/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/_noavatar_user.gif/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1630055818836552.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1696693555832113.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs1/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs4/1634728678748426.png/home/streetbuzz1/public_html/testnewsapp/system/../storage/avatars/thumbs5/1634728678748426.png StreetBuzz s:us
अचानक दिल्ली क्यों पहुंचे अमेरिकी सेक्रेट्री? ट्रंप को टैरिफ पर झटके के बाद पीयूष गोयल से हुई मुलाकात

#uscommercesecretaryhowardlutnickvisitdelhi

टैरिफ को लेकर भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय तक खींचतान जारी है। इस बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को अमान्य घोषित कर दिया है। इन सबसे बीच अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक भारत पहुंचे हैं। उन्होंने गुरुवार को अचानक दिल्ली का दौरा किया। लटनिक ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की।

अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियों गोर ने आज केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। इस बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर भी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को लेकर हुई चर्चा सकारात्मक रही।

कितनी अहम है ये मुलाकात?

ये बैठक भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हुई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करके ग्लोबल टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले को रद्द कर दिया, जिससे ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप ने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 का हवाला देते हुए 10 फीसदी नया वैश्विक टैरिफ लगाया और 24 घंटे से भी कम समय में घोषणा की कि वे इसे बढ़ाकर 15 फीसदी करेंगे। हालांकि गुरुवार तक सभी व्यापारिक साझेदारों पर मौजूदा एमएफएन दरों के अलावा 10 फीसदी टैरिफ लागू है। यह टैरिफ 150 दिनों के लिए वैध है।

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता

अमेरिकी टैरिफ पर पिछले एक साल से मचे घमासान और व्यापारिक परिस्थियों में उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों देश एक अंतरिम ट्रेड डील को पूरा करने की कोशिश में लगे हैं। ट्रंप के टैरिफ टेंशन के कारण भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात बनती और बिगड़ती रही है। पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का फैसला किया, इसके बाद रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया। इससे भारत पर लगने वाला टैरिफ 50 फीसदी पहुंच गया। इस साल फरवरी में भारत और अमेरिका के बीच बात बनी और ट्रंप ने डील पर सहमति व्यक्त करते हुए टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का फ्रेमवर्क भी जारी हो चुका है और इसको अंतिम रूप देना बाकी है।

हमें गौरवान्वित करती है आपकी सफलता, लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह में चमके विद्यार्थी

अम्बिकापुर- हम अपने विद्यार्थियों से हमेशा जुड़े रहते हैं और आपकी सफलता हमे गौरवान्वित करती है। यह बातें बुधवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आप अपनी सफलताओं से हमें अवगत कराइये जिस पर हम जश्न मनायें। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप उच्च शिक्षा में आयें। महाविद्यालय के स्नातक के कई पाठ्यक्रम संचालित हैं जो आपके कॅरिअर में सहायक होगा.


इससे पहले सभी प्राध्यापकों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी प्राध्यापकों का स्वागत पुष्प गुच्छ और बैच लगा कर किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी ने कहा कि यह अवसर आपके श्रेष्ठता साबित करने का है। स्नातत की शिक्षा यहां पूरी होने वाली है अब आगे आपका कॅरिअर शुरू होगा। शिक्षा और कॅरिअर दोनों में आप सफल हों। इस दौरान विद्यार्थियों में अनुषा सिंह, शमा प्रार्थना, दयानन्द ने कॉलेज के अनुभव साझा किये।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, एनईपी प्रभारी डॉ. आरएन शर्मा, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रसायन–उर्वरक स्थायी समिति में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए जनहित के अहम मुद्दे

नई दिल्ली/रायपुर- गुरुवार को नई दिल्ली संसद भवन में आयोजित रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराते हुए जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी हस्तक्षेप किया।

बैठक में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत औषध विभाग तथा रसायन और पेट्रोरसायन विभाग की वर्ष 2026-27 की ‘अनुदानों की मांगों’ पर मंत्रालय के प्रतिनिधियों द्वारा मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में दवाओं की उपलब्धता, जनऔषधि योजनाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन, फार्मास्यूटिकल उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा, तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की समयबद्ध आपूर्ति जैसे मुद्दों को गंभीरता से उठाया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ समेत देश के विकास की आधारशिला सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था और सुदृढ़ कृषि तंत्र है। औषध निर्माण में आत्मनिर्भरता, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा, तथा उर्वरक क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना समय की मांग है।

श्री अग्रवाल ने मंत्रालय के अधिकारियों से छत्तीसगढ़ सहित देश के दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में दवाओं और उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आग्रह किया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में अपने व्यापक अनुभव और दूरदर्शी सोच का परिचय देते हुए यह रेखांकित किया कि बजटीय प्रावधान केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रत्यक्ष लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने जनकल्याण को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि संसद की समितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था की सशक्त कड़ी हैं, जहां गंभीर विमर्श के माध्यम से नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाता है।

उनकी सक्रियता और सजग नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे न केवल अपने संसदीय क्षेत्र, बल्कि पूरे राष्ट्र के हितों के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हैं। जनहित, पारदर्शिता और विकास के प्रति उनका समर्पण एक बार फिर इस महत्वपूर्ण बैठक में परिलक्षित हुआ।

कनाडा में क्राइम से भारत का कोई लेना-देना नहीं”, भारत दौरे से पहले मार्क कार्नी के नरम पड़े सुर

#canada_s_carney_to_push_for_pragmatic_reset_with_india

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत आ रहे हैं। वो कल यानि शुक्रवार 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगेय़ यह प्रधानमंत्री कार्नी की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। कर्नी ने भारत यात्रा से ठीक पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब आतंकी हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय तक कूटनीतिक तनाव बना रहा।

कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि उनके देश में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। कनाडाई अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि उन्हें लगता कि भारत कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप कर रहा है, तो प्रधानमंत्री की यह यात्रा संभव नहीं होती। उन्होंने यह भी दोहराया कि कनाडा अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। यह बयान ऐसे समय आया है जब कार्नी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दौरे की शुरुआत भारत से कर रहे हैं।

खालिस्तानी आतंकी की हत्या को लेकर बिगड़े भारत-कनाडा के रिश्ते

कनाडा सरकार के इस कदम को दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के तौर पर देखा जा रहा है। जो जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के अंतिम दिनों में बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी। कनाडा की तत्कालीन ट्रूडो सरकार ने भारत पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया और इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया था। हालांकि भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और निज्जर की हत्या में संलिप्तता से इनकार किया। इस मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्ते इतने बिगड़े की दोनों ने अपने कुछ राजनयिकों को वापस बुला लिया।

भारत-कनाडा के रिश्ते फिर पटरी पर

हालांकि, ट्रूडो सरकार के सत्ता से बाहर होने और मार्क कार्नी के सत्ता संभालने के बाद से भारत- कनाडा के रिश्तों में फिर से बेहतरी हो रही है। मार्क कार्नी भारत दौरे पर आ रहे हैं और इस दौरे का मकसद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को फिर से मजबूत करना है। इसे कनाडा द्वारा व्यवहारिक विदेश नीति अपनाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।

Abhi Arora Strengthens Way Ahead Marketing’s Position in D2C and Finance Marketing Sectors

Digital Commerce News | 2026

The convergence of entrepreneurship and performance marketing has given rise to a new breed of agency founders. Among them is Abhi Arora, who started his eCommerce journey in 2017 at just 20 years old and now leads Way Ahead Marketing.

