/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/ajaydev/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png StreetBuzz s:parliament
20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र, कई अहम विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर होगी चर्चा

#parliamentmonsoonsession2026tobeginonjuly20

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। यह 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसका ऐलान किया। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी।

इन मुद्दों पर हंगामे के आसार

बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंका है। इन मामलों के अलावा तृणमूल के दो फाड़ होने का मुद्दा भी चर्चा में है। कांग्रेस अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना पर भी लगातार हमलावर है। ऐसे में हंगामे और नारेबाजी से सत्र की कार्यवाही बाधित हो सकती है।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना में दरार, संसदीय दल की बैठक से सांसद नदारद, 9 में से 6 ने दिया धोखा

#sixrebelmpsfrompreparingtoregisteraseparateparliamentarygroup

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) एक बार फिर गहरे संकट में है। उद्धव ठाकरे को कुछ ही वर्षों के अंदर दूसरा जोरदार झटका लगने के आसार काफी बढ़ गए हैं। उद्धव ने पार्टी में बगावत की खबरों के बीच शिवसेना-यूबीटी के लोकसभा सांसदों की गुरुवार को नई दिल्‍ली में बैठक बुलाई थी। इसमें सभी 9 सांसदों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया था। पार्टी हाईकमान के आदेशों के बावजूद 9 में से सिर्फ 3 सांसद ही बैठक में शामिल हुए।

गैरहाजिर सांसदों से होगा जवाब तलब

बगावत और कुछ सांसदों के पार्टी बैठक से गैरहाजिर रहने के बीच पार्टी ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी नेता अनिल देसाई ने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा में पार्टी के नेता अरविंद सावंत गैरहाजिर सांसदों से जवाब तलब करेंगे। अनिल देसाई ने कहा कि पार्टी की बैठक की सूचना सभी सांसदों को पहले से दी गई थी और विधिवत व्हिप भी जारी किया गया था। इसके बावजूद कुछ सांसद बैठक में नहीं पहुंचे, जिसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित सांसदों से पूछा जाएगा कि नोटिस और व्हिप जारी होने के बावजूद वे बैठक में क्यों नहीं आए।

सदस्यता रद्द करने पर होगा विचार-संजय राउत

बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे हैं। इन सभी के पार्टी से अलग गुट बनाने की चर्चा है। बैठक में तीन लोकसभा सांसद- अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। संजय राउत खुद राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस बैठक में मौजूद थे। राउत ने साफ तौर पर कहा कि जो सांसद इस बैठक में नहीं आए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने अब इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने पर भी विचार करेंगी।

शिवसेना में टूट का इतिहास

महाराष्ट्र की राजनीति में खुद को बाघ के रूप में पेश करने वाली शिवसेना में टूट का इतिहास बनता जा रहा है। शिवसेना के स्थापना काल के बाद पार्टी में पहली बार 1991 में छगन भुजबल ने 17 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ी थी। भुजबल ने बालासाहेब ठाकरे की कार्यशैली और पार्टी में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बगावत की थी। तब भुजबल ने कांग्रेस का दामन थामा था जो शिवसेना के इतिहास का पहला बड़ा राजनीतिक विद्रोह था। लेकिन, 2003 में उद्धव ठाकरे के शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी चार बार टूटी। 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने उद्धव को पार्टी का उत्तराधिकारी बनाने का विरोध किया और पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

असली झटका जून 2022 में लगा

दूसरा विद्रोह 2006 में हुआ था जब चचेरे भाई राज ठाकरे ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की थी। असली झटका जून 2022 में लगा, जब एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत की थी। इस विद्रोह से उद्धव का सीएम पद, पार्टी का नाम और चुनाव निशान भी छिन गया। इस टूट के बाद ही उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा चुनाव में 9 और विधानसभा चुनाव में 20 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।

आज से संसद का विशेष सत्र, महिला आरक्षण-परिसीमन विधेयक पर विपक्ष से टकराव के आसार

#parliamentspecialsession

आज से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है।स्पेशल सेशन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर विधेयक पेश किया जाएगा। इसके साथ ही परिसीमन से जुड़ा विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है। इसको लेकर सत्‍ता पक्ष और विपक्ष में लामबंदी तेज हो गई है।

