चंदौसी में ‘फेस्टिव फिएस्टा’ एग्जीबिशन का भव्य आयोजन, महिला सशक्तिकरण को मिला नया मंच

संभल, चंदौसी। रोटरी क्लब चंदौसी रॉयल्स द्वारा आज चंदौसी के संजीवनी पैलेस में “फेस्टिव फिएस्टा” नाम से एक भव्य एग्जीबिशन का आयोजन किया गया। इस आकर्षक प्रदर्शनी में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया और हजारों की संख्या में पहुंचकर खरीदारी का आनंद लिया।

इस एग्जीबिशन में ज्वेलरी, ट्रेंडिंग क्लॉथ्स, पार्टी वियर आइटम, मसाले, ड्राई फ्रूट्स, होम डेकोर, किचन एसेसरीज, लेडीज सूट, आर्टिफिशियल ज्वेलरी सहित अनेक प्रकार के स्टॉल लगाए गए। खास बात यह रही कि इन सभी स्टॉल्स का संचालन महिलाओं द्वारा किया गया, जो अपने घरों से कार्य करती हैं। इस पहल के माध्यम से उन्हें अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और व्यापक पहचान बनाने का सशक्त मंच प्राप्त हुआ।

इस प्रदर्शनी में चंदौसी के अलावा बरेली, हल्द्वानी, रुद्रपुर, मेरठ एवं मुरादाबाद जैसे विभिन्न शहरों से भी प्रतिभागियों ने आकर अपने स्टॉल लगाए, जिससे कार्यक्रम का दायरा और भी विस्तृत हो गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डिप्टी कलेक्टर श्रीमती वंदना मिश्रा ज़ी , चंदौसी नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती लता वार्ष्णेय ज़ी , रोटरी अंतरराष्ट्रीय मंडल 3100 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटेरियन CA नितिन अग्रवाल ज़ी , आगामी गवर्नर काव्य सौरभ रस्तोगी ने फीता काटकर किया। इस अवसर क्लब  सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

क्लब अध्यक्ष रोटेरियन वन्दना अग्रवाल, क्लब सचिव रोटेरियन शिल्पी अग्रवाल, कार्यक्रम अध्यक्ष अपूर्व अग्रवाल एवं नैना अग्रवाल, पब्लिक इमेज चेयर रो. राहुल अग्रवाल, असिस्टेंट गवर्नर निखिल अग्रवाल सहित क्लब के अनेक सदस्यों—रो. सौरभ अग्रवाल, आदित्य वार्ष्णेय, विक्रम वार्ष्णेय , मोहित गुप्ता, निमित वार्ष्णेय, शोभित अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, शशांक अग्रवाल, पराग अग्रवाल, सुनीत, आकांशा भार्गव, तनीषा अग्रवाल, सुप्रिया अग्रवाल, प्रियंका वार्ष्णेय, रितु वार्ष्णेय, ज्योति गुप्ता, महिमा अग्रवाल, प्रियंका चौधरी, नैन्सी अग्रवाल, निष्ठा अग्रवाल, शिखा अग्रवाल, निकिता अग्रवाल, वाणी अग्रवाल की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।

रोटरी क्लब चंदौसी रॉयल्स का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सेवा एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। “फेस्टिव फिएस्टा” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने हुनर को पहचान दिलाने का अवसर मिला।

क्लब द्वारा भविष्य में भी इसी प्रकार की सामाजिक एवं सशक्तिकरण से जुड़ी पहलें निरंतर आयोजित की जाती रहेंगी।
मुज़फ्फरनगर )मीरापुर क्षेत्र के गांव भूम्मा रोड पर मधुमक्खीयो ने दो युवक घायल रोहागीरों को मारा डंक


जनपद मुज़फ्फरनगर। के गुरुवार को लगभग 11बजे मीरापुर क्षेत्र के गांव भूम्मा के रास्ते मे मधुमक्खियो के हमले अफरा-तफरी मच गई।एक आइसक्रीम बेचने वाले युवक पर मधुमक्खी के झुंड ने हमला कर दिया। जिससे वह युवक ने जान बचाने के लिए क़रीब आधा किलोमीटर तक भागता रहा अंत मे रहागीरों ने धुआ कर युवक बचाया।बताया जा रहा है कि एक युवक किथौड़ा निवासी जो रोज की भांति मीरापुर से गांव भूम्मा आइसक्रीम बेचने जा रहा था जैसे ही भूम्मा रजवाहे के पास पहुचा इसी दौरान वहाँ आम के बाग में लगे मधुमक्खियां के छते के पास हलचल होने से मधुमक्खियां आक्रामक हो गई और रास्ते में लोगों पर हमला कर दिया रास्ते में आने जाने वाले सब इधर-उधर भागने लगे लेकिन आइसक्रीम युवक पर मधुमक्खियां टूट पड़ी।

