/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1705416222766666.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1705416222766666.png StreetBuzz बढ़ती महंगाई में 7500 रुपये मानदेय नाकाफी, 25 हजार करने काे लेकर अड़े आयुष प्रशिक्षु Ayodhya
बढ़ती महंगाई में 7500 रुपये मानदेय नाकाफी, 25 हजार करने काे लेकर अड़े आयुष प्रशिक्षु

-अयोध्या होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में इंटर्न डॉक्टरों का हल्लाबोल, ओपीडी ठप कर, अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्र

अयोध्या। देवकाली स्थित राजकीय डॉ. बृजकिशोर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गुरुवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब बीएचएमएस (BHMS) के इंटर्न छात्रों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। आक्रोशित छात्रों ने अस्पताल की बाह्य रोगी विभाग (OPD) सेवाओं को पूरी तरह बंद कराकर मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। इसके बाद छात्र परिसर में ही अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए। सहसा ओपीडी बंद होने के कारण दूर-दराज से आए सैकड़ों मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

15 साल पुराना मानदेय ढांचा बदलने की मांग

प्रदर्शनकारी छात्रों का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से उनके स्टाइपेंड (मानदेय) की राशि में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की गई है। वर्तमान में उन्हें महज 7,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं, जो आज की कमरतोड़ महंगाई के दौर में पूरी तरह अपर्याप्त हैं। छात्रों की मांग है कि इस राशि को तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सकें।

प्रशासन को दी चेतावनी, मांग पूरी होने तक जारी रहेगा

आंदोलन को धार देते हुए छात्रों के एक शिष्टमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को अपनी मांगों के संदर्भ में एक ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक शासन स्तर से मानदेय वृद्धि का लिखित आश्वासन या आदेश जारी नहीं होता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। प्राचार्य डॉ आशीष सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आंदोलनकारी छात्रों से वार्ता की। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं और मांगों से उच्च अधिकारियों व शासन को अवगत कराया जाएगा और नियमानुसार जल्द से जल्द समाधान का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, प्राचार्य ने मरीजों की दुर्दशा का हवाला देते हुए छात्रों से ओपीडी सेवाओं को तुरंत सुचारु करने और अस्पताल प्रशासन का सहयोग करने की भावुक अपील भी की है।

हर बूथ की नब्ज टटोलकर जीत की राह तलाशेगी भाजपा

- प्रदेश महामंत्री का पदाधिकारियों को जीत का मंत्र—हर बूथ का अध्ययन करें, दस परिवारों से बनाएं मजबूत संपर्क

- 51 किलो की माला पहनाकर प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल का कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत

अयोध्या। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल ने पार्टी कार्यालय सहादतगंज में जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं पूर्व पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने पदाधिकारियों को आगामी चुनाव को लेकर अभी से बूथ स्तर पर सक्रिय होकर माइक्रो लेवल पर संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए।

बैठक को संबोधित करते हुए दिलीप पटेल ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक बूथ का गहन अध्ययन किया जाए। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में बूथवार मिले मतों का विश्लेषण कर कमजोर बूथों को चिन्हित किया जाए। जिन बूथों पर पार्टी को अपेक्षाकृत कम मत प्राप्त हुए हैं, वहां विशेष रणनीति के तहत कार्य किया जाए।

उन्होंने कहा कि कमजोर बूथों पर प्रत्येक पदाधिकारी कम से कम दस नए परिवारों से निरंतर संपर्क स्थापित करें। इन परिवारों से संवाद करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों तथा पार्टी की विचारधारा से उन्हें जोड़ने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती केवल बैठकों तक सीमित न रहे, बल्कि पदाधिकारी नियमित रूप से जनता के बीच पहुंचकर संवाद करें।

प्रदेश महामंत्री ने पदाधिकारियों से कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर लोगों से संवाद के दौरान वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश की स्थिति और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में आए बदलावों की चर्चा करें। पूर्व की सरकारों में बिजली र्दुव्यवस्था, भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं और प्रदेश में व्याप्त अराजकता जैसे विषयों को जनता के सामने तथ्यों के साथ रखा जाए। साथ ही योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में हुए बदलाव और विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए।

