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टुकड़े-टुकड़े होगा पाकिस्तान…कोलकाता पर हमले की धमकी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का करारा जवाब

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पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता नहीं रहा। पाकिस्तानी हुक्मरान समय-समय पर बेतुके बयान से सुर्खियां बटोरते रहते हैं। ऐसी ही टिप्पणी पड़ोसी मुल्क के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में की थी। अब भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की धमकी पर कड़ा जवाब दिया है। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि वे 55 साल पहले के अंजाम को न भूलें जब पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया था। 

पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को ऐसा उकसाने वाला बयान नहीं देना चाहिए था। 55 साल पहले उन्होंने जब गलती की थी, तो पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया था। अगर इस बार वे बंगाल पर नजर डालने की कोशिश करेंगे, तो भगवान ही जानते हैं कि पाकिस्तान इस बार कितने हिस्सों में बंटेगा।

1971 भारत पाकिस्तान युद्ध की दिलाई याद

राजनाथ सिंह ने सार्वजनिक मंच से कहा कि पाकिस्तान को ऐसे उकसावे वाले बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भारत के खिलाफ कोई भी गलत कदम उठाया गया तो उसके गंभीर परिणाम होंगे। राजनाथ सिंह ने अपने बयान में 1971 भारत पाकिस्तान युद्ध का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को इतिहास याद दिलाया।

पाकिस्तान के साथ टीएमसी को भी जवाब

बैरकपुर में चुनावी रैली के दौरान राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की धमकी और उस पर तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाया था कि पाकिस्तानी धमकी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं। इस पर पलटवार करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि देश का रक्षा मंत्री होने के नाते वह खुद इस मुद्दे पर अपनी बात रख रहे हैं और यह जरूरी नहीं कि हर बात पर प्रधानमंत्री ही बोलें। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा और रक्षा मामलों पर सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है।

ख्वाजा आसिफ ने दी थी धमकी

शनिवार को सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत किसी फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर भारत इस बार फॉल्स फ्लैग करने की कोशिश करता है, तो इंशाअल्लाह हम उसका जवाब कोलकाता तक ले जाएंगे। आसिफ ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान में बंद कुछ लोगों की लाशों का इस्तेमाल करके उन्हें आतंकी बताने की साजिश रची जा रही है। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान का जवाब तेज, सटीक और निर्णायक होगा।

राजनाथ सिंह ने सिंध को बताया भारत का हिस्सा, पाकिस्तान को लगी मिर्ची, फिर अलापा कश्मीर राग

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से सिंधी समाज सम्मेलन में दिए गए एक बयान से पाकिस्तान को मिर्ची लगी है। भारत के रक्षा मंत्री ने पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी का जिक्र करते हुए कहा था कि सभ्यतागत रूप से सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहा है और सीमाएं बदल सकती हैं। इस बयान से पाकिस्तान तिलमिला गया है। पाकिस्तान ने राजनाथ सिंह के इस बयान को खतरनाक और भड़काने वाला बताया है।

राजनाथ सिंह के बायन पर तिलमिलाया पाकिस्तान

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत के संबंध में भारतीय रक्षा मंत्री की भ्रम से भरे और खतरनाक बदलाव की मांग करने वाली टिप्पणियों की पाकिस्तान कड़ी निंदा करता है। बयान में कहा गया है कि भारतीय रक्षा मंत्री की तरफ से की गई टिप्पणी भारत की विस्तारवादी हिन्दुत्व वाली मानसिकता को दर्शाती है। पाकिस्तान ने कहा है कि राजनाथ सिंह का बयान पाकिस्तान की संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून और 1947 में तय की गई सीमा के खिलाफ है।

पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर राग

राजनाथ सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कश्मीर और भारत के अल्पसंख्यकों को लेकर टिप्पणी की है। पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि भारत को जम्मू-कश्मीर का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और स्थानीय लोगों की मंशा के मुताबिक करना चाहिए। पाकिस्तान ने भारत में अल्पसंख्यकों और पूर्वोत्तर के राज्यों में हो रही हिंसा पर ध्यान देने की नसीहत दी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा था?

रक्षामंत्री ने सिंधी समुदाय द्वारा दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आडवाणी जी ने अपनी एक पुस्तक में लिखा है कि सिंधी हिंदू, विशेषकर उनकी पीढ़ी के लोग, अब भी सिंध को भारत से अलग करने की बात को स्वीकार नहीं कर पाए हैं।'' पाकिस्तान का निर्माण 1947 में तत्कालीन भारत के विभाजन के परिणामस्वरूप हुआ था, और सिंधु नदी के पास का सिंध क्षेत्र तब से पाकिस्तान का हिस्सा है। उन्होंने कहा, केवल सिंध में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में हिंदू सिंधु नदी को पवित्र मानते थे। सिंध में कई मुसलमान भी मानते थे कि सिंधु नदी का पानी मक्का के आब-ए-जमजम (सबसे पवित्र जल) से कम पवित्र नहीं है।

आखिरी बार रनवे पर उतरा मिग-21, 62 साल बाद रिटायर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कही बड़ी बात

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भारतीय वायुसेना के पहले सुपरसोनिक विमान को शुक्रवार को सेवामुक्त कर दिया गया। चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन से मिग-21 को विदाई दी गई। इस समारोह में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष तौर पर शामिल हुए। उनके अलावा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान, वायुसेना अध्यक्ष एपी सिंह, सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना अध्यक्ष दिनेश कुमार त्रिपाठी ने भी शिरकत की और मिग-21 की विदाई समारोह के ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मिग-21 के फेयरवेल के दौरान फाइटर जेट के कई कारनामों को भी याद किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि मिग-21 ने 1971 से लेकर ऑपेरशन सिंदूर तक हर मिशन में भारतीय सेना को मजबूती दी। राजनाथ सिंह ने कहा, आज जब हम मिग-21 को इसकी ऑपरेशनल जर्नी से विदाई दे रहे हैं तो मुझे लगता है हम एक ऐसे अध्याय को विदा करने जा रहे हैं जो न केवल भारतीय वायुसेना के इतिहास में बल्कि हमारी पूरी सैन्य उड्डयन की जर्नी में गोल्डन लेटर से लिखा जाएगा।

भारत-रूस के मजबूत संबंधों का प्रमाण-राजनाथ सिंह

अपने भाषण में राजनाथ सिंह ने कहा कि मिग-21 राष्ट्रीय गौरव और रक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि इससे हमारा इससे गहरा लगाव है और इसने हमारे आत्मविश्वास को आकार दिया है। सिंह ने कहा कि मिग-21 सैन्य विमानन का इतिहास अद्भुत फाइटर प्लेन है। मिग-21 ने सैन्य विमानन यात्रा में कई गौरवपूर्ण क्षण जोड़े हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि मिग-21 केवल एक विमान या मशीन ही नहीं, बल्कि भारत-रूस के मजबूत संबंधों का प्रमाण भी है।

