 बजे होगा, जबकि रविवार को दर्शकों की भीड़ को देखते हुए तीन शो—दोपहर 1 बजे, 4 बजे और शाम 6:30 बजे आयोजित किए जाएंगे।

इस बार शो का मुख्य आकर्षण जलती आग से लड़की का प्रकट होना, लाइव डायनासोर की प्रस्तुति और दर्शकों को मंच पर बुलाकर उनके मन की बात पढ़ना होगा, जो कार्यक्रम को और भी रोमांचक बनाएगा।

कार्यक्रम का आयोजन दुर्गा मंडप, बेलाटांड सिनेमा हॉल के समीप किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि वे पिछले लगभग 18-20 वर्षों से मैजिक शो कर रहे हैं और झुमरी तिलैया उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है, जिससे उनका खास लगाव है।

इस बार शो की खास बात यह भी होगी कि मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी दिया जाएगा। भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, नशा मुक्ति, जल संरक्षण और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ जैसे सामाजिक मुद्दों को मैजिक के माध्यम से थीम बनाकर प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि लोगों को मनोरंजन के साथ जागरूकता का संदेश भी मिल सके।

आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवार के साथ इस अनोखे मैजिक शो का आनंद लें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के इस प्रयास का हिस्सा बनें।
महिला आरक्षण अधिनियम 2023 हुआ लागू, सरकार ने जारी की अधिसूचना

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देश की संसद में देर रात तक महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर जोरदार बहस हुई। आज शाम चार बजे महिला आरक्षण पर वोटिंग भी होनी है। इस बीच महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला महिला आरक्षण अधिनियम-2023 गुरुवार से लागू हो गया। इस संबंध में केंद्रीय कानून मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया। कानून को लागू करने के संबंध में एक अधिकारी ने ’’तकनीकी खामियों’’ का हवाला दिया, लेकिन इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया।

अभी नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ

अधिकारी ने आगे कहा कि अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जा सकता है। इसके मुताबिक अधिनियम लागू होने के बावजूद वर्तमान लोकसभा में महिलाओं को इसका लाभ तुरंत नहीं मिल सकेगा।

अधिसूचना में क्या?

अधिसूचना में लिखा है: "संविधान (एक सौ छठा संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतद्द्वारा उक्त अधिनियम के प्रावधानों के लागू होने की तिथि 16 अप्रैल, 2026 नियुक्त करती है।"

आज लोकसभा में 6 घंटे तक होगी बहस, फिर वोटिंग

इधर, लोकसभा में गुरुवार को पेश किए गए तीन अहम बिलों पर आज भी चर्चा जारी रहेगी और शाम को इन पर मतदान कराया जाएगा। लोकसभा कार्यसूची के अनुसार, गुरुवार को इन बिलों पर 12 घंटे से अधिक लंबी बहस हुई थी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे। आज यानी शुक्रवार को करीब 6 घंटे अतिरिक्त चर्चा के लिए निर्धारित किए गए हैं। वोटिंग से पहले गृहमंत्री अमित शाह सदन में विस्तृत जवाब देंगे, जिसके बाद इन महत्वपूर्ण विधेयकों पर निर्णय लिया जाएगा।

2023 में पारित हुआ था विधेयक

सितंबर 2023 में, संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इंदिरा भवन में कांग्रेस की समीक्षा बैठक संपन्न

संगठन सुदृढ़ीकरण और महिला भागीदारी बढ़ाने पर जोर

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की उपस्थिति में गुरुवार को इंदिरा भवन, भोपाल में विभिन्न संभागों के जिला अध्यक्षों तथा महिला कांग्रेस पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। बैठकों में संगठन विस्तार, जमीनी सक्रियता और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिला अध्यक्षों के साथ हुई समीक्षा बैठकें

प्रथम चरण में इंदौर और खंडवा संभाग के जिला अध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इसके बाद रीवा और सागर संभाग के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक हुई, जिसमें संगठन को और अधिक सक्रिय एवं मजबूत बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सह प्रभारी उषा नायडू, प्रशिक्षण विभाग प्रभारी महेंद्र जोशी, संगठन महासचिव संजय कामले सहित संबंधित संभागों के जिला अध्यक्ष उपस्थित रहे।

महिला कांग्रेस की बैठक में रणनीति पर मंथन

इसके पश्चात मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की बैठक आयोजित हुई, जिसमें महिला कांग्रेस की सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में महिला संगठन के विस्तार, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

इस दौरान महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी, एआईसीसी सचिव उषा नायडू, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, संगठन महासचिव संजय कामले, महिला कांग्रेस प्रदेश प्रभारी ममता चंद्राकर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

संगठन की मजबूती सबसे बड़ी ताकत : हरीश चौधरी

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि संगठन की मजबूती ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है। इसके लिए हर स्तर पर सक्रियता जरूरी है। उन्होंने जिला अध्यक्षों से जमीनी स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।

महिलाओं के अधिकारों के लिए कांग्रेस प्रतिबद्ध : जीतू पटवारी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल वर्षों पहले सोनिया गांधी द्वारा संसद में उठाई गई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे जातिगत जनगणना और परिसीमन के मुद्दे में उलझाकर लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं के अधिकारों और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए सभी पदाधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

महिला नेतृत्व को सशक्त बनाने की तैयारी

महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी ने कहा कि महिला कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को और सशक्त बनाया जा सके।