लापरवाही का गड्ढा, सिस्टम का मौन: ग्रेटर नोएडा में 3 साल के देवांश की डूबकर मौत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। गांव दलेलगढ़ में तीन साल का देवांश उस गड्ढे में डूब गया, जिसे लेकर महीनों से हादसे की चेतावनी दी जा रही थी—लेकिन न प्रशासन जागा, न प्राधिकरण।एक महीने के भीतर यह तीसरी दर्दनाक घटना है। पहले नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता, फिर दिल्ली में कमल और अब ग्रेटर नोएडा में तीन साल का मासूम—सवाल वही है: आखिर कब भरे जाएंगे लापरवाही के ये गड्ढे?

धार्मिक आयोजन में मातम

देवांश अपने मामा के घर धार्मिक अनुष्ठान में आया था। बिलासपुर के पास दलेलगढ़ गांव में डालेश्वर बाबा की समाधि पर 41 दिन का अनुष्ठान चल रहा था। शनिवार को अंतिम दिन भंडारा था। इसी दौरान खेलते-खेलते देवांश छह से सात फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गया।काफी देर तक बच्चे का पता नहीं चला। तलाश के दौरान गड्ढे में पानी पर तैरती उसकी टोपी दिखी। ग्रामीण पानी में कूदे, बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कुछ ही मिनटों में भंडारे की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।

“पहले चेताया था, अब लाश उठी”

ग्रामीणों का आरोप है कि यह गड्ढा पशुचर भूमि पर है, जहां सालों से धड़ल्ले से मिट्टी निकाली जाती रही। कभी प्राधिकरण ने, कभी ग्रामीणों ने। बारिश और नालियों का पानी भरता गया और यह जगह मौत का कुंड बन गई।ग्रामीणों ने कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से तारबंदी की मांग की थी। हादसे की आशंका जताई गई थी, लेकिन फाइलें चलती रहीं—जमीन पर कुछ नहीं हुआ।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता सिस्टम

हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया। सदर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल के बाद रविवार को उप जिलाधिकारी आशुतोष गुप्ता मौके पर पहुंचे। प्राधिकरण की टीम भी आई—लेकिन जवाब वही पुराना।
प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने कहा कि यह गड्ढा खसरा संख्या 373 की निजी भूमि पर है, इसलिए प्राधिकरण सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता। यानी जमीन निजी हो तो मासूम की जान भी निजी जिम्मेदारी?
उधर सुधीर सिंह, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा ने कहा कि परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।

बड़ा सवाल

क्या शिकायत से पहले किसी मासूम की मौत जरूरी है? अगर हादसे की आशंका पहले जताई गई थी तो प्रशासन ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए? और अगर जमीन निजी थी, तो सार्वजनिक सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?देवांश की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन सुरक्षा की फाइलें अब भी धीमी।
क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति ने लगाया कांवड़ सेवा शिविर, शिवभक्तों की सेवा में उमड़ा जनसैलाब
मेरठ। बहसूमा। रामराज।
फाल्गुन माह की शिवरात्रि के पावन अवसर पर फिरोजपुर सिद्ध पीठ शिव मंदिर परिसर में क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति द्वारा भव्य कांवड़ सेवा शिविर का आयोजन किया गया। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों एवं शिवभक्त श्रद्धालुओं ने शिविर में विश्राम कर सेवा भाव से तैयार हलवा, चाय, व्रत आलू तथा आलू-पूड़ी का प्रसाद ग्रहण किया।

शिविर में सेवा कार्यों का संचालन समिति अध्यक्ष पंडित विधि चन्द शर्मा के नेतृत्व में किया गया। कोषाध्यक्ष विपुल राम शर्मा, शिक्षक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष पंडित पुनीत कुमार शर्मा, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष पंडित सत्येंद्र कुमार शर्मा, विद्युत प्रकोष्ठ अध्यक्ष वैष्णो दयाल शर्मा, मंत्री जितेंद्र शर्मा तथा मीडिया प्रभारी संदीप शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता सेवा में जुटे रहे।
कार्यक्रम में डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रवीण गौतम, अमित शर्मा, आदेश शर्मा, दीपक शर्मा, रमेश चंद शर्मा, दीनू प्रसाद शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, रामानंद शर्मा, मेजर सूबेदार विपिन भारद्वाज, गंगे पंडित, सुनील शर्मा, अर्पित शर्मा, नरेश शर्मा, जितेंद्र फौजी, जोगिंदर शर्मा, अनु शर्मा, श्रीनिवास शर्मा, मदन शर्मा, मोनू पंडित, रामकुमार शर्मा, उमेश शर्मा, प्रदीप शर्मा, हर्ष शर्मा समेत बड़ी संख्या में ब्राह्मण बंधु उपस्थित रहे।

श्रद्धालुओं ने समिति के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे धर्म और समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। बहसूमा क्षेत्र में लगातार लग रहे कांवड़ सेवा शिविरों की कड़ी में यह आयोजन भी अत्यंत महत्वपूर्ण. और सफल रहा
ममता सरकार के 7 अधिकारियों को चुनाव आयोग ने किया संस्पेंड, जानें क्या है वजह?

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पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन लिया है। चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह एक्‍शन SIR (मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़ा हुआ है।

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चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी सरकार यानी पश्चिम बंगाल के 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई एसआईआर के संबंध में गंभीर गलत काम, ड्यूटी में लापरवाही और कानूनी शक्तियों के गलत इस्तेमाल के लिए की गई है। आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए यह सख्त कदम उठाया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को खास निर्देश

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उनके अपने कैडर द्वारा तत्काल विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी बिना किसी देरी के उसे उपलब्ध कराई जाए।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

