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मथुरा से 2027 का सियासी बिगुल! योगी के ‘विजय संकल्प’ के सामने अखिलेश की चुनौती

ब्रजभूमि में धर्म, विकास और राजनीति का संगम; भाजपा के सामने सत्ता बरकरार रखने की चुनौती, विपक्ष तलाश रहा वापसी का रास्ता

राम आशीष गोस्वामी

उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन उसकी आहट तेज होने लगी है। श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘विजय संकल्प’ वाला संदेश ऐसे समय आया है, जब प्रदेश की राजनीति धीरे-धीरे अगले विधानसभा चुनाव की दिशा में बढ़ रही है। मंच पर ‘राधे-राधे’ का उद्घोष, विकास परियोजनाओं का जिक्र और सत्ता में वापसी का आत्मविश्वास—इन सबने मथुरा के कार्यक्रम को महज सरकारी आयोजन से आगे राजनीतिक संकेतों का विषय बना दिया है।

ब्रजभूमि की धार्मिक पहचान और उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति का यह मेल भाजपा की रणनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू माना जा सकता है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने चुनौती है कि वे भाजपा के मजबूत संगठन और सांस्कृतिक मुद्दों के बीच अपने राजनीतिक एजेंडे को किस तरह जनता तक पहुंचाते हैं।

मथुरा से संदेश कितना राजनीतिक, कितना सांस्कृतिक?

मथुरा भाजपा के लिए केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। कृष्ण जन्मभूमि, वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन की धार्मिक पहचान को विकास और पर्यटन से जोड़ने की कोशिश लंबे समय से राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रही है। योगी आदित्यनाथ के भाषणों में भी विरासत और विकास का यह मेल लगातार दिखाई देता है। मथुरा में विकास परियोजनाओं के साथ ब्रज की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता देना इसी व्यापक राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा माना जा सकता है।

यहीं से 2027 की राजनीति का एक अहम सवाल निकलता है—क्या सांस्कृतिक मुद्दे और विकास का मॉडल भाजपा को फिर से मजबूत बढ़त दिला पाएगा, या विपक्ष सामाजिक और आर्थिक मुद्दों के सहारे चुनावी समीकरण बदलने में सफल होगा? 2027 का चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए महज सत्ता में वापसी का चुनाव नहीं होगा। यह उनके शासन मॉडल, कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और हिंदुत्व आधारित राजनीतिक छवि की जनता के बीच स्वीकार्यता का भी परीक्षण होगा।

भाजपा के पास संगठन की मजबूत मशीनरी, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का आधार तथा मुख्यमंत्री का स्थापित राजनीतिक चेहरा है। ऐसे में पार्टी के लिए चुनौती अपने समर्थक आधार को बनाए रखने के साथ-साथ अलग-अलग सामाजिक वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करना होगी। मथुरा से निकला ‘विजय’ का संदेश इसी आत्मविश्वास को दर्शाता है, लेकिन चुनावी मैदान में राजनीतिक दावे तभी परिणाम में बदलते हैं, जब वे मतदाता की प्राथमिकताओं से जुड़ते हैं।

अखिलेश के सामने भाजपा के नैरेटिव का जवाब देने की चुनौती

समाजवादी पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह 2027 में किस मुद्दे और किस सामाजिक समीकरण के साथ भाजपा को चुनौती देगी। अखिलेश यादव के पास पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की रणनीति है। इसके साथ रोजगार, किसानों की समस्याएं, महंगाई, युवाओं की अपेक्षाएं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे विपक्ष के प्रमुख हथियार हो सकते हैं। लेकिन केवल सरकार विरोधी माहौल के भरोसे चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। सपा को मतदाताओं के सामने ऐसा वैकल्पिक राजनीतिक एजेंडा रखना होगा, जो भाजपा के सांस्कृतिक और विकास संबंधी नैरेटिव का प्रभावी जवाब दे सके।

आस्था के बीच राजनीति का नया रंग

उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक प्रतीकों की भूमिका नई नहीं है। कृष्ण की मथुरा हो या अयोध्या, काशी और अन्य धार्मिक केंद्र—आस्था हमेशा से राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करती रही है।

नीम करोली बाबा और हनुमान भक्ति से जुड़े संदर्भ भी इसी व्यापक आध्यात्मिक विमर्श को एक नया आयाम देते हैं। हालांकि राजनीतिक विश्लेषण में यह अंतर बनाए रखना जरूरी है कि धार्मिक आस्था और चुनावी निर्णय एक ही चीज नहीं हैं। मतदाता मंदिर में श्रद्धालु हो सकता है, लेकिन मतदान केंद्र पर उसका फैसला स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवार, सरकार के कामकाज, सामाजिक समीकरण और व्यक्तिगत अनुभवों समेत कई कारकों से प्रभावित हो सकता है।

2027 की लड़ाई में आमने-सामने होंगे दो अलग नैरेटिव

आगामी विधानसभा चुनाव की तस्वीर को मोटे तौर पर दो अलग राजनीतिक दृष्टिकोणों के बीच मुकाबले के रूप में देखा जा सकता है।

एक ओर भाजपा अपने विकास, कानून-व्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत और हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ा सकती है। दूसरी ओर सपा सामाजिक न्याय, पीडीए, रोजगार, किसान और महंगाई जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी मैदान तैयार कर सकती है।

लेकिन चुनाव का वास्तविक परिणाम इन नैरेटिव से आगे जाकर तय होगा। कौन-सा मुद्दा मतदाता को ज्यादा प्रभावित करता है, किस दल का संगठन बूथ स्तर तक प्रभावी रहता है और कौन गठबंधन या सामाजिक समीकरणों को बेहतर तरीके से साध पाता है—ये सभी निर्णायक कारक होंगे।

मथुरा से शुरू हुई हलचल का अगला पड़ाव कहां?