मिग-21 को रखा गया अपडेट

रक्षा मंत्री ने बताया कि अब तक हम जो मिग-21 विमान उड़ा रहे थे, वे अधिक से अधिक 40 साल पुराने थे। ऐसे विमानों के मानकों के हिसाब से 40 साल का जीवनकाल पूरी तरह से सामान्य है। कई देशों में ऐसे लड़ाकू विमानों को बस इतने ही समय तक सक्रिय रखा जाता है। लेकिन मिग-21 की एक खास बात यह है कि इसे तकनीकी रूप से हमेशा अपडेट रखा गया है।

आखिरी बार मिग की गर्जना

मिग-21 के विदाई समारोह में सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने प्रस्तुति दी। अलविदा उड़ान को देखकर इन्हें उड़ाने वाले पूर्व वायु सैनिक भावुक हो गए। मिग 21 को पानी की बौछार से अंतिम सलामी दी गई। इसी के साथ मिग की गर्जना शांत हो गई। 62 साल तक देश की सेवा करने के बाद भारत का पहला सुपरसोनिक विमान मिग-21 अब रिटायर हो गया है। खास बात यह है कि लगभग 60 साल पहले मिग-21 की लॉन्चिंग चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन से हुई थी। यही वजह रही की आज इसकी रिटायरमेंट भी यहीं से हुआ।

PoK खुद कहेगा मैं भारत हूं...', मोरक्को की धरती से राजनाथ सिंह का 'ऑपरेशन सिंदूर' पर कड़ा संदेश

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को भरोसा जताया कि भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को बिना किसी आक्रामक कदम के वापस हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि अब वहां के लोग खुद ही मौजूदा शासन से आजादी की मांग कर रहे हैं। राजनाथ सिंह मोरक्को में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर पाकिस्तान को करारा मैसेज दिया है। मोरक्को में भारतीय सुमदाय से बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को दोहराते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को फिर से शुरू किया जा सकता है।

राजनाथ सिंह दो दिन के दौरे पर मोरक्को पहुंचे हैं। यहां उन्होंने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के नए व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (WhAP) 8x8 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया। यह अफ्रीका में किसी भारतीय रक्षा कंपनी का पहला संयंत्र है। इस दौरान राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया।

पीओके अपने आप भारत का होगा- राजनाथ सिंह

मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- पीओके अपने आप हमारा होगा। पीओके में मांगें उठने लगी हैं, आपने नारे सुने होंगे। मैं 5 साल पहले कश्मीर घाटी में एक कार्यक्रम में भारतीय सेना को संबोधित कर रहा था, तब मैंने कहा था कि हमें पीओके पर हमला करके कब्जा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वह वैसे भी हमारा है; पीओके खुद कहेगा, 'मैं भी भारत हूं'। वह दिन आएगा।

हमने धर्म देखकर नहीं, उनका कर्म देख कर मारा-राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- जिन्ह मोहि मारा, तिन्ह मोहि मारे...इस बार भी यही हुआ। हमने उन्हीं लोगों को मारा जिन्होंने हमारे लोगों को मारा। हमने किसी नागरिक या सैन्य प्रतिष्ठान पर हमला नहीं किया। केवल भारत ही ऐसा चरित्र रख सकता है। अगर हम चाहते तो किसी भी सैन्य या नागरिक प्रतिष्ठान पर हमला कर सकते थे, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हमें भारत के इस चरित्र को कायम रखना चाहिए। राजनाथ सिंह ने कहा-आतंकवादी यहां आए और हमारे नागरिकों का धर्म पूछकर उन्हें मार डाला। हमने किसी का धर्म देख नहीं, उनका कर्म देख कर मारा है।

ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 या पार्ट- 3 पर क्या बोले?

भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के दौरान ऑपरेशन सिंदूर के दूसरे और तीसरे चरण की संभावना पर अपना रुख स्पष्ट किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को दोहराते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को फिर से शुरू किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी कि यह कब और कैसे होगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 या पार्ट- 3 करना है या नहीं, यह कहना मुश्किल है। यह पाकिस्तान के व्यवहार पर निर्भर करता है। अगर वे आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, तो उन्हें जवाब मिलेगा।

शिबू सोरेन का 'श्राद्ध कर्म': नेमरा पहुंचे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ समेत कई दिग्गज

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के सह-संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद देशभर के नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि दी है। वहीं, कई बड़े नेता नेमरा पहुंचकर उनको श्रद्धांजलि दे रहे हैं। शिबू सोरेने के निधन के बाद होने वाले संस्कार भोज में देशभर से लोग पहुंच रहे हैं। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी नेमरा पहुंचकर शिबू सोरेन के संस्कार भोज में शामिल हुए।

राजनाथ सिंह ने नेमरा पहुंचकर गुरूजी को दी श्रद्धांजलि

रामगढ़ जिले के उनके पैतृक गांव में शिबू सोरेन के 'श्राद्ध' समारोह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए शनिवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नेमरा पहुंचकर श्रद्धांजलि दी है। इस बीच उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन और उनकी माता रूपी सोरेन से की मुलाकात करके सांत्वना दी है।

तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी पहुंचे नेमरा गांव

शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। उन्होंने दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि दी। रेवंथ रेड्डी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी विधायक पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन एवं परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की।मुलाकात के बाद रेवंत रेड्डी ने कहा कि मैं हमेशा मदद करता रहूंगा। हैदराबाद में शिबू सोरेन भवन बनाएंगे।

बाबा रामदेव ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि

योग गुरु स्वामी रामदेव नेमरा गांव पहुंचकर दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होने पहुंचे। बाबा रामदेव ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की।

पूरे रीति-रिवाज के साथ शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म

बीते दिन 81 वर्षीय शिबू सोरेन का निधन दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ था। नेमरा शिबू सोरेन का पैतृक गांव है, जहां 5 अगस्त 2025 को उनका अंतिम संस्कार किया गया था। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत राज्यसभा सांसद को मुखाग्नि दी थी। शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म पूरे रीति-रिवाज के साथ हेमंत सोरेन ने पूरी की। आज यानी 16 अगस्त को झामुमो के सह-संस्थापक और पार्टी के सर्वोच्च नेता शिबू सोरेन का श्राद्ध भोज हो रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर पर राजनाथ सिंह ने संसद में दिया जवाब, बोले-भारत के हमलों से डरकर गिड़गिड़ाया था पाकिस्तान

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लोकसभा में सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। राजनाथ सिंह ने चर्चा की शुरूआत में उन वीर सपूतों को नमन किया जो इस राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा के लिए सदैव तैयार और तत्पर रहते हैं। साथ ही, मैं उन शहीदों को भी नमन किया जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया।

धर्म की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र उठाना पड़ता है-राजनाथ सिंह

लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्ती की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें भगवान कृष्ण से सीखना चाहिए कि धर्म की रक्षा के लिए अंत में सुदर्शन चक्र उठाना पड़ता है। रक्षा मंत्री ने एक संस्कृत मंत्र का उच्चारण करते हुए कहा कि 'शठे शाठ्यं समाचरेत्' यानी दुष्ट के साथ उसी तरीके से व्यवहार करना चाहिए। हमने 2006 के संसद हमले, 2008 के मुंबई हमले देखे हैं। अब हमने कहा कि बस अब काफी हो गया और अब हमने सुदर्शन चक्र उठा लिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और सशक्त कदम उठा रहा है।

