/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png StreetBuzz s:russia
रूसी सेना का प्लेन क्रीमिया में क्रैश, विमान में सवार सभी 29 लोगों की मौत

#russiamilitaryplanecrashincrimea29_dead

रूस में एक बड़े हादसे में मिलिट्री का एक जहाज क्रैश कर गया है। विमान क्रैश होने से 29 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी सैन्य परिवहन विमान एएन-26 एक चट्टान से टकराकर क्रैश हो गया। यह दुर्घटना संभवतः किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई है। विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

उड़ान भरने के बाद विमान से संपर्क टूटा

रूसी समाचार एजेंसी TASS ने बुधवार को रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि "क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भरते समय रूसी एंटोनोव-26 मिलिट्री विमान क्रैश हुआ है। 31 मार्च की शाम 6 बजे An-26 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान से संपर्क टूटा, जब वह क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान पर था।"

छह क्रू मेंबर समेत 29 की मौत

रक्षा मंत्रालय ने कहा, "खोज एवं बचाव दल ने An-26 विमान के दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया है।घटनास्थल से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, विमान में सवार छह चालक दल के सदस्य और 23 यात्री मारे गए।"

तकनीकी खराबी के कारण हादसे की आशंका

विमान के मलबे पर बाहरी प्रभाव का कोई संकेत नहीं मिला, यानी ऐसा नहीं लगता कि उसे किसी हथियार से निशाना बनाया गया था। इस स्तर पर इसने संकेत दिया कि तकनीकी विफलता के कारण विमान की दुर्घटना होने की संभावना है।

यूक्रेन की तरफ से हमले की आशंका से इनकार

रूसी विमान पर यूक्रेन की ओर से हमले के अंदेशे पर रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि प्लेन पर किसी बाहरी प्रभाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इससे साफ है कि विमान को यूक्रेन ने हिट नहीं किया है। दरअसल, क्रीमिया में जिस स्थान पर ये हादसा हुआ है, यह प्रायद्वीपीय इलाका है। काले सागर के तट तक फैली विशाल पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे हुए इस क्षेत्र को रूस ने 2014 में अपने अधिकार में ले लिया गया था। पहले इस भूभाग पर यूक्रेन का अधिकार था।

रूस के बाद अब ईरानी तेल से हटा प्रतिबंध, क्या है जंग के बीच ट्रंप के यू-टर्न की वजह

#afterrussianowbanonbuyingoilfromiranliftedus 

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराते तेल संकट और आसमान छूती कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। अमेरिका ने रूस के बाद ईरान के तेल पर लगे दीर्घकालिक प्रतिबंधों को अगले एक महीने के लिए अस्थायी रूप से हटा दिया है।

140 मिलियन बैरल तेल होगा उपलब्ध

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्येश्य मौजूदा आपूर्ति को जारी करके बाजारों को तेजी से स्थिर करना है। बेसेंट ने लिखा, दुनिया के लिए इस मौजूदा आपूर्ति को अस्थायी रूप से जारी करके अमेरका वैश्विक बाजारों में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल तेजी से उपलब्ध कराएगा। यह छूट उस ईरानी तेल पर लागू होगी जो पहले से ही जहाज पर लदकर समुद्र में फंसा हुआ है।

दुनियाभर में गहरा रहा ऊर्जा संकट

अमेरिका और इजराइल के हमलों से उसके परमाणु, सैन्य या ऊर्जा ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है। ये हमले 28 फरवरी से जारी हैं। ईरान के हमलों के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक स्तर पर खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतों में आए तीव्र उछाल ने अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में हाहाकार मचा दिया था। मुद्रास्फीति और शेयर बाजार में भारी गिरावट को रोकने की उम्मीद में ट्रंप प्रशासन ने यह सामान्य लाइसेंस जारी किया है।

रूस को मिली थी ऐसी ही छूट

इसके पहले ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल पर भी इसी तरह की छूट दी थी, जिसमें समुद्र में मौजूद रूसी तेल शिपमेंट की खरीद पर 30 दिनों की छूट दी गई थी।। बेसेंट ने बताया कि प्रशासन ने पहले ही बाजार में 44 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल लाने के लिए काम कर रहा है। इसके होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा डालकर फायदा उठाने की ईरान की क्षमता कमजोर हुई है। बेसेंट ने ईरान को ग्लोबल आतंकवाद का सरगना बताया और कहा कि अमेरिका इस लड़ाई को उम्मीद से भी ज्यादा तेजी से जीत रहा है।

भारत समेत दुनिया के सामने भीख मांग रहा अमेरिका', रूसी तेल खरीद को लेकर ईरान के मंत्री का बड़ा दावा

#iranfmsaysusbeggingindiaandtheworldtobuyrussianoil

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य मोर्चे पर तो लड़ाई जारी है, जुबानी जंग भी तेज हो गई है। एक दूसरे पर वार-पलटवार का दौर चल रहा है। रूसी तेल खरीदने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने उन पर तीखा हमला बोला है। अराघची ने अमेरिका पर हमला बोलते हुए कहा कि वॉशिंगटन, भारत समेत दुनिया भर के देशों के सामने रूसी तेल खरीदने के लिए गिड़गिड़ा रहा है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- अमेरिका महीनों से भारत पर रूसी तेल नहीं खरीदने का दबाव बना रहा था, लेकिन ईरान के साथ दो सप्ताह की जंग में ही व्हाइट हाउस अब भारत सहित दुनिया के सामने गिड़गिड़ा रहा हैष वह भीख मांग रहा है कि दुनिया रूस से तेल खरीदे। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी के साथ फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट शेयर की है, जिसमें कहा गया है कि ईरान युद्ध रूस की ऑयल इंडस्टी के लिए संजीवनी बनकर आया है।

यूरोपीय देशों पर भी साधा निशाना

अरगची ने अपनी पोस्ट में यूरोपीय देशों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यूरोप ने ईरान पर 'अवैध युद्ध' का साथ देकर सोचा था कि अमेरिका उसके बदले रूस के खिलाफ उनका साथ देगा, लेकिन अब वे निराश हैं। मंत्री ने लिखा, 'यूरोप ने सोचा कि ईरान पर अवैध युद्ध का समर्थन करने से अमेरिका रूस के खिलाफ उसकी मदद करेगा। यह बहुत दयनीय है।'

रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका ने दी छूट

अराघची की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एक दिन पहले ही अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने पर लगा प्रतिबंध अस्थायी रूप से हटाने की जानकारी दी थी। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वित्त विभाग ने रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की मंजूरी देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा था कि यह मंजूरी केवल उस रूसी तेल के लिए होगी जो पहले से ही समुद्र में मौजूद है। अमेरिका ने कुछ दिन पहले भारत को भी इसी तरह की छूट दी थी।

