371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त,दस्तावेजों में कमी के कारण हुई कार्रवाई

*5 जून तक पुनः पंजीकरण कराने के निर्देश

गोंडा।जिले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए 371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।यह कार्रवाई वक्फ दस्तावेजों में खामियों और आवश्यक जानकारी के अभाव में की गयी है।प्रशासन ने धार्मिक सामुदायिक संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता के लिए उम्मीद (UMMEED) पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू किया था।इस दौरान पंजीकरण तिथि, क्षेत्रफल,स्थापना का समय व मुतवल्ली (प्रबंधक) की शैक्षिक योग्यता व नियुक्ति पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गये थे।निर्धारित सूचनाएं एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध न होने के कारण बोर्ड ने इन संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त करने का निर्णय लिया है।हालांकि यह रद्दीकरण अंतिम नहीं है।बोर्ड ने प्रभावित पक्षकारों और प्रबंधकों को अपनी गलतियां सुधारने का अवसर दिया गया है। जिन संपत्तियों का रद्दीकरण हुआ है,उनके आवेदक 5 जून तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उम्मीद पोर्टल पर दोबारा आवेदन कर सकते हैं।दोबारा पंजीकरण के लिए आवश्यक पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो,पते का प्रमाण,मुतवल्ली का नियुक्ति पत्र,मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी,धर्म और शैक्षिक योग्यता का विवरण देना अनिवार्य होगा।विभागीय सूत्रों व वक्फ निरीक्षक के अनुसार, इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाली वक्फ संपत्तियों में सबसे अधिक संख्या कब्रिस्तानों व मस्जिदों की है।सूची में छोटे मुहल्लों की मस्जिदों से लेकर बड़े सार्वजनिक कब्रिस्तान,मदरसे, ईदगाह,इमामबाड़ा,दरगाह और आय अर्जित करने वाली व्यवसायिक वक्फ संपत्तियां भी शामिल हैं।बताते चलें कि जिले में लगभग 1100 से अधिक वक्फ संपत्तियां सूचीबद्ध की गई थीं,जिनमें एक तिहाई से अधिक पर कार्रवाई हुई है।प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना और अवैध कब्जों या गलत प्रबंधन को रोकना है।अब सभी की नजरें 5 जून की समय सीमा पर टिकी हुई हैं,ताकि इन धार्मिक स्थलों का वैधानिक दर्जा बहाल हो सके।जिले के वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार ने पुष्टि किया है कि 371 संपत्तियों का पंजीकरण खामियों के कारण निरस्त किया गया है।
मध्य प्रदेश के धार में मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलटा, 16 लोगों की मौत

  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया हादसे पर दुख, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा के पास बुधवार रात मजदूरों से भरा एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में 6 बच्चों समेत 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

जानकारी के अनुसार, धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र में चिकलिया फाटा पर जिओ पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित हो गया और तीन-चार बार पलटी खाते हुए सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। पिकअप वाहन करीब 100 किलोमीटर की रफ्तार में था। प्रत्यक्षदर्शी शुभम सिसोदिया ने बताया कि हादसे के समय मैं घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद था। स्कॉर्पियो मांगूद से धार की ओर जा रही थी, जबकि पिकअप वाहन धार से मांगूद की तरफ आ रहा था। इसी दौरान अचानक पिकअप का टायर फट गया। अनियंत्रित होकर पिकअप डिवाइडर को पार करते हुए रॉन्ग साइड में आ गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया और फिर पलट गया।

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत कार्य शुरू किया और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। सड़क पर कई घायल मजदूर पड़े हुए थे, जिससे स्थिति बेहद गंभीर और संवेदनशील बन गई। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को धार के जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

धार जिला चिकित्सालय में एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यहां पहुंचे कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है। जिला अस्पताल में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर छत्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि मौके पर पहुंचे सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। पिकअप के दुर्घटना के बाद यहां घायल पहुंचे हुए हैं।

हादसे की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने बताया कि तेज रफ्तार पिकअप वाहन से एक हादसा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार यहीं जारी है। मौके पर प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद है और सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय किया गया है। इंदौर जिला प्रशासन, वहां के सीएमएचओ और स्वास्थ्य टीम से समन्वय स्थापित कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

इंदौर कमिश्नर सुदाम खाड़े ने बताया कि पिकअप वाहन में करीब 46 लोग सवार थे। घायलों के इलाज को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था की है। गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। वहीं करीब 15 घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है, जबकि छह अन्य का उपचार निजी अस्पतालों में जारी है। धार के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि पिकअप वाहन तेज रफ्तार में था। चालक के नियंत्रण छूटने से वाहन तीन-चार बार पलटा। इसी दौरान सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई।

एसपी अवस्थी के अनुसार, मृतकों में तनु (9 वर्ष) पुत्री उमेश निवासी नयापुरा धार, अंगूरी बाई (35) पत्नी भूरिया निवासी सेमलीपुरा धार, मैना बाई (45) पत्नी कृष्णा निवासी पटेलपुरा धार, सुमित (14) पुत्र नानूनाम निवासी नयापुरा धार, किरण (9) पुत्री दिनेश निवासी सेमलीपुरा धार, भूरी बाई (35) पत्नी सुंदर निवासी सेमलीपुरा धार, रंजना (25) पुत्री मनीष निवासी सेमलीपुरा धार, आयुष (14) पुत्र राजेन्द्र निवासी नयापुरा धार, गोकुल (15) पुत्र कैलाश निवासी नयापुरा धार, सुनीता (42) पत्नी नारायण निवासी नयापुरा धार, कांता (45) पत्नी उदयसिंह निवासी सेमलीपुरा, रिंकू (19) पुत्र कंवर लाल निवासी नयापुरा धार, रंजना (22) पुत्री रामसिंह निवासी नयापुरा धार, सावित्री बाई (30) फत्नी सुभाष निवासी धार, संगीता (35) पत्नी पप्पू निवासी नयापुरा धार और प्रिया पुत्री विष्णु निवासी रामपुरा धार शामिल हैं।

  • पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख की सहायता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धार हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि मध्य प्रदेश के धार जिले में हुई दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार हादसे के प्रभावितों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित चिकलिया फाटा के पास हुआ सड़क हादसा हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं। मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इंदौर संभागायुक्त और आईजी को उपचार व्यवस्था के लिए धार जाने के निर्देश दिए हैं। सभी घायलों का उपचार नि:शुल्क किया जाएगा। ईश्वर दिवंगतों को शांति व शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना है।

धार के जिला प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटना पर दुख जताया है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा कि इंदौर में भी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। धार से आने वाले घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।

जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में बड़ा खुलासा

  • धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर सरकार जवाब दे : अमित शर्मा

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री अमित शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल स्लॉटर हाउस का मामला केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन परंपराओं, धार्मिक भावनाओं तथा शासन-प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में असलम चमड़ा एवं उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई, बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इतना बड़ा अवैध कारोबार केवल एक व्यक्ति के भरोसे संचालित हो सकता है?

