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मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी

#pmnarendramodiparliamentmonsoon_session

आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।

सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।

सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।

खाद्य प्रसंस्करण में निवेश को बढ़ावा, यूपी में 70 करोड़ रुपये की 9 परियोजनाओं को मिली संस्तुति

-  डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले- किसानों की आय बढ़ेगी, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर; पीएमएफएमई योजना में 99% लोन वितरण के साथ यूपी देश में नंबर-1

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने करीब 70 करोड़ रुपये की 9 निवेश परियोजनाओं को स्वीकृति के लिए संस्तुत किया है। डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा को समान प्राथमिकता दे रही है। सौर ऊर्जा आधारित औद्योगिक मॉडल उद्योगों की लागत कम करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों और निवेश सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापित करें।

-  11 प्रस्तावों में से 9 को मिली मंजूरी की संस्तुति
अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में आयोजित एप्रेजल समिति की बैठक में प्राप्त 11 निवेश प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इनमें से 70 करोड़ रुपये के 9 प्रस्तावों को निर्धारित शर्तों के साथ राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (SLEC) के समक्ष अनुमोदन के लिए भेजने की संस्तुति की गई। इनमें बरेली के 2, गोरखपुर के 2 तथा कानपुर नगर, ललितपुर, बदायूं, लखनऊ और हापुड़ के एक-एक प्रस्ताव शामिल हैं।

-  पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) योजना के तहत 99 प्रतिशत लोन डिस्बर्समेंट के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत लेटर ऑफ कम्फर्ट औसतन 20 दिनों में जारी किए जा रहे हैं, जबकि स्वीकृत इकाइयाँ अब औसतन 200 दिनों में संचालित होने लगी हैं। पहले यही प्रक्रिया लगभग 500 दिन लेती थी।

-  बैंकों को लंबित आवेदन जल्द निपटाने के निर्देश
बैठक में जुलाई के अंत तक 31 हजार स्वीकृत परियोजनाओं का लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया गया। समीक्षा में विभिन्न बैंकों के स्तर पर 6,208 आवेदन लंबित पाए गए। अपर मुख्य सचिव ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए।

- 'क्रेजी स्नैक्स' के आईपीओ की सफलता का उल्लेख
बैठक में गोरखपुर की खाद्य प्रसंस्करण इकाई क्रेजी स्नैक्स लिमिटेड के बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर आईपीओ सूचीबद्ध होने की जानकारी भी साझा की गई। कंपनी के प्रतिनिधि नवीन अग्रवाल को इस उपलब्धि पर सम्मानित किया गया। सरकार ने इसे पूर्वांचल में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की बढ़ती संभावनाओं का सकारात्मक संकेत बताया।
भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

ॉ#countrysfirsthydrogentrainpmmodiwillflagoftoday

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

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भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

Scholiphi Revolutionizes School Education with AI-Powered Personalized Learning

Your Child Was Never Invisible. Teachers Just Needed the Right Tool.That tool is finally here. Scholiphi's founders are building the AI that lets a teacher know every child as deeply as they always wished they could, and in doing so, quietly make the evening tuition class a thing of the past.

We've built a world where entertainment is personalised and education is one-size-fits-all. That's backwards. And the reason isn't technology. The technology already exists. It's that nobody has put it in the teacher's hands.

Now look at what machines already do. Netflix personalises hundreds of millions. A Meta ad reads billions of strangers it has never met and still guesses what each one wants, often before they've admitted it themselves. So here is the question nobody in education has answered: why does the one adult who actually knows your child have no way to personalise for a single class of 40 students?

That contradiction is the company Scholiphi's founders built. "If a feed can understand a stranger that well," ask the founders of Scholiphi, the AI-powered school operating system now spreading across India's Tier-1 and Tier-2 cities, "why shouldn't a school be able to understand its own child?" Scholiphi's answer is to hand teachers exactly what the algorithms have: the power to see each student individually and shape their notes, homework, and pace around them, only aimed at 40 children a teacher already knows by name, not billions they never will.

For the first time, the tool to do it actually exists. And it changes what a single teacher is capable of.

"You pay real school fees, year after year, so why does your child still need tuition in the evening?" No single teacher can reach forty children deeply enough for every one to walk out understanding, so whatever slips through goes to a tuition class. Scholiphi closes that gap inside the school itself. Its AI learns every student's pace, gaps, and curiosity, and every teacher's style; the teacher stays in command while the AI handles the repetitive work.

When kids understand in class, they don't need tuition in the evening. And because the AI handles the repetitive work, teachers save close to twenty-four hours a week, with no extra work added.

"A smart school puts a screen in front of the child," they say as we wrap up. "An intelligent school puts the child at the centre. That era has already started. We just intend to lead it."

Homeopathy in Hyderabad for Varicose Veins – Holistic Approach for Better Circulation and Comfort

Discover homeopathy in Hyderabad for varicose veins with personalized care. Learn about symptoms, causes, and holistic approaches to support vein health naturally.

Varicose veins are a condition where veins become enlarged, swollen, and twisted due to improper blood circulation. They commonly appear on the legs when the small valves inside the veins become weak and fail to maintain normal blood flow. This causes blood to collect within the veins, leading to visible changes and discomfort. Many people searching for homeopathy in Hyderabad prefer a holistic approach that focuses on individual health needs and overall well-being.

Although varicose veins are often noticed because of their appearance, they can also affect daily comfort. Common symptoms include bulging veins, leg pain, heaviness, swelling near the ankles, muscle cramps, itching around the affected area, and tiredness after standing for a long duration. Some individuals may experience discomfort that increases after prolonged sitting or physical strain.

