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*छत्तीसगढ़: इस्पात संयंत्र में बड़ा हादसा, ब्लास्ट में 6 की मौत, 4 मजदूर गंभीर*
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लोकसभा में रिजिजू ने पेश किया वक्फ संशोधन बिल, बोले- धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी सरकार
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देशभर के वक्फ बोर्डों में जवाबदेही व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वक्फ संशोधन विधेयक आज लोकसभा में पेश किया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। इसके जरिये मौजूदा वक्फ कानून में बदलाव किया गया है। लोकसभा में वक्फ बिल पर चर्चा करते हुए किरेन रिजिजू ने साफ किया कि वक्फ बिल में धार्मिक कार्यकलापों में हस्तक्षेप का प्रावधान नहीं है। मुझे न केवल उम्मीद है, बल्कि मुझे पूरा यकीन है कि इस विधेयक का विरोध करने वालों के दिलों में भी बदलाव आएगा। हर कोई सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ इस विधेयक का समर्थन करेगा।
... हम बैठे हैं, वह भी वक्फ की संपत्ति होती- रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि साल 2013 में यूपीए सरकार ने वक्फ बोर्ड को ऐसा अधिकार दिया कि वक्फ बोर्ड के आदेश को किसी सिविल अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। वक्फ के किसी आदेश को चुनौती नहीं दी जा सकती थी। रिजिजू ने कहा कि अगर यूपीए सरकार सत्ता में होती तो संसद इमारत, एयरपोर्ट समेत पता नहीं कितनी इमारतों को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया जाता क्योंकि इन पर भी दावा किया जा रहा था।
विधेयक सिर्फ संपत्ति के प्रबंधन का मामला- रिजिजू
केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि वक्फ संशोधन विधेयक से सरकार धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी, ये विधेयक सिर्फ संपत्ति के प्रबंधन का मामला है। कोई मुसलमान जकात देता है तो उसे पूछने वाले हम कौन होते हैं। हम तो बस उसके मैनेजमेंट से जुड़ी बात कर रहे हैं। इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति भारत में- रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति भारत में है। ऐसा कहा जाता है कि भारत में रेलवे और रक्षा क्षेत्र के बाद तीसरी सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास है, लेकिन रेलवे और रक्षा क्षेत्र की संपत्ति देश की संपत्ति है, जबकि वक्फ बोर्ड की संपत्ति निजी संपत्ति है। वक्फ बोर्ड के पास लाखों एकड़ जमीन और लाखों करोड़ की संपत्ति है तो देश के गरीब मुसलमानों के लिए इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है?
क्यों लाया जा रहा, रिजिजू ने दिया इसका जवाब
वक्फ बिल क्यों लाया जा रहा? इसका जवाब संसद में किरेन रिजिजू ने दिया है। उन्होंने कहा कि हम मुस्लिम महिलाओं और बच्चों को उनका हक देकर बड़े सुधार ला रहे हैं। हमने यह स्वीकार कर लिया है कि यदि सरकारी भूमि पर विवाद उत्पन्न होता है तो कलेक्टर से ऊपर का अधिकारी निर्णय लेगा। किरेन रिजिजू ने कहा कि नए वक्फ बिल का नाम ‘उम्मीद’ हो गया है। इस संशोधित बिल से न केवल नया सवेरा आने वाला है। जबकि करोड़ों मुसलमानों को इसका फायदा भी होगा। मुसलमानों ने बिल का स्वागत किया है। बोर्ड के ऑडिट करने का भी प्रावधान रखा गया है। इस बिल के बाद असल पता चलेगा कि कितनी प्रॉपर्टी वक्फ बोर्ड के पास हैं।
संसद में वक्फ बिल पेश करने की प्रक्रिया शुरू, रिजिजू बोले-कल तारीख बता देंगे
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वक्फ संशोधन विधेयक कब आएगा इसे लेकर चर्चा का दौर जारी है। इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि संसद में वक्फ बिल पेश करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। बिल पर संसद के बाहर खूब विचार-विमर्श हुए हैं। हमें सदन में बहस और चर्चा में भी जरूर भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार विधेयक के प्रावधानों से जुड़े हर सवाल का जवाब देने को तैयार है।
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अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मेरी सभी से अपील है कि जब हम संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर रहे हैं, तो हमें सदन में बहस और चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। संसद के बाहर, रिकॉर्ड संख्या में परामर्श और विचार-विमर्श हुए हैं।
किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि जेपीसी ने लोकतांत्रिक भारत के इतिहास में अब तक की सबसे व्यापक परामर्श प्रक्रिया और सर्वोच्च प्रतिनिधित्व का रिकॉर्ड बनाया है। अब जबकि विधेयक तैयार है, मैं सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध करना चाहूंगा कि वे इसमें भाग लें और संसद के पटल पर अपने विचार रखें।
किरेन रिजिजू ने कहा कृपया इस मामले को लेकर लोगों को गुमराह न करें। उन्होंने कहा कि भोले-भाले मुसलमानों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि सरकार मुसलमानों की संपत्ति और अधिकार छीनने जा रही है। उन्होंने कहा कि हम कल तारीख बता देंगे की वक्फ बिल कब ला रहे। सरकार की तैयारी पूरी है।
गृह मंत्री अमित शाह ने 29 मार्च को एक निजी चैनल से बातचीत में इसी सत्र (बजट सत्र) में वक्फ बिल संसद में पेश करने की बात कही थी। शाह ने कहा था कि इस बिल से किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है।
माना जा रहा है कि वक्फ संशोधन बिल को 2 अप्रैल को संसद में पेश किया जा सकता है। सरकार पहले लोकसभा में बिल पेश करेगी। सत्र 4 अप्रैल तक चलेगा।
इससे पहले आज ही केरल के कैथोलिक बिशप्स काउंसिल (केसीबीसी) ने राज्य के सांसदों से केंद्र सरकार के इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की। इस पत्र को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा करते हुए रिजिजू ने कहा, खुद अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य होने के नाते वे इस अपील का स्वागत करते हैं। बता दें कि केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री रिजिजू बौद्ध धर्म के मानने वाले हैं। खुद राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने भी उनकी इस पहचान को रेखांकित कर इसे भारत के लिए गौरवशाली तथ्य बताया था।
कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण पर राज्यसभा में हंगामा, रिजिजू-नड्डा ने कांग्रेस को सुनाया, खड़गे ने दिया जवाब
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संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में सोमवार में खूब हंगामा देखा गया। मुस्लिम आरक्षण को लेकर कांग्रेस नेता और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बयान पर बीजेपी खूब आगबबूला है। राज्यसभा में सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण से जुड़ा मुद्दा उठाया। सदन में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर एक के बाद एक आरोप लगाए। जिनका कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जवाब दिया। खरगे के जवाब के बाद भी हंगामा जारी रहा। इसके बाद कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
