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वेतन से वंचित मनरेगा कर्मचारी कल से करेंगे तीन दिन की सांकेतिक हड़ताल, मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन

रायपुर-  चार महीनों से वेतन से वंचित मनरेगा कर्मचारी 3 दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के माध्यम से अपनी पीड़ा सरकार को अवगत कराएंगे. 26 व 27 मार्च को जिले में कर्मचारी हड़ताल में रहेंगे. 27 मार्च को सभी जिलों मे रैली निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन देंगे. 28 मार्च को राज्यस्तरीय हड़ताल आयोजित कर रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम से ज्ञापन सौंपेंगे. 

छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय सिंह क्षत्री ने बताया कि हड़ताल के लिए जनपद जिलों में ज्ञापन सौंपा जा चुका है. बीते एक साल में मनरेगा कर्मचारी मानव संसाधन लागू कराने संघर्ष करते रहे. कमेटी भी बनी जिसे 15 दिवस में रिपोर्ट सौंपना था, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के चलते निर्णय नहीं हुआ. इसके विपरीत मनरेगा के कार्यो के अलावा कर्मचारियों पर पीएम आवास, पीएम जनमन, स्वच्छ भारत मिशन एवं अन्य विभागों के भी कार्य लिए जा रहे हैं.

उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के शासन स्तर से तय सभी लक्ष्यो को मनरेगा कर्मचारियों ने अपना पसीना बहाकर दिन-रात कड़ी मेहनत कर पूरा किया है. इन्हें विगत चार माह से वेतन भी नहीं दिया गया. 26 मार्च से प्रदेश भर के 12 हजार मनरेगा कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे. प्रदेश स्तर पर 28 मार्च को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम से ज्ञापन सौंपा जाएगा.

जशपुर की छवि को राष्ट्रीय पर्यटन पटल पर उकेरने मुख्यमंत्री श्री साय की पहल: तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का हुआ लोकार्पण

रायपुर-   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले को एक नई पहचान देने वाली ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने कुनकुरी स्थित मयाली नेचर कैम्प में एडवेंचर जोन का शुभारंभ किया और जिले के लिए तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों—आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक (स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज), प्राकृतिक एवं वन्य जीव (नेचर एंड वाइल्ड लाइफ) और साहसिक पर्यटन (एडवेंचर) सर्किट—का लोकार्पण किया। यह कदम न केवल जशपुर को छत्तीसगढ़ के भीतर एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य बनाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पोंटून बोट में सवार होकर मधेश्वर महादेव के विहंगम दृश्य का अवलोकन किया और कहा कि मयाली एडवेंचर ज़ोन अब रोमांच और रोजगार का केंद्र बनेगा। यहाँ एक्वा साइक्लिंग, कयाकिंग, स्पीड बोट, फ्लोटिंग जेटी, बम्पर बोट जैसे एडवेंचर एक्टिविटी की शुरुआत की गई है।

तीन नए पर्यटन सर्किटों की झलक

मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा जिन तीन प्रमुख पर्यटन सर्किटों का लोकार्पण किया गया, वे जशपुर की विविधता और विशेषता को दर्शाते हैं। स्पिरिचुअल और हेरिटेज सर्किट कोतेबीरा से शुरुआत होती है, जो तमता, कैलाश गुफा, मधेश्वर पहाड़, शारदा धाम, ग्वालिन सरना जैसे स्थलों से होकर गुजरता है—यह सर्किट श्रद्धा, विरासत और जनजातीय परंपराओं की अनमोल झलक पेश करता है।

प्राकृतिक एवं वन्य जीव सर्किट उन पर्यटकों को आकर्षित करेगा जो प्रकृति की गोद में सुकून तलाशते हैं। इसमें मकरभंजा जलप्रपात, बादलखोल अभ्यारण्य, रानीदाह और गुल्लू जलप्रपात से लेकर सारुडीह का चाय बागान तक शामिल हैं—प्राकृतिक धरोहरों से भरपूर यह सर्किट पर्यावरण प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं होगा।

