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मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच गहराया LPG का संकट, देशभर से सिलेंडर सप्‍लाई प्रभावित

#lpggascrisishitstakenamidmiddleeast_tensions

अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग का असर भारत के करोड़ों लोगों पर पड़ता दिख रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर अब भारत में एलपीजी और गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी इस युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर तेलंगाना और तमिलनाडु तक लाखों लोग एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं।

कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण राजधानी दिल्ली, यूपी और हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत होने लगी है। गैस सिलेंडर भरवाने को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। लखनऊ समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे लोग

कई जगह घरेलू आपूर्ति तो अभी सामान्य है, लेकिन वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों को लेकर परेशानी बढ़ रही है। यह स्थिति इसलिए भी है कि लोग आशंका में पहले से ही गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे हैं। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित होने से दिल्ली में 50 हजार से अधिक रेस्तरां, पब, बार और होटलों के संचालन में दिक्कतें आने लगी हैं।

गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लेकर अधिसूचना

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारत की एक-तिहाई गैस आपूर्ति बाधित होने के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना जारी कर गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को मिलने वाली गैस प्रमुख उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव किया है। इसके तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को अन्य सभी क्षेत्रों पर प्राथमिकता दी जाएगी।

गैस की परेशानी से रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान

देश में एलपीजी की किल्लत के कारण रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को जबरदस्त नुकसान हो रहा है। कई रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष और रेस्टोरेंट कारोबारी जोरावर कालरा ने कहा कि अगर एलपीजी सिलेंडरआपूर्ति में कमी जारी रही तो रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को रोजाना 1200 से 1300 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।

भारत में एलपीजी की कितनी खपत?

बता दें कि भारत एलपीजी का बड़ा उपभोक्ता है। देश में हर साल लगभग 31.2 मिलियन टन (करीब 3.13 करोड़ टन) एलपीजी की खपत होती है। इसमें से लगभग 60 प्रतिशत गैस का आयात किया जाता है, जबकि करीब 40 प्रतिशत यानी लगभग 12.4 मिलियन टन एलपीजी का उत्पादन देश में ही किया जाता है। घरेलू उपयोग में 14 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी लगभग 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल सेक्टर में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत है।

किन देशों से आता है एलपीजी?

भारत की एलपीजी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। कुल आयात में लगभग 80 प्रतिशत गैस इसी क्षेत्र से मिलती है। यूएई से लगभग 26 प्रतिशत, कतर से 22 प्रतिशत और सउदी अबर से करीब 22 प्रतिशत एलपीजी आती है, जबकि बाकी 33 प्रतिशत अन्य देशों से आयात की जाती है। भारत में कितने उपभोक्ता मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 33.08 करोड़ सक्रिय एलपीजी उपभोक्ता हैं।

ईरान युद्ध की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित

ईरान युद्ध की वजह से भारत में पेट्रोलियम पदार्थों का सप्लाई चेन प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार घरेलू गैस और ईंधन की सप्लाई चेन बरकरार रखने के लिए कई तरह के सकारात्मक और सख्त कदम उठा रही है। आम जनता पर इसका सीधा असर न पड़े इसके लिए वह आवश्यत वस्तु अधिनियन (ईसीए) भी लागू कर चुकी है। फिर भी एलएनजी और एलपीजी की किल्लत से देश में ऑद्योगिक क्षेत्र प्रभावित होने लगे हैं।

क्या होता है ESMA, देशभर में किया गया लागू, मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सरकार का बड़ा फैसला

#esmaimplementednationwidelpgcrisis

ईरान-इजरायल जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में पैदा हुए हालातों का असर भारत में तेल-गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी रोकने और घरेलू गैस संकट को टालने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) लागू किया है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और काले बाजारी गतिविधियों पर रोक लगाना है।

कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार की सख्त

मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और ईंधन सप्लाई में दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने एलपीजी गैस को लेकर बड़े फैसले किए हैं। सरकार ने घरेलू एलपीजी सप्लाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए नया नियम लगाया गया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को एक अहम फैसला लेते हुए लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी वस्तु अधिनियम की शक्तियों का उपयोग किया है।

क्या होता है ESMA ?

आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ईएसएमए) एक एक्ट है, जिसे कुछ सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। ये सेवाएं लोगों के सामान्य जीवन से जुड़ी हैं और इनके प्रभावित होने का सीधा असर आम जनता को पड़ता है। इसमें सार्वजनिक परिवहन (बस सेवाएं), स्वास्थ्य सेवाएं (डॉक्टर और अस्पताल) जैसी सेवाएं शामिल हैं।

क्या है फैसले की पीछे की वजह

सरकार ने देशभर में ESMA लगाने का फैसला अचानक नहीं लिया है। जिस तरह से ईरान पर इजराइल र अमेरिका ने हमला किया है और दोनों पक्षों के बीच सैन्य संघर्ष को 10 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। इसका असर दुनियाभर के देशों में दिख रहा है। वैश्विक अस्थिरता के समय में दुनिया में बढ़ती प्राकृतिक गैस की कीमतों के बीच केंद्र सरकार लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। इसमें एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया। इसकी वजह जमाखोरी को रोकना है। इसी के बाद देशभर में ESMA का फैसला लिया गया।