स्थानीय लोगों ने चीख पुकार सुनकर मौके पर आग जलाई और धुआ करके मधुमक्खियां को भगाया। जो युवक घायल हुआ उसे अस्पताल पहुंचाया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने निकाली पर्यावरण जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को पर्यावरण संरक्षण हेतु  प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से अधिकाधिक पौधरोपण करने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने,रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने,जल संरक्षण हेतु अपील की।

सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय वृद्धाश्रम का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे वृद्धजन से मिलकर उनकी समस्याओं को समझा। स्वयंसेवकों ने वृद्धजन को फल एवं विस्कुट वितरित किए। स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय उद्यान विभाग की नर्सरी का भ्रमण किया और विभिन्न प्रजातियों के पौधों की नर्सरी और पाली हाउस में तैयार हो रहे पौधों का देखा।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा, विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग,मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के. गुप्त, पूर्व प्राचार्य, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के.गुप्ता जी ने 'वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और ऊर्जा संकट ' विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि हमें ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता बढ़ानी होगी। स्वयं सेवकों को पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज को  समझने की शक्ति विकसित करती है। राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य समाज की सेवा भाव विकसित करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा जी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की अहम भूमिका है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।
सुरियावां ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया:पुलिस ने चोरी की 7 घटनाओं में शामिल 4 को किया गिरफ्तार, 3 क्विंटल तार बरामद

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत सुरियावां पुलिस टीम ने अन्तर्जनपदीय चोरों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सूचना पर प्रयागराज और भदोही जिलों में एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल चोरी के मामलों से संबंधित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी जंगीगंज से कोईरौना जाने वाले तिराहे से करीब 300 मीटर पहले गोपीगंज की तरफ सड़क की दाहिनी पटरी से हुई। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 9 बोरों में लगभग 3 क्विंटल एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल बरामद किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, पुलिस ने दो पिकअप वाहन, एक पल्सर मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और 2500 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। पूछताछ में गिरफ्तार व्यक्तियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसका मुखिया पवन कुमार बिंद पुत्र गुलाबधर बिंद है। वे पवन कुमार बिंद के साथ मिलकर प्रयागराज और भदोही जिलों में विभिन्न स्थानों से बिजली के तार काटकर चोरी करते थे। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 24/25 की रात को भदोही जिले के प्रयागराज बॉर्डर के पास ग्राम नेवादा रोही और आसपास के इलाकों से बिजली के तार चोरी किए थे।

उन्होंने बताया कि पवन कुमार बिंद, संजय बिंद और पवन कुमार बिंद उर्फ ओझा सहित कुल छह लोगों ने मिलकर पोल से तार काटे थे। चोरी किए गए तारों को पिकअप में लादकर पवन कुमार बिंद के घर पर छिपाया गया था। अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने तारों से प्लास्टिक हटाकर एल्युमिनियम को प्लास्टिक के बोरों में भर दिया था। उन्हें जानकारी मिली थी कि पुलिस ने उनकी टाटा मैजिक पिकअप को पहचान लिया है और उनकी तलाश में गांव आई है, जिसके बाद वे चोरी के तार बेचने की फिराक में थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
भरौली टोडर गांव में सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई
बूढनपुर भरौली टोडर गांव में सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर गांव के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर महान सम्राट को श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सम्राट अशोक के जीवन, उनके शासनकाल और उनके द्वारा अपनाए गए बौद्ध धर्म के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया गया कि सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद हिंसा का मार्ग त्यागकर शांति, अहिंसा और मानवता का संदेश पूरे विश्व में फैलाया।समारोह की अध्यक्षता कांता प्रसाद ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में बासदेव मौर्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन लालचंद मौर्य ने किया। संयोजक के रूप में अमन मौर्य, नागेश मौर्य, मनीष मौर्य और आर्यन सम्राट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर एडवोकेट राजेश मौर्य, एडवोकेट जयप्रकाश मौर्य, अर्जुन मौर्य, अनिल मौर्य, जिम्मी सिंह, सुशील उपाध्याय, सागर मौर्य, अजय मौर्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सम्राट अशोक के आदर्शों को अपनाने और समाज में शांति, एकता एवं सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
तपोवन मंदिर पहुँचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन: श्री राम जानकी के चरणों में टेका मत्था, राज्य की खुशहाली की मांगी दुआ

