आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

...और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ

- कान्हा टाइगर रिजर्व में 150 साल बाद लौटा जंगली भैंसा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने छोड़ीं 4 वन भैंसें

- बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम, टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल



भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा और पर्यावरण संरक्षण के लिए 28 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैंसों को वन क्षेत्र में छोड़ा। इनमें एक नर और तीन मादा शामिल हैं। इन वन भैंसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाया गया है।

करीब 150 वर्षों बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के ईको-सिस्टम को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता बढ़ेगी और पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा और जंगलों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विलुप्त और संकटग्रस्त वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ है। भविष्य में गैंडे जैसे अन्य वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व पहले से ही देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। जंगली भैंसों के आने से पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

* वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बन रहा मध्यप्रदेश

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल, भेड़िया और गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। अब जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश की वन्यजीव विरासत और समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इस पहल का लाभ मिलेगा और मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

84 कोसीय परिक्रमा महंत, महासचिव एवं प्रधानाचार्य के द्वारा क्षेत्रीय पत्रकारों का किया गया सम्मान
रितेश मिश्रा
बेनीगंज  (हरदोई)। मंगलवार को लगभग 4:00 बजे बेनीगंज स्थित सीबीजी इंटर कॉलेज आफ साइंस कुर्सी रोड के प्रांगण में 84 कोशिय परिक्रमा समिति के महंत, महासचिव एवं प्रधानाचार्य के द्वारा उपस्थित संतो एवं क्षेत्रीय सम्मानित पत्रकार बंधुओ का सम्मान किया गया।
यह जानकारी कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष जनपद हरदोई एवं जनपद सीतापुर के नैमिषारण्य से 84 कोसीय परिक्रमा प्रारंभ होकर मिश्रित तीर्थ पर विश्राम लेती है। जिसमें क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ का इस परिक्रमा में विशेष योगदान एवं उत्कृष्ट कार्य रहता है। जिसके मद्देनजर रखते हुए 84 कोसीय परिक्रमा समिति के महासचिव संतोष दास खाकी ने क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ को स्मृति चिन्ह, माला, पेन, रामपटा एवं प्रसाद देकर सम्मानित करते हुए आशीर्वाद दिया।इसी कड़ी में उन्होंने कहा की पत्रकार देश का चतुर्थ स्तंभ है। जिनकी कलम की ताकत से परिक्रमा में प्रत्येक वर्ष अव्यवस्थाओं से व्यवस्थाएं परिवर्तित होती नजर आती हैं और शासन प्रशासन जाग उठता है।जिसमें पत्रकार बंधुओ की महती योगदान रहता है। उसी कड़ी में मंगलवार को 4:00 बजे सीबीजी इंटर कॉलेज आफ साइंस कुर्सी रोड बेनीगंज में समस्त क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह कार्यक्रम में आए हुए संत महात्माओं का स्वागत श्री तिवारी ने किया। उन्होंने संत महात्माओं के पधारने पर आशीर्वाद लेते हुए आभार प्रकट किया है।
इस मौके पर 84 कोसीय परिक्रमा समिति अध्यक्ष श्री श्री 1008 श्री महंत नन्हकू दास जी महाराज एवं पत्रकार बंधुओ में अरुणेश बाजपेई, संतोष मिश्रा, पुनीत मिश्रा, राजीव रंजन त्रिपाठी, पीयूष तिवारी,विमल त्रिपाठी,सुदेश शुक्ला,नरेंद्र शुक्ला, बुद्धसेन सोनी,रोहित मिश्रा, हिमांशु तिवारी, शुभम सोनी, पंकज सिंह सहित पड़ाव प्रमुख गिरधरपुर उमरारी दुर्गा शरण सोनी, महेंद्र प्रताप सिंह एवं समस्त विद्यालय स्टाफ मौके पर मौजूद रहे।
पुलिस महानिदेशक डॉ सदानंद दाते को भेंट की अपनी पुस्तकें
मुंबई।  हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकार ' पंडित मुरलीधर पांडेय ने एक मुलाक़ात के दौरान  ' महाराष्ट्र राज्य पुलिस मुख्यालय डीजीपी कार्यालय में राज्य के पुलिस महानिदेशक डॉ. सदानंद दाते को ' देश के साहित्यकारों में पंडित मुरलीधर पांडेय का व्यक्तित्व एवं कृतित्व, अभिनंदन-ग्रंथ ' संयोग प्रकाशन ' द्वारा प्रकाशित कई पुस्तकें भेंट स्वरूप दीं। इस अवसर पर साथ में मीरा-भाईंदर शहर के ' स्पेशल क्राइम रिपोर्टर ' व ' वरिष्ठ-पत्रकार ' सुभाष पांडेय उपस्थित रहे।
वि,हि,म,जिला अध्यक्ष ने वृद्ध आश्रम में मनाया अपना मनाया अपना विवाह दिवस

