देवघर में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव भव्यता एवं गरिमा के साथ संपन्न।
देवघर:
भगवान भोलेनाथ की पावन नगरी में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव अत्यंत भव्य, अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं आमजन की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशासन, समाज के विभिन्न वर्गों तथा आम नागरिकों के सक्रिय एवं समर्पित सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए मंच की ओर से सभी के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत विधिवत एवं आध्यात्मिक वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण ने पूरे परिसर को भक्तिमय एवं ऊर्जावान बना दिया।
साथ ही “कर्पूर गौरं करुणावतारम्” की मंगल ध्वनि ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। मंचासीन अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ शॉल, शंखनाथ माला एवं सम्मान-चिन भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण विभाग से जुड़े रंजन जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त कई सरकारी पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया।
इस अवसर पर महिला विकास मंच के चेयरमैन पी.के. चौधरी ने अपने विस्तृत एवं प्रभावशाली संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच की स्थापना केवल एक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त अन्याय, असमानता एवं उत्पीड़न के विरुद्ध एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व जो बीज बोया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है, जिसकी शाखाएं देश के कोने-कोने तक फैल चुकी हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला विकास मंच आज केवल महिला उत्पीड़न के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, सामाजिक विसंगतियों एवं मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है। पी.के. चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत, निष्ठा एवं समर्पण के कारण ही आज महिला विकास मंच राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। वहीं महिला विकास मंच की राष्ट्रीय संरक्षक एवं अध्यक्ष वीणा मानवी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। वीणा मानवी ने अपने वक्तव्य में संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंच ने अब तक हजारों पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए, जहां महिलाएं पूरी तरह निराश हो चुकी थीं, लेकिन महिला विकास मंच के सहयोग से उन्होंने न केवल न्याय प्राप्त किया, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा देने में भी सफल रहीं। उन्होंने आगे कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सेवा, समर्पण एवं संघर्ष की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में महिला विकास मंच शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं कानूनी सहायता के क्षेत्र में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी पहल करेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान हाजीपुर से आए समाजसेवी केसले जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से पटना से आए “कान्हा फर्नीचर” के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्होंने समाजिक पहल में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए महिला विकास मंच के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में दिल्ली एनसीआर से आईं डॉ. रितु शर्मा ने मंच संचालन करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महिला विकास मंच ने उनके जीवन में एक नई दिशा प्रदान की और कठिन परिस्थितियों में उनका संबल बना। आज वे एक निजी अस्पताल में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं, जिसका श्रेय वे संस्था एवं उसके नेतृत्व को देती हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आईं अनीता नीतू एवं मधु जी ने महिला सशक्तिकरण के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना समय की आवश्यकता है। रोहतास से आईं राष्ट्रीय अधिवक्ता सीमा सिंह ने अपने संबोधन में महिला एवं पुरुष उत्पीड़न से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला विकास मंच पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान एक अतिथि के पारिवारिक शोक के कारण उनके दिवंगत पिता की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएफ संस्था से जुड़े गुलशन जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच के कार्यकर्ताओं को सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनमें बांस उत्पादों से संबंधित स्टॉल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शुद्धता एवं गुणवत्ता के कारण लोगों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में खरीदारी की। दिनभर चले इस आयोजन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संध्या के समय नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कुरीतियों एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए महिला विकास मंच के संरक्षक के हाथों संस्था के प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मानित किया गया। यह दो दिवसीय महोत्सव 4 एवं 5 अप्रैल को आयोजित किया गया, जिसके दूसरे दिन प्रातः प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इस प्रभात फेरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर महिला विकास मंच के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम देवघर स्थित क्लार्क इन वैष्णवी, पटेल चौक में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक एवं अत्यंत सफल आयोजन बना दिया।