रांची | 27 मार्च 2026: रामनवमी के पावन अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक श्री राम जानकी तपोवन मंदिर, निवारणपुर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भक्तिमय समागम में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री दंपत्ति ने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरणों में शीश नवाकर राज्य की उन्नति, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

"प्रभु श्री राम के आदर्शों को जीवन में उतारें"

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समस्त राज्यवासियों को रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:

"आज आस्था के इस भव्य समागम में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान श्री राम के आदर्श हमें धर्म और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। हमें उनके मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। मेरी मंगलकामना है कि प्रभु श्री राम आप सभी की मनोकामनाएं पूरी करें।"

सामाजिक समरसता और सद्भाव की अपील

मुख्यमंत्री ने रांची की गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि विभिन्न अखाड़ों की शोभायात्राओं का तपोवन मंदिर में मिलन एक ऐतिहासिक दृश्य होता है। उन्होंने जनता से अपील की कि इस महापर्व को पूरी श्रद्धा, उमंग और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। सामाजिक सद्भाव और समरसता के साथ इस आयोजन को यादगार बनाने का आह्वान किया।

तपोवन मंदिर के सौंदर्यीकरण पर जोर

मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन मंदिर की अपनी एक अलग पहचान है। राज्य सरकार इस पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए मंदिर के सौंदर्यीकरण और भव्यता की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मंदिर को एक नया और भव्य स्वरूप प्रदान करने का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

भक्तिमय रहा माहौल

पूजा के दौरान तपोवन मंदिर परिसर 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित महंत और मंदिर समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मुख्यमंत्री ने आम श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री आवास में गूँजी 'जय श्री राम' की गूँज: हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने की रामनवमी पूजा-अर्चना

राँची | 27 मार्च 2026: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव, रामनवमी के पावन अवसर पर आज पूरा झारखंड भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने भी अपनी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ मिलकर मुख्यमंत्री आवास स्थित मंदिर में पूरी आस्था और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

विधि-विधान से हुआ पूजन

मुख्यमंत्री और विधायक कल्पना सोरेन ने रामनवमी के शुभ मुहूर्त पर मंदिर में भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और भक्त हनुमान की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। उन्होंने पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा की और भगवान को भोग लगाकर आरती की। इस दौरान पूरा मुख्यमंत्री आवास 'जय श्री राम' और भक्ति गीतों से गुंजायमान रहा।

राज्य की सुख-समृद्धि की कामना

पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने भगवान राम से झारखंड के सवा तीन करोड़ जनता के लिए आशीर्वाद मांगा। उन्होंने विशेष रूप से राज्य के सर्वांगीण विकास, सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान राम का आशीर्वाद सभी राज्यवासियों पर बना रहे और प्रदेश उन्नति की नई ऊंचाइयों को छुए।

पारिवारिक और आध्यात्मिक माहौल

यह आयोजन अत्यंत निजी और आध्यात्मिक रहा, जिसमें मुख्यमंत्री परिवार के अन्य सदस्य और सीमित कर्मचारी भी शामिल हुए। पूजा के बाद सभी उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी सभी राज्यवासियों को रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपील की है कि यह महापर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया जाए।

भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।

कांग्रेसी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की भतीजी ने करोड़ों में बेच दी वक्फ संपत्ति

स्टे के बाद भी वक्फ कब्रिस्तान पर तन रहीं दुकानें

• नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति हो रही खुर्द बुर्द

खान आशु 

भोपाल। प्रदेश की संस्कारधानी कहलाने वाली जगह से सटे नरसिंहपुर जिले में भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। संस्कारों को धता दिखाते हुए यहां एक वक्फ संपत्ति को औने पौने दाम पर बेच दिया गया है तो दुनिया से रुखसत हो चुके लोगों के स्थान कब्रिस्तान को भी निशाना बनाने से नहीं चूका गया है। जमीन का सौदा करने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया गया है, जिसपर जिला पंजीयक ने भी नजर नहीं डाली है। जबकि स्टे हो चुके कब्रिस्तान की जमीन पर हो रहे निर्माण पर भी प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है। कांग्रेसियों द्वारा किए जा रहे इस गोरखधंधे को भाजपा शासनकाल में भाजपाइयों की शिकायत पर भी असर नहीं हो रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान जैसे कई लोग मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से लेकर वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारों से गुहार लगा चुके हैं।