बलरामपुर 27 अप्रैल विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह व श्रीमती आरती देवी ने  वृद्ध आश्रम आबर मे वृद्ध जनों के बीच सेवा कर अपना 28 वा विवाह दिवस बड़े ही धूमधाम से सभी वृद्ध जनों एवं माताओ को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया इस अवसर पर वृद्ध जन माताएं व पुरुष सभी बहुत खुश दिखे जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने कहा कि हमें इनके बीच आने के बाद अपनापन महसूस होता है, उक्त कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीवन गुप्ता जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी जिला मीडिया प्रभारी जय सिंह प्रभु नाथ ने भी सेवा में योगदान किया।
झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धनबाद के 20 पुलिसकर्मियों का तबादला रद्द!


झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद जिले के 20 पुलिसकर्मियों के तबादला आदेश को रद्द कर दिया है. जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को यह समझना होगा कि तबादला एक नियमित प्रक्रिया और प्रशासनिक जरूरत हो सकता है, लेकिन इसका उपयोग किसी कर्मचारी को दंड देने के लिए ‘शॉर्टकट’ के रूप में नहीं किया जा सकता. अदालत ने पुलिस विभाग को आदेश दिया है कि इन सभी कर्मियों का योगदान उनके मूल स्थान (धनबाद) में तुरंत स्वीकार किया जाए.

सोमेश तिवारी बनाम भारत संघ मामले का दिया हवाला

अदालत ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध ‘सोमेश तिवारी बनाम भारत संघ’ मामले के कानूनी सिद्धांतों का उल्लेख किया. जस्टिस दीपक रोशन ने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ लापरवाही के आरोप हैं, तो विभाग को उचित विभागीय जांच (Departmental Inquiry) और अनुशासनिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए. जांच के बिना सीधे ट्रांसफर का आदेश देना और उसे ‘प्रशासनिक आवश्यकता’ का नाम देना कानूनी रूप से गलत और दुर्भावनापूर्ण है.

RTI ने खोली विभाग की पोल

सुनवाई के दौरान सूरज कुमार, अनुज कुमार सिंह, बलजीत कुमार और कौशल कुमार दुबे समेत 20 याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखते हुए बताया गया कि उन्हें 24 फरवरी को तबादला किया गया था और 11 मार्च को वर्तमान पद से मुक्त (Relieve) करने का आदेश दिया गया. विभाग ने इसे ‘प्रशासनिक जरूरत’ बताया था, लेकिन जब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, तो सच्चाई कुछ और निकली. आरटीआई के दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि धनबाद एसएसपी ने इन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही के आरोपों के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी. बिना किसी औपचारिक जांच या स्पष्टीकरण के किया गया यह तबादला पूरी तरह से दंडात्मक (Punitive) का था.

अधिकारियों को कड़ा संदेश

हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग दंड देने के लिए न करें. अदालत ने तबादला और पद से मुक्त करने के आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ताओं को राहत दी है. इस फैसले के बाद अब पुलिस महकमे के भीतर हलचल तेज है, क्योंकि यह आदेश भविष्य में उन अधिकारियों के लिए नजीर बनेगा जो बिना प्रक्रिया पूरी किए कर्मियों को इधर-उधर भेज देते हैं.

