खाकी की 'फ्लॉप स्क्रिप्ट' और सिसकता इंसाफ – क्या मीरजापुर में मौत के बाद ही जागेगी पुलिस की संवेदना

*_जाति-धर्म पर आधारित राजनीति कब तक? अपराधी का कोई जाति-धर्म नहीं होता, वह केवल अपराधी होता है जो समाज के लिए खतरा है।_*

*मीरजापुर*

जनपद की कटरा कोतवाली पुलिस के लिए शायद न्याय का मतलब अब केवल 'मैनेजमेंट' और 'खानापूर्ति' रह गया है। 11 अप्रैल की सुबह सद्भावनानगर में होनहार अधिवक्ता और जनप्रतिनिधि राजीव उर्फ रिंकू सिंह को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया। इस खूनी वारदात ने कानून के इकबाल को लहूलुहान कर दिया।
*जाति देखकर तय होती संवेदना?* 
सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि इस हत्या पर जातिवाद की राजनीति करने वाले पक्ष-विपक्ष के नेताओं के होंठ सिले रहे। अगर यही घटना किसी अन्य समुदाय से जुड़ी होती तो शायद जनपद की राजनीति में भूचाल आ जाता। भीम आर्मी से लेकर विपक्ष तक सब सड़कों पर प्रोटेस्ट करते नजर आते। लेकिन एक क्षत्रिय की मौत पर सबकी जुबान पर ताले पड़ गए। बड़े-बड़े नेता, समाजसेवी कहलाने वाले लोग दाह संस्कार और सांत्वना देने तो पहुंचे, मगर इंसाफ की मांग पर सबकी जुबान खामोश रही।

इससे भी ज्यादा शर्मनाक रही कटरा पुलिस की वह चुप्पी, जिसने रक्षक को अपराधियों का 'मूक सहायक' बना दिया। सवाल सीधा है: जब रिंकु सिंह ने पहले ही अपनी जान पर मंडराते खतरे की तहरीर दी थी, तब कटरा कोतवाल किस 'वीआईपी' ड्यूटी में मशगूल थे? कानून की किताब में लिखी 'प्रिवेंटिव एक्शन' की धाराएं क्या केवल आम जनता को डराने के लिए हैं? अगर समय रहते सुरक्षा दी गई होती, तो आज देवरी विरोही का आंगन सूना न होता।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को हाफ एनकाउंटर कर 50 हजार के इनामी राजेंद्र सोनकर व दूसरा बिंद के दोनों पैरों में गोली मारकर अपनी पीठ थपथपाई।

पुलिस ने दिनभर रिंकू सिंह के अंतिम संस्कार का इंतजार किया। जैसे ही चिता की अग्नि शांत हुई, रात के अंधेरे में एक घिसी-पिटी पटकथा वाला एनकाउंटर परोस दिया गया।

तस्वीरों में दिख रही चोटें पूछ रही हैं कि क्या पुलिस की गोलियां अब केवल घुटने के नीचे खरोंच मारने के लिए ही बनी हैं? वही पुलिस जो मामूली आंदोलनकारी के घर आधी रात दबिश देती है, वह 6 गंभीर मुकदमों वाले अपराधी के सामने इतनी मेहरबान क्यों थी?

जब पीड़ित परिवार बिलख रहा था, तब प्रशासनिक अमला केवल 'ऊपर रिपोर्ट' भेजने में व्यस्त था। मकसद साफ था: अंतिम संस्कार होते ही मामले का 'दुर्भाग्यपूर्ण पटाक्षेप' कर दिया जाए। 6 गंभीर मुकदमों का इतिहास रखने वाला अपराधी पुलिस की नाक के नीचे घूमता रहा और एक अधिवक्ता की हत्या कर दी गई। यह कटरा पुलिस की कार्यक्षमता पर सबसे बड़ा तमाचा है।
डॉ अंबेडकर जयंती पर मुकेश कुमार मासूम ने किया शोभा यात्रा का उद्घाटन

