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आज से 195 रुपए महंगा हो गया कमर्शियल गैस सिलेंडर, घरेलू गैस की कीमत में नहीं हुआ कोई बदलाव

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकारी कंपनियों ने बुधवार को कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी 19 किलो सिलिंडर पर की गई है। हालांकि, घरेलू सिलिंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरों में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस की दरें पहले के जैसी ही हैं।

घरेलू गैस के दामों में कोई बदलाव नहीं

हालांकि, घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू एलपीजी के दामों में 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से दाम स्थिर हैं और दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये बनी हुई है।

बढ़ोतरी के बाद नई कीमतें

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये हो गई है, जो पहले 1884.50 रुपये थी। कोलकाता में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 2208 रुपये का हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 2031 रुपये पहुंच गई है। चेन्नई में यह सिलेंडर अब 2246.50 रुपये में मिलेगा। पटना में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 2365 रुपये हो गया है, जबकि जयपुर में इसकी कीमत 2031 रुपये हो गई है।

7 मार्च को भी बढ़े थे दाम

इससे पहले 7 मार्च को भी घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे। उस समय घरेलू सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 114.50 रुपये महंगा हुआ था। बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई थी, जो पहले 853 रुपये थी। पिछले एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।

रांची: एलपीजी किल्लत पर उपायुक्त सख्त, कालाबाजारी करने वालों पर होगी जेल, गैस एजेंसियों पर तैनात होंगे मजिस्ट्रेट

रांची | 25 मार्च 2026: राजधानी रांची में एलपीजी गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाओं और शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने मंगलवार को समाहरणालय में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि गैस की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को तत्काल समाप्त किया जाए।

कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निगरानी टीम

उपायुक्त ने चेतावनी दी है कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन विभिन्न माध्यमों से डिलीवरी चेन पर नजर रख रहा है।

सुरक्षा बल होंगे तैनात: यह बात सामने आई है कि कुछ लोग गैस एजेंसियों पर जबरदस्ती कर सिलेंडर ले जा रहे हैं, जिससे वैध बुकिंग कराने वालों को परेशानी हो रही है। इसे रोकने के लिए जरूरत के अनुसार गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) और सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।

पैनिक बुकिंग न करें: प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग (घबराहट में बुकिंग) करने से बचें।

शिकायत के लिए डिजिटल प्लेटफार्म जारी

उपायुक्त ने नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष चैनल शुरू किए हैं:

ईमेल आईडी: किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी की शिकायत पर सीधे भेजी जा सकती है।

व्हाट्सएप हेल्पलाइन: 'अबुआ साथी' नंबर 9430328080 के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

PNG कनेक्शन अपनाने की अपील

आपूर्ति के दबाव को कम करने और सुरक्षित ईंधन को बढ़ावा देने के लिए उपायुक्त ने लोगों से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि PNG एक लागत-प्रभावी और निरंतर मिलने वाला विकल्प है। इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1800-123-121111 जारी किया गया है।

बैठक में ये रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण बैठक में विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी श्रीमती मोनी कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री राम गोपाल पांडेय, डीएसपी मुख्यालय श्री अमर कुमार पांडेय, जिला जन संपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय सहित इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के क्षेत्रीय प्रबंधक उपस्थित थे।

गैस बुकिंग के लिए फिर नया अपडेट, डबल कनेक्शन वालों को अब 35 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलिंडर

#latestlpgbookingnewruledoublegascylinderconnection

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के चलते देशभर में घरेलू गैस (एलपीजी) सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है। इस बीच गैस बुकिंग को लेकर फिर नए नियम आ गए हैं। तेल कंपनियों ने इन्‍हें लागू कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को अगला सिलेंडर बुक करने के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। नए नियमों के अनुसार कोई भी ग्राहक तय समय से पहले गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पाएगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य कालाबाजारी पर रोक लगाना और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।

दो सिलेंडर कनेक्शन वालों के लिए नया नियम

नए नियमों के अनुसार, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी और अगली रिफिल बुकिंग के बीच का अंतराल अब 25 दिन से बढ़ाकर 35 दिन कर दिया गया है। यानी अब उपभोक्ताओं को अगली बुकिंग के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना होगा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के तहत यह नियम खासतौर पर उन लोगों पर लागू होगा, जिनके पास दो सिलेंडर वाला कनेक्शन है। यानी डबल बॉटम कनेक्शन वालों के लिए ये नियम है।

उज्जवला लाभार्थियों को करना होगा और ज्यादा इंतजार

उज्जवला योजना के लाभार्थियों को अब और ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। इस योजना के तहत जुड़े लोगों को अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार करना अनिवार्य होगा। वहीं जिन उपभोक्ताओं के पास सिर्फ एक सिलेंडर वाला कनेक्शन है, वे पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकेंगे।