कर्नलगंज तहसील में अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना स्थगित, बार-बेंच विवाद समाप्त

कर्नलगंज, गोंडा। तहसील परिसर में बीते 27 फरवरी से चल रहा अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को प्रशासनिक आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। आंदोलन समाप्त होने से क्षेत्रीय जनता, वादकारियों और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से जारी धरने के कारण तहसील स्तर पर न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

बार एसोसिएशन कर्नलगंज के अध्यक्ष श्यामधर शुक्ल, मंत्री पवन कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ तिवारी ने बताया कि तहसील अधिकारियों की कार्यशैली और समस्याओं के समाधान में लापरवाही से अधिवक्ता, वादकारी तथा आम जनता प्रभावित हो रही थी। इसी के विरोध में 27 फरवरी से बार एसोसिएशन के बैनर तले धरना शुरू किया गया था।

मंगलवार को उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा की मौजूदगी में अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच वार्ता हुई। बैठक में अधिवक्ताओं द्वारा उठाई गई समस्याओं पर सकारात्मक चर्चा हुई और प्रशासन की ओर से शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद बार एसोसिएशन ने धरना अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।

धरना समाप्त होने के साथ ही बार और बेंच के बीच चला आ रहा गतिरोध भी खत्म हो गया है। तहसील परिसर में अब सामान्य कार्य व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है, जिससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।

स्थानीय नागरिकों और वादकारियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अब उनके जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे। वहीं अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि प्रशासन भविष्य में समस्याओं का समयबद्ध समाधान करेगा, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

*सात निकायों के 47 आर‌ओ में से 33 उगल रहे गरम पानी,आठ पड़े हैं बंद*

*साढ़े तीन करोड़ से सात निकायों में लगे वाटर कूलर का लाभ नहीं*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की सात निकायों में लगे 47 आर‌ओ मशीन में से आठ बंद पड़े हैं। वहीं 33 आर‌ओ ऐसे हैं। जिनसे गर्म पानी निकल रहे हैं। तीन आर‌ओ किसी तरह से ठंडा पानी दे रहें हैं। 44 डिग्री तापमान में वाटर कूलर से निकल रहे गरम पानी से लोगों की प्यास बुझानी मुश्किल हो रहा है। इन वाटर कूलरों पर नगर पंचायत ने सीढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च किया है। करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च करके 47 आर‌ओ प्लांट,वाटर कूलर,आर‌ओ मशीन लगाए गए थे। लेकिन निकायों में लगे आर‌ओ वाटर कूलर की हकीकत कुछ और ही है। भदोही, गोपीगंज पालिका सहित, ज्ञानपुर, सुरियावां,न‌ई बाजार, खमरिया, घोसिया नगर पंचायत है। यहां करीब साढ़े तीन से चार लाख की आबादी निवास करती हैं। पड़ताल में पाया गया कि निकायों में लगे अधिकतर आर‌ओ मशीन से गर्म पानी निकलते मिले। ज्ञानपुर नगर में फरवरी में 1.74 करोड़ रुपए से 21 आर‌ओ मशीन लगाए गए थे। इसमें से दुर्गागंज, पुराना तहसील, मुखर्जी पार्क पर लगी मशीन खराब मिली। 18 मशीनों से ठंडा पानी नहीं निकल रहा है। दुर्गागंज त्रिमुहानी, मुखर्जी पार्क, पुरानी कलेक्ट्री में लगे वाटर कूलर बंद मिले
दुर्गागंज त्रिमुहानी, रजिस्ट्री आफिस, बिजली विभाग,जिला कारागार, पुरानी बाजार, विभुति वीएनजीआई पर लगे मशीनों से भी ठंडे पानी नहीं मिल रहा है।



भदोही में 20 दिन पहले दुरस्त कराया गया था,यदी कही पर तकनीकी खामियां मशीन में आई है, उसे चेक कराया जाएगा। ज्ञानपुर में दो से तीन में सभी मशीनें दुरस्त की जाएगी। बाकी निकाय के ईओ से बातचीत की आएगी।

धर्मराज सिंह नोडल निकाय भदोही
महाराष्ट्र में पहलगाम जैसा मामला! कलमा न पढ़ने पर चाकू से किया हमला