ईसीआई ने जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नामों की लिस्ट भी सामने आ गई है। ये नाम AERO, डॉक्टर सेफौर रहमान, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर, 56-समसेरगंज असेंबली सीट, जिला मुर्शिदाबाद। नीतीश दास, रेवेन्यू ऑफिसर, फरक्का और 55-फरक्का असेंबली सीट के लिए AERO पर तैनात थे। AERO, दलिया रे चौधरी, महिला डेवलपमेंट ऑफिस, मयनागुड़ी डेवलपमेंट ब्लॉक और AERO, 16-मयनागुड़ी असेंबली सीट, एसके. मुर्शिद आलम, ADA, सुती ब्लॉक और AERO 57-सुती विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। सत्यजीत दास, संयुक्त BDO और जॉयदीप कुंडू, FEO दोनों AERO 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। देबाशीष बिस्वास, संयुक्त BDO और AERO 229-डेबरा विधानसभा क्षेत्र के लिए के काम करते थे।

चुनाव से पहले आयोग सख्त

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय और भी अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में आने वाले कुछ सप्‍ताह में विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान हो सकता है। उससे पहले चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है।

झारखंड में जल्द होगी 3,451 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति |

Ranchi | 18-11-2025: प्रदेश में मई 2026 तक 3,451 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति कर ली जाएगी। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग जल्द ही विज्ञापन निकालकर आवेदन आमंत्रित करेगा। इसके बाद चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अगले मार्च में परीक्षा लेने के बाद मई तक रिजल्ट जारी कर चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। झारखंड हाई कोर्ट से मिली हरी झंडी के बाद प्रशिक्षित विशेष सहायक शिक्षकों की नियुक्ति मामले में आ रही बाधा दूर हो गई है। इधर, झारखंड कोर्ट के आदेश के बाद जेएसएससी जल्द ही विज्ञापन जारी करने की तैयारी में है।



कवाल में भव्य हिंदू सम्मेलन संपन्न: "संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण से ही राष्ट्र का उत्थान संभव--स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज शुक्रत

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

जानसठ । गांव कवाल के श्री गोपाल मंदिर (कुटिया) प्रांगण में 'हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति' द्वारा एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।

रविवार को गांव कव्वाल में आयोजित हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया कार्यक्रम से पूर्व गांव कव्वाल के मुख्य मार्गों से बैंड बाजे के साथ निकाली गई भव्य कलश यात्रा जिसका जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया , जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालुओं ने सहभागिता  रही। आयोजित सम्मेलन के मुख्य वक्ता, विभाग प्रचारक भूपेंद्र जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि भारत की संस्कृति परोपकार और त्याग की नींव पर टिकी है। उन्होंने 'विद्या भारती' और 'कल्याण आश्रम' जैसे संगठनों का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज को बदलने के लिए व्यक्ति का स्वयं बदलना आवश्यक है। उन्होंने वर्तमान चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि--

आज हमारी भाषा, इतिहास और संस्कारों को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। हमें पश्चिमी देशों की 'लिव-इन' जैसी विकृतियों को त्याग कर अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। यदि हम अपनी भाषा और इतिहास को छोड़ देंगे, तो हमारा अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा।"

उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध कड़ा संदेश देते हुए कहा कि स्वधर्म का पालन ही सबसे श्रेष्ठ है। उन्होंने पूर्वजों के बलिदानों को याद दिलाते हुए युवाओं का आह्वान किया कि वे मनोरंजन के नाम पर अपनी संस्कृति का अपमान करने वाली फिल्मों के बजाय राष्ट्रभक्ति से प्रेरित इतिहास को जानें। उन्होंने कहा कि थोड़े से लालच में आकर अपना धर्म बदलना पूर्वजों के बलिदान का अपमान है। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने समाज को एकजुट रहने पर बल दिया और अपने बच्चों को सरस्वती शिशु मंदिर जैसे विद्यालयों में भेजें, जहाँ शिक्षा के साथ तिलक और संस्कारों का मान रखा जाता है। संगठन को मजबूत करने के लिए समाज की शक्ति के जागरण के लिए संघ की शाखाओं से जुड़ें। मोबाइल की लत से बिगड़ती व्यवस्था को सुधारें और गलत संगत से परिवारों को बचाएं।धार्मिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि सप्ताह में कम से कम एक बार सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। सामाजिक समरसता को लेकर उन्होंने कहा कि श्मशान और गंगा घाट एक हैं, तो समाज में भेदभाव कैसा? हमें साथ मिलकर भोजन और संस्कारों पर ध्यान देना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल ने की तथा कार्यक्रम का संचालन अभिषेक शर्मा के द्वारा बड़े ही अच्छे तरीके से किया। तथा तालिया की गड़गड़ाहट लगातार बजती रही। इस दौरान अनेक वक्ताओं ने अपने ओजस्वी भाषण से कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज (हनुमद्धाम, शुक्लतीर्थ) ने कहा देश शताब्दी वर्ष पूरा करने जा रहा है जिसको लेकर जगह-जगह हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है उन्होंने इस सम्मेलन के द्वारा हिंदू चेतना को जागृत होना बताया तथा उन्होंने कहा  देश  विश्व गुरु बनने की ओर बढ़ रहा है और जब हिंदू चेतना जागृत होगी तो अवश्य ही देश विश्व गुरु बनेगा।

सम्मेलन के अंत में संकल्प लिया गया कि समाज में गद्दारों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है और "भारत माता की जय" के उद्घोष के साथ हिंदू समाज ने अपनी एकता का परिचय दिया। इस दौरान मुख्य रूप से उदय जी विभाग संपर्क प्रमुख गोपाल सेवानंद बाई जी पूर्व ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह सैनी शशिकांत राजवंशी नवीन सैनी गौरव जैन नितिन कंबोज पंचमुखी महादेव गढ़ी अध्यक्ष शनि अंकुर राजवंशी सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष मौजूद रहे।

23 फरवरी को गढ़वा जिले के तीनों नगर निकायों में मतदान, सार्वजनिक अवकाश घोषित - उपायुक्त

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गढ़वा:- राज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्ड, राँची द्वारा निर्गत आदेश के आलोक में गढ़वा जिला अंतर्गत तीनों नगर निकायों में नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 संपन्न कराया जाना है।