साहसिक पर्यटन सर्किट रोमांच के शौकीनों को आकर्षित करेगा। इसमें दनगरी कैम्प साइट, बेलवार जलप्रपात, देशदेखा हिल कैम्प, सरना ईको एथेनिक रिसोर्ट और क्लाइम्बिंग सेक्टर जैसे स्थान शामिल हैं, जो ट्रेकिंग, क्लाइम्बिंग और नेचर-कैम्पिंग जैसी गतिविधियों के लिए एक आदर्श स्थान बनेंगे।

जनजातीय युवाओं के लिए पर्वतारोहण अभियान: हिमाचल की ऊंचाइयों से लौटेगा जशपुर का आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर अब जशपुर के जनजातीय युवाओं को हिमाचल प्रदेश के मियाड़ घाटी में पर्वतारोहण, रोप क्लाइम्बिंग आदि का प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण प्राप्त युवा वापस लौटकर स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षित करेंगे, जिससे पर्यटन और युवाशक्ति दोनों को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय से अभियान में जाने वाले बच्चों ने मिलकर कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उन्हें ये अनोखा अवसर प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन द्वारा युवाओं को विभिन्न साहसिक खेलों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। विगत दिनों छत्तीसगढ़ की एक पर्वतारोही बेटी ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे शिखर पर तिरंगा फहराने की इच्छा दर्शाई थी जिसे तुरन्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। उसने किलीमंजारो फतह किया। इसी तरह आपको भी खूब मेहनत कर राज्य का नाम ऊंचा करना है। जिस पर युवा तेजल भगत ने कहा अब हमारी पारी है हम भी राज्य को गौरवान्वित करेंगे।

स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने कहा—पर्यटन ने बदली जिंदगी

मयाली नेचर कैम्प में कार्यरत लक्ष्मी एवं तुलसी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका आभार जताया। उन्होंने बताया कि पर्यटन की वजह से अब उन्हें नियमित आय मिल रही है और बच्चों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। महिलाओं ने मधेश्वर महादेव की काष्ठ-निर्मित कलाकृति भेंट कर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल पर्यटन को सिर्फ सैर नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का साधन बना रही है। जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक विरासत और जनजातीय आत्मबल को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की यह ऐतिहासिक शुरुआत है।

केंद्रीय राज्यमंत्री से मिले मंत्री केदार कश्यप, सहकारिता क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बताई उपलब्धियां, विभिन्न मांगों और लक्ष्यों पर की बातचीत

रायपुर- छत्तीसगढ़ के सहकारिता मंत्री केदार कश्यप आज दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल से सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री मोहोल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के विजन को लेकर किये जा रहे कार्यों और उपलब्धियों से अवगत कराया. इस अवसर पर सुब्रत साहू अपर मुख्य सचिव सहकारिता छत्तीसगढ़ शासन, कुलदीप शर्मा आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ मौजूद रहे।

मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय राज्यमंत्री को बताया कि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने 25 अगस्त 2024 को विभाग की समीक्षा की थी. इसके बाद सहकारिता विभाग ने जो लक्ष्य निर्धारित किया था उस पर विष्णुदेव साय सरकार ने पहल करते हुए एक संतोषजनक परिणाम को प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में बहुउद्देशीय समितियों के गठन के लक्ष्य के विरूध्द 232 दुग्ध, 257 मत्स्य तथा 152 लघु वनोपज सहकारी समितियां, इस प्रकार कुल 641 नवीन समितियों का गठन कर लिया गया है, जिनमें से 512 समितियों का गठन माननीय मंत्री जी की समीक्षा बैठक के उपरान्त किया गया है। वहीं राज्य में कार्यरत 2058 पैक्स का पुनर्गठन कर 532 नवीन पैक्स के गठन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।

केदार कश्यप ने कहा कि राज्य के सभी 2058 पैक्स में भारत सरकार, सहकारिता मंत्रालय द्वारा जारी मॉडल बॉयलाज का अंगीकरण कर लिया गया है। मंत्री की उपस्थिति में दिनांक 16 दिसंबर 2024 को राज्य सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ और एनडीडीबी के मध्य एमओयू हस्ताक्षर किया गया। दुग्ध महासंघ के प्रबंधन और संचालन का हस्तांतरण भी 17 जनवरी 2025 को एनडीडीबी को कर दिया गया हैं।