श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल की महापौर, एमआईसी सदस्य तथा संबंधित अधिकारियों ने लगातार यह कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन आज प्रस्तुत दस्तावेज स्पष्ट करते हैं कि यह दावा पूरी तरह असत्य है।

उन्होंने पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर 2025 की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 6 के अंतर्गत जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस के कार्य को पूर्ण करने हेतु 8 अक्टूबर 2025 तक मात्र 6 माह की अवधि विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। किन्तु बाद में उसी प्रक्रिया में संशोधन कर बिना पेनल्टी समयावधि बढ़ाते हुए संचालन एवं संधारण का अनुबंध 20 वर्षों के लिए दे दिया गया। यह गंभीर अनियमितता है।

श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की पेनल्टी, जो संबंधित पक्ष पर लगाई गई थी, उसे भी माफ कर दिया गया। पहले दंड लगाया गया और बाद में मिलीभगत से उसे समाप्त कर दिया गया। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर दस्तावेजों पर मौजूद हैं। इनमें महापौर श्रीमती मालती राय सहित कई एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि जनता को गुमराह किया गया।

श्री शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी केवल खानापूर्ति साबित हुई है। मूल दस्तावेजों को जांच से दूर रखा गया और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो फिर इस मामले पर भाजपा के बड़े नेता और स्वयंभू धर्म रक्षक मौन क्यों हैं?

श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, सभी दोषी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता के सामने सत्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि कल असलम चमड़ा को जमानत मिलना यह स्पष्ट करता है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े संरक्षणकर्ताओं की भूमिका है, जिनकी पहचान उजागर होना आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता की आवाज बनाकर लगातार उठाएगी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ तथा भ्रष्टाचार करने वालों को बेनकाब करेगी।

अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव व वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन अध्यक्ष संजय नगायच ने संभाला पदभार

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में भाजपा प्रदेश कार्यालय में अपेक्स बैंक के नव नियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव तथा मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के नव नियुक्त अध्यक्ष संजय नगायच ने पदभार ग्रहण किया।

इससे पूर्व दोनों पदाधिकारियों ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद अपेक्स बैंक एवं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन कार्यालय पहुंचकर मध्यप्रदेश शासन के मंत्रियों और पार्टी नेताओं की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कार्यभार संभाला।

महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा का संकल्प लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपेक्स बैंक की कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाकर सहकारिता क्षेत्र को सशक्त किया जाएगा तथा किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास होगा।

वहीं, संजय नगायच ने कहा कि संगठन और सरकार ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा। वेयरहाउसिंग व्यवस्था से जुड़े किसानों के कार्यों का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। साथ ही कृषि को रोजगार और उद्योग से जोड़ने वाली योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृष्णा गौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की बैठक, 24 जिलों में चलेगी मोबाइल साइंस बस

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ बनाने तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण विकसित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान राज्य के समग्र विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, संसाधन एवं संभावनाओं की कोई कमी नहीं है; आवश्यकता केवल इन क्षमताओं को सही दिशा, उपयुक्त मंच एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में परिषद के माध्यम से राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार, अनुसंधान को प्रोत्साहन, नवाचार संस्कृति के विस्तार तथा शैक्षणिक संस्थानों, शोध संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। यह भी उल्लेख किया गया कि विज्ञान एवं तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी तथा झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में अग्रसर करेंगी।

उक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाया जाए तथा राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान एवं नवाचार को समाज एवं शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन पर भी विचार-विमर्श करते हुए निर्देश दिया कि इसका परिचालन राज्य के सभी 24 जिलों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग, विशेषकर विद्यार्थी, इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। झारखंड में विज्ञान जागरूकता के लिए मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियाँ पहले भी उपयोगी साबित हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के साथ-साथ मैकेनिकल नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कृषि कार्य अधिक सुलभ, आधुनिक और उत्पादक बन सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र न रहे, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे देखें और उससे प्रेरित हों।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस केंद्र एवं तारामंडलों की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिया कि इन संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक और जनोपयोगी स्वरूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी एवं तारामंडलों का भ्रमण कराने के लिए विशेष पहल की जाए, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शोध एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक श्री विकास मुंडा, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवास, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव श्री राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक श्री सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री सुनील कुमार, निदेशक, एनएमएल जमशेदपुर डॉ. संदीप घोष चौधरी, हेड, स्टेट साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रोग्राम (भारत सरकार) डॉ. निशा मेंदिरत्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।_

समारोह पूर्वक मेधावी छात्राओं को किया गया सम्मानित

खरगूपुर (गोंडा)। यूपी बोर्ड परीक्षा में स्कूल टॉप करने वाली छात्रा सहित अन्य मेधावी छात्राओं को प्रबंधक व प्रधानाचार्य ने मंगलवार को सम्मानित किया। खरगूपुर क्षेत्र के बाबा पृथ्वीनाथ बालिका इंटर कॉलेज की हाई स्कूल की छात्रा साक्षी  ने 94.66% अंक पाकर स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया था, जिसे विद्यालय के प्रबंधक नित्यानंद शुक्ल व प्रधानाचार्य ऊषा त्रिपाठी ने छात्रा को साइकिल, किताब व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।

