गढ़वा मे अवैध बालू खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 50 से 60 ट्रैक्टर बालू जब्त - जिला खनन पदाधिकारी।

गढ़वा :- गढ़वा जिले के बंशीधर नगर अनुमंडल के धुरकी थाना क्षेत्र में कनहर नदी से बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू खनन और डंपिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वहीं शिकायत मिलने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा एवं जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया।वहीं इस कार्रवाई में अंबाखोरेया इलाके में अवैध रूप से डंप कर रखे गए भारी मात्रा में बालू को जब्त किया गया। प्रशासन की अचानक कार्रवाई से बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

वहीं जानकारी के अनुसार प्रशासन को लगातार गुप्त सूचना मिल रही थी कि धुरकी क्षेत्र में कनहर नदी से अवैध रूप से बालू का खनन कर बड़े पैमाने पर उसका भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ प्रभाकर मिर्धा एवं डीएमओ राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से रणनीति बनाकर गुप्त रूप से अंबाखोरेया क्षेत्र में छापेमारी किया ।

वहीं छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके पर भारी मात्रा में अवैध रूप से डंप किया गया बालू क़ो पाया गया । प्रशासन के अनुसार लगभग 50 से 60 ट्रैक्टर बालू को जब्त किया गया है। अधिकारियों ने तत्काल आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

एसडीओ प्रभाकर मिर्धा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अवैध खनन एवं खनिज संसाधनों की तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और अवैध खनन से पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। ऐसे में अवैध कारोबार करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में बेचैनी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनहर नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू खनन की शिकायतें मिल रही थीं और प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।

सूर्या हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम: मुख्य आरोपी असद की मुठभेड़ के बाद मौत, खोड़ा में सुरक्षा कड़ी
गाजियाबाद। खोड़ा कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या से उपजे आक्रोश और तनाव के बीच रविवार को मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी असद की पुलिस मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटनाक्रम के बाद खोड़ा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह आर्थिक मदद लेकर क्षेत्र से बाहर भागने की तैयारी में था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान शुरू किया और कई स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग तेज कर दी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। वहीं असद का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

बकरीद के दिन हुई थी छात्र की हत्या

28 मई को बकरीद के दिन खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और मुख्य आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआती जांच के अनुसार दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में आरोपी ने सूर्या को मिलने के लिए बुलाया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा परिवार का दर्द

मुख्य आरोपी की मौत की खबर के बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें तब तक न्याय नहीं मिलेगा, जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सूर्या का शव घर पहुंचा था, तब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता परिवार के समर्थन में जुट गए थे।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कई घंटों तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता और आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

पुलिस छावनी में बदला खोड़ा

हत्याकांड के बाद से खोड़ा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। रविवार को भी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग समूहों में खड़े होकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखाई दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सूर्या हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, जबकि प्रशासन शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से जूझ रहा है।
गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।

राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित, शैलेन्द्र यादव ने रखा “एक वाहन—एक पौधा” का राष्ट्रीय प्रस्ताव
संजीव सिंह बलिया! चंडीगढ़, 29 मई — राजभवन, पंजाब में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने जनपद बलिया के इको क्लब प्रभारी और पर्यावरणविद् श्री शैलेन्द्र प्रताप यादव को पर्यावरण संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। समारोह में राज्यपाल ने श्री यादव की समर्पित सेवा और उनके अभिनव सुझावों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान श्री यादव ने राज्यपाल को पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया — भविष्य में वाहन खरीद या पंजीकरण के साथ ‘एक वाहन—एक पौधा’ का अनिवार्य संकल्प जोड़ा जाए। उनका तर्क था कि देश में हर साल सड़कों पर लाखों नए वाहन आते हैं; यदि प्रत्येक वाहन के साथ एक पौधा लगाने की परंपरा बन जाए तो करोड़ों वृक्ष धरती की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकारी नीतियों के साथ जनभागीदारी को जोड़ कर पर्यावरण संरक्षण को सामान्य नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करेगी। श्री यादव, जो 5 सितम्बर 2020 से प्रतिदिन पौधारोपण का आजीवन संकल्प निभा रहे हैं, ने अपने अभियान के अब हजारों दिनों के सफर और जन-प्रेरणादायी प्रभाव का जिक्र किया। कार्यक्रम में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, प्रख्यात कवि विनय कुशवाहा, रजनी बाला समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी उपस्थित थे। उपस्थित जनों ने श्री यादव के प्रयासों की सराहना की और अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। राजभवन में पेश किया गया ‘एक वाहन—एक पौधा’ प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी, व्यवहारिक और जनहितकारी पहल बताते हुए समर्थन व्यक्त किया और नीतिगत स्तर पर इसे अपनाने के सुझाव दिए
जिला व्यापार बंधु की बैठक सम्पन्न, डीएम ने दिए दिशा निर्देश
फर्रुखाबाद l जिला व्यापार बंधु की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की आयोजित की गई। बैठक में जनपद के व्यापारियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में बढ़ती आवारा गौवंश की समस्या के समाधान हेतु प्रतिदिन अभियान चलाकर गौवंशों को पकड़ने एवं उन्हें सुरक्षित गौशालाओं में भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे यातायात व्यवस्था सुचारू होगी तथा व्यापारियों एवं आमजन को राहत मिलेगी।
बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण की समस्या भी उठाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क एवं फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए सतत निगरानी की जाए।
ठेली एवं रेहड़ी संचालकों के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उनके लिए उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन किया जाए, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित न हो तथा यातायात एवं बाजार व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।
व्यापारियों द्वारा सेंट्रल जेल के पास फुटपाथ पर लगी दुकानों के कारण उत्पन्न हो रही असुविधा का मुद्दा उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दुकानों को व्यवस्थित रूप से पीछे स्थानांतरित कर फुटपाथ को आमजन के उपयोग हेतु मुक्त कराने के निर्देश दिए।
बैठक में व्यापारियों द्वारा बस स्टेशन परिसर में लगाए गए वृक्षों के क्षतिग्रस्त होने का विषय भी उठाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।
लाल सराय स्थित बेडिंग जोन में पार्किंग की समस्या के समाधान हेतु जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद को मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग की बेहतर व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा यातायात व्यवस्था भी सुगम होगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सर्वाधिक वृक्षारोपण कराने वाले बीडीओ होंगे सम्मानित, यूपी में 11.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
* डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले— वृक्षारोपण अभियान को बनाएं जनआंदोलन, पौधों की सुरक्षा और जीवितता पर दें विशेष ध्यान


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृहद वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग को इस वर्ष 11.25 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा, देखभाल और जीवितता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन सर्वश्रेष्ठ जनपदों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि सर्वाधिक क्षेत्रफल में वृक्षारोपण कराने वाले खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को विशेष सम्मान दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में वृक्षारोपण के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया जाए और ग्रामीणों के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जनसंवाद, गोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
उन्होंने “वृक्षमाला नदीतट संरक्षण अभियान” के तहत नदी किनारों पर बांस रोपण को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य आवासीय योजनाओं के लाभार्थियों से दो-दो सहजन (मोरिंगा) के पौधे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए। श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण स्थलों का चयन, गड्ढों की खुदाई और पौधों की उपलब्धता की तैयारियां समय से पूरी की जाएं ताकि पौधों की उत्तरजीविता दर बेहतर बनी रहे। उन्होंने पौधों की खरीद निजी नर्सरियों से न करने तथा वन विभाग के माध्यम से ही पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुल पौधरोपण में कम से कम 20 प्रतिशत फलदार पौधों को शामिल किया जाए तथा पर्याप्त संख्या में सहजन के पौधे लगाए जाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ पोषण सुरक्षा, ग्रामीण आय और आजीविका को भी मजबूती मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत कराए जाने वाले वृक्षारोपण कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप रखरखाव सुनिश्चित करने तथा विगत वर्षों में लगाए गए पौधों की समीक्षा कर सूखे एवं नष्ट पौधों का तत्काल प्रतिस्थापन कराने के निर्देश भी दिए।
आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण अभियान-2026-27 को मिशन मोड में संचालित करते हुए इसे प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का सफल अभियान बनाया जाए।
श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस में धर्म, शिक्षा एवं सच्ची मित्रता का संदेश
रितेश मिश्रा
हरदोई, बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल, नघेटा रोड, हरदोई स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सप्तम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कथा के सप्तम दिवस की मुख्य यजमान के रूप में डॉ. कीर्ति सिंह, अध्यक्ष — जीवनदीप सत्संग मंडल, हरदोई उपस्थित रहीं। मुख्य सहयजमान के रूप में श्री त्रिलोकी सिंह गौर (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्री के.पी. दीक्षित (आत्मबोधाय आश्रम, हरदोई) एवं श्री ओम पाण्डेय सपरिवार उपस्थित रहे। सभी ने व्यासपीठ एवं कथा व्यास का विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारम्भ कराया।

