235 पेड़ों को बचाने सड़क पर उतरी गांधीगिरी

इंदौर के रीगल चौराहे पर 16 दिन से जारी है शांतिपूर्ण धरना



इंदौर। विकास के नाम पर लगातार सिमटती हरियाली के बीच इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी और प्रेरक मिसाल सामने आई है। शहर के व्यस्ततम रीगल चौराहे पर मेट्रो परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ कटाई के विरोध में जागरूक नागरिकों ने गांधीगिरी का रास्ता अपनाते हुए पिछले 16 दिनों से लगातार धरना शुरू कर रखा है। प्रदर्शनकारी पेड़ों के बीच ही बिस्तर बिछाकर दिन-रात उनकी निगरानी कर रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी समय काटा न जा सके।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में हरियाली का दायरा घटकर महज 9 प्रतिशत रह गया है। इसके बावजूद मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत रीगल चौराहे के रानी सराय क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए यहां मौजूद 235 हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इन पेड़ों पर प्रतिदिन शाम को हजारों तोते बसेरा करते हैं, जिनके जीवन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

पेड़ों को बचाने की इस मुहिम की अगुवाई जनहित पार्टी के अभय जैन कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और मेट्रो रेल प्रबंधन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 1 जनवरी से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। उनके साथ कई पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक लगातार डटे हुए हैं। अब इस आंदोलन को उन राहगीरों का भी समर्थन मिलने लगा है, जो किसी अन्य कार्य से यहां आते हैं लेकिन पेड़ों को बचाने के उद्देश्य से जुड़ रहे हैं।

धरना स्थल पर 235 पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया है, जिसमें उनकी प्रजाति, पर्यावरणीय उपयोगिता और उन्हें न काटने की अपील दर्ज की गई है। पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्लोगन और जागरूकता संदेश लिखे गए हैं, जो लोगों का ध्यान इस आंदोलन की ओर आकर्षित कर रहे हैं।

अभय जैन का कहना है:

“सभी जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके साथ ही इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई शीघ्र होगी। 16 दिन और 16 रात से धरना इसलिए जारी है ताकि पेड़ दिन या रात किसी भी समय चोरी-छिपे न काटे जा सकें और हजारों तोतों की जान बचाई जा सके।”

वहीं मेट्रो रेल कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु ग्रोवर का कहना है कि,

“इस विषय में कोई भी निर्णय शीर्ष प्रबंधन स्तर पर ही लिया जा सकता है।”

पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि जयपुर, कानपुर, लखनऊ और पुणे जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर भारी निवेश के बावजूद यात्री संख्या अपेक्षा से कम रही है। इसके बावजूद हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ऐसी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनकी कीमत शहरों को अपनी हरियाली गंवाकर चुकानी पड़ रही है।

पर्यावरणविद मनीष काले का कहना है:

“मेट्रो जैसी परियोजनाएं अब फैशन आइकॉन बनती जा रही हैं। यह पश्चिमी विकास मॉडल है, जो कर्ज पर आधारित है। इसके बदले पेड़-पौधों का विनाश भविष्य में गंभीर संकट खड़ा करेगा। दिल्ली में सांसों का संकट इसका उदाहरण है। यदि इंदौर में भी हरियाली खत्म हुई, तो आने वाले समय में यहां भी वही हालात बन सकते हैं।”

फिलहाल रीगल चौराहे पर जारी यह गांधीगिरी विकास बनाम पर्यावरण के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ले आई है और यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या विकास की कीमत प्रकृति की बलि देकर चुकाई जानी चाहिए।

एसपी देहात ने किया जानसठ थाने का औचक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु दिए कड़े निर्देश

जानसठ मुजफ्फरनगर । जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  आदित्य बंसल ने थाना जानसठ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड्स के रखरखाव से लेकर महिला सुरक्षा तक के बिंदुओं पर बारीकी से जांच की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात सबसे पहले थाना कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण अभिलेखों (रजिस्टरों) के रखरखाव की जांच की। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष में जाकर डिजिटल डेटा की फीडिंग को देखा और तकनीकी कार्यों की समीक्षा की। विशेष रूप से महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क पर पहुँचकर उन्होंने वहां आने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं और साइबर ठगी के शिकार लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई  की जाए।

इसके पश्चात एसपी देहात ने थाना परिसर में विवेचकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विवेचनाओं में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहा कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए।  लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। महिला सुरक्षा को लेकर महिला संबंधी अपराधों और प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। तथा थाने आने वाले हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार हो और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएसपी  रुपाली रॉय, थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित थाने के समस्त उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। एसपी देहात के इस औचक निरीक्षण से थाना पुलिस में हड़कंप की स्थिति रही ।
उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
* 03 करोड़ महिलाओं को समूहों से जोड़ने और 01 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखपति दीदी अभियान की कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के दिए निर्देश