मथुरा से उठी चुनावी हलचल अब प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। पश्चिमी यूपी से लेकर अवध, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्य यूपी तक राजनीतिक दल अपने-अपने मुद्दों के साथ जनता के बीच जाने की तैयारी करेंगे। भाजपा जहां सत्ता में अपनी पकड़ बनाए रखने की रणनीति पर आगे बढ़ेगी, वहीं विपक्ष के सामने सत्ता परिवर्तन के लिए व्यापक सामाजिक आधार तैयार करने की चुनौती होगी। आखिरकार 2027 की लड़ाई किसी एक मंच, नारे या धार्मिक प्रतीक से तय नहीं होगी। चुनावी मैदान में राजनीतिक दल अपने-अपने दावे रखेंगे, लेकिन अंतिम निर्णय जनता के हाथ में होगा।

मथुरा से सियासी संकेत जरूर मिल गया है। अब देखना यह है कि 2027 के चुनावी रण में भाजपा अपने विजय अभियान को आगे बढ़ा पाती है या अखिलेश यादव विपक्ष की चुनौती को सत्ता परिवर्तन की ताकत में बदल पाते हैं।

साकीनाका के विघ्नहर्ता की 33 फुट ऊंची प्रतिमा का भव्य आगमन

मुंबई। चांदिवली विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 162 में श्रीकृष्ण मित्र मंडल सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल द्वारा साकीनाका के “विघ्नहर्ता” की 33 फुट ऊंची भव्य गणेश प्रतिमा के आगमन समारोह का आयोजन उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। इस भव्य और मनमोहक गणपति की एक झलक पाने के लिए नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। “विघ्नहर्ता” की शोभायात्रा मंडप से उमा महेश्वर मंदिर तक निकाली गई और इसके पश्चात बप्पा को विधिवत रूप से गणेशोत्सव मंडप में विराजमान किया गया। इस अवसर पर मुंबई उपनगर के पूर्व पालकमंत्री मोहम्मद आरिफ नसीम खान, सूचना के अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली, नगरसेवक आमिर खान, मंडल के अध्यक्ष चंद्रकांत माने, वजीर चांद मुल्ला, बाबू बत्तेली, महेंद्र भानुशाली, अक्षय यादव, सुरेंद्र सिंह, रियाज़ मुल्ला, रत्नाकर शेट्टी, डेरिन कोटियन, रणजीत मूलये, अशोक यादव और जिगर जैन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

श्रीकृष्ण मित्र मंडल इस वर्ष अपना 42वां वर्ष मना रहा है। विशेष बात यह है कि पिछले पांच वर्षों से मंडल द्वारा डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया है और भगवान श्री गणेश का स्वागत पूरी तरह से पारंपरिक एवं सांस्कृतिक पद्धति से किया जाता है।

थाना को0 नगर पुलिस द्वारा चोरी की घटना का सफल अनावरण, 03 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से चोरी का 01 ई-रिक्शा व 01 सीएनजी आटो रिक्शा बरामद

कार्यवाही

गोण्डा। थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 815/2026 धारा 303(2) बीएनएस से सम्बन्धित चोरी की गई ई रिक्शा की घटना का सफल अनावरण किया गया। पुलिस टीम द्वारा घटना का सफल अनावरण करते हुए घटना कारित करने के 03 आरोपी अभियुक्तों 01. ननके उर्फ महेन्द्र पाण्डेय, 02. रामबाबू सिंह व 03. शिवशंकर पाण्डेय उर्फ मटर पाण्डेय को राजेन्द्र लहड़ी समाधी स्थल के पास से गिरफ्तार कर कब्जे से चोरी गई 01 अदद सफेद रंग का ई रिक्शा व 01 एदद सीएनजी आटो रिक्शा बिना नम्बर के बरामद किया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरणः-

दिनांक 03.09.2026 को वादी दीपक दूबे पुत्र रामकृपाल दूबे निवासी डिडिसिया कला (डिहवा) थाना तरबगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना कोतवाली नगर पर लिखित सूचना दिया की वह अपने घर के काम के लिए इ रिक्शा के साथ आर्यन टामसन के पास आया था जहाँ अपना ई रिक्शा खड़ा करके काम के लिए चला गया था कि किसी अज्ञात चोरो द्वारा उनका ई रिक्शा चोरी कर लिए थे। काफी खोज बीन किया कुछ पता नही चला। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना को0 नगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।

जिसमें आज दिनांक 04.09.2026 को थाना को0 नगर पुलिस द्वारा घटना का सफल अनावरण करते हुए घटना कारित करने के 03 आरोपी अभियुक्तों 01. ननके उर्फ महेन्द्र पाण्डेय, 02. रामबाबू सिंह व 03. शिवशंकर पाण्डेय उर्फ मटर पाण्डेय को राजेन्द्र लहड़ी समाधी स्थल के पास से गिरफ्तार कर कब्जे से चोरी गई 01 अदद सफेद रंग का ई रिक्शा व 01 एदद सीएनजी बिना नम्बर के बरामद किया गया।

थाना को0कर्नलगंज पुलिस द्वारा नाबालिग के साथ दुराचार करने के वांछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तारः

कार्यवाही-

गोण्डा। थाना को0कर्नलगंज पुलिस द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में मु0अ0सं0-489/2026 धारा 64(1),191(2), 115(2), 352, 351,(3), 137(2), 64(2)(M) बीएनएस 5(j)(2)/6 पॉक्सो एक्ट से संबंधित वांछित अभियुक्त मन्नान पुत्र इन्सान अली को रेवाडी रोड, निकट बैरागीपुरवा के पास से गिरफ्तार किया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण-

दिनांक 14.08.2026 को थाना को0कर्नलंगज क्षेत्रान्तर्गत रहने वाले एक महिला द्वारा थाना को0कर्नलगंज पर लिखित तहरीर दी गयी कि उनकी पुत्री को विपक्षी मन्नान द्वारा बहला फुसलाकर भगा ले गया है। कुछ समय बाद विपक्षी के परिजनों द्वारा अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसकी पुत्री का जबरन निकाह कराया गया। दिनांक 06.06.2026 को उसकी पुत्री के अकेले होने का फायदा उठाकर उसके जेठ उनकी पुत्री के साथ दुराचार किया। तहरीर के आधार पर थाना को0कर्नलंगज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।

जिसमें आज दिनांक 04.09.2026 को थाना को0कर्लनंगज पुलिस टीम द्वारा आरोपी अभियुक्त मन्नान पुत्र इन्सान अली को रेवाडी रोड, निकट बैरागीपुरवा के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ‘विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ के लिए व्यापक तैयारी

