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खामेनेई की मौत के बाद IRGC का अब तक के सबसे बड़े हमले का ऐलान, केमिकल हथियार के इस्तेमाल की धमकी

#tehranalikhameneiofficeemptiveattackisrael_us

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अमेरिकी औक इजरायली हमले में ईरान को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि खामेनेई की तेहरान स्थित उनके घर पर हुए हमले में मौत हो गई है। खामेनेई की मौत पर ईरान में 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने बदला लेने की धमकी दी है। उसने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ केमिकल हथियार के इस्तेमाल की धमकी दी है।

ईरानी राष्ट्रपति ने खामेनेई की हत्या का जवाब देने की खाई कसम

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खाई है। पेजेश्कियन ने खामेनेई की हत्या को एक बड़ा जुर्म बताया है। राष्ट्रपति कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि 'यह बड़ा जुर्म कभी भी बिना जवाब के नहीं रहेगा और इस्लामिक दुनिया और शिया मत के इतिहास में एक नया पन्ना खोलेगा। इस बड़े नेता का पवित्र खून एक तेज झरने की तरह बहेगा और अमेरिकी-जायोनी जुल्म और जुर्म को खत्म कर देगा।'

27 अमेरिकी बेसों पर ईरान का हमला

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिका और इस्राइल के हवाई हमलों के जवाब में पश्चिमी एशिया में 27 अमेरिकी बेसों और इस्राइल पर छठी लहर के हमलों की घोषणा की है। ईरानी स्टेट मीडिया के अनुसार, IRGC ने कहा कि इन हमलों में विस्तृत मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। इसका लक्ष्य क्षेत्र में अमेरिकी और इस्राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना है।

मध्य-पूर्व में कहां-कहां हैं अमेरिकी ठिकाने

मध्य-पूर्व में अमेरिका सेना के कई ठिकाने हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है। यहां से अमेरिका खाड़ी और आसपास के समुद्रों में अभियानों की देखरेख करता है। क़तर की राजधानी दोहा के पास मौजूद अल उदैद एयरबेस, मध्य पूर्व में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एयर ऑपरेशंस का मुख्यालय है। ये मध्य पूर्व में सबसे बड़ा अमेरिकी हवाई अड्डा है और यहां अमेरिका के करीब 10 हजार सैनिकों की मौजूदगी है। संयुक्त अरब अमीरात में अल धफरा यूएस एयर बेस भी अमेरिकी वायु सेना के लिए एक अमेरिकी वायु सेना के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है।

दुबई में अमेरिकी नौसेना का मुख्य बंदरगाह

दुबई में स्थित जेबेल अली बंदरगाह, अमेरिका का आधिकारिक सैन्य अड्डा नहीं है, लेकिन इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना का मुख्य बंदरगाह है। इसके अलावा अमेरिका इराक में ऐन अल असद हवाई अड्डे पर अपनी उपस्थिति बनाए रखता है। वहीं उत्तरी इराक में स्थित एरबिल हवाई अड्डा इस क्षेत्र में भी अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण जगह है।

सऊदी अमेरिकी सेना के अभियानों के लिए अहम

जहां तक सऊदी अरब की बात है वहां करीब 2,300 से अधिक अमेरिकी सैनिक सऊदी सरकार के साथ मिलकर एयर एंड मिसाइल डिफेंस मुहैया करवाते हैं। प्रिंस सुल्तान हवाई अड्डा अमेरिकी सेना के अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। जॉर्डन में, मुवफ्फ़क अल साल्टी हवाई अड्डा लेवांत क्षेत्र में अभियानों के लिए अमेरिकी वायु सेना सेंट्रल के 332वें एयर एक्सपेंडरी विंग के लिए महत्वपूर्ण है।

अमेरिका-इजराइल हमलों में अली ख़ामेनेई की मौत, चुप नहीं बैठेगा ईरान

#ayatollahkhameneikilledintehranusisrael_strike

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तेहरान पर इजरायली हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए।उनके साथ परिवार के चार और सदस्यों की भी जान गई है। ईरानी मीडिया ने भी इस खबर को कंफर्म किया है। ख़ामेनेई की मौत के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी की गई है।

