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भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत! ईरान ने खोल दिया होर्मुज स्ट्रेट, अब बिना रोक-टोक गुजरेंगे जहाज*

#middleeastiranallowedindiatopassthroughhormuz_these

ईरान में जंग तेज होता जा रहा है। ईरान-अमेरिका के बीचा सीजफायर के आसार बनते नहीं दिख रहे हैं। होर्मुज संकट अब भी बरकरार है। दुनियाभर के जहाजों के लिए ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता बंद कर रखा है। इससे पश्चिम एशिया में ईंधन का संकट गहराता जा रहा है। हालांकि, इस बीच ईरान ने भारत के लिए होर्मुज स्ट्रेट खोल दिया है।

ईरान ने बुधवार को ही यह साफ कर दिया था कि वह मित्र देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोल रहा है। भारत में ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने गुरुवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हवाले से यह जानकारी दी है। मुंबई स्थित ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के फैसले की जानकारी दी।

भारत समेत पांच देशों को राहत

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, 'हमने होर्मुज स्ट्रेट से चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को गुजरने की अनुमति दी है।' क्षेत्र में जारी संघर्ष के बावजूद भारत के साथ-साथ रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित मार्ग प्रदान किया गया है. इस तरह से पांच देशों के लिए ईरान ने होर्मुज का दरवाजा खोल दिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुश्मन देशों के लिए बंद

यह बयान उस समय आया है, जब ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुश्मन देशों के लिए बंद है, लेकिन मित्र देशों के जहाज़ों को गुजरने दिया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि जिन देशों को शत्रु माना जाता है या जो मौजूदा संघर्ष में शामिल हैं, उनसे जुड़े जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल और कुछ खाड़ी देशों के जहाज, जो वर्तमान संकट में भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने होर्मुज खोलने की अपील की

संयुक्त राष्ट्र (यूएन)के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी होर्मुज स्ट्रेट खोलने के आह्वान किया था। गुटेरेस ने कहा था, 'होर्मुज जलडमरूमध्य का लंबे समय तक बंद रहना, वैश्विक बुवाई के मौसम के एक बहुत ही खास मोड़ पर तेल, गैस और उर्वरक की आवाजाही को बाधित कर रहा है। सभी क्षेत्र और उससे भी आगे सामान्य लोग गंभीर मुश्किलें झेल रहे हैं और बहुत ज्यादा असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र युद्ध के प्रभावों को कम करने की कोशिश कर रहा है। और इसके प्रभावों को कम करने का सबसे आसान तरीका है, युद्ध बंद हो- तुरंत।'

भारत के लिए राहत भरी खबर

ईरान के इस फैसले से भारत को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि भारत का काफी तेल इसी रास्ते से आता है। अगर यह रास्ता बंद रहता, तो पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते थे। ईरान ने पहले भी साफ किया था कि गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज (यानी जो ईरान के खिलाफ नहीं हैं) इस रास्ते से गुजर सकते हैं, लेकिन अब यह नियम और सख्त कर दिया गया है, हर जहाज को पहले अनुमति और सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।

Empowering the Next Generation: Why Global Mentorship Matters for Women in MediaTech

The MediaTech sector is witnessing a transformation, and mentorship is at its heart.The Rise Mentoring Programme—headquartered in the UK with a global presence across North America, India, APAC, and the Middle East—is at the forefront of this shift. Jaswinder ‘Jassi’ Arora, founder of RVJ Media Tech LLP, recently highlighted the impact of this global initiative after completing the 2025 programme.

"The mentorship journey is about more than just skills; it's about building resilience and a global mindset," says Jassi. Her recent appearance on the Rise panel at the Amazon Gurgaon office showcased how mentorship from industry giants like AWS and Sony empowers women to take ownership of their professional trajectories. Having navigated diverse roles in media across West Bengal and the Northeast, Jassi is now paying it forward, encouraging women to break self-limitations. Her story proves that when global infrastructure meets individual ambition, the potential for women in technology is limitless.

Visit for more : https://linkedin.com/in/jaswinder-arora-088606168

मिडिल ईल्ट में जंग के बीच पीएम मोदी की 'डिप्लोमेसी', 5 देशों के नेताओं से की बात

#middleeastconflictpmnarendramodipeace_initiative

पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग और तेज होती जा रही है। युद्ध में अब ऊर्जा ठिकानों पर हमले हो रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों में इजाफा होने का डर पैदा हो गया है। पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर, फ्रांस,जॉर्डन,ओमान और मलयेशिया के नेताओं से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने ईरान युद्ध में ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की निंदा की। 

पीएम मोदी ने संवाद और कूटनीति पर जोर दिया

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 19 मार्च 2026 को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के नेताओं से अलग-अलग फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी वार्ताओं में एनर्जी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर होर्मुज स्‍ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।