#pahalgamstyleattackinmumbaimiraroad

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके से सोमवार तड़के सामने आए चाकू कांड के मामले ने अब एक नया और बड़ा मोड़ ले लिया है। आरोप है कि हमलावर ने पहले गार्ड का नाम और उसके धर्म के बारे में पूछा और फिर उसे चाकू घोंप दिया।

हमलावर ने बनाया कलमा पढ़ने का दबाव

सोमवार तड़के मीरा रोड के नया नगर क्षेत्र में एक इमारत में तैनात दो सुरक्षा गार्डों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया। दावा किया जा रहा है कि हमलावर ने पहले दोनों सुरक्षाकर्मियों से पहलगाम आतंकी हमले की तरह उनका धर्म पूछा और कलमा पढ़ने का दबाव बनाया। इनकार करते ही उसने बेरहमी से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे दोनों गार्ड बुरी तरह घायल हो गए।

कलमा नहीं पढ़ने पर चाकू से गोदा

राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में ड्यूटी पर तैनात थे। सुबह करीब 4 बजे नया नगर थाना क्षेत्र में वॉकहार्ट अस्पताल के पीछे स्थित अस्मिता ग्रैंड मेंशन की साइट पर 31 वर्षीय आरोपी जैब जुबैर अंसारी पहुंचा। आरोप है कि हमलावर जैब अंसारी ने पहले दोनों गार्डों पर धार्मिक दबाव डालते हुए उनसे कलमा पढ़ने के लिए कहा। जब दोनों गार्डों ने ऐसा करने से मना कर दिया, तो उन पर चाकू से हमला कर दिया गया। घटना के बाद घायल गार्डों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां समय पर इलाज मिलने की वजह से उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

मात्र डेढ़ घंटे में आरोपी गिरफ्तार

इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान कर ली। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान 31 साल के जैब जुबैर अंसारी के तौर पर की है और मात्र डेढ़ घंटे में उसे गिरफ्तार कर लिया।

मुंबई ATS कर रही नोट की जांच

पुलिस को आरोपी के पास से कुछ ऐसी सामग्री मिली है, जिसके आधार पर एटीएस ने जांच अपने हाथ में ली है। आरोपी जुबैर अंसारी के पास से जो नोट मिले हैं उनमें ‘LONE WOLVES WILL POUNCE ON YOU, You mushrikeen will see real jihad in bilad Hind from now!’ इसके अलावा कुछ और बातें भी लिखी गई थीं, जैसे ‘People, family, wives, parents will leave you. May Allah guide them. Gaza will only be free by’ मुंबई ATS फिलहाल इस नोट की जांच कर रही है।

आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

आजमगढ़ : नगर पंचायत फूलपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार, समाधान की मांग को लेकर सभासदों ने एसडीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र
सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़।  आजमगढ़ जिले के आदर्श नगर पंचायत फूलपुर की बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान सभासदों ने एकजुट होकर उप जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई है। प्रार्थना पत्र में नगर की साफ-सफाई, पेयजल, विकास कार्यों और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कई गंभीर मुद्दों को उजागर किया गया है। सभासदों ने चेतावनी दिया है कि अगर एक हफ्ते के अंदर समस्याओं का समाधान नही होता है तो नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे । 
सभासदों  का आरोप है कि नगर में नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी प्रभावी ढंग से नहीं किया जा रहा, जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि नगर पंचायत द्वारा विकास कार्यों के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है और बोर्ड की बैठकें भी नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके अलावा, पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और कई स्थानों पर मोटर व हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।
सामुदायिक शौचालयों की स्थिति भी दयनीय बताई गई है। कई स्थानों पर शौचालय टूट-फूट गए हैं और उनके आसपास गंदगी फैली हुई है, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। वहीं, नगर में आवारा पशुओं का आतंक भी बढ़ता जा रहा है, जो सड़कों और बाजारों में घूमते रहते हैं और गंदगी फैलाने के साथ दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और नगर अध्यक्ष फूलपुर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। वार्डों में स्पष्ट कार्य विभाजन का अभाव है और समस्याओं के समाधान में भेदभाव भी किया जा रहा है।
अनवरी ,मोहम्मद रिजवान, गुड़िया देवी ,मोहम्मद आबिद ,इफ्तेखार अहमद ,मीरा देवी आदि सभासदों  ने प्रशासन से मांग की है कि इन सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराकर जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि नगर में साफ-सुथरी व्यवस्था और विकास कार्यों को गति मिल सके। अगर नगर वासियों के ज्वलंत समस्याओं का निस्तारण एक हफ्ते के अन्दर नही किया जाता है । हम सभी सभासद नगर वासियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे ।