गौतम बुद्ध नगर। भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की 135वीं जयंती के अवसर पर डॉ. अम्बेडकर जन कल्याण समिति (रजिस्टर्ड), जेवर द्वारा  डॉ भीमराव अम्बेडकर जयंती का भव्य आयोजन किया गया।
शाम के समय कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य शोभा यात्रा से हुआ, जिसका फीता सुप्रसिद्ध बॉलीवुड लेखक एवं गीतकार मुकेश कुमार मासूम द्वारा काटकर किया गया। बैंड-बाजों, जय भीम के नारों एवं अनुशासित जनसमूह के साथ निकली इस शोभायात्रा ने पूरे नगर में सामाजिक समरसता एवं जागरूकता का संदेश प्रसारित किया।
समिति द्वारा मुकेश कुमार मासूम का पारंपरिक रूप से पगड़ी बांधकर भव्य स्वागत किया गया। बैंड बाजे के साथ पहले उन्हें मंच स्थल तक ले जाया गया। संगीत मासूम और मुकेश मासूम ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। अपने ओजस्वी एवं प्रभावशाली उद्बोधन में उन्होंने बाबा साहेब के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा, संगठन और संघर्ष को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। उनके वक्तव्य ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया एवं व्यापक सराहना प्राप्त की। बता दें कि मुकेश कुमार मासूम के लिखे चर्चित गीतों में “दिल तोड़ने वाला दिल का खुद निकला” (उदित नारायण), “दारू सिगरेट छोड़ दे” (ममता शर्मा), “जीवन एक अमृत है” (उदित नारायण), “भगवान ज़रूरी है” (अल्तमश फ़रीदी), “खाटू श्याम जाना है” (अनूप जलोटा), “जय भीम बोलो रे” (मोहम्मद अज़ीज़), “ब्रेकअप पार्टी” (हरमन नाज़िम), “मेनू हँसके विदा कर दे” (शबाब साबरी) और “उस बेदर्दी ने दिल तोड़ा” (अगम कुमार निगम)जैसे गीत विशेष रूप से लोकप्रिय हैं। फिल्म “धन्नो ढाबे वाली” का उनका लिखा गीत भी काफी चर्चित हुआ।
साहित्य के क्षेत्र में उनकी चर्चित पुस्तक “गुलिस्तां” सहित कई कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी ऑडियो बुक्स “पंडित जी का लोटा”, “पुनरावृत्ति” और “बड़े दिलवाला” भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं और देश-विदेश में सराही जा रही हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे मुंबई के एक बहुभाषीय सात दैनिक समाचार पत्रों के समूह में वर्षों तक संपादक रहे और अपने लेखों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत करते रहे।
मुकेश कुमार मासूम को उनके साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान के लिए अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें “कवि भूषण सम्मान” और “पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार” जैसे महत्वपूर्ण पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी उन्हें उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया है।
गरीबी और संघर्षों से भरे बचपन से लेकर साहित्य और बॉलीवुड में प्रतिष्ठित पहचान बनाने तक की उनकी यात्रा लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो और मेहनत करने का साहस हो, तो कोई भी व्यक्ति साधारण परिस्थितियों से उठकर असाधारण ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है। मुकेश कुमार मासूम केवल एक गीतकार या लेखक नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक पहुँचने की जीवंत प्रेरणा और नई पीढ़ी के लिए आशा की किरण बन चुके हैं। इसी अवसर पर उभरते हुए रॉकस्टार एवं सिने अभिनेता संगीत मासूम का भी फूलमालाओं एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। उनके संगीत एल्बमों ने युवाओं के बीच विशेष लोकप्रियता प्राप्त की है तथा उन्हें विभिन्न मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अनेक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उनके योगदान ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत जेवर के अध्यक्ष पहलवान नारायण माहेश्वरी की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने अपने संबोधन में समाज में समानता एवं शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। समिति अध्यक्ष भाई शेर सिंह (पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी); उपाध्यक्ष: संजय सिंह (सभासद), संजय कुमार, हितेश गौतम (सभासद), सुरेन्द्र, दिनेश कुमार भाटी, अनिल सुदामा; महासचिव: मा. कपिल शान्त; कोषाध्यक्ष: प्रमोद प्रधान, राहुल कुमार; समिति निर्देशक: पदम सिंह डीलर, जगमाल जोशी; लेखा निरीक्षक: तेजपाल शांत (पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी), मास्टर भूरा सिंह; संयोजक: राजेश चौधरी, डॉ. उदयवीर, जसवंत , उदयपाल, संजय कुमार (तनहा प्रिंटर्स), सुरेश चन्द; सचिव एवं कार्यकारिणी सदस्य: रवि कुमार, मुकेश कुमार, संजीव कुमार, देवेंद्र कुमार, दीपक कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, सचिव रवि बौद्ध, सुनील कुमार, हिमांशु गौतम, सचिन, उमेश कुमार, रोहित कुमार, धर्मवीर डिश वाले, डॉ. कन्हैयालाल, विजयपाल मास्टर जी, अभिषेक, नवीन पत्रकार, राजीव कुमार, दलवीर ठेकेदार, नितिन; वरिष्ठ सलाहकार: वीरु (पूर्व सभासद), रामवीर जोशी, पुलकेश भारती, सतपाल नेताजी, आनंद बौद्ध, त्रिलोक चन्द, रमेश चंद, सोहनलाल (गुड्डू), भूदेव भास्कर, प्यारेलाल, रघुराज सिंह राही, डॉ. प्रदीप (पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी) आदि ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत रत्न बाबा साहब डा० भीमराव अंबेडकर धूमधाम के साथ मनाई गई   की जयंती

सभी दलों के नेताओं ने बढ़चढ़ किया प्रतिभाग


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । भारत रत्न बाबा साहबडॉ ० भीम राव अम्बेडकर की 135 वी जयंती धूमधाम एवं हर्षोल्लास से हडिया पचायत मे मनाई गई।14  अप्रैल 1891को मध्यप्रदेश के एक छोटे से गाव महू मे हुआ था।उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता भीमाबाई थीं। बाबा साहब के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर लोगों को चलना चाहिए।उनके विचारों पर चलने से देश आगे बढेगा। उनका विचार था कि सभी को समान अधिकार मिले और सभी लोग शिक्षित बने।हडिया पचायत मे अडचन के मनाने को लेकर सोमवार को हडिया ग्राम पंचायत हडिया में भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के किसान युवा मोर्चा  जिला अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह। बाबा साहब के अनुयायियों के साथ बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ आवश्यक बैठक की। हडिया ग्राम पंचायत में कई पार्टीयों के नेता गण ने व पदाधिकारियों ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर श्री श्रीद्बासुमन अपित करते हुए श्रद्धांजलि दी।


