बंगाल, असम में भाजपा की जीत; पुडुचेरी में बनी सरकार:कार्यकर्ताओं ने विजय जुलूस निकाला, झाल-मुरी खिलाकर मनाया जश्न


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत तथा पुडुचेरी में गठबंधन सरकार बनने की खुशी में ज्ञानपुर नगर में विजय जुलूस निकाला। यह जुलूस आज दुर्गागंज तिराहे से शुरू हुआ। जुलूस का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने किया। कार्यकर्ता हाथों में भाजपा के झंडे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कटआउट और 'मैं हूँ मोदी का परिवार' की तख्तियां लिए हुए थे। उन्होंने 'भारत माता की जय', 'जय भाजपा तय भाजपा' और 'मोदी है तो मुमकिन है' जैसे नारे लगाए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि बंगाल में 176 और असम में 98 सीटों पर मिली यह जीत प्रधानमंत्री मोदी के विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के मंत्र की जीत है। उन्होंने आगे कहा कि पुडुचेरी में भी कमल खिलना यह साबित करता है कि देशभर में भाजपा पर जनता का विश्वास अटूट है। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि जनता ने तुष्टिकरण की राजनीति को नकार कर राष्ट्रवाद को चुना है। यह विजय जुलूस दुर्गागंज तिराहे से शुरू होकर मुख्य बाजार और स्टेशन रोड से होते हुए वापस तिराहे पर समाप्त हुआ। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को झाल-मुरी खिलाकर और मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों पर जमकर जश्न मनाया गया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष पांडे और विनय श्रीवास्तव, पूर्व प्रदेश मंत्री नागेंद्र सिंह, महामंत्री अखिलेंद्र सिंह बघेल, राजेश पटेल, मंडल ज्ञानपुर नगर पंचायत अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष मनीषा अम्बष्ट, बृजेश गुप्ता, जिला मंत्री वेद मौर्य, जिला मीडिया प्रभारी नागेंद्र नाथ मिश्रा, नवीन सुषमा मालवीय, सोशल मीडिया प्रभारी अखिलेश तिवारी, प्रदीप सिंह, शिवसागर मिश्र, चंदूलाल चंद्राकर, राजेश दुबे, सच्चन, हरिओम सिंह, सौरभ मालवीय, आशुतोष शुक्ला, लालमणि मिश्रा, छत्रपति सिंह, रंजीत गुप्ता, लालमणि धर्मराज पांडे मिश्र, शेषनारायण पाठक, मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक, बूथ अध्यक्ष सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और मातृशक्ति उपस्थित रहे।
पर्यटन विकास को रफ्तार: महाराजगंज में 686 लाख, मैनपुरी में 2229 लाख की परियोजनाएं स्वीकृत

* धार्मिक स्थलों के कायाकल्प और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बढ़ेगा पर्यटन व रोजगार

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास को नई गति देते हुए जनपद महाराजगंज और मैनपुरी में कुल 27 परियोजनाओं के लिए 2915 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गोरखपुर मंडल के महाराजगंज जनपद में 09 पर्यटन परियोजनाओं के लिए 686 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं के तहत सिसवा, पनियरा, नौतनवा, फरेंदा और सदर क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों का विकास किया जाएगा। साथ ही बहुउद्देशीय अवस्थापना सुविधाएं विकसित कर श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि हुई है। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इसी क्रम में आगरा मंडल के मैनपुरी जनपद में 18 पर्यटन परियोजनाओं के लिए 2229 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं में सत्तेश्वर महादेव मंदिर, आर्य समाज मंदिर, बजरंगबली हनुमान मंदिर, मां गंगा देवी मंदिर, नरसिंह धाम, वनखंडेश्वर आश्रम सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास शामिल है। इसके अतिरिक्त पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना है। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों से न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा रहा है, बल्कि पर्यटन के माध्यम से रोजगार और राजस्व के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
गोबर आधारित कम्पोस्ट व बायोगैस को बढ़ावा: गौशालाओं को बनाया जाएगा उत्पादन केंद्र

* जैविक खेती को नई दिशा, किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की व्यापक योजना

लखनऊ। प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष 44-ख में पशुपालन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर गोबर आधारित कम्पोस्ट, बायोगैस, जीवामृत और घनामृत के उत्पादन, उपयोग व विपणन को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश में उपलब्ध गोबर संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर बड़े पैमाने पर जैविक खाद का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं को उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित कर उन्हें कम्पोस्ट व अन्य जैविक उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भर बनाया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लाखों मीट्रिक टन कम्पोस्ट उत्पादन की क्षमता मौजूद है। इसके लिए गोशालाओं, डेयरी इकाइयों और किसानों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। मंत्री ने झांसी, चंदौली, फर्रुखाबाद, कानपुर और बाराबंकी में संचालित सफल बायोगैस व जैविक खाद मॉडलों का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रदेशभर में विस्तार देने के निर्देश दिए।
कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों के विस्तार और गोबर गैस प्लांट्स की स्थापना पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि बायोगैस से ऊर्जा के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद (स्लरी) भी प्राप्त होती है, जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिलता है। उन्होंने गोबर आधारित खाद के मानकीकरण पर विशेष जोर देते हुए पैकेजिंग, नमी स्तर और गुणवत्ता के स्पष्ट मानक तय करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को भरोसेमंद उत्पाद मिल सके। सहकारी समितियों के माध्यम से इसकी उपलब्धता बढ़ाने और यूरिया के साथ इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी विचार किया गया।
मंत्री ने कहा कि गोबर आधारित खाद मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाकर उत्पादन क्षमता को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करती है। इस दिशा में कृषि वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से कम लागत वाले मॉडल विकसित किए जाएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गोबर गैस संयंत्रों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी और जैविक खाद के प्रभावी विपणन के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि कृषि और पशुपालन के एकीकरण से जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। गोबर आधारित उत्पादों के उपयोग से जहां पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।
गौ संरक्षण व किसान सुरक्षा को लेकर गौ रक्षा वाहिनी ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

