प्रवासी सम्मेलन में पूर्वांचल से हो रहे पलायन को रोकने पर हुआ विमर्श
मुंगरा बादशाहपुर। नगर में पहली बार प्रवासी सम्मेलन का आयोजन करके मुंबई में रह रहे प्रवासियों ने पूर्वांचल से पलायन रोकने की पहल की। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में प्रवासी उद्योगपतियों के अलावा स्थानीय राजनेताओं की उपस्थिति रही। इस दौरान जौनपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही के प्रवासी मौजूद रहे। सम्मेलन में आए सभी वक्ताओं ने प्रवासी उद्योगपतियों से अपील किया कि रोजगार के मामले में सरकार के सहारे रहने की जरूरत नहीं है। इसके लिए ख़ुद आगे आना होगा। जरूरी है कि सभी लोग अपने जिलों में भी उद्योग लगायें, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से काम मिल सके। इसके साथ ही महानगरों में स्थापित बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को आमंत्रित करके रोजगार मेला लगाने का भी निश्चय किया गया। इस अवसर पर मडियाहूं के विधायक डा आर के पटेल, रानीगंज के वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मिश्रा, मुंगरा बादशाहपुर भाजपा के पूर्व प्रत्याशी अजय शंकर दुबे, बसपा नेता विनोद मिश्रा, भाजपा नेता मनोज द्विवेदी, समाजसेवी डा अमर मिश्रा, युवा उद्यमी आनंद पांडेय, राहुल दूबे, भदोही के वरिष्ठ पत्रकार हरीश सिंह, वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक परमेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकिंकर पांडेय, भाजपा नेत्री अर्चना शुक्ला, किरन मौर्या, महेंद्र पांडेय, कमलाकांत पांडेय समेत कई गांवों के प्रधान, बीडीसी सदस्य एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश त्रिपाठी ने किया और आयोजन की व्यवस्था में संपादक राजेश उपाध्याय एवं अभिज्ञान उपाध्याय एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता में ग्राम प्रधान तरहठी चंद्रेश गुप्ता, भाजपा नेता भरत तिवारी, बीडीसी सदस्य संतोष उपाध्याय, पूर्व बीडीसी विद्याधर शुक्ल, अमित दूबे, अमरीश दुबे आदि का योगदान रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी भोलानाथ मिश्रा, सतहरिया प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद दुबे, युवा अधिवक्ता विष्णु कांत तिवारी और हाल ही में पीसीएस में चयनित तरहठी निवासी करुणाशंकर शुक्ला के परिजनों का सम्मान भी किया गया।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
श्रावस्ती में आयुक्त का जनसंपर्क एवं निरीक्षण अभियान, जनसुनवाई से लेकर निर्माण कार्यों तक की गहन समीक्षा
*जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण, बाढ़ तैयारियों की समीक्षा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर आयुक्त सख्त*

*गोण्डा , 08 मई 2026* — देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती जनपद के दौरे के दौरान जनसुनवाई, विभागीय समीक्षा, निर्माण कार्यों के निरीक्षण तथा “संध्या संवाद कार्यक्रम” में प्रतिभाग कर आमजन से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आयुक्त ने जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा भी की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के समन्वय की जानकारी प्राप्त की। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यवस्थाएं पूर्व से ही सक्रिय एवं सुदृढ़ रखी जाएं।

आयुक्त ने सभी विभागों के कर्मचारियों एवं पेंशनरों (वरिष्ठ नागरिकों) की विभागीय एवं पेंशन संबंधी समस्याओं की भी सुनवाई की। कई पेंशनधारकों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा जीपीएफ, पेंशन एवं अन्य देयकों के भुगतान लंबित होने की शिकायत प्रस्तुत की गई। इस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों के कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सभी लंबित देय भुगतान प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुनिश्चित किए जाएं।

निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आयुक्त ने जनपद में विभिन्न निर्माणाधीन एवं नवनिर्मित परियोजनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मियों के लिए बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने श्रावस्ती में संचालित पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की परख की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन, बुद्ध वनम पार्क, डोरमेट्री, गेट पिलर, पार्किंग तथा इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया।
आयुक्त ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा अतिरिक्त मैनपॉवर लगाकर सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, इसलिए सभी कार्य गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ पूरे किए जाएं।

*दौरे के दौरान आयुक्त ने सीता द्वार मंदिर पहुंचकर दर्शन किया तथा मंदिर की पौराणिक एवं धार्मिक मान्यताओं की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि यह स्थल माता सीता से जुड़ी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है तथा स्थानीय जनमानस में इसकी विशेष धार्मिक मान्यता है।*

इसके उपरांत आयुक्त ने टेण्डवा महन्थ में *आयोजित “संध्या संवाद कार्यक्रम”* में प्रतिभाग कर ग्रामीणों एवं आमजन से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया गया तथा योजनाओं की जानकारी आमजन को उपलब्ध कराई गई।