मुंबई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ‘विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ का आयोजन आगामी 29 सितंबर को किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल को सफल बनाने के लिए पूरे महाराष्ट्र में व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कौशल विकास विभाग तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित किए जाने वाले रोजगार मेलों और प्लेसमेंट ड्राइव को लेकर आज मंत्रालय से राज्यव्यापी ऑनलाइन बैठक हुई।

बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील तथा कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा उपस्थित रहे। बैठक में रोजगार महाकुंभ के माध्यम से युवाओं को रोजगार के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराने पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस पहल के तहत पूरे राज्य में 1,000 रोजगार मेले आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया गया। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि युवाओं में रोजगार हासिल करने की क्षमता और इच्छाशक्ति होने के बावजूद कई बार उन्हें उचित मार्गदर्शन और रोजगार के उपयुक्त अवसरों तक पहुंचने के लिए आवश्यक मंच नहीं मिल पाता। ‘विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ के माध्यम से इस अंतर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया जाएगा।

युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए 'सात दिवसीय ‘प्री-प्लेसमेंट ट्रेनिंग’ आयोजित की जाएगी। इसमें नौकरी के लिए आवश्यक तैयारी, व्यक्तित्व विकास और इंटरव्यू का प्रभावी तरीके से सामना करने से संबंधित मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके अलावा, रोजगार के लिए चयनित युवाओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार ‘पोस्ट-प्लेसमेंट ट्रेनिंग’ भी उपलब्ध कराई जाएगी।राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होने की उम्मीद है। रोजगार महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

औराई पुलिस ने गांजा बेचते 2 आरोपी पकड़े: उनके पास से 1.076 किलो गांजा और 2,600 रुपए नकद मिले*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। थाना औराई पुलिस ने गांजा बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 1.076 किलोग्राम अवैध गांजा और 2,600 रुपए नकद बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

पुलिस को शुक्रवार को भरतपुर नहरा पुलिया के पास दो व्यक्तियों द्वारा अवैध गांजा बेचने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजपति (55 वर्ष) पुत्र स्व. बंशी और सूरज कुमार (20 वर्ष) पुत्र राजपति के रूप में हुई है। दोनों सोनबरसा तारापुर, थाना औराई, जनपद भदोही के रहने वाले हैं।

राजपति के पास से प्लास्टिक के झोले में 1.076 किलोग्राम अवैध गांजा मिला, जबकि सूरज के पास से 2,600 रुपए नकद बरामद हुए। आरोपियों ने बताया कि यह पैसा उन्होंने गांजा बेचकर कमाया था।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अवैध तरीके से गांजा बेचकर अपना गुजारा करते थे। वे आज भी गांजा बेचने के लिए आए थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

इस मामले में थाना औराई में मु0अ0सं0-0393/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक भदोही शुभम अग्रवाल की देखरेख में हुई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रामाश्रय यादव, हेड कांस्टेबल राकेश सिंह, हेड कांस्टेबल कैलाश भारती, हेड कांस्टेबल राजू कुमार राव, कांस्टेबल रितिक राजपूत और कांस्टेबल जयकरन शामिल थे।
प्रोजेक्ट अलंकार से 38 राजकीय स्कूलों की होगी मरम्मत*

*ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने शुरू किया सर्वे, इसके बाद बनेड़ा स्टीमेट*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 33 राजकीय हाईस्कूल और पांच इंटर कॉलेजों की मरम्मत होगी। दो से ढाई दशक पुराने विद्यालयों में खिड़की, दरवाजे और जर्जर भवनों को चिह्नित कर दुरुस्त किया जाएगा। शासन के निर्देश पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम ने सभी विद्यालयों का सर्वे शुरू कर दिया है। एक-एक विद्यालय की कमियों को चिह्नित कर सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। जिले में कुल 38 राजकीय हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेज हैं। इनमें 37 विद्यालय दो से ढाई दशक पुराने हैं, जबकि पीएम श्री विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज 100 साल से अधिक पुराना है। बारिश, ठंड और धूप का सामना करने से इन स्कूल भवनों की स्थिति धीरे-धीरे खराब हो रही है। कई विद्यालयों की खिड़की, दरवाजे और टाइल्स भी खराब हो चुके हैं। शासन के निर्देश पर शुरू हुए सर्वे में मरम्मत और निर्माण संबंधी कार्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। सभी विद्यालयों से आवश्यक कार्यों की सूची और उन पर होने वाले खर्च का ब्योरा संकलित किया जाएगा। इसके आधार पर बजट की मांग की जाएगी। बजट मिलने के बाद सुधार कार्य कराया जाएगा। प्रधानाचार्यों से भी विद्यालय में कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी ली जा रही है।


अनुरक्षण कार्य के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि निर्माण संबंधी कार्यों का ब्योरा जुटाने का जिम्मा कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को दिया गया है। विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई समेत अन्य छोटे कार्यों का ब्योरा जुटाकर उनके खर्च का आकलन कराया जा रहा है। वहीं, निर्माण कार्यों में बाउंड्रीवॉल समेत अन्य बड़े कार्य शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत यह जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई विद्यालयों का सर्वे कर रहे हैं। आकलन रिपोर्ट से पता चलेगा कि किस विद्यालय में क्या काम कराया जाना है और उस पर कितना खर्च आएगा। इसी के आधार पर विद्यालयवार बजट की मांग की जाएगी।
भाजपा का राज्य सरकार को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त, भाजपा ने की चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा

8 से लेकर 11 सितंबर तक तिथिवार 24 जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के साथ डीसी एवं एसपी कार्यालय का किया जाएगा घेराव

मुकदमों से छात्रों की आवाज दबाने की भूल ना करें, भाजपा छात्रों के साथ न्याय की लड़ाई में मजबूती से खड़ी : आदित्य साहू

सत्ताधारी दल झामुमो और कांग्रेस के नेताओ को मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं

छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस करने, पिछले सात साल में सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने सहित अन्य मांगों को लेकर राज्य सरकार को दिए गए अपने 48 घंटे के अल्टीमेटम पूरा होने के बाद भाजपा ने 24 प्रशासनिक जिलों में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है। भाजपा द्वारा राज्य के सभी 24 प्रशासनिक जिलों में तिथिवार विभिन्न जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन के साथ एसपी और डीसी कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है। प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने इसकी घोषणा की है।

इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि भाजपा के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के द्वारा मुख्य सचिव के माध्यम से राज्य सरकार को दिया गया समय अब खत्म हो चुका है। अब भाजपा कार्यकर्ता लगातार चार दिनों तक सभी 24 जिलों में प्रदर्शन के साथ डीसी एवं एसपी कार्यालय का घेराव कर छात्रों की आवाज बुलंद करेंगे। प्रतिदिन 6 जिलों में घेराव कार्यक्रम किया जाएगा। भाजपा हर कदम पर छात्रों के इस न्याय की लड़ाई में मजबूती से खड़ी रहेगी।

श्री साहू ने कहा कि इस कार्यक्रम की शुरुआत 8 सितंबर से होगी। 8 सितंबर को रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा जिले में, 9 सितंबर कोडरमा, साहिबगंज, बोकारो, पलामू, सिमडेगा और चाईबासा जिले में, 10 सितंबर को सरायकेला, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा जिले में जबकि 11 सितंबर को रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा जिले में यह कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

श्री साहू ने कहा कि एकीकृत बिहार या झारखंड गठन के बाद किसी ने राज्य के अंदर ऐसा दृश्य नहीं देखा होगा, जिस प्रकार का सुलूक छात्रों के साथ राज्य सरकार कर रही है। छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। राज्य के विभिन्न जिलों में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को झामुमो के कार्यकर्ताओं द्वारा लाठी-डंडों से पीटा गया। उल्टा छात्रों पर ही मुकदमा कर दिया गया है।

सवाल है कि छात्रों के साथ गुंडागर्दी और मारपीट करने वाले झामुमो कार्यकर्ताओं पर अभी तक मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया है, यह जनता जानना चाहती है।

श्री साहू ने कहा कि दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों के छात्र आंदोलनों से झारखंड के आंदोलन की तुलना कीजिए। झारखंड के छात्रों ने मिसाल कायम किया है। वहीं दिल्ली के आंदोलन को पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे कांग्रेस के इशारे पर देश के प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया गया। लेकिन झारखंड में किसी छात्र ने किसी को गाली नहीं दी। फिर भी यह 1000 छात्रों पर मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि इतना से ही पुलिस और सरकार का मन नहीं भरा। पुलिस रात के अंधेरे में छात्रों के घर पर दस्तक देकर भय का माहौल बना रही है। कोचिंग संचालकों को डराया धमकाया जा रहा है।

श्री साहू ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो की सरकार ने नौकरियों को बेचने का काम किया है। सरकार को डर है कि उनके द्वारा नौकरी बेचने का घोटाला सबके सामने न आ जाये। इसलिए सरकार छात्रों के आन्दोलन को रोकने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रही है।

श्री साहू ने कहा कि भाजपा के अल्टीमेटम के 48 घंटे पूरे भी नहीं हुए और कांग्रेस, jmm एवं आरजेडी के लोग मुख्य सचिव के पास पहुंच गए। अगर इन नेताओं को जाना ही था तो मुख्यमंत्री के पास जाते। लगता है सीएम पर इन नेताओं का भरोसा खत्म हो चुका है। मुख्य सचिव से मिलने के बाद इन नेताओं ने मीडिया के सामने जो बयान दिया, वह काफी शर्मनाक है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि झामुमो और कांग्रेस के नेताओं को मुख्य सचिव को सच बताना चाहिए था कि झारखंड में नौकरी बेची गयी है या नहीं।

श्री साहू ने कहा कि धमकी देकर, मुकदमा कर आप सवालों ने नहीं भाग सकते हैं। सरकार छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है। सरकार और पुलिस को कोयला, बालू, पत्थर माफियाओं पर कार्रवाई करनी चाहिए, उन्हें पकड़नी चाहिए, खनिज संपदाओं की लूट पर रोक लगानी चाहिए तो ये लोग छात्राें को पकड़ रहे हैं।। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि मुकदमों से छात्रों की आवाज दबाने की भूल सरकार कतई ना करे। ये झारखंड के भविष्य हैं। जब इन छात्रों के साथ उनके परिजन और गांव समाज वाले भी सड़क पर उतर जाएंगे तो इन्हें संभालना इस सरकार के बूते से बाहर की बात होगी। अतः सरकार से अनुरोध है कि ऐसी भयावह स्थित उत्पन्न न होने दें। राज्य सरकार को छात्रों के साथ न्याय करना ही होगा। अभी भी समय है, सरकार छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को अविलंब रद्द करे और पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की अनुशंसा करे।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता रामाकांत महतो, दीनदयाल बरनवाल, रवि नाथ किशोर और मीडिया सह प्रभारी अजय राय भी उपस्थित थे।

ई- विद्या पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ाएगी कस्तूरबा की छात्राएं

*बालिका विद्यालय में बढ़ेगा डिजिटल शिक्षा का दायरा मिला निर्देश*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में डिजिटल का दायरा और बढ़ाया जाएगा। स्कूल की स्मार्ट टीवी को डीटीएच से संबद्ध किया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय से इसका निर्देश दिया गया है। इससे स्कूल टाइम के बाद छात्राएं शैक्षिक गतिविधि से जुड़े ई-विद्या के पांच निशुल्क चैनल देखकर अतिरिक्त ज्ञान प्राप्त कर सकती हैं।

बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि जिले में कुल छह कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इसमें भदोही, ज्ञानपुर, औराई, डीघ और सुरियावां ब्लॉक शामिल है। इन विद्यालयों में 500 बालिकाएं पंजीकृत हैं। अब सभी डिजिटल कक्षाओं को डीटीएच से जोड़ा जाएगा। चैनलों के माध्यम से शिक्षा बेहतर करने के साथ छात्राओं के ज्ञान में वृद्धि होगी और वह नवाचार से परिचित हो सकेंगी
मथुरा से 2027 का सियासी बिगुल! योगी के ‘विजय संकल्प’ के सामने अखिलेश की चुनौती

ब्रजभूमि में धर्म, विकास और राजनीति का संगम; भाजपा के सामने सत्ता बरकरार रखने की चुनौती, विपक्ष तलाश रहा वापसी का रास्ता

राम आशीष गोस्वामी

उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन उसकी आहट तेज होने लगी है। श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘विजय संकल्प’ वाला संदेश ऐसे समय आया है, जब प्रदेश की राजनीति धीरे-धीरे अगले विधानसभा चुनाव की दिशा में बढ़ रही है। मंच पर ‘राधे-राधे’ का उद्घोष, विकास परियोजनाओं का जिक्र और सत्ता में वापसी का आत्मविश्वास—इन सबने मथुरा के कार्यक्रम को महज सरकारी आयोजन से आगे राजनीतिक संकेतों का विषय बना दिया है।

ब्रजभूमि की धार्मिक पहचान और उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति का यह मेल भाजपा की रणनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू माना जा सकता है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने चुनौती है कि वे भाजपा के मजबूत संगठन और सांस्कृतिक मुद्दों के बीच अपने राजनीतिक एजेंडे को किस तरह जनता तक पहुंचाते हैं।

मथुरा से संदेश कितना राजनीतिक, कितना सांस्कृतिक?