समय सीमा पिछली डिलीवरी की तारीख से गिनी जाएगी

यह समय सीमा पिछली डिलीवरी की तारीख से गिनी जाएगी, न कि बुकिंग की तारीख से। अगर कोई उपभोक्ता तय समय से पहले बुकिंग करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसकी बुकिंग को खुद ब्लॉक कर देगा। इसके अलावा डिलीवरी के समय ओटीपी बताना भी अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई उपभोक्ता ई-केवाईसी पूरी नहीं करता है, तो उसकी बुकिंग रद्द भी की जा सकती है।

छोटे सिलेंडरों के लिए भी बदले नियम

सिर्फ 14.2 किलो सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे सिलेंडरों के लिए भी नई समय सीमा लागू की गई है। 5 किलो के सिलेंडर के लिए 9 से 16 दिन और 10 किलो सिलेंडर के लिए 18 से 32 दिन निर्धारित किए गए हैं।

Desh Ka Indhan’ Promises Cheaper, Cleaner Cooking Amid LPG Crisis

Mumbai, Maharashtra: In response to ongoing concerns over irregular LPG cylinder supply, SSK Bharat has introduced an alternative cooking solution named “Desh Ka Indhan”, positioning it as a modern, cost-effective, and eco-friendly substitute for traditional kitchen gas.

The product was launched in Malad East, Mumbai, on the occasion of the Hindu New Year and Gudi Padwa. According to the company, the innovation is an advanced biofuel-based cooking coal and system designed to deliver performance comparable to LPG while reducing dependency on conventional fuel sources.

SSK Bharat claims that the system offers a controlled and efficient flame similar to gas burners, while eliminating smoke and ash, making it suitable for both commercial and household use. The company also highlighted its environmental benefits, stating that the product is aligned with efforts toward reducing carbon emissions and promoting sustainable energy alternatives.

The solution is being targeted at a wide range of users, including hotel and restaurant operators, dhaba and street food vendors, catering businesses, and organizers of large social and religious events. It is also being promoted as a viable option for regular household kitchens.

Recent disruptions in LPG supply across Mumbai have reportedly impacted daily life and small businesses, particularly in the food service sector. Industry observers note that alternatives like biofuel-based systems could help address such challenges if adopted at scale.

Speaking at the launch, SSK Bharat Director Kartik Rawal described the product as part of a broader mission to achieve energy self-reliance. He stated that widespread adoption of indigenous biofuel solutions could reduce India’s dependence on imported fuels and contribute to long-term economic and environmental goals.

In addition to the product rollout, the company announced dealership and franchise opportunities, inviting entrepreneurs to participate in expanding the distribution network.

Further details are available on the company’s official website.

“LPG सप्लाई में 20% बढ़ोतरी: केंद्र का बड़ा फैसला, होटल-ढाबों और उद्योगों को प्राथमिकता”
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG) गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्यों को एलपीजी आवंटन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने के निर्देश जारी किए हैं, जो 23 मार्च से लागू होंगे।
इस निर्णय के तहत कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई में भी 20 फीसदी की वृद्धि की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई सप्लाई का लाभ विशेष रूप से रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा संचालकों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, ताकि खाद्य सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी उद्योग को भी प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है, जिससे उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिल सके।
केंद्र सरकार ने राज्यों को यह भी निर्देश दिए हैं कि एलपीजी गैस सप्लाई का किसी प्रकार से दुरुपयोग न हो और इसका सही तरीके से वितरण सुनिश्चित किया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि आवश्यक सेवाओं और उद्योगों को निर्बाध गैस आपूर्ति मिलती रहे, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
होर्मुज से 'नंदा देवी' जहाज भी भारत लौटा, 47 हजार मीट्रिक टन LPG के साथ गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंचा

#nandadevicarrying46500mtoflpgarrivesatvadinarport

ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले से पश्चिम एशिया में बने हालात के बीच सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की कहीं कोई तंगी नहीं है। देश में गैस की किल्लत के बीच भारतीय जहाज "नंदा देवी" 46500 मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंच गया है। इससे पहले 'शिवालिक' सोमवार शाम मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच था।

नंदा देवी जहाज LPG कैरियर दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के वाडीनार टर्मिनल के पास मिड सी में पहुंचा है। मिड सी में ही नंदा देवी से पूरी 46500 मीट्रिक टन LPG दूसरी शिप में ट्रांसफर की जा रही है। जब ये काम पूरा हो जाएगा तो LPG का आधा स्टॉक एन्नोर पोर्ट में ऑफलोड किया जाएगा और आधा स्टॉक पश्चिम बंगाल के हल्दीआ पोर्ट पर ऑफलोड होगा।

भारत पहुंचने वाला नंदा देवी दूसरा जहाज

एमटी नंदा देवी हाल के दिनों में दूसरा भारतीय एलपीजी जहाज है, जिसने सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार कर भारतीय तट तक पहुंच बनाई है। इससे ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के प्रयासों को मजबूती मिली है। इससे एक दिन पहले ही एलपीजी कैरियर शिवालिक करीब 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्गो का एक हिस्सा मुंद्रा में उतारा जाएगा, जबकि बाकी एलपीजी को मैंगलोर भेजा जाएगा।

