गया में रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक जिला संत समागम सह छठी यार महोत्सव संपन्न: भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

गया: गया जी शहर के बाईपास स्थित गुरु रविदास धाम, गया के तत्वावधान में रविवार को रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक गया जिला संत समागम सह छठीयार महोत्सव भव्य एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक महोत्सव में हजारों की संख्या में रविदास समाज के श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

महोत्सव की शुरुआत गुरु रविदास जी की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरु रविदास धाम, गया के मठाधीश एवं अध्यक्ष सूर्यवंशी देवानंद देवर्षि ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन मानवता, समानता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्य प्रवचनकर्ता के रूप में संत सुरेंद्र बाबा, बांका (बिहार) से पधारे। उन्होंने अपने ओजस्वी प्रवचन में कहा कि गुरु रविदास जी ने जाति-पाति, ऊँच-नीच का विरोध कर समता मूलक समाज की स्थापना का संदेश दिया। संत सुरेंद्र बाबा ने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन और जागरूकता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा वर्ग की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और गुरु रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन के साथ महोत्सव का समापन हुआ।

दुर्भावना से बनी फिल्में नाम बदलकर भी रिलीज नहीं होनी चाहिए : शैलेन्द्र अग्रहरि
अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रतिनिधि मण्डल ने फ़िल्म के खिलाफ आंदोलन को दिया समर्थन

किसी फिल्म का शीर्षक उसकी मूल भावना होती है। शीर्षक ही पूरे फिल्म का सार होता है। हाल ही में आयी फिल्म घूसखोर पंडत जिसका शीर्षक केवल आपत्तिजनक ही नहीं, यह बेहद अपमानजनक भी है। ऐसी भावना से बनी फिल्में नाम बदलकर भी रिलीज नहीं होनी चाहिए। फिल्में देश और समाज को दिशा देती हैं। ऐसे शीर्षक आधारित फिल्में अपनी सोच से समाज में विघटन उत्पन्न करती हैं। यह शीर्षक बेहद आपत्तिजनक है। यह बेहद दुःख और चिंता का विषय है कि फ़िल्म का मुहूर्त इन्ही बुद्धिजीवी विप्र समाज के लोगों से कराया जाता है फिर इन्ही को अपमानित करने की सोच के साथ ऐसी फिल्मे बनायी जाती है।
जब तक फिल्म बनाने वालों को आर्थिक हानि नहीं होगी, तब तक ऐसी सोच पर आधारित फिल्में बनाना बंद नहीं होगी।
जातियों में विभेद फैलाने की कोशिशें बढ़ी है। बृहद समाज में किसी भी जाति के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्हें अपमानित करने का कोई अधिकार नहीं है, उनके इतिहास और योगदान से सीखने की जरूरत है।
आज ब्राह्मण समाज को दुर्भावना ग्रसित लक्ष्य पर रखा जा रहा है। अगर चुप रहे तो आगे यह विभेधात्मक और अपमानजनक कुत्सित प्रयास अन्य किसी भी जाति धर्म के साथ भी हो सकता है। वैश्य समाज ने सदैव सनातन संस्कृति और समाज में सद्भाव के लिए काम किया है। सामाजिक सद्भावना को बिगाड़ना वाले तत्वों के खिलाफ पूरा वैश्य समाज एकजुट हो ब्राह्मण समाज के साथ खड़ा है। विप्र समाज सदैव सनातन संस्कृति का अगवा रहा है उन्होंने समाज को राह दिखाने का काम किया है। उनका अपमान संपूर्ण देश का अपमान है जो सनातन संस्कृति को तोड़ने की साजिश है। ऐसी जाति सूचक शीर्षक पर आधारित फिल्म का वैश्य समाज विरोध करते हुए इसकी घोर निंदा करता है।
ये बातें कहते हुए अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री शैलेंद्र अग्रहरी के साथ पदाधिकारियों ने विंध्याचल धाम में ज्योर्तिमठ के गौ प्रवक्ता पंडित शुभम मिश्रा एवं काली खोह मंदिर के प्रधानअर्चक आचार्य अगस्त मुनि द्विवेदी जी को अपना समर्थन पत्र सौंपा और केंद्र सरकार को संबोधित पत्र की छाया प्रति भी संलग्न की साथ ही इसके लिए होने वाले किसी भी आंदोलन में अपना पूर्ण सहयोग व समर्थन देने का वादा किया। इस दौरान अतिन कुमार गुप्ता, अनुज उमर भी उपस्थित रहे।
विधानसभा बजट सत्र-2026 को लेकर कड़े सुरक्षा प्रबंध,एटीएस कमांडो से लेकर बम निरोधक दस्ते तैनात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का बजट सत्र वर्ष 2026 09 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों तथा सदन की कार्यवाही की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।विधान भवन एवं आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 04 जोन और 10 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के भीतर अनुशासन और सदन की गरिमा बनाए रखना प्राथमिकता होगी। किसी भी प्रकार के अनधिकृत धरना-प्रदर्शन को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।सुरक्षा व्यवस्था के तहत 04 अपर पुलिस उपायुक्त और 11 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) की तैनाती की गई है। इसके अलावा 06 कंपनियाँ पीएसी/आरआरएफ, 03 एटीएस कमांडो टीमें, एलआईयू, 18 डीएफएमडी, 02 बम निरोधक दस्ता, 01 एंटी-माइन टीम और 04 एंटी-सैबोटाज चेक टीमें तैनात रहेंगी।कुल मिलाकर 31 निरीक्षक, 274 उप-निरीक्षक, 601 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 124 महिला आरक्षी और 67 होमगार्ड सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लगाए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है। सत्र अवधि में पूरे क्षेत्र की 24×7 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, साथ ही सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा सतत नजर रखी जाएगी।सभी पुलिस एवं सुरक्षा इकाइयों की संयुक्त ब्रीफिंग कर ड्यूटी प्वाइंट, रूट प्लान और वीवीआईपी प्रोटोकॉल की जानकारी दी जा चुकी है। आम जनता की सुविधा के लिए समय-समय पर यातायात परामर्श जारी किया जाएगा।पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात डायवर्जन का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।
भा,कि,यू टिकैत हस्ताक्षर अभियान चलाएगी
फोटो 9 भारतीय किसानयूनियन

