ग्रीष्मकालीन पेयजल संकट के समाधान हेतु सभी प्रखंडों में “नीर चौपाल” का आयोजन
ग्रीष्मकाल के दौरान उत्पन्न पेयजल संकट के मद्देनज़र आमजनों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार हजारीबाग जिले के सभी प्रखंडों में “नीर चौपाल” का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल से संबंधित समस्याओं की पहचान कर उनके त्वरित समाधान हेतु कार्य योजना तैयार करना है।
सभी प्रखंडों में आयोजित नीर चौपाल के दौरान संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों की उपस्थिति में जनप्रतिनिधियों, संबंधित विभागीय पदाधिकारियों, जल सहिया एवं आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के चापानलों से जुड़ी समस्याओं को विस्तारपूर्वक सूचीबद्ध किया गया।
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सूचीबद्ध समस्याओं को संकलित कर विकास शाखा और पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, हजारीबाग के कार्यपालक अभियंता को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि इन समस्याओं के त्वरित निवारण हेतु समुचित एवं प्रभावी कार्य योजना तैयार की जा सके।
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इसके अतिरिक्त, नीर चौपाल के दौरान प्रत्येक प्रखंड में पेयजल आपूर्ति हेतु उपलब्ध टैंकरों का आकलन भी किया गया। आवश्यकतानुसार खराब टैंकरों की मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलापूर्ति में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। नीर चौपाल में पीवीटीजी क्षेत्रों में पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो इसका विशेष ख्याल रखने एवं टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने और इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया।
जनसामान्य की सुविधा के लिए पेयजल संकट से संबंधित शिकायतों के निवारण हेतु दूरभाष संख्या 06546-262291 एवं एआई चैटबॉट नंबर 8757864361 की जानकारी भी साझा की गई। आमजन इन माध्यमों के जरिए अपने क्षेत्र के खराब चापानलों की शिकायत स्वयं दर्ज करवा सकते हैं, जिससे पेयजल संबधी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
नीर चौपाल के दौरान जल संरक्षण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राज्य सरकार की विभिन्न जल संरक्षण योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया जाए। विशेष रूप से डोभा निर्माण, वर्षा जल संचयन, जलस्रोतों का पुनर्जीवन, तालाबों की मरम्मत एवं गहरीकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि इन योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद क्षेत्रों विशेषकर पीवीटीजी क्षेत्रों तक पहुंचे तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों की सहभागिता के साथ कार्यों की सतत निगरानी की जाए, ताकि ग्रीष्मकाल में उत्पन्न जल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

ग्रीष्मकाल के दौरान उत्पन्न पेयजल संकट के मद्देनज़र आमजनों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार हजारीबाग जिले के सभी प्रखंडों में “नीर चौपाल” का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल से संबंधित समस्याओं की पहचान कर उनके त्वरित समाधान हेतु कार्य योजना तैयार करना है।



करेली में नकाबपोश बदमाशों ने वारदात कर फैलाई सनसनी
निजी विद्यालयों की मनमानी पर कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन*
उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को खुलेआम धंधा बना दिया है, जहां एडमिशन, रजिस्ट्रेशन, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से बेशर्मी से वसूली की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा खेल प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और BSA व DIOS को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक चले इस गतिरोध के बाद, अंततः सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन DIOS को सौंपा गया। ज्ञापन लेने के बाद DIOS ने एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया, लेकिन कांग्रेस ने इस आश्वासन पर साफ शब्दों में कहा कि अब सिर्फ वादे नहीं, जमीनी कार्यवाही चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि निजी स्कूलों की लूट अब हर सीमा पार कर चुकी है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और आक्रामक रूप लेगा और सड़कों पर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि एक हफ्ते के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ऐसा आंदोलन करेगी, जिससे प्रशासन को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि किताबों की कीमतों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, किसी एक दुकान से किताब-कॉपी खरीदने की बाध्यता खत्म की जाए, पुस्तक सेट कम से कम पांच वर्षों तक न बदले जाएं, नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और फीस निर्धारण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र बनाने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आंदोलन में बदल जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