फारख की खाड़ी में फंसे कितने भारतीय जहाज

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फारस की खाड़ी क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में 22 भारतीय जहाज मौजूद थे, जिनमें 611 नाविक सवार थे. सरकार लगातार इन जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात से करीब 81,000 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा जहाज ‘जग लाडकी’ भी मुंद्रा बंदरगाह की ओर रवाना हो चुका है। इस जहाज और उसके चालक दल के सुरक्षित होने की भी पुष्टि की गई है। मंत्रालय ने बताया है कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाह जहाजों की आवाजाही और माल ढुलाई पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। साथ ही शिपिंग कंपनियों और व्यापार से जुड़े हितधारकों को हर संभव सहायता दी जा रही है। इसमें लंगरगाह, किराया और भंडारण शुल्क में रियायतें भी शामिल हैं, ताकि आपूर्ति बाधित न हो।

आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत

‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जैसे जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना न सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी भारत अपनी सप्लाई चेन को बनाए रखने में सक्षम है। इन जहाजों से आई एलपीजी लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों सिलेंडरों की जरूरत पूरी कर सकती है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है।

भारत के लिए राहत की खबर, ईरान में होर्मुज से LPG लेकर सुरक्षित निकला शिवालिक

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मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने से भारत समेत पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत तमाम एशियाई देशों में ईंधन की कमी और कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई है। इस बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। भारत के लोगों को अब एलपीजी गैस की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

कुछ दिनों में शिवालिक जहाज भारत पहुंच जाएगा

ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी से लदा भारतीय जहाज, शिवालिक पार कर गया है। भारत के टैंकर शिवालिक ने होर्मुज़ स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर लिया है। टैंकर शिवालिक पर 40 हज़ार मीट्रिक टन LPG लदी है और ये टैंकर अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच जाएगा। इसके साथ ही एक और एलपीजी से भरा टैंकर भारत रवाना होगा, इसकी भी अनुमति मिल गई है। इस तरह से दो शिप भारत आएंगे।

पीएम मोदी के ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत के बाद राहत

भारत के लोगों के लिए ये बड़ी राहत की खबर है। इससे पहले पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से इस मुद्दे पर बात की थी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक होने के बाद ही ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति दी है।

देश में गैस की किल्लत से सरकार का इनकार

बता दें कि पिछले एक सप्ताह से देश में एलपीजी गैस की किल्लत है। गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतार भी देखी गई। अभी भी देश में कई अलग-अलग जगहों से गैस की किल्लत होन की खबर सामने आ रही है। हालांकि, भारत सरकार ने शुरू से ही गैस की किल्लत होने से इनकार किया है। सरकार ने लोगों को भरोसा दिया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर बुकिंग और जमाखोरी करने लगे हैं। घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का है।

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच गहराया LPG का संकट, देशभर से सिलेंडर सप्‍लाई प्रभावित

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अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग का असर भारत के करोड़ों लोगों पर पड़ता दिख रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर अब भारत में एलपीजी और गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी इस युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर तेलंगाना और तमिलनाडु तक लाखों लोग एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं।

कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण राजधानी दिल्ली, यूपी और हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत होने लगी है। गैस सिलेंडर भरवाने को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। लखनऊ समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे लोग

कई जगह घरेलू आपूर्ति तो अभी सामान्य है, लेकिन वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों को लेकर परेशानी बढ़ रही है। यह स्थिति इसलिए भी है कि लोग आशंका में पहले से ही गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे हैं। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित होने से दिल्ली में 50 हजार से अधिक रेस्तरां, पब, बार और होटलों के संचालन में दिक्कतें आने लगी हैं।

गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लेकर अधिसूचना

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारत की एक-तिहाई गैस आपूर्ति बाधित होने के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना जारी कर गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को मिलने वाली गैस प्रमुख उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव किया है। इसके तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को अन्य सभी क्षेत्रों पर प्राथमिकता दी जाएगी।

गैस की परेशानी से रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान

देश में एलपीजी की किल्लत के कारण रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को जबरदस्त नुकसान हो रहा है। कई रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष और रेस्टोरेंट कारोबारी जोरावर कालरा ने कहा कि अगर एलपीजी सिलेंडरआपूर्ति में कमी जारी रही तो रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को रोजाना 1200 से 1300 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।

भारत में एलपीजी की कितनी खपत?

बता दें कि भारत एलपीजी का बड़ा उपभोक्ता है। देश में हर साल लगभग 31.2 मिलियन टन (करीब 3.13 करोड़ टन) एलपीजी की खपत होती है। इसमें से लगभग 60 प्रतिशत गैस का आयात किया जाता है, जबकि करीब 40 प्रतिशत यानी लगभग 12.4 मिलियन टन एलपीजी का उत्पादन देश में ही किया जाता है। घरेलू उपयोग में 14 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी लगभग 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल सेक्टर में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत है।

किन देशों से आता है एलपीजी?