...और खूबसूरत हुई एमपी की वाइल्ड लाइफ

- कान्हा टाइगर रिजर्व में 150 साल बाद लौटा जंगली भैंसा, सीएम डॉ. मोहन यादव ने छोड़ीं 4 वन भैंसें

- बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र में हुआ कार्यक्रम, टूरिज्म पर होगा सकारात्मक असर

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर समृद्ध हो रहे जंगल



भोपाल/बालाघाट। मध्यप्रदेश की वन्यजीव संपदा और पर्यावरण संरक्षण के लिए 28 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बन गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बालाघाट जिले के सूपखार-टोपला क्षेत्र स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व में चार जंगली भैंसों को वन क्षेत्र में छोड़ा। इनमें एक नर और तीन मादा शामिल हैं। इन वन भैंसों को असम के काजीरंगा नेशनल पार्क से लाया गया है।

करीब 150 वर्षों बाद मध्यप्रदेश की धरती पर जंगली भैंसों की वापसी को वन्यजीव संरक्षण की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे प्रदेश के ईको-सिस्टम को मजबूती मिलेगी, जैव विविधता बढ़ेगी और पर्यटन को भी नया आकर्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश का पारिस्थितिक तंत्र मजबूत होगा और जंगलों की समृद्धि बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विलुप्त और संकटग्रस्त वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं।

उन्होंने असम सरकार और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच वन्यजीव संरक्षण को लेकर सहयोग का नया अध्याय शुरू हुआ है। भविष्य में गैंडे जैसे अन्य वन्यजीवों के पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व पहले से ही देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। जंगली भैंसों के आने से पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

* वन्यजीव संरक्षण में अग्रणी बन रहा मध्यप्रदेश

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज चीता, तेंदुआ, मगरमच्छ, घड़ियाल, भेड़िया और गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। अब जंगली भैंसों की वापसी से प्रदेश की वन्यजीव विरासत और समृद्ध होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को भी इस पहल का लाभ मिलेगा और मध्यप्रदेश वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।

