गंगा नहाने गए युवक की  डूबने से मौत
फर्रुखाबाद l गंगा नदी में नहाने गए एक युवक की डूबने से मौत हो गई। थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का रहने वाला था l घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा छाया हुआ है l परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना क्षेत्र के मोहल्ला कटरा बक्शी निवासी 23 वर्षीय बिलाल पुत्र चांदमिया अपने दोस्त फिरोज, इरफान, ताजमिया और ताजमहल के साथ थाना क्षेत्र के पंखियों की मढ़ैया, कटरी धर्मपुर स्थित गंगा घाट पर नहाने गया था। बताते है कि बिलाल अचानक बिना बताए गंगा में कूद गया और गहरे पानी में चले जाने के कारण वह डूब गया। काफी देर तक बिलाल नजर नहीं आया तो दोस्तों में हड़कंप मच गया । शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू की। गांव के सलमान पुत्र मीर मोहम्मद और नौशाद पुत्र नींबू सहित अन्य लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही मऊदरवाजा पुलिस मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है  परिजनों के आने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी।
विश्व पशुचिकित्सा दिवस पर लखनऊ में भव्य अधिवेशन व सम्मान समारोह का आयोजन

  • मंत्री धर्मपाल सिंह बोले- पशु चिकित्सक खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक

लखनऊ। “विश्व पशुचिकित्सा दिवस” के अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ द्वारा भव्य अधिवेशन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पशुधन विकास, दुग्ध विकास एवं राजनीतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पशु चिकित्सक केवल पशुओं के उपचारकर्ता ही नहीं, बल्कि पशुधन, खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि विश्व पशुचिकित्सा दिवस पूरी दुनिया में पशु चिकित्सकों के समर्पण, सेवा और योगदान के सम्मान में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम “Veterinarians: Guardians of Food and Health” बेहद प्रासंगिक है। यह बताती है कि पशु चिकित्सकों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षित दुग्ध उत्पादन, पोषण, खाद्य श्रृंखला की मजबूती और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा से भी जुड़ी है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि यदि पशुधन स्वस्थ और उत्पादक रहेगा तो किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए पशुधन पर निर्भर हैं। उन्होंने पशु चिकित्सकों, पैरावेट कर्मियों और विभागीय अधिकारियों से सेवा भावना, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की पशुपालन एवं दुग्ध विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।

कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त ने कहा कि गौसंरक्षण, पशुधन संवर्धन और ग्रामीण समृद्धि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में पशु चिकित्सा अधिकारियों का अमूल्य योगदान है। वहीं, पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने आयोजन की सराहना करते हुए विभाग और संघ के बीच बेहतर समन्वय से पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. मेम पाल सिंह, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. राजेंद्र, बड़ी संख्या में पशु चिकित्सक, विभागीय अधिकारी और गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार ने किया।

विदिशा में पलटा कोल्ड ड्रिंक ट्रक, घायल चालक तड़पता रहा और लोग माजा की बोतलें लूटते रहे

विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सड़क हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास कोल्ड ड्रिंक से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक घायल हो गया, लेकिन मदद करने के बजाय मौके पर मौजूद लोग ट्रक में भरी माजा की बोतलें लूटने में जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पलटते ही उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में बोतलें उठाने की होड़ मच गई। कई लोग बाइक, कार और अन्य वाहनों में बोतलें भरकर मौके से भागते नजर आए।

इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे पड़ा मदद का इंतजार करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी सहायता नहीं की। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। हालांकि तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद पहली प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर लोगों से अपील की है कि किसी भी हादसे के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरके अग्रवाल ने किया विधि पुस्तकालय का लोकार्पण
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में शनिवार को ‘एस. पी. गुप्ता स्मृति विधि पुस्तकालय’ का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. के. अग्रवाल ने विधिवत फीता काटकर पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि विधि शिक्षा के सुदृढ़ीकरण में आधुनिक पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से निरंतर अध्ययन करते हुए अपने ज्ञान का पुनरावलोकन और सुधार (रीड एंड रिपेयर) करते रहना चाहिए।उन्होंने कहां की यह केवल पुस्तकालय नहीं है बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।इसके साथ ही उन्होंने स्वर्गीय एसपी गुप्ता के स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वह एक समर्पित अधिवक्ता रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह पुस्तकालय नहीं बल्कि संस्था के तरफ से विश्वविद्यालय को बहुत बड़ा आशीर्वाद दिया गया है इस ट्रस्ट द्वारा दी गई सामग्रियों को विश्वविद्यालय निरंतर सजो कर रखेगा।
उन्होंने कहा की विधि के विद्यार्थी इन पुस्तकों से अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे ऐसी उन्हें पूरी उम्मीद है। उन्होंने न्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर न्यासी डॉ. अरुणिमा परोलिया ने कहा कि उन्होंने अपने पिता स्व एस पी गुप्ता की विरासत को विश्वविद्यालय को समर्पित किया है जिससे आने वाली पीढ़ी अपने ज्ञान का विस्तार कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिताजी कहा करते थे कि कानून केवल पेशा नहीं बल्कि यह सम्मान की चीज है।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि को विश्वविद्यालय के तरफ से कुलपति ने अभिनंदन पत्र सौंपा।
कार्यक्रम के अंत में आर्यभट्ट सभागार में स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो विनोद कुमार एवं संचालन डॉ अनुराग मिश्र ने किया। कार्यक्रम में वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह,  प्रो अविनाश, श्याम बहादुर सिंह,कृष्णा पारोलिया, आदित्य पारोलिया, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो प्रदीप कुमार, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो प्रमोद यादव, प्रो मनोज मिश्र, प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रो राज कुमार सोनी, डॉ वनिता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ राहुल राय, डॉ राजित सोनकर, डॉ दिनेश कुमार, डॉ मंगला प्रसाद यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह, डॉ अंकित कुमार, डॉ प्रमोद कुमार , डॉ शुभम सिंह, डॉ आश्रया दुबे, डॉ विपिन कुमार सिंह, श्री योगेश, रविकेश कुमार मौर्य, श्री प्रकाश यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट, जौनपुर स्थित एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी को डॉ. अरुणिमा द्वारा विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी सामग्री का महत्वपूर्ण दान प्रदान किया गया है। इस दान से पुस्तकालय की सुविधाओं और संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सकेगा।
दान में लगभग 6000 विधि पुस्तकों के साथ स्टील, लकड़ी और कांच की अलमारियां शामिल हैं। इसके अलावा बाउंड लीगल नोट्स, एक स्मृति कांच डिस्प्ले कैबिनेट भी दिया गया है, जिसमें स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं—जैसे घड़ी, चश्मा, पेन, पोर्ट्रेट, कोर्ट ड्रेस और एमिटी विश्वविद्यालय से प्राप्त पीएचडी डिग्री—सुरक्षित रखी गई हैं।तकनीकी सुविधाओं के अंतर्गत पुस्तकालय को 10 कंप्यूटर सेट  प्रदान किए गए हैं। साथ ही 10 कंप्यूटर टेबल और 10 कुर्सियां  एवं अन्य उपकरण भी दिए गए हैं।
संस्थान के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में इस उदार योगदान के लिए डॉ. अरुणिमा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से न केवल पुस्तकालय की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
भोपाल में छात्रा से पहचान छिपाकर दोस्ती, धर्म बदलकर शोषण का आरोप; पीड़िता तीन माह की गर्भवती

भोपाल। भोपाल के रातीबड़ इलाके में आईईएस विश्वविद्यालय की छात्रा के साथ पहचान छिपाकर दोस्ती करने और बाद में धर्म परिवर्तन के दबाव के साथ शोषण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर प्रेम संबंध बनाए और अब वह तीन माह की गर्भवती है।

पीड़िता के अनुसार, उसी कॉलेज में पढ़ने वाले आसिफ रजा ने अपना नाम आशीष पांडे बताकर उससे जान-पहचान बढ़ाई। विश्वास में लेकर आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब छात्रा को उसकी असली पहचान पता चली, तो आरोपी ने कथित रूप से उसे ‘रखैल’ बनकर रहने का दबाव बनाया।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में आरोपी के दो दोस्त शाहजेब खान और सेफ शेख भी शामिल थे, जो उसे लगातार धमका रहे थे और चुप रहने का दबाव बना रहे थे।

पीड़िता ने महिला थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि जब उसने अपनी गर्भावस्था और धर्म बदलकर शोषण की बात बताई, तो पुलिस अधिकारियों ने इसे हिंदू-मुस्लिम मामला न बनाने और आपसी समझौते की सलाह दी।

पीड़िता का दावा है कि बजरंग दल के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया, लेकिन दो आरोपियों को पकड़ने के बाद बिना ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया गया।

वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने भी पीड़िता को न्याय दिलाने की पहल की है। समिति के संरक्षक समशुल हसन ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।

इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।

इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।

इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी

महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।

देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।

कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।

इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।

मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।

हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।

कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।

रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास

  • 8 दिन में सुधार नहीं, तो प्रदेशभर में चक्का जाम: जीतू पटवारी

भोपाल। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सेवादल के प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।

सत्याग्रह को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि सेवादल का यह अभियान तथाकथित "मोदी की गारंटी" को जमीन पर लागू करवाने के उद्देश्य से चलाया गया है। उन्होंने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा: सरकार ने गेहूं की खरीदी ₹2700 प्रति क्विंटल करने का वादा किया था, लेकिन किसान अपनी उपज ₹1800 या उससे कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

यदि किसान का गेहूं ₹2700 से कम दाम पर बिका है, तो बीच की राशि सरकार ने चोरी की है। इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव जिम्मेदार हैं। खरीदी केंद्रों पर तौल और अन्य अनियमितताएं व्याप्त हैं। यदि 8 दिनों के भीतर व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो बड़वानी से लेकर ग्वालियर-चंबल तक आगरा-मुंबई हाईवे जाम किया जाएगा

उपवास समाप्ति के बाद सेवादल प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव ने कहा कि यह सत्याग्रह केवल एक शुरुआत है। उन्होंने प्रमुख मुद्दे उठाते हुए कहा:

1. फसल बीमा: प्रदेश में बीमा के नाम पर किसानों से सरेआम लूट हो रही है।

2. उत्पीड़न: प्रशासन 'नरवाई' के नाम पर किसानों पर फर्जी प्रकरण दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित करना बंद करे।

3. ऋण वसूली: फसल खरीदी की अंतिम तिथि को ही ऋण वसूली की आखिरी तारीख तय की जाए, ताकि किसानों पर मानसिक दबाव न बने।

सत्याग्रह के समापन पर भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी व्यथा सुनाई। इसके पश्चात, किसानों की मांगों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

  • कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति

सत्याग्रह के समापन अवसर पर उपाध्यक्षद्वय सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महेन्द्र जोशी, CWC सदस्य मीनाक्षी नटराजन, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, अ.भा. कांग्रेस सेवादल के सचिव एवं म.प्र. प्रभारी पी.एन.मिश्रा साथ ही सेवादल प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांकरिया, मीनाक्षी जायसवाल, यंग ब्रिगेड अध्यक्ष गजानंद गज्जू तिवारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (भोपाल)प्रवीण सक्सेना, अनोखीमानसिंह पटेल, श्रीमती जयश्री हरिकरण, शैलेन्द्र पटेल, गोविंद गोयल, चन्द्रकांत दुबे, आसिफ जकी, प्रदीप मोनू सक्सेना, जितेन्द्र डागा, अरूण श्रीवास्तव, अभिषेक शर्मा, जिला सेवादल अध्यक्ष निहाल अहमद, लोकेश दांगी सहित सेवादल के वर्दीधारी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

अब गाया और याद किया जाएगा संविधान: छंदों में ढली देश की सबसे बड़ी कानून पुस्तक, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दोहा-रोला में सजा पूरा संविधान, 142 रचनाकारों की अनूठी कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ । भारत का संविधान, जिसे अब तक कठिन भाषा और मोटी किताब के रूप में देखा जाता रहा है, अब एक नए और बेहद रोचक अंदाज में सामने आया है। पहली बार पूरे संविधान को काव्य रूप में ढालकर दोहा, रोला और विभिन्न छंदों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे गाया, समझा और आसानी से याद किया जा सकेगा।

सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया

इस अनोखी कृति छंदबद्ध भारत का संविधान में संविधान के सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया गया है, जबकि इसके 22 भागों को 22 अलग-अलग छंदगीतों में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारत माता गीत और संशोधनों समेत कुल 26 छंदों के माध्यम से संविधान की आत्मा को संजोया गया है।

दुनिया भर के रचनाकारों का योगदान

इस महाग्रंथ को तैयार करने में भारत के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कुवैत के कुल 142 रचनाकारों ने योगदान दिया। खास बात यह है कि इसमें 14 साल के युवा से लेकर 81 वर्ष तक के वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे। 92 महिलाओं और 48 पुरुषों की भागीदारी ने “अनेकता में एकता” की मिसाल पेश की है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि

इस ऐतिहासिक साहित्यिक कार्य को Golden Book of World Records में “फर्स्ट पोएट्री बुक ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया” के रूप में दर्ज किया गया है। इसका संपादन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’, सह-संपादन डॉ. मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ और डॉ. सपना दत्ता ‘सुहासिनी’ ने किया।

आसान भाषा में संविधान की समझ

इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संविधान के मूल भाव को बिना बदले सरल, सहज और मधुर भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए संविधान को आसान बनाना है।

ऐतिहासिक प्रेरणा और समयसीमा

26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने की ऐतिहासिक तिथि से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 नवंबर 2022 को की गई और 26 नवंबर 2023 को इसे पूरा किया गया।

रामचरितमानस से तुलना

जिस तरह रामचरितमानस ने जटिल ज्ञान को सरल बनाकर जन-जन तक पहुंचाया, उसी तरह यह काव्यात्मक संविधान भी देश के हर व्यक्ति तक संविधान की समझ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
गढ़वा DC ने राजस्व अधिकारियों को दी सख्त हिदायत: 30 दिन में निपटाएं दाखिल-खारिज, लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई

गढ़वा :- समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज, राजस्व संग्रहण, झारसेवा पोर्टल, पीएम किसान, भूमि सीमांकन, सर्टिफिकेट इश्यू, लैंड ट्रांसफर, नामांतरण, लैंड डिस्प्यूट के मामले, भू-अर्जन, अतिक्रमण समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त श्री मित्तल द्वारा विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 या 90 दिनों या इससे अधिक दिनों तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई आवेदन लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं कारणपृच्छा करने का निर्देश दिया गया।

वहीं भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई। साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों को रिव्यू का अंग नहीं बताया तथा ऐसा होने पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।

वहीं इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, भूमि सुधार उप समाहर्ता गढ़वा रविश राज सिंह, एवं सभी प्रखंड के अंचल अधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित थें।

गयाजी में जीएसटी व ऑडिट विषयों पर सेमिनार का आयोजन: “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर विचार रखे

गया: गयाजी शहर के गेबाल बिगहा रोड स्थित एक निजी होटल में शुक्रवार को गया सीपीई सेंटर द्वारा जीएसटी एवं ऑडिट विषयों पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलितर किया गया। यह कार्यक्रम आईसीएआई के सीआईआरसी के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी।

सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में रीजनल काउंसिल सदस्य सीए जे.के तिवारी ने “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं और उसके व्यावहारिक प्रभावों को सरल तरीके से समझाया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व सबसे बड़ा है और पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि “शिक्षा खुद बोलता है”।

वहीं, सीए दीपक राज ने “शेड्यूल 3 और कारो का ऑडिट पर प्रभाव” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कारो ऑडिट रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से जानकारी दी। कार्यक्रम के संयोजक सीए दीपक कुमार ने बताया कि गया की धरती पर पहली बार आईसीएआई के रीजनल काउंसिल सदस्य फैकल्टी के रूप में पहुंचे, जिससे प्रतिभागियों को विशेष लाभ मिला।

उन्होंने आगे कहा कि गयाजी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक लाइब्रेरी की स्थापना की योजना है, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर सत्र की अध्यक्षता सीए ज्ञान प्रकाश ने की। कार्यक्रम में सीए रोहित गोयल, सीए रोहित सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर उत्पल कुमार, सीए संजीव सिन्हा, सीए अनुप कुमार, सीए रविकांत वर्मा, सीए शशिराज, सीए विकास कुमार, सीए अमित सिन्हा, सीए अनुरुद्ध सिद्धिवंशी सहित लगभग 50 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने विषयों से संबंधित अपने अनुभव साझा किए और सेमिनार को उपयोगी बताया।

गंगा नहाने गए युवक की  डूबने से मौत
फर्रुखाबाद l गंगा नदी में नहाने गए एक युवक की डूबने से मौत हो गई। थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का रहने वाला था l घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा छाया हुआ है l परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना क्षेत्र के मोहल्ला कटरा बक्शी निवासी 23 वर्षीय बिलाल पुत्र चांदमिया अपने दोस्त फिरोज, इरफान, ताजमिया और ताजमहल के साथ थाना क्षेत्र के पंखियों की मढ़ैया, कटरी धर्मपुर स्थित गंगा घाट पर नहाने गया था। बताते है कि बिलाल अचानक बिना बताए गंगा में कूद गया और गहरे पानी में चले जाने के कारण वह डूब गया। काफी देर तक बिलाल नजर नहीं आया तो दोस्तों में हड़कंप मच गया । शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू की। गांव के सलमान पुत्र मीर मोहम्मद और नौशाद पुत्र नींबू सहित अन्य लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही मऊदरवाजा पुलिस मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है  परिजनों के आने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी।
विश्व पशुचिकित्सा दिवस पर लखनऊ में भव्य अधिवेशन व सम्मान समारोह का आयोजन

  • मंत्री धर्मपाल सिंह बोले- पशु चिकित्सक खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक

लखनऊ। “विश्व पशुचिकित्सा दिवस” के अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ द्वारा भव्य अधिवेशन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पशुधन विकास, दुग्ध विकास एवं राजनीतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पशु चिकित्सक केवल पशुओं के उपचारकर्ता ही नहीं, बल्कि पशुधन, खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि विश्व पशुचिकित्सा दिवस पूरी दुनिया में पशु चिकित्सकों के समर्पण, सेवा और योगदान के सम्मान में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम “Veterinarians: Guardians of Food and Health” बेहद प्रासंगिक है। यह बताती है कि पशु चिकित्सकों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षित दुग्ध उत्पादन, पोषण, खाद्य श्रृंखला की मजबूती और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा से भी जुड़ी है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि यदि पशुधन स्वस्थ और उत्पादक रहेगा तो किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए पशुधन पर निर्भर हैं। उन्होंने पशु चिकित्सकों, पैरावेट कर्मियों और विभागीय अधिकारियों से सेवा भावना, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की पशुपालन एवं दुग्ध विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।

कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त ने कहा कि गौसंरक्षण, पशुधन संवर्धन और ग्रामीण समृद्धि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में पशु चिकित्सा अधिकारियों का अमूल्य योगदान है। वहीं, पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने आयोजन की सराहना करते हुए विभाग और संघ के बीच बेहतर समन्वय से पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. मेम पाल सिंह, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. राजेंद्र, बड़ी संख्या में पशु चिकित्सक, विभागीय अधिकारी और गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार ने किया।

विदिशा में पलटा कोल्ड ड्रिंक ट्रक, घायल चालक तड़पता रहा और लोग माजा की बोतलें लूटते रहे

विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सड़क हादसे के बाद मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई। भोपाल-सागर बाईपास पर गिरधर कॉलोनी के पास कोल्ड ड्रिंक से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक घायल हो गया, लेकिन मदद करने के बजाय मौके पर मौजूद लोग ट्रक में भरी माजा की बोतलें लूटने में जुट गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पलटते ही उसमें लदी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें सड़क पर बिखर गईं। इसके बाद वहां मौजूद लोगों में बोतलें उठाने की होड़ मच गई। कई लोग बाइक, कार और अन्य वाहनों में बोतलें भरकर मौके से भागते नजर आए।

इस दौरान घायल चालक सड़क किनारे पड़ा मदद का इंतजार करता रहा, लेकिन शुरुआती समय में किसी ने उसकी सहायता नहीं की। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। हालांकि तब तक काफी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक की बोतलें लूटी जा चुकी थीं।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटना के बाद पहली प्राथमिकता घायल व्यक्ति को बचाने की होती है, लेकिन इस मामले में लोगों का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। घायल चालक को बाद में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