मामला नरसिंहपुर जिले का है। यहां जिला मुख्यालय की नगरीय सीमा में स्थित है वक्फ दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़ा। खसरा नंबर 35/1 एवं 35/2 पर बसी इस कृषि भूमि का आधिपत्य मप्र वक्फ बोर्ड का है, इसके रिकॉर्ड में यह दर्ज है। लेकिन कुछ भू माफियाओं की बदनीयत इस जमीन पर पड़ गई, जिसके लिए उन्होंने कुछ कूटरचित दस्तावेज बनाकर इसका सौदा कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की भतीजी शालिनी प्रजापति की इसमें मुख्य भूमिका है। उन्होंने खुद को इस वक्फ संपत्ति का मालिक करार देते हुए इसका सौदा विश्वास गोटे नामक व्यक्ति को कर दिया है। जानकारी के मुताबिक करीब एक करोड़, 24 रूपये के इस सौदे पर जिला पंजीयक ने भी बिना पड़ताल के सहमति की मुहर लगा दी है। प्रशासनिक अधिकारियों की जल्दबाजी का आलम यह है कि आनन फानन में वे इस विवादास्पद सौदे पर नामांतरण करने को भी तैयार हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्फ अमेंडमेंड बिल की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

शासकीय स्टे को भी धता

नरसिंहपुर जिले की तहसील है गाडरवाड़ा। जिसका एक गांव है कुंडिया। यहां मुस्लिम समाज का एक बरसों पुराना कब्रस्तान है, जो वक्फ बोर्ड के आधिपत्य में है। इस कब्रिस्तान पर भी नजर तिरछी कर दुकानों का निर्माण कराया जा रहा। जिससे भविष्य में कब्रिस्तान की जगह कम तो होगी ही साथ एक नए विवाद की शुरुआत इससे हो सकती है। जिला वक्फ कमेटी के अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने इसको लेकर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारी ने इस निर्माण पर स्टे दे दिया है। लेकिन हठधर्मिता का आलम यह है कि स्टे के बावजूद यहां निर्माण कार्य सतत जारी है।

शिकायत सीएम से लेकर अध्यक्ष तक 

शहर के जिम्मेदारों और फिक्रमंद लोगों में शामिल जिला वक्फ कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के हुसैन पठान ने इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से शिकायत की है। उन्होंने वक्फ संपत्ति की इस बर्बादी को रोकने के लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल से भी गुहार लगाई है। पठान ने कहा कि इस तरह वक्फ की बर्बादी से कल के लिए नया उदाहरण तय होगा, साथ ही इससे समाज में भी गलत संदेश जाएगा।

* इनका कहना है 

नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति के बारे में शिकायत मिली है। जिले के अधिकारियों को स्थिति को दुरुस्त करने के लिए कहा जा रहा है।

डॉ. सनव्वर पटेल 

अध्यक्ष 

मप्र वक्फ बोर्ड

आरक्षण का लाभ उन्हीं को मिले जिनके लिए व्यवस्था बनाई गई है....बाबूलाल मरांडी

भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धर्मांतरण के बाद आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा... यानी धर्म परिवर्तन के बाद वह व्यक्ति आरक्षण या अन्य संवैधानिक लाभों का दावा नहीं कर सकता।

कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह उस सामाजिक संरचना से बाहर हो जाता है, जिसके आधार पर उसे आरक्षण का अधिकार मिला था। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा आरक्षित वर्ग के लाभों का दावा करना संविधान की भावना के विपरीत माना गया है।

कहा कि हाल के वर्षों में यह भी देखा गया है कि कुछ संगठित नेटवर्क लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं, जिसके पीछे सामाजिक या आर्थिक लाभ की सोच भी जुड़ी रहती है। इस तरह के प्रयास न केवल समाज में भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि आरक्षण जैसी संवेदनशील व्यवस्था का दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक था, ताकि वास्तविक हकदारों को ही इसका लाभ मिल सके।

कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को सशक्त करता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिनके उत्थान के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।

चंदौसी में ‘फेस्टिव फिएस्टा’ एग्जीबिशन का भव्य आयोजन, महिला सशक्तिकरण को मिला नया मंच

संभल, चंदौसी। रोटरी क्लब चंदौसी रॉयल्स द्वारा आज चंदौसी के संजीवनी पैलेस में “फेस्टिव फिएस्टा” नाम से एक भव्य एग्जीबिशन का आयोजन किया गया। इस आकर्षक प्रदर्शनी में शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया और हजारों की संख्या में पहुंचकर खरीदारी का आनंद लिया।

