मीरजापुर: संदिग्ध परिस्थिति में युवक की लाश नहर में मिली, हत्या की आशंका

मीरजापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के लहंगपुर पुलिस चौकी अंतर्गत गंगहरा खुर्द माईनर के पास बुधवार की सुबह संदिग्ध स्थिति में 21 वर्षीय युवक का शव मिलने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई। युवक के शरीर पर चोट व जलने का निशान से प्रथम दृष्टया बिजली करंट से मौत होना दिखाई दे रहा है। युवक छः बहनों के बीच एकलौता भाई था।परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह, लहंगपुर चौकी प्रभारी सुजीत कुमार सेठ के साथ फॉरेंसिक टीम जांच पड़ताल में जुट गई।
लहंगपुर निवासी सूर्यबली का इकलौता पुत्र 21 वर्षीय किशन कुमार का शव गंगहरा खुर्द गांव में स्थित पावर हाउस और नहर के पास पड़ा मिला है। बुधवार को सुबह शौच के लिए गए युवक के चाचा रामनरेश ने शव देखकर स्वजनों को सूचित किया। इकलौती बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई, परिजनों ने बताया कि किशन लहंगपुर बाजार में स्थित एक कपड़े की दुकान में काम करता था, मंगलवार की रात 9:30 बजे घर आया था। उसके बाद घर से बाहर गया और वापस नहीं लौटा। परिजन देर रात तक इधर-उधर पता लगाया लेकिन कहीं पता नहीं चला, उसी बीच आंधी तुफान और वर्षां होने लगी। सुबह किशन मृत अवस्था में मिले।मृतक के पैर में बिजली के करंट से जला हुआ दिखाई दिया और सिर और पीठ में चोट के निशान हैं। मृतक के चाचा रामनरेश की तहरीर पर पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी आपरेशन राजकुमार मीणा व पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने घटनास्थल का मौका मुहाना किया और स्वजनों से बात की। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह ने बताया कि बिजली करंट से मौत हुई है पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया है, रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की स्थिति स्पष्ट होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने बताया कि पैर में इलेट्रीक शार्ट से 24 वर्षीय युवक की मृत्यु प्रतीत हो रही है। पंचनामा के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। युवक शांत स्वभाव का था उसका किसी से कोई विवाद नहीं था।
मीरजापुर: संदिग्ध परिस्थिति में युवक की लाश नहर में मिली, हत्या की आशंका

मीरजापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के लहंगपुर पुलिस चौकी अंतर्गत गंगहरा खुर्द माईनर के पास बुधवार की सुबह संदिग्ध स्थिति में 21 वर्षीय युवक का शव मिलने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई। युवक के शरीर पर चोट व जलने का निशान से प्रथम दृष्टया बिजली करंट से मौत होना दिखाई दे रहा है। युवक छः बहनों के बीच एकलौता भाई था।परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह, लहंगपुर चौकी प्रभारी सुजीत कुमार सेठ के साथ फॉरेंसिक टीम जांच पड़ताल में जुट गई।
लहंगपुर निवासी सूर्यबली का इकलौता पुत्र 21 वर्षीय किशन कुमार का शव गंगहरा खुर्द गांव में स्थित पावर हाउस और नहर के पास पड़ा मिला है। बुधवार को सुबह शौच के लिए गए युवक के चाचा रामनरेश ने शव देखकर स्वजनों को सूचित किया। इकलौती बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई, परिजनों ने बताया कि किशन लहंगपुर बाजार में स्थित एक कपड़े की दुकान में काम करता था, मंगलवार की रात 9:30 बजे घर आया था। उसके बाद घर से बाहर गया और वापस नहीं लौटा। परिजन देर रात तक इधर-उधर पता लगाया लेकिन कहीं पता नहीं चला, उसी बीच आंधी तुफान और वर्षां होने लगी। सुबह किशन मृत अवस्था में मिले।मृतक के पैर में बिजली के करंट से जला हुआ दिखाई दिया और सिर और पीठ में चोट के निशान हैं। मृतक के चाचा रामनरेश की तहरीर पर पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी आपरेशन राजकुमार मीणा व पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने घटनास्थल का मौका मुहाना किया और स्वजनों से बात की। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह ने बताया कि बिजली करंट से मौत हुई है पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया है, रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की स्थिति स्पष्ट होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने बताया कि पैर में इलेट्रीक शार्ट से 24 वर्षीय युवक की मृत्यु प्रतीत हो रही है। पंचनामा के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। युवक शांत स्वभाव का था उसका किसी से कोई विवाद नहीं था।
भूटान को वाराणसी में बौद्ध मंदिर व गेस्ट हाउस निर्माण के लिए मिलेगी 2 एकड़ भूमि


