कृषक उर्वरक क्रय करने में रहें सतर्क
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देवरिया । जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल ने जनपद के समस्त कृषकों से अपील की है कि वे उर्वरक क्रय करते समय सल्फर, जिंक, माइकोराइजा या किसी भी प्रकार के माइकोन्यूट्रिएन्ट विक्रेताओं द्वारा दी जाने वाली सामग्री का क्रय न करें, यदि किसान इनका क्रय करने के इच्छुक नहीं हैं। यदि कोई फुटकर विक्रेता दबाव बनाता है, तो कृपया तत्काल जिला कृषि अधिकारी देवरिया को सूचित करें, ताकि संबंधित उर्वरक विक्रेता के खिलाफ उर्वरक अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही की जा सके। कृषकों को सलाह दी गई है कि वे केवल तभी जिंक, सल्फर, माइकोराइजा या अन्य माइकोन्यूट्रिएन्ट (सूक्ष्म तत्वों) का क्रय करें, जब विक्रेता द्वारा बताई गई जानकारी से वे संतुष्ट हों।
जिंक सल्फेट के उपयोग से होने वाले लाभ के बारे में बताया गया है कि इससे फसलों की हरियाली बनी रहती है, फसल की पैदावार बढ़ती है, और रोगों का असर कम होता है। दलहनी फसलों में प्रोटीन की मात्रा बढ़ती है, जबकि तिलहनी फसलों में तेल की मात्रा में वृद्धि होती है और गेहूं के दानों में भी बढ़ोतरी होती है।
सल्फर के उपयोग से फसलों की उपज और गुणवत्ता में वृद्धि होती है। फसलें तेजी से परिपक्व होती हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। तिलहनी फसलों में प्रोटीन और तेल की मात्रा बढ़ती है, वहीं गेहूं में कल्ले अधिक निकलते हैं और पाले का असर कम होता है। माइकोराइजा के लाभों के बारे में बताया गया है कि यह एक लाभकारी कवक है, जो फसलों को कई प्रकार से लाभ पहुँचाता है। माइकोराइजा से पौधों को पानी और पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण होता है, पौधों की जड़ों का विकास होता है, और सूखा, पोषक तत्वों की कमी, और रोगों से तनाव कम होता है। इसके साथ ही, फसलों में फूलों की संख्या बढ़ती है और मिट्टी की संरचना में सुधार होता है।
Jan 08 2025, 17:40