वहीं जिला निर्वाचन पदाधिकारी(नगरपालिका)-सह-उपायुक्त दिनेश यादव द्वारा जारी आदेश के अनुसार गढ़वा नगर परिषद (वर्ग-ख), श्री बंशीधरनगर नगर पंचायत एवं मझिआंव नगर पंचायत में अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद पद हेतु मतदान दिनांक 23 फरवरी 2026 (सोमवार) को प्रातः 7:00 बजे से अपराह्न 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।

वहीं कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड, रांची की अधिसूचना के अनुसार नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 के अवसर पर गढ़वा जिला के उपर्युक्त सभी नगर निकाय क्षेत्रों में दिनांक 23 फरवरी 2026 को निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 की धारा 25 के अंतर्गत सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। अतः संबंधित नगर निकाय क्षेत्रों में अवस्थित सभी सरकारी कार्यालय/सार्वजनिक प्रतिष्ठान उक्त तिथि को बंद रहेंगे।

वहीं उपायुक्त ने आम मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में उत्साहपूर्वक भाग लें तथा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करें।।

आरोग्यम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 26 वर्षीय युवती के गर्भाशय से बड़ा ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया

हजारीबाग - चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए शहर के प्रसिद्ध आरोग्यम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बरही निवासी 26 वर्षीय अविवाहित युवती के गर्भाशय से बड़े ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। यह जटिल सर्जरी अस्पताल के अनुभवी लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. बी. एन. प्रसाद द्वारा संपन्न की गई। सर्जरी को अत्यंत सावधानी और तकनीकी दक्षता के साथ पूरा किया गया, जिससे मरीज का गर्भाशय सुरक्षित रखा जा सका। परिजनों के अनुसार युवती को पिछले लगभग 15 दिनों से लगातार पेट दर्द और भारीपन की शिकायत थी। साथ ही बीते 8 महीनों से मासिक धर्म में अनियमितता और कठिनाई भी हो रही थी। प्रारंभ में सामान्य समस्या समझकर इलाज कराया गया, लेकिन दर्द अचानक बढ़ने और पेट के निचले हिस्से में सूजन महसूस होने पर उसे तत्काल अस्पताल लाया गया। अस्पताल में की गई विस्तृत जांच अल्ट्रासाउंड और अन्य आवश्यक परीक्षणों में पाया गया कि मरीज के निचले पेट में नाभि (अम्बिलिकस) तक एक बड़ी गांठ (लंप) मौजूद है। जांच में गर्भाशय में बड़े आकार के ट्यूमर की पुष्टि हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।

सर्जरी के बाद डॉ. बी. एन. प्रसाद ने बताया कि मरीज को एक महिला चिकित्सक द्वारा मेरे पास रेफर किया गया था। निचले पेट में नाभि तक गांठ थी और पिछले कई महीनों से मासिक धर्म में परेशानी हो रही थी। मरीज की उम्र कम होने के कारण गर्भाशय को सुरक्षित रखना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। अत्यंत सावधानीपूर्वक ऑपरेशन कर ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। ट्यूमर को आगे की पुष्टि के लिए हिस्टोपैथोलॉजी जांच हेतु भेजा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर सही जांच और विशेषज्ञ सर्जरी से ऐसे मामलों में मरीज का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। देर करने से स्थिति और जटिल हो सकती थी। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर है। उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है। चिकित्सकों ने बताया कि आने वाले दिनों में रिपोर्ट आने के बाद आगे की चिकित्सा प्रक्रिया तय की जाएगी। अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय और आधुनिक चिकित्सा सुविधा यहीं उपलब्ध हो। हमारी विशेषज्ञ टीम जटिल सर्जरी को भी सफलतापूर्वक करने में सक्षम है। यह सफलता पूरे अस्पताल परिवार के लिए गर्व की बात है। अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है। लंबे समय तक पेट दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव, मासिक धर्म में असामान्यता या पेट में गांठ जैसी समस्या को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही उपचार से बड़ी सर्जरी भी सुरक्षित रूप से की जा सकती है। अस्पताल प्रबंधन ने आमजन, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें, ताकि गंभीर बीमारियों का समय रहते उपचार संभव हो सके।

उत्तर प्रदेश में ‘साथी पोर्टल’ के द्वितीय चरण के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न



* मास्टर ट्रेनर्स ने बीज विक्रेताओं व अधिकारियों को दिया तकनीकी प्रशिक्षण, अप्रैल से पोर्टल के माध्यम से ही होगा बीज व्यवसाय



लखनऊ। भारत सरकार द्वारा विकसित ‘साथी पोर्टल’ के द्वितीय चरण को उत्तर प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में दो दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि निदेशालय, लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने पोर्टल के तकनीकी पहलुओं तथा संचालन संबंधी बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बीज व्यवसाय को पारदर्शी बनाना और डिजिटल माध्यम से किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के वरिष्ठ तकनीकी सहायक (सीड) डॉ. सोनू कुमार चौधरी, वरिष्ठ निदेशक (आईटी) एनआईसी श्रीमती अर्चना एवं अविनाश, विजय कुमार पेडगाँवकर तथा संयुक्त निदेशक निलाद्रि बिहारी मोहंती ने प्रतिभागियों को पोर्टल की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।

इस अवसर पर महाराष्ट्र कृषि विभाग की उप कृषि निदेशक डॉ. प्रीति सवाईराम ने महाराष्ट्र में ‘साथी पोर्टल’ के सफल क्रियान्वयन का अनुभव साझा करते हुए इसके विभिन्न चरणों और लाभों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र), उप कृषि निदेशक (प्रक्षेत्र) सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन बीज उत्पादक संस्थाओं, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), निजी बीज कंपनियों एवं फर्मों को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि दूसरे दिन जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारियों तथा थोक एवं फुटकर बीज विक्रेताओं को तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिनिधि अपने-अपने जनपदों में मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य डीलरों एवं वितरकों को प्रशिक्षित करेंगे। विभाग द्वारा सभी बीज विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि आगामी अप्रैल माह से बीज व्यवसाय का संचालन अनिवार्य रूप से ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से ही किया जाए।