लखनऊ। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और गरीबी उन्मूलन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत 03 करोड़ पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने तथा 01 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में विकसित करने हेतु तैयार विस्तृत एक्शन प्लान के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘लखपति दीदी’ बनाने की कार्ययोजना को केवल कागज़ों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारा जाए। इसके लिए जनपदवार लक्ष्य निर्धारित कर नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, नए सदस्यों को जोड़ने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत धनराशि का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
श्री मौर्य ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 9,06,225 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर 99,39,191 परिवारों की महिलाओं को योजना से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शेष पात्र परिवारों को भी विशेष अभियान के माध्यम से समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए।
झारखंड बंद का असर, आदिवासी संगठन कोई लीपापोती नहीं, सोमा मुंडा के हत्यारों का गर्दन चाहिए़ - निशा भगत

रांची : झारखंड में बेखौफ है अपराधि आए दिन किसी को उठा लेते हर तो किसी को मार देते है। ऐसी ही एक घटना खूंटी जिला में हुई थी जहां अपराधियों ने आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। जिसके बाद अगले ही दिन खूंटी बंद रहा, आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। इधर आदिवासी संगठन विरोध जताते हुए आज झारखंड बंद का आवाहन किया है। आज सुबह ही कुछ जगह पर इसका विरोध प्रदर्शन देखने को मिला वही कुछ जगहों पर सामान्य गाड़िया चलती रही। दोपहर 1 बजे अल्बर्ट एक्का चौक पर लोग बंद कराने सड़क पर उतरे। इस बीच निशा भगत भी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरी। इस बीच आम लोगों से भी उलझी..

इस बीच निशा भगत ने सोमा मुंडा हत्याकांड में कहा कि लीपापोती नहीं हमें इंसाफ चाहिए आदिवासी संगठन की यही मांग है। हेमंत सरकार को भी खरीखौटी सुनाई और आदिवासी विरोधी बताया।

अन्य जिला की बात करे तो खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया। रांची में बस टर्मिनल सुनसान रहा। खूंटी सिमडेगा तोड़पा के लिए बसे बंद रही वहां जाने वाले यात्री परेशान रहे। वही लंबी दूरी जो राज्य से बाहर जाती है उसमें में यात्रियों की संख्या कम रही। आदिवासी संगठनों के द्वारा झारखंड बंद बुलाने का मिलाजुला असर देखने को मिला है।

“खूबसूरत लड़की देख मन भटक सकता है…” कांग्रेस MLA का घिनौना बयान
मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक बयान ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को लेकर उनकी टिप्पणी सामने आते ही विपक्षी दल भाजपा ने इसे “घिनौनी और विकृत मानसिकता” करार दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

वायरल वीडियो में विधायक कहते नजर आ रहे हैं कि कोई पुरुष अगर सड़क पर चलते हुए किसी बेहद खूबसूरत लड़की को देख ले, तो उसका मन भटक सकता है और बलात्कार हो सकता है। इस बयान को लेकर लोगों का कहना है कि यह अपराध को सही ठहराने जैसा है और महिलाओं के खिलाफ खतरनाक सोच को बढ़ावा देता है।

बरैया ने आगे अपने बयान में जातिगत संदर्भ जोड़ते हुए कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी समुदायों की महिलाएं खूबसूरत मानी जाती हैं और इसी वजह से उनके साथ ज्यादा अपराध होते हैं। उन्होंने धार्मिक ग्रंथों की विकृत व्याख्याओं का जिक्र करते हुए यह दावा भी किया कि कुछ लोग यौन हिंसा को आध्यात्मिक पुण्य से जोड़ते हैं।

भाजपा ने इस बयान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को घेर लिया है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक विधायक की सोच नहीं, बल्कि कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। भाजपा मीडिया प्रभारी ने आरोप लगाया कि महिलाओं और कमजोर वर्गों के प्रति कांग्रेस की सोच संवेदनहीन रही है।

वहीं, कांग्रेस विधायक ने अपने बचाव में कहा कि उनकी टिप्पणियों को संदर्भ से बाहर निकालकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि वे महिलाओं के पक्षधर हैं और उनका उद्देश्य समाज में फैली विकृत मान्यताओं को उजागर करना था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके विचार लंबे अध्ययन और अवलोकन पर आधारित हैं।

हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग इस सफाई से संतुष्ट नजर नहीं आए। कई यूजर्स ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सोच-समझकर बोलना चाहिए। महिला संगठनों ने भी इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। ऐसे बयान न केवल राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस को भी प्रभावित करते हैं।
भंभुआ चौराहे के निकट सड़क हादसा: बाईक सवार दो लोग घायल,जिला अस्पताल रेफर
जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह कलहंस ने दिखाई तत्परता, साथियों के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल

गोण्डा(करनैलगंज)। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शुक्रवार की शाम भंभुआ चौराहे से कुछ दूरी पहले एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई,जिससे दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं है। घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह कलहंस, जो उसी समय एक निमंत्रण कार्यक्रम में जा रहे थे, वह तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए अपने सहयोगी शिवम सिंह समाजसेवी, प्रदीप सिंह, संजय सिंह व अन्य लोगों के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) करनैलगंज पहुंचाया, जहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सक ने दोनों घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें गोंडा जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की पहचान छोटू पुत्र धर्मेंद्र सिंह तथा राहुल पुत्र इकबाल बहादुर सिंह, निवासी मुंडेरवा के रूप में हुई है। बताया गया कि छोटू अपनी नानी की तेरहवीं में शामिल होने के लिए चंगेरिया जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि विवेक सिंह कलहंस पूर्व में भी कई बार सड़क हादसों में घायलों की मदद कर चुके हैं। लगातार मानव सेवा में सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र में उनके इस संवेदनशील और तत्पर प्रयास की काफी सराहना की जा रही है
एकता विकास और युवा नेतृत्व पर भरोसे की जीत : तेजिंदर सिंह तिवाना
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा के लिए वार्ड 47 की सीट जीतना अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इस सीट से पार्टी ने मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को उम्मीदवार बनाया था। युवा नेतृत्व का प्रतीक होने के नाते, इस सीट पर जीत भाजपा के लिए सम्मान और प्रतिष्ठा का सवाल थी।

वार्ड 47 की जटिल और विभिन्न धर्म और समुदाय के मतदाताओं को देखते हुए यह मुकाबला भाजपा के लिए आसान नहीं था। ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यदि इस वार्ड से भाजपा को कोई विजयी बना सकता था, तो वह केवल तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना ही थे।

वार्ड 47 की मतदाता संरचना में लगभग 22% मराठी, 21% दक्षिण भारतीय, 12% ईसाई और 6% मुस्लिम मतदाता शामिल हैं, जिससे यह क्षेत्र UBT या कांग्रेस जैसे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के लिए आसान विजय का ब्लूप्रिंट बनाता है। वहीं भाजपा के परंपरागत मतदाता भी इस वार्ड में ठीकठाक संख्या 17% उत्तर भारतीय/पंजाबी और 18% गुजराती/राजस्थानी में हैं। लेकिन पुनर्विकास (Redevelopment) के चलते बड़ी संख्या में मतदाता वार्ड से बाहर दूसरे स्थानों पर रहने चले गए, और मतदान का दिन मकर संक्रांति होने के कारण गुजराती मतदाताओं की अनुपस्थिति भी एक बड़ी चुनौती बनी। इन सभी परिस्थितियों के बावजूद भाजपा की यह प्रचंड जीत तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना की मेहनत, स्थानीय स्वीकार्यता और मजबूत जनसंपर्क के कारण संभव हो पाई।

तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार पिछले 40 वर्षों से अधिक इस क्षेत्र में निरंतर जनसेवा कर रहा है, यही कारण है कि क्षेत्र की जनता का उनके परिवार से गहरा विश्वास और जुड़ाव रहा है।
इस जीत का श्रेय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी जाता है, जिन्होंने इस बार युवाओं पर विश्वास जताया और उन्हें अवसर दिया। युवाओं ने अपनी नई सोच और जोश के साथ इस बीएमसी चुनाव का परिदृश्य ही बदल कर रख दिया।

तेजिंदर का “मदद का ठिकाना” अभियान इस चुनाव की पहचान बन गया। यह अभियान मतदाताओं में ऐसा उत्साह भरने में सफल रहा कि माहौल किसी नगरसेवक चुनाव का नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव जैसा प्रतीत हो रहा था। अभियान के गीत, विज्ञापन फिल्में और सोशल मीडिया पर साझा किया गया कंटेंट जनता से सहज रूप से जुड़ता चला गया। क्योंकि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार बिना किसी पद के भी स्थानीय नागरिकों के लिए दिन रात उपलब्ध रहे, और यही निरंतर सेवा भाव जनता के विश्वास में बदल गया।

तेजिंदर सतनाम सिंग तिवाना की यह जीत सही मायनों में मुंबई की स्पिरिट की जीत है—जहाँ भाषा और प्रांत के आधार पर समाज को बाँटने वाले नरेटिव से ऊपर उठकर जनता ने एक मेहनती, सदा उपलब्ध रहने वाले युवा उम्मीदवार को प्रचंड मतों से विजयी बनाया।
5 साल से खड़ी 46 लाख की कार्डिएक एम्बुलेंस हुई फिर चालू, सांसद प्रतिनिधि के हस्तक्षेप से जागा मेडिकल कॉलेज प्रशासन

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में संसाधनों के रख-रखाव को लेकर व्याप्त घोर लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र की उदासीनता का आलम यह था कि करीब पांच साल पहले डीएमएफटी मद से लगभग 46 लाख की लागत से खरीदी गई एक बेशकीमती एम्बुलेंस कबाड़ में तब्दील होने की ओर बढ़ रही थी। विशेष रूप से हृदय रोगियों (कार्डिएक पेशेंट्स) को आपातकालीन सेवाएं देने के उद्देश्य से आई यह एम्बुलेंस पिछले काफी समय से अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के बाहर खड़ी धूल फांक रही थी। लाखों की लागत वाले संसाधनों का उपयोग न होना न केवल वित्तीय हानि है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रबंधन की संवेदनहीनता को भी बखूबी दर्शाता है।