कथा के मंगलाचरण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उन्नाव विभाग के विभाग संघचालक माननीय शिवस्वरूप जी तथा सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’ ने उपस्थित होकर परम पूज्य कथा व्यास गुरुदेव का स्वागत एवं सम्मान किया।

इस अवसर पर नैमिषारण्य से पधारे अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य स्वामी महामण्डलेश्वर स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, अध्यक्ष नारदानन्द आश्रम, सीतापुर का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। आयोजन समिति द्वारा उनका माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

स्वागत करने वालों में डॉ. कीर्ति सिंह, शिव शंकर पाण्डेय, शिव प्रकाश त्रिवेदी, नवल किशोर द्विवेदी, त्रिलोकी सिंह गौर, सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’, अश्वनी दीक्षित, के.पी. दीक्षित, इन्द्रेश्वर नाथ गुप्ता, अरविन्द द्विवेदी, अरुण मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, आर.आर. इंटर कॉलेज, हरदोई), ओम पाण्डेय, संदीप अवस्थी एवं वीनस अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

अपने आशीर्वचन में स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ अथवा धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, करुणा, सेवा, सदाचार एवं कर्तव्यपालन का नाम ही धर्म है। मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य एवं न्याय का साथ देते हुए धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। धर्म हमें मानवता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संदेश प्रदान करता है।

उन्होंने श्रीमद्भागवत में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा जी की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान और विद्या रूपी अमूल्य धन से समृद्ध थे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता यह शिक्षा देती है कि सच्ची मित्रता धन, पद एवं प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, त्याग और आत्मीयता पर आधारित होती है।

स्वामी जी ने कहा कि आज समाज को ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जो अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर अध्यात्म, शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से जनकल्याण हेतु समर्पित करें। डॉ. कीर्ति सिंह जी ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम का भी विकास किया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता समाज को सनातन मूल्यों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. कीर्ति सिंह जी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरन्तर समाज सेवा की शक्ति प्राप्त हो, जिससे वे इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देती रहें।

कथा व्यास पूज्य स्वामी सत्यानन्द गिरि जी महाराज ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान के 16,108 विवाहों का आध्यात्मिक रहस्य समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान की आठ प्रमुख पटरानियाँ प्रकृति के आठ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ईश्वर और जीव में यही मूलभूत अंतर है कि प्रकृति ईश्वर के अधीन है, जबकि जीव प्रकृति के अधीन रहता है।

उन्होंने “एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति” का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्म एकमात्र शाश्वत सत्य है, जबकि प्रकृति परिवर्तनशील एवं नश्वर है। ऋतुओं, परिस्थितियों और संसार के सभी परिवर्तन प्रकृति के ही स्वरूप हैं, परन्तु ब्रह्म सदैव अविनाशी है।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि विद्या ही मनुष्य का वास्तविक धन है। शास्त्रों में कहा गया है — “विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम्” अर्थात विद्या मनुष्य का श्रेष्ठ आभूषण है। जिस व्यक्ति के पास ज्ञान और शिक्षा का धन है, वह कभी दरिद्र नहीं हो सकता।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि वे अपने बच्चों को भौतिक सम्पत्ति न भी दे सकें तो कोई बात नहीं, किन्तु उन्हें शिक्षित अवश्य बनाएं। विद्या मनुष्य में विनय, नम्रता, सदाचार, शालीनता एवं समृद्धि का विकास करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्या का वास्तविक महत्व तभी है जब वह धर्म और संस्कारों से जुड़ी हो। जिस प्रकार स्वादिष्ट भोजन में घी का विशेष महत्व होता है, उसी प्रकार शिक्षा में धर्म का विशेष महत्व है।

स्वामी जी ने बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल एवं आर.आर. इंटर कॉलेज की प्रबन्धक डॉ. कीर्ति सिंह तथा समस्त शिक्षकों को हरदोई के बालक-बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।