*  लीज पर होगा भूमि आवंटन, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की मौजूदगी में हुआ समझौता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी में बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में बुधवार को पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह तथा अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात की उपस्थिति में पर्यटन विभाग और भूटान सरकार के बीच लीज डीड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
वाराणसी के अजईपुर, परगना कोलअसला, तहसील पिंडरा स्थित दो एकड़ जमीन भूटान सरकार को लीज पर दी जाएगी। भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। समझौते पर भूटान सरकार की ओर से रॉयल भूटानी दूतावास, नई दिल्ली की उप-मिशन प्रमुख ताशी पेल्डन तथा उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से विशेष सचिव मृदुल चौधरी ने हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही दोनों पक्षों के अधिकारियों ने अभिलेखों का आदान-प्रदान किया।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि भारत और भूटान के ऐतिहासिक एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को यह समझौता नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि सारनाथ पहले से ही बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है और बौद्ध मंदिर व गेस्ट हाउस के निर्माण से देश-विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार बौद्ध परिपथ के अंतर्गत आने वाले प्रमुख स्थलों, जैसे संकिसा और कुशीनगर में आधुनिक पर्यटन एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास कर रही है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को वर्ष 2017 के बाद हुए सभी एमओयू की समीक्षा करने तथा ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।भूटान सरकार की प्रतिनिधि ताशी पेल्डन ने उत्तर प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता भारत और भूटान के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह सहित पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पीएम मोदी का जीवन राष्ट्रसेवा, संकल्प और नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण : केशव प्रसाद मौर्य

* प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विश्व मंच पर बनाई नई पहचान, ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प होगा साकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष की आयु में भी प्रधानमंत्री मोदी अद्भुत ऊर्जा, कार्यक्षमता और समर्पण के साथ राष्ट्रसेवा में निरंतर जुटे हुए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में 75 वर्ष की आयु को ‘हीरक जयंती’ का महत्वपूर्ण और सम्मानजनक पड़ाव माना जाता है। ऐसे अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट समर्पण और सक्रिय नेतृत्व पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जीवन संघर्ष, परिश्रम, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने अपने दूरदर्शी नेतृत्व से भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई है। आज भारत आत्मविश्वास, सामर्थ्य और नेतृत्व क्षमता के साथ विश्व समुदाय में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर जल, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं ने करोड़ों गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इन योजनाओं ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखी है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान, रक्षा अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, ऊर्जा सुरक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है, जो विश्व शांति, सहयोग और मानव कल्याण की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया ‘युद्ध नहीं, बुद्ध’ का संदेश भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों का प्रतीक है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की निरंतर सेवा करते हुए लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर कार्य करने का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। उनका नेतृत्व आज देश की प्रगति, सुशासन, आत्मविश्वास और वैश्विक सम्मान का पर्याय बन चुका है। विभिन्न देशों द्वारा उन्हें दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के प्रमाण हैं।
उन्होंने कहा कि ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ की भावना को आत्मसात कर प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रसेवा में समर्पित हैं। उनका ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा और भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध, शक्तिशाली तथा विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अंत में उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी।
हजारीबाग पुलिस की बड़ी कामयाबी: बरही के विक्की सोनी हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा, बिहार के दो शूटर गिरफ्तार

हजारीबाग: झारखंड पुलिस ने बरही थाना क्षेत्र के अंतर्गत करसो पुल के पास हुए सनसनीखेज विक्की कुमार सोनी हत्याकांड का महज 48 घंटों के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) हजारीबाग के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त बिहार के दो शातिर अपराधियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार अपराधियों ने न सिर्फ अपना जुर्म कबूल किया है, बल्कि पूर्व में की गई कई लूट और चोरी की वारदातों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि बीती 8 जून 2026 को हजारीबाग के ओकनी (थाना-लोहसिंघना) निवासी विक्की कुमार सोनी (पिता- स्व० देवनंदन प्रसाद) अपने दोस्त के साथ हुंडई कार से कोडरमा जा रहे थे। इसी दौरान बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था और फरार हो गए थे। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए एसपी हजारीबाग के आदेश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) बरही श्री राधाप्रेम किशोर और बरही थाना प्रभारी बिनोद कुमार के नेतृत्व में टीम ने मामले की सूक्ष्मता से जांच शुरू की। हजारीबाग पुलिस की तकनीकी शाखा (Technical Cell) के वैज्ञानिक और तकनीकी विश्लेषण की मदद से पुलिस अपराधियों के गिरेबान तक पहुंचने में कामयाब रही। पुलिस ने इस मामले में दो पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान विक्रम कुमार (उम्र 25 वर्ष), पिता- विजय साव, ग्राम व थाना- नारदीगंज, जिला- नवादा (बिहार) और दिलीप कुमार (उम्र 25 वर्ष), पिता- केसर चौधरी, ग्राम- चंदा खुर्द, थाना- वजीरगंज, जिला- गया (बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस ने अपराधियों के पास से घटना में इस्तेमाल 02 मोबाइल फोन और मृतक की ग्रे रंग की हुंडई कार (संख्या- JH02AE-0232) को जप्त कर लिया है। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। दिलीप कुमार के खिलाफ गया के वजीरगंज थाने में उत्पाद अधिनियम (शराब तस्करी/ड्रग्स) के तहत कांड संख्या 412/21 और जानलेवा हमले व आर्म्स एक्ट के तहत कांड संख्या 350/23 दर्ज है। वहीं विक्रम कुमार के खिलाफ नवादा के नारदीगंज थाने में मारपीट और जानलेवा हमले के तहत कांड संख्या 85/23 और 199/23 दर्ज हैं। इस सफल अभियान में बरही SDPO राधाप्रेम किशोर, थाना प्रभारी बिनोद कुमार के साथ पुलिस अवर निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, राजबल्लभ यादव, राजेश भोक्ता, बरही थाने के सशस्त्र बल और हजारीबाग टेक्निकल सेल की मुख्य भूमिका रही। पुलिस फिलहाल दोनों अपराधियों के खिलाफ आगे की विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई कर रही है।