फर्रुखाबाद l जनपद में बन रहे लिंक एक्सप्रेसवे में किसानों की बेस कीमती जमीनें जा रही है किसान और भारतीय किसान यूनियन टिकैत अब सर्किल रेट न बढ़ाए जाने पर विरोध कर रहा है इसके लिए 14 फरवरी को एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा इसी परिवेक्ष में किसान यूनियन टिकैत लिंक एक्सप्रेसवे से प्रभावित गांव गांव बैठके कर के किसानों से बड़ी संख्या में मुख्यालय आने का आवाहन किया जा रहा है l ब्लॉक मोहम्मदाबाद के ग्राम मानपुर, लुखरियाई, बराकेशव, नीमकरोरी एवं नवाबगंज में की जिनमें किसानों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि सभी 43 गांवों में लिंक एक्सप्रेसवे में जा रही जमीनों के सर्किल रेट अगर भी बड़े तो विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा जिसमें बोलते हुए जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि जनपद में एक तरफ बाढ का प्रकोप दूसरी तरफ लिंक एक्सप्रेसवे में किसानों की बेस कीमती जमीनें जिला के अधिकारी जबरदस्ती अधिग्रहण करना चाहते हैं जबकि सूबे के मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके है कि किसानों का जमीनों के साथ भावनात्मक रिश्ता होता है इनके साथ जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए जनपद के प्रतिनिधि भी किसानों के लिये सोचे सिर्फ़ वोट लेकर घर बैठना ही राजनीति करना भी होता किसान यूनियन द्वारा कराए गए कार्यों का श्रेय खुद लेना जनप्रतिनिधियों की आदत हो गई है अबकी बार ऐसा नहीं होगा हम अबकी बार जनपद के सांसद और विधायक सर्किल रेट बढ़वाए अगर वह इसे बढ़वाने में विफल होते है तब किसान यूनियन सर्किल रेट बढ़वाना जानती है 14 फरवरी को जिला मुख्यालय पर 72 घंटे का धरना प्रदर्शन किया जाएगा यदि इस पर भी बात नहीं बनी तो फिर लिंक एक्सप्रेसवे नहीं बनने दिया जाएगा किसान किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देगा |
इस अवसर जिला संरक्षक छविनाथ शाक्य,जिला महासचिव अभय यादव,जिला संगठन मंत्री अरविंद गंगवार,युवा जिलाध्यक्ष अनुज राजपूत,जिला प्रचार मंत्री राजेश यादव,जिला सचिव पुजारी कटियार,जिला सहसचिव दिनेश सिंह,सदर तहसील महासचिव रजत गंगवार,ब्लॉक मोहम्मदाबाद अध्यक्ष बड़े यादव,प्रेम चंद्र यादव,अर्पित गंगवार,संजीव मिश्रा,पप्पू यादव,नवीन यादव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे |
रामगढ़ में इतिहास रचा गया — 101 जोड़ों का शाही सामूहिक विवाह, सांसद मनीष जायसवाल की पहल बनी मिसाल

रामगढ़: सिद्धू-कान्हु मैदान में आयोजित सांसद सामूहिक विवाह उत्सव-2026 ने ऐसा दृश्य रचा, जो वर्षों तक लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगा। सात फेरों के पवित्र बंधन में बंधते 101 जोड़ों की शाही शादी ने पूरे इलाके को किसी लोकउत्सव में बदल दिया। बैंड-बाजा, रंग-बिरंगी आतिशबाजी और भव्य बारात के बीच दूल्हे सजी-धजी लग्ज़री कारों से पहुंचे, जबकि अलग-अलग मंडपों में सुर्ख लाल जोड़ों में सजी दुल्हनें किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थीं।

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर आयोजित इस विवाह में राज्यपाल समेत कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए और नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। प्रसिद्ध गायक व सांसद मनोज तिवारी मृदुल और झारखंड के लोकगायक दीपक तिर्की ने अपने गीतों से माहौल को उत्सवमय बना दिया, जबकि कोलकाता से आए पंडित राघव और उनकी टीम ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत विवाह संपन्न कराया।

यह आयोजन खास इसलिए भी रहा क्योंकि कई जोड़े दिव्यांग थे और कुछ ऐसे परिवारों से थे, जिन्हें दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल होता है। सांसद मनीष जायसवाल ने नवदंपतियों को गृहस्थी बसाने के लिए इलेक्ट्रिक रिक्शा (टोटो) और आवश्यक घरेलू सामान भेंट कर विदा किया। कन्यादान और विदाई के समय वे भावुक हो उठे और नवविवाहितों से कहा कि जीवन में कभी जरूरत पड़े तो उन्हें जरूर याद करें—वे सदैव उनके साथ खड़े मिलेंगे।

सुबह निकली 101 दूल्हों की बारात हजारों लोगों की मौजूदगी में शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए समारोह स्थल पहुंची। कहीं छऊ और झूमर नृत्य हुआ, तो कहीं ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी। कई स्थानों पर छतों से पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया गया। पहला दिव्यांग दूल्हा जब बीएमडब्ल्यू से पहुंचा, तो हर नजर उसी पर टिक गई, वहीं अन्य दूल्हे थार और कई लग्ज़री वाहनों पर सवार दिखे।

समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, भाजपा संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, धनबाद सांसद ढुल्लू महतो, दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी, बरही विधायक मनोज कुमार यादव, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