इसके अलावा हाई स्कूल की निधि, प्रज्ञा, अंशिका, दृष्टि, प्रतिज्ञा, पल्लवी तथा इंटर मीडियट की छात्रा मानसी,आंचल, प्रिया सहित 20 छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया गया। प्रबंधक श्री शुक्ल ने कहा कि शिक्षा एक ऐसी विधा है, जिसे प्राप्त कर तुम लोग कहीं भी सम्मान की हकदार बन सकती हो। इसलिए सभी लोग खूब मेहनत से पढ़कर स्कूल, जिले व प्रदेश का नाम रोशन करो। छात्राओं को प्रधानाचार्य व सहायक अध्यापक टी पी यादव, वासुदेव तिवारी, सुनीता शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस मौके पर शेषनारायण शुक्ल, रामदास पांडेय, धर्मेंद्र शर्मा, माधव राज यादव, राम उददुर वर्मा, रंजू शुक्ला, माधुरी शुक्ला, सैयदा खातून, गीता शुक्ला रहीं।
गंगा एक्सप्रेसवे विकास का नया अध्याय, यूपी बना 60% एक्सप्रेसवे वाला राज्य: नन्दी

* समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है गंगा एक्सप्रेसवे, उद्घाटन समारोह में बोले औद्योगिक विकास मंत्री

लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के समग्र विकास, प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच का दर्पण है। उन्होंने कहा कि इसके लोकार्पण के साथ उत्तर प्रदेश देश का 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि माँ गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, संस्कृति और समृद्धि का केंद्र हैं। जिस प्रकार गंगा का जल धरती को उर्वर बनाता है, उसी प्रकार गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को नया स्वरूप देने जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश के अवस्थापना विकास के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय साबित होगी।
नन्दी ने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक जीवनरेखा है और यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक जीवनरेखा के रूप में स्थापित होगा। इससे निवेश, परिवहन, रोजगार और व्यापार को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेस प्रदेश’ के रूप में नई पहचान मिली है। पिछले नौ वर्षों में बुन्देलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को दोगुनी रफ्तार मिली है।
मंत्री ने कहा कि प्रयागराज से देश की राजधानी तक जुड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों की यात्रा में मील का पत्थर है और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के संकल्प को साकार करता है।
भाजपा द्वारा पानी-बिजली के ज्वलंत मुद्दे पर 6-12 मई तक जिलावार प्रदर्शन का ऐलान

बीते 17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन करने के बाद झारखंड भाजपा ने एक बार फिर पानी की घोर किल्लत एवं बिजली कटौती को लेकर जोरदार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 6 से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक भाजपा द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर विभिन्न जिलों में जोरदार प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पानी बिजली संकट से त्राहिमाम कर रही झारखंड की जनता के बीच व्याप्त भारी आक्रोश को आंदोलन के माध्यम से स्वर देने का निर्णय लिया है। इसी निमित्त भारतीय जनता पार्टी द्वारा 6 मई से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक जिलावार जन प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की तैयार रूपरेखा के अनुसार 6 मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, 7 मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, 8 मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, 9 मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर प्रदर्शन करेंगे। हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती है। हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का काम करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि पूरा झारखंड पेयजल की घोर किल्लत से त्राहिमाम कर रहा है। प्रदेश भर में लगभग 80000 चापानल खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े चापानल को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है। राज्य भर में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जनता की यह पीड़ा राज्य सरकार को महसूस नहीं होती है। काफी दुख का विषय है कि सरकार की रुचि जनसमस्याओं को दूर करने की बजाय पूरी कैबिनेट के साथ दूसरे प्रदेशों में चुनावी दौरा कर पिकनिक मनाने में अधिक है। लगता है, सीएम का फोकस पॉइंट झारखंड की बजाय पड़ोसी राज्य हो गया है। हेमंत सरकार को भले ही आम लोगों की यह पीड़ा महसूस नहीं होती परन्तु भाजपा का एक एक कार्यकर्ता आम लोगों की इस पीड़ा को महसूस कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर को स्वच्छ जल मिले, इसके लिए नल जल योजना के रूप में महत्वाकांक्षी योजना चलाई, इसमें सफलता भी मिली। लेकिन दुखद बात यह है कि 12764 करोड़ रुपए झारखंड में खर्च होने के बावजूद यहां पर यह योजना धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही है। अधिकांश जगहों पर जलापूर्ति कागजों तक ही सीमित है, नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल सुनी सुनाई बातों को नहीं कह रहे हैं बल्कि इस योजना का भुक्तभोगी वे खुद हैं और उदाहरण के तौर पर उनका गांव है, जहां नल तो लगा है, पाइप भी बिछाया गया है लेकिन पानी का एक बूंद आज तक नहीं मिल पाया है। हेमंत सरकार ने इस योजना में भ्रष्टाचार करने का काम किया है। आज भी राज्य में 45% परिवार इस योजना से वंचित हैं। इस योजना की झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25% पीछे है। देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2019 से 2025 के बीच झारखंड को 12982 करोड रुपए आवंटित किए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30% ही राज्य सरकार खर्च कर पाई। 7000 से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य सरकार दोषारोपण करती है कि केंद्र सरकार भेदभाव करती है, गैर बीजेपी शासित प्रदेश को मदद नहीं करती। इससे प्रमाणित होता है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक है। दरअसल केंद्र के पैसे को झारखंड सरकार खर्च ही नहीं कर पाती। आज अगर नल जल योजना को सही से जमीन पर उतारा जाता तो लोगों को पानी की इतनी भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। माताएं बहने कई किलोमीटर से माथे पर बर्तन लेकर चुआ तालाब से पानी लाने को विवश हैं। राज्य सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, प्रलोभन देना, ठगना ही इस सरकार का एकमात्र काम रह गया है।

श्री साहू ने कहा कि पानी की किल्लत और बिजली कटौती के विरोध में भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पानी बिजली के मुद्दे पर सरकार गंभीरता दिखाएं। लोगों को पानी की कमी नहीं हो। खराब पड़े चापानलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। अब तो केंद्र ने भी पंचायत को पैसा दे दिया है, उसका इन कार्यों में सदुपयोग हो। प्रदेश अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार कितनी गंभीर होगी, सरकार ही जाने। लेकिन इतना तय है कि जमीनी हकीकत से कोसों दूर सरकार की तरफ से अखबारों में खंडन जरूर किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि सरकार अपनी ऊर्जा इन सब चीजों की बजाय जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में लगावे तो ज्यादा बेहतर होगा।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो, भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी एवं प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