* क्या है ‘साथी (SATHI) पोर्टल’?
‘साथी’ (सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसेबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंटरी) भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह बीज के उत्पादन, प्रमाणीकरण और वितरण की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक करता है, जिससे नकली बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगती है। किसान बीज के पैकेट पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन कर बीज के स्रोत, उत्पादक एजेंसी और उसकी शुद्धता की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह पोर्टल बिचौलियों की भूमिका को कम करते हुए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने तथा देश में बीज की उपलब्धता की सटीक निगरानी सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा।
गढ़वा निकाय चुनाव: कंचन जायसवाल के पक्ष में 'मेन रोड' में शक्ति प्रदर्शन, व्यापारियों से मांगा समर्थन।

नगर निकाय चुनाव की गहमागहमी के बीच भाजपा समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल के प्रचार ने जोर पकड़ लिया है। रविवार को बिनोद जायसवाल उर्फ नेता जी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गढ़वा शहर के मुख्य मार्ग (मेन रोड) पर सघन जनसंपर्क अभियान चलाया।

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प्रमुख गतिविधियां: * व्यापारियों से संवाद: अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने व्यवसायियों से मुलाकात की और कंचन जायसवाल को क्रम संख्या 5 'बेंच छाप' पर वोट देकर विजयी बनाने की अपील की।

विकास का वादा: बिनोद जायसवाल ने कहा कि शहर में वर्षों से नाली, सड़क और सुरक्षा जैसे बुनियादी विकास कार्य ठप पड़े हैं। हमारी प्राथमिकता शहर में स्वच्छ वातावरण तैयार करना और विकास को धरातल पर उतारना है।

जनता का समर्थन: नेता जी ने दावा किया कि क्षेत्र की जनता भ्रष्टाचार और निष्क्रियता से तंग आ चुकी है और इस बार भाजपा समर्थित प्रत्याशी को अपार समर्थन मिल रहा है।

उपस्थिति: इस अभियान में भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुशवाहा, विनय चौबे, डॉ. लाल मोहन, सूरज गुप्ता, संतोष दुबे, अरविंद तूफानी, रितेश चौबे, अभिषेक कश्यप और शुभम गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल थे।

उत्तर भारत का आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम 80% तैयार, इमर्सिव लर्निंग होगा मुख्य आकर्षण

* ब्रज क्षेत्र को मिलेगी नई वैश्विक पहचान, ‘वेदों की ओर लौटो’ का देगा संदेश: मंत्री जयवीर सिंह

लखनऊ/आगरा। उत्तर भारत का पहला आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूजियम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज में 24.45 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लगभग 80 प्रतिशत तैयार हो चुका है। नई तकनीकों से सुसज्जित यह संग्रहालय इतिहास को केवल प्रदर्शित नहीं करेगा, बल्कि इमर्सिव लर्निंग, विज़ुअल स्टोरीटेलिंग और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से उसे जीवंत अनुभव में बदलेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने हाल ही में समीक्षा बैठक के दौरान निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह म्यूज़ियम ब्रज क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।

* विज़ुअल स्टोरीटेलिंग में सजेगा आर्य इतिहास
मंत्री ने बताया कि म्यूज़ियम में स्थापना काल, संस्थापक व स्थानीय नेताओं का योगदान, स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका, सिद्धांत व विचारधारा, योग की प्रासंगिकता और वर्तमान समय में इसकी आवश्यकता जैसे विभिन्न थीम आधारित जोन विकसित किए गए हैं। यहां इतिहास को डिजिटल तकनीक के जरिए रोचक और सरल ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि हर आयु वर्ग का व्यक्ति इसे सहज रूप से समझ सके।
म्यूज़ियम परिसर में ऑडिटोरियम, मल्टीपर्पज हॉल, एम्फीथिएटर, हेलीपैड और फायर फाइटिंग सिस्टम का ढांचा तैयार हो चुका है। अधिकांश स्थानों पर फिनिशिंग कार्य जारी है। बाहरी विद्युतीकरण, ट्यूबवेल, अंडरग्राउंड सम्प का कार्य प्रगति पर है, जबकि सीसी रोड, हॉर्टिकल्चर, तालाब विकास, फ्लोटिंग मल्टीमीडिया और सीसीटीवी जैसी सुविधाओं का काम शीघ्र शुरू किया जाएगा।

* सत्य, धर्म और सेवा के पाँच पिलर

म्यूज़ियम में आगंतुकों को पांच मूल सिद्धांतों से परिचित कराया जाएगा—
1. ईश्वर ही सच्चे ज्ञान का स्रोत है।
2. वेद सही जीवन पथ का मार्गदर्शन करते हैं।
3. सत्य और धर्म का पालन जीवन का आधार है।
4. समस्त मानवता की उन्नति हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
5. सभी के प्रति प्रेम, सम्मान और न्याय का भाव रखना चाहिए।
ये सिद्धांत समाज में सेवा, समानता और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देंगे।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अब केवल ताजमहल ही नहीं, बल्कि यह म्यूज़ियम भी आगरा और ब्रज क्षेत्र की पहचान को नया आयाम देगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अतीत की विरासत और भविष्य की संभावनाओं के बीच एक सेतु का कार्य करेगी।
आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक विचारधारा का जीवंत प्रतीक होगा। आर्य समाज द्वारा दिए गए “वेदों की ओर लौटो” के संदेश को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का यह एक अभिनव प्रयास है। यह संग्रहालय शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रभावना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लापरवाही का गड्ढा, सिस्टम का मौन: ग्रेटर नोएडा में 3 साल के देवांश की डूबकर मौत
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक बार फिर सिस्टम की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। गांव दलेलगढ़ में तीन साल का देवांश उस गड्ढे में डूब गया, जिसे लेकर महीनों से हादसे की चेतावनी दी जा रही थी—लेकिन न प्रशासन जागा, न प्राधिकरण।एक महीने के भीतर यह तीसरी दर्दनाक घटना है। पहले नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता, फिर दिल्ली में कमल और अब ग्रेटर नोएडा में तीन साल का मासूम—सवाल वही है: आखिर कब भरे जाएंगे लापरवाही के ये गड्ढे?