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खड़गे से पार्टी का रुख़ स्पष्ट करने की मांग
रिजिजू ने राज्यसभा में इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे से पार्टी का रुख़ स्पष्ट करने की मांग की। रिजिजू ने यह मांग कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस बयान का हवाला देते हुए की थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को आरक्षण देने के लिए संविधान में बदलाव करने की बात कही थी।
किरेन रिजिजू ने कहा, कांग्रेस के एक वरिष्ठ और जिम्मेदार नेता, जो एक संवैधानिक पद पर हैं, उन्होंने एक बयान दिया कि वो भारत के संविधान में बदलाव करना चाहते हैं ताकि कर्नाटक में मुस्लिम समुदाय को सार्वजनिक अनुबंधों में आरक्षण दिया जा सके। हम इस बयान को हल्के में नहीं ले सकते हैं। इस तरह का बयान किसी साधारण नेता ने दिया होता, तो हम सदन के बाहर भी जवाब दे सकते थे। मगर, यह बयान एक ऐसे व्यक्ति की ओर से आया है, जो एक संवैधानिक पद पर हैं।
रिजिजू ने कहा, उन्होंने साफ-साफ यह कहा है कि कांग्रेस पार्टी मुस्लिम समुदाय को आरक्षण मुहैया करवाएगी और उसके लिए वो भारत के संविधान में बदलाव करेंगे। यह अत्यंत गंभीर बात है। यह वो मामला है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
कांग्रेस संविधान को टुकड़े-टुकड़े कर रही-नड्डा
वहीं, सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान को टुकड़े-टुकड़े कर रही है। डॉ आंबेडकर ने भारतीय संविधान बनाते समय स्पष्ट रूप से कहा था कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाएगा। यह भारत के संविधान का एक स्वीकृत सिद्धांत है। कर्नाटक सरकार ने अल्पसंख्यकों को सार्वजनिक अनुबंधों में चार प्रतिशत आरक्षण दिया है। इस पर उन्होंने खरगे से बयान देने की मांग की।
खड़गे ने दिया आरोपों का जवाब
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि भारत के संविधान को बचाने का काम केवल कांग्रेस ने किया है। उन्होंने ये भी कहा कि संविधान को बदलने की कोई संभावना नहीं है और यह सब अफवाहें फैलाने का प्रयास हैं। हम ही वे लोग हैं जिन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा की थी और भाजपा वाले वे लोग हैं जो भारत तोड़ो में विश्वास करते हैं। उन्होंने आगे बोलने की कोशिश की लेकिन भाजपा सांसदों की नारेबाजी के कारण बार-बार उनकी बात बाधित हुई। खरगे ने कहा कि हम भारतीय संविधान के रक्षक हैं।
किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर बड़ा आरोप, बोले-पार्टी ने षड्यंत्र करके भीमराव अंबेडकर को लोकसभा चुनाव में हराया
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* केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने आज लोकसभा में भीमराव आंबेडकर का जिक्र कर कांग्रेस पर निशाना साधा। किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने षड्यंत्र करके भीमराव अंबेडकर को लोकसभा चुनाव में हराया था। इसके लिए कांग्रेस को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1990 तक बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया? वहीं, नेहरू जी और इंदिरा गांधी ने खुद को भारत रत्न दिया था। लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दूसरे दिन संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाबा साहेब आंबेडकर के पत्र का जिक्र करते कई बातें बताईं। रिजिजू ने कहा कि कानून मंत्री के पद पर जाने से पहले मेरे मन में सुबह यही आया कि पहले कानून मंत्री बाबा साहेब ने आखिर इस्तीफा क्यों दिया? उन्हें आर्किटेक्ट ऑफ कॉन्स्टिट्यूशन कहा जाता था। उन्होंने कहा कि मैंने ढूंढ करके उस पत्र को पढ़ा है। बाबा साहेब आंबेडकर ने नेहरू जी को लिखा था। लंबा पत्र है, उसके कुछ हिस्से का जिक्र करूंगा। रिजिजू ने लोकसभा में बताया कि बाबा साहेब आंबेडकर ने कानून मंत्री के पद से जो इस्तीफा दिया उसमें शुरू में ही मेंशन किया कि अक्सर जब मंत्री कैबिनेट से इस्तीफा देते हैं तो कारण बताना चाहिए। मैं बिना कारण बताए भी इस्तीफा दे सकता था लेकिन मुझे लगता है कि इस्तीफे में ही मुझे कारण बताना चाहिए। उन्होंने पत्र में अच्छे से जिक्र किया। पहले कैबिनेट में सभी पार्टियों के लोग थे। पहली लिस्ट में बाबा साहेब का नाम नहीं था। बाद में जोड़ा गया और कानून मंत्री बना गया। किरन रिजिजू ने आगे कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी कैबिनेट में थे। जब भीम राव आंबेडकर को लॉ मिनिस्ट्री दिया गया तो उन्होंने पंडित नेहरू से कहा कि आपने मुझे मंत्री बनाया तो बहुत अच्छा है। जब देशभर में आजादी मिल गई है,संविधान बन गया है तो देश को आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता क्या है। बाबा साहेब जितना पढ़ा लिखा कोई नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता इकोनॉमी है। मुझे लॉ के अलावा वित्त मंत्रालय दे दीजिए। न हो तो कैबिनेट कमिटी में ही जगह दे दीजिए,लेकिन किसी भी कैबिनेट कमिटी में उन्हें मेंबर नहीं रखा गया। बाबा साहेब को लगने लगा कि मुझे तो प्रॉसेस में भी इन्वॉल्व नहीं कर रहे। प्लानिंग पोर्टफोलियों का वादा किया था नेहरू जी ने,लेकिन वह भी नहीं दिया। इसलिए बाबा साहेब ने इस्तीफा दे । उन्होंने पत्र में क्या लिखा,उसे सबको पढ़ना चाहिए। आगे किरन रिजिजू ने 1990 तक बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न नहीं देने पर भी सवाल उठाया। किरन रिजिजू ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि साल 1956 से 1990 तक आपने बाबा साहेब को भारत रत्न क्यों नहीं दिया? नेहरू और इंदिरा गांधी ने खुद को भारत रत्न दिया। आप कारण बताइए आपके शासन काल में बाबा साहेब आंबडेकर को भारत रत्न से क्यों नहीं नवाजा गया? सबसे पहले भारत रत्न अगर किसी को देना चाहिए तो बाबा साहेब को देना चाहिए था। रिजिजू ने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से बीपी सिंह की सरकार बनी तब अंबेडकर जी को भारत रत्न दिया गया था. हमारा मानना है कि अगर देश में किसी को पहला भारत रत्न मिलना था तो अंबेडकर जी को मिलना चाहिए था। उन्होंने आगे कहा कि अंबेडकर जी के जन्म स्थल को तीर्थ स्थल के तौर पर विकसित किया गया है। लंदन में जहां अंबेडकर जी ने पढ़ाई की थी, उस घर को मोदी जी के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार ने खरीद कर अंबेडकर म्यूजियम बनाया है। दिल्ली में बाबा साहब इंटरनेशनल मेमोरियल सेंटर बनाया गया है।
रिजिजू ने बिना नाम लिए राहुल गांधी को जमकर सुनाई खरी-खरी, जानें भारत में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर क्या कहा?