मुख्य मंच पर कलाकारों ने नृत्य और संगीत से समां बांध दिया। गणेश वंदना से लेकर राधा-कृष्ण थीम पर प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। पूरे मैदान में त्योहार जैसा माहौल रहा और लाखों लोग इस ऐतिहासिक विवाहोत्सव के साक्षी बने।

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि समाज जागरूक हो तो अभावग्रस्त परिवारों की बेटियों की भी शाही शादी संभव है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नवविवाहितों के रोजगार के लिए भी पहल करेंगे और यदि सहयोग मिलता रहा तो हर साल ऐसे आयोजन जारी रहेंगे।

करीब एक लाख से अधिक लोगों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। निजी सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल की तैनाती से पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। भाजपा कार्यकर्ताओं, सांसद परिवार और उनकी टीम के योगदान से यह आयोजन सफल बना।

रामगढ़ की धरती पर पहली बार इतने भव्य पैमाने पर आयोजित यह सामूहिक विवाह आने वाले वर्षों तक चर्चा का विषय रहेगा—एक ऐसा आयोजन जिसने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास से हर बेटी की विदाई सम्मान और खुशियों के साथ हो सकती है।

अलीगढ़ से हांगकांग तक फैला ठगी का नेटवर्क, 600 व्हाट्सएप ग्रुप… 5,000 करोड़ की साइबर लूट
ठगी करते वक्त धराए 12,600 व्हाट्सएप ग्रुप, डेढ़ लाख लोग जाल में
सेवानिवृत्त डीजीएम बने पुलिस के ‘मोस्ट सीक्रेट हथियार’
छह राज्यों में छापे, लगातार भाग रहे थे ठग

लखनऊ । अलीगढ़ में साइबर अपराध की दुनिया में भूचाल मचाने वाला खुलासा हुआ है। यूपी पुलिस की साइबर टीम ने ऐसा अंतरराष्ट्रीय ठगी रैकेट पकड़ा है, जिसकी पटकथा किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। हांगकांग से ऑपरेट हो रहे इस गिरोह ने देशभर में शेयर बाजार में निवेश और 200 गुना मुनाफे का सपना दिखाकर 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर डाली।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठग जब अगली बड़ी ठगी की तैयारी में थे, उसी वक्त पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

जांच में सामने आया कि ठगों ने देशभर में 600 व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे, जिनमें करीब डेढ़ लाख लोग जुड़े थे। 6 फरवरी को ही 1,200 करोड़ रुपये की ठगी की पूरी स्क्रिप्ट तैयार थी। गृह मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय की मदद से पुलिस ने एक झटके में सभी 600 ग्रुप बंद करवा दिए और ठगी के लिए बनाई गई दो फर्जी निवेश एप को देशभर में बैन करा दिया।इस पूरे खुलासे की शुरुआत स्वर्ण जयंती नगर निवासी दिनेश शर्मा से हुई, जो बैंक से डीजीएम पद से रिटायर हैं। ठगों ने उनसे 45 दिनों में ही 1.10 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे और अब 6 फरवरी को दो करोड़ रुपये और मांग रहे थे।दिनेश शर्मा सीधे साइबर पुलिस के पास पहुंचे।

पुलिस की रणनीति पर वे ठगों के संपर्क में बने रहे और जैसे ही ठग रकम निकालने की तैयारी में थे, साइबर टीम ने जाल कस दिया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम सात बड़े बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जा रही थी, जो यूपी समेत छह राज्यों में ऑपरेट हो रहे थे। इसके बाद सात स्पेशल टीमें बनाई गईं। ओडिशा, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और यूपी में एक साथ दबिश दी गई।ठग लगातार शहर बदल रहे थे, लेकिन साइबर सर्विलांस ने हर कदम पर उन्हें ट्रैक किया और आखिरकार 12 आरोपियों को धर दबोचा।पूरी साजिश हांगकांग की इंटरनेट आईपी से ऑपरेट हो रही थी। ठगों ने शेयर बाजार जैसे दिखने वाले फर्जी प्लेटफॉर्म तैयार किए थे। ‘फायर एलाइट प्रो’ नाम की एप सिर्फ 52 दिन पहले बनाई गई थी। व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती थी और फिर उनसे देशभर में शिकार तलाशने का काम कराया जाता था।ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग खातों में घुमाकर यूएसडीटी (डिजिटल करेंसी) में बदल दिया जाता था, जिससे पैसा विदेश पहुंच जाता था।

यह गिरोह पिग बुचरिंग नाम की खतरनाक तकनीक से काम कर रहा था। पहले बड़े अधिकारी, कारोबारी और मोटे खातों वाले लोगों की सोशल मीडिया और वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। फिर उन्हें 200 गुना मुनाफे के लालच में फंसाकर धीरे-धीरे पूरी पूंजी साफ कर दी जाती थी।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 पासबुक-चेकबुक, 28 एटीएम/डेबिट कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, 9 फर्जी फर्मों की मुहर, 2 जियो राउटर, 1 लैपटॉप, 1 कैमरा और ठगी की रकम से जुड़े 5.64 लाख रुपये बरामद किए हैं।एसपी देहात अमृत जैन के मुताबिक अभी करीब दो दर्जन आरोपी और फरार हैं। पूरा नेटवर्क हांगकांग से संचालित होने के चलते इंटरपोल के जरिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की तैयारी है। सीबीआई को भी पत्राचार कर आगे की जांच की सिफारिश की गई है।एसएसपी नीरज जादौन ने इस सनसनीखेज खुलासे पर पूरी साइबर टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
परिवार परामर्श केन्द्र में 02 जोड़े एक साथ रहने को हुए राजी
गोण्डा। रविवार जनपद गोण्डा के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र में पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में परामर्शदाताओं द्वारा बिछुडे़ जोड़ो की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया गया तथा 02 जोड़ों को समझा बुझाकर सुखी जीवन जीने हेतु राजी कर लिया गया।