शांति और स्थिरता के लिए समन्वय को जारी रखने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर हुई बातचीत की जानकारी एक्स हैंडल पर दी। पीएम मोदी ने लिखा " मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की। हम इस क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने के लिए तत्पर हैं।"

कतर में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा

कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी के साथ हुई बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि "भारत, कतर के साथ है और क्षेत्र में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा करता है। पीएम मोदी ने कतर के अमीर को कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल और समर्थन के लिए आभार जताया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कामना की।" पीएम मोदी ने कतर के शासक को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। 

ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने फोन पर अपने भाई, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय को ईद की शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया। पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय हैं और इनसे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। भारत और जॉर्डन माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन के लिए प्रतिबद्ध हैं। क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में जॉर्डन के प्रयासों की हम तहे दिल से सराहना करते हैं।"

पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री से भी की बात

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा "मैंने अपने मित्र, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की और आगामी ईद-उल-फितर के अवसर पर उन्हें और मलेशिया की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया की बेहद चिंताजनक स्थिति पर भी चर्चा की और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करने और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।"

ओमान को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत द्वारा की गई निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, "भारत और ओमान होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

ईरान-इजराइल के बीच संघर्ष भीषण होता जा रहा

बता दें, ईरान पर यूएस-इजरायल के संयुक्त हमले से शुरू हुआ संघर्ष दिन पर दिन भीषण होता जा रहा है। इसका असर वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप में देखने को मिल सकता है। इन सबके बीच भारत अपनी सीक्रेट डिप्लोमेसी से ताजा हालात के दुष्प्रभाव को देश के लिए कम असरदार करने की सफल कोशिशों में लगा है।

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Body: The MediaTech sector is witnessing a transformation, and mentorship is at its heart.The Rise Mentoring Programme—headquartered in the UK with a global presence across North America, India, APAC, and the Middle East—is at the forefront of this shift. Jaswinder ‘Jassi’ Arora, founder of RVJ Media Tech LLP, recently highlighted the impact of this global initiative after completing the 2025 programme.

"The mentorship journey is about more than just skills; it's about building resilience and a global mindset," says Jassi. Her recent appearance on the Rise panel at the Amazon Gurgaon office showcased how mentorship from industry giants like AWS and Sony empowers women to take ownership of their professional trajectories. Having navigated diverse roles in media across West Bengal and the Northeast, Jassi is now paying it forward, encouraging women to break self-limitations. Her story proves that when global infrastructure meets individual ambition, the potential for women in technology is limitless.

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*दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला, एक भारतीय समेत 4 लोग घायल

#middleeastiranattackeddubaiinternationalairport

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच दुबई से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (डीएक्सबी) के पास दो ड्रोन गिराए जाने की घटना सामने आई है। इस घटना में एक भारतीय नागरिक सहित कुल चार लोग घायल हो गए।

दुबई मीडिया ऑफिस ने एक्स पर एक बयान में कहा, "दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास अधिकारियों ने दो ड्रोन रोके, जिसमें एक भारतीय नागरिक समेत चार लोग घायल हो गए। इसमें आगे कहा गया, “एयर ट्रैफिक नॉर्मल तरीके से चल रहा है।"

दुबई एयरपोर्ट के नजदीक पहले भी हुआ हमला

अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि ड्रोन ईरान से आए थे या किसी और वजह से गिरे, लेकिन जंग के चलते इलाके में ईरानी ड्रोन और मिसाइल अटैक्स की वजह से सिक्योरिटी अलर्ट बहुत हाई है। यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने पिछले कुछ घंटों में कई ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है। दरअसल, ईरान ने पहले भी दुबई एयरपोर्ट के नजदीक हमले किए थे। इसके अलावा शहर के रिहायशी इलाकों में हमले हुए थे।

ईरान ने गल्फ देशों में काउंटर अटैक्स

ये घटना ऐसे समय पर हुई है जब ईरान ने गल्फ देशों यानी यूएई, सऊदी अरब, कतर, बहरीन और कुवैत पर काउंटर अटैक्स तेज कर दिए हैं। अबू धाबी के रुवैस रिफाइनरी में भी ड्रोन हमले से आग लगी थी और उसे बंद करना पड़ा था। ईरान ने अपने इलाके में यूएस और इजरायल के हमलों का जवाब यूनाइटेड अरब अमीरात, बहरीन, कतर और दूसरे खाड़ी देशों पर मिसाइलों और ड्रोन की बौछार करके दिया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान हुआ है और तेल प्रोडक्शन में रुकावट आई है।

यूएई में भारतीयों के लिए एडवाइजरी

भारत सरकार ने यूएई में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। दुबई और अबू धाबी में रहने वाले भारतीयों को अलर्ट रहने और लोकल अथॉरिटीज के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। अगर कोई भारतीय नागरिक प्रभावित हुआ है, तो भारतीय दूतावास दुबई (+971-4-3971222) या अबू धाबी (+971-2-4492700) से संपर्क करें।