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लोकसभा में संविधान पर चर्चा का आज दूसरा दिन है। संविधान पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा अपनाए गए सिद्धांतों पर गर्व व्यक्त किया और संविधान की भावना के साथ इसके संरेखण पर जोर दिया। अपने संबोधन में रिजिजू ने कहा, मुझे गर्व है कि जब प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल शुरू हुआ, तो उन्होंने संविधान की उसी भावना का पालन करते हुए अपनी सरकार का मंत्र इस देश के सामने रखा. और वह मंत्र है सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास।
यूरोपियन यूनियन में 38 फीसदी लोग भेदभाव का शिकार हुए-रिजिजू
संविधान पर चर्चा के दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उनपर हमला बोला। किरेन रिजिजू ने संविधान पर चर्चा के दौरान कहा, 'एक सर्वे है, ग्लोबल सर्वे है। हम सबने पढ़ा है। सेंटर फॉर पॉलिसी ऐनालिसिस इन यूरोपियन यूनियन के सर्वे के मुताबिक ईयू में 38 प्रतिशत लोग भेदभाव का शिकार हैं, जिसमें ज्यादातर मुस्लिम हैं। फ्रांस में भेदभाव की कई बाते हैं। बुर्का पर प्रतिबंध को लेकर ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपत्ति की और भेदभाव बताया। स्पेन में मुसलमानों के खिलाफ आंतरिक घृणा अपराधों की रिपोर्ट इतनी अधिक है, इसका भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। पाकिस्तान की स्थिति आप जानते हैं, बांग्लादेश में क्या होता है, आप लोग जानते हैं कि अफगानिस्तान में सिखों, हिंदुओं, ईसाइयों के साथ क्या हुआ है।
जब कोई समस्या होती है तो भारत की शरण में आते हैं लोग- रिजिजू
रिजिजू ने आगे कहा, चाहे तिब्बत हो या म्यांमार, श्रीलंका हो या बांग्लादेश, पाकिस्तान हो या अफगानिस्तान, अगर अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार होता है या कोई समस्या आती है, तो सबसे पहले वे भारत आते हैं। भारत सेफ है, इसलिए तो आते हैं। घर-परिवार में भी झगड़े होते हैं। इसको भारत में अल्पसंख्यकों को कोई जगह नहीं दी जा रही है, सिखों को गुरुद्वारा नहीं जाने दिया जा रहा है, मुसलमानों को दरगाह नहीं जाने दिया जा रहा है, ऐसा क्यों कहते हैं। मैं यह कह रहा हूं कि ऐसी बातें नहीं कही जानी चाहिए जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचे, मैं यह किसी एक पार्टी के लिए नहीं कह रहा हूं। मैं यह देश के लिए कह रहा हूं।
कब तक कठपुतली की तरह नाचते रहेंगे मुसलमान?” हरियाणा-कश्मीर के चुनावी नतीजों से पहले रिजिजू का सवाल*
#kiren_rijiju_targets_congress_keeping_muslims_as_vote_bank
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मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री और तीसरे कार्यकाल में संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे किरेन रिजिजू ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर हिंदुओं को बांटने के साथ मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस पार्टी पर हिंदुओं को बांटने के साथ मुस्लिम तुष्टिकरण का भी आरोप लगाया। इसके साथ ही वीडियो शेयर करते हुए रिजिजू ने अंग्रेजी की दो लाइनें लिखीं। पहले में उन्होंने मुसलमानों को वॉर्निंग देते हुए कहा, 'My warning to the Muslims: Do not become vote bank of the Congress!' दूसरी लाइन में उन्होंने हिंदुओं और अन्य को वॉर्निंग दी। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की बांटो और राज करो वाली नीतियों के पीड़ित न बनें। किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि कांग्रेस मुसलमानों को अपना वोट बैंक मानती है। चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी कहती है कि उसका 15 प्रतिशत वोट शेयर मुस्लिम वोट आरक्षित है। ये पार्टी की मानसिकता दर्शाता है। ये पार्टी की मानसिकता दर्शाता है और ये मुसलमानों के लिए भी बड़ा नुकसान है। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस का मूल प्लान ही यही है कि मुसलमानों को वोट बैंक बनाकर रखो और हिंदुओँ को बांटो। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इसलिए आजकल राहुल गांधी के मुंह से एससी-एसटी, ओबीसी जैसे शब्द निकल रहे हैं। एससी, एसटी, ओबीसी के अंदर की जो तकलीफें हैं उसका एबीसीडी भी राहुल गांधी को पता नहीं है लेकिन हर वक्त उनके मुंह से एससी, एसटी, ओबीसी निकलता रहता है। उनको इसी बात का पाठ पढ़ाया गया है। उन्होंने मुसलमान को वोट बैंक बनाया और अब एसटी, एससी, ओबीसी को हिंदुओं में विभाजित करके वोट हासिल करना चाहते हैं। इससे देश को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। रिजिजू ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए काम शुरू कर दिया है। पीएम मोदी के इस अभियान को बाधित करने के लिए कांग्रेस ने डिवाइड एंड रूल की पॉलिसी को अपनाया है। अंग्रेजों ने भी हिंदुओं को विभाजित किया अब और कांग्रेस पार्टी फिर से हिंदुओं को विभाजित करना चाहती है। मैं समझता हूं देश को सबसे ज्यादा नुकसान ऐसी चीज से होगा। ऐसे में हमको संगठित रहना होगा। हम मुसलमानों से भी कहना चाहेंगे कि कब तक आप कांग्रेस का वोट बैंक बनकर कठपुतली की तरह नाचते रहेंगे। पीएम मोदी ने समाज के हर तबके के लिए काम किया है। सरकार की योजनाओं का सबको लाभ मिल रहा है।
जाकिर नाइक ने उगला जहर तो केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने दिया जवाब, बोले-'मुसलमानों को गुमराह न करें
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भारत से भागकर मलेशिया में छुपे जाकिर नाइक ने एक बार फिर जहरीला बयान देकर भारत के मुसलमानों को भड़काने का प्रयास किया है। भगोड़े इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक पर वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर भारतीय मुसलमानों को बरगलाने की कोशिश की है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जाकिर को इसका करारा जवाब दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि, वो भारत में मुसलमानों को गुमराह न करें।
केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड को रेगुलेट करने के लिए बिल लाइ थी जिस पर जेपीसी विचार कर रही है वहीं एक वर्ग ऐसा है जो इस बिल का विरोध कर रहा है। ऐसी माहौल में इस्लामिक कट्टरपंथी उपदेशक जाकिर नाइक ने एक्स पर इस मसले को लेकर एक पोस्ट किया था।
रिजिजू ने नाइक के पोस्ट को भ्रामक और झूठा प्रचार बताया है। उन्होंने कहा, 'कृपया हमारे देश के बाहर से निर्दोष मुसलमानों को गुमराह न करें। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोगों को अपनी राय रखने का अधिकार है। दुष्प्रचार से गलत नैरेटिव बनते हैं।
रिजिजू ने इससे पहले संसद में कहा था कि वक्फ बोर्ड पर 'कुछ लोगों' का कब्जा हो गया है और यह विधेयक आम मुसलमानों को न्याय देने के लिए लाया गया है।
इससे पहले जाकिर नाइक ने रविवार, 8 सितंबर को वक्फ संशोधन विधेयक को बुरा बिल कहा और इसे पारित न होने देने के लिए आवाज उठाने की सलाह दी। भारत के मुसलमानों को संबोधित करते हुए जाकिर ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक 'वक्फ की पवित्र स्थिति का उल्लंघन है। नाइक ने कहा, अगर हम इस विधेयक को पारित होने देते हैं तो हम अल्लाह के क्रोध और आने वाली पीढ़ियों के अभिशाप को सहन करेंगे।
देश के मुसलमानों से वक्फ संशोधन विधेयक को रोकने का आह्वान करते हुए जाकिर नाइक ने कहा कि भारत में कम से कम 50 लाख मुसलमानों को वक्फ संशोधन विधेयक की अस्वीकृति को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजना चाहिए। नाइक की पोस्ट में कहा गया, आइए वक्फ की पवित्रता की रक्षा के लिए एक साथ खड़े हों और भावी पीढ़ियों के लिए इसका संरक्षण सुनिश्चित करें।
जाकिर नाइक ने अपने पोस्ट में लिखा, भारतीय वक्फ संपत्तियों को बचाएं, वक्फ संशोधन विधेयक को खारिज करें. जाकिर नाइक ने इसके लिए हदीस का हावाला दिया है। जाकिर ने कहा कि अल्लाह के दूत ने कहा है कि अगर लोग कुछ बुराई देखते हैं लेकिन उसे नहीं बदलते हैं तो जल्द ही अल्लाह उन सभी पर अपनी सजा भेजेगा।
बता दें कि जाकिर नाइक के भड़काऊ भाषणों से प्रभावित होकर बंग्लादेश में एक युवक ने आतंकी हमले को अंजाम दिया था। इसी के बाद भारत सरकार ने जाकिर नाइक के खिलाफ जांच करनी शुरू की थी, जिसके बाद यह कई संदिग्ध मामलों में संलिप्त पाया गया था। भारत सरकार की तरफ से नकेल कसने के बाद यह सऊदी अरब और बाद मलेशिया में जाकर छुप गया है। इसके खिलाफ भारत में कई आपराधिक मुकदमे दायर हैं।
अरुणाचल की सीमा में घुसा 'ड्रैगन', छोड़े निशान, दावों पर सरकार का क्या है जवाब?