परिवार परामर्श केन्द्र में उपस्थित सदस्यगण-
महिला थाना प्रभारी अनीता यादव, श्री शशि कुमार भारती,  राजमंगल मौर्य, गंगाधर शुक्ल,अनीता, डॉ0 उमा,
म0आ0 नेहा सिंह एवं म0आ0 अनुप्रिया सिंह आदि उपस्थित रही।
टीम को सम्मानित करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामना देकर बधाई दी गई
गोरखपुर जोन की 31वीं अंतर्जनपदीय कुश्ती-कलस्टर (पुरुष/महिला) प्रतियोगिता–2026 में गोण्डा पुलिस टीम द्वारा प्रथम स्थान लाकर "कुश्ती" चैंपियनशिप जीतने पर पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा टीम को सम्मानित करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामना देकर बधाई दी गई।

गोरखपुर जोन की 31वीं अंतर्जनपदीय कुश्ती-कलस्टर (पुरुष/महिला) प्रतियोगिता–2026 के अंतर्गत आयोजित कुश्ती-कलस्टर (कुश्ती, बॉक्सिंग, बॉडी बिल्डिंग एवं आर्म रेसलिंग) प्रतियोगिता जिसका आयोजन दिनांक 05.02.2026 से 07.02.2026 तक जनपद बस्ती में किया गया, जिसमें गोरखपुर जोन के समस्त जनपदों के पुलिस खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। इस प्रतियोगिता में जनपद गोण्डा के खिलाड़ियों द्वारा टीम प्रभारी एवं कोच के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में अत्यंत अनुकरणीय प्रदर्शन किया गया। ।
जनपद गोण्डा के खिलाड़ियों द्वारा उत्कृष्ट, अनुशासित एवं सराहनीय प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर कुश्ती-कलस्टर चैंपियनशिप अपने नाम की गई। "कुश्ती-कलस्टर" प्रतियोगिता में गोण्डा पुलिस टीम ने मेज़बान जनपद बस्ती को 30 अंकों से पराजित करते हुए निर्णायक बढ़त के साथ प्रथम स्थान प्राप्त कर चैंपियनशिप पर कब्जा जमाया।
फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में—
1. उ0नि0 जगदीश यादव (97 किलोग्राम),
2. हे0कां0 शैलेष मौर्या (90 किलोग्राम),
3. हे0कां0 अफजल अली (65 किलोग्राम),
4. कां0 राजकुमार राणा (57 किलोग्राम) तथा
5. कां0 शिवानन्द यादव (70 किलोग्राम)
द्वारा अपने-अपने भार वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अर्जित किए गए।
इसी क्रम में—
1. हे0कां0 ओमकार विश्वकर्मा (74 किलोग्राम),
2. हे0कां0 दिनेश कुमार (79 किलोग्राम) एवं
3. कां0 आयुष कुमार यादव (82 किलोग्राम)
द्वारा द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल हासिल किया गया।
ग्रीको-रोमन कुश्ती प्रतियोगिता में हे0कां0 जान मोहम्मद द्वारा 97 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया गया।
इसके अतिरिक्त आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में—
आरक्षी धर्मेन्द्र कुमार द्वारा 80 किलोग्राम वर्ग में तथा
महिला आरक्षी आनीता चौरसिया द्वारा भी 80 किलोग्राम वर्ग में
प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल अर्जित किया गया, जो महिला पुलिस कर्मियों की शारीरिक दक्षता एवं खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
बॉक्सिंग प्रतियोगिता में हे0कां0 भूपेन्द्र गुप्ता द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं साहसिक प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया गया।
आज दिनांक 08.02.2026 को पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपने कार्यालय/पुलिस लाइन में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान गोरखपुर जोन की 31वीं अंतर्जनपदीय पुलिस कुश्ती-कलस्टर प्रतियोगिता–2026 में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली गोण्डा पुलिस टीम के समस्त खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महोदय द्वारा खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनके प्रशिक्षण, अभ्यास के दौरान आने वाली समस्याओं एवं आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा खेल गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से खिलाड़ियों को समय से खेल उपकरण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।
पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा यह भी कहा गया कि खेल प्रतियोगिताएँ पुलिस बल में अनुशासन, टीम भावना एवं शारीरिक-मानसिक क्षमता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, तथा गोण्डा पुलिस के खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से जनपद को गौरवान्वित किया
उत्तर प्रदेश के पचपेड़वा विकासखंड में एक पुल बना मौत का झूला
बलरामपुर 9 फरवरी उत्तर प्रदेश के जनपद बलरामपुर में स्थित पचपेड़वा विकासखंड के बिशनपुर कोरड मैं एक पुल लोगों की मौत का झूल बना हुआ है आसपास के क्षेत्र के लोगों ने बताया कि काफी दिन से यह इसी प्रकार चल रहा है इस पर गाड़ियां भी जा रही हैं किंतु यह कभी भी गिर सकता है जिससे लोगों की जान जा सकती है बताया जाता है कि गुप्त क्षेत्र वनवासियों का क्षेत्र है जिसका कोई देखने वाला नहीं है ग्राम वासियों ने इस पुल को तुरंत बनवाए जाने की मांग की है ग्राम प्रधान ने बताया कि मैंने कई बार शासन प्रशासन को इसके बारे में अवगत कराया है किंतु कोई ध्यान नहीं दे रहा है अब मैं प्रदेश मुखिया योगी जी के पोर्टल पर इसे भेजने जा रहा हूं उम्मीद है कि हमारा मुखिया तो हमारी बात सुनेगा, लोगों ने जिले के मुखिया डीएम साहब से निवेदन किया है की एक नज़र इधर भी देख ले।
उप्र पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

* रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर मंदिर का एक करोड़ की धनराशि से होगा विकास

* कोनेश्वर मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

* कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है।

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'
गया में रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक जिला संत समागम सह छठी यार महोत्सव संपन्न: भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

