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इजरायल या ईरान कौन है ज्यादा ताकतवर, जानें दोनों की मिलिट्री पावर

#iranvsisraelmilitarypower_comparison

इजरायल ने आज दोपहर ईरान पर बड़ा हमला कर दिया। ईरान की राजधानी तेहरान में कई जगहों पर धमाके सुने गए हैं। जानकारी के मुताबकि इस बार इजरायल ने अकेले हमला नहीं किया बल्कि उसका साथ अमेरिका ने भी दिया है। यही नहीं, हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम उनकी मिसाइल इंडस्ट्री को तबाह कर देंगे। हम उनकी नेवी को तबाह कर देंगे। ईरान कभी भी परमाणु शक्ति संपंन्न देश नहीं बन सकता है।

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अमेरिका की धमकी के बाद इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ने की आशंका है। दोनों देशों में बढ़ते तनाव के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर यह युद्ध लंबा खिंचता है और दोनों में सीधा सैन्य संघर्ष होता है तो किसकी ताकत भारी पड़ेगी?

ट्रेनिंग-तकनीक और ऑपरेशन में इजरायल आगे

अगर ईरान और इजरायल की बात करें तो सक्रिय सैनिकों की संख्या में ईरान आगे बताया जाता है। ईरान के पास करीब 6 लाख तक एक्टिव सैन्य बल और करीब 3.5 लाख रिजर्व सैनिक हैं। जबकि इजरायल के पास करीब 1.7 लाख सक्रिय सैनिक है। हालांकि इजरायल के पास 4.5 लाख प्रशिक्षित रिजर्व फोर्स है, जिसे जरूरत पड़ने पर तुरंत तैनात किया जा सकता है। वहीं संख्या के मामले में भले ही ईरान आगे दिखाई देता है, लेकिन ट्रेनिंग, तकनीक और ऑपरेशन के एक्सपीरियंस में इजरायल को बड़ा माना जाता है।

इजरायल के पास 600 से ज्यादा आधुनिक लड़ाकू विमान

वायु सेना की बात करें तो इजरायल के पास 600 से ज्यादा आधुनिक लड़ाकू विमान है, जिनमें एफ-35 जैसे स्टेल्थ जेट शामिल है। यह जेट रडार से बच निकलने की क्षमता रखते हैं और एडवांस हथियारों से लैस है। दूसरी और ईरान के पास करीब 500 से कुछ ज्यादा विमान हैं, लेकिन ईरान के जेट कई पुराने मॉडल के है। ईरान पर बैन के कारण उसे अपग्रेड और मेंटेनेंस में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हवा में मुकाबले की स्थिति में इजरायल ईरान के मुकाबले बहुत ज्यादा मजबूत है।

ईरान के मुकाबले इजराइल का रक्षा बजट सात गुना बड़ा

आईआईएसएस के मुताबिक ईरान की तुलना में इजराइल का रक्षा बजट सात गुना बड़ा है।इससे किसी भी संभावित संघर्ष में उसका पलड़ा मजबूत दिखाई पड़ता है। आईआईएससएस के मुताबिक़ 2022 और 2023 में ईरान का रक्षा बजट 7.4 अरब डॉलर का था। जबकि इजराइल का रक्षा बजट 19 अरब डॉलर के आसपास है। जीडीपी की तुलना में इजराइल का रक्षा बजट ईरान से दोगुना है।

मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की शुरुआत: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर हमला,तेहरान समेत कई शहरों में धमाके

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इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हो गई है। थोड़ी देर पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की है। तेहरान में इस समय तबाही का मंजर नजर आ रहा है। अमेरिका के साथ मिलकर यहूदी देश ने ईरान के राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी और एयरपोर्ट सहित 30 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला किया है।

राजधानी तेहरान में धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान के बीच वाले इलाके में तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। अभी तक नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इन शहरों में भी विस्फोट

वहीं कई ईरानी समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ईरान के विभिन्न शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं। तेहरान के अलावा, करमानशाह, क़ोम, लोरेस्तान, कराज और तबरीज़ उन शहरों में शामिल हैं जहां इन मीडिया आउटलेट्स ने विस्फोटों की पुष्टि की है।

इरायल-अमेरिका जॉइंट ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि इज़रायल ने अमेरिका के इशारे पर ही ईरान पर मिसाइलें दागीं हैं और यह हमला दोनों देशों का जॉइंट ऑपरेशन है। पिछले काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिका और ईरान में जल्द ही युद्ध शुरू हो सकता है और आज, शनिवार, 28 फरवरी को युद्ध का बिगुल बज गया है।

खामेनेई को सुरक्षित जगह ले जाया गया

हमलो के बीच ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामनेई को सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया है। एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एक 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है।

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था और इसका लक्ष्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि हमले बड़े दायरे में होंगे और इजरायल के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम चार दिन तक भारी हमले जारी रह सकते हैं। इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे साफ है कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं।

The 12th Union Bank of India Thane Half Marathon 2026 was a massive success.

Thane came alive with unstoppable energy as over 12,000 runners — elite athletes, corporate teams, students, seniors and fitness lovers — stormed the streets on Sunday, 8th February 2026.

Flagged off by fitness legend Milind Soman and Mr. Asheesh Pandey, MD & CEO, Union Bank of India, the race exploded with electric energy at TMC Ground, Hiranandani Estate, Thane. Adding to the thrill, both icons laced up and hit the roads themselves — Milind powering through the 10 km challenge with his signature grit, while Mr. Pandey inspired thousands by completing the 4 km. The momentum carried into fierce battles on the 21 km Half Marathon and 10 km routes — elite performances that lit up the morning!

From intense battles in the 21 km Half Marathon and 10 km Challenge to joyful strides in the 4 km Fun Run, the spirit of fitness, endurance and community shone bright.