सुदामा चरित्र की भावपूर्ण कथा के उपरान्त सम्पूर्ण परिसर “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान का स्मरण किया।

आयोजन समिति ने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भण्डारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सादर सहभागिता का अनुरोध किया गया है।
सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजा

कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर शनिवार को बरझाला गेट के पास हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है  वाहन को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी 30 वर्षीय सौरभ शर्मा पुत्र स्वर्गीय राजेश शर्मा शनिवार को बाइक से कंपिल लकवा की दवा लेने गया था। दवा लेकर वापस घर लौटते समय कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर बरझाला गेट के पास सामने से आ रहे छोटा हाथी वाहन से उसकी बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सौरभ ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।घटना में मृतक की बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई ।टक्कर लगने के बाद युवक बाइक सहित करीब 25 फीट दूर उछाल कर जाकर गिरा । मास के लोथड़ेलगभग 40 फीट के क्षेत्रफल में इधर-उधर बिखर गए ।घटना को अंजाम देने वाले छोटा हाथी में बताया गया किशराब की पेटियां लदी हुई थी ।बताया गया की घटना को अंजाम देने वाला छोटा हाथी फर्रुखाबाद की तरफ से कायमगंज की ओर जा रहा था ।जबकि मृतक युवक बाइक से कायमगंज सेफर्रुखाबाद की ओर अपने गांव जा रहा था ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद छोटा हाथी चालक वाहन लेकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन आसपास मौजूद राहगीरों ने पीछा कर वाहन व चालक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन मौके पर पहुंच गए। युवक का शव देखकर मां स्नेहलता समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बताया गया है कि मृतक सौरभ चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी बहन रागिनी की शादी हो चुकी है।
क्राइम इन्स्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे में शामिल वाहन व चालक को हिरासत में ले लिया गया है, और मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यूपी में आपदा के बीच राहत आयुक्त के विदेश दौरे पर विवाद, सीएम योगी ने मांगी रिपोर्ट
* 117 मौतों के बीच विदेश यात्रा पर उठे सवाल, मुख्य सचिव से जवाब तलब; प्रदेशभर में बारिश-आंधी का अलर्ट जारी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों आए भीषण आंधी-तूफान और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में 117 लोगों की मौत के बीच राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के विदेश दौरे पर जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताते हुए पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब कर ली है। साथ ही मुख्य सचिव से भी जवाब मांगा गया है।
इस बीच, नौतपा के दौरान प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले दो दिनों से आंधी, बारिश और तेज हवाओं के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। शनिवार सुबह से प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई।
भीषण गर्मी के लिए चर्चित बांदा में 28 मई को अधिकतम तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो घटकर करीब 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के अनुसार 2 जून तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।
गुरुवार देर रात और शुक्रवार को लखनऊ समेत पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हुई। खराब मौसम के चलते कच्चे मकानों की दीवारें गिर गईं, टिनशेड उड़ गए और सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। चित्रकूट में लगभग 500 तोतों की मौत की सूचना भी सामने आई है।
आंधी-तूफान, बिजली गिरने और अन्य मौसम संबंधी हादसों में प्रदेश में 31 लोगों की मौत दर्ज की गई। इनमें सबसे अधिक 15 मौतें बुंदेलखंड क्षेत्र में हुईं।
हमीरपुर में 6, बांदा में 3, महोबा, उरई और जालौन में 2-2 मौतें दर्ज की गईं। इसके अलावा कौशांबी में 4, सहारनपुर और देवरिया में 2-2, जबकि प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर में एक-एक व्यक्ति की जान गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम जनित घटनाओं से हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
गढ़वा मे अवैध बालू खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 50 से 60 ट्रैक्टर बालू जब्त - जिला खनन पदाधिकारी।

गढ़वा :- गढ़वा जिले के बंशीधर नगर अनुमंडल के धुरकी थाना क्षेत्र में कनहर नदी से बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध बालू खनन और डंपिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वहीं शिकायत मिलने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा एवं जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से छापेमारी अभियान चलाया।वहीं इस कार्रवाई में अंबाखोरेया इलाके में अवैध रूप से डंप कर रखे गए भारी मात्रा में बालू को जब्त किया गया। प्रशासन की अचानक कार्रवाई से बालू कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