सहकारिता के माध्यम से आर्थिक विकास और रोजगार के अनेकों कार्यक्रम


मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय सरकार द्वारा प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के आर्थिक उन्नयन तथा उन्हें दुग्ध सहकारिता से जोड़ने के लिए प्रथम चरण में प्रदेश के 06 जिलों के 325 परिवारों को 650 दुधारू पशु प्रदाय करने की योजना एन.डी.डी.बी. द्वारा तैयार की गई है। इसके साथ ही सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी विकेन्द्रीकृत अनाज भण्डारण योजना में आर.आई.डी.एफ. अंतर्गत राज्य में निर्माणाधीन 725 गोदामों को शामिल किया गया है। इनमें 665 गोदाम पूर्ण हो चुके हैं, शेष 60 गोदाम का निर्माण शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।


अनेक क्षेत्रों में पैक्स की उपयोगिता में वृद्धि

सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय राज्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के 28 पैक्स में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केन्द्र स्थापित हैं, जिनमें से 25 की स्थापना माननीय मंत्री जी की समीक्षा बैठक के उपरान्त की गई है और राज्य में 2029 पैक्स में कॉमन सर्विस सेन्टर की स्थापना की गई है, जिनमें से 1103 की स्थापना मंत्री की समीक्षा बैठक के उपरान्त की गई है। इन पैक्स द्वारा अब तक ₹2.37 करोड़ का ट्रान्जेक्शन किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 2058 पैक्स द्वारा भारतीय बीज सहकारी समिति में सदस्यता हेतु आवेदन पूर्ण कर लिया गया है, जिनमें से 1792 आवेदन मंत्री की समीक्षा बैठक के उपरान्त किये गये हैं।

मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम द्वारा भारतीय बीज सहकारी समिति को बीज विक्रय लाईसेन्स जारी कर दिया गया है तथा बीज आपूर्तिकर्ताओं में नाम जोड़ने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। राज्य के सभी 2058 पैक्स द्वारा राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति में सदस्यता हेतु आवेदन पूर्ण कर लिया गया है, जिनमें से 1924 आवेदन मंत्री की समीक्षा बैठक के उपरान्त किये गये हैं। इसी तरह राज्य के सभी 2058 पैक्स द्वारा राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति में सदस्यता हेतु आवेदन पूर्ण कर लिया गया है, जिनमें से 1915 आवेदन मंत्री जी की समीक्षा बैठक के उपरान्त किये गये हैं।

सहकारिता के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावामंत्री केदार कश्यप ने बताया कि छत्तीसगढ़ क़ृषि सम्पन्न प्रदेश है जहाँ जैविक फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने तथा विपणन की व्यवस्था हेतु राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति तीसगढ़ राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ के मध्य एम.ओ.यू. निष्पादित किया गया है। संघ द्वारा जैविक समिति को 500 किलोग्राम आर्गेनिक शहद की आपूर्ति प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि माननीय अमित शाह की समीक्षा बैठक के उपरान्त राज्य में इमली, आटी, इमली फूल, चिरौंजी, गुठली, काजू, कालमेघ, हर्रा, कचरिया, गिलोय, महुआ फूल सूखा, शहद, आंवला सूखा, महुआ बीज, हर्रा साबुत, बहेड़ा साबूत, भेलवा, इमली बीज, चरोटा बीज, बहेड़ा कचरिया, आमचूर, मालकांगनी, करंज बीज, बेल, जामुन आदि 22 लघु वनोपजों का आर्गेनिक सर्टिफिकेशन प्राप्त किया जा चुका है।