अमेरिका ने भारत को दी रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट, भड़का विपक्ष

#russianoilpurchaseswaiverfor30day

अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए '30 दिन की छूट दी है। अमेरिका ने ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से पैदा हो रहे ऊर्जा संकट से निपटने के लिए भारत को एक वैकल्पिक रास्ते का ऑफर दिया है। अमेरिका ने कहा है कि भारत फिलहाल 30 दिनों तक रूस से कच्चा तेल खरीद सकता है।

सिर्फ 30 दिनों की अस्थायी छूट

मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। यह दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार का रास्ता है। भारत अपनी 88 प्रतिशत से ज्यादा तेल जरूरत आयात करता है और इसमें से आधा से ज्यादा खाड़ी देशों से आता है। ऐसे में सप्लाई में रुकावट से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और भारत को महंगा पड़ सकता है। इस बीच अमेरिका ने रूस के समुद्र में फंसे तेल के जहाजों को भारत भेजने की इजाजत दे दी है। यह सिर्फ 30 दिनों की अस्थायी छूट है।

यूएस ने बताई 30 दिनों की अस्थाई छूट की वजह

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ''वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए अमेरिकी ट्रेज़री विभाग (वित्त मंत्रालय) भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने वाली 30 दिनों की अस्थाई छूट जारी कर रहा है। यह जानबूझकर बहुत कम अवधि के लिए दिया गया है, इसलिए इससे रूसी सरकार को कोई बड़ा वित्तीय फायदा नहीं होगा, क्योंकि यह केवल उन तेल सौदों की अनुमति देता है जो पहले से समुद्र में फंसे हुए तेल से जुड़े हैं।''

राहुल गांधी ने विदेश नीति पर उठाया सवाल

इस अमेरिकी घोषणा पर कांग्रेस तिलमिला गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हमारी विदेश नीति हमारे इतिहास, हमारी भौगोलिक स्थिति और हमारे मूल्यों के आधार पर तय होना चाहिए। ये सत्य और अहिंसा पर आधारित होनी चाहिए।" उन्होंने कहा, "आज जो हम देख रहे हैं, वह कोई नीति नहीं है। यह एक समझौता कर चुके व्यक्ति के शोषण का परिणाम है।"

कांग्रेस बोली-भारतीय संप्रभुता पर हमला

वहीं, दूसरे कांग्रसी नेताओं ने इस छूट को न सिर्फ भारतीय संप्रभुता पर हमला कहा, बल्कि इसे ब्लैकमेलिंग बताया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट करके लिखा है, ''ट्रंप का नया खेल, दिल्ली दोस्त को कहा, पुतिन से ले सकते हो तेल, कबतक चलेगा ये अमेरिकी ब्लैकमेल।'' कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने तो इसे देश की संप्रभुता तक से जोड़ा। उन्होंने लिखा, 30 दिन की छूट जारी करना, दबाव की पाखंडी भाषा, नव-साम्राज्यवादी अहंकार से भरा है....क्या हम बनाना रिपब्लिक हैं, जो हमें अपने लिए तेल खरीदने के लिए अमेरिकी अनुमति की जरूरत है? वैसे ज्यादा बोलने वाली सरकार की चुप्पी कुछ अधिक है। क्या इसे नहीं पता कि संप्रभुता का मतलब क्या है?''

अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर अतिरिक्त 25 फ़ीसदी का टैरिफ लगा दिया था। इससे भारत पर कुल अमेरिकी टैरिफ 50 फ़ीसदी हो गया था।

रूस में भारतीय छात्रों पर हमला, कॉलेज के हॉस्टल में घुसकर हुई चाकूबाजी

#russiaufaknifeattackonindianmedical_students

रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के उफा शहर में एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी की घटना सामने आई है। इस हमले में 4 भारतीय छात्रों समेत कई लोग घायल हो गए हैं। भारतीय दूतावास ने शनिवार की रात इस घटना की पुष्टि की है।

रूसी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को लेकर कहा कि बश्कोर्तोस्तान रिपब्लिक प्रांत के एक विश्वविद्यालय में आरोपी ने हॉस्टल में घुसकर कई छात्रों पर अचानक हमला किया। इस दौरान उसने कई छात्रों को निशाना बनाया और खुद को भी नुकसान पहुंचाया।

हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल

रूसी सरकार ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही जब रूसी पुलिस पहुंची तो आरोपी ने पुलिस अधिकारियों पर भी हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार घायलों में से चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक ही हालत नाजुक है। पुलिस ने कहा कि हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल है। उसे एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

हमलावर ने नाजी स्वास्तिक का निशान बनाया

एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छात्रावास की दीवार पर नाजी स्वास्तिक का निशान बना मिला, जो कथित तौर पर एक पीड़ित के खून से बनाया गया था। गृह मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्क ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस का विरोध किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि रूसी अधिकारियों ने अभी तक हमले के मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हमले के दौरान आरोपी ने होलोकॉस्ट से जुड़े राष्ट्रवादी नारे लगाए।

AIMSA ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

भारतीय छात्रों पर हुए हिंसक हमले के मामले में अखिल भारतीय मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने पीएम मोदी को लेटर लिख गहरी चिंता जताई है। संगठन ने इस घटना को गंभीर बताते हुए पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने और विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से कूटनीतिक कदम उठाने की मांग की है।

विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल

AIMSA द्वारा लिखे गए लेटर में कहा गया है कि इस तरह की घटनाएं न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल पैदा करती हैं। डॉक्टरों के इस संगठन ने मांग की है कि भारतीय छात्रों के लिए स्पष्ट एडवाइजरी जारी की जाए और हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में उन्हें तुरंत मदद मिल सके।

भारत पर अब 500 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी में ट्रंप! रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त

#trumpproposes500percenttariffonindiachinaandbraziloverrussianoil_purchases

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे बिल को मंजूरी दे दी है, जिससे रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बिल पर अगले सप्ताह वोटिंग हो सकती है। बिल को मंजूरी मिलने पर भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है।

बिल पर अगले सप्ताह वोटिंग

सीनेटर ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी हालिया बैठक के बाद इस विधेयक को मंजूरी मिली। उन्होंने कहा कि यह बिल अगले सप्ताह तक वोटिंग के लिए पेश किया जा सकता है।इस प्रस्तावित कानून के तहत अमेरिका भारत और चीन जैसे देशों पर आयात शुल्क (टैरिफ) 500 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है।