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच गहराया LPG का संकट, देशभर से सिलेंडर सप्‍लाई प्रभावित

#lpggascrisishitstakenamidmiddleeast_tensions

अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग का असर भारत के करोड़ों लोगों पर पड़ता दिख रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर अब भारत में एलपीजी और गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी इस युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर तेलंगाना और तमिलनाडु तक लाखों लोग एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं।

कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण राजधानी दिल्ली, यूपी और हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत होने लगी है। गैस सिलेंडर भरवाने को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। लखनऊ समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे लोग

कई जगह घरेलू आपूर्ति तो अभी सामान्य है, लेकिन वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों को लेकर परेशानी बढ़ रही है। यह स्थिति इसलिए भी है कि लोग आशंका में पहले से ही गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे हैं। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित होने से दिल्ली में 50 हजार से अधिक रेस्तरां, पब, बार और होटलों के संचालन में दिक्कतें आने लगी हैं।

गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लेकर अधिसूचना

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारत की एक-तिहाई गैस आपूर्ति बाधित होने के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना जारी कर गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को मिलने वाली गैस प्रमुख उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव किया है। इसके तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को अन्य सभी क्षेत्रों पर प्राथमिकता दी जाएगी।

गैस की परेशानी से रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान

देश में एलपीजी की किल्लत के कारण रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को जबरदस्त नुकसान हो रहा है। कई रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष और रेस्टोरेंट कारोबारी जोरावर कालरा ने कहा कि अगर एलपीजी सिलेंडरआपूर्ति में कमी जारी रही तो रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को रोजाना 1200 से 1300 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।

भारत में एलपीजी की कितनी खपत?

बता दें कि भारत एलपीजी का बड़ा उपभोक्ता है। देश में हर साल लगभग 31.2 मिलियन टन (करीब 3.13 करोड़ टन) एलपीजी की खपत होती है। इसमें से लगभग 60 प्रतिशत गैस का आयात किया जाता है, जबकि करीब 40 प्रतिशत यानी लगभग 12.4 मिलियन टन एलपीजी का उत्पादन देश में ही किया जाता है। घरेलू उपयोग में 14 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी लगभग 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल सेक्टर में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत है।

किन देशों से आता है एलपीजी?

भारत की एलपीजी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। कुल आयात में लगभग 80 प्रतिशत गैस इसी क्षेत्र से मिलती है। यूएई से लगभग 26 प्रतिशत, कतर से 22 प्रतिशत और सउदी अबर से करीब 22 प्रतिशत एलपीजी आती है, जबकि बाकी 33 प्रतिशत अन्य देशों से आयात की जाती है। भारत में कितने उपभोक्ता मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 33.08 करोड़ सक्रिय एलपीजी उपभोक्ता हैं।

ईरान युद्ध की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित

ईरान युद्ध की वजह से भारत में पेट्रोलियम पदार्थों का सप्लाई चेन प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार घरेलू गैस और ईंधन की सप्लाई चेन बरकरार रखने के लिए कई तरह के सकारात्मक और सख्त कदम उठा रही है। आम जनता पर इसका सीधा असर न पड़े इसके लिए वह आवश्यत वस्तु अधिनियन (ईसीए) भी लागू कर चुकी है। फिर भी एलएनजी और एलपीजी की किल्लत से देश में ऑद्योगिक क्षेत्र प्रभावित होने लगे हैं।

ईरान के नेताओं से संपर्क करना काफी मुश्किल', भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर, मिडिल ईस्ट तनाव पर बोले जयशंकर

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ईरान पर इजरायल और अमेरिका का हमला होने के बाद मिडिल ईस्ट में हालात गंभीर बने हुए हैं। इस क्षेत्र में हजारों की संख्या में भारतीय भी हैं। ऐसे में संसद के बजट सत्र में दूसरे फेज के पहले दिन पश्चिम एशिया का मुद्दा उठा। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में सदन के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को उठाया। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जवाब दिया।

प्रधानमंत्री मोदी घटनाक्रम पर रख रहे नजर

विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार नए घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं। संबंधित मंत्रालय आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं ताकि सही कदम उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि यह विवाद भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है। खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और कर्मचारी मौजूद हैं। यह इलाका भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यहां तेल और गैस के मुख्य सप्लायर हैं। सप्लाई चेन में रुकावट आना एक गंभीर मुद्दा है।