आयुक्त ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए तथा दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर जनपद स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो का ज्ञापन सोपा।
नैनी-प्रयागराज/गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27/04/26 समय प्रातः11 बजे सैकड़ो गोभक्त करछना तहसील में पहुंच कर गोवत्स-गोवत्सा के साथ संकीर्तन करते हुए S.D.M महोदय को 5000 लोगों का हस्ताक्षर युक्त चार सेट (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल,मुख्यमंत्री)गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए विनयपूर्वक ज्ञापन सोपा है कि गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो और गोमाता को एक उचित सम्मान दिलाना चाहते है गो स्वयंसेवको ने प्रचंड धूप में भी उपस्थित रहे।
गो स्वयंसेवको ने कहा कि अपने आने वाले बच्चों के लिए,अपने सनातन को मजबूत बनाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सनातन के लिए बहुत किया है अब बारी हमारी है हमें कुछ करना है भारतीय संस्कृति सभ्यता सनातन के लिए हो जाए तैयार।
ज्ञापन देने वालों में उपस्थित रहे राजा रामदास फलारी आश्रम,सरदार पतविंदर सिंह,धर्मेंद्र स्वामी,दीपक कुमार सिंह,हेरम्व शास्त्री,अनिल सिंह चौहान, लल्लू पंडित,प्रतीक शर्मा,सुमित अग्रवाल, विक्रान्त पांडे, शिवांगी मिश्रा, शिवम केसरवानी,व्यास अंकित ओझा,काशी दास,हरमनजी सिह  सहित गोभक्त कई अतिविशिष्ट, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
तीस्ता प्रोजेक्ट पर बांग्लादेश ने चीन से मांगी मदद, ढाका-बीजिंग नजदीकी भारत के लिए क्यों चिंता का विषय?

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भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता नदी के पानी को लेकर चल रहे दशकों पुराना विवाद में अब चीन की एंट्री हो गई है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की नई सरकार ने तीस्ता नदी पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक तौर पर चीन से समर्थन मांगा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने खुद कबूल किया है कि उनकी सरकार तीस्ता प्रोजेक्ट के लिए चीन से बातचीत कर रही है।

बुधवार को बीजिंग में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक में तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट (TRCMRP) पर चर्चा हुई। इसकी जानकारी बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने दी। 

चीन का बांग्लादेश सरकार के प्रति समर्थन

बैठक में वांग यी ने नई बांग्लादेश सरकार के प्रति चीन का समर्थन जताते हुए कहा कि चीन, बेल्ट एंड रोड सहयोग को बांग्लादेश की विकास रणनीतियों के साथ जोड़ने और आर्थिक, बुनियादी ढांचे व लोगों के बीच संपर्क जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन बांग्लादेश में निवेश के लिए अपनी कंपनियों को भी प्रोत्साहित करेगा।

ढाका कके लिए चीन का ‘मास्टरप्लान’

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि वो भारत के साथ तीस्ता समझौते की उम्मीद तो रखते हैं, लेकिन हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि चीन ने तीस्ता नदी के मैनेजमेंट और उसके किनारों के विकास के लिए एक अरब डॉलर का भारी-भरकम ‘मास्टरप्लान’ तैयार किया है। बांग्लादेश इस प्रोजेक्ट को लेकर बीजिंग के साथ लगातार संपर्क में है।

क्यों भारत के लिए है चिंता का विषय

बता दें कि तीस्ता नदी भारत के ‘चिकन नेक’ यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब से बहती है। ये वही इलाका है जो नॉर्थ-ईस्ट को बाकी भारत से जोड़ता है। अगर चीन इस इलाके में तीस्ता प्रोजेक्ट के नाम पर घुसता है तो उसके इंजीनियर और मशीनें भारत के इस सेंसेटिव एरिया के पास मौजूद होंगी। विकास के बहाने चीन इस संवेदनशील बॉर्डर इलाके में अपनी पैठ बना लेगा और भारत की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखेगा।