सुल्तानपुर। जनपद में गौवंश संरक्षण, पशु कल्याण, किसानों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित पशु प्रबंधन व्यवस्था को लेकर गौ रक्षा वाहिनी ने सोमवार को जिलाधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भीषण गर्मी में पशुओं के लिए पानी-छाया की व्यवस्था, आवारा गौवंश को गौशालाओं में भेजने के लिए विशेष अभियान, गौकशी पर सख्त कार्रवाई तथा किसानों की फसलों की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
इस दौरान प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह और प्रदेश महामंत्री जय शंकर दुबे ने संगठन की ओर से प्रशासन का ध्यान जनपद की जमीनी समस्याओं की ओर आकर्षित कराया। दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि
“भीषण गर्मी में गौवंश की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती है। जगह-जगह पानी और छाया की व्यवस्था कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। साथ ही आवारा पशुओं से किसानों की फसल को भारी नुकसान हो रहा है, जिसके लिए ठोस नीति बनना आवश्यक है।”
वहीं प्रदेश महामंत्री जय शंकर दुबे ने कहा कि
“गौकशी और अवैध पशु व्यापार पर पूर्णतः रोक लगनी चाहिए। प्रशासन यदि सख्ती से कार्रवाई करे तो ऐसी गतिविधियों पर लगाम लग सकती है। साथ ही गौशालाओं की नियमित मॉनिटरिंग भी जरूरी है, ताकि व्यवस्थाएं सुधर सकें।”
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पशु छोड़ने वाले पशुपालकों पर कार्रवाई, बीमा घोटालों की जांच, पशु बाजार लाइसेंसधारकों की समीक्षा, आवारा कुत्तों के नियंत्रण की नीति, तथा जनपद स्तर पर हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम की स्थापना जैसे कदम तत्काल उठाए जाएं।
इस मौके पर महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष पूनम सिंह ने कहा कि
“गौसेवा केवल आस्था नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है, इसमें महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।”
महामंत्री लक्की बरनवाल ने कहा कि
“गौशालाओं की स्थिति सुधारने के साथ-साथ पशुओं के भोजन और चिकित्सा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।”
जिला महामंत्री शनि मिश्रा ने प्रशासन से मांग की कि
“हर महीने गौशालाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।”
इस अवसर पर संरक्षक राकेश सिंह दद्दू, गौ सेवक अंकित अग्रहरी,जिला उपाध्यक्ष राजवीर श्रीवास्तव, जिला सचिव बजरंगी साहू, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कसौधन, मुकेश कसौधन, अभय सोनी, नीरज अग्रहरी, आशीष कुमार द्विवेदी, सुभाष पाठक, बृजेश श्रीवास्तव उर्फ बंटू सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौ रक्षा वाहिनी ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र प्रभावी कार्यवाही करेगा, जिससे जनपद में गौसंरक्षण, किसान हित और जनसुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
रामगढ़ में ‘दिशा’ बैठक: अवैध खनन पर सख्ती, पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश

रामगढ़ - सोमवार को रामगढ़ जिला समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। समिति के अध्यक्ष- सह- हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में रामगढ़ जिले में संचालित विभिन्न विभागों की जनहितकारी और विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। पिछली बैठक में हुए कार्यों की प्रगति पर चर्चा के साथ ही क्षेत्र की कई ज्वलंत और गंभीर समस्याओं पर भी गहन विचार विमर्श हुआ। बतौर समिति अध्यक्ष सांसद मनीष जायसवाल और उपायुक्त ऋतुराज ने जनहित के मुद्दों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। बैठक में सबसे गंभीर मुद्दा अवैध खनन का रहा, जहाँ सांसद मनीष जायसवाल ने डीएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अवैध कोयला, बालू और पत्थर खनन से न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि इस क्षेत्र के नदियों पर बने कई इंटेक वेल और कई महत्वपूर्ण पुलों पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस पर उपायुक्त ने तत्काल विशेष टास्क फोर्स गठित करने और संवेदनशील इलाकों में चौकीदारों की तैनाती के निर्देश दिए। कौशल विकास के नाम पर केवल कागजी आंकड़े प्रस्तुत करने वाली एजेंसियों को चेतावनी दी गई कि नौकरी के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा और स्थानीय कंपनियों के साथ समन्वय कर युवाओं को वास्तविक रोजगार से जोड़ा जाएगा। साथ ही आरईओ विभाग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में तेजी लाने और संवेदकों की मॉनिटरिंग करने को कहा गया। सामाजिक सुरक्षा के तहत मैय्या योजना के छूटे हुए लाभार्थियों के लिए विशेष कैंप लगाने और पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