अब तक करीब 67,000 भारतीय नागरिक देश लौट

सदन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि फंसे हुए भारतीयों की मदद के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों की वापसी को सुगम बनाने के लिए उड़ानों को मंजूरी दे दी है और उन्हें संचालित भी किया है, जिसके तहत लगभग 67,000 भारतीय नागरिक देश लौट चुके हैं।आर्मेनिया के रास्ते भारतीयों को निकाला जा रहा। इस क्षेत्र में भारतीय एंबेसी लगातार लोगों तक जरूरी मदद पहुंचा रही है।

संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता*

जयशंकर ने कहा, हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। हम अब भी मानते हैं कि तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए।

मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की शुरुआत: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर हमला,तेहरान समेत कई शहरों में धमाके

#middleeastisraelattackoniranexplosionheardin_tehran

इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हो गई है। थोड़ी देर पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की है। तेहरान में इस समय तबाही का मंजर नजर आ रहा है। अमेरिका के साथ मिलकर यहूदी देश ने ईरान के राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी और एयरपोर्ट सहित 30 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला किया है।

राजधानी तेहरान में धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान के बीच वाले इलाके में तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। अभी तक नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इन शहरों में भी विस्फोट

वहीं कई ईरानी समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ईरान के विभिन्न शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं। तेहरान के अलावा, करमानशाह, क़ोम, लोरेस्तान, कराज और तबरीज़ उन शहरों में शामिल हैं जहां इन मीडिया आउटलेट्स ने विस्फोटों की पुष्टि की है।

इरायल-अमेरिका जॉइंट ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि इज़रायल ने अमेरिका के इशारे पर ही ईरान पर मिसाइलें दागीं हैं और यह हमला दोनों देशों का जॉइंट ऑपरेशन है। पिछले काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिका और ईरान में जल्द ही युद्ध शुरू हो सकता है और आज, शनिवार, 28 फरवरी को युद्ध का बिगुल बज गया है।

खामेनेई को सुरक्षित जगह ले जाया गया

हमलो के बीच ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामनेई को सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया है। एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एक 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है।

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था और इसका लक्ष्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि हमले बड़े दायरे में होंगे और इजरायल के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम चार दिन तक भारी हमले जारी रह सकते हैं। इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे साफ है कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं।

Jai Dharti Maa Foundation Distributes Inspirational Books to Students at Upgraded Middle School, Loadih, Dhanbad

Jai Dharti Maa Foundation distributed inspirational life-development books free of cost to students of classes 8, 9, and 10 at the Upgraded Middle School, Loadih, Dhanbad. On this occasion, the foundation’s founder Ravi Kumar Nishad said that the objective of the organization is to inspire youth in the right direction and bring positive change in their lives.

Key Highlights of the Program:

Book Distribution: Free inspirational books were distributed to students of classes 8, 9, and 10.

Attendance: Principal Ashok Pal, Sanjay Sir, and other teachers were present.

Foundation Representatives: Founder Ravi Kumar Nishad, Chief Advisor Shankar Kishor Mahato, Co-founder Ranjit Kumar, District Secretary Sahdev Mahato, Md. Shamsher Ali, Sudhir Hembram, Ram Kumar, and other officials were also present.

Such programs organized by Jai Dharti Maa Foundation help provide students with motivation and guidance, which can bring positive transformation in their lives. The foundation is also actively working in the fields of environmental protection and social awareness.

The trial cultivation of China Millets has been successful.

These millets were grown at the Agricultural Research Centre located at the headquarters of Jai Dharti Maa Foundation.

Founder Ravi Kumar Nishad, Dhanbad, Jharkhand, said:

“The soil of Jharkhand has immense potential to grow highly valuable agricultural crops. What we lack is only the willingness to come forward and take up farming. I request all farmers and people from the business community to explore millet varieties like China Millets. These crops require very little cost and maintenance, yet provide good returns.”

China Millet is a type of coarse grain. It is also known as Punarva. It is not clearly known where it was first cultivated, but it has been grown as a crop in the Caucasus and China for more than 7,000 years. It is believed that the crop might have been domesticated independently in these regions.

Today, China Millets are grown extensively in India, Russia, Ukraine, the Middle East, Turkey, and Romania. The grain is considered highly beneficial for health. Since it is gluten-free, it can be consumed even by people who are allergic to wheat.

भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत! ईरान ने खोल दिया होर्मुज स्ट्रेट, अब बिना रोक-टोक गुजरेंगे जहाज*

#middleeastiranallowedindiatopassthroughhormuz_these

ईरान में जंग तेज होता जा रहा है। ईरान-अमेरिका के बीचा सीजफायर के आसार बनते नहीं दिख रहे हैं। होर्मुज संकट अब भी बरकरार है। दुनियाभर के जहाजों के लिए ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता बंद कर रखा है। इससे पश्चिम एशिया में ईंधन का संकट गहराता जा रहा है। हालांकि, इस बीच ईरान ने भारत के लिए होर्मुज स्ट्रेट खोल दिया है।

ईरान ने बुधवार को ही यह साफ कर दिया था कि वह मित्र देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोल रहा है। भारत में ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने गुरुवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हवाले से यह जानकारी दी है। मुंबई स्थित ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के फैसले की जानकारी दी।

भारत समेत पांच देशों को राहत

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, 'हमने होर्मुज स्ट्रेट से चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान को गुजरने की अनुमति दी है।' क्षेत्र में जारी संघर्ष के बावजूद भारत के साथ-साथ रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित मार्ग प्रदान किया गया है. इस तरह से पांच देशों के लिए ईरान ने होर्मुज का दरवाजा खोल दिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुश्मन देशों के लिए बंद

यह बयान उस समय आया है, जब ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुश्मन देशों के लिए बंद है, लेकिन मित्र देशों के जहाज़ों को गुजरने दिया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि जिन देशों को शत्रु माना जाता है या जो मौजूदा संघर्ष में शामिल हैं, उनसे जुड़े जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल और कुछ खाड़ी देशों के जहाज, जो वर्तमान संकट में भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने होर्मुज खोलने की अपील की

संयुक्त राष्ट्र (यूएन)के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी होर्मुज स्ट्रेट खोलने के आह्वान किया था। गुटेरेस ने कहा था, 'होर्मुज जलडमरूमध्य का लंबे समय तक बंद रहना, वैश्विक बुवाई के मौसम के एक बहुत ही खास मोड़ पर तेल, गैस और उर्वरक की आवाजाही को बाधित कर रहा है। सभी क्षेत्र और उससे भी आगे सामान्य लोग गंभीर मुश्किलें झेल रहे हैं और बहुत ज्यादा असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र युद्ध के प्रभावों को कम करने की कोशिश कर रहा है। और इसके प्रभावों को कम करने का सबसे आसान तरीका है, युद्ध बंद हो- तुरंत।'

भारत के लिए राहत भरी खबर

ईरान के इस फैसले से भारत को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि भारत का काफी तेल इसी रास्ते से आता है। अगर यह रास्ता बंद रहता, तो पेट्रोल-डीजल महंगे हो सकते थे। ईरान ने पहले भी साफ किया था कि गैर-शत्रुतापूर्ण जहाज (यानी जो ईरान के खिलाफ नहीं हैं) इस रास्ते से गुजर सकते हैं, लेकिन अब यह नियम और सख्त कर दिया गया है, हर जहाज को पहले अनुमति और सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा।

Empowering the Next Generation: Why Global Mentorship Matters for Women in MediaTech

The MediaTech sector is witnessing a transformation, and mentorship is at its heart.The Rise Mentoring Programme—headquartered in the UK with a global presence across North America, India, APAC, and the Middle East—is at the forefront of this shift. Jaswinder ‘Jassi’ Arora, founder of RVJ Media Tech LLP, recently highlighted the impact of this global initiative after completing the 2025 programme.

"The mentorship journey is about more than just skills; it's about building resilience and a global mindset," says Jassi. Her recent appearance on the Rise panel at the Amazon Gurgaon office showcased how mentorship from industry giants like AWS and Sony empowers women to take ownership of their professional trajectories. Having navigated diverse roles in media across West Bengal and the Northeast, Jassi is now paying it forward, encouraging women to break self-limitations. Her story proves that when global infrastructure meets individual ambition, the potential for women in technology is limitless.

Visit for more : https://linkedin.com/in/jaswinder-arora-088606168

मिडिल ईल्ट में जंग के बीच पीएम मोदी की 'डिप्लोमेसी', 5 देशों के नेताओं से की बात

#middleeastconflictpmnarendramodipeace_initiative

पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग और तेज होती जा रही है। युद्ध में अब ऊर्जा ठिकानों पर हमले हो रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों में इजाफा होने का डर पैदा हो गया है। पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर, फ्रांस,जॉर्डन,ओमान और मलयेशिया के नेताओं से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने ईरान युद्ध में ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की निंदा की। 

पीएम मोदी ने संवाद और कूटनीति पर जोर दिया

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 19 मार्च 2026 को कतर, फ्रांस, जॉर्डन, ओमान और मलेशिया के नेताओं से अलग-अलग फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की और तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इन सभी वार्ताओं में एनर्जी इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित करते हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर असर डाल सकते हैं। उन्होंने खास तौर पर होर्मुज स्‍ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।

शांति और स्थिरता के लिए समन्वय को जारी रखने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर हुई बातचीत की जानकारी एक्स हैंडल पर दी। पीएम मोदी ने लिखा " मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से पश्चिम एशिया की स्थिति और तनाव कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की। हम इस क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने के लिए तत्पर हैं।"