भारत की एलपीजी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। कुल आयात में लगभग 80 प्रतिशत गैस इसी क्षेत्र से मिलती है। यूएई से लगभग 26 प्रतिशत, कतर से 22 प्रतिशत और सउदी अबर से करीब 22 प्रतिशत एलपीजी आती है, जबकि बाकी 33 प्रतिशत अन्य देशों से आयात की जाती है। भारत में कितने उपभोक्ता मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 33.08 करोड़ सक्रिय एलपीजी उपभोक्ता हैं।

ईरान युद्ध की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित

ईरान युद्ध की वजह से भारत में पेट्रोलियम पदार्थों का सप्लाई चेन प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार घरेलू गैस और ईंधन की सप्लाई चेन बरकरार रखने के लिए कई तरह के सकारात्मक और सख्त कदम उठा रही है। आम जनता पर इसका सीधा असर न पड़े इसके लिए वह आवश्यत वस्तु अधिनियन (ईसीए) भी लागू कर चुकी है। फिर भी एलएनजी और एलपीजी की किल्लत से देश में ऑद्योगिक क्षेत्र प्रभावित होने लगे हैं।

क्या होता है ESMA, देशभर में किया गया लागू, मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सरकार का बड़ा फैसला

#esmaimplementednationwidelpgcrisis

ईरान-इजरायल जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में पैदा हुए हालातों का असर भारत में तेल-गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी रोकने और घरेलू गैस संकट को टालने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) लागू किया है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और काले बाजारी गतिविधियों पर रोक लगाना है।

कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार की सख्त

मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और ईंधन सप्लाई में दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने एलपीजी गैस को लेकर बड़े फैसले किए हैं। सरकार ने घरेलू एलपीजी सप्लाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए नया नियम लगाया गया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को एक अहम फैसला लेते हुए लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी वस्तु अधिनियम की शक्तियों का उपयोग किया है।

क्या होता है ESMA ?

आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ईएसएमए) एक एक्ट है, जिसे कुछ सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। ये सेवाएं लोगों के सामान्य जीवन से जुड़ी हैं और इनके प्रभावित होने का सीधा असर आम जनता को पड़ता है। इसमें सार्वजनिक परिवहन (बस सेवाएं), स्वास्थ्य सेवाएं (डॉक्टर और अस्पताल) जैसी सेवाएं शामिल हैं।

क्या है फैसले की पीछे की वजह

सरकार ने देशभर में ESMA लगाने का फैसला अचानक नहीं लिया है। जिस तरह से ईरान पर इजराइल र अमेरिका ने हमला किया है और दोनों पक्षों के बीच सैन्य संघर्ष को 10 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। इसका असर दुनियाभर के देशों में दिख रहा है। वैश्विक अस्थिरता के समय में दुनिया में बढ़ती प्राकृतिक गैस की कीमतों के बीच केंद्र सरकार लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। इसमें एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया। इसकी वजह जमाखोरी को रोकना है। इसी के बाद देशभर में ESMA का फैसला लिया गया।

मिडिल ईस्ट जंग के बीच लगा महंगाई का झटका, घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े

#lpggascylinderpriceincreased

मिडिल-ईस्ट में जंग की आग फैलती जा रही है। ईरान-इजरायल जंग का असर भारत में भी दिखने लगा है। ईरान जंग के कारण देश में महंगाई का जोरदार झटका लगा है। ईरान-इजरायल जंग बीच घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं।

घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार, 7 मार्च से वृद्धि कर दी गई है। देश भर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब है कि नए रेट में अब दिल्ली में 14.2 kg सिलेंडर की कीमत 913 रुपए होगी, जबकि पहले यह 853 रुपए थी। एक साल से भी कम समय में कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी काटेगी जेब

वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो आज 7 मार्च से प्रभावी हो गई है। दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1883 रुपये हो गई है। सिलेंडर की कीमतों में यह नया बदलाव अप्रैल 2025 की कीमतों के बाद हुआ है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर 1835 रुपये मिलेगा। सिलेंडर की कीमतों में उछाल के बाद लोगों में हड़कंप मच गया है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर

बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आयात होने वाली तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद घरेलू सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। होर्मुज के जरिये एलएनजी की आपूर्ति 28 फरवरी से ही रुक गई है। इससे लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक एलएनजी आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है और एशियाई आयात बाजारों में चिंता बढ़ गई है। भारत की एलएनजी आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है।

सरकार ने कहा था-देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं

यह वृद्धि भारत की ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले आश्वासन दिया था कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति में व्यवधान की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए किफायती और टिकाऊ ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है और हम इसे बखूबी कर रहे हैं। भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, और हमारे ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए चिंता का कोई कारण नहीं है।

आज से 195 रुपए महंगा हो गया कमर्शियल गैस सिलेंडर, घरेलू गैस की कीमत में नहीं हुआ कोई बदलाव

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकारी कंपनियों ने बुधवार को कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी 19 किलो सिलिंडर पर की गई है। हालांकि, घरेलू सिलिंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरों में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस की दरें पहले के जैसी ही हैं।