कार्यक्रम मे विनय प्रताप सिंहने डा. भीमराव अंबेडकर के जीवन चरित्र की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा बाबा साहब की सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, उनके बताए गए विचारों पर चलें। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज को एक समान जोड़ने का कार्य किया है। भारतीय संविधान बनाने में बाबा साहब का बहुत बड़ा योगदान रहा है, उनका विचार था कि समाज में समता होनी चाहिए, सभी को बराबर का समान, अधिकार एवं न्याय मिलना चाहिए। डॉ.अंबेडकर जी का पूरा जीवन संघर्ष, सत्यनिष्ठा, लगन व वंचित वर्ग के प्रति करुणा का प्रतीक है। उन्होंने व्यक्तिगत जीवन मे अनेक बाधाओं व कष्टों को सहा किंतु कभी भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुए। सार्वजनिक जीवन मे उन्होंने अश्पृश्यता व भेदभाव का कड़ा विरोध किया। उन्होने कहा कि महापुरूषों के जीवन का अनुसरण करते हुए व्यक्ति को उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलकर देश, प्रदेश की तरक्की, खुशहाली के लिए अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो अपने सुखसाधनों को छोड़कर देश का हित करें, ऐसे महान व्यक्तियों को नमन करते हैं। देश बदलना है तो शिक्षित होना बहुत ज़रूरी है। बाबा साहब ने समाज में परिवर्तन लाने के लिए अनोखा कार्य किया है, समाज के सभी वर्ग एक ही पंक्ति में खड़े हो सकें, ऐसे बाबा साहब के विचार थे। संविधान निर्माण में उन्होंने सभी धर्म, वर्ग,जाति को एक समान करने का विशेष ध्यान रखा। उन्होने कहा कि नारी शक्ति, शिक्षा, मताधिकार सहित आदि अधिकार दिलाने में उनका अहम योगदान हैं। उन्होने कहा कि भारत एक विविधता भरा देश है और तत्कालीन समय मे यह अनेक विषमताओं से जूझ रहा था। ऐसी परिस्थिति में इन विविधताओं को स्वीकारते हुए अखंड राष्ट्र का निर्माण बहुत बड़ी चुनौती थी। लेकिन डॉ. आंबेडकर के नेतृत्व में प्रारूप समिति ने न सिर्फ इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया बल्कि एक ऐसे संविधान का निर्माण किया जो “विविधता में एकता“ जैसे भारतीय मूल्य का साकार रूप था। भारत को एक राष्ट्र के रूप में खड़ा करने में संविधान की अतुलनीय भूमिका है।
बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर सभी जनपदवासियों को संदेश देते हुए कहा कि जिस प्रकार से बाबा साहब ने संविधान निर्माण के वक्त मानव मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए संविधान का निर्माण किया उसी प्रकार से हम सब अपने निजी जीवन में मानव मूल्यों को आत्मसात करते हुए मानव के हितों की रक्षा को सर्वोपरि रखने के लिए हमेशा कार्य करें।  ने बाबा साहब के जन्म दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि संविधान में समाज के हर वर्ग, जाति को बराबर का दर्जा दिया गया है। जिस व्यक्ति को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसे समय से निभाए। बाबा साहब चाहते थे कि गरीब व्यक्तियों को किसी प्रकार की समस्या न होने पाए। डा. भीमराव अंबेडकर साहब की इच्छा थी कि संविधान को मजबूत बनाना हैं। प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर समाज के लिए योगदान करते रहें। उन्होंने कभी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया।    ने कहा कि आज हम एक सफल लोकतंत्र के रूप में दुनिया भर में सम्मान की दृष्टि से देखे जाते हैं तो इसके पीछे उस संविधान की सबसे बड़ी भूमिका है, जिसके शिल्पकार डॉ.अंबेडकर हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक अच्छा लोकसेवक और एक अच्छा नागरिक बनने के लिए हमे डॉ भीमराव अंबेडकर की जीवनी व उनकी लिखी किताबों को पढ़ना चाहिए।इस कार्यक्रम जनसत्ता दल के जिला अध्यक्ष विनित त्रिपाठी, प्रिन्स सिंह परिहार एवं उनके कई पदाधिकारी समलित रहे। भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के टीम के किसान दल के जिलामत्री शिवम सिंह, शोभनाथ प्रधान,बबलू पटेल, देवेन्द्र पटेल,पवन सोनकरआदि लोग उपस्थित रहे।
बिहार में आज से 'सम्राट युग' का आगाज, मुख्यमंत्री पद की लेंगे शपथ

#cmsamratchaudharyoathceremony

बिहार में आज से नए सियासी युग की शुरूआत होने वाली है। नई सरकार का गठन होना है। इसके लिए आज सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे। लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन सीएम सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाएंगे।

आज सुबह 10:50 बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह

बिहार के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आज सुबह 10:50 बजे आयोजित किया जाएगा। लोकभवन में आयोजित होने वाले इस सादे समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन, सम्राट चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उनके साथ दो डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

जेडीयू कोटे से बनेंगे दो उपमुख्यमंत्री

इस शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा। बीजेपी के नेतृत्व में बनने वाली यह नई सरकार राज्य की राजनीति में नए संतुलन और रणनीति का संकेत दे रही है। बिहार की नई सरकार के गठन में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कोटे से दो अनुभवी नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। कोर कमेटी की बैठक के बाद बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी के नामों पर अंतिम सहमति बनी।

डिप्टी सीएम की रेस से निशांत ने खुद को किया बाहर

जेडीयू में डिप्टी सीएम के चेहरे को लेकर चल रही अटकलों के बीच निशांत कुमार ने खुद को इस रेस से अलग कर लिया है। उन्होंने संगठन को प्राथमिकता देने की बात कही है और फिलहाल वे पूरे बिहार में घूमकर पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। साथ ही वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहेंगे।

देवघर-जिले में बहुजन आर्मी बहुजन एकता मिशन के द्वारा डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई।
देवघर: जिले में 14 अप्रैल 2026 को बहुजन आर्मी बहुजन एकता मिशन के द्वारा देवघर एवं मधुपुर के थाड़ीदुलमपुर ,धनगोर, जमुनियाताड़ बनडीह,बहादुरपुर देवीपुर बाजार समेत सैकड़ों गांव में बाबा साहब आंबेडकर की जन्मजयंती सह बहुजन आर्मी की स्थापन दिवस बड़े ही धूम धाम से मनाया गया, इस अवसर पर बहुजन आर्मी प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रत्याशी ज्ञान रंजन ने बाबा साहब के जीवनी पर प्रकाश डाला तथा उनके विचारों पर चलने की बात कही उन्होंने मौके पर कहा संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने हम सबको सभी के लिए संविधान बनाया है जिस पर हम सबको चलकर उनके बताए रास्तों पर आगे बढ़ाना है। सभा का संचालन जिला अध्यक्ष टिंकू दास ने किया इस अवसर पर बहुजन आर्मी के प्रदेश सचिव संतोष दास ने अपने बातों को रखा । कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश प्रभारी श्याम रंजन,जिला प्रभारी केदार दास ,,चंदन कुमार गोलू कुमार,मिथुन दास,गप्पू दास महिला मोर्चा अध्यक्षा नंदनी देवी राहुल राज,ऋतिक ,नन्हें राजेश ,कुंदन, वार्ड पार्षद कार्तिक यादव,वार्ड पार्षद मुन्ना चौधरी JLKM नेता अंग्रेज दास समेत सैकड़ों लोगों ने अपने विचार प्रकट किए। और यह कार्यक्रम काफी उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में युवा लड़कियां महिला पुरुष बच्चे के भी भागीदारी देखी गई।
आर्मी स्कूल में डॉ० अम्बेडकर की जयन्ती मनाई गई
फर्रुखाबाद l आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ कैण्ट में भारतीय सम्विधान के निर्माता, सामाजिक समानता, दलितों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिये संघर्ष करने वाले तथा महिला अधिकारों के समर्थक डॉ० भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती बड़े धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक वीरेन्द्र कुमार मिश्र और अनीता सिंह ने बाबा साहेब की फोटो पर संयुक्त रूप से माल्यार्पण किया। इस दौरान विद्यालय की कक्षा बारह ब की छात्रा प्रिया यादव ने डॉ० भीमराव अम्बेडकर के जीवन परिचय और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक उत्थान के लिए किये गये उनके संघर्षों का वर्णन अपने अंग्रेजी भाषण में किया। विद्यालय की अध्यापिका नेहा राठौर ने वैशाखी के पर्व पर भी अपने विचार व्यक्त करते हुए भारत की सांस्कृतिक परम्परा पर प्रकाश डाला।  विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नितिन चतुर्वेदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ० भीमराव अम्बेडकर का जीवन संघर्ष, ज्ञान और समाज सेवा का प्रतीक है। उन्होंने न केवल भारतीय सम्विधान का निर्माण किया बल्कि समाज में समानता और न्याय की नींव भी रखी। उनका योगदान भारत के इतिहास में सदैव अमर रहेगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ० शिवाली वर्मा और पूर्णिमा अग्निहोत्री ने किया। इस मौके पर डॉ० सुनील कुमार त्रिपाठी, चञ्चल शर्मा, मो० आसिम, महेश चन्द्र उपाध्याय, एकता साध, वीरेन्द्र कुमार अग्निहोत्री, अनूपा अग्निहोत्री , राधा मोहन तिवारी, अपर्णा चौधरी आदि शिक्षक और शिक्षिकायें उपस्थित रहीं।
भव्य शोभायात्रा के साथ राम-परशुराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा संपन्न
रितेश मिश्रा
हरदोई हरियांव में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। नव-निर्मित श्री राम-परशुराम मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा भव्य रूप से संपन्न हुई।
इस पावन अवसर पर पूरे गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए विभिन्न मंदिरों एवं स्थलों पर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया। पूरे वातावरण में “जय श्रीराम” और “हर-हर महादेव” के जयकारों की गूंज सुनाई दी।
मंदिर में भगवान श्रीराम, माता जानकी, पंचमुखी हनुमान जी एवं भगवान परशुराम की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान से संपन्न कराई गई। इस समस्त धार्मिक अनुष्ठान को भागवताचार्य श्री बालकेशन शुक्ला जी के सान्निध्य एवं उनके द्वारा विधिवत पूजा-पाठ कर संपन्न कराया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर पूर्व एमएलसी अरविंद कुमार त्रिपाठी ‘गुड्डू’ सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूरे गांव की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली और सभी ने मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक एवं सफल बनाया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि गांव की एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर गया।
धूमधाम से मनाई गई बाबा भीमराव अम्बेडकर की जयंती








बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र में बड़े ही धूमधाम से बाबा भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह मनाई गई इस अवसर पर झांकियां एवं गीत लोकगीत के माध्यम से एकता का संदेश देने का काम किया हर सामाजिक दल एवं राजनीतिक दलों ने आज डॉक्टर बी आर अंबेडकर की जयंती बड़े ही धूमधाम से मनाई महिलाओं एवं बच्चियों का नृत्य देखते ही बन रहा था।इसी क्रम मेंअतरौलिया के भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रमाकांत मिश्रा ने भी डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित और कहा कि डॉक्टर बी आर अंबेडकर समता मूलक समाज के संस्थापक रहे उन्होंने देश को एक बेहतर संविधान देने का काम किया उन्होंने सभी जातियों एवं धर्म के लोगों को मानवता एवं सुशासन का संदेश दिया ऐसे महान व्यक्तित्व का हम बार-बार नमन करते उन्होंने समाज के दबे कूचले एवं वंचित शोषित लोगों को अधिकार दिलाने का काम किया। इस मौके पर पूर्व मंडल अध्यक्ष आशुतोष चौबे चंद्रजीत तिवारी शैलेश सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की धूमधाम से मनाई गई 136वी  जयंती

बबलू प्रजापति
हरदोई पिहानी में बाबासाहेब की 136वीं जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की
भारत रत्न और संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती पिहानी कस्बे में एक उत्सव की तरह हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर कस्बे के मुख्य मार्गों से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।

पुष्प वर्षा और सेवा भाव से हुआ स्वागत

शोभायात्रा का आकर्षण और बढ़ गया जब समाज के विभिन्न वर्गों ने आगे बढ़कर इसमें हिस्सा लेने वाले श्रद्धालुओं और अनुयायियों का स्वागत किया। इस दौरान डॉ. अंज़र, डॉ. मो. इरशाद, मो. नौशाद, मोनू कुरैशी, आज़म खान, सुहेल मंसूरी, मोबिन, और जैनुल आदि ने शोभायात्रा पर फूलों की बारिश (पुष्प वर्षा) कर एकता का संदेश दिया।
सेवा स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
गर्मी और उमस को देखते हुए शोभायात्रा मार्ग पर जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों के माध्यम से मौजूद लोगों को पानी और ताजे फलों का वितरण किया गया। लोगों का कहना था कि बाबासाहेब के समानता के विचारों को पिहानी कस्बे ने आज व्यावहारिक रूप में दिखाया है।
साम्प्रदायिक एकता की मिसाल
पिहानी कस्बे में जिस तरह से सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने मिलकर इस जयंती उत्सव को सफल बनाया, वह क्षेत्र में साम्प्रदायिक सौहार्द की एक बड़ी मिसाल बन गया है। शोभायात्रा में बाबासाहेब के जयकारों और देशभक्ति के गीतों से पूरा कस्बा गूंज उठा।
अम्बेडकर की जयंती पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर धूमधाम से मनाई

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)।  भारतीय संविधान के शिल्पकार भारत रत्न बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की जयंती नगर के खतराना चौराहे पर उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर धूमधाम से मनाई गई। मंगलवार को शासन द्वारा नामित सभासद उमेश मेहरोत्रा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला और उनके समाज में समानता, बंधुत्व और शांति के सिद्धांतों को आत्मसात करने की अपील की।इस मौके पर सभासद उमेश मेहरोत्रा ने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम डॉ साहब के मूल्यों, आदर्शों,  सामाजिक न्याय, समानता, बंधुत्व को पहचानें और उन्हें जीवन्त रखें। इस मौके पर पुष्प वर्षा कर उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व नगर अध्यक्ष भाजपा रमेश बाजपेई, उमंग मेहरोत्रा, मयंक टंडन, अमन मेहरोत्रा, रमेश द्विवेदी, भगवान दीन त्रिवेदी, बंशीधर पाठक, रामकरण बाजपेई,  सुरेश जयसवाल, कृष्णा कांत मिश्रा,  नरेंद्र वर्मा, रामसनेही सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।
खाकी की 'फ्लॉप स्क्रिप्ट' और सिसकता इंसाफ – क्या मीरजापुर में मौत के बाद ही जागेगी पुलिस की संवेदना

*_जाति-धर्म पर आधारित राजनीति कब तक? अपराधी का कोई जाति-धर्म नहीं होता, वह केवल अपराधी होता है जो समाज के लिए खतरा है।_*