Top-notch safety ensured every runner thrived: expert medical teams, physiotherapists, ambulances, hydration stations, and dedicated volunteers lined the route.in this half marathon Daji hubale came first, his timing was 01:07:34, second was vishal kambire his timing was 1:11:34, suraj zore came third his timing was 01:12:25, in half marathon female category Amrita patel came first, her timing was 01:23:27,second was prajakta godbole her timing was 01:31:12, manisha joshi came third her timing was 01:40:03

भारत ने दुनिया को चौंकाया: UN में ईरान का दिया साथ, पश्चिमी देशों को दिखाया आईना

#indiasupportsiranatnhrcrejectswestern_pressure

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यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट काउंसिल (UNHRC) में भारत की कूटनीति में बड़ा बदलाव देखा गया। UNHRC में भारत ने डंके की चोट पर ईरान का साथ दिया। भारत ने ईरान पर पश्चिमी देशों के प्रस्ताव के खिलाफ वोट डाला। भारत के साथ साथ चीन और पाकिस्तान ने भी प्रस्ताव के खिलाफ 'NO' वोट किया है। हालांकि भारत, चीन और पाकिस्तान के समर्थन के बावजूद UNHRC में ईरान के खिलाफ प्रस्ताव पास हो गया है।

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई को लेकर अपनी जांच को और गहरा करने का फैसला किया है। इसमें बच्चों सहित हजारों लोगों के मारे जाने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव में ईरान से "क्रूर दमन" खत्म करने की मांग भी की गई है।

भारत के साथ चीन-पाकिस्तान ने भी NO में वोट किया

UNHRC में कुल 47 सदस्य देश हैं, जिन्होंने इस प्रस्ताव के जरिए ईरान में "सुरक्षा बलों द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई के अभूतपूर्व पैमाने" पर चिंता जताई है। ईरान के खिलाफ लाए गये पश्चिमी देशों के प्रस्ताव के समर्थन में 25 वोट, विरोध में 7 वोट और 15 देशों ने वोटिंग से दूर रहने का फैसला किया है। भारत, चीन और पाकिस्तान ने विरोध में यानि NO में वोट किया है।

भारत आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ

पश्चिमी देश और नाटो सदस्य जैसे अमेरिका, फ्रांस और दक्षिण कोरिया ईरान के खिलाफ थे। वे सख्त कार्रवाई चाहते थे। लेकिन भारत ने डंके की चोट पर ईरान का साथ दिया। भारत ने साफ कर दिया कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ है। इससे भारत की विदेश नीति की ताकत दिखी, जो संतुलित और स्वतंत्र है। पश्चिमी देशों को लगा कि वे आसानी से ईरान को अलग-थलग कर लेंगे, लेकिन भारत के वोट ने उनके प्लान पर पानी फेर दिया। भारत की तरह ही चीन ने भी ईरान का साथ दिया है।

पश्चिमी दबाव के आगे नहीं झुकता भारत

भारत की यह नीति उसके रणनीतिक हितों से जुड़ी है, जिसमें ईरान से ऊर्जा आयात, चाबहार पोर्ट जैसे प्रोजेक्ट और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना शामिल है। भारत हमेशा जोर देता है कि मानवाधिकार के मुद्दों पर राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से बचा जाना चाहिए। इस वोट से भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को दोहराया, जिसमें वह पश्चिमी दबाव के आगे नहीं झुकता और दोस्त देशों के साथ खड़ा रहता है। ईरान के साथ भारत के संबंध मजबूत हैं, और यह कदम दोनों देशों के बीच विश्वास को और मजबूत करता है।

ईरान में कैसे हैं हालात...तेहरान से पहली फ्लाइट में लौटे भारतीयों ने बताई हकीकत?

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ईरान में हिंसा के बीच वहां फंसे कई भारतीय नागरिक शुक्रवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। इनमें ज्यादातर स्टूडेंट्स हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर अपने परिवार से गले लगकर कई भारतीय नागरिक फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि हिंसा के दौरान वे किस परिस्थितियों में ईरान में फंसे थे।

ईरान में कई भारतीय परिवार फंसे हुए हैं। वहां के गृहयुद्ध जैसे हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक जल्द से जल्द भारत वापस आ जाना चाहते हैं। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के कारण कई भारतीय शुक्रवार को दिल्ली लौट आए हैं।

'मोदी जी हैं तो मुमकिन है...'

एक भारतीय नागरिक ने बताया कि वहां की स्थिति बहुत खराब थी। भारत सरकार ने बहुत सहयोग किया और दूतावास ने उन्हें जल्दी ईरान छोड़ने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी हैं, तो हर चीज मुमकिन है।

'वहां हालात बहुत खराब हैं...'

ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने कहा- वहां हालात बहुत खराब हैं। खतरनाक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। ईरान से लौटी मेडिकल स्टूडेंट अर्श दहरा ने बताया कि भारतीय दूतावास ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन वह एक निजी फ्लाइट से खुद दिल्ली आई हैं। एक अन्य युवक ने कहा- हम वहां एक महीने तक फंसे रहे। एक-दो हफ्तों से ज्यादा परेशानी होने लगी। घर से बाहर निकलते, तो प्रदर्शनकारी गाड़ी के सामने आ जाते थे।

ईरान में हिंसा और अशांति का माहौल

बता दें कि ईरान में पिछले कई दिनों से हिंसा और अशांति का माहौल है। प्रदर्शन शुरू हुए महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ लेकिन धीरे-धीरे ये हिंसक हो गए। तेहरान की सड़कों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें आम हो गईं। इंटरनेट बंद कर दिया गया। हजारों लोग घरों में कैद हो गए। मोबाइल नेटवर्क भी ठप है। देश के सभी 31 प्रांतों में हिंसा फैल गई है। इसमें 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं।

ईरान ने दी ट्रंप की हत्या की धमकी, सरकारी चैनल ने कहा- 'इस बार गोली नहीं चूकेगी'

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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव गहराता जा रहा है। अब ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की धमकी दी गई है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बुधवार को एक कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा गया कि ‘इस बार गोली चूकेगी नहीं।’

पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की चुनावी रैली का दिखाया इमेज

ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने एक मैसेज के जरिए ट्रंप को धमकी दी है। इसके लिए टीवी चैनल ने जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में हुई ट्रंप की चुनावी रैली की इमेज दिखाया, जहां ट्रंप पर गोलीबारी का प्रयास हुआ था।