“हमारी जनगणना-हमारा विकास” : केशव प्रसाद मौर्य ने भरा डिजिटल स्वगणना फार्म

* उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर सहभागिता की अपील

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत अपने कैंप कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर डिजिटल माध्यम से स्वगणना फार्म भरकर प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की।
उप मुख्यमंत्री ने “हमारी जनगणना-हमारा विकास” के संकल्प के साथ प्रदेश में 7 मई से प्रारंभ हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के तहत स्वयं डिजिटल फार्म भरते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक सही एवं प्रमाणिक जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में योगदान दे।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस बार जनगणना के साथ जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। प्रथम चरण में भवनों एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उन्होंने बताया कि आमजन को 21 मई 2026 तक स्वगणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि सही जनगणना सर्वांगीण एवं सुनियोजित विकास का मजबूत आधार है। जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़ों के आधार पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणें पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनी है।
इस अवसर पर जनगणना कार्य, उत्तर प्रदेश की निदेशक शीतल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री को “भारत की जनगणना” विषयक स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा जनगणना के प्रति लोगों को जागरूक और प्रेरित करने हेतु उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जनगणना के दोनों चरणों के सफल संचालन के लिए कार्मिकों का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है।
महाकाल से तिरुपति तक दर्शन का अवसर, हरदोई होकर गुजरेंगी आईआरसीटीसी की विशेष ट्रेनें
रितेश मिश्रा
हरदोई गर्मियों की छुट्टियों में धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। आईआरसीटीसी ने भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से दो विशेष धार्मिक यात्राओं की घोषणा की है, जिनका लाभ हरदोई रेलवे स्टेशन से भी लिया जा सकेगा। स्कूलों में अवकाश शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में परिवार तीर्थ यात्रा की तैयारी करते हैं। ऐसे में हरदोई समेत आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी राहत देने वाली मानी जा रही है।पहली यात्रा 12 जून 2026 से 23 जून 2026 तक संचालित होगी। यह 11 रात और 12 दिन की यात्रा होगी, जिसमें श्रद्धालु देश के सात प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकेंगे। इस विशेष ट्रेन का संचालन योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से किया जाएगा और रास्ते में हरदोई रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों के चढ़ने और उतरने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।यात्रा के दौरान उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, ओंकारेश्वर, गुजरात का द्वारकाधीश मंदिर, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, नासिक का त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर और संभाजी नगर स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे। इसके अलावा पंचवटी, कालाराम मंदिर और अन्य स्थानीय धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी शामिल रहेगा।

*ईएमआई की भी सुविधा उपलब्ध*
दूसरी धार्मिक यात्रा 29 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक प्रस्तावित है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इसमें तिरुपति बालाजी मंदिर, रामेश्वरम स्थित रामनाथ स्वामी मंदिर, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी तथा मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग शामिल हैं। यह ट्रेन भी हरदोई रेलवे स्टेशन से होकर गुजरेगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को सीधे अपने जिले से यात्रा शुरू करने का अवसर मिलेगा।आईआरसीटीसी की ओर से यात्रियों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में पैकेज तय किए गए हैं। स्लीपर क्लास, थर्ड एसी और सेकेंड एसी में यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। पैकेज में ट्रेन यात्रा के साथ शाकाहारी भोजन, स्थानीय भ्रमण के लिए बस सुविधा और ठहरने की व्यवस्था भी शामिल की गई है।गर्मी की छुट्टियों में अक्सर परिवार धार्मिक स्थलों की यात्रा की योजना बनाते हैं, लेकिन लंबी दूरी की टिकट और ठहरने की व्यवस्था बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में एक ही पैकेज में यात्रा, भोजन और दर्शन की सुविधा मिलने से हरदोई के यात्रियों में उत्साह देखा जा रहा है। रेलवे स्टेशन पर भी इस योजना को लेकर यात्रियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।वायु नंदन शुक्ला जॉइंट जनरल मैनेजर टूरिज्म आईआरसीटीसी के अनुसार यात्रा की बुकिंग “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर की जाएगी। इच्छुक यात्री लखनऊ स्थित पर्यटन भवन कार्यालय के अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी बुकिंग करा सकते हैं। साथ ही एलटीसी और ईएमआई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक यात्रा का लाभ उठा सकें। भारत गौरव पर्यटक ट्रेन में स्वच्छ शाकाहारी भोजन की व्यवस्था के साथ सुरक्षा के व्यापक व्यवस्था की गई है हर कोच में सुरक्षा की व्यवस्था रहेगी ऑन बोर्ड कैटरिंग स्टाफ सफाई कर्मचारी की उपस्थिति रहेगी साथ ज्योतिर्लिंग और दक्षिण भारत की यात्रा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के एक कोच में मंदिर भी बनाया है जहां सुबह-शाम आरती होती है और लोग भजन कीर्तन करते हुए अपने तीर्थ यात्रा पूरी करते हैं। वायु नंदन शुक्ला ने कहा कि अधिक जानकारी के लिए आईआरसीटीसी के वेबसाइट और टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर अपनी यात्रा को बुक कर सकते हैं।
रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य डॉ गौरव अग्रवाल ने सभी मुख्य आगुंतकों को पुष्प गुच्छ और भक्त प्रहलाद स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर आईआरसीटीसी से नवनीत गोयल सीएमआई अंबुज मिश्रा स्टेशन अधीक्षक नरसी लाल मीणा सीएमआई मुरलीधर समाज स्टेशन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
चेरी के खेत में छुपे तेंदुए का 4 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, वन विभाग ने किया काबू
मेरठ। बहसूमा क्षेत्र के गांव मोड़ कला में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब किसान लोकेंद्र मास्टर के खेत में एक तेंदुआ पेड़ पर बैठा दिखाई दिया। सूचना फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। इसी दौरान गांव के कुत्तों ने तेंदुए का पीछा करना शुरू कर दिया, जिससे घबराकर तेंदुआ पेड़ से उतरकर पास के चेरी के खेत में जाकर छुप गया।