गया: बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, जिला शाखा गया की ओर से गुरुवार को आज प्रजापति धर्मशाला, दांडी बाग में कोर कमेटी की एक अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष कृष्ण कुमार अजय ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड अंतर्गत अजयपुर गांव में प्रजापति समाज की एक महिला के साथ सरेआम सड़क पर हुई कथित सामूहिक दुष्कर्म की वीभत्स घटना पर चर्चा करना और आगे की रणनीति तय करना था।
जौनपुर। सेवा सबसे बड़ा धर्म है। निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करना, मानवता की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची पूजा है। जरूरतमंदों, माता-पिता और बुजुर्गों की सेवा से न केवल आत्मा को संतोष मिलता है, बल्कि समाज में प्रेम और सद्भाव भी बढ़ता है। केवला देवी रामबहाल फाउंडेशन एक ऐसी सामाजिक संस्था है जो पिछले कई वर्षों से ग्रामीण भागों में लगातार जन सेवा का पुनीत काम कर रही है। विशेषकर जरूरतमंद एवं गरीब लोगों के निशुल्क नेत्र परीक्षण, मोतियाबिंद जांच तथा चयनित मरीजों के लिए निशुल्क लेंस प्रत्यारोपण सुविधा की दिशा में यह संस्था अब तक हजारों मरीजों के अंधेरे जीवन को उजालों में बदल चुकी है।संस्था द्वारा 9 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक, जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित कठार गांव के केडीआर हाउस में निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें करीब 100 लोगों ने लाभ उठाया। आर जे शंकरा आंख अस्पताल की तरफ से डॉ मुमताज अली, डॉ प्रिया तथा डॉ. अर्चना की टीम ने लोगों का नेत्र परीक्षण किया। संस्था के अध्यक्ष विनोद आर सिंह ने बताया कि चयनित मरीजों को वाराणसी स्थित आरजे शंकरा आंख अस्पताल ले जाया जाएगा। बस सेवा भी पूरी तरह से निशुल्क होगी। मरीजों के उपचार एवं भोजन की व्यवस्था अस्पताल द्वारा निशुल्क किया गया है। शिविर में आए अनेक लोगों ने बताया कि पिछले अनेक वर्षों से संस्था द्वारा सुंदर तरीके से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों के साथ-साथ दूर के लोगों को भी लाभ मिल रहा है। शिविर में आयोजक के रूप में उपस्थित ठाकुर अमरधारी सिंह, अशोक सिंह, विनय सिंह, सौरभ सिंह, विकास सिंह तथा उनके सहयोगियों त्रिभुवन सिंह, शिवनारायण विश्वकर्मा अंकुर सिंह, सुरेंद्र दुबे, विपिन मिश्रा, आजाद पांडे, उत्तम दुबे आदि ने शिविर में आए लोगों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा।
मुंबई। घाटकोपर स्थित जंगलश्वर महादेव मंदिर सभागृह में इन दिनों चल रहे “संगीतमय नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव” ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। 5 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह आयोजन 13 अप्रैल 2026 तक जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचकर भगवान श्रीराम की पावन कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा स्थल पर भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रख्यात कथा वाचक श्री.श्री. 1008 श्रीमद जगद्गुरु हरि प्रपन्नाचार्य महाराज अपने प्रवचनों में राम के आदर्शों को सरल भाषा में प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जो मनुष्य को मर्यादा, धैर्य और धर्म के मार्ग पर चलना सिखाती है।” वहीं कथा संयोजक श्री रमेश छेदी सिंह ने बताया, “यह आयोजन समाज में भक्ति और संस्कारों को मजबूत करने का एक प्रयास है, हमें खुशी है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें सहभागिता कर रहे हैं। इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती दी है। प्रतिदिन शाम आयोजित हो रही कथा में परिवारों की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिल रही है, जिससे पूरा वातावरण राममय और भक्तिरस से सराबोर हो गया है।
7 hours ago
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