वहीं जानकारी के अनुसार प्रशासन को लगातार गुप्त सूचना मिल रही थी कि धुरकी क्षेत्र में कनहर नदी से अवैध रूप से बालू का खनन कर बड़े पैमाने पर उसका भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीओ प्रभाकर मिर्धा एवं डीएमओ राजेंद्र उरांव ने संयुक्त रूप से रणनीति बनाकर गुप्त रूप से अंबाखोरेया क्षेत्र में छापेमारी किया ।

वहीं छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने मौके पर भारी मात्रा में अवैध रूप से डंप किया गया बालू क़ो पाया गया । प्रशासन के अनुसार लगभग 50 से 60 ट्रैक्टर बालू को जब्त किया गया है। अधिकारियों ने तत्काल आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

एसडीओ प्रभाकर मिर्धा ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि अवैध खनन एवं खनिज संसाधनों की तस्करी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और अवैध खनन से पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। ऐसे में अवैध कारोबार करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में बेचैनी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनहर नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू खनन की शिकायतें मिल रही थीं और प्रशासन की यह कार्रवाई ऐसे कारोबार पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद एक्शन में शुभेन्दु सरकार, 5 आरोपी गिरफ्तार

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तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अभिषेक बनर्जी शनिवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर एक भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और राज्य की राजनीति गरमा गई।

पुलिस ने पांच लोगों को किया गिरफ्तार

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद बंगाल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनमें से दो लोगों की पहचान तपन मैती और आकाश के रूप में हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पकड़े गए पांचों लोगों से पूछताछ की जा रही है।

ममता ने हमले के लिए भाजपा को ठहराया जिम्मेदार

टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी को चिकित्सा सुविधा मिलने से रोकने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने कहा, सत्ता में बैठे लोग अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं ताकि अभिषेक बनर्जी को भर्ती न किया जाए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। उन्होंने पश्चिम बंगाल की नई भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।

हमले के विरोध में टीएमसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे

उधर, अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के विरोध में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। हुगली जिले के चुंचुड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व तृणमूल विधायक असित मजूमदार ने पिपुलपाती मोड़ पर सड़क जाम कर धरना दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। असित मजूमदार ने कहा कि अत्याचार का सामना कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्थन में जाने पर अभिषेक बनर्जी को कथित रूप से अपमानित किया गया।उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर अंडे और जूते फेंके गए, जिसके विरोध में तृणमूल कांग्रेस सड़क पर उतरी है।

सूर्या हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम: मुख्य आरोपी असद की मुठभेड़ के बाद मौत, खोड़ा में सुरक्षा कड़ी
गाजियाबाद। खोड़ा कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या से उपजे आक्रोश और तनाव के बीच रविवार को मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी असद की पुलिस मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटनाक्रम के बाद खोड़ा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह आर्थिक मदद लेकर क्षेत्र से बाहर भागने की तैयारी में था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान शुरू किया और कई स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग तेज कर दी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। वहीं असद का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

बकरीद के दिन हुई थी छात्र की हत्या

28 मई को बकरीद के दिन खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और मुख्य आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआती जांच के अनुसार दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में आरोपी ने सूर्या को मिलने के लिए बुलाया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा परिवार का दर्द

मुख्य आरोपी की मौत की खबर के बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें तब तक न्याय नहीं मिलेगा, जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सूर्या का शव घर पहुंचा था, तब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता परिवार के समर्थन में जुट गए थे।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कई घंटों तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता और आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

पुलिस छावनी में बदला खोड़ा

हत्याकांड के बाद से खोड़ा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। रविवार को भी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग समूहों में खड़े होकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखाई दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सूर्या हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, जबकि प्रशासन शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से जूझ रहा है।
गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।

राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित, शैलेन्द्र यादव ने रखा “एक वाहन—एक पौधा” का राष्ट्रीय प्रस्ताव
संजीव सिंह बलिया! चंडीगढ़, 29 मई — राजभवन, पंजाब में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने जनपद बलिया के इको क्लब प्रभारी और पर्यावरणविद् श्री शैलेन्द्र प्रताप यादव को पर्यावरण संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। समारोह में राज्यपाल ने श्री यादव की समर्पित सेवा और उनके अभिनव सुझावों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान श्री यादव ने राज्यपाल को पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया — भविष्य में वाहन खरीद या पंजीकरण के साथ ‘एक वाहन—एक पौधा’ का अनिवार्य संकल्प जोड़ा जाए। उनका तर्क था कि देश में हर साल सड़कों पर लाखों नए वाहन आते हैं; यदि प्रत्येक वाहन के साथ एक पौधा लगाने की परंपरा बन जाए तो करोड़ों वृक्ष धरती की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकारी नीतियों के साथ जनभागीदारी को जोड़ कर पर्यावरण संरक्षण को सामान्य नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करेगी। श्री यादव, जो 5 सितम्बर 2020 से प्रतिदिन पौधारोपण का आजीवन संकल्प निभा रहे हैं, ने अपने अभियान के अब हजारों दिनों के सफर और जन-प्रेरणादायी प्रभाव का जिक्र किया। कार्यक्रम में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, प्रख्यात कवि विनय कुशवाहा, रजनी बाला समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी उपस्थित थे। उपस्थित जनों ने श्री यादव के प्रयासों की सराहना की और अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। राजभवन में पेश किया गया ‘एक वाहन—एक पौधा’ प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी, व्यवहारिक और जनहितकारी पहल बताते हुए समर्थन व्यक्त किया और नीतिगत स्तर पर इसे अपनाने के सुझाव दिए
जिला व्यापार बंधु की बैठक सम्पन्न, डीएम ने दिए दिशा निर्देश
फर्रुखाबाद l जिला व्यापार बंधु की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की आयोजित की गई। बैठक में जनपद के व्यापारियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्र में बढ़ती आवारा गौवंश की समस्या के समाधान हेतु प्रतिदिन अभियान चलाकर गौवंशों को पकड़ने एवं उन्हें सुरक्षित गौशालाओं में भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे यातायात व्यवस्था सुचारू होगी तथा व्यापारियों एवं आमजन को राहत मिलेगी।
बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण की समस्या भी उठाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क एवं फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए सतत निगरानी की जाए।
ठेली एवं रेहड़ी संचालकों के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उनके लिए उपयुक्त स्थानों का चिन्हांकन किया जाए, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित न हो तथा यातायात एवं बाजार व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।
व्यापारियों द्वारा सेंट्रल जेल के पास फुटपाथ पर लगी दुकानों के कारण उत्पन्न हो रही असुविधा का मुद्दा उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दुकानों को व्यवस्थित रूप से पीछे स्थानांतरित कर फुटपाथ को आमजन के उपयोग हेतु मुक्त कराने के निर्देश दिए।
बैठक में व्यापारियों द्वारा बस स्टेशन परिसर में लगाए गए वृक्षों के क्षतिग्रस्त होने का विषय भी उठाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा।
लाल सराय स्थित बेडिंग जोन में पार्किंग की समस्या के समाधान हेतु जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद को मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग की बेहतर व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा यातायात व्यवस्था भी सुगम होगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सर्वाधिक वृक्षारोपण कराने वाले बीडीओ होंगे सम्मानित, यूपी में 11.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
* डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले— वृक्षारोपण अभियान को बनाएं जनआंदोलन, पौधों की सुरक्षा और जीवितता पर दें विशेष ध्यान


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृहद वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग को इस वर्ष 11.25 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा, देखभाल और जीवितता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन सर्वश्रेष्ठ जनपदों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि सर्वाधिक क्षेत्रफल में वृक्षारोपण कराने वाले खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को विशेष सम्मान दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में वृक्षारोपण के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया जाए और ग्रामीणों के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जनसंवाद, गोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
उन्होंने “वृक्षमाला नदीतट संरक्षण अभियान” के तहत नदी किनारों पर बांस रोपण को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य आवासीय योजनाओं के लाभार्थियों से दो-दो सहजन (मोरिंगा) के पौधे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए। श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण स्थलों का चयन, गड्ढों की खुदाई और पौधों की उपलब्धता की तैयारियां समय से पूरी की जाएं ताकि पौधों की उत्तरजीविता दर बेहतर बनी रहे। उन्होंने पौधों की खरीद निजी नर्सरियों से न करने तथा वन विभाग के माध्यम से ही पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुल पौधरोपण में कम से कम 20 प्रतिशत फलदार पौधों को शामिल किया जाए तथा पर्याप्त संख्या में सहजन के पौधे लगाए जाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ पोषण सुरक्षा, ग्रामीण आय और आजीविका को भी मजबूती मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत कराए जाने वाले वृक्षारोपण कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप रखरखाव सुनिश्चित करने तथा विगत वर्षों में लगाए गए पौधों की समीक्षा कर सूखे एवं नष्ट पौधों का तत्काल प्रतिस्थापन कराने के निर्देश भी दिए।
आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण अभियान-2026-27 को मिशन मोड में संचालित करते हुए इसे प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का सफल अभियान बनाया जाए।
श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस में धर्म, शिक्षा एवं सच्ची मित्रता का संदेश
रितेश मिश्रा
हरदोई, बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल, नघेटा रोड, हरदोई स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सप्तम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कथा के सप्तम दिवस की मुख्य यजमान के रूप में डॉ. कीर्ति सिंह, अध्यक्ष — जीवनदीप सत्संग मंडल, हरदोई उपस्थित रहीं। मुख्य सहयजमान के रूप में श्री त्रिलोकी सिंह गौर (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्री के.पी. दीक्षित (आत्मबोधाय आश्रम, हरदोई) एवं श्री ओम पाण्डेय सपरिवार उपस्थित रहे। सभी ने व्यासपीठ एवं कथा व्यास का विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारम्भ कराया।