कृषि और पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया कि वे योजनाओं का लाभ देने के लिए लगने वाले कैंपों और मेलों में जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करें। स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी क्लीनिकों में रेफर करने का खेल अब बंद होना चाहिए और अस्पताल के 500 मीटर के दायरे में निजी क्लीनिकों के संचालन पर सख्ती बरती जाए। शिक्षा के क्षेत्र में जिले के खराब परीक्षा परिणाम पर कड़ा संज्ञान लेते हुए शिक्षकों की जवाबदेही तय की गई और जहाँ शिक्षकों की कमी है, वहां इस क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों के सहयोग से वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। जिले के शत प्रतिशत आंगनबाड़ी के केंद्र का निर्माण पूर्ण कराया जाय। शत प्रतिशत अपना भवन, पेयजल, सुविधायुक्त करें। पेयजल स्वच्छता कार्यपालक अभियंता को जमकर फटकार लगाया और उनसे पूर्व के मीटिंग में दिए गए निर्देश के आलोक में जब रिपोर्ट मांगा गया तो उन्होंने हाथ खड़ा कर दिया। रामगढ़ नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्र में बंद पड़े पेयजलापूर्ति योजना और फर्जी आंकड़ा प्रस्तुत करने पर सभी जनप्रतिनिधि एक स्वर में खूब बिफरे। गर्मी का समय है जनता को पानी चाहिए। उन्हें निर्देश दिया गया कि पंचायतवार पेयजल की योजना की स्थिति का जायजा धरातल पर एक सर्वे कराकर जुटाएं, कंज्यूमर फी वसूली को सुनिश्चित करें। जिले में बंद पड़ी सभी बड़े जलापूर्ति योजनाओं को तत्काल आपतकाल बैठक बुलाकर सुचारू कराने की दिशा में उपायुक्त स्तर पर एक हाई लेवल बैठक करने का निर्णय लिया गया है। चरही मोड़ और कुजू से पहले एनएच पर फ्लाईओवर निर्माण कराने, चुटूपालू घाटी पर बंद पड़े शत प्रतिशत स्ट्रीट लाइट को चालू कराने का दिशा- निर्देश दिया गया। एनएचआई ब्लैक स्पॉट पर विशेष फोकस करें ताकि सड़क दुर्घटना के केस शून्य हो सके और लोगों की जान बच सकें। 

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य यही रहा कि सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो सके ।

प्रमुख योजनाओं की समीक्षा और निर्देश: बैठक में मनरेगा, अंत्योदय योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), स्वच्छ भारत मिशन, नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर प्रोग्राम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन, अटल मिशन फॉर रिन्यूएबल अर्बन ट्रांसफॉरमेशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, नेशनल हेल्थ मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम, उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत पब्लिक इंटीग्रेंट प्रोग्राम, रेलवे, हाईवे, वाटर वेज, माइंस से संबंधित आधारभूत संरचना निर्माण की योजना, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना, ई-नाम, पीएमकेएसवाई, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना सहित कई अन्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। विभिन्न क्षेत्रों के माननीय विधायकों और ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने जनहित में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जिन पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

 बैठक में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति: इस अवसर पर बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ़ तिवारी महतो, रामगढ़ विधायक ममता देवी, जिला परिषद अध्यक्ष सुधा देवी, नगर परिषद अध्यक्ष कुसुमलता कुमारी, रामगढ़ के उपायुक्त सह समिति के सचिव ऋतुराज, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रमुखगण, तथा रामगढ़, दुलमी, चितरपुर, गोला, मांडू और पतरातु प्रखंड के चयनित मुखिया सह समिति सदस्यगण उपस्थित रहे।

महाराणा प्रताप जी के चित्र के साथ छेड़छाड़
Sambhal एसडीएम साहिबा को एक ज्ञापन महाराणा प्रताप पार्क में स्थित महाराणा प्रताप जी के चित्र के साथ छेड़छाड़ को लेकर दिया गया। जिसमें सर्व समाज राजपूत संगठन, प्रजापति संगठन, ब्राह्मण समाज के लोग लोगों ने भागीदारी की, प्रमुख रूप से इंजीनियर अमित पवार, राजा ठाकुर, अभी ठाकुर, सर्वेश ठाकुर, मंगल प्रजापति, मोहित ठाकुर, आयुष ठाकुर, अजीत ठाकुर, प्रिंस, अवधेश, वंश ठाकुर, मयंक, धर्मवीर, आयुष, परमानंद अमन,अमरीश ठाकुर, गुड्डू पवार, सोनू, ओम ठाकुर, विवेक ठाकुर, इंदप्रताप, अभिषेक अभय, उदय ठाकुर, आशीष, प्रशांत, सिद्धू ठाकुर,बॉबी ठाकुर, लवकेश ठाकुर, सिद्धांत ठाकुर, लाला ठाकुर, गोपी, सागर, शिव, शील ठाकुर, सुरेंद्र ठाकुर, तरुण, सुमित, इशू, सूर्यांश, शिवम, नितिन, रमन, सोनू, गोविंदा, वंशज, गोपाल, पप्पू ठाकुर, ललित ठाकुर, रजत ठाकुर आदि ने भाग लिया।
कन्नौज कलेक्ट्रेट परिसर में ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर किया धरना प्रदर्शन
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में आज ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले सैकड़ों प्रधान एकत्रित हुए और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की।