अन्य उपलब्धियां

मंत्री कश्यप ने बताया, एन.सी.सी.एफ. के पोर्टल में सभी पैक्स का पंजीयन कराने में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य रहा है। मंत्री समीक्षा बैठक के उपरान्त राज्य में 1400 से अधिक सहकारी समितियों के खाते सहकारी बैंकों में खोले गये हैं। अमित शाह की समीक्षा बैठक के उपरान्त सभी पैक्स में माईक्रो ए.टी.एम. उपलब्ध कराने में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य रहा है। धान उपार्जन के दौरान 03 माह की अवधि में माईक्रो ए.टी.एम. के माध्यम से राशि ₹ 116 करोड़ का ट्रांजेक्शन किया गया है। राज्य के 33 ग्राम पंचायतों में पैक्स द्वारा ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना का संचालन पॉयलेट के तौर पर प्रारंभ किया गया है। राज्य के चयनित सभी 2028 पैक्स गो-लाईव हो गये हैं। सभी पैक्स को अप्रैल 2025 तक ई-पैक्स करने का लक्ष्य है। विगत 06 माह में राज्य में 2.50 लाख कृषकों को रूपे के.सी.सी. कार्ड वितरण किया गया है।

केदार कश्यप ने बताया, राज्य के सभी पैक्स में प्रधानमंत्री किसान समृध्दि केन्द्र स्थापित है। वर्ष 2024-25 में इन केन्द्रों के द्वारा अब तक राशि ₹1760.34 करोड़ से अधिक का ट्रांजेक्शन कर लिया गया है। प्रदेश में पैक्स द्वारा सदस्य कृषकों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर 05 लाख की सीमा तक अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाता है। वर्ष 2024-25 में अब तक 15.21 लाख कृषक सदस्यों को राशि₹7709 करोड़ का ऋण वितरण किया गया है। प्रदेश में पैक्स द्वारा समर्थन मूल्य पर कृषकों से धान उपार्जन का कार्य किया जाता है। खरीफ वर्ष 2024-25 में 25.49 लाख कृषकों से 149.25 लाख मिट्रिक टन धान का उपार्जन कर राशि ₹46,251.77 करोड़ का भुगतान किया गया है।

सहकारिता मंत्रालय से विभिन्न मांगों को लेकर मंत्री केदार कश्यप की पहल

मंत्री केदार कश्यप ने राज्य सरकार की मांगों से केंद्रीय राज्यमंत्री मोहोल को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सहकार से समृद्धि की दिशा में छत्तीसगढ़ प्रदेश उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है। जिसे गति प्रदान करने के लिये पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजनांतर्गत प्रथम चरण में 2028 पैक्स का चयन किया गया है। शेष 30 पैक्स तथा सहकार से समृध्दि अंतर्गत प्रस्तावित 500 नवीन पैक्स के लिए सहमति शीघ्र दिया जाए।


अन्य प्रमुख मांगें

नाबार्ड के प्रशिक्षण संस्थान “बर्ड” की स्थापना छतीसगढ़ में भी किया जाये, जिससे राज्य के पैक्स/DCCB तथा अपेक्स बैंक के अधिकारी/कर्मचारियो एवं संचालक मण्डल सदस्यो एवं पदाधिकारियो का प्रशिक्षण की राज्य स्तरीय व्यवस्था किया जा सके। राज्य में सहकारी बैंक द्वारा अल्पकालीन कृषि ऋणो के लिए वर्ष 2024.25 मे राशि ₹ 8500 करोड़ का ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया था, जिसके विरुध्द आज दिनांक तक राशि र 7709 करोड़ का ऋण वितरण किया जा चुका है। नाबार्ड की Concessional Refinance योजना अंतर्गत वितरित ऋण का 45% तक अल्प ब्याज दर पर पुनर्वित्त सहकारी बैंकों को उपलब्ध कराया जाना होता है, किंतु प्रत्येक वर्ष नाबार्ड द्वारा 10-20% तक ही राशि उपलब्ध करायी जाती है। इस वर्ष केवल राशि₹1150 करोड़ ही उपलब्ध कराया गया है, जो कि कुल ऋण वितरण का 14.9% ही है। अतः पॉलिसी अनुसार पूरी राशि उपलब्ध कराया जाए।