कथा के मंगलाचरण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उन्नाव विभाग के विभाग संघचालक माननीय शिवस्वरूप जी तथा सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’ ने उपस्थित होकर परम पूज्य कथा व्यास गुरुदेव का स्वागत एवं सम्मान किया।

इस अवसर पर नैमिषारण्य से पधारे अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य स्वामी महामण्डलेश्वर स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, अध्यक्ष नारदानन्द आश्रम, सीतापुर का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। आयोजन समिति द्वारा उनका माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

स्वागत करने वालों में डॉ. कीर्ति सिंह, शिव शंकर पाण्डेय, शिव प्रकाश त्रिवेदी, नवल किशोर द्विवेदी, त्रिलोकी सिंह गौर, सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’, अश्वनी दीक्षित, के.पी. दीक्षित, इन्द्रेश्वर नाथ गुप्ता, अरविन्द द्विवेदी, अरुण मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, आर.आर. इंटर कॉलेज, हरदोई), ओम पाण्डेय, संदीप अवस्थी एवं वीनस अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

अपने आशीर्वचन में स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ अथवा धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, करुणा, सेवा, सदाचार एवं कर्तव्यपालन का नाम ही धर्म है। मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य एवं न्याय का साथ देते हुए धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। धर्म हमें मानवता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संदेश प्रदान करता है।

उन्होंने श्रीमद्भागवत में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा जी की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान और विद्या रूपी अमूल्य धन से समृद्ध थे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता यह शिक्षा देती है कि सच्ची मित्रता धन, पद एवं प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, त्याग और आत्मीयता पर आधारित होती है।

स्वामी जी ने कहा कि आज समाज को ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जो अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर अध्यात्म, शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से जनकल्याण हेतु समर्पित करें। डॉ. कीर्ति सिंह जी ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम का भी विकास किया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता समाज को सनातन मूल्यों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. कीर्ति सिंह जी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरन्तर समाज सेवा की शक्ति प्राप्त हो, जिससे वे इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देती रहें।

कथा व्यास पूज्य स्वामी सत्यानन्द गिरि जी महाराज ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान के 16,108 विवाहों का आध्यात्मिक रहस्य समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान की आठ प्रमुख पटरानियाँ प्रकृति के आठ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ईश्वर और जीव में यही मूलभूत अंतर है कि प्रकृति ईश्वर के अधीन है, जबकि जीव प्रकृति के अधीन रहता है।

उन्होंने “एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति” का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्म एकमात्र शाश्वत सत्य है, जबकि प्रकृति परिवर्तनशील एवं नश्वर है। ऋतुओं, परिस्थितियों और संसार के सभी परिवर्तन प्रकृति के ही स्वरूप हैं, परन्तु ब्रह्म सदैव अविनाशी है।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि विद्या ही मनुष्य का वास्तविक धन है। शास्त्रों में कहा गया है — “विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम्” अर्थात विद्या मनुष्य का श्रेष्ठ आभूषण है। जिस व्यक्ति के पास ज्ञान और शिक्षा का धन है, वह कभी दरिद्र नहीं हो सकता।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि वे अपने बच्चों को भौतिक सम्पत्ति न भी दे सकें तो कोई बात नहीं, किन्तु उन्हें शिक्षित अवश्य बनाएं। विद्या मनुष्य में विनय, नम्रता, सदाचार, शालीनता एवं समृद्धि का विकास करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्या का वास्तविक महत्व तभी है जब वह धर्म और संस्कारों से जुड़ी हो। जिस प्रकार स्वादिष्ट भोजन में घी का विशेष महत्व होता है, उसी प्रकार शिक्षा में धर्म का विशेष महत्व है।