84 कोसीय परिक्रमा महंत, महासचिव एवं प्रधानाचार्य के द्वारा क्षेत्रीय पत्रकारों का किया गया सम्मान
रितेश मिश्रा
बेनीगंज  (हरदोई)। मंगलवार को लगभग 4:00 बजे बेनीगंज स्थित सीबीजी इंटर कॉलेज आफ साइंस कुर्सी रोड के प्रांगण में 84 कोशिय परिक्रमा समिति के महंत, महासचिव एवं प्रधानाचार्य के द्वारा उपस्थित संतो एवं क्षेत्रीय सम्मानित पत्रकार बंधुओ का सम्मान किया गया।
यह जानकारी कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष जनपद हरदोई एवं जनपद सीतापुर के नैमिषारण्य से 84 कोसीय परिक्रमा प्रारंभ होकर मिश्रित तीर्थ पर विश्राम लेती है। जिसमें क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ का इस परिक्रमा में विशेष योगदान एवं उत्कृष्ट कार्य रहता है। जिसके मद्देनजर रखते हुए 84 कोसीय परिक्रमा समिति के महासचिव संतोष दास खाकी ने क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ को स्मृति चिन्ह, माला, पेन, रामपटा एवं प्रसाद देकर सम्मानित करते हुए आशीर्वाद दिया।इसी कड़ी में उन्होंने कहा की पत्रकार देश का चतुर्थ स्तंभ है। जिनकी कलम की ताकत से परिक्रमा में प्रत्येक वर्ष अव्यवस्थाओं से व्यवस्थाएं परिवर्तित होती नजर आती हैं और शासन प्रशासन जाग उठता है।जिसमें पत्रकार बंधुओ की महती योगदान रहता है। उसी कड़ी में मंगलवार को 4:00 बजे सीबीजी इंटर कॉलेज आफ साइंस कुर्सी रोड बेनीगंज में समस्त क्षेत्रीय पत्रकार बंधुओ को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह कार्यक्रम में आए हुए संत महात्माओं का स्वागत श्री तिवारी ने किया। उन्होंने संत महात्माओं के पधारने पर आशीर्वाद लेते हुए आभार प्रकट किया है।
इस मौके पर 84 कोसीय परिक्रमा समिति अध्यक्ष श्री श्री 1008 श्री महंत नन्हकू दास जी महाराज एवं पत्रकार बंधुओ में अरुणेश बाजपेई, संतोष मिश्रा, पुनीत मिश्रा, राजीव रंजन त्रिपाठी, पीयूष तिवारी,विमल त्रिपाठी,सुदेश शुक्ला,नरेंद्र शुक्ला, बुद्धसेन सोनी,रोहित मिश्रा, हिमांशु तिवारी, शुभम सोनी, पंकज सिंह सहित पड़ाव प्रमुख गिरधरपुर उमरारी दुर्गा शरण सोनी, महेंद्र प्रताप सिंह एवं समस्त विद्यालय स्टाफ मौके पर मौजूद रहे।
पुलिस महानिदेशक डॉ सदानंद दाते को भेंट की अपनी पुस्तकें
मुंबई।  हिंदी के मूर्धन्य साहित्यकार ' पंडित मुरलीधर पांडेय ने एक मुलाक़ात के दौरान  ' महाराष्ट्र राज्य पुलिस मुख्यालय डीजीपी कार्यालय में राज्य के पुलिस महानिदेशक डॉ. सदानंद दाते को ' देश के साहित्यकारों में पंडित मुरलीधर पांडेय का व्यक्तित्व एवं कृतित्व, अभिनंदन-ग्रंथ ' संयोग प्रकाशन ' द्वारा प्रकाशित कई पुस्तकें भेंट स्वरूप दीं। इस अवसर पर साथ में मीरा-भाईंदर शहर के ' स्पेशल क्राइम रिपोर्टर ' व ' वरिष्ठ-पत्रकार ' सुभाष पांडेय उपस्थित रहे।
वि,हि,म,जिला अध्यक्ष ने वृद्ध आश्रम में मनाया अपना मनाया अपना विवाह दिवस

बलरामपुर 27 अप्रैल विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह व श्रीमती आरती देवी ने  वृद्ध आश्रम आबर मे वृद्ध जनों के बीच सेवा कर अपना 28 वा विवाह दिवस बड़े ही धूमधाम से सभी वृद्ध जनों एवं माताओ को मिठाई खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया इस अवसर पर वृद्ध जन माताएं व पुरुष सभी बहुत खुश दिखे जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने कहा कि हमें इनके बीच आने के बाद अपनापन महसूस होता है, उक्त कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीवन गुप्ता जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी जिला मीडिया प्रभारी जय सिंह प्रभु नाथ ने भी सेवा में योगदान किया।
झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धनबाद के 20 पुलिसकर्मियों का तबादला रद्द!


झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद जिले के 20 पुलिसकर्मियों के तबादला आदेश को रद्द कर दिया है. जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को यह समझना होगा कि तबादला एक नियमित प्रक्रिया और प्रशासनिक जरूरत हो सकता है, लेकिन इसका उपयोग किसी कर्मचारी को दंड देने के लिए ‘शॉर्टकट’ के रूप में नहीं किया जा सकता. अदालत ने पुलिस विभाग को आदेश दिया है कि इन सभी कर्मियों का योगदान उनके मूल स्थान (धनबाद) में तुरंत स्वीकार किया जाए.

सोमेश तिवारी बनाम भारत संघ मामले का दिया हवाला

अदालत ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध ‘सोमेश तिवारी बनाम भारत संघ’ मामले के कानूनी सिद्धांतों का उल्लेख किया. जस्टिस दीपक रोशन ने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ लापरवाही के आरोप हैं, तो विभाग को उचित विभागीय जांच (Departmental Inquiry) और अनुशासनिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए. जांच के बिना सीधे ट्रांसफर का आदेश देना और उसे ‘प्रशासनिक आवश्यकता’ का नाम देना कानूनी रूप से गलत और दुर्भावनापूर्ण है.