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भारत अपने पड़ोसी देश चीन की चालों से आए दिन परेशान रहता है। इस बीच एक बार फिर चीन की तरफ से सीमा के अंदर घुसपैठ की खबर है। दावा किया जा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश के कपापू इलाके में भारतीय क्षेत्र में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने घुसपैठ की है। इस दावे को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सिरे खारिज कर दिया है।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ की खबरों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जो इलाके तय नहीं हैं वहां सिर्फ निशान बना देने का मतलब यह नहीं कि उन्होंने हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। अरुणाचल प्रदेश से आने वाले रिजिजू ने कहा कि भारत-चीन बॉर्डर से लगे अनिर्धारित इलाकों में भारतीय और चीनी सेनाएं गश्ती के दौरान कई बार एक-दूसरे से टकरा सकती हैं, लेकिन इससे भारतीय जमीन पर अतिक्रमण नहीं होता है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में कुछ दिखाया गया कि चीनी पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में कुछ निशान लगाए हैं. लेकिन हम सभी स्थिति जानते हैं। भारत सरकार और हमारा रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय बातचीत में लगे हुए हैं। हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है कि चीनी सेना या चीनी बलों को उनकी नियंत्रण रेखा के बाहर किसी भी तरह की स्थायी संरचना स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अरुणाचल में चीनी अतिक्रमण की खबरें आई थीं
रिजिजू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले हफ्ते चीनी सेना अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले में घुस आई है और यहां के कपापू इलाके में कैंप लगाकर रुकी हुई है। ईटानगर से सामने आई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीएलए अरुणाचल में भारतीय क्षेत्र में कम से कम 60 किलोमीटर अंदर तक घुस आया है। घुसपैठ वाली जगह पर अलाव, स्प्रे-पेंट की गई चट्टानें और चीनी खाने पीने का सामान मिलने का दावा किया गया है। साथ ही मीडिया रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि पीएलए की ये घुसपैठ करीब एक सप्ताह पहले हुई थी।
पहले भी बता चुका है अरूणाचल को चीन का हिस्सा
मार्च 2024 में चीन ने फिर से अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताया था। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा था- 1987 में भारत ने चीनी जमीन पर अवैध तरह से अरुणाचल प्रदेश बसाया। हमने तब भी इसका विरोध किया था और आज भी हम अपने बयान पर कायम हैं। जियान ने कहा- चीन और भारत की सीमा का कभी सीमांकन नहीं किया गया। ये पूर्वी सेक्टर, पश्चिमी सेक्टर और सिक्किम सेक्टर में बंटी हुई है। पूर्वी सेक्टर में जांगनान (अरुणाचल प्रदेश) हमारा हिस्सा है। भारत के कब्जे से पहले चीन ने हमेशा प्रभावी ढंग से यहां पर शासन किया है। यह मूल तथ्य है जिससे इनकार नहीं किया जा सकता।इसी के साथ मार्च में यह चौथी बार था जब चीन ने अरुणाचल को अपना क्षेत्र बताया था।
2020 से चीन-भारत में तनातनी
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारतीय और चीनी सेना के बीच लद्दाख में तनातनी है। यह तनाव अप्रैल 2020 से जारी है। भारत और चीन के बीच लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक 3,400 किलोमीटर लंबी सीमा है। चीन लगातार दावा करता रहा है कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से उसका हिस्सा रहा है। इस दावे को भारत बेतुका और हास्यास्पद करार दे चुका है। चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत मानता है और यहां भारतीय नेताओं के दौरे पर आपत्ति जताता रहता है। चीन ने इस इलाके को जंगनान नाम दिया है। भारत उसके इस दावे को हमेशा से खारिज करता आया है। भारत अरुणाचल को अपना अभिन्न अंग बताया है। केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश को बनावटी नाम देने के चीन के कदम को यह कहकर नकारती है कि ऐसा करने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी।
कांग्रेस सांसदों ने चेंबर में घुसकर स्पीकर को गालियां दीं”, रिजिजू का बड़ा आरोप
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कई सांसद स्पीकर के कक्ष में गए और उनके साथ गाली गलौज की।
20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में घुसे-रिजिजु
केंद्रीय संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने आज यानी बुधवार को कांग्रेस सांसदों पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुसकर उन्हें गालियां देने का आरोप लगाया। किरेन रिजिजू ने कहा, ‘कम से कम 20-25 कांग्रेस सांसद लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुस गए और उन्हें गालियां दीं। मैं भी वहां था। स्पीकर बहुत नरम इंसान हैं, नहीं तो सख्त कार्रवाई होती। प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल समेत सीनियर कांग्रेस लीडर भी अंदर मौजूद थे, और वे उन्हें लड़ने के लिए उकसा रहे थे।’
'घटना से स्पीकर बहुत दुखी'
रिजिजू ने कहा कि स्पीकर इस घटना से "बहुत दुखी" हैं और उन्होंने खुद उनसे बात की है। रिजिजू ने सदन में बोलने को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने एक फैसला दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बोलने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है और वे अपनी इच्छा से बोलेंगे।
बिना अध्यक्ष की अनुमति कोई सदस्य नहीं बोल सकता-रिजिजु
रिजिजू ने कहा कि संसद में नियम बहुत साफ हैं, बिना अध्यक्ष की अनुमति कोई भी सदस्य नहीं बोल सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री भी तभी बोलते हैं जब अध्यक्ष अनुमति देते हैं। हर सदस्य को नियमों का पालन करना होता है। उन्होंने कहा कि स्पीकर का स्वभाव बहुत शांत है, वरना इस तरह की घटना पर सख्त कार्रवाई हो सकती थी।
लोकसभा स्पीकर के पद से हटाने के लिए नोटिस
यह पूरा विवाद उस समय सामने आया है जब कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर चर्चा बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन यानी 9 मार्च को हो सकती है। बताया जा रहा है कि नोटिस में फरवरी 2025 की घटनाओं का चार बार उल्लेख किया गया है, जो नियमों के अनुसार तकनीकी आपत्ति का कारण बन सकता था। हालांकि, स्पीकर ने लोकसभा सचिवालय को निर्देश दिया है कि नोटिस में जो भी कमियां हैं, उन्हें ठीक कराया जाए और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाए।
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लोकसभा में रिजिजू ने पेश किया वक्फ संशोधन बिल, बोले- धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी सरकार