इस एग्जीबिशन में ज्वेलरी, ट्रेंडिंग क्लॉथ्स, पार्टी वियर आइटम, मसाले, ड्राई फ्रूट्स, होम डेकोर, किचन एसेसरीज, लेडीज सूट, आर्टिफिशियल ज्वेलरी सहित अनेक प्रकार के स्टॉल लगाए गए। खास बात यह रही कि इन सभी स्टॉल्स का संचालन महिलाओं द्वारा किया गया, जो अपने घरों से कार्य करती हैं। इस पहल के माध्यम से उन्हें अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और व्यापक पहचान बनाने का सशक्त मंच प्राप्त हुआ।

इस प्रदर्शनी में चंदौसी के अलावा बरेली, हल्द्वानी, रुद्रपुर, मेरठ एवं मुरादाबाद जैसे विभिन्न शहरों से भी प्रतिभागियों ने आकर अपने स्टॉल लगाए, जिससे कार्यक्रम का दायरा और भी विस्तृत हो गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डिप्टी कलेक्टर श्रीमती वंदना मिश्रा ज़ी , चंदौसी नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती लता वार्ष्णेय ज़ी , रोटरी अंतरराष्ट्रीय मंडल 3100 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटेरियन CA नितिन अग्रवाल ज़ी , आगामी गवर्नर काव्य सौरभ रस्तोगी ने फीता काटकर किया। इस अवसर क्लब  सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

क्लब अध्यक्ष रोटेरियन वन्दना अग्रवाल, क्लब सचिव रोटेरियन शिल्पी अग्रवाल, कार्यक्रम अध्यक्ष अपूर्व अग्रवाल एवं नैना अग्रवाल, पब्लिक इमेज चेयर रो. राहुल अग्रवाल, असिस्टेंट गवर्नर निखिल अग्रवाल सहित क्लब के अनेक सदस्यों—रो. सौरभ अग्रवाल, आदित्य वार्ष्णेय, विक्रम वार्ष्णेय , मोहित गुप्ता, निमित वार्ष्णेय, शोभित अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, शशांक अग्रवाल, पराग अग्रवाल, सुनीत, आकांशा भार्गव, तनीषा अग्रवाल, सुप्रिया अग्रवाल, प्रियंका वार्ष्णेय, रितु वार्ष्णेय, ज्योति गुप्ता, महिमा अग्रवाल, प्रियंका चौधरी, नैन्सी अग्रवाल, निष्ठा अग्रवाल, शिखा अग्रवाल, निकिता अग्रवाल, वाणी अग्रवाल की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।

रोटरी क्लब चंदौसी रॉयल्स का मुख्य उद्देश्य सामाजिक सेवा एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। “फेस्टिव फिएस्टा” इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने हुनर को पहचान दिलाने का अवसर मिला।

क्लब द्वारा भविष्य में भी इसी प्रकार की सामाजिक एवं सशक्तिकरण से जुड़ी पहलें निरंतर आयोजित की जाती रहेंगी।
मुज़फ्फरनगर )मीरापुर क्षेत्र के गांव भूम्मा रोड पर मधुमक्खीयो ने दो युवक घायल रोहागीरों को मारा डंक


जनपद मुज़फ्फरनगर। के गुरुवार को लगभग 11बजे मीरापुर क्षेत्र के गांव भूम्मा के रास्ते मे मधुमक्खियो के हमले अफरा-तफरी मच गई।एक आइसक्रीम बेचने वाले युवक पर मधुमक्खी के झुंड ने हमला कर दिया। जिससे वह युवक ने जान बचाने के लिए क़रीब आधा किलोमीटर तक भागता रहा अंत मे रहागीरों ने धुआ कर युवक बचाया।बताया जा रहा है कि एक युवक किथौड़ा निवासी जो रोज की भांति मीरापुर से गांव भूम्मा आइसक्रीम बेचने जा रहा था जैसे ही भूम्मा रजवाहे के पास पहुचा इसी दौरान वहाँ आम के बाग में लगे मधुमक्खियां के छते के पास हलचल होने से मधुमक्खियां आक्रामक हो गई और रास्ते में लोगों पर हमला कर दिया रास्ते में आने जाने वाले सब इधर-उधर भागने लगे लेकिन आइसक्रीम युवक पर मधुमक्खियां टूट पड़ी।