इस गंभीर स्थिति पर तब संज्ञान लिया गया जब हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी की नजर इस बदहाल एम्बुलेंस पर पड़ी। उन्होंने इस स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और जनहित में इसे बचाने एवं सुचारु करने की दिशा में तत्काल सक्रिय पहल की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मामले को लेकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति से मुलाकात की और उन्हें एम्बुलेंस की मौजूदा दयनीय स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग किया कि आपातकालीन मरीजों की सेवा के लिए इस एम्बुलेंस को अविलंब सुचारू किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके।

अस्पताल अधीक्षक डॉ.अनुकरण पूर्ति से वार्ता के दौरान रंजन चौधरी ने अस्पताल के आर्थो वार्ड में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि किस प्रकार चिकित्सीय मनमानी के कारण आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की इस लचर व्यवस्था पर उन्होंने अस्पताल अधीक्षक से इसमें तत्काल सुधार की मांग की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के सकारात्मक हस्तक्षेप का असर यह हुआ कि अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति ने इस पर त्वरित पहल की। उन्होंने संबंधित एम्बुलेंस के इंचार्ज और चालक को एम्बुलेंस की साफ-सफाई कर उसे तुरंत जरूरतमंद मरीजों के हितार्थ इसे परिचालन में लाने का निर्देश जारी दिया और आर्थो वार्ड की व्यवस्था में सुधार का सकारात्मक भरोसा भी दिलाया। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के इस सार्थक प्रयास से न केवल एक महत्वपूर्ण जीवनरक्षक संसाधन बेशकीमती एम्बुलेंस को कबाड़ होने से बचा लिया गया, बल्कि अस्पताल प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग भी किया गया।

विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने किया विकास कार्यों का शिलान्यास
जौनपुर। विकास कार्यों से बदलापुर विधानसभा की तस्वीर बदलने वाले बीजेपी विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने आज क्षेत्र पंचायत बदलापुर राज्य वित्त व पंद्रहवां वित्त द्वारा विभिन्न ग्राम सभाओं में कराए गए 21 इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण कार्यों का लोकार्पण और मनरेगा योजना अंतर्गत 3 नए सीसी रोड के निर्माण कार्य हेतु शिलान्यास किया। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी, विधायक प्रतिनिधि गंगा प्रसाद सिंह, मंडल अध्यक्ष शनि शुक्ला, युवा भाजपा नेता मृगेंद्र सिंह शिव बाबा, ओंकार नाथ मिश्र, राकेश तिवारी, दुर्गेश तिवारी आदि उपस्थित रहे।
मलप हरसेनपुर निवासी शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) की पूज्यनीय माता महेश्वरी देवी जी की तेरहवीं संस्कार संपन्न, श्रद्धांजलि अर्पित
संजीव सिंह बलिया! नगरा क्षेत्र के मलप हरसेनपुर गांव निवासी स्वर्गीय नरेंद्रनाथ सिंह की धर्मपत्नी एवं क्षेत्र की सम्मानित महिला श्रीमती महेश्वरी देवी की तेरहवीं (ब्रह्मभोज) का कार्यक्रम दिनांक 16 जनवरी 2026, शुक्रवार को शांतिपूर्ण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हो गया। ज्ञात हो कि श्रीमती महेश्वरी देवी का आकस्मिक निधन 03 जनवरी 2026, शनिवार को हो गया था। उनके असामयिक निधन से पूरे गांव एवं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। वे अपने सरल स्वभाव, धार्मिक आस्था और पारिवारिक मूल्यों के लिए जानी जाती थीं। तेरहवीं कार्यक्रम के अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिकों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ब्रह्मभोज में उपस्थित लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर शोकाकुल परिवार के सदस्य सतीश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह एवं प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे। वहीं हरिनारायण सिंह एवं प्रख्यात शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) सहित अनेक सम्मानित अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। तेरहवीं संस्कार का आयोजन पूरी तरह से धार्मिक रीति-रिवाजों एवं सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप किया गया। कार्यक्रम के समापन पर परिजनों ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। क्षेत्र में श्रीमती महेश्वरी देवी के निधन को एक अपूरणीय क्षति बताते हुए लोगों ने उनके व्यक्तित्व को स्मरण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ॐ शांति।
235 पेड़ों को बचाने सड़क पर उतरी गांधीगिरी

इंदौर के रीगल चौराहे पर 16 दिन से जारी है शांतिपूर्ण धरना



इंदौर। विकास के नाम पर लगातार सिमटती हरियाली के बीच इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी और प्रेरक मिसाल सामने आई है। शहर के व्यस्ततम रीगल चौराहे पर मेट्रो परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ कटाई के विरोध में जागरूक नागरिकों ने गांधीगिरी का रास्ता अपनाते हुए पिछले 16 दिनों से लगातार धरना शुरू कर रखा है। प्रदर्शनकारी पेड़ों के बीच ही बिस्तर बिछाकर दिन-रात उनकी निगरानी कर रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी समय काटा न जा सके।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में हरियाली का दायरा घटकर महज 9 प्रतिशत रह गया है। इसके बावजूद मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत रीगल चौराहे के रानी सराय क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए यहां मौजूद 235 हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इन पेड़ों पर प्रतिदिन शाम को हजारों तोते बसेरा करते हैं, जिनके जीवन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