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देशभर के वक्फ बोर्डों में जवाबदेही व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वक्फ संशोधन विधेयक आज लोकसभा में पेश किया गया। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। इसके जरिये मौजूदा वक्फ कानून में बदलाव किया गया है। लोकसभा में वक्फ बिल पर चर्चा करते हुए किरेन रिजिजू ने साफ किया कि वक्फ बिल में धार्मिक कार्यकलापों में हस्तक्षेप का प्रावधान नहीं है। मुझे न केवल उम्मीद है, बल्कि मुझे पूरा यकीन है कि इस विधेयक का विरोध करने वालों के दिलों में भी बदलाव आएगा। हर कोई सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ इस विधेयक का समर्थन करेगा।
... हम बैठे हैं, वह भी वक्फ की संपत्ति होती- रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कहा कि साल 2013 में यूपीए सरकार ने वक्फ बोर्ड को ऐसा अधिकार दिया कि वक्फ बोर्ड के आदेश को किसी सिविल अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। वक्फ के किसी आदेश को चुनौती नहीं दी जा सकती थी। रिजिजू ने कहा कि अगर यूपीए सरकार सत्ता में होती तो संसद इमारत, एयरपोर्ट समेत पता नहीं कितनी इमारतों को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया जाता क्योंकि इन पर भी दावा किया जा रहा था।
विधेयक सिर्फ संपत्ति के प्रबंधन का मामला- रिजिजू
केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि वक्फ संशोधन विधेयक से सरकार धार्मिक मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी, ये विधेयक सिर्फ संपत्ति के प्रबंधन का मामला है। कोई मुसलमान जकात देता है तो उसे पूछने वाले हम कौन होते हैं। हम तो बस उसके मैनेजमेंट से जुड़ी बात कर रहे हैं। इसका धार्मिक व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
दुनिया में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति भारत में- रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति भारत में है। ऐसा कहा जाता है कि भारत में रेलवे और रक्षा क्षेत्र के बाद तीसरी सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास है, लेकिन रेलवे और रक्षा क्षेत्र की संपत्ति देश की संपत्ति है, जबकि वक्फ बोर्ड की संपत्ति निजी संपत्ति है। वक्फ बोर्ड के पास लाखों एकड़ जमीन और लाखों करोड़ की संपत्ति है तो देश के गरीब मुसलमानों के लिए इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है?
क्यों लाया जा रहा, रिजिजू ने दिया इसका जवाब
वक्फ बिल क्यों लाया जा रहा? इसका जवाब संसद में किरेन रिजिजू ने दिया है। उन्होंने कहा कि हम मुस्लिम महिलाओं और बच्चों को उनका हक देकर बड़े सुधार ला रहे हैं। हमने यह स्वीकार कर लिया है कि यदि सरकारी भूमि पर विवाद उत्पन्न होता है तो कलेक्टर से ऊपर का अधिकारी निर्णय लेगा। किरेन रिजिजू ने कहा कि नए वक्फ बिल का नाम ‘उम्मीद’ हो गया है। इस संशोधित बिल से न केवल नया सवेरा आने वाला है। जबकि करोड़ों मुसलमानों को इसका फायदा भी होगा। मुसलमानों ने बिल का स्वागत किया है। बोर्ड के ऑडिट करने का भी प्रावधान रखा गया है। इस बिल के बाद असल पता चलेगा कि कितनी प्रॉपर्टी वक्फ बोर्ड के पास हैं।
संसद में वक्फ बिल पेश करने की प्रक्रिया शुरू, रिजिजू बोले-कल तारीख बता देंगे
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वक्फ संशोधन विधेयक कब आएगा इसे लेकर चर्चा का दौर जारी है। इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि संसद में वक्फ बिल पेश करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। बिल पर संसद के बाहर खूब विचार-विमर्श हुए हैं। हमें सदन में बहस और चर्चा में भी जरूर भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार विधेयक के प्रावधानों से जुड़े हर सवाल का जवाब देने को तैयार है।
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अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मेरी सभी से अपील है कि जब हम संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर रहे हैं, तो हमें सदन में बहस और चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। संसद के बाहर, रिकॉर्ड संख्या में परामर्श और विचार-विमर्श हुए हैं।
किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि जेपीसी ने लोकतांत्रिक भारत के इतिहास में अब तक की सबसे व्यापक परामर्श प्रक्रिया और सर्वोच्च प्रतिनिधित्व का रिकॉर्ड बनाया है। अब जबकि विधेयक तैयार है, मैं सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध करना चाहूंगा कि वे इसमें भाग लें और संसद के पटल पर अपने विचार रखें।
किरेन रिजिजू ने कहा कृपया इस मामले को लेकर लोगों को गुमराह न करें। उन्होंने कहा कि भोले-भाले मुसलमानों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि सरकार मुसलमानों की संपत्ति और अधिकार छीनने जा रही है। उन्होंने कहा कि हम कल तारीख बता देंगे की वक्फ बिल कब ला रहे। सरकार की तैयारी पूरी है।
गृह मंत्री अमित शाह ने 29 मार्च को एक निजी चैनल से बातचीत में इसी सत्र (बजट सत्र) में वक्फ बिल संसद में पेश करने की बात कही थी। शाह ने कहा था कि इस बिल से किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है।
माना जा रहा है कि वक्फ संशोधन बिल को 2 अप्रैल को संसद में पेश किया जा सकता है। सरकार पहले लोकसभा में बिल पेश करेगी। सत्र 4 अप्रैल तक चलेगा।
इससे पहले आज ही केरल के कैथोलिक बिशप्स काउंसिल (केसीबीसी) ने राज्य के सांसदों से केंद्र सरकार के इस विधेयक का समर्थन करने की अपील की। इस पत्र को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा करते हुए रिजिजू ने कहा, खुद अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य होने के नाते वे इस अपील का स्वागत करते हैं। बता दें कि केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री रिजिजू बौद्ध धर्म के मानने वाले हैं। खुद राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने भी उनकी इस पहचान को रेखांकित कर इसे भारत के लिए गौरवशाली तथ्य बताया था।
कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण पर राज्यसभा में हंगामा, रिजिजू-नड्डा ने कांग्रेस को सुनाया, खड़गे ने दिया जवाब
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संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में सोमवार में खूब हंगामा देखा गया। मुस्लिम आरक्षण को लेकर कांग्रेस नेता और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बयान पर बीजेपी खूब आगबबूला है। राज्यसभा में सोमवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण से जुड़ा मुद्दा उठाया। सदन में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर एक के बाद एक आरोप लगाए। जिनका कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जवाब दिया। खरगे के जवाब के बाद भी हंगामा जारी रहा। इसके बाद कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