रूसी तेल खरीदने वाले देशों को सजा देने की अनुमति

ग्राहम ने कहा कि यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों को सजा देने की अनुमति देगा जो सस्ता रूसी तेल खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन को बढ़ावा दे रहे हैं। ग्राहम ने बताया कि इस बिल पर वह सीनेटर ब्लूमथल और कई दूसरे लोगों के साथ महीनों से काम कर रहे थे।

सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025

अमेरिकी कांग्रेस की आधिकारी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित बिल का नाम सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025 है। इसमें व्यक्तियों और संस्थाओं पर जुर्माने के साथ ही रूस से अमेरिका में आयात होने वाले सभी सामानों और सेवाओं पर ड्यूटी को कीमत के कम से कम 500% तक बढ़ाना शामिल है।

डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकी, बोले-रूसी तेल छोड़ो वरना…पीएम मोदी को लेकर कही बड़ी बात

#uscouldraisetariffsonindiaiftheydonthelponrussianoil

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की है। ट्रंप की ओर से सोमवार को की गई सख्त टिप्पणी में कहा गया है कि अगर रूसी तेल खरीद के मुद्दे पर दिल्ली का रुख हमारे साथ मेल नहीं खाता है तो भारतीय आयात पर टैरिफ बढ़ाया सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखता है, तो अमेरिका भारत पर टैरिफ बढ़ा सकता है। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘अगर भारत रूस के तेल के मुद्दे पर सहयोग नहीं करता है, तो हम उस पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं।’

पहले की पीएम मोदी की तारीफ

व्हाइट हाउस की तरफ से जारी ऑडियो संदेश में ट्रंप ने अपने विशेष सैन्य विमान- एयरफोर्स वन में मीडिया कर्मियों के साथ संवाद के दौरान पीएम मोदी पर टिप्पणियां कीं। उन्होंने भारत में रूसी तेल आयात से जुड़े एक सवाल के संदर्भ में कहा, 'वे मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे...प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। वे नेक इंसान हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं हूं। मुझे खुश करना उनके लिए महत्वपूर्ण था। वे (भारत-रूस) व्यापार करते हैं, उन्हें यह बात भलीभांति पता थी कि अमेरिका उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत ने रूस से तेल की खरीद में काफी हद तक कटौती की है।’

ट्रेड डील पर बातचीत के बीच बड़ा बयान

डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ बढ़ाने का यह बयान भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड बातचीत के बीच आया है। कुछ समय पहले ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा और अब वह तेल नहीं खरीद रहे हैं। हालांकि भारत ने इस दावे को खारिज किया था। अब उन्होंने कहा है कि भारत ने रूस से तेल खरीद जारी रखी है और हम टैरिफ बढ़ाएंगे।

पहले भी लगा चुके हैं भारी टैरिफ

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत के खिलाफ टैरिफ लगाने की बात कही है। ट्रंप प्रशासन पहले ही भारतीय सामानों पर कुल 50% तक टैरिफ लगा चुका है। ट्रंप के मुताबिक, इसमें से 25% टैरिफ तो केवल इसलिए लगाया गया है ताकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की सजा दी जा सके। इस भारी-भरकम टैक्स का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के डेटा के मुताबिक, मई से सितंबर 2025 के बीच भारत का अमेरिका को होने वाला एक्सपोर्ट लगभग 37.5% तक गिर गया है। जो निर्यात पहले 8.8 अरब डॉलर का हुआ करता था, वह घटकर केवल 5.5 अरब डॉलर रह गया है।

भारत-रूस के बीच कई समझौते, मोदी-पुतिन की ज्वाइंट कॉन्फ्रेंस में एलान

#pmmodiandrussianpresidentvladimirputinjointpress_meet

दिल्ली के हैदराबाद हाउस में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस ब्रीफिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-रूस संबंधों को नए आयाम तक ले जाने की बात कही। पीएम मोदी ने भारत और रूस के बीच दोस्ती को ध्रुव तारे की तरह स्थिर बताया है। उन्होंने कहा, पिछले 8 दशकों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मानवता को कई तरह की चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है। लेकिन इन सबके बीच भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह हमेशा अटल और स्थिर बनी रही है।

2030 तक के आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आज हमने इस नींव को और मजबूत करने के लिए सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की है। आज हमने 2030 तक के लिए एक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति बनाई है। इससे हमारा व्यापार और निवेश संतुलित और टिकाऊ बढ़ेगा तथा सहयोग के क्षेत्र में नए आयाम जुड़ेंगे। भारत-रूस व्यापारिक मंच में भी हमें शामिल होने का अवसर मिलेगा। यह हमारे कारोबारी रिश्तों को नई ताकत देगा। इससे निर्यात, सह-निर्माण और सह-नवाचार के नए दरवाजे भी खुलेंगे।

रूसी नागरिकों के लिए 30 दिन का मुफ्त वीजा का ऐलान

प्रधानमंत्री ने कहा, दोनों देशों के बीच स्नेह और आत्म-सम्मान का भाव रहा है। हाल ही में रूस में भारत के दो नए वाणिज्य दूतावास खोले गए हैं। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और सुगम और आपस में नजदीकियां बढ़ेंगी। शीघ्र ही हम रूसी नागरिकों के लिए नि:शुल्क 30 दिन का ई टूरिस्ट वीजा और 30 दिन के ग्रुप टूरिस्ट वीजा की शुरुआत करने जा रहे हैं। हम मिलकर वोकेशनल एजुकेशन, स्किलिंग और ट्रेनिंग पर भी काम करेंगे। दोनों देशों के स्कॉलर्स और खिलाड़ियों का आदान-प्रदान बढ़ेगा।

आतंकवाद के खिलाफ भारत-रूस साथ- मोदी

मोदी ने कहा, भारत और रूस लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। चाहे पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर हुआ कायरतापूर्ण हमला, इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है। उन्होंने कहा, भारत का यह पक्का विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ दुनिया की एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यूएन, जी20, ब्रिक्स,एससीओ और दूसरे मंचों पर भारत और रूस का करीबी सहयोग है। हम इन सभी मंचों पर अपनी बातचीत और सहयोग जारी रखेंगे।

गले लगाकर दोस्त का वेलकम, पीएम मोदी ने पुतिन को गिफ्ट की रूसी भाषा में लिखी श्रीमद्भगवद्गीता