धार्मिक आयोजन में मातम

देवांश अपने मामा के घर धार्मिक अनुष्ठान में आया था। बिलासपुर के पास दलेलगढ़ गांव में डालेश्वर बाबा की समाधि पर 41 दिन का अनुष्ठान चल रहा था। शनिवार को अंतिम दिन भंडारा था। इसी दौरान खेलते-खेलते देवांश छह से सात फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गया।काफी देर तक बच्चे का पता नहीं चला। तलाश के दौरान गड्ढे में पानी पर तैरती उसकी टोपी दिखी। ग्रामीण पानी में कूदे, बच्चे को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। कुछ ही मिनटों में भंडारे की खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं।

“पहले चेताया था, अब लाश उठी”

ग्रामीणों का आरोप है कि यह गड्ढा पशुचर भूमि पर है, जहां सालों से धड़ल्ले से मिट्टी निकाली जाती रही। कभी प्राधिकरण ने, कभी ग्रामीणों ने। बारिश और नालियों का पानी भरता गया और यह जगह मौत का कुंड बन गई।ग्रामीणों ने कई बार ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से तारबंदी की मांग की थी। हादसे की आशंका जताई गई थी, लेकिन फाइलें चलती रहीं—जमीन पर कुछ नहीं हुआ।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता सिस्टम

हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया। सदर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, लेखपाल के बाद रविवार को उप जिलाधिकारी आशुतोष गुप्ता मौके पर पहुंचे। प्राधिकरण की टीम भी आई—लेकिन जवाब वही पुराना।
प्राधिकरण के जीएम एके सिंह ने कहा कि यह गड्ढा खसरा संख्या 373 की निजी भूमि पर है, इसलिए प्राधिकरण सीधे कार्रवाई नहीं कर सकता। यानी जमीन निजी हो तो मासूम की जान भी निजी जिम्मेदारी?
उधर सुधीर सिंह, एडीसीपी ग्रेटर नोएडा ने कहा कि परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी।

बड़ा सवाल

क्या शिकायत से पहले किसी मासूम की मौत जरूरी है? अगर हादसे की आशंका पहले जताई गई थी तो प्रशासन ने समय रहते कदम क्यों नहीं उठाए? और अगर जमीन निजी थी, तो सार्वजनिक सुरक्षा किसकी जिम्मेदारी है?देवांश की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार तेज है, लेकिन सुरक्षा की फाइलें अब भी धीमी।
क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति ने लगाया कांवड़ सेवा शिविर, शिवभक्तों की सेवा में उमड़ा जनसैलाब
मेरठ। बहसूमा। रामराज।
फाल्गुन माह की शिवरात्रि के पावन अवसर पर फिरोजपुर सिद्ध पीठ शिव मंदिर परिसर में क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति द्वारा भव्य कांवड़ सेवा शिविर का आयोजन किया गया। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर लौटे कांवड़ियों एवं शिवभक्त श्रद्धालुओं ने शिविर में विश्राम कर सेवा भाव से तैयार हलवा, चाय, व्रत आलू तथा आलू-पूड़ी का प्रसाद ग्रहण किया।

शिविर में सेवा कार्यों का संचालन समिति अध्यक्ष पंडित विधि चन्द शर्मा के नेतृत्व में किया गया। कोषाध्यक्ष विपुल राम शर्मा, शिक्षक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष पंडित पुनीत कुमार शर्मा, व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष पंडित सत्येंद्र कुमार शर्मा, विद्युत प्रकोष्ठ अध्यक्ष वैष्णो दयाल शर्मा, मंत्री जितेंद्र शर्मा तथा मीडिया प्रभारी संदीप शर्मा सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता सेवा में जुटे रहे।
कार्यक्रम में डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रवीण गौतम, अमित शर्मा, आदेश शर्मा, दीपक शर्मा, रमेश चंद शर्मा, दीनू प्रसाद शर्मा, नवीन कुमार शर्मा, रामानंद शर्मा, मेजर सूबेदार विपिन भारद्वाज, गंगे पंडित, सुनील शर्मा, अर्पित शर्मा, नरेश शर्मा, जितेंद्र फौजी, जोगिंदर शर्मा, अनु शर्मा, श्रीनिवास शर्मा, मदन शर्मा, मोनू पंडित, रामकुमार शर्मा, उमेश शर्मा, प्रदीप शर्मा, हर्ष शर्मा समेत बड़ी संख्या में ब्राह्मण बंधु उपस्थित रहे।

श्रद्धालुओं ने समिति के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए इसे धर्म और समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। बहसूमा क्षेत्र में लगातार लग रहे कांवड़ सेवा शिविरों की कड़ी में यह आयोजन भी अत्यंत महत्वपूर्ण. और सफल रहा
ममता सरकार के 7 अधिकारियों को चुनाव आयोग ने किया संस्पेंड, जानें क्या है वजह?

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पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन लिया है। चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह एक्‍शन SIR (मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़ा हुआ है।

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चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी सरकार यानी पश्चिम बंगाल के 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई एसआईआर के संबंध में गंभीर गलत काम, ड्यूटी में लापरवाही और कानूनी शक्तियों के गलत इस्तेमाल के लिए की गई है। आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए यह सख्त कदम उठाया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को खास निर्देश

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उनके अपने कैडर द्वारा तत्काल विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी बिना किसी देरी के उसे उपलब्ध कराई जाए।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

ईसीआई ने जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नामों की लिस्ट भी सामने आ गई है। ये नाम AERO, डॉक्टर सेफौर रहमान, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर, 56-समसेरगंज असेंबली सीट, जिला मुर्शिदाबाद। नीतीश दास, रेवेन्यू ऑफिसर, फरक्का और 55-फरक्का असेंबली सीट के लिए AERO पर तैनात थे। AERO, दलिया रे चौधरी, महिला डेवलपमेंट ऑफिस, मयनागुड़ी डेवलपमेंट ब्लॉक और AERO, 16-मयनागुड़ी असेंबली सीट, एसके. मुर्शिद आलम, ADA, सुती ब्लॉक और AERO 57-सुती विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। सत्यजीत दास, संयुक्त BDO और जॉयदीप कुंडू, FEO दोनों AERO 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। देबाशीष बिस्वास, संयुक्त BDO और AERO 229-डेबरा विधानसभा क्षेत्र के लिए के काम करते थे।