पेड़ों को बचाने की इस मुहिम की अगुवाई जनहित पार्टी के अभय जैन कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और मेट्रो रेल प्रबंधन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 1 जनवरी से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। उनके साथ कई पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक लगातार डटे हुए हैं। अब इस आंदोलन को उन राहगीरों का भी समर्थन मिलने लगा है, जो किसी अन्य कार्य से यहां आते हैं लेकिन पेड़ों को बचाने के उद्देश्य से जुड़ रहे हैं।

धरना स्थल पर 235 पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया है, जिसमें उनकी प्रजाति, पर्यावरणीय उपयोगिता और उन्हें न काटने की अपील दर्ज की गई है। पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्लोगन और जागरूकता संदेश लिखे गए हैं, जो लोगों का ध्यान इस आंदोलन की ओर आकर्षित कर रहे हैं।

अभय जैन का कहना है:

“सभी जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके साथ ही इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई शीघ्र होगी। 16 दिन और 16 रात से धरना इसलिए जारी है ताकि पेड़ दिन या रात किसी भी समय चोरी-छिपे न काटे जा सकें और हजारों तोतों की जान बचाई जा सके।”

वहीं मेट्रो रेल कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु ग्रोवर का कहना है कि,

“इस विषय में कोई भी निर्णय शीर्ष प्रबंधन स्तर पर ही लिया जा सकता है।”

पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि जयपुर, कानपुर, लखनऊ और पुणे जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर भारी निवेश के बावजूद यात्री संख्या अपेक्षा से कम रही है। इसके बावजूद हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ऐसी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनकी कीमत शहरों को अपनी हरियाली गंवाकर चुकानी पड़ रही है।

पर्यावरणविद मनीष काले का कहना है:

“मेट्रो जैसी परियोजनाएं अब फैशन आइकॉन बनती जा रही हैं। यह पश्चिमी विकास मॉडल है, जो कर्ज पर आधारित है। इसके बदले पेड़-पौधों का विनाश भविष्य में गंभीर संकट खड़ा करेगा। दिल्ली में सांसों का संकट इसका उदाहरण है। यदि इंदौर में भी हरियाली खत्म हुई, तो आने वाले समय में यहां भी वही हालात बन सकते हैं।”

फिलहाल रीगल चौराहे पर जारी यह गांधीगिरी विकास बनाम पर्यावरण के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ले आई है और यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या विकास की कीमत प्रकृति की बलि देकर चुकाई जानी चाहिए।

एसपी देहात ने किया जानसठ थाने का औचक निरीक्षण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण हेतु दिए कड़े निर्देश

जानसठ मुजफ्फरनगर । जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और थानों की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक ग्रामीण  आदित्य बंसल ने थाना जानसठ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस रिकॉर्ड्स के रखरखाव से लेकर महिला सुरक्षा तक के बिंदुओं पर बारीकी से जांच की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी देहात सबसे पहले थाना कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने महत्वपूर्ण अभिलेखों (रजिस्टरों) के रखरखाव की जांच की। उन्होंने कंप्यूटर कक्ष में जाकर डिजिटल डेटा की फीडिंग को देखा और तकनीकी कार्यों की समीक्षा की। विशेष रूप से महिला हेल्प डेस्क और साइबर हेल्प डेस्क पर पहुँचकर उन्होंने वहां आने वाली शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उन्होंने निर्देश दिया कि पीड़ित महिलाओं और साइबर ठगी के शिकार लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई  की जाए।

इसके पश्चात एसपी देहात ने थाना परिसर में विवेचकों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने विवेचनाओं में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए सख्त लहजे में कहा कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष तरीके से जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अपराधियों की धरपकड़ और सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए।  लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए। महिला सुरक्षा को लेकर महिला संबंधी अपराधों और प्रार्थना पत्रों पर प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए। तथा थाने आने वाले हर फरियादी के साथ शालीन व्यवहार हो और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

निरीक्षण के दौरान डीएसपी  रुपाली रॉय, थाना प्रभारी विनोद कुमार सहित थाने के समस्त उपनिरीक्षक और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। एसपी देहात के इस औचक निरीक्षण से थाना पुलिस में हड़कंप की स्थिति रही ।
उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
* 03 करोड़ महिलाओं को समूहों से जोड़ने और 01 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य

* उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लखपति दीदी अभियान की कार्ययोजना को धरातल पर उतारने के दिए निर्देश

