देवघर भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 : विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन ।
देवघर: भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन - फाइनल में बादशाह - 11 को 5 विकेट से रौंदा - आकर्षक आतिशबाजी के बीच केकेएन स्टेडियम में समापन देवघर स्थानीय केकेएन स्टेडियम में खेले गए 'स्व. बर्धन खवाड़े ट्रॉफी सीजन- 2 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में विरांश स्टाइलिश- 11 ने बादशाह-11 को 5 विकेट से हराकर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। खेल प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस अवसर पर अपने संबोधन के क्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह से यह क्रिकेट टूर्नामेंट देवघर सहित झारखंड में प्रसिद्ध हो रहा है आने वाले दिनों में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा। खिलाड़ियों के जोश को देखते हुए घोषणा की कि खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए अगले साल स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नकद पुरस्कार राशि भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों को भी भी बढ़ावा देने के लिए हमेशा पहल होगी। कोशिश के प्रयासों ने दिलायी जीत :- टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बादशाह - 11 की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन विरांश स्टाइलिश 11 की कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 12 ओवरों में 9 विकेट खोकर 119 रन ही बना सकी। बादशाह 11 की ओर से सीनियर वर्मा ने सर्वाधिक 39 रन (24 गेंद) और अभिषेक ने 22 रनों का योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 की तरफ से तुपलाला ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में केवल 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरांश स्टाइलिश 11 की शुरुआत बेहद खराब रही और शीर्ष 4 बल्लेबाज मात्र 14 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। उसके बाद कोशिश कुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मैच का पासा ही पलट दिया। कोशिश ने मात्र 31 गेंदों में 4 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। वहीं, मोनू सिंह ने 29 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 ने 11.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 123 रन बनाकर खिताबी जीत दर्ज की। विजेता और उपविजेता पर हुई पैसों की बारिश :- टूर्नामेंट के समापन के बाद मुख्य अतिथि सह टूर्नामेंट के चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े सहित विशिष्ट अतिथि एसबीआई के आरएम प्रशांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से विजेता टीम विरांश स्टाइलिश 11 के कैप्टन को चमचमाती ट्रॉफी और 1 लाख 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार सौंपा। वहीं, उपविजेता टीम बादशाह 11 के कैप्टन व फ्रेंचाइजी को प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. निशांत चौरसिया और टोयोटा धनबाद के मैनेजर राजीव रंजन द्वारा उप- विजेता ट्रॉफी और 55 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों का उत्साह भी चरम पर था। कैच पकड़ने वाले दर्शक को 5100 :- चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े द्वारा स्टैंड्स में एक शानदार कैच पकड़ने वाले दर्शक राज को 5100 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया। टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कार :- - मैन ऑफ द सीरीज :- लोकनाथ (पीवीआर पैंथर) - बेस्ट बैट्समैन :- संजू यादव (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट बॉलर :- विशाल (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट फील्डर :- अभिषेक (बादशाह 11) इनकी रही भूमिका :- मैच में निर्णायक (अंपायर) की भूमिका लाली और खुशहाल शेख ने निभाई, जबकि राकेश राय, अशोक कुमार, शैलेश कुमार और गौरव ने उद्घोषक के रूप में समां बांधा। कौन-कौन रहे उपस्थित :- मंच पर उपस्थित अतिथियों और कमेटी सदस्यों में आयोजन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह, रितेश केसरी, धर्मेंद्र देव और ऋषि राज सिंह ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर मुख्य रूप से नवीन शर्मा मुखिया सुशील महथा, दीपक दुबे, अजय खवाड़े, रोहित कुमार, नीरज झा, धीरज और पंकज वाजपेई आदि उपस्थित रहे। डॉल्फ़िन डांस के कलाकारों ने मोहा मन :- डॉल्फिन डांस एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रशिक्षक पल्लवी झा के नेतृत्व में गणेश वंदना सहित अन्य गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
समाज को बांटना और तोड़ना, कांग्रेस की फितरत, यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है। आदिवासी समागम का विरोध करने को लेकर श्री मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने इन दलों को चेताते हुए कहा कि समाज को बांटने और मूल आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की उनकी साजिश कतई सफल नहीं होगी। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। बल्कि इनमें समानता है। ये प्रकृति की पूजा करते हैं और पेड़, पहाड़, पत्थर, जल, धरती माता की भी पूजा करते हैं। सरना, सनातन और हिंदू में ही जाति व्यवस्था है। यहां जातियों की अनेकों समूह हैं। यहां 36 कोटि देवी देवता हैं। आदिवासी समाज में देश के अंदर 700 से अधिक जातियां हैं, झारखंड में भी 32-33 जातियां हैं। अपने गांव घरों में इनकी अपनी अपनी देवी देवता हैं। यह जो विविधता में एकता है, इसका समावेश सनातन, हिंदू, सरना में है। जहां इतनी अधिक समानता है वहां पर कांग्रेस और jmm के लोग कहते हैं कि इन्हें हिंदू बनाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि हिंदू बनाने का कहीं कोई परंपरा ही नहीं है। बनाए तो क्रिश्चन और मुसलमान जाते हैं। सरना, सनातन और हिंदू तो पैदाइशी होते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सभी को पता है। कांग्रेस का गठन करने वाले अंग्रेज रहे हैं। 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ही अंग्रेजों को लगने लगा कि अब देश को संभालना होगा तो एक सेफ्टी वाल्ब के रूप में कांग्रेस पार्टी का गठन किया गया। अंग्रेज ने समाज को विभाजित और तोड़कर, लोगों को आपस में लड़ा कर इस देश पर राज किया। कांग्रेस पार्टी तो उन्हीं के एक मानस पुत्र रहे हैं। इसलिए जब देश स्वतंत्र हुआ तो महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को खत्म कर देनी चाहिए परंतु कांग्रेस ने गांधी जी की बातों को अनसुना कर दिया। अंग्रेजों की "फूट डालो और राज करो" की संस्कृति पर ही कांग्रेस देश में लंबे वर्षों तक कार्य करती रही। अब जब देश से कांग्रेस की विदाई हो रही है तो यह पार्टी समाज को तोड़ने का नया-नया हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा व आरएसएस पर आदिवासियों को हिंदू बनाने का लगाया गया आरोप उसी हथकंडा का एक हिस्सा है। समाज को तोड़ना और कुर्सी प्राप्त करना तो कांग्रेस की फितरत है।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून की नियमावली में आदिवासी परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। जो लोग आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बदलने का काम करते हैं, उन पर ये दल मौन रहते हैं। इसलिए कांग्रेस और झामुमो के मुँह से आदिवासी हित की बात शोभा नहीं देती।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां 32वां या सुदृढ़ीकरण कर आदिवासियों को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, कलमा पढ़ाकर किसी को मुसलमान बनाया जाता है, लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास, आस्था को मिटाने का काम किया जा रहा है, उस मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां के आदिवासी, जनजाति जो मूल समाज है उनको कैसे समाज से अलग किया जाए, उनमें अलगाव पैदा किया जाए, इसके लिए षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता में बैठे कांग्रेस और jmm के लोग समाज को सिर्फ बांटने तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस प्रकार की नीतियां बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। बहुत दिनों तक इन दलों ने बरगलाकर समाज को गुमराह किया। अब समाज जागरूक हो चुका है। समाज की अपनी मूल पहचान है, इसे समाज पहचान चुका है।

श्री मरांडी ने कहा कि जितनी भी जनजातियों की पूजा स्थल है, उसको संरक्षित, सुरक्षित और विकसित करने की जरूरत है। जगह-जगह पर सरना मसना, पहनाई की जमीन जमीन बर्बाद हो रही है, माफियाओं के चंगुल में जा रहा है। इसको बचाने और संरक्षित करने की जरूरत है, तभी संस्कृति बचेगी। जब झारखंड बना और हमारी सरकार बनी तो हमने ही जाहेरथान की घेराबंदी शुरू करवाई, मांझी थान बनवाने का काम शुरू हुआ। रघुवर दास की सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रही।

भारतीय किसान यूनियन चौधरी का कुनबा बढ़ा,2 दर्जन से अधिका युवाओं ने संभाली संगठन की कमान

युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने ली सदस्यता, किसान हितों की लड़ाई को और मजबूत करने का लिया संकल्प

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन चौधरी का संगठन लगातार मजबूत होता जा रहा है। संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने संगठन की सदस्यता ग्रहण कर किसान हितों की आवाज को बुलंद करने का संकल्प लिया। युवाओं के बढ़ते जुड़ाव से संगठन में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है।कार्यक्रम के दौरान संगठन में नई जिम्मेदारियों की भी घोषणा की गई। राजकुमार सक्सेना को भारतीय किसान यूनियन चौधरी का उत्तर प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि सावन कुमार झा को पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई जिम्मेदारियों के ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दोनों पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार ने कहा कि संगठन किसानों, मजदूरों और युवाओं की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवाओं का संगठन से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि किसान हितों की लड़ाई को नई ताकत मिल रही है। संगठन गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को उठाने और उनके
अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा।नवनियुक्त उत्तर प्रदेश मंत्री राजकुमार सक्सेना ने कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, वह उसका पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। वहीं सावन कुमार झा ने कहा कि युवाओं को जोड़कर संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा तथा किसानों की आवाज को प्रशासन और सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।ग्यास खान राष्ट्रीय महामंत्री चिकित्सा प्रकोष्ठ,युवा जिला अध्यक्ष आरिफ चौधरी,सावन पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष,राजकुमार सक्सेना प्रदेश मंत्री उत्तर प्रदेश,अजय सिंह,पप्पी कुमार,सनी कुमार,मनजीत सिंह,रितिक कुमार,रोहित कुमार,अंशुल कुमार,बलराम सिंह,सचिन,निकित,प्रियांशु कुमार,जीतेन्द्र नाथीराम,मोनू सौरव, विक्की कुमार,रवी कुमार सहित अनेको कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
शहीद करतार सिंह सराभा की 129वीं जयंती पर जदयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ ने दी श्रद्धांजलि

_"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव" - यही था उनका जीवन मंत्र_

*सुलतानपुर*। 24 मई 1896 को लुधियाना के सराभा गांव में जन्मे *शहीद करतार सिंह सराभा* का जीवन देशभक्ति और बलिदान का पर्याय है। जदयू उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ *श्री ओम प्रकाश उपाध्याय* ने उनके 129वें जन्मदिवस पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि आज के युवाओं को सराभा जी के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

*अमेरिका में जगाया क्रांति का अलख*
1912 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए करतार सिंह सराभा को वहां भारतीयों के साथ हो रहे नस्लीय भेदभाव ने भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने देखा कि जो भारतीय ब्रिटिश साम्राज्य के लिए लड़ रहे हैं, उसी साम्राज्य के देश में उन्हें "दूसरे दर्जे का नागरिक" समझा जाता है। इसी आक्रोश ने उन्हें *गदर पार्टी* से जोड़ दिया।

1913 में गठित गदर पार्टी के वे सबसे युवा और सक्रिय नेता बने। *"गदर" पत्रिका* का संपादन करते हुए उन्होंने पंजाबी, हिंदी और उर्दू में क्रांतिकारी लेख लिखे। उनके लेखों का नारा था - *"हिंदुस्तान आजाद होकर रहेगा"*।

*19 साल की उम्र में फांसी का फंदा चूमा*
1914 में प्रथम विश्व युद्ध शुरू होते ही सराभा जी भारत लौट आए। उनका लक्ष्य था - ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों को विद्रोह के लिए तैयार करना। उन्होंने पंजाब के गाँव-गाँव में जाकर किसानों और सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया।

लेकिन अंग्रेजों की गुप्तचर एजेंसी ने उनके साथियों को बहला-फुसलाकर उनकी योजना लीक करवा दी। 1915 में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महज *19 वर्ष की आयु* में 16 नवंबर 1915 को लाहौर सेंट्रल जेल में उन्हें फांसी दे दी गई।

फांसी से पहले भी उनके चेहरे पर कोई भय नहीं था। वे अक्सर ये पंक्तियां गुनगुनाते थे:
> _"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव। 
> ऐसा हो तो आओ करतार सिंह सराभा।"_

*भगत सिंह के आदर्श और गुरु*
सरदार भगत सिंह ने सराभा जी को अपना *आदर्श और गुरु* माना था। भगत सिंह ने अपने लेखों में लिखा था कि सराभा जी का बलिदान ही उनके क्रांतिकारी जीवन की प्रेरणा बना।

*ओम प्रकाश उपाध्याय जी ने कहा*: "आज कुछ लोग कहते हैं कि 'दे दी हमें आज़ादी बिना खड़क बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल'। लेकिन सच ये है कि आजादी करतार सिंह सराभा, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे हजारों क्रांतिकारियों के खून और बलिदान से मिली है। इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।"

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सराभा जी के आदर्शों पर चलकर देश की एकता और अखंडता के लिए काम करें।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर श्याम बिहारी अन्न-जल त्याग अनशन पर बैठे, प्रशासन से वार्ता जारी
एसडीएम, नायब तहसीलदार व थाना अध्यक्ष पहुंचे मौके पर, देर शाम तक नहीं निकला समाधान

अमृतपुर-फर्रुखाबाद l विकास खंड राजेपुर की ग्राम पंचायत बलीपट्टी रानीगांव में कथित भ्रष्टाचार और शिकायतों के निस्तारण की मांग को लेकर अन्न-जल त्याग कर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे पीड़ित श्याम बिहारी अवस्थी के धरने ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रविंद्र सिंह, नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह यादव एवं थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मौके पर पहुंचे और धरनास्थल पर पीड़ित से वार्ता की।

