आजमगढ़:-भव्य आयोजन में मनी भगवान परशुराम जयंती, ब्राह्मण समाज ने किया व्यक्तित्व-कृतित्व का गुणगान

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के अम्बारी पाण्डेय का पूरा में सोमवार को भगवान परशुराम की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। यह आयोजन एक शादी समारोह के दौरान ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद, तहसील फूलपुर इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि धर्म, न्याय और सत्य के प्रतीक भी थे। उनके जीवन से समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर पंडित देव नाथ पाण्डेय, केश भान पाण्डेय, सौरभ पाण्डेय, लोकेश पाण्डेय, पद्मेश पाण्डेय, त्रयम्बकेश्वर पाण्डेय, अंकित मिश्रा और मनीष तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया और समाज में एकता एवं नैतिकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धेश्वर पाण्डेय ने की, जबकि संचालन पंडित देबनाथ पाण्डेय द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को जयंती की शुभकामनाएं दीं।
कुल्हनामऊ में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर भव्य प्रतिमा का अनावरण

जौनपुर। अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम के जन्मदिन के पावन अवसर पर जिले के कुल्हनामऊ चौराहे पर स्थापित 11 फीट ऊंची भगवान परशुराम की प्रतिमा का विधिवत पूजन-अर्चन एवं अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग उपस्थित रहे और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम का आयोजन मुरलीधर चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी समाजसेवी एवं उद्योगपति प्रमोद पाठक के संयोजन में किया गया। शाम शुरू हुए कार्यक्रम में 51बटुको द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना, आरती और परशुराम चालीसा का पाठ किया गया। आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई।इस मौके पर प्रमोद पाठक ने कहा कि भगवान परशुराम किसी एक समाज के नहीं बल्कि पूरे समाज के आराध्य हैं। उन्होंने कहा कि “भगवान को जातियों में बांटना गलत सोच है, वे सर्व समाज के लिए समान रूप से पूजनीय हैं।” कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोगों की सहभागिता इस संदेश को मजबूत करती दिखी।राजनीतिक चर्चाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसे किसी प्रकार के शक्ति प्रदर्शन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने धर्म की रक्षा में भगवान परशुराम के योगदान पर प्रकाश डाला। प्रतिमा अनावरण के इस अवसर पर राजनीतिक सीमाओं से परे हटकर विभिन्न जन प्रतिनिधि एक साथ नजर आए। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा की कुल्हनामऊ का यह जमदग्निपुरम पार्क न केवल पर्यटन का केंद्र बनेगा बल्कि युवाओं को धर्म और पुरुषार्थ की सीख भी देगा वहीं विधायक बदलापुर ने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं पर उन्होंने कहा कि जनता स्वयं सही-गलत का निर्णय करेगी।आयोजन की सफलता में कई लोगों का योगदान रहा, जिसमें परमिशन से लेकर कार्यक्रम की रूपरेखा तक विभिन्न स्तरों पर सहयोग मिला। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में इस स्थल को “परशुराम चौक” या “परशुराम पार्क” के रूप में विकसित करने की योजना है।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। इस मौके पर विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू, मंत्री गिरीश चंद्र यादव, नगरपालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्या, उद्योगपति तथा वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञानप्रकाश सिंह ,पूर्व ब्लाक प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं श्रीपति उपाध्याय जिलाध्यक्ष भाजपा अजीत प्रजापति, पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ,कुंवर मृगेंद्र सिंह समेत अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
Sambhal बुलडोजर एक्शन पर सियासी संग्राम: “मुसलमानों को टारगेट कर रही सरकार” - AIMIM जिलाध्यक्ष का बड़ा हमला
सम्भल जिले के मुबारकपुर बंद और बिछौली में ईदगाह, मदरसा और मस्जिदों पर चले बुलडोजर को लेकर सियासत गरमा गई है। AIMIM जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