गया: गया जी शहर के बाईपास स्थित गुरु रविदास धाम, गया के तत्वावधान में रविवार को रविदासिया धर्म का 12वां वार्षिक गया जिला संत समागम सह छठीयार महोत्सव भव्य एवं श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक महोत्सव में हजारों की संख्या में रविदास समाज के श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

महोत्सव की शुरुआत गुरु रविदास जी की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरु रविदास धाम, गया के मठाधीश एवं अध्यक्ष सूर्यवंशी देवानंद देवर्षि ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि गुरु रविदास जी का जीवन मानवता, समानता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्य प्रवचनकर्ता के रूप में संत सुरेंद्र बाबा, बांका (बिहार) से पधारे। उन्होंने अपने ओजस्वी प्रवचन में कहा कि गुरु रविदास जी ने जाति-पाति, ऊँच-नीच का विरोध कर समता मूलक समाज की स्थापना का संदेश दिया। संत सुरेंद्र बाबा ने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन और जागरूकता पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

महोत्सव के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा वर्ग की भी सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने और गुरु रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन के साथ महोत्सव का समापन हुआ।

दुर्भावना से बनी फिल्में नाम बदलकर भी रिलीज नहीं होनी चाहिए : शैलेन्द्र अग्रहरि
अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रतिनिधि मण्डल ने फ़िल्म के खिलाफ आंदोलन को दिया समर्थन

किसी फिल्म का शीर्षक उसकी मूल भावना होती है। शीर्षक ही पूरे फिल्म का सार होता है। हाल ही में आयी फिल्म घूसखोर पंडत जिसका शीर्षक केवल आपत्तिजनक ही नहीं, यह बेहद अपमानजनक भी है। ऐसी भावना से बनी फिल्में नाम बदलकर भी रिलीज नहीं होनी चाहिए। फिल्में देश और समाज को दिशा देती हैं। ऐसे शीर्षक आधारित फिल्में अपनी सोच से समाज में विघटन उत्पन्न करती हैं। यह शीर्षक बेहद आपत्तिजनक है। यह बेहद दुःख और चिंता का विषय है कि फ़िल्म का मुहूर्त इन्ही बुद्धिजीवी विप्र समाज के लोगों से कराया जाता है फिर इन्ही को अपमानित करने की सोच के साथ ऐसी फिल्मे बनायी जाती है।
जब तक फिल्म बनाने वालों को आर्थिक हानि नहीं होगी, तब तक ऐसी सोच पर आधारित फिल्में बनाना बंद नहीं होगी।
जातियों में विभेद फैलाने की कोशिशें बढ़ी है। बृहद समाज में किसी भी जाति के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। उन्हें अपमानित करने का कोई अधिकार नहीं है, उनके इतिहास और योगदान से सीखने की जरूरत है।
आज ब्राह्मण समाज को दुर्भावना ग्रसित लक्ष्य पर रखा जा रहा है। अगर चुप रहे तो आगे यह विभेधात्मक और अपमानजनक कुत्सित प्रयास अन्य किसी भी जाति धर्म के साथ भी हो सकता है। वैश्य समाज ने सदैव सनातन संस्कृति और समाज में सद्भाव के लिए काम किया है। सामाजिक सद्भावना को बिगाड़ना वाले तत्वों के खिलाफ पूरा वैश्य समाज एकजुट हो ब्राह्मण समाज के साथ खड़ा है। विप्र समाज सदैव सनातन संस्कृति का अगवा रहा है उन्होंने समाज को राह दिखाने का काम किया है। उनका अपमान संपूर्ण देश का अपमान है जो सनातन संस्कृति को तोड़ने की साजिश है। ऐसी जाति सूचक शीर्षक पर आधारित फिल्म का वैश्य समाज विरोध करते हुए इसकी घोर निंदा करता है।
ये बातें कहते हुए अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री शैलेंद्र अग्रहरी के साथ पदाधिकारियों ने विंध्याचल धाम में ज्योर्तिमठ के गौ प्रवक्ता पंडित शुभम मिश्रा एवं काली खोह मंदिर के प्रधानअर्चक आचार्य अगस्त मुनि द्विवेदी जी को अपना समर्थन पत्र सौंपा और केंद्र सरकार को संबोधित पत्र की छाया प्रति भी संलग्न की साथ ही इसके लिए होने वाले किसी भी आंदोलन में अपना पूर्ण सहयोग व समर्थन देने का वादा किया। इस दौरान अतिन कुमार गुप्ता, अनुज उमर भी उपस्थित रहे।
विधानसभा बजट सत्र-2026 को लेकर कड़े सुरक्षा प्रबंध,एटीएस कमांडो से लेकर बम निरोधक दस्ते तैनात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमण्डल का बजट सत्र वर्ष 2026 09 फरवरी से प्रारंभ होकर 20 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों तथा सदन की कार्यवाही की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।विधान भवन एवं आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से 04 जोन और 10 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर के भीतर अनुशासन और सदन की गरिमा बनाए रखना प्राथमिकता होगी। किसी भी प्रकार के अनधिकृत धरना-प्रदर्शन को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।सुरक्षा व्यवस्था के तहत 04 अपर पुलिस उपायुक्त और 11 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) की तैनाती की गई है। इसके अलावा 06 कंपनियाँ पीएसी/आरआरएफ, 03 एटीएस कमांडो टीमें, एलआईयू, 18 डीएफएमडी, 02 बम निरोधक दस्ता, 01 एंटी-माइन टीम और 04 एंटी-सैबोटाज चेक टीमें तैनात रहेंगी।कुल मिलाकर 31 निरीक्षक, 274 उप-निरीक्षक, 601 मुख्य आरक्षी/आरक्षी, 124 महिला आरक्षी और 67 होमगार्ड सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लगाए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है। सत्र अवधि में पूरे क्षेत्र की 24×7 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी, साथ ही सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा सतत नजर रखी जाएगी।सभी पुलिस एवं सुरक्षा इकाइयों की संयुक्त ब्रीफिंग कर ड्यूटी प्वाइंट, रूट प्लान और वीवीआईपी प्रोटोकॉल की जानकारी दी जा चुकी है। आम जनता की सुविधा के लिए समय-समय पर यातायात परामर्श जारी किया जाएगा।पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात डायवर्जन का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।
भा,कि,यू टिकैत हस्ताक्षर अभियान चलाएगी
फोटो 9 भारतीय किसानयूनियन

फर्रुखाबाद l जनपद में बन रहे लिंक एक्सप्रेसवे में किसानों की बेस कीमती जमीनें जा रही है किसान और भारतीय किसान यूनियन टिकैत अब सर्किल रेट न बढ़ाए जाने पर विरोध कर रहा है इसके लिए 14 फरवरी को एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा इसी परिवेक्ष में किसान यूनियन टिकैत लिंक एक्सप्रेसवे से प्रभावित गांव गांव बैठके कर के किसानों से बड़ी संख्या में मुख्यालय आने का आवाहन किया जा रहा है l ब्लॉक मोहम्मदाबाद के ग्राम मानपुर, लुखरियाई, बराकेशव, नीमकरोरी एवं नवाबगंज में की जिनमें किसानों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि सभी 43 गांवों में लिंक एक्सप्रेसवे में जा रही जमीनों के सर्किल रेट अगर भी बड़े तो विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा जिसमें बोलते हुए जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि जनपद में एक तरफ बाढ का प्रकोप दूसरी तरफ लिंक एक्सप्रेसवे में किसानों की बेस कीमती जमीनें जिला के अधिकारी जबरदस्ती अधिग्रहण करना चाहते हैं जबकि सूबे के मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके है कि किसानों का जमीनों के साथ भावनात्मक रिश्ता होता है इनके साथ जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए जनपद के प्रतिनिधि भी किसानों के लिये सोचे सिर्फ़ वोट लेकर घर बैठना ही राजनीति करना भी होता किसान यूनियन द्वारा कराए गए कार्यों का श्रेय खुद लेना जनप्रतिनिधियों की आदत हो गई है अबकी बार ऐसा नहीं होगा हम अबकी बार जनपद के सांसद और विधायक सर्किल रेट बढ़वाए अगर वह इसे बढ़वाने में विफल होते है तब किसान यूनियन सर्किल रेट बढ़वाना जानती है 14 फरवरी को जिला मुख्यालय पर 72 घंटे का धरना प्रदर्शन किया जाएगा यदि इस पर भी बात नहीं बनी तो फिर लिंक एक्सप्रेसवे नहीं बनने दिया जाएगा किसान किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देगा |
इस अवसर जिला संरक्षक छविनाथ शाक्य,जिला महासचिव अभय यादव,जिला संगठन मंत्री अरविंद गंगवार,युवा जिलाध्यक्ष अनुज राजपूत,जिला प्रचार मंत्री राजेश यादव,जिला सचिव पुजारी कटियार,जिला सहसचिव दिनेश सिंह,सदर तहसील महासचिव रजत गंगवार,ब्लॉक मोहम्मदाबाद अध्यक्ष बड़े यादव,प्रेम चंद्र यादव,अर्पित गंगवार,संजीव मिश्रा,पप्पू यादव,नवीन यादव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे |
रामगढ़ में इतिहास रचा गया — 101 जोड़ों का शाही सामूहिक विवाह, सांसद मनीष जायसवाल की पहल बनी मिसाल

रामगढ़: सिद्धू-कान्हु मैदान में आयोजित सांसद सामूहिक विवाह उत्सव-2026 ने ऐसा दृश्य रचा, जो वर्षों तक लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगा। सात फेरों के पवित्र बंधन में बंधते 101 जोड़ों की शाही शादी ने पूरे इलाके को किसी लोकउत्सव में बदल दिया। बैंड-बाजा, रंग-बिरंगी आतिशबाजी और भव्य बारात के बीच दूल्हे सजी-धजी लग्ज़री कारों से पहुंचे, जबकि अलग-अलग मंडपों में सुर्ख लाल जोड़ों में सजी दुल्हनें किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थीं।

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर आयोजित इस विवाह में राज्यपाल समेत कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए और नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। प्रसिद्ध गायक व सांसद मनोज तिवारी मृदुल और झारखंड के लोकगायक दीपक तिर्की ने अपने गीतों से माहौल को उत्सवमय बना दिया, जबकि कोलकाता से आए पंडित राघव और उनकी टीम ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत विवाह संपन्न कराया।

यह आयोजन खास इसलिए भी रहा क्योंकि कई जोड़े दिव्यांग थे और कुछ ऐसे परिवारों से थे, जिन्हें दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल होता है। सांसद मनीष जायसवाल ने नवदंपतियों को गृहस्थी बसाने के लिए इलेक्ट्रिक रिक्शा (टोटो) और आवश्यक घरेलू सामान भेंट कर विदा किया। कन्यादान और विदाई के समय वे भावुक हो उठे और नवविवाहितों से कहा कि जीवन में कभी जरूरत पड़े तो उन्हें जरूर याद करें—वे सदैव उनके साथ खड़े मिलेंगे।

सुबह निकली 101 दूल्हों की बारात हजारों लोगों की मौजूदगी में शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए समारोह स्थल पहुंची। कहीं छऊ और झूमर नृत्य हुआ, तो कहीं ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी। कई स्थानों पर छतों से पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया गया। पहला दिव्यांग दूल्हा जब बीएमडब्ल्यू से पहुंचा, तो हर नजर उसी पर टिक गई, वहीं अन्य दूल्हे थार और कई लग्ज़री वाहनों पर सवार दिखे।

समारोह में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार, भाजपा संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, धनबाद सांसद ढुल्लू महतो, दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी, बरही विधायक मनोज कुमार यादव, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