कलेक्ट्रेट प्रांगण में अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे प्रधानों ने बताया कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, लेकिन अब तक चुनाव की कोई घोषणा नहीं की गई है। प्रधानों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समय पर चुनाव कराना मुश्किल नजर आ रहा है, जिससे कार्यकाल बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

प्रधान संगठन ने मांग की है कि यदि कार्यकाल बढ़ाया जाता है, तो मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी वर्तमान निर्वाचित ग्राम प्रधानों को ही कार्यकाल विस्तार दिया जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और निरंतरता बनी रहे।

धरने के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट नवनीत राय को सौंपा। ज्ञापन डॉ. चंद्रकांत यादव के माध्यम से दिया गया, जिसमें सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की गई है।
महिला आरक्षण पर झारखंड में सियासत तेज: विशेष सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र।

जैसा कि आपको विदित है कि केन्द्र सरकार द्वारा विगत 16 से 18 अप्रैल, 2026 तक सदन के 3 दिनों का विशेष सत्र आहूत कर देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण हेतु 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' प्रस्तुत किया गया। दुर्भाग्यवश, विपक्ष के साथियों का अपेक्षित सहयोग न मिल पाने के कारण सदन में यह 'बिल' पारित नहीं हो पाया। इस बिल के पारित हो जाने से जहां पूरे देश की आधी आबादी को 2029 से ही प्रतिनिधित्व का ऐतिहासिक अवसर मिलता, वहीं झारखंड प्रदेश में भी 14 लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 21 हो जाती, जिसमें 7 लोकसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। इसी प्रकार विधानसभा सीटों की संख्या 81 से बढ़कर 121 हो जाती, जिसमें 41 विधानसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व को अवसर मिल पाता।

झारखंड की संस्कृति एवं झारखंडी इतिहास में सदैव महिलाओं को प्रतिनिधित्व सहित सभी प्रकार की निर्णय प्रक्रिया, चाहे वह सामाजिक हो या राजनैतिक में महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान दिया है। वीरांगना फूलो-झानो की इस धरती पर निवासरत झारखंड की बहनों की यह आशा है कि मा. मुख्यमंत्री जी, आप स्वयं महिला सशक्तिकरण के सशक्त पैरोकार रहे हैं। अतः इस झारखंड की भूमि पर इतिहास रचने का कार्य करें एवं मा. राज्यपाल की अनुमति से झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र आहूत कराकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' को पारित कर केन्द्र सरकार से पुनः इसे सदन में पारित कराने का आग्रह करें। आपके इस ऐतिहासिक कदम से झारखंड की आधी आबादी के लिए बहुप्रतिक्षित न्याय का मार्ग प्रशस्त संभव हो सकेगा।

आशा है कि आप दलगत भावना से ऊपर उठकर इस महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकार के विषय पर गंभीरता से निर्णय लेने का कष्ट करेंगे।

इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी*

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

थाना छपिया पुलिस द्वारा अन्तर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 05 अदद चोरी की मोटरसाइकिल बरामद, 03 अभियुक्त गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस टीम द्वारा 03 शातिर चोरों-01. नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, 02. मंगरू चौहान, 03. धनन्जय को नगरा खुर्द तिराहे के पास से चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर उनके कब्जे व निशानदेही से चोरी की 05 अदद मोटरसाईकिलों को बरामद किया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आज दिनांक 03.05.2026 को थाना छपिया के उ0नि0 घनश्याम वर्मा मय पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर नगरा खुर्द तिराहे के पास घेराबंदी कर 03 शतिर चोरो को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 03 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुईं तथा उनकी निशानदेही पर बभनान रेलवे स्टेशन गोदाम के पास छिपाकर रखी गई 02 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी की गयी।  गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना छपिया पुलिस द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया।

*पूछताँछ का विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्तगणों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न स्थानों (बाजार, स्टेशन, सुनसान जगह) पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी कर मास्टर चाबी की मदद से चोरी करते थे। गिरोह में नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, मगरू चौहान, धनंजय, अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी शामिल हैं। बरामद मोटरसाइकिलें अलग-अलग स्थानों (दढ़ीवा मेहनिया, अयोध्या, बभनान क्षेत्र) से चोरी की गई थीं। चोरी के बाद वाहन विशाल चौधरी को लगभग ₹4000/- प्रति मोटरसाइकिल में बेचे जाते थे। अभियुक्त नरेन्द्र के पास से बरामद ₹2100/- पूर्व चोरी की घटना का हिस्सा है। घटना के दिन भी अभियुक्त 03 मोटरसाइकिल बेचने जा रहे थे। यह एक संगठित वाहन चोर गिरोह है, जिसके फरार सदस्य अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
बंगाल, असम में भाजपा की जीत; पुडुचेरी में बनी सरकार:कार्यकर्ताओं ने विजय जुलूस निकाला, झाल-मुरी खिलाकर मनाया जश्न