घरेलू गैस के दामों में कोई बदलाव नहीं

हालांकि, घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू एलपीजी के दामों में 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से दाम स्थिर हैं और दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये बनी हुई है।

बढ़ोतरी के बाद नई कीमतें

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये हो गई है, जो पहले 1884.50 रुपये थी। कोलकाता में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 2208 रुपये का हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 2031 रुपये पहुंच गई है। चेन्नई में यह सिलेंडर अब 2246.50 रुपये में मिलेगा। पटना में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 2365 रुपये हो गया है, जबकि जयपुर में इसकी कीमत 2031 रुपये हो गई है।

7 मार्च को भी बढ़े थे दाम

इससे पहले 7 मार्च को भी घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे। उस समय घरेलू सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 114.50 रुपये महंगा हुआ था। बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई थी, जो पहले 853 रुपये थी। पिछले एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।

रांची: एलपीजी किल्लत पर उपायुक्त सख्त, कालाबाजारी करने वालों पर होगी जेल, गैस एजेंसियों पर तैनात होंगे मजिस्ट्रेट

रांची | 25 मार्च 2026: राजधानी रांची में एलपीजी गैस की आपूर्ति में आ रही बाधाओं और शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने मंगलवार को समाहरणालय में तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि गैस की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को तत्काल समाप्त किया जाए।

कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निगरानी टीम

उपायुक्त ने चेतावनी दी है कि गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन विभिन्न माध्यमों से डिलीवरी चेन पर नजर रख रहा है।

सुरक्षा बल होंगे तैनात: यह बात सामने आई है कि कुछ लोग गैस एजेंसियों पर जबरदस्ती कर सिलेंडर ले जा रहे हैं, जिससे वैध बुकिंग कराने वालों को परेशानी हो रही है। इसे रोकने के लिए जरूरत के अनुसार गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) और सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।

पैनिक बुकिंग न करें: प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और पैनिक बुकिंग (घबराहट में बुकिंग) करने से बचें।

शिकायत के लिए डिजिटल प्लेटफार्म जारी

उपायुक्त ने नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष चैनल शुरू किए हैं:

ईमेल आईडी: किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी की शिकायत पर सीधे भेजी जा सकती है।

व्हाट्सएप हेल्पलाइन: 'अबुआ साथी' नंबर 9430328080 के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

PNG कनेक्शन अपनाने की अपील

आपूर्ति के दबाव को कम करने और सुरक्षित ईंधन को बढ़ावा देने के लिए उपायुक्त ने लोगों से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि PNG एक लागत-प्रभावी और निरंतर मिलने वाला विकल्प है। इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1800-123-121111 जारी किया गया है।

बैठक में ये रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण बैठक में विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी श्रीमती मोनी कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री राम गोपाल पांडेय, डीएसपी मुख्यालय श्री अमर कुमार पांडेय, जिला जन संपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय सहित इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के क्षेत्रीय प्रबंधक उपस्थित थे।

गैस बुकिंग के लिए फिर नया अपडेट, डबल कनेक्शन वालों को अब 35 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलिंडर

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मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के चलते देशभर में घरेलू गैस (एलपीजी) सिलेंडर की भारी कमी देखी जा रही है। इस बीच गैस बुकिंग को लेकर फिर नए नियम आ गए हैं। तेल कंपनियों ने इन्‍हें लागू कर दिया है। अब उपभोक्ताओं को अगला सिलेंडर बुक करने के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। नए नियमों के अनुसार कोई भी ग्राहक तय समय से पहले गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पाएगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य कालाबाजारी पर रोक लगाना और वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना है।

दो सिलेंडर कनेक्शन वालों के लिए नया नियम

नए नियमों के अनुसार, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी और अगली रिफिल बुकिंग के बीच का अंतराल अब 25 दिन से बढ़ाकर 35 दिन कर दिया गया है। यानी अब उपभोक्ताओं को अगली बुकिंग के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना होगा। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के तहत यह नियम खासतौर पर उन लोगों पर लागू होगा, जिनके पास दो सिलेंडर वाला कनेक्शन है। यानी डबल बॉटम कनेक्शन वालों के लिए ये नियम है।

उज्जवला लाभार्थियों को करना होगा और ज्यादा इंतजार

उज्जवला योजना के लाभार्थियों को अब और ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। इस योजना के तहत जुड़े लोगों को अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार करना अनिवार्य होगा। वहीं जिन उपभोक्ताओं के पास सिर्फ एक सिलेंडर वाला कनेक्शन है, वे पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कर सकेंगे।

समय सीमा पिछली डिलीवरी की तारीख से गिनी जाएगी

यह समय सीमा पिछली डिलीवरी की तारीख से गिनी जाएगी, न कि बुकिंग की तारीख से। अगर कोई उपभोक्ता तय समय से पहले बुकिंग करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसकी बुकिंग को खुद ब्लॉक कर देगा। इसके अलावा डिलीवरी के समय ओटीपी बताना भी अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई उपभोक्ता ई-केवाईसी पूरी नहीं करता है, तो उसकी बुकिंग रद्द भी की जा सकती है।