चुनाव से पहले आयोग सख्त

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय और भी अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में आने वाले कुछ सप्‍ताह में विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान हो सकता है। उससे पहले चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है।

झारखंड में जल्द होगी 3,451 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति |

Ranchi | 18-11-2025: प्रदेश में मई 2026 तक 3,451 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति कर ली जाएगी। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग जल्द ही विज्ञापन निकालकर आवेदन आमंत्रित करेगा। इसके बाद चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अगले मार्च में परीक्षा लेने के बाद मई तक रिजल्ट जारी कर चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। झारखंड हाई कोर्ट से मिली हरी झंडी के बाद प्रशिक्षित विशेष सहायक शिक्षकों की नियुक्ति मामले में आ रही बाधा दूर हो गई है। इधर, झारखंड कोर्ट के आदेश के बाद जेएसएससी जल्द ही विज्ञापन जारी करने की तैयारी में है।



कवाल में भव्य हिंदू सम्मेलन संपन्न: "संस्कृति और संस्कारों के संरक्षण से ही राष्ट्र का उत्थान संभव--स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज शुक्रत

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

जानसठ । गांव कवाल के श्री गोपाल मंदिर (कुटिया) प्रांगण में 'हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति' द्वारा एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया।

रविवार को गांव कव्वाल में आयोजित हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया कार्यक्रम से पूर्व गांव कव्वाल के मुख्य मार्गों से बैंड बाजे के साथ निकाली गई भव्य कलश यात्रा जिसका जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया , जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और श्रद्धालुओं ने सहभागिता  रही। आयोजित सम्मेलन के मुख्य वक्ता, विभाग प्रचारक भूपेंद्र जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि भारत की संस्कृति परोपकार और त्याग की नींव पर टिकी है। उन्होंने 'विद्या भारती' और 'कल्याण आश्रम' जैसे संगठनों का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज को बदलने के लिए व्यक्ति का स्वयं बदलना आवश्यक है। उन्होंने वर्तमान चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि--

आज हमारी भाषा, इतिहास और संस्कारों को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। हमें पश्चिमी देशों की 'लिव-इन' जैसी विकृतियों को त्याग कर अपनी जड़ों की ओर लौटना होगा। यदि हम अपनी भाषा और इतिहास को छोड़ देंगे, तो हमारा अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा।"

उन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध कड़ा संदेश देते हुए कहा कि स्वधर्म का पालन ही सबसे श्रेष्ठ है। उन्होंने पूर्वजों के बलिदानों को याद दिलाते हुए युवाओं का आह्वान किया कि वे मनोरंजन के नाम पर अपनी संस्कृति का अपमान करने वाली फिल्मों के बजाय राष्ट्रभक्ति से प्रेरित इतिहास को जानें। उन्होंने कहा कि थोड़े से लालच में आकर अपना धर्म बदलना पूर्वजों के बलिदान का अपमान है। सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने समाज को एकजुट रहने पर बल दिया और अपने बच्चों को सरस्वती शिशु मंदिर जैसे विद्यालयों में भेजें, जहाँ शिक्षा के साथ तिलक और संस्कारों का मान रखा जाता है। संगठन को मजबूत करने के लिए समाज की शक्ति के जागरण के लिए संघ की शाखाओं से जुड़ें। मोबाइल की लत से बिगड़ती व्यवस्था को सुधारें और गलत संगत से परिवारों को बचाएं।धार्मिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि सप्ताह में कम से कम एक बार सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें। सामाजिक समरसता को लेकर उन्होंने कहा कि श्मशान और गंगा घाट एक हैं, तो समाज में भेदभाव कैसा? हमें साथ मिलकर भोजन और संस्कारों पर ध्यान देना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनिल ने की तथा कार्यक्रम का संचालन अभिषेक शर्मा के द्वारा बड़े ही अच्छे तरीके से किया। तथा तालिया की गड़गड़ाहट लगातार बजती रही। इस दौरान अनेक वक्ताओं ने अपने ओजस्वी भाषण से कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी विज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज (हनुमद्धाम, शुक्लतीर्थ) ने कहा देश शताब्दी वर्ष पूरा करने जा रहा है जिसको लेकर जगह-जगह हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है उन्होंने इस सम्मेलन के द्वारा हिंदू चेतना को जागृत होना बताया तथा उन्होंने कहा  देश  विश्व गुरु बनने की ओर बढ़ रहा है और जब हिंदू चेतना जागृत होगी तो अवश्य ही देश विश्व गुरु बनेगा।

सम्मेलन के अंत में संकल्प लिया गया कि समाज में गद्दारों और राष्ट्रविरोधी तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है और "भारत माता की जय" के उद्घोष के साथ हिंदू समाज ने अपनी एकता का परिचय दिया। इस दौरान मुख्य रूप से उदय जी विभाग संपर्क प्रमुख गोपाल सेवानंद बाई जी पूर्व ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह सैनी शशिकांत राजवंशी नवीन सैनी गौरव जैन नितिन कंबोज पंचमुखी महादेव गढ़ी अध्यक्ष शनि अंकुर राजवंशी सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष मौजूद रहे।

23 फरवरी को गढ़वा जिले के तीनों नगर निकायों में मतदान, सार्वजनिक अवकाश घोषित - उपायुक्त

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गढ़वा:- राज्य निर्वाचन आयोग, झारखण्ड, राँची द्वारा निर्गत आदेश के आलोक में गढ़वा जिला अंतर्गत तीनों नगर निकायों में नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 संपन्न कराया जाना है।

वहीं जिला निर्वाचन पदाधिकारी(नगरपालिका)-सह-उपायुक्त दिनेश यादव द्वारा जारी आदेश के अनुसार गढ़वा नगर परिषद (वर्ग-ख), श्री बंशीधरनगर नगर पंचायत एवं मझिआंव नगर पंचायत में अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद पद हेतु मतदान दिनांक 23 फरवरी 2026 (सोमवार) को प्रातः 7:00 बजे से अपराह्न 5:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।