Several reasons can contribute to the development of varicose veins. Family history, increasing age, pregnancy, excess body weight, hormonal changes, long working hours involving standing, and lack of regular exercise are some common risk factors. Understanding these factors and making healthy lifestyle changes can help support better vein function.

People choose homeopathy in Hyderabad because it provides a personalized approach based on the individual's complete health condition. During a detailed consultation, homeopathic doctors understand the patient's symptoms, daily routine, medical background, and overall wellness before preparing a suitable care plan. The focus of homeopathy in Hyderabad is to encourage the body's natural ability to maintain balance while addressing individual concerns through a holistic perspective.

Along with professional care, lifestyle improvements can play an important role in supporting healthy circulation. Regular walking, stretching exercises, maintaining a balanced weight, avoiding sitting or standing continuously for long periods, keeping the legs elevated during rest, staying hydrated, and following a nutritious diet can help improve overall comfort.

Spiritual Homeopathy provides trusted homeopathy in Hyderabad with a focus on personalized consultations and patient-centered care. The clinic follows a detailed approach to understand each patient's health concerns and provide customized guidance. With branches in KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, Spiritual Homeopathy supports patients looking for quality homeopathic care in Hyderabad.

If you are experiencing symptoms related to varicose veins and searching for reliable homeopathy in Hyderabad, consulting experienced professionals can help you understand your condition better and receive personalized healthcare guidance. Early attention and consistent care can support improved comfort and overall quality of life.

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10 Reasons Every Trader Should Learn the CRT + TBS Trading Strategy

1. Learn a Structured Trading Process 

A clear process makes it easier to analyse the market consistently instead of relying on emotions or guesswork.

 

2. Build Confidence Through Knowledge

 

Understanding why a setup forms is just as important as recognising it. A structured strategy helps traders develop confidence by learning the reasoning behind market movements.

 

3. Improve Your Price Action Skills

 

Rather than depending on multiple indicators, CRT + TBS encourages traders to study price movement and market structure in a systematic way.

 

4. Develop Better Trading Discipline

 

Patience is one of the most valuable skills in trading. Learning when not to trade can be just as important as learning when to enter a trade.

 

5. Reduce Unnecessary Complexity

 

Many traders overload their charts with indicators. A simplified framework allows you to focus on understanding the market instead of constantly changing tools.

 

6. Strengthen Risk Management

 

Every successful trader understands the importance of protecting capital. A structured trading plan works best when combined with disciplined risk management.

 

Buy the CRT + TBS Ebook here

 

7. Suitable for Different Experience Levels

 

Whether you're opening your first trading account or refining an existing strategy, the concepts can be studied and adapted as your knowledge grows.

 

8. Learn From Practical Examples

 

Seeing real market examples helps traders understand how a structured approach can be applied during market analysis.

 

9. Create Consistent Trading Habits

 

Long-term improvement comes from following the same disciplined process repeatedly, reviewing results, and learning from experience.

 

10. Invest in Your Trading Education

 

The best traders never stop learning. Building your knowledge today can help you become a more organised and confident trader over time.

 

What's Included in the CRT + TBS eBook?

 

Step-by-step lessons explaining the CRT + TBS framework.

 

Clear explanations of market structure and price action concepts.

 

Practical chart examples to reinforce learning.

 

Guidance on building a disciplined trading routine.

 

Risk management principles and trading psychology insights.

 

Easy-to-follow content suitable for self-paced learning.

 

Why Choose the CRT + TBS eBook ?

 

The CRT + TBS eBook has been created to make learning simple, organised, and practical. Instead of presenting complicated theories, it focuses on building a structured understanding of market analysis that traders can study at their own pace.

 

Whether your goal is to strengthen your market knowledge, improve your discipline, or develop a more consistent trading routine, this eBook provides a practical learning resource to support your journey.

Start learning the CRT + TBS Trading Strategy today and take the next step toward becoming a more informed, disciplined, and confident trader.

 

Disclaimer: This eBook is for educational purposes only. Trading financial markets involves risk, and no strategy can guarantee future results or profits.

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खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड देगा उत्कृष्ट इकाइयों को पुरस्कार, 18 जुलाई तक करें आवेदन

-  मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और पीएम रोजगार सृजन योजना के लाभार्थियों का होगा चयन, दिए जाएंगे पुरस्कार



लखनऊ। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'पुरस्कार योजना' के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्रामोद्योग इकाइयों और लाभार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। योजना के तहत चयनित इकाइयों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ए.के. गौतम ने बताया कि चयन उन इकाइयों का किया जाएगा, जिन्हें पिछले तीन वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना अथवा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है और जिन्होंने उत्पादन, बिक्री तथा रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