छोटे सिलेंडरों के लिए भी बदले नियम

सिर्फ 14.2 किलो सिलेंडर ही नहीं, बल्कि छोटे सिलेंडरों के लिए भी नई समय सीमा लागू की गई है। 5 किलो के सिलेंडर के लिए 9 से 16 दिन और 10 किलो सिलेंडर के लिए 18 से 32 दिन निर्धारित किए गए हैं।

Desh Ka Indhan’ Promises Cheaper, Cleaner Cooking Amid LPG Crisis

Mumbai, Maharashtra: In response to ongoing concerns over irregular LPG cylinder supply, SSK Bharat has introduced an alternative cooking solution named “Desh Ka Indhan”, positioning it as a modern, cost-effective, and eco-friendly substitute for traditional kitchen gas.

The product was launched in Malad East, Mumbai, on the occasion of the Hindu New Year and Gudi Padwa. According to the company, the innovation is an advanced biofuel-based cooking coal and system designed to deliver performance comparable to LPG while reducing dependency on conventional fuel sources.

SSK Bharat claims that the system offers a controlled and efficient flame similar to gas burners, while eliminating smoke and ash, making it suitable for both commercial and household use. The company also highlighted its environmental benefits, stating that the product is aligned with efforts toward reducing carbon emissions and promoting sustainable energy alternatives.

The solution is being targeted at a wide range of users, including hotel and restaurant operators, dhaba and street food vendors, catering businesses, and organizers of large social and religious events. It is also being promoted as a viable option for regular household kitchens.

Recent disruptions in LPG supply across Mumbai have reportedly impacted daily life and small businesses, particularly in the food service sector. Industry observers note that alternatives like biofuel-based systems could help address such challenges if adopted at scale.

Speaking at the launch, SSK Bharat Director Kartik Rawal described the product as part of a broader mission to achieve energy self-reliance. He stated that widespread adoption of indigenous biofuel solutions could reduce India’s dependence on imported fuels and contribute to long-term economic and environmental goals.

In addition to the product rollout, the company announced dealership and franchise opportunities, inviting entrepreneurs to participate in expanding the distribution network.

Further details are available on the company’s official website.

“LPG सप्लाई में 20% बढ़ोतरी: केंद्र का बड़ा फैसला, होटल-ढाबों और उद्योगों को प्राथमिकता”
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG) गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने राज्यों को एलपीजी आवंटन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने के निर्देश जारी किए हैं, जो 23 मार्च से लागू होंगे।
इस निर्णय के तहत कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई में भी 20 फीसदी की वृद्धि की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई सप्लाई का लाभ विशेष रूप से रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा संचालकों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, ताकि खाद्य सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी उद्योग को भी प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है, जिससे उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिल सके।
केंद्र सरकार ने राज्यों को यह भी निर्देश दिए हैं कि एलपीजी गैस सप्लाई का किसी प्रकार से दुरुपयोग न हो और इसका सही तरीके से वितरण सुनिश्चित किया जाए। सरकार का उद्देश्य है कि आवश्यक सेवाओं और उद्योगों को निर्बाध गैस आपूर्ति मिलती रहे, जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
होर्मुज से 'नंदा देवी' जहाज भी भारत लौटा, 47 हजार मीट्रिक टन LPG के साथ गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंचा

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ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमले से पश्चिम एशिया में बने हालात के बीच सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की कहीं कोई तंगी नहीं है। देश में गैस की किल्लत के बीच भारतीय जहाज "नंदा देवी" 46500 मीट्रिक टन LPG लेकर गुजरात के वाडिनार पोर्ट पहुंच गया है। इससे पहले 'शिवालिक' सोमवार शाम मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच था।

नंदा देवी जहाज LPG कैरियर दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के वाडीनार टर्मिनल के पास मिड सी में पहुंचा है। मिड सी में ही नंदा देवी से पूरी 46500 मीट्रिक टन LPG दूसरी शिप में ट्रांसफर की जा रही है। जब ये काम पूरा हो जाएगा तो LPG का आधा स्टॉक एन्नोर पोर्ट में ऑफलोड किया जाएगा और आधा स्टॉक पश्चिम बंगाल के हल्दीआ पोर्ट पर ऑफलोड होगा।

भारत पहुंचने वाला नंदा देवी दूसरा जहाज

एमटी नंदा देवी हाल के दिनों में दूसरा भारतीय एलपीजी जहाज है, जिसने सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार कर भारतीय तट तक पहुंच बनाई है। इससे ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के प्रयासों को मजबूती मिली है। इससे एक दिन पहले ही एलपीजी कैरियर शिवालिक करीब 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था। अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्गो का एक हिस्सा मुंद्रा में उतारा जाएगा, जबकि बाकी एलपीजी को मैंगलोर भेजा जाएगा।