अमेरिका विरोधी नारे और बैनर

यह वीडियो तेहरान में एक सरकारी आयोजन के दौरान दिखाया गया, जहां हालिया प्रदर्शनों में मारे गए सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों के अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए थे। वहां अमेरिका विरोधी नारे और बैनर भी लगाए गए थे। ईरान की सरकारी टीवी ने फुटेज के साथ एक कैप्शन भी चलाया है, जिसमें कहा गया है कि इस बार गोली निशाने से नहीं चूकने वाली है। यानी अब अगर हमला होता है तो ट्रंप बच नहीं पाएंगे।

अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य गतिविधियां

डोनाल्ड ट्रंप को ऐसे वक्त धमकी दी गई है, जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सेनाओं की दोबारा तैनाती शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, क्षेत्र में स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डों में से एक से सैनिकों की आवाजाही देखी गई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो ईरान जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।

बवाल को लेकर ट्रंप और ईरान आमने-सामने

ईरान में महंगाई को लेकर पूरे देश में बवाल मचा है। खामेनेई सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। विरोध दबाने के लिए सरकार ने सख्त एक्शन लेने की बात कही है। वहीं ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान सख्त एक्शन लेता है तो हम उस पर कार्रवाई करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक ईरान में अत्याचार को हम चुपचाप नहीं देख सकेंगे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ईरान पर हमला करने के लिए वाशिंगटन से लेकर तेल अवीव तक कई दौर की हाईलेवल मीटिंग हुई है। जून 2025 में भी परमाणु हथियार बनाने के मसले पर अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था।

ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर लगाया 25% टैरिफ, जानें भारत पर क्या होगा असर?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि जो भी देश ईरान से कारोबार करेगा, उस पर अमेरिका टैरिफ बढ़ाएगा। इस कदम को ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

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डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा, 'ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को तत्काल प्रभाव से अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देना होगा।'

भारत और चीन होंगे प्रभावित

ट्रंप के इस फैसले का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ सकता है, जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं। भारत पर अमेरिका ने पहले ही 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। नया टैरिफ भारत-अमेरिका के संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?

भारत ईरान का बड़ा व्यापारिक साझेदार है। इसलिए इस टैरिफ का सीधा असर हमारे देश पर पड़ सकता है। पहले से ही भारत पर अमेरिकी टैरिफ 50 फीसदी (बेसिक 25 फीसदी और रूसी तेल के लिए 25 फीसदी) है। अब अगर ट्रंप का यह 25 फीसदी ईरान वाला टैरिफ विशेष तौर पर भारत के साथ भी लगाया जाता है तो यह टैरिफ 75 फीसदी हो सकता है।

भारत-ईरान के बीच 1.68 अरब डॉलर का व्यापार

ईरान में भारतीय दूतावास के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 25 में भारत ने ईरान को 1.24 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि ईरान से 0.44 अरब डॉलर का आयात किया। इस तरह दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 1.68 अरब डॉलर (करीब 14,000 से 15,000 करोड़ रुपये) रहा।

किन सामानों का सबसे ज्यादा कारोबार

ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ईरान को निर्यात में सबसे बड़ा हिस्सा ऑर्गेनिक केमिकल्स का रहा, जिसकी कीमत 512.92 मिलियन डॉलर थी। इसके बाद खाने योग्य फल, मेवे, खट्टे फलों के छिलके और खरबूजे करीब 311.60 मिलियन डॉलर के रहे। वहीं मिनरल फ्यूल, तेल और डिस्टिलेशन से जुड़े उत्पादों का कारोबार 86.48 मिलियन डॉलर का रहा।

फिर जल रहा ईरानः बवाल के बाद इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद, सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारी

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ईरान में पिछले 12 दिनों से भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा है। ईरान में महंगाई और गिरती करेंसी को लेकर दो हफ्ते से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। गुरुवार की रात एक बार फिर ईरान धधक उठा। प्रदर्शन की आंच इतनी तेज हो गई कि खामेनेई सरकार सकते में आ गई। आनन-फानन में सरकार ने इंटरनेट और फोन लाइन्स काट दी।

रेजा पहलवी की अपील के बाद उग्र हुई भीड़

गुरुवार की रात प्रदर्शन और उग्र हो गए, जब ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से घरों से बाहर निकलकर इस्लामिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन की अपील की। रेजा पहलवी की अपील के बाद बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतरे। इसी बीच ईरानी सरकार ने सड़कें खाली कराने के लिए सुरक्षाबलों को उतार दिया है।

50 शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन

सबसे खास बात ये है कि प्रदर्शनों के दौरान रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं, जबकि अब तक यहां शाह के समर्थन में नारेबाजी करने पर मौत की सजा मिलती थी। बताया जा रहा है कि ईरान के कम से कम 50 शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर निकलकर ईरानी शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।

सुरक्षाबलों पर 45 प्रदर्शनकारियों की हत्या का आरोप

ईरान ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, प्रदर्शन शुरू होने के बाद से देश में सुरक्षाबलों ने 45 प्रदर्शनकारियों को मार डाला है, जिनमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार का दिन अब तक का सबसे बड़ा जानलेवा दिन रहा, जिसमें 13 प्रदर्शनकारी मारे गए। वहीं, सैकड़ों लोग घायल हुए। इसके अलावा, 2,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

ईरान की अर्थव्यवस्था संकट में

रअसल, ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से संकट में है। महंगाई से आवाम त्रस्त है। रियाल मुद्रा का मूल्य रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। महंगाई और बेरोजगारी ने लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया। 28 दिसंबर 2025 को ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। ये विरोध प्रदर्शन पहले तेहरान बाजार की हड़ताल से चले, मगर जल्दी ही पूरे देश में फैल गए। सरकारी डेटा में 21 मौतें हुई हैं, मगर ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट एजेंसी ने 45 लोगों के मरने का दावा किया है। खामेनेई सरकार ने इसे विदेशी साजिश बता रही है, जबकि प्रदर्शनकारी महंगाई, भ्रष्टाचार और दमन के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।

When Diplomacy Meets Over Coffee: CD Foundation’s Decade-long Journey Inspires Global Bridges

New Delhi, September 12, 2025 — It wasn’t a conference room, but a coffee table that brought the world together on Friday morning at the Eros Hotel, New Delhi. Against the aroma of freshly brewed coffee and the warmth of Indian hospitality, diplomats, partners, and cultural leaders gathered to celebrate a rare milestone: ten years of CD Foundation’s cultural diplomacy.

