इल्म हासिल करना हर इंसान की ज़रूरत - मुफ्ती अब्दुल गफूर क़ासमी
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सम्भल मदरसा इशातुल कुरान मे बच्चों के कुरान मुकम्मल करने पर जलसे का आयोजन हुआ।
जलसे की शुरुआत हाफ़िज़ माआज़ ने तिलावते कुरआन से की।
मुफ्ती उम्मेद ने नाते पाक पेश की।उपनगरी सराय तरीन मुहल्ला भूड़ा मदरसे इशातुल कुरान में हुए दीनी जलसे में बोलते हुए मेहमाने खूसुसी मुफ्ती अब्दुल गफूर ने कहा कि दुनयावी पढ़ाई के साथ साथ दीनी तालीम पर गौर करना चाहिए, उन्होंने कहा कि हाफिज़े कुरान रोज़े कयामत के दिन अपनी सात पुश्तों की बख़्शीश की अल्लाह से गुज़ारिश करेगा।
जिसे अल्लाह कबूल कर लेगा और उनके सारे गुनाह माफ कर , उन्हें जन्नत में भेज दिया जाएगा ।उन्होंने कुरान मजीद पर रोशनी डालते हुए कहा कि एक बच्चा कुरान मुकम्मल करने एक साल या ज्यादा से ज्यादा डेढ़ साल का वक्त लेता है,। जबकि कुछ बच्चे कुरान मजीद को चंद महीनों में पूरा कर लेते हैं, लेकिन क़ुर्बान जाऊं अल्लाह की रहमतों पर। मरते दम तक क़ुरान मजीद सीने में हिफाज़त से रहता है,। बीमारी हो या कुछ भी इंसान इसे नहीं भूलता है, दुनिया के हर मुसलमान के सीनों में कुरान मजीद पेवस्त है।
हाफिज़ ए कुर आन का अल्लाह के यहां बड़ा मुकाम है ।कुरान पूरी इंसानियत और मुसलमानो के लिए सबसे अज़ीम नेहमत है,यह क़यामत तक के लिए इंसानों के लिए हिदायत है। क़ुरान मजीद की हिफाज़त की ज़िम्मेदारी अल्लाह ने अपने ज़िम्मे में ली है।
इसे याद करना बड़े रुतबे की बात है,।यह खुशी पैसे से नहीं बल्कि छात्रों और शिक्षकों की कड़ी मेहनत और अल्लाह के फ़ज़ल से होता है।
जो बच्चा कुरान को हिफ्ज़ करता है उसको अल्लाह बेशुमार इनामों से नवाज़ता है। उन्होंने कहा कुरान मजीद को हिफ्ज़ करने वाले बच्चे के मां-बाप को कयामत के दिन अल्लाह उनके सर पर ताज पहनाएगा जिसकी रोशनी सूरज से भी ज़्यादा चमकदार होगी
जलसे की निज़ामत मौलाना इमरान क़ासमी ने की। जलसे के आखिर में मुल्क़ में अमन चैन और तरक्की के लिए दुआ मांगी गई इस दौरान डाक्टर इशरत हसीब अहमद मुफ्ती मुशर्रफ़ क़ारी अरमान क़ारी नाज़िम मौलाना हयात मुफ्ती नाज़िम मौलाना खालिद हाफ़िज़ रुमान मुफ्ती उम्मेद मुफ्ती मुरसलीन हाफ़िज़ हारून क़ारी आरिफ क़ारी फुरकान मौलाना आरिस हाजी यामीन मास्टर नाज़िश मियां आदि मौजूद रहे।
Feb 06 2025, 17:21