*मीरजापुर*

जनपद की कटरा कोतवाली पुलिस के लिए शायद न्याय का मतलब अब केवल 'मैनेजमेंट' और 'खानापूर्ति' रह गया है। 11 अप्रैल की सुबह सद्भावनानगर में होनहार अधिवक्ता और जनप्रतिनिधि राजीव उर्फ रिंकू सिंह को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया। इस खूनी वारदात ने कानून के इकबाल को लहूलुहान कर दिया।
*जाति देखकर तय होती संवेदना?* 
सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि इस हत्या पर जातिवाद की राजनीति करने वाले पक्ष-विपक्ष के नेताओं के होंठ सिले रहे। अगर यही घटना किसी अन्य समुदाय से जुड़ी होती तो शायद जनपद की राजनीति में भूचाल आ जाता। भीम आर्मी से लेकर विपक्ष तक सब सड़कों पर प्रोटेस्ट करते नजर आते। लेकिन एक क्षत्रिय की मौत पर सबकी जुबान पर ताले पड़ गए। बड़े-बड़े नेता, समाजसेवी कहलाने वाले लोग दाह संस्कार और सांत्वना देने तो पहुंचे, मगर इंसाफ की मांग पर सबकी जुबान खामोश रही।

इससे भी ज्यादा शर्मनाक रही कटरा पुलिस की वह चुप्पी, जिसने रक्षक को अपराधियों का 'मूक सहायक' बना दिया। सवाल सीधा है: जब रिंकु सिंह ने पहले ही अपनी जान पर मंडराते खतरे की तहरीर दी थी, तब कटरा कोतवाल किस 'वीआईपी' ड्यूटी में मशगूल थे? कानून की किताब में लिखी 'प्रिवेंटिव एक्शन' की धाराएं क्या केवल आम जनता को डराने के लिए हैं? अगर समय रहते सुरक्षा दी गई होती, तो आज देवरी विरोही का आंगन सूना न होता।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को हाफ एनकाउंटर कर 50 हजार के इनामी राजेंद्र सोनकर व दूसरा बिंद के दोनों पैरों में गोली मारकर अपनी पीठ थपथपाई।

पुलिस ने दिनभर रिंकू सिंह के अंतिम संस्कार का इंतजार किया। जैसे ही चिता की अग्नि शांत हुई, रात के अंधेरे में एक घिसी-पिटी पटकथा वाला एनकाउंटर परोस दिया गया।

तस्वीरों में दिख रही चोटें पूछ रही हैं कि क्या पुलिस की गोलियां अब केवल घुटने के नीचे खरोंच मारने के लिए ही बनी हैं? वही पुलिस जो मामूली आंदोलनकारी के घर आधी रात दबिश देती है, वह 6 गंभीर मुकदमों वाले अपराधी के सामने इतनी मेहरबान क्यों थी?

जब पीड़ित परिवार बिलख रहा था, तब प्रशासनिक अमला केवल 'ऊपर रिपोर्ट' भेजने में व्यस्त था। मकसद साफ था: अंतिम संस्कार होते ही मामले का 'दुर्भाग्यपूर्ण पटाक्षेप' कर दिया जाए। 6 गंभीर मुकदमों का इतिहास रखने वाला अपराधी पुलिस की नाक के नीचे घूमता रहा और एक अधिवक्ता की हत्या कर दी गई। यह कटरा पुलिस की कार्यक्षमता पर सबसे बड़ा तमाचा है।
डॉ अंबेडकर जयंती पर मुकेश कुमार मासूम ने किया शोभा यात्रा का उद्घाटन