देवघर-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद डीएवी भंडारकोला के छात्र आयुष संतोषी का विद्यालय में किया गया सम्मान।
देवघर: के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला, देवघर के पूर्ववर्ती छात्र एवं वर्तमान में डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर के छात्र आयुष संतोषी ने श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन चैंपियनशिप में गोल शॉट बॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लहरा दिया। इस प्रतियोगिता में भारत सहित बांग्लादेश, माल्दिव्स, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे कुल सात देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान की जीत रही। झारखंड के देवघर की मिट्टी से निकले और डीएवी के इस होनहार खिलाड़ी ने अपनी मेहनत, जुनून और जीत के जज़्बे से सन 2025 में पावरलिफ्टिंग (बेंच प्रेस) में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्टेट गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और 3 बार “बेस्ट लिफ्टर” का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की थी। गौर करने वाली बात यह भी है कि झारखंड से यूथ टीम में केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें एक नाम आयुष संतोषी का भी शामिल था। इस चयन ने ही यह संकेत दे दिया था कि आयुष कुछ बड़ा करने वाला है और उसने उस भरोसे को सच साबित कर दिखाया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने स्वर्ण पदक विजेता पूर्व छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डीएवी सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करता है। इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र की यह सफलता उसकी कठोर मेहनत, अनुशासन, समर्पण तथा खेल के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उसकी यह उपलब्धि विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्ववर्ती छात्र तथा उसके अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की है। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर देश का मान बढ़ाता रहेगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी माँ कुमारी अलका सोनी और पिता अजय संतोषी का त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत बना। आयुष के कोच राजेश रंजन, जो कि इस चैंपियनशिप के टीम इंडिया के भी कोच रहे,संजय सिंह और विद्यालय के खेल प्रशिक्षक सत्यवीर यादव और आशुतोष कुमार का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा है। डीएवी जालंधर विश्वविद्यालय के एचओडी यशबीर सिंह ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आयुष जैसे प्रतिभाशाली छात्र पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
नटवीर बाबा स्थान पर विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद .
विनोद गुप्ता
हरदोई: ज्येष्ठ (अधिक) मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि एवं मंगलवार के पावन अवसर पर बेनीगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थित प्राचीन नटवीर बाबा स्थान पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा के नेतृत्व में विशाल पूड़ी-सब्जी भंडारा एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम शांतिकुटी के प्रमुख श्री शाश्वतानंद  महाराज द्वारा पूजा-अर्चना एवं विधि-विधान के साथ कराया गया। इसके पश्चात भंडारे का वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर नैमिषारण्य हनुमानगढ़ी के महंत पवन दास महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलयुग में अन्नदान और भंडारा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है तथा इससे समाज में सेवा, समर्पण और सद्भावना की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम में 84 कोसी परिक्रमा अध्यक्ष नारायण दास महाराज, वनगढ़ आश्रम महंत संतोष दास खाकी, प्रसिद्ध भजन गायक एवं कथावाचक सुरेश दास शास्त्री तथा अयोध्या धाम से पधारे सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य जी महाराज ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों एवं धर्माचार्यों ने नैमिषारण्य की महिमा, सनातन संस्कृति एवं धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए।
संत-महात्माओं की उपस्थिति से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विख्यात समाजसेवी राजवर्धन सिंह 'राजू', समाजवादी पार्टी के नेता छत्रपाल 'छत्तर', समाजसेवी विशाल गुप्ता (टड़ियावां), कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंशू अवस्थी, वन क्षेत्राधिकारी कछौना विनय कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर आयोजन की सराहना की और अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
नगर क्षेत्र से राजीव रंजन त्रिपाठी, शेष कुमार मिश्रा सहित अनेक सम्मानित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भंडारे के सफल आयोजन पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा और धर्म सेवा के ऐसे आयोजन आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
पीजीआई युवती लापता मामला: धर्मांतरण और सीरिया ले जाने के दावों पर पुलिस का स्पष्टीकरण, जांच जारी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से एक युवती के लापता होने के मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण और युवती को सीरिया ले जाने के आरोपों को लेकर पुलिस ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और गहनता से की जा रही है तथा अब तक की जांच में धर्मांतरण और सीरिया ले जाने संबंधी दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार थाना पीजीआई में प्राप्त तहरीर के आधार पर 22 मई 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 280/2026, धारा 87 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मुकदमा युवती के लापता होने के संबंध में पंजीकृत किया गया है।