उत्तर प्रदेश के विकास की नई जीवन रेखा बनेगा गंगा एक्सप्रेस-वे: नरेन्द्र मोदी
- प्रधानमंत्री मोदी ने उप्र के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का किया लोकार्पण- प्रधानमंत्री का ऐलान- अब मेरठ से आगे हरिद्वार तक जाएगा गंगा एक्सप्रेसवे

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद में प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे मां गंगा हजारों वर्ष से उत्तर प्रदेश की और इस देश की जीवन रेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता यह गंगा एक्सप्रेस-वे राज्य के विकास की नई जीवन रेखा बनेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे के लाेकार्पण के माैके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने कहा कि यह भी संयोग है कि पिछले चार-पांच दिन से मां गंगा के सानिध्या में रहा। आज सुबह ही काशी में दर्शन किया। अब मां गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण का अवसर मिला है। मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का विजन झलकता है और विरासत की झलक भी दिखती है। मै यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे की बधाई देता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र के उत्सव का अहम दिन है। बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। जो खबरें आ रही हैं, उससे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही है। लंबी-लंबी कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया में छाई हुई है। पिछले पांच छह दशक में जो नहीं हुआ, वह आज हो रहा है। लोग भयमुक्त होकर मतदान कर रहे हैं। यह देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मै बंगाल की जनता का आभार प्रकट करता हूं। अभी वोटिंग में कई घंटे बाकी हैं। बंगाल की जनता से अपील करता हूं कि ऐसे ही वे उत्साह से लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी करें।

उन्हाेंने कहाकि कुछ समय पहले बिहार में जब चुनाव हुए तब भाजपा एनडीए ने चुनाव में इतिहास रच दिया था। अभी-अभी कल ही गुजरात में निकाय और पंचायत चुनावों के रिजल्ट आए हैं। आपको जानकर खुशी होगी कि भाजपा ने 80 फीसदी निकाय और पंचायत चुनाव जीत लिए हैं। मोदी के इन शब्दाें के दाैरान भारी जनसमूह ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। माेदीे ने कहा कि मुझे विश्वास है कि भाजपा इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में हैट्रिक लगाने जा रही है। चुनाव परिणाम 4 मई काे विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। देश के विकास की गति को नयी ऊर्जा से भरेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास लिए तेजी से हमें इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना है। दिसंबर 2021 में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने मैं शाहजहांपुर आया था। अभी पांच साल से भी कम समय हुआ है। देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे में शुमार यह गंगा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है। आज हरदोई से इसका लोकार्पण हो रहा है। यही नहीं, एक ओर गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हुआ है, साथ ही इसके विस्तार की योजना पर कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही यह गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से बढ़कर हरिद्वार तक जाएगा। यह डबल इंजन सरकार का कार्य। यह है भाजपा सरकार के कार्य करने का विजन और तरीका।

माेदी ने कहा कि कुछ दिन पहले दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण करने का मौका मिला था। तब मैने कहा था कि यह एक्सप्रेसवे विकसित भारत की हस्तरेखाएं हैं। अब वह दौर चला गया जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। शिलान्यास हो जाता था। चुनाव के लिए पत्थर लग जाते थे। सरकारें आती-जाती रहती थीं। फिर वह योजना फाइलों में दब कर रह जाती थी। आज डबल इंजन की सरकार में शिलान्यास होता है तो लोकार्पण भी होता है। यह एक्सप्रेसवे जिन क्षेत्रों से होकर गुजर रहा है, यहां की जमीन वरदान के रूप में है, लेकिन पहले की सरकारों ने कार्य नहीं किया। कोल्ड स्टोरेज की कमी थी। बड़े बाजारों तक पहुंच नहीं थी। किसानों को काई अवसर नहीं मिलते थे।

मोदी ने कहा कि अब किसान अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। औद्योगिक कोरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। सभी 12 जिलों में उद्योग के नये अवसर पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टविटी से स्थानीय उद्योगों के लिए नए रास्ते खुलेंगे। लाखों परिवारों की इससे आमदनी बढ़ेगी। पुरानी सरकारों में हरदोई और उन्नाव जैसे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की कोई कल्पना कर सकता था क्या ? पहले उप्र को पिछड़ा कहा जाता था। आज एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी विजन को लेकर बीते कुछ वर्षों से कार्य हो रहा है। अब यूपी में हजारों करोड़ का निवेश हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में जितना मोबाइल बन रहा है, उसमें से आधे मोबाइल यहीं यूपी में बन रहे हैं। उप्र का औद्योगिक विकास आज सामरिक ताकत बन रहा है। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें आज यूपी में बन रही हैं। रक्षा उपकरणों को बनाने का कार्य एमएसएमई इकाइयों को मिलता है। सड़कें नहीं होती थीं। आज एक्सप्रेसवे का जाल बिछा है। पहले पड़ोसी जिलों में जाने में कठिनाई होती थी। आज हवाई अड्डे बन रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि पहले यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनती थी। आज कानून व्यवस्था का उदाहरण दिया जाता है। सपा को यह विकास पंसद नहीं आ रहा है। सपा विकास विरोधी तो है ही, नारी विरोधी भी है। संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण के लिए संशोधन बिल लाया जा रहा था, जिसका इन्होंने विरोध किया। यह हमेशा महिला विरोधी राजनीति करेंगे। यह विकास विरोधी हैं।

इस मौके पर उप्र की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री व उप्र भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, केन्द्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्री सुरेश खन्ना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, असीम अरुण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त,दस्तावेजों में कमी के कारण हुई कार्रवाई