मिडिल ईस्ट जंग के बीच लगा महंगाई का झटका, घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े

#lpggascylinderpriceincreased

मिडिल-ईस्ट में जंग की आग फैलती जा रही है। ईरान-इजरायल जंग का असर भारत में भी दिखने लगा है। ईरान जंग के कारण देश में महंगाई का जोरदार झटका लगा है। ईरान-इजरायल जंग बीच घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं।

घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार, 7 मार्च से वृद्धि कर दी गई है। देश भर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब है कि नए रेट में अब दिल्ली में 14.2 kg सिलेंडर की कीमत 913 रुपए होगी, जबकि पहले यह 853 रुपए थी। एक साल से भी कम समय में कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी काटेगी जेब

वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो आज 7 मार्च से प्रभावी हो गई है। दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1883 रुपये हो गई है। सिलेंडर की कीमतों में यह नया बदलाव अप्रैल 2025 की कीमतों के बाद हुआ है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर 1835 रुपये मिलेगा। सिलेंडर की कीमतों में उछाल के बाद लोगों में हड़कंप मच गया है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर

बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आयात होने वाली तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद घरेलू सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। होर्मुज के जरिये एलएनजी की आपूर्ति 28 फरवरी से ही रुक गई है। इससे लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक एलएनजी आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है और एशियाई आयात बाजारों में चिंता बढ़ गई है। भारत की एलएनजी आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है।

सरकार ने कहा था-देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं

यह वृद्धि भारत की ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले आश्वासन दिया था कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति में व्यवधान की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए किफायती और टिकाऊ ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है और हम इसे बखूबी कर रहे हैं। भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, और हमारे ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए चिंता का कोई कारण नहीं है।

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

*रायपुर नगर निगम का आदेश: 26 व 30 जनवरी को नहीं बिकेगा मांस-मटन*

*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

https://news4u36.in/kathavachak-yuvraj-pandey-threat-video-viral/

*छत्तीसगढ़: इस्पात संयंत्र में बड़ा हादसा, ब्लास्ट में 6 की मौत, 4 मजदूर गंभीर*

*छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग: 85 उप निरीक्षकों की नियुक्ति 24 घंटे में रद्द*

उत्तराखंड : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में हरिद्वार में जोरदार प्रदर्शन, पूर्व मेयर के पति ने कराया मुंडन

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच गहराया LPG का संकट, देशभर से सिलेंडर सप्‍लाई प्रभावित

#lpggascrisishitstakenamidmiddleeast_tensions

अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग का असर भारत के करोड़ों लोगों पर पड़ता दिख रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर अब भारत में एलपीजी और गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी इस युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर तेलंगाना और तमिलनाडु तक लाखों लोग एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं।

कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण राजधानी दिल्ली, यूपी और हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत होने लगी है। गैस सिलेंडर भरवाने को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। लखनऊ समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे लोग

कई जगह घरेलू आपूर्ति तो अभी सामान्य है, लेकिन वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों को लेकर परेशानी बढ़ रही है। यह स्थिति इसलिए भी है कि लोग आशंका में पहले से ही गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे हैं। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित होने से दिल्ली में 50 हजार से अधिक रेस्तरां, पब, बार और होटलों के संचालन में दिक्कतें आने लगी हैं।

गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लेकर अधिसूचना

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारत की एक-तिहाई गैस आपूर्ति बाधित होने के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना जारी कर गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को मिलने वाली गैस प्रमुख उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव किया है। इसके तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को अन्य सभी क्षेत्रों पर प्राथमिकता दी जाएगी।

गैस की परेशानी से रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान

देश में एलपीजी की किल्लत के कारण रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को जबरदस्त नुकसान हो रहा है। कई रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष और रेस्टोरेंट कारोबारी जोरावर कालरा ने कहा कि अगर एलपीजी सिलेंडरआपूर्ति में कमी जारी रही तो रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को रोजाना 1200 से 1300 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।

भारत में एलपीजी की कितनी खपत?

बता दें कि भारत एलपीजी का बड़ा उपभोक्ता है। देश में हर साल लगभग 31.2 मिलियन टन (करीब 3.13 करोड़ टन) एलपीजी की खपत होती है। इसमें से लगभग 60 प्रतिशत गैस का आयात किया जाता है, जबकि करीब 40 प्रतिशत यानी लगभग 12.4 मिलियन टन एलपीजी का उत्पादन देश में ही किया जाता है। घरेलू उपयोग में 14 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी लगभग 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल सेक्टर में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत है।

किन देशों से आता है एलपीजी?