#russianpresidentvladimirputinindia_visit

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंच गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर उनका गले लगाकर स्वागत किया और दोनों नेता एक ही कार में सवार हुए। इस मौके पर दोनों नेताओं की जोरदार केमिस्ट्री दिखी। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रशियन भाषा में भगवद गीता की एक कॉपी भी गिफ्ट की।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा ने गुरुवार रात से शुरू हो चुकी है। गुरूवार देर शाम जैसे ही उनका विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं वहां मौजूद थे। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी और पुतिन एक ही कार में साथ 7 लोक कल्याण मार्ग पहुंचे, जहां भारत और रूस के झंडों व खास लाइटिंग से सजे पीएम आवास में उनके सम्मान में विशेष डिनर का आयोजन किया गया।

पुतिन की भेंट की रूसी भाषा में लिखी भगवद्गीता

राष्ट्रपति पुतिन के स्वागत के दौरान पीएम मोदी ने रूसी भाषा में लिखी भगवद्गीता की प्रति भेंट की। पीएम मोदी ने उस पल की एक तस्वीर शेयर की और गीता को दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। पुतिन को गीता भेंट करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि गीता की शिक्षाएं दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि अपने दोस्त, प्रेसिडेंट पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। हमारी बातचीत का इंतजार रहेगा। भारत-रूस की दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है, जिससे हमारे लोगों को बहुत फायदा हुआ है।

पुतिन के गर्मजोशी के साथ स्वागत पर क्रेमलिन ने क्या कहा?

राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करने के लिए पीएम मोदी की अगवानी को लेकर क्रेमलिन की ओर से बयान जारी किया गया है। क्रेमलिन ने कहा कि पीएम मोदी का विमान के पास पर जाकर पुतिन से मिलने का निर्णय अप्रत्याशित था और रूसी अधिकारियों को इसकी पहले से सूचना नहीं दी गई थी। यूक्रेन युद्ध के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है।

चार साल में पहली बार भारत आए पुतिन

बता दें कि पुतिन चार साल में पहली बार भारत आए हैं। रूसी राष्ट्रपति 5 दिसंबर तक नई दिल्ली में रहेंगे। अपने दौरे के दौरान, रूसी राष्ट्रपति पीएम मोदी के साथ 23वीं भारत-रूस सालाना समिट भी करेंगे। जिससे डिफेंस, ट्रेड, साइंस और टेक्नोलॉजी, और कल्चर और मानवीय मामलों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।

मीटिंग में क्या होगा खास?

आज होने वाला 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन कई कारणों से बेहद महत्वपूर्ण है। यह यात्रा उस समय हो रही है जब दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उम्मीद है कि आज की बैठकों में रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान–तकनीक, व्यापार और कनेक्टिविटी से जुड़े कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। रूसी मीडिया TASS के मुताबिक दोनों देश करीब 10 सरकारी समझौते और 15 से अधिक कारोबारी कॉन्ट्रैक्ट साइन करने जा रहे हैं।

आज भारत दौरे पर आ रहे रूसी राष्ट्रपति पुतिन, शाम 4 बजे पहुंचेंगे दिल्ली, पीएम मोदी के साथ रात्रिभोज

#russianpresidentvladimirputinsindiavisit

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली आ रहे हैं। पुतिन आज शाम दिल्ली पहुंचेंगे। पुतिन की इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं और कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेंगे। दिल्ली पुलिस से लेकर केंद्रीय एजेंसियों तक सभी अलर्ट मोड पर हैं।

रूसी राष्ट्रपति 4 और 5 दिसंबर को भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पुतिन 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। भारत और रूस के बीच हर साल शिखर वार्ता होती है। अब तक दोनों देशों के बीच 22 वार्ताएं हो चुकी हैं। पिछले साल जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी मॉस्को गए थे, जबकि पुतिन आखिरी बार 2021 में भारत आए थे।

पीएम मोदी के साथ करेंगे रात्रिभोज

जानकारी के अनुसार, पुतिन का प्लेन आज शाम करीब 6 बजे पालम एयरपोर्ट पर लैंड करेगा। इसके बाद वह सीधे चाणक्यपुरी स्थित सरदार पटेल मार्ग पर बने आईटीसी मौर्य होटल जाएंगे। फिर आज शाम ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सम्मान में निजी डिनर की मेजबानी करेंगे।

पुतिन का भारत दौरा क्यों है अहम

मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात को देखते हुए प्रेसिडेंट पुतिन का भारत दौरा खास तौर पर अहम है। यह सामरिक, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देश रक्षा, परमाणु ऊर्जा, व्यापार, छात्र आदान-प्रदान और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था जैसे विषयों पर गहन बातचीत कर सकते हैं।

सुरक्षा चाकचौबंद

पुतिन की भारत यात्रा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी ट्रैफिक मैनेजमेंट से लेकर उन क्षेत्रों की साफ-सफाई समेत सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे, जहां रूसी राष्ट्रपति अपने प्रवास के दौरान जा सकते हैं। तैयार रूट प्लान के अनुसार, आवागमन के मार्ग के लिए व्यापक तैयारी है। यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए प्रतिबंधों के बारे में सलाह भी जारी की जाएगी।

एयरपोर्ट से होटल तक रहेगा ट्रैफिक पर असर

सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, पुतिन गुरुवार शाम को पालम एयरपोर्ट उतरेंगे और वहां से सरदार पटेल मार्ग स्थित होटल जाएंगे। इस दौरान एयरपोर्ट से होटल तक एनएच-8, धौला कुआं और दिल्ली कैंट इलाके में ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। शाम को प्रधानमंत्री आवास पर डिनर के लिए जाते समय सरदार पटेल मार्ग, पंचशील मार्ग, शांति पथ और आस-पास के मार्गों पर भी ट्रैफिक पर असर पड़ेगा।

चार साल बाद भारत आ रहे पुतिन

बता दें कि रूसी राष्ट्रपति चार साल के अंतराल के बाद भारत पहुंचेंगे। वे आखिरी बार भारत 2021 में भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे। हालांकि पुतिन का इस बार का भारत दौरा पिछली यात्रा के मुकाबले काफी अहम माना जा रहा है। दिसंबर 2021 में हुआ पुतिन का दौरा मात्र कुछ ही घंटों का था। लेकिन इस बार पुतिन भारत के दो दिन रहने वाले हैं।

रूसी सेना का प्लेन क्रीमिया में क्रैश, विमान में सवार सभी 29 लोगों की मौत

#russiamilitaryplanecrashincrimea29_dead

रूस में एक बड़े हादसे में मिलिट्री का एक जहाज क्रैश कर गया है। विमान क्रैश होने से 29 लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी सैन्य परिवहन विमान एएन-26 एक चट्टान से टकराकर क्रैश हो गया। यह दुर्घटना संभवतः किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई है। विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