सत्र से पहले क्‍या बोले पीएम मोदी?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पेश करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। उन्होंने कहा, माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

ऋग्वेद का एक श्लोक पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऋग्वेद का एक श्लोक भी पोस्ट किया। इसके साथ ही उन्होंने करीब एक मिनट का एक वीडियो क्लिप भी शेयर किया है। जिसमें श्लोक और उसके सार को बताया गया है, "व्युच्छन्ति हि रश्मिभिविश्वमाभासि रोचनम्। ता त्वामुषर्वसूयवो गीभिः कण्वा अहूषत॥" अर्थात नारी अपने ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान के अंधकार को दूर कर पूरे विश्व को आलोकित करती है। इसलिए समृद्धि और सगुणों की कामना करने वाले मनुष्य सदैव नारी का सम्मान करते हैं।" इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के लिए लिखा, "आप, जो अपनी तेज किरणों से दुनिया को रोशन करते हैं, चमकते हुए। कण्वों ने भजनों के साथ आपका जश्न मनाया है, हे उदार, सभी के पालनहार।"

सदन में कौन-कौन से विधेयक पेश करेगी सरकार?

1. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक लोकसभा सदस्यों की क्षमता को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक करने का प्रस्ताव करता है, जिसमें से 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे। इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 81 और 82 में संशोधन किया जाएगा, ताकि 2026 के बाद की जनगणना का इंतजार किए बिना नवीनतम उपलब्ध जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य 2029 के चुनावों से पहले लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करना है।

2. परिसीमन विधेयक, 2026: यह विधेयक पुराने परिसीमन अधिनियम, 2002 को निरस्त करके उसकी जगह लेगा। इस विधेयक के तहत एक नए परिसीमन आयोग के गठन का प्रावधान है। यह आयोग नवीनतम जनगणना (2011) के आंकड़ों के आधार पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों के आवंटन और निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करेगा।

3. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026: यह एक सक्षम विधेयक (Enabling Bill) है, जो राज्यों के अलावा दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुदुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ करेगा। ये तीनों विधेयक मुख्य रूप से महिला आरक्षण को जल्द लागू करने और देश के चुनावी ढांचे में व्यापक बदलाव (परिसीमन) करने के लिए लाए जा रहे हैं।

विधानसभा चुनाव के बीच सरकार ने क्यों बुलाया संसद का विशेष सत्र, बीजेपी ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया

#narishaktivandanactspecialparliamentsessionfrom16to18_april

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्र सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर मजबूती से आगे बढ़ना चाहती है, इसी वजह से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक विधेयक पर समर्थन देने की अपील की है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पहल पर सवाल उठाते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर दी है।

16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र

महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक पर विचार-विमर्श करने और उसे पारित करने के लिए अगले सप्ताह एक विशेष सत्र बुलाया गया है। सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा।

बीजेपी सांसदों के लिए 3 लाइन का व्हिप जारी

बीजेपी ने ने रविवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को 3 लाइन का व्हिप जारी कर 16 से 18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहने को कहा है। इस दौरान किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। इसमें विशेष रूप से केंद्रीय मंत्रियों और सभी सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे इन तीनों दिनों के दौरान सदन में उपस्थित रहें।

सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन मांगा

वहीं. प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में सभी पार्टियों के सदन के नेताओं को पत्र लिखकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए समर्थन मांगा, ताकि 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि इस संशोधन को पारित कराने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। अधिक से अधिक सांसदों को इस विषय पर संसद में अपने विचार रखने चाहिए। उन्होंने इसे किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर का विषय बताया है।

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़ा है मामला

पीएम मोदी ने शनिवार को लिखे गए अपने पत्र में कहा कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक ऐतिहासिक चर्चा शुरू होने जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को और मजबूत बनाने तथा सभी को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता को दोहराने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है, जब महिलाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और नेतृत्व करने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए महिलाओं की पूर्ण भागीदारी को आवश्यक बताया।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने की आलोचना