ईरान के सरकारी मीडिया ने की खामेनेई की मौत की पुष्टि

ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह इस बारे में जानकारी दी और उन्हें शहीद कहा। सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने कहा कि सुप्रीम लीडर शहीद हो गए हैं। ईरान की अर्धसरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम और फार्स ने भी मौत की खबर जारी की है। खामेनेई की मौत पर ईरान में 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है। इसके कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर खामेनेई की मौत की घोषणा की थी।

तेहरान स्थित कंपाउंड में मारे गए खामेनेई

ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि खामेनेई की तेहरान स्थित उनके घर पर हुए हमले में मौत हो गई है। फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि खामेनेई जब अपने ऑफिस में ड्यूटी कर रहे थे, उसी समय उनकी हत्या कर दी गई। यह कंपाउंड तेहरान के बीच में यूनिवर्सिटी के पास है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने 40 दिनों के शोक की घोषणा की है।

ट्रंप ने खामेनेई की मौत को बताया ईरानियों के लिए इंसाफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में लिखा, 'इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई मर गए हैं। यह सिर्फ ईरान के लोगों के लिए इंसाफ नहीं है, बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनियाभर के कई देशों के उन लोगों के लिए भी है, जिनमें खामेनेई और उसके खून के प्यासे गुंडों ने मार डाला।' इसके पहले इजरायली अधिकारियों ने कहा था कि तेहरान में हुए हमले में खामेनेई की मौत हो गई है।

ईरान करेगा सबसे बड़ा हमला- IRGC

सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने ईरान के इतिहास में सबसे खतरनाक हमला शुरू करने की घोषणा की है। IRGC ने कहा कि यह हमला बस कुछ पलों में शुरू होगा और इस इलाके में कब्जे वाले इलाके इलाकों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। इसके पहले ईरान ने पुष्टि की थी कि इजरायल और अमेरिकी हमले में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है।

मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की शुरुआत: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर हमला,तेहरान समेत कई शहरों में धमाके

#middleeastisraelattackoniranexplosionheardin_tehran

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इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हो गई है। थोड़ी देर पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की है। तेहरान में इस समय तबाही का मंजर नजर आ रहा है। अमेरिका के साथ मिलकर यहूदी देश ने ईरान के राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी और एयरपोर्ट सहित 30 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला किया है।

राजधानी तेहरान में धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान के बीच वाले इलाके में तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। अभी तक नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इन शहरों में भी विस्फोट

वहीं कई ईरानी समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ईरान के विभिन्न शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं। तेहरान के अलावा, करमानशाह, क़ोम, लोरेस्तान, कराज और तबरीज़ उन शहरों में शामिल हैं जहां इन मीडिया आउटलेट्स ने विस्फोटों की पुष्टि की है।

इरायल-अमेरिका जॉइंट ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि इज़रायल ने अमेरिका के इशारे पर ही ईरान पर मिसाइलें दागीं हैं और यह हमला दोनों देशों का जॉइंट ऑपरेशन है। पिछले काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिका और ईरान में जल्द ही युद्ध शुरू हो सकता है और आज, शनिवार, 28 फरवरी को युद्ध का बिगुल बज गया है।

खामेनेई को सुरक्षित जगह ले जाया गया

हमलो के बीच ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामनेई को सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया है। एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एक 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है।

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था और इसका लक्ष्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि हमले बड़े दायरे में होंगे और इजरायल के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम चार दिन तक भारी हमले जारी रह सकते हैं। इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे साफ है कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं।

खामेनेई की मौत के बाद IRGC का अब तक के सबसे बड़े हमले का ऐलान, केमिकल हथियार के इस्तेमाल की धमकी