उन्होंने मंडल अध्यक्षों को निर्देश दिया कि मजबूत बूथ के लिए माइक्रो लेवल पर कार्ययोजना तैयार करें और प्रत्येक बूथ की स्थिति का नियमित आकलन करें। बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार संपर्क रखते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया गया।

महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टी नेतृत्व के निर्देशानुसार संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत किया जा रहा है। कार्यकर्ता चुनावी तैयारियों को लेकर पूरी सक्रियता के साथ जुटें और प्रत्येक बूथ पर संगठन की मजबूती के साथ केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाएं।

इससे पहले पार्टी कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल का 51 किलो की माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। विभिन्न बैठकों में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अवधेश पाण्डेय बादल, क्षेत्रीय मंत्री काशीराम, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत प्रशासक रोली सिंह, पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, पूर्व महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्र, पूर्व जिलाध्यक्ष बांके बिहारी मणि त्रिपाठी, ओम प्रकाश सिंह, अच्छे लाल निषाद, शैलेन्द्र सिंह, परमानंद मिश्र, शिवेन्द्र सिंह, अरविंद सिंह, तिलकराम मौर्या, शशि प्रताप सिंह, बालकष्ण वैश्य, रीना द्विवेदी, हरभजन गौड, शिवम शुक्ला, प्रदीप यादव, रवि सिंह, मीडिया प्रभारी अमित मिश्र, मंडल अध्यक्ष कपिल देव वर्मा, हेमंत जायसवाल, मुकेश तिवारी, रवि सोनकर, सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

नियुक्ति पत्र सौंपा, अन्नप्राशन कराया, आंगनबाड़ी बहनों को दी साड़ी

- 2.51 लाख से अधिक कार्यकत्रियों-सहायिकाओं को साड़ी के लिए 29.11 करोड़ रुपये का भुगतान

- मुख्यमंत्री योगी ने कॉफी टेबल बुक का किया विमोचन, कुपोषण और महिला सशक्तीकरण की उपलब्धियों पर देखी लघु फिल्म

अयोध्या। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के सम्मान समारोह में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलग-अलग भूमिकाओं में नजर आए। उन्होंने नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे तो बच्चियों का अन्नप्राशन कर उनके स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को बढ़े मानदेय के चेक सौंपने के साथ साड़ी भी प्रदान की।

प्रदेश की 2,51,162 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को साड़ी उपलब्ध कराने के लिए 29.11 करोड़ रुपये की धनराशि का भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने मंच से प्रतीक स्वरूप चार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को साड़ी प्रदान की। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकत्री नीलम यादव और ममता पांडेय तथा आंगनबाड़ी सहायिका अर्चना मिश्रा और सोनी साहू शामिल रहीं।

मुख्यमंत्री योगी ने नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। इसके साथ ही बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरित कर उन्हें लाभान्वित किया।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने महिला एवं बाल विकास विभाग की कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। कुपोषण दूर करने और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश में हासिल उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रियों के साथ लघु फिल्म देखी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से की बड़ी घोषणा

- आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अब 12 हजार, सहायिकाओं को छह हजार मानदेय

- कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के परिवार को हर साल पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज

- दो की जगह अब मिलेंगी तीन साड़ियां, स्मार्टफोन से रियल टाइम डाटा से जुड़ेंगे आंगनबाड़ी केंद्र

- मुख्यमंत्री बोले- पहले मासूम बच्चों के पोषाहार पर था माफिया का शिकंजा, अब महिला समूहों के हाथ में व्यवस्था

- सपा-कांग्रेस पर हमला, कहा- राम मंदिर ही नहीं, अयोध्या की सड़क, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट का भी किया विरोध