यह घटना न केवल सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती संवेदनहीनता को भी उजागर करती है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर लोगों से अपील की है कि किसी भी हादसे के समय पहले पीड़ितों की मदद करें और कानून का पालन करें।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरके अग्रवाल ने किया विधि पुस्तकालय का लोकार्पण
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में शनिवार को ‘एस. पी. गुप्ता स्मृति विधि पुस्तकालय’ का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. के. अग्रवाल ने विधिवत फीता काटकर पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि विधि शिक्षा के सुदृढ़ीकरण में आधुनिक पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से निरंतर अध्ययन करते हुए अपने ज्ञान का पुनरावलोकन और सुधार (रीड एंड रिपेयर) करते रहना चाहिए।उन्होंने कहां की यह केवल पुस्तकालय नहीं है बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।इसके साथ ही उन्होंने स्वर्गीय एसपी गुप्ता के स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वह एक समर्पित अधिवक्ता रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह पुस्तकालय नहीं बल्कि संस्था के तरफ से विश्वविद्यालय को बहुत बड़ा आशीर्वाद दिया गया है इस ट्रस्ट द्वारा दी गई सामग्रियों को विश्वविद्यालय निरंतर सजो कर रखेगा।
उन्होंने कहा की विधि के विद्यार्थी इन पुस्तकों से अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे ऐसी उन्हें पूरी उम्मीद है। उन्होंने न्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर न्यासी डॉ. अरुणिमा परोलिया ने कहा कि उन्होंने अपने पिता स्व एस पी गुप्ता की विरासत को विश्वविद्यालय को समर्पित किया है जिससे आने वाली पीढ़ी अपने ज्ञान का विस्तार कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिताजी कहा करते थे कि कानून केवल पेशा नहीं बल्कि यह सम्मान की चीज है।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि को विश्वविद्यालय के तरफ से कुलपति ने अभिनंदन पत्र सौंपा।
कार्यक्रम के अंत में आर्यभट्ट सभागार में स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो विनोद कुमार एवं संचालन डॉ अनुराग मिश्र ने किया। कार्यक्रम में वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह,  प्रो अविनाश, श्याम बहादुर सिंह,कृष्णा पारोलिया, आदित्य पारोलिया, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो प्रदीप कुमार, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो प्रमोद यादव, प्रो मनोज मिश्र, प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रो राज कुमार सोनी, डॉ वनिता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ राहुल राय, डॉ राजित सोनकर, डॉ दिनेश कुमार, डॉ मंगला प्रसाद यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह, डॉ अंकित कुमार, डॉ प्रमोद कुमार , डॉ शुभम सिंह, डॉ आश्रया दुबे, डॉ विपिन कुमार सिंह, श्री योगेश, रविकेश कुमार मौर्य, श्री प्रकाश यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट, जौनपुर स्थित एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी को डॉ. अरुणिमा द्वारा विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी सामग्री का महत्वपूर्ण दान प्रदान किया गया है। इस दान से पुस्तकालय की सुविधाओं और संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सकेगा।
दान में लगभग 6000 विधि पुस्तकों के साथ स्टील, लकड़ी और कांच की अलमारियां शामिल हैं। इसके अलावा बाउंड लीगल नोट्स, एक स्मृति कांच डिस्प्ले कैबिनेट भी दिया गया है, जिसमें स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं—जैसे घड़ी, चश्मा, पेन, पोर्ट्रेट, कोर्ट ड्रेस और एमिटी विश्वविद्यालय से प्राप्त पीएचडी डिग्री—सुरक्षित रखी गई हैं।तकनीकी सुविधाओं के अंतर्गत पुस्तकालय को 10 कंप्यूटर सेट  प्रदान किए गए हैं। साथ ही 10 कंप्यूटर टेबल और 10 कुर्सियां  एवं अन्य उपकरण भी दिए गए हैं।
संस्थान के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में इस उदार योगदान के लिए डॉ. अरुणिमा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से न केवल पुस्तकालय की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
भोपाल में छात्रा से पहचान छिपाकर दोस्ती, धर्म बदलकर शोषण का आरोप; पीड़िता तीन माह की गर्भवती

भोपाल। भोपाल के रातीबड़ इलाके में आईईएस विश्वविद्यालय की छात्रा के साथ पहचान छिपाकर दोस्ती करने और बाद में धर्म परिवर्तन के दबाव के साथ शोषण किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर प्रेम संबंध बनाए और अब वह तीन माह की गर्भवती है।

पीड़िता के अनुसार, उसी कॉलेज में पढ़ने वाले आसिफ रजा ने अपना नाम आशीष पांडे बताकर उससे जान-पहचान बढ़ाई। विश्वास में लेकर आरोपी ने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब छात्रा को उसकी असली पहचान पता चली, तो आरोपी ने कथित रूप से उसे ‘रखैल’ बनकर रहने का दबाव बनाया।

पीड़िता ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में आरोपी के दो दोस्त शाहजेब खान और सेफ शेख भी शामिल थे, जो उसे लगातार धमका रहे थे और चुप रहने का दबाव बना रहे थे।

पीड़िता ने महिला थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि जब उसने अपनी गर्भावस्था और धर्म बदलकर शोषण की बात बताई, तो पुलिस अधिकारियों ने इसे हिंदू-मुस्लिम मामला न बनाने और आपसी समझौते की सलाह दी।

पीड़िता का दावा है कि बजरंग दल के हस्तक्षेप के बाद मामला दर्ज किया गया, लेकिन दो आरोपियों को पकड़ने के बाद बिना ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया गया।

वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने भी पीड़िता को न्याय दिलाने की पहल की है। समिति के संरक्षक समशुल हसन ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।

इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।

इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।

इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी

महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।

देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।

कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।

इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।

मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।

हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।

कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।

रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास

  • 8 दिन में सुधार नहीं, तो प्रदेशभर में चक्का जाम: जीतू पटवारी

भोपाल। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सेवादल के प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।

सत्याग्रह को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि सेवादल का यह अभियान तथाकथित "मोदी की गारंटी" को जमीन पर लागू करवाने के उद्देश्य से चलाया गया है। उन्होंने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा: सरकार ने गेहूं की खरीदी ₹2700 प्रति क्विंटल करने का वादा किया था, लेकिन किसान अपनी उपज ₹1800 या उससे कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

यदि किसान का गेहूं ₹2700 से कम दाम पर बिका है, तो बीच की राशि सरकार ने चोरी की है। इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव जिम्मेदार हैं। खरीदी केंद्रों पर तौल और अन्य अनियमितताएं व्याप्त हैं। यदि 8 दिनों के भीतर व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो बड़वानी से लेकर ग्वालियर-चंबल तक आगरा-मुंबई हाईवे जाम किया जाएगा

उपवास समाप्ति के बाद सेवादल प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव ने कहा कि यह सत्याग्रह केवल एक शुरुआत है। उन्होंने प्रमुख मुद्दे उठाते हुए कहा:

1. फसल बीमा: प्रदेश में बीमा के नाम पर किसानों से सरेआम लूट हो रही है।

2. उत्पीड़न: प्रशासन 'नरवाई' के नाम पर किसानों पर फर्जी प्रकरण दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित करना बंद करे।

3. ऋण वसूली: फसल खरीदी की अंतिम तिथि को ही ऋण वसूली की आखिरी तारीख तय की जाए, ताकि किसानों पर मानसिक दबाव न बने।

सत्याग्रह के समापन पर भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी व्यथा सुनाई। इसके पश्चात, किसानों की मांगों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

  • कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति

सत्याग्रह के समापन अवसर पर उपाध्यक्षद्वय सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महेन्द्र जोशी, CWC सदस्य मीनाक्षी नटराजन, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, अ.भा. कांग्रेस सेवादल के सचिव एवं म.प्र. प्रभारी पी.एन.मिश्रा साथ ही सेवादल प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांकरिया, मीनाक्षी जायसवाल, यंग ब्रिगेड अध्यक्ष गजानंद गज्जू तिवारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (भोपाल)प्रवीण सक्सेना, अनोखीमानसिंह पटेल, श्रीमती जयश्री हरिकरण, शैलेन्द्र पटेल, गोविंद गोयल, चन्द्रकांत दुबे, आसिफ जकी, प्रदीप मोनू सक्सेना, जितेन्द्र डागा, अरूण श्रीवास्तव, अभिषेक शर्मा, जिला सेवादल अध्यक्ष निहाल अहमद, लोकेश दांगी सहित सेवादल के वर्दीधारी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

अब गाया और याद किया जाएगा संविधान: छंदों में ढली देश की सबसे बड़ी कानून पुस्तक, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

दोहा-रोला में सजा पूरा संविधान, 142 रचनाकारों की अनूठी कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान

लखनऊ । भारत का संविधान, जिसे अब तक कठिन भाषा और मोटी किताब के रूप में देखा जाता रहा है, अब एक नए और बेहद रोचक अंदाज में सामने आया है। पहली बार पूरे संविधान को काव्य रूप में ढालकर दोहा, रोला और विभिन्न छंदों में प्रस्तुत किया गया है, जिससे इसे गाया, समझा और आसानी से याद किया जा सकेगा।

सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया

इस अनोखी कृति छंदबद्ध भारत का संविधान में संविधान के सभी अनुच्छेदों को 2110 दोहों और 422 रोलों में पिरोया गया है, जबकि इसके 22 भागों को 22 अलग-अलग छंदगीतों में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही भारत माता गीत और संशोधनों समेत कुल 26 छंदों के माध्यम से संविधान की आत्मा को संजोया गया है।

दुनिया भर के रचनाकारों का योगदान

इस महाग्रंथ को तैयार करने में भारत के साथ-साथ नेपाल, इंडोनेशिया, सिंगापुर और कुवैत के कुल 142 रचनाकारों ने योगदान दिया। खास बात यह है कि इसमें 14 साल के युवा से लेकर 81 वर्ष तक के वरिष्ठ साहित्यकार शामिल रहे। 92 महिलाओं और 48 पुरुषों की भागीदारी ने “अनेकता में एकता” की मिसाल पेश की है।

वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज उपलब्धि

इस ऐतिहासिक साहित्यिक कार्य को Golden Book of World Records में “फर्स्ट पोएट्री बुक ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया” के रूप में दर्ज किया गया है। इसका संपादन डॉ. ओमकार साहू ‘मृदुल’, सह-संपादन डॉ. मधु शंखधर ‘स्वतंत्र’ और डॉ. सपना दत्ता ‘सुहासिनी’ ने किया।

आसान भाषा में संविधान की समझ

इस पुस्तक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें संविधान के मूल भाव को बिना बदले सरल, सहज और मधुर भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसका उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए संविधान को आसान बनाना है।

ऐतिहासिक प्रेरणा और समयसीमा

26 नवंबर 1949 को संविधान अंगीकृत होने की ऐतिहासिक तिथि से प्रेरणा लेते हुए इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 26 नवंबर 2022 को की गई और 26 नवंबर 2023 को इसे पूरा किया गया।

रामचरितमानस से तुलना

जिस तरह रामचरितमानस ने जटिल ज्ञान को सरल बनाकर जन-जन तक पहुंचाया, उसी तरह यह काव्यात्मक संविधान भी देश के हर व्यक्ति तक संविधान की समझ पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
गढ़वा DC ने राजस्व अधिकारियों को दी सख्त हिदायत: 30 दिन में निपटाएं दाखिल-खारिज, लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई

गढ़वा :- समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज, राजस्व संग्रहण, झारसेवा पोर्टल, पीएम किसान, भूमि सीमांकन, सर्टिफिकेट इश्यू, लैंड ट्रांसफर, नामांतरण, लैंड डिस्प्यूट के मामले, भू-अर्जन, अतिक्रमण समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त श्री मित्तल द्वारा विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 या 90 दिनों या इससे अधिक दिनों तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई आवेदन लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं कारणपृच्छा करने का निर्देश दिया गया।

वहीं भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई। साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों को रिव्यू का अंग नहीं बताया तथा ऐसा होने पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।

वहीं इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, भूमि सुधार उप समाहर्ता गढ़वा रविश राज सिंह, एवं सभी प्रखंड के अंचल अधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित थें।

गयाजी में जीएसटी व ऑडिट विषयों पर सेमिनार का आयोजन: “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर विचार रखे

गया: गयाजी शहर के गेबाल बिगहा रोड स्थित एक निजी होटल में शुक्रवार को गया सीपीई सेंटर द्वारा जीएसटी एवं ऑडिट विषयों पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के द्वारा दीप प्रज्वलितर किया गया। यह कार्यक्रम आईसीएआई के सीआईआरसी के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी।

सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में रीजनल काउंसिल सदस्य सीए जे.के तिवारी ने “रियल एस्टेट और वर्क कॉन्ट्रैक्ट पर जीएसटी का प्रभाव” विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर में जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं और उसके व्यावहारिक प्रभावों को सरल तरीके से समझाया। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व सबसे बड़ा है और पुस्तकों को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए, क्योंकि “शिक्षा खुद बोलता है”।

वहीं, सीए दीपक राज ने “शेड्यूल 3 और कारो का ऑडिट पर प्रभाव” विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कारो ऑडिट रिपोर्ट के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से जानकारी दी। कार्यक्रम के संयोजक सीए दीपक कुमार ने बताया कि गया की धरती पर पहली बार आईसीएआई के रीजनल काउंसिल सदस्य फैकल्टी के रूप में पहुंचे, जिससे प्रतिभागियों को विशेष लाभ मिला।

उन्होंने आगे कहा कि गयाजी में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए एक लाइब्रेरी की स्थापना की योजना है, जिसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर कार्य शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर सत्र की अध्यक्षता सीए ज्ञान प्रकाश ने की। कार्यक्रम में सीए रोहित गोयल, सीए रोहित सिन्हा, डिप्टी कमिश्नर उत्पल कुमार, सीए संजीव सिन्हा, सीए अनुप कुमार, सीए रविकांत वर्मा, सीए शशिराज, सीए विकास कुमार, सीए अमित सिन्हा, सीए अनुरुद्ध सिद्धिवंशी सहित लगभग 50 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने विषयों से संबंधित अपने अनुभव साझा किए और सेमिनार को उपयोगी बताया।