विपक्ष के सवाल नेशनल सेंटिमेंट का सही प्रतिनिधित्व नहीं- राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री ने कहा, कुछ विपक्षी सदस्य पूछ रहे हैं कि हमारे कितने विमान मार गिराए गए? मैं समझता हूं कि उनका यह सवाल नेशनल सेंटिमेंट का सही प्रतिनिधित्व नहीं करता। उन्होंने यह नहीं पूछा कि हमारे सैनिकों ने दुश्मन के कितने विमान गिराए। अगर सवाल करना है तो यह पूछा जाना चाहिए कि क्या भारत ने आतंकियों के ठिकाने तबाह किए? और इसका जवाब है, हां, भारत ने ऐसा किया। आपको प्रश्न पूछना है तो यह प्रश्न पूछिए कि जिन आतंकियों ने हमारी बहनों, हमारी बेटियों का सिन्दूर मिटाया, क्या हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर में उन आतंकियों के आकाओं को मिटाया, तो इसका उत्तर है, हां।

पाकिस्तान के खिलाफ इन हथियारों का इस्तेमाल

रक्षा मंत्री ने सदन में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किन-किन हथियारों का प्रयोग किया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि 7-8 मई को पाकिस्तान पर सफल हमला किया। इसके बाद पाकिस्तान ने स्थिति को एस्केलेट कर दिया। पाकिस्तान ने यूएवी सिस्टम और अन्य साधनों का यूज कर भारतीय वायुसेना के बेस के साथ ही सेना के फॉर्मेशन हेडक्वार्टर को हमला कर दिया। रक्षा मंत्री ने बताया कि हमारी इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस ग्रिड और काउंटर यूएएफ ग्रिड ने इन हमलों को नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि एस-400, एमआरएसएम, आकाश मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस सिस्टम बहुत प्रभावी साबित हुए।

9 आतंकी ढांचे नष्ट, 100 से अधिक आतंकवादी ढेर

राजनाथ सिंह ने कहा, इस ऑपरेशन को अंजाम देने से पहले हमारी सेनाओं ने हर पहलू का गहन अध्ययन किया। हमारे पास कई विकल्प उपलब्ध थे, लेकिन हमने वही विकल्प चुना जिसमें आतंकवादियों और उनके ठिकानों को अधिकतम नुकसान पहुँचे और पाकिस्तान के आम नागरिकों को कोई क्षति न हो। उन्होंने आगे कहा, भारतीय सेनाओं द्वारा की गई यह सुसंगठित और सटीक कार्रवाई थी, जिसमें 9 आतंकी ढांचों को निशाना बनाकर नष्ट किया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक, हैंडलर और सहयोगी मारे गए। इनमें से अधिकांश जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े थे, जिन्हें पाकिस्तान की सेना और ISI का प्रत्यक्ष समर्थन प्राप्त है।

राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री से की मुलाकात, जानें क्या हुई बात?

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भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के क्विंगदाओ शहर में आयोजित एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन से मुलाकात कर द्विपक्षीय बैठक भी की।

राजनाथ सिंह ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। उन्होंने बताया कि चीन के रक्षा मंत्री से उनकी द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। हमने द्विपक्षीय संबंधों से संबंधित मुद्दों पर रचनात्मक और दूरदर्शी विचारों का आदान-प्रदान किया। लगभग छह वर्षों के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर अपनी खुशी व्यक्त की। दोनों पक्षों के लिए यह आवश्यक है कि वे इस सकारात्मक गति को बनाए रखें और द्विपक्षीय संबंधों में नई जटिलताओं को जोड़ने से बचें।

इसके अलावा उन्होंने चीनी समकक्ष को बिहार की मधुबनी पेंटिंग भेंट की। बिहार के मिथिला क्षेत्र में बनी पेंटिंग की विशेषता चमकीले रंगों और विरोधाभासों या पैटर्न से भरे रेखा चित्र हैं। ये पेंटिंग अपने आदिवासी रूपांकनों और चमकीले मिट्टी के रंगों के उपयोग के कारण लोकप्रिय हैं।

राजनाथ सिंह चीन के रक्षा मंत्री से ऐसे समय में मिले हैं जब उन्होंने चीन के क्विंगदाओ में हुई शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की मीटिंग के साझा बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। रक्षामंत्री ने साझा बयान पर साइन करने से इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि इसमें हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र तक नहीं था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी।

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ देश अपनी नीतियों में सीमा पार आतंकवाद को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं और आतंकियों को पनाह दे रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसे दोहरे मापदंड को खत्म करना बेहद जरूरी है और एससीओ जैसे मंच को ऐसी ताकतों की खुलेआम आलोचना करनी चाहिए।

आतंकी घटना का करारा जवाब देते रहेंगे, एससीओ शिखर सम्मेलन में राजनाथ सिंह का सख्त संदेश

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए। एससीओ की बैठक में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर दो टूक अपनी बात रखी हैय़ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा आतकंवाद और शांति साथ-साथ नहीं चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद को किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेते रहेंगे। निर्दोषों का खून बहाने वालों को नहीं छोड़ेंगे।

आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र

एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में पाकिस्तानी समकक्ष के सामने ही राजनाथ सिंह ने आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर का खुलकर जिक्र किया। पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 22 अप्रैल 2025 को, आतंकवादी समूह ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर एक नृशंस और जघन्य हमला किया। एक नेपाली नागरिक सहित 26 निर्दोष नागरिक मारे गए। पीड़ितों को धार्मिक पहचान के आधार पर प्रोफाइल बनाकर गोली मार दी गई। द रेजिस्टेंस फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली है जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रॉक्सी है।

दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं-राजनाथ

राजनाथ सिंह ने कहा, कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को पनाह देते हैं। ऐसे दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। एससीओ को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए।

आतंकवाद को खत्म करने के लिए सबको आगे आने की जरूरत-राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने आगे कहा, भारत का मानना है कि रिफॉर्मेड मल्टिलेटरिजम देशों के बीच संघर्ष को रोकने के लिए संवाद और सहयोग के लिए तंत्र बनाने में मदद कर सकता है। कोई भी देश, चाहे वह कितना भी बड़ा और शक्तिशाली क्यों न हो, अकेले काम नहीं कर सकता। वास्तव में, वैश्विक व्यवस्था या बहुपक्षवाद का मूल विचार यह धारणा है कि राष्ट्रों को अपने पारस्परिक और सामूहिक लाभ के लिए एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना होगा। यह हमारी सदियों पुरानी संस्कृत कहावत 'सर्वे जना सुखिनो भवन्तु' को भी दर्शाता है, जिसका अर्थ है सभी के लिए शांति और समृद्धि।

POK स्वयं लौट कर कहेगा कि मैं भारत ही हूं' राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को सीधा संदेश

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर से पाकिस्तान पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके को लेकर सीधा संदेश दिया है। राजनाथ सिंह ने साफ-साफ कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर एक दिन हमारा होकर ही रहेगा। पाकिस्तान से सिर्फ आतंकवाद और पीओके के मुद्दे पर ही होगी। पीओके के लोग हमारे अपने ही है। पीओके एक दिन खुद कहेगा कि हम भारत का हिस्सा है।

