नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने महिला आरक्षण, कानून व्यवस्था, आदिवासी हित और विकास परियोजनाओं पर सरकार को घेरा
भोपाल। आज भोपाल निवास पर मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया से चर्चा करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न उठाए तथा कई महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी।
- महिला आरक्षण
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, और इस दिशा में श्रीमती सोनिया गांधी जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हम महिला सशक्तिकरण के विरोधी नहीं, बल्कि उसके सच्चे समर्थक हैं। लेकिन भारतीय जनता पार्टी महिला आरक्षण के नाम पर पर्दे के पीछे जनगणना और परिसीमन को क्यों जोड़ रही है? क्या यह राजनीतिक रणनीति है या वास्तविक सशक्तिकरण का प्रयास?
श्री सिंघार ने आगे कहा कि देश की 50% से अधिक महिलाएं और लगभग 55% ओबीसी वर्ग से आती हैं क्या उनके लिए इस आरक्षण में स्पष्ट प्रावधान है? सरकार को यह साफ करना चाहिए कि किन वर्गों की महिलाओं को इसका वास्तविक लाभ मिलेगा। यदि सरकार की मंशा ईमानदार है, तो महिला आरक्षण को तत्काल लागू किया जाए, बिना किसी शर्त के। सीटों की संख्या, परिसीमन और जनगणना के नाम पर इसे टालना महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि स्पष्ट नीति और ठोस निर्णयों से सुनिश्चित होता है।
- कानून की धज्जियां उड़ाते भाजपा नेता और उनके परिजन
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में लगातार इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं, जहां भाजपा के जनप्रतिनिधियों के परिजन कानून को चुनौती देते नजर आते हैं। पूर्व में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जो बेहद चिंताजनक हैं। जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल पद तक सीमित नहीं होती, बल्कि अपने परिवार को भी संस्कार और मर्यादा का उदाहरण देना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जब सत्ता का प्रभाव इस तरह दुरुपयोग में बदल जाए, तो यह सरकार की कार्यशैली और कानून के प्रति उसके रवैये पर सवाल खड़े करता है। मेरा मानना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और नैतिक आधार पर संबंधित जनप्रतिनिधियों को स्वयं आगे आकर जवाबदेही स्वीकार करनी चाहिए।
- आदिवासी समाज पर राज्यपाल महोदय की चिंता
श्री सिंघार ने कहा कि आदिवासी समाज की पीड़ा पर राज्यपाल महोदय की चिंता स्वागतयोग्य है, वे स्वयं आदिवासी कार्यमंत्रणा परिषद के अध्यक्ष हैं। राज्यपाल महोदय द्वारा मुख्यमंत्री को दी गई सलाह पर क्या वास्तव में अमल होगा? आवश्यकता इस बात की है कि केवल सलाह नहीं, बल्कि ठोस समीक्षा और प्रभावी कार्यवाही हो। उन्होंने कहा आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए स्पष्ट नीति, संवेदनशील दृष्टिकोण और मजबूत क्रियान्वयन जरूरी है, सिर्फ घोषणाएं नहीं।
- केन-बेतवा परियोजना आंदोलन
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना जैसी किसी भी विकास परियोजना का उद्देश्य केवल ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि लोगों का जीवन बेहतर बनाना होना चाहिए। लेकिन अक्सर इन परियोजनाओं के साथ कई परिवार उजड़ जाते हैं क्या उनके अधिकार सुरक्षित हैं? क्या उन्हें पूर्ण और न्यायसंगत मुआवजा मिल रहा है?