घटना की जानकारी मिलते ही हस्तिनापुर वन रेंज की टीम मौके पर पहुंची। वन रेंजर खुशबू उपाध्याय के नेतृत्व में दरोगा अंकित कुमार, अतुल स्वामी सहित वन विभाग की टीम ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया। सुरक्षा के मद्देनजर खेतों के चारों ओर जाल लगाए गए और ग्रामीणों को दूर रहने की सलाह दी गई। करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम ने तेंदुए को बेहोशी का इंजेक्शन देकर काबू में कर लिया।

रेस्क्यू अभियान में थाना बहसूमा की रामराज चौकी पुलिस की भी अहम भूमिका रही। चौकी इंचार्ज आशीष यादव, उप निरीक्षक धर्मवीर सिंह और कांस्टेबल सुधीर कुमार लगातार मौके पर मौजूद रहे तथा ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा।

तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में बंद कर हस्तिनापुर वन रेंज ले जाया गया। अभियान के दौरान गांव में दहशत का माहौल बना रहा। मौके पर विकास कुमार, अमरजीत सिंह, इंद्रपाल, लोकेंद्र और विपिन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस टीम की सूझबूझ व बहादुरी की सराहना की।
सुदनीपुर विद्युत लाइन में सरायमीर लाइन जोड़ने के विरोध में क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन


वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।  सुदनीपुर विद्युत उपकेंद्र की लाइन में सरायमीर की नई 33 केवी लाइन जोड़ने की प्रस्तावित कार्यवाही के विरोध में क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर इस पर रोक लगाने की मांग की है।ज्ञापन में कहा गया है कि विद्युत उपकेंद्र सुदनीपुर से नगर पंचायत फूलपुर सहित करीब 25 से 30 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। गर्मी के दिनों में पहले से ही ओवरलोडिंग की समस्या बनी रहती है। वर्तमान में सुदनीपुर उपकेंद्र 132 केवी फूलपुर से 33 केवी की स्वतंत्र लाइन से जुड़ा हुआ है, जिससे क्षेत्र में सुचारु विद्युत आपूर्ति हो रही है।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि सरायमीर विद्युत उपकेंद्र के लिए नई 33 केवी लाइन का निर्माण कार्य पिछले पांच वर्षों से विभागीय शिथिलता के कारण लंबित पड़ा है।

अब विभाग उस लाइन को सुदनीपुर की लाइन से जोड़ने का विकल्प तलाश रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसा होने पर सुदनीपुर उपकेंद्र की लाइन पर अतिरिक्त भार बढ़ जाएगा और क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बाधित हो सकती है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर सरायमीर की नई लाइन को सीधे 132 केवी फूलपुर तक पूर्ण कराया जाए, ताकि क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनी रहे।
ज्ञापन देने वालों में अखिलेश कुमार, अरविंद कुमार चौधरी, सुरज, विशाल रामसर, सलीम वामर, नरेन्द्र गुप्त, राकेश गौतम, ओमपाल यादव, संजय यादव, विजय यादव, सुनील, पप्पू, विशाल शंकर, राम आशीष, प्रमोद विश्वकर्मा, महेंद्र पाल तथा धूपचंद गौतमवाल सहित अन्य क्षेत्रवासी शामिल रहे।


ज्ञापन की प्रतिलिपि सदस्य विधान परिषद विजयबहादुर पाठक तथा विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर को भी प्रेषित की गई
मंडी समिति कार्यालय पहुंचे व्यापारियों ने की मुलाकात तथा मंडी की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। मंडी समिति में डिप्टी डायरेक्टर सहारनपुर देवेंद्र वर्मा, डीडीसी नितिन शर्मा, सचिव वीरेंद्र कुमार चंदेल, पूर्व सचिव कुलदीप सिंह एवं निर्माण विभाग के जेई से घटना स्थल व मंडी समिति कार्यालय पहुंचकर मुलाकात की तथा मंडी की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया।
इस दौरान मंडी में आग लगने से प्रभावित दुकान एवं उसके आसपास क्षतिग्रस्त दुकानों का जल्द से जल्द निर्माण एवं मरम्मत कराने की मांग रखी गई। साथ ही तिकोनी मंडी में शेष रह रहे फड़ों, मंडी की टूटी एवं अधूरी सड़कों के छोटे-छोटे हिस्सों के निर्माण, प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण स्ट्रीट लाइट लगवाने तथा बारिश के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग भी अधिकारियों के समक्ष रखी गई।
अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया कि सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाएगा तथा आवश्यक निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किए जाएंगे।