अयोध्या। उत्तर प्रदेश की 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ी सौगात दी। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। अब उन्हें दो के बजाय तीन साड़ियां मिलेंगी। स्मार्टफोन और रियल टाइम डाटा के इस्तेमाल से आंगनबाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री योगी अयोध्या धाम में आईसीडीएस के तहत आयोजित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। अयोध्या में करीब 12 हजार आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाएं मौजूद रहीं, जबकि सभी 75 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों से मंत्री, सांसद, विधायक और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकाएं जुड़ीं। बुधवार से शुरू हो रहे पोषण माह से पहले मुख्यमंत्री योगी ने मानदेय, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, अतिरिक्त साड़ी और स्मार्टफोन की चार प्रमुख सौगातें दीं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के समय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को महज तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था। सरकार ने इसे परफॉर्मेंस आधारित व्यवस्था से जोड़ते हुए आठ हजार रुपये किया। अब इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाएगा। सहायिकाओं का मानदेय भी 1,500 रुपये से पहले चार हजार और अब छह हजार रुपये किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने कोरोना जैसी सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गांव-गांव स्क्रीनिंग से लेकर दस्तक अभियान और संक्रमित लोगों की सेवा तक वे अपनी जान जोखिम में डालकर जुटी रहीं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के साथ उनके परिवार को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। इसका लाभ इम्पैनल्ड अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हाल में प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी गई है। लगातार मांग आ रही थी कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को भी इससे जोड़ा जाए। अब सरकार यह सुविधा उन्हें भी देने जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश की 2.91 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए साड़ी की धनराशि जारी कर दी गई है। अब तक उन्हें दो साड़ियां मिलती थीं। अब एक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये और दिए जाएंगे। इस पर प्रदेश सरकार करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करेगी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे योजनाओं का डाटा रियल टाइम में दर्ज किया जा सकेगा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का काम भी आसान होगा।

मुख्यमंत्री योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को बच्चों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में इनकी भूमिका की तुलना माता यशोदा से की थी। मां के बाद छोटे बच्चों का पहला संवाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से होता है। यही बचपन स्वस्थ होगा तो भारत स्वस्थ, समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराना है। इसके लिए राज्य वित्त आयोग की धनराशि या अलग बजट से निर्माण कराया जाएगा।

पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर थे। बच्चे बैठने के लिए अपना टाट लेकर आते थे। पेयजल और जरूरी उपकरणों का अभाव था। केंद्र सरकार पैसा देती थी, लेकिन पोषाहार पर माफिया का शिकंजा था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बच्चों का पोषाहार एक शराब माफिया संचालित करता था। सरकार और माफिया व्यवस्था को चौपट करते थे और बदनामी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को झेलनी पड़ती थी। अब पोषाहार को माफिया से मुक्त कर 204 स्थानों पर टेक होम राशन प्लांट महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।

अयोध्या के बदलाव को आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दस वर्ष पहले यहां न पर्याप्त बिजली थी, न सड़कें और न सुविधाएं। आज अयोध्या में फोरलेन सड़कें, भव्य रेलवे स्टेशन और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। रेलवे की सिंगल लाइन डबल हो चुकी है, राम की पैड़ी का कायाकल्प हुआ है और अयोध्या देश की सोलर सिटी बनी है। इसी बहाने मुख्यमंत्री योगी ने सपा और कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने राम मंदिर का विरोध किया। सपा ने अयोध्या में सड़कों के चौड़ीकरण, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट निर्माण तक का विरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “ये विरासत के भी विरोधी हैं और विकास के भी।” विरोध के बावजूद न राम मंदिर का अभियान रुका और न अयोध्या का विकास। आज रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं और देश-दुनिया के लोग अयोध्या के बदलाव को देख रहे हैं।

समारोह में सैम और मैम श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति में आए बच्चों और उनके अभिभावकों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों तथा एवरेस्ट बेस कैंप अभियान में शामिल बेटियों को सम्मानित किया गया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला समेत जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