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खड़गे से पार्टी का रुख़ स्पष्ट करने की मांग
रिजिजू ने राज्यसभा में इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे से पार्टी का रुख़ स्पष्ट करने की मांग की। रिजिजू ने यह मांग कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के उस बयान का हवाला देते हुए की थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर सरकारी ठेकों में मुस्लिमों को आरक्षण देने के लिए संविधान में बदलाव करने की बात कही थी।
किरेन रिजिजू ने कहा, कांग्रेस के एक वरिष्ठ और जिम्मेदार नेता, जो एक संवैधानिक पद पर हैं, उन्होंने एक बयान दिया कि वो भारत के संविधान में बदलाव करना चाहते हैं ताकि कर्नाटक में मुस्लिम समुदाय को सार्वजनिक अनुबंधों में आरक्षण दिया जा सके। हम इस बयान को हल्के में नहीं ले सकते हैं। इस तरह का बयान किसी साधारण नेता ने दिया होता, तो हम सदन के बाहर भी जवाब दे सकते थे। मगर, यह बयान एक ऐसे व्यक्ति की ओर से आया है, जो एक संवैधानिक पद पर हैं।
रिजिजू ने कहा, उन्होंने साफ-साफ यह कहा है कि कांग्रेस पार्टी मुस्लिम समुदाय को आरक्षण मुहैया करवाएगी और उसके लिए वो भारत के संविधान में बदलाव करेंगे। यह अत्यंत गंभीर बात है। यह वो मामला है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।
कांग्रेस संविधान को टुकड़े-टुकड़े कर रही-नड्डा
वहीं, सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान को टुकड़े-टुकड़े कर रही है। डॉ आंबेडकर ने भारतीय संविधान बनाते समय स्पष्ट रूप से कहा था कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाएगा। यह भारत के संविधान का एक स्वीकृत सिद्धांत है। कर्नाटक सरकार ने अल्पसंख्यकों को सार्वजनिक अनुबंधों में चार प्रतिशत आरक्षण दिया है। इस पर उन्होंने खरगे से बयान देने की मांग की।
खड़गे ने दिया आरोपों का जवाब
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि भारत के संविधान को बचाने का काम केवल कांग्रेस ने किया है। उन्होंने ये भी कहा कि संविधान को बदलने की कोई संभावना नहीं है और यह सब अफवाहें फैलाने का प्रयास हैं। हम ही वे लोग हैं जिन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा की थी और भाजपा वाले वे लोग हैं जो भारत तोड़ो में विश्वास करते हैं। उन्होंने आगे बोलने की कोशिश की लेकिन भाजपा सांसदों की नारेबाजी के कारण बार-बार उनकी बात बाधित हुई। खरगे ने कहा कि हम भारतीय संविधान के रक्षक हैं।
किरेन रिजिजू का कांग्रेस पर बड़ा आरोप, बोले-पार्टी ने षड्यंत्र करके भीमराव अंबेडकर को लोकसभा चुनाव में हराया
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* केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने आज लोकसभा में भीमराव आंबेडकर का जिक्र कर कांग्रेस पर निशाना साधा। किरेन रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने षड्यंत्र करके भीमराव अंबेडकर को लोकसभा चुनाव में हराया था। इसके लिए कांग्रेस को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि 1990 तक बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया? वहीं, नेहरू जी और इंदिरा गांधी ने खुद को भारत रत्न दिया था। लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दूसरे दिन संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बाबा साहेब आंबेडकर के पत्र का जिक्र करते कई बातें बताईं। रिजिजू ने कहा कि कानून मंत्री के पद पर जाने से पहले मेरे मन में सुबह यही आया कि पहले कानून मंत्री बाबा साहेब ने आखिर इस्तीफा क्यों दिया? उन्हें आर्किटेक्ट ऑफ कॉन्स्टिट्यूशन कहा जाता था। उन्होंने कहा कि मैंने ढूंढ करके उस पत्र को पढ़ा है। बाबा साहेब आंबेडकर ने नेहरू जी को लिखा था। लंबा पत्र है, उसके कुछ हिस्से का जिक्र करूंगा। रिजिजू ने लोकसभा में बताया कि बाबा साहेब आंबेडकर ने कानून मंत्री के पद से जो इस्तीफा दिया उसमें शुरू में ही मेंशन किया कि अक्सर जब मंत्री कैबिनेट से इस्तीफा देते हैं तो कारण बताना चाहिए। मैं बिना कारण बताए भी इस्तीफा दे सकता था लेकिन मुझे लगता है कि इस्तीफे में ही मुझे कारण बताना चाहिए। उन्होंने पत्र में अच्छे से जिक्र किया। पहले कैबिनेट में सभी पार्टियों के लोग थे। पहली लिस्ट में बाबा साहेब का नाम नहीं था। बाद में जोड़ा गया और कानून मंत्री बना गया। किरन रिजिजू ने आगे कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी भी कैबिनेट में थे। जब भीम राव आंबेडकर को लॉ मिनिस्ट्री दिया गया तो उन्होंने पंडित नेहरू से कहा कि आपने मुझे मंत्री बनाया तो बहुत अच्छा है। जब देशभर में आजादी मिल गई है,संविधान बन गया है तो देश को आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता क्या है। बाबा साहेब जितना पढ़ा लिखा कोई नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता इकोनॉमी है। मुझे लॉ के अलावा वित्त मंत्रालय दे दीजिए। न हो तो कैबिनेट कमिटी में ही जगह दे दीजिए,लेकिन किसी भी कैबिनेट कमिटी में उन्हें मेंबर नहीं रखा गया। बाबा साहेब को लगने लगा कि मुझे तो प्रॉसेस में भी इन्वॉल्व नहीं कर रहे। प्लानिंग पोर्टफोलियों का वादा किया था नेहरू जी ने,लेकिन वह भी नहीं दिया। इसलिए बाबा साहेब ने इस्तीफा दे । उन्होंने पत्र में क्या लिखा,उसे सबको पढ़ना चाहिए। आगे किरन रिजिजू ने 1990 तक बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न नहीं देने पर भी सवाल उठाया। किरन रिजिजू ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि साल 1956 से 1990 तक आपने बाबा साहेब को भारत रत्न क्यों नहीं दिया? नेहरू और इंदिरा गांधी ने खुद को भारत रत्न दिया। आप कारण बताइए आपके शासन काल में बाबा साहेब आंबडेकर को भारत रत्न से क्यों नहीं नवाजा गया? सबसे पहले भारत रत्न अगर किसी को देना चाहिए तो बाबा साहेब को देना चाहिए था। रिजिजू ने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी के समर्थन से बीपी सिंह की सरकार बनी तब अंबेडकर जी को भारत रत्न दिया गया था. हमारा मानना है कि अगर देश में किसी को पहला भारत रत्न मिलना था तो अंबेडकर जी को मिलना चाहिए था। उन्होंने आगे कहा कि अंबेडकर जी के जन्म स्थल को तीर्थ स्थल के तौर पर विकसित किया गया है। लंदन में जहां अंबेडकर जी ने पढ़ाई की थी, उस घर को मोदी जी के नेतृत्व में महाराष्ट्र सरकार ने खरीद कर अंबेडकर म्यूजियम बनाया है। दिल्ली में बाबा साहब इंटरनेशनल मेमोरियल सेंटर बनाया गया है।
रिजिजू ने बिना नाम लिए राहुल गांधी को जमकर सुनाई खरी-खरी, जानें भारत में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर क्या कहा?