वहीं कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड, रांची की अधिसूचना के अनुसार नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 के अवसर पर गढ़वा जिला के उपर्युक्त सभी नगर निकाय क्षेत्रों में दिनांक 23 फरवरी 2026 को निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 की धारा 25 के अंतर्गत सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। अतः संबंधित नगर निकाय क्षेत्रों में अवस्थित सभी सरकारी कार्यालय/सार्वजनिक प्रतिष्ठान उक्त तिथि को बंद रहेंगे।

वहीं उपायुक्त ने आम मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में उत्साहपूर्वक भाग लें तथा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने में प्रशासन का सहयोग करें।।

आरोग्यम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में 26 वर्षीय युवती के गर्भाशय से बड़ा ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया

हजारीबाग - चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए शहर के प्रसिद्ध आरोग्यम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ने बरही निवासी 26 वर्षीय अविवाहित युवती के गर्भाशय से बड़े ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। यह जटिल सर्जरी अस्पताल के अनुभवी लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. बी. एन. प्रसाद द्वारा संपन्न की गई। सर्जरी को अत्यंत सावधानी और तकनीकी दक्षता के साथ पूरा किया गया, जिससे मरीज का गर्भाशय सुरक्षित रखा जा सका। परिजनों के अनुसार युवती को पिछले लगभग 15 दिनों से लगातार पेट दर्द और भारीपन की शिकायत थी। साथ ही बीते 8 महीनों से मासिक धर्म में अनियमितता और कठिनाई भी हो रही थी। प्रारंभ में सामान्य समस्या समझकर इलाज कराया गया, लेकिन दर्द अचानक बढ़ने और पेट के निचले हिस्से में सूजन महसूस होने पर उसे तत्काल अस्पताल लाया गया। अस्पताल में की गई विस्तृत जांच अल्ट्रासाउंड और अन्य आवश्यक परीक्षणों में पाया गया कि मरीज के निचले पेट में नाभि (अम्बिलिकस) तक एक बड़ी गांठ (लंप) मौजूद है। जांच में गर्भाशय में बड़े आकार के ट्यूमर की पुष्टि हुई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।

सर्जरी के बाद डॉ. बी. एन. प्रसाद ने बताया कि मरीज को एक महिला चिकित्सक द्वारा मेरे पास रेफर किया गया था। निचले पेट में नाभि तक गांठ थी और पिछले कई महीनों से मासिक धर्म में परेशानी हो रही थी। मरीज की उम्र कम होने के कारण गर्भाशय को सुरक्षित रखना हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। अत्यंत सावधानीपूर्वक ऑपरेशन कर ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया। ट्यूमर को आगे की पुष्टि के लिए हिस्टोपैथोलॉजी जांच हेतु भेजा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर सही जांच और विशेषज्ञ सर्जरी से ऐसे मामलों में मरीज का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। देर करने से स्थिति और जटिल हो सकती थी। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर है। उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है। चिकित्सकों ने बताया कि आने वाले दिनों में रिपोर्ट आने के बाद आगे की चिकित्सा प्रक्रिया तय की जाएगी। अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को उच्च स्तरीय और आधुनिक चिकित्सा सुविधा यहीं उपलब्ध हो। हमारी विशेषज्ञ टीम जटिल सर्जरी को भी सफलतापूर्वक करने में सक्षम है। यह सफलता पूरे अस्पताल परिवार के लिए गर्व की बात है। अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है। लंबे समय तक पेट दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव, मासिक धर्म में असामान्यता या पेट में गांठ जैसी समस्या को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही उपचार से बड़ी सर्जरी भी सुरक्षित रूप से की जा सकती है। अस्पताल प्रबंधन ने आमजन, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें, ताकि गंभीर बीमारियों का समय रहते उपचार संभव हो सके।

उत्तर प्रदेश में ‘साथी पोर्टल’ के द्वितीय चरण के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न



* मास्टर ट्रेनर्स ने बीज विक्रेताओं व अधिकारियों को दिया तकनीकी प्रशिक्षण, अप्रैल से पोर्टल के माध्यम से ही होगा बीज व्यवसाय



लखनऊ। भारत सरकार द्वारा विकसित ‘साथी पोर्टल’ के द्वितीय चरण को उत्तर प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश की अध्यक्षता में दो दिवसीय विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि निदेशालय, लखनऊ में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञों और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने पोर्टल के तकनीकी पहलुओं तथा संचालन संबंधी बारीकियों की विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बीज व्यवसाय को पारदर्शी बनाना और डिजिटल माध्यम से किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम के दौरान भारत सरकार के वरिष्ठ तकनीकी सहायक (सीड) डॉ. सोनू कुमार चौधरी, वरिष्ठ निदेशक (आईटी) एनआईसी श्रीमती अर्चना एवं अविनाश, विजय कुमार पेडगाँवकर तथा संयुक्त निदेशक निलाद्रि बिहारी मोहंती ने प्रतिभागियों को पोर्टल की कार्यप्रणाली से अवगत कराया।

इस अवसर पर महाराष्ट्र कृषि विभाग की उप कृषि निदेशक डॉ. प्रीति सवाईराम ने महाराष्ट्र में ‘साथी पोर्टल’ के सफल क्रियान्वयन का अनुभव साझा करते हुए इसके विभिन्न चरणों और लाभों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अपर कृषि निदेशक (बीज एवं प्रक्षेत्र), उप कृषि निदेशक (प्रक्षेत्र) सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के प्रथम दिन बीज उत्पादक संस्थाओं, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), निजी बीज कंपनियों एवं फर्मों को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि दूसरे दिन जनपद स्तरीय विभागीय अधिकारियों तथा थोक एवं फुटकर बीज विक्रेताओं को तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिनिधि अपने-अपने जनपदों में मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य डीलरों एवं वितरकों को प्रशिक्षित करेंगे। विभाग द्वारा सभी बीज विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि आगामी अप्रैल माह से बीज व्यवसाय का संचालन अनिवार्य रूप से ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से ही किया जाए।