गौतम बुद्ध नगर। भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की 135वीं जयंती के अवसर पर डॉ. अम्बेडकर जन कल्याण समिति (रजिस्टर्ड), जेवर द्वारा  डॉ भीमराव अम्बेडकर जयंती का भव्य आयोजन किया गया।
शाम के समय कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य शोभा यात्रा से हुआ, जिसका फीता सुप्रसिद्ध बॉलीवुड लेखक एवं गीतकार मुकेश कुमार मासूम द्वारा काटकर किया गया। बैंड-बाजों, जय भीम के नारों एवं अनुशासित जनसमूह के साथ निकली इस शोभायात्रा ने पूरे नगर में सामाजिक समरसता एवं जागरूकता का संदेश प्रसारित किया।
समिति द्वारा मुकेश कुमार मासूम का पारंपरिक रूप से पगड़ी बांधकर भव्य स्वागत किया गया। बैंड बाजे के साथ पहले उन्हें मंच स्थल तक ले जाया गया। संगीत मासूम और मुकेश मासूम ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। अपने ओजस्वी एवं प्रभावशाली उद्बोधन में उन्होंने बाबा साहेब के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा, संगठन और संघर्ष को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। उनके वक्तव्य ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया एवं व्यापक सराहना प्राप्त की। बता दें कि मुकेश कुमार मासूम के लिखे चर्चित गीतों में “दिल तोड़ने वाला दिल का खुद निकला” (उदित नारायण), “दारू सिगरेट छोड़ दे” (ममता शर्मा), “जीवन एक अमृत है” (उदित नारायण), “भगवान ज़रूरी है” (अल्तमश फ़रीदी), “खाटू श्याम जाना है” (अनूप जलोटा), “जय भीम बोलो रे” (मोहम्मद अज़ीज़), “ब्रेकअप पार्टी” (हरमन नाज़िम), “मेनू हँसके विदा कर दे” (शबाब साबरी) और “उस बेदर्दी ने दिल तोड़ा” (अगम कुमार निगम)जैसे गीत विशेष रूप से लोकप्रिय हैं। फिल्म “धन्नो ढाबे वाली” का उनका लिखा गीत भी काफी चर्चित हुआ।
साहित्य के क्षेत्र में उनकी चर्चित पुस्तक “गुलिस्तां” सहित कई कृतियाँ प्रकाशित हो चुकी हैं। उनकी ऑडियो बुक्स “पंडित जी का लोटा”, “पुनरावृत्ति” और “बड़े दिलवाला” भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं और देश-विदेश में सराही जा रही हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे मुंबई के एक बहुभाषीय सात दैनिक समाचार पत्रों के समूह में वर्षों तक संपादक रहे और अपने लेखों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत करते रहे।
मुकेश कुमार मासूम को उनके साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान के लिए अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें “कवि भूषण सम्मान” और “पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार” जैसे महत्वपूर्ण पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी उन्हें उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया है।
गरीबी और संघर्षों से भरे बचपन से लेकर साहित्य और बॉलीवुड में प्रतिष्ठित पहचान बनाने तक की उनकी यात्रा लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो और मेहनत करने का साहस हो, तो कोई भी व्यक्ति साधारण परिस्थितियों से उठकर असाधारण ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है। मुकेश कुमार मासूम केवल एक गीतकार या लेखक नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता तक पहुँचने की जीवंत प्रेरणा और नई पीढ़ी के लिए आशा की किरण बन चुके हैं। इसी अवसर पर उभरते हुए रॉकस्टार एवं सिने अभिनेता संगीत मासूम का भी फूलमालाओं एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। उनके संगीत एल्बमों ने युवाओं के बीच विशेष लोकप्रियता प्राप्त की है तथा उन्हें विभिन्न मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अनेक सम्मान एवं पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। उनके योगदान ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
मुख्य अतिथि के रूप में नगर पंचायत जेवर के अध्यक्ष पहलवान नारायण माहेश्वरी की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने अपने संबोधन में समाज में समानता एवं शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। समिति अध्यक्ष भाई शेर सिंह (पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी); उपाध्यक्ष: संजय सिंह (सभासद), संजय कुमार, हितेश गौतम (सभासद), सुरेन्द्र, दिनेश कुमार भाटी, अनिल सुदामा; महासचिव: मा. कपिल शान्त; कोषाध्यक्ष: प्रमोद प्रधान, राहुल कुमार; समिति निर्देशक: पदम सिंह डीलर, जगमाल जोशी; लेखा निरीक्षक: तेजपाल शांत (पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी), मास्टर भूरा सिंह; संयोजक: राजेश चौधरी, डॉ. उदयवीर, जसवंत , उदयपाल, संजय कुमार (तनहा प्रिंटर्स), सुरेश चन्द; सचिव एवं कार्यकारिणी सदस्य: रवि कुमार, मुकेश कुमार, संजीव कुमार, देवेंद्र कुमार, दीपक कुमार, धर्मेन्द्र कुमार, सचिव रवि बौद्ध, सुनील कुमार, हिमांशु गौतम, सचिन, उमेश कुमार, रोहित कुमार, धर्मवीर डिश वाले, डॉ. कन्हैयालाल, विजयपाल मास्टर जी, अभिषेक, नवीन पत्रकार, राजीव कुमार, दलवीर ठेकेदार, नितिन; वरिष्ठ सलाहकार: वीरु (पूर्व सभासद), रामवीर जोशी, पुलकेश भारती, सतपाल नेताजी, आनंद बौद्ध, त्रिलोक चन्द, रमेश चंद, सोहनलाल (गुड्डू), भूदेव भास्कर, प्यारेलाल, रघुराज सिंह राही, डॉ. प्रदीप (पूर्व चेयरमैन प्रत्याशी) आदि ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत रत्न बाबा साहब डा० भीमराव अंबेडकर धूमधाम के साथ मनाई गई   की जयंती

सभी दलों के नेताओं ने बढ़चढ़ किया प्रतिभाग


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । भारत रत्न बाबा साहबडॉ ० भीम राव अम्बेडकर की 135 वी जयंती धूमधाम एवं हर्षोल्लास से हडिया पचायत मे मनाई गई।14  अप्रैल 1891को मध्यप्रदेश के एक छोटे से गाव महू मे हुआ था।उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता भीमाबाई थीं। बाबा साहब के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर लोगों को चलना चाहिए।उनके विचारों पर चलने से देश आगे बढेगा। उनका विचार था कि सभी को समान अधिकार मिले और सभी लोग शिक्षित बने।हडिया पचायत मे अडचन के मनाने को लेकर सोमवार को हडिया ग्राम पंचायत हडिया में भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के किसान युवा मोर्चा  जिला अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह। बाबा साहब के अनुयायियों के साथ बहुजन समाज पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ आवश्यक बैठक की। हडिया ग्राम पंचायत में कई पार्टीयों के नेता गण ने व पदाधिकारियों ने बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण कर श्री श्रीद्बासुमन अपित करते हुए श्रद्धांजलि दी।