इस अवसर पर संजय मिश्रा एवं मनीष चौधरी ने भी अधिकारियों से मुलाकात कर व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
प्रवासी सम्मेलन में पूर्वांचल से हो रहे पलायन को रोकने पर हुआ विमर्श
मुंगरा बादशाहपुर। नगर में पहली बार प्रवासी सम्मेलन का आयोजन करके मुंबई में रह रहे प्रवासियों ने पूर्वांचल से पलायन रोकने की पहल की। इस कार्यक्रम में भारी संख्या में प्रवासी उद्योगपतियों के अलावा स्थानीय राजनेताओं की उपस्थिति रही। इस दौरान जौनपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज और भदोही के प्रवासी मौजूद रहे। सम्मेलन में आए सभी वक्ताओं ने प्रवासी उद्योगपतियों से अपील किया कि रोजगार के मामले में सरकार के सहारे रहने की जरूरत नहीं है। इसके लिए ख़ुद आगे आना होगा। जरूरी है कि सभी लोग अपने जिलों में भी उद्योग लगायें, ताकि युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से काम मिल सके। इसके साथ ही महानगरों में स्थापित बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों को आमंत्रित करके रोजगार मेला लगाने का भी निश्चय किया गया। इस अवसर पर मडियाहूं के विधायक डा आर के पटेल, रानीगंज के वरिष्ठ भाजपा नेता पंकज मिश्रा, मुंगरा बादशाहपुर भाजपा के पूर्व प्रत्याशी अजय शंकर दुबे, बसपा नेता विनोद मिश्रा, भाजपा नेता मनोज द्विवेदी, समाजसेवी डा अमर मिश्रा, युवा उद्यमी आनंद पांडेय, राहुल दूबे, भदोही के वरिष्ठ पत्रकार हरीश सिंह, वेस्टर्न ऑब्जर्वर के संपादक परमेंद्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य रामकिंकर पांडेय, भाजपा नेत्री अर्चना शुक्ला, किरन मौर्या, महेंद्र पांडेय, कमलाकांत पांडेय समेत कई गांवों के प्रधान, बीडीसी सदस्य एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुकेश त्रिपाठी ने किया और आयोजन की व्यवस्था में संपादक राजेश उपाध्याय एवं अभिज्ञान उपाध्याय एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम की सफलता में ग्राम प्रधान तरहठी चंद्रेश गुप्ता, भाजपा नेता भरत तिवारी, बीडीसी सदस्य संतोष उपाध्याय, पूर्व बीडीसी विद्याधर शुक्ल, अमित दूबे, अमरीश दुबे आदि का योगदान रहा। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी भोलानाथ मिश्रा, सतहरिया प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद दुबे, युवा अधिवक्ता विष्णु कांत तिवारी और हाल ही में पीसीएस में चयनित तरहठी निवासी करुणाशंकर शुक्ला के परिजनों का सम्मान भी किया गया।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
श्रावस्ती में आयुक्त का जनसंपर्क एवं निरीक्षण अभियान, जनसुनवाई से लेकर निर्माण कार्यों तक की गहन समीक्षा
*जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण, बाढ़ तैयारियों की समीक्षा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर आयुक्त सख्त*

*गोण्डा , 08 मई 2026* — देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती जनपद के दौरे के दौरान जनसुनवाई, विभागीय समीक्षा, निर्माण कार्यों के निरीक्षण तथा “संध्या संवाद कार्यक्रम” में प्रतिभाग कर आमजन से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आयुक्त ने जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा भी की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के समन्वय की जानकारी प्राप्त की। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यवस्थाएं पूर्व से ही सक्रिय एवं सुदृढ़ रखी जाएं।

आयुक्त ने सभी विभागों के कर्मचारियों एवं पेंशनरों (वरिष्ठ नागरिकों) की विभागीय एवं पेंशन संबंधी समस्याओं की भी सुनवाई की। कई पेंशनधारकों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा जीपीएफ, पेंशन एवं अन्य देयकों के भुगतान लंबित होने की शिकायत प्रस्तुत की गई। इस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों के कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सभी लंबित देय भुगतान प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुनिश्चित किए जाएं।

निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आयुक्त ने जनपद में विभिन्न निर्माणाधीन एवं नवनिर्मित परियोजनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मियों के लिए बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने श्रावस्ती में संचालित पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की परख की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन, बुद्ध वनम पार्क, डोरमेट्री, गेट पिलर, पार्किंग तथा इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया।
आयुक्त ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा अतिरिक्त मैनपॉवर लगाकर सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, इसलिए सभी कार्य गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ पूरे किए जाएं।

*दौरे के दौरान आयुक्त ने सीता द्वार मंदिर पहुंचकर दर्शन किया तथा मंदिर की पौराणिक एवं धार्मिक मान्यताओं की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि यह स्थल माता सीता से जुड़ी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है तथा स्थानीय जनमानस में इसकी विशेष धार्मिक मान्यता है।*

इसके उपरांत आयुक्त ने टेण्डवा महन्थ में *आयोजित “संध्या संवाद कार्यक्रम”* में प्रतिभाग कर ग्रामीणों एवं आमजन से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया गया तथा योजनाओं की जानकारी आमजन को उपलब्ध कराई गई।