पुलिस ने बताया कि युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा जोन दक्षिणी की सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस टीमें लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर युवती और आरोपी की तलाश में जुटी हैं।

मामले को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यह दावा किया जा रहा था कि युवती का धर्मांतरण कराया गया है और उसे सीरिया ले जाया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई मूल तहरीर में धर्मांतरण संबंधी किसी भी आरोप का उल्लेख नहीं किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण संबंधी दावों की भी जांच की जा रही है, लेकिन अब तक की विवेचना में ऐसे किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह युवती को सीरिया ले जाने की बात भी जांच में सही नहीं पाई गई है।

जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि लापता युवती हिंदू धर्म से संबंधित है, जबकि नामजद आरोपी मुस्लिम समुदाय से जुड़ा है। साथ ही यह तथ्य भी सामने आया है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच पूर्व से बातचीत होती थी। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाकर तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी तथ्य जांच के दौरान सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी है। इसके लिए पुलिस और सर्विलांस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं तथा मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
मानवता की मिसाल बनी महिगवां पुलिस, भटके हुए युवक को सकुशल परिजनों से मिलाया
लखनऊ। पुलिस की संवेदनशीलता और जनसेवा का एक सराहनीय उदाहरण महिगवां थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां रात्रि गश्त के दौरान भटके हुए एक मंदबुद्धि युवक को पुलिस ने सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसके परिजनों से मिलाया। पुलिस की तत्परता और मानवीय व्यवहार के चलते चिंतित परिवार को बड़ी राहत मिली।

जानकारी के अनुसार 8/9 जून 2026 की रात थाना महिगवां पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और भ्रमण पर थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक युवक पर पड़ी, जो संदिग्ध अवस्था में इधर-उधर भटकता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसने अपना नाम आशीष शर्मा पुत्र वीरपाल शर्मा, निवासी वेली सिटी, इज्जतनगर, जनपद बरेली बताया।

पूछताछ के दौरान युवक का व्यवहार सामान्य नहीं लगा और वह अपने परिजनों के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ था। बातचीत में उसने बताया कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने के लिए 7 जून को लखनऊ आया था, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण घर वापस नहीं जा सका।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिगवां पुलिस ने युवक को अपने संरक्षण में लिया और उसे भोजन एवं जलपान उपलब्ध कराया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से थाने लाया गया, जहां उससे शांतिपूर्वक और विस्तार से पूछताछ की गई।

पूछताछ के दौरान युवक ने अपने मामा कृष्ण पाल शर्मा का नाम और एक मोबाइल नंबर बताया। पुलिस ने तत्काल उस नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान युवक के पिता वीरपाल शर्मा ने पुष्टि की कि आशीष उनका पुत्र है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने लखनऊ गया था और वापस घर नहीं लौटा था। परिवार पिछले कई दिनों से उसकी तलाश कर रहा था और काफी चिंतित था।

महिगवां पुलिस ने युवक के पिता को जानकारी दी कि उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित है और थाना महिगवां में मौजूद है। सूचना मिलते ही परिजन थाने पहुंचे। आवश्यक कानूनी और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आशीष शर्मा को सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया।

अपने बेटे को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने महिगवां पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया।

इस सराहनीय कार्यवाही में थाना महिगवां के थानाध्यक्ष राधे श्याम मौर्य, उपनिरीक्षक सतीश सिंह, उपनिरीक्षक अमित सिंह, कांस्टेबल लाल बहादुर और अरविंद कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

महिगवां पुलिस की यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था के प्रति उसकी जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि पुलिस समाज में जरूरतमंद लोगों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बनकर खड़ी है। मानवता और जनसेवा का यह उदाहरण लोगों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत करता है।
मीरजापुर: संदिग्ध परिस्थिति में युवक की लाश नहर में मिली, हत्या की आशंका

मीरजापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के लहंगपुर पुलिस चौकी अंतर्गत गंगहरा खुर्द माईनर के पास बुधवार की सुबह संदिग्ध स्थिति में 21 वर्षीय युवक का शव मिलने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई। युवक के शरीर पर चोट व जलने का निशान से प्रथम दृष्टया बिजली करंट से मौत होना दिखाई दे रहा है। युवक छः बहनों के बीच एकलौता भाई था।परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह, लहंगपुर चौकी प्रभारी सुजीत कुमार सेठ के साथ फॉरेंसिक टीम जांच पड़ताल में जुट गई।
लहंगपुर निवासी सूर्यबली का इकलौता पुत्र 21 वर्षीय किशन कुमार का शव गंगहरा खुर्द गांव में स्थित पावर हाउस और नहर के पास पड़ा मिला है। बुधवार को सुबह शौच के लिए गए युवक के चाचा रामनरेश ने शव देखकर स्वजनों को सूचित किया। इकलौती बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई, परिजनों ने बताया कि किशन लहंगपुर बाजार में स्थित एक कपड़े की दुकान में काम करता था, मंगलवार की रात 9:30 बजे घर आया था। उसके बाद घर से बाहर गया और वापस नहीं लौटा। परिजन देर रात तक इधर-उधर पता लगाया लेकिन कहीं पता नहीं चला, उसी बीच आंधी तुफान और वर्षां होने लगी। सुबह किशन मृत अवस्था में मिले।मृतक के पैर में बिजली के करंट से जला हुआ दिखाई दिया और सिर और पीठ में चोट के निशान हैं। मृतक के चाचा रामनरेश की तहरीर पर पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी आपरेशन राजकुमार मीणा व पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने घटनास्थल का मौका मुहाना किया और स्वजनों से बात की। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह ने बताया कि बिजली करंट से मौत हुई है पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया है, रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की स्थिति स्पष्ट होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने बताया कि पैर में इलेट्रीक शार्ट से 24 वर्षीय युवक की मृत्यु प्रतीत हो रही है। पंचनामा के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। युवक शांत स्वभाव का था उसका किसी से कोई विवाद नहीं था।
मीरजापुर: संदिग्ध परिस्थिति में युवक की लाश नहर में मिली, हत्या की आशंका

मीरजापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के लहंगपुर पुलिस चौकी अंतर्गत गंगहरा खुर्द माईनर के पास बुधवार की सुबह संदिग्ध स्थिति में 21 वर्षीय युवक का शव मिलने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फ़ैल गई। युवक के शरीर पर चोट व जलने का निशान से प्रथम दृष्टया बिजली करंट से मौत होना दिखाई दे रहा है। युवक छः बहनों के बीच एकलौता भाई था।परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह, लहंगपुर चौकी प्रभारी सुजीत कुमार सेठ के साथ फॉरेंसिक टीम जांच पड़ताल में जुट गई।
लहंगपुर निवासी सूर्यबली का इकलौता पुत्र 21 वर्षीय किशन कुमार का शव गंगहरा खुर्द गांव में स्थित पावर हाउस और नहर के पास पड़ा मिला है। बुधवार को सुबह शौच के लिए गए युवक के चाचा रामनरेश ने शव देखकर स्वजनों को सूचित किया। इकलौती बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई, परिजनों ने बताया कि किशन लहंगपुर बाजार में स्थित एक कपड़े की दुकान में काम करता था, मंगलवार की रात 9:30 बजे घर आया था। उसके बाद घर से बाहर गया और वापस नहीं लौटा। परिजन देर रात तक इधर-उधर पता लगाया लेकिन कहीं पता नहीं चला, उसी बीच आंधी तुफान और वर्षां होने लगी। सुबह किशन मृत अवस्था में मिले।मृतक के पैर में बिजली के करंट से जला हुआ दिखाई दिया और सिर और पीठ में चोट के निशान हैं। मृतक के चाचा रामनरेश की तहरीर पर पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी आपरेशन राजकुमार मीणा व पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने घटनास्थल का मौका मुहाना किया और स्वजनों से बात की। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अभय कुमार सिंह ने बताया कि बिजली करंट से मौत हुई है पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा गया है, रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत की स्थिति स्पष्ट होगी तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी अमर बहादुर ने बताया कि पैर में इलेट्रीक शार्ट से 24 वर्षीय युवक की मृत्यु प्रतीत हो रही है। पंचनामा के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। युवक शांत स्वभाव का था उसका किसी से कोई विवाद नहीं था।
भूटान को वाराणसी में बौद्ध मंदिर व गेस्ट हाउस निर्माण के लिए मिलेगी 2 एकड़ भूमि