After eight years of experience navigating Shopify ecosystems and digital ad platforms, Arora established his agency to help other founders avoid the costly trial-and-error phase he once experienced.

A 360° Growth Model

Way Ahead Marketing offers a comprehensive service model including:

Shopify store setup and technical optimization

Meta Ads campaign management

Google Ads scaling strategies

Store management consultation

Data-driven performance tracking

The firm’s 360-degree framework is designed to align infrastructure, traffic acquisition, and conversion optimization under one strategy.

Supporting D2C, Forex, and Finance Brands

The agency has consulted numerous D2C brands and startups, helping them establish operational clarity and profitable advertising systems. Several clients have reportedly scaled to multi-million-dollar revenues through structured Meta campaign execution.

Beyond retail, Way Ahead Marketing has worked with forex trading prop firms and finance companies, assisting them in reaching targeted audiences through precision digital advertising.

As digital competition continues to intensify in 2026, Arora’s operator-to-agency journey underscores a growing industry trend: founders with real business experience are increasingly shaping the future of performance marketing.

रायपुर को मिली विकास की नई उड़ान: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 'संकल्प' बजट 2026-27 को बताया ऐतिहासिक

रायपुर- रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के ‘संकल्प’ बजट का हृदय से स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी को बधाई दी है।

सांसद श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी अब आधुनिकता और सुविधाओं के नए मानक स्थापित करेगी। बजट की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि, कालीबाड़ी स्थित जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) का निर्माण मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, रायपुर में नए होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।

इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से मेगा परीक्षा केंद्र और राजधानी में 5 नए नालंदा पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी। CG-ACE योजना (₹33 करोड़) से हमारे होनहार बच्चों को कोचिंग और करियर निर्माण में सीधी मदद मिलेगी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, रायपुर लोकसभा के अंतर्गत शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना (₹200 करोड़) के तहत सड़कों और नालियों का कायाकल्प होगा। बजट में विशेष रूप से प्रमुख फ्लाईओवरों (ब्रिज) और नई सड़कों के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान होगा।

राजधानी स्थित विश्वविद्यालयों के लिए ₹731 करोड़ का अनुदान और रायपुर क्षेत्र के IIT में ₹20 करोड़ के अधोसंरचना विकास और रायपुर तथा बलौदा बाजार में महाविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की होगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "यह बजट रायपुर को केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी नहीं, बल्कि देश के अत्याधुनिक महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने वाला है। विशेष रूप से स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की अवधारणा, जिसके लिए ₹68 करोड़ का प्रावधान किया गया है, दिल्ली-NCR की तर्ज पर रायपुर, बलौदाबाजार और आसपास के क्षेत्रों को एक एकीकृत विकास सूत्र में बांधेगी। इससे नियोजन और कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।"

उन्होंने बजट के अन्य प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'राजधानी पैकेज': रायपुर की ट्रैफिक समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए घोषित 'विशेष राजधानी पैकेज' और शहर की सुंदरता व सुरक्षा हेतु ₹100 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने का निर्णय रायपुर के शहरी स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा।

मेट्रो रेल और भविष्य की परिवहन व्यवस्था: रायपुर-दुर्ग-भिलाई के बीच मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे और शुरुआती प्रावधानों से लाखों नौकरीपेशा और छात्रों का सफर आसान होगा। यह इस क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगी।

मेकाहारा (MEKAHARA) को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से अपग्रेड करना और मेडिकल कॉलेज के इंटर्न हॉस्टल के लिए ₹35 करोड़ देना स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

नवा रायपुर में ₹10 करोड़ से इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और कचना में 'प्लग एंड प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा। साथ ही, रायपुर में OBC छात्राओं के लिए 200 सीटों वाला छात्रावास हमारी बेटियों की शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक स्मृति भवन के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सराहनीय कदम है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि "यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ और आधुनिक रायपुर के संकल्प की सिद्धि है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन (AI मिशन) और बेहतर परिवहन सुविधाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेषकर औद्योगिक बजट को ₹248 करोड़ से बढ़ाकर ₹775 करोड़ करना यह दर्शाता है कि रायपुर अब निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।"

सांसद श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस बजट के क्रियान्वयन से रायपुर लोकसभा क्षेत्र का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिला हो या व्यापारी—सीधे तौर पर लाभान्वित होगा।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

#bangladeshpresidentshahabuddinslamsmohammadyunus

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।

पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर की रिपोर्ट: रात की दुर्घटनाओं में शराब और बिना हेलमेट बड़ी वजह
लखनऊ। राजधानी स्थित एपेक्स ट्रॉमा सेंटर पीजीआई लखनऊ की एक अध्ययन रिपोर्ट में सामने आया है कि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में शराब पीकर वाहन चलाना और हेलमेट न पहनना बड़ी वजह बन रहे हैं। वर्ष 2018 से 2024 के बीच रात में भर्ती हुए घायलों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।डॉ. एके सिंह और डॉ. पीके मिश्रा द्वारा तैयार यह शोध रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय जर्नल Cureus में प्रकाशित हुई है। अध्ययन में कुल 3,705 घायलों को शामिल किया गया। रिपोर्ट की प्रमुख बातें रात में लाए गए घायलों में से लगभग हर दूसरे व्यक्ति ने शराब पी रखी थी। केवल एक तिहाई दोपहिया सवारों ने हेलमेट पहना था। चार पहिया वाहन चालकों में सिर्फ 41% ने सीट बेल्ट लगाई थी। कुल मामलों में 67.3% सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े थे। इनमें से 84.7% दोपहिया वाहन दुर्घटनाएं थीं। 78.3% मरीज पुरुष थे, औसत आयु 37.5 वर्ष। 44.5% मामलों में सिर की चोट पाई गई। आईसीयू और मृत्यु दर अध्ययन में पाया गया कि 58.4% मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। 45.8% को मैकेनिकल वेंटिलेशन की जरूरत हुई। कुल मृत्यु दर 4% रही, जिनमें से 42.2% मौतें 24 घंटे के भीतर हुईं। बुजुर्गों में बाथरूम में गिरने की घटनाएं रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि काफी बुजुर्ग बाथरूम में फिसलकर घायल हो रहे हैं। इसकी बड़ी वजह चिकनी टाइल्स को बताया गया है, जिनकी फिसलन से गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ की राय ट्रॉमा सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. वैभव जायसवाल के अनुसार, दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार, लापरवाही और जागरूकता की कमी बड़ी वजह है। बेहतर सड़कें और एक्सप्रेसवे यात्रा का समय तो कम कर रहे हैं, लेकिन सावधानी न बरतने पर हादसों का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने जगह-जगह ट्रॉमा सेंटर बनाने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है।
मसीही नेतृत्व,अंतरराष्ट्रीय दावे और वित्तीय अनियमित की जांच हो:- सी. एन. आई.