इच्छुक लाभार्थियों को अपनी प्रगति रिपोर्ट, उत्पादन एवं बिक्री का विवरण, बैंक से प्राप्त ऋण संबंधी जानकारी तथा रोजगार सृजन के आंकड़ों सहित आवेदन पत्र 18 जुलाई 2026 शाम 5 बजे तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैंट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में जमा करना होगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन जनपद स्तरीय चयन समिति करेगी। चयनित इकाइयों के प्रस्ताव आगे की प्रक्रिया के लिए परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग कार्यालय, लखनऊ मंडल को भेजे जाएंगे, जहां मंडल स्तर पर अंतिम चयन कर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्रामोद्योग इकाइयों को प्रोत्साहित करना तथा स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
जननी सुरक्षा योजना में फर्रुखाबाद ने रचा नया इतिहास, प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध लाभ पहुंचाने में बनाया नया क
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर उल्लेखनीय प्रदर्शन, 63वें स्थान से प्रदेश में द्वितीय स्थान तक पहुंचा जनपद, संस्थागत प्रसव एवं मातृ सुरक्षा को मिला नया आयाम
फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित जननी सुरक्षा योजना (JSY) में जनपद फर्रुखाबाद ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जनपद में गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग एवं टीमवर्क का परिणाम है।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित आंकड़ों के अनुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि में जनपद के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 4462 लाभार्थियों के संस्थागत प्रसव हुए, जिनमें से 3682 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का भुगतान किया गया। इस प्रकार जनपद ने 82.52 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करते हुए प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि पिछले माह जनपद का भुगतान प्रतिशत मात्र 19.36 प्रतिशत था तथा प्रदेश में 63वीं रैंक थी। अल्प समय में यह परिवर्तन स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली, नियमित समीक्षा, सतत अनुश्रवण एवं डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का परिणाम है।
क्या है जननी सुरक्षा योजना (JSY)?
जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 12 अप्रैल 2005 को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के अंतर्गत प्रारम्भ की गई एक महत्वपूर्ण सुरक्षित मातृत्व योजना है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में सुरक्षित प्रसव हेतु प्रोत्साहित करना है, ताकि प्रसव के दौरान होने वाली मातृ एवं नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
योजना के अंतर्गत पात्र गर्भवती महिलाओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराई जाती है। इससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध एवं सरल बनी है तथा बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
जननी सुरक्षा योजना का महत्व
जननी सुरक्षा योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं, बल्कि सुरक्षित मातृत्व की दिशा में भारत सरकार की सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक है।
इस योजना के माध्यम से—
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलता है।
मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी आती है।
नवजात शिशु मृत्यु दर (NMR) कम होती है।
प्रसव प्रशिक्षित चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स की निगरानी में होता है।
प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं का तत्काल उपचार संभव हो पाता है।
गरीब एवं वंचित परिवारों की महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध होती है।
प्रसवोत्तर देखभाल एवं नवजात की प्रारंभिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होती हैं।
गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाता है।
फर्रुखाबाद की उपलब्धि बनी प्रदेश के लिए उदाहरण
जनपद फर्रुखाबाद ने जिस प्रकार अल्प अवधि में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर अपनी स्थिति को बेहतर बनाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। पिछले माह जहां जनपद 63वें स्थान पर था, वहीं नियमित समीक्षा, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण, बैंक विवरणों के सत्यापन, पोर्टल पर समयबद्ध डेटा अपलोड तथा ब्लॉक स्तर पर निरंतर अनुश्रवण के फलस्वरूप जनपद प्रदेश में द्वितीय स्थान तक पहुंच गया।
यह उपलब्धि केवल एक रैंक नहीं, बल्कि उन हजारों गर्भवती महिलाओं के प्रति स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता एवं सेवा भावना का प्रमाण है जिन्हें समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराया गया।

नियमित मॉनिटरिंग, डिजिटल भुगतान व्यवस्था एवं टीमवर्क से मिली ऐतिहासिक सफलता
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद फर्रुखाबाद के उल्लेखनीय प्रदर्शन के पीछे स्वास्थ्य विभाग की निरंतर समीक्षा, डिजिटल भुगतान प्रणाली को गति देने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण तथा ब्लॉक स्तर पर प्रभावी अनुश्रवण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन एवं एसीएमओ (RCH) एवं नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव के सतत मार्गदर्शन में जननी सुरक्षा योजना के प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की गई। पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते, आधार सीडिंग, पोर्टल पर डेटा अपलोड एवं भुगतान प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी बाधाओं का निरंतर समाधान कराया गया, जिससे जनपद प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त करने में सफल रहा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला चिकित्सालय स्तर पर लंबित प्रकरणों की दैनिक समीक्षा की गई। जिन लाभार्थियों के भुगतान में बैंक विवरण, आधार प्रमाणीकरण अथवा पोर्टल संबंधी तकनीकी समस्याएं थीं, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर भुगतान प्रक्रिया को गति प्रदान की गई।
ब्लॉकवार प्रदर्शन रहा संतोषजनक
जननी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन में अधिकांश ब्लॉकों का प्रदर्शन सराहनीय रहा।
कमालगंज में 831 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 680 भुगतान दर्ज किए गए तथा भुगतान प्रतिशत 82 प्रतिशत से अधिक रहा।
मोहम्मदाबाद में 484 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 390 लाभार्थियों को भुगतान करते हुए लगभग 81 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई।
नवाबगंज में 327 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 268 भुगतान किए गए तथा आगे की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य जारी है।
शमसाबाद में भी लगभग 81 प्रतिशत भुगतान कर बेहतर प्रदर्शन किया गया।
राजेपुर एवं बढ़पुर ब्लॉकों में भी भुगतान प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया तथा लंबित प्रकरणों का निरंतर निस्तारण किया जा रहा है।
जनपद के सर्वाधिक संस्थागत प्रसव वाले कायमगंज ब्लॉक में 1155 प्रसव दर्ज किए गए। यहां अधिक संख्या होने के कारण भुगतान कार्य चुनौतीपूर्ण रहा, फिर भी अधिकांश पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा चुका है तथा शेष भुगतान प्रक्रिया तीव्र गति से जारी है।
जिला महिला चिकित्सालय, सिविल हॉस्पिटल तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा भी पात्र लाभार्थियों का समयबद्ध सत्यापन एवं भुगतान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।
डिजिटल व्यवस्था ने बढ़ाई पारदर्शिता
जननी सुरक्षा योजना में सभी भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किए जाते हैं। इससे भुगतान प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी हुई है तथा प्रत्येक भुगतान की ऑनलाइन निगरानी संभव हो सकी है।
मंत्रा पोर्टल एवं मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनपद में अधिकांश भुगतान प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। जिन मामलों में तकनीकी अथवा बैंकिंग संबंधी कारणों से भुगतान लंबित है, उनका भी शीघ्र निस्तारण कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस उपलब्धि में चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों एवं समस्त स्वास्थ्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक पंजीकरण, नियमित प्रसवपूर्व जांच हेतु प्रेरित करना, निर्धारित समय पर स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाना तथा प्रसव के उपरांत आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का कार्य किया गया।
एएनएम एवं स्टाफ नर्सों ने गर्भावस्था की नियमित निगरानी, सुरक्षित प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल तथा लाभार्थियों के अभिलेखों को समय पर पोर्टल पर दर्ज करने का कार्य किया। वहीं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।