RTI ने खोली विभाग की पोल

सुनवाई के दौरान सूरज कुमार, अनुज कुमार सिंह, बलजीत कुमार और कौशल कुमार दुबे समेत 20 याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखते हुए बताया गया कि उन्हें 24 फरवरी को तबादला किया गया था और 11 मार्च को वर्तमान पद से मुक्त (Relieve) करने का आदेश दिया गया. विभाग ने इसे ‘प्रशासनिक जरूरत’ बताया था, लेकिन जब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई, तो सच्चाई कुछ और निकली. आरटीआई के दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि धनबाद एसएसपी ने इन पुलिसकर्मियों पर लापरवाही के आरोपों के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी. बिना किसी औपचारिक जांच या स्पष्टीकरण के किया गया यह तबादला पूरी तरह से दंडात्मक (Punitive) का था.

अधिकारियों को कड़ा संदेश

हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग दंड देने के लिए न करें. अदालत ने तबादला और पद से मुक्त करने के आदेश को निरस्त करते हुए याचिकाकर्ताओं को राहत दी है. इस फैसले के बाद अब पुलिस महकमे के भीतर हलचल तेज है, क्योंकि यह आदेश भविष्य में उन अधिकारियों के लिए नजीर बनेगा जो बिना प्रक्रिया पूरी किए कर्मियों को इधर-उधर भेज देते हैं.

कर्नलगंज तहसील में अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना स्थगित, बार-बेंच विवाद समाप्त

कर्नलगंज, गोंडा। तहसील परिसर में बीते 27 फरवरी से चल रहा अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को प्रशासनिक आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। आंदोलन समाप्त होने से क्षेत्रीय जनता, वादकारियों और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से जारी धरने के कारण तहसील स्तर पर न्यायिक और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

बार एसोसिएशन कर्नलगंज के अध्यक्ष श्यामधर शुक्ल, मंत्री पवन कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ तिवारी ने बताया कि तहसील अधिकारियों की कार्यशैली और समस्याओं के समाधान में लापरवाही से अधिवक्ता, वादकारी तथा आम जनता प्रभावित हो रही थी। इसी के विरोध में 27 फरवरी से बार एसोसिएशन के बैनर तले धरना शुरू किया गया था।

मंगलवार को उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा की मौजूदगी में अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच वार्ता हुई। बैठक में अधिवक्ताओं द्वारा उठाई गई समस्याओं पर सकारात्मक चर्चा हुई और प्रशासन की ओर से शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद बार एसोसिएशन ने धरना अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।

धरना समाप्त होने के साथ ही बार और बेंच के बीच चला आ रहा गतिरोध भी खत्म हो गया है। तहसील परिसर में अब सामान्य कार्य व्यवस्था बहाल होने की उम्मीद है, जिससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।

स्थानीय नागरिकों और वादकारियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अब उनके जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे। वहीं अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि प्रशासन भविष्य में समस्याओं का समयबद्ध समाधान करेगा, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।