उड़ान भरने के बाद विमान से संपर्क टूटा

रूसी समाचार एजेंसी TASS ने बुधवार को रूस के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि "क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर उड़ान भरते समय रूसी एंटोनोव-26 मिलिट्री विमान क्रैश हुआ है। 31 मार्च की शाम 6 बजे An-26 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान से संपर्क टूटा, जब वह क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान पर था।"

छह क्रू मेंबर समेत 29 की मौत

रक्षा मंत्रालय ने कहा, "खोज एवं बचाव दल ने An-26 विमान के दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया है।घटनास्थल से प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, विमान में सवार छह चालक दल के सदस्य और 23 यात्री मारे गए।"

तकनीकी खराबी के कारण हादसे की आशंका

विमान के मलबे पर बाहरी प्रभाव का कोई संकेत नहीं मिला, यानी ऐसा नहीं लगता कि उसे किसी हथियार से निशाना बनाया गया था। इस स्तर पर इसने संकेत दिया कि तकनीकी विफलता के कारण विमान की दुर्घटना होने की संभावना है।

यूक्रेन की तरफ से हमले की आशंका से इनकार

रूसी विमान पर यूक्रेन की ओर से हमले के अंदेशे पर रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि प्लेन पर किसी बाहरी प्रभाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इससे साफ है कि विमान को यूक्रेन ने हिट नहीं किया है। दरअसल, क्रीमिया में जिस स्थान पर ये हादसा हुआ है, यह प्रायद्वीपीय इलाका है। काले सागर के तट तक फैली विशाल पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे हुए इस क्षेत्र को रूस ने 2014 में अपने अधिकार में ले लिया गया था। पहले इस भूभाग पर यूक्रेन का अधिकार था।

रूस के बाद अब ईरानी तेल से हटा प्रतिबंध, क्या है जंग के बीच ट्रंप के यू-टर्न की वजह

#afterrussianowbanonbuyingoilfromiranliftedus 

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराते तेल संकट और आसमान छूती कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। अमेरिका ने रूस के बाद ईरान के तेल पर लगे दीर्घकालिक प्रतिबंधों को अगले एक महीने के लिए अस्थायी रूप से हटा दिया है।

140 मिलियन बैरल तेल होगा उपलब्ध

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्येश्य मौजूदा आपूर्ति को जारी करके बाजारों को तेजी से स्थिर करना है। बेसेंट ने लिखा, दुनिया के लिए इस मौजूदा आपूर्ति को अस्थायी रूप से जारी करके अमेरका वैश्विक बाजारों में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल तेजी से उपलब्ध कराएगा। यह छूट उस ईरानी तेल पर लागू होगी जो पहले से ही जहाज पर लदकर समुद्र में फंसा हुआ है।

दुनियाभर में गहरा रहा ऊर्जा संकट

अमेरिका और इजराइल के हमलों से उसके परमाणु, सैन्य या ऊर्जा ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है। ये हमले 28 फरवरी से जारी हैं। ईरान के हमलों के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक स्तर पर खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतों में आए तीव्र उछाल ने अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में हाहाकार मचा दिया था। मुद्रास्फीति और शेयर बाजार में भारी गिरावट को रोकने की उम्मीद में ट्रंप प्रशासन ने यह सामान्य लाइसेंस जारी किया है।

रूस को मिली थी ऐसी ही छूट

इसके पहले ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल पर भी इसी तरह की छूट दी थी, जिसमें समुद्र में मौजूद रूसी तेल शिपमेंट की खरीद पर 30 दिनों की छूट दी गई थी।। बेसेंट ने बताया कि प्रशासन ने पहले ही बाजार में 44 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल लाने के लिए काम कर रहा है। इसके होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा डालकर फायदा उठाने की ईरान की क्षमता कमजोर हुई है। बेसेंट ने ईरान को ग्लोबल आतंकवाद का सरगना बताया और कहा कि अमेरिका इस लड़ाई को उम्मीद से भी ज्यादा तेजी से जीत रहा है।

भारत समेत दुनिया के सामने भीख मांग रहा अमेरिका', रूसी तेल खरीद को लेकर ईरान के मंत्री का बड़ा दावा

#iranfmsaysusbeggingindiaandtheworldtobuyrussianoil

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य मोर्चे पर तो लड़ाई जारी है, जुबानी जंग भी तेज हो गई है। एक दूसरे पर वार-पलटवार का दौर चल रहा है। रूसी तेल खरीदने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने उन पर तीखा हमला बोला है। अराघची ने अमेरिका पर हमला बोलते हुए कहा कि वॉशिंगटन, भारत समेत दुनिया भर के देशों के सामने रूसी तेल खरीदने के लिए गिड़गिड़ा रहा है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- अमेरिका महीनों से भारत पर रूसी तेल नहीं खरीदने का दबाव बना रहा था, लेकिन ईरान के साथ दो सप्ताह की जंग में ही व्हाइट हाउस अब भारत सहित दुनिया के सामने गिड़गिड़ा रहा हैष वह भीख मांग रहा है कि दुनिया रूस से तेल खरीदे। अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिप्पणी के साथ फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट शेयर की है, जिसमें कहा गया है कि ईरान युद्ध रूस की ऑयल इंडस्टी के लिए संजीवनी बनकर आया है।

यूरोपीय देशों पर भी साधा निशाना

अरगची ने अपनी पोस्ट में यूरोपीय देशों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यूरोप ने ईरान पर 'अवैध युद्ध' का साथ देकर सोचा था कि अमेरिका उसके बदले रूस के खिलाफ उनका साथ देगा, लेकिन अब वे निराश हैं। मंत्री ने लिखा, 'यूरोप ने सोचा कि ईरान पर अवैध युद्ध का समर्थन करने से अमेरिका रूस के खिलाफ उसकी मदद करेगा। यह बहुत दयनीय है।'

रूसी तेल खरीदने पर अमेरिका ने दी छूट

अराघची की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब एक दिन पहले ही अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने पर लगा प्रतिबंध अस्थायी रूप से हटाने की जानकारी दी थी। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वित्त विभाग ने रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की मंजूरी देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा था कि यह मंजूरी केवल उस रूसी तेल के लिए होगी जो पहले से ही समुद्र में मौजूद है। अमेरिका ने कुछ दिन पहले भारत को भी इसी तरह की छूट दी थी।

अमेरिका ने भारत को दी रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट, भड़का विपक्ष