भविष्य की कार्ययोजना : शत-प्रतिशत भुगतान एवं सुरक्षित मातृत्व पर विशेष फोकस
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना में प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करना जनपद के लिए गर्व का विषय है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल रैंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से जनपद में आगामी महीनों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
कार्ययोजना के अंतर्गत प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा बैंक खाते, आधार प्रमाणीकरण अथवा अन्य तकनीकी कारणों से लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पात्र महिला का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, प्रसवपूर्व जांच (ANC), उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP) की पहचान, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत नियमित जांच, संस्थागत प्रसव तथा प्रसवोत्तर देखभाल को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारों को संस्थागत प्रसव, समय पर जांच तथा जननी सुरक्षा योजना के लाभों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
हर पात्र महिला तक पहुंचे योजना का लाभ
एसीएमओ (RCH) एवं नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक गर्भवती महिला एवं नवजात शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि लाभार्थियों के दस्तावेजों का समय पर सत्यापन, पोर्टल पर प्रविष्टि तथा भुगतान संबंधी समस्त कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। साथ ही ब्लॉक स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर प्रगति की निगरानी की जा रही है।
सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
जननी सुरक्षा योजना ने जनपद में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ-साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ किया है। समय पर स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव होने से जटिल परिस्थितियों में तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो जाती है, जिससे मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता मिलती है। यही कारण है कि यह योजना सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक मानी जाती है।
फर्रुखाबाद का प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि स्वास्थ्य विभाग केवल योजनाओं का संचालन ही नहीं कर रहा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से आमजन तक वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जनसहभागिता का भी है महत्वपूर्ण योगदान
स्वास्थ्य विभाग ने जनपदवासियों से अपील की है कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण कराएं, सभी प्रसवपूर्व जांच अवश्य कराएं तथा प्रसव केवल सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में ही कराएं। इससे मां एवं शिशु दोनों सुरक्षित रहेंगे और पात्रता के अनुसार जननी सुरक्षा योजना का लाभ भी प्राप्त होगा।
समापन
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर जनपद फर्रुखाबाद ने यह सिद्ध किया है कि प्रभावी नेतृत्व, नियमित अनुश्रवण, डिजिटल भुगतान व्यवस्था एवं स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पित प्रयासों से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं तक जननी सुरक्षा योजना का लाभ पहुंचाने, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में निरंतर सुधार के लिए प्रयासरत रहेगा।
मानसून के साथ सत्र भी प्रोडक्टिव रहे...,संसद सत्र से पहले बोले पीएम मोदी

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आज से शुरू मानसून सत्र की कार्यवाही से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र हो, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून और मानसून सत्र प्रोडक्टिव रहे। इससे देश का कल्याण होता है।

सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ऐसे में जब ये मानसून सत्र आरंभ हो रहा है, देश ने स्पिरिट पकड़ ली है। संसद का सत्र उस स्पिरिट में ऊर्जा भर सकता है। सांसद किसी भी दल के हों, उनके पास लंबा अनुभव है। संसद में सार्थक चर्चा होना, मिलजुलकर देश को आगे ले जाने की चर्चा होना आज के वक्त की मांग है। तर्क-तथ्य के साथ सदन की चर्चा को मजबूत किया जाए, हर आवाज को सम्मान मिले। मैं सभी सांसदों को सदन में चर्चा के लिए निमंत्रण देता हूं।

सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर देश चल पड़ा है- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, पिछले 1 महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं। पिछ्ले वर्ष मानसून सत्र से ठीक पहले भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और परसों ही भारत के एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी सिद्धि प्राप्त की है। ये संयोग नहीं, बल्कि एक संदेश है। और बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम हैं। सुधार एक्सप्रेस पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है। उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं।

भारत ने 7.7 प्रतिशत का विकास दर बनाए रखा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। पेट्रोल, डीजल, LPG, फर्टिलाइजर और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए। इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा। यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है। इसी माहौल में मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है; देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद की भावना उस रफ्तार में नई ऊर्जा भरती है।

खाद्य प्रसंस्करण में निवेश को बढ़ावा, यूपी में 70 करोड़ रुपये की 9 परियोजनाओं को मिली संस्तुति

-  डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले- किसानों की आय बढ़ेगी, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर; पीएमएफएमई योजना में 99% लोन वितरण के साथ यूपी देश में नंबर-1