आयुक्त ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए तथा दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर जनपद स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो का ज्ञापन सोपा।
नैनी-प्रयागराज/गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27/04/26 समय प्रातः11 बजे सैकड़ो गोभक्त करछना तहसील में पहुंच कर गोवत्स-गोवत्सा के साथ संकीर्तन करते हुए S.D.M महोदय को 5000 लोगों का हस्ताक्षर युक्त चार सेट (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल,मुख्यमंत्री)गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए विनयपूर्वक ज्ञापन सोपा है कि गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो और गोमाता को एक उचित सम्मान दिलाना चाहते है गो स्वयंसेवको ने प्रचंड धूप में भी उपस्थित रहे।
गो स्वयंसेवको ने कहा कि अपने आने वाले बच्चों के लिए,अपने सनातन को मजबूत बनाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सनातन के लिए बहुत किया है अब बारी हमारी है हमें कुछ करना है भारतीय संस्कृति सभ्यता सनातन के लिए हो जाए तैयार।
ज्ञापन देने वालों में उपस्थित रहे राजा रामदास फलारी आश्रम,सरदार पतविंदर सिंह,धर्मेंद्र स्वामी,दीपक कुमार सिंह,हेरम्व शास्त्री,अनिल सिंह चौहान, लल्लू पंडित,प्रतीक शर्मा,सुमित अग्रवाल, विक्रान्त पांडे, शिवांगी मिश्रा, शिवम केसरवानी,व्यास अंकित ओझा,काशी दास,हरमनजी सिह  सहित गोभक्त कई अतिविशिष्ट, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
तीस्ता प्रोजेक्ट पर बांग्लादेश ने चीन से मांगी मदद, ढाका-बीजिंग नजदीकी भारत के लिए क्यों चिंता का विषय?

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भारत और बांग्लादेश के बीच तीस्ता नदी के पानी को लेकर चल रहे दशकों पुराना विवाद में अब चीन की एंट्री हो गई है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की नई सरकार ने तीस्ता नदी पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक तौर पर चीन से समर्थन मांगा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने खुद कबूल किया है कि उनकी सरकार तीस्ता प्रोजेक्ट के लिए चीन से बातचीत कर रही है।

बुधवार को बीजिंग में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक में तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट (TRCMRP) पर चर्चा हुई। इसकी जानकारी बांग्लादेश की सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने दी। 

चीन का बांग्लादेश सरकार के प्रति समर्थन

बैठक में वांग यी ने नई बांग्लादेश सरकार के प्रति चीन का समर्थन जताते हुए कहा कि चीन, बेल्ट एंड रोड सहयोग को बांग्लादेश की विकास रणनीतियों के साथ जोड़ने और आर्थिक, बुनियादी ढांचे व लोगों के बीच संपर्क जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन बांग्लादेश में निवेश के लिए अपनी कंपनियों को भी प्रोत्साहित करेगा।

ढाका कके लिए चीन का ‘मास्टरप्लान’

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने साफ कर दिया है कि वो भारत के साथ तीस्ता समझौते की उम्मीद तो रखते हैं, लेकिन हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि चीन ने तीस्ता नदी के मैनेजमेंट और उसके किनारों के विकास के लिए एक अरब डॉलर का भारी-भरकम ‘मास्टरप्लान’ तैयार किया है। बांग्लादेश इस प्रोजेक्ट को लेकर बीजिंग के साथ लगातार संपर्क में है।

क्यों भारत के लिए है चिंता का विषय

बता दें कि तीस्ता नदी भारत के ‘चिकन नेक’ यानी सिलिगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब से बहती है। ये वही इलाका है जो नॉर्थ-ईस्ट को बाकी भारत से जोड़ता है। अगर चीन इस इलाके में तीस्ता प्रोजेक्ट के नाम पर घुसता है तो उसके इंजीनियर और मशीनें भारत के इस सेंसेटिव एरिया के पास मौजूद होंगी। विकास के बहाने चीन इस संवेदनशील बॉर्डर इलाके में अपनी पैठ बना लेगा और भारत की सैन्य गतिविधियों पर नजर रखेगा।