*5 जून तक पुनः पंजीकरण कराने के निर्देश

गोंडा।जिले में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए 371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।यह कार्रवाई वक्फ दस्तावेजों में खामियों और आवश्यक जानकारी के अभाव में की गयी है।प्रशासन ने धार्मिक सामुदायिक संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता के लिए उम्मीद (UMMEED) पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू किया था।इस दौरान पंजीकरण तिथि, क्षेत्रफल,स्थापना का समय व मुतवल्ली (प्रबंधक) की शैक्षिक योग्यता व नियुक्ति पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गये थे।निर्धारित सूचनाएं एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध न होने के कारण बोर्ड ने इन संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त करने का निर्णय लिया है।हालांकि यह रद्दीकरण अंतिम नहीं है।बोर्ड ने प्रभावित पक्षकारों और प्रबंधकों को अपनी गलतियां सुधारने का अवसर दिया गया है। जिन संपत्तियों का रद्दीकरण हुआ है,उनके आवेदक 5 जून तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उम्मीद पोर्टल पर दोबारा आवेदन कर सकते हैं।दोबारा पंजीकरण के लिए आवश्यक पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो,पते का प्रमाण,मुतवल्ली का नियुक्ति पत्र,मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी,धर्म और शैक्षिक योग्यता का विवरण देना अनिवार्य होगा।विभागीय सूत्रों व वक्फ निरीक्षक के अनुसार, इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाली वक्फ संपत्तियों में सबसे अधिक संख्या कब्रिस्तानों व मस्जिदों की है।सूची में छोटे मुहल्लों की मस्जिदों से लेकर बड़े सार्वजनिक कब्रिस्तान,मदरसे, ईदगाह,इमामबाड़ा,दरगाह और आय अर्जित करने वाली व्यवसायिक वक्फ संपत्तियां भी शामिल हैं।बताते चलें कि जिले में लगभग 1100 से अधिक वक्फ संपत्तियां सूचीबद्ध की गई थीं,जिनमें एक तिहाई से अधिक पर कार्रवाई हुई है।प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना और अवैध कब्जों या गलत प्रबंधन को रोकना है।अब सभी की नजरें 5 जून की समय सीमा पर टिकी हुई हैं,ताकि इन धार्मिक स्थलों का वैधानिक दर्जा बहाल हो सके।जिले के वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार ने पुष्टि किया है कि 371 संपत्तियों का पंजीकरण खामियों के कारण निरस्त किया गया है।
मध्य प्रदेश के धार में मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलटा, 16 लोगों की मौत

  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया हादसे पर दुख, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा के पास बुधवार रात मजदूरों से भरा एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में 6 बच्चों समेत 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

जानकारी के अनुसार, धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र में चिकलिया फाटा पर जिओ पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित हो गया और तीन-चार बार पलटी खाते हुए सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। पिकअप वाहन करीब 100 किलोमीटर की रफ्तार में था। प्रत्यक्षदर्शी शुभम सिसोदिया ने बताया कि हादसे के समय मैं घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद था। स्कॉर्पियो मांगूद से धार की ओर जा रही थी, जबकि पिकअप वाहन धार से मांगूद की तरफ आ रहा था। इसी दौरान अचानक पिकअप का टायर फट गया। अनियंत्रित होकर पिकअप डिवाइडर को पार करते हुए रॉन्ग साइड में आ गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया और फिर पलट गया।

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत कार्य शुरू किया और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। सड़क पर कई घायल मजदूर पड़े हुए थे, जिससे स्थिति बेहद गंभीर और संवेदनशील बन गई। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को धार के जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

धार जिला चिकित्सालय में एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यहां पहुंचे कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है। जिला अस्पताल में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर छत्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि मौके पर पहुंचे सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। पिकअप के दुर्घटना के बाद यहां घायल पहुंचे हुए हैं।

हादसे की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने बताया कि तेज रफ्तार पिकअप वाहन से एक हादसा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार यहीं जारी है। मौके पर प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद है और सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय किया गया है। इंदौर जिला प्रशासन, वहां के सीएमएचओ और स्वास्थ्य टीम से समन्वय स्थापित कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

इंदौर कमिश्नर सुदाम खाड़े ने बताया कि पिकअप वाहन में करीब 46 लोग सवार थे। घायलों के इलाज को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था की है। गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। वहीं करीब 15 घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है, जबकि छह अन्य का उपचार निजी अस्पतालों में जारी है। धार के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि पिकअप वाहन तेज रफ्तार में था। चालक के नियंत्रण छूटने से वाहन तीन-चार बार पलटा। इसी दौरान सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई।

एसपी अवस्थी के अनुसार, मृतकों में तनु (9 वर्ष) पुत्री उमेश निवासी नयापुरा धार, अंगूरी बाई (35) पत्नी भूरिया निवासी सेमलीपुरा धार, मैना बाई (45) पत्नी कृष्णा निवासी पटेलपुरा धार, सुमित (14) पुत्र नानूनाम निवासी नयापुरा धार, किरण (9) पुत्री दिनेश निवासी सेमलीपुरा धार, भूरी बाई (35) पत्नी सुंदर निवासी सेमलीपुरा धार, रंजना (25) पुत्री मनीष निवासी सेमलीपुरा धार, आयुष (14) पुत्र राजेन्द्र निवासी नयापुरा धार, गोकुल (15) पुत्र कैलाश निवासी नयापुरा धार, सुनीता (42) पत्नी नारायण निवासी नयापुरा धार, कांता (45) पत्नी उदयसिंह निवासी सेमलीपुरा, रिंकू (19) पुत्र कंवर लाल निवासी नयापुरा धार, रंजना (22) पुत्री रामसिंह निवासी नयापुरा धार, सावित्री बाई (30) फत्नी सुभाष निवासी धार, संगीता (35) पत्नी पप्पू निवासी नयापुरा धार और प्रिया पुत्री विष्णु निवासी रामपुरा धार शामिल हैं।

  • पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख की सहायता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धार हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि मध्य प्रदेश के धार जिले में हुई दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार हादसे के प्रभावितों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित चिकलिया फाटा के पास हुआ सड़क हादसा हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं। मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इंदौर संभागायुक्त और आईजी को उपचार व्यवस्था के लिए धार जाने के निर्देश दिए हैं। सभी घायलों का उपचार नि:शुल्क किया जाएगा। ईश्वर दिवंगतों को शांति व शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना है।

धार के जिला प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटना पर दुख जताया है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा कि इंदौर में भी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। धार से आने वाले घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।

जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में बड़ा खुलासा

  • धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर सरकार जवाब दे : अमित शर्मा

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री अमित शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल स्लॉटर हाउस का मामला केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन परंपराओं, धार्मिक भावनाओं तथा शासन-प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में असलम चमड़ा एवं उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई, बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इतना बड़ा अवैध कारोबार केवल एक व्यक्ति के भरोसे संचालित हो सकता है?