प्रधानमंत्री के पत्र के जवाब में, मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह महिला सशक्तिकरण के बजाय राजनीतिक लाभ उठाने के लिए महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक के कार्यान्वयन में जल्दबाजी कर रही है। अपने जवाब में खरगे ने लिखा, "विशेष सत्र विपक्ष को विश्वास में लिए बिना बुलाया गया है और सरकार परिसीमन के संबंध में कोई भी विवरण साझा किए बिना ही एक बार फिर विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा कर रही है।" कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि अगर इस विशेष सत्र का उद्देश्य हमारे लोकतंत्र को मजबूत करना और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है, तो सरकार को सुझाव है कि 29 अप्रैल के बाद किसी भी समय एक 'सर्वदलीय बैठक' बुलाए, ताकि परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा की जा सके, जिस मुद्दे को 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम में किए जा रहे संशोधन से जोड़ा जा रहा है।

संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

#mp_rahul_gandhi_met_pm_modi_inside_parliament

संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।

Holistic Medicine Conference 2026 में शामिल होंगे रायपुर के डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के प्रख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम अवसर मिला है। उन्हें लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित Holistic Medicine Conference 2026 में विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रण प्राप्त हुआ है।

यह सम्मेलन 10 अप्रैल को लंदन के Houses of Parliament तथा 13 अप्रैल को University of Oxford में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, सांसद, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होकर समग्र चिकित्सा पद्धतियों पर मंथन करेंगे। इस दौरान देश के जाने-माने होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. नीतीश दूबे सहित कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे से क्लिनिक से की थी और आज वे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुके हैं। अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने होम्योपैथी को समाज में नई पहचान दिलाई और हजारों मरीजों का सफल उपचार कर लोगों का भरोसा जीता।

कोरोना काल में निभाई अहम भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान जब स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में थीं, उस समय डॉ. त्रिवेदी ने निरंतर मरीजों की सेवा की। उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी समाज में व्यापक सराहना हुई।

वैश्विक मंच पर रखेंगे भारत का दृष्टिकोण

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. त्रिवेदी होम्योपैथी की उपयोगिता, प्रभाव और भारत में इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।

प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

डॉ. त्रिवेदी की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव, दोनों सदनों में दिया नोटिस

#noticesseekingmotionforremovalofcecgyaneshkumarsubmittedin_parliament

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का नोटिस संसद के दोनों सदनों में सौंप दिया है। PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि संसद के दोनों सदनों में विपक्ष की ओर से महाभियोग प्रस्ताव से संबंधित नोटिस सौंप दिए गए हैं।

लोकसभा के 130, राज्यसभा के 63 सांसदों के हस्ताक्षर

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा के 130 सांसदों ने और राज्यसभा के 63 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष के एक नेता ने बताया कि सांसदों ने नोटिस को लेकर काफी उत्साह दिखाया और आवश्यक संख्या पूरी हो जाने के बाद भी गुरुवार को कई सांसदों हस्ताक्षर किए। नियमों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नोटिस पर लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।

नोटिस में विपक्ष ने क्या आरोप लगाया?

बताया जा रहा है कि करीब 10 पन्नों वाले नोटिस में 7 बिंदु गिनाए गए हैं, जिनके आधार पर ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव किया गया है। विपक्षी दलों ने कई मौकों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मदद करने का आरोप लगाया है। खासकर मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर ) प्रक्रिया को लेकर। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है। खास तौर पर पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है।

क्या होती है सीईसी को पद से हटाने की प्रक्रिया ?

संविधान के अनुच्छेद 324 (5) में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने का प्रावधान किया गया है. इस अनुच्छेद के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए वैसी ही प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को हटाने की होती है। सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को उसके पद से हटाने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 124 (4) में किया गया है। इसमें साफ किया गया है कि जज को केवल दो आधार पर ही हटाया जा सकता है - दुर्व्यवहार और कार्य निष्पादन में अक्षमता। 124 (5) के मुताबिक संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत के द्वारा एक प्रस्ताव पारित करके राष्ट्रपति को किसी जज को हटाने की सिफारिश की जा सकती है। इस पूरी प्रक्रिया का कोई नाम तो नहीं दिया गया है लेकिन आम तौर पर इसे महाभियोग प्रस्ताव के नाम से जाना जाता है।

नाम लिए बिना नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले-कांग्रेस को अबोध बालक का बंधन न बनाएं