उन्होंने आगे कहा कि सरकार कागजों पर योजनाएं बना लेती है, लेकिन जब वे धरातल पर लागू होती हैं, तो ग्रामीण, आदिवासी और दलित समाज सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। जरूरी है कि किसी भी परियोजना से पहले प्रभावित परिवारों से संवाद किया जाए, उनकी सहमति ली जाए और उनके पुनर्वास व मुआवजे को प्राथमिकता दी जाए। विकास तभी सार्थक है, जब वह न्यायपूर्ण और समावेशी हो।










फर्रुखाबाद l शुक्रवार को अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दहेलिया के अमृत सरोवर के पास स्थित भैरव मंदिर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अमृतपुर विधानसभा का डॉ भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया कार्यक्रम की अध्यक्षता सलेमपुर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत ने की। पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम जिला मंत्री पंकज पाल जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी राजपूत ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
संवाददाता आशीष कसौधन उतरौला (बलरामपुर)अधिवक्ता संघ उतरौला वर्ष2026-27की कार्यकारिणी के लिए अध्यक्ष व महामंत्री सहित सभी पदों पर शुक्रवार को नामांकन किया गया।चुनाव अधिकारी शंभू लाल गुप्त ने बताया कि अध्यक्ष के पद पर विजय प्रकाश श्रीवास्तव,प्रह्लाद यादव व नरेंद्र प्रताप वर्मा ने नामांकन किया।महामंत्री पद पर रवि शंकर मिश्र, मोहिबुल्लाह खान,व राम देव मौर्य ने अपना अपना नामांकन दाखिल किया।वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कमल किशोर गुप्त,चंद्रभान मिश्र व प्रमोद सोनी,संयुक्त मंत्री के तीन पद के लिए बृजेश कुमार वर्मा,विनीश गुप्त,सर्वेश जायसवाल,सोनू गुप्त व सत्यदेव चौधरी,कनिष्ठ उपाध्यक्ष के दो पदों पर वासुदेव वर्मा,रमाशंकर मौर्य उप कनिष्ठ उपाध्यक्ष के एक पद के लिए मारुतिनंदन व कोषाध्यक्ष पद के सतीश चंद्र वर्मा ने नामांकन दाखिल किया गया।वरिष्ठ कार्यकारणी के 6पदों के लिए इशरत अबरार,भुग्गुल प्रसाद,योगेंद्र प्रसाद,अब्दुल कय्यूम,सुरेश श्रीवास्तव व कुंवर जी कनिष्ठ कार्यकारणी के 6पदो पर सुनील तिवारी,दिवाकर विक्रम उदय,विनय श्रीवास्तव,राधेश्याम यादव,रवि कुमार गुप्त,गजनफर अली व शहनाज रिजवी ने नामांकन दाखिल किया गया।चुनाव अधिकारी ने बताया कि नामांकन प्रपत्रों की जांच शनिवार को होगी।चुनाव प्रकिया में सहयोग,अधिवक्ता आरिफ सिद्दीकी ,अरनब सिंह पीयूष श्रीवास्तव आदि ने किया।




संजीव सिंह बलिया, 17 अप्रैल 2026: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, 'युवा तुर्क' के नाम से विख्यात और समाजवाद एवं लोकतंत्र के नायक, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। बलिया की पावन धरती से निकले इस महान समाजवादी योद्धा को पूर्व नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने सादर नमन किया है।जननायक और वैचारिक प्रखरता का प्रतीकचंद्रशेखर जी केवल राजनेता नहीं, बल्कि सच्चे जननायक थे। बलिया की मिट्टी से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने उनका सफर कड़ी मेहनत और जनसेवा का जीवंत प्रमाण है। 1983 की ऐतिहासिक 'कन्याकुमारी से दिल्ली पदयात्रा' ने उन्हें जनमानस से जोड़ा। इस यात्रा का मकसद कुपोषण, पेयजल संकट और सामाजिक असमानता जैसी बुनियादी समस्याओं को उजागर करना था।निर्भीक वक्ता और संसदीय शेरसंसद में उनकी बेबाक आवाज पक्ष-विपक्ष दोनों को मंत्रमुग्ध कर देती थी। निर्भीक टिप्पणियों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए वे विख्यात रहे।सादगी व शुचिता का जीवन दर्शनसत्ता के शिखर पर रहते हुए भी उनकी ग्रामीण सादगी बरकरार रही। "राजनीति मेरे लिए पेशा नहीं, राष्ट्र सेवा का माध्यम है"—यह उनका जीवन-दर्शन था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।रामगोविंद चौधरी ने कहा, "आज उनकी जयंती पर हम सत्य, साहस और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनके आशीर्वाद से मार्गदर्शन मिलता रहे। शत-शत नमन!"जय चंद्रशेखर! जय बलिया! जय भारत!(रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश
कल्याण। उत्तर विकास सामाजिक संस्था (रजि.) द्वारा आयोजित तुलसीकृत श्री रामचरितमानस कथा का आयोजन कल्याण (प) के परदेसी ग्राउंड में किया गया है! यह श्रीराम कथा 14 अप्रैल से शुरू होकर 23 अप्रैल तक होगी!
2 hours and 21 min ago
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