*  लीज पर होगा भूमि आवंटन, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की मौजूदगी में हुआ समझौता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वाराणसी में बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस संबंध में बुधवार को पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह तथा अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात की उपस्थिति में पर्यटन विभाग और भूटान सरकार के बीच लीज डीड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।
वाराणसी के अजईपुर, परगना कोलअसला, तहसील पिंडरा स्थित दो एकड़ जमीन भूटान सरकार को लीज पर दी जाएगी। भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। समझौते पर भूटान सरकार की ओर से रॉयल भूटानी दूतावास, नई दिल्ली की उप-मिशन प्रमुख ताशी पेल्डन तथा उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से विशेष सचिव मृदुल चौधरी ने हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही दोनों पक्षों के अधिकारियों ने अभिलेखों का आदान-प्रदान किया।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि भारत और भूटान के ऐतिहासिक एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को यह समझौता नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि सारनाथ पहले से ही बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है और बौद्ध मंदिर व गेस्ट हाउस के निर्माण से देश-विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार बौद्ध परिपथ के अंतर्गत आने वाले प्रमुख स्थलों, जैसे संकिसा और कुशीनगर में आधुनिक पर्यटन एवं आधारभूत सुविधाओं का विकास कर रही है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को वर्ष 2017 के बाद हुए सभी एमओयू की समीक्षा करने तथा ‘विजिट माई स्टेट’ अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।भूटान सरकार की प्रतिनिधि ताशी पेल्डन ने उत्तर प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता भारत और भूटान के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्रा, पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह सहित पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पीएम मोदी का जीवन राष्ट्रसेवा, संकल्प और नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण : केशव प्रसाद मौर्य

* प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विश्व मंच पर बनाई नई पहचान, ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प होगा साकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष की आयु में भी प्रधानमंत्री मोदी अद्भुत ऊर्जा, कार्यक्षमता और समर्पण के साथ राष्ट्रसेवा में निरंतर जुटे हुए हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में 75 वर्ष की आयु को ‘हीरक जयंती’ का महत्वपूर्ण और सम्मानजनक पड़ाव माना जाता है। ऐसे अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट समर्पण और सक्रिय नेतृत्व पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जीवन संघर्ष, परिश्रम, त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने अपने दूरदर्शी नेतृत्व से भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई है। आज भारत आत्मविश्वास, सामर्थ्य और नेतृत्व क्षमता के साथ विश्व समुदाय में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर जल, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं ने करोड़ों गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इन योजनाओं ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखी है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान, रक्षा अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, ऊर्जा सुरक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हो रहा है, जो विश्व शांति, सहयोग और मानव कल्याण की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया ‘युद्ध नहीं, बुद्ध’ का संदेश भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों का प्रतीक है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की निरंतर सेवा करते हुए लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर कार्य करने का ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। उनका नेतृत्व आज देश की प्रगति, सुशासन, आत्मविश्वास और वैश्विक सम्मान का पर्याय बन चुका है। विभिन्न देशों द्वारा उन्हें दिए गए सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के प्रमाण हैं।
उन्होंने कहा कि ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ की भावना को आत्मसात कर प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रसेवा में समर्पित हैं। उनका ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा और भारत को आत्मनिर्भर, समृद्ध, शक्तिशाली तथा विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अंत में उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी।
हजारीबाग पुलिस की बड़ी कामयाबी: बरही के विक्की सोनी हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा, बिहार के दो शूटर गिरफ्तार

हजारीबाग: झारखंड पुलिस ने बरही थाना क्षेत्र के अंतर्गत करसो पुल के पास हुए सनसनीखेज विक्की कुमार सोनी हत्याकांड का महज 48 घंटों के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) हजारीबाग के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त बिहार के दो शातिर अपराधियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार अपराधियों ने न सिर्फ अपना जुर्म कबूल किया है, बल्कि पूर्व में की गई कई लूट और चोरी की वारदातों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि बीती 8 जून 2026 को हजारीबाग के ओकनी (थाना-लोहसिंघना) निवासी विक्की कुमार सोनी (पिता- स्व० देवनंदन प्रसाद) अपने दोस्त के साथ हुंडई कार से कोडरमा जा रहे थे। इसी दौरान बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उन्हें गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था और फरार हो गए थे। इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए एसपी हजारीबाग के आदेश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) बरही श्री राधाप्रेम किशोर और बरही थाना प्रभारी बिनोद कुमार के नेतृत्व में टीम ने मामले की सूक्ष्मता से जांच शुरू की। हजारीबाग पुलिस की तकनीकी शाखा (Technical Cell) के वैज्ञानिक और तकनीकी विश्लेषण की मदद से पुलिस अपराधियों के गिरेबान तक पहुंचने में कामयाब रही। पुलिस ने इस मामले में दो पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान विक्रम कुमार (उम्र 25 वर्ष), पिता- विजय साव, ग्राम व थाना- नारदीगंज, जिला- नवादा (बिहार) और दिलीप कुमार (उम्र 25 वर्ष), पिता- केसर चौधरी, ग्राम- चंदा खुर्द, थाना- वजीरगंज, जिला- गया (बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस ने अपराधियों के पास से घटना में इस्तेमाल 02 मोबाइल फोन और मृतक की ग्रे रंग की हुंडई कार (संख्या- JH02AE-0232) को जप्त कर लिया है। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। दिलीप कुमार के खिलाफ गया के वजीरगंज थाने में उत्पाद अधिनियम (शराब तस्करी/ड्रग्स) के तहत कांड संख्या 412/21 और जानलेवा हमले व आर्म्स एक्ट के तहत कांड संख्या 350/23 दर्ज है। वहीं विक्रम कुमार के खिलाफ नवादा के नारदीगंज थाने में मारपीट और जानलेवा हमले के तहत कांड संख्या 85/23 और 199/23 दर्ज हैं। इस सफल अभियान में बरही SDPO राधाप्रेम किशोर, थाना प्रभारी बिनोद कुमार के साथ पुलिस अवर निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, राजबल्लभ यादव, राजेश भोक्ता, बरही थाने के सशस्त्र बल और हजारीबाग टेक्निकल सेल की मुख्य भूमिका रही। पुलिस फिलहाल दोनों अपराधियों के खिलाफ आगे की विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई कर रही है।