#russianoilpurchaseswaiverfor30day

अमेरिका ने भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए '30 दिन की छूट दी है। अमेरिका ने ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की वजह से पैदा हो रहे ऊर्जा संकट से निपटने के लिए भारत को एक वैकल्पिक रास्ते का ऑफर दिया है। अमेरिका ने कहा है कि भारत फिलहाल 30 दिनों तक रूस से कच्चा तेल खरीद सकता है।

सिर्फ 30 दिनों की अस्थायी छूट

मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। यह दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार का रास्ता है। भारत अपनी 88 प्रतिशत से ज्यादा तेल जरूरत आयात करता है और इसमें से आधा से ज्यादा खाड़ी देशों से आता है। ऐसे में सप्लाई में रुकावट से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और भारत को महंगा पड़ सकता है। इस बीच अमेरिका ने रूस के समुद्र में फंसे तेल के जहाजों को भारत भेजने की इजाजत दे दी है। यह सिर्फ 30 दिनों की अस्थायी छूट है।

यूएस ने बताई 30 दिनों की अस्थाई छूट की वजह

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ''वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए अमेरिकी ट्रेज़री विभाग (वित्त मंत्रालय) भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने वाली 30 दिनों की अस्थाई छूट जारी कर रहा है। यह जानबूझकर बहुत कम अवधि के लिए दिया गया है, इसलिए इससे रूसी सरकार को कोई बड़ा वित्तीय फायदा नहीं होगा, क्योंकि यह केवल उन तेल सौदों की अनुमति देता है जो पहले से समुद्र में फंसे हुए तेल से जुड़े हैं।''

राहुल गांधी ने विदेश नीति पर उठाया सवाल

इस अमेरिकी घोषणा पर कांग्रेस तिलमिला गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हमारी विदेश नीति हमारे इतिहास, हमारी भौगोलिक स्थिति और हमारे मूल्यों के आधार पर तय होना चाहिए। ये सत्य और अहिंसा पर आधारित होनी चाहिए।" उन्होंने कहा, "आज जो हम देख रहे हैं, वह कोई नीति नहीं है। यह एक समझौता कर चुके व्यक्ति के शोषण का परिणाम है।"

कांग्रेस बोली-भारतीय संप्रभुता पर हमला

वहीं, दूसरे कांग्रसी नेताओं ने इस छूट को न सिर्फ भारतीय संप्रभुता पर हमला कहा, बल्कि इसे ब्लैकमेलिंग बताया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट करके लिखा है, ''ट्रंप का नया खेल, दिल्ली दोस्त को कहा, पुतिन से ले सकते हो तेल, कबतक चलेगा ये अमेरिकी ब्लैकमेल।'' कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने तो इसे देश की संप्रभुता तक से जोड़ा। उन्होंने लिखा, 30 दिन की छूट जारी करना, दबाव की पाखंडी भाषा, नव-साम्राज्यवादी अहंकार से भरा है....क्या हम बनाना रिपब्लिक हैं, जो हमें अपने लिए तेल खरीदने के लिए अमेरिकी अनुमति की जरूरत है? वैसे ज्यादा बोलने वाली सरकार की चुप्पी कुछ अधिक है। क्या इसे नहीं पता कि संप्रभुता का मतलब क्या है?''

अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने पर भारत पर अतिरिक्त 25 फ़ीसदी का टैरिफ लगा दिया था। इससे भारत पर कुल अमेरिकी टैरिफ 50 फ़ीसदी हो गया था।

रूस में भारतीय छात्रों पर हमला, कॉलेज के हॉस्टल में घुसकर हुई चाकूबाजी

#russiaufaknifeattackonindianmedical_students

रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य के उफा शहर में एक मेडिकल यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी की घटना सामने आई है। इस हमले में 4 भारतीय छात्रों समेत कई लोग घायल हो गए हैं। भारतीय दूतावास ने शनिवार की रात इस घटना की पुष्टि की है।

रूसी विदेश मंत्रालय ने इस हमले को लेकर कहा कि बश्कोर्तोस्तान रिपब्लिक प्रांत के एक विश्वविद्यालय में आरोपी ने हॉस्टल में घुसकर कई छात्रों पर अचानक हमला किया। इस दौरान उसने कई छात्रों को निशाना बनाया और खुद को भी नुकसान पहुंचाया।

हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल

रूसी सरकार ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही जब रूसी पुलिस पहुंची तो आरोपी ने पुलिस अधिकारियों पर भी हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार घायलों में से चार को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक ही हालत नाजुक है। पुलिस ने कहा कि हमलावर की उम्र सिर्फ 15 साल है। उसे एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

हमलावर ने नाजी स्वास्तिक का निशान बनाया

एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि छात्रावास की दीवार पर नाजी स्वास्तिक का निशान बना मिला, जो कथित तौर पर एक पीड़ित के खून से बनाया गया था। गृह मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्क ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस का विरोध किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि रूसी अधिकारियों ने अभी तक हमले के मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हमले के दौरान आरोपी ने होलोकॉस्ट से जुड़े राष्ट्रवादी नारे लगाए।

AIMSA ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

भारतीय छात्रों पर हुए हिंसक हमले के मामले में अखिल भारतीय मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने पीएम मोदी को लेटर लिख गहरी चिंता जताई है। संगठन ने इस घटना को गंभीर बताते हुए पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने और विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से कूटनीतिक कदम उठाने की मांग की है।

विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल

AIMSA द्वारा लिखे गए लेटर में कहा गया है कि इस तरह की घटनाएं न केवल छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों में डर का माहौल पैदा करती हैं। डॉक्टरों के इस संगठन ने मांग की है कि भारतीय छात्रों के लिए स्पष्ट एडवाइजरी जारी की जाए और हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी संकट की स्थिति में उन्हें तुरंत मदद मिल सके।

भारत पर अब 500 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी में ट्रंप! रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त

#trumpproposes500percenttariffonindiachinaandbraziloverrussianoil_purchases

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे बिल को मंजूरी दे दी है, जिससे रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बिल पर अगले सप्ताह वोटिंग हो सकती है। बिल को मंजूरी मिलने पर भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है।

बिल पर अगले सप्ताह वोटिंग

सीनेटर ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी हालिया बैठक के बाद इस विधेयक को मंजूरी मिली। उन्होंने कहा कि यह बिल अगले सप्ताह तक वोटिंग के लिए पेश किया जा सकता है।इस प्रस्तावित कानून के तहत अमेरिका भारत और चीन जैसे देशों पर आयात शुल्क (टैरिफ) 500 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है।