लखनऊ। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और गरीबी उन्मूलन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत 03 करोड़ पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने तथा 01 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में विकसित करने हेतु तैयार विस्तृत एक्शन प्लान के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘लखपति दीदी’ बनाने की कार्ययोजना को केवल कागज़ों तक सीमित न रखते हुए धरातल पर उतारा जाए। इसके लिए जनपदवार लक्ष्य निर्धारित कर नए स्वयं सहायता समूहों के गठन, नए सदस्यों को जोड़ने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की प्रक्रिया तेज की जाए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत धनराशि का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए, किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
श्री मौर्य ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 9,06,225 स्वयं सहायता समूहों का गठन कर 99,39,191 परिवारों की महिलाओं को योजना से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शेष पात्र परिवारों को भी विशेष अभियान के माध्यम से समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए।
झारखंड बंद का असर, आदिवासी संगठन कोई लीपापोती नहीं, सोमा मुंडा के हत्यारों का गर्दन चाहिए़ - निशा भगत

रांची : झारखंड में बेखौफ है अपराधि आए दिन किसी को उठा लेते हर तो किसी को मार देते है। ऐसी ही एक घटना खूंटी जिला में हुई थी जहां अपराधियों ने आदिवासी नेता सह पड़हा राजा सोमा मुंडा की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। जिसके बाद अगले ही दिन खूंटी बंद रहा, आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 7 लोगों को गिरफ्तार किया। लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। इधर आदिवासी संगठन विरोध जताते हुए आज झारखंड बंद का आवाहन किया है। आज सुबह ही कुछ जगह पर इसका विरोध प्रदर्शन देखने को मिला वही कुछ जगहों पर सामान्य गाड़िया चलती रही। दोपहर 1 बजे अल्बर्ट एक्का चौक पर लोग बंद कराने सड़क पर उतरे। इस बीच निशा भगत भी अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतरी। इस बीच आम लोगों से भी उलझी..

इस बीच निशा भगत ने सोमा मुंडा हत्याकांड में कहा कि लीपापोती नहीं हमें इंसाफ चाहिए आदिवासी संगठन की यही मांग है। हेमंत सरकार को भी खरीखौटी सुनाई और आदिवासी विरोधी बताया।

अन्य जिला की बात करे तो खूंटी और चाईबासा में सुबह होते ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर गये और ट्रैफिक सिस्टम को ठप कर दिया। रांची में बस टर्मिनल सुनसान रहा। खूंटी सिमडेगा तोड़पा के लिए बसे बंद रही वहां जाने वाले यात्री परेशान रहे। वही लंबी दूरी जो राज्य से बाहर जाती है उसमें में यात्रियों की संख्या कम रही। आदिवासी संगठनों के द्वारा झारखंड बंद बुलाने का मिलाजुला असर देखने को मिला है।

“खूबसूरत लड़की देख मन भटक सकता है…” कांग्रेस MLA का घिनौना बयान
मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के एक बयान ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है। बलात्कार जैसे गंभीर अपराध को लेकर उनकी टिप्पणी सामने आते ही विपक्षी दल भाजपा ने इसे “घिनौनी और विकृत मानसिकता” करार दिया है। सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

वायरल वीडियो में विधायक कहते नजर आ रहे हैं कि कोई पुरुष अगर सड़क पर चलते हुए किसी बेहद खूबसूरत लड़की को देख ले, तो उसका मन भटक सकता है और बलात्कार हो सकता है। इस बयान को लेकर लोगों का कहना है कि यह अपराध को सही ठहराने जैसा है और महिलाओं के खिलाफ खतरनाक सोच को बढ़ावा देता है।

बरैया ने आगे अपने बयान में जातिगत संदर्भ जोड़ते हुए कहा कि अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी समुदायों की महिलाएं खूबसूरत मानी जाती हैं और इसी वजह से उनके साथ ज्यादा अपराध होते हैं। उन्होंने धार्मिक ग्रंथों की विकृत व्याख्याओं का जिक्र करते हुए यह दावा भी किया कि कुछ लोग यौन हिंसा को आध्यात्मिक पुण्य से जोड़ते हैं।

भाजपा ने इस बयान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को घेर लिया है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक विधायक की सोच नहीं, बल्कि कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है। भाजपा मीडिया प्रभारी ने आरोप लगाया कि महिलाओं और कमजोर वर्गों के प्रति कांग्रेस की सोच संवेदनहीन रही है।

वहीं, कांग्रेस विधायक ने अपने बचाव में कहा कि उनकी टिप्पणियों को संदर्भ से बाहर निकालकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि वे महिलाओं के पक्षधर हैं और उनका उद्देश्य समाज में फैली विकृत मान्यताओं को उजागर करना था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके विचार लंबे अध्ययन और अवलोकन पर आधारित हैं।

हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग इस सफाई से संतुष्ट नजर नहीं आए। कई यूजर्स ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सोच-समझकर बोलना चाहिए। महिला संगठनों ने भी इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। ऐसे बयान न केवल राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस को भी प्रभावित करते हैं।
भंभुआ चौराहे के निकट सड़क हादसा: बाईक सवार दो लोग घायल,जिला अस्पताल रेफर
जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह कलहंस ने दिखाई तत्परता, साथियों के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस से पहुंचाया अस्पताल