रायपुर- छत्तीसगढ़ में मसीही नेतृत्व को लेकर उठे विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। स्वयं को समुदाय का प्रतिनिधि बताकर दिए जा रहे सार्वजनिक बयान व सोशल मीडिया पर सक्रिय अभियान और विदेशी संपर्क के दावों ने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ने इन घटनाक्रमों पर प्रेसवार्ता कर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए जांच की मांग की है।

उक्त विवाद उस समय और गहरा गया जब सार्वजनिक मंचों पर यह दावा किया गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क स्थापित किए जा सकते हैं, यहां तक कि विदेशी प्रतिनिधिमंडल बुलाने की बात भी कही गई। मसीह समुदाय का कहना है कि ऐसे दावे तब और गंभीर हो जाते हैं जब संबंधित व्यक्ति को किसी भी आधिकारिक चर्च संरचना द्वारा अधिकृत प्रतिनिधित्व प्राप्त न हो।

इसी के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर यूट्यूब चैनल के माध्यम से क्यूआर कोड द्वारा धन संग्रह के मुद्दे ने भी नए सवाल खड़े किए हैं। डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने प्रशासन से मांग की है कि डिजिटल लेन-देन, सार्वजनिक दावों और संबंधित बयानों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि विरुद्ध तत्व पाया जाए तो कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

डायोसिस के अनुसार चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की प्रशासनिक एवं धार्मिक व्यवस्था एक विधिवत संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत संचालित होती है। किसी भी व्यक्ति को अध्यक्ष या प्रतिनिधि के रूप में मान्यता केवल निर्धारित प्रक्रिया और अधिकृत नियुक्ति के माध्यम से दी जाती है। जारी बयान में बताया गया है कि पन्नालाल को मसीह समुदाय द्वारा ऐसी कोई अधिकृत मान्यता प्रदान नहीं दी गई है।

सिनड के आधिकारिक पत्र

इस विवाद पर नई दिल्ली के जनरल सेक्रेटरी द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र का भी उल्लेख किया गया है जिसमें संबंधित प्रसारित दावों को तथ्यहीन बताया गया है। डायोसिस का कहना है कि डायोसिस के नाम पर भ्रम फैलाने वाले कथनों का आधिकारिक संरचना से कोई संबंध नहीं है।

सोशल मीडिया गतिविधियों पर आपत्ति

डायोसिस ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम नामक संस्था के माध्यम से स्वयं को मसीही समाज का प्रतिनिधि घोषित कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विशेषकर यूट्यूब चैनल पर विभिन्न विषयों पर बयान बाजी दिए जा रहे हैं। इन गतिविधियों को लेकर समाज में भ्रम और संभावित तनाव की आशंका जताई गई है।

मसीह समुदाय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की ऐसी बयानबाजी जिससे विभिन्न धर्मों के बीच वैमनस्य या विवाद की स्थिति उत्पन्न हो ये चर्च की शिक्षाओं एवं मूल्यों के विपरीत है। सी.एन.आई ने दोहराया कि वह सदैव शांति व सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांग

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने इस मामले में रायपुर पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपे जाने की पुष्टि की है। शिकायत में संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों की जांचए आवश्यक होने पर चैनल को प्रतिबंधित करने तथा विधि अनुसार अपराध दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।

साथ ही प्रशासन से यह भी आग्रह किया गया है कि धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की विभाजनकारी या राजनीतिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मीडिया से सत्यापन की अपील

डायोसिस ने मीडिया संस्थानों से अपील की है कि मसीही समुदाय के नाम पर दिए जा रहे किसी भी सार्वजनिक बयान को आधिकारिक मानने से पूर्व चर्च की अधिकृत संरचना से सत्यापन अवश्य किया जाए।

व्यापक सामाजिक संदर्भ

विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धार्मिक पहचान के नाम पर की जा रही बयान बाजी अक्सर संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को प्रभावित करती है। ऐसे मामलों में आधिकारिक संस्थाओं द्वारा स्पष्ट रुख अपनाना सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने अंत में सभी समुदायों से शांति, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मर्यादा की अपील की है।

अतिरिक्त तथ्य एवं गंभीर आपत्तियाँ

डायोसिस के संज्ञान में एक वीडियो आया है। जिसमें अरुण पन्नालाल द्वारा यह दावा करते लिख रहें है कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पत्र लिखकर भारत में प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया है और कथित रूप से प्रतिनिधि यह आया था।

डायोसिस स्पष्ट करना चाहता है कि अरुण पन्नालाल का न तो किसी चर्च से आधिकारिक संबंध है न ही वे किसी अधिकृत चर्च निकाय के सदस्य या नियुक्त प्रतिनिधि हैं। ऐसी स्थिति में स्वयं को मसीही समाज का अध्यक्ष बताकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का दावा करना भ्रामक एवं गंभीर विषय है। जिससे समुदाय की छवि प्रभावित हो सकती है।

इसी प्रकार के एक अन्य वीडियो में मसीही समुदाय के राष्ट्रीय स्तर के मॉडरेटर के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। डायोसिस का मानना है कि इस प्रकार की भाषा न केवल संस्थागत मर्यादा के विपरीत है बल्कि समुदाय की गरिमा को भी आहत करती है।

अंतरराष्ट्रीय दावे एवं राष्ट्रीय हित से जुड़ी गंभीर चिंता

डायोसिस के संज्ञान में आए एक वीडियो में अरुण पन्नालाल द्वारा यह कथन किया गया है कि वे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क कर सकते हैं तथा व्हाइट हाउस से प्रतिनिधियों को बुलाने की क्षमता रखते हैं। इस प्रकार के दावों को सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत किया जाना अत्यंत गंभीर विषय है।