रूसी तेल खरीदने वाले देशों को सजा देने की अनुमति

ग्राहम ने कहा कि यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को उन देशों को सजा देने की अनुमति देगा जो सस्ता रूसी तेल खरीदकर पुतिन की युद्ध मशीन को बढ़ावा दे रहे हैं। ग्राहम ने बताया कि इस बिल पर वह सीनेटर ब्लूमथल और कई दूसरे लोगों के साथ महीनों से काम कर रहे थे।

सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025

अमेरिकी कांग्रेस की आधिकारी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित बिल का नाम सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एक्ट 2025 है। इसमें व्यक्तियों और संस्थाओं पर जुर्माने के साथ ही रूस से अमेरिका में आयात होने वाले सभी सामानों और सेवाओं पर ड्यूटी को कीमत के कम से कम 500% तक बढ़ाना शामिल है।

डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकी, बोले-रूसी तेल छोड़ो वरना…पीएम मोदी को लेकर कही बड़ी बात

#uscouldraisetariffsonindiaiftheydonthelponrussianoil

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की है। ट्रंप की ओर से सोमवार को की गई सख्त टिप्पणी में कहा गया है कि अगर रूसी तेल खरीद के मुद्दे पर दिल्ली का रुख हमारे साथ मेल नहीं खाता है तो भारतीय आयात पर टैरिफ बढ़ाया सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखता है, तो अमेरिका भारत पर टैरिफ बढ़ा सकता है। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, ‘अगर भारत रूस के तेल के मुद्दे पर सहयोग नहीं करता है, तो हम उस पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं।’

पहले की पीएम मोदी की तारीफ

व्हाइट हाउस की तरफ से जारी ऑडियो संदेश में ट्रंप ने अपने विशेष सैन्य विमान- एयरफोर्स वन में मीडिया कर्मियों के साथ संवाद के दौरान पीएम मोदी पर टिप्पणियां कीं। उन्होंने भारत में रूसी तेल आयात से जुड़े एक सवाल के संदर्भ में कहा, 'वे मूल रूप से मुझे खुश करना चाहते थे...प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। वे नेक इंसान हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं हूं। मुझे खुश करना उनके लिए महत्वपूर्ण था। वे (भारत-रूस) व्यापार करते हैं, उन्हें यह बात भलीभांति पता थी कि अमेरिका उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत ने रूस से तेल की खरीद में काफी हद तक कटौती की है।’

ट्रेड डील पर बातचीत के बीच बड़ा बयान

डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ बढ़ाने का यह बयान भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड बातचीत के बीच आया है। कुछ समय पहले ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा और अब वह तेल नहीं खरीद रहे हैं। हालांकि भारत ने इस दावे को खारिज किया था। अब उन्होंने कहा है कि भारत ने रूस से तेल खरीद जारी रखी है और हम टैरिफ बढ़ाएंगे।

पहले भी लगा चुके हैं भारी टैरिफ

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत के खिलाफ टैरिफ लगाने की बात कही है। ट्रंप प्रशासन पहले ही भारतीय सामानों पर कुल 50% तक टैरिफ लगा चुका है। ट्रंप के मुताबिक, इसमें से 25% टैरिफ तो केवल इसलिए लगाया गया है ताकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की सजा दी जा सके। इस भारी-भरकम टैक्स का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के डेटा के मुताबिक, मई से सितंबर 2025 के बीच भारत का अमेरिका को होने वाला एक्सपोर्ट लगभग 37.5% तक गिर गया है। जो निर्यात पहले 8.8 अरब डॉलर का हुआ करता था, वह घटकर केवल 5.5 अरब डॉलर रह गया है।

भारत-रूस के बीच कई समझौते, मोदी-पुतिन की ज्वाइंट कॉन्फ्रेंस में एलान

#pmmodiandrussianpresidentvladimirputinjointpress_meet

दिल्ली के हैदराबाद हाउस में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस ब्रीफिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-रूस संबंधों को नए आयाम तक ले जाने की बात कही। पीएम मोदी ने भारत और रूस के बीच दोस्ती को ध्रुव तारे की तरह स्थिर बताया है। उन्होंने कहा, पिछले 8 दशकों में दुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। मानवता को कई तरह की चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है। लेकिन इन सबके बीच भारत-रूस की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह हमेशा अटल और स्थिर बनी रही है।

2030 तक के आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आज हमने इस नींव को और मजबूत करने के लिए सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की है। आज हमने 2030 तक के लिए एक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति बनाई है। इससे हमारा व्यापार और निवेश संतुलित और टिकाऊ बढ़ेगा तथा सहयोग के क्षेत्र में नए आयाम जुड़ेंगे। भारत-रूस व्यापारिक मंच में भी हमें शामिल होने का अवसर मिलेगा। यह हमारे कारोबारी रिश्तों को नई ताकत देगा। इससे निर्यात, सह-निर्माण और सह-नवाचार के नए दरवाजे भी खुलेंगे।

रूसी नागरिकों के लिए 30 दिन का मुफ्त वीजा का ऐलान

प्रधानमंत्री ने कहा, दोनों देशों के बीच स्नेह और आत्म-सम्मान का भाव रहा है। हाल ही में रूस में भारत के दो नए वाणिज्य दूतावास खोले गए हैं। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और सुगम और आपस में नजदीकियां बढ़ेंगी। शीघ्र ही हम रूसी नागरिकों के लिए नि:शुल्क 30 दिन का ई टूरिस्ट वीजा और 30 दिन के ग्रुप टूरिस्ट वीजा की शुरुआत करने जा रहे हैं। हम मिलकर वोकेशनल एजुकेशन, स्किलिंग और ट्रेनिंग पर भी काम करेंगे। दोनों देशों के स्कॉलर्स और खिलाड़ियों का आदान-प्रदान बढ़ेगा।

आतंकवाद के खिलाफ भारत-रूस साथ- मोदी

मोदी ने कहा, भारत और रूस लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। चाहे पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर हुआ कायरतापूर्ण हमला, इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है। उन्होंने कहा, भारत का यह पक्का विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा हमला है और इसके खिलाफ दुनिया की एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यूएन, जी20, ब्रिक्स,एससीओ और दूसरे मंचों पर भारत और रूस का करीबी सहयोग है। हम इन सभी मंचों पर अपनी बातचीत और सहयोग जारी रखेंगे।

गले लगाकर दोस्त का वेलकम, पीएम मोदी ने पुतिन को गिफ्ट की रूसी भाषा में लिखी श्रीमद्भगवद्गीता