#parliamentuproarjpnaddawithoutnamingrahulgandhitold

संसद के बजट सत्र में अमेरिका से डील और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब पर सातवें दिन भी हंगामा जारी है। विपक्षी सांसद राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोके जाने पर हंगामा करते रहे। लोकसभा शुरू होने के साथ ही सांसदों ने नारेबाजी की। इसके बाद 65 सेकंड के अंदर ही कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। 12 बजे कार्यवाही शुरू हुई, 5 मिनट बाद ही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचने की सलाह

वहीं राज्यसभा में भी राहुल गांधी को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाया गया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर जेपी नड्डा ने कहा कि लोकसभा की बात राज्यसभा मत करिए। कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचना चाहिए। पार्टी को अबोध बालक का बंधक न बनाएं।

नड्डा ने विपक्ष के रवैये पर उठाए सवाल

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति की अनुमति से जेपी नड्डा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर समय और सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में पीएम मोदी जवाब देने के लिए तैयार बैठे रहे, लेकिन विपक्ष ने लोकसभा को चलने नहीं दिया। जहां तक राज्यसभा का सवाल है, विपक्ष ने कहा कि सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बयान दे

हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

#pmnarendramodimediaaddressinparliament_house

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

आज से शुरू होगा संसद का बजट सत्र, राष्ट्रपति का अभिभाषण, 1 फरवरी को पेश होगा बजट

#parliamentbudgetsession2026start_today

संसद का बजट सत्र आज बुधवार से शुरू होने जा रहा है। आज बजट सत्र की शुरुआत लोकसभा में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। यह सत्र 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा और दो चरणों में विभाजित होगा। एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा।

संसद के बजट सत्र की शुरुआत आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधन के साथ होगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में बृहस्पतिवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जो इस बार आम बजट से तीन दिन पहले लाया जा रहा है।

दो चरणों में चलेगा बजट सत्र

बजट सत्र को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला चरण आज से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद सत्र स्थगित रहेगा और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने की संभावना है। इस अंतराल में संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों की गहन समीक्षा करेंगी।

बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक

सत्र के शुरू होने से पहले सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक कर विपक्ष से सहयोग की अपील की है। संसद के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर कल मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में 39 राजनीतिक दलों के मंत्रियों सहित 51 नेताओं ने हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में विपक्षी सांसद वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR), MGNREGA योजना की जगह लेने वाले नई रोजगार गारंटी पर VB-G RAM G कानून सहित अन्य मुद्दों पर फिर से चर्चा कराने की मांग रखी। हालांकि सरकार की ओर से मनरेगा के नाम बदलने और एसआईआर से जुड़े मसलों पर बहस की मांग को ठुकरा दिया गया।

20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र, कई अहम विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर होगी चर्चा

#parliamentmonsoonsession2026tobeginonjuly20

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। यह 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसका ऐलान किया। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी।

इन मुद्दों पर हंगामे के आसार

बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंका है। इन मामलों के अलावा तृणमूल के दो फाड़ होने का मुद्दा भी चर्चा में है। कांग्रेस अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना पर भी लगातार हमलावर है। ऐसे में हंगामे और नारेबाजी से सत्र की कार्यवाही बाधित हो सकती है।

उद्धव ठाकरे की शिवसेना में दरार, संसदीय दल की बैठक से सांसद नदारद, 9 में से 6 ने दिया धोखा

#sixrebelmpsfrompreparingtoregisteraseparateparliamentarygroup

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) एक बार फिर गहरे संकट में है। उद्धव ठाकरे को कुछ ही वर्षों के अंदर दूसरा जोरदार झटका लगने के आसार काफी बढ़ गए हैं। उद्धव ने पार्टी में बगावत की खबरों के बीच शिवसेना-यूबीटी के लोकसभा सांसदों की गुरुवार को नई दिल्‍ली में बैठक बुलाई थी। इसमें सभी 9 सांसदों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने को कहा गया था। पार्टी हाईकमान के आदेशों के बावजूद 9 में से सिर्फ 3 सांसद ही बैठक में शामिल हुए।