डायोसिस ने स्पष्ट किया कि अरुण पन्नालाल किसी भी चर्च डायोसिस या राष्ट्रीय स्तर के मसीही निकाय के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं। ऐसे में स्वयं को मसीही समाज का प्रतिनिधि बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी प्रकार का संपर्क या प्रतिनिधित्व का दावा करना भ्रामक स्थिति उत्पन्न कर सकता है। डायोसिस ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत से संबंधित विषयों पर अप्रमाणित अथवा भ्रामक जानकारी यदि किसी अंतरराष्ट्रीय मंच या व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है तो इससे देश की छवि सामाजिक एकता एवं संवेदनशील हित प्रभावित हो सकते हैं।

नितिन लॉरेंस ने कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और उसके विषय में किसी भी प्रकार की अपुष्ट या तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत की गई जानकारी राष्ट्रीय हितों को प्रभावित कर सकती है। इस प्रकार के दावों की गंभीर जांच होना आवश्यक है।

डायोसिस ने प्रशासन एवं पुलिस विभाग से आग्रह किया है कि

संबंधित वीडियो और बयानों की विधिवत जांच की जाए।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत परीक्षण किया जाए।

यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि.विरुद्ध तत्व पाया जाए तो उचित कार्रवाई की जाए।

डायोसिस पुनः स्पष्ट करता है कि चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया भारत के संविधान, उसकी संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक या विभाजनकारी गतिविधि का समर्थन नहीं करता।

वित्तीय पारदर्शिता एवं जांच से संबंधित गंभीर प्रश्न डायोसिस के संज्ञान में यह भी आया है कि संबंधित यूट्यूब चैनल के माध्यम से क्यूआर कोड एवं अन्य डिजिटल भुगतान साधनों द्वारा धनराशि एकत्रित की जा रही है। चूंकि यह गतिविधि सार्वजनिक मंच पर की जा रही है, अतः इसकी वैधानिकताए लेखा परीक्षण एवं धन के उपयोग की पारदर्शिता की जांच किया जाना आवश्यक है।

डायोसिस ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उक्त डिजिटल लेन.देन की विधिवत जांच की जाए। यह परीक्षण किया जाए कि धनराशि किस उद्देश्य से एकत्रित की गई तथा उसका उपयोग किस प्रकार किया गया।

यदि कोई अनियमितता पाई जाए तो संबंधित कानूनों के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके अतिरिक्त यह भी चर्चा में आया है कि सालेम स्कूल से संबंधित एक प्रकरण में वित्तीय लेन.देन और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर प्रश्न उठे थे। जनसामान्य के बीच इस विषय में विभिन्न आरोप एवं आशंकाएँ व्यक्त की गई हैं। डायोसिस का मत है कि उक्त प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए। विद्यालय की फीस से संबंधित समस्त वित्तीय अभिलेखों का परीक्षण किया जाए।

यदि कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो विधि अनुसार कार्रवाई की जाए।

डायोसिस स्पष्ट करता है कि उसका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहींए बल्कि पारदर्शिता एवं विधिसम्मत जांच सुनिश्चित करना है। समाज एवं समुदाय के हित में यह आवश्यक है कि सभी वित्तीय गतिविधियाँ विधि के अनुरूप एवं पारदर्शी हों।

आधिकारिक अपील

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह विषय केवल व्यक्तिगत बयान बाजी का मामला नहीं है। बल्कि सामाजिक सौहार्दए संस्थागत मर्यादाए वित्तीय पारदर्शिता और राष्ट्रीय संवेदनशीलता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

डायोसिस ने रायपुर पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि संबंधित वीडियो सार्वजनिक दावों डिजिटल धन संग्रह एवं अन्य गतिविधियों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की जाए। यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि.विरुद्ध तत्व पाया जाए तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के अंतर्गत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही राज्य सरकार से भी अनुरोध किया गया है कि धर्म और समुदाय के नाम पर भ्रामक दावे कर सामाजिक तनाव उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कदम उठा जाये ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

डायोसिस ने चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया भारत के संविधान राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनधिकृत विभाजनकारी या भ्रामक गतिविधि को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

सीएम योगी आज सिंगापुर-जापान दौरे पर रवाना
यूपी को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने की मुहिम तेज, 33 वैश्विक कंपनियों से करेंगे संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज चार दिवसीय सिंगापुर और जापान दौरे पर रवाना होंगे। वर्ष 2017 में म्यांमार यात्रा के बाद यह उनका पहला विदेशी दौरा है, जिसे प्रदेश की निवेश कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 33 वैश्विक कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार के अवसरों पर चर्चा करेंगे।

* जी-टू-बी और राउंड टेबल मीटिंग में होगा सीधा संवाद
दौरे की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के माध्यम से निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। वे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता, भूमि बैंक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और कौशल विकास की संभावनाओं पर स्पष्ट और परिणामोन्मुख चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश मूल के लोगों को संबोधित करने के साथ स्कूली बच्चों से भी संवाद करेंगे और प्रदेश की बदली तस्वीर साझा करेंगे।

* सिंगापुर में 25 कंपनियों से मुलाकात
सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।

* डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी: Google, ST Telemedia Global Data Centres

* एग्रीबिजनेस: Japfa, Olam International

* लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: Mapletree Investments, SATS Ltd

* ग्रीन और सौर ऊर्जा: AVPN, EDP Renewables

* इंडस्ट्रियल पार्क और एविएशन: Sembcorp Industries, Singapore Airlines Engineering Company

* ग्लोबल फंड्स: Temasek Holdings, GIC, Blackstone Inc.

* फिनटेक व बैंकिंग: DBS Bank

* जापान में ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर पर फोकस
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों से निवेश वार्ता करेंगे।

* ऑटोमोबाइल: Kubota, Suzuki

* सेमीकंडक्टर: Tokyo Electron

* इलेक्ट्रॉनिक्स: Toshiba

- ग्रीन हाइड्रोजन व रियल एस्टेट: Marubeni

* वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर कदम
प्रदेश सरकार का मानना है कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश उत्पादन और उपभोग दोनों का बड़ा केंद्र बन सकता है। मजबूत कानून व्यवस्था, नीति स्थिरता और तीव्र कनेक्टिविटी के आधार पर यह दौरा राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।
अचानक दिल्ली क्यों पहुंचे अमेरिकी सेक्रेट्री? ट्रंप को टैरिफ पर झटके के बाद पीयूष गोयल से हुई मुलाकात

#uscommercesecretaryhowardlutnickvisitdelhi

टैरिफ को लेकर भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय तक खींचतान जारी है। इस बीच अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के ग्लोबल टैरिफ को अमान्य घोषित कर दिया है। इन सबसे बीच अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक भारत पहुंचे हैं। उन्होंने गुरुवार को अचानक दिल्ली का दौरा किया। लटनिक ने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की।

अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियों गोर ने आज केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। इस बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर भी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को लेकर हुई चर्चा सकारात्मक रही।

कितनी अहम है ये मुलाकात?