धरने पर बैठे श्याम बिहारी अवस्थी ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार की शिकायत उन्होंने कई बार समाधान दिवस और अन्य माध्यमों से की, लेकिन उनके प्रार्थना पत्रों को दबा दिया गया और आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी 11 सूत्रीय मांगों का निस्तारण नहीं होगा, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित को समझाने का प्रयास किया और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की। हालांकि देर शाम तक चली बातचीत के बावजूद किसी ठोस निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी। जिसके चलते धरना और अनशन जारी रहा।

धरनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही और लोगों में मामले को लेकर चर्चाएं होती रहीं। पीड़ित ने प्रशासन पर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन और पीड़ित पक्ष के बीच वार्ता जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका था। अनशन समाप्त कराने आए अधिकारियों से अनशनकारी ने अपनी शिकायतों की संदर्भ संख्या मांगी तो वह बगलें झांकते दिखे श्याम बिहारी अवस्थी ने बताया कि अनशन अनिश्चित कालीन जारी रहेगा।
श्री राम कथा में विदाई प्रसंग पर हृदय भाव-विभोर हो उठा: विधायक अनुराग सिंह
मीरजापुर। रविवार को पावन श्रीराम कथा का श्रवण करने आए चुनार विधायक अनुराग सिंह ने कहा कि आज श्री राम कथा में विदाई प्रसंग पर हृदय भाव-विभोर हो उठा। कथा के प्रत्येक प्रसंग ने जीवन में मर्यादा, सेवा, भक्ति और मानवता का संदेश दिया। प्रभु श्रीराम का आदर्श चरित्र हम सभी को सत्य, धर्म और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस दिव्य आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर वातावरण निर्मित हुआ। कथा वाचक पंडित आचार्य राघवेंद्र जी अध्यक्ष ब्रजराज सेवा ट्रस्ट वृंदावन एवं आयोजक मंडल विजय शंकर पांडे लालबाग कॉलोनी परिवार और समस्त श्रद्धालुजनों का हृदय से अभिनंदन एवं आभार।
प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सद्बुद्धि प्रदान करें। हैहय वंशीय नव युवक कसेरा समाज की अध्यक्ष श्रीमती जाह्नवी कसेरा ने कहा कि राम नाम जीवन का आधार है,और रामकथा आत्मा का उत्सव।
छठवें दिन कथा का श्रवण करने आए मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली, केबी कॉलेज के प्रवक्ता प्रोफेसर रमेश चंद्र ओझा, कड़ेशंकर पांडे, अमरेंद्र कान्त सिंह, कपिल देव तिवारी, सुभाष चंद्र तिवारी, संकटा प्रसाद तिवारी, मनोज पांडे, अमित पांडे, दिलीप पांडे, रिंकू पांडे आदि उपस्थित रहे।
अब चुनाव में "जन्म जहां, चुनाव वहां से" का मुद्दा उछला

सामाजिक संस्था नया कारवां के फाउंडर ने उठाया मामला

भोपाल। शहर को, शहरवासियों को लफंडर और फकोड़ा कहकर एक पूर्व विधायक बवाल में आ गए हैं। उन्होंने जीते हुए विधायक से अपना अवसाद निकालने के लिए उन्हें अनर्गल भाषा अपनाने के बीच भोपालियों को भी झूठा और फकोड़ा कहने में कोताही नहीं बरती है। शहरवासी उनकी इस बात से खफा भी हैं, और जो व्यक्ति जहां जन्मा हो, चुनाव भी वहीं से लड़े, की मांग उठाने लगा है।नेशनल एनजीओ नया कारवां के फाउंडर मोहम्मद तारिक ने इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग में शिकायत करने की तैयारी की है। मोहम्मद तारिक लंबे समय से भाजपा की रीतिनीति से जुड़े रहे हैं, लेकिन उनका भाजपा से अलगाव तब हो गया, जब तत्कालीन भाजपा विधायक ध्रुव नारायण सिंह ने यह सार्वजनिक बयान दिया कि उनके पास कई मुस्लिम महिलाएं आती हैं, उनसे उनके अंतरंग रिश्ते भी हैं और इससे वे खुशी भी महसूस करते हैं। तारिक ने कहा कि जिस मध्य विधानसभा से वे चुनाव जीतकर विधायक बने थे, वहां करीब आधी आबादी मुस्लिमों की है। ऐसे में अपने मतदाताओं से इस तरह का दोगला व्यवहार रखना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस समय कांग्रेस प्रत्याशी नासिर इस्लाम को पराजित करने की रणनीति बनाई गई थी, तब उनको इन्हीं आरिफ मसूद ने का सहयोग लेना पड़ा था, जिन्हें अब वे फर्जी, गुंडा और झूठा करार दे रहे हैं।

भोपाली फकोड़े, तो छोड़ क्यों नहीं देते शहर...

ध्रुव नारायण सिंह जिन भोपालियों को फकोड़ा और बतौला कह रहे हैं, उन्हीं के वोट समर्थन से वे जीत हासिल करना चाहते हैं। वे मूलतः सतना जिले के रामपुर बघेलान के रहने वाले हैं, अगर वे खुद को इतना सबल मानते हैं, तो अपने पैतृक गांव जाकर चुनाव क्यों नहीं लड़ते। मोहम्मद तारिक इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से मांग भी करने वाले हैं, कि जो व्यक्ति जहां जन्मा हो, वह वहीं से चुनाव लड़े।

धर्म सियासत नहीं चलेगी

मोहम्मद तारिक ने ध्रुव नारायण के उस प्रयास पर भी प्रहार किया है, जिसमें शहर की जनता को सांप्रदायिक आग में झोंकने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि आरिफ मसूद मुस्लिम समुदाय से हैं, विपक्षी दल से ताल्लुक रखते हैं और किसी अप्रत्याशित निर्णय के मामले में बोलने को स्वतंत्र हैं। उनके कार्यकाल में वे हर धर्म का सम्मान और सभी धर्मों के त्यौहार में सहभागिता करते रहे हैं। ऐसे में हार की हताशा में ध्रुव नारायण को इस तरह की सियासत करने से बाज आना चाहिए। वैसे भी यह शहर गंगा जमुनी तहजीब का बड़ा उदाहरण कहा जाता है, उनके इस तरह के बयानों से जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इनका कहना 

सियासत में मर्यादाओं का ख्याल जरूरी है। इस मामले में सिर्फ इतना ही कह पाऊंगा कि 

इन दोनों में एक मेरा जूनियर छोटा भाई है तो दूसरी तरफ़ मेरा सुसराली पक्ष भाई। दोनों को धैर्य और संयम रखना चाहिए।

मोहम्मद तारिक,

नयां कारवां 

(नेशनल एनजीओ) 

सादगी का संदेश, काफिलों का विशेष” — जहानाबाद में वीआईपी काफिले पर जनता के तंज और सवाल
जहानाबाद: एक ओर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, सादगी अपनाने और छोटी दूरी के लिए पैदल चलने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जहानाबाद में बिहार के उपमुख्यमंत्री  विजय कुमार चौधरी  के लंबे काफिले ने लोगों के बीच चर्चा और व्यंग्य को जन्म दे दिया है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में करीब 200 गाड़ियों का काफिला शामिल था, जिसे लेकर आम लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहानाबाद में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का लंबा काफिला लोगों के आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना रहा। नेताओं, अधिकारियों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं की गाड़ियों से सड़कें इस तरह भर गईं कि लोगों ने इसकी तुलना शाही बारात से कर डाली। ऊपर से ऊंट और घोड़ों की मौजूदगी ने माहौल को और भी राजसी बना दिया। स्थानीय लोगों ने इसे लेकर सोशल मीडिया और चौक-चौराहों पर जमकर तंज कसे। लोगों का कहना था कि एक तरफ आम जनता महंगे पेट्रोल-डीजल के बीच खर्च का हिसाब लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ वीआईपी काफिलों की लंबाई सादगी के संदेश पर सवाल खड़े कर रही है। लोगों के बीच व्यंग्य की पंक्तियां भी खूब चर्चा में रहीं— “जनता पैदल चल रही, नेता काफिले संग,
डीजल-पेट्रोल सोच रहे — आखिर हम जाएं किसके संग।”
एक बुजुर्ग ने मुस्कुराते हुए कहा कि जनता को पैदल चलने की सलाह शायद इसलिए दी जा रही है, ताकि नेताओं के काफिलों को ट्रैफिक में परेशानी न हो। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि सभी लोग सादगी अपनाएं, अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और छोटी दूरी के लिए पैदल चलने की आदत डालें। लेकिन जहानाबाद में निकले इस विशाल काफिले ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या बचत और सादगी के नियम सिर्फ आम जनता के लिए ही हैं।
व्यंग्य की एक और पंक्ति लोगों के बीच चर्चा में रही—
“जनता बोले — तेल बचाओ,
नेता बोले — काफिला लाओ।”
फिलहाल जहानाबाद में यह वीआईपी काफिला राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी बहस और व्यंग्य का विषय बना हुआ है।
विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने सुल्तानपुर विधानसभा के लोगों को दी बड़ी सौगात,किया उद्घाटन*
सुल्तानपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने सुल्तानपुर विधानसभा के लोगों को बड़ी सौगात दी है। वर्षों ने बिजली को लेकर उपेक्षित चल रहे करौंदिया पुलिस लाइन और आस पास को मोहल्लों के उपकेंद्र बैंक तैयार हो गया है और आज विनोद सिंह ने इसका उद्घाटन कर जनता को समर्पित कर दिया है। दरअसल करौंदिया पुलिस लाइन और आस पास के करीब आधा दर्जन मोहल्ले लंबे समय से बिजली की समस्या से परेशान थे। इन क्षेत्रों की आबादी बढ़ने के बाद यहां कभी लो बोल्टेज तो कभी ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर जल जाना आम बात हो गई थी। कभी केबिल जलना तो कभी तार टूट कर गिर जाते थे। इसी को लेकर इन तमाम मोहल्ले वासियों ने सुल्तानपुर विधानसभा से विधायक चुने गए विनोद सिंह से गुहार लगाई थी। विनोद सिंह इसके लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। बिजली विभाग से उन्होंने प्रपोजल बनवा का शासन को भिजवाया और लगातार उसके लिए शासन से पैरवी करते रहे। ऊर्जा विभाग के साथ साथ मुख्यमंत्री से मिलते रहे। जिसका परिणाम रहा कि करौंदिया पुलिस लाइन फीडर को स्वीकृति मिली और निर्माण कर प्रारंभ हुआ अभी कुछ दिनों पहले ही फीडर बनकर तैनात हुआ। जिसके बाद आज एक कार्यक्रम के तहत सुल्तानपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह करौंदिया पुलिस लाइन फीडर पहुंचे और इसका उद्घाटन कर जनता को समर्पित कर दिया। इस दौरान सभासद संजय कप्तान,रमेश सिंह टिन्नू,सुधर तिवारी, अफ़ज़ल अंसारी, संदीप गुप्ता,मनीष जायसवाल ,नगर अध्यक्ष रीना जायसवाल सहित तमाम बीजेपी नेता और कार्यकर्ता के साथ आमजन मौजूद रहे और उन्होंने विधायक विनोद सिंह का आभार व्यक्त किया। वहीं बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता विपुल जैन,अधिशासी अभियंता अश्वनी कुमार वर्मा,उपखंड अधिकारी खूबलाल, अवर अभियंता कृष्ण चंद्र कुशवाहा सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं विनोद सिंह ने लगातार हो रही बिजली कटौती पर कहा कि बिजली आज पूरे देश की बड़ी समस्या बन चुकी है, जिसका संज्ञान सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है। आज उन्होंने बिजली विभाग के आलाधिकारियों को तलब किया है जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
आजमगढ़: जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं - रामानंद
जमगढ़। मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक विलासिता का सुख प्राप्त करना नहीं है। मानव जीवन का उद्देश्य राग द्वेष बैर भाव ऊंच नीच छूआ छूत से ऊपर उठकर सबको गले लगाना है। श्री श्री 1008  योगी रामानंददास महाराज ने जिले के तहबरपुुुुर विकास खण्ड में पड़ने वाले सराय सागर गांव में चल रहे श्री शत चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन में कही । उन्होंने ने “पुरुषार्थ” और “निर्वाण” का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए बताया कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की ओर बढ़ना है। जाति पाति ऊंच नीच बैर भाव लोभ मोह मद से ऊपर उठकर समाज के दबे-कुचले का उत्थान करना है।उन्होंने कहा कि पुरुषार्थ का अर्थ है — "मनुष्य द्वारा जीवन में किए जाने वाले श्रेष्ठ प्रयास"। सनातन धर्म में चार पुरुषार्थ बताए गए हैं: 'धर्म' – सत्य और कर्तव्य का पालन। 'अर्थ' – न्यायपूर्ण तरीके से धन अर्जन। 'काम' – मर्यादित इच्छाओं की पूर्ति। 'मोक्ष' – जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति। इन चारों में मोक्ष को सर्वोच्च माना गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्वाण का अर्थ है अहंकार, मोह, क्रोध ,ल़ोभ और सांसारिक बंधनों से पूर्ण मुक्ति प्राप्त कर परम शांति की अवस्था में पहुँचना। योग और भक्ति के माध्यम से मनुष्य आत्मज्ञान प्राप्त कर निर्वाण की ओर अग्रसर हो सकता है। इस अवसर पर अनिल सिंह, संजय सिंह, प्रेम प्रकाश राय, दीनदयाल उपाध्याय, राकेश उपाध्याय,रजत सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन मौजूद रहे।
देवघर भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 : विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन ।
देवघर: भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन - फाइनल में बादशाह - 11 को 5 विकेट से रौंदा - आकर्षक आतिशबाजी के बीच केकेएन स्टेडियम में समापन देवघर स्थानीय केकेएन स्टेडियम में खेले गए 'स्व. बर्धन खवाड़े ट्रॉफी सीजन- 2 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में विरांश स्टाइलिश- 11 ने बादशाह-11 को 5 विकेट से हराकर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। खेल प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस अवसर पर अपने संबोधन के क्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह से यह क्रिकेट टूर्नामेंट देवघर सहित झारखंड में प्रसिद्ध हो रहा है आने वाले दिनों में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा। खिलाड़ियों के जोश को देखते हुए घोषणा की कि खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए अगले साल स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नकद पुरस्कार राशि भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों को भी भी बढ़ावा देने के लिए हमेशा पहल होगी। कोशिश के प्रयासों ने दिलायी जीत :- टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बादशाह - 11 की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन विरांश स्टाइलिश 11 की कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 12 ओवरों में 9 विकेट खोकर 119 रन ही बना सकी। बादशाह 11 की ओर से सीनियर वर्मा ने सर्वाधिक 39 रन (24 गेंद) और अभिषेक ने 22 रनों का योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 की तरफ से तुपलाला ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में केवल 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरांश स्टाइलिश 11 की शुरुआत बेहद खराब रही और शीर्ष 4 बल्लेबाज मात्र 14 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। उसके बाद कोशिश कुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मैच का पासा ही पलट दिया। कोशिश ने मात्र 31 गेंदों में 4 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। वहीं, मोनू सिंह ने 29 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 ने 11.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 123 रन बनाकर खिताबी जीत दर्ज की। विजेता और उपविजेता पर हुई पैसों की बारिश :- टूर्नामेंट के समापन के बाद मुख्य अतिथि सह टूर्नामेंट के चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े सहित विशिष्ट अतिथि एसबीआई के आरएम प्रशांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से विजेता टीम विरांश स्टाइलिश 11 के कैप्टन को चमचमाती ट्रॉफी और 1 लाख 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार सौंपा। वहीं, उपविजेता टीम बादशाह 11 के कैप्टन व फ्रेंचाइजी को प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. निशांत चौरसिया और टोयोटा धनबाद के मैनेजर राजीव रंजन द्वारा उप- विजेता ट्रॉफी और 55 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों का उत्साह भी चरम पर था। कैच पकड़ने वाले दर्शक को 5100 :- चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े द्वारा स्टैंड्स में एक शानदार कैच पकड़ने वाले दर्शक राज को 5100 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया। टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कार :- - मैन ऑफ द सीरीज :- लोकनाथ (पीवीआर पैंथर) - बेस्ट बैट्समैन :- संजू यादव (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट बॉलर :- विशाल (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट फील्डर :- अभिषेक (बादशाह 11) इनकी रही भूमिका :- मैच में निर्णायक (अंपायर) की भूमिका लाली और खुशहाल शेख ने निभाई, जबकि राकेश राय, अशोक कुमार, शैलेश कुमार और गौरव ने उद्घोषक के रूप में समां बांधा। कौन-कौन रहे उपस्थित :- मंच पर उपस्थित अतिथियों और कमेटी सदस्यों में आयोजन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह, रितेश केसरी, धर्मेंद्र देव और ऋषि राज सिंह ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर मुख्य रूप से नवीन शर्मा मुखिया सुशील महथा, दीपक दुबे, अजय खवाड़े, रोहित कुमार, नीरज झा, धीरज और पंकज वाजपेई आदि उपस्थित रहे। डॉल्फ़िन डांस के कलाकारों ने मोहा मन :- डॉल्फिन डांस एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रशिक्षक पल्लवी झा के नेतृत्व में गणेश वंदना सहित अन्य गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
समाज को बांटना और तोड़ना, कांग्रेस की फितरत, यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है। आदिवासी समागम का विरोध करने को लेकर श्री मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने इन दलों को चेताते हुए कहा कि समाज को बांटने और मूल आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की उनकी साजिश कतई सफल नहीं होगी। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। बल्कि इनमें समानता है। ये प्रकृति की पूजा करते हैं और पेड़, पहाड़, पत्थर, जल, धरती माता की भी पूजा करते हैं। सरना, सनातन और हिंदू में ही जाति व्यवस्था है। यहां जातियों की अनेकों समूह हैं। यहां 36 कोटि देवी देवता हैं। आदिवासी समाज में देश के अंदर 700 से अधिक जातियां हैं, झारखंड में भी 32-33 जातियां हैं। अपने गांव घरों में इनकी अपनी अपनी देवी देवता हैं। यह जो विविधता में एकता है, इसका समावेश सनातन, हिंदू, सरना में है। जहां इतनी अधिक समानता है वहां पर कांग्रेस और jmm के लोग कहते हैं कि इन्हें हिंदू बनाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि हिंदू बनाने का कहीं कोई परंपरा ही नहीं है। बनाए तो क्रिश्चन और मुसलमान जाते हैं। सरना, सनातन और हिंदू तो पैदाइशी होते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सभी को पता है। कांग्रेस का गठन करने वाले अंग्रेज रहे हैं। 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ही अंग्रेजों को लगने लगा कि अब देश को संभालना होगा तो एक सेफ्टी वाल्ब के रूप में कांग्रेस पार्टी का गठन किया गया। अंग्रेज ने समाज को विभाजित और तोड़कर, लोगों को आपस में लड़ा कर इस देश पर राज किया। कांग्रेस पार्टी तो उन्हीं के एक मानस पुत्र रहे हैं। इसलिए जब देश स्वतंत्र हुआ तो महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को खत्म कर देनी चाहिए परंतु कांग्रेस ने गांधी जी की बातों को अनसुना कर दिया। अंग्रेजों की "फूट डालो और राज करो" की संस्कृति पर ही कांग्रेस देश में लंबे वर्षों तक कार्य करती रही। अब जब देश से कांग्रेस की विदाई हो रही है तो यह पार्टी समाज को तोड़ने का नया-नया हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा व आरएसएस पर आदिवासियों को हिंदू बनाने का लगाया गया आरोप उसी हथकंडा का एक हिस्सा है। समाज को तोड़ना और कुर्सी प्राप्त करना तो कांग्रेस की फितरत है।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून की नियमावली में आदिवासी परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। जो लोग आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बदलने का काम करते हैं, उन पर ये दल मौन रहते हैं। इसलिए कांग्रेस और झामुमो के मुँह से आदिवासी हित की बात शोभा नहीं देती।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां 32वां या सुदृढ़ीकरण कर आदिवासियों को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, कलमा पढ़ाकर किसी को मुसलमान बनाया जाता है, लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास, आस्था को मिटाने का काम किया जा रहा है, उस मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां के आदिवासी, जनजाति जो मूल समाज है उनको कैसे समाज से अलग किया जाए, उनमें अलगाव पैदा किया जाए, इसके लिए षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता में बैठे कांग्रेस और jmm के लोग समाज को सिर्फ बांटने तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस प्रकार की नीतियां बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। बहुत दिनों तक इन दलों ने बरगलाकर समाज को गुमराह किया। अब समाज जागरूक हो चुका है। समाज की अपनी मूल पहचान है, इसे समाज पहचान चुका है।

श्री मरांडी ने कहा कि जितनी भी जनजातियों की पूजा स्थल है, उसको संरक्षित, सुरक्षित और विकसित करने की जरूरत है। जगह-जगह पर सरना मसना, पहनाई की जमीन जमीन बर्बाद हो रही है, माफियाओं के चंगुल में जा रहा है। इसको बचाने और संरक्षित करने की जरूरत है, तभी संस्कृति बचेगी। जब झारखंड बना और हमारी सरकार बनी तो हमने ही जाहेरथान की घेराबंदी शुरू करवाई, मांझी थान बनवाने का काम शुरू हुआ। रघुवर दास की सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रही।

भारतीय किसान यूनियन चौधरी का कुनबा बढ़ा,2 दर्जन से अधिका युवाओं ने संभाली संगठन की कमान

युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने ली सदस्यता, किसान हितों की लड़ाई को और मजबूत करने का लिया संकल्प

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन चौधरी का संगठन लगातार मजबूत होता जा रहा है। संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने संगठन की सदस्यता ग्रहण कर किसान हितों की आवाज को बुलंद करने का संकल्प लिया। युवाओं के बढ़ते जुड़ाव से संगठन में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है।कार्यक्रम के दौरान संगठन में नई जिम्मेदारियों की भी घोषणा की गई। राजकुमार सक्सेना को भारतीय किसान यूनियन चौधरी का उत्तर प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि सावन कुमार झा को पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई जिम्मेदारियों के ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दोनों पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार ने कहा कि संगठन किसानों, मजदूरों और युवाओं की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवाओं का संगठन से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि किसान हितों की लड़ाई को नई ताकत मिल रही है। संगठन गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को उठाने और उनके
अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा।नवनियुक्त उत्तर प्रदेश मंत्री राजकुमार सक्सेना ने कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, वह उसका पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। वहीं सावन कुमार झा ने कहा कि युवाओं को जोड़कर संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा तथा किसानों की आवाज को प्रशासन और सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।ग्यास खान राष्ट्रीय महामंत्री चिकित्सा प्रकोष्ठ,युवा जिला अध्यक्ष आरिफ चौधरी,सावन पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष,राजकुमार सक्सेना प्रदेश मंत्री उत्तर प्रदेश,अजय सिंह,पप्पी कुमार,सनी कुमार,मनजीत सिंह,रितिक कुमार,रोहित कुमार,अंशुल कुमार,बलराम सिंह,सचिन,निकित,प्रियांशु कुमार,जीतेन्द्र नाथीराम,मोनू सौरव, विक्की कुमार,रवी कुमार सहित अनेको कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
शहीद करतार सिंह सराभा की 129वीं जयंती पर जदयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ ने दी श्रद्धांजलि

_"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव" - यही था उनका जीवन मंत्र_

*सुलतानपुर*। 24 मई 1896 को लुधियाना के सराभा गांव में जन्मे *शहीद करतार सिंह सराभा* का जीवन देशभक्ति और बलिदान का पर्याय है। जदयू उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ *श्री ओम प्रकाश उपाध्याय* ने उनके 129वें जन्मदिवस पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि आज के युवाओं को सराभा जी के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

*अमेरिका में जगाया क्रांति का अलख*
1912 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए करतार सिंह सराभा को वहां भारतीयों के साथ हो रहे नस्लीय भेदभाव ने भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने देखा कि जो भारतीय ब्रिटिश साम्राज्य के लिए लड़ रहे हैं, उसी साम्राज्य के देश में उन्हें "दूसरे दर्जे का नागरिक" समझा जाता है। इसी आक्रोश ने उन्हें *गदर पार्टी* से जोड़ दिया।

1913 में गठित गदर पार्टी के वे सबसे युवा और सक्रिय नेता बने। *"गदर" पत्रिका* का संपादन करते हुए उन्होंने पंजाबी, हिंदी और उर्दू में क्रांतिकारी लेख लिखे। उनके लेखों का नारा था - *"हिंदुस्तान आजाद होकर रहेगा"*।

*19 साल की उम्र में फांसी का फंदा चूमा*
1914 में प्रथम विश्व युद्ध शुरू होते ही सराभा जी भारत लौट आए। उनका लक्ष्य था - ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों को विद्रोह के लिए तैयार करना। उन्होंने पंजाब के गाँव-गाँव में जाकर किसानों और सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया।

लेकिन अंग्रेजों की गुप्तचर एजेंसी ने उनके साथियों को बहला-फुसलाकर उनकी योजना लीक करवा दी। 1915 में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महज *19 वर्ष की आयु* में 16 नवंबर 1915 को लाहौर सेंट्रल जेल में उन्हें फांसी दे दी गई।

फांसी से पहले भी उनके चेहरे पर कोई भय नहीं था। वे अक्सर ये पंक्तियां गुनगुनाते थे:
> _"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव। 
> ऐसा हो तो आओ करतार सिंह सराभा।"_

*भगत सिंह के आदर्श और गुरु*
सरदार भगत सिंह ने सराभा जी को अपना *आदर्श और गुरु* माना था। भगत सिंह ने अपने लेखों में लिखा था कि सराभा जी का बलिदान ही उनके क्रांतिकारी जीवन की प्रेरणा बना।

*ओम प्रकाश उपाध्याय जी ने कहा*: "आज कुछ लोग कहते हैं कि 'दे दी हमें आज़ादी बिना खड़क बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल'। लेकिन सच ये है कि आजादी करतार सिंह सराभा, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे हजारों क्रांतिकारियों के खून और बलिदान से मिली है। इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।"

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सराभा जी के आदर्शों पर चलकर देश की एकता और अखंडता के लिए काम करें।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर श्याम बिहारी अन्न-जल त्याग अनशन पर बैठे, प्रशासन से वार्ता जारी
एसडीएम, नायब तहसीलदार व थाना अध्यक्ष पहुंचे मौके पर, देर शाम तक नहीं निकला समाधान

अमृतपुर-फर्रुखाबाद l विकास खंड राजेपुर की ग्राम पंचायत बलीपट्टी रानीगांव में कथित भ्रष्टाचार और शिकायतों के निस्तारण की मांग को लेकर अन्न-जल त्याग कर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे पीड़ित श्याम बिहारी अवस्थी के धरने ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रविंद्र सिंह, नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह यादव एवं थाना अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह मौके पर पहुंचे और धरनास्थल पर पीड़ित से वार्ता की।

धरने पर बैठे श्याम बिहारी अवस्थी ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार की शिकायत उन्होंने कई बार समाधान दिवस और अन्य माध्यमों से की, लेकिन उनके प्रार्थना पत्रों को दबा दिया गया और आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी 11 सूत्रीय मांगों का निस्तारण नहीं होगा, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।

मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित को समझाने का प्रयास किया और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की। हालांकि देर शाम तक चली बातचीत के बावजूद किसी ठोस निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी। जिसके चलते धरना और अनशन जारी रहा।

धरनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही और लोगों में मामले को लेकर चर्चाएं होती रहीं। पीड़ित ने प्रशासन पर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

फिलहाल प्रशासन और पीड़ित पक्ष के बीच वार्ता जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका था। अनशन समाप्त कराने आए अधिकारियों से अनशनकारी ने अपनी शिकायतों की संदर्भ संख्या मांगी तो वह बगलें झांकते दिखे श्याम बिहारी अवस्थी ने बताया कि अनशन अनिश्चित कालीन जारी रहेगा।
श्री राम कथा में विदाई प्रसंग पर हृदय भाव-विभोर हो उठा: विधायक अनुराग सिंह
मीरजापुर। रविवार को पावन श्रीराम कथा का श्रवण करने आए चुनार विधायक अनुराग सिंह ने कहा कि आज श्री राम कथा में विदाई प्रसंग पर हृदय भाव-विभोर हो उठा। कथा के प्रत्येक प्रसंग ने जीवन में मर्यादा, सेवा, भक्ति और मानवता का संदेश दिया। प्रभु श्रीराम का आदर्श चरित्र हम सभी को सत्य, धर्म और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस दिव्य आयोजन से पूरे क्षेत्र में भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर वातावरण निर्मित हुआ। कथा वाचक पंडित आचार्य राघवेंद्र जी अध्यक्ष ब्रजराज सेवा ट्रस्ट वृंदावन एवं आयोजक मंडल विजय शंकर पांडे लालबाग कॉलोनी परिवार और समस्त श्रद्धालुजनों का हृदय से अभिनंदन एवं आभार।
प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं सद्बुद्धि प्रदान करें। हैहय वंशीय नव युवक कसेरा समाज की अध्यक्ष श्रीमती जाह्नवी कसेरा ने कहा कि राम नाम जीवन का आधार है,और रामकथा आत्मा का उत्सव।
छठवें दिन कथा का श्रवण करने आए मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली, केबी कॉलेज के प्रवक्ता प्रोफेसर रमेश चंद्र ओझा, कड़ेशंकर पांडे, अमरेंद्र कान्त सिंह, कपिल देव तिवारी, सुभाष चंद्र तिवारी, संकटा प्रसाद तिवारी, मनोज पांडे, अमित पांडे, दिलीप पांडे, रिंकू पांडे आदि उपस्थित रहे।
अब चुनाव में "जन्म जहां, चुनाव वहां से" का मुद्दा उछला

सामाजिक संस्था नया कारवां के फाउंडर ने उठाया मामला

भोपाल। शहर को, शहरवासियों को लफंडर और फकोड़ा कहकर एक पूर्व विधायक बवाल में आ गए हैं। उन्होंने जीते हुए विधायक से अपना अवसाद निकालने के लिए उन्हें अनर्गल भाषा अपनाने के बीच भोपालियों को भी झूठा और फकोड़ा कहने में कोताही नहीं बरती है। शहरवासी उनकी इस बात से खफा भी हैं, और जो व्यक्ति जहां जन्मा हो, चुनाव भी वहीं से लड़े, की मांग उठाने लगा है।नेशनल एनजीओ नया कारवां के फाउंडर मोहम्मद तारिक ने इस मामले को लेकर निर्वाचन आयोग में शिकायत करने की तैयारी की है। मोहम्मद तारिक लंबे समय से भाजपा की रीतिनीति से जुड़े रहे हैं, लेकिन उनका भाजपा से अलगाव तब हो गया, जब तत्कालीन भाजपा विधायक ध्रुव नारायण सिंह ने यह सार्वजनिक बयान दिया कि उनके पास कई मुस्लिम महिलाएं आती हैं, उनसे उनके अंतरंग रिश्ते भी हैं और इससे वे खुशी भी महसूस करते हैं। तारिक ने कहा कि जिस मध्य विधानसभा से वे चुनाव जीतकर विधायक बने थे, वहां करीब आधी आबादी मुस्लिमों की है। ऐसे में अपने मतदाताओं से इस तरह का दोगला व्यवहार रखना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस समय कांग्रेस प्रत्याशी नासिर इस्लाम को पराजित करने की रणनीति बनाई गई थी, तब उनको इन्हीं आरिफ मसूद ने का सहयोग लेना पड़ा था, जिन्हें अब वे फर्जी, गुंडा और झूठा करार दे रहे हैं।

भोपाली फकोड़े, तो छोड़ क्यों नहीं देते शहर...

ध्रुव नारायण सिंह जिन भोपालियों को फकोड़ा और बतौला कह रहे हैं, उन्हीं के वोट समर्थन से वे जीत हासिल करना चाहते हैं। वे मूलतः सतना जिले के रामपुर बघेलान के रहने वाले हैं, अगर वे खुद को इतना सबल मानते हैं, तो अपने पैतृक गांव जाकर चुनाव क्यों नहीं लड़ते। मोहम्मद तारिक इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से मांग भी करने वाले हैं, कि जो व्यक्ति जहां जन्मा हो, वह वहीं से चुनाव लड़े।

धर्म सियासत नहीं चलेगी

मोहम्मद तारिक ने ध्रुव नारायण के उस प्रयास पर भी प्रहार किया है, जिसमें शहर की जनता को सांप्रदायिक आग में झोंकने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि आरिफ मसूद मुस्लिम समुदाय से हैं, विपक्षी दल से ताल्लुक रखते हैं और किसी अप्रत्याशित निर्णय के मामले में बोलने को स्वतंत्र हैं। उनके कार्यकाल में वे हर धर्म का सम्मान और सभी धर्मों के त्यौहार में सहभागिता करते रहे हैं। ऐसे में हार की हताशा में ध्रुव नारायण को इस तरह की सियासत करने से बाज आना चाहिए। वैसे भी यह शहर गंगा जमुनी तहजीब का बड़ा उदाहरण कहा जाता है, उनके इस तरह के बयानों से जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

इनका कहना 

सियासत में मर्यादाओं का ख्याल जरूरी है। इस मामले में सिर्फ इतना ही कह पाऊंगा कि 

इन दोनों में एक मेरा जूनियर छोटा भाई है तो दूसरी तरफ़ मेरा सुसराली पक्ष भाई। दोनों को धैर्य और संयम रखना चाहिए।

मोहम्मद तारिक,

नयां कारवां 

(नेशनल एनजीओ) 

सादगी का संदेश, काफिलों का विशेष” — जहानाबाद में वीआईपी काफिले पर जनता के तंज और सवाल
जहानाबाद: एक ओर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, सादगी अपनाने और छोटी दूरी के लिए पैदल चलने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जहानाबाद में बिहार के उपमुख्यमंत्री  विजय कुमार चौधरी  के लंबे काफिले ने लोगों के बीच चर्चा और व्यंग्य को जन्म दे दिया है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में करीब 200 गाड़ियों का काफिला शामिल था, जिसे लेकर आम लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहानाबाद में आयोजित सरकारी कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का लंबा काफिला लोगों के आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना रहा। नेताओं, अधिकारियों, समर्थकों और कार्यकर्ताओं की गाड़ियों से सड़कें इस तरह भर गईं कि लोगों ने इसकी तुलना शाही बारात से कर डाली। ऊपर से ऊंट और घोड़ों की मौजूदगी ने माहौल को और भी राजसी बना दिया। स्थानीय लोगों ने इसे लेकर सोशल मीडिया और चौक-चौराहों पर जमकर तंज कसे। लोगों का कहना था कि एक तरफ आम जनता महंगे पेट्रोल-डीजल के बीच खर्च का हिसाब लगा रही है, वहीं दूसरी तरफ वीआईपी काफिलों की लंबाई सादगी के संदेश पर सवाल खड़े कर रही है। लोगों के बीच व्यंग्य की पंक्तियां भी खूब चर्चा में रहीं— “जनता पैदल चल रही, नेता काफिले संग,
डीजल-पेट्रोल सोच रहे — आखिर हम जाएं किसके संग।”
एक बुजुर्ग ने मुस्कुराते हुए कहा कि जनता को पैदल चलने की सलाह शायद इसलिए दी जा रही है, ताकि नेताओं के काफिलों को ट्रैफिक में परेशानी न हो। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि सभी लोग सादगी अपनाएं, अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और छोटी दूरी के लिए पैदल चलने की आदत डालें। लेकिन जहानाबाद में निकले इस विशाल काफिले ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या बचत और सादगी के नियम सिर्फ आम जनता के लिए ही हैं।
व्यंग्य की एक और पंक्ति लोगों के बीच चर्चा में रही—
“जनता बोले — तेल बचाओ,
नेता बोले — काफिला लाओ।”
फिलहाल जहानाबाद में यह वीआईपी काफिला राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी बहस और व्यंग्य का विषय बना हुआ है।
विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने सुल्तानपुर विधानसभा के लोगों को दी बड़ी सौगात,किया उद्घाटन*
सुल्तानपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह ने सुल्तानपुर विधानसभा के लोगों को बड़ी सौगात दी है। वर्षों ने बिजली को लेकर उपेक्षित चल रहे करौंदिया पुलिस लाइन और आस पास को मोहल्लों के उपकेंद्र बैंक तैयार हो गया है और आज विनोद सिंह ने इसका उद्घाटन कर जनता को समर्पित कर दिया है। दरअसल करौंदिया पुलिस लाइन और आस पास के करीब आधा दर्जन मोहल्ले लंबे समय से बिजली की समस्या से परेशान थे। इन क्षेत्रों की आबादी बढ़ने के बाद यहां कभी लो बोल्टेज तो कभी ओवरलोड के चलते ट्रांसफार्मर जल जाना आम बात हो गई थी। कभी केबिल जलना तो कभी तार टूट कर गिर जाते थे। इसी को लेकर इन तमाम मोहल्ले वासियों ने सुल्तानपुर विधानसभा से विधायक चुने गए विनोद सिंह से गुहार लगाई थी। विनोद सिंह इसके लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। बिजली विभाग से उन्होंने प्रपोजल बनवा का शासन को भिजवाया और लगातार उसके लिए शासन से पैरवी करते रहे। ऊर्जा विभाग के साथ साथ मुख्यमंत्री से मिलते रहे। जिसका परिणाम रहा कि करौंदिया पुलिस लाइन फीडर को स्वीकृति मिली और निर्माण कर प्रारंभ हुआ अभी कुछ दिनों पहले ही फीडर बनकर तैनात हुआ। जिसके बाद आज एक कार्यक्रम के तहत सुल्तानपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री विनोद सिंह करौंदिया पुलिस लाइन फीडर पहुंचे और इसका उद्घाटन कर जनता को समर्पित कर दिया। इस दौरान सभासद संजय कप्तान,रमेश सिंह टिन्नू,सुधर तिवारी, अफ़ज़ल अंसारी, संदीप गुप्ता,मनीष जायसवाल ,नगर अध्यक्ष रीना जायसवाल सहित तमाम बीजेपी नेता और कार्यकर्ता के साथ आमजन मौजूद रहे और उन्होंने विधायक विनोद सिंह का आभार व्यक्त किया। वहीं बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता विपुल जैन,अधिशासी अभियंता अश्वनी कुमार वर्मा,उपखंड अधिकारी खूबलाल, अवर अभियंता कृष्ण चंद्र कुशवाहा सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं विनोद सिंह ने लगातार हो रही बिजली कटौती पर कहा कि बिजली आज पूरे देश की बड़ी समस्या बन चुकी है, जिसका संज्ञान सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है। आज उन्होंने बिजली विभाग के आलाधिकारियों को तलब किया है जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाएगी।
आजमगढ़: जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं - रामानंद
जमगढ़। मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक विलासिता का सुख प्राप्त करना नहीं है। मानव जीवन का उद्देश्य राग द्वेष बैर भाव ऊंच नीच छूआ छूत से ऊपर उठकर सबको गले लगाना है। श्री श्री 1008  योगी रामानंददास महाराज ने जिले के तहबरपुुुुर विकास खण्ड में पड़ने वाले सराय सागर गांव में चल रहे श्री शत चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन में कही । उन्होंने ने “पुरुषार्थ” और “निर्वाण” का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए बताया कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की ओर बढ़ना है। जाति पाति ऊंच नीच बैर भाव लोभ मोह मद से ऊपर उठकर समाज के दबे-कुचले का उत्थान करना है।उन्होंने कहा कि पुरुषार्थ का अर्थ है — "मनुष्य द्वारा जीवन में किए जाने वाले श्रेष्ठ प्रयास"। सनातन धर्म में चार पुरुषार्थ बताए गए हैं: 'धर्म' – सत्य और कर्तव्य का पालन। 'अर्थ' – न्यायपूर्ण तरीके से धन अर्जन। 'काम' – मर्यादित इच्छाओं की पूर्ति। 'मोक्ष' – जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति। इन चारों में मोक्ष को सर्वोच्च माना गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्वाण का अर्थ है अहंकार, मोह, क्रोध ,ल़ोभ और सांसारिक बंधनों से पूर्ण मुक्ति प्राप्त कर परम शांति की अवस्था में पहुँचना। योग और भक्ति के माध्यम से मनुष्य आत्मज्ञान प्राप्त कर निर्वाण की ओर अग्रसर हो सकता है। इस अवसर पर अनिल सिंह, संजय सिंह, प्रेम प्रकाश राय, दीनदयाल उपाध्याय, राकेश उपाध्याय,रजत सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन मौजूद रहे।