स्थानीय लोगों ने चीख पुकार सुनकर मौके पर आग जलाई और धुआ करके मधुमक्खियां को भगाया। जो युवक घायल हुआ उसे अस्पताल पहुंचाया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने निकाली पर्यावरण जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को पर्यावरण संरक्षण हेतु  प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से अधिकाधिक पौधरोपण करने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने,रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने,जल संरक्षण हेतु अपील की।

सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय वृद्धाश्रम का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे वृद्धजन से मिलकर उनकी समस्याओं को समझा। स्वयंसेवकों ने वृद्धजन को फल एवं विस्कुट वितरित किए। स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय उद्यान विभाग की नर्सरी का भ्रमण किया और विभिन्न प्रजातियों के पौधों की नर्सरी और पाली हाउस में तैयार हो रहे पौधों का देखा।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा, विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग,मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के. गुप्त, पूर्व प्राचार्य, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के.गुप्ता जी ने 'वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और ऊर्जा संकट ' विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि हमें ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता बढ़ानी होगी। स्वयं सेवकों को पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज को  समझने की शक्ति विकसित करती है। राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य समाज की सेवा भाव विकसित करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा जी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की अहम भूमिका है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।
सुरियावां ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया:पुलिस ने चोरी की 7 घटनाओं में शामिल 4 को किया गिरफ्तार, 3 क्विंटल तार बरामद

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत सुरियावां पुलिस टीम ने अन्तर्जनपदीय चोरों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सूचना पर प्रयागराज और भदोही जिलों में एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल चोरी के मामलों से संबंधित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी जंगीगंज से कोईरौना जाने वाले तिराहे से करीब 300 मीटर पहले गोपीगंज की तरफ सड़क की दाहिनी पटरी से हुई। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 9 बोरों में लगभग 3 क्विंटल एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल बरामद किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, पुलिस ने दो पिकअप वाहन, एक पल्सर मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और 2500 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। पूछताछ में गिरफ्तार व्यक्तियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसका मुखिया पवन कुमार बिंद पुत्र गुलाबधर बिंद है। वे पवन कुमार बिंद के साथ मिलकर प्रयागराज और भदोही जिलों में विभिन्न स्थानों से बिजली के तार काटकर चोरी करते थे। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 24/25 की रात को भदोही जिले के प्रयागराज बॉर्डर के पास ग्राम नेवादा रोही और आसपास के इलाकों से बिजली के तार चोरी किए थे।

उन्होंने बताया कि पवन कुमार बिंद, संजय बिंद और पवन कुमार बिंद उर्फ ओझा सहित कुल छह लोगों ने मिलकर पोल से तार काटे थे। चोरी किए गए तारों को पिकअप में लादकर पवन कुमार बिंद के घर पर छिपाया गया था। अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने तारों से प्लास्टिक हटाकर एल्युमिनियम को प्लास्टिक के बोरों में भर दिया था। उन्हें जानकारी मिली थी कि पुलिस ने उनकी टाटा मैजिक पिकअप को पहचान लिया है और उनकी तलाश में गांव आई है, जिसके बाद वे चोरी के तार बेचने की फिराक में थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
भरौली टोडर गांव में सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई
बूढनपुर भरौली टोडर गांव में सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर गांव के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर महान सम्राट को श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सम्राट अशोक के जीवन, उनके शासनकाल और उनके द्वारा अपनाए गए बौद्ध धर्म के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया गया कि सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद हिंसा का मार्ग त्यागकर शांति, अहिंसा और मानवता का संदेश पूरे विश्व में फैलाया।समारोह की अध्यक्षता कांता प्रसाद ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में बासदेव मौर्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन लालचंद मौर्य ने किया। संयोजक के रूप में अमन मौर्य, नागेश मौर्य, मनीष मौर्य और आर्यन सम्राट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर एडवोकेट राजेश मौर्य, एडवोकेट जयप्रकाश मौर्य, अर्जुन मौर्य, अनिल मौर्य, जिम्मी सिंह, सुशील उपाध्याय, सागर मौर्य, अजय मौर्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सम्राट अशोक के आदर्शों को अपनाने और समाज में शांति, एकता एवं सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
तपोवन मंदिर पहुँचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन: श्री राम जानकी के चरणों में टेका मत्था, राज्य की खुशहाली की मांगी दुआ