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लोकसभा में संविधान पर चर्चा का आज दूसरा दिन है। संविधान पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा अपनाए गए सिद्धांतों पर गर्व व्यक्त किया और संविधान की भावना के साथ इसके संरेखण पर जोर दिया। अपने संबोधन में रिजिजू ने कहा, मुझे गर्व है कि जब प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल शुरू हुआ, तो उन्होंने संविधान की उसी भावना का पालन करते हुए अपनी सरकार का मंत्र इस देश के सामने रखा. और वह मंत्र है सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास।
यूरोपियन यूनियन में 38 फीसदी लोग भेदभाव का शिकार हुए-रिजिजू
संविधान पर चर्चा के दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उनपर हमला बोला। किरेन रिजिजू ने संविधान पर चर्चा के दौरान कहा, 'एक सर्वे है, ग्लोबल सर्वे है। हम सबने पढ़ा है। सेंटर फॉर पॉलिसी ऐनालिसिस इन यूरोपियन यूनियन के सर्वे के मुताबिक ईयू में 38 प्रतिशत लोग भेदभाव का शिकार हैं, जिसमें ज्यादातर मुस्लिम हैं। फ्रांस में भेदभाव की कई बाते हैं। बुर्का पर प्रतिबंध को लेकर ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपत्ति की और भेदभाव बताया। स्पेन में मुसलमानों के खिलाफ आंतरिक घृणा अपराधों की रिपोर्ट इतनी अधिक है, इसका भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। पाकिस्तान की स्थिति आप जानते हैं, बांग्लादेश में क्या होता है, आप लोग जानते हैं कि अफगानिस्तान में सिखों, हिंदुओं, ईसाइयों के साथ क्या हुआ है।
जब कोई समस्या होती है तो भारत की शरण में आते हैं लोग- रिजिजू
रिजिजू ने आगे कहा, चाहे तिब्बत हो या म्यांमार, श्रीलंका हो या बांग्लादेश, पाकिस्तान हो या अफगानिस्तान, अगर अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार होता है या कोई समस्या आती है, तो सबसे पहले वे भारत आते हैं। भारत सेफ है, इसलिए तो आते हैं। घर-परिवार में भी झगड़े होते हैं। इसको भारत में अल्पसंख्यकों को कोई जगह नहीं दी जा रही है, सिखों को गुरुद्वारा नहीं जाने दिया जा रहा है, मुसलमानों को दरगाह नहीं जाने दिया जा रहा है, ऐसा क्यों कहते हैं। मैं यह कह रहा हूं कि ऐसी बातें नहीं कही जानी चाहिए जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचे, मैं यह किसी एक पार्टी के लिए नहीं कह रहा हूं। मैं यह देश के लिए कह रहा हूं।
कब तक कठपुतली की तरह नाचते रहेंगे मुसलमान?” हरियाणा-कश्मीर के चुनावी नतीजों से पहले रिजिजू का सवाल*
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मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री और तीसरे कार्यकाल में संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे किरेन रिजिजू ने हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर हिंदुओं को बांटने के साथ मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया है। आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में कांग्रेस पार्टी पर हिंदुओं को बांटने के साथ मुस्लिम तुष्टिकरण का भी आरोप लगाया। इसके साथ ही वीडियो शेयर करते हुए रिजिजू ने अंग्रेजी की दो लाइनें लिखीं। पहले में उन्होंने मुसलमानों को वॉर्निंग देते हुए कहा, 'My warning to the Muslims: Do not become vote bank of the Congress!' दूसरी लाइन में उन्होंने हिंदुओं और अन्य को वॉर्निंग दी। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की बांटो और राज करो वाली नीतियों के पीड़ित न बनें। किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि कांग्रेस मुसलमानों को अपना वोट बैंक मानती है। चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी कहती है कि उसका 15 प्रतिशत वोट शेयर मुस्लिम वोट आरक्षित है। ये पार्टी की मानसिकता दर्शाता है। ये पार्टी की मानसिकता दर्शाता है और ये मुसलमानों के लिए भी बड़ा नुकसान है। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस का मूल प्लान ही यही है कि मुसलमानों को वोट बैंक बनाकर रखो और हिंदुओँ को बांटो। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि इसलिए आजकल राहुल गांधी के मुंह से एससी-एसटी, ओबीसी जैसे शब्द निकल रहे हैं। एससी, एसटी, ओबीसी के अंदर की जो तकलीफें हैं उसका एबीसीडी भी राहुल गांधी को पता नहीं है लेकिन हर वक्त उनके मुंह से एससी, एसटी, ओबीसी निकलता रहता है। उनको इसी बात का पाठ पढ़ाया गया है। उन्होंने मुसलमान को वोट बैंक बनाया और अब एसटी, एससी, ओबीसी को हिंदुओं में विभाजित करके वोट हासिल करना चाहते हैं। इससे देश को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है। रिजिजू ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए काम शुरू कर दिया है। पीएम मोदी के इस अभियान को बाधित करने के लिए कांग्रेस ने डिवाइड एंड रूल की पॉलिसी को अपनाया है। अंग्रेजों ने भी हिंदुओं को विभाजित किया अब और कांग्रेस पार्टी फिर से हिंदुओं को विभाजित करना चाहती है। मैं समझता हूं देश को सबसे ज्यादा नुकसान ऐसी चीज से होगा। ऐसे में हमको संगठित रहना होगा। हम मुसलमानों से भी कहना चाहेंगे कि कब तक आप कांग्रेस का वोट बैंक बनकर कठपुतली की तरह नाचते रहेंगे। पीएम मोदी ने समाज के हर तबके के लिए काम किया है। सरकार की योजनाओं का सबको लाभ मिल रहा है।
जाकिर नाइक ने उगला जहर तो केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने दिया जवाब, बोले-'मुसलमानों को गुमराह न करें
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भारत से भागकर मलेशिया में छुपे जाकिर नाइक ने एक बार फिर जहरीला बयान देकर भारत के मुसलमानों को भड़काने का प्रयास किया है। भगोड़े इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक पर वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर भारतीय मुसलमानों को बरगलाने की कोशिश की है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जाकिर को इसका करारा जवाब दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि, वो भारत में मुसलमानों को गुमराह न करें।
केंद्र सरकार वक्फ बोर्ड को रेगुलेट करने के लिए बिल लाइ थी जिस पर जेपीसी विचार कर रही है वहीं एक वर्ग ऐसा है जो इस बिल का विरोध कर रहा है। ऐसी माहौल में इस्लामिक कट्टरपंथी उपदेशक जाकिर नाइक ने एक्स पर इस मसले को लेकर एक पोस्ट किया था।
