/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png StreetBuzz भारत को निशाना बनाना गलत...’ यूक्रेन युद्ध को लेकर बोले जयशंकर India
भारत को निशाना बनाना गलत...’ यूक्रेन युद्ध को लेकर बोले जयशंकर

#meajaishankarontrumptariffsayswrongfullytargetindiaoverukraine_war

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने फिनलैंड के विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत में कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत हमेशा शांति और बातचीत की वकालत करता रहा है। विदेश मंत्री की इस टिप्पणी को संयुक्त राज्य अमेरिका के उन आरोपों के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसमें कहा गया कि भारत रियायती मूल्य पर रूस से कच्चा तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध में मॉस्को की युद्ध मशीन की सहायता कर रहा है।

एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस संबंध में एक पोस्ट किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, फिनलैंड के विदेश मंत्री से फोन पर बात हुई। हमने यूक्रेन जंग और इसके असर पर बात की। इस मामले में भारत को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। हम बातचीत और डिप्लोमेसी के पक्ष में हैं।

यूरोप में भारत की बढ़ती अहमियत

फिनलैंड की विदेश मंत्री वाल्तोनेन के साथ यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब यूरोप भारत की भूमिका को लेकर काफी उत्सुक है। यूरोपीय संघ के कई देशों ने साफ कहा है कि उन्हें भारत से ऊर्जा, व्यापार और सुरक्षा के मामलों में संतुलित सहयोग चाहिए। जयशंकर ने अप्रत्यक्ष रूप से कहा कि भारत को किसी के राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए और हमारी प्राथमिकता हमेशा शांति स्थापना ही रहेगी।

अमेरिका का भारत पर गंभीर आरोप

दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प भारत पर रूसी तेल खरीद की वजह से 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया। इसके कुछ ही दिनों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25 परसेंट टैरिफ लगाने की घोषणा की। जिसके बाद अमेरिका की ओर से भारत पर लगने वाला अतिरिक्त टैरिफ बढ़कर 50 परसेंट हो गया। ट्रंप का कहना है कि भारत रूस से तेल खरीद रहा है, जिस वजह से पुतिन को यूक्रेन जंग जारी रखने में मदद मिल रही है

ट्रंप के सलाहकार का बेतुका बयान

वहीं, अमेरिका के व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने इस सप्ताह कहा था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय वस्तुओं पर लगाया गया 50 परसेंट टैरिफ सिर्फ भारत के अनुचित व्यापार के बारे में नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य मॉस्को की युद्ध मशीन को नई दिल्ली की ओर से दी गई वित्तीय जीवन रेखा को काटना भी है। हालांकि, भारत पहले ही अमेरिका की ओर से लगाए जा रहे इन आरोपों को खारिज कर चुका है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने आश्चर्यजनक रूप से चीन की आलोचना नहीं की है, जो रूस से तेल क सबसे बड़ा आयातक है।

पीएम मोदी-जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता, 7 साल बाद कितना अहम है प्रधानमंत्री का चीन दौरा

#meetingwithchinesepresidentxijinpingpmnarendramodi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चीन के दौरे पर हैं। मोदी शनिवार को चीन के तियानजिन पहुंचे हैं, जहां वे दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट में भाग लेंगे। चीन के तियानजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले एससीओ समिट में कई देशों के नेता भाग ले रहे हैं। इससे पहले पीएम मोदी रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की। चीनी राष्ट्रपति और पीएम मोदी की मुलाकात 7 सालों बाद हुई।

10 महीनों में पहली मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को तियानजिन में अहम मुलाकात की। अमेरिकी टैरिफ से जूझ रही दुनिया की नजर इस बैठक पर रही। पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच करीब 10 महीनों में यह पहली मुलाकात है। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात अक्तूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई थी।

सीमा पर शांति और स्थिरता का माहौल बना-पीएम मोदी

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, पिछले साल कजान में हमारी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई थी, जिससे हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना है। हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सीमा प्रबंधन को लेकर समझौता हो गया है।

हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा, कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी बहाल की जा रही हैं। हमारे सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हुए हैं। इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

7 साल चीन पहुंचे पीएम मोदी

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे 7 सालों के बाद चीन दौरे पर गए हैं। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद भारत और चीन के बीच संबंध काफी खराब हो गए थे। हालांकि हाल के दिनों में चीन और भारत के संबंध एक बार फिर ठीक करने की कवायद की जा रही है। इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को कम करना भी है।

सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए…महुआ मोइत्रा ने किसके लिए कही इतनी “बड़ी” बात

#mahuamoitracontroversyamitshah

पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित बयान दिया है। मोइत्रा ने शुक्रवार को घुसपैठ मुद्दे पर कहा कि सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की होती है। अगर घुसपैठ हो रही है तो अमित शाह का सिर काटकर टेबिल पर रख देना चाहिए।

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में शुक्रवार को महुआ राज्य में अवैध घुसपैठ को लेकर जवाब दे रही थीं। इस दौरान टीएमसी नेता ने कहा- मैं पूछ रही हूं कि अगर हमारे देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला कोई नहीं है और लाखों-करोड़ों लोग भारत में घुस रहे हैं, अगर वे हमारी माताओं और बहनों पर बुरी नजर डाल रहे हैं, वे हमारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, तो सबसे पहले अमित शाह का सिर काटना चाहिए और मेज पर रखना चाहिए।

चिल्लाने से कुछ नहीं होगा-मोइत्रा

मोइत्रा ने आगे कहा कि 'केवल घुसपैठिया... घुसपैठिया... चिल्लाने से कुछ नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले से कहा कि घुसपैठ हो रही है और उसकी वजह से डेमोग्राफी चेंज हो रही है, बाहर से लोग यहां आ रहे हैं। जिस वक्त वो ये बात कह रहे थे कि उस वक्त पहली पंक्ति में बैठे गृहमंत्री उनकी बात सुनकर तालियां बजा रहे थे, ये बेहद ही शर्मनाक है।

बीजेपी बोले-टीएमसी की हताशा और हिंसा की संस्कृति उजागर

बंगाल भाजपा ने उनके बयान से जुड़ा एक वीडियो भी एक्स पर शेयर किया। वहीं दूसरी पोस्ट में भाजपा ने लिखा- जब महुआ गृह मंत्री का सिर काटने की बात करती हैं, तो यह टीएमसी की हताशा और हिंसा की संस्कृति को उजागर करता है जो बंगाल की छवि को धूमिल कर रही है और राज्य को पीछे धकेल रही है। वहीं, महुआ के बयान को लेकर संदीप मजूमदार नाम के एक बीजेपी कार्यकर्ता ने नदिया कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

130वें संविधान संशोधन विधेयक के पीछे छिपा बड़ा एजेंडा”, विधानसभा में बोले सीएम हेमंत सोरेन

#bighiddenagendabehindthe130thconstitutionamendmentbillsaidcmhemantsoren

झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। हेमंत सोरेन ने कहा,130वें संविधान संशोधन विधेयक के पीछे छिपा हुआ एजेंडा है, हम इसे लाए जाने का तर्क समझने में नाकाम हैं। सोरेन ने कहा कि उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि यह विधेयक, जिसमें 30 दिन या उससे अधिक की सजा मिलने पर मंत्रियों को उनके पद से हटाने का प्रावधान है, आखिर संसद में क्यों लाया गया।

चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह चुनाव आयोग का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करती है। सीएम सोरेन ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने निर्वाचन आयोग की मदद से बिहार में लाखों मतदाताओं के नाम हटा दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि जो भी केंद्र सरकार का विरोध करता है, उसे ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों के जरिए झूठे मामलों में फंसाया जाता है। सोरेन ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग को ऐसा कानून बनाकर सुरक्षा दी है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों के लिए कोई कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।

केन्द्र पर लगाया आदिवासियों की उपेक्षा का आरोप

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केन्द्र की मोदी सरकार पर आदिवासियों की उपेक्षा का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड में खदानों की नीलामी की निगरानी में व्यस्त है। झारखंड देश को कोयला और खनिज देता है। दिल्ली-मुंबई जैसे महानगर इनसे रोशन होते हैं, लेकिन यहां के आदिवासी गरीबी और बीमारियों से जूझ रहे हैं। जबकि यूरेनियम की खुदाई से आदिवासियों को समस्या हो रही है। सोरेन ने कहा कि झारखंड देश के विकास में योगदान देता है, लेकिन बदले में उसे केंद्र की उपेक्षा झेलनी पड़ती है।

हम दो, हमारे तीन', आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने हर परिवार को दी ये सलाह

#thereshouldbe3childreninhindu_family

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन के अंतिम दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने देश की सुरक्षा और भविष्य में परिवार व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हर परिवार को तीन बच्चे करने की सलाह दी।

क्यों दी हर घर में 3 संतान की सलाह?

देश की राजधानी नई दिल्ली में आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित व्याख्यानमाला कार्यक्रम '100 वर्ष की संघ यात्रा: नए क्षितिज' के तीसरे दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कई सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उन्होंने जनसंख्या नीति पर भी बात की। मोहन भागवत ने कहा, दुनिया में सब शास्त्र कहते हैं कि जन्म दर 3 से कम जिनका होता है वो धीरे धीरे लुप्त हो जाते हैं। डॉक्टर लोग मुझे बताते हैं कि विवाह में बहुत देर न करने और 3 संतान करने से माता-पिता और संतानों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। भारतवर्ष के प्रत्येक नागरिक को ये देखना चाहिए कि अपने घर में 3 संतान होने चाहिए।

देश की जरूरत और आबादी के बीच संतुलन जरूरी- भागवत

विज्ञान भवन में आयोजित आरएसएस के शताब्दी वर्ष में आयोजित तीन दिवसीय संवाद के अंतिम दिन सवाल-जवाब सत्र को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा, जनसंख्या देश के लिए बोझ और अवसर दोनों है। जनसंख्या नीति ऐसी होनी चाहिए, जिसमें आबादी की जरूरत को पूरा करने के साथ इसे नियंत्रित भी किया जा सके और संपूर्ण आबादी का ठीक से पालन-पोषण हो सके। इस नीति से देश की जरूरत और आबादी के बीच बेहतर संतुलन कायम होना चाहिए।

सबसे तेज गिरावट हिंदुओं की जन्मदर में-भागवत

आरएसएस चीफ ने आगे कहा कि कहा, नई परिस्थितियों में देश के हर वर्ग, समुदाय, धर्म की जन्मदर घटी है, लेकिन सबसे तेज गिरावट हिंदुओं की जन्मदर में आई है। उन्होंने कहा कि आबादी अधिक बढ़ने पर इसे नियंत्रित करने के लिए प्रकृति भी अपना काम करती है।

जापान में पीएम मोदी का ग्रैंड वेलकम, मंत्रोच्चार-नृत्य के साथ भव्य स्वागत, प्रवासी भारतीयों से की मुलाकात

#pmnarendramodireachedjapanmetindiancommunityin_tokyo

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जापान की यात्रा पर हैं। टोक्यो एयरपोर्ट पर पहुंचते ही उनका भव्‍य स्‍वागत किया गया है। पीएम मोदी को गायत्री मंत्र सुनाकर और शानदार पारंपरिक नृत्य की परफॉर्मेंस देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने इसके बाद भारतीय प्रवासी समुदाय से भी मुलाकात की। बता दें कि प्रधानमंत्री अपने दो दिवसीय जापान की यात्रा पर पहुंचे हैं। यहां पर वह 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

प्रधानमंत्री ने टोक्यो पहुंचकर भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। उन्होंने जापान में रहने वाले भारतीयों के साथ काफी गर्मजोशी के साथ बातचीत की और अपने अंदाज में बच्चों से भी प्यार से हाल-चाल लेते दिखे। इसके बाद उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा कीं।

पीएम मोदी ने जापानी भाषा में किया ट्वीट

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर टोक्यो में भारतीय समुदाय से मिलते हुए कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं। इस पोस्ट में प्रधानमंत्री ने जापानी भाषा में भारतीय समुदाय को भव्य स्वागत के लिए धन्यवाद भी दिया।

भारत-जापान रिश्ते पर कही ये बात

पीएम मोदी ने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि मैं टोक्यो पहुंच गया हूं। भारत और जापान अपने विकासात्मक सहयोग को निरंतर मजबूत कर रहे हैं। मैं इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री इशिबा और अन्य लोगों से मिलने के लिए उत्सुक हूं, जिससे मौजूदा साझेदारियों को और मजबूत करने और सहयोग के नए रास्ते तलाशने का अवसर मिलेगा।

जापान के बाद जाएंगे चीन के दौरे पर

प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि जापान यात्रा के बाद वे चीन जाएंगे। वहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आमंत्रण पर वे तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि भारत एससीओ का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है। अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत ने स्वास्थ्य, नवाचार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर नई पहलें कीं।

संभल कमेटी की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा, आजादी से पहले 45% हिंदू, अब बचे 15 प्रतिशत

#uttarpradeshsambhalreportonly15percenthinduleftrestall_migrated

उत्तर प्रदेश के संभल की डेमोग्राफी को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है। संभल में केवल 15 प्रतिशत हिंदू बचे हैं। बाकी सब पलायन कर गए। आजादी के बाद संभल नगर पालिका में 45% हिंदू थे। इसके बाद से यहां की डेमोग्राफी बदलती गई। तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट में ये बात सामने आई है। उत्तर प्रदेश स्थित संभल में वर्ष 2024 के नवंबर में हुए दंगे के बाद गठित न्यायिक कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में ये बातें कहीं हैं।

पहले के दंगों का भी इतिहास खंगाला

संभल में पिछले साल हुई हिंसा के मामले में गठित न्‍यायिक आयोग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 450 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है। इसमें 24 नवंबर, 2024 को मस्जिद में सर्वे के दौरान हुई हिंसा का विवरण है। इस रिपोर्ट में न सिर्फ 24 नवंबर को हुई हिंसा के बारे में बताया गया है, बल्कि संभल के इतिहास में कब-कब कितने दंगे हुए, उन दंगों में क्या-क्या हुआ आदि के बारे में भी विस्तार से लिखा गया है।

करीब 30 फीसदी घटी आबादी

संभल में हुई न्यायिक हिंसा पर तैयार की रिपोर्ट में जनसांख्यिकीय परिवर्तन का भी ज़िक्र है। इसमें बताया गया कि कभी यहां पर 45 प्रतिशत आबादी हिंदू थी। लेकिन, वर्तमान में यह घटकर 15 से 20 प्रतिशत ही रह गई है।रिपोर्ट में बताया गया है कि दंगों और तुष्टिकरण की राजनीति ने जिले की डेमोग्राफी बदल दी। आजादी के वक्त संभल नगर पालिका क्षेत्र में 55% मुस्लिम और 45% हिंदू रहते थे। वर्तमान में संभल में लगभग 85% मुस्लिम और 20% हिंदू रहते हैं।

कई आतंकी संगठनों का अड्डा

रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां 1947, 1948, 1953, 1958, 1962, 1976, 1978, 1980, 1990, 1992, 1995, 2001, 2019 में दंगे हुए। आजादी के बाद से कुल 15 दंगे संभल में हो चुके हैं। यह भी कहा गया है कि जिला कई सारे आतंकवादी संगठनों का अड्डा बन चुका है। अलकायदा, हरकत उल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकवादी संगठन संभल में पैर पसार चुके थे। अमेरिका ने जिस मौलाना आसिम उर्फ सना उल हक को आतंकवादी घोषित किया था, वो संभल से लिंक था।

24 नवंबर, 2024 को भड़की थी हिंसा

बता दें कि संभल में 24 नवंबर, 2024 को हिंसा भड़की थी।संभल में मस्जिद में सर्वे करने के दौरान हिंसा हुई थी।इस हिंसा में कम से कम 5 लोग मारे गए थे मस्जिद के सर्वेक्षण का आदेश एक स्थानीय अदालत ने 19 नवंबर को दिया था, जब एक याचिका में दावा किया गया था कि 1526 में मस्जिद बनाने के लिए एक मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया था यह आदेश चंदौसी के सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) आदित्य सिंह की अदालत ने पारित किया था। पहला सर्वेक्षण 19 नवंबर को हुआ था। 24 नवंबर को दूसरे सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी थी।संभल हिंसा के बाद न्यायिक आयोग का गठन किया गया था।

रूस-यूक्रेन वॉर से भारत का कनेक्शन जोड़ने की कोशिश, ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो का बेतुका बयान

#trumptradeadviserattackindiaforukrainewarsaysindiansare_arrogant

भारत और अमेरिका के बीच इन दिनों रिश्ते ठीक नहीं चल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप लगातार भारत और पीएम मोदी को लेकर तरह-तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद भी अमेरिका की खीज कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब अमेरिकी टैरिफ को लेकर व्हाइट हाउस के सलाहकार पीटर नवारो का बयान सामने आया है। ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक बार फिर बेतुका बयान दिया है। अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध को भारत से जोड़ दिया है। ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने कहा है कि यूक्रेन में शांति का रास्ता दिल्ली से होकर गुजरता है।

“रूसी तेल खरीदने से मॉस्को की आक्रामकता बढ़ी”

नवारो ने दावा किया कि भारत के रियायती दरों पर रूसी तेल खरीदने से मॉस्को की यूक्रेन में आक्रामकता बढ़ी है और इससे अमेरिकी करदाताओं का बोझ बढ़ा है। उन्होंने कहा कि अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर दे तो उसे अमेरिकी टैरिफ में 25% की छूट मिल सकती है। नवारो की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर लगाया गया 25% टैरिफ 27 अगस्त बुधवार (स्थानीय समयानुसार) प्रभावी हो गया है।

यूक्रेन संघर्ष पर बताया भारत का प्रभाव

ब्लूमबर्ग टीवी के साथ एक इंटरव्यू में वॉइट हाउस के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो यूक्रेन संघर्ष पर भारत का प्रभाव बताया और कहा कि शांति का रास्ता कुछ हद तक नई दिल्ली से होकर गुजरता है। इंटरव्यू में पीटर नवार्रो ने कहा, भारत जो कर रहा है उससे हर अमेरिकी को नुकसान हो रहा है। उपभोक्ता, व्यवसायी, श्रमिक सबको नुकसान हो रहा है।भारत के कारण नौकरियों, कारखानों, आय और मजदूरी का नुकसान हो रहा है। करदाताओं पर बोझ बढ़ा है, क्योंकि हमें मोदी के युद्ध के लिए फंड करना पड़ रहा है।

भारतीयों को बताया अहंकारी

ट्रंप के सलाहकार ने यह भी कहा, मैं हैरान हूं, क्योंकि मोदी एक महान नेता हैं। यह एक परिपक्व लोकतंत्र है और इसे परिपक्व लोग चला रहे हैं। नवारो ने टैरिफ पर भारत के रुख पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, मुझे जो बात परेशान करती है, वह यह है कि भारतीय इस बारे में बहुत अहंकारी हैं। वे कहते हैं, अरे, हमारे पास ज़्यादा टैरिफ नहीं हैं। अरे, यह हमारी संप्रभुता है। हम जिसे चाहें तेल खरीद सकते हैं।

पहले भी भारत पर साध चुके हैं निशाना

यह पहली बार नहीं है जब पीटर नवार्रो ने भारत पर निशाना साधा है। उन्होंने पहले भारत को महाराजा ऑफ टैरिफ्स कहा था और

दावा किया था कि 2022 में यूक्रेन आक्रमण से पहले भारत का रूस से तेल व्यापार लगभग शून्य था। अब भारत रूस से 35-40 फीसदी तेल आयात करता है जो प्रतिदिन 1.5-2 मिलियन बैरल है।

नेपाल के रास्ते बिहार में घुसे जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी, पुलिस मुख्यालय ने जारी किया हाई अलर्ट

#threeterroristofjaishemohammadenteredinbiharvianepal

बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। पुलिस मुख्यालय ने सूबे के सभी जिलों को अलर्ट किया है। अलर्ट करने की वजह यह है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी के नेपाल के रास्ते बिहार में घुसने की सूचना मिली है। खबर है कि जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी, हसनैन अली, आदिल हुसैन और मोहम्मद उस्मान, नेपाल के रास्ते बिहार में प्रवेश कर चुके हैं। जो किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सीमावर्ती जिलों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।

तीन आतंकी नेपाल के रास्ते बिहार में घुसे

पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी नेपाल के रास्ते बिहार में घुसे हैं। इन आतंकियों के नाम हैं हसनैन अली जो कि रावलपिंडी, पाकिस्तान का रहने वाला है। वहीं दूसरे के नाम आदिल हुसैन है जो उमरकोट का रहने वाला है। जबकि तीसरा आतंकी मोहम्मद उस्मान है जो पाकिस्तान के ही बहावलपुर का बाशिंदा है।

तीनों आतंकियों की तस्वीर जारी

बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से इन तीनों आतंकियों की तस्वीर जारी की गई है। इनके पासपोर्ट से संबंधित जानकारी सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों से साझा की गई है। बिहार में विधानसभा चुनाव को देखते हुए आतंकी गतिविधि पर लगातार पुलिस मुख्यालय की नजर है। इसी बीच यह अहम जानकारी सामने आई जिसके बाद हाई अलर्ट जारी किया गया है।

तीनों आतंकी अगस्त के दूसरे सप्ताह में काठमांडू पहुंचे

पुलिस मुख्यालय ने जिलों से कहा है कि पुलिस मुख्यालय के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार तीनों आतंकी अगस्त के दूसरे सप्ताह में काठमांडू पहुंचे थे। वहां से अगस्त के तीसरे सप्ताह में नेपाल बॉर्डर से बिहार में घुसे। तीनों आतंकवादियों के पासपोर्ट से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई है। पुलिस मुख्यालय ने आशंका जताते हुए कहा है कि हो न हो ये लोग किसी बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के फिराक में हैं। पुलिस मुख्यालय ने बिहार के सभी जिलों को स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र को सक्रिय कर आसूचना संकलन करने और संदिग्ध आतंकियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई का निर्देश दिया है।

इन जिलों में खास सख्ती

पुलिस मुख्यालय ने खास तौर पर नेपाल से सटे बिहार के सीमावर्ती जिले सीतामढ़ी, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, अररिया, किशनगंज और सुपौल में चौकसी बढ़ा दी गई है। भागलपुर और अन्य जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि या किसी भी जानकारी को तुरंत स्थानीय थाने या पुलिस हेल्पलाइन को सूचित करें। फिलहाल सभी सुरक्षा एजेंसियां तीनों आतंकियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को किया ढेर

#jammu_kashmir_gurez_sector_terrorists_neutralising_by_indian_army

जम्मू और कश्मीर में सेना के एंटी-टेरर अभियान जारी है। इसी क्रम में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। जम्मू और कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में नौशेरा नार्द के पास एलओसी पर सेना ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा संभावित घुसपैठ की कोशिश के बारे में दी गई खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गुरेज सेक्टर में एक संयुक्त अभियान शुरू किया। सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और उन्हें चुनौती दी, जिसके परिणामस्वरूप आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सैनिकों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया।

इससे पहले, जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर के तुरिना इलाके में रविवार को सुरक्षाबलों और संदिग्ध आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में बड़ा तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसी दौरान थोड़ी देर के लिए दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसके बाद आतंकी घने जंगल की ओर भाग निकले थे। फायरिंग के बाद सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया था। इसमें ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से जंगल और आसपास के इलाकों में तलाशी भी ली गई थी।