कतर में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा

कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी के साथ हुई बातचीत में पीएम मोदी ने कहा कि "भारत, कतर के साथ है और क्षेत्र में ऊर्जा के बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा करता है। पीएम मोदी ने कतर के अमीर को कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल और समर्थन के लिए आभार जताया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की कामना की।" पीएम मोदी ने कतर के शासक को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। 

ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "मैंने फोन पर अपने भाई, जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय को ईद की शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया। पश्चिम एशिया में ऊर्जा अवसंरचना पर हमले निंदनीय हैं और इनसे अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। भारत और जॉर्डन माल और ऊर्जा के निर्बाध पारगमन के लिए प्रतिबद्ध हैं। क्षेत्र में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी में जॉर्डन के प्रयासों की हम तहे दिल से सराहना करते हैं।"

पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री से भी की बात

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स हैंडल पर लिखा "मैंने अपने मित्र, मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बात की और आगामी ईद-उल-फितर के अवसर पर उन्हें और मलेशिया की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। हमने पश्चिम एशिया की बेहद चिंताजनक स्थिति पर भी चर्चा की और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से तनाव कम करने और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।"

ओमान को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?

प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत द्वारा की गई निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, "भारत और ओमान होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

ईरान-इजराइल के बीच संघर्ष भीषण होता जा रहा

बता दें, ईरान पर यूएस-इजरायल के संयुक्त हमले से शुरू हुआ संघर्ष दिन पर दिन भीषण होता जा रहा है। इसका असर वैश्विक बाजार और अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप में देखने को मिल सकता है। इन सबके बीच भारत अपनी सीक्रेट डिप्लोमेसी से ताजा हालात के दुष्प्रभाव को देश के लिए कम असरदार करने की सफल कोशिशों में लगा है।

Empowering the Next Generation: Why Global Mentorship Matters for Women in MediaTech

Body: The MediaTech sector is witnessing a transformation, and mentorship is at its heart.The Rise Mentoring Programme—headquartered in the UK with a global presence across North America, India, APAC, and the Middle East—is at the forefront of this shift. Jaswinder ‘Jassi’ Arora, founder of RVJ Media Tech LLP, recently highlighted the impact of this global initiative after completing the 2025 programme.

"The mentorship journey is about more than just skills; it's about building resilience and a global mindset," says Jassi. Her recent appearance on the Rise panel at the Amazon Gurgaon office showcased how mentorship from industry giants like AWS and Sony empowers women to take ownership of their professional trajectories. Having navigated diverse roles in media across West Bengal and the Northeast, Jassi is now paying it forward, encouraging women to break self-limitations. Her story proves that when global infrastructure meets individual ambition, the potential for women in technology is limitless.

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*दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला, एक भारतीय समेत 4 लोग घायल

#middleeastiranattackeddubaiinternationalairport

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच दुबई से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दुबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (डीएक्सबी) के पास दो ड्रोन गिराए जाने की घटना सामने आई है। इस घटना में एक भारतीय नागरिक सहित कुल चार लोग घायल हो गए।

दुबई मीडिया ऑफिस ने एक्स पर एक बयान में कहा, "दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास अधिकारियों ने दो ड्रोन रोके, जिसमें एक भारतीय नागरिक समेत चार लोग घायल हो गए। इसमें आगे कहा गया, “एयर ट्रैफिक नॉर्मल तरीके से चल रहा है।"

दुबई एयरपोर्ट के नजदीक पहले भी हुआ हमला

अभी तक ये साफ नहीं हुआ है कि ड्रोन ईरान से आए थे या किसी और वजह से गिरे, लेकिन जंग के चलते इलाके में ईरानी ड्रोन और मिसाइल अटैक्स की वजह से सिक्योरिटी अलर्ट बहुत हाई है। यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने पिछले कुछ घंटों में कई ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है। दरअसल, ईरान ने पहले भी दुबई एयरपोर्ट के नजदीक हमले किए थे। इसके अलावा शहर के रिहायशी इलाकों में हमले हुए थे।

ईरान ने गल्फ देशों में काउंटर अटैक्स

ये घटना ऐसे समय पर हुई है जब ईरान ने गल्फ देशों यानी यूएई, सऊदी अरब, कतर, बहरीन और कुवैत पर काउंटर अटैक्स तेज कर दिए हैं। अबू धाबी के रुवैस रिफाइनरी में भी ड्रोन हमले से आग लगी थी और उसे बंद करना पड़ा था। ईरान ने अपने इलाके में यूएस और इजरायल के हमलों का जवाब यूनाइटेड अरब अमीरात, बहरीन, कतर और दूसरे खाड़ी देशों पर मिसाइलों और ड्रोन की बौछार करके दिया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान हुआ है और तेल प्रोडक्शन में रुकावट आई है।

यूएई में भारतीयों के लिए एडवाइजरी

भारत सरकार ने यूएई में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। दुबई और अबू धाबी में रहने वाले भारतीयों को अलर्ट रहने और लोकल अथॉरिटीज के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। अगर कोई भारतीय नागरिक प्रभावित हुआ है, तो भारतीय दूतावास दुबई (+971-4-3971222) या अबू धाबी (+971-2-4492700) से संपर्क करें।

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच गहराया LPG का संकट, देशभर से सिलेंडर सप्‍लाई प्रभावित

#lpggascrisishitstakenamidmiddleeast_tensions

अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग का असर भारत के करोड़ों लोगों पर पड़ता दिख रहा है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर अब भारत में एलपीजी और गैस सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी इस युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर तेलंगाना और तमिलनाडु तक लाखों लोग एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं।

कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण राजधानी दिल्ली, यूपी और हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में एलपीजी की किल्लत होने लगी है। गैस सिलेंडर भरवाने को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। लखनऊ समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।

गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे लोग

कई जगह घरेलू आपूर्ति तो अभी सामान्य है, लेकिन वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों को लेकर परेशानी बढ़ रही है। यह स्थिति इसलिए भी है कि लोग आशंका में पहले से ही गैस सिलेंडर भरवाकर जमा करने लगे हैं। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित होने से दिल्ली में 50 हजार से अधिक रेस्तरां, पब, बार और होटलों के संचालन में दिक्कतें आने लगी हैं।

गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लेकर अधिसूचना

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारत की एक-तिहाई गैस आपूर्ति बाधित होने के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना जारी कर गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को मिलने वाली गैस प्रमुख उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्राकृतिक गैस के आवंटन में बदलाव किया है। इसके तहत एलपीजी उत्पादन, सीएनजी और पाइप से मिलने वाली रसोई गैस (पीएनजी) को अन्य सभी क्षेत्रों पर प्राथमिकता दी जाएगी।

गैस की परेशानी से रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान

देश में एलपीजी की किल्लत के कारण रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को जबरदस्त नुकसान हो रहा है। कई रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष और रेस्टोरेंट कारोबारी जोरावर कालरा ने कहा कि अगर एलपीजी सिलेंडरआपूर्ति में कमी जारी रही तो रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को रोजाना 1200 से 1300 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है।

भारत में एलपीजी की कितनी खपत?

बता दें कि भारत एलपीजी का बड़ा उपभोक्ता है। देश में हर साल लगभग 31.2 मिलियन टन (करीब 3.13 करोड़ टन) एलपीजी की खपत होती है। इसमें से लगभग 60 प्रतिशत गैस का आयात किया जाता है, जबकि करीब 40 प्रतिशत यानी लगभग 12.4 मिलियन टन एलपीजी का उत्पादन देश में ही किया जाता है। घरेलू उपयोग में 14 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी लगभग 87 प्रतिशत है, जबकि कमर्शियल सेक्टर में 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की हिस्सेदारी करीब 13 प्रतिशत है।

किन देशों से आता है एलपीजी?

भारत की एलपीजी आपूर्ति का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है। कुल आयात में लगभग 80 प्रतिशत गैस इसी क्षेत्र से मिलती है। यूएई से लगभग 26 प्रतिशत, कतर से 22 प्रतिशत और सउदी अबर से करीब 22 प्रतिशत एलपीजी आती है, जबकि बाकी 33 प्रतिशत अन्य देशों से आयात की जाती है। भारत में कितने उपभोक्ता मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार भारत में करीब 33.08 करोड़ सक्रिय एलपीजी उपभोक्ता हैं।

ईरान युद्ध की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित

ईरान युद्ध की वजह से भारत में पेट्रोलियम पदार्थों का सप्लाई चेन प्रभावित हो रहा है। केंद्र सरकार घरेलू गैस और ईंधन की सप्लाई चेन बरकरार रखने के लिए कई तरह के सकारात्मक और सख्त कदम उठा रही है। आम जनता पर इसका सीधा असर न पड़े इसके लिए वह आवश्यत वस्तु अधिनियन (ईसीए) भी लागू कर चुकी है। फिर भी एलएनजी और एलपीजी की किल्लत से देश में ऑद्योगिक क्षेत्र प्रभावित होने लगे हैं।

ईरान के नेताओं से संपर्क करना काफी मुश्किल', भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर, मिडिल ईस्ट तनाव पर बोले जयशंकर

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ईरान पर इजरायल और अमेरिका का हमला होने के बाद मिडिल ईस्ट में हालात गंभीर बने हुए हैं। इस क्षेत्र में हजारों की संख्या में भारतीय भी हैं। ऐसे में संसद के बजट सत्र में दूसरे फेज के पहले दिन पश्चिम एशिया का मुद्दा उठा। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में सदन के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे को उठाया। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जवाब दिया।

प्रधानमंत्री मोदी घटनाक्रम पर रख रहे नजर

विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार नए घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं। संबंधित मंत्रालय आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं ताकि सही कदम उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि यह विवाद भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है। खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और कर्मचारी मौजूद हैं। यह इलाका भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यहां तेल और गैस के मुख्य सप्लायर हैं। सप्लाई चेन में रुकावट आना एक गंभीर मुद्दा है।

अब तक करीब 67,000 भारतीय नागरिक देश लौट

सदन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि फंसे हुए भारतीयों की मदद के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों की वापसी को सुगम बनाने के लिए उड़ानों को मंजूरी दे दी है और उन्हें संचालित भी किया है, जिसके तहत लगभग 67,000 भारतीय नागरिक देश लौट चुके हैं।आर्मेनिया के रास्ते भारतीयों को निकाला जा रहा। इस क्षेत्र में भारतीय एंबेसी लगातार लोगों तक जरूरी मदद पहुंचा रही है।

संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता*

जयशंकर ने कहा, हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। हम अब भी मानते हैं कि तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए।

मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की शुरुआत: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर हमला,तेहरान समेत कई शहरों में धमाके

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इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हो गई है। थोड़ी देर पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की है। तेहरान में इस समय तबाही का मंजर नजर आ रहा है। अमेरिका के साथ मिलकर यहूदी देश ने ईरान के राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी और एयरपोर्ट सहित 30 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला किया है।

राजधानी तेहरान में धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान के बीच वाले इलाके में तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। अभी तक नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इन शहरों में भी विस्फोट

वहीं कई ईरानी समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ईरान के विभिन्न शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं। तेहरान के अलावा, करमानशाह, क़ोम, लोरेस्तान, कराज और तबरीज़ उन शहरों में शामिल हैं जहां इन मीडिया आउटलेट्स ने विस्फोटों की पुष्टि की है।

इरायल-अमेरिका जॉइंट ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि इज़रायल ने अमेरिका के इशारे पर ही ईरान पर मिसाइलें दागीं हैं और यह हमला दोनों देशों का जॉइंट ऑपरेशन है। पिछले काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिका और ईरान में जल्द ही युद्ध शुरू हो सकता है और आज, शनिवार, 28 फरवरी को युद्ध का बिगुल बज गया है।

खामेनेई को सुरक्षित जगह ले जाया गया

हमलो के बीच ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामनेई को सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया है। एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एक 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है।

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था और इसका लक्ष्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि हमले बड़े दायरे में होंगे और इजरायल के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम चार दिन तक भारी हमले जारी रह सकते हैं। इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे साफ है कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं।

Jai Dharti Maa Foundation Distributes Inspirational Books to Students at Upgraded Middle School, Loadih, Dhanbad

Jai Dharti Maa Foundation distributed inspirational life-development books free of cost to students of classes 8, 9, and 10 at the Upgraded Middle School, Loadih, Dhanbad. On this occasion, the foundation’s founder Ravi Kumar Nishad said that the objective of the organization is to inspire youth in the right direction and bring positive change in their lives.

Key Highlights of the Program:

Book Distribution: Free inspirational books were distributed to students of classes 8, 9, and 10.

Attendance: Principal Ashok Pal, Sanjay Sir, and other teachers were present.

Foundation Representatives: Founder Ravi Kumar Nishad, Chief Advisor Shankar Kishor Mahato, Co-founder Ranjit Kumar, District Secretary Sahdev Mahato, Md. Shamsher Ali, Sudhir Hembram, Ram Kumar, and other officials were also present.

Such programs organized by Jai Dharti Maa Foundation help provide students with motivation and guidance, which can bring positive transformation in their lives. The foundation is also actively working in the fields of environmental protection and social awareness.

The trial cultivation of China Millets has been successful.

These millets were grown at the Agricultural Research Centre located at the headquarters of Jai Dharti Maa Foundation.

Founder Ravi Kumar Nishad, Dhanbad, Jharkhand, said:

“The soil of Jharkhand has immense potential to grow highly valuable agricultural crops. What we lack is only the willingness to come forward and take up farming. I request all farmers and people from the business community to explore millet varieties like China Millets. These crops require very little cost and maintenance, yet provide good returns.”

China Millet is a type of coarse grain. It is also known as Punarva. It is not clearly known where it was first cultivated, but it has been grown as a crop in the Caucasus and China for more than 7,000 years. It is believed that the crop might have been domesticated independently in these regions.

Today, China Millets are grown extensively in India, Russia, Ukraine, the Middle East, Turkey, and Romania. The grain is considered highly beneficial for health. Since it is gluten-free, it can be consumed even by people who are allergic to wheat.