गैरहाजिर सांसदों से होगा जवाब तलब

बगावत और कुछ सांसदों के पार्टी बैठक से गैरहाजिर रहने के बीच पार्टी ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। पार्टी नेता अनिल देसाई ने कहा कि बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लोकसभा में पार्टी के नेता अरविंद सावंत गैरहाजिर सांसदों से जवाब तलब करेंगे। अनिल देसाई ने कहा कि पार्टी की बैठक की सूचना सभी सांसदों को पहले से दी गई थी और विधिवत व्हिप भी जारी किया गया था। इसके बावजूद कुछ सांसद बैठक में नहीं पहुंचे, जिसे पार्टी विरोधी गतिविधि माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित सांसदों से पूछा जाएगा कि नोटिस और व्हिप जारी होने के बावजूद वे बैठक में क्यों नहीं आए।

सदस्यता रद्द करने पर होगा विचार-संजय राउत

बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे हैं। इन सभी के पार्टी से अलग गुट बनाने की चर्चा है। बैठक में तीन लोकसभा सांसद- अरविंद सावंत, राजभाऊ वाजे और अनिल देसाई शामिल हुए। संजय राउत खुद राज्यसभा सदस्य के तौर पर इस बैठक में मौजूद थे। राउत ने साफ तौर पर कहा कि जो सांसद इस बैठक में नहीं आए, उन्होंने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया है। पार्टी ने अब इन सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने पर भी विचार करेंगी।

शिवसेना में टूट का इतिहास

महाराष्ट्र की राजनीति में खुद को बाघ के रूप में पेश करने वाली शिवसेना में टूट का इतिहास बनता जा रहा है। शिवसेना के स्थापना काल के बाद पार्टी में पहली बार 1991 में छगन भुजबल ने 17 विधायकों के साथ पार्टी छोड़ी थी। भुजबल ने बालासाहेब ठाकरे की कार्यशैली और पार्टी में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बगावत की थी। तब भुजबल ने कांग्रेस का दामन थामा था जो शिवसेना के इतिहास का पहला बड़ा राजनीतिक विद्रोह था। लेकिन, 2003 में उद्धव ठाकरे के शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी चार बार टूटी। 2005 में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे ने उद्धव को पार्टी का उत्तराधिकारी बनाने का विरोध किया और पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

असली झटका जून 2022 में लगा

दूसरा विद्रोह 2006 में हुआ था जब चचेरे भाई राज ठाकरे ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की थी। असली झटका जून 2022 में लगा, जब एकनाथ शिंदे ने 40 विधायकों के साथ बगावत की थी। इस विद्रोह से उद्धव का सीएम पद, पार्टी का नाम और चुनाव निशान भी छिन गया। इस टूट के बाद ही उद्धव की शिवसेना (यूबीटी) लोकसभा चुनाव में 9 और विधानसभा चुनाव में 20 सीटों तक ही सिमट कर रह गई।

आज से संसद का विशेष सत्र, महिला आरक्षण-परिसीमन विधेयक पर विपक्ष से टकराव के आसार

#parliamentspecialsession

आज से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है।स्पेशल सेशन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर विधेयक पेश किया जाएगा। इसके साथ ही परिसीमन से जुड़ा विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है। इसको लेकर सत्‍ता पक्ष और विपक्ष में लामबंदी तेज हो गई है।

सत्र से पहले क्‍या बोले पीएम मोदी?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पेश करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। उन्होंने कहा, माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

ऋग्वेद का एक श्लोक पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ऋग्वेद का एक श्लोक भी पोस्ट किया। इसके साथ ही उन्होंने करीब एक मिनट का एक वीडियो क्लिप भी शेयर किया है। जिसमें श्लोक और उसके सार को बताया गया है, "व्युच्छन्ति हि रश्मिभिविश्वमाभासि रोचनम्। ता त्वामुषर्वसूयवो गीभिः कण्वा अहूषत॥" अर्थात नारी अपने ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान के अंधकार को दूर कर पूरे विश्व को आलोकित करती है। इसलिए समृद्धि और सगुणों की कामना करने वाले मनुष्य सदैव नारी का सम्मान करते हैं।" इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के लिए लिखा, "आप, जो अपनी तेज किरणों से दुनिया को रोशन करते हैं, चमकते हुए। कण्वों ने भजनों के साथ आपका जश्न मनाया है, हे उदार, सभी के पालनहार।"

सदन में कौन-कौन से विधेयक पेश करेगी सरकार?

1. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026: यह विधेयक लोकसभा सदस्यों की क्षमता को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 तक करने का प्रस्ताव करता है, जिसमें से 815 सदस्य राज्यों से और 35 सदस्य केंद्र शासित प्रदेशों से चुने जाएंगे। इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 81 और 82 में संशोधन किया जाएगा, ताकि 2026 के बाद की जनगणना का इंतजार किए बिना नवीनतम उपलब्ध जनगणना के आधार पर परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य 2029 के चुनावों से पहले लोकसभा और विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू करना है।

2. परिसीमन विधेयक, 2026: यह विधेयक पुराने परिसीमन अधिनियम, 2002 को निरस्त करके उसकी जगह लेगा। इस विधेयक के तहत एक नए परिसीमन आयोग के गठन का प्रावधान है। यह आयोग नवीनतम जनगणना (2011) के आंकड़ों के आधार पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों के आवंटन और निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करेगा।

3. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026: यह एक सक्षम विधेयक (Enabling Bill) है, जो राज्यों के अलावा दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुदुचेरी जैसे केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का रास्ता साफ करेगा। ये तीनों विधेयक मुख्य रूप से महिला आरक्षण को जल्द लागू करने और देश के चुनावी ढांचे में व्यापक बदलाव (परिसीमन) करने के लिए लाए जा रहे हैं।

विधानसभा चुनाव के बीच सरकार ने क्यों बुलाया संसद का विशेष सत्र, बीजेपी ने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया

#narishaktivandanactspecialparliamentsessionfrom16to18_april

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्र सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर मजबूती से आगे बढ़ना चाहती है, इसी वजह से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक विधेयक पर समर्थन देने की अपील की है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पहल पर सवाल उठाते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग कर दी है।

16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र

महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक पर विचार-विमर्श करने और उसे पारित करने के लिए अगले सप्ताह एक विशेष सत्र बुलाया गया है। सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होगा और उसी साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा।

बीजेपी सांसदों के लिए 3 लाइन का व्हिप जारी

बीजेपी ने ने रविवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को 3 लाइन का व्हिप जारी कर 16 से 18 अप्रैल तक संसद में मौजूद रहने को कहा है। इस दौरान किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी। इसमें विशेष रूप से केंद्रीय मंत्रियों और सभी सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे इन तीनों दिनों के दौरान सदन में उपस्थित रहें।

सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन मांगा

वहीं. प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में सभी पार्टियों के सदन के नेताओं को पत्र लिखकर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को सर्वसम्मति से पारित कराने के लिए समर्थन मांगा, ताकि 2029 के चुनावों से पहले महिला आरक्षण का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा में सभी दलों के नेताओं को पत्र लिखकर समर्थन का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि इस संशोधन को पारित कराने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। अधिक से अधिक सांसदों को इस विषय पर संसद में अपने विचार रखने चाहिए। उन्होंने इसे किसी एक पार्टी या व्यक्ति से ऊपर का विषय बताया है।

‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़ा है मामला

पीएम मोदी ने शनिवार को लिखे गए अपने पत्र में कहा कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर एक ऐतिहासिक चर्चा शुरू होने जा रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र को और मजबूत बनाने तथा सभी को साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता को दोहराने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी समाज तभी प्रगति करता है, जब महिलाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और नेतृत्व करने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए महिलाओं की पूर्ण भागीदारी को आवश्यक बताया।

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने की आलोचना

प्रधानमंत्री के पत्र के जवाब में, मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह महिला सशक्तिकरण के बजाय राजनीतिक लाभ उठाने के लिए महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक के कार्यान्वयन में जल्दबाजी कर रही है। अपने जवाब में खरगे ने लिखा, "विशेष सत्र विपक्ष को विश्वास में लिए बिना बुलाया गया है और सरकार परिसीमन के संबंध में कोई भी विवरण साझा किए बिना ही एक बार फिर विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा कर रही है।" कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि अगर इस विशेष सत्र का उद्देश्य हमारे लोकतंत्र को मजबूत करना और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना है, तो सरकार को सुझाव है कि 29 अप्रैल के बाद किसी भी समय एक 'सर्वदलीय बैठक' बुलाए, ताकि परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा की जा सके, जिस मुद्दे को 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम में किए जा रहे संशोधन से जोड़ा जा रहा है।