श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल की महापौर, एमआईसी सदस्य तथा संबंधित अधिकारियों ने लगातार यह कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन आज प्रस्तुत दस्तावेज स्पष्ट करते हैं कि यह दावा पूरी तरह असत्य है।

उन्होंने पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर 2025 की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 6 के अंतर्गत जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस के कार्य को पूर्ण करने हेतु 8 अक्टूबर 2025 तक मात्र 6 माह की अवधि विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। किन्तु बाद में उसी प्रक्रिया में संशोधन कर बिना पेनल्टी समयावधि बढ़ाते हुए संचालन एवं संधारण का अनुबंध 20 वर्षों के लिए दे दिया गया। यह गंभीर अनियमितता है।

श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की पेनल्टी, जो संबंधित पक्ष पर लगाई गई थी, उसे भी माफ कर दिया गया। पहले दंड लगाया गया और बाद में मिलीभगत से उसे समाप्त कर दिया गया। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर दस्तावेजों पर मौजूद हैं। इनमें महापौर श्रीमती मालती राय सहित कई एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि जनता को गुमराह किया गया।

श्री शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी केवल खानापूर्ति साबित हुई है। मूल दस्तावेजों को जांच से दूर रखा गया और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो फिर इस मामले पर भाजपा के बड़े नेता और स्वयंभू धर्म रक्षक मौन क्यों हैं?

श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, सभी दोषी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता के सामने सत्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि कल असलम चमड़ा को जमानत मिलना यह स्पष्ट करता है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े संरक्षणकर्ताओं की भूमिका है, जिनकी पहचान उजागर होना आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता की आवाज बनाकर लगातार उठाएगी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ तथा भ्रष्टाचार करने वालों को बेनकाब करेगी।

अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव व वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन अध्यक्ष संजय नगायच ने संभाला पदभार

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में भाजपा प्रदेश कार्यालय में अपेक्स बैंक के नव नियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव तथा मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के नव नियुक्त अध्यक्ष संजय नगायच ने पदभार ग्रहण किया।

इससे पूर्व दोनों पदाधिकारियों ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद अपेक्स बैंक एवं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन कार्यालय पहुंचकर मध्यप्रदेश शासन के मंत्रियों और पार्टी नेताओं की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कार्यभार संभाला।

महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा का संकल्प लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपेक्स बैंक की कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाकर सहकारिता क्षेत्र को सशक्त किया जाएगा तथा किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास होगा।

वहीं, संजय नगायच ने कहा कि संगठन और सरकार ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा। वेयरहाउसिंग व्यवस्था से जुड़े किसानों के कार्यों का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। साथ ही कृषि को रोजगार और उद्योग से जोड़ने वाली योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृष्णा गौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की बैठक, 24 जिलों में चलेगी मोबाइल साइंस बस

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ बनाने तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण विकसित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान राज्य के समग्र विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, संसाधन एवं संभावनाओं की कोई कमी नहीं है; आवश्यकता केवल इन क्षमताओं को सही दिशा, उपयुक्त मंच एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में परिषद के माध्यम से राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार, अनुसंधान को प्रोत्साहन, नवाचार संस्कृति के विस्तार तथा शैक्षणिक संस्थानों, शोध संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। यह भी उल्लेख किया गया कि विज्ञान एवं तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी तथा झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में अग्रसर करेंगी।

उक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाया जाए तथा राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान एवं नवाचार को समाज एवं शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन पर भी विचार-विमर्श करते हुए निर्देश दिया कि इसका परिचालन राज्य के सभी 24 जिलों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग, विशेषकर विद्यार्थी, इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। झारखंड में विज्ञान जागरूकता के लिए मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियाँ पहले भी उपयोगी साबित हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के साथ-साथ मैकेनिकल नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कृषि कार्य अधिक सुलभ, आधुनिक और उत्पादक बन सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र न रहे, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे देखें और उससे प्रेरित हों।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस केंद्र एवं तारामंडलों की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिया कि इन संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक और जनोपयोगी स्वरूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी एवं तारामंडलों का भ्रमण कराने के लिए विशेष पहल की जाए, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शोध एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक श्री विकास मुंडा, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवास, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव श्री राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक श्री सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री सुनील कुमार, निदेशक, एनएमएल जमशेदपुर डॉ. संदीप घोष चौधरी, हेड, स्टेट साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रोग्राम (भारत सरकार) डॉ. निशा मेंदिरत्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।_

समारोह पूर्वक मेधावी छात्राओं को किया गया सम्मानित

खरगूपुर (गोंडा)। यूपी बोर्ड परीक्षा में स्कूल टॉप करने वाली छात्रा सहित अन्य मेधावी छात्राओं को प्रबंधक व प्रधानाचार्य ने मंगलवार को सम्मानित किया। खरगूपुर क्षेत्र के बाबा पृथ्वीनाथ बालिका इंटर कॉलेज की हाई स्कूल की छात्रा साक्षी  ने 94.66% अंक पाकर स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त किया था, जिसे विद्यालय के प्रबंधक नित्यानंद शुक्ल व प्रधानाचार्य ऊषा त्रिपाठी ने छात्रा को साइकिल, किताब व प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।

इसके अलावा हाई स्कूल की निधि, प्रज्ञा, अंशिका, दृष्टि, प्रतिज्ञा, पल्लवी तथा इंटर मीडियट की छात्रा मानसी,आंचल, प्रिया सहित 20 छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका हौसला बढ़ाया गया। प्रबंधक श्री शुक्ल ने कहा कि शिक्षा एक ऐसी विधा है, जिसे प्राप्त कर तुम लोग कहीं भी सम्मान की हकदार बन सकती हो। इसलिए सभी लोग खूब मेहनत से पढ़कर स्कूल, जिले व प्रदेश का नाम रोशन करो। छात्राओं को प्रधानाचार्य व सहायक अध्यापक टी पी यादव, वासुदेव तिवारी, सुनीता शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस मौके पर शेषनारायण शुक्ल, रामदास पांडेय, धर्मेंद्र शर्मा, माधव राज यादव, राम उददुर वर्मा, रंजू शुक्ला, माधुरी शुक्ला, सैयदा खातून, गीता शुक्ला रहीं।
गंगा एक्सप्रेसवे विकास का नया अध्याय, यूपी बना 60% एक्सप्रेसवे वाला राज्य: नन्दी

* समग्र विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है गंगा एक्सप्रेसवे, उद्घाटन समारोह में बोले औद्योगिक विकास मंत्री