आतंकवाद का कारोबार करने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी-राजनाथ सिंह

दिल्ली में गुरुवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक बैठक में राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद का कारोबार चलाना 'कॉस्ट इफेक्टिव' नहीं है, बल्कि इसकी एक भारी कीमत अदा करनी पड़ सकती है। इसका अंदाजा आज पाकिस्तान को हो चुका है। ऑपरेशन सिंदूर में पूरे देश ने मेक इन इंडिया अभियान की सफलता को देखा, समझा और महसूस किया है। आज यह साबित हो गया है कि मेक इन इंडिया भारत की सुरक्षा और समृद्धि दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। मेक इन इंडिया भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अनिवार्य घटक है। अगर हमारे पास यह क्षमता नहीं होती, तो भारत की सेनाएं निचले पाकिस्तान से लेकर पीओके तक आतंकवाद के खिलाफ इतनी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पातीं।

पीओके के लोग हमारे अपने-राजनाथ

राजनाथ ने कहा कि मैं मानता हूं कि पाक पीओके के लोग हमारे अपने हैं, हमारे परिवार का हिस्सा हैं। हम एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें यकीन है कि हमारे वो भाई जो आज हमसे भौगोलिक और राजनीतिक रूप से अलग हैं, वे भी अपने स्वाभिमान, आत्मा की आवाज और स्वेच्छा से भारत की मुख्य धारा में कभी न कभी जरूर लौटेंगे। वहां के लोग भारत के साथ गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं। कुछ गिने-चुने लोग ही हैं, जिन्हें भटकाया गया।

पीओके स्वयं लौट कर कहेगा कि मैं भारत ही हूं-राजनाथ

राजनाथ सिंह ने आगे कहा, भारत हमेशा ही दिलों को जोड़ने की बात करता है। वो दिन दूर नहीं है जब हमारा ही अंग पीओके स्वयं लौट कर कहेगा कि मैं भारत ही हूं, मैं वापस आया हूं। पीओके का भारत के साथ एकीकरण इस देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक समृद्धि पर निर्भर करता है।

वक्त पर दिखाएंगे पूरी पिक्चर...” भुज से राजनाथ ने पड़ोसी देश को दिया सख्त संदेश

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जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात के एक दिन बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज गुजरात के भुज एयरबेस पहुंचे। राजनाथ सिंह ने अपने दौरे के दौरान सेना के हौसले को सलाम किया। राजनाथ सिंह गुजरात के भुज एयरबेस से पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ ट्रेलर दिखाया है, सीजफायर तोड़ा तो पूरी पिक्चर दिखाएंगे। बता दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के बाद सरकार सेना का उत्साह बढ़ाने में जुटी है। पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंजाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचकर जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरूवार को श्रीनगर एयरबेस पहुंचे। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गुजरात के भुज वायु सेना स्टेशन का दौरा किया।

भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ 23 मिनट काफी थे-राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने भुज में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना के जवानों की कुशलता की भी तारीफ की। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ 23 मिनट काफी थे, पाकिस्तान की सरजमीं पर पल रहे आतंक के अजगर को कुचलने के लिए। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह कहना गलत नहीं होगा कि नाश्ता करने में लोगों को जितना समय लगता है, आपने उस अवधि का उपयोग दुश्मनों से निपटने के लिए किया। आप दुश्मनों की धरती पर जाकर मिसाइलें गिराईं। इसकी गूंज सिर्फ भारत की सीमाओं तक ही सीमित नहीं रही, पूरी दुनिया ने इसे सुना। वह गूंज सिर्फ मिसाइलों की नहीं थी, बल्कि आपके पराक्रम और भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों की बहादुरी की भी थी।

पाक के हर कोने तक हमारी एयरफोर्स की पहुंच- राजनाथ सिंह

रक्षामंत्री ने कहा, हमारी एयरफोर्स की पहुंच पाकिस्तान के हर कोने तक है और यह बात पूरी तरह से साबित हो चुकी है। आज स्थिति यह है कि भारत के फाइटर प्लेन बिना सरहद पार किए ही, यहीं से उनके हर कोने तक सीधा प्रहार करने में पूरी तरह से सक्षम है। पूरी दुनिया ने देख लिया है कि कैसे आपने पाकिस्तान की धरती पर मौजूद 9 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। बाद में की गई कार्रवाई में उनके अनेक एयरबेस भी तबाह कर दिए… आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत का संदेश पूरी दुनिया तक इस बार पहुंचा दिया है।

इंडियन एयरफोर्स ने भारत की युद्ध नीति और तकनीकी का प्रमाण दिया-राजनाथ सिंह

राजनाथ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने जो प्रभावी भूमिका निभाई है, उसकी सराहना इस देश में ही नहीं दूसरे देशों में भी हो रही है। आपने इस ऑपरेशन में न केवल दुश्मन को परास्त किया है, बल्कि उन्हें तबाह करने में भी कामयाबी हासिल की है। आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए इस अभियान को हमारी वायु सेना ने आगे बढ़ाया। हमारी एयरफोर्स एक ऐसी ‘स्काइफोर्स’ है, जिसने अपने शौर्य, पराक्रम और प्रताप से आसमान की नई और बुलंद ऊंचाइयों को छू लिया है। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इंडियन एयरफोर्स ने केवल पराक्रम ही नहीं दिखाया है, बल्कि पूरी दुनिया के सामने प्रमाण भी दिया है। प्रमाण इस बात का कि अब भारत की युद्ध नीति और तकनीकी दोनों बदल चुकी है।

पाकिस्तान ने भुज पर किया था ड्रोन अटैक

बता दें कि आज राजनाथ सिंह जिस जगह पर जवानों से मुलाकात के लिए पहुंचे हैं, पाकिस्तान ने चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल करके उसे निशाना बनाया था। भुज पाकिस्तान की सीमा से बेहद करीब है। भुज पर कथित तौर पर पाकिस्तान द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल करके हमला किया गया था। भुज और नलिया के पास तैनात भारतीय सेना की एयर डिफेंस यूनिट ने पिछले कुछ दिनों में कई पाकिस्तानी ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है। पाकिस्तानी ड्रोन मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें नाकाम किया गया।

गुरुवार को श्रीनगर गए थे राजनाथ

इससे पहले राजनाथ गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर गए थे। श्रीनगर में सेना से बातचीत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में छिपे आतंकवादी संगठनों और उनके आकाओं को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है कि वे कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा, हमारी सेनाओं ने दुनिया को दिखा दिया है कि उनका निशाना सटीक है तथा गिनती का काम दुश्मनों पर छोड़ दिया गया है।

टुकड़े-टुकड़े होगा पाकिस्तान…कोलकाता पर हमले की धमकी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का करारा जवाब

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पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता नहीं रहा। पाकिस्तानी हुक्मरान समय-समय पर बेतुके बयान से सुर्खियां बटोरते रहते हैं। ऐसी ही टिप्पणी पड़ोसी मुल्क के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में की थी। अब भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की धमकी पर कड़ा जवाब दिया है। राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि वे 55 साल पहले के अंजाम को न भूलें जब पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया था। 

पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को ऐसा उकसाने वाला बयान नहीं देना चाहिए था। 55 साल पहले उन्होंने जब गलती की थी, तो पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया था। अगर इस बार वे बंगाल पर नजर डालने की कोशिश करेंगे, तो भगवान ही जानते हैं कि पाकिस्तान इस बार कितने हिस्सों में बंटेगा।

1971 भारत पाकिस्तान युद्ध की दिलाई याद

राजनाथ सिंह ने सार्वजनिक मंच से कहा कि पाकिस्तान को ऐसे उकसावे वाले बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भारत के खिलाफ कोई भी गलत कदम उठाया गया तो उसके गंभीर परिणाम होंगे। राजनाथ सिंह ने अपने बयान में 1971 भारत पाकिस्तान युद्ध का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को इतिहास याद दिलाया।

पाकिस्तान के साथ टीएमसी को भी जवाब

बैरकपुर में चुनावी रैली के दौरान राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान की धमकी और उस पर तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाया था कि पाकिस्तानी धमकी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं। इस पर पलटवार करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि देश का रक्षा मंत्री होने के नाते वह खुद इस मुद्दे पर अपनी बात रख रहे हैं और यह जरूरी नहीं कि हर बात पर प्रधानमंत्री ही बोलें। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की सुरक्षा और रक्षा मामलों पर सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है।

ख्वाजा आसिफ ने दी थी धमकी

शनिवार को सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि भारत किसी फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर भारत इस बार फॉल्स फ्लैग करने की कोशिश करता है, तो इंशाअल्लाह हम उसका जवाब कोलकाता तक ले जाएंगे। आसिफ ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान में बंद कुछ लोगों की लाशों का इस्तेमाल करके उन्हें आतंकी बताने की साजिश रची जा रही है। हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान का जवाब तेज, सटीक और निर्णायक होगा।

राजनाथ सिंह ने सिंध को बताया भारत का हिस्सा, पाकिस्तान को लगी मिर्ची, फिर अलापा कश्मीर राग

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की ओर से सिंधी समाज सम्मेलन में दिए गए एक बयान से पाकिस्तान को मिर्ची लगी है। भारत के रक्षा मंत्री ने पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी का जिक्र करते हुए कहा था कि सभ्यतागत रूप से सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहा है और सीमाएं बदल सकती हैं। इस बयान से पाकिस्तान तिलमिला गया है। पाकिस्तान ने राजनाथ सिंह के इस बयान को खतरनाक और भड़काने वाला बताया है।

राजनाथ सिंह के बायन पर तिलमिलाया पाकिस्तान

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि पाकिस्तान के सिंध प्रांत के संबंध में भारतीय रक्षा मंत्री की भ्रम से भरे और खतरनाक बदलाव की मांग करने वाली टिप्पणियों की पाकिस्तान कड़ी निंदा करता है। बयान में कहा गया है कि भारतीय रक्षा मंत्री की तरफ से की गई टिप्पणी भारत की विस्तारवादी हिन्दुत्व वाली मानसिकता को दर्शाती है। पाकिस्तान ने कहा है कि राजनाथ सिंह का बयान पाकिस्तान की संप्रभुता, अंतरराष्ट्रीय कानून और 1947 में तय की गई सीमा के खिलाफ है।

पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर राग

राजनाथ सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कश्मीर और भारत के अल्पसंख्यकों को लेकर टिप्पणी की है। पाकिस्तान की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि भारत को जम्मू-कश्मीर का समाधान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और स्थानीय लोगों की मंशा के मुताबिक करना चाहिए। पाकिस्तान ने भारत में अल्पसंख्यकों और पूर्वोत्तर के राज्यों में हो रही हिंसा पर ध्यान देने की नसीहत दी है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने क्या कहा था?

रक्षामंत्री ने सिंधी समुदाय द्वारा दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आडवाणी जी ने अपनी एक पुस्तक में लिखा है कि सिंधी हिंदू, विशेषकर उनकी पीढ़ी के लोग, अब भी सिंध को भारत से अलग करने की बात को स्वीकार नहीं कर पाए हैं।'' पाकिस्तान का निर्माण 1947 में तत्कालीन भारत के विभाजन के परिणामस्वरूप हुआ था, और सिंधु नदी के पास का सिंध क्षेत्र तब से पाकिस्तान का हिस्सा है। उन्होंने कहा, केवल सिंध में ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में हिंदू सिंधु नदी को पवित्र मानते थे। सिंध में कई मुसलमान भी मानते थे कि सिंधु नदी का पानी मक्का के आब-ए-जमजम (सबसे पवित्र जल) से कम पवित्र नहीं है।

आखिरी बार रनवे पर उतरा मिग-21, 62 साल बाद रिटायर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कही बड़ी बात

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भारतीय वायुसेना के पहले सुपरसोनिक विमान को शुक्रवार को सेवामुक्त कर दिया गया। चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन से मिग-21 को विदाई दी गई। इस समारोह में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष तौर पर शामिल हुए। उनके अलावा चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान, वायुसेना अध्यक्ष एपी सिंह, सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना अध्यक्ष दिनेश कुमार त्रिपाठी ने भी शिरकत की और मिग-21 की विदाई समारोह के ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने।

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मिग-21 के फेयरवेल के दौरान फाइटर जेट के कई कारनामों को भी याद किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि मिग-21 ने 1971 से लेकर ऑपेरशन सिंदूर तक हर मिशन में भारतीय सेना को मजबूती दी। राजनाथ सिंह ने कहा, आज जब हम मिग-21 को इसकी ऑपरेशनल जर्नी से विदाई दे रहे हैं तो मुझे लगता है हम एक ऐसे अध्याय को विदा करने जा रहे हैं जो न केवल भारतीय वायुसेना के इतिहास में बल्कि हमारी पूरी सैन्य उड्डयन की जर्नी में गोल्डन लेटर से लिखा जाएगा।

भारत-रूस के मजबूत संबंधों का प्रमाण-राजनाथ सिंह

अपने भाषण में राजनाथ सिंह ने कहा कि मिग-21 राष्ट्रीय गौरव और रक्षा कवच है। उन्होंने कहा कि इससे हमारा इससे गहरा लगाव है और इसने हमारे आत्मविश्वास को आकार दिया है। सिंह ने कहा कि मिग-21 सैन्य विमानन का इतिहास अद्भुत फाइटर प्लेन है। मिग-21 ने सैन्य विमानन यात्रा में कई गौरवपूर्ण क्षण जोड़े हैं। राजनाथ सिंह ने कहा कि मिग-21 केवल एक विमान या मशीन ही नहीं, बल्कि भारत-रूस के मजबूत संबंधों का प्रमाण भी है।

मिग-21 को रखा गया अपडेट

रक्षा मंत्री ने बताया कि अब तक हम जो मिग-21 विमान उड़ा रहे थे, वे अधिक से अधिक 40 साल पुराने थे। ऐसे विमानों के मानकों के हिसाब से 40 साल का जीवनकाल पूरी तरह से सामान्य है। कई देशों में ऐसे लड़ाकू विमानों को बस इतने ही समय तक सक्रिय रखा जाता है। लेकिन मिग-21 की एक खास बात यह है कि इसे तकनीकी रूप से हमेशा अपडेट रखा गया है।