रांची | 27 मार्च 2026: रामनवमी के पावन अवसर पर राजधानी रांची के ऐतिहासिक श्री राम जानकी तपोवन मंदिर, निवारणपुर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस भक्तिमय समागम में मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री दंपत्ति ने मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के चरणों में शीश नवाकर राज्य की उन्नति, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

"प्रभु श्री राम के आदर्शों को जीवन में उतारें"

श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समस्त राज्यवासियों को रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा:

"आज आस्था के इस भव्य समागम में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। भगवान श्री राम के आदर्श हमें धर्म और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा देते हैं। हमें उनके मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। मेरी मंगलकामना है कि प्रभु श्री राम आप सभी की मनोकामनाएं पूरी करें।"

सामाजिक समरसता और सद्भाव की अपील

मुख्यमंत्री ने रांची की गौरवशाली परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि विभिन्न अखाड़ों की शोभायात्राओं का तपोवन मंदिर में मिलन एक ऐतिहासिक दृश्य होता है। उन्होंने जनता से अपील की कि इस महापर्व को पूरी श्रद्धा, उमंग और आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। सामाजिक सद्भाव और समरसता के साथ इस आयोजन को यादगार बनाने का आह्वान किया।

तपोवन मंदिर के सौंदर्यीकरण पर जोर

मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तपोवन मंदिर की अपनी एक अलग पहचान है। राज्य सरकार इस पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए मंदिर के सौंदर्यीकरण और भव्यता की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मंदिर को एक नया और भव्य स्वरूप प्रदान करने का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

भक्तिमय रहा माहौल

पूजा के दौरान तपोवन मंदिर परिसर 'जय श्री राम' के उद्घोष से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित महंत और मंदिर समिति के सदस्यों से भी मुलाकात की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मुख्यमंत्री ने आम श्रद्धालुओं का अभिवादन भी स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री आवास में गूँजी 'जय श्री राम' की गूँज: हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन ने की रामनवमी पूजा-अर्चना

राँची | 27 मार्च 2026: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव, रामनवमी के पावन अवसर पर आज पूरा झारखंड भक्तिमय माहौल में डूबा हुआ है। इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने भी अपनी धर्मपत्नी और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन के साथ मिलकर मुख्यमंत्री आवास स्थित मंदिर में पूरी आस्था और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

विधि-विधान से हुआ पूजन

मुख्यमंत्री और विधायक कल्पना सोरेन ने रामनवमी के शुभ मुहूर्त पर मंदिर में भगवान श्री राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और भक्त हनुमान की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। उन्होंने पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा की और भगवान को भोग लगाकर आरती की। इस दौरान पूरा मुख्यमंत्री आवास 'जय श्री राम' और भक्ति गीतों से गुंजायमान रहा।

राज्य की सुख-समृद्धि की कामना

पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने भगवान राम से झारखंड के सवा तीन करोड़ जनता के लिए आशीर्वाद मांगा। उन्होंने विशेष रूप से राज्य के सर्वांगीण विकास, सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान राम का आशीर्वाद सभी राज्यवासियों पर बना रहे और प्रदेश उन्नति की नई ऊंचाइयों को छुए।

पारिवारिक और आध्यात्मिक माहौल

यह आयोजन अत्यंत निजी और आध्यात्मिक रहा, जिसमें मुख्यमंत्री परिवार के अन्य सदस्य और सीमित कर्मचारी भी शामिल हुए। पूजा के बाद सभी उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

इससे पहले, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी सभी राज्यवासियों को रामनवमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपील की है कि यह महापर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाया जाए।

भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।

कांग्रेसी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष की भतीजी ने करोड़ों में बेच दी वक्फ संपत्ति

स्टे के बाद भी वक्फ कब्रिस्तान पर तन रहीं दुकानें

• नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति हो रही खुर्द बुर्द

खान आशु 

भोपाल। प्रदेश की संस्कारधानी कहलाने वाली जगह से सटे नरसिंहपुर जिले में भू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। संस्कारों को धता दिखाते हुए यहां एक वक्फ संपत्ति को औने पौने दाम पर बेच दिया गया है तो दुनिया से रुखसत हो चुके लोगों के स्थान कब्रिस्तान को भी निशाना बनाने से नहीं चूका गया है। जमीन का सौदा करने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया गया है, जिसपर जिला पंजीयक ने भी नजर नहीं डाली है। जबकि स्टे हो चुके कब्रिस्तान की जमीन पर हो रहे निर्माण पर भी प्रशासन आंखें बंद किए बैठा है। कांग्रेसियों द्वारा किए जा रहे इस गोरखधंधे को भाजपा शासनकाल में भाजपाइयों की शिकायत पर भी असर नहीं हो रहा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान जैसे कई लोग मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से लेकर वक्फ बोर्ड के जिम्मेदारों से गुहार लगा चुके हैं।