मथुरा भाजपा के लिए केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सांस्कृतिक राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। कृष्ण जन्मभूमि, वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन की धार्मिक पहचान को विकास और पर्यटन से जोड़ने की कोशिश लंबे समय से राजनीतिक विमर्श का हिस्सा रही है। योगी आदित्यनाथ के भाषणों में भी विरासत और विकास का यह मेल लगातार दिखाई देता है। मथुरा में विकास परियोजनाओं के साथ ब्रज की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता देना इसी व्यापक राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा माना जा सकता है।

यहीं से 2027 की राजनीति का एक अहम सवाल निकलता है—क्या सांस्कृतिक मुद्दे और विकास का मॉडल भाजपा को फिर से मजबूत बढ़त दिला पाएगा, या विपक्ष सामाजिक और आर्थिक मुद्दों के सहारे चुनावी समीकरण बदलने में सफल होगा? 2027 का चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए महज सत्ता में वापसी का चुनाव नहीं होगा। यह उनके शासन मॉडल, कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और हिंदुत्व आधारित राजनीतिक छवि की जनता के बीच स्वीकार्यता का भी परीक्षण होगा।

भाजपा के पास संगठन की मजबूत मशीनरी, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का आधार तथा मुख्यमंत्री का स्थापित राजनीतिक चेहरा है। ऐसे में पार्टी के लिए चुनौती अपने समर्थक आधार को बनाए रखने के साथ-साथ अलग-अलग सामाजिक वर्गों में अपनी पकड़ मजबूत करना होगी। मथुरा से निकला ‘विजय’ का संदेश इसी आत्मविश्वास को दर्शाता है, लेकिन चुनावी मैदान में राजनीतिक दावे तभी परिणाम में बदलते हैं, जब वे मतदाता की प्राथमिकताओं से जुड़ते हैं।

अखिलेश के सामने भाजपा के नैरेटिव का जवाब देने की चुनौती

समाजवादी पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह 2027 में किस मुद्दे और किस सामाजिक समीकरण के साथ भाजपा को चुनौती देगी। अखिलेश यादव के पास पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की रणनीति है। इसके साथ रोजगार, किसानों की समस्याएं, महंगाई, युवाओं की अपेक्षाएं और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे विपक्ष के प्रमुख हथियार हो सकते हैं। लेकिन केवल सरकार विरोधी माहौल के भरोसे चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। सपा को मतदाताओं के सामने ऐसा वैकल्पिक राजनीतिक एजेंडा रखना होगा, जो भाजपा के सांस्कृतिक और विकास संबंधी नैरेटिव का प्रभावी जवाब दे सके।

आस्था के बीच राजनीति का नया रंग

उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक प्रतीकों की भूमिका नई नहीं है। कृष्ण की मथुरा हो या अयोध्या, काशी और अन्य धार्मिक केंद्र—आस्था हमेशा से राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करती रही है।

नीम करोली बाबा और हनुमान भक्ति से जुड़े संदर्भ भी इसी व्यापक आध्यात्मिक विमर्श को एक नया आयाम देते हैं। हालांकि राजनीतिक विश्लेषण में यह अंतर बनाए रखना जरूरी है कि धार्मिक आस्था और चुनावी निर्णय एक ही चीज नहीं हैं। मतदाता मंदिर में श्रद्धालु हो सकता है, लेकिन मतदान केंद्र पर उसका फैसला स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवार, सरकार के कामकाज, सामाजिक समीकरण और व्यक्तिगत अनुभवों समेत कई कारकों से प्रभावित हो सकता है।

2027 की लड़ाई में आमने-सामने होंगे दो अलग नैरेटिव

आगामी विधानसभा चुनाव की तस्वीर को मोटे तौर पर दो अलग राजनीतिक दृष्टिकोणों के बीच मुकाबले के रूप में देखा जा सकता है।

एक ओर भाजपा अपने विकास, कानून-व्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत और हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ा सकती है। दूसरी ओर सपा सामाजिक न्याय, पीडीए, रोजगार, किसान और महंगाई जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी मैदान तैयार कर सकती है।

लेकिन चुनाव का वास्तविक परिणाम इन नैरेटिव से आगे जाकर तय होगा। कौन-सा मुद्दा मतदाता को ज्यादा प्रभावित करता है, किस दल का संगठन बूथ स्तर तक प्रभावी रहता है और कौन गठबंधन या सामाजिक समीकरणों को बेहतर तरीके से साध पाता है—ये सभी निर्णायक कारक होंगे।

मथुरा से शुरू हुई हलचल का अगला पड़ाव कहां?