#russianpresidentvladimirputinindia_visit

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत पहुंच गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर उनका गले लगाकर स्वागत किया और दोनों नेता एक ही कार में सवार हुए। इस मौके पर दोनों नेताओं की जोरदार केमिस्ट्री दिखी। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रशियन भाषा में भगवद गीता की एक कॉपी भी गिफ्ट की।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा ने गुरुवार रात से शुरू हो चुकी है। गुरूवार देर शाम जैसे ही उनका विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं वहां मौजूद थे। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी और पुतिन एक ही कार में साथ 7 लोक कल्याण मार्ग पहुंचे, जहां भारत और रूस के झंडों व खास लाइटिंग से सजे पीएम आवास में उनके सम्मान में विशेष डिनर का आयोजन किया गया।

पुतिन की भेंट की रूसी भाषा में लिखी भगवद्गीता

राष्ट्रपति पुतिन के स्वागत के दौरान पीएम मोदी ने रूसी भाषा में लिखी भगवद्गीता की प्रति भेंट की। पीएम मोदी ने उस पल की एक तस्वीर शेयर की और गीता को दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। पुतिन को गीता भेंट करने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि गीता की शिक्षाएं दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरणा देती हैं। पीएम मोदी ने आगे कहा कि अपने दोस्त, प्रेसिडेंट पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। हमारी बातचीत का इंतजार रहेगा। भारत-रूस की दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है, जिससे हमारे लोगों को बहुत फायदा हुआ है।

पुतिन के गर्मजोशी के साथ स्वागत पर क्रेमलिन ने क्या कहा?

राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करने के लिए पीएम मोदी की अगवानी को लेकर क्रेमलिन की ओर से बयान जारी किया गया है। क्रेमलिन ने कहा कि पीएम मोदी का विमान के पास पर जाकर पुतिन से मिलने का निर्णय अप्रत्याशित था और रूसी अधिकारियों को इसकी पहले से सूचना नहीं दी गई थी। यूक्रेन युद्ध के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा है।

चार साल में पहली बार भारत आए पुतिन

बता दें कि पुतिन चार साल में पहली बार भारत आए हैं। रूसी राष्ट्रपति 5 दिसंबर तक नई दिल्ली में रहेंगे। अपने दौरे के दौरान, रूसी राष्ट्रपति पीएम मोदी के साथ 23वीं भारत-रूस सालाना समिट भी करेंगे। जिससे डिफेंस, ट्रेड, साइंस और टेक्नोलॉजी, और कल्चर और मानवीय मामलों में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है।

मीटिंग में क्या होगा खास?

आज होने वाला 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन कई कारणों से बेहद महत्वपूर्ण है। यह यात्रा उस समय हो रही है जब दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उम्मीद है कि आज की बैठकों में रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान–तकनीक, व्यापार और कनेक्टिविटी से जुड़े कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। रूसी मीडिया TASS के मुताबिक दोनों देश करीब 10 सरकारी समझौते और 15 से अधिक कारोबारी कॉन्ट्रैक्ट साइन करने जा रहे हैं।

आज भारत दौरे पर आ रहे रूसी राष्ट्रपति पुतिन, शाम 4 बजे पहुंचेंगे दिल्ली, पीएम मोदी के साथ रात्रिभोज

#russianpresidentvladimirputinsindiavisit

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली आ रहे हैं। पुतिन आज शाम दिल्ली पहुंचेंगे। पुतिन की इस दो दिवसीय यात्रा के दौरान राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं और कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेंगे। दिल्ली पुलिस से लेकर केंद्रीय एजेंसियों तक सभी अलर्ट मोड पर हैं।

रूसी राष्ट्रपति 4 और 5 दिसंबर को भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस दौरान पुतिन 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। भारत और रूस के बीच हर साल शिखर वार्ता होती है। अब तक दोनों देशों के बीच 22 वार्ताएं हो चुकी हैं। पिछले साल जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी मॉस्को गए थे, जबकि पुतिन आखिरी बार 2021 में भारत आए थे।

पीएम मोदी के साथ करेंगे रात्रिभोज

जानकारी के अनुसार, पुतिन का प्लेन आज शाम करीब 6 बजे पालम एयरपोर्ट पर लैंड करेगा। इसके बाद वह सीधे चाणक्यपुरी स्थित सरदार पटेल मार्ग पर बने आईटीसी मौर्य होटल जाएंगे। फिर आज शाम ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सम्मान में निजी डिनर की मेजबानी करेंगे।

पुतिन का भारत दौरा क्यों है अहम

मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात को देखते हुए प्रेसिडेंट पुतिन का भारत दौरा खास तौर पर अहम है। यह सामरिक, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों देश रक्षा, परमाणु ऊर्जा, व्यापार, छात्र आदान-प्रदान और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था जैसे विषयों पर गहन बातचीत कर सकते हैं।

सुरक्षा चाकचौबंद

पुतिन की भारत यात्रा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी ट्रैफिक मैनेजमेंट से लेकर उन क्षेत्रों की साफ-सफाई समेत सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे, जहां रूसी राष्ट्रपति अपने प्रवास के दौरान जा सकते हैं। तैयार रूट प्लान के अनुसार, आवागमन के मार्ग के लिए व्यापक तैयारी है। यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए प्रतिबंधों के बारे में सलाह भी जारी की जाएगी।

एयरपोर्ट से होटल तक रहेगा ट्रैफिक पर असर

सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, पुतिन गुरुवार शाम को पालम एयरपोर्ट उतरेंगे और वहां से सरदार पटेल मार्ग स्थित होटल जाएंगे। इस दौरान एयरपोर्ट से होटल तक एनएच-8, धौला कुआं और दिल्ली कैंट इलाके में ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। शाम को प्रधानमंत्री आवास पर डिनर के लिए जाते समय सरदार पटेल मार्ग, पंचशील मार्ग, शांति पथ और आस-पास के मार्गों पर भी ट्रैफिक पर असर पड़ेगा।

चार साल बाद भारत आ रहे पुतिन

बता दें कि रूसी राष्ट्रपति चार साल के अंतराल के बाद भारत पहुंचेंगे। वे आखिरी बार भारत 2021 में भारत-रूस वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे। हालांकि पुतिन का इस बार का भारत दौरा पिछली यात्रा के मुकाबले काफी अहम माना जा रहा है। दिसंबर 2021 में हुआ पुतिन का दौरा मात्र कुछ ही घंटों का था। लेकिन इस बार पुतिन भारत के दो दिन रहने वाले हैं।