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत तथा पुडुचेरी में गठबंधन सरकार बनने की खुशी में ज्ञानपुर नगर में विजय जुलूस निकाला। यह जुलूस आज दुर्गागंज तिराहे से शुरू हुआ। जुलूस का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने किया। कार्यकर्ता हाथों में भाजपा के झंडे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कटआउट और 'मैं हूँ मोदी का परिवार' की तख्तियां लिए हुए थे। उन्होंने 'भारत माता की जय', 'जय भाजपा तय भाजपा' और 'मोदी है तो मुमकिन है' जैसे नारे लगाए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि बंगाल में 176 और असम में 98 सीटों पर मिली यह जीत प्रधानमंत्री मोदी के विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के मंत्र की जीत है। उन्होंने आगे कहा कि पुडुचेरी में भी कमल खिलना यह साबित करता है कि देशभर में भाजपा पर जनता का विश्वास अटूट है। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि जनता ने तुष्टिकरण की राजनीति को नकार कर राष्ट्रवाद को चुना है। यह विजय जुलूस दुर्गागंज तिराहे से शुरू होकर मुख्य बाजार और स्टेशन रोड से होते हुए वापस तिराहे पर समाप्त हुआ। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को झाल-मुरी खिलाकर और मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों पर जमकर जश्न मनाया गया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष पांडे और विनय श्रीवास्तव, पूर्व प्रदेश मंत्री नागेंद्र सिंह, महामंत्री अखिलेंद्र सिंह बघेल, राजेश पटेल, मंडल ज्ञानपुर नगर पंचायत अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष मनीषा अम्बष्ट, बृजेश गुप्ता, जिला मंत्री वेद मौर्य, जिला मीडिया प्रभारी नागेंद्र नाथ मिश्रा, नवीन सुषमा मालवीय, सोशल मीडिया प्रभारी अखिलेश तिवारी, प्रदीप सिंह, शिवसागर मिश्र, चंदूलाल चंद्राकर, राजेश दुबे, सच्चन, हरिओम सिंह, सौरभ मालवीय, आशुतोष शुक्ला, लालमणि मिश्रा, छत्रपति सिंह, रंजीत गुप्ता, लालमणि धर्मराज पांडे मिश्र, शेषनारायण पाठक, मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र संयोजक, बूथ अध्यक्ष सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और मातृशक्ति उपस्थित रहे।
पर्यटन विकास को रफ्तार: महाराजगंज में 686 लाख, मैनपुरी में 2229 लाख की परियोजनाएं स्वीकृत

* धार्मिक स्थलों के कायाकल्प और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से बढ़ेगा पर्यटन व रोजगार

लखनऊ। प्रदेश सरकार ने पर्यटन विकास को नई गति देते हुए जनपद महाराजगंज और मैनपुरी में कुल 27 परियोजनाओं के लिए 2915 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गोरखपुर मंडल के महाराजगंज जनपद में 09 पर्यटन परियोजनाओं के लिए 686 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं के तहत सिसवा, पनियरा, नौतनवा, फरेंदा और सदर क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों का विकास किया जाएगा। साथ ही बहुउद्देशीय अवस्थापना सुविधाएं विकसित कर श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था में सुधार और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि हुई है। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इसी क्रम में आगरा मंडल के मैनपुरी जनपद में 18 पर्यटन परियोजनाओं के लिए 2229 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं में सत्तेश्वर महादेव मंदिर, आर्य समाज मंदिर, बजरंगबली हनुमान मंदिर, मां गंगा देवी मंदिर, नरसिंह धाम, वनखंडेश्वर आश्रम सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास शामिल है। इसके अतिरिक्त पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना है। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों से न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जा रहा है, बल्कि पर्यटन के माध्यम से रोजगार और राजस्व के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
गोबर आधारित कम्पोस्ट व बायोगैस को बढ़ावा: गौशालाओं को बनाया जाएगा उत्पादन केंद्र

* जैविक खेती को नई दिशा, किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की व्यापक योजना

लखनऊ। प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सोमवार को विधानसभा स्थित समिति कक्ष 44-ख में पशुपालन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर गोबर आधारित कम्पोस्ट, बायोगैस, जीवामृत और घनामृत के उत्पादन, उपयोग व विपणन को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता को पुनर्स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश में उपलब्ध गोबर संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर बड़े पैमाने पर जैविक खाद का उत्पादन किया जा सकता है, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गौशालाओं को उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित कर उन्हें कम्पोस्ट व अन्य जैविक उत्पादों के जरिए आत्मनिर्भर बनाया जाए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में लाखों मीट्रिक टन कम्पोस्ट उत्पादन की क्षमता मौजूद है। इसके लिए गोशालाओं, डेयरी इकाइयों और किसानों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है। मंत्री ने झांसी, चंदौली, फर्रुखाबाद, कानपुर और बाराबंकी में संचालित सफल बायोगैस व जैविक खाद मॉडलों का उल्लेख करते हुए इन्हें प्रदेशभर में विस्तार देने के निर्देश दिए।
कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) संयंत्रों के विस्तार और गोबर गैस प्लांट्स की स्थापना पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि बायोगैस से ऊर्जा के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद (स्लरी) भी प्राप्त होती है, जिससे किसानों को दोहरा लाभ मिलता है। उन्होंने गोबर आधारित खाद के मानकीकरण पर विशेष जोर देते हुए पैकेजिंग, नमी स्तर और गुणवत्ता के स्पष्ट मानक तय करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को भरोसेमंद उत्पाद मिल सके। सहकारी समितियों के माध्यम से इसकी उपलब्धता बढ़ाने और यूरिया के साथ इसके उपयोग को प्रोत्साहित करने पर भी विचार किया गया।
मंत्री ने कहा कि गोबर आधारित खाद मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन बढ़ाकर उत्पादन क्षमता को दीर्घकालिक रूप से मजबूत करती है। इस दिशा में कृषि वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के सहयोग से कम लागत वाले मॉडल विकसित किए जाएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गोबर गैस संयंत्रों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं तैयार की जाएंगी और जैविक खाद के प्रभावी विपणन के लिए मजबूत व्यवस्था विकसित की जाएगी, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि कृषि और पशुपालन के एकीकरण से जैविक खेती को नई दिशा मिलेगी। गोबर आधारित उत्पादों के उपयोग से जहां पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, वहीं ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।
गौ संरक्षण व किसान सुरक्षा को लेकर गौ रक्षा वाहिनी ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