प्रदेश के गन्ना विक्रेता कृषको को भुगतान त्वरित रूप से करने की आवश्यकता होती है, उक्त बाबत् भारत सरकार द्वारा जारी मासिक कोटे में छूट देते हुए अधिक शक्कर बेचने की अनुमति प्रदान की जाए। प्रदेश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना पंडरिया के निर्माण हेतु NCDC से प्रदाय टर्म लोन की दिनांक 17/03/2025 की स्थिति में बकाया राशि 17.21 करोड़ (मूलधन 15.75 करोड़, सामान्य ब्याज 61.02 लाख एवं विलंबित अवधि के लिए ब्याज 84.79 लाख) हो गयी है। कारखाना द्वारा अब तक कुल राशि 137.84 करोड़ (मूलधन 81 करोड़ एवं ब्याज 56.84 करोड़) का भुगतान किया जा चुका है। कारखाने की कमजोर आर्थिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए उक्त ऋण पर विलंबित अवधि के लिए अधिरोपित ब्याज की राशि 84.79 लाख को माफ किए जाने का अनुरोध है। अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 अंतर्गत आयोजित की जाने वाली गतिविधियों के लिए एक्सपोजर विजिट में छत्तीसगढ़ राज्य को भी शामिल किया जाए।

शिव महापुराण कथा में शामिल हुए सीएम साय, कहा – पं. प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से कथा सुनना हम सभी के लिए परम सौभाग्य

रायपुर-  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के मायाली के मधेश्वर महादेव धाम में आयोजित 7 दिवसीय शिव महापुराण कथा में सहभागी बने और भक्ति-भाव से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति परिवारों के साथ बैठकर कथा का श्रवण किया। उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर शिव महापुराण कथा का श्रवण करने एक लाख से अधिक श्रद्धालु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को पुष्पमाला पहनाकर एवं मधेश्वर महादेव का छायाचित्र भेंटकर अभिनंदन किया, साथ ही प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, पवन साय, कृष्ण कुमार राय, भरत सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी — कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी अंकित गर्ग, कलेक्टर रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

27 मार्च को पुनः प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुजनों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हम सबके लिए अत्यंत सौभाग्य की बात है कि भगवान शिव की दिव्य कथा कहने स्वयं पंडित प्रदीप मिश्रा मधेश्वर महादेव की धरती पर पधारे हैं। यहां पाँच दिनों से चल रही शिव भक्ति की धारा से समूचा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया है। इस पावन कथा से लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना का पुनः शुभारंभ 27 मार्च को किया जाएगा। इसके तहत इच्छुक श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन हेतु भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अयोध्या धाम रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

शिव महापुराण कथा की दिव्य धारा से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के ग्रामीण भी लाभान्वित हुए। ग्राम पंडरसिली (मनोरा), बेहेराखार और भितघारा (बगीचा) से आए अनेक श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचे। पहाड़ी कोरवा जनजाति के संतोष राम, बजरु राम, शंकर राम, दुर्गा राम और बिरहोर जनजाति के गेंदु राम, गुरुबारु राम, लाखा राम ने कहा कि शिव कथा ने हमारे अंतर्मन को छू लिया है। प्रदीप मिश्रा के प्रवचन केवल भक्ति नहीं सिखाते, वे जीवन को नई दिशा भी देते हैं।

मधेश्वर महादेव: आध्यात्मिक आस्था का केंद्र

मुख्यमंत्री श्री साय ने मधेश्वर महादेव धाम को विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में गौरव का प्रतीक बताया और कहा कि यह स्थल पूरे प्रदेश की धार्मिक आस्था का केंद्र है। उन्होंने आह्वान किया कि इस पावन अवसर का अधिक से अधिक लोग लाभ लें और कथा के शेष दो दिनों में भी उपस्थित होकर शिव भक्ति से स्वयं को अनुप्राणित करें।

मंत्री के काफिले में विधायकों की गाड़ियों में टक्कर, कई गाड़ियां हुई क्षतिग्रस्त

दुर्ग-  स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के काफिले में विधायकों की कार आसपास में टकरा गई. घटना में तीन विधायकों की गाड़ी बीच में घुसने से क्षतिग्रस्त हो गई. राहत की बात रही कि स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल सहित सभी विधायक सुरक्षित हैं.  

आपस में टकराई विधायकों की कार 

जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज जा रहे थे. इस दौरान उनके काफिले के बीच में पूर्व विधायक सावला राम डहरे, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवड़ा और दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर की गाड़ी घुस गई. हादसे में तीनों विधायकों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई. 