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने करीब 70 करोड़ रुपये की 9 निवेश परियोजनाओं को स्वीकृति के लिए संस्तुत किया है। डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने का प्रभावी माध्यम बनेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास और हरित ऊर्जा को समान प्राथमिकता दे रही है। सौर ऊर्जा आधारित औद्योगिक मॉडल उद्योगों की लागत कम करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत उपलब्ध प्रोत्साहनों और निवेश सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापित करें।

-  11 प्रस्तावों में से 9 को मिली मंजूरी की संस्तुति
अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में आयोजित एप्रेजल समिति की बैठक में प्राप्त 11 निवेश प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इनमें से 70 करोड़ रुपये के 9 प्रस्तावों को निर्धारित शर्तों के साथ राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (SLEC) के समक्ष अनुमोदन के लिए भेजने की संस्तुति की गई। इनमें बरेली के 2, गोरखपुर के 2 तथा कानपुर नगर, ललितपुर, बदायूं, लखनऊ और हापुड़ के एक-एक प्रस्ताव शामिल हैं।

-  पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) योजना के तहत 99 प्रतिशत लोन डिस्बर्समेंट के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। साथ ही, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत लेटर ऑफ कम्फर्ट औसतन 20 दिनों में जारी किए जा रहे हैं, जबकि स्वीकृत इकाइयाँ अब औसतन 200 दिनों में संचालित होने लगी हैं। पहले यही प्रक्रिया लगभग 500 दिन लेती थी।

-  बैंकों को लंबित आवेदन जल्द निपटाने के निर्देश
बैठक में जुलाई के अंत तक 31 हजार स्वीकृत परियोजनाओं का लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया गया। समीक्षा में विभिन्न बैंकों के स्तर पर 6,208 आवेदन लंबित पाए गए। अपर मुख्य सचिव ने सभी बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर उद्यमियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए।

- 'क्रेजी स्नैक्स' के आईपीओ की सफलता का उल्लेख
बैठक में गोरखपुर की खाद्य प्रसंस्करण इकाई क्रेजी स्नैक्स लिमिटेड के बीएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर आईपीओ सूचीबद्ध होने की जानकारी भी साझा की गई। कंपनी के प्रतिनिधि नवीन अग्रवाल को इस उपलब्धि पर सम्मानित किया गया। सरकार ने इसे पूर्वांचल में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की बढ़ती संभावनाओं का सकारात्मक संकेत बताया।
भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

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भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से चलेगी ट्रेन, जानिए क्या है खासियत

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भारत में आज पहली बार हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। इसके साथ ही हाइड्रोजन फ्यूल से ट्रेन शुरू करने वाला भारत दुनिया का पांचवां देश बन जाएगा।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया शेयर की ट्रेन की तस्वीरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाएंगे। लॉन्च से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्रेन की अंदर और बाहर की तस्वीरें भी शेयर की हैं। इन तस्वीरों में ट्रेन का ड्राइवर केबिन, यात्रियों के लिए बना कोच और स्टेशन पर खड़ी ट्रेन दिखाई दे रही है। हालांकि, 17 जुलाई को सिर्फ इसका उद्घाटन होगा। नियमित यात्री सेवा कब शुरू होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

पूरी तरह भारत में ही तैयार ट्रेन

इस ट्रेन से जुड़ी कई सारी खास बातें हैं। सबसे पहले तो इस ट्रेन को पूरी तरह भारत में ही तैयार किया गया है। आम ट्रेनों की तरह इसे डीजल से चलाने की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल से चलाया जाएगा। तीसरी खास बात ये है कि ये दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ज्यादा कैपेसिटी वाली हाइड्रोजन ट्रेनों में शामिल होगी। इससे प्रदूषण भी कम होगा और क्लीन एनर्जी को देश में बढ़ावा भी मिलेगा।

90 किमीटरकी दूरी क़रीब 2 घंटे में होगी तय

यह ट्रेन 1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रोपल्शन सिस्टम से संचालित होगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। जींद से सोनीपत के बीच एक तरफ की दूरी क़रीब 90 किलोमीटर है, जिसे यह ट्रेन क़रीब 2 घंटे में तय करेगी।

इन स्टेशनों पर होगा ठहराव

रेल मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, यह सेवा ट्रेन संख्या 74010 और 74009 के रूप में संचालित होगी। ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद से रवाना होगी और 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन संख्या 74009 10:40 बजे सोनीपत से रवाना होगी और दोपहर 1:00 बजे जींद पहुंचेगी। हाइड्रोजन फ्यूल ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांपेगा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खांडराई, गोहाना, राबड़ा, लाठ, मोहाना और बरवासनी स्टेशनों पर रुकेगी। इस तरह यह ट्रेन दिन में दो फेरे लगाएगी और हर रोज़ कुल क़रीब 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

हाइड्रोजन ट्रेन कैसे काम करती है?

सामान्य ट्रेनें कोयले, डीजल या बिजली से चलती हैं। भारतीय रेलवे के अनुसार, हाइड्रोजन ट्रेन में विशेष फ्यूल-सेल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक में हाइड्रोजन गैस की मदद से रासायनिक प्रक्रिया के जरिए बिजली उत्पन्न की जाती है, जिससे ट्रेन संचालित होती है। जहां डीजल इंजन काला धुआं छोड़ते हैं, वहीं हाइड्रोजन इंजन से केवल पानी की भाप निकलती है। अन्य पारंपरिक इंजनों की तुलना में हाइड्रोजन इंजन प्रदूषण नहीं फैलाता।

Scholiphi Revolutionizes School Education with AI-Powered Personalized Learning

Your Child Was Never Invisible. Teachers Just Needed the Right Tool.That tool is finally here. Scholiphi's founders are building the AI that lets a teacher know every child as deeply as they always wished they could, and in doing so, quietly make the evening tuition class a thing of the past.