सुल्तानपुर। जनपद में गौवंश संरक्षण, पशु कल्याण, किसानों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित पशु प्रबंधन व्यवस्था को लेकर गौ रक्षा वाहिनी ने सोमवार को जिलाधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भीषण गर्मी में पशुओं के लिए पानी-छाया की व्यवस्था, आवारा गौवंश को गौशालाओं में भेजने के लिए विशेष अभियान, गौकशी पर सख्त कार्रवाई तथा किसानों की फसलों की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
इस दौरान प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह और प्रदेश महामंत्री जय शंकर दुबे ने संगठन की ओर से प्रशासन का ध्यान जनपद की जमीनी समस्याओं की ओर आकर्षित कराया। दोनों पदाधिकारियों ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
प्रदेश प्रभारी सर्वेश कुमार सिंह ने कहा कि
“भीषण गर्मी में गौवंश की स्थिति अत्यंत दयनीय हो जाती है। जगह-जगह पानी और छाया की व्यवस्था कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। साथ ही आवारा पशुओं से किसानों की फसल को भारी नुकसान हो रहा है, जिसके लिए ठोस नीति बनना आवश्यक है।”
वहीं प्रदेश महामंत्री जय शंकर दुबे ने कहा कि
“गौकशी और अवैध पशु व्यापार पर पूर्णतः रोक लगनी चाहिए। प्रशासन यदि सख्ती से कार्रवाई करे तो ऐसी गतिविधियों पर लगाम लग सकती है। साथ ही गौशालाओं की नियमित मॉनिटरिंग भी जरूरी है, ताकि व्यवस्थाएं सुधर सकें।”
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पशु छोड़ने वाले पशुपालकों पर कार्रवाई, बीमा घोटालों की जांच, पशु बाजार लाइसेंसधारकों की समीक्षा, आवारा कुत्तों के नियंत्रण की नीति, तथा जनपद स्तर पर हेल्पलाइन/कंट्रोल रूम की स्थापना जैसे कदम तत्काल उठाए जाएं।
इस मौके पर महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष पूनम सिंह ने कहा कि
“गौसेवा केवल आस्था नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है, इसमें महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।”
महामंत्री लक्की बरनवाल ने कहा कि
“गौशालाओं की स्थिति सुधारने के साथ-साथ पशुओं के भोजन और चिकित्सा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।”
जिला महामंत्री शनि मिश्रा ने प्रशासन से मांग की कि
“हर महीने गौशालाओं का निरीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।”
इस अवसर पर संरक्षक राकेश सिंह दद्दू, गौ सेवक अंकित अग्रहरी,जिला उपाध्यक्ष राजवीर श्रीवास्तव, जिला सचिव बजरंगी साहू, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप कसौधन, मुकेश कसौधन, अभय सोनी, नीरज अग्रहरी, आशीष कुमार द्विवेदी, सुभाष पाठक, बृजेश श्रीवास्तव उर्फ बंटू सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौ रक्षा वाहिनी ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र प्रभावी कार्यवाही करेगा, जिससे जनपद में गौसंरक्षण, किसान हित और जनसुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
रामगढ़ में ‘दिशा’ बैठक: अवैध खनन पर सख्ती, पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश

रामगढ़ - सोमवार को रामगढ़ जिला समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। समिति के अध्यक्ष- सह- हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में रामगढ़ जिले में संचालित विभिन्न विभागों की जनहितकारी और विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। पिछली बैठक में हुए कार्यों की प्रगति पर चर्चा के साथ ही क्षेत्र की कई ज्वलंत और गंभीर समस्याओं पर भी गहन विचार विमर्श हुआ। बतौर समिति अध्यक्ष सांसद मनीष जायसवाल और उपायुक्त ऋतुराज ने जनहित के मुद्दों पर कड़ा रुख अख्तियार किया। बैठक में सबसे गंभीर मुद्दा अवैध खनन का रहा, जहाँ सांसद मनीष जायसवाल ने डीएमओ को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अवैध कोयला, बालू और पत्थर खनन से न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि इस क्षेत्र के नदियों पर बने कई इंटेक वेल और कई महत्वपूर्ण पुलों पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस पर उपायुक्त ने तत्काल विशेष टास्क फोर्स गठित करने और संवेदनशील इलाकों में चौकीदारों की तैनाती के निर्देश दिए। कौशल विकास के नाम पर केवल कागजी आंकड़े प्रस्तुत करने वाली एजेंसियों को चेतावनी दी गई कि नौकरी के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा और स्थानीय कंपनियों के साथ समन्वय कर युवाओं को वास्तविक रोजगार से जोड़ा जाएगा। साथ ही आरईओ विभाग को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में तेजी लाने और संवेदकों की मॉनिटरिंग करने को कहा गया। सामाजिक सुरक्षा के तहत मैय्या योजना के छूटे हुए लाभार्थियों के लिए विशेष कैंप लगाने और पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

