महाशिवरात्रि पर राजधानी में पटना में 29 स्थानों से निकली शिव-बारात, राज्यपाल और सीएम ने झांकियों की उतारी आरती
डेस्क : पूरे देश में बीते बुधवार 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का त्योहार पूरे धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इधर राजधानी पटना भी शिवभक्तों से सराबोर रहा। शिव बारात में अलग वेशभूषा में शामिल भक्तों को देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। 29 स्थानों से निकली शिव बारात आकर्षण का केन्द्र रही।
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बैलगाड़ी, टमटम, साइकिल, स्कूटी, ट्रैक्टर और रथों पर सवार होकर बारात में शामिल भक्त खाजपुरा शिव मंदिर पहुंच रहे थे। चारों तरफ सिर्फ हर-हर महादेव की गूंज सुनाई पड़ती रही। बारात में शामिल झांकियों में शिव-पार्वती के साथ-साथ राम-सीता और राधा-कृष्ण की जोड़ियों ने भी आकर्षित किया।
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सीएम और राज्यपाल ने उतारी आरती
श्री श्री महाशिवरात्रि महोत्सव शोभा यात्रा अभिनंदन समिति के बैनर तले झांकियों का स्वागत से आरती हुआ। सबसे पहले 5.45 बजे स्वागत समिति के मंच के पास प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शोभा यात्रा पहुंची। ब्रह्मकुमारी जीवंत झांकी में कैलाश पर्वत पर शिवलिंग का ध्यान करते महादेव दिखे जिनकी जटा से जल का अविरल प्रवाह हो रहा था। बाद में राज्यपाल ने भी झांकियों की आरती उतारी। शाम सात बजे के बाद पहुंचे सूबे के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां के साथ उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, नगर विकास मंत्री नितिन नवीन, समिति के संयोजक सह विधायक डॉ. संजीव चौरसिया व अन्य अतिथियों ने आरती उतारी। स्वागत के बाद शोभा यात्रा समितियों को मोमेंटो, मेडल व अंगवस्त्रत्त् देकर सम्मानित किया गया।
समारोह स्थल पर तीन मंच बने थे। 60 फीट लंबे मुख्य मंच पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, केंद्र व राज्य सरकार के मंत्री, धर्माचार्य व अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। दूसरे मंच पर कलाकारों की टोली मंत्रोच्चार के साथ गंगा आरती कर रही थी। भव्य आरती देख लोग भावविभोर नजर आए। तीसरे मंच पर गणेश वंदना से भजन संध्या की शुरुआत हुई। कलाकारों ने शिव महिमा से जुड़े गीतों की प्रस्तुति की। शिव-तांडव नृत्य ने तो मन ही मोह लिया।
शहर के अलग-अलग हिस्सों से निकली झाकियों में भक्त झूमते-गाते खाजपुरा शिवालय पहुंचे। माथे पर त्रिपुंड का तिलक व कलश लिए महिलाएं, गले में भगवा पट्टा लगाए युवक महादेव के जयकारे लगा रहे थे। कोलकाता, रायपुर, धनबाद, हजारीबाग से आई झांकियों में शिव-पार्वती विवाह, भूत-पिशाचों की बारात और उज्जैन के महाकाल की प्रतिकृति को दर्शाया गया था। जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई।
Feb 27 2025, 09:31