Founded in 2015 by Charu Das, Founder & Director, CD Foundation began as a small idea — a neutral, people-first space for embassies and communities to meet beyond politics. A decade later, it has blossomed into an internationally recognized platform spanning 45+ countries, proof that “soft power” can be stronger than any hard negotiation.

A Gathering of Nations

The Diplomatic Coffee Morning turned into a mini-United Nations in New Delhi, with dignitaries from Bangladesh, Belarus, China, Indonesia, Iran, Iraq, and Zambia among the attendees. Their presence not only lent gravitas but also reaffirmed the Coffee Morning’s reputation as a hub of genuine dialogue and exchange.

The event opened with a traditional lamp-lighting ceremony followed by a short film capturing CD Foundation’s journey — from Delhi’s embassy corridors to international festivals and partnerships shaping global conversations.

Voices of Influence

Dr. Amrendra Khatua, Former Secretary, Ministry of External Affairs, set the tone, reminding the audience that “where politics falters, culture succeeds.” His words were echoed by H.E. Mr. Oday Hatim Mohammed of Iraq and Mrs. Phalecy Mwenda Yambayamba of Zambia, who emphasized the shared future that diplomacy-through-culture could nurture.

The event’s global spirit was further amplified through a virtual address from H.E. Dr. Madan Mohan Sethi, Consul General of India in Auckland. His remarks spotlighted the India–New Zealand bridge of trade, tourism, and culture, underlining how cultural diplomacy carries real economic weight. Adding a local yet international flavor, Ms. Mahia Williams of the Whiria Collective (New Zealand) spoke of Māori–Indian collaborations not as symbolic, but as living exchanges.

Partnerships with Purpose

Beyond diplomacy, the Coffee Morning also recognized healthcare and humanitarian champions. Dr. Amit Luthra of Amolik Health Care highlighted India’s emerging role in medical diplomacy, while United Sikh drew attention to its relief efforts in flood-hit Punjab — a reminder that people-to-people diplomacy extends to those who need it most.

Looking Ahead

The celebration was not just about looking back but also about unveiling the future. Upcoming initiatives include:

  • India–UK Festival (Manchester & Leeds, November 2025)
  • Delegations to China (late 2025)
  • Reciprocal Festivals in India (early 2026)

Each marks a continuation of CD Foundation’s mission: to turn connections into collaborations.

A New Beginning at Ten

As the morning ended, there was no sense of closure — only continuity. Ten years may mark a milestone, but for CD Foundation, it is just the first chapter of a much bigger global story waiting to be written.

For more information you can visit https://www.cdfoundation.co.in/

 

भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ा मिजोरम, पीएम मोदी ने किया राज्य की पहली रेल लाइन का उद्घाटन

#mizoramjoinsindiarailwaymappmmodiinauguratesbairabisairangrail_line

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्थ ईस्ट दौरे पर हैं। उन्होंने मिजोरम से अपने दौरे की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने पांच राज्यों के दौरे के पहले पड़ाव में मिजोरम पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन के शुभारंभ के साथ मिजोरम में 9000 करोड़ रुपये प्रोजेक्ट का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान पेम मोदी ने 8,070 करोड़ से अधिक की लागत वाली बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन का उद्घाटन किया, जो मिजोरम की राजधानी को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।

कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाने के लिए जताया खेद

राजधानी आइजॉल में खराब मौसम के कारण पीएम मोदी ने एयरपोर्ट से ही जनसभा को संबोधित किया। खराब मौसम के कारण थुआम्पुई हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग संभव नहीं हो पाई। पीएम मोदी ने आईजोल के कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाने के लिए खेद व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं यहां मिजोरम के लेंगपुई हवाई अड्डे पर हूं। दुर्भाग्य से खराब मौसम के कारण मुझे खेद है कि मैं आइजोल में आपके साथ शामिल नहीं हो पा रहा हूं, लेकिन मैं इस माध्यम से भी आपके प्यार और स्नेह को महसूस कर सकता हूं।

11 वर्षों से पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रहे

इस मौके पर उन्होंने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों से हम पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रहे हैं। यह क्षेत्र भारत का विकास इंजन बन रहा है। पिछले कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर के कई राज्यों ने भारत के रेल मानचित्र पर अपनी जगह बनाई है। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ साल पहले मुझे आइजोल रेलवे लाइन की आधारशिला रखने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि आज हम इसे देशवासियों को समर्पित करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कठिन भूभाग सहित कई चुनौतियों को पार करते हुए, बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन एक वास्तविकता बन गई है। यह हमारे इंजीनियरों के कौशल और हमारे कार्यकर्ताओं के जज्बे ने इसे संभव बनाया है। लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के अवसरों तक भी बेहतर पहुंच मिलेगी। यह विकास कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

पहली बार दिल्ली से कनेक्टिविटी

पीएम मोदी ने कहा कि पहली बार मिजोरम का सैरांग राजधानी एक्सप्रेस द्वारा दिल्ली से सीधे जुड़ेगा। यह सिर्फ एक रेलवे नहीं है, यह परिवर्तन की जीवनरेखा है। यह मिज़ोरम के लोगों के जीवन और आजीविका में क्रांति लाएगा। मिजोरम के किसान और व्यवसाय देश भर के ज्यादा बाजारों तक पहुंच पाएंगे।

जल्द हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू करने का दिया आश्वासन

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत सरकार ने सभी प्रकार की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत की है। मिजोरम को हवाई यात्रा के लिए उड़ान योजना का भी लाभ मिलेगा। बहुत जल्द, यहां हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू होंगी। इससे मिजोरम के दूरदराज के इलाकों तक पहुंच बेहतर होगी।

इजरायल या ईरान कौन है ज्यादा ताकतवर, जानें दोनों की मिलिट्री पावर

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इजरायल ने आज दोपहर ईरान पर बड़ा हमला कर दिया। ईरान की राजधानी तेहरान में कई जगहों पर धमाके सुने गए हैं। जानकारी के मुताबकि इस बार इजरायल ने अकेले हमला नहीं किया बल्कि उसका साथ अमेरिका ने भी दिया है। यही नहीं, हमले के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम उनकी मिसाइल इंडस्ट्री को तबाह कर देंगे। हम उनकी नेवी को तबाह कर देंगे। ईरान कभी भी परमाणु शक्ति संपंन्न देश नहीं बन सकता है।

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अमेरिका की धमकी के बाद इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ने की आशंका है। दोनों देशों में बढ़ते तनाव के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर यह युद्ध लंबा खिंचता है और दोनों में सीधा सैन्य संघर्ष होता है तो किसकी ताकत भारी पड़ेगी?

