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प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन के लिए आवेदन प्रकिया शुरू, ऐसे करें अप्लाई, जानें अंतिम तिथि

रायपुर-  छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को एडमिशन दिया जाएगा. ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च है. 1 और 2 मई को लॉटरी निकाली जाएगी. इसके बाद अगली प्रक्रिया शुरू होगी. 

50 हजार से अधिक सीटों पर दाखिला 

प्रदेश में इस साल 6,744 निजी स्कूलों में कुल 50,413 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा. नोडल अधिकारी 25 अप्रैल तक जमा किए गए दस्तावेजों की जांच करेंगे. लॉटरी के माध्यम से 1 और 2 मई को सीटों का आवंटन किया जाएगा. यह प्रक्रिया 5 से 30 मई तक चलेगी.

कैसे करें आवेदन ?

RTE के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए माता-पिता शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://rte.cg.nic.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसकेअलावा आधिकारिक ऑनलाइन सेंटर पर जाकर आवेदन कर सकेंगे.  

दूसरे चरण में होगा खाली सीटों पर एडमिशन

प्राइवेट स्कूलों में गरीब वर्ग के बच्चों को शिक्षा के अधिकार के तहत प्रवेश की प्रकिया जारी है. पहले चरण में 51,293 सीटों में अगर सीटें खाली रह जाती है तो  उन संबंधित स्‍कूलों में प्रवेश के लिए दोबारा से आवेदन मांगे जाएंगे. दूसरे चरण में पुनः आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। दस्तावेजों की जांच के बाद निजी स्कूलों में एडमिशन मिल सकता है. 

छत्तीसगढ़ के निगम मंडलों में नियुक्ति को लेकर डिप्टी CM साव का बड़ा बयान, कहा- मुख्यमंत्री साय जल्द लेंगे फैसला

रायपुर- छत्तीसगढ़ में निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर चल रही अटकलों के बीच डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने बड़ा बयान दिया है। आज एक प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव संपन्न हो चुके हैं, अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जल्द ही इन नियुक्तियों पर फैसला लेंगे।

डिप्टी सीएम ने बताया कि भाजपा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा के बाद निगम-मंडलों में नियुक्तियां तय की जाएंगी। इसके साथ ही जिला और मंडलों में भी कार्यसमिति का गठन जल्द किया जाएगा। संगठन विस्तार और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पेयजल संकट से निपटने करेंगे हरसंभव उपाय – डिप्टी CM अरुण

गर्मी बढ़ते ही जल संकट गहराने लगा है। राज्य कई इलाकों में जल स्तर नीचे गिरने और बारिश की कमी को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पेयजल आपूर्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी। इसे लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि आमतौर पर दिसंबर और जनवरी में कुछ आंशिक बारिश होती है, जो इस बार नहीं हुई। ऐसे में अभी से ही गर्मी का प्रकोप बढ़ने लगा है, जिससे जल संकट गहराने की आशंका है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री ने जल संसाधन, ऊर्जा एवं यांत्रिकी, और पंचायत विभाग के अधिकारीयों को निर्देश दिए है कि गर्मी में लोगों को पेयजल की दिक्कत न हो, इसके लिए हरसंभव उपाय किए जाएं। जरूरत के अनुसार नए ट्यूबवेल और हैंडपंप लगाए जाएं। साथ ही, तालाबों में जलभराव और निस्तारी के लिए भी योजना बनाई जाए।

अहमदाबाद में कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन पर डिप्टी CM अरुण साव का तंज

कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन अहमदाबाद में होने जा रहा है, जहां पार्टी की भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। इस पर डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस अब शून्य की ओर बढ़ रही है और उसका भविष्य सबको दिख चुका है।

बेंगलुरु में इन्वेस्टर्स कनेक्ट कार्यक्रम, छत्तीसगढ़ में औद्योगीकरण को मिलेगी रफ्तार

राज्य सरकार ने नई औद्योगिक नीति लागू की है, जिसमें रोजगार को प्राथमिकता दी गई है। इसी कड़ी में बेंगलुरु में इन्वेस्टर्स कनेक्ट कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ में औद्योगीकरण को गति मिलेगी। इससे पहले दिल्ली और मुंबई में भी इन्वेस्टर्स कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जहां निवेशकों ने गहरी रुचि दिखाई।

30 मार्च को छत्तीसगढ़ आएंगे प्रधानमंत्री मोदी, कई विकास कार्यों का होगा लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे। इसे लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि यह दौरा ऐतिहासिक होगा और प्रधानमंत्री करोड़ों की सौगात जनता को देंगे। इस दौरान कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन किया जाएगा।

फर्जी इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर लूट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, गांव का युवक ही निकला मास्टरमाइंड, 5 आरोपी गिरफ्तार

कोंडागांव- कोंडागांव पुलिस ने फर्जी इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह के मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. लूट का मास्टरमाइंड साजेन्द्र बघेल है, जो कोंडागांव का ही रहने वाला है. पुलिस ने आरोपियों के पास से लूट की रकम, दो कारें और 9 मोबाइल फोन सहित कुल 37.38 लाख रुपये की सामग्री जब्त की है. मुख्य आरोपी साजेन्द्र बघेल पूर्व में भी नौकरी लगाने के नाम पर ठगी कर चुका है.