महामाया कुंड में 30 कछुओं की मौत, जाल में फंसे मिले कछुए, जांच में जुटा प्रशासन

बिलासपुर- रतनपुर के महामाया कुंड के किनारे जाल में फंसे हुए 30 मृत कछुए पाए जाने की खबर से हड़कंप मच गया है. मंदिर प्रबंधन और वन विभाग की टीम कछुओं की मौत के कारणों की जांच कर रही है. महामाया मंदिर में अभी चैत्र नवरात्रि की तैयारियां जोरों पर हैं, ऐसे में 30 कछुओं का जाल में फंसकर मृत मिलना कई सवालों को जन्म दे रहा है.

बता दें कि कुंड में कपड़ा धोना, नहाना या मछली पकड़ने पर ट्रस्ट ने रोक लगा रखी है. फिर भी मंदिर से बिल्कुल सटे कुंड में किसने जाल डाला? महामाया मंदिर का सीसीटीवी बंद क्यों था? मंदिर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा बल ने कुंड में जाल डालने वालों को क्यों नहीं पकड़ा ? ये सारे सवाल बेहद संगीन और ट्रस्ट के रवैये पर सवाल खड़ा करते हैं. हालांकि, घटना के बाद अब मंदिर प्रशासन भी सख्त कदम उठाने पर विचार कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना ना हो.

15 दिनों में हाउसिंग बोर्ड के 66.47 करोड़ के मकान बिके, छूट का फायदा उठा रहे लोग

रायपुर- छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की “सबके लिए आवास योजना” को अपने घर खरीदने वालों ने हाथों-हाथ लिया है. महज 15 दिनों में 66 करोड़ 47 लाख कीमत के 460 मकानों की बिक्री हो चुकी है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर इस साल 1 मार्च से वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 शुरू की गई, जिसके तहत मंडल ने तैयार मकानों पर 10, 20 और 30 प्रतिशत तक की छूट देने का निर्णय लिया था.

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य “सबके लिए आवास” उपलब्ध कराना है और इस दिशा में यह योजना सफल रही है. आम लोगों के उत्साह को देखते हुए यह योजना अभी जारी रहेगी, ताकि अधिक से अधिक लोग अपना घर खरीद सकें.

घर खरीदने वालों में जबरदस्त उत्साह

इस योजना का उद्देश्य हर वर्ग के लोगों को किफायती दरों पर घर उपलब्ध कराना है. इसका लाभ उठाते हुए आम लोगों ने गृह निर्माण मंडल के 66 करोड़ 47 लाख के “रेडी टू मूव” मकानों और व्यावसायिक संपत्तियों की खरीद की है और इनका भी आवंटन किया जा चुका है. प्रदेशभर में यह योजना अभी भी छूट के साथ लागू है, जिन्हें देखा जा सकता है और रियायती दरों पर खरीदी की जा सकती है.

ऐसे उठा सकते हैं योजना का लाभ

अगर आप भी सस्ते दामों में घर खरीदना चाहते हैं तो इस योजना के तहत गृह निर्माण मंडल की वेबसाइट www.cghb.gov.in पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. इसके अलावा अधिक जानकारी और सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 1800 121 6313 पर कॉल किया जा सकता है. खरीदारों को बैंक लोन के लिए तुरंत एनओसी दी जा रही है, जिससे उन्हें वित्तीय सहायता में कोई परेशानी न हो.

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में सहकारी बैंकों, छोटे किसान-व्यापारियों से जुड़े जनहित के मुद्दे को लोकसभा में उठाया

नई दिल्ली/रायपुर-  रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने मंगलवार को संसद में प्रश्नकाल के दौरान छत्तीसगढ़ में सहकारी बैंकों, छोटे किसान-व्यापारियों के आर्थिक विकास और डेयरी सहकारी समितियों को मजबूत बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह से यह जानकारी मांगी कि सरकार गांवों और शहरों में नई सहकारी समितियों की स्थापना तथा मौजूदा समितियों को सशक्त करने के लिए क्या कदम उठा रही है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में सहकारी बैंकों के कार्यक्रमों में सुधार लाने और छोटे किसानों एवं व्यापारियों को सरलता से ऋण उपलब्ध कराने की नीतियों के बारे में पूछताछ की। साथ ही, उन्होंने सरकार की डेयरी सहकारी तंत्र विकसित करने, दूध उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाने, सहकारी संगठनों के माध्यम से महिलाओं और युवाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा देने एवं कृषि आधारित उद्योगों को वित्तीय सहायता देने की योजनाओं पर भी जानकारी मांगी।