ये बैठक भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हुई है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करके ग्लोबल टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले को रद्द कर दिया, जिससे ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप ने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 का हवाला देते हुए 10 फीसदी नया वैश्विक टैरिफ लगाया और 24 घंटे से भी कम समय में घोषणा की कि वे इसे बढ़ाकर 15 फीसदी करेंगे। हालांकि गुरुवार तक सभी व्यापारिक साझेदारों पर मौजूदा एमएफएन दरों के अलावा 10 फीसदी टैरिफ लागू है। यह टैरिफ 150 दिनों के लिए वैध है।

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता

अमेरिकी टैरिफ पर पिछले एक साल से मचे घमासान और व्यापारिक परिस्थियों में उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों देश एक अंतरिम ट्रेड डील को पूरा करने की कोशिश में लगे हैं। ट्रंप के टैरिफ टेंशन के कारण भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात बनती और बिगड़ती रही है। पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का फैसला किया, इसके बाद रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया। इससे भारत पर लगने वाला टैरिफ 50 फीसदी पहुंच गया। इस साल फरवरी में भारत और अमेरिका के बीच बात बनी और ट्रंप ने डील पर सहमति व्यक्त करते हुए टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का फ्रेमवर्क भी जारी हो चुका है और इसको अंतिम रूप देना बाकी है।

हमें गौरवान्वित करती है आपकी सफलता, लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह में चमके विद्यार्थी

अम्बिकापुर- हम अपने विद्यार्थियों से हमेशा जुड़े रहते हैं और आपकी सफलता हमे गौरवान्वित करती है। यह बातें बुधवार को श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में लाइफ साईंस विभाग के विदाई समारोह के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि आप अपनी सफलताओं से हमें अवगत कराइये जिस पर हम जश्न मनायें। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि आप उच्च शिक्षा में आयें। महाविद्यालय के स्नातक के कई पाठ्यक्रम संचालित हैं जो आपके कॅरिअर में सहायक होगा.


इससे पहले सभी प्राध्यापकों ने मां सरस्वती और श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी प्राध्यापकों का स्वागत पुष्प गुच्छ और बैच लगा कर किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी ने कहा कि यह अवसर आपके श्रेष्ठता साबित करने का है। स्नातत की शिक्षा यहां पूरी होने वाली है अब आगे आपका कॅरिअर शुरू होगा। शिक्षा और कॅरिअर दोनों में आप सफल हों। इस दौरान विद्यार्थियों में अनुषा सिंह, शमा प्रार्थना, दयानन्द ने कॉलेज के अनुभव साझा किये।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, एनईपी प्रभारी डॉ. आरएन शर्मा, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रसायन–उर्वरक स्थायी समिति में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उठाए जनहित के अहम मुद्दे

नई दिल्ली/रायपुर- गुरुवार को नई दिल्ली संसद भवन में आयोजित रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक में सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराते हुए जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी हस्तक्षेप किया।

बैठक में रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अंतर्गत औषध विभाग तथा रसायन और पेट्रोरसायन विभाग की वर्ष 2026-27 की ‘अनुदानों की मांगों’ पर मंत्रालय के प्रतिनिधियों द्वारा मौखिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर श्री अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ समेत देशभर में दवाओं की उपलब्धता, जनऔषधि योजनाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन, फार्मास्यूटिकल उद्योग की वैश्विक प्रतिस्पर्धा, तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की समयबद्ध आपूर्ति जैसे मुद्दों को गंभीरता से उठाया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ समेत देश के विकास की आधारशिला सशक्त स्वास्थ्य व्यवस्था और सुदृढ़ कृषि तंत्र है। औषध निर्माण में आत्मनिर्भरता, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा, तथा उर्वरक क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करना समय की मांग है।

श्री अग्रवाल ने मंत्रालय के अधिकारियों से छत्तीसगढ़ सहित देश के दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में दवाओं और उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आग्रह किया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में अपने व्यापक अनुभव और दूरदर्शी सोच का परिचय देते हुए यह रेखांकित किया कि बजटीय प्रावधान केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रत्यक्ष लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने जनकल्याण को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि संसद की समितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था की सशक्त कड़ी हैं, जहां गंभीर विमर्श के माध्यम से नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाता है।

उनकी सक्रियता और सजग नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे न केवल अपने संसदीय क्षेत्र, बल्कि पूरे राष्ट्र के हितों के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध हैं। जनहित, पारदर्शिता और विकास के प्रति उनका समर्पण एक बार फिर इस महत्वपूर्ण बैठक में परिलक्षित हुआ।

कनाडा में क्राइम से भारत का कोई लेना-देना नहीं”, भारत दौरे से पहले मार्क कार्नी के नरम पड़े सुर

#canada_s_carney_to_push_for_pragmatic_reset_with_india

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत आ रहे हैं। वो कल यानि शुक्रवार 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगेय़ यह प्रधानमंत्री कार्नी की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। कर्नी ने भारत यात्रा से ठीक पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब आतंकी हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय तक कूटनीतिक तनाव बना रहा।

कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि उनके देश में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। कनाडाई अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि उन्हें लगता कि भारत कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप कर रहा है, तो प्रधानमंत्री की यह यात्रा संभव नहीं होती। उन्होंने यह भी दोहराया कि कनाडा अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। यह बयान ऐसे समय आया है जब कार्नी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दौरे की शुरुआत भारत से कर रहे हैं।

खालिस्तानी आतंकी की हत्या को लेकर बिगड़े भारत-कनाडा के रिश्ते

कनाडा सरकार के इस कदम को दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के तौर पर देखा जा रहा है। जो जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के अंतिम दिनों में बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी। कनाडा की तत्कालीन ट्रूडो सरकार ने भारत पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया और इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया था। हालांकि भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और निज्जर की हत्या में संलिप्तता से इनकार किया। इस मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्ते इतने बिगड़े की दोनों ने अपने कुछ राजनयिकों को वापस बुला लिया।

भारत-कनाडा के रिश्ते फिर पटरी पर

हालांकि, ट्रूडो सरकार के सत्ता से बाहर होने और मार्क कार्नी के सत्ता संभालने के बाद से भारत- कनाडा के रिश्तों में फिर से बेहतरी हो रही है। मार्क कार्नी भारत दौरे पर आ रहे हैं और इस दौरे का मकसद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को फिर से मजबूत करना है। इसे कनाडा द्वारा व्यवहारिक विदेश नीति अपनाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।

Abhi Arora Strengthens Way Ahead Marketing’s Position in D2C and Finance Marketing Sectors

Digital Commerce News | 2026

The convergence of entrepreneurship and performance marketing has given rise to a new breed of agency founders. Among them is Abhi Arora, who started his eCommerce journey in 2017 at just 20 years old and now leads Way Ahead Marketing.

After eight years of experience navigating Shopify ecosystems and digital ad platforms, Arora established his agency to help other founders avoid the costly trial-and-error phase he once experienced.

A 360° Growth Model

Way Ahead Marketing offers a comprehensive service model including:

Shopify store setup and technical optimization

Meta Ads campaign management

Google Ads scaling strategies

Store management consultation

Data-driven performance tracking

The firm’s 360-degree framework is designed to align infrastructure, traffic acquisition, and conversion optimization under one strategy.

Supporting D2C, Forex, and Finance Brands

The agency has consulted numerous D2C brands and startups, helping them establish operational clarity and profitable advertising systems. Several clients have reportedly scaled to multi-million-dollar revenues through structured Meta campaign execution.

Beyond retail, Way Ahead Marketing has worked with forex trading prop firms and finance companies, assisting them in reaching targeted audiences through precision digital advertising.

As digital competition continues to intensify in 2026, Arora’s operator-to-agency journey underscores a growing industry trend: founders with real business experience are increasingly shaping the future of performance marketing.

रायपुर को मिली विकास की नई उड़ान: सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 'संकल्प' बजट 2026-27 को बताया ऐतिहासिक

रायपुर- रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के ‘संकल्प’ बजट का हृदय से स्वागत किया है। उन्होंने इस बजट को जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब और राज्य के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी को बधाई दी है।

सांसद श्री अग्रवाल ने विशेष रूप से रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी अब आधुनिकता और सुविधाओं के नए मानक स्थापित करेगी। बजट की मुख्य विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि, कालीबाड़ी स्थित जिला अस्पताल में 200 बिस्तरों वाले मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (MCH) का निर्माण मातृ-शिशु स्वास्थ्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही, रायपुर में नए होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।

इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 25 करोड़ रुपये की लागत से मेगा परीक्षा केंद्र और राजधानी में 5 नए नालंदा पुस्तकालयों की स्थापना की जाएगी। CG-ACE योजना (₹33 करोड़) से हमारे होनहार बच्चों को कोचिंग और करियर निर्माण में सीधी मदद मिलेगी।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, रायपुर लोकसभा के अंतर्गत शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना (₹200 करोड़) के तहत सड़कों और नालियों का कायाकल्प होगा। बजट में विशेष रूप से प्रमुख फ्लाईओवरों (ब्रिज) और नई सड़कों के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजधानी की ट्रैफिक समस्या का स्थाई समाधान होगा।

राजधानी स्थित विश्वविद्यालयों के लिए ₹731 करोड़ का अनुदान और रायपुर क्षेत्र के IIT में ₹20 करोड़ के अधोसंरचना विकास और रायपुर तथा बलौदा बाजार में महाविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से शिक्षा की गुणवत्ता वैश्विक स्तर की होगी।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, "यह बजट रायपुर को केवल छत्तीसगढ़ की राजधानी नहीं, बल्कि देश के अत्याधुनिक महानगरों की श्रेणी में खड़ा करने वाला है। विशेष रूप से स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) की अवधारणा, जिसके लिए ₹68 करोड़ का प्रावधान किया गया है, दिल्ली-NCR की तर्ज पर रायपुर, बलौदाबाजार और आसपास के क्षेत्रों को एक एकीकृत विकास सूत्र में बांधेगी। इससे नियोजन और कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।"

उन्होंने बजट के अन्य प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और 'राजधानी पैकेज': रायपुर की ट्रैफिक समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए घोषित 'विशेष राजधानी पैकेज' और शहर की सुंदरता व सुरक्षा हेतु ₹100 करोड़ की लागत से अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिछाने का निर्णय रायपुर के शहरी स्वरूप को पूरी तरह बदल देगा।

मेट्रो रेल और भविष्य की परिवहन व्यवस्था: रायपुर-दुर्ग-भिलाई के बीच मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे और शुरुआती प्रावधानों से लाखों नौकरीपेशा और छात्रों का सफर आसान होगा। यह इस क्षेत्र की लाइफलाइन साबित होगी।

मेकाहारा (MEKAHARA) को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से अपग्रेड करना और मेडिकल कॉलेज के इंटर्न हॉस्टल के लिए ₹35 करोड़ देना स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।

नवा रायपुर में ₹10 करोड़ से इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और कचना में 'प्लग एंड प्ले' इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही रोजगार मिलेगा। साथ ही, रायपुर में OBC छात्राओं के लिए 200 सीटों वाला छात्रावास हमारी बेटियों की शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक स्मृति भवन के लिए ₹5 करोड़ का आवंटन हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सराहनीय कदम है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि "यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ और आधुनिक रायपुर के संकल्प की सिद्धि है। रायपुर लोकसभा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, डिजिटल एडमिनिस्ट्रेशन (AI मिशन) और बेहतर परिवहन सुविधाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। विशेषकर औद्योगिक बजट को ₹248 करोड़ से बढ़ाकर ₹775 करोड़ करना यह दर्शाता है कि रायपुर अब निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।"

सांसद श्री अग्रवाल ने विश्वास जताया कि इस बजट के क्रियान्वयन से रायपुर लोकसभा क्षेत्र का हर वर्ग—चाहे वह किसान हो, युवा हो, महिला हो या व्यापारी—सीधे तौर पर लाभान्वित होगा।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

#bangladeshpresidentshahabuddinslamsmohammadyunus

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।

पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर की रिपोर्ट: रात की दुर्घटनाओं में शराब और बिना हेलमेट बड़ी वजह
लखनऊ। राजधानी स्थित एपेक्स ट्रॉमा सेंटर पीजीआई लखनऊ की एक अध्ययन रिपोर्ट में सामने आया है कि रात के समय होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में शराब पीकर वाहन चलाना और हेलमेट न पहनना बड़ी वजह बन रहे हैं। वर्ष 2018 से 2024 के बीच रात में भर्ती हुए घायलों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।डॉ. एके सिंह और डॉ. पीके मिश्रा द्वारा तैयार यह शोध रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय जर्नल Cureus में प्रकाशित हुई है। अध्ययन में कुल 3,705 घायलों को शामिल किया गया। रिपोर्ट की प्रमुख बातें रात में लाए गए घायलों में से लगभग हर दूसरे व्यक्ति ने शराब पी रखी थी। केवल एक तिहाई दोपहिया सवारों ने हेलमेट पहना था। चार पहिया वाहन चालकों में सिर्फ 41% ने सीट बेल्ट लगाई थी। कुल मामलों में 67.3% सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े थे। इनमें से 84.7% दोपहिया वाहन दुर्घटनाएं थीं। 78.3% मरीज पुरुष थे, औसत आयु 37.5 वर्ष। 44.5% मामलों में सिर की चोट पाई गई। आईसीयू और मृत्यु दर अध्ययन में पाया गया कि 58.4% मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। 45.8% को मैकेनिकल वेंटिलेशन की जरूरत हुई। कुल मृत्यु दर 4% रही, जिनमें से 42.2% मौतें 24 घंटे के भीतर हुईं। बुजुर्गों में बाथरूम में गिरने की घटनाएं रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि काफी बुजुर्ग बाथरूम में फिसलकर घायल हो रहे हैं। इसकी बड़ी वजह चिकनी टाइल्स को बताया गया है, जिनकी फिसलन से गिरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ की राय ट्रॉमा सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. वैभव जायसवाल के अनुसार, दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार, लापरवाही और जागरूकता की कमी बड़ी वजह है। बेहतर सड़कें और एक्सप्रेसवे यात्रा का समय तो कम कर रहे हैं, लेकिन सावधानी न बरतने पर हादसों का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। उन्होंने जगह-जगह ट्रॉमा सेंटर बनाने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है।
मसीही नेतृत्व,अंतरराष्ट्रीय दावे और वित्तीय अनियमित की जांच हो:- सी. एन. आई.

रायपुर- छत्तीसगढ़ में मसीही नेतृत्व को लेकर उठे विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। स्वयं को समुदाय का प्रतिनिधि बताकर दिए जा रहे सार्वजनिक बयान व सोशल मीडिया पर सक्रिय अभियान और विदेशी संपर्क के दावों ने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ने इन घटनाक्रमों पर प्रेसवार्ता कर आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए जांच की मांग की है।

उक्त विवाद उस समय और गहरा गया जब सार्वजनिक मंचों पर यह दावा किया गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क स्थापित किए जा सकते हैं, यहां तक कि विदेशी प्रतिनिधिमंडल बुलाने की बात भी कही गई। मसीह समुदाय का कहना है कि ऐसे दावे तब और गंभीर हो जाते हैं जब संबंधित व्यक्ति को किसी भी आधिकारिक चर्च संरचना द्वारा अधिकृत प्रतिनिधित्व प्राप्त न हो।

इसी के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर यूट्यूब चैनल के माध्यम से क्यूआर कोड द्वारा धन संग्रह के मुद्दे ने भी नए सवाल खड़े किए हैं। डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने प्रशासन से मांग की है कि डिजिटल लेन-देन, सार्वजनिक दावों और संबंधित बयानों की निष्पक्ष जांच की जाए तथा यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि विरुद्ध तत्व पाया जाए तो कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

डायोसिस के अनुसार चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की प्रशासनिक एवं धार्मिक व्यवस्था एक विधिवत संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत संचालित होती है। किसी भी व्यक्ति को अध्यक्ष या प्रतिनिधि के रूप में मान्यता केवल निर्धारित प्रक्रिया और अधिकृत नियुक्ति के माध्यम से दी जाती है। जारी बयान में बताया गया है कि पन्नालाल को मसीह समुदाय द्वारा ऐसी कोई अधिकृत मान्यता प्रदान नहीं दी गई है।

सिनड के आधिकारिक पत्र

इस विवाद पर नई दिल्ली के जनरल सेक्रेटरी द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र का भी उल्लेख किया गया है जिसमें संबंधित प्रसारित दावों को तथ्यहीन बताया गया है। डायोसिस का कहना है कि डायोसिस के नाम पर भ्रम फैलाने वाले कथनों का आधिकारिक संरचना से कोई संबंध नहीं है।

सोशल मीडिया गतिविधियों पर आपत्ति

डायोसिस ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम नामक संस्था के माध्यम से स्वयं को मसीही समाज का प्रतिनिधि घोषित कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म विशेषकर यूट्यूब चैनल पर विभिन्न विषयों पर बयान बाजी दिए जा रहे हैं। इन गतिविधियों को लेकर समाज में भ्रम और संभावित तनाव की आशंका जताई गई है।

मसीह समुदाय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की ऐसी बयानबाजी जिससे विभिन्न धर्मों के बीच वैमनस्य या विवाद की स्थिति उत्पन्न हो ये चर्च की शिक्षाओं एवं मूल्यों के विपरीत है। सी.एन.आई ने दोहराया कि वह सदैव शांति व सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांग

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने इस मामले में रायपुर पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत सौंपे जाने की पुष्टि की है। शिकायत में संबंधित सोशल मीडिया गतिविधियों की जांचए आवश्यक होने पर चैनल को प्रतिबंधित करने तथा विधि अनुसार अपराध दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।

साथ ही प्रशासन से यह भी आग्रह किया गया है कि धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की विभाजनकारी या राजनीतिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने पर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मीडिया से सत्यापन की अपील

डायोसिस ने मीडिया संस्थानों से अपील की है कि मसीही समुदाय के नाम पर दिए जा रहे किसी भी सार्वजनिक बयान को आधिकारिक मानने से पूर्व चर्च की अधिकृत संरचना से सत्यापन अवश्य किया जाए।

व्यापक सामाजिक संदर्भ

विश्लेषकों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धार्मिक पहचान के नाम पर की जा रही बयान बाजी अक्सर संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को प्रभावित करती है। ऐसे मामलों में आधिकारिक संस्थाओं द्वारा स्पष्ट रुख अपनाना सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने अंत में सभी समुदायों से शांति, सामाजिक सद्भाव और संवैधानिक मर्यादा की अपील की है।

अतिरिक्त तथ्य एवं गंभीर आपत्तियाँ

डायोसिस के संज्ञान में एक वीडियो आया है। जिसमें अरुण पन्नालाल द्वारा यह दावा करते लिख रहें है कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को पत्र लिखकर भारत में प्रतिनिधिमंडल भेजने का अनुरोध किया है और कथित रूप से प्रतिनिधि यह आया था।

डायोसिस स्पष्ट करना चाहता है कि अरुण पन्नालाल का न तो किसी चर्च से आधिकारिक संबंध है न ही वे किसी अधिकृत चर्च निकाय के सदस्य या नियुक्त प्रतिनिधि हैं। ऐसी स्थिति में स्वयं को मसीही समाज का अध्यक्ष बताकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व का दावा करना भ्रामक एवं गंभीर विषय है। जिससे समुदाय की छवि प्रभावित हो सकती है।

इसी प्रकार के एक अन्य वीडियो में मसीही समुदाय के राष्ट्रीय स्तर के मॉडरेटर के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। डायोसिस का मानना है कि इस प्रकार की भाषा न केवल संस्थागत मर्यादा के विपरीत है बल्कि समुदाय की गरिमा को भी आहत करती है।

अंतरराष्ट्रीय दावे एवं राष्ट्रीय हित से जुड़ी गंभीर चिंता

डायोसिस के संज्ञान में आए एक वीडियो में अरुण पन्नालाल द्वारा यह कथन किया गया है कि वे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क कर सकते हैं तथा व्हाइट हाउस से प्रतिनिधियों को बुलाने की क्षमता रखते हैं। इस प्रकार के दावों को सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुत किया जाना अत्यंत गंभीर विषय है।

डायोसिस ने स्पष्ट किया कि अरुण पन्नालाल किसी भी चर्च डायोसिस या राष्ट्रीय स्तर के मसीही निकाय के अधिकृत प्रतिनिधि नहीं हैं। ऐसे में स्वयं को मसीही समाज का प्रतिनिधि बताते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी प्रकार का संपर्क या प्रतिनिधित्व का दावा करना भ्रामक स्थिति उत्पन्न कर सकता है। डायोसिस ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत से संबंधित विषयों पर अप्रमाणित अथवा भ्रामक जानकारी यदि किसी अंतरराष्ट्रीय मंच या व्यक्ति तक पहुंचाई जाती है तो इससे देश की छवि सामाजिक एकता एवं संवेदनशील हित प्रभावित हो सकते हैं।

नितिन लॉरेंस ने कहा कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और उसके विषय में किसी भी प्रकार की अपुष्ट या तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत की गई जानकारी राष्ट्रीय हितों को प्रभावित कर सकती है। इस प्रकार के दावों की गंभीर जांच होना आवश्यक है।

डायोसिस ने प्रशासन एवं पुलिस विभाग से आग्रह किया है कि

संबंधित वीडियो और बयानों की विधिवत जांच की जाए।

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत परीक्षण किया जाए।

यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि.विरुद्ध तत्व पाया जाए तो उचित कार्रवाई की जाए।

डायोसिस पुनः स्पष्ट करता है कि चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया भारत के संविधान, उसकी संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक या विभाजनकारी गतिविधि का समर्थन नहीं करता।

वित्तीय पारदर्शिता एवं जांच से संबंधित गंभीर प्रश्न डायोसिस के संज्ञान में यह भी आया है कि संबंधित यूट्यूब चैनल के माध्यम से क्यूआर कोड एवं अन्य डिजिटल भुगतान साधनों द्वारा धनराशि एकत्रित की जा रही है। चूंकि यह गतिविधि सार्वजनिक मंच पर की जा रही है, अतः इसकी वैधानिकताए लेखा परीक्षण एवं धन के उपयोग की पारदर्शिता की जांच किया जाना आवश्यक है।

डायोसिस ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि उक्त डिजिटल लेन.देन की विधिवत जांच की जाए। यह परीक्षण किया जाए कि धनराशि किस उद्देश्य से एकत्रित की गई तथा उसका उपयोग किस प्रकार किया गया।

यदि कोई अनियमितता पाई जाए तो संबंधित कानूनों के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके अतिरिक्त यह भी चर्चा में आया है कि सालेम स्कूल से संबंधित एक प्रकरण में वित्तीय लेन.देन और प्रशासनिक नियंत्रण को लेकर प्रश्न उठे थे। जनसामान्य के बीच इस विषय में विभिन्न आरोप एवं आशंकाएँ व्यक्त की गई हैं। डायोसिस का मत है कि उक्त प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए। विद्यालय की फीस से संबंधित समस्त वित्तीय अभिलेखों का परीक्षण किया जाए।

यदि कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो विधि अनुसार कार्रवाई की जाए।

डायोसिस स्पष्ट करता है कि उसका उद्देश्य किसी पर आरोप लगाना नहींए बल्कि पारदर्शिता एवं विधिसम्मत जांच सुनिश्चित करना है। समाज एवं समुदाय के हित में यह आवश्यक है कि सभी वित्तीय गतिविधियाँ विधि के अनुरूप एवं पारदर्शी हों।

आधिकारिक अपील

डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह विषय केवल व्यक्तिगत बयान बाजी का मामला नहीं है। बल्कि सामाजिक सौहार्दए संस्थागत मर्यादाए वित्तीय पारदर्शिता और राष्ट्रीय संवेदनशीलता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

डायोसिस ने रायपुर पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि संबंधित वीडियो सार्वजनिक दावों डिजिटल धन संग्रह एवं अन्य गतिविधियों की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की जाए। यदि प्रथम दृष्टया कोई विधि.विरुद्ध तत्व पाया जाए तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के अंतर्गत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही राज्य सरकार से भी अनुरोध किया गया है कि धर्म और समुदाय के नाम पर भ्रामक दावे कर सामाजिक तनाव उत्पन्न करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कदम उठा जाये ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

डायोसिस ने चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया भारत के संविधान राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनधिकृत विभाजनकारी या भ्रामक गतिविधि को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

सीएम योगी आज सिंगापुर-जापान दौरे पर रवाना
यूपी को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने की मुहिम तेज, 33 वैश्विक कंपनियों से करेंगे संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज चार दिवसीय सिंगापुर और जापान दौरे पर रवाना होंगे। वर्ष 2017 में म्यांमार यात्रा के बाद यह उनका पहला विदेशी दौरा है, जिसे प्रदेश की निवेश कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 33 वैश्विक कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार के अवसरों पर चर्चा करेंगे।

* जी-टू-बी और राउंड टेबल मीटिंग में होगा सीधा संवाद
दौरे की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के माध्यम से निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। वे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता, भूमि बैंक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और कौशल विकास की संभावनाओं पर स्पष्ट और परिणामोन्मुख चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश मूल के लोगों को संबोधित करने के साथ स्कूली बच्चों से भी संवाद करेंगे और प्रदेश की बदली तस्वीर साझा करेंगे।

* सिंगापुर में 25 कंपनियों से मुलाकात
सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।

* डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी: Google, ST Telemedia Global Data Centres

* एग्रीबिजनेस: Japfa, Olam International

* लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: Mapletree Investments, SATS Ltd

* ग्रीन और सौर ऊर्जा: AVPN, EDP Renewables

* इंडस्ट्रियल पार्क और एविएशन: Sembcorp Industries, Singapore Airlines Engineering Company

* ग्लोबल फंड्स: Temasek Holdings, GIC, Blackstone Inc.

* फिनटेक व बैंकिंग: DBS Bank

* जापान में ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर पर फोकस
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों से निवेश वार्ता करेंगे।

* ऑटोमोबाइल: Kubota, Suzuki

* सेमीकंडक्टर: Tokyo Electron

* इलेक्ट्रॉनिक्स: Toshiba

- ग्रीन हाइड्रोजन व रियल एस्टेट: Marubeni

* वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर कदम
प्रदेश सरकार का मानना है कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश उत्पादन और उपभोग दोनों का बड़ा केंद्र बन सकता है। मजबूत कानून व्यवस्था, नीति स्थिरता और तीव्र कनेक्टिविटी के आधार पर यह दौरा राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।