कार्यक्रम मे विनय प्रताप सिंहने डा. भीमराव अंबेडकर के जीवन चरित्र की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा बाबा साहब की सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, उनके बताए गए विचारों पर चलें। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने समाज को एक समान जोड़ने का कार्य किया है। भारतीय संविधान बनाने में बाबा साहब का बहुत बड़ा योगदान रहा है, उनका विचार था कि समाज में समता होनी चाहिए, सभी को बराबर का समान, अधिकार एवं न्याय मिलना चाहिए। डॉ.अंबेडकर जी का पूरा जीवन संघर्ष, सत्यनिष्ठा, लगन व वंचित वर्ग के प्रति करुणा का प्रतीक है। उन्होंने व्यक्तिगत जीवन मे अनेक बाधाओं व कष्टों को सहा किंतु कभी भी अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुए। सार्वजनिक जीवन मे उन्होंने अश्पृश्यता व भेदभाव का कड़ा विरोध किया। उन्होने कहा कि महापुरूषों के जीवन का अनुसरण करते हुए व्यक्ति को उनके द्वारा बताए गए रास्तों पर चलकर देश, प्रदेश की तरक्की, खुशहाली के लिए अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो अपने सुखसाधनों को छोड़कर देश का हित करें, ऐसे महान व्यक्तियों को नमन करते हैं। देश बदलना है तो शिक्षित होना बहुत ज़रूरी है। बाबा साहब ने समाज में परिवर्तन लाने के लिए अनोखा कार्य किया है, समाज के सभी वर्ग एक ही पंक्ति में खड़े हो सकें, ऐसे बाबा साहब के विचार थे। संविधान निर्माण में उन्होंने सभी धर्म, वर्ग,जाति को एक समान करने का विशेष ध्यान रखा। उन्होने कहा कि नारी शक्ति, शिक्षा, मताधिकार सहित आदि अधिकार दिलाने में उनका अहम योगदान हैं। उन्होने कहा कि भारत एक विविधता भरा देश है और तत्कालीन समय मे यह अनेक विषमताओं से जूझ रहा था। ऐसी परिस्थिति में इन विविधताओं को स्वीकारते हुए अखंड राष्ट्र का निर्माण बहुत बड़ी चुनौती थी। लेकिन डॉ. आंबेडकर के नेतृत्व में प्रारूप समिति ने न सिर्फ इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया बल्कि एक ऐसे संविधान का निर्माण किया जो “विविधता में एकता“ जैसे भारतीय मूल्य का साकार रूप था। भारत को एक राष्ट्र के रूप में खड़ा करने में संविधान की अतुलनीय भूमिका है।
बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर सभी जनपदवासियों को संदेश देते हुए कहा कि जिस प्रकार से बाबा साहब ने संविधान निर्माण के वक्त मानव मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए संविधान का निर्माण किया उसी प्रकार से हम सब अपने निजी जीवन में मानव मूल्यों को आत्मसात करते हुए मानव के हितों की रक्षा को सर्वोपरि रखने के लिए हमेशा कार्य करें।  ने बाबा साहब के जन्म दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि संविधान में समाज के हर वर्ग, जाति को बराबर का दर्जा दिया गया है। जिस व्यक्ति को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसे समय से निभाए। बाबा साहब चाहते थे कि गरीब व्यक्तियों को किसी प्रकार की समस्या न होने पाए। डा. भीमराव अंबेडकर साहब की इच्छा थी कि संविधान को मजबूत बनाना हैं। प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर समाज के लिए योगदान करते रहें। उन्होंने कभी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया।    ने कहा कि आज हम एक सफल लोकतंत्र के रूप में दुनिया भर में सम्मान की दृष्टि से देखे जाते हैं तो इसके पीछे उस संविधान की सबसे बड़ी भूमिका है, जिसके शिल्पकार डॉ.अंबेडकर हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक अच्छा लोकसेवक और एक अच्छा नागरिक बनने के लिए हमे डॉ भीमराव अंबेडकर की जीवनी व उनकी लिखी किताबों को पढ़ना चाहिए।इस कार्यक्रम जनसत्ता दल के जिला अध्यक्ष विनित त्रिपाठी, प्रिन्स सिंह परिहार एवं उनके कई पदाधिकारी समलित रहे। भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के टीम के किसान दल के जिलामत्री शिवम सिंह, शोभनाथ प्रधान,बबलू पटेल, देवेन्द्र पटेल,पवन सोनकरआदि लोग उपस्थित रहे।
बिहार में आज से 'सम्राट युग' का आगाज, मुख्यमंत्री पद की लेंगे शपथ

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बिहार में आज से नए सियासी युग की शुरूआत होने वाली है। नई सरकार का गठन होना है। इसके लिए आज सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री की शपथ लेंगे। लोकभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन सीएम सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाएंगे।

आज सुबह 10:50 बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह

बिहार के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आज सुबह 10:50 बजे आयोजित किया जाएगा। लोकभवन में आयोजित होने वाले इस सादे समारोह में राज्यपाल सैयद अता हसनैन, सम्राट चौधरी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। उनके साथ दो डिप्टी सीएम विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है।

जेडीयू कोटे से बनेंगे दो उपमुख्यमंत्री

इस शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा। बीजेपी के नेतृत्व में बनने वाली यह नई सरकार राज्य की राजनीति में नए संतुलन और रणनीति का संकेत दे रही है। बिहार की नई सरकार के गठन में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कोटे से दो अनुभवी नेताओं को उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। कोर कमेटी की बैठक के बाद बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी के नामों पर अंतिम सहमति बनी।

डिप्टी सीएम की रेस से निशांत ने खुद को किया बाहर

जेडीयू में डिप्टी सीएम के चेहरे को लेकर चल रही अटकलों के बीच निशांत कुमार ने खुद को इस रेस से अलग कर लिया है। उन्होंने संगठन को प्राथमिकता देने की बात कही है और फिलहाल वे पूरे बिहार में घूमकर पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। साथ ही वे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहेंगे।

देवघर-जिले में बहुजन आर्मी बहुजन एकता मिशन के द्वारा डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई।
देवघर: जिले में 14 अप्रैल 2026 को बहुजन आर्मी बहुजन एकता मिशन के द्वारा देवघर एवं मधुपुर के थाड़ीदुलमपुर ,धनगोर, जमुनियाताड़ बनडीह,बहादुरपुर देवीपुर बाजार समेत सैकड़ों गांव में बाबा साहब आंबेडकर की जन्मजयंती सह बहुजन आर्मी की स्थापन दिवस बड़े ही धूम धाम से मनाया गया, इस अवसर पर बहुजन आर्मी प्रदेश अध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रत्याशी ज्ञान रंजन ने बाबा साहब के जीवनी पर प्रकाश डाला तथा उनके विचारों पर चलने की बात कही उन्होंने मौके पर कहा संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने हम सबको सभी के लिए संविधान बनाया है जिस पर हम सबको चलकर उनके बताए रास्तों पर आगे बढ़ाना है। सभा का संचालन जिला अध्यक्ष टिंकू दास ने किया इस अवसर पर बहुजन आर्मी के प्रदेश सचिव संतोष दास ने अपने बातों को रखा । कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश प्रभारी श्याम रंजन,जिला प्रभारी केदार दास ,,चंदन कुमार गोलू कुमार,मिथुन दास,गप्पू दास महिला मोर्चा अध्यक्षा नंदनी देवी राहुल राज,ऋतिक ,नन्हें राजेश ,कुंदन, वार्ड पार्षद कार्तिक यादव,वार्ड पार्षद मुन्ना चौधरी JLKM नेता अंग्रेज दास समेत सैकड़ों लोगों ने अपने विचार प्रकट किए। और यह कार्यक्रम काफी उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में युवा लड़कियां महिला पुरुष बच्चे के भी भागीदारी देखी गई।
आर्मी स्कूल में डॉ० अम्बेडकर की जयन्ती मनाई गई
फर्रुखाबाद l आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ कैण्ट में भारतीय सम्विधान के निर्माता, सामाजिक समानता, दलितों और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिये संघर्ष करने वाले तथा महिला अधिकारों के समर्थक डॉ० भीमराव अम्बेडकर की जयन्ती बड़े धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक वीरेन्द्र कुमार मिश्र और अनीता सिंह ने बाबा साहेब की फोटो पर संयुक्त रूप से माल्यार्पण किया। इस दौरान विद्यालय की कक्षा बारह ब की छात्रा प्रिया यादव ने डॉ० भीमराव अम्बेडकर के जीवन परिचय और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक उत्थान के लिए किये गये उनके संघर्षों का वर्णन अपने अंग्रेजी भाषण में किया। विद्यालय की अध्यापिका नेहा राठौर ने वैशाखी के पर्व पर भी अपने विचार व्यक्त करते हुए भारत की सांस्कृतिक परम्परा पर प्रकाश डाला।  विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नितिन चतुर्वेदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ० भीमराव अम्बेडकर का जीवन संघर्ष, ज्ञान और समाज सेवा का प्रतीक है। उन्होंने न केवल भारतीय सम्विधान का निर्माण किया बल्कि समाज में समानता और न्याय की नींव भी रखी। उनका योगदान भारत के इतिहास में सदैव अमर रहेगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ० शिवाली वर्मा और पूर्णिमा अग्निहोत्री ने किया। इस मौके पर डॉ० सुनील कुमार त्रिपाठी, चञ्चल शर्मा, मो० आसिम, महेश चन्द्र उपाध्याय, एकता साध, वीरेन्द्र कुमार अग्निहोत्री, अनूपा अग्निहोत्री , राधा मोहन तिवारी, अपर्णा चौधरी आदि शिक्षक और शिक्षिकायें उपस्थित रहीं।
भव्य शोभायात्रा के साथ राम-परशुराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा संपन्न
रितेश मिश्रा
हरदोई हरियांव में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। नव-निर्मित श्री राम-परशुराम मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा भव्य रूप से संपन्न हुई।
इस पावन अवसर पर पूरे गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए विभिन्न मंदिरों एवं स्थलों पर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया। पूरे वातावरण में “जय श्रीराम” और “हर-हर महादेव” के जयकारों की गूंज सुनाई दी।
मंदिर में भगवान श्रीराम, माता जानकी, पंचमुखी हनुमान जी एवं भगवान परशुराम की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान से संपन्न कराई गई। इस समस्त धार्मिक अनुष्ठान को भागवताचार्य श्री बालकेशन शुक्ला जी के सान्निध्य एवं उनके द्वारा विधिवत पूजा-पाठ कर संपन्न कराया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
इस अवसर पर पूर्व एमएलसी अरविंद कुमार त्रिपाठी ‘गुड्डू’ सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूरे गांव की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली और सभी ने मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक एवं सफल बनाया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि गांव की एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर गया।
धूमधाम से मनाई गई बाबा भीमराव अम्बेडकर की जयंती








बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र में बड़े ही धूमधाम से बाबा भीमराव अंबेडकर की जयंती समारोह मनाई गई इस अवसर पर झांकियां एवं गीत लोकगीत के माध्यम से एकता का संदेश देने का काम किया हर सामाजिक दल एवं राजनीतिक दलों ने आज डॉक्टर बी आर अंबेडकर की जयंती बड़े ही धूमधाम से मनाई महिलाओं एवं बच्चियों का नृत्य देखते ही बन रहा था।इसी क्रम मेंअतरौलिया के भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रमाकांत मिश्रा ने भी डॉ भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित और कहा कि डॉक्टर बी आर अंबेडकर समता मूलक समाज के संस्थापक रहे उन्होंने देश को एक बेहतर संविधान देने का काम किया उन्होंने सभी जातियों एवं धर्म के लोगों को मानवता एवं सुशासन का संदेश दिया ऐसे महान व्यक्तित्व का हम बार-बार नमन करते उन्होंने समाज के दबे कूचले एवं वंचित शोषित लोगों को अधिकार दिलाने का काम किया। इस मौके पर पूर्व मंडल अध्यक्ष आशुतोष चौबे चंद्रजीत तिवारी शैलेश सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की धूमधाम से मनाई गई 136वी  जयंती

बबलू प्रजापति
हरदोई पिहानी में बाबासाहेब की 136वीं जयंती पर उमड़ा जनसैलाब, साम्प्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की
भारत रत्न और संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती पिहानी कस्बे में एक उत्सव की तरह हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर कस्बे के मुख्य मार्गों से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।

पुष्प वर्षा और सेवा भाव से हुआ स्वागत

शोभायात्रा का आकर्षण और बढ़ गया जब समाज के विभिन्न वर्गों ने आगे बढ़कर इसमें हिस्सा लेने वाले श्रद्धालुओं और अनुयायियों का स्वागत किया। इस दौरान डॉ. अंज़र, डॉ. मो. इरशाद, मो. नौशाद, मोनू कुरैशी, आज़म खान, सुहेल मंसूरी, मोबिन, और जैनुल आदि ने शोभायात्रा पर फूलों की बारिश (पुष्प वर्षा) कर एकता का संदेश दिया।
सेवा स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
गर्मी और उमस को देखते हुए शोभायात्रा मार्ग पर जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों के माध्यम से मौजूद लोगों को पानी और ताजे फलों का वितरण किया गया। लोगों का कहना था कि बाबासाहेब के समानता के विचारों को पिहानी कस्बे ने आज व्यावहारिक रूप में दिखाया है।
साम्प्रदायिक एकता की मिसाल
पिहानी कस्बे में जिस तरह से सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने मिलकर इस जयंती उत्सव को सफल बनाया, वह क्षेत्र में साम्प्रदायिक सौहार्द की एक बड़ी मिसाल बन गया है। शोभायात्रा में बाबासाहेब के जयकारों और देशभक्ति के गीतों से पूरा कस्बा गूंज उठा।
अम्बेडकर की जयंती पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर धूमधाम से मनाई

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)।  भारतीय संविधान के शिल्पकार भारत रत्न बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर की जयंती नगर के खतराना चौराहे पर उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर धूमधाम से मनाई गई। मंगलवार को शासन द्वारा नामित सभासद उमेश मेहरोत्रा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला और उनके समाज में समानता, बंधुत्व और शांति के सिद्धांतों को आत्मसात करने की अपील की।इस मौके पर सभासद उमेश मेहरोत्रा ने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम डॉ साहब के मूल्यों, आदर्शों,  सामाजिक न्याय, समानता, बंधुत्व को पहचानें और उन्हें जीवन्त रखें। इस मौके पर पुष्प वर्षा कर उन्हें नमन किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पूर्व नगर अध्यक्ष भाजपा रमेश बाजपेई, उमंग मेहरोत्रा, मयंक टंडन, अमन मेहरोत्रा, रमेश द्विवेदी, भगवान दीन त्रिवेदी, बंशीधर पाठक, रामकरण बाजपेई,  सुरेश जयसवाल, कृष्णा कांत मिश्रा,  नरेंद्र वर्मा, रामसनेही सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे।