बढ़े हुए बिजली दर को अविलंब वापस ले हेमंत सरकार..... आदित्य साहू


श्री साहू ने कहा कि एक तरफ हेमंत सरकार राज्य के खजाने को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रही है। रोज रोज नए घोटाले उजागर हो रहे।ट्रेज़री घोटाले ने तो लालू राज में हुए पशुपालन घोटाले को भी मात दे दिया है। आज स्थिति है कि एक छोटे कर्मचारी से लेकर राज्यपाल तक के वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा।

श्री साहू ने कहा कि एक तरफ हेमंत सरकार राज्य का खजाना लूट रही दूसरी ओर जनता पर बिजली बिल का बोझ लादकर आम आदमी को भी लूट रही है। ऐसे में हेमंत सरकार लूट और झूठ की सरकार ही साबित हुई है।

कहा कि 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने की बात पूरी तरह छलावा और धोखा ही है। लोक कल्याण हेतु अपने वादों को धरातल पर लागू करने केलिए हेमंत सरकार ने आय का कोई स्रोत विकसित नहीं किया। खान खनिज की रॉयल्टी,डीएम एफ टी जैसे फंड भी राज्य सरकार ने अपनी सुख सुविधा,पदाधिकारियों के ऐश मौज पर खर्च कर दिए। सरकार की नीयत साफ रहती तो इन फंडों के माध्यम से जनता को बड़ी राहत मिल सकती थी।

कहा कि राज्य सरकार को 100 करोड़ की लागत से शीश महल बनाने की चिंता है लेकिन राज्य के आम आदमी को बिजली बिल में राहत की बात पसंद नहीं।

कहा कि भले राज्य में अपराध सिर चढ़कर बोल रहा हो, लेकिन करोड़ो की गाड़ियां खरीद कर ध्वस्त विधि व्यवस्था को चिढ़ाया जा रहा है।

कहा कि राज्य सरकार न तो किसानों को 3200 रूपये प्रति क्विंटल धान खरीदे,न 450 रुपए में गैस सिलेंडर दिए,न युवाओं को कोई रोजगार दिए ,न बेरोजगारी भत्ता दिए। फिर जनता को आखिर अतिरिक्त आय की कौन सी व्यवस्था हुई कि उनपर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ लाद दिया गया।

कहा कि राज्य सरकार की मंशा पर विद्युत नियामक आयोग ने भी विरोध जताया है। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार गरीबों,किसानों, आम उपभोक्ताओं पर नियम विरुद्ध बोझ लादकर अपनी नाकामियों को छुपाना चाहती है।

कहा कि आज बिजली आम आदमी के जीवन को रोज मर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है।लेकिन सरकार को जनता के दुख दर्द से कुछ भी लेना देना नहीं है। महीनों तक जले ट्रांसफार्मर बदले नहीं जा रहे, राजधानी में जब बिजली आपूर्ति ठीक नहीं तो फिर गांव देहात छोटे कस्बों की हालत क्या होगी यह किसी से छुपा नहीं है। अनेक उपभोक्ताओं को एक साथ दो लाख ढाई लाख तक के बिल बिजली विभाग द्वारा भेज दिए जा रहे और उपभोक्ता सुधार केलिए काम धंधा छोड़ ऑफिस ऑफिस का चक्कर लगाने को मजबूर है।

कहा कि कई उपभोक्ताओं से इस संबंध में शिकायत मिलने पर बिल में सुधार केलिए उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात भी की है।

कहा कि इतना ही नहीं स्मार्ट मीटर आम आदमी को और परेशान कर रहा। अचानक जनता को एक साल के बिल भेज दिए जा रहे ।और भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काट दिए जा रहे। जनता आज इस व्यवस्था से त्राहिमाम कर रही है।

श्री साहू ने कहा कि भाजपा जनभावनाओं के अनुरूप राज्य सरकार से बढ़े हुए बिजली दर को वापस लेने की मांग करती है।सरकार बढे हुए दर को अविलंब वापस ले।नहीं तो पार्टी आगे इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ आन्दोलन को और तेज करेगी।

शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा, अंबेडकर सम्मान समारोह के दौरान पूर्व मंत्री ने कहीं बात
फर्रुखाबाद l शुक्रवार को अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दहेलिया के अमृत सरोवर के पास स्थित भैरव मंदिर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अमृतपुर विधानसभा का डॉ भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया कार्यक्रम की अध्यक्षता सलेमपुर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत ने की। पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम जिला मंत्री पंकज पाल जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी राजपूत ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
मुख्य वक्ता पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कहा भारत रत्न डॉक्टर अंबेडकर एक सामान्य पुरुष नहीं बल्कि महामानव थे उन्होंने गरीब पिछड़े दलित वंचित और शोषित वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय संविधान की रचना की उन्होंने कहा था शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा। शिक्षा व्यक्ति को कितने ऊंचे स्तर पर ले जा सकती है यह डॉ अंबेडकर ने साबित कर दिया उनका उद्देश्य था समाज के प्रत्येक गरीब वर्ग को अच्छी शिक्षा मिले। एक लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन जो सम्मान उन्हें मिलना चाहिए था वह कांग्रेस ने नहीं दिया बल्कि वह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया। उनसे जुड़े हुए स्थानों को पंच तीर्थ के रूप में स्थापित किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा को आत्मसात करके भारत के गरीब वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। सपा और कांग्रेस संविधान की प्रक्रिया लेकर गली-गली घूम रहे थे लेकिन उनकी सरकारों में सबसे ज्यादा दलित समाज का उत्पीड़न किया गया डॉ साहब को भारत रत्न देने में भी देरी की गई। कांग्रेस और सपा डॉक्टर अंबेडकर के नाम पर राजनीति करती है लेकिन उनके विचारों से कोई सीख नहीं लेती भाजपा सरकार अंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर भारत को समृद्ध और शिक्षित कर रही है। भाजपा ने डॉक्टर अंबेडकर के सम्मान के लिए सम्मान अभियान कार्यक्रम चलाया है। सपा के लोग पीडीए के नाम पर दलित समाज के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सपा जब-जब सत्ता में आती है तब-तब दलित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर हमले होते हैं। डॉ आंबेडकर एक वर्ग के नहीं बल्कि पूरे समाज के नेता थे उन्होंने संविधान देकर सभी को न्याय देने की व्यवस्था सुनिश्चित की। केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक महिलाओं को अधिकार दिलाने वाला है जो डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित है कांग्रेस सपा जैसे राजनीतिक दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं वह महिलाओं को 33% आरक्षण के पक्ष में नहीं है। 2027 के चुनाव में महिलाओं को शक्ति देने वाले बिल का विरोध करने वाले लोगों को जवाब मिलेगा। अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर के विचार सामाजिक समानता शिक्षा न्याय और स्वतंत्रता पर आधारित है उन्होंने जाति व्यवस्था छुआछूत और महिलाओं के उत्पीड़न का पुरजोर विरोध किया तथा संवैधानिक अधिकारों बंधुत्व और शिक्षा के माध्यम से दलित व वंचितों वर्ग के उत्थान पर जोर दिया था उनका मुख्य उद्देश्य था शिक्षित बनो संगठित बनो और संघर्ष करो भाजपा सरकार उनके विचारों को लेकर आगे बढ़ रही है। जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम ने कहा डॉ अंबेडकर शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार मानते थे उनका दृढ़ विश्वास था कि जब तक वंचित वर्ग शिक्षित नहीं होंगे वह अपने अधिकारों के लिए लड़ नहीं सकते। महिलाओं को अधिकार देने के लिए उन्होंने अपने संविधान में न्याय की व्यवस्था की जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कार्य कर रहे हैं। पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर महिलाओं की स्थिति में सुधार के प्रबल समर्थक थे उन्होंने कानून के माध्यम से सभी को सामान अधिकार और आर्थिक न्याय सुनिश्चित किया।
जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी ने भी विचार व्यक्त किए
इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा विष्णु लाल जाटव मंडल मंत्री परमजीत कौर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत महेश गौतम विश्व प्रताप सिंह चीनू रमेश सोमवंशी संजीव अग्निहोत्री विनीत राठौर संदीप तिवारी रामतीर्थ कुशवाहा पूरन कुशवाहा धर्मेंद्र सोमवंशी पिंटू सोमवंशी जितेंद्र सिंह विकास सिंह गिरीश चंद्र त्रिपाठी आदि लोग मौजूद रहे।
ज्ञान भारतम मिशन के अन्तर्गत ‘राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण‘ सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य, प्राचीन पाण्डुलिपियों, त


सुलतानपुर,प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्र, दुर्लभ अभिलेखों एवं ग्रन्थों आदि के संरक्षण हेतु ज्ञान भारतम् मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के संदर्भ में मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा आज विकास भवन में जिला स्तरीय समिति की बैठक की गई।
           
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा और बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित करने की भारत सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अन्तर्गत देश भर में उपलब्ध भारतीय ज्ञान परम्परा से जुडी पाण्डुलिपियों एवं दुर्लभ ताम्रपत्रों आदि का वैज्ञानिक संरक्षण, डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण किया जा रहा है, ताकि यह धरोहर शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीन ज्ञान दर्शन, साहित्य और संस्कृति की भूमि रहा है। इस दृष्टिकोण से अभियान में जनपद की अहम भूमिका है।
          
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया गया कि संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य के पास 02 वैदिक पाण्डुलिपियां संरक्षित पायी गयी हैं तथा संग्रहालय में भी 03 हस्तलिपि पाण्डुलिपियां राधाकृष्ण के संवाद से सम्बन्धित संरक्षित पायी गयी हैं। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सम्बन्धित से अनुमति प्राप्त कर पाण्डुलिपियों को स्कैन कराकर उसको पोर्टल पर डाला जाए तथा उसका व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कराकर उसे आम जनमानस के लिये उपलब्ध कराया जाये।
          
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि पुराने गजेटियर भी पाण्डुलिपि की खोज में सहायक हो सकते है, इस हेतु रेवेन्यु रिकार्ड रूम में पुराने गजेटियर की खोज भी की जाये। प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों को पुराने आयुर्वेदाचार्यों व यूनानी चिकित्सा पद्वति के रिकार्डों में खोजा जाये। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी सम्बन्धित विभाग ‘ज्ञान भारतम् मिशन‘ ‘राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण‘ सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य, प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों के संरक्षण हेतु जनपद में व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
          
राष्ट्रीय पांडुलिपि संरक्षण का कार्य ज्ञान भारतम मिशन के तहत किया जाएगा। इसके तहत जिला स्तर पर 75 वर्ष से पुरानी पांडुलिपियों या अन्य ग्रंथों की सूची तैयार की जाएगी। जिला स्तर पर तैयार की गई सूची संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत कार्यरत उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार को प्रेषित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार द्वारा जिला स्तर पर तैयार की गयी सूची में अंकित संस्थाओं व व्यक्तियों से सम्पर्क करते हुए पाण्डुलिपियाँ, ग्रन्थों आदि के सूचीकरण, कैटालोगिंग, संरक्षण, डिजिटलीकरण आदि का कार्य ज्ञान भारतम् मिशन के साथ समन्वय करते हुए कराया जाएगा। सर्वेक्षण का कार्य 03 माह के भीतर पूर्ण किया जायेगा। इस कार्य को सरकारी कर्मचारी, सरकारी शिक्षक, मठ, मंदिरों के मठाधीश, पुजारी सदस्य आदि द्वारा ज्ञान भारतम् ऐप के माध्यम से किया जा सकता है।
अधिवक्ता संघ उतरौला वर्ष2026-27की कार्यकारिणी के लिए अध्यक्ष व महामंत्री सहित सभी पदों पर शुक्रवार को नामांकन किया गया।
संवाददाता आशीष कसौधन उतरौला (बलरामपुर)अधिवक्ता संघ उतरौला वर्ष2026-27की कार्यकारिणी के लिए अध्यक्ष व महामंत्री सहित सभी पदों पर शुक्रवार को नामांकन किया गया।चुनाव अधिकारी शंभू लाल गुप्त ने बताया कि अध्यक्ष के पद पर विजय प्रकाश श्रीवास्तव,प्रह्लाद यादव व नरेंद्र प्रताप वर्मा ने नामांकन किया।महामंत्री पद पर रवि शंकर मिश्र, मोहिबुल्लाह खान,व राम देव मौर्य ने अपना अपना नामांकन दाखिल किया।वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कमल किशोर गुप्त,चंद्रभान मिश्र व प्रमोद सोनी,संयुक्त मंत्री के तीन पद के लिए बृजेश कुमार वर्मा,विनीश गुप्त,सर्वेश जायसवाल,सोनू गुप्त व सत्यदेव चौधरी,कनिष्ठ उपाध्यक्ष के दो पदों पर वासुदेव वर्मा,रमाशंकर मौर्य उप कनिष्ठ उपाध्यक्ष के एक पद के लिए मारुतिनंदन व कोषाध्यक्ष पद के सतीश चंद्र वर्मा ने नामांकन दाखिल किया गया।वरिष्ठ कार्यकारणी के 6पदों के लिए इशरत अबरार,भुग्गुल प्रसाद,योगेंद्र प्रसाद,अब्दुल कय्यूम,सुरेश श्रीवास्तव व कुंवर जी कनिष्ठ कार्यकारणी के 6पदो पर सुनील तिवारी,दिवाकर विक्रम उदय,विनय श्रीवास्तव,राधेश्याम यादव,रवि कुमार गुप्त,गजनफर अली व शहनाज रिजवी ने नामांकन दाखिल किया गया।चुनाव अधिकारी ने बताया कि नामांकन प्रपत्रों की जांच शनिवार को होगी।चुनाव प्रकिया में सहयोग,अधिवक्ता आरिफ सिद्दीकी ,अरनब सिंह पीयूष श्रीवास्तव आदि ने किया।
बीजेपी सरकार के इशारे पर मिर्जापुर जिला प्रशासन द्वारा जबरदस्ती धरना प्रदर्शन को समाप्त कराया गया :डॉक्टर शिव कुमार सिंह पटेल

*कांग्रेस जिलाध्यक्ष की बयान आया सामने*

मीरजापुर। 17 अप्रैल को

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ शिव कुमार सिंह पटेल के नेतृत्व में 10 वें दिन भी जिलाधिकारी कार्यालय पर शांति पूर्वक अनिश्चितकालीन धरना चल रहा था कि अचानक से रात के 10:30 भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सदर एसडीएम गुलाब चन्द्र एवं सीओ सिटी विवेक जावला ने धरना को समाप्त करने के लिए जबरजस्ती दबाव डाल रहे थे। अहरौरा और विंध्याचल अष्टभुजा में फर्जी टोल प्लाजा को समाप्त करने और मिर्जापुर की जनता को 20 किलो मीटर फ्री लोकल पास जारी करने की मांग किया जा रहा था तभी बीजेपी सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन के द्वारा गुंडों जैसा धक्का मुक्की करते हुए कांग्रेस नेताओं को हटाया गया और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं एवं समाजवादी पार्टी के नेता सतीश मिश्रा के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए हटा दिया गया, जिसकी कड़ी निंदा करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष डॉ शिवकुमार सिंह पटेल ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार गरीब विरोधी किसान विरोधी एवं व्यापारी विरोधी सरकार है कहा कि अहरौरा और विंध्याचल में फर्जी टोल टैक्स लगाकर मिर्जापुर की भोली भाली जनता को लूटा जा रहा है यह हम लोग होने नहीं देंगे।

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर मिर्जापुर की प्रशासन ने कांग्रेस पार्टी नेताओ के साथ जो गलत व्यवहार किया गया है इसकी हम लोग घोर निंदा करते हैं। चौधरी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग यह सोच रहे हैं कि कांग्रेस के लोगों को जेल भेजने की बात कहेंगे तो डर जाएंगे तो यह भूल जाइए पिछले 10 दिनों से हम लोग मिर्जापुर की जनता के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में बैठे जरूर हैं मगर वह किसी जेल से काम नहीं है हम लोग कहीं बाहर नहीं गए यहीं बैठे रहे मगर पुलिस प्रशासन के द्वारा जबरजस्ती हम लोगों को हटाया गया है इसके विरोध में हम लोग आगे सभी पार्टियों मिलकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार से लड़ा जाएगा। चौधरी ने कहा कि मिर्जापुर की जनता को कांग्रेस पार्टी जनता के लिए लड़की रहेगी और फर्जी टोल प्लाजा के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगा।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से  शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भगवान दत्त पाठक उर्फ राजन पाठक, समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व प्रत्याशी नगर पालिका परिषद के सतीश मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य एवं इंजीनियर कृष्ण गोपाल चौधरी, गुलाब चंद्र पांडे, रामनाथ दुबे, विक्की जैन, रमेश चंद प्रजापति पप्पू, रितेश मिश्रा, कपिल कुमार सोनकर, कन्हैया लाल पाठक, अंशु पांडे यूथ कैलाश प्रजापति, मिथिलेश मिश्रा, राम विष्णु शर्मा, कृष्णा जायसवाल, राकेश त्रिपाठी, विवेक पटेल, राजेंद्र विश्वकर्मा, रोशन अंसारी, विजय दुबे पहाड़ी, गुलाब मिश्रा, संतोष यादव, विनोद कुमार, कन्हैया लाल पाठक, सूरज सिंह, दिलीप मौर्य, रितेश मिश्रा, राम लखन मास्टर, बब्बू पाठक, कृष्णानंद जायसवाल, राजू भारती, संजय कुमार, अशोक पटेल, विनोद कुमार, डॉ दिनेश कुमार, लक्ष्मी प्रजापति, सुनील प्रजापति, आनंद मौर्य, राकेश त्रिपाठी, योगेश पांडे, सैफुद्दीन कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

बलिया के बागी शेर चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती: सादगी, साहस और समाजवाद का प्रतीक:रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष,
संजीव सिंह बलिया, 17 अप्रैल 2026: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, 'युवा तुर्क' के नाम से विख्यात और समाजवाद एवं लोकतंत्र के नायक, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। बलिया की पावन धरती से निकले इस महान समाजवादी योद्धा को पूर्व नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने सादर नमन किया है।जननायक और वैचारिक प्रखरता का प्रतीकचंद्रशेखर जी केवल राजनेता नहीं, बल्कि सच्चे जननायक थे। बलिया की मिट्टी से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने उनका सफर कड़ी मेहनत और जनसेवा का जीवंत प्रमाण है। 1983 की ऐतिहासिक 'कन्याकुमारी से दिल्ली पदयात्रा' ने उन्हें जनमानस से जोड़ा। इस यात्रा का मकसद कुपोषण, पेयजल संकट और सामाजिक असमानता जैसी बुनियादी समस्याओं को उजागर करना था।निर्भीक वक्ता और संसदीय शेरसंसद में उनकी बेबाक आवाज पक्ष-विपक्ष दोनों को मंत्रमुग्ध कर देती थी। निर्भीक टिप्पणियों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए वे विख्यात रहे।सादगी व शुचिता का जीवन दर्शनसत्ता के शिखर पर रहते हुए भी उनकी ग्रामीण सादगी बरकरार रही। "राजनीति मेरे लिए पेशा नहीं, राष्ट्र सेवा का माध्यम है"—यह उनका जीवन-दर्शन था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।रामगोविंद चौधरी ने कहा, "आज उनकी जयंती पर हम सत्य, साहस और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनके आशीर्वाद से मार्गदर्शन मिलता रहे। शत-शत नमन!"जय चंद्रशेखर! जय बलिया! जय भारत!(रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश
सार्वजनिक स्थलों पर भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करना धर्मसम्मत नहीं : बाबा दुबे

जौनपुर। भगवान परशुराम को विष्णु का छठा अवतार माना गया है और पृथ्वी के साथ चिरंजीवियों में एक माने जाते  हैं। माना जाता है कि आज भी वह महेंद्र गिरी पर्वत पर तपस्या कर रहे हैं। ऐसे में महापुरुषों की तरह सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मूर्तियां स्थापित नहीं की जा सकती हैं। पूर्व विधायक बाबा दुबे ने सार्वजनिक स्थलों पर किसी महापुरुष की तरह लगाई जा रही उनकी मूर्ति को धर्मशास्त्र के विरुद्ध बताते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि किसी भी भगवान की मूर्ति की तरह भगवान परशुराम की मूर्ति को भी प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही स्थापित की जानी चाहिए तथा नियमित उनकी पूजा अर्चना होनी चाहिए जबकि महापुरुषों की मूर्तियों के लिए प्राण प्रतिष्ठा और नियमित पूजा अर्चना लागू नहीं होता। बाबा दुबे ने कहा कि पिछले कुछ अरसे से भगवान परशुराम की मूर्तियों को लेकर राजनीति की जा रही है तथा राजनीतिक पिपासा की शांति के लिए ही उनकी मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं। परंतु हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भगवान परशुराम की मूर्ति को बिना प्राण प्रतिष्ठा किए सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित करके कर्तव्यों की इति श्री नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि उनकी मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया जाए तथा नियमित पूजा पाठ के लिए पुजारी रखे जाएं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम को संसार के सात अमर लोगों में माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कलयुग की समाप्ति पर वे भगवान कल्कि के रूप में एक बार फिर दुष्टों का संहार करेंगे। श्री दुबे ने कहा कि भगवान परशुराम भले ब्राह्मण कुल में पैदा हुए थे परंतु उनका कार्य पूरी तरह से क्षत्रियोचित था। उन्होंने दुष्ट राजाओं का विनाश किया यही कारण है कि उन्हें ब्रह्म क्षत्रीय कहा जाता है। उन्होंने भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे योद्धाओं को शिक्षा दी थी।
लव जिहाद और अवैध कब्ज पर कार्यवाही की मांग को लेकर राष्ट्रपति को जिला प्रशासन के माध्यम से सोपे ज्ञापन

सुल्तानपुर जिले में शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने देश में बढ़ती विभिन्न सामाजिक चुनौतियां अवैध कब्जा और कथित सामाजिक षडयंत्रों के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्ट्रेट के माध्यम से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सोपा।
कार्यकर्ता हूं द्वारा सौंप गए पत्र में कई गंभीर मुद्दों पर चिंता जताई गई है और कठोर कार्यवाही की मांग की गई है ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि देश के विभिन्न नगरों में वन भूमि सार्वजनिक संपत्ति और रेलवे की जमीनों पर सुनियोजित तरीके से अवैध कब्जे किए जा रहे हैं इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक चुनौती बताया गया है।
इसके अतिरिक्त ज्ञापन में लव जिहाद जैसे मामलों और और हिंदू युवतियों के शारीरिक व मानसिक शोषण की बढ़ती घटनाओं का भी जिक्र किया गया है इन पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की गई है बजरंग दल ने समाज में वनस्य फैलाने के उद्देश्य से खानपान की वस्तुओं के साथ हो रही कथित अपवित्र खिलवाड़ पर भी चिंता व्यक्त की है इसे नागरिकों की धार्मिक भावनाओं और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया गया ज्ञापन में मुस्लिम बहुल क्षेत्र में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों और जनजातीय समाज के उत्पीड़न पर रोक लगाने की भी अपील की गई है।
बजरंग दल ने सरकार से निम्नलिखित प्रमुख कदम उठाए ने का आग्रह किया है राष्ट्र विरोधी मानसिकता वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध त्वरित और कठोर दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है सार्वजनिक और सरकारी भूमि से अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कठोर केंद्रीय कानून लागू हो जनजातीय क्षेत्रों में शोषण रोकने हेतु विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए।
देवघर-के दीनबंधु उच्च विद्यालय में साप्ताहिक विश्व पृथ्वी दिवस के अंतर्गत रंगभरो प्रतियोगिता का आयोजन।
देवघर: पृथ्वी दिवस एक वार्षिक आयोजन है जिसे 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित किया जाता है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप की थी। अब इसे 192 से अधिक देशों में प्रति वर्ष मनाया जाता है। स्थानीय साइंस एंड मैथमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के बैनर तले दीनबंधु उच्च विद्यालय के भवानी शंकर बागची सभागार में विद्यार्थियों के बीच रंगभरो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें दर्जनों विद्यार्थियों ने अपनी अपनी भागीदारी निभाई। प्राप्ताँक के आधार पर नील आनंद को प्रथम, प्रियांशु शेखर एवं शिवम् कुमार रमानी को युग्म रूप से द्वितीय, रितिका कुमारी, बेबी कुमारी एवं आयुष कुमार को संयुक्त रूप से तृतीय, अमरजीत कुमार को चतुर्थ, अमन कुमार को पंचम, कशिश प्रिया को षष्ठ, निशांत राज को सप्तम, मुस्कान सिंह को अष्टम, अंकित कुमार को नवम, शौर्य मयंक को दशम स्थान प्राप्त हुआ। धर्मवीर कुमार पोद्दार, पीयूष कुमार, रीतेश कुमार, निखिल कुमार दूबे एवं दर्शन राज द्वारा अंकित चित्रों को भी सराहा गया। सभी विजयी प्रतिभागियों को आगामी 22 अप्रैल रवीन्द्र सभागार में मुख्य अतिथि साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जय चंद्र राज, विशिष्ट अतिथि साइंस फॉर सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह, सचिव सुबोध कुमार झा, साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव व दीनबंधु स्कूल के प्रधानाध्यापक काजल कांति सिकदार के करकमलों से पुरस्कृत किया जाएगा।
धर्मांतरण नहीं, देश के खिलाफ सुनियोजित खेल’, टीसीएस मामले में साजिश की “बू”

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इन दिनों देश में धर्मांतरण का मुद्दा सुर्खियों में है। देश की प्रतिष्ठित आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 'कॉर्पोरेट एथिक्स' और 'वर्कप्लेस कल्चर' को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस के दफ्तर में सामने आए इस मामले में पूरे देश में हलचल मचा दी है।

एक गहरी साजिश की ओर इशारा

टीसीएस की एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के भीतर चल रहे धर्मांतरण के सिंडिकेट और यौन उत्पीड़न के 'नेक्सस' का कच्चा चिट्ठा खोला है। इस 'खुलासे' ने न केवल कंपनी के इंटरनल सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पेशेवर दुनिया के भीतर सक्रिय एक गहरी साजिश की ओर भी इशारा किया है।

मामले में अब तक मामले में 9 एफआईआर दर्ज

26 मार्च को सामने आए इस पूरे मामले में आरोप है कि टीसीएस नासिक के कुछ कर्मचारियों ने 18 से 25 साल की महिला सहकर्मियों को निशाना बनाया। उन पर यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इस केस में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 7 पुरुष और 1 महिला शामिल है। पुलिस को करीब 78 संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट मिले हैं। कुछ वित्तीय लेनदेन के संकेत भी सामने आए हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा 'आतंकवादी कृत्य'

इस बीच धर्मांतरण और योन उत्पीड़ने का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह जबरन या धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण को गंभीर राष्ट्रीय समस्या के तौर पर देखे। याचिकाकर्ता के अनुसार इस तरह का काम 'आतंकवादी कृत्य' और 'भारत के खिलाफ (अप्रत्यक्ष) युद्ध' की श्रेणी में आता है।

सामाजिक ताने-बाने को तबाह करने की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय ने डाली है। उन्होंने इस घटना को एक व्यापक पैटर्न के तौर पर देखने की मांग की है, जो कि सिर्फ नासिक टीसीएस तक सीमित नहीं है। याचिकाकर्ता की दलील है कि संगठित धर्मांतरण निजी बुरे कर्मों से कहीं ज्यादा खतरनाक है और यह सामाजिक ताने-बाने को तबाह कर सकता है।

एक महिला ने लगाए कई गंभीर आरोप

इस मामले में दर्ज पहली एफआईआर में एक महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज कराने वाली महिला 2023 से टीसीएस के नासिक ऑफिस में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है। एफआईआर के मुताबिक़, "उसकी मुलाकात 2022 में एक अभियुक्त से हुई थी। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और दोस्त थे। अभियुक्त ने महिला को अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी दौरान जुलाई 2022 में अभियुक्त ने महिला से शारीरिक संबंध की मांग की और ज़बरदस्ती भी की। महिला के विरोध करने पर उसने शादी की इच्छा जताई।महिला ने कहा कि वह सोचकर बताएगी।"

एफ़आईआर के मुताबिक, बाद में अभियुक्त महिला को अक्सर कॉलेज के बाद मिलने के लिए बुलाने लगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने महिला को इसी कंपनी में इंटरव्यू देने को कहा, जहां वह एसोसिएट पद पर सिलेक्ट हो गई। टीसीएस में ही महिला की मुलाक़ात अभियुक्त के एक पुरुष और एक महिला परिचित से हुई। ये चारों अक्सर साथ रहते, कैंटीन जाते और साथ टहलते थे। इसी दौरान अभियुक्त और उसके दोनों साथी महिला से उसके धर्म को लेकर कथित तौर पर कई अपमानजनक बातें भी कही जाती थीं।

एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2024 में अभियुक्त महिला को एक रिज़ॉर्ट ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि इसके बाद कंपनी में काम करने वाला उसका दोस्त महिला के घर गया और परिवार को रिश्ते की बात बताने की धमकी देकर उससे भी शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। बाद में ऑफ़िस में भी महिला के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। एफआईआर के मुताबिक़, दोनों दोस्त महिला पर लगातार दबाव बनाते रहे कि उसे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए। महिला के मुताबिक, इस दौरान अभियुक्त उससे नजदीकियां बढ़ाने की भी कोशिश करते रहे।

बढ़े हुए बिजली दर को अविलंब वापस ले हेमंत सरकार..... आदित्य साहू


श्री साहू ने कहा कि एक तरफ हेमंत सरकार राज्य के खजाने को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा रही है। रोज रोज नए घोटाले उजागर हो रहे।ट्रेज़री घोटाले ने तो लालू राज में हुए पशुपालन घोटाले को भी मात दे दिया है। आज स्थिति है कि एक छोटे कर्मचारी से लेकर राज्यपाल तक के वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा।

श्री साहू ने कहा कि एक तरफ हेमंत सरकार राज्य का खजाना लूट रही दूसरी ओर जनता पर बिजली बिल का बोझ लादकर आम आदमी को भी लूट रही है। ऐसे में हेमंत सरकार लूट और झूठ की सरकार ही साबित हुई है।

कहा कि 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने की बात पूरी तरह छलावा और धोखा ही है। लोक कल्याण हेतु अपने वादों को धरातल पर लागू करने केलिए हेमंत सरकार ने आय का कोई स्रोत विकसित नहीं किया। खान खनिज की रॉयल्टी,डीएम एफ टी जैसे फंड भी राज्य सरकार ने अपनी सुख सुविधा,पदाधिकारियों के ऐश मौज पर खर्च कर दिए। सरकार की नीयत साफ रहती तो इन फंडों के माध्यम से जनता को बड़ी राहत मिल सकती थी।

कहा कि राज्य सरकार को 100 करोड़ की लागत से शीश महल बनाने की चिंता है लेकिन राज्य के आम आदमी को बिजली बिल में राहत की बात पसंद नहीं।

कहा कि भले राज्य में अपराध सिर चढ़कर बोल रहा हो, लेकिन करोड़ो की गाड़ियां खरीद कर ध्वस्त विधि व्यवस्था को चिढ़ाया जा रहा है।

कहा कि राज्य सरकार न तो किसानों को 3200 रूपये प्रति क्विंटल धान खरीदे,न 450 रुपए में गैस सिलेंडर दिए,न युवाओं को कोई रोजगार दिए ,न बेरोजगारी भत्ता दिए। फिर जनता को आखिर अतिरिक्त आय की कौन सी व्यवस्था हुई कि उनपर बिजली बिल का अतिरिक्त बोझ लाद दिया गया।

कहा कि राज्य सरकार की मंशा पर विद्युत नियामक आयोग ने भी विरोध जताया है। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार गरीबों,किसानों, आम उपभोक्ताओं पर नियम विरुद्ध बोझ लादकर अपनी नाकामियों को छुपाना चाहती है।

कहा कि आज बिजली आम आदमी के जीवन को रोज मर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है।लेकिन सरकार को जनता के दुख दर्द से कुछ भी लेना देना नहीं है। महीनों तक जले ट्रांसफार्मर बदले नहीं जा रहे, राजधानी में जब बिजली आपूर्ति ठीक नहीं तो फिर गांव देहात छोटे कस्बों की हालत क्या होगी यह किसी से छुपा नहीं है। अनेक उपभोक्ताओं को एक साथ दो लाख ढाई लाख तक के बिल बिजली विभाग द्वारा भेज दिए जा रहे और उपभोक्ता सुधार केलिए काम धंधा छोड़ ऑफिस ऑफिस का चक्कर लगाने को मजबूर है।

कहा कि कई उपभोक्ताओं से इस संबंध में शिकायत मिलने पर बिल में सुधार केलिए उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से बात भी की है।

कहा कि इतना ही नहीं स्मार्ट मीटर आम आदमी को और परेशान कर रहा। अचानक जनता को एक साल के बिल भेज दिए जा रहे ।और भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काट दिए जा रहे। जनता आज इस व्यवस्था से त्राहिमाम कर रही है।

श्री साहू ने कहा कि भाजपा जनभावनाओं के अनुरूप राज्य सरकार से बढ़े हुए बिजली दर को वापस लेने की मांग करती है।सरकार बढे हुए दर को अविलंब वापस ले।नहीं तो पार्टी आगे इस जनविरोधी फैसले के खिलाफ आन्दोलन को और तेज करेगी।

शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा, अंबेडकर सम्मान समारोह के दौरान पूर्व मंत्री ने कहीं बात
फर्रुखाबाद l शुक्रवार को अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दहेलिया के अमृत सरोवर के पास स्थित भैरव मंदिर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा अमृतपुर विधानसभा का डॉ भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान कार्यक्रम आयोजित हुआ जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया कार्यक्रम की अध्यक्षता सलेमपुर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत ने की। पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम जिला मंत्री पंकज पाल जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी राजपूत ने डॉ अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
मुख्य वक्ता पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने कहा भारत रत्न डॉक्टर अंबेडकर एक सामान्य पुरुष नहीं बल्कि महामानव थे उन्होंने गरीब पिछड़े दलित वंचित और शोषित वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के लिए भारतीय संविधान की रचना की उन्होंने कहा था शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो पिएगा वही बढ़ेगा। शिक्षा व्यक्ति को कितने ऊंचे स्तर पर ले जा सकती है यह डॉ अंबेडकर ने साबित कर दिया उनका उद्देश्य था समाज के प्रत्येक गरीब वर्ग को अच्छी शिक्षा मिले। एक लंबे समय तक देश में कांग्रेस की सरकार रही लेकिन जो सम्मान उन्हें मिलना चाहिए था वह कांग्रेस ने नहीं दिया बल्कि वह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया। उनसे जुड़े हुए स्थानों को पंच तीर्थ के रूप में स्थापित किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा को आत्मसात करके भारत के गरीब वर्ग के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। सपा और कांग्रेस संविधान की प्रक्रिया लेकर गली-गली घूम रहे थे लेकिन उनकी सरकारों में सबसे ज्यादा दलित समाज का उत्पीड़न किया गया डॉ साहब को भारत रत्न देने में भी देरी की गई। कांग्रेस और सपा डॉक्टर अंबेडकर के नाम पर राजनीति करती है लेकिन उनके विचारों से कोई सीख नहीं लेती भाजपा सरकार अंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर भारत को समृद्ध और शिक्षित कर रही है। भाजपा ने डॉक्टर अंबेडकर के सम्मान के लिए सम्मान अभियान कार्यक्रम चलाया है। सपा के लोग पीडीए के नाम पर दलित समाज के लोगों को गुमराह कर रहे हैं। सपा जब-जब सत्ता में आती है तब-तब दलित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर हमले होते हैं। डॉ आंबेडकर एक वर्ग के नहीं बल्कि पूरे समाज के नेता थे उन्होंने संविधान देकर सभी को न्याय देने की व्यवस्था सुनिश्चित की। केंद्र सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक महिलाओं को अधिकार दिलाने वाला है जो डॉक्टर अंबेडकर की विचारधारा से प्रेरित है कांग्रेस सपा जैसे राजनीतिक दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं वह महिलाओं को 33% आरक्षण के पक्ष में नहीं है। 2027 के चुनाव में महिलाओं को शक्ति देने वाले बिल का विरोध करने वाले लोगों को जवाब मिलेगा। अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर के विचार सामाजिक समानता शिक्षा न्याय और स्वतंत्रता पर आधारित है उन्होंने जाति व्यवस्था छुआछूत और महिलाओं के उत्पीड़न का पुरजोर विरोध किया तथा संवैधानिक अधिकारों बंधुत्व और शिक्षा के माध्यम से दलित व वंचितों वर्ग के उत्थान पर जोर दिया था उनका मुख्य उद्देश्य था शिक्षित बनो संगठित बनो और संघर्ष करो भाजपा सरकार उनके विचारों को लेकर आगे बढ़ रही है। जिला उपाध्यक्ष अभिषेक बाथम ने कहा डॉ अंबेडकर शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा हथियार मानते थे उनका दृढ़ विश्वास था कि जब तक वंचित वर्ग शिक्षित नहीं होंगे वह अपने अधिकारों के लिए लड़ नहीं सकते। महिलाओं को अधिकार देने के लिए उन्होंने अपने संविधान में न्याय की व्यवस्था की जिसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कार्य कर रहे हैं। पूर्व जिला महामंत्री संदीप शाक्य ने कहा डॉ आंबेडकर महिलाओं की स्थिति में सुधार के प्रबल समर्थक थे उन्होंने कानून के माध्यम से सभी को सामान अधिकार और आर्थिक न्याय सुनिश्चित किया।
जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी ने भी विचार व्यक्त किए
इस कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा विष्णु लाल जाटव मंडल मंत्री परमजीत कौर मंडल अध्यक्ष लालू राजपूत महेश गौतम विश्व प्रताप सिंह चीनू रमेश सोमवंशी संजीव अग्निहोत्री विनीत राठौर संदीप तिवारी रामतीर्थ कुशवाहा पूरन कुशवाहा धर्मेंद्र सोमवंशी पिंटू सोमवंशी जितेंद्र सिंह विकास सिंह गिरीश चंद्र त्रिपाठी आदि लोग मौजूद रहे।
ज्ञान भारतम मिशन के अन्तर्गत ‘राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण‘ सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य, प्राचीन पाण्डुलिपियों, त


सुलतानपुर,प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्र, दुर्लभ अभिलेखों एवं ग्रन्थों आदि के संरक्षण हेतु ज्ञान भारतम् मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के संदर्भ में मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा आज विकास भवन में जिला स्तरीय समिति की बैठक की गई।
           
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन भारत की समृद्ध ज्ञान परम्परा और बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित करने की भारत सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अन्तर्गत देश भर में उपलब्ध भारतीय ज्ञान परम्परा से जुडी पाण्डुलिपियों एवं दुर्लभ ताम्रपत्रों आदि का वैज्ञानिक संरक्षण, डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण किया जा रहा है, ताकि यह धरोहर शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए सुलभ हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राचीन ज्ञान दर्शन, साहित्य और संस्कृति की भूमि रहा है। इस दृष्टिकोण से अभियान में जनपद की अहम भूमिका है।
          
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया गया कि संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य के पास 02 वैदिक पाण्डुलिपियां संरक्षित पायी गयी हैं तथा संग्रहालय में भी 03 हस्तलिपि पाण्डुलिपियां राधाकृष्ण के संवाद से सम्बन्धित संरक्षित पायी गयी हैं। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सम्बन्धित से अनुमति प्राप्त कर पाण्डुलिपियों को स्कैन कराकर उसको पोर्टल पर डाला जाए तथा उसका व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार कराकर उसे आम जनमानस के लिये उपलब्ध कराया जाये।
          
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि पुराने गजेटियर भी पाण्डुलिपि की खोज में सहायक हो सकते है, इस हेतु रेवेन्यु रिकार्ड रूम में पुराने गजेटियर की खोज भी की जाये। प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों को पुराने आयुर्वेदाचार्यों व यूनानी चिकित्सा पद्वति के रिकार्डों में खोजा जाये। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी सम्बन्धित विभाग ‘ज्ञान भारतम् मिशन‘ ‘राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण‘ सांस्कृतिक धरोहर एवं बौद्धिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य, प्राचीन पाण्डुलिपियों, ताड़पत्रों एवं दुर्लभ अभिलेखों के संरक्षण हेतु जनपद में व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
          
राष्ट्रीय पांडुलिपि संरक्षण का कार्य ज्ञान भारतम मिशन के तहत किया जाएगा। इसके तहत जिला स्तर पर 75 वर्ष से पुरानी पांडुलिपियों या अन्य ग्रंथों की सूची तैयार की जाएगी। जिला स्तर पर तैयार की गई सूची संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के अन्तर्गत कार्यरत उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार को प्रेषित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार द्वारा जिला स्तर पर तैयार की गयी सूची में अंकित संस्थाओं व व्यक्तियों से सम्पर्क करते हुए पाण्डुलिपियाँ, ग्रन्थों आदि के सूचीकरण, कैटालोगिंग, संरक्षण, डिजिटलीकरण आदि का कार्य ज्ञान भारतम् मिशन के साथ समन्वय करते हुए कराया जाएगा। सर्वेक्षण का कार्य 03 माह के भीतर पूर्ण किया जायेगा। इस कार्य को सरकारी कर्मचारी, सरकारी शिक्षक, मठ, मंदिरों के मठाधीश, पुजारी सदस्य आदि द्वारा ज्ञान भारतम् ऐप के माध्यम से किया जा सकता है।
अधिवक्ता संघ उतरौला वर्ष2026-27की कार्यकारिणी के लिए अध्यक्ष व महामंत्री सहित सभी पदों पर शुक्रवार को नामांकन किया गया।
संवाददाता आशीष कसौधन उतरौला (बलरामपुर)अधिवक्ता संघ उतरौला वर्ष2026-27की कार्यकारिणी के लिए अध्यक्ष व महामंत्री सहित सभी पदों पर शुक्रवार को नामांकन किया गया।चुनाव अधिकारी शंभू लाल गुप्त ने बताया कि अध्यक्ष के पद पर विजय प्रकाश श्रीवास्तव,प्रह्लाद यादव व नरेंद्र प्रताप वर्मा ने नामांकन किया।महामंत्री पद पर रवि शंकर मिश्र, मोहिबुल्लाह खान,व राम देव मौर्य ने अपना अपना नामांकन दाखिल किया।वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कमल किशोर गुप्त,चंद्रभान मिश्र व प्रमोद सोनी,संयुक्त मंत्री के तीन पद के लिए बृजेश कुमार वर्मा,विनीश गुप्त,सर्वेश जायसवाल,सोनू गुप्त व सत्यदेव चौधरी,कनिष्ठ उपाध्यक्ष के दो पदों पर वासुदेव वर्मा,रमाशंकर मौर्य उप कनिष्ठ उपाध्यक्ष के एक पद के लिए मारुतिनंदन व कोषाध्यक्ष पद के सतीश चंद्र वर्मा ने नामांकन दाखिल किया गया।वरिष्ठ कार्यकारणी के 6पदों के लिए इशरत अबरार,भुग्गुल प्रसाद,योगेंद्र प्रसाद,अब्दुल कय्यूम,सुरेश श्रीवास्तव व कुंवर जी कनिष्ठ कार्यकारणी के 6पदो पर सुनील तिवारी,दिवाकर विक्रम उदय,विनय श्रीवास्तव,राधेश्याम यादव,रवि कुमार गुप्त,गजनफर अली व शहनाज रिजवी ने नामांकन दाखिल किया गया।चुनाव अधिकारी ने बताया कि नामांकन प्रपत्रों की जांच शनिवार को होगी।चुनाव प्रकिया में सहयोग,अधिवक्ता आरिफ सिद्दीकी ,अरनब सिंह पीयूष श्रीवास्तव आदि ने किया।
बीजेपी सरकार के इशारे पर मिर्जापुर जिला प्रशासन द्वारा जबरदस्ती धरना प्रदर्शन को समाप्त कराया गया :डॉक्टर शिव कुमार सिंह पटेल

*कांग्रेस जिलाध्यक्ष की बयान आया सामने*

मीरजापुर। 17 अप्रैल को

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ शिव कुमार सिंह पटेल के नेतृत्व में 10 वें दिन भी जिलाधिकारी कार्यालय पर शांति पूर्वक अनिश्चितकालीन धरना चल रहा था कि अचानक से रात के 10:30 भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सदर एसडीएम गुलाब चन्द्र एवं सीओ सिटी विवेक जावला ने धरना को समाप्त करने के लिए जबरजस्ती दबाव डाल रहे थे। अहरौरा और विंध्याचल अष्टभुजा में फर्जी टोल प्लाजा को समाप्त करने और मिर्जापुर की जनता को 20 किलो मीटर फ्री लोकल पास जारी करने की मांग किया जा रहा था तभी बीजेपी सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन के द्वारा गुंडों जैसा धक्का मुक्की करते हुए कांग्रेस नेताओं को हटाया गया और वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं एवं समाजवादी पार्टी के नेता सतीश मिश्रा के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए हटा दिया गया, जिसकी कड़ी निंदा करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष डॉ शिवकुमार सिंह पटेल ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार गरीब विरोधी किसान विरोधी एवं व्यापारी विरोधी सरकार है कहा कि अहरौरा और विंध्याचल में फर्जी टोल टैक्स लगाकर मिर्जापुर की भोली भाली जनता को लूटा जा रहा है यह हम लोग होने नहीं देंगे।

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर मिर्जापुर की प्रशासन ने कांग्रेस पार्टी नेताओ के साथ जो गलत व्यवहार किया गया है इसकी हम लोग घोर निंदा करते हैं। चौधरी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग यह सोच रहे हैं कि कांग्रेस के लोगों को जेल भेजने की बात कहेंगे तो डर जाएंगे तो यह भूल जाइए पिछले 10 दिनों से हम लोग मिर्जापुर की जनता के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में बैठे जरूर हैं मगर वह किसी जेल से काम नहीं है हम लोग कहीं बाहर नहीं गए यहीं बैठे रहे मगर पुलिस प्रशासन के द्वारा जबरजस्ती हम लोगों को हटाया गया है इसके विरोध में हम लोग आगे सभी पार्टियों मिलकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार से लड़ा जाएगा। चौधरी ने कहा कि मिर्जापुर की जनता को कांग्रेस पार्टी जनता के लिए लड़की रहेगी और फर्जी टोल प्लाजा के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगा।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से  शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भगवान दत्त पाठक उर्फ राजन पाठक, समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व प्रत्याशी नगर पालिका परिषद के सतीश मिश्रा, जिला पंचायत सदस्य एवं इंजीनियर कृष्ण गोपाल चौधरी, गुलाब चंद्र पांडे, रामनाथ दुबे, विक्की जैन, रमेश चंद प्रजापति पप्पू, रितेश मिश्रा, कपिल कुमार सोनकर, कन्हैया लाल पाठक, अंशु पांडे यूथ कैलाश प्रजापति, मिथिलेश मिश्रा, राम विष्णु शर्मा, कृष्णा जायसवाल, राकेश त्रिपाठी, विवेक पटेल, राजेंद्र विश्वकर्मा, रोशन अंसारी, विजय दुबे पहाड़ी, गुलाब मिश्रा, संतोष यादव, विनोद कुमार, कन्हैया लाल पाठक, सूरज सिंह, दिलीप मौर्य, रितेश मिश्रा, राम लखन मास्टर, बब्बू पाठक, कृष्णानंद जायसवाल, राजू भारती, संजय कुमार, अशोक पटेल, विनोद कुमार, डॉ दिनेश कुमार, लक्ष्मी प्रजापति, सुनील प्रजापति, आनंद मौर्य, राकेश त्रिपाठी, योगेश पांडे, सैफुद्दीन कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

बलिया के बागी शेर चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती: सादगी, साहस और समाजवाद का प्रतीक:रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष,
संजीव सिंह बलिया, 17 अप्रैल 2026: भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, 'युवा तुर्क' के नाम से विख्यात और समाजवाद एवं लोकतंत्र के नायक, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय चंद्रशेखर जी की 99वीं जयंती पर पूरे देश में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। बलिया की पावन धरती से निकले इस महान समाजवादी योद्धा को पूर्व नेता प्रतिपक्ष उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने सादर नमन किया है।जननायक और वैचारिक प्रखरता का प्रतीकचंद्रशेखर जी केवल राजनेता नहीं, बल्कि सच्चे जननायक थे। बलिया की मिट्टी से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने उनका सफर कड़ी मेहनत और जनसेवा का जीवंत प्रमाण है। 1983 की ऐतिहासिक 'कन्याकुमारी से दिल्ली पदयात्रा' ने उन्हें जनमानस से जोड़ा। इस यात्रा का मकसद कुपोषण, पेयजल संकट और सामाजिक असमानता जैसी बुनियादी समस्याओं को उजागर करना था।निर्भीक वक्ता और संसदीय शेरसंसद में उनकी बेबाक आवाज पक्ष-विपक्ष दोनों को मंत्रमुग्ध कर देती थी। निर्भीक टिप्पणियों और लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण के लिए वे विख्यात रहे।सादगी व शुचिता का जीवन दर्शनसत्ता के शिखर पर रहते हुए भी उनकी ग्रामीण सादगी बरकरार रही। "राजनीति मेरे लिए पेशा नहीं, राष्ट्र सेवा का माध्यम है"—यह उनका जीवन-दर्शन था, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।रामगोविंद चौधरी ने कहा, "आज उनकी जयंती पर हम सत्य, साहस और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। उनके आशीर्वाद से मार्गदर्शन मिलता रहे। शत-शत नमन!"जय चंद्रशेखर! जय बलिया! जय भारत!(रामगोविंद चौधरी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश
सार्वजनिक स्थलों पर भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करना धर्मसम्मत नहीं : बाबा दुबे

जौनपुर। भगवान परशुराम को विष्णु का छठा अवतार माना गया है और पृथ्वी के साथ चिरंजीवियों में एक माने जाते  हैं। माना जाता है कि आज भी वह महेंद्र गिरी पर्वत पर तपस्या कर रहे हैं। ऐसे में महापुरुषों की तरह सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मूर्तियां स्थापित नहीं की जा सकती हैं। पूर्व विधायक बाबा दुबे ने सार्वजनिक स्थलों पर किसी महापुरुष की तरह लगाई जा रही उनकी मूर्ति को धर्मशास्त्र के विरुद्ध बताते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि किसी भी भगवान की मूर्ति की तरह भगवान परशुराम की मूर्ति को भी प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही स्थापित की जानी चाहिए तथा नियमित उनकी पूजा अर्चना होनी चाहिए जबकि महापुरुषों की मूर्तियों के लिए प्राण प्रतिष्ठा और नियमित पूजा अर्चना लागू नहीं होता। बाबा दुबे ने कहा कि पिछले कुछ अरसे से भगवान परशुराम की मूर्तियों को लेकर राजनीति की जा रही है तथा राजनीतिक पिपासा की शांति के लिए ही उनकी मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं। परंतु हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भगवान परशुराम की मूर्ति को बिना प्राण प्रतिष्ठा किए सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित करके कर्तव्यों की इति श्री नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि उनकी मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया जाए तथा नियमित पूजा पाठ के लिए पुजारी रखे जाएं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम को संसार के सात अमर लोगों में माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कलयुग की समाप्ति पर वे भगवान कल्कि के रूप में एक बार फिर दुष्टों का संहार करेंगे। श्री दुबे ने कहा कि भगवान परशुराम भले ब्राह्मण कुल में पैदा हुए थे परंतु उनका कार्य पूरी तरह से क्षत्रियोचित था। उन्होंने दुष्ट राजाओं का विनाश किया यही कारण है कि उन्हें ब्रह्म क्षत्रीय कहा जाता है। उन्होंने भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे योद्धाओं को शिक्षा दी थी।
लव जिहाद और अवैध कब्ज पर कार्यवाही की मांग को लेकर राष्ट्रपति को जिला प्रशासन के माध्यम से सोपे ज्ञापन

सुल्तानपुर जिले में शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने देश में बढ़ती विभिन्न सामाजिक चुनौतियां अवैध कब्जा और कथित सामाजिक षडयंत्रों के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिला कलेक्ट्रेट के माध्यम से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सोपा।
कार्यकर्ता हूं द्वारा सौंप गए पत्र में कई गंभीर मुद्दों पर चिंता जताई गई है और कठोर कार्यवाही की मांग की गई है ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि देश के विभिन्न नगरों में वन भूमि सार्वजनिक संपत्ति और रेलवे की जमीनों पर सुनियोजित तरीके से अवैध कब्जे किए जा रहे हैं इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक चुनौती बताया गया है।
इसके अतिरिक्त ज्ञापन में लव जिहाद जैसे मामलों और और हिंदू युवतियों के शारीरिक व मानसिक शोषण की बढ़ती घटनाओं का भी जिक्र किया गया है इन पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की गई है बजरंग दल ने समाज में वनस्य फैलाने के उद्देश्य से खानपान की वस्तुओं के साथ हो रही कथित अपवित्र खिलवाड़ पर भी चिंता व्यक्त की है इसे नागरिकों की धार्मिक भावनाओं और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया गया ज्ञापन में मुस्लिम बहुल क्षेत्र में रह रहे अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों और जनजातीय समाज के उत्पीड़न पर रोक लगाने की भी अपील की गई है।
बजरंग दल ने सरकार से निम्नलिखित प्रमुख कदम उठाए ने का आग्रह किया है राष्ट्र विरोधी मानसिकता वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध त्वरित और कठोर दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है सार्वजनिक और सरकारी भूमि से अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए कठोर केंद्रीय कानून लागू हो जनजातीय क्षेत्रों में शोषण रोकने हेतु विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए।
देवघर-के दीनबंधु उच्च विद्यालय में साप्ताहिक विश्व पृथ्वी दिवस के अंतर्गत रंगभरो प्रतियोगिता का आयोजन।
देवघर: पृथ्वी दिवस एक वार्षिक आयोजन है जिसे 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित किया जाता है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप की थी। अब इसे 192 से अधिक देशों में प्रति वर्ष मनाया जाता है। स्थानीय साइंस एंड मैथमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के बैनर तले दीनबंधु उच्च विद्यालय के भवानी शंकर बागची सभागार में विद्यार्थियों के बीच रंगभरो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें दर्जनों विद्यार्थियों ने अपनी अपनी भागीदारी निभाई। प्राप्ताँक के आधार पर नील आनंद को प्रथम, प्रियांशु शेखर एवं शिवम् कुमार रमानी को युग्म रूप से द्वितीय, रितिका कुमारी, बेबी कुमारी एवं आयुष कुमार को संयुक्त रूप से तृतीय, अमरजीत कुमार को चतुर्थ, अमन कुमार को पंचम, कशिश प्रिया को षष्ठ, निशांत राज को सप्तम, मुस्कान सिंह को अष्टम, अंकित कुमार को नवम, शौर्य मयंक को दशम स्थान प्राप्त हुआ। धर्मवीर कुमार पोद्दार, पीयूष कुमार, रीतेश कुमार, निखिल कुमार दूबे एवं दर्शन राज द्वारा अंकित चित्रों को भी सराहा गया। सभी विजयी प्रतिभागियों को आगामी 22 अप्रैल रवीन्द्र सभागार में मुख्य अतिथि साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जय चंद्र राज, विशिष्ट अतिथि साइंस फॉर सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह, सचिव सुबोध कुमार झा, साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव व दीनबंधु स्कूल के प्रधानाध्यापक काजल कांति सिकदार के करकमलों से पुरस्कृत किया जाएगा।
धर्मांतरण नहीं, देश के खिलाफ सुनियोजित खेल’, टीसीएस मामले में साजिश की “बू”

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इन दिनों देश में धर्मांतरण का मुद्दा सुर्खियों में है। देश की प्रतिष्ठित आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 'कॉर्पोरेट एथिक्स' और 'वर्कप्लेस कल्चर' को तार-तार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस के दफ्तर में सामने आए इस मामले में पूरे देश में हलचल मचा दी है।

एक गहरी साजिश की ओर इशारा

टीसीएस की एक पूर्व कर्मचारी ने कंपनी के भीतर चल रहे धर्मांतरण के सिंडिकेट और यौन उत्पीड़न के 'नेक्सस' का कच्चा चिट्ठा खोला है। इस 'खुलासे' ने न केवल कंपनी के इंटरनल सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि पेशेवर दुनिया के भीतर सक्रिय एक गहरी साजिश की ओर भी इशारा किया है।

मामले में अब तक मामले में 9 एफआईआर दर्ज

26 मार्च को सामने आए इस पूरे मामले में आरोप है कि टीसीएस नासिक के कुछ कर्मचारियों ने 18 से 25 साल की महिला सहकर्मियों को निशाना बनाया। उन पर यौन उत्पीड़न, धार्मिक दबाव और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। अब तक इस मामले में 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इस केस में पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 7 पुरुष और 1 महिला शामिल है। पुलिस को करीब 78 संदिग्ध कॉल रिकॉर्ड, ईमेल और चैट मिले हैं। कुछ वित्तीय लेनदेन के संकेत भी सामने आए हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा 'आतंकवादी कृत्य'

इस बीच धर्मांतरण और योन उत्पीड़ने का मामला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट में याचिका दायर कर केंद्र और राज्य सरकारों को सख्त कदम उठाने के निर्देश देने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह जबरन या धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण को गंभीर राष्ट्रीय समस्या के तौर पर देखे। याचिकाकर्ता के अनुसार इस तरह का काम 'आतंकवादी कृत्य' और 'भारत के खिलाफ (अप्रत्यक्ष) युद्ध' की श्रेणी में आता है।

सामाजिक ताने-बाने को तबाह करने की कोशिश

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका वकील अश्विनी उपाध्याय ने डाली है। उन्होंने इस घटना को एक व्यापक पैटर्न के तौर पर देखने की मांग की है, जो कि सिर्फ नासिक टीसीएस तक सीमित नहीं है। याचिकाकर्ता की दलील है कि संगठित धर्मांतरण निजी बुरे कर्मों से कहीं ज्यादा खतरनाक है और यह सामाजिक ताने-बाने को तबाह कर सकता है।

एक महिला ने लगाए कई गंभीर आरोप

इस मामले में दर्ज पहली एफआईआर में एक महिला ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत दर्ज कराने वाली महिला 2023 से टीसीएस के नासिक ऑफिस में एसोसिएट के तौर पर काम कर रही है। एफआईआर के मुताबिक़, "उसकी मुलाकात 2022 में एक अभियुक्त से हुई थी। दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते थे और दोस्त थे। अभियुक्त ने महिला को अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। इसी दौरान जुलाई 2022 में अभियुक्त ने महिला से शारीरिक संबंध की मांग की और ज़बरदस्ती भी की। महिला के विरोध करने पर उसने शादी की इच्छा जताई।महिला ने कहा कि वह सोचकर बताएगी।"

एफ़आईआर के मुताबिक, बाद में अभियुक्त महिला को अक्सर कॉलेज के बाद मिलने के लिए बुलाने लगा। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने महिला को इसी कंपनी में इंटरव्यू देने को कहा, जहां वह एसोसिएट पद पर सिलेक्ट हो गई। टीसीएस में ही महिला की मुलाक़ात अभियुक्त के एक पुरुष और एक महिला परिचित से हुई। ये चारों अक्सर साथ रहते, कैंटीन जाते और साथ टहलते थे। इसी दौरान अभियुक्त और उसके दोनों साथी महिला से उसके धर्म को लेकर कथित तौर पर कई अपमानजनक बातें भी कही जाती थीं।

एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि अगस्त 2024 में अभियुक्त महिला को एक रिज़ॉर्ट ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोप है कि इसके बाद कंपनी में काम करने वाला उसका दोस्त महिला के घर गया और परिवार को रिश्ते की बात बताने की धमकी देकर उससे भी शारीरिक संबंध बनाने की मांग की। बाद में ऑफ़िस में भी महिला के साथ यौन संबंध बनाने का आरोप है। एफआईआर के मुताबिक़, दोनों दोस्त महिला पर लगातार दबाव बनाते रहे कि उसे धर्म परिवर्तन कर लेना चाहिए। महिला के मुताबिक, इस दौरान अभियुक्त उससे नजदीकियां बढ़ाने की भी कोशिश करते रहे।