लखनऊ। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश के समग्र विकास, प्रतिबद्धता और दूरदर्शी सोच का दर्पण है। उन्होंने कहा कि इसके लोकार्पण के साथ उत्तर प्रदेश देश का 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि माँ गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, संस्कृति और समृद्धि का केंद्र हैं। जिस प्रकार गंगा का जल धरती को उर्वर बनाता है, उसी प्रकार गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को नया स्वरूप देने जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश के अवस्थापना विकास के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय साबित होगी।
नन्दी ने कहा कि गंगा भारत की सांस्कृतिक जीवनरेखा है और यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की औद्योगिक जीवनरेखा के रूप में स्थापित होगा। इससे निवेश, परिवहन, रोजगार और व्यापार को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेस प्रदेश’ के रूप में नई पहचान मिली है। पिछले नौ वर्षों में बुन्देलखंड एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और अब गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रदेश के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को दोगुनी रफ्तार मिली है।
मंत्री ने कहा कि प्रयागराज से देश की राजधानी तक जुड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों की यात्रा में मील का पत्थर है और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के संकल्प को साकार करता है।
भाजपा द्वारा पानी-बिजली के ज्वलंत मुद्दे पर 6-12 मई तक जिलावार प्रदर्शन का ऐलान

बीते 17 अप्रैल को बिजली के मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन करने के बाद झारखंड भाजपा ने एक बार फिर पानी की घोर किल्लत एवं बिजली कटौती को लेकर जोरदार आंदोलन करने का ऐलान कर दिया है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 6 से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक भाजपा द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर विभिन्न जिलों में जोरदार प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

प्रेस वार्ता के दौरान श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पानी बिजली संकट से त्राहिमाम कर रही झारखंड की जनता के बीच व्याप्त भारी आक्रोश को आंदोलन के माध्यम से स्वर देने का निर्णय लिया है। इसी निमित्त भारतीय जनता पार्टी द्वारा 6 मई से लेकर 12 मई तक यानि 6 दिनों तक जिलावार जन प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया है। आंदोलन की तैयार रूपरेखा के अनुसार 6 मई को गढ़वा, पलामू एवं लातेहार, 7 मई को चाईबासा, जमशेदपुर एवं सरायकेला-खरसावां, 8 मई को हजारीबाग, चतरा, कोडरमा एवं रामगढ़, 9 मई को दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, देवघर एवं जामताड़ा, 11 मई को गिरिडीह, धनबाद एवं बोकारो और 12 मई को रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला एवं खूंटी में भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता सिर पर घड़ा, डेकची सहित पानी ढोने वाले अन्य बर्तन को लेकर प्रदर्शन करेंगे। हमारी पार्टी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकती है। हमारे एक एक कार्यकर्ता इस जनविरोधी सरकार को कुंभकर्णी निद्रा से जगाने का काम करेंगे।

श्री साहू ने कहा कि पूरा झारखंड पेयजल की घोर किल्लत से त्राहिमाम कर रहा है। प्रदेश भर में लगभग 80000 चापानल खराब पड़े हैं। 72 घंटे में खराब पड़े चापानल को बनाने का सरकारी दावा फिसड्डी साबित हुआ है। सरकार द्वारा जारी टोल फ्री नंबर भी किसी काम का नहीं है। राज्य भर में लोग बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। जनता की यह पीड़ा राज्य सरकार को महसूस नहीं होती है। काफी दुख का विषय है कि सरकार की रुचि जनसमस्याओं को दूर करने की बजाय पूरी कैबिनेट के साथ दूसरे प्रदेशों में चुनावी दौरा कर पिकनिक मनाने में अधिक है। लगता है, सीएम का फोकस पॉइंट झारखंड की बजाय पड़ोसी राज्य हो गया है। हेमंत सरकार को भले ही आम लोगों की यह पीड़ा महसूस नहीं होती परन्तु भाजपा का एक एक कार्यकर्ता आम लोगों की इस पीड़ा को महसूस कर रहा है।

श्री साहू ने कहा कि देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर घर को स्वच्छ जल मिले, इसके लिए नल जल योजना के रूप में महत्वाकांक्षी योजना चलाई, इसमें सफलता भी मिली। लेकिन दुखद बात यह है कि 12764 करोड़ रुपए झारखंड में खर्च होने के बावजूद यहां पर यह योजना धरातल पर प्रभावी नहीं दिख रही है। अधिकांश जगहों पर जलापूर्ति कागजों तक ही सीमित है, नल सूखे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे केवल सुनी सुनाई बातों को नहीं कह रहे हैं बल्कि इस योजना का भुक्तभोगी वे खुद हैं और उदाहरण के तौर पर उनका गांव है, जहां नल तो लगा है, पाइप भी बिछाया गया है लेकिन पानी का एक बूंद आज तक नहीं मिल पाया है। हेमंत सरकार ने इस योजना में भ्रष्टाचार करने का काम किया है। आज भी राज्य में 45% परिवार इस योजना से वंचित हैं। इस योजना की झारखंड में स्थिति यह है कि यह योजना राष्ट्रीय औसत से लगभग 25% पीछे है। देशभर में नीचे से यह दूसरे स्थान पर है।

श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2019 से 2025 के बीच झारखंड को 12982 करोड रुपए आवंटित किए। जिसमें से 6010 करोड़ यानी 46.30% ही राज्य सरकार खर्च कर पाई। 7000 से अधिक की राशि पड़ी हुई है। राज्य सरकार दोषारोपण करती है कि केंद्र सरकार भेदभाव करती है, गैर बीजेपी शासित प्रदेश को मदद नहीं करती। इससे प्रमाणित होता है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीतिक है। दरअसल केंद्र के पैसे को झारखंड सरकार खर्च ही नहीं कर पाती। आज अगर नल जल योजना को सही से जमीन पर उतारा जाता तो लोगों को पानी की इतनी भयावह स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। माताएं बहने कई किलोमीटर से माथे पर बर्तन लेकर चुआ तालाब से पानी लाने को विवश हैं। राज्य सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, प्रलोभन देना, ठगना ही इस सरकार का एकमात्र काम रह गया है।