We've built a world where entertainment is personalised and education is one-size-fits-all. That's backwards. And the reason isn't technology. The technology already exists. It's that nobody has put it in the teacher's hands.

Now look at what machines already do. Netflix personalises hundreds of millions. A Meta ad reads billions of strangers it has never met and still guesses what each one wants, often before they've admitted it themselves. So here is the question nobody in education has answered: why does the one adult who actually knows your child have no way to personalise for a single class of 40 students?

That contradiction is the company Scholiphi's founders built. "If a feed can understand a stranger that well," ask the founders of Scholiphi, the AI-powered school operating system now spreading across India's Tier-1 and Tier-2 cities, "why shouldn't a school be able to understand its own child?" Scholiphi's answer is to hand teachers exactly what the algorithms have: the power to see each student individually and shape their notes, homework, and pace around them, only aimed at 40 children a teacher already knows by name, not billions they never will.

For the first time, the tool to do it actually exists. And it changes what a single teacher is capable of.

"You pay real school fees, year after year, so why does your child still need tuition in the evening?" No single teacher can reach forty children deeply enough for every one to walk out understanding, so whatever slips through goes to a tuition class. Scholiphi closes that gap inside the school itself. Its AI learns every student's pace, gaps, and curiosity, and every teacher's style; the teacher stays in command while the AI handles the repetitive work.

When kids understand in class, they don't need tuition in the evening. And because the AI handles the repetitive work, teachers save close to twenty-four hours a week, with no extra work added.

"A smart school puts a screen in front of the child," they say as we wrap up. "An intelligent school puts the child at the centre. That era has already started. We just intend to lead it."

Homeopathy in Hyderabad for Varicose Veins – Holistic Approach for Better Circulation and Comfort

Discover homeopathy in Hyderabad for varicose veins with personalized care. Learn about symptoms, causes, and holistic approaches to support vein health naturally.

Varicose veins are a condition where veins become enlarged, swollen, and twisted due to improper blood circulation. They commonly appear on the legs when the small valves inside the veins become weak and fail to maintain normal blood flow. This causes blood to collect within the veins, leading to visible changes and discomfort. Many people searching for homeopathy in Hyderabad prefer a holistic approach that focuses on individual health needs and overall well-being.

Although varicose veins are often noticed because of their appearance, they can also affect daily comfort. Common symptoms include bulging veins, leg pain, heaviness, swelling near the ankles, muscle cramps, itching around the affected area, and tiredness after standing for a long duration. Some individuals may experience discomfort that increases after prolonged sitting or physical strain.

Several reasons can contribute to the development of varicose veins. Family history, increasing age, pregnancy, excess body weight, hormonal changes, long working hours involving standing, and lack of regular exercise are some common risk factors. Understanding these factors and making healthy lifestyle changes can help support better vein function.

People choose homeopathy in Hyderabad because it provides a personalized approach based on the individual's complete health condition. During a detailed consultation, homeopathic doctors understand the patient's symptoms, daily routine, medical background, and overall wellness before preparing a suitable care plan. The focus of homeopathy in Hyderabad is to encourage the body's natural ability to maintain balance while addressing individual concerns through a holistic perspective.

Along with professional care, lifestyle improvements can play an important role in supporting healthy circulation. Regular walking, stretching exercises, maintaining a balanced weight, avoiding sitting or standing continuously for long periods, keeping the legs elevated during rest, staying hydrated, and following a nutritious diet can help improve overall comfort.

Spiritual Homeopathy provides trusted homeopathy in Hyderabad with a focus on personalized consultations and patient-centered care. The clinic follows a detailed approach to understand each patient's health concerns and provide customized guidance. With branches in KPHB, Dilsukhnagar, Chandanagar, and Nallagandla, Spiritual Homeopathy supports patients looking for quality homeopathic care in Hyderabad.

If you are experiencing symptoms related to varicose veins and searching for reliable homeopathy in Hyderabad, consulting experienced professionals can help you understand your condition better and receive personalized healthcare guidance. Early attention and consistent care can support improved comfort and overall quality of life.

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10 Reasons Every Trader Should Learn the CRT + TBS Trading Strategy

1. Learn a Structured Trading Process 

A clear process makes it easier to analyse the market consistently instead of relying on emotions or guesswork.

 

2. Build Confidence Through Knowledge

 

Understanding why a setup forms is just as important as recognising it. A structured strategy helps traders develop confidence by learning the reasoning behind market movements.

 

3. Improve Your Price Action Skills

 

Rather than depending on multiple indicators, CRT + TBS encourages traders to study price movement and market structure in a systematic way.

 

4. Develop Better Trading Discipline

 

Patience is one of the most valuable skills in trading. Learning when not to trade can be just as important as learning when to enter a trade.

 

5. Reduce Unnecessary Complexity

 

Many traders overload their charts with indicators. A simplified framework allows you to focus on understanding the market instead of constantly changing tools.

 

6. Strengthen Risk Management

 

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7. Suitable for Different Experience Levels

 

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Disclaimer: This eBook is for educational purposes only. Trading financial markets involves risk, and no strategy can guarantee future results or profits.

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खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड देगा उत्कृष्ट इकाइयों को पुरस्कार, 18 जुलाई तक करें आवेदन

-  मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और पीएम रोजगार सृजन योजना के लाभार्थियों का होगा चयन, दिए जाएंगे पुरस्कार



लखनऊ। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'पुरस्कार योजना' के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्रामोद्योग इकाइयों और लाभार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। योजना के तहत चयनित इकाइयों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ए.के. गौतम ने बताया कि चयन उन इकाइयों का किया जाएगा, जिन्हें पिछले तीन वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना अथवा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है और जिन्होंने उत्पादन, बिक्री तथा रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

इच्छुक लाभार्थियों को अपनी प्रगति रिपोर्ट, उत्पादन एवं बिक्री का विवरण, बैंक से प्राप्त ऋण संबंधी जानकारी तथा रोजगार सृजन के आंकड़ों सहित आवेदन पत्र 18 जुलाई 2026 शाम 5 बजे तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैंट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में जमा करना होगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन जनपद स्तरीय चयन समिति करेगी। चयनित इकाइयों के प्रस्ताव आगे की प्रक्रिया के लिए परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग कार्यालय, लखनऊ मंडल को भेजे जाएंगे, जहां मंडल स्तर पर अंतिम चयन कर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्रामोद्योग इकाइयों को प्रोत्साहित करना तथा स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
जननी सुरक्षा योजना में फर्रुखाबाद ने रचा नया इतिहास, प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध लाभ पहुंचाने में बनाया नया क
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर उल्लेखनीय प्रदर्शन, 63वें स्थान से प्रदेश में द्वितीय स्थान तक पहुंचा जनपद, संस्थागत प्रसव एवं मातृ सुरक्षा को मिला नया आयाम
फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित जननी सुरक्षा योजना (JSY) में जनपद फर्रुखाबाद ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जनपद में गर्भवती महिलाओं को समयबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग एवं टीमवर्क का परिणाम है।
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित आंकड़ों के अनुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि में जनपद के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में 4462 लाभार्थियों के संस्थागत प्रसव हुए, जिनमें से 3682 महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना का भुगतान किया गया। इस प्रकार जनपद ने 82.52 प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करते हुए प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। उल्लेखनीय है कि पिछले माह जनपद का भुगतान प्रतिशत मात्र 19.36 प्रतिशत था तथा प्रदेश में 63वीं रैंक थी। अल्प समय में यह परिवर्तन स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली, नियमित समीक्षा, सतत अनुश्रवण एवं डिजिटल भुगतान व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का परिणाम है।
क्या है जननी सुरक्षा योजना (JSY)?
जननी सुरक्षा योजना भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 12 अप्रैल 2005 को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के अंतर्गत प्रारम्भ की गई एक महत्वपूर्ण सुरक्षित मातृत्व योजना है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर गर्भवती महिलाओं को सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में सुरक्षित प्रसव हेतु प्रोत्साहित करना है, ताकि प्रसव के दौरान होने वाली मातृ एवं नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
योजना के अंतर्गत पात्र गर्भवती महिलाओं को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में उपलब्ध कराई जाती है। इससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी, समयबद्ध एवं सरल बनी है तथा बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।
जननी सुरक्षा योजना का महत्व
जननी सुरक्षा योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं, बल्कि सुरक्षित मातृत्व की दिशा में भारत सरकार की सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक है।
इस योजना के माध्यम से—
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलता है।
मातृ मृत्यु दर (MMR) में कमी आती है।
नवजात शिशु मृत्यु दर (NMR) कम होती है।
प्रसव प्रशिक्षित चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स की निगरानी में होता है।
प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं का तत्काल उपचार संभव हो पाता है।
गरीब एवं वंचित परिवारों की महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध होती है।
प्रसवोत्तर देखभाल एवं नवजात की प्रारंभिक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित होती हैं।
गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाता है।
फर्रुखाबाद की उपलब्धि बनी प्रदेश के लिए उदाहरण
जनपद फर्रुखाबाद ने जिस प्रकार अल्प अवधि में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर अपनी स्थिति को बेहतर बनाया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। पिछले माह जहां जनपद 63वें स्थान पर था, वहीं नियमित समीक्षा, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण, बैंक विवरणों के सत्यापन, पोर्टल पर समयबद्ध डेटा अपलोड तथा ब्लॉक स्तर पर निरंतर अनुश्रवण के फलस्वरूप जनपद प्रदेश में द्वितीय स्थान तक पहुंच गया।
यह उपलब्धि केवल एक रैंक नहीं, बल्कि उन हजारों गर्भवती महिलाओं के प्रति स्वास्थ्य विभाग की संवेदनशीलता एवं सेवा भावना का प्रमाण है जिन्हें समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराया गया।