फारख की खाड़ी में फंसे कितने भारतीय जहाज

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फारस की खाड़ी क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में 22 भारतीय जहाज मौजूद थे, जिनमें 611 नाविक सवार थे. सरकार लगातार इन जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात से करीब 81,000 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा जहाज ‘जग लाडकी’ भी मुंद्रा बंदरगाह की ओर रवाना हो चुका है। इस जहाज और उसके चालक दल के सुरक्षित होने की भी पुष्टि की गई है। मंत्रालय ने बताया है कि देश के सभी प्रमुख बंदरगाह जहाजों की आवाजाही और माल ढुलाई पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। साथ ही शिपिंग कंपनियों और व्यापार से जुड़े हितधारकों को हर संभव सहायता दी जा रही है। इसमें लंगरगाह, किराया और भंडारण शुल्क में रियायतें भी शामिल हैं, ताकि आपूर्ति बाधित न हो।

आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत

‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जैसे जहाजों का सुरक्षित भारत पहुंचना न सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी भारत अपनी सप्लाई चेन को बनाए रखने में सक्षम है। इन जहाजों से आई एलपीजी लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों सिलेंडरों की जरूरत पूरी कर सकती है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है।

भारत के लिए राहत की खबर, ईरान में होर्मुज से LPG लेकर सुरक्षित निकला शिवालिक

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मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होने से भारत समेत पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत तमाम एशियाई देशों में ईंधन की कमी और कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई है। इस बीच भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। भारत के लोगों को अब एलपीजी गैस की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। 

कुछ दिनों में शिवालिक जहाज भारत पहुंच जाएगा

ईरान के होर्मुज स्ट्रेट से 40,000 मीट्रिक टन एलपीजी से लदा भारतीय जहाज, शिवालिक पार कर गया है। भारत के टैंकर शिवालिक ने होर्मुज़ स्ट्रेट को सुरक्षित पार कर लिया है। टैंकर शिवालिक पर 40 हज़ार मीट्रिक टन LPG लदी है और ये टैंकर अगले कुछ दिनों में भारत पहुंच जाएगा। इसके साथ ही एक और एलपीजी से भरा टैंकर भारत रवाना होगा, इसकी भी अनुमति मिल गई है। इस तरह से दो शिप भारत आएंगे।

पीएम मोदी के ईरानी राष्ट्रपति से बातचीत के बाद राहत

भारत के लोगों के लिए ये बड़ी राहत की खबर है। इससे पहले पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से इस मुद्दे पर बात की थी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत सकारात्मक होने के बाद ही ईरान ने भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पार करने की अनुमति दी है।

देश में गैस की किल्लत से सरकार का इनकार

बता दें कि पिछले एक सप्ताह से देश में एलपीजी गैस की किल्लत है। गैस एजेंसी के बाहर लोगों की लंबी-लंबी कतार भी देखी गई। अभी भी देश में कई अलग-अलग जगहों से गैस की किल्लत होन की खबर सामने आ रही है। हालांकि, भारत सरकार ने शुरू से ही गैस की किल्लत होने से इनकार किया है। सरकार ने लोगों को भरोसा दिया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा है कि गलत सूचनाओं के कारण लोग घबराकर बुकिंग और जमाखोरी करने लगे हैं। घरेलू एलपीजी डिलीवरी का औसत चक्र लगभग ढाई दिन का है।

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच गहराया LPG का संकट, देशभर से सिलेंडर सप्‍लाई प्रभावित

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अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग का असर भारत के करोड़ों लोगों पर पड़ता दिख रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर अब भारत में एलपीजी और गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी इस युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर तेलंगाना और तमिलनाडु तक लाखों लोग एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं।

कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण राजधानी दिल्ली, यूपी और हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत होने लगी है। गैस सिलेंडर भरवाने को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। लखनऊ समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे लोग

कई जगह घरेलू आपूर्ति तो अभी सामान्य है, लेकिन वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों को लेकर परेशानी बढ़ रही है। यह स्थिति इसलिए भी है कि लोग आशंका में पहले से ही गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे हैं। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित होने से दिल्ली में 50 हजार से अधिक रेस्तरां, पब, बार और होटलों के संचालन में दिक्कतें आने लगी हैं।

गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लेकर अधिसूचना

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारत की एक-तिहाई गैस आपूर्ति बाधित होने के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना जारी कर गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को मिलने वाली गैस प्रमुख उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव किया है। इसके तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को अन्य सभी क्षेत्रों पर प्राथमिकता दी जाएगी।

गैस की परेशानी से रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान

देश में एलपीजी की किल्लत के कारण रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को जबरदस्त नुकसान हो रहा है। कई रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष और रेस्टोरेंट कारोबारी जोरावर कालरा ने कहा कि अगर एलपीजी सिलेंडरआपूर्ति में कमी जारी रही तो रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को रोजाना 1200 से 1300 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।

भारत में एलपीजी की कितनी खपत?

बता दें कि भारत एलपीजी का बड़ा उपभोक्ता है। देश में हर साल लगभग 31.2 मिलियन टन (करीब 3.13 करोड़ टन) एलपीजी की खपत होती है। इसमें से लगभग 60 प्रतिशत गैस का आयात किया जाता है, जबकि करीब 40 प्रतिशत यानी लगभग 12.4 मिलियन टन एलपीजी का उत्पादन देश में ही किया जाता है। घरेलू उपयोग में 14 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी लगभग 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल सेक्टर में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत है।

किन देशों से आता है एलपीजी?