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह का उत्तर:

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने संसद में बताया कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में सहकारी बैंकों और छोटे किसानों-व्यापारियों को सशक्त करने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने देशभर में 2 लाख बहुउद्देशीय पैक्स, डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियों की स्थापना की योजना को मंजूरी दी है, जिसे राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड, राष्ट्रीय मत्स्यकी विकास बोर्ड एवं राज्य सरकारों के सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है।

अमित शाह ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने श्वेत क्रांति 2 पहल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य संगठित डेयरी सेक्टर में डेयरी सहकारी समितियों की हिस्सेदारी बढ़ाना, छोटे डेयरी किसानों को बाजार उपलब्ध कराना और महिला सशक्तिकरण में योगदान देना है। सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में डेयरी सहकारी समितियों की दूध खरीद को 50% तक बढ़ाना है। इस दिशा में अब तक 8,294 नई डेयरी सहकारी समितियां पंजीकृत की जा चुकी हैं।

सहकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम:

-सहकारी समितियों के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है।

-अब तक 1,90,894 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें 38,179 महिलाएं शामिल हैं।

-वर्ष 2024-25 में सहकारी समितियों के विकास के लिए 89,750 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।

-शहरी सहकारी बैंकों के लिए आवास ऋण सीमा को 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 60 लाख रुपये कर दिया गया है, जबकि ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए यह सीमा 75 लाख रुपये कर दी गई है।

- सहकारी बैंकों से मिलने वाले ऋण पर 85% तक जोखिम कवरेज उपलब्ध कराया गया है, जिससे छोटे किसानों और व्यापारियों को आसानी से ऋण मिल सकेगा।

- सहकारी बैंकों से कोलेटरल-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।

- 1500 शहरी सहकारी बैंकों को आवश्यक सूचना प्रौद्योगिकी, संरचना और प्रचालन सहायता प्रदान करने के लिए नेशनल फेडरेशन ऑफ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक्स एंड क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड की स्थापना की गई है।

छत्तीसगढ़ के किसानों और व्यापारियों को होगा लाभ

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सहकारी क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए जा रहे हैं, जिससे छत्तीसगढ़ के किसानों, व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार सृजन, कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा और छोटे व्यापारियों को वित्तीय सहायता सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार की नई सहकारी योजनाएं छत्तीसगढ़ में किसानों, दुग्ध उत्पादकों, महिला उद्यमियों और छोटे व्यापारियों के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भक्त माता कर्मा की 1009वीं जयंती पर किया ऐतिहासिक डाक टिकट का विमोचन

रायपुर-  छत्तीसगढ़ की धरती आज एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब भक्त माता कर्मा की 1009वीं जयंती के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित कर्माधाम परिसर में माता कर्मा को समर्पित डाक टिकट का भव्य विमोचन किया। यह डाक टिकट न केवल श्रद्धा की प्रतीक माता कर्मा के त्याग और समर्पण को अमर करता है, बल्कि साहू समाज के गौरवपूर्ण इतिहास और सांस्कृतिक परंपरा को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर भक्त माता कर्मा मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की। उन्होंने आदर्श विवाह समारोह में शामिल नव दंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए समाज की एकजुटता और संस्कारशीलता की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा भक्त माता कर्मा का जीवन निष्ठा, बलिदान और भक्ति की मिसाल है। डाक टिकट के माध्यम से उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाना, भावी पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा। साहू समाज ने हमेशा मुझे अपार स्नेह दिया है और मैं समाज की इस ऐतिहासिक मांग को स्वीकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी जानकारी दी कि राजिम माता की मूर्ति स्थापना सहित अन्य विकास कार्यों के लिए पूर्व में घोषित 5 करोड़ रुपए की राशि अब बजट में शामिल कर दी गई है, जिससे समाज के धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिलेगी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने माता कर्मा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि माता कर्मा का आशीर्वाद समाज और प्रदेश दोनों के लिए कल्याणकारी है। यह डाक टिकट मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक है।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने डाक टिकट विमोचन को तैलिक समाज के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा यह डाक टिकट एक प्रतीक नहीं, बल्कि माता कर्मा के संघर्ष, सेवा और त्याग की राष्ट्रीय मान्यता है।