राम मंदिर की व्यवस्थाओं में तीन पुराने कर्मचारियों की फिर वापसी
- शिकायत के बाद हटाए गए थे केडी तिवारी, बजरंग पाठक और संदीप गुप्ता; नए महासचिव के कार्यभार संभालने के बाद मिली दोबारा जिम्मेदारी

अयोध्या। राम मंदिर की व्यवस्थाओं से शिकायत के बाद हटाए गए तीन कर्मचारियों की एक बार फिर वापसी हो गई है। मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन की ओर से सेवा से हटाए गए केडी तिवारी, बजरंग पाठक और कारसेवक वासुदेव गुप्ता के पुत्र संदीप गुप्ता को अब दोबारा मंदिर की व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जानकारी के मुताबिक, तीनों कर्मचारियों को पूर्व में एक शिकायत के बाद मंदिर की सेवा से अलग कर दिया गया था। ट्रस्ट के नए महासचिव गोविंद देव गिरि के कार्यभार संभालने के बाद उन्हें पुनः काम पर बुलाया गया और मंदिर की व्यवस्थाओं से संबंधित जिम्मेदारियां दी गई हैं। तीनों कर्मचारियों की वापसी को राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में आए बदलाव के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। खासतौर पर पुराने कर्मचारियों को लेकर नई व्यवस्था के रुख में बदलाव की चर्चा है।हालांकि, तीनों की वापसी के कारणों और उन्हें सौंपी गई नई जिम्मेदारियों को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: सामाजिक प्रतिनिधित्व बढ़ा, पहली बार CEO की नियुक्ति
- संत समाज की केंद्रीय भूमिका बरकरार; मातृशक्ति, पिछड़ा वर्ग, दलित और विधि क्षेत्र को भी जगह, प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा नया ढांचा
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए स्वरूप में केवल सदस्यों की संख्या बढ़ने की तस्वीर नहीं है, बल्कि सामाजिक प्रतिनिधित्व का दायरा भी पहले से व्यापक नजर आ रहा है। ट्रस्ट की मूल संरचना में संत समाज की केंद्रीय भूमिका कायम रखते हुए मातृशक्ति, पिछड़ा वर्ग, दलित और विधि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी को महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

ट्रस्ट के स्वरूप में यह विस्तार ऐसे समय हुआ है जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाएं लगातार व्यापक होती जा रही हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, सुविधाओं का विस्तार, बड़े धार्मिक आयोजन और विकास परियोजनाओं के संचालन के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

- पहली बार मंदिर के लिए CEO की नियुक्ति
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं के लिए पहली बार मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी CEO की नियुक्ति की गई है। इसे ट्रस्ट की नीतियों को प्रशासनिक स्तर पर लागू करने के लिए पेशेवर व्यवस्था विकसित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

संभावित व्यवस्था के तहत नीतिगत फैसले ट्रस्ट के स्तर पर होंगे, जबकि CEO उन निर्णयों को जमीन पर लागू कराने और विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगे। CEO ट्रस्ट का विकल्प नहीं होगा, बल्कि ट्रस्ट की ओर से निर्धारित नीतियों के अनुरूप काम करेगा।

- श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर रहेगी नजर
CEO के सामने मंदिर की रोजमर्रा की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। इसमें मंदिर में प्रवेश और दर्शन व्यवस्था, कतार प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, परिसर की स्वच्छता तथा अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय प्रमुख रूप से शामिल हो सकते हैं।

- कर्मचारियों और मानव संसाधन का प्रबंधन
मंदिर से जुड़े कर्मचारियों की ड्यूटी, कार्यप्रणाली, मानव संसाधन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना भी CEO की जिम्मेदारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

- दान और खर्च में पारदर्शिता पर जोर
मंदिर को मिलने वाले दान-चढ़ावे, खरीद, खर्च और विभिन्न परियोजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी CEO की जिम्मेदारियों में शामिल हो सकता है। हालांकि बड़े वित्तीय और नीतिगत फैसलों का अधिकार ट्रस्ट के पास ही रहेगा।