भारत की एलपीजी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। कुल आयात में लगभग 80 प्रतिशत गैस इसी क्षेत्र से मिलती है। यूएई से लगभग 26 प्रतिशत, कतर से 22 प्रतिशत और सउदी अबर से करीब 22 प्रतिशत एलपीजी आती है, जबकि बाकी 33 प्रतिशत अन्य देशों से आयात की जाती है। भारत में कितने उपभोक्ता मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 33.08 करोड़ सक्रिय एलपीजी उपभोक्ता हैं।

ईरान युद्ध की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित

ईरान युद्ध की वजह से भारत में पेट्रोलियम पदार्थों का सप्लाई चेन प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार घरेलू गैस और ईंधन की सप्लाई चेन बरकरार रखने के लिए कई तरह के सकारात्मक और सख्त कदम उठा रही है। आम जनता पर इसका सीधा असर न पड़े इसके लिए वह आवश्यत वस्तु अधिनियन (ईसीए) भी लागू कर चुकी है। फिर भी एलएनजी और एलपीजी की किल्लत से देश में ऑद्योगिक क्षेत्र प्रभावित होने लगे हैं।

क्या होता है ESMA, देशभर में किया गया लागू, मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सरकार का बड़ा फैसला

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ईरान-इजरायल जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में पैदा हुए हालातों का असर भारत में तेल-गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने एलपीजी सिलिंडर की जमाखोरी रोकने और घरेलू गैस संकट को टालने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) लागू किया है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू उपयोग के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और काले बाजारी गतिविधियों पर रोक लगाना है।

कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार की सख्त

मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और ईंधन सप्लाई में दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने एलपीजी गैस को लेकर बड़े फैसले किए हैं। सरकार ने घरेलू एलपीजी सप्लाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए नया नियम लगाया गया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को एक अहम फैसला लेते हुए लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जरूरी वस्तु अधिनियम की शक्तियों का उपयोग किया है।

क्या होता है ESMA ?

आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ईएसएमए) एक एक्ट है, जिसे कुछ सेवाओं की डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। ये सेवाएं लोगों के सामान्य जीवन से जुड़ी हैं और इनके प्रभावित होने का सीधा असर आम जनता को पड़ता है। इसमें सार्वजनिक परिवहन (बस सेवाएं), स्वास्थ्य सेवाएं (डॉक्टर और अस्पताल) जैसी सेवाएं शामिल हैं।

क्या है फैसले की पीछे की वजह

सरकार ने देशभर में ESMA लगाने का फैसला अचानक नहीं लिया है। जिस तरह से ईरान पर इजराइल र अमेरिका ने हमला किया है और दोनों पक्षों के बीच सैन्य संघर्ष को 10 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। इसका असर दुनियाभर के देशों में दिख रहा है। वैश्विक अस्थिरता के समय में दुनिया में बढ़ती प्राकृतिक गैस की कीमतों के बीच केंद्र सरकार लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। इसमें एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की अवधि को 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया। इसकी वजह जमाखोरी को रोकना है। इसी के बाद देशभर में ESMA का फैसला लिया गया।

मिडिल ईस्ट जंग के बीच लगा महंगाई का झटका, घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े

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मिडिल-ईस्ट में जंग की आग फैलती जा रही है। ईरान-इजरायल जंग का असर भारत में भी दिखने लगा है। ईरान जंग के कारण देश में महंगाई का जोरदार झटका लगा है। ईरान-इजरायल जंग बीच घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं।

घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार, 7 मार्च से वृद्धि कर दी गई है। देश भर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब है कि नए रेट में अब दिल्ली में 14.2 kg सिलेंडर की कीमत 913 रुपए होगी, जबकि पहले यह 853 रुपए थी। एक साल से भी कम समय में कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी काटेगी जेब

वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो आज 7 मार्च से प्रभावी हो गई है। दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1883 रुपये हो गई है। सिलेंडर की कीमतों में यह नया बदलाव अप्रैल 2025 की कीमतों के बाद हुआ है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर 1835 रुपये मिलेगा। सिलेंडर की कीमतों में उछाल के बाद लोगों में हड़कंप मच गया है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर

बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आयात होने वाली तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद घरेलू सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। होर्मुज के जरिये एलएनजी की आपूर्ति 28 फरवरी से ही रुक गई है। इससे लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक एलएनजी आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है और एशियाई आयात बाजारों में चिंता बढ़ गई है। भारत की एलएनजी आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है।

सरकार ने कहा था-देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं

यह वृद्धि भारत की ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले आश्वासन दिया था कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति में व्यवधान की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए किफायती और टिकाऊ ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है और हम इसे बखूबी कर रहे हैं। भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, और हमारे ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए चिंता का कोई कारण नहीं है।