मामला नरसिंहपुर जिले का है। यहां जिला मुख्यालय की नगरीय सीमा में स्थित है वक्फ दरगाह जहांगीर शाह एवं इमामबाड़ा। खसरा नंबर 35/1 एवं 35/2 पर बसी इस कृषि भूमि का आधिपत्य मप्र वक्फ बोर्ड का है, इसके रिकॉर्ड में यह दर्ज है। लेकिन कुछ भू माफियाओं की बदनीयत इस जमीन पर पड़ गई, जिसके लिए उन्होंने कुछ कूटरचित दस्तावेज बनाकर इसका सौदा कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति की भतीजी शालिनी प्रजापति की इसमें मुख्य भूमिका है। उन्होंने खुद को इस वक्फ संपत्ति का मालिक करार देते हुए इसका सौदा विश्वास गोटे नामक व्यक्ति को कर दिया है। जानकारी के मुताबिक करीब एक करोड़, 24 रूपये के इस सौदे पर जिला पंजीयक ने भी बिना पड़ताल के सहमति की मुहर लगा दी है। प्रशासनिक अधिकारियों की जल्दबाजी का आलम यह है कि आनन फानन में वे इस विवादास्पद सौदे पर नामांतरण करने को भी तैयार हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्फ अमेंडमेंड बिल की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

शासकीय स्टे को भी धता

नरसिंहपुर जिले की तहसील है गाडरवाड़ा। जिसका एक गांव है कुंडिया। यहां मुस्लिम समाज का एक बरसों पुराना कब्रस्तान है, जो वक्फ बोर्ड के आधिपत्य में है। इस कब्रिस्तान पर भी नजर तिरछी कर दुकानों का निर्माण कराया जा रहा। जिससे भविष्य में कब्रिस्तान की जगह कम तो होगी ही साथ एक नए विवाद की शुरुआत इससे हो सकती है। जिला वक्फ कमेटी के अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े हुसैन पठान ने इसको लेकर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद राजस्व विभाग के सक्षम अधिकारी ने इस निर्माण पर स्टे दे दिया है। लेकिन हठधर्मिता का आलम यह है कि स्टे के बावजूद यहां निर्माण कार्य सतत जारी है।

शिकायत सीएम से लेकर अध्यक्ष तक 

शहर के जिम्मेदारों और फिक्रमंद लोगों में शामिल जिला वक्फ कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के हुसैन पठान ने इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से शिकायत की है। उन्होंने वक्फ संपत्ति की इस बर्बादी को रोकने के लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ सनवर पटेल से भी गुहार लगाई है। पठान ने कहा कि इस तरह वक्फ की बर्बादी से कल के लिए नया उदाहरण तय होगा, साथ ही इससे समाज में भी गलत संदेश जाएगा।

* इनका कहना है 

नरसिंहपुर जिले की वक्फ संपत्ति के बारे में शिकायत मिली है। जिले के अधिकारियों को स्थिति को दुरुस्त करने के लिए कहा जा रहा है।

डॉ. सनव्वर पटेल 

अध्यक्ष 

मप्र वक्फ बोर्ड

आरक्षण का लाभ उन्हीं को मिले जिनके लिए व्यवस्था बनाई गई है....बाबूलाल मरांडी

भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धर्मांतरण के बाद आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा... यानी धर्म परिवर्तन के बाद वह व्यक्ति आरक्षण या अन्य संवैधानिक लाभों का दावा नहीं कर सकता।

कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह उस सामाजिक संरचना से बाहर हो जाता है, जिसके आधार पर उसे आरक्षण का अधिकार मिला था। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा आरक्षित वर्ग के लाभों का दावा करना संविधान की भावना के विपरीत माना गया है।

कहा कि हाल के वर्षों में यह भी देखा गया है कि कुछ संगठित नेटवर्क लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं, जिसके पीछे सामाजिक या आर्थिक लाभ की सोच भी जुड़ी रहती है। इस तरह के प्रयास न केवल समाज में भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि आरक्षण जैसी संवेदनशील व्यवस्था का दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक था, ताकि वास्तविक हकदारों को ही इसका लाभ मिल सके।

कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को सशक्त करता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिनके उत्थान के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।