संसद में पीएम मोदी और राहुल गांधी की मुलाकात, काफी देर तक हुई बातचीत

#mp_rahul_gandhi_met_pm_modi_inside_parliament

संवाद लोकतंत्र की बुनियादी जरूरत है। सियासत में वैचारिक मतभेद का मतलब संवाद की कमी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, ऐसा होता नहीं है। इसलिए तो आज देश की संसद के अंदर से आई एक तस्वीर चर्चा का विषय बन गई है। ये तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज संसद परिसर में अचानक ही आमने-सामने आ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर प्रधानमंत्री का अभिवादन किया। पीएम मोदी ने भी हाथ जोड़कर उनके अभिवादन को स्वीकार किया। यही नहीं दोनों ही नेताओं के बीच फिर काफी देर तक बातचीत होती रही।

दरअसल, आज महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती है। इस मौके पर संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर खास आयोजन रखा गया। इसी मौके पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद और लोकसभा स्पीकर समेत सियासी दिग्गज पहुंचे थे। इसी समारोह में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मुलाकात हुई।

इस मुलाकात का एक वीडियो खूब सुर्खियां बटोर रहा है। 1 मिनट 34 सेकेंड के इस वीडियो में पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। पहले तो पीएम ने बाकी खड़े सांसदों का अभिवादन किया फिर पीछे मुड़कर राहुल गांधी के पास आए। इसके बाद काफी देर तक आपस में बातचीत करते दिखे।

Holistic Medicine Conference 2026 में शामिल होंगे रायपुर के डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी

रायपुर- छत्तीसगढ़ के प्रख्यात होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अहम अवसर मिला है। उन्हें लंदन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित Holistic Medicine Conference 2026 में विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि के रूप में आमंत्रण प्राप्त हुआ है।

यह सम्मेलन 10 अप्रैल को लंदन के Houses of Parliament तथा 13 अप्रैल को University of Oxford में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न देशों के नीति-निर्माता, सांसद, चिकित्सक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल होकर समग्र चिकित्सा पद्धतियों पर मंथन करेंगे। इस दौरान देश के जाने-माने होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. नीतीश दूबे सहित कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहेंगी।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने अपने करियर की शुरुआत एक छोटे से क्लिनिक से की थी और आज वे अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच चुके हैं। अपनी मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने होम्योपैथी को समाज में नई पहचान दिलाई और हजारों मरीजों का सफल उपचार कर लोगों का भरोसा जीता।

कोरोना काल में निभाई अहम भूमिका

कोविड-19 महामारी के दौरान जब स्वास्थ्य सेवाएं दबाव में थीं, उस समय डॉ. त्रिवेदी ने निरंतर मरीजों की सेवा की। उन्होंने होम्योपैथी के माध्यम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी समाज में व्यापक सराहना हुई।

वैश्विक मंच पर रखेंगे भारत का दृष्टिकोण

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डॉ. त्रिवेदी होम्योपैथी की उपयोगिता, प्रभाव और भारत में इसके महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेंगे। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए गर्व का विषय है।

प्रदेश के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि

डॉ. त्रिवेदी की सफलता यह साबित करती है कि छोटे शहरों से निकलकर भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि युवाओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव, दोनों सदनों में दिया नोटिस

#noticesseekingmotionforremovalofcecgyaneshkumarsubmittedin_parliament

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का नोटिस संसद के दोनों सदनों में सौंप दिया है। PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि संसद के दोनों सदनों में विपक्ष की ओर से महाभियोग प्रस्ताव से संबंधित नोटिस सौंप दिए गए हैं।

लोकसभा के 130, राज्यसभा के 63 सांसदों के हस्ताक्षर

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा के 130 सांसदों ने और राज्यसभा के 63 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष के एक नेता ने बताया कि सांसदों ने नोटिस को लेकर काफी उत्साह दिखाया और आवश्यक संख्या पूरी हो जाने के बाद भी गुरुवार को कई सांसदों हस्ताक्षर किए। नियमों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नोटिस पर लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।

नोटिस में विपक्ष ने क्या आरोप लगाया?