- पुलिस-प्रशासन और एजेंसियों से समन्वय
मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं के अलावा पुलिस, प्रशासन और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय भी महत्वपूर्ण होगा। खासतौर पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और बड़े आयोजनों के दौरान विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाए रखना CEO की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।

- विकास परियोजनाओं की भी होगी निगरानी
मंदिर परिसर और उससे जुड़ी श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार के लिए चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति पर भी नजर रखी जाएगी। संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय, काम की गति और तय समयसीमा में परियोजनाओं को पूरा कराने की दिशा में CEO की भूमिका अहम हो सकती है।

- रामनवमी और दीपोत्सव जैसे आयोजनों की तैयारी
रामनवमी, दीपोत्सव, जन्माष्टमी जैसे बड़े धार्मिक अवसरों पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे आयोजनों को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालु सुविधाओं की तैयारी पहले से करना जरूरी होगा। CEO के स्तर से इन सभी विभागों के बीच समन्वय को एकीकृत रूप से संचालित किए जाने की संभावना है।
इस तरह ट्रस्ट के विस्तारित सामाजिक स्वरूप और CEO की नियुक्ति को नीतिगत नेतृत्व के साथ पेशेवर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य और स्थायी सदस्य :
1- के. परासरन: सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य।
2- महंत नृत्य गोपाल दास : अध्यक्ष, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट।
3- स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज : महामंत्री/महासचिव।
4- कृष्ण मोहन : सदस्य।
5- जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज : सदस्य (प्रयागराज)
6- जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ जी महाराज : सदस्य (पेजावर मठ, उडुपी)
7- युगपुरुष परमानंद जी महाराज : सदस्य (हरिद्वार)।
8- महंत दिनेंद्र दास : सदस्य (निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि)।
9- निर्मला यादव : नई महिला ट्रस्टी (शिकोहाबाद)।
10- मदन मोहन पांडेय : नए ट्रस्टी (अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता)।
11- महेश भालचंद : कोषाध्यक्ष (दिल्ली)।

- पदेन और सरकारी सदस्य :

* नृपेंद्र मिश्रा: अध्यक्ष, मंदिर निर्माण समिति।
* प्रशांत लोखंडे : केंद्र सरकार के प्रतिनिधि।
* संजय प्रसाद : उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि।
* शशांक त्रिपाठी : जिलाधिकारी अयोध्या।
अयोध्या में NH-27 पर भीषण हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली में DCM ने मारी टक्कर

- अयोध्या दर्शन के लिए लखीमपुर से जा रहे थे 28 लोग, ट्रॉली पलटने से मची चीख-पुकार; कई घायल

अयोध्या। रुदौली कोतवाली क्षेत्र में बुधवार सुबह NH-27 पर मखवापुर के पास भीषण सड़क हादसा हो गया। अयोध्या दर्शन के लिए लखीमपुर खीरी से जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से आ रही DCM ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर पलट गई।
हादसे के समय ट्रॉली में 28 महिला, पुरुष और बच्चे सवार थे। ट्रॉली के पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में ट्रैक्टर चालक समेत कई लोग घायल हो गए।
हादसा बुधवार सुबह करीब छह बजे हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
गोल्ड मेडल से सम्मानित हुए मिर्जा इब्राहिम बेग