स्वामी जी ने बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल एवं आर.आर. इंटर कॉलेज की प्रबन्धक डॉ. कीर्ति सिंह तथा समस्त शिक्षकों को हरदोई के बालक-बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।

सुदामा चरित्र की भावपूर्ण कथा के उपरान्त सम्पूर्ण परिसर “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान का स्मरण किया।

आयोजन समिति ने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भण्डारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सादर सहभागिता का अनुरोध किया गया है।
सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजा

कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर शनिवार को बरझाला गेट के पास हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है  वाहन को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी 30 वर्षीय सौरभ शर्मा पुत्र स्वर्गीय राजेश शर्मा शनिवार को बाइक से कंपिल लकवा की दवा लेने गया था। दवा लेकर वापस घर लौटते समय कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर बरझाला गेट के पास सामने से आ रहे छोटा हाथी वाहन से उसकी बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सौरभ ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।घटना में मृतक की बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई ।टक्कर लगने के बाद युवक बाइक सहित करीब 25 फीट दूर उछाल कर जाकर गिरा । मास के लोथड़ेलगभग 40 फीट के क्षेत्रफल में इधर-उधर बिखर गए ।घटना को अंजाम देने वाले छोटा हाथी में बताया गया किशराब की पेटियां लदी हुई थी ।बताया गया की घटना को अंजाम देने वाला छोटा हाथी फर्रुखाबाद की तरफ से कायमगंज की ओर जा रहा था ।जबकि मृतक युवक बाइक से कायमगंज सेफर्रुखाबाद की ओर अपने गांव जा रहा था ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद छोटा हाथी चालक वाहन लेकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन आसपास मौजूद राहगीरों ने पीछा कर वाहन व चालक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन मौके पर पहुंच गए। युवक का शव देखकर मां स्नेहलता समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बताया गया है कि मृतक सौरभ चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी बहन रागिनी की शादी हो चुकी है।
क्राइम इन्स्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे में शामिल वाहन व चालक को हिरासत में ले लिया गया है, और मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यूपी में आपदा के बीच राहत आयुक्त के विदेश दौरे पर विवाद, सीएम योगी ने मांगी रिपोर्ट
* 117 मौतों के बीच विदेश यात्रा पर उठे सवाल, मुख्य सचिव से जवाब तलब; प्रदेशभर में बारिश-आंधी का अलर्ट जारी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों आए भीषण आंधी-तूफान और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में 117 लोगों की मौत के बीच राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के विदेश दौरे पर जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताते हुए पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब कर ली है। साथ ही मुख्य सचिव से भी जवाब मांगा गया है।
इस बीच, नौतपा के दौरान प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले दो दिनों से आंधी, बारिश और तेज हवाओं के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। शनिवार सुबह से प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई।
भीषण गर्मी के लिए चर्चित बांदा में 28 मई को अधिकतम तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो घटकर करीब 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के अनुसार 2 जून तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।
गुरुवार देर रात और शुक्रवार को लखनऊ समेत पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हुई। खराब मौसम के चलते कच्चे मकानों की दीवारें गिर गईं, टिनशेड उड़ गए और सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। चित्रकूट में लगभग 500 तोतों की मौत की सूचना भी सामने आई है।
आंधी-तूफान, बिजली गिरने और अन्य मौसम संबंधी हादसों में प्रदेश में 31 लोगों की मौत दर्ज की गई। इनमें सबसे अधिक 15 मौतें बुंदेलखंड क्षेत्र में हुईं।
हमीरपुर में 6, बांदा में 3, महोबा, उरई और जालौन में 2-2 मौतें दर्ज की गईं। इसके अलावा कौशांबी में 4, सहारनपुर और देवरिया में 2-2, जबकि प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर में एक-एक व्यक्ति की जान गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम जनित घटनाओं से हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के आदेश भी जारी किए गए हैं।