देवघर-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद डीएवी भंडारकोला के छात्र आयुष संतोषी का विद्यालय में किया गया सम्मान।
देवघर: के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला, देवघर के पूर्ववर्ती छात्र एवं वर्तमान में डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर के छात्र आयुष संतोषी ने श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन चैंपियनशिप में गोल शॉट बॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लहरा दिया। इस प्रतियोगिता में भारत सहित बांग्लादेश, माल्दिव्स, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे कुल सात देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान की जीत रही। झारखंड के देवघर की मिट्टी से निकले और डीएवी के इस होनहार खिलाड़ी ने अपनी मेहनत, जुनून और जीत के जज़्बे से सन 2025 में पावरलिफ्टिंग (बेंच प्रेस) में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्टेट गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और 3 बार “बेस्ट लिफ्टर” का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की थी। गौर करने वाली बात यह भी है कि झारखंड से यूथ टीम में केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें एक नाम आयुष संतोषी का भी शामिल था। इस चयन ने ही यह संकेत दे दिया था कि आयुष कुछ बड़ा करने वाला है और उसने उस भरोसे को सच साबित कर दिखाया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने स्वर्ण पदक विजेता पूर्व छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डीएवी सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करता है। इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र की यह सफलता उसकी कठोर मेहनत, अनुशासन, समर्पण तथा खेल के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उसकी यह उपलब्धि विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्ववर्ती छात्र तथा उसके अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की है। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर देश का मान बढ़ाता रहेगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी माँ कुमारी अलका सोनी और पिता अजय संतोषी का त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत बना। आयुष के कोच राजेश रंजन, जो कि इस चैंपियनशिप के टीम इंडिया के भी कोच रहे,संजय सिंह और विद्यालय के खेल प्रशिक्षक सत्यवीर यादव और आशुतोष कुमार का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा है। डीएवी जालंधर विश्वविद्यालय के एचओडी यशबीर सिंह ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आयुष जैसे प्रतिभाशाली छात्र पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
नटवीर बाबा स्थान पर विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद .
विनोद गुप्ता
हरदोई: ज्येष्ठ (अधिक) मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि एवं मंगलवार के पावन अवसर पर बेनीगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थित प्राचीन नटवीर बाबा स्थान पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा के नेतृत्व में विशाल पूड़ी-सब्जी भंडारा एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम शांतिकुटी के प्रमुख श्री शाश्वतानंद  महाराज द्वारा पूजा-अर्चना एवं विधि-विधान के साथ कराया गया। इसके पश्चात भंडारे का वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर नैमिषारण्य हनुमानगढ़ी के महंत पवन दास महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलयुग में अन्नदान और भंडारा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है तथा इससे समाज में सेवा, समर्पण और सद्भावना की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम में 84 कोसी परिक्रमा अध्यक्ष नारायण दास महाराज, वनगढ़ आश्रम महंत संतोष दास खाकी, प्रसिद्ध भजन गायक एवं कथावाचक सुरेश दास शास्त्री तथा अयोध्या धाम से पधारे सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य जी महाराज ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों एवं धर्माचार्यों ने नैमिषारण्य की महिमा, सनातन संस्कृति एवं धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए।
संत-महात्माओं की उपस्थिति से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विख्यात समाजसेवी राजवर्धन सिंह 'राजू', समाजवादी पार्टी के नेता छत्रपाल 'छत्तर', समाजसेवी विशाल गुप्ता (टड़ियावां), कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंशू अवस्थी, वन क्षेत्राधिकारी कछौना विनय कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर आयोजन की सराहना की और अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
नगर क्षेत्र से राजीव रंजन त्रिपाठी, शेष कुमार मिश्रा सहित अनेक सम्मानित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भंडारे के सफल आयोजन पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा और धर्म सेवा के ऐसे आयोजन आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
पीजीआई युवती लापता मामला: धर्मांतरण और सीरिया ले जाने के दावों पर पुलिस का स्पष्टीकरण, जांच जारी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र से एक युवती के लापता होने के मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण और युवती को सीरिया ले जाने के आरोपों को लेकर पुलिस ने विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और गहनता से की जा रही है तथा अब तक की जांच में धर्मांतरण और सीरिया ले जाने संबंधी दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार थाना पीजीआई में प्राप्त तहरीर के आधार पर 22 मई 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 280/2026, धारा 87 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह मुकदमा युवती के लापता होने के संबंध में पंजीकृत किया गया है।