आखिरी बार मिग की गर्जना

मिग-21 के विदाई समारोह में सूर्य किरण एरोबेटिक टीम ने प्रस्तुति दी। अलविदा उड़ान को देखकर इन्हें उड़ाने वाले पूर्व वायु सैनिक भावुक हो गए। मिग 21 को पानी की बौछार से अंतिम सलामी दी गई। इसी के साथ मिग की गर्जना शांत हो गई। 62 साल तक देश की सेवा करने के बाद भारत का पहला सुपरसोनिक विमान मिग-21 अब रिटायर हो गया है। खास बात यह है कि लगभग 60 साल पहले मिग-21 की लॉन्चिंग चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन से हुई थी। यही वजह रही की आज इसकी रिटायरमेंट भी यहीं से हुआ।

PoK खुद कहेगा मैं भारत हूं...', मोरक्को की धरती से राजनाथ सिंह का 'ऑपरेशन सिंदूर' पर कड़ा संदेश

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को भरोसा जताया कि भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को बिना किसी आक्रामक कदम के वापस हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि अब वहां के लोग खुद ही मौजूदा शासन से आजादी की मांग कर रहे हैं। राजनाथ सिंह मोरक्को में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर पाकिस्तान को करारा मैसेज दिया है। मोरक्को में भारतीय सुमदाय से बात करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को दोहराते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को फिर से शुरू किया जा सकता है।

राजनाथ सिंह दो दिन के दौरे पर मोरक्को पहुंचे हैं। यहां उन्होंने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के नए व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (WhAP) 8x8 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया। यह अफ्रीका में किसी भारतीय रक्षा कंपनी का पहला संयंत्र है। इस दौरान राजनाथ सिंह ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया।

पीओके अपने आप भारत का होगा- राजनाथ सिंह

मोरक्को में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- पीओके अपने आप हमारा होगा। पीओके में मांगें उठने लगी हैं, आपने नारे सुने होंगे। मैं 5 साल पहले कश्मीर घाटी में एक कार्यक्रम में भारतीय सेना को संबोधित कर रहा था, तब मैंने कहा था कि हमें पीओके पर हमला करके कब्जा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वह वैसे भी हमारा है; पीओके खुद कहेगा, 'मैं भी भारत हूं'। वह दिन आएगा।

हमने धर्म देखकर नहीं, उनका कर्म देख कर मारा-राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- जिन्ह मोहि मारा, तिन्ह मोहि मारे...इस बार भी यही हुआ। हमने उन्हीं लोगों को मारा जिन्होंने हमारे लोगों को मारा। हमने किसी नागरिक या सैन्य प्रतिष्ठान पर हमला नहीं किया। केवल भारत ही ऐसा चरित्र रख सकता है। अगर हम चाहते तो किसी भी सैन्य या नागरिक प्रतिष्ठान पर हमला कर सकते थे, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। हमें भारत के इस चरित्र को कायम रखना चाहिए। राजनाथ सिंह ने कहा-आतंकवादी यहां आए और हमारे नागरिकों का धर्म पूछकर उन्हें मार डाला। हमने किसी का धर्म देख नहीं, उनका कर्म देख कर मारा है।

ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 या पार्ट- 3 पर क्या बोले?

भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के दौरान ऑपरेशन सिंदूर के दूसरे और तीसरे चरण की संभावना पर अपना रुख स्पष्ट किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को दोहराते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को फिर से शुरू किया जा सकता है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी कि यह कब और कैसे होगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पार्ट-2 या पार्ट- 3 करना है या नहीं, यह कहना मुश्किल है। यह पाकिस्तान के व्यवहार पर निर्भर करता है। अगर वे आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, तो उन्हें जवाब मिलेगा।

शिबू सोरेन का 'श्राद्ध कर्म': नेमरा पहुंचे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ समेत कई दिग्गज

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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के सह-संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद देशभर के नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि दी है। वहीं, कई बड़े नेता नेमरा पहुंचकर उनको श्रद्धांजलि दे रहे हैं। शिबू सोरेने के निधन के बाद होने वाले संस्कार भोज में देशभर से लोग पहुंच रहे हैं। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी नेमरा पहुंचकर शिबू सोरेन के संस्कार भोज में शामिल हुए।

राजनाथ सिंह ने नेमरा पहुंचकर गुरूजी को दी श्रद्धांजलि

रामगढ़ जिले के उनके पैतृक गांव में शिबू सोरेन के 'श्राद्ध' समारोह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए शनिवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नेमरा पहुंचकर श्रद्धांजलि दी है। इस बीच उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन और उनकी माता रूपी सोरेन से की मुलाकात करके सांत्वना दी है।

तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी पहुंचे नेमरा गांव

शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंथ रेड्डी हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। उन्होंने दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि दी। रेवंथ रेड्डी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनकी विधायक पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन एवं परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की।मुलाकात के बाद रेवंत रेड्डी ने कहा कि मैं हमेशा मदद करता रहूंगा। हैदराबाद में शिबू सोरेन भवन बनाएंगे।

बाबा रामदेव ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि

योग गुरु स्वामी रामदेव नेमरा गांव पहुंचकर दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होने पहुंचे। बाबा रामदेव ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की।

पूरे रीति-रिवाज के साथ शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म

बीते दिन 81 वर्षीय शिबू सोरेन का निधन दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ था। नेमरा शिबू सोरेन का पैतृक गांव है, जहां 5 अगस्त 2025 को उनका अंतिम संस्कार किया गया था। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत राज्यसभा सांसद को मुखाग्नि दी थी। शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म पूरे रीति-रिवाज के साथ हेमंत सोरेन ने पूरी की। आज यानी 16 अगस्त को झामुमो के सह-संस्थापक और पार्टी के सर्वोच्च नेता शिबू सोरेन का श्राद्ध भोज हो रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर पर राजनाथ सिंह ने संसद में दिया जवाब, बोले-भारत के हमलों से डरकर गिड़गिड़ाया था पाकिस्तान

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लोकसभा में सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हुई। चर्चा की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। राजनाथ सिंह ने चर्चा की शुरूआत में उन वीर सपूतों को नमन किया जो इस राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा के लिए सदैव तैयार और तत्पर रहते हैं। साथ ही, मैं उन शहीदों को भी नमन किया जिन्होंने भारत की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया।

धर्म की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र उठाना पड़ता है-राजनाथ सिंह

लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्ती की बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें भगवान कृष्ण से सीखना चाहिए कि धर्म की रक्षा के लिए अंत में सुदर्शन चक्र उठाना पड़ता है। रक्षा मंत्री ने एक संस्कृत मंत्र का उच्चारण करते हुए कहा कि 'शठे शाठ्यं समाचरेत्' यानी दुष्ट के साथ उसी तरीके से व्यवहार करना चाहिए। हमने 2006 के संसद हमले, 2008 के मुंबई हमले देखे हैं। अब हमने कहा कि बस अब काफी हो गया और अब हमने सुदर्शन चक्र उठा लिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ और सशक्त कदम उठा रहा है।