गोण्डा(करनैलगंज)। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शुक्रवार की शाम भंभुआ चौराहे से कुछ दूरी पहले एक सड़क हादसे में बाइक सवार दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जाता है कि उनकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई,जिससे दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं है। घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह कलहंस, जो उसी समय एक निमंत्रण कार्यक्रम में जा रहे थे, वह तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना समय गंवाए अपने सहयोगी शिवम सिंह समाजसेवी, प्रदीप सिंह, संजय सिंह व अन्य लोगों के सहयोग से घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) करनैलगंज पहुंचाया, जहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सक ने दोनों घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें गोंडा जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों की पहचान छोटू पुत्र धर्मेंद्र सिंह तथा राहुल पुत्र इकबाल बहादुर सिंह, निवासी मुंडेरवा के रूप में हुई है। बताया गया कि छोटू अपनी नानी की तेरहवीं में शामिल होने के लिए चंगेरिया जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि विवेक सिंह कलहंस पूर्व में भी कई बार सड़क हादसों में घायलों की मदद कर चुके हैं। लगातार मानव सेवा में सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र में उनके इस संवेदनशील और तत्पर प्रयास की काफी सराहना की जा रही है
एकता विकास और युवा नेतृत्व पर भरोसे की जीत : तेजिंदर सिंह तिवाना
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका चुनाव में भाजपा के लिए वार्ड 47 की सीट जीतना अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि इस सीट से पार्टी ने मुंबई भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना को उम्मीदवार बनाया था। युवा नेतृत्व का प्रतीक होने के नाते, इस सीट पर जीत भाजपा के लिए सम्मान और प्रतिष्ठा का सवाल थी।

वार्ड 47 की जटिल और विभिन्न धर्म और समुदाय के मतदाताओं को देखते हुए यह मुकाबला भाजपा के लिए आसान नहीं था। ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यदि इस वार्ड से भाजपा को कोई विजयी बना सकता था, तो वह केवल तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना ही थे।

वार्ड 47 की मतदाता संरचना में लगभग 22% मराठी, 21% दक्षिण भारतीय, 12% ईसाई और 6% मुस्लिम मतदाता शामिल हैं, जिससे यह क्षेत्र UBT या कांग्रेस जैसे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के लिए आसान विजय का ब्लूप्रिंट बनाता है। वहीं भाजपा के परंपरागत मतदाता भी इस वार्ड में ठीकठाक संख्या 17% उत्तर भारतीय/पंजाबी और 18% गुजराती/राजस्थानी में हैं। लेकिन पुनर्विकास (Redevelopment) के चलते बड़ी संख्या में मतदाता वार्ड से बाहर दूसरे स्थानों पर रहने चले गए, और मतदान का दिन मकर संक्रांति होने के कारण गुजराती मतदाताओं की अनुपस्थिति भी एक बड़ी चुनौती बनी। इन सभी परिस्थितियों के बावजूद भाजपा की यह प्रचंड जीत तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना की मेहनत, स्थानीय स्वीकार्यता और मजबूत जनसंपर्क के कारण संभव हो पाई।

तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार पिछले 40 वर्षों से अधिक इस क्षेत्र में निरंतर जनसेवा कर रहा है, यही कारण है कि क्षेत्र की जनता का उनके परिवार से गहरा विश्वास और जुड़ाव रहा है।
इस जीत का श्रेय भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी जाता है, जिन्होंने इस बार युवाओं पर विश्वास जताया और उन्हें अवसर दिया। युवाओं ने अपनी नई सोच और जोश के साथ इस बीएमसी चुनाव का परिदृश्य ही बदल कर रख दिया।

तेजिंदर का “मदद का ठिकाना” अभियान इस चुनाव की पहचान बन गया। यह अभियान मतदाताओं में ऐसा उत्साह भरने में सफल रहा कि माहौल किसी नगरसेवक चुनाव का नहीं, बल्कि विधानसभा चुनाव जैसा प्रतीत हो रहा था। अभियान के गीत, विज्ञापन फिल्में और सोशल मीडिया पर साझा किया गया कंटेंट जनता से सहज रूप से जुड़ता चला गया। क्योंकि तेजिंदर सतनाम सिंह तिवाना और उनका परिवार बिना किसी पद के भी स्थानीय नागरिकों के लिए दिन रात उपलब्ध रहे, और यही निरंतर सेवा भाव जनता के विश्वास में बदल गया।

तेजिंदर सतनाम सिंग तिवाना की यह जीत सही मायनों में मुंबई की स्पिरिट की जीत है—जहाँ भाषा और प्रांत के आधार पर समाज को बाँटने वाले नरेटिव से ऊपर उठकर जनता ने एक मेहनती, सदा उपलब्ध रहने वाले युवा उम्मीदवार को प्रचंड मतों से विजयी बनाया।
5 साल से खड़ी 46 लाख की कार्डिएक एम्बुलेंस हुई फिर चालू, सांसद प्रतिनिधि के हस्तक्षेप से जागा मेडिकल कॉलेज प्रशासन

हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में संसाधनों के रख-रखाव को लेकर व्याप्त घोर लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र की उदासीनता का आलम यह था कि करीब पांच साल पहले डीएमएफटी मद से लगभग 46 लाख की लागत से खरीदी गई एक बेशकीमती एम्बुलेंस कबाड़ में तब्दील होने की ओर बढ़ रही थी। विशेष रूप से हृदय रोगियों (कार्डिएक पेशेंट्स) को आपातकालीन सेवाएं देने के उद्देश्य से आई यह एम्बुलेंस पिछले काफी समय से अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के बाहर खड़ी धूल फांक रही थी। लाखों की लागत वाले संसाधनों का उपयोग न होना न केवल वित्तीय हानि है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रबंधन की संवेदनहीनता को भी बखूबी दर्शाता है।

इस गंभीर स्थिति पर तब संज्ञान लिया गया जब हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी की नजर इस बदहाल एम्बुलेंस पर पड़ी। उन्होंने इस स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और जनहित में इसे बचाने एवं सुचारु करने की दिशा में तत्काल सक्रिय पहल की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने इस मामले को लेकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति से मुलाकात की और उन्हें एम्बुलेंस की मौजूदा दयनीय स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग किया कि आपातकालीन मरीजों की सेवा के लिए इस एम्बुलेंस को अविलंब सुचारू किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके।

अस्पताल अधीक्षक डॉ.अनुकरण पूर्ति से वार्ता के दौरान रंजन चौधरी ने अस्पताल के आर्थो वार्ड में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने बताया कि किस प्रकार चिकित्सीय मनमानी के कारण आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की इस लचर व्यवस्था पर उन्होंने अस्पताल अधीक्षक से इसमें तत्काल सुधार की मांग की। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के सकारात्मक हस्तक्षेप का असर यह हुआ कि अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति ने इस पर त्वरित पहल की। उन्होंने संबंधित एम्बुलेंस के इंचार्ज और चालक को एम्बुलेंस की साफ-सफाई कर उसे तुरंत जरूरतमंद मरीजों के हितार्थ इसे परिचालन में लाने का निर्देश जारी दिया और आर्थो वार्ड की व्यवस्था में सुधार का सकारात्मक भरोसा भी दिलाया। सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी के इस सार्थक प्रयास से न केवल एक महत्वपूर्ण जीवनरक्षक संसाधन बेशकीमती एम्बुलेंस को कबाड़ होने से बचा लिया गया, बल्कि अस्पताल प्रशासन को उसकी जिम्मेदारियों के प्रति सजग भी किया गया।

विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने किया विकास कार्यों का शिलान्यास
जौनपुर। विकास कार्यों से बदलापुर विधानसभा की तस्वीर बदलने वाले बीजेपी विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने आज क्षेत्र पंचायत बदलापुर राज्य वित्त व पंद्रहवां वित्त द्वारा विभिन्न ग्राम सभाओं में कराए गए 21 इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण कार्यों का लोकार्पण और मनरेगा योजना अंतर्गत 3 नए सीसी रोड के निर्माण कार्य हेतु शिलान्यास किया। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी धर्मेंद्र द्विवेदी, विधायक प्रतिनिधि गंगा प्रसाद सिंह, मंडल अध्यक्ष शनि शुक्ला, युवा भाजपा नेता मृगेंद्र सिंह शिव बाबा, ओंकार नाथ मिश्र, राकेश तिवारी, दुर्गेश तिवारी आदि उपस्थित रहे।
मलप हरसेनपुर निवासी शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) की पूज्यनीय माता महेश्वरी देवी जी की तेरहवीं संस्कार संपन्न, श्रद्धांजलि अर्पित
संजीव सिंह बलिया! नगरा क्षेत्र के मलप हरसेनपुर गांव निवासी स्वर्गीय नरेंद्रनाथ सिंह की धर्मपत्नी एवं क्षेत्र की सम्मानित महिला श्रीमती महेश्वरी देवी की तेरहवीं (ब्रह्मभोज) का कार्यक्रम दिनांक 16 जनवरी 2026, शुक्रवार को शांतिपूर्ण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हो गया। ज्ञात हो कि श्रीमती महेश्वरी देवी का आकस्मिक निधन 03 जनवरी 2026, शनिवार को हो गया था। उनके असामयिक निधन से पूरे गांव एवं क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। वे अपने सरल स्वभाव, धार्मिक आस्था और पारिवारिक मूल्यों के लिए जानी जाती थीं। तेरहवीं कार्यक्रम के अवसर पर गांव के गणमान्य नागरिकों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ब्रह्मभोज में उपस्थित लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर शोकाकुल परिवार के सदस्य सतीश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह एवं प्रदीप कुमार सिंह सहित अन्य परिजन उपस्थित रहे। वहीं हरिनारायण सिंह एवं प्रख्यात शिक्षक संजीव कुमार सिंह (दारा) सहित अनेक सम्मानित अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। तेरहवीं संस्कार का आयोजन पूरी तरह से धार्मिक रीति-रिवाजों एवं सामाजिक मर्यादाओं के अनुरूप किया गया। कार्यक्रम के समापन पर परिजनों ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। क्षेत्र में श्रीमती महेश्वरी देवी के निधन को एक अपूरणीय क्षति बताते हुए लोगों ने उनके व्यक्तित्व को स्मरण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। ॐ शांति।