रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।
इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।
इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।
इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।
देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी
महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।
देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।
कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।
इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।
मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।
हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।
पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।
कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।
रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।
इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।
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