एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड में मीडिया कॉन्क्लेव का हुआ सफल आयोजन
रांची- एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के विज़न एवं मिशन तथा संस्थापक अध्यक्ष एवं कुलाधिपति के आशीर्वाद से पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा 09 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय मीडिया कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ।
इस कॉन्क्लेव का विषय "बियॉन्ड द न्यूज़रूम: ब्रिजिंग द टैलेंट गैप थ्रू इंडस्ट्री–अकादमिक इमर्शन" था। इसका उद्देश्य देशभर के प्रतिष्ठित पत्रकारों, मीडिया विशेषज्ञों, फिल्म निर्माताओं, विज्ञापन एवं जनसंपर्क विशेषज्ञों, डिजिटल मीडिया उद्यमियों, नीति-निर्माताओं तथा विद्यार्थियों को एक साझा मंच पर लाकर मीडिया जगत में हो रहे बदलावों, नई संभावनाओं तथा उद्योग एवं अकादमिक जगत के बीच समन्वय पर सार्थक चर्चा करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री बलबीर दत्त, संस्थापक एवं संपादक, देश प्राण, रांची ने अपने संबोधन में कहा कि पहले पत्रकारिता के लिए "प्रेस" शब्द का प्रयोग किया जाता था, जिसे अब "मीडिया" ने प्रतिस्थापित कर दिया है। उन्होंने कहा कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है, जबकि प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) के पूर्व अध्यक्ष न्यायमूर्ति जे. बी. सावंत ने इसे लोकतंत्र का प्रथम स्तंभ बताया था।
उन्होंने आगे कहा कि प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एक-दूसरे के पूरक हैं। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इलाहाबाद से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र "द लीडर" के पूर्व संपादक श्री चिंतामणि का उदाहरण देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि पत्रकारिता में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए "पढ़ो, पढ़ो, पढ़ो और लिखो, लिखो, लिखो" का अभ्यास आवश्यक है।
पद्मश्री बलबीर दत्त ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) मानव मस्तिष्क का स्थान नहीं ले सकती। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत में बढ़ती साक्षरता दर के कारण मीडिया का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। उन्होंने "एमिटी" शब्द के अर्थ मानवीय मित्रता (Human Friendship) की भी सराहना की।
एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि "रीड" और "राइट" के साथ "थिंक" को भी जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि पहले सोचें, फिर पढ़ें और उसके बाद लिखें।
उन्होंने कहा, "मीडिया केवल ब्रेकिंग न्यूज़ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विश्वास निर्माण और लोकतंत्र को सशक्त बनाने का माध्यम भी है। 'सत्यमेव जयते' ही पत्रकारिता की आत्मा है।"
कार्यक्रम के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया। पहली पैनल चर्चा "क्लासरूम टू न्यूज़रूम: ब्रिजिंग द अकादमिक–इंडस्ट्री गैप" विषय पर आयोजित हुई, जिसमें नमिता तिवारी (सीनियर एसोसिएट एडिटर, पीटीआई झारखंड एवं ईस्टर्न रीजन प्रभारी), ए.एस.आर.पी. मुकेश (ब्यूरो चीफ, द टाइम्स ऑफ इंडिया, रांची), कुंदन कुमार चौधरी (वरिष्ठ पत्रकार, दैनिक भास्कर), धीरज कुमार ठाकुर (रेज़िडेंट एडिटर, ज़ी बिहार झारखंड), विजय बहादुर (प्रभात खबर) तथा गौरव कुमार सिंह (प्रबंध निदेशक, रफ्तार मीडिया) ने अपने विचार साझा किए।
दूसरी पैनल चर्चा "मीडिया एंटरप्रेन्योरशिप: स्टार्ट-अप्स एंड इमर्जिंग बिजनेस मॉडल्स" विषय पर आयोजित की गई, जिसमें गुलाम मोहम्मद सरफराज (जनसंपर्क पदाधिकारी, झारखंड विधानसभा), सनी शरद(संस्थापक, द फॉलोअप), शंभूनाथ चौधरी(अध्यक्ष, रांची प्रेस क्लब), संदीप कुमार (वरिष्ठ पत्रकार, कशिश न्यूज़, रांची) तथा प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मेघनाथ एवं बीजू टोप्पो ने मीडिया उद्योग में उभरती संभावनाओं और उद्यमिता पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए गए। साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों विवेक तिग्गा एवं आर्यन कुमार द्वारा निर्मित लघु फिल्म "पलायन" का प्रदर्शन किया गया। इस फिल्म को 27–28 जून 2026 को आयोजित चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल में तीन पुरस्कार प्राप्त हुए थे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अडानी पावर लिमिटेड, ख्याति – द बुटीक, स्माइल रिटर्न तथा झेंग युआन मोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड (ओप्पो झारखंड) के एचआर मैनेजर अभय कुमार सिंह एवं एजीएम रौशन कुमार के सहयोग को विशेष रूप से सराहा गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार का आयोजन मीडिया उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच संवाद, सहयोग तथा कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य न्यूज़रूम और क्लासरूम के बीच मौजूद कौशल अंतर को कम करना तथा मीडिया उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करना है।
उल्लेखनीय है कि एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड का पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग अत्याधुनिक मीडिया प्रयोगशालाओं एवं उत्कृष्ट अधोसंरचना से सुसज्जित है, जो विद्यार्थियों को उद्योगोन्मुख एवं व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रदेश के अग्रणी संस्थानों में से एक है।
Jul 28 2026, 16:44
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