कृषि और पशुपालन विभाग को निर्देश दिया गया कि वे योजनाओं का लाभ देने के लिए लगने वाले कैंपों और मेलों में जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से शामिल करें। स्वास्थ्य विभाग की अव्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी क्लीनिकों में रेफर करने का खेल अब बंद होना चाहिए और अस्पताल के 500 मीटर के दायरे में निजी क्लीनिकों के संचालन पर सख्ती बरती जाए। शिक्षा के क्षेत्र में जिले के खराब परीक्षा परिणाम पर कड़ा संज्ञान लेते हुए शिक्षकों की जवाबदेही तय की गई और जहाँ शिक्षकों की कमी है, वहां इस क्षेत्र में कार्यरत कंपनियों के सहयोग से वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। जिले के शत प्रतिशत आंगनबाड़ी के केंद्र का निर्माण पूर्ण कराया जाय। शत प्रतिशत अपना भवन, पेयजल, सुविधायुक्त करें। पेयजल स्वच्छता कार्यपालक अभियंता को जमकर फटकार लगाया और उनसे पूर्व के मीटिंग में दिए गए निर्देश के आलोक में जब रिपोर्ट मांगा गया तो उन्होंने हाथ खड़ा कर दिया। रामगढ़ नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्र में बंद पड़े पेयजलापूर्ति योजना और फर्जी आंकड़ा प्रस्तुत करने पर सभी जनप्रतिनिधि एक स्वर में खूब बिफरे। गर्मी का समय है जनता को पानी चाहिए। उन्हें निर्देश दिया गया कि पंचायतवार पेयजल की योजना की स्थिति का जायजा धरातल पर एक सर्वे कराकर जुटाएं, कंज्यूमर फी वसूली को सुनिश्चित करें। जिले में बंद पड़ी सभी बड़े जलापूर्ति योजनाओं को तत्काल आपतकाल बैठक बुलाकर सुचारू कराने की दिशा में उपायुक्त स्तर पर एक हाई लेवल बैठक करने का निर्णय लिया गया है। चरही मोड़ और कुजू से पहले एनएच पर फ्लाईओवर निर्माण कराने, चुटूपालू घाटी पर बंद पड़े शत प्रतिशत स्ट्रीट लाइट को चालू कराने का दिशा- निर्देश दिया गया। एनएचआई ब्लैक स्पॉट पर विशेष फोकस करें ताकि सड़क दुर्घटना के केस शून्य हो सके और लोगों की जान बच सकें। 

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य यही रहा कि सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो सके ।

प्रमुख योजनाओं की समीक्षा और निर्देश: बैठक में मनरेगा, अंत्योदय योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), स्वच्छ भारत मिशन, नेशनल रूरल ड्रिंकिंग वॉटर प्रोग्राम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिशन, अटल मिशन फॉर रिन्यूएबल अर्बन ट्रांसफॉरमेशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, नेशनल हेल्थ मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम, उज्जवला योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत पब्लिक इंटीग्रेंट प्रोग्राम, रेलवे, हाईवे, वाटर वेज, माइंस से संबंधित आधारभूत संरचना निर्माण की योजना, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना, ई-नाम, पीएमकेएसवाई, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना सहित कई अन्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। विभिन्न क्षेत्रों के माननीय विधायकों और ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने जनहित में कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जिन पर संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

 बैठक में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति: इस अवसर पर बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो उर्फ़ तिवारी महतो, रामगढ़ विधायक ममता देवी, जिला परिषद अध्यक्ष सुधा देवी, नगर परिषद अध्यक्ष कुसुमलता कुमारी, रामगढ़ के उपायुक्त सह समिति के सचिव ऋतुराज, उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रमुखगण, तथा रामगढ़, दुलमी, चितरपुर, गोला, मांडू और पतरातु प्रखंड के चयनित मुखिया सह समिति सदस्यगण उपस्थित रहे।

महाराणा प्रताप जी के चित्र के साथ छेड़छाड़
Sambhal एसडीएम साहिबा को एक ज्ञापन महाराणा प्रताप पार्क में स्थित महाराणा प्रताप जी के चित्र के साथ छेड़छाड़ को लेकर दिया गया। जिसमें सर्व समाज राजपूत संगठन, प्रजापति संगठन, ब्राह्मण समाज के लोग लोगों ने भागीदारी की, प्रमुख रूप से इंजीनियर अमित पवार, राजा ठाकुर, अभी ठाकुर, सर्वेश ठाकुर, मंगल प्रजापति, मोहित ठाकुर, आयुष ठाकुर, अजीत ठाकुर, प्रिंस, अवधेश, वंश ठाकुर, मयंक, धर्मवीर, आयुष, परमानंद अमन,अमरीश ठाकुर, गुड्डू पवार, सोनू, ओम ठाकुर, विवेक ठाकुर, इंदप्रताप, अभिषेक अभय, उदय ठाकुर, आशीष, प्रशांत, सिद्धू ठाकुर,बॉबी ठाकुर, लवकेश ठाकुर, सिद्धांत ठाकुर, लाला ठाकुर, गोपी, सागर, शिव, शील ठाकुर, सुरेंद्र ठाकुर, तरुण, सुमित, इशू, सूर्यांश, शिवम, नितिन, रमन, सोनू, गोविंदा, वंशज, गोपाल, पप्पू ठाकुर, ललित ठाकुर, रजत ठाकुर आदि ने भाग लिया।
कन्नौज कलेक्ट्रेट परिसर में ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर किया धरना प्रदर्शन
पंकज कुमार श्रीवास्तव

