कैबिनेट का बड़ा फैसला : घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा के लिए अनुमंडल से लेकर राज्य मुख्यालय तक पदाधिकारियों की होगी नियुक्ति
डेस्क : घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा के लिए अनुमंडल से लेकर राज्य मुख्यालय तक पदाधिकारियों की नियुक्ति होगी। राज्य मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति प्रदान कर दी। इसके लिए कैबिनेट ने बिहार संरक्षण सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2025 के गठन की मंजूरी दी है।
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बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण के लिए हर अनुमंडल में एक-एक अर्थात कुल 101, हर जिले में एक-एक अर्थात 38 और मुख्यालय स्तर पर एक कुल 140 संरक्षण पदाधिकारियों के पदों का सृजन किया जाएगा। ये अधिकारी हर जिले और अनुमंडल में महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे। महिलाओं के घरेलू हिंसा के मामलों को देखेंगे और आवश्यक कानूनी कार्रवाई कराएंगे।
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डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि इसके अलावा राज्य सरकार ने राज्य के डाटा सेंटर को अधिक से अधिक सुरक्षित बनाने के लिए स्टेट डाटा सेंटर 2.0 फेज 2 की परियोजना के लिए 159 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। डाटा सेंटर में सरकार के महत्वपूर्ण एप्लिकेशन के होस्टिंग एवं स्टोरेज की सुविधा रहती है। यह एक कॉमन प्लेटफार्म है, जहां राज्य के संवेदनशील डाटा सुरक्षित रखे जाते हैं। वर्तमान में इसमें 360 से अधिक वेबसाइट, पोर्टल, एप्लिकेशन होस्टेड हैं।
डाटा सेंटर 2.0 के कंप्यूटर के रैम, कोर, और स्टोरेज का 85 प्रतिशत उपयोग किया जा चुका है। यही नहीं, एनआईसी ने अपना मिनी डाटा सेंटर बंद कर दिया है। जिसके कारण 60 वेबसाइट, पोर्टल को स्टेट डाटा सेंटर में माइग्रेट किया जाना है। इस वजह से डाटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही शहरों की यातायात व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और आम लोगों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने नए उपकरणों की खरीद का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। उपकरणों की खरीद पर 58.62 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी।
Feb 26 2025, 13:06