अयोध्या लखनऊ।
अयोध्या जनपद के सोहावल तहसील क्षेत्र अंतर्गत रौनाही गांव निवासी मिर्जा आबिद बेग के पुत्र मिर्जा इब्राहिम बेग ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए उपलब्धि हासिल की है। कक्षा दो के छात्र मिर्जा इब्राहिम बेग को सीएमएस लखनऊ चौक शाखा में आयोजित स्पोर्ट्स डे कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।
मिर्जा इब्राहिम बेग की इस उपलब्धि से परिवार सहित गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। उनकी सफलता की जानकारी मिलते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। शुभचिंतकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी इसी तरह मेहनत और लगन से सफलता हासिल करने की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मिर्जा खालिद बेग, पूर्व प्रधान मिर्जा शाहिद बेग उर्फ बब्लू प्रधान, मिर्जा माजिद बेग सहित अनेक लोगों ने मिर्जा इब्राहिम बेग को गोल्ड मेडल हासिल करने पर हार्दिक बधाई दी।
बधाई देने वालों में जमीर खान, आदर्श सिंह, उर्फी सिद्दीकी, महताब आलम, विकास तिवारी, इसरार अहमद, सरफराज अहमद, अजय कुमार, अजमल अहमद, संदीप सिंह, आकाश मिश्रा, राजू वर्मा, कफील अहमद, अरशद खान और अनिल यादव समेत बड़ी संख्या में शुभचिंतक शामिल रहे।
परिजनों और शुभचिंतकों ने कहा कि मिर्जा इब्राहिम बेग ने कम उम्र में अपनी प्रतिभा का परिचय देकर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर अनस खान, सरफराज सिद्दीकी, संजू गुप्ता, विक्की सिंह, विजय कुमार, राज कुमार उपाध्याय, आरिफ सलमानी, अतीफ खान, संजू श्रीवास्तव, अरुण जायसवाल समेत काफी संख्या में लोगों ने गोल्ड मेडल से सम्मानित होने पर मिर्जा इब्राहिम बेग को बधाई दी है।
दादा साहब फाल्के अवॉर्ड के बाद पत्रकार धर्मपाल सिंह को मिली नई जिम्मेदारी

- अल्फा टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने बनाया जोनल मैनेजर, पत्रकार साथियों और शुभचिंतकों ने दी बधाई


सोहावल, अयोध्या। वरिष्ठ पत्रकार धर्मपाल सिंह की उपलब्धियों में एक और सम्मान जुड़ गया है। हाल ही में मुंबई में आयोजित दादा साहब फाल्के इंडियन टेलीविजन अवॉर्ड समारोह में सम्मानित किए गए धर्मपाल सिंह को अब नई दिल्ली स्थित अल्फा टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने विश्वविद्यालय का जोनल मैनेजर नियुक्त किया है।
नई जिम्मेदारी मिलने पर धर्मपाल सिंह ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो दायित्व सौंपा गया है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ करेंगे।धर्मपाल सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने की खबर सामने आते ही अयोध्या के पत्रकार जगत और उनके शुभचिंतकों में खुशी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोगों ने उनसे मुलाकात कर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इसी क्रम में यूनियन जर्नलिस्ट ऑफ उत्तर प्रदेश इंडिया की सोहावल इकाई के जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा और महामंत्री केके सिंह के नेतृत्व में पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल धर्मपाल सिंह के आवास पहुंचा। पत्रकारों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वह अपने अनुभव और कार्यकुशलता से इस दायित्व को भी सफलतापूर्वक निभाएंगे। पत्रकार साथियों ने उनके सम्मान को क्षेत्र और पत्रकारिता जगत के लिए गौरव का विषय बताया।
अयोध्या में सावन पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब
- पूर्णिमा स्नान और झूलनोत्सव के समापन को लेकर रामनगरी में बढ़ी रौनक, आज शाम तक पांच लाख पार हो सकती है भीड़

अयोध्या। सावन के अंतिम पड़ाव के साथ रामनगरी में श्रद्धा और उत्सव का माहौल चरम पर पहुंच गया है। सावन पूर्णिमा के पावन स्नान और झूलनोत्सव के समापन अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग रामनगरी पहुंच रहे हैं।
बृहस्पतिवार शाम तक अयोध्या में तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया था। जबकि आज शुक्रवार को सुबह से ही पूर्णिमा स्नान के चलते श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा हुआ है। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक दिनभर में श्रद्धालुओं की संख्या पांच लाख के पार पहुंच सकती है।
बढ़ती भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जा रही है, जबकि ड्रोन से भीड़ की गतिविधियों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। प्रशासन की टीमें श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय हैं।