भगवान भोलेनाथ की पावन नगरी में महिला विकास मंच का 11वां वार्षिक महोत्सव अत्यंत भव्य, अनुकरणीय एवं प्रेरणास्पद वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं आमजन की उल्लेखनीय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
आयोजन की सफलता में स्थानीय प्रशासन, समाज के विभिन्न वर्गों तथा आम नागरिकों के सक्रिय एवं समर्पित सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए मंच की ओर से सभी के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत विधिवत एवं आध्यात्मिक वातावरण में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके उपरांत गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण ने पूरे परिसर को भक्तिमय एवं ऊर्जावान बना दिया।
साथ ही “कर्पूर गौरं करुणावतारम्” की मंगल ध्वनि ने आयोजन को दिव्यता प्रदान की, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। मंचासीन अतिथियों का पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ शॉल, शंखनाथ माला एवं सम्मान-चिन भेंट कर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में समाज कल्याण विभाग से जुड़े रंजन जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त कई सरकारी पदाधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताया।
इस अवसर पर महिला विकास मंच के चेयरमैन पी.के. चौधरी ने अपने विस्तृत एवं प्रभावशाली संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच की स्थापना केवल एक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त अन्याय, असमानता एवं उत्पीड़न के विरुद्ध एक व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व जो बीज बोया गया था, वह आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप धारण कर चुका है, जिसकी शाखाएं देश के कोने-कोने तक फैल चुकी हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिला विकास मंच आज केवल महिला उत्पीड़न के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, सामाजिक विसंगतियों एवं मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी गंभीरतापूर्वक कार्य कर रहा है। पी.के. चौधरी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि समाज में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो तथा समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।
उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अथक मेहनत, निष्ठा एवं समर्पण के कारण ही आज महिला विकास मंच राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है। वहीं महिला विकास मंच की राष्ट्रीय संरक्षक एवं अध्यक्ष वीणा मानवी ने अपने विस्तृत एवं प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक क्रांति है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज में महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान एवं सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक विकास की परिकल्पना अधूरी ही रहेगी। वीणा मानवी ने अपने वक्तव्य में संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि मंच ने अब तक हजारों पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने एवं समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले सामने आए, जहां महिलाएं पूरी तरह निराश हो चुकी थीं, लेकिन महिला विकास मंच के सहयोग से उन्होंने न केवल न्याय प्राप्त किया, बल्कि अपने जीवन को एक नई दिशा देने में भी सफल रहीं। उन्होंने आगे कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए सेवा, समर्पण एवं संघर्ष की भावना के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में महिला विकास मंच शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं कानूनी सहायता के क्षेत्र में और अधिक व्यापक एवं प्रभावी पहल करेगा, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके। कार्यक्रम के दौरान हाजीपुर से आए समाजसेवी केसले जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक सशक्त एवं विश्वसनीय माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को एकजुट करने का कार्य करते हैं। विशेष रूप से पटना से आए “कान्हा फर्नीचर” के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया, जिन्होंने समाजिक पहल में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए महिला विकास मंच के कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में दिल्ली एनसीआर से आईं डॉ. रितु शर्मा ने मंच संचालन करते हुए अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महिला विकास मंच ने उनके जीवन में एक नई दिशा प्रदान की और कठिन परिस्थितियों में उनका संबल बना। आज वे एक निजी अस्पताल में सीईओ के पद पर कार्यरत हैं, जिसका श्रेय वे संस्था एवं उसके नेतृत्व को देती हैं। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से आईं अनीता नीतू एवं मधु जी ने महिला सशक्तिकरण के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना समय की आवश्यकता है। रोहतास से आईं राष्ट्रीय अधिवक्ता सीमा सिंह ने अपने संबोधन में महिला एवं पुरुष उत्पीड़न से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला विकास मंच पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों एवं पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान एक अतिथि के पारिवारिक शोक के कारण उनके दिवंगत पिता की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएफ संस्था से जुड़े गुलशन जी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला विकास मंच के कार्यकर्ताओं को सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से चिकित्सा सहायता के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न स्टॉल भी लगाए गए थे, जिनमें बांस उत्पादों से संबंधित स्टॉल ने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शुद्धता एवं गुणवत्ता के कारण लोगों ने इन उत्पादों की सराहना करते हुए बड़ी संख्या में खरीदारी की। दिनभर चले इस आयोजन में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। संध्या के समय नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया, जिसमें सामाजिक कुरीतियों एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा प्रतिभागियों के बीच प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों से आए जिला अध्यक्षों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए महिला विकास मंच के संरक्षक के हाथों संस्था के प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मानित किया गया। यह दो दिवसीय महोत्सव 4 एवं 5 अप्रैल को आयोजित किया गया, जिसके दूसरे दिन प्रातः प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इस प्रभात फेरी के माध्यम से महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इस अवसर पर महिला विकास मंच के अनेक पदाधिकारी, सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम देवघर स्थित क्लार्क इन वैष्णवी, पटेल चौक में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक एवं अत्यंत सफल आयोजन बना दिया।

मुंबई। बृहन्मुंबई महानगर पालिका शिक्षण विभाग द्वारा संचालित एमपीएस हिंदी शाला हनुमान नगर, कांदिवली पूर्व के आदर्श शिक्षक वेद प्रकाश काशीनाथ शुक्ल का 30 मार्च को शाला सभागार में विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व उप शिक्षणाशिकारी अशोक मिश्र ने की। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरसेविका पुष्पा रमेश कलंबे, पूर्व नगरसेविका सुरेखा रमेश पाटिल, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के रीजनल मैनेजर सुनील उपाध्याय, उद्योगपति एसपी दुबे, इंद्रजीत उपाध्याय तथा सम्मानित अतिथि के रूप में प्रमोद मिश्र, विभाग प्रमुख वैभव भरडकर, प्रधानाध्यापक शिवशंकर तिवारी,कवि राम सिंह, बजरंगलाल यादव, प्रधानाध्यापक राकेश पांडेय, समाजसेवी शिवदत्त दुबे उपस्थित रहे। प्रमुख वक्ता के रूप में पूर्व प्रधानाध्यापक रामाशंकर यादव, महापौर पुरस्कृत ईश्वरदेव पाल, डॉ धर्मेंद्र मिश्रा, राजीव त्रिपाठी, श्याम नंदन यादव, लव कुमार मिश्र, अशोक सिंह तथा जितेंद्र तिवारी ने सत्कार मूर्ति के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। विद्यालय परिवार द्वारा वेद प्रकाश शुक्ल के साथ-साथ उनकी धर्मपत्नी उर्मिला देवी का भी सम्मान किया गया। समारोह में श्री शुक्ल की बेटियां खुशबू शुक्ला और प्रिया दुबे के अलावा उनकी बहु रीना शुक्ला उपस्थिति रहीं। कार्यक्रम का सुंदर संचालन राज्य पुरस्कृत पूर्व प्रधानाध्यापक ब्रह्मदेव मिश्र ने किया। संगीत बिसारद राजेश सिंह ने मधुर गीत प्रस्तुत किए। अंत में प्रधानाध्यापिका जान्हवी संखे ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त वेदप्रकाश के पुत्र उत्तम शुक्ल और अनुपम शुक्ल ने आए हुए अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया।
जौनपुर। जनपद में बहुप्रतीक्षित आराध्य भगवान परशुरामजी की भव्य प्रतिमा की स्थापना कर दी गई है। यह प्रतिमा पूर्व में तय स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग 731 के बाईपास ग्राम कुल्हनामऊ तहसील सदर में लगी है। जयपुर से ट्रक द्वारा लाई गई इस प्रतिमा को गुरुवार को श्री हनुमान जन्मोत्सव के दिन कुशल इंजीनियरों और वास्तुकारों ने अपने निर्देशन में स्थापित कर दिया है। इस मूर्ति स्थापना में अपना सम्पूर्ण सहयोग देने वाले पंडित मुरलीधर चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी उद्योगपति प्रमोद पाठक ने बताया भगवान श्री परशुराम के मूर्ति स्थापना के प्रेरक और सूत्रधार बदलापुर के लोकप्रिय विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने मूर्ति स्थापना के पूर्व मूर्ति के आधार स्तम्भ की विधिपूर्वक पूजन अर्चन किया। उन्होंने आराध्य भगवान श्री परशुराम के मूर्ति के पद पर तिलक लगाकर पुष्पहार अर्पण कर विधिवत पूजन करने बाद जयघोष के साथ मूर्ति को स्थापित कर दिया। मूर्ति को आधार स्तम्भ पर स्थापित करने के बाद भगवा रंग के कपड़े से ढक दिया गया है।