नियमित मॉनिटरिंग, डिजिटल भुगतान व्यवस्था एवं टीमवर्क से मिली ऐतिहासिक सफलता
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद फर्रुखाबाद के उल्लेखनीय प्रदर्शन के पीछे स्वास्थ्य विभाग की निरंतर समीक्षा, डिजिटल भुगतान प्रणाली को गति देने, लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण तथा ब्लॉक स्तर पर प्रभावी अनुश्रवण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन एवं एसीएमओ (RCH) एवं नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव के सतत मार्गदर्शन में जननी सुरक्षा योजना के प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा की गई। पात्र लाभार्थियों के बैंक खाते, आधार सीडिंग, पोर्टल पर डेटा अपलोड एवं भुगतान प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी बाधाओं का निरंतर समाधान कराया गया, जिससे जनपद प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त करने में सफल रहा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला चिकित्सालय स्तर पर लंबित प्रकरणों की दैनिक समीक्षा की गई। जिन लाभार्थियों के भुगतान में बैंक विवरण, आधार प्रमाणीकरण अथवा पोर्टल संबंधी तकनीकी समस्याएं थीं, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर भुगतान प्रक्रिया को गति प्रदान की गई।
ब्लॉकवार प्रदर्शन रहा संतोषजनक
जननी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन में अधिकांश ब्लॉकों का प्रदर्शन सराहनीय रहा।
कमालगंज में 831 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 680 भुगतान दर्ज किए गए तथा भुगतान प्रतिशत 82 प्रतिशत से अधिक रहा।
मोहम्मदाबाद में 484 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 390 लाभार्थियों को भुगतान करते हुए लगभग 81 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई।
नवाबगंज में 327 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष 268 भुगतान किए गए तथा आगे की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य जारी है।
शमसाबाद में भी लगभग 81 प्रतिशत भुगतान कर बेहतर प्रदर्शन किया गया।
राजेपुर एवं बढ़पुर ब्लॉकों में भी भुगतान प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया तथा लंबित प्रकरणों का निरंतर निस्तारण किया जा रहा है।
जनपद के सर्वाधिक संस्थागत प्रसव वाले कायमगंज ब्लॉक में 1155 प्रसव दर्ज किए गए। यहां अधिक संख्या होने के कारण भुगतान कार्य चुनौतीपूर्ण रहा, फिर भी अधिकांश पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा चुका है तथा शेष भुगतान प्रक्रिया तीव्र गति से जारी है।
जिला महिला चिकित्सालय, सिविल हॉस्पिटल तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा भी पात्र लाभार्थियों का समयबद्ध सत्यापन एवं भुगतान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।
डिजिटल व्यवस्था ने बढ़ाई पारदर्शिता
जननी सुरक्षा योजना में सभी भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में किए जाते हैं। इससे भुगतान प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी हुई है तथा प्रत्येक भुगतान की ऑनलाइन निगरानी संभव हो सकी है।
मंत्रा पोर्टल एवं मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जनपद में अधिकांश भुगतान प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। जिन मामलों में तकनीकी अथवा बैंकिंग संबंधी कारणों से भुगतान लंबित है, उनका भी शीघ्र निस्तारण कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस उपलब्धि में चिकित्सा अधिकारियों, स्टाफ नर्स, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों एवं समस्त स्वास्थ्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक पंजीकरण, नियमित प्रसवपूर्व जांच हेतु प्रेरित करना, निर्धारित समय पर स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाना तथा प्रसव के उपरांत आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का कार्य किया गया।
एएनएम एवं स्टाफ नर्सों ने गर्भावस्था की नियमित निगरानी, सुरक्षित प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल तथा लाभार्थियों के अभिलेखों को समय पर पोर्टल पर दर्ज करने का कार्य किया। वहीं प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।


भविष्य की कार्ययोजना : शत-प्रतिशत भुगतान एवं सुरक्षित मातृत्व पर विशेष फोकस
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना में प्रदेश स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करना जनपद के लिए गर्व का विषय है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य केवल रैंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से जनपद में आगामी महीनों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
कार्ययोजना के अंतर्गत प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा बैंक खाते, आधार प्रमाणीकरण अथवा अन्य तकनीकी कारणों से लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पात्र महिला का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।
जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण, प्रसवपूर्व जांच (ANC), उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP) की पहचान, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत नियमित जांच, संस्थागत प्रसव तथा प्रसवोत्तर देखभाल को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं स्वास्थ्य कर्मियों के माध्यम से गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिवारों को संस्थागत प्रसव, समय पर जांच तथा जननी सुरक्षा योजना के लाभों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
हर पात्र महिला तक पहुंचे योजना का लाभ
एसीएमओ (RCH) एवं नोडल अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक गर्भवती महिला एवं नवजात शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि लाभार्थियों के दस्तावेजों का समय पर सत्यापन, पोर्टल पर प्रविष्टि तथा भुगतान संबंधी समस्त कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। साथ ही ब्लॉक स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित कर प्रगति की निगरानी की जा रही है।
सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
जननी सुरक्षा योजना ने जनपद में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ-साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी सुदृढ़ किया है। समय पर स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव होने से जटिल परिस्थितियों में तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो जाती है, जिससे मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता मिलती है। यही कारण है कि यह योजना सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सबसे प्रभावी योजनाओं में से एक मानी जाती है।
फर्रुखाबाद का प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त करना इस बात का प्रमाण है कि स्वास्थ्य विभाग केवल योजनाओं का संचालन ही नहीं कर रहा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से आमजन तक वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जनसहभागिता का भी है महत्वपूर्ण योगदान
स्वास्थ्य विभाग ने जनपदवासियों से अपील की है कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीकरण कराएं, सभी प्रसवपूर्व जांच अवश्य कराएं तथा प्रसव केवल सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य संस्थान में ही कराएं। इससे मां एवं शिशु दोनों सुरक्षित रहेंगे और पात्रता के अनुसार जननी सुरक्षा योजना का लाभ भी प्राप्त होगा।
समापन
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त कर जनपद फर्रुखाबाद ने यह सिद्ध किया है कि प्रभावी नेतृत्व, नियमित अनुश्रवण, डिजिटल भुगतान व्यवस्था एवं स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पित प्रयासों से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं तक जननी सुरक्षा योजना का लाभ पहुंचाने, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में निरंतर सुधार के लिए प्रयासरत रहेगा।