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अमेरिकी औक इजरायली हमले में ईरान को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि खामेनेई की तेहरान स्थित उनके घर पर हुए हमले में मौत हो गई है। खामेनेई की मौत पर ईरान में 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने बदला लेने की धमकी दी है। उसने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ केमिकल हथियार के इस्तेमाल की धमकी दी है।

ईरानी राष्ट्रपति ने खामेनेई की हत्या का जवाब देने की खाई कसम

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खाई है। पेजेश्कियन ने खामेनेई की हत्या को एक बड़ा जुर्म बताया है। राष्ट्रपति कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि 'यह बड़ा जुर्म कभी भी बिना जवाब के नहीं रहेगा और इस्लामिक दुनिया और शिया मत के इतिहास में एक नया पन्ना खोलेगा। इस बड़े नेता का पवित्र खून एक तेज झरने की तरह बहेगा और अमेरिकी-जायोनी जुल्म और जुर्म को खत्म कर देगा।'

27 अमेरिकी बेसों पर ईरान का हमला

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिका और इस्राइल के हवाई हमलों के जवाब में पश्चिमी एशिया में 27 अमेरिकी बेसों और इस्राइल पर छठी लहर के हमलों की घोषणा की है। ईरानी स्टेट मीडिया के अनुसार, IRGC ने कहा कि इन हमलों में विस्तृत मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। इसका लक्ष्य क्षेत्र में अमेरिकी और इस्राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना है।

मध्य-पूर्व में कहां-कहां हैं अमेरिकी ठिकाने

मध्य-पूर्व में अमेरिका सेना के कई ठिकाने हैं। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है। यहां से अमेरिका खाड़ी और आसपास के समुद्रों में अभियानों की देखरेख करता है। क़तर की राजधानी दोहा के पास मौजूद अल उदैद एयरबेस, मध्य पूर्व में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एयर ऑपरेशंस का मुख्यालय है। ये मध्य पूर्व में सबसे बड़ा अमेरिकी हवाई अड्डा है और यहां अमेरिका के करीब 10 हजार सैनिकों की मौजूदगी है। संयुक्त अरब अमीरात में अल धफरा यूएस एयर बेस भी अमेरिकी वायु सेना के लिए एक अमेरिकी वायु सेना के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है।

दुबई में अमेरिकी नौसेना का मुख्य बंदरगाह

दुबई में स्थित जेबेल अली बंदरगाह, अमेरिका का आधिकारिक सैन्य अड्डा नहीं है, लेकिन इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना का मुख्य बंदरगाह है। इसके अलावा अमेरिका इराक में ऐन अल असद हवाई अड्डे पर अपनी उपस्थिति बनाए रखता है। वहीं उत्तरी इराक में स्थित एरबिल हवाई अड्डा इस क्षेत्र में भी अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण जगह है।

सऊदी अमेरिकी सेना के अभियानों के लिए अहम

जहां तक सऊदी अरब की बात है वहां करीब 2,300 से अधिक अमेरिकी सैनिक सऊदी सरकार के साथ मिलकर एयर एंड मिसाइल डिफेंस मुहैया करवाते हैं। प्रिंस सुल्तान हवाई अड्डा अमेरिकी सेना के अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। जॉर्डन में, मुवफ्फ़क अल साल्टी हवाई अड्डा लेवांत क्षेत्र में अभियानों के लिए अमेरिकी वायु सेना सेंट्रल के 332वें एयर एक्सपेंडरी विंग के लिए महत्वपूर्ण है।

अमेरिका-इजराइल हमलों में अली ख़ामेनेई की मौत, चुप नहीं बैठेगा ईरान

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तेहरान पर इजरायली हवाई हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए।उनके साथ परिवार के चार और सदस्यों की भी जान गई है। ईरानी मीडिया ने भी इस खबर को कंफर्म किया है। ख़ामेनेई की मौत के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी की गई है।

ईरान के सरकारी मीडिया ने की खामेनेई की मौत की पुष्टि

ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह इस बारे में जानकारी दी और उन्हें शहीद कहा। सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने कहा कि सुप्रीम लीडर शहीद हो गए हैं। ईरान की अर्धसरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम और फार्स ने भी मौत की खबर जारी की है। खामेनेई की मौत पर ईरान में 40 दिनों का शोक घोषित किया गया है। इसके कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर खामेनेई की मौत की घोषणा की थी।