मुख्य मंच पर कलाकारों ने नृत्य और संगीत से समां बांध दिया। गणेश वंदना से लेकर राधा-कृष्ण थीम पर प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। पूरे मैदान में त्योहार जैसा माहौल रहा और लाखों लोग इस ऐतिहासिक विवाहोत्सव के साक्षी बने।

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि समाज जागरूक हो तो अभावग्रस्त परिवारों की बेटियों की भी शाही शादी संभव है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नवविवाहितों के रोजगार के लिए भी पहल करेंगे और यदि सहयोग मिलता रहा तो हर साल ऐसे आयोजन जारी रहेंगे।

करीब एक लाख से अधिक लोगों की मौजूदगी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। निजी सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल की तैनाती से पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। भाजपा कार्यकर्ताओं, सांसद परिवार और उनकी टीम के योगदान से यह आयोजन सफल बना।

रामगढ़ की धरती पर पहली बार इतने भव्य पैमाने पर आयोजित यह सामूहिक विवाह आने वाले वर्षों तक चर्चा का विषय रहेगा—एक ऐसा आयोजन जिसने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास से हर बेटी की विदाई सम्मान और खुशियों के साथ हो सकती है।

अलीगढ़ से हांगकांग तक फैला ठगी का नेटवर्क, 600 व्हाट्सएप ग्रुप… 5,000 करोड़ की साइबर लूट
ठगी करते वक्त धराए 12,600 व्हाट्सएप ग्रुप, डेढ़ लाख लोग जाल में
सेवानिवृत्त डीजीएम बने पुलिस के ‘मोस्ट सीक्रेट हथियार’
छह राज्यों में छापे, लगातार भाग रहे थे ठग

लखनऊ । अलीगढ़ में साइबर अपराध की दुनिया में भूचाल मचाने वाला खुलासा हुआ है। यूपी पुलिस की साइबर टीम ने ऐसा अंतरराष्ट्रीय ठगी रैकेट पकड़ा है, जिसकी पटकथा किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। हांगकांग से ऑपरेट हो रहे इस गिरोह ने देशभर में शेयर बाजार में निवेश और 200 गुना मुनाफे का सपना दिखाकर 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर डाली।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठग जब अगली बड़ी ठगी की तैयारी में थे, उसी वक्त पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

जांच में सामने आया कि ठगों ने देशभर में 600 व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे, जिनमें करीब डेढ़ लाख लोग जुड़े थे। 6 फरवरी को ही 1,200 करोड़ रुपये की ठगी की पूरी स्क्रिप्ट तैयार थी। गृह मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय की मदद से पुलिस ने एक झटके में सभी 600 ग्रुप बंद करवा दिए और ठगी के लिए बनाई गई दो फर्जी निवेश एप को देशभर में बैन करा दिया।इस पूरे खुलासे की शुरुआत स्वर्ण जयंती नगर निवासी दिनेश शर्मा से हुई, जो बैंक से डीजीएम पद से रिटायर हैं। ठगों ने उनसे 45 दिनों में ही 1.10 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे और अब 6 फरवरी को दो करोड़ रुपये और मांग रहे थे।दिनेश शर्मा सीधे साइबर पुलिस के पास पहुंचे।

पुलिस की रणनीति पर वे ठगों के संपर्क में बने रहे और जैसे ही ठग रकम निकालने की तैयारी में थे, साइबर टीम ने जाल कस दिया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम सात बड़े बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जा रही थी, जो यूपी समेत छह राज्यों में ऑपरेट हो रहे थे। इसके बाद सात स्पेशल टीमें बनाई गईं। ओडिशा, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और यूपी में एक साथ दबिश दी गई।ठग लगातार शहर बदल रहे थे, लेकिन साइबर सर्विलांस ने हर कदम पर उन्हें ट्रैक किया और आखिरकार 12 आरोपियों को धर दबोचा।पूरी साजिश हांगकांग की इंटरनेट आईपी से ऑपरेट हो रही थी। ठगों ने शेयर बाजार जैसे दिखने वाले फर्जी प्लेटफॉर्म तैयार किए थे। ‘फायर एलाइट प्रो’ नाम की एप सिर्फ 52 दिन पहले बनाई गई थी। व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती थी और फिर उनसे देशभर में शिकार तलाशने का काम कराया जाता था।ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग खातों में घुमाकर यूएसडीटी (डिजिटल करेंसी) में बदल दिया जाता था, जिससे पैसा विदेश पहुंच जाता था।

यह गिरोह पिग बुचरिंग नाम की खतरनाक तकनीक से काम कर रहा था। पहले बड़े अधिकारी, कारोबारी और मोटे खातों वाले लोगों की सोशल मीडिया और वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। फिर उन्हें 200 गुना मुनाफे के लालच में फंसाकर धीरे-धीरे पूरी पूंजी साफ कर दी जाती थी।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 पासबुक-चेकबुक, 28 एटीएम/डेबिट कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, 9 फर्जी फर्मों की मुहर, 2 जियो राउटर, 1 लैपटॉप, 1 कैमरा और ठगी की रकम से जुड़े 5.64 लाख रुपये बरामद किए हैं।एसपी देहात अमृत जैन के मुताबिक अभी करीब दो दर्जन आरोपी और फरार हैं। पूरा नेटवर्क हांगकांग से संचालित होने के चलते इंटरपोल के जरिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की तैयारी है। सीबीआई को भी पत्राचार कर आगे की जांच की सिफारिश की गई है।एसएसपी नीरज जादौन ने इस सनसनीखेज खुलासे पर पूरी साइबर टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
परिवार परामर्श केन्द्र में 02 जोड़े एक साथ रहने को हुए राजी
गोण्डा। रविवार जनपद गोण्डा के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र में पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में परामर्शदाताओं द्वारा बिछुडे़ जोड़ो की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया गया तथा 02 जोड़ों को समझा बुझाकर सुखी जीवन जीने हेतु राजी कर लिया गया।