“हमारी जनगणना-हमारा विकास” : केशव प्रसाद मौर्य ने भरा डिजिटल स्वगणना फार्म

* उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर सहभागिता की अपील

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत अपने कैंप कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर डिजिटल माध्यम से स्वगणना फार्म भरकर प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की।
उप मुख्यमंत्री ने “हमारी जनगणना-हमारा विकास” के संकल्प के साथ प्रदेश में 7 मई से प्रारंभ हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के तहत स्वयं डिजिटल फार्म भरते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक सही एवं प्रमाणिक जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में योगदान दे।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस बार जनगणना के साथ जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। प्रथम चरण में भवनों एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उन्होंने बताया कि आमजन को 21 मई 2026 तक स्वगणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि सही जनगणना सर्वांगीण एवं सुनियोजित विकास का मजबूत आधार है। जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़ों के आधार पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणें पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनी है।
इस अवसर पर जनगणना कार्य, उत्तर प्रदेश की निदेशक शीतल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री को “भारत की जनगणना” विषयक स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा जनगणना के प्रति लोगों को जागरूक और प्रेरित करने हेतु उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जनगणना के दोनों चरणों के सफल संचालन के लिए कार्मिकों का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है।
महाकाल से तिरुपति तक दर्शन का अवसर, हरदोई होकर गुजरेंगी आईआरसीटीसी की विशेष ट्रेनें
रितेश मिश्रा
हरदोई गर्मियों की छुट्टियों में धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। आईआरसीटीसी ने भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से दो विशेष धार्मिक यात्राओं की घोषणा की है, जिनका लाभ हरदोई रेलवे स्टेशन से भी लिया जा सकेगा। स्कूलों में अवकाश शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में परिवार तीर्थ यात्रा की तैयारी करते हैं। ऐसे में हरदोई समेत आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी राहत देने वाली मानी जा रही है।पहली यात्रा 12 जून 2026 से 23 जून 2026 तक संचालित होगी। यह 11 रात और 12 दिन की यात्रा होगी, जिसमें श्रद्धालु देश के सात प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकेंगे। इस विशेष ट्रेन का संचालन योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से किया जाएगा और रास्ते में हरदोई रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों के चढ़ने और उतरने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।यात्रा के दौरान उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, ओंकारेश्वर, गुजरात का द्वारकाधीश मंदिर, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, नासिक का त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर और संभाजी नगर स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे। इसके अलावा पंचवटी, कालाराम मंदिर और अन्य स्थानीय धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी शामिल रहेगा।

*ईएमआई की भी सुविधा उपलब्ध*
दूसरी धार्मिक यात्रा 29 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक प्रस्तावित है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इसमें तिरुपति बालाजी मंदिर, रामेश्वरम स्थित रामनाथ स्वामी मंदिर, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी तथा मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग शामिल हैं। यह ट्रेन भी हरदोई रेलवे स्टेशन से होकर गुजरेगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को सीधे अपने जिले से यात्रा शुरू करने का अवसर मिलेगा।आईआरसीटीसी की ओर से यात्रियों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में पैकेज तय किए गए हैं। स्लीपर क्लास, थर्ड एसी और सेकेंड एसी में यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। पैकेज में ट्रेन यात्रा के साथ शाकाहारी भोजन, स्थानीय भ्रमण के लिए बस सुविधा और ठहरने की व्यवस्था भी शामिल की गई है।गर्मी की छुट्टियों में अक्सर परिवार धार्मिक स्थलों की यात्रा की योजना बनाते हैं, लेकिन लंबी दूरी की टिकट और ठहरने की व्यवस्था बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में एक ही पैकेज में यात्रा, भोजन और दर्शन की सुविधा मिलने से हरदोई के यात्रियों में उत्साह देखा जा रहा है। रेलवे स्टेशन पर भी इस योजना को लेकर यात्रियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।वायु नंदन शुक्ला जॉइंट जनरल मैनेजर टूरिज्म आईआरसीटीसी के अनुसार यात्रा की बुकिंग “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर की जाएगी। इच्छुक यात्री लखनऊ स्थित पर्यटन भवन कार्यालय के अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी बुकिंग करा सकते हैं। साथ ही एलटीसी और ईएमआई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक यात्रा का लाभ उठा सकें। भारत गौरव पर्यटक ट्रेन में स्वच्छ शाकाहारी भोजन की व्यवस्था के साथ सुरक्षा के व्यापक व्यवस्था की गई है हर कोच में सुरक्षा की व्यवस्था रहेगी ऑन बोर्ड कैटरिंग स्टाफ सफाई कर्मचारी की उपस्थिति रहेगी साथ ज्योतिर्लिंग और दक्षिण भारत की यात्रा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के एक कोच में मंदिर भी बनाया है जहां सुबह-शाम आरती होती है और लोग भजन कीर्तन करते हुए अपने तीर्थ यात्रा पूरी करते हैं। वायु नंदन शुक्ला ने कहा कि अधिक जानकारी के लिए आईआरसीटीसी के वेबसाइट और टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर अपनी यात्रा को बुक कर सकते हैं।
रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य डॉ गौरव अग्रवाल ने सभी मुख्य आगुंतकों को पुष्प गुच्छ और भक्त प्रहलाद स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर आईआरसीटीसी से नवनीत गोयल सीएमआई अंबुज मिश्रा स्टेशन अधीक्षक नरसी लाल मीणा सीएमआई मुरलीधर समाज स्टेशन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
चेरी के खेत में छुपे तेंदुए का 4 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, वन विभाग ने किया काबू
मेरठ। बहसूमा क्षेत्र के गांव मोड़ कला में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब किसान लोकेंद्र मास्टर के खेत में एक तेंदुआ पेड़ पर बैठा दिखाई दिया। सूचना फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। इसी दौरान गांव के कुत्तों ने तेंदुए का पीछा करना शुरू कर दिया, जिससे घबराकर तेंदुआ पेड़ से उतरकर पास के चेरी के खेत में जाकर छुप गया।