मथुरा से उठी चुनावी हलचल अब प्रदेश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। पश्चिमी यूपी से लेकर अवध, पूर्वांचल, बुंदेलखंड और मध्य यूपी तक राजनीतिक दल अपने-अपने मुद्दों के साथ जनता के बीच जाने की तैयारी करेंगे। भाजपा जहां सत्ता में अपनी पकड़ बनाए रखने की रणनीति पर आगे बढ़ेगी, वहीं विपक्ष के सामने सत्ता परिवर्तन के लिए व्यापक सामाजिक आधार तैयार करने की चुनौती होगी। आखिरकार 2027 की लड़ाई किसी एक मंच, नारे या धार्मिक प्रतीक से तय नहीं होगी। चुनावी मैदान में राजनीतिक दल अपने-अपने दावे रखेंगे, लेकिन अंतिम निर्णय जनता के हाथ में होगा।

मथुरा से सियासी संकेत जरूर मिल गया है। अब देखना यह है कि 2027 के चुनावी रण में भाजपा अपने विजय अभियान को आगे बढ़ा पाती है या अखिलेश यादव विपक्ष की चुनौती को सत्ता परिवर्तन की ताकत में बदल पाते हैं।

साकीनाका के विघ्नहर्ता की 33 फुट ऊंची प्रतिमा का भव्य आगमन

मुंबई। चांदिवली विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 162 में श्रीकृष्ण मित्र मंडल सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल द्वारा साकीनाका के “विघ्नहर्ता” की 33 फुट ऊंची भव्य गणेश प्रतिमा के आगमन समारोह का आयोजन उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। इस भव्य और मनमोहक गणपति की एक झलक पाने के लिए नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। “विघ्नहर्ता” की शोभायात्रा मंडप से उमा महेश्वर मंदिर तक निकाली गई और इसके पश्चात बप्पा को विधिवत रूप से गणेशोत्सव मंडप में विराजमान किया गया। इस अवसर पर मुंबई उपनगर के पूर्व पालकमंत्री मोहम्मद आरिफ नसीम खान, सूचना के अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली, नगरसेवक आमिर खान, मंडल के अध्यक्ष चंद्रकांत माने, वजीर चांद मुल्ला, बाबू बत्तेली, महेंद्र भानुशाली, अक्षय यादव, सुरेंद्र सिंह, रियाज़ मुल्ला, रत्नाकर शेट्टी, डेरिन कोटियन, रणजीत मूलये, अशोक यादव और जिगर जैन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

श्रीकृष्ण मित्र मंडल इस वर्ष अपना 42वां वर्ष मना रहा है। विशेष बात यह है कि पिछले पांच वर्षों से मंडल द्वारा डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया है और भगवान श्री गणेश का स्वागत पूरी तरह से पारंपरिक एवं सांस्कृतिक पद्धति से किया जाता है।

थाना को0 नगर पुलिस द्वारा चोरी की घटना का सफल अनावरण, 03 अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से चोरी का 01 ई-रिक्शा व 01 सीएनजी आटो रिक्शा बरामद

कार्यवाही

गोण्डा। थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 815/2026 धारा 303(2) बीएनएस से सम्बन्धित चोरी की गई ई रिक्शा की घटना का सफल अनावरण किया गया। पुलिस टीम द्वारा घटना का सफल अनावरण करते हुए घटना कारित करने के 03 आरोपी अभियुक्तों 01. ननके उर्फ महेन्द्र पाण्डेय, 02. रामबाबू सिंह व 03. शिवशंकर पाण्डेय उर्फ मटर पाण्डेय को राजेन्द्र लहड़ी समाधी स्थल के पास से गिरफ्तार कर कब्जे से चोरी गई 01 अदद सफेद रंग का ई रिक्शा व 01 एदद सीएनजी आटो रिक्शा बिना नम्बर के बरामद किया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरणः-

दिनांक 03.09.2026 को वादी दीपक दूबे पुत्र रामकृपाल दूबे निवासी डिडिसिया कला (डिहवा) थाना तरबगंज जनपद गोण्डा द्वारा थाना कोतवाली नगर पर लिखित सूचना दिया की वह अपने घर के काम के लिए इ रिक्शा के साथ आर्यन टामसन के पास आया था जहाँ अपना ई रिक्शा खड़ा करके काम के लिए चला गया था कि किसी अज्ञात चोरो द्वारा उनका ई रिक्शा चोरी कर लिए थे। काफी खोज बीन किया कुछ पता नही चला। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना को0 नगर में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।

जिसमें आज दिनांक 04.09.2026 को थाना को0 नगर पुलिस द्वारा घटना का सफल अनावरण करते हुए घटना कारित करने के 03 आरोपी अभियुक्तों 01. ननके उर्फ महेन्द्र पाण्डेय, 02. रामबाबू सिंह व 03. शिवशंकर पाण्डेय उर्फ मटर पाण्डेय को राजेन्द्र लहड़ी समाधी स्थल के पास से गिरफ्तार कर कब्जे से चोरी गई 01 अदद सफेद रंग का ई रिक्शा व 01 एदद सीएनजी बिना नम्बर के बरामद किया गया।

थाना को0कर्नलगंज पुलिस द्वारा नाबालिग के साथ दुराचार करने के वांछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तारः

कार्यवाही-

गोण्डा। थाना को0कर्नलगंज पुलिस द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में मु0अ0सं0-489/2026 धारा 64(1),191(2), 115(2), 352, 351,(3), 137(2), 64(2)(M) बीएनएस 5(j)(2)/6 पॉक्सो एक्ट से संबंधित वांछित अभियुक्त मन्नान पुत्र इन्सान अली को रेवाडी रोड, निकट बैरागीपुरवा के पास से गिरफ्तार किया गया।

घटना का संक्षिप्त विवरण-

दिनांक 14.08.2026 को थाना को0कर्नलंगज क्षेत्रान्तर्गत रहने वाले एक महिला द्वारा थाना को0कर्नलगंज पर लिखित तहरीर दी गयी कि उनकी पुत्री को विपक्षी मन्नान द्वारा बहला फुसलाकर भगा ले गया है। कुछ समय बाद विपक्षी के परिजनों द्वारा अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसकी पुत्री का जबरन निकाह कराया गया। दिनांक 06.06.2026 को उसकी पुत्री के अकेले होने का फायदा उठाकर उसके जेठ उनकी पुत्री के साथ दुराचार किया। तहरीर के आधार पर थाना को0कर्नलंगज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया।

जिसमें आज दिनांक 04.09.2026 को थाना को0कर्लनंगज पुलिस टीम द्वारा आरोपी अभियुक्त मन्नान पुत्र इन्सान अली को रेवाडी रोड, निकट बैरागीपुरवा के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरूद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की गयी।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय ‘विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ के लिए व्यापक तैयारी

मुंबई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ‘विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ का आयोजन आगामी 29 सितंबर को किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल को सफल बनाने के लिए पूरे महाराष्ट्र में व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कौशल विकास विभाग तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित किए जाने वाले रोजगार मेलों और प्लेसमेंट ड्राइव को लेकर आज मंत्रालय से राज्यव्यापी ऑनलाइन बैठक हुई।