विपक्ष के सवाल नेशनल सेंटिमेंट का सही प्रतिनिधित्व नहीं- राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री ने कहा, कुछ विपक्षी सदस्य पूछ रहे हैं कि हमारे कितने विमान मार गिराए गए? मैं समझता हूं कि उनका यह सवाल नेशनल सेंटिमेंट का सही प्रतिनिधित्व नहीं करता। उन्होंने यह नहीं पूछा कि हमारे सैनिकों ने दुश्मन के कितने विमान गिराए। अगर सवाल करना है तो यह पूछा जाना चाहिए कि क्या भारत ने आतंकियों के ठिकाने तबाह किए? और इसका जवाब है, हां, भारत ने ऐसा किया। आपको प्रश्न पूछना है तो यह प्रश्न पूछिए कि जिन आतंकियों ने हमारी बहनों, हमारी बेटियों का सिन्दूर मिटाया, क्या हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर में उन आतंकियों के आकाओं को मिटाया, तो इसका उत्तर है, हां।

पाकिस्तान के खिलाफ इन हथियारों का इस्तेमाल

रक्षा मंत्री ने सदन में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किन-किन हथियारों का प्रयोग किया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि 7-8 मई को पाकिस्तान पर सफल हमला किया। इसके बाद पाकिस्तान ने स्थिति को एस्केलेट कर दिया। पाकिस्तान ने यूएवी सिस्टम और अन्य साधनों का यूज कर भारतीय वायुसेना के बेस के साथ ही सेना के फॉर्मेशन हेडक्वार्टर को हमला कर दिया। रक्षा मंत्री ने बताया कि हमारी इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस ग्रिड और काउंटर यूएएफ ग्रिड ने इन हमलों को नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि एस-400, एमआरएसएम, आकाश मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस सिस्टम बहुत प्रभावी साबित हुए।

9 आतंकी ढांचे नष्ट, 100 से अधिक आतंकवादी ढेर

राजनाथ सिंह ने कहा, इस ऑपरेशन को अंजाम देने से पहले हमारी सेनाओं ने हर पहलू का गहन अध्ययन किया। हमारे पास कई विकल्प उपलब्ध थे, लेकिन हमने वही विकल्प चुना जिसमें आतंकवादियों और उनके ठिकानों को अधिकतम नुकसान पहुँचे और पाकिस्तान के आम नागरिकों को कोई क्षति न हो। उन्होंने आगे कहा, भारतीय सेनाओं द्वारा की गई यह सुसंगठित और सटीक कार्रवाई थी, जिसमें 9 आतंकी ढांचों को निशाना बनाकर नष्ट किया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी, उनके प्रशिक्षक, हैंडलर और सहयोगी मारे गए। इनमें से अधिकांश जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े थे, जिन्हें पाकिस्तान की सेना और ISI का प्रत्यक्ष समर्थन प्राप्त है।

राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री से की मुलाकात, जानें क्या हुई बात?

#rajnath_singh_met_chinese_counterpart_at_sco_conference

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के क्विंगदाओ शहर में आयोजित एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जुन से मुलाकात कर द्विपक्षीय बैठक भी की।

राजनाथ सिंह ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। उन्होंने बताया कि चीन के रक्षा मंत्री से उनकी द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। हमने द्विपक्षीय संबंधों से संबंधित मुद्दों पर रचनात्मक और दूरदर्शी विचारों का आदान-प्रदान किया। लगभग छह वर्षों के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर अपनी खुशी व्यक्त की। दोनों पक्षों के लिए यह आवश्यक है कि वे इस सकारात्मक गति को बनाए रखें और द्विपक्षीय संबंधों में नई जटिलताओं को जोड़ने से बचें।

इसके अलावा उन्होंने चीनी समकक्ष को बिहार की मधुबनी पेंटिंग भेंट की। बिहार के मिथिला क्षेत्र में बनी पेंटिंग की विशेषता चमकीले रंगों और विरोधाभासों या पैटर्न से भरे रेखा चित्र हैं। ये पेंटिंग अपने आदिवासी रूपांकनों और चमकीले मिट्टी के रंगों के उपयोग के कारण लोकप्रिय हैं।

राजनाथ सिंह चीन के रक्षा मंत्री से ऐसे समय में मिले हैं जब उन्होंने चीन के क्विंगदाओ में हुई शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की मीटिंग के साझा बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। रक्षामंत्री ने साझा बयान पर साइन करने से इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि इसमें हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र तक नहीं था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी।

बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ देश अपनी नीतियों में सीमा पार आतंकवाद को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं और आतंकियों को पनाह दे रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसे दोहरे मापदंड को खत्म करना बेहद जरूरी है और एससीओ जैसे मंच को ऐसी ताकतों की खुलेआम आलोचना करनी चाहिए।

आतंकी घटना का करारा जवाब देते रहेंगे, एससीओ शिखर सम्मेलन में राजनाथ सिंह का सख्त संदेश

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के किंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए। एससीओ की बैठक में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर दो टूक अपनी बात रखी हैय़ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा आतकंवाद और शांति साथ-साथ नहीं चल सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद को किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेते रहेंगे। निर्दोषों का खून बहाने वालों को नहीं छोड़ेंगे।

आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र

एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में पाकिस्तानी समकक्ष के सामने ही राजनाथ सिंह ने आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर का खुलकर जिक्र किया। पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 22 अप्रैल 2025 को, आतंकवादी समूह ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर एक नृशंस और जघन्य हमला किया। एक नेपाली नागरिक सहित 26 निर्दोष नागरिक मारे गए। पीड़ितों को धार्मिक पहचान के आधार पर प्रोफाइल बनाकर गोली मार दी गई। द रेजिस्टेंस फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली है जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रॉक्सी है।

दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं-राजनाथ

राजनाथ सिंह ने कहा, कुछ देश सीमा पार आतंकवाद को नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को पनाह देते हैं। ऐसे दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। एससीओ को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए।

आतंकवाद को खत्म करने के लिए सबको आगे आने की जरूरत-राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने आगे कहा, भारत का मानना है कि रिफॉर्मेड मल्टिलेटरिजम देशों के बीच संघर्ष को रोकने के लिए संवाद और सहयोग के लिए तंत्र बनाने में मदद कर सकता है। कोई भी देश, चाहे वह कितना भी बड़ा और शक्तिशाली क्यों न हो, अकेले काम नहीं कर सकता। वास्तव में, वैश्विक व्यवस्था या बहुपक्षवाद का मूल विचार यह धारणा है कि राष्ट्रों को अपने पारस्परिक और सामूहिक लाभ के लिए एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करना होगा। यह हमारी सदियों पुरानी संस्कृत कहावत 'सर्वे जना सुखिनो भवन्तु' को भी दर्शाता है, जिसका अर्थ है सभी के लिए शांति और समृद्धि।

POK स्वयं लौट कर कहेगा कि मैं भारत ही हूं' राजनाथ सिंह का पाकिस्तान को सीधा संदेश