बताया जा रहा है कि करीब 10 पन्नों वाले नोटिस में 7 बिंदु गिनाए गए हैं, जिनके आधार पर ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव किया गया है। विपक्षी दलों ने कई मौकों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मदद करने का आरोप लगाया है। खासकर मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर ) प्रक्रिया को लेकर। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है। खास तौर पर पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है।

क्या होती है सीईसी को पद से हटाने की प्रक्रिया ?

संविधान के अनुच्छेद 324 (5) में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने का प्रावधान किया गया है. इस अनुच्छेद के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए वैसी ही प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को हटाने की होती है। सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को उसके पद से हटाने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 124 (4) में किया गया है। इसमें साफ किया गया है कि जज को केवल दो आधार पर ही हटाया जा सकता है - दुर्व्यवहार और कार्य निष्पादन में अक्षमता। 124 (5) के मुताबिक संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत के द्वारा एक प्रस्ताव पारित करके राष्ट्रपति को किसी जज को हटाने की सिफारिश की जा सकती है। इस पूरी प्रक्रिया का कोई नाम तो नहीं दिया गया है लेकिन आम तौर पर इसे महाभियोग प्रस्ताव के नाम से जाना जाता है।

नाम लिए बिना नड्डा का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले-कांग्रेस को अबोध बालक का बंधन न बनाएं

#parliamentuproarjpnaddawithoutnamingrahulgandhitold

संसद के बजट सत्र में अमेरिका से डील और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब पर सातवें दिन भी हंगामा जारी है। विपक्षी सांसद राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोके जाने पर हंगामा करते रहे। लोकसभा शुरू होने के साथ ही सांसदों ने नारेबाजी की। इसके बाद 65 सेकंड के अंदर ही कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। 12 बजे कार्यवाही शुरू हुई, 5 मिनट बाद ही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचने की सलाह

वहीं राज्यसभा में भी राहुल गांधी को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाया गया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर जेपी नड्डा ने कहा कि लोकसभा की बात राज्यसभा मत करिए। कांग्रेस पार्टी को अहंकार से बचना चाहिए। पार्टी को अबोध बालक का बंधक न बनाएं।

नड्डा ने विपक्ष के रवैये पर उठाए सवाल

राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति की अनुमति से जेपी नड्डा ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर समय और सभी विषयों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में पीएम मोदी जवाब देने के लिए तैयार बैठे रहे, लेकिन विपक्ष ने लोकसभा को चलने नहीं दिया। जहां तक राज्यसभा का सवाल है, विपक्ष ने कहा कि सरकार भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बयान दे

हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

#pmnarendramodimediaaddressinparliament_house

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

आज से शुरू होगा संसद का बजट सत्र, राष्ट्रपति का अभिभाषण, 1 फरवरी को पेश होगा बजट

#parliamentbudgetsession2026start_today

संसद का बजट सत्र आज बुधवार से शुरू होने जा रहा है। आज बजट सत्र की शुरुआत लोकसभा में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। यह सत्र 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा और दो चरणों में विभाजित होगा। एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा।

संसद के बजट सत्र की शुरुआत आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधन के साथ होगी। राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद संसद में बृहस्पतिवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जो इस बार आम बजट से तीन दिन पहले लाया जा रहा है।

दो चरणों में चलेगा बजट सत्र

बजट सत्र को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला चरण आज से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद सत्र स्थगित रहेगा और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलने की संभावना है। इस अंतराल में संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों की गहन समीक्षा करेंगी।

बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक

सत्र के शुरू होने से पहले सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक कर विपक्ष से सहयोग की अपील की है। संसद के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर कल मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में 39 राजनीतिक दलों के मंत्रियों सहित 51 नेताओं ने हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक में विपक्षी सांसद वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR), MGNREGA योजना की जगह लेने वाले नई रोजगार गारंटी पर VB-G RAM G कानून सहित अन्य मुद्दों पर फिर से चर्चा कराने की मांग रखी। हालांकि सरकार की ओर से मनरेगा के नाम बदलने और एसआईआर से जुड़े मसलों पर बहस की मांग को ठुकरा दिया गया।