बैठक में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील तथा कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा उपस्थित रहे। बैठक में रोजगार महाकुंभ के माध्यम से युवाओं को रोजगार के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराने पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस पहल के तहत पूरे राज्य में 1,000 रोजगार मेले आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत अधिक से अधिक विद्यार्थियों एवं युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया गया। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि युवाओं में रोजगार हासिल करने की क्षमता और इच्छाशक्ति होने के बावजूद कई बार उन्हें उचित मार्गदर्शन और रोजगार के उपयुक्त अवसरों तक पहुंचने के लिए आवश्यक मंच नहीं मिल पाता। ‘विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ के माध्यम से इस अंतर को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया जाएगा।

युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए 'सात दिवसीय ‘प्री-प्लेसमेंट ट्रेनिंग’ आयोजित की जाएगी। इसमें नौकरी के लिए आवश्यक तैयारी, व्यक्तित्व विकास और इंटरव्यू का प्रभावी तरीके से सामना करने से संबंधित मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके अलावा, रोजगार के लिए चयनित युवाओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार ‘पोस्ट-प्लेसमेंट ट्रेनिंग’ भी उपलब्ध कराई जाएगी।राज्य के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित होने की उम्मीद है। रोजगार महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

औराई पुलिस ने गांजा बेचते 2 आरोपी पकड़े: उनके पास से 1.076 किलो गांजा और 2,600 रुपए नकद मिले*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। थाना औराई पुलिस ने गांजा बेचने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 1.076 किलोग्राम अवैध गांजा और 2,600 रुपए नकद बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

पुलिस को शुक्रवार को भरतपुर नहरा पुलिया के पास दो व्यक्तियों द्वारा अवैध गांजा बेचने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजपति (55 वर्ष) पुत्र स्व. बंशी और सूरज कुमार (20 वर्ष) पुत्र राजपति के रूप में हुई है। दोनों सोनबरसा तारापुर, थाना औराई, जनपद भदोही के रहने वाले हैं।

राजपति के पास से प्लास्टिक के झोले में 1.076 किलोग्राम अवैध गांजा मिला, जबकि सूरज के पास से 2,600 रुपए नकद बरामद हुए। आरोपियों ने बताया कि यह पैसा उन्होंने गांजा बेचकर कमाया था।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अवैध तरीके से गांजा बेचकर अपना गुजारा करते थे। वे आज भी गांजा बेचने के लिए आए थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

इस मामले में थाना औराई में मु0अ0सं0-0393/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक भदोही शुभम अग्रवाल की देखरेख में हुई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक रामाश्रय यादव, हेड कांस्टेबल राकेश सिंह, हेड कांस्टेबल कैलाश भारती, हेड कांस्टेबल राजू कुमार राव, कांस्टेबल रितिक राजपूत और कांस्टेबल जयकरन शामिल थे।
प्रोजेक्ट अलंकार से 38 राजकीय स्कूलों की होगी मरम्मत*

*ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने शुरू किया सर्वे, इसके बाद बनेड़ा स्टीमेट*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 33 राजकीय हाईस्कूल और पांच इंटर कॉलेजों की मरम्मत होगी। दो से ढाई दशक पुराने विद्यालयों में खिड़की, दरवाजे और जर्जर भवनों को चिह्नित कर दुरुस्त किया जाएगा। शासन के निर्देश पर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की टीम ने सभी विद्यालयों का सर्वे शुरू कर दिया है। एक-एक विद्यालय की कमियों को चिह्नित कर सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। जिले में कुल 38 राजकीय हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेज हैं। इनमें 37 विद्यालय दो से ढाई दशक पुराने हैं, जबकि पीएम श्री विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज 100 साल से अधिक पुराना है। बारिश, ठंड और धूप का सामना करने से इन स्कूल भवनों की स्थिति धीरे-धीरे खराब हो रही है। कई विद्यालयों की खिड़की, दरवाजे और टाइल्स भी खराब हो चुके हैं। शासन के निर्देश पर शुरू हुए सर्वे में मरम्मत और निर्माण संबंधी कार्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। सभी विद्यालयों से आवश्यक कार्यों की सूची और उन पर होने वाले खर्च का ब्योरा संकलित किया जाएगा। इसके आधार पर बजट की मांग की जाएगी। बजट मिलने के बाद सुधार कार्य कराया जाएगा। प्रधानाचार्यों से भी विद्यालय में कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी ली जा रही है।


अनुरक्षण कार्य के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि निर्माण संबंधी कार्यों का ब्योरा जुटाने का जिम्मा कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) को दिया गया है। विद्यालयों में मरम्मत, रंगाई-पुताई समेत अन्य छोटे कार्यों का ब्योरा जुटाकर उनके खर्च का आकलन कराया जा रहा है। वहीं, निर्माण कार्यों में बाउंड्रीवॉल समेत अन्य बड़े कार्य शामिल हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत यह जानकारी जुटाई जा रही है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई विद्यालयों का सर्वे कर रहे हैं। आकलन रिपोर्ट से पता चलेगा कि किस विद्यालय में क्या काम कराया जाना है और उस पर कितना खर्च आएगा। इसी के आधार पर विद्यालयवार बजट की मांग की जाएगी।
भाजपा का राज्य सरकार को दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम समाप्त, भाजपा ने की चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा

8 से लेकर 11 सितंबर तक तिथिवार 24 जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन के साथ डीसी एवं एसपी कार्यालय का किया जाएगा घेराव

मुकदमों से छात्रों की आवाज दबाने की भूल ना करें, भाजपा छात्रों के साथ न्याय की लड़ाई में मजबूती से खड़ी : आदित्य साहू

सत्ताधारी दल झामुमो और कांग्रेस के नेताओ को मुख्यमंत्री पर भरोसा नहीं

छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस करने, पिछले सात साल में सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने सहित अन्य मांगों को लेकर राज्य सरकार को दिए गए अपने 48 घंटे के अल्टीमेटम पूरा होने के बाद भाजपा ने 24 प्रशासनिक जिलों में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा कर दी है। भाजपा द्वारा राज्य के सभी 24 प्रशासनिक जिलों में तिथिवार विभिन्न जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन के साथ एसपी और डीसी कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है। प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने इसकी घोषणा की है।

इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि भाजपा के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के द्वारा मुख्य सचिव के माध्यम से राज्य सरकार को दिया गया समय अब खत्म हो चुका है। अब भाजपा कार्यकर्ता लगातार चार दिनों तक सभी 24 जिलों में प्रदर्शन के साथ डीसी एवं एसपी कार्यालय का घेराव कर छात्रों की आवाज बुलंद करेंगे। प्रतिदिन 6 जिलों में घेराव कार्यक्रम किया जाएगा। भाजपा हर कदम पर छात्रों के इस न्याय की लड़ाई में मजबूती से खड़ी रहेगी।

श्री साहू ने कहा कि इस कार्यक्रम की शुरुआत 8 सितंबर से होगी। 8 सितंबर को रांची, दुमका, हजारीबाग, गिरिडीह, जमशेदपुर और गढ़वा जिले में, 9 सितंबर कोडरमा, साहिबगंज, बोकारो, पलामू, सिमडेगा और चाईबासा जिले में, 10 सितंबर को सरायकेला, पाकुड़, धनबाद, गुमला, लातेहार और चतरा जिले में जबकि 11 सितंबर को रामगढ़, देवघर, लोहरदगा, खूंटी, गोड्डा और जामताड़ा जिले में यह कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

श्री साहू ने कहा कि एकीकृत बिहार या झारखंड गठन के बाद किसी ने राज्य के अंदर ऐसा दृश्य नहीं देखा होगा, जिस प्रकार का सुलूक छात्रों के साथ राज्य सरकार कर रही है। छात्रों के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। राज्य के विभिन्न जिलों में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को झामुमो के कार्यकर्ताओं द्वारा लाठी-डंडों से पीटा गया। उल्टा छात्रों पर ही मुकदमा कर दिया गया है।

सवाल है कि छात्रों के साथ गुंडागर्दी और मारपीट करने वाले झामुमो कार्यकर्ताओं पर अभी तक मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया गया है, यह जनता जानना चाहती है।

श्री साहू ने कहा कि दिल्ली सहित अन्य प्रदेशों के छात्र आंदोलनों से झारखंड के आंदोलन की तुलना कीजिए। झारखंड के छात्रों ने मिसाल कायम किया है। वहीं दिल्ली के आंदोलन को पूरी दुनिया ने देखा कि कैसे कांग्रेस के इशारे पर देश के प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया गया। लेकिन झारखंड में किसी छात्र ने किसी को गाली नहीं दी। फिर भी यह 1000 छात्रों पर मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि इतना से ही पुलिस और सरकार का मन नहीं भरा। पुलिस रात के अंधेरे में छात्रों के घर पर दस्तक देकर भय का माहौल बना रही है। कोचिंग संचालकों को डराया धमकाया जा रहा है।

श्री साहू ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो की सरकार ने नौकरियों को बेचने का काम किया है। सरकार को डर है कि उनके द्वारा नौकरी बेचने का घोटाला सबके सामने न आ जाये। इसलिए सरकार छात्रों के आन्दोलन को रोकने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपना रही है।

श्री साहू ने कहा कि भाजपा के अल्टीमेटम के 48 घंटे पूरे भी नहीं हुए और कांग्रेस, jmm एवं आरजेडी के लोग मुख्य सचिव के पास पहुंच गए। अगर इन नेताओं को जाना ही था तो मुख्यमंत्री के पास जाते। लगता है सीएम पर इन नेताओं का भरोसा खत्म हो चुका है। मुख्य सचिव से मिलने के बाद इन नेताओं ने मीडिया के सामने जो बयान दिया, वह काफी शर्मनाक है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि झामुमो और कांग्रेस के नेताओं को मुख्य सचिव को सच बताना चाहिए था कि झारखंड में नौकरी बेची गयी है या नहीं।

श्री साहू ने कहा कि धमकी देकर, मुकदमा कर आप सवालों ने नहीं भाग सकते हैं। सरकार छात्रों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है। सरकार और पुलिस को कोयला, बालू, पत्थर माफियाओं पर कार्रवाई करनी चाहिए, उन्हें पकड़नी चाहिए, खनिज संपदाओं की लूट पर रोक लगानी चाहिए तो ये लोग छात्राें को पकड़ रहे हैं।। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि मुकदमों से छात्रों की आवाज दबाने की भूल सरकार कतई ना करे। ये झारखंड के भविष्य हैं। जब इन छात्रों के साथ उनके परिजन और गांव समाज वाले भी सड़क पर उतर जाएंगे तो इन्हें संभालना इस सरकार के बूते से बाहर की बात होगी। अतः सरकार से अनुरोध है कि ऐसी भयावह स्थित उत्पन्न न होने दें। राज्य सरकार को छात्रों के साथ न्याय करना ही होगा। अभी भी समय है, सरकार छात्रों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को अविलंब रद्द करे और पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की अनुशंसा करे।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता रामाकांत महतो, दीनदयाल बरनवाल, रवि नाथ किशोर और मीडिया सह प्रभारी अजय राय भी उपस्थित थे।

ई- विद्या पढ़कर अपना ज्ञान बढ़ाएगी कस्तूरबा की छात्राएं

*बालिका विद्यालय में बढ़ेगा डिजिटल शिक्षा का दायरा मिला निर्देश*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में डिजिटल का दायरा और बढ़ाया जाएगा। स्कूल की स्मार्ट टीवी को डीटीएच से संबद्ध किया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय से इसका निर्देश दिया गया है। इससे स्कूल टाइम के बाद छात्राएं शैक्षिक गतिविधि से जुड़े ई-विद्या के पांच निशुल्क चैनल देखकर अतिरिक्त ज्ञान प्राप्त कर सकती हैं।

बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि जिले में कुल छह कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इसमें भदोही, ज्ञानपुर, औराई, डीघ और सुरियावां ब्लॉक शामिल है। इन विद्यालयों में 500 बालिकाएं पंजीकृत हैं। अब सभी डिजिटल कक्षाओं को डीटीएच से जोड़ा जाएगा। चैनलों के माध्यम से शिक्षा बेहतर करने के साथ छात्राओं के ज्ञान में वृद्धि होगी और वह नवाचार से परिचित हो सकेंगी