ठाणे । नारायण समाज सेवा समिति डोंबिवली के तत्वावधान में गुरुवार 2 अप्रैल 2026 को राम मंदिर रोड हनुमान मंदिर पुरानी डोंबिवली पश्चिम स्थित जानकी नंदन पवन पुत्र हनुमान जी का जन्मोत्सव मनाया गया।हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर रामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ संगीत बद्ध हुआ तत्पश्चात पुरुष एवं महिला भक्तों ने भक्ति गीतों व श्री राम जी एवं हनुमान जी के गुणगानों को गाते हुए जयकारा लगाया जहां संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। आरती हवन पूजन के साथ प्रसाद का आनंद सभी भक्तों ने लिया।उक्त आयोजन में उपस्थित सभी भक्तों का सम्मान रामनामी अंगवस्त्र एवं श्रीराम, सीता मैया,लखन एवं हनुमान जी की प्रतिमा स्वरूप फोटो फ्रेम देकर किया गया।उक्त कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति गायत्री परिवार डोंबिवली की श्रीमती संध्या पाटील डोंबिवलीकर,कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप सह पत्नी श्रीमती रेनु शर्मा, सरिता कमलेश सेठ,मनोज शिव तिवारी की रही।उक्त कार्यक्रम का आयोजन नंदलाल चौबे, सुरेश मिश्रा,मुरारी हजारी लाल गुप्ता,आनंद गुप्ता,नंदु गुप्ता, स्वतंत्र शुक्ला, अशोक तिवारी, शशिभूषण दुबे,गौरव दुबे, कामता प्रसाद गुप्ता, सोनू गुप्ता, बबीता गुप्ता,रुबी सिंह, अनीता देवी, मुन्नी गुप्ता, अशोक दुबे, अखिलेश तिवारी, गदाधर दुबे, सुशील शुक्ला, नरेंद्र सिंह, चंचल सिंह, प्रमोद दुबे,अरविंद कन्नौजिया, संदीप मिश्रा, रजनीकांत मिश्र एवं श्यामधर दुबे के सहयोग से किया गया।




जौनपुर। सच्चा प्रतिभाशाली व्यक्ति विपरीत हालात में भी धैर्य, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर अपनी पहचान बनाता है। विषम परिस्थितियाँ अक्सर प्रतिभा को निखारने वाली कसौटी साबित होती हैं, जहाँ आत्म-विश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण से सफलता प्राप्त की जा सकती है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित बेसहूपुर, घनश्यामपुर निवासी अजय सिंह के सुपुत्र हिमालय सिंह ने पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर नायब तहसीलदार पद पर चयनित होने का गौरव प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव का सम्मान बढ़ा दिया। पिता अजय कुमार सिंह प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं जबकि मां साधारण गृहणी हैं। गांव के ही प्राथमिक विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद श्री बजरंग इंटर कॉलेज ,घनश्यामपुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की और उसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर चुके हिमालय सिंह हमेशा से ही विनम्र ,अनुशासित और कड़ी मेहनत करने वाले विद्यार्थी रहे। प्रथम प्रयास में ही नायब तहसीलदार के पद पर पहुंचने वाले हिमालय सिंह का लक्ष्य आईएएस बनना है। सेवानिवृत शिक्षक तथा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे के नेतृत्व में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा आज उनके घर पर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों में प्रवक्ता मयाशंकर तिवारी,प्रवक्ता हृदय प्रकाश तिवारी, पुष्यमित्र दुबे, प्राथमिक शिक्षक संघ के बदलापुर अध्यक्ष उमेश मिश्रा, जिला मंत्री प्रमोद कुमार यादव, शशिधर तिवारी तथा डॉ जेपी शर्मा उपस्थित रहे। अजय सिंह ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित दिया।
पटना में 50+ महिलाओं ने शुरू किया फ्री स्किल ट्रेनिंग सीएचपी फाउंडेशन की शानदार पहल, महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भर बनने का मौका* पटना में सी एच पी फाउंडेशन के द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की शुरुआत की गई। इस अवसर पर निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जो आने वाले तीन महीनों तक संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वार्ड पार्षद प्रेम कुमार और फाउंडर अमित चंदन की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ ही संयुक्त सचिव वंदना सिन्हा ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस मौके पर सुषमा वर्मा, मनीष कुमार, विनोद कुमार चौधरी, वर्मा जी, रेशमा जी, मनोज कुमार, सुशील जी, बिपिन कुमार सिन्हा सहित कई सम्मानित सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें 50 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया, जो इस प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कौशल को विकसित कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। कुल मिलाकर, यह पहल समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
रमेश दूबे
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