घटना की जानकारी मिलते ही हस्तिनापुर वन रेंज की टीम मौके पर पहुंची। वन रेंजर खुशबू उपाध्याय के नेतृत्व में दरोगा अंकित कुमार, अतुल स्वामी सहित वन विभाग की टीम ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया। सुरक्षा के मद्देनजर खेतों के चारों ओर जाल लगाए गए और ग्रामीणों को दूर रहने की सलाह दी गई। करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम ने तेंदुए को बेहोशी का इंजेक्शन देकर काबू में कर लिया।

रेस्क्यू अभियान में थाना बहसूमा की रामराज चौकी पुलिस की भी अहम भूमिका रही। चौकी इंचार्ज आशीष यादव, उप निरीक्षक धर्मवीर सिंह और कांस्टेबल सुधीर कुमार लगातार मौके पर मौजूद रहे तथा ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा।

तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में बंद कर हस्तिनापुर वन रेंज ले जाया गया। अभियान के दौरान गांव में दहशत का माहौल बना रहा। मौके पर विकास कुमार, अमरजीत सिंह, इंद्रपाल, लोकेंद्र और विपिन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने वन विभाग और पुलिस टीम की सूझबूझ व बहादुरी की सराहना की।
सुदनीपुर विद्युत लाइन में सरायमीर लाइन जोड़ने के विरोध में क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन


वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।  सुदनीपुर विद्युत उपकेंद्र की लाइन में सरायमीर की नई 33 केवी लाइन जोड़ने की प्रस्तावित कार्यवाही के विरोध में क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर इस पर रोक लगाने की मांग की है।ज्ञापन में कहा गया है कि विद्युत उपकेंद्र सुदनीपुर से नगर पंचायत फूलपुर सहित करीब 25 से 30 गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। गर्मी के दिनों में पहले से ही ओवरलोडिंग की समस्या बनी रहती है। वर्तमान में सुदनीपुर उपकेंद्र 132 केवी फूलपुर से 33 केवी की स्वतंत्र लाइन से जुड़ा हुआ है, जिससे क्षेत्र में सुचारु विद्युत आपूर्ति हो रही है।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि सरायमीर विद्युत उपकेंद्र के लिए नई 33 केवी लाइन का निर्माण कार्य पिछले पांच वर्षों से विभागीय शिथिलता के कारण लंबित पड़ा है।

अब विभाग उस लाइन को सुदनीपुर की लाइन से जोड़ने का विकल्प तलाश रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसा होने पर सुदनीपुर उपकेंद्र की लाइन पर अतिरिक्त भार बढ़ जाएगा और क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बाधित हो सकती है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर सरायमीर की नई लाइन को सीधे 132 केवी फूलपुर तक पूर्ण कराया जाए, ताकि क्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनी रहे।
ज्ञापन देने वालों में अखिलेश कुमार, अरविंद कुमार चौधरी, सुरज, विशाल रामसर, सलीम वामर, नरेन्द्र गुप्त, राकेश गौतम, ओमपाल यादव, संजय यादव, विजय यादव, सुनील, पप्पू, विशाल शंकर, राम आशीष, प्रमोद विश्वकर्मा, महेंद्र पाल तथा धूपचंद गौतमवाल सहित अन्य क्षेत्रवासी शामिल रहे।


ज्ञापन की प्रतिलिपि सदस्य विधान परिषद विजयबहादुर पाठक तथा विधान परिषद सदस्य रामसूरत राजभर को भी प्रेषित की गई
मंडी समिति कार्यालय पहुंचे व्यापारियों ने की मुलाकात तथा मंडी की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। मंडी समिति में डिप्टी डायरेक्टर सहारनपुर देवेंद्र वर्मा, डीडीसी नितिन शर्मा, सचिव वीरेंद्र कुमार चंदेल, पूर्व सचिव कुलदीप सिंह एवं निर्माण विभाग के जेई से घटना स्थल व मंडी समिति कार्यालय पहुंचकर मुलाकात की तथा मंडी की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया।
इस दौरान मंडी में आग लगने से प्रभावित दुकान एवं उसके आसपास क्षतिग्रस्त दुकानों का जल्द से जल्द निर्माण एवं मरम्मत कराने की मांग रखी गई। साथ ही तिकोनी मंडी में शेष रह रहे फड़ों, मंडी की टूटी एवं अधूरी सड़कों के छोटे-छोटे हिस्सों के निर्माण, प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण स्ट्रीट लाइट लगवाने तथा बारिश के दौरान जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग भी अधिकारियों के समक्ष रखी गई।
अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिया गया कि सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाएगा तथा आवश्यक निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ किए जाएंगे।

इस अवसर पर संजय मिश्रा एवं मनीष चौधरी ने भी अधिकारियों से मुलाकात कर व्यापारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।