श्री साहू ने कहा कि पानी की किल्लत और बिजली कटौती के विरोध में भाजपा का यह आंदोलन राज्य सरकार की नींद हराम कर देगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पानी बिजली के मुद्दे पर सरकार गंभीरता दिखाएं। लोगों को पानी की कमी नहीं हो। खराब पड़े चापानलों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। अब तो केंद्र ने भी पंचायत को पैसा दे दिया है, उसका इन कार्यों में सदुपयोग हो। प्रदेश अध्यक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार कितनी गंभीर होगी, सरकार ही जाने। लेकिन इतना तय है कि जमीनी हकीकत से कोसों दूर सरकार की तरफ से अखबारों में खंडन जरूर किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि सरकार अपनी ऊर्जा इन सब चीजों की बजाय जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में लगावे तो ज्यादा बेहतर होगा।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद आभा महतो, भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाऊरी एवं प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेन्द्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

उत्तर प्रदेश के विकास की नई जीवन रेखा बनेगा गंगा एक्सप्रेस-वे: नरेन्द्र मोदी
- प्रधानमंत्री मोदी ने उप्र के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का किया लोकार्पण- प्रधानमंत्री का ऐलान- अब मेरठ से आगे हरिद्वार तक जाएगा गंगा एक्सप्रेसवे

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई जनपद में प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे मां गंगा हजारों वर्ष से उत्तर प्रदेश की और इस देश की जीवन रेखा रही है, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता यह गंगा एक्सप्रेस-वे राज्य के विकास की नई जीवन रेखा बनेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे के लाेकार्पण के माैके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने कहा कि यह भी संयोग है कि पिछले चार-पांच दिन से मां गंगा के सानिध्या में रहा। आज सुबह ही काशी में दर्शन किया। अब मां गंगा के नाम पर बने इस एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण का अवसर मिला है। मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का विजन झलकता है और विरासत की झलक भी दिखती है। मै यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे की बधाई देता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र के उत्सव का अहम दिन है। बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हो रहा है। जो खबरें आ रही हैं, उससे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही है। लंबी-लंबी कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया में छाई हुई है। पिछले पांच छह दशक में जो नहीं हुआ, वह आज हो रहा है। लोग भयमुक्त होकर मतदान कर रहे हैं। यह देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मै बंगाल की जनता का आभार प्रकट करता हूं। अभी वोटिंग में कई घंटे बाकी हैं। बंगाल की जनता से अपील करता हूं कि ऐसे ही वे उत्साह से लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी करें।

उन्हाेंने कहाकि कुछ समय पहले बिहार में जब चुनाव हुए तब भाजपा एनडीए ने चुनाव में इतिहास रच दिया था। अभी-अभी कल ही गुजरात में निकाय और पंचायत चुनावों के रिजल्ट आए हैं। आपको जानकर खुशी होगी कि भाजपा ने 80 फीसदी निकाय और पंचायत चुनाव जीत लिए हैं। मोदी के इन शब्दाें के दाैरान भारी जनसमूह ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। माेदीे ने कहा कि मुझे विश्वास है कि भाजपा इन पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में हैट्रिक लगाने जा रही है। चुनाव परिणाम 4 मई काे विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। देश के विकास की गति को नयी ऊर्जा से भरेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास लिए तेजी से हमें इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना है। दिसंबर 2021 में गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करने मैं शाहजहांपुर आया था। अभी पांच साल से भी कम समय हुआ है। देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे में शुमार यह गंगा एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है। आज हरदोई से इसका लोकार्पण हो रहा है। यही नहीं, एक ओर गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा हुआ है, साथ ही इसके विस्तार की योजना पर कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही यह गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से बढ़कर हरिद्वार तक जाएगा। यह डबल इंजन सरकार का कार्य। यह है भाजपा सरकार के कार्य करने का विजन और तरीका।

माेदी ने कहा कि कुछ दिन पहले दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण करने का मौका मिला था। तब मैने कहा था कि यह एक्सप्रेसवे विकसित भारत की हस्तरेखाएं हैं। अब वह दौर चला गया जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। शिलान्यास हो जाता था। चुनाव के लिए पत्थर लग जाते थे। सरकारें आती-जाती रहती थीं। फिर वह योजना फाइलों में दब कर रह जाती थी। आज डबल इंजन की सरकार में शिलान्यास होता है तो लोकार्पण भी होता है। यह एक्सप्रेसवे जिन क्षेत्रों से होकर गुजर रहा है, यहां की जमीन वरदान के रूप में है, लेकिन पहले की सरकारों ने कार्य नहीं किया। कोल्ड स्टोरेज की कमी थी। बड़े बाजारों तक पहुंच नहीं थी। किसानों को काई अवसर नहीं मिलते थे।

मोदी ने कहा कि अब किसान अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। औद्योगिक कोरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। सभी 12 जिलों में उद्योग के नये अवसर पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टविटी से स्थानीय उद्योगों के लिए नए रास्ते खुलेंगे। लाखों परिवारों की इससे आमदनी बढ़ेगी। पुरानी सरकारों में हरदोई और उन्नाव जैसे जिलों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की कोई कल्पना कर सकता था क्या ? पहले उप्र को पिछड़ा कहा जाता था। आज एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी विजन को लेकर बीते कुछ वर्षों से कार्य हो रहा है। अब यूपी में हजारों करोड़ का निवेश हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में जितना मोबाइल बन रहा है, उसमें से आधे मोबाइल यहीं यूपी में बन रहे हैं। उप्र का औद्योगिक विकास आज सामरिक ताकत बन रहा है। ब्रह्मोस जैसी मिसाइलें आज यूपी में बन रही हैं। रक्षा उपकरणों को बनाने का कार्य एमएसएमई इकाइयों को मिलता है। सड़कें नहीं होती थीं। आज एक्सप्रेसवे का जाल बिछा है। पहले पड़ोसी जिलों में जाने में कठिनाई होती थी। आज हवाई अड्डे बन रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि पहले यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनती थी। आज कानून व्यवस्था का उदाहरण दिया जाता है। सपा को यह विकास पंसद नहीं आ रहा है। सपा विकास विरोधी तो है ही, नारी विरोधी भी है। संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण के लिए संशोधन बिल लाया जा रहा था, जिसका इन्होंने विरोध किया। यह हमेशा महिला विरोधी राजनीति करेंगे। यह विकास विरोधी हैं।

इस मौके पर उप्र की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केन्द्रीय वित्त राज्यमंत्री व उप्र भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, केन्द्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, मंत्री सुरेश खन्ना, नंद गोपाल गुप्ता नंदी, असीम अरुण सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।