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर से पाकिस्तान पाक अधिकृत कश्मीर यानी पीओके को लेकर सीधा संदेश दिया है। राजनाथ सिंह ने साफ-साफ कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला जम्मू-कश्मीर एक दिन हमारा होकर ही रहेगा। पाकिस्तान से सिर्फ आतंकवाद और पीओके के मुद्दे पर ही होगी। पीओके के लोग हमारे अपने ही है। पीओके एक दिन खुद कहेगा कि हम भारत का हिस्सा है।

आतंकवाद का कारोबार करने वालों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी-राजनाथ सिंह

दिल्ली में गुरुवार को भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की एक बैठक में राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद का कारोबार चलाना 'कॉस्ट इफेक्टिव' नहीं है, बल्कि इसकी एक भारी कीमत अदा करनी पड़ सकती है। इसका अंदाजा आज पाकिस्तान को हो चुका है। ऑपरेशन सिंदूर में पूरे देश ने मेक इन इंडिया अभियान की सफलता को देखा, समझा और महसूस किया है। आज यह साबित हो गया है कि मेक इन इंडिया भारत की सुरक्षा और समृद्धि दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। मेक इन इंडिया भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अनिवार्य घटक है। अगर हमारे पास यह क्षमता नहीं होती, तो भारत की सेनाएं निचले पाकिस्तान से लेकर पीओके तक आतंकवाद के खिलाफ इतनी प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पातीं।

पीओके के लोग हमारे अपने-राजनाथ

राजनाथ ने कहा कि मैं मानता हूं कि पाक पीओके के लोग हमारे अपने हैं, हमारे परिवार का हिस्सा हैं। हम एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमें यकीन है कि हमारे वो भाई जो आज हमसे भौगोलिक और राजनीतिक रूप से अलग हैं, वे भी अपने स्वाभिमान, आत्मा की आवाज और स्वेच्छा से भारत की मुख्य धारा में कभी न कभी जरूर लौटेंगे। वहां के लोग भारत के साथ गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं। कुछ गिने-चुने लोग ही हैं, जिन्हें भटकाया गया।

पीओके स्वयं लौट कर कहेगा कि मैं भारत ही हूं-राजनाथ

राजनाथ सिंह ने आगे कहा, भारत हमेशा ही दिलों को जोड़ने की बात करता है। वो दिन दूर नहीं है जब हमारा ही अंग पीओके स्वयं लौट कर कहेगा कि मैं भारत ही हूं, मैं वापस आया हूं। पीओके का भारत के साथ एकीकरण इस देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक समृद्धि पर निर्भर करता है।

वक्त पर दिखाएंगे पूरी पिक्चर...” भुज से राजनाथ ने पड़ोसी देश को दिया सख्त संदेश

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जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात के एक दिन बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज गुजरात के भुज एयरबेस पहुंचे। राजनाथ सिंह ने अपने दौरे के दौरान सेना के हौसले को सलाम किया। राजनाथ सिंह गुजरात के भुज एयरबेस से पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ ट्रेलर दिखाया है, सीजफायर तोड़ा तो पूरी पिक्चर दिखाएंगे। बता दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष के बाद सरकार सेना का उत्साह बढ़ाने में जुटी है। पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंजाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचकर जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरूवार को श्रीनगर एयरबेस पहुंचे। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को गुजरात के भुज वायु सेना स्टेशन का दौरा किया।

भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ 23 मिनट काफी थे-राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह ने भुज में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना के जवानों की कुशलता की भी तारीफ की। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ 23 मिनट काफी थे, पाकिस्तान की सरजमीं पर पल रहे आतंक के अजगर को कुचलने के लिए। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह कहना गलत नहीं होगा कि नाश्ता करने में लोगों को जितना समय लगता है, आपने उस अवधि का उपयोग दुश्मनों से निपटने के लिए किया। आप दुश्मनों की धरती पर जाकर मिसाइलें गिराईं। इसकी गूंज सिर्फ भारत की सीमाओं तक ही सीमित नहीं रही, पूरी दुनिया ने इसे सुना। वह गूंज सिर्फ मिसाइलों की नहीं थी, बल्कि आपके पराक्रम और भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों की बहादुरी की भी थी।

पाक के हर कोने तक हमारी एयरफोर्स की पहुंच- राजनाथ सिंह

रक्षामंत्री ने कहा, हमारी एयरफोर्स की पहुंच पाकिस्तान के हर कोने तक है और यह बात पूरी तरह से साबित हो चुकी है। आज स्थिति यह है कि भारत के फाइटर प्लेन बिना सरहद पार किए ही, यहीं से उनके हर कोने तक सीधा प्रहार करने में पूरी तरह से सक्षम है। पूरी दुनिया ने देख लिया है कि कैसे आपने पाकिस्तान की धरती पर मौजूद 9 ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। बाद में की गई कार्रवाई में उनके अनेक एयरबेस भी तबाह कर दिए… आपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत का संदेश पूरी दुनिया तक इस बार पहुंचा दिया है।

इंडियन एयरफोर्स ने भारत की युद्ध नीति और तकनीकी का प्रमाण दिया-राजनाथ सिंह

राजनाथ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने जो प्रभावी भूमिका निभाई है, उसकी सराहना इस देश में ही नहीं दूसरे देशों में भी हो रही है। आपने इस ऑपरेशन में न केवल दुश्मन को परास्त किया है, बल्कि उन्हें तबाह करने में भी कामयाबी हासिल की है। आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए इस अभियान को हमारी वायु सेना ने आगे बढ़ाया। हमारी एयरफोर्स एक ऐसी ‘स्काइफोर्स’ है, जिसने अपने शौर्य, पराक्रम और प्रताप से आसमान की नई और बुलंद ऊंचाइयों को छू लिया है। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इंडियन एयरफोर्स ने केवल पराक्रम ही नहीं दिखाया है, बल्कि पूरी दुनिया के सामने प्रमाण भी दिया है। प्रमाण इस बात का कि अब भारत की युद्ध नीति और तकनीकी दोनों बदल चुकी है।

पाकिस्तान ने भुज पर किया था ड्रोन अटैक

बता दें कि आज राजनाथ सिंह जिस जगह पर जवानों से मुलाकात के लिए पहुंचे हैं, पाकिस्तान ने चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान ड्रोन का इस्तेमाल करके उसे निशाना बनाया था। भुज पाकिस्तान की सीमा से बेहद करीब है। भुज पर कथित तौर पर पाकिस्तान द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल करके हमला किया गया था। भुज और नलिया के पास तैनात भारतीय सेना की एयर डिफेंस यूनिट ने पिछले कुछ दिनों में कई पाकिस्तानी ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है। पाकिस्तानी ड्रोन मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें नाकाम किया गया।

गुरुवार को श्रीनगर गए थे राजनाथ

इससे पहले राजनाथ गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर गए थे। श्रीनगर में सेना से बातचीत में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान में छिपे आतंकवादी संगठनों और उनके आकाओं को एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है कि वे कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा, हमारी सेनाओं ने दुनिया को दिखा दिया है कि उनका निशाना सटीक है तथा गिनती का काम दुश्मनों पर छोड़ दिया गया है।