परिवार परामर्श केन्द्र में उपस्थित सदस्यगण-
महिला थाना प्रभारी अनीता यादव, श्री शशि कुमार भारती,  राजमंगल मौर्य, गंगाधर शुक्ल,अनीता, डॉ0 उमा,
म0आ0 नेहा सिंह एवं म0आ0 अनुप्रिया सिंह आदि उपस्थित रही।
टीम को सम्मानित करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामना देकर बधाई दी गई
गोरखपुर जोन की 31वीं अंतर्जनपदीय कुश्ती-कलस्टर (पुरुष/महिला) प्रतियोगिता–2026 में गोण्डा पुलिस टीम द्वारा प्रथम स्थान लाकर "कुश्ती" चैंपियनशिप जीतने पर पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा टीम को सम्मानित करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामना देकर बधाई दी गई।

गोरखपुर जोन की 31वीं अंतर्जनपदीय कुश्ती-कलस्टर (पुरुष/महिला) प्रतियोगिता–2026 के अंतर्गत आयोजित कुश्ती-कलस्टर (कुश्ती, बॉक्सिंग, बॉडी बिल्डिंग एवं आर्म रेसलिंग) प्रतियोगिता जिसका आयोजन दिनांक 05.02.2026 से 07.02.2026 तक जनपद बस्ती में किया गया, जिसमें गोरखपुर जोन के समस्त जनपदों के पुलिस खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। इस प्रतियोगिता में जनपद गोण्डा के खिलाड़ियों द्वारा टीम प्रभारी एवं कोच के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में अत्यंत अनुकरणीय प्रदर्शन किया गया। ।
जनपद गोण्डा के खिलाड़ियों द्वारा उत्कृष्ट, अनुशासित एवं सराहनीय प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर कुश्ती-कलस्टर चैंपियनशिप अपने नाम की गई। "कुश्ती-कलस्टर" प्रतियोगिता में गोण्डा पुलिस टीम ने मेज़बान जनपद बस्ती को 30 अंकों से पराजित करते हुए निर्णायक बढ़त के साथ प्रथम स्थान प्राप्त कर चैंपियनशिप पर कब्जा जमाया।
फ्रीस्टाइल कुश्ती स्पर्धा में—
1. उ0नि0 जगदीश यादव (97 किलोग्राम),
2. हे0कां0 शैलेष मौर्या (90 किलोग्राम),
3. हे0कां0 अफजल अली (65 किलोग्राम),
4. कां0 राजकुमार राणा (57 किलोग्राम) तथा
5. कां0 शिवानन्द यादव (70 किलोग्राम)
द्वारा अपने-अपने भार वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अर्जित किए गए।
इसी क्रम में—
1. हे0कां0 ओमकार विश्वकर्मा (74 किलोग्राम),
2. हे0कां0 दिनेश कुमार (79 किलोग्राम) एवं
3. कां0 आयुष कुमार यादव (82 किलोग्राम)
द्वारा द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल हासिल किया गया।
ग्रीको-रोमन कुश्ती प्रतियोगिता में हे0कां0 जान मोहम्मद द्वारा 97 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया गया।
इसके अतिरिक्त आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता में—
आरक्षी धर्मेन्द्र कुमार द्वारा 80 किलोग्राम वर्ग में तथा
महिला आरक्षी आनीता चौरसिया द्वारा भी 80 किलोग्राम वर्ग में
प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल अर्जित किया गया, जो महिला पुलिस कर्मियों की शारीरिक दक्षता एवं खेल प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
बॉक्सिंग प्रतियोगिता में हे0कां0 भूपेन्द्र गुप्ता द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं साहसिक प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया गया।
आज दिनांक 08.02.2026 को पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपने कार्यालय/पुलिस लाइन में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान गोरखपुर जोन की 31वीं अंतर्जनपदीय पुलिस कुश्ती-कलस्टर प्रतियोगिता–2026 में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली गोण्डा पुलिस टीम के समस्त खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महोदय द्वारा खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनके प्रशिक्षण, अभ्यास के दौरान आने वाली समस्याओं एवं आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा खेल गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से खिलाड़ियों को समय से खेल उपकरण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।
पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा यह भी कहा गया कि खेल प्रतियोगिताएँ पुलिस बल में अनुशासन, टीम भावना एवं शारीरिक-मानसिक क्षमता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, तथा गोण्डा पुलिस के खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से जनपद को गौरवान्वित किया
उत्तर प्रदेश के पचपेड़वा विकासखंड में एक पुल बना मौत का झूला
बलरामपुर 9 फरवरी उत्तर प्रदेश के जनपद बलरामपुर में स्थित पचपेड़वा विकासखंड के बिशनपुर कोरड मैं एक पुल लोगों की मौत का झूल बना हुआ है आसपास के क्षेत्र के लोगों ने बताया कि काफी दिन से यह इसी प्रकार चल रहा है इस पर गाड़ियां भी जा रही हैं किंतु यह कभी भी गिर सकता है जिससे लोगों की जान जा सकती है बताया जाता है कि गुप्त क्षेत्र वनवासियों का क्षेत्र है जिसका कोई देखने वाला नहीं है ग्राम वासियों ने इस पुल को तुरंत बनवाए जाने की मांग की है ग्राम प्रधान ने बताया कि मैंने कई बार शासन प्रशासन को इसके बारे में अवगत कराया है किंतु कोई ध्यान नहीं दे रहा है अब मैं प्रदेश मुखिया योगी जी के पोर्टल पर इसे भेजने जा रहा हूं उम्मीद है कि हमारा मुखिया तो हमारी बात सुनेगा, लोगों ने जिले के मुखिया डीएम साहब से निवेदन किया है की एक नज़र इधर भी देख ले।
उप्र पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

* रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर मंदिर का एक करोड़ की धनराशि से होगा विकास

* कोनेश्वर मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

* कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है।

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'