समारोह में छत्तीसगढ़ साहू समाज के अध्यक्ष टहल सिंह साहू ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर संत माता कर्मा आश्रम शक्तिपीठ रायपुर को सामाजिक योगदान के लिए "गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स" से सम्मानित किया गया, जो पूरे समाज के लिए गौरव का विषय है।

कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, पवन साय, विधायक दीपेश साहू, विधायक संदीप साहू, डाक सेवाएं निदेशक दिनेश मिस्त्री सहित साहू समाज के अनेक प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

चीफ जस्टिस सिन्हा की तीखी टिप्पणी, ‘कलेक्टर फोटो खिंचाने के लिए कर रहे नदी की सफाई!’

बिलासपुर- DM नदी की सफाई कर रहे हैं, फोटो खिंचाने के लिए कर रहे हैं..!, कलेक्टोरेट में DM का काम छोड़ दें, वहीं सफाई करें..!, क्या है ये, क्या दिखाना चाहते हैं..? यह काम डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का है? चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की तीखी टिप्पणी से कोर्ट रूम स्तब्ध था. 

अरपा नदी के संरक्षण और संवर्धन की मांग को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सोमवार को एक साथ सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा यहीं नहीं रुके. उन्होंने कहा कि DM जिले के जिम्मेदार अधिकारी हैं, उन्हें सकारात्मक कदम उठाने चाहिए. क्या अरपा नदी इनके दो फावड़ा चलाकर साफ हो जाएगी? उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा वे पब्लिक सर्वेंट हैं,अपनी ड्यूटी ऑफिस में बैठकर करें. वे कहीं जा रहे हैं, कोई बात नहीं, लेकिन ये क्या कर रहे हैं..? चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की बैंच ने कोर्ट ने पूरे राज्य में ऐसी चीजों और संस्कृति को लेकर नाराजगी जताई.

बैंच ने नदी के सूखने पर चिंता जताई है. वहीं कोर्ट अवैध उत्खनन सहित परिवहन को रोकने को लेकर भी उठाए जा रहे कदम पर असंतुष्ट नजर आया. मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की है.

सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता प्रफुल्ल एन भारत ने इस पूरे मामले में सचिव के शपथ पत्र पेश किए जाने की जानकारी दी. वहीं राज्य शासन के अवैध उत्खनन परिवहन और भंडारण के बढ़ते मामले पर रोक लगाने के कोर्ट के निर्देश पर अन्य राज्यों के नियमों को परीक्षण करने एक 6 सदस्यीय समिति के गठित किए जाने की जानकारी दी. जिसमें खनिज विभाग के उपसंचालक और खनिज अधिकारी शामिल हैं. जिन्हें 30 दिन में रिपोर्ट पेश करने कहा गया है. इस समिति की रिपोर्ट में दिए परामर्श के बाद खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के प्रावधान के नियमों में बदलाव से जुड़ी प्रक्रिया को विधि विभाग में पेश किए जाने की जानकारी दी.

वहीं अरपा नदी की सफाई और ट्रीटमेंट प्लांट के संबंध में आगे की प्रगति की भी जानकारी गई मांगी थी. जिस पर राज्य शासन के अधिवक्ता और नगर निगम के अधिवक्ता के माध्यम से शपथ पत्र में जवाब पेश किया गया है. हाई कोर्ट ने इस पूरे मामले को लेकर खनिज विभाग के सचिव और नगर निगम आयुक्त बिलासपुर से शपथ पत्र में जानकारी पेश करने का निर्देश दिया है.