रिजिजू ने नाइक के पोस्ट को भ्रामक और झूठा प्रचार बताया है। उन्होंने कहा, 'कृपया हमारे देश के बाहर से निर्दोष मुसलमानों को गुमराह न करें। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोगों को अपनी राय रखने का अधिकार है। दुष्प्रचार से गलत नैरेटिव बनते हैं।
रिजिजू ने इससे पहले संसद में कहा था कि वक्फ बोर्ड पर 'कुछ लोगों' का कब्जा हो गया है और यह विधेयक आम मुसलमानों को न्याय देने के लिए लाया गया है।
इससे पहले जाकिर नाइक ने रविवार, 8 सितंबर को वक्फ संशोधन विधेयक को बुरा बिल कहा और इसे पारित न होने देने के लिए आवाज उठाने की सलाह दी। भारत के मुसलमानों को संबोधित करते हुए जाकिर ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक 'वक्फ की पवित्र स्थिति का उल्लंघन है। नाइक ने कहा, अगर हम इस विधेयक को पारित होने देते हैं तो हम अल्लाह के क्रोध और आने वाली पीढ़ियों के अभिशाप को सहन करेंगे।
देश के मुसलमानों से वक्फ संशोधन विधेयक को रोकने का आह्वान करते हुए जाकिर नाइक ने कहा कि भारत में कम से कम 50 लाख मुसलमानों को वक्फ संशोधन विधेयक की अस्वीकृति को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजना चाहिए। नाइक की पोस्ट में कहा गया, आइए वक्फ की पवित्रता की रक्षा के लिए एक साथ खड़े हों और भावी पीढ़ियों के लिए इसका संरक्षण सुनिश्चित करें।
जाकिर नाइक ने अपने पोस्ट में लिखा, भारतीय वक्फ संपत्तियों को बचाएं, वक्फ संशोधन विधेयक को खारिज करें. जाकिर नाइक ने इसके लिए हदीस का हावाला दिया है। जाकिर ने कहा कि अल्लाह के दूत ने कहा है कि अगर लोग कुछ बुराई देखते हैं लेकिन उसे नहीं बदलते हैं तो जल्द ही अल्लाह उन सभी पर अपनी सजा भेजेगा।
बता दें कि जाकिर नाइक के भड़काऊ भाषणों से प्रभावित होकर बंग्लादेश में एक युवक ने आतंकी हमले को अंजाम दिया था। इसी के बाद भारत सरकार ने जाकिर नाइक के खिलाफ जांच करनी शुरू की थी, जिसके बाद यह कई संदिग्ध मामलों में संलिप्त पाया गया था। भारत सरकार की तरफ से नकेल कसने के बाद यह सऊदी अरब और बाद मलेशिया में जाकर छुप गया है। इसके खिलाफ भारत में कई आपराधिक मुकदमे दायर हैं।
अरुणाचल की सीमा में घुसा 'ड्रैगन', छोड़े निशान, दावों पर सरकार का क्या है जवाब?
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भारत अपने पड़ोसी देश चीन की चालों से आए दिन परेशान रहता है। इस बीच एक बार फिर चीन की तरफ से सीमा के अंदर घुसपैठ की खबर है। दावा किया जा रहा है कि अरुणाचल प्रदेश के कपापू इलाके में भारतीय क्षेत्र में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने घुसपैठ की है। इस दावे को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सिरे खारिज कर दिया है।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ की खबरों पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जो इलाके तय नहीं हैं वहां सिर्फ निशान बना देने का मतलब यह नहीं कि उन्होंने हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। अरुणाचल प्रदेश से आने वाले रिजिजू ने कहा कि भारत-चीन बॉर्डर से लगे अनिर्धारित इलाकों में भारतीय और चीनी सेनाएं गश्ती के दौरान कई बार एक-दूसरे से टकरा सकती हैं, लेकिन इससे भारतीय जमीन पर अतिक्रमण नहीं होता है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में कुछ दिखाया गया कि चीनी पीएलए ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में कुछ निशान लगाए हैं. लेकिन हम सभी स्थिति जानते हैं। भारत सरकार और हमारा रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय बातचीत में लगे हुए हैं। हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है कि चीनी सेना या चीनी बलों को उनकी नियंत्रण रेखा के बाहर किसी भी तरह की स्थायी संरचना स्थापित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अरुणाचल में चीनी अतिक्रमण की खबरें आई थीं
रिजिजू का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले हफ्ते चीनी सेना अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले में घुस आई है और यहां के कपापू इलाके में कैंप लगाकर रुकी हुई है। ईटानगर से सामने आई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीएलए अरुणाचल में भारतीय क्षेत्र में कम से कम 60 किलोमीटर अंदर तक घुस आया है। घुसपैठ वाली जगह पर अलाव, स्प्रे-पेंट की गई चट्टानें और चीनी खाने पीने का सामान मिलने का दावा किया गया है। साथ ही मीडिया रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि पीएलए की ये घुसपैठ करीब एक सप्ताह पहले हुई थी।
पहले भी बता चुका है अरूणाचल को चीन का हिस्सा
मार्च 2024 में चीन ने फिर से अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताया था। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा था- 1987 में भारत ने चीनी जमीन पर अवैध तरह से अरुणाचल प्रदेश बसाया। हमने तब भी इसका विरोध किया था और आज भी हम अपने बयान पर कायम हैं। जियान ने कहा- चीन और भारत की सीमा का कभी सीमांकन नहीं किया गया। ये पूर्वी सेक्टर, पश्चिमी सेक्टर और सिक्किम सेक्टर में बंटी हुई है। पूर्वी सेक्टर में जांगनान (अरुणाचल प्रदेश) हमारा हिस्सा है। भारत के कब्जे से पहले चीन ने हमेशा प्रभावी ढंग से यहां पर शासन किया है। यह मूल तथ्य है जिससे इनकार नहीं किया जा सकता।इसी के साथ मार्च में यह चौथी बार था जब चीन ने अरुणाचल को अपना क्षेत्र बताया था।
2020 से चीन-भारत में तनातनी
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारतीय और चीनी सेना के बीच लद्दाख में तनातनी है। यह तनाव अप्रैल 2020 से जारी है। भारत और चीन के बीच लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक 3,400 किलोमीटर लंबी सीमा है। चीन लगातार दावा करता रहा है कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से उसका हिस्सा रहा है। इस दावे को भारत बेतुका और हास्यास्पद करार दे चुका है। चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत मानता है और यहां भारतीय नेताओं के दौरे पर आपत्ति जताता रहता है। चीन ने इस इलाके को जंगनान नाम दिया है। भारत उसके इस दावे को हमेशा से खारिज करता आया है। भारत अरुणाचल को अपना अभिन्न अंग बताया है। केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश को बनावटी नाम देने के चीन के कदम को यह कहकर नकारती है कि ऐसा करने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी।
1 hour and 11 min ago
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