ट्रेनिंग-तकनीक और ऑपरेशन में इजरायल आगे

अगर ईरान और इजरायल की बात करें तो सक्रिय सैनिकों की संख्या में ईरान आगे बताया जाता है। ईरान के पास करीब 6 लाख तक एक्टिव सैन्य बल और करीब 3.5 लाख रिजर्व सैनिक हैं। जबकि इजरायल के पास करीब 1.7 लाख सक्रिय सैनिक है। हालांकि इजरायल के पास 4.5 लाख प्रशिक्षित रिजर्व फोर्स है, जिसे जरूरत पड़ने पर तुरंत तैनात किया जा सकता है। वहीं संख्या के मामले में भले ही ईरान आगे दिखाई देता है, लेकिन ट्रेनिंग, तकनीक और ऑपरेशन के एक्सपीरियंस में इजरायल को बड़ा माना जाता है।

इजरायल के पास 600 से ज्यादा आधुनिक लड़ाकू विमान

वायु सेना की बात करें तो इजरायल के पास 600 से ज्यादा आधुनिक लड़ाकू विमान है, जिनमें एफ-35 जैसे स्टेल्थ जेट शामिल है। यह जेट रडार से बच निकलने की क्षमता रखते हैं और एडवांस हथियारों से लैस है। दूसरी और ईरान के पास करीब 500 से कुछ ज्यादा विमान हैं, लेकिन ईरान के जेट कई पुराने मॉडल के है। ईरान पर बैन के कारण उसे अपग्रेड और मेंटेनेंस में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में हवा में मुकाबले की स्थिति में इजरायल ईरान के मुकाबले बहुत ज्यादा मजबूत है।

ईरान के मुकाबले इजराइल का रक्षा बजट सात गुना बड़ा

आईआईएसएस के मुताबिक ईरान की तुलना में इजराइल का रक्षा बजट सात गुना बड़ा है।इससे किसी भी संभावित संघर्ष में उसका पलड़ा मजबूत दिखाई पड़ता है। आईआईएससएस के मुताबिक़ 2022 और 2023 में ईरान का रक्षा बजट 7.4 अरब डॉलर का था। जबकि इजराइल का रक्षा बजट 19 अरब डॉलर के आसपास है। जीडीपी की तुलना में इजराइल का रक्षा बजट ईरान से दोगुना है।

मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की शुरुआत: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर हमला,तेहरान समेत कई शहरों में धमाके

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इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हो गई है। थोड़ी देर पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की है। तेहरान में इस समय तबाही का मंजर नजर आ रहा है। अमेरिका के साथ मिलकर यहूदी देश ने ईरान के राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी और एयरपोर्ट सहित 30 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला किया है।

राजधानी तेहरान में धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान के बीच वाले इलाके में तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। अभी तक नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इन शहरों में भी विस्फोट

वहीं कई ईरानी समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ईरान के विभिन्न शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं। तेहरान के अलावा, करमानशाह, क़ोम, लोरेस्तान, कराज और तबरीज़ उन शहरों में शामिल हैं जहां इन मीडिया आउटलेट्स ने विस्फोटों की पुष्टि की है।

इरायल-अमेरिका जॉइंट ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि इज़रायल ने अमेरिका के इशारे पर ही ईरान पर मिसाइलें दागीं हैं और यह हमला दोनों देशों का जॉइंट ऑपरेशन है। पिछले काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिका और ईरान में जल्द ही युद्ध शुरू हो सकता है और आज, शनिवार, 28 फरवरी को युद्ध का बिगुल बज गया है।

खामेनेई को सुरक्षित जगह ले जाया गया

हमलो के बीच ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामनेई को सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया है। एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एक 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है।

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था और इसका लक्ष्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि हमले बड़े दायरे में होंगे और इजरायल के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम चार दिन तक भारी हमले जारी रह सकते हैं। इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे साफ है कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं।

The 12th Union Bank of India Thane Half Marathon 2026 was a massive success.

Thane came alive with unstoppable energy as over 12,000 runners — elite athletes, corporate teams, students, seniors and fitness lovers — stormed the streets on Sunday, 8th February 2026.

Flagged off by fitness legend Milind Soman and Mr. Asheesh Pandey, MD & CEO, Union Bank of India, the race exploded with electric energy at TMC Ground, Hiranandani Estate, Thane. Adding to the thrill, both icons laced up and hit the roads themselves — Milind powering through the 10 km challenge with his signature grit, while Mr. Pandey inspired thousands by completing the 4 km. The momentum carried into fierce battles on the 21 km Half Marathon and 10 km routes — elite performances that lit up the morning!

From intense battles in the 21 km Half Marathon and 10 km Challenge to joyful strides in the 4 km Fun Run, the spirit of fitness, endurance and community shone bright.

Top-notch safety ensured every runner thrived: expert medical teams, physiotherapists, ambulances, hydration stations, and dedicated volunteers lined the route.in this half marathon Daji hubale came first, his timing was 01:07:34, second was vishal kambire his timing was 1:11:34, suraj zore came third his timing was 01:12:25, in half marathon female category Amrita patel came first, her timing was 01:23:27,second was prajakta godbole her timing was 01:31:12, manisha joshi came third her timing was 01:40:03

भारत ने दुनिया को चौंकाया: UN में ईरान का दिया साथ, पश्चिमी देशों को दिखाया आईना

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यूनाइटेड नेशंस ह्यूमन राइट काउंसिल (UNHRC) में भारत की कूटनीति में बड़ा बदलाव देखा गया। UNHRC में भारत ने डंके की चोट पर ईरान का साथ दिया। भारत ने ईरान पर पश्चिमी देशों के प्रस्ताव के खिलाफ वोट डाला। भारत के साथ साथ चीन और पाकिस्तान ने भी प्रस्ताव के खिलाफ 'NO' वोट किया है। हालांकि भारत, चीन और पाकिस्तान के समर्थन के बावजूद UNHRC में ईरान के खिलाफ प्रस्ताव पास हो गया है।

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर हुई कार्रवाई को लेकर अपनी जांच को और गहरा करने का फैसला किया है। इसमें बच्चों सहित हजारों लोगों के मारे जाने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव में ईरान से "क्रूर दमन" खत्म करने की मांग भी की गई है।

भारत के साथ चीन-पाकिस्तान ने भी NO में वोट किया

UNHRC में कुल 47 सदस्य देश हैं, जिन्होंने इस प्रस्ताव के जरिए ईरान में "सुरक्षा बलों द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई के अभूतपूर्व पैमाने" पर चिंता जताई है। ईरान के खिलाफ लाए गये पश्चिमी देशों के प्रस्ताव के समर्थन में 25 वोट, विरोध में 7 वोट और 15 देशों ने वोटिंग से दूर रहने का फैसला किया है। भारत, चीन और पाकिस्तान ने विरोध में यानि NO में वोट किया है।

भारत आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ

पश्चिमी देश और नाटो सदस्य जैसे अमेरिका, फ्रांस और दक्षिण कोरिया ईरान के खिलाफ थे। वे सख्त कार्रवाई चाहते थे। लेकिन भारत ने डंके की चोट पर ईरान का साथ दिया। भारत ने साफ कर दिया कि वह ईरान के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ है। इससे भारत की विदेश नीति की ताकत दिखी, जो संतुलित और स्वतंत्र है। पश्चिमी देशों को लगा कि वे आसानी से ईरान को अलग-थलग कर लेंगे, लेकिन भारत के वोट ने उनके प्लान पर पानी फेर दिया। भारत की तरह ही चीन ने भी ईरान का साथ दिया है।

पश्चिमी दबाव के आगे नहीं झुकता भारत

भारत की यह नीति उसके रणनीतिक हितों से जुड़ी है, जिसमें ईरान से ऊर्जा आयात, चाबहार पोर्ट जैसे प्रोजेक्ट और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना शामिल है। भारत हमेशा जोर देता है कि मानवाधिकार के मुद्दों पर राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप से बचा जाना चाहिए। इस वोट से भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को दोहराया, जिसमें वह पश्चिमी दबाव के आगे नहीं झुकता और दोस्त देशों के साथ खड़ा रहता है। ईरान के साथ भारत के संबंध मजबूत हैं, और यह कदम दोनों देशों के बीच विश्वास को और मजबूत करता है।

ईरान में कैसे हैं हालात...तेहरान से पहली फ्लाइट में लौटे भारतीयों ने बताई हकीकत?

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ईरान में हिंसा के बीच वहां फंसे कई भारतीय नागरिक शुक्रवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। इनमें ज्यादातर स्टूडेंट्स हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर अपने परिवार से गले लगकर कई भारतीय नागरिक फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने बताया कि हिंसा के दौरान वे किस परिस्थितियों में ईरान में फंसे थे।

ईरान में कई भारतीय परिवार फंसे हुए हैं। वहां के गृहयुद्ध जैसे हालात को देखते हुए भारतीय नागरिक जल्द से जल्द भारत वापस आ जाना चाहते हैं। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के कारण कई भारतीय शुक्रवार को दिल्ली लौट आए हैं।

'मोदी जी हैं तो मुमकिन है...'

एक भारतीय नागरिक ने बताया कि वहां की स्थिति बहुत खराब थी। भारत सरकार ने बहुत सहयोग किया और दूतावास ने उन्हें जल्दी ईरान छोड़ने की जानकारी दी। उन्होंने कहा, (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी जी हैं, तो हर चीज मुमकिन है।

'वहां हालात बहुत खराब हैं...'

ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने कहा- वहां हालात बहुत खराब हैं। खतरनाक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। ईरान से लौटी मेडिकल स्टूडेंट अर्श दहरा ने बताया कि भारतीय दूतावास ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन वह एक निजी फ्लाइट से खुद दिल्ली आई हैं। एक अन्य युवक ने कहा- हम वहां एक महीने तक फंसे रहे। एक-दो हफ्तों से ज्यादा परेशानी होने लगी। घर से बाहर निकलते, तो प्रदर्शनकारी गाड़ी के सामने आ जाते थे।

ईरान में हिंसा और अशांति का माहौल

बता दें कि ईरान में पिछले कई दिनों से हिंसा और अशांति का माहौल है। प्रदर्शन शुरू हुए महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ लेकिन धीरे-धीरे ये हिंसक हो गए। तेहरान की सड़कों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें आम हो गईं। इंटरनेट बंद कर दिया गया। हजारों लोग घरों में कैद हो गए। मोबाइल नेटवर्क भी ठप है। देश के सभी 31 प्रांतों में हिंसा फैल गई है। इसमें 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं।

ईरान ने दी ट्रंप की हत्या की धमकी, सरकारी चैनल ने कहा- 'इस बार गोली नहीं चूकेगी'

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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव गहराता जा रहा है। अब ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जान से मारने की धमकी दी गई है। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बुधवार को एक कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा गया कि ‘इस बार गोली चूकेगी नहीं।’

पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की चुनावी रैली का दिखाया इमेज

ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने एक मैसेज के जरिए ट्रंप को धमकी दी है। इसके लिए टीवी चैनल ने जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया के बटलर में हुई ट्रंप की चुनावी रैली की इमेज दिखाया, जहां ट्रंप पर गोलीबारी का प्रयास हुआ था।

अमेरिका विरोधी नारे और बैनर

यह वीडियो तेहरान में एक सरकारी आयोजन के दौरान दिखाया गया, जहां हालिया प्रदर्शनों में मारे गए सुरक्षाकर्मियों और समर्थकों के अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए थे। वहां अमेरिका विरोधी नारे और बैनर भी लगाए गए थे। ईरान की सरकारी टीवी ने फुटेज के साथ एक कैप्शन भी चलाया है, जिसमें कहा गया है कि इस बार गोली निशाने से नहीं चूकने वाली है। यानी अब अगर हमला होता है तो ट्रंप बच नहीं पाएंगे।

अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य गतिविधियां

डोनाल्ड ट्रंप को ऐसे वक्त धमकी दी गई है, जब अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सेनाओं की दोबारा तैनाती शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, क्षेत्र में स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डों में से एक से सैनिकों की आवाजाही देखी गई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि अगर अमेरिका हमला करता है तो ईरान जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।

बवाल को लेकर ट्रंप और ईरान आमने-सामने

ईरान में महंगाई को लेकर पूरे देश में बवाल मचा है। खामेनेई सरकार के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। विरोध दबाने के लिए सरकार ने सख्त एक्शन लेने की बात कही है। वहीं ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान सख्त एक्शन लेता है तो हम उस पर कार्रवाई करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक ईरान में अत्याचार को हम चुपचाप नहीं देख सकेंगे। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ईरान पर हमला करने के लिए वाशिंगटन से लेकर तेल अवीव तक कई दौर की हाईलेवल मीटिंग हुई है। जून 2025 में भी परमाणु हथियार बनाने के मसले पर अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था।

ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर लगाया 25% टैरिफ, जानें भारत पर क्या होगा असर?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि जो भी देश ईरान से कारोबार करेगा, उस पर अमेरिका टैरिफ बढ़ाएगा। इस कदम को ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

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डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा, 'ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को तत्काल प्रभाव से अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देना होगा।'

भारत और चीन होंगे प्रभावित

ट्रंप के इस फैसले का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ सकता है, जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं। भारत पर अमेरिका ने पहले ही 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। नया टैरिफ भारत-अमेरिका के संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?

भारत ईरान का बड़ा व्यापारिक साझेदार है। इसलिए इस टैरिफ का सीधा असर हमारे देश पर पड़ सकता है। पहले से ही भारत पर अमेरिकी टैरिफ 50 फीसदी (बेसिक 25 फीसदी और रूसी तेल के लिए 25 फीसदी) है। अब अगर ट्रंप का यह 25 फीसदी ईरान वाला टैरिफ विशेष तौर पर भारत के साथ भी लगाया जाता है तो यह टैरिफ 75 फीसदी हो सकता है।

भारत-ईरान के बीच 1.68 अरब डॉलर का व्यापार

ईरान में भारतीय दूतावास के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 25 में भारत ने ईरान को 1.24 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि ईरान से 0.44 अरब डॉलर का आयात किया। इस तरह दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 1.68 अरब डॉलर (करीब 14,000 से 15,000 करोड़ रुपये) रहा।

किन सामानों का सबसे ज्यादा कारोबार

ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ईरान को निर्यात में सबसे बड़ा हिस्सा ऑर्गेनिक केमिकल्स का रहा, जिसकी कीमत 512.92 मिलियन डॉलर थी। इसके बाद खाने योग्य फल, मेवे, खट्टे फलों के छिलके और खरबूजे करीब 311.60 मिलियन डॉलर के रहे। वहीं मिनरल फ्यूल, तेल और डिस्टिलेशन से जुड़े उत्पादों का कारोबार 86.48 मिलियन डॉलर का रहा।

फिर जल रहा ईरानः बवाल के बाद इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद, सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारी

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ईरान में पिछले 12 दिनों से भारी विरोध प्रदर्शन चल रहा है। ईरान में महंगाई और गिरती करेंसी को लेकर दो हफ्ते से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। गुरुवार की रात एक बार फिर ईरान धधक उठा। प्रदर्शन की आंच इतनी तेज हो गई कि खामेनेई सरकार सकते में आ गई। आनन-फानन में सरकार ने इंटरनेट और फोन लाइन्स काट दी।

रेजा पहलवी की अपील के बाद उग्र हुई भीड़

गुरुवार की रात प्रदर्शन और उग्र हो गए, जब ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से घरों से बाहर निकलकर इस्लामिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन की अपील की। रेजा पहलवी की अपील के बाद बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतरे। इसी बीच ईरानी सरकार ने सड़कें खाली कराने के लिए सुरक्षाबलों को उतार दिया है।

50 शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन

सबसे खास बात ये है कि प्रदर्शनों के दौरान रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं, जबकि अब तक यहां शाह के समर्थन में नारेबाजी करने पर मौत की सजा मिलती थी। बताया जा रहा है कि ईरान के कम से कम 50 शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग सड़कों पर निकलकर ईरानी शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।

सुरक्षाबलों पर 45 प्रदर्शनकारियों की हत्या का आरोप

ईरान ह्यूमन राइट्स के मुताबिक, प्रदर्शन शुरू होने के बाद से देश में सुरक्षाबलों ने 45 प्रदर्शनकारियों को मार डाला है, जिनमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार का दिन अब तक का सबसे बड़ा जानलेवा दिन रहा, जिसमें 13 प्रदर्शनकारी मारे गए। वहीं, सैकड़ों लोग घायल हुए। इसके अलावा, 2,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

ईरान की अर्थव्यवस्था संकट में

रअसल, ईरान की अर्थव्यवस्था लंबे समय से संकट में है। महंगाई से आवाम त्रस्त है। रियाल मुद्रा का मूल्य रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। महंगाई और बेरोजगारी ने लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया। 28 दिसंबर 2025 को ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। ये विरोध प्रदर्शन पहले तेहरान बाजार की हड़ताल से चले, मगर जल्दी ही पूरे देश में फैल गए। सरकारी डेटा में 21 मौतें हुई हैं, मगर ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट एजेंसी ने 45 लोगों के मरने का दावा किया है। खामेनेई सरकार ने इसे विदेशी साजिश बता रही है, जबकि प्रदर्शनकारी महंगाई, भ्रष्टाचार और दमन के खिलाफ नारे लगा रहे हैं।

When Diplomacy Meets Over Coffee: CD Foundation’s Decade-long Journey Inspires Global Bridges

New Delhi, September 12, 2025 — It wasn’t a conference room, but a coffee table that brought the world together on Friday morning at the Eros Hotel, New Delhi. Against the aroma of freshly brewed coffee and the warmth of Indian hospitality, diplomats, partners, and cultural leaders gathered to celebrate a rare milestone: ten years of CD Foundation’s cultural diplomacy.