पुलिस ने बताया कि युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इसके अलावा जोन दक्षिणी की सर्विलांस टीम को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस टीमें लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर युवती और आरोपी की तलाश में जुटी हैं।

मामले को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यह दावा किया जा रहा था कि युवती का धर्मांतरण कराया गया है और उसे सीरिया ले जाया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष द्वारा दी गई मूल तहरीर में धर्मांतरण संबंधी किसी भी आरोप का उल्लेख नहीं किया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया पर प्रसारित धर्मांतरण संबंधी दावों की भी जांच की जा रही है, लेकिन अब तक की विवेचना में ऐसे किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह युवती को सीरिया ले जाने की बात भी जांच में सही नहीं पाई गई है।

जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि लापता युवती हिंदू धर्म से संबंधित है, जबकि नामजद आरोपी मुस्लिम समुदाय से जुड़ा है। साथ ही यह तथ्य भी सामने आया है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच पूर्व से बातचीत होती थी। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाकर तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जांच अभी जारी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें तथा किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी तथ्य जांच के दौरान सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता युवती की सकुशल बरामदगी और नामजद आरोपी की गिरफ्तारी है। इसके लिए पुलिस और सर्विलांस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं तथा मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
मानवता की मिसाल बनी महिगवां पुलिस, भटके हुए युवक को सकुशल परिजनों से मिलाया
लखनऊ। पुलिस की संवेदनशीलता और जनसेवा का एक सराहनीय उदाहरण महिगवां थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां रात्रि गश्त के दौरान भटके हुए एक मंदबुद्धि युवक को पुलिस ने सुरक्षित संरक्षण में लेकर उसके परिजनों से मिलाया। पुलिस की तत्परता और मानवीय व्यवहार के चलते चिंतित परिवार को बड़ी राहत मिली।

जानकारी के अनुसार 8/9 जून 2026 की रात थाना महिगवां पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और भ्रमण पर थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर एक युवक पर पड़ी, जो संदिग्ध अवस्था में इधर-उधर भटकता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसने अपना नाम आशीष शर्मा पुत्र वीरपाल शर्मा, निवासी वेली सिटी, इज्जतनगर, जनपद बरेली बताया।

पूछताछ के दौरान युवक का व्यवहार सामान्य नहीं लगा और वह अपने परिजनों के बारे में स्पष्ट जानकारी देने में असमर्थ था। बातचीत में उसने बताया कि वह उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने के लिए 7 जून को लखनऊ आया था, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण घर वापस नहीं जा सका।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिगवां पुलिस ने युवक को अपने संरक्षण में लिया और उसे भोजन एवं जलपान उपलब्ध कराया। इसके बाद उसे सुरक्षित रूप से थाने लाया गया, जहां उससे शांतिपूर्वक और विस्तार से पूछताछ की गई।

पूछताछ के दौरान युवक ने अपने मामा कृष्ण पाल शर्मा का नाम और एक मोबाइल नंबर बताया। पुलिस ने तत्काल उस नंबर पर संपर्क किया। बातचीत के दौरान युवक के पिता वीरपाल शर्मा ने पुष्टि की कि आशीष उनका पुत्र है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने लखनऊ गया था और वापस घर नहीं लौटा था। परिवार पिछले कई दिनों से उसकी तलाश कर रहा था और काफी चिंतित था।

महिगवां पुलिस ने युवक के पिता को जानकारी दी कि उनका बेटा पूरी तरह सुरक्षित है और थाना महिगवां में मौजूद है। सूचना मिलते ही परिजन थाने पहुंचे। आवश्यक कानूनी और औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने आशीष शर्मा को सकुशल उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया।

अपने बेटे को सुरक्षित पाकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने महिगवां पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार के लिए आभार व्यक्त किया।

इस सराहनीय कार्यवाही में थाना महिगवां के थानाध्यक्ष राधे श्याम मौर्य, उपनिरीक्षक सतीश सिंह, उपनिरीक्षक अमित सिंह, कांस्टेबल लाल बहादुर और अरविंद कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

महिगवां पुलिस की यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था के प्रति उसकी जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि पुलिस समाज में जरूरतमंद लोगों के लिए एक भरोसेमंद सहारा बनकर खड़ी है। मानवता और जनसेवा का यह उदाहरण लोगों के बीच पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत करता है।