भारत की एलपीजी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। कुल आयात में लगभग 80 प्रतिशत गैस इसी क्षेत्र से मिलती है। यूएई से लगभग 26 प्रतिशत, कतर से 22 प्रतिशत और सउदी अबर से करीब 22 प्रतिशत एलपीजी आती है, जबकि बाकी 33 प्रतिशत अन्य देशों से आयात की जाती है। भारत में कितने उपभोक्ता मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 33.08 करोड़ सक्रिय एलपीजी उपभोक्ता हैं।

ईरान युद्ध की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित

ईरान युद्ध की वजह से भारत में पेट्रोलियम पदार्थों का सप्लाई चेन प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार घरेलू गैस और ईंधन की सप्लाई चेन बरकरार रखने के लिए कई तरह के सकारात्मक और सख्त कदम उठा रही है। आम जनता पर इसका सीधा असर न पड़े इसके लिए वह आवश्यत वस्तु अधिनियन (ईसीए) भी लागू कर चुकी है। फिर भी एलएनजी और एलपीजी की किल्लत से देश में ऑद्योगिक क्षेत्र प्रभावित होने लगे हैं।

क्या होता है ESMA, देशभर में किया गया लागू, मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सरकार का बड़ा फैसला

#esmaimplementednationwidelpgcrisis

ईरान-इजरायल जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में पैदा हुए हालातों का असर भारत में तेल-गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी रोकने और घरेलू गैस संकट को टालने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) लागू किया है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और काले बाजारी गतिविधियों पर रोक लगाना है।

कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार की सख्त

मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और ईंधन सप्लाई में दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने एलपीजी गैस को लेकर बड़े फैसले किए हैं। सरकार ने घरेलू एलपीजी सप्लाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए नया नियम लगाया गया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को एक अहम फैसला लेते हुए लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी वस्तु अधिनियम की शक्तियों का उपयोग किया है।

क्या होता है ESMA ?

आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ईएसएमए) एक एक्ट है, जिसे कुछ सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। ये सेवाएं लोगों के सामान्य जीवन से जुड़ी हैं और इनके प्रभावित होने का सीधा असर आम जनता को पड़ता है। इसमें सार्वजनिक परिवहन (बस सेवाएं), स्वास्थ्य सेवाएं (डॉक्टर और अस्पताल) जैसी सेवाएं शामिल हैं।

क्या है फैसले की पीछे की वजह

सरकार ने देशभर में ESMA लगाने का फैसला अचानक नहीं लिया है। जिस तरह से ईरान पर इजराइल र अमेरिका ने हमला किया है और दोनों पक्षों के बीच सैन्य संघर्ष को 10 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। इसका असर दुनियाभर के देशों में दिख रहा है। वैश्विक अस्थिरता के समय में दुनिया में बढ़ती प्राकृतिक गैस की कीमतों के बीच केंद्र सरकार लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। इसमें एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया। इसकी वजह जमाखोरी को रोकना है। इसी के बाद देशभर में ESMA का फैसला लिया गया।

मिडिल ईस्ट जंग के बीच लगा महंगाई का झटका, घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े

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मिडिल-ईस्ट में जंग की आग फैलती जा रही है। ईरान-इजरायल जंग का असर भारत में भी दिखने लगा है। ईरान जंग के कारण देश में महंगाई का जोरदार झटका लगा है। ईरान-इजरायल जंग बीच घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं।

घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार, 7 मार्च से वृद्धि कर दी गई है। देश भर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब है कि नए रेट में अब दिल्ली में 14.2 kg सिलेंडर की कीमत 913 रुपए होगी, जबकि पहले यह 853 रुपए थी। एक साल से भी कम समय में कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी काटेगी जेब

वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो आज 7 मार्च से प्रभावी हो गई है। दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1883 रुपये हो गई है। सिलेंडर की कीमतों में यह नया बदलाव अप्रैल 2025 की कीमतों के बाद हुआ है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर 1835 रुपये मिलेगा। सिलेंडर की कीमतों में उछाल के बाद लोगों में हड़कंप मच गया है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर

बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आयात होने वाली तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद घरेलू सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। होर्मुज के जरिये एलएनजी की आपूर्ति 28 फरवरी से ही रुक गई है। इससे लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक एलएनजी आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है और एशियाई आयात बाजारों में चिंता बढ़ गई है। भारत की एलएनजी आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है।

सरकार ने कहा था-देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं

यह वृद्धि भारत की ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले आश्वासन दिया था कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति में व्यवधान की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए किफायती और टिकाऊ ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है और हम इसे बखूबी कर रहे हैं। भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, और हमारे ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए चिंता का कोई कारण नहीं है।

छत्तीसगढ़: पहले पी शराब, फिर प्रेमिका को दे दी दर्दनाक मौत

आज बैंकों में हड़ताल, सरकारी बैंकों का कामकाज रहेगा ठप

रायपुर। अगर आप आज बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दो दिन की छुट्टी के बाद आज यानी 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

*रायपुर नगर निगम का आदेश: 26 व 30 जनवरी को नहीं बिकेगा मांस-मटन*

*कथावाचक युवराज पांडे बोले– क्या कोई टारगेट है मुझे निपटाने का?*

https://news4u36.in/kathavachak-yuvraj-pandey-threat-video-viral/

*छत्तीसगढ़: इस्पात संयंत्र में बड़ा हादसा, ब्लास्ट में 6 की मौत, 4 मजदूर गंभीर*

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