Founded in 2015 by Charu Das, Founder & Director, CD Foundation began as a small idea — a neutral, people-first space for embassies and communities to meet beyond politics. A decade later, it has blossomed into an internationally recognized platform spanning 45+ countries, proof that “soft power” can be stronger than any hard negotiation.

A Gathering of Nations

The Diplomatic Coffee Morning turned into a mini-United Nations in New Delhi, with dignitaries from Bangladesh, Belarus, China, Indonesia, Iran, Iraq, and Zambia among the attendees. Their presence not only lent gravitas but also reaffirmed the Coffee Morning’s reputation as a hub of genuine dialogue and exchange.

The event opened with a traditional lamp-lighting ceremony followed by a short film capturing CD Foundation’s journey — from Delhi’s embassy corridors to international festivals and partnerships shaping global conversations.

Voices of Influence

Dr. Amrendra Khatua, Former Secretary, Ministry of External Affairs, set the tone, reminding the audience that “where politics falters, culture succeeds.” His words were echoed by H.E. Mr. Oday Hatim Mohammed of Iraq and Mrs. Phalecy Mwenda Yambayamba of Zambia, who emphasized the shared future that diplomacy-through-culture could nurture.

The event’s global spirit was further amplified through a virtual address from H.E. Dr. Madan Mohan Sethi, Consul General of India in Auckland. His remarks spotlighted the India–New Zealand bridge of trade, tourism, and culture, underlining how cultural diplomacy carries real economic weight. Adding a local yet international flavor, Ms. Mahia Williams of the Whiria Collective (New Zealand) spoke of Māori–Indian collaborations not as symbolic, but as living exchanges.

Partnerships with Purpose

Beyond diplomacy, the Coffee Morning also recognized healthcare and humanitarian champions. Dr. Amit Luthra of Amolik Health Care highlighted India’s emerging role in medical diplomacy, while United Sikh drew attention to its relief efforts in flood-hit Punjab — a reminder that people-to-people diplomacy extends to those who need it most.

Looking Ahead

The celebration was not just about looking back but also about unveiling the future. Upcoming initiatives include:

  • India–UK Festival (Manchester & Leeds, November 2025)
  • Delegations to China (late 2025)
  • Reciprocal Festivals in India (early 2026)

Each marks a continuation of CD Foundation’s mission: to turn connections into collaborations.

A New Beginning at Ten

As the morning ended, there was no sense of closure — only continuity. Ten years may mark a milestone, but for CD Foundation, it is just the first chapter of a much bigger global story waiting to be written.

For more information you can visit https://www.cdfoundation.co.in/

 

भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ा मिजोरम, पीएम मोदी ने किया राज्य की पहली रेल लाइन का उद्घाटन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्थ ईस्ट दौरे पर हैं। उन्होंने मिजोरम से अपने दौरे की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने पांच राज्यों के दौरे के पहले पड़ाव में मिजोरम पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन के शुभारंभ के साथ मिजोरम में 9000 करोड़ रुपये प्रोजेक्ट का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान पेम मोदी ने 8,070 करोड़ से अधिक की लागत वाली बैराबी-सैरांग नई रेल लाइन का उद्घाटन किया, जो मिजोरम की राजधानी को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।

कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाने के लिए जताया खेद

राजधानी आइजॉल में खराब मौसम के कारण पीएम मोदी ने एयरपोर्ट से ही जनसभा को संबोधित किया। खराब मौसम के कारण थुआम्पुई हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग संभव नहीं हो पाई। पीएम मोदी ने आईजोल के कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाने के लिए खेद व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं यहां मिजोरम के लेंगपुई हवाई अड्डे पर हूं। दुर्भाग्य से खराब मौसम के कारण मुझे खेद है कि मैं आइजोल में आपके साथ शामिल नहीं हो पा रहा हूं, लेकिन मैं इस माध्यम से भी आपके प्यार और स्नेह को महसूस कर सकता हूं।

11 वर्षों से पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रहे

इस मौके पर उन्होंने कहा कि पिछले ग्यारह वर्षों से हम पूर्वोत्तर के विकास के लिए काम कर रहे हैं। यह क्षेत्र भारत का विकास इंजन बन रहा है। पिछले कुछ वर्षों में पूर्वोत्तर के कई राज्यों ने भारत के रेल मानचित्र पर अपनी जगह बनाई है। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ साल पहले मुझे आइजोल रेलवे लाइन की आधारशिला रखने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि आज हम इसे देशवासियों को समर्पित करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि कठिन भूभाग सहित कई चुनौतियों को पार करते हुए, बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन एक वास्तविकता बन गई है। यह हमारे इंजीनियरों के कौशल और हमारे कार्यकर्ताओं के जज्बे ने इसे संभव बनाया है। लोगों को शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के अवसरों तक भी बेहतर पहुंच मिलेगी। यह विकास कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

पहली बार दिल्ली से कनेक्टिविटी

पीएम मोदी ने कहा कि पहली बार मिजोरम का सैरांग राजधानी एक्सप्रेस द्वारा दिल्ली से सीधे जुड़ेगा। यह सिर्फ एक रेलवे नहीं है, यह परिवर्तन की जीवनरेखा है। यह मिज़ोरम के लोगों के जीवन और आजीविका में क्रांति लाएगा। मिजोरम के किसान और व्यवसाय देश भर के ज्यादा बाजारों तक पहुंच पाएंगे।

जल्द हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू करने का दिया आश्वासन

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारत सरकार ने सभी प्रकार की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत की है। मिजोरम को हवाई यात्रा के लिए उड़ान योजना का भी लाभ मिलेगा। बहुत जल्द, यहां हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू होंगी। इससे मिजोरम के दूरदराज के इलाकों तक पहुंच बेहतर होगी।