तेहरान स्थित कंपाउंड में मारे गए खामेनेई

ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि खामेनेई की तेहरान स्थित उनके घर पर हुए हमले में मौत हो गई है। फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि खामेनेई जब अपने ऑफिस में ड्यूटी कर रहे थे, उसी समय उनकी हत्या कर दी गई। यह कंपाउंड तेहरान के बीच में यूनिवर्सिटी के पास है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने 40 दिनों के शोक की घोषणा की है।

ट्रंप ने खामेनेई की मौत को बताया ईरानियों के लिए इंसाफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में लिखा, 'इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक, खामेनेई मर गए हैं। यह सिर्फ ईरान के लोगों के लिए इंसाफ नहीं है, बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनियाभर के कई देशों के उन लोगों के लिए भी है, जिनमें खामेनेई और उसके खून के प्यासे गुंडों ने मार डाला।' इसके पहले इजरायली अधिकारियों ने कहा था कि तेहरान में हुए हमले में खामेनेई की मौत हो गई है।

ईरान करेगा सबसे बड़ा हमला- IRGC

सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने ईरान के इतिहास में सबसे खतरनाक हमला शुरू करने की घोषणा की है। IRGC ने कहा कि यह हमला बस कुछ पलों में शुरू होगा और इस इलाके में कब्जे वाले इलाके इलाकों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। इसके पहले ईरान ने पुष्टि की थी कि इजरायल और अमेरिकी हमले में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है।

मिडिल ईस्ट में बड़े युद्ध की शुरुआत: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर हमला,तेहरान समेत कई शहरों में धमाके

#middleeastisraelattackoniranexplosionheardin_tehran

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इजरायल और ईरान के बीच जंग शुरू हो गई है। थोड़ी देर पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी की है। तेहरान में इस समय तबाही का मंजर नजर आ रहा है। अमेरिका के साथ मिलकर यहूदी देश ने ईरान के राष्ट्रपति भवन, खुफिया एजेंसी और एयरपोर्ट सहित 30 ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमला किया है।

राजधानी तेहरान में धमाके

ईरान की राजधानी तेहरान के बीच वाले इलाके में तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, धमाकों के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेहरान के रिपब्लिक इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं। अभी तक नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

इन शहरों में भी विस्फोट

वहीं कई ईरानी समाचार एजेंसियों ने पुष्टि की है कि ईरान के विभिन्न शहरों में विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गई हैं। तेहरान के अलावा, करमानशाह, क़ोम, लोरेस्तान, कराज और तबरीज़ उन शहरों में शामिल हैं जहां इन मीडिया आउटलेट्स ने विस्फोटों की पुष्टि की है।

इरायल-अमेरिका जॉइंट ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि इज़रायल ने अमेरिका के इशारे पर ही ईरान पर मिसाइलें दागीं हैं और यह हमला दोनों देशों का जॉइंट ऑपरेशन है। पिछले काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थीं कि अमेरिका और ईरान में जल्द ही युद्ध शुरू हो सकता है और आज, शनिवार, 28 फरवरी को युद्ध का बिगुल बज गया है।

खामेनेई को सुरक्षित जगह ले जाया गया

हमलो के बीच ईरानी राष्ट्रपति अयातुल्ला अली खामनेई को सुरक्षित ठिकाने पर भेज दिया गया है। एक ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि उन्हें एक 'सुरक्षित स्थान' पर ले जाया गया है।

इजरायल ने ईरान पर क्यों किया हमला?

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक ऑपरेशन कई महीनों से प्लान किया जा रहा था और इसका लक्ष्य ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि हमले बड़े दायरे में होंगे और इजरायल के साथ मिलकर कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया कि कम से कम चार दिन तक भारी हमले जारी रह सकते हैं। इराक के आसमान में भी क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे साफ है कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं।