दुमका : रेलवे स्टेशन में कोयले के भंडारण ने बढ़ायी मुसीबत, बढ़ते प्रदूषण से स्थानीय लोगों में आक्रोश, डीसी ने गुड्स शेड्स का लिया जायजा
दुमका : दुमका रेलवे स्टेशन में कोयला के भंडारण और परिवहन की वजह से बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ स्थानीय लोग लगातार आंदोलनरत है तो वहीं अब जिला प्रशासन ने भी प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए रेलवे के संबंधित अधिकारियों को कई निर्देश दिया।
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उपायुक्त अंजनेयुलु दोड्डे के नेतृत्व में जिला स्तरीय संयुक्त कमेटी ने दुमका रेलवे स्टेशन में कोयला के भंडारण और परिवहन के कारण होने वाले प्रदूषण के रोकथाम को लेकर सोमवार को स्टेशन के गुड्स शेड का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कोयला के भंडारण एवं परिवहन से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए रेलवे को दिये गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की। अधिकारियों से बात करते हुए उपायुक्त ने पर्यावरण मंजूरी की शर्तों का अनुपालन तथा प्रतिवादी संख्या 5 द्वारा कोयले के परिवहन के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय और इस न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्टोन चिप्स साइडिंग व अन्य जगहों पर लगे वाटर स्प्रिंकलर तथा रास्ते में वाटर टैंकर के माध्यम से लगातार पानी का छिड़काव करने का निर्देश दिया।
मौके पर पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी, प्रदूषण विभाग के अधिकारी सहित अन्य उपस्थित थे।
इधर, दुमका के रेलवे साइडिंग से कोयला के परिवहन से होने वाले प्रदूषण एवं अन्य समस्याओं के कारण इसे बिना आबादी वाले क्षेत्र में स्थानांतरण करने की मांग को लेकर रेलवे स्टेशन परिसर में रविवार को स्थानीय लोगो ने धरना प्रदर्शन किया।
स्थानीय लोगों द्वारा कोयला रैक हटाने की मांग साल 2021 से ही की जा रही है लेकिन अब तक इस मामले में किसी तरह से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। गौरतलब है कि रसिकपुर और आस पास के लगभग बीस से अधिक गांवों में इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक रेलवे स्टेशन पर बने कोयला रैक से घरों से दूरी 50 (पचास)से 100 (सौ)गज की है और पिछले कुछ वर्षों से दुमका रेलवे स्टेशन पर कोयला लोडिंग का कार्य काफी तेजी से किया जा रहा है और बीजीआर कंपनी द्वारा ना कोयला के ऊपर न रोड पर पानी का छिड़काव किया जाता है न ही रोड सेफ्टी का ध्यान दिया जाता है जिससे सभी मोहल्ला वासी काफी परेशान है।
साथ ही रेलवे से यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ पूरा दुमका नगर क्षेत्र एवं 10 (दस) से 20 (बीस )गांव की घनी आबादी कोयले के धूल एवं प्रदूषण से प्रभावित हो रहे हैं साथ ही 50 (पचास)से 100(सौ) गज की दूरी पर स्कूल एवं कॉलेज हैं।
आंदोलनकारियों ने कहा है जब तक दुमका रेलवे स्टेशन पर बने कोयला रैक नहीं हटाया जाएगा आंदोलन जारी रहेगा।
मौके पर संजय मंडल, रवि शंकर मंडल, मनोज पंडित, एन एन पंडित, अमन सिंह, विष्णु यादव , गोवर्धन मंडल, ध्रुव मंडल, शैलेश कापरी , मनोज भगत, आशीष नायक , जिमी यादव, निरंजन यादव, चंदन तिवारी, लक्ष्मण पंडित उपेंद्र चौधरी, अभय गुप्ता, लक्ष्मण सिंह, आकाश यादव, संजीत वर्मा, टिंकू यादव, विक्रम शर्मा, संजीव वर्मा, रोहित कुमार दास, विक्की डी रंजन, विशाल मंडल, कालू केवट, रंजीत यादव, अजय कुमार, विनोद यादव आदि मौजूद थे।
(दुमका से राहुल कुमार गुप्ता की रिपोर्ट)
Mar 27 2025, 20:47