रांची पुलिस की बड़ी फजीहत: ओरमांझी के बाद अब नामकुम में 'नशेड़ी' चूहों का आतंक, खा गए डोडा का सबूत और आरोपी हुए बरी।
रांची: राजधानी रांची में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिसिया अभियान को गहरा झटका लगा है। नामकुम थाना क्षेत्र में पुलिस की बड़ी लापरवाही के चलते अदालत ने डोडा तस्करी के दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने अदालत में तर्क दिया कि जब्त किए गए डोडा चूर्ण के सैंपल चूहों ने कुतर दिए और खुले आसमान में रखे होने के कारण माल खराब हो गया।
क्या था 2019 का मामला? 31 मई 2019 को नामकुम पुलिस ने कोलाड गांव के पास छापेमारी कर कार्तिक महतो और चुरू लोहरा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि उनके पास से 45 बोरियों में भरा लगभग 836 किलो डोडा, एक पिकअप वैन और दो मोटरसाइकिलें जब्त की गई थीं। इसके बाद एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू हुई थी।
अदालत में क्यों फेल हुई पुलिस? अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस की जांच प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां और विरोधाभास पाए, जिसके कारण आरोपियों को संदेह का लाभ मिला:
चूहों का 'हमला': पुलिस ने अदालत में बताया कि FSL जांच के लिए रखे गए प्लास्टिक बॉक्स चूहों ने कुतर दिए। चार में से केवल एक ही बॉक्स सील बचा था, बाकी चूहों की भेंट चढ़ गए।
बयानों में भारी विरोधाभास: जब्ती को लेकर गवाहों के बयान अलग-अलग थे। किसी ने कुल वजन 200 किलो बताया, तो किसी ने 15 किलो प्रति बोरा। वहीं जांच अधिकारी (IO) ने इसे 836 किलो बताया।
नियमों की अनदेखी: एनडीपीएस एक्ट की धारा 42 के तहत गुप्त सूचना की जानकारी वरीय अधिकारियों को लिखित में देना अनिवार्य है, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया।
कागजी खानापूर्ति में चूक: जब्ती सूची सुबह 4 बजे बनी, जबकि गिरफ्तारी मेमो सुबह 8:30 बजे का दिखाया गया, जिसने पुलिस की पूरी कहानी को संदेहास्पद बना दिया।
कोई स्वतंत्र गवाह नहीं: पुलिस ने इस बड़ी कार्रवाई में किसी भी स्थानीय या स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया था।
अदालत का फैसला मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष बुनियादी तथ्यों को सिद्ध करने में विफल रहा है। साक्ष्यों के अभाव और जांच में भारी लापरवाही को देखते हुए 16 अक्टूबर 2025 को अदालत ने दोनों आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया।






Jan 03 2026, 19:45
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
2.0k