असद अब्दुल्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के जिन राज्यों में बीजेपी या उसके सहयोगी दलों की सरकार है, वहां मुसलमानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि बिना पर्याप्त नोटिस और अदालत के फैसले का इंतजार किए धार्मिक स्थलों को गिराना एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल मस्जिद, मदरसे और इबादतगाह ही ग्राम समाज की जमीन पर हैं? अन्य धर्मों के स्थलों पर ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं होती? उनके मुताबिक, सरकार हिंदू-मुस्लिम के बीच विभाजन पैदा कर सियासत कर रही है। वहीं प्रशासन का दावा है कि सभी निर्माण कानूनी प्रक्रिया के तहत अवैध पाए जाने पर ही हटाए गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM नेता ने कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने बेरोजगारी, किसानों की बदहाल स्थिति और हाल ही में आई आपदाओं को लेकर सरकार को घेरा। असद अब्दुल्ला ने दावा किया कि 2027 के चुनाव में जनता नफरत की राजनीति का जवाब देगी और एक सेक्युलर सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि AIMIM सम्भल जिले की असमोली और सम्भल सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी और “हिस्सेदारी की लड़ाई” जारी रखेगी। कुल मिलाकर, बुलडोजर कार्रवाई अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि बड़ा सियासी मुद्दा बन चुकी है, जिस पर आने वाले चुनावों में जोरदार घमासान तय माना जा रहा है।
*खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में इन दिनों हीटवेव के हालात बनने शुरू हो गए हैं। आगामी दिनों में राहत की उम्मीदें नहीं हैं। उधर, खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में बचाव से ही खुद को बीमार होने से बचाया जा सकता है। उधर, सरकारी अस्पतालों में इन दिनों डायरिया, पेट के रोगियों की संख्या 30 फीसदी तक पहुंच गई है। डाक्टरों को इलाज करने में पसीने छूट जा रहे हैं। बता दें कि इन दिनों सूबे के साथ ही कालीन नगरी में गर्मी का प्रकोप जारी है। पुरवाई के बाद भी पारा दिन का करीब 43 डिग्री के पार जबकि रात का 30 डिग्री के नीचे नहीं आ रहा है।
उधर, इन दिनों शादियों की धूम है। इसके कारण लोग देर रात भोजन कर रहे हैं। अब ऐसे में पेट दर्द, डायरिया के मरीजों की संख्या ज्यादा देखी जा रही है। जिला अस्पताल ज्ञानपुर एवं महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही में इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीजों की भरमार नजर आ रही है। तेज धूप की तपिश से हवा भी झुलसा रही है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। अचानक घर से बाहर पैदल एवं बाइक से निकलकर धूप में जाना खतरनाक साबित हो सकता है।डाक्टरों ने कहा कि हर घंटे पर एक गिलास पानी या फिर तरल पदार्थ का सेवन करते रहें। दोपहर में यदि निकलना बेहद जरूरी हो तो धूप से बचने के लिए छाता लगाकर निकलें या फिर गमछा आदि से सिर और चेहरे को पूरी तरह से ढककर गर्म हवा से सुरक्षित रखें।बीमारी से बचाव को यह करें-फल एवं गन्ने का जूस, नारियल पानी का प्रयोग करें कच्चे आम को भूनकर पना बनाकर पीएं धूप में निकलने से पहले सिर को अच्छी तरह से ढकें0 बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग धूप में निकलने से बचें दिन भर में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पीएं।शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें और दोपहर में घर से निकलने से बचें गर्मी में बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत करने से बचें। धूप से बचने के लिए छाता, गमछा, दुपट्टा एवं हैट का इस्तेमाल करें
जापान में आया 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी

#japanearthquakemassivetsunamialert

जापानी में एक शक्तिशाली भूकंप आया है। उत्तरी जापानी तट पर आए शक्तिशाली भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी की है। 7.4 की प्रारंभिक तीव्रता वाला यह भूकंप उत्तरी जापान के सैनरिकु के तट पर स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 4:53 बजे आया।

सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी महसूस हुए झटके

भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे झटके काफी तेज महसूस किए गए। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी ऊंची इमारतें हिल गईं। कई इलाकों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं आई है, लेकिन स्थिति की निगरानी की जा रही है।

सुनामी की चेतावनी

जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि सोमवार दोपहर को देश के उत्तर-पूर्वी तट के पास 7.4 की शुरुआती तीव्रता वाला भूकंप आया। भूकंप के बाद एजेंसी ने इवाते आओमोरी और होक्काइडो प्रांतों में 3 मीटर (9.84 फीट) तक ऊंची सुनामी आने की चेतावनी दी है। जापान के इवाते प्रान्त, होक्काइडो के प्रशांत तट के मध्य भाग और आओमोरी प्रान्त के प्रशांत तट के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में बड़े नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।

भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में

जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में था और यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। जापान के भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 'ऊपरी 5' मापी गई। ये इतनी तेज थी कि लोगों का इधर-उधर चलना-फिरना मुश्किल हो गया।

जापान में बार-बार आता है भूकंप

जापान दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों (एक्टिव) में से एक है, जो प्रशांत "रिंग ऑफ फायर" के पश्चिमी किनारे पर चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के शीर्ष पर स्थित है। जापान लगभग 12.5 करोड़ लोगों का घर है और एक द्वीपसमूह पर बसा है। यह देश आम तौर पर हर साल लगभग 1,500 झटके महसूस करता है और दुनिया के लगभग 18 प्रतिशत भूकंपों के लिए जिम्मेदार है।

स्कूल चलो अभियान की भयावह विफलता: नौनिहालों का भविष्य धूंध में, बाल मजदूरी का दलदल गहराता जा रहा
बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):सरकार ने ‘स्कूल चलो अभियान’ और जन जागरूकता योजनाओं को बड़ी उम्मीदों के साथ शुरू किया था, लेकिन पिहानी में आज यह अभियान पूरी तरह धराशायी हो चुका है। नौनिहाल जिनके हाथों में कलम होनी चाहिए, वे फावड़ा, ईंटें और चाय के जूठे गिलास उठाने पर मजबूर हैं। निर्माण स्थलों, ढाबों और होटल जैसे जगहों पर ये मासूम बच्चे काम कर रहे हैं, जबकि शिक्षा का अधिकार सिर्फ एक नाम बनकर रह गया है।
श्रम व शिक्षा विभाग की लापरवाही इस त्रासदी का मुख्य कारण है। अधिकारियों ने सिर्फ दिखावे के कार्यक्रम आयोजित किए, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बाल मजदूरी की घटनाएं रोज सामने आ रही हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर कब प्रशासन इस जघन्य अपराध पर लगाम लगाएगा। बच्चों का भविष्य दांव पर है, और अगर अभी जाग नहीं हुई, तो ये मासूम पीढ़ी कभी शिक्षा का उजाला नहीं देख पाएगी।बाल मजदूरी के दलदल में धकेले जा रहे हैं। सरकार के आदेशों के बावजूद, शिक्षा व श्रम विभाग केवल दिखावा कर रहे हैं, बच्चों का उज्ज्वल भविष्य अधर में लटका हुआ।क्षेत्र में सैकड़ों मासूम बच्चे आज भी बाल मजदूरी के दलदल में फंसे हुए हैं। ये बच्चे स्कूल की दहलीज तक नहीं पहुंच पा रहे, बल्कि होटल, ढाबों और निर्माण स्थलों पर काम करते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब सरकार शिक्षा को लेकर इतने बड़े अभियान चला रही है, तो आखिर ये बच्चे शिक्षा से वंचित क्यों हैं?
धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल संकट का मुख्य कारण : रामबाबू सिंह

वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत : सूर्य प्रताप सिंह ।

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। आज जंगल में मंगल रहने वाले बंदरो की टोली गांव में लगी नलों पर झुंड में पहुंच कर प्यास बुझा रहे हैं । शायद इस परिदृश्य से हर इंसान को सोचने की जरुरत है । क्योंकि ऐसी हालत क्यो बनी । आज जंगल के जीव जंतु अपनी प्यास बुझाने के लिए आबादी में हैंड पंपों का सहारा ले रहें हैं । उक्त बातें भारतीय किसान यूनियन भानू के प्रदेश उपाध्यक्ष  रामबाबू सिंह ने कही । उन्होंने कहा कि भले ही जानवरों की प्यास बुझाकर हर इंसान सुकून की आह भर रहा हो पर ऐसी जिंदगी पहले जीव जंतुओं को देखने के लिए कभी नही मिली थी । इस लिए पहले नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही - देवकी जंगल झाड़ियों के बीच पानी से लबालब झर - झर झरही बहते थे । अब वही संपति बेपानी क्यो होते जा रहे हैं । ऐसा अचरज होती प्राकृतिक धरोहरों के प्रति अट्टाहास कुछ भी बहस हो सकती है पर सच्चाई पर बहस तीखा हमला के समान होता है । क्योकि आज धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल - जंगल के मुहाने तक अतिक्रमण और उसके दोहन ही मुख्य कारण माना जा सकता है । इसलिए व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदिमानव की तरह हांथ में टांग और फावड़ा पकड़े फौलादी बन कर जंगलो की विनाश करने के लिए विनाशलीला पर आतुर है । यही वजह है कि मनुष्य की कुरुरता से भयभीत होकर पर्यावरण दूर - दूर भागता जा रहा है । वहीं लोहगरा गांव के युवा समाजसेवी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि पृथ्वी पर बढ़ती आबादी का घोतक है कि नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही और देवकी नाले बेपानी होते चले गए । फिर भी इंसान पर्यावरण को लेकर चिंतित नहीं है । इसी का दुष्परिणाम हो सकता है कि आज जंगलो में व्याकुल होकर जानवर आबादी की तरफ भाग रहें हैं । कहा जाता है कि "कभी प्यासे को पानी पिलाया नही बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा" यह कहावत आज चरितार्थ हो रही है कि जानवर आज अपनी प्यास बुझाने के लिए गांवों में भटक रहा है । जानवरो की प्यास बुझा कर इंसान मन की सुख प्राप्ति कर रहा है । प्रत्येक इंसान को इस विषय परिस्थितियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है । इसलिए अब वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत है, तभी धरती संतुलित रहेंगी और धरती पर दैवीय और पैदा होने वाली प्राकृतिक संकट सुनाई नही देगा और इंसान से लेकर जानवरों के लिए वन पर्यावरण मुफीद बना रहेगा ।
मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने किया नई टीम का ऐलान
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुंबई इकाई के अंतर्गत उत्तर भारतीय मोर्चा में संगठन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम की संस्तुति पर उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार को नई टीम का ऐलान किया। प्रमोद मिश्रा ने बताया कि कार्यकारिणी का गठन समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि संगठन को अधिक सक्रिय और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम के गठन से मुंबई में भाजपा का जनाधार और विस्तृत होगा, खासकर उत्तर भारतीय समाज में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा सहित कुल 55 पदाधिकारियों और सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 9 सचिव और 1 कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
उपाध्यक्ष पद पर मनोज सिंह, अजय शुक्ला, बबलू विश्वकर्मा, विजय यादव, बृजेश दुबे, विजय सिंह, राजेश यादव, चंदन तिवारी और प्रभाकर चतुर्वेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं दया शंकर यादव, अजित सिंह, एडवोकेट मनोज जायसवाल और विनय दुबे को महामंत्री बनाया गया है। सचिव पद पर राहुल यादव, डॉ. नूतन सिंह, शिव मिश्रा, कैलाश यादव, रविंद्र पांडेय, महेंद्र चौरसिया, सूर्यकांत शर्मा, राजेंद्र मिश्रा और जगत नारायण गुप्ता को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा राजकुमार सिंह को कोषाध्यक्ष, आशीष मिश्रा को सोशल मीडिया प्रमुख, सचिन प्रजापति को सह-प्रमुख बनाया गया है। अन्य प्रमुख नियुक्तियों में मयंक शेखर को युवा प्रमुख, संध्या पाठक को महिला प्रमुख, ओम प्रकाश पांडे को कार्यालय प्रमुख, पारुल चौधरी को मीडिया प्रमुख और एडवोकेट नीलेश पंडित को विधि प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही 23 कार्यकारिणी सदस्यों को भी संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए हैं। प्रमोद मिश्रा ने कहा कि यह नई कार्यकारिणी संगठन में नई ऊर्जा का संचार करेगी और भाजपा के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम और पार्टी के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
प्रदेश सरकार ने 40 आईएएस अधिकारियों का किया तबादला, कई जिलों के डीएम बदले
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस व्यापक बदलाव में कई जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदला गया है, जबकि कई अधिकारियों को अहम विभागों और संस्थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तबादलों के तहत उन्नाव के डीएम गौरांग राठी को झांसी का जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि इंद्रजीत सिंह को सुल्तानपुर का डीएम नियुक्त किया गया है। सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को बुलंदशहर भेजा गया है।इसी क्रम में अन्नपूर्णा गर्ग को श्रावस्ती, आलोक यादव को शामली और अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। नितिन गौड़ को अमरोहा, अभिषेक गोयल को हमीरपुर और सरनीत कौर ब्रोका को रायबरेली का डीएम नियुक्त किया गया है।
अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर, हमीरपुर के डीएम घनश्याम मीणा को उन्नाव और मैनपुरी के डीएम अंजनी कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी भेजा गया है। औरैया के डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी, जबकि बृजेश कुमार को औरैया का डीएम बनाया गया है।
सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल को आगरा का डीएम और आगरा के डीएम अरविंद मल्लप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
ऊर्जा और पावर सेक्टर में भी बदलाव करते हुए नीतीश कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि बुलंदशहर की डीएम श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (आगरा) का एमडी बनाया गया है।
प्रतीक्षारत आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त और किंजल सिंह को सचिव माध्यमिक शिक्षा बनाया गया है।
वहीं, लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। शशि भूषण लाल सुशील को प्रमुख सचिव MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
फतेहपुर के डीएम रविंदर सिंह को विशेष सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, साथ ही यूपीनेडा और रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
इसके अलावा झांसी के डीएम मृदुल चौधरी को पर्यटन विभाग में विशेष सचिव व निदेशक, श्रावस्ती के डीएम अश्वनी कुमार पांडे को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, और रायबरेली की डीएम हर्षिता माथुर को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का निदेशक बनाया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर अन्य फेरबदल में कई मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे जिला और विभागीय प्रशासन में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।
आजमगढ़:-भव्य आयोजन में मनी भगवान परशुराम जयंती, ब्राह्मण समाज ने किया व्यक्तित्व-कृतित्व का गुणगान

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के अम्बारी पाण्डेय का पूरा में सोमवार को भगवान परशुराम की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। यह आयोजन एक शादी समारोह के दौरान ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद, तहसील फूलपुर इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि धर्म, न्याय और सत्य के प्रतीक भी थे। उनके जीवन से समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर पंडित देव नाथ पाण्डेय, केश भान पाण्डेय, सौरभ पाण्डेय, लोकेश पाण्डेय, पद्मेश पाण्डेय, त्रयम्बकेश्वर पाण्डेय, अंकित मिश्रा और मनीष तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया और समाज में एकता एवं नैतिकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धेश्वर पाण्डेय ने की, जबकि संचालन पंडित देबनाथ पाण्डेय द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को जयंती की शुभकामनाएं दीं।
कुल्हनामऊ में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर भव्य प्रतिमा का अनावरण

जौनपुर। अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम के जन्मदिन के पावन अवसर पर जिले के कुल्हनामऊ चौराहे पर स्थापित 11 फीट ऊंची भगवान परशुराम की प्रतिमा का विधिवत पूजन-अर्चन एवं अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग उपस्थित रहे और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम का आयोजन मुरलीधर चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी समाजसेवी एवं उद्योगपति प्रमोद पाठक के संयोजन में किया गया। शाम शुरू हुए कार्यक्रम में 51बटुको द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना, आरती और परशुराम चालीसा का पाठ किया गया। आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई।इस मौके पर प्रमोद पाठक ने कहा कि भगवान परशुराम किसी एक समाज के नहीं बल्कि पूरे समाज के आराध्य हैं। उन्होंने कहा कि “भगवान को जातियों में बांटना गलत सोच है, वे सर्व समाज के लिए समान रूप से पूजनीय हैं।” कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोगों की सहभागिता इस संदेश को मजबूत करती दिखी।राजनीतिक चर्चाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसे किसी प्रकार के शक्ति प्रदर्शन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने धर्म की रक्षा में भगवान परशुराम के योगदान पर प्रकाश डाला। प्रतिमा अनावरण के इस अवसर पर राजनीतिक सीमाओं से परे हटकर विभिन्न जन प्रतिनिधि एक साथ नजर आए। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा की कुल्हनामऊ का यह जमदग्निपुरम पार्क न केवल पर्यटन का केंद्र बनेगा बल्कि युवाओं को धर्म और पुरुषार्थ की सीख भी देगा वहीं विधायक बदलापुर ने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं पर उन्होंने कहा कि जनता स्वयं सही-गलत का निर्णय करेगी।आयोजन की सफलता में कई लोगों का योगदान रहा, जिसमें परमिशन से लेकर कार्यक्रम की रूपरेखा तक विभिन्न स्तरों पर सहयोग मिला। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में इस स्थल को “परशुराम चौक” या “परशुराम पार्क” के रूप में विकसित करने की योजना है।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। इस मौके पर विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू, मंत्री गिरीश चंद्र यादव, नगरपालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्या, उद्योगपति तथा वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञानप्रकाश सिंह ,पूर्व ब्लाक प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं श्रीपति उपाध्याय जिलाध्यक्ष भाजपा अजीत प्रजापति, पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ,कुंवर मृगेंद्र सिंह समेत अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
Sambhal बुलडोजर एक्शन पर सियासी संग्राम: “मुसलमानों को टारगेट कर रही सरकार” - AIMIM जिलाध्यक्ष का बड़ा हमला
सम्भल जिले के मुबारकपुर बंद और बिछौली में ईदगाह, मदरसा और मस्जिदों पर चले बुलडोजर को लेकर सियासत गरमा गई है। AIMIM जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

असद अब्दुल्ला ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देश के जिन राज्यों में बीजेपी या उसके सहयोगी दलों की सरकार है, वहां मुसलमानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई को संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि बिना पर्याप्त नोटिस और अदालत के फैसले का इंतजार किए धार्मिक स्थलों को गिराना एक सोची-समझी साजिश है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल मस्जिद, मदरसे और इबादतगाह ही ग्राम समाज की जमीन पर हैं? अन्य धर्मों के स्थलों पर ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं होती? उनके मुताबिक, सरकार हिंदू-मुस्लिम के बीच विभाजन पैदा कर सियासत कर रही है। वहीं प्रशासन का दावा है कि सभी निर्माण कानूनी प्रक्रिया के तहत अवैध पाए जाने पर ही हटाए गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM नेता ने कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने बेरोजगारी, किसानों की बदहाल स्थिति और हाल ही में आई आपदाओं को लेकर सरकार को घेरा। असद अब्दुल्ला ने दावा किया कि 2027 के चुनाव में जनता नफरत की राजनीति का जवाब देगी और एक सेक्युलर सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि AIMIM सम्भल जिले की असमोली और सम्भल सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी और “हिस्सेदारी की लड़ाई” जारी रखेगी। कुल मिलाकर, बुलडोजर कार्रवाई अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि बड़ा सियासी मुद्दा बन चुकी है, जिस पर आने वाले चुनावों में जोरदार घमासान तय माना जा रहा है।
*खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में इन दिनों हीटवेव के हालात बनने शुरू हो गए हैं। आगामी दिनों में राहत की उम्मीदें नहीं हैं। उधर, खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में बचाव से ही खुद को बीमार होने से बचाया जा सकता है। उधर, सरकारी अस्पतालों में इन दिनों डायरिया, पेट के रोगियों की संख्या 30 फीसदी तक पहुंच गई है। डाक्टरों को इलाज करने में पसीने छूट जा रहे हैं। बता दें कि इन दिनों सूबे के साथ ही कालीन नगरी में गर्मी का प्रकोप जारी है। पुरवाई के बाद भी पारा दिन का करीब 43 डिग्री के पार जबकि रात का 30 डिग्री के नीचे नहीं आ रहा है।
उधर, इन दिनों शादियों की धूम है। इसके कारण लोग देर रात भोजन कर रहे हैं। अब ऐसे में पेट दर्द, डायरिया के मरीजों की संख्या ज्यादा देखी जा रही है। जिला अस्पताल ज्ञानपुर एवं महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही में इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीजों की भरमार नजर आ रही है। तेज धूप की तपिश से हवा भी झुलसा रही है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। अचानक घर से बाहर पैदल एवं बाइक से निकलकर धूप में जाना खतरनाक साबित हो सकता है।डाक्टरों ने कहा कि हर घंटे पर एक गिलास पानी या फिर तरल पदार्थ का सेवन करते रहें। दोपहर में यदि निकलना बेहद जरूरी हो तो धूप से बचने के लिए छाता लगाकर निकलें या फिर गमछा आदि से सिर और चेहरे को पूरी तरह से ढककर गर्म हवा से सुरक्षित रखें।बीमारी से बचाव को यह करें-फल एवं गन्ने का जूस, नारियल पानी का प्रयोग करें कच्चे आम को भूनकर पना बनाकर पीएं धूप में निकलने से पहले सिर को अच्छी तरह से ढकें0 बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग धूप में निकलने से बचें दिन भर में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पीएं।शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें और दोपहर में घर से निकलने से बचें गर्मी में बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत करने से बचें। धूप से बचने के लिए छाता, गमछा, दुपट्टा एवं हैट का इस्तेमाल करें
जापान में आया 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी

#japanearthquakemassivetsunamialert

जापानी में एक शक्तिशाली भूकंप आया है। उत्तरी जापानी तट पर आए शक्तिशाली भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी की है। 7.4 की प्रारंभिक तीव्रता वाला यह भूकंप उत्तरी जापान के सैनरिकु के तट पर स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 4:53 बजे आया।

सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी महसूस हुए झटके

भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे झटके काफी तेज महसूस किए गए। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी ऊंची इमारतें हिल गईं। कई इलाकों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं आई है, लेकिन स्थिति की निगरानी की जा रही है।

सुनामी की चेतावनी

जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि सोमवार दोपहर को देश के उत्तर-पूर्वी तट के पास 7.4 की शुरुआती तीव्रता वाला भूकंप आया। भूकंप के बाद एजेंसी ने इवाते आओमोरी और होक्काइडो प्रांतों में 3 मीटर (9.84 फीट) तक ऊंची सुनामी आने की चेतावनी दी है। जापान के इवाते प्रान्त, होक्काइडो के प्रशांत तट के मध्य भाग और आओमोरी प्रान्त के प्रशांत तट के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में बड़े नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।

भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में

जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में था और यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। जापान के भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 'ऊपरी 5' मापी गई। ये इतनी तेज थी कि लोगों का इधर-उधर चलना-फिरना मुश्किल हो गया।

जापान में बार-बार आता है भूकंप

जापान दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों (एक्टिव) में से एक है, जो प्रशांत "रिंग ऑफ फायर" के पश्चिमी किनारे पर चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के शीर्ष पर स्थित है। जापान लगभग 12.5 करोड़ लोगों का घर है और एक द्वीपसमूह पर बसा है। यह देश आम तौर पर हर साल लगभग 1,500 झटके महसूस करता है और दुनिया के लगभग 18 प्रतिशत भूकंपों के लिए जिम्मेदार है।