कन्नौज जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में आज ग्राम प्रधानों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले सैकड़ों प्रधान एकत्रित हुए और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की।

कलेक्ट्रेट प्रांगण में अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे प्रधानों ने बताया कि ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, लेकिन अब तक चुनाव की कोई घोषणा नहीं की गई है। प्रधानों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समय पर चुनाव कराना मुश्किल नजर आ रहा है, जिससे कार्यकाल बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

प्रधान संगठन ने मांग की है कि यदि कार्यकाल बढ़ाया जाता है, तो मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी वर्तमान निर्वाचित ग्राम प्रधानों को ही कार्यकाल विस्तार दिया जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और निरंतरता बनी रहे।

धरने के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट नवनीत राय को सौंपा। ज्ञापन डॉ. चंद्रकांत यादव के माध्यम से दिया गया, जिसमें सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की गई है।
महिला आरक्षण पर झारखंड में सियासत तेज: विशेष सत्र बुलाने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र।

जैसा कि आपको विदित है कि केन्द्र सरकार द्वारा विगत 16 से 18 अप्रैल, 2026 तक सदन के 3 दिनों का विशेष सत्र आहूत कर देश की आधी आबादी के सशक्तिकरण हेतु 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' प्रस्तुत किया गया। दुर्भाग्यवश, विपक्ष के साथियों का अपेक्षित सहयोग न मिल पाने के कारण सदन में यह 'बिल' पारित नहीं हो पाया। इस बिल के पारित हो जाने से जहां पूरे देश की आधी आबादी को 2029 से ही प्रतिनिधित्व का ऐतिहासिक अवसर मिलता, वहीं झारखंड प्रदेश में भी 14 लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 21 हो जाती, जिसमें 7 लोकसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। इसी प्रकार विधानसभा सीटों की संख्या 81 से बढ़कर 121 हो जाती, जिसमें 41 विधानसभा क्षेत्रों में महिला जनप्रतिनिधित्व को अवसर मिल पाता।

झारखंड की संस्कृति एवं झारखंडी इतिहास में सदैव महिलाओं को प्रतिनिधित्व सहित सभी प्रकार की निर्णय प्रक्रिया, चाहे वह सामाजिक हो या राजनैतिक में महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान दिया है। वीरांगना फूलो-झानो की इस धरती पर निवासरत झारखंड की बहनों की यह आशा है कि मा. मुख्यमंत्री जी, आप स्वयं महिला सशक्तिकरण के सशक्त पैरोकार रहे हैं। अतः इस झारखंड की भूमि पर इतिहास रचने का कार्य करें एवं मा. राज्यपाल की अनुमति से झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र आहूत कराकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल' को पारित कर केन्द्र सरकार से पुनः इसे सदन में पारित कराने का आग्रह करें। आपके इस ऐतिहासिक कदम से झारखंड की आधी आबादी के लिए बहुप्रतिक्षित न्याय का मार्ग प्रशस्त संभव हो सकेगा।

आशा है कि आप दलगत भावना से ऊपर उठकर इस महत्वपूर्ण सामाजिक सरोकार के विषय पर गंभीरता से निर्णय लेने का कष्ट करेंगे।

इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी*

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

थाना छपिया पुलिस द्वारा अन्तर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 05 अदद चोरी की मोटरसाइकिल बरामद, 03 अभियुक्त गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस टीम द्वारा 03 शातिर चोरों-01. नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, 02. मंगरू चौहान, 03. धनन्जय को नगरा खुर्द तिराहे के पास से चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर उनके कब्जे व निशानदेही से चोरी की 05 अदद मोटरसाईकिलों को बरामद किया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आज दिनांक 03.05.2026 को थाना छपिया के उ0नि0 घनश्याम वर्मा मय पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर नगरा खुर्द तिराहे के पास घेराबंदी कर 03 शतिर चोरो को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 03 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुईं तथा उनकी निशानदेही पर बभनान रेलवे स्टेशन गोदाम के पास छिपाकर रखी गई 02 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी की गयी।  गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना छपिया पुलिस द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया।

*पूछताँछ का विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्तगणों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न स्थानों (बाजार, स्टेशन, सुनसान जगह) पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी कर मास्टर चाबी की मदद से चोरी करते थे। गिरोह में नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, मगरू चौहान, धनंजय, अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी शामिल हैं। बरामद मोटरसाइकिलें अलग-अलग स्थानों (दढ़ीवा मेहनिया, अयोध्या, बभनान क्षेत्र) से चोरी की गई थीं। चोरी के बाद वाहन विशाल चौधरी को लगभग ₹4000/- प्रति मोटरसाइकिल में बेचे जाते थे। अभियुक्त नरेन्द्र के पास से बरामद ₹2100/- पूर्व चोरी की घटना का हिस्सा है। घटना के दिन भी अभियुक्त 03 मोटरसाइकिल बेचने जा रहे थे। यह एक संगठित वाहन चोर गिरोह है, जिसके फरार सदस्य अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।