* क्या है ‘साथी (SATHI) पोर्टल’?
‘साथी’ (सीड ऑथेंटिकेशन, ट्रेसेबिलिटी एंड होलिस्टिक इन्वेंटरी) भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह बीज के उत्पादन, प्रमाणीकरण और वितरण की पूरी प्रक्रिया को ट्रैक करता है, जिससे नकली बीजों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगती है। किसान बीज के पैकेट पर अंकित क्यूआर कोड को स्कैन कर बीज के स्रोत, उत्पादक एजेंसी और उसकी शुद्धता की रियल-टाइम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह पोर्टल बिचौलियों की भूमिका को कम करते हुए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने तथा देश में बीज की उपलब्धता की सटीक निगरानी सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा।
गढ़वा निकाय चुनाव: कंचन जायसवाल के पक्ष में 'मेन रोड' में शक्ति प्रदर्शन, व्यापारियों से मांगा समर्थन।

नगर निकाय चुनाव की गहमागहमी के बीच भाजपा समर्थित प्रत्याशी कंचन जायसवाल के प्रचार ने जोर पकड़ लिया है। रविवार को बिनोद जायसवाल उर्फ नेता जी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने गढ़वा शहर के मुख्य मार्ग (मेन रोड) पर सघन जनसंपर्क अभियान चलाया।

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प्रमुख गतिविधियां: * व्यापारियों से संवाद: अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं ने व्यवसायियों से मुलाकात की और कंचन जायसवाल को क्रम संख्या 5 'बेंच छाप' पर वोट देकर विजयी बनाने की अपील की।

विकास का वादा: बिनोद जायसवाल ने कहा कि शहर में वर्षों से नाली, सड़क और सुरक्षा जैसे बुनियादी विकास कार्य ठप पड़े हैं। हमारी प्राथमिकता शहर में स्वच्छ वातावरण तैयार करना और विकास को धरातल पर उतारना है।

जनता का समर्थन: नेता जी ने दावा किया कि क्षेत्र की जनता भ्रष्टाचार और निष्क्रियता से तंग आ चुकी है और इस बार भाजपा समर्थित प्रत्याशी को अपार समर्थन मिल रहा है।

उपस्थिति: इस अभियान में भाजपा जिलाध्यक्ष उदय कुशवाहा, विनय चौबे, डॉ. लाल मोहन, सूरज गुप्ता, संतोष दुबे, अरविंद तूफानी, रितेश चौबे, अभिषेक कश्यप और शुभम गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल थे।

उत्तर भारत का आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम 80% तैयार, इमर्सिव लर्निंग होगा मुख्य आकर्षण

* ब्रज क्षेत्र को मिलेगी नई वैश्विक पहचान, ‘वेदों की ओर लौटो’ का देगा संदेश: मंत्री जयवीर सिंह

लखनऊ/आगरा। उत्तर भारत का पहला आधुनिक आर्य गुरुकुल म्यूजियम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। फिरोजाबाद जिले के सिरसागंज में 24.45 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लगभग 80 प्रतिशत तैयार हो चुका है। नई तकनीकों से सुसज्जित यह संग्रहालय इतिहास को केवल प्रदर्शित नहीं करेगा, बल्कि इमर्सिव लर्निंग, विज़ुअल स्टोरीटेलिंग और इंटरैक्टिव डिस्प्ले के माध्यम से उसे जीवंत अनुभव में बदलेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने हाल ही में समीक्षा बैठक के दौरान निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह म्यूज़ियम ब्रज क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।

* विज़ुअल स्टोरीटेलिंग में सजेगा आर्य इतिहास
मंत्री ने बताया कि म्यूज़ियम में स्थापना काल, संस्थापक व स्थानीय नेताओं का योगदान, स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका, सिद्धांत व विचारधारा, योग की प्रासंगिकता और वर्तमान समय में इसकी आवश्यकता जैसे विभिन्न थीम आधारित जोन विकसित किए गए हैं। यहां इतिहास को डिजिटल तकनीक के जरिए रोचक और सरल ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि हर आयु वर्ग का व्यक्ति इसे सहज रूप से समझ सके।
म्यूज़ियम परिसर में ऑडिटोरियम, मल्टीपर्पज हॉल, एम्फीथिएटर, हेलीपैड और फायर फाइटिंग सिस्टम का ढांचा तैयार हो चुका है। अधिकांश स्थानों पर फिनिशिंग कार्य जारी है। बाहरी विद्युतीकरण, ट्यूबवेल, अंडरग्राउंड सम्प का कार्य प्रगति पर है, जबकि सीसी रोड, हॉर्टिकल्चर, तालाब विकास, फ्लोटिंग मल्टीमीडिया और सीसीटीवी जैसी सुविधाओं का काम शीघ्र शुरू किया जाएगा।

* सत्य, धर्म और सेवा के पाँच पिलर

म्यूज़ियम में आगंतुकों को पांच मूल सिद्धांतों से परिचित कराया जाएगा—
1. ईश्वर ही सच्चे ज्ञान का स्रोत है।
2. वेद सही जीवन पथ का मार्गदर्शन करते हैं।
3. सत्य और धर्म का पालन जीवन का आधार है।
4. समस्त मानवता की उन्नति हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
5. सभी के प्रति प्रेम, सम्मान और न्याय का भाव रखना चाहिए।
ये सिद्धांत समाज में सेवा, समानता और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देंगे।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि अब केवल ताजमहल ही नहीं, बल्कि यह म्यूज़ियम भी आगरा और ब्रज क्षेत्र की पहचान को नया आयाम देगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अतीत की विरासत और भविष्य की संभावनाओं के बीच एक सेतु का कार्य करेगी।
आर्य गुरुकुल म्यूज़ियम केवल एक भवन नहीं, बल्कि एक विचारधारा का जीवंत प्रतीक होगा। आर्य समाज द्वारा दिए गए “वेदों की ओर लौटो” के संदेश को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का यह एक अभिनव प्रयास है। यह संग्रहालय शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रभावना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।