स्कूल चलो अभियान की भयावह विफलता: नौनिहालों का भविष्य धूंध में, बाल मजदूरी का दलदल गहराता जा रहा
बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):सरकार ने ‘स्कूल चलो अभियान’ और जन जागरूकता योजनाओं को बड़ी उम्मीदों के साथ शुरू किया था, लेकिन पिहानी में आज यह अभियान पूरी तरह धराशायी हो चुका है। नौनिहाल जिनके हाथों में कलम होनी चाहिए, वे फावड़ा, ईंटें और चाय के जूठे गिलास उठाने पर मजबूर हैं। निर्माण स्थलों, ढाबों और होटल जैसे जगहों पर ये मासूम बच्चे काम कर रहे हैं, जबकि शिक्षा का अधिकार सिर्फ एक नाम बनकर रह गया है।
श्रम व शिक्षा विभाग की लापरवाही इस त्रासदी का मुख्य कारण है। अधिकारियों ने सिर्फ दिखावे के कार्यक्रम आयोजित किए, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बाल मजदूरी की घटनाएं रोज सामने आ रही हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर कब प्रशासन इस जघन्य अपराध पर लगाम लगाएगा। बच्चों का भविष्य दांव पर है, और अगर अभी जाग नहीं हुई, तो ये मासूम पीढ़ी कभी शिक्षा का उजाला नहीं देख पाएगी।बाल मजदूरी के दलदल में धकेले जा रहे हैं। सरकार के आदेशों के बावजूद, शिक्षा व श्रम विभाग केवल दिखावा कर रहे हैं, बच्चों का उज्ज्वल भविष्य अधर में लटका हुआ।क्षेत्र में सैकड़ों मासूम बच्चे आज भी बाल मजदूरी के दलदल में फंसे हुए हैं। ये बच्चे स्कूल की दहलीज तक नहीं पहुंच पा रहे, बल्कि होटल, ढाबों और निर्माण स्थलों पर काम करते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब सरकार शिक्षा को लेकर इतने बड़े अभियान चला रही है, तो आखिर ये बच्चे शिक्षा से वंचित क्यों हैं?
धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल संकट का मुख्य कारण : रामबाबू सिंह

वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत : सूर्य प्रताप सिंह ।

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। आज जंगल में मंगल रहने वाले बंदरो की टोली गांव में लगी नलों पर झुंड में पहुंच कर प्यास बुझा रहे हैं । शायद इस परिदृश्य से हर इंसान को सोचने की जरुरत है । क्योंकि ऐसी हालत क्यो बनी । आज जंगल के जीव जंतु अपनी प्यास बुझाने के लिए आबादी में हैंड पंपों का सहारा ले रहें हैं । उक्त बातें भारतीय किसान यूनियन भानू के प्रदेश उपाध्यक्ष  रामबाबू सिंह ने कही । उन्होंने कहा कि भले ही जानवरों की प्यास बुझाकर हर इंसान सुकून की आह भर रहा हो पर ऐसी जिंदगी पहले जीव जंतुओं को देखने के लिए कभी नही मिली थी । इस लिए पहले नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही - देवकी जंगल झाड़ियों के बीच पानी से लबालब झर - झर झरही बहते थे । अब वही संपति बेपानी क्यो होते जा रहे हैं । ऐसा अचरज होती प्राकृतिक धरोहरों के प्रति अट्टाहास कुछ भी बहस हो सकती है पर सच्चाई पर बहस तीखा हमला के समान होता है । क्योकि आज धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल - जंगल के मुहाने तक अतिक्रमण और उसके दोहन ही मुख्य कारण माना जा सकता है । इसलिए व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदिमानव की तरह हांथ में टांग और फावड़ा पकड़े फौलादी बन कर जंगलो की विनाश करने के लिए विनाशलीला पर आतुर है । यही वजह है कि मनुष्य की कुरुरता से भयभीत होकर पर्यावरण दूर - दूर भागता जा रहा है । वहीं लोहगरा गांव के युवा समाजसेवी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि पृथ्वी पर बढ़ती आबादी का घोतक है कि नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही और देवकी नाले बेपानी होते चले गए । फिर भी इंसान पर्यावरण को लेकर चिंतित नहीं है । इसी का दुष्परिणाम हो सकता है कि आज जंगलो में व्याकुल होकर जानवर आबादी की तरफ भाग रहें हैं । कहा जाता है कि "कभी प्यासे को पानी पिलाया नही बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा" यह कहावत आज चरितार्थ हो रही है कि जानवर आज अपनी प्यास बुझाने के लिए गांवों में भटक रहा है । जानवरो की प्यास बुझा कर इंसान मन की सुख प्राप्ति कर रहा है । प्रत्येक इंसान को इस विषय परिस्थितियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है । इसलिए अब वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत है, तभी धरती संतुलित रहेंगी और धरती पर दैवीय और पैदा होने वाली प्राकृतिक संकट सुनाई नही देगा और इंसान से लेकर जानवरों के लिए वन पर्यावरण मुफीद बना रहेगा ।
मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने किया नई टीम का ऐलान
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुंबई इकाई के अंतर्गत उत्तर भारतीय मोर्चा में संगठन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम की संस्तुति पर उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार को नई टीम का ऐलान किया। प्रमोद मिश्रा ने बताया कि कार्यकारिणी का गठन समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि संगठन को अधिक सक्रिय और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम के गठन से मुंबई में भाजपा का जनाधार और विस्तृत होगा, खासकर उत्तर भारतीय समाज में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा सहित कुल 55 पदाधिकारियों और सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 9 सचिव और 1 कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
उपाध्यक्ष पद पर मनोज सिंह, अजय शुक्ला, बबलू विश्वकर्मा, विजय यादव, बृजेश दुबे, विजय सिंह, राजेश यादव, चंदन तिवारी और प्रभाकर चतुर्वेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं दया शंकर यादव, अजित सिंह, एडवोकेट मनोज जायसवाल और विनय दुबे को महामंत्री बनाया गया है। सचिव पद पर राहुल यादव, डॉ. नूतन सिंह, शिव मिश्रा, कैलाश यादव, रविंद्र पांडेय, महेंद्र चौरसिया, सूर्यकांत शर्मा, राजेंद्र मिश्रा और जगत नारायण गुप्ता को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा राजकुमार सिंह को कोषाध्यक्ष, आशीष मिश्रा को सोशल मीडिया प्रमुख, सचिन प्रजापति को सह-प्रमुख बनाया गया है। अन्य प्रमुख नियुक्तियों में मयंक शेखर को युवा प्रमुख, संध्या पाठक को महिला प्रमुख, ओम प्रकाश पांडे को कार्यालय प्रमुख, पारुल चौधरी को मीडिया प्रमुख और एडवोकेट नीलेश पंडित को विधि प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही 23 कार्यकारिणी सदस्यों को भी संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए हैं। प्रमोद मिश्रा ने कहा कि यह नई कार्यकारिणी संगठन में नई ऊर्जा का संचार करेगी और भाजपा के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम और पार्टी के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
प्रदेश सरकार ने 40 आईएएस अधिकारियों का किया तबादला, कई जिलों के डीएम बदले
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस व्यापक बदलाव में कई जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदला गया है, जबकि कई अधिकारियों को अहम विभागों और संस्थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तबादलों के तहत उन्नाव के डीएम गौरांग राठी को झांसी का जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि इंद्रजीत सिंह को सुल्तानपुर का डीएम नियुक्त किया गया है। सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को बुलंदशहर भेजा गया है।इसी क्रम में अन्नपूर्णा गर्ग को श्रावस्ती, आलोक यादव को शामली और अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। नितिन गौड़ को अमरोहा, अभिषेक गोयल को हमीरपुर और सरनीत कौर ब्रोका को रायबरेली का डीएम नियुक्त किया गया है।
अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर, हमीरपुर के डीएम घनश्याम मीणा को उन्नाव और मैनपुरी के डीएम अंजनी कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी भेजा गया है। औरैया के डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी, जबकि बृजेश कुमार को औरैया का डीएम बनाया गया है।
सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल को आगरा का डीएम और आगरा के डीएम अरविंद मल्लप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
ऊर्जा और पावर सेक्टर में भी बदलाव करते हुए नीतीश कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि बुलंदशहर की डीएम श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (आगरा) का एमडी बनाया गया है।
प्रतीक्षारत आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त और किंजल सिंह को सचिव माध्यमिक शिक्षा बनाया गया है।
वहीं, लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। शशि भूषण लाल सुशील को प्रमुख सचिव MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
फतेहपुर के डीएम रविंदर सिंह को विशेष सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, साथ ही यूपीनेडा और रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
इसके अलावा झांसी के डीएम मृदुल चौधरी को पर्यटन विभाग में विशेष सचिव व निदेशक, श्रावस्ती के डीएम अश्वनी कुमार पांडे को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, और रायबरेली की डीएम हर्षिता माथुर को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का निदेशक बनाया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर अन्य फेरबदल में कई मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे जिला और विभागीय प्रशासन में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।