*सात निकायों के 47 आर‌ओ में से 33 उगल रहे गरम पानी,आठ पड़े हैं बंद*

*साढ़े तीन करोड़ से सात निकायों में लगे वाटर कूलर का लाभ नहीं*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की सात निकायों में लगे 47 आर‌ओ मशीन में से आठ बंद पड़े हैं। वहीं 33 आर‌ओ ऐसे हैं। जिनसे गर्म पानी निकल रहे हैं। तीन आर‌ओ किसी तरह से ठंडा पानी दे रहें हैं। 44 डिग्री तापमान में वाटर कूलर से निकल रहे गरम पानी से लोगों की प्यास बुझानी मुश्किल हो रहा है। इन वाटर कूलरों पर नगर पंचायत ने सीढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च किया है। करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए खर्च करके 47 आर‌ओ प्लांट,वाटर कूलर,आर‌ओ मशीन लगाए गए थे। लेकिन निकायों में लगे आर‌ओ वाटर कूलर की हकीकत कुछ और ही है। भदोही, गोपीगंज पालिका सहित, ज्ञानपुर, सुरियावां,न‌ई बाजार, खमरिया, घोसिया नगर पंचायत है। यहां करीब साढ़े तीन से चार लाख की आबादी निवास करती हैं। पड़ताल में पाया गया कि निकायों में लगे अधिकतर आर‌ओ मशीन से गर्म पानी निकलते मिले। ज्ञानपुर नगर में फरवरी में 1.74 करोड़ रुपए से 21 आर‌ओ मशीन लगाए गए थे। इसमें से दुर्गागंज, पुराना तहसील, मुखर्जी पार्क पर लगी मशीन खराब मिली। 18 मशीनों से ठंडा पानी नहीं निकल रहा है। दुर्गागंज त्रिमुहानी, मुखर्जी पार्क, पुरानी कलेक्ट्री में लगे वाटर कूलर बंद मिले
दुर्गागंज त्रिमुहानी, रजिस्ट्री आफिस, बिजली विभाग,जिला कारागार, पुरानी बाजार, विभुति वीएनजीआई पर लगे मशीनों से भी ठंडे पानी नहीं मिल रहा है।



भदोही में 20 दिन पहले दुरस्त कराया गया था,यदी कही पर तकनीकी खामियां मशीन में आई है, उसे चेक कराया जाएगा। ज्ञानपुर में दो से तीन में सभी मशीनें दुरस्त की जाएगी। बाकी निकाय के ईओ से बातचीत की आएगी।

धर्मराज सिंह नोडल निकाय भदोही
महाराष्ट्र में पहलगाम जैसा मामला! कलमा न पढ़ने पर चाकू से किया हमला

#pahalgamstyleattackinmumbaimiraroad

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके से सोमवार तड़के सामने आए चाकू कांड के मामले ने अब एक नया और बड़ा मोड़ ले लिया है। आरोप है कि हमलावर ने पहले गार्ड का नाम और उसके धर्म के बारे में पूछा और फिर उसे चाकू घोंप दिया।

हमलावर ने बनाया कलमा पढ़ने का दबाव

सोमवार तड़के मीरा रोड के नया नगर क्षेत्र में एक इमारत में तैनात दो सुरक्षा गार्डों पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया। दावा किया जा रहा है कि हमलावर ने पहले दोनों सुरक्षाकर्मियों से पहलगाम आतंकी हमले की तरह उनका धर्म पूछा और कलमा पढ़ने का दबाव बनाया। इनकार करते ही उसने बेरहमी से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे दोनों गार्ड बुरी तरह घायल हो गए।

कलमा नहीं पढ़ने पर चाकू से गोदा

राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में ड्यूटी पर तैनात थे। सुबह करीब 4 बजे नया नगर थाना क्षेत्र में वॉकहार्ट अस्पताल के पीछे स्थित अस्मिता ग्रैंड मेंशन की साइट पर 31 वर्षीय आरोपी जैब जुबैर अंसारी पहुंचा। आरोप है कि हमलावर जैब अंसारी ने पहले दोनों गार्डों पर धार्मिक दबाव डालते हुए उनसे कलमा पढ़ने के लिए कहा। जब दोनों गार्डों ने ऐसा करने से मना कर दिया, तो उन पर चाकू से हमला कर दिया गया। घटना के बाद घायल गार्डों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां समय पर इलाज मिलने की वजह से उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

मात्र डेढ़ घंटे में आरोपी गिरफ्तार

इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान कर ली। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान 31 साल के जैब जुबैर अंसारी के तौर पर की है और मात्र डेढ़ घंटे में उसे गिरफ्तार कर लिया।

मुंबई ATS कर रही नोट की जांच

पुलिस को आरोपी के पास से कुछ ऐसी सामग्री मिली है, जिसके आधार पर एटीएस ने जांच अपने हाथ में ली है। आरोपी जुबैर अंसारी के पास से जो नोट मिले हैं उनमें ‘LONE WOLVES WILL POUNCE ON YOU, You mushrikeen will see real jihad in bilad Hind from now!’ इसके अलावा कुछ और बातें भी लिखी गई थीं, जैसे ‘People, family, wives, parents will leave you. May Allah guide them. Gaza will only be free by’ मुंबई ATS फिलहाल इस नोट की जांच कर रही है।