यह है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, 23 मार्च को प्रार्थिया ने कोंडागांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 19 मार्च को दोपहर 2:30 बजे चार व्यक्ति एक इनोवा कार (CG 10 BM 3041) में उसके दुकान के पास पहुंचे. उन्होंने उसके पति अजय मानिकपुरी को कब्जे में रखा था और जबरन घर में घुसकर आलमारी से 5 लाख रूपये नगद, गल्ले में रखी रकम और घर में लगे कैमरे का DVR लूट लिया. साथ ही वहां काम कर रहे पुष्कर ठाकुर का मोबाइल भी छीन लिया. घटना की रिपोर्ट पर पुलिस ने धाराएं 309(4), 127(2), 332(ग) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की.

पुलिस अधीक्षक वाय अक्षय कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कौशलेन्द्र देव पटेल के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस रूपेश कुमार एवं साइबर सेल प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक सतीश भार्गव की संयुक्त टीम ने कार्रवाई शुरू की. इस दौरान इनोवा कार की लोकेशन रायपुर में ट्रेस हुई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया. जब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ किया तो उन्होंने बताया कि ग्राम बम्हनी निवासी साजेन्द्र बघेल के कहने पर उन्होंने घटना को अंजाम दिया.

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4,38,000 रुपये लूट की रकम, 1 इनोवा कार, 1 XUV 300 कार, 9 मोबाइल जब्त किया है. आरोपियों के पास से जब्त सामग्रियों की कीमत 37 लाख 38 हजार रूपये है.

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

  1. सुरेन्द्र कुमार कुर्रे (उम्र 29 वर्ष) – निवासी मराकोना, थाना सरगांव, जिला मुगेली
  2. लेखराम सिन्हा (उम्र 39 वर्ष) – निवासी ग्राम पोस्ट बजन पुरी, जिला कांकेर
  3. प्रभदीप सिंह (उम्र 30 वर्ष) – निवासी बिरगांव, रायपुर
  4. प्रियांक शर्मा (उम्र 22 वर्ष) – निवासी हिमालियन हाईट्स, रायपुर
  5. साजेन्द्र बघेल (उम्र 29 वर्ष) – निवासी ग्राम बम्हनी, कोंडागांव।


नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की राह आसान नहीं, शपथग्रहण के पूर्व मच गया बवाल…

बलौदाबाजार-  जिला पंचायत बलौदाबाजार-भाटापारा की नवनिर्वाचित अध्यक्ष आकांक्षा गोलू जायसवाल की राह आसान नहीं दिखाई दे रही है. चुनाव में भाजपा ने उन्हें अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किया था, जिसके बाद वे बतौर निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी. अब शपथग्रहण समारोह के पूर्व बवाल खड़ा हो गया है.

दरअसल, सतनामी समाज के युवाओं ने देर रात कोतवाली पहुंचकर नवनियुक्त अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल व उपाध्यक्ष पवन साहू के विरुद्ध समाज को ‘हरिजन’ कहकर अपमानित करने का आरोप लगाते हुए एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है.

यह मामला तब सामने आया जब ग्राम खैरी के पंच मुन्ना कोशले को उनके ही ग्राम के नेतराम धुव ने जिला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष की तरफ से सम्मान समारोह का आमंत्रण पत्र दिया, जिसमें मुन्ना कोशले व समस्त हरिजन समाज लिखा था. फिलहाल, कोतवाली पुलिस ने आवेदन लेकर जांच के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की बात कही है.

बता दे कि आकांक्षा जायसवाल के अध्यक्ष चुने जाने के दिन से ही भाजपा में बवाल मचा हुआ है, जिसके चलते दो बार शपथग्रहण टल गया है. अब सतनामी समाज के युवाओं ने हरिजन शब्द का इस्तेमाल करने को लेकर कोतवाली में आवेदन देकर नया मोड़ दे दिया है. अब देखना होगा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता आकांक्षा जायसवाल के विरुद्ध लगातार हो रहे विरोध को किस तरह हल करते हैं.

उच्च शिक्षा विभाग को 18 लाख का चूना लगाने वाला बाबू गिरफ्तार, रिश्तेदारों के साथ कर्मचारियों के बैंक खातों का भी किया था इस्तेमाल

रायपुर- उच्च शिक्षा विभाग को 18 लाख रुपए का चूना लगाने वाले आरोपी क्लर्क आकाश श्रीवास्तव को आखिरकार रायपुर पुलिस ने भोपाल से धरदबोचा है. विभागीय जांच में अफरा-तफरी के खुलासे के बाद आरोपी क्लर्क के खिलाफ अपर संचालक ने सरस्वती नगर पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कराया था. 

जानकारी के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग के रीजनल ऑफिस में पदस्थ ग्रेड 2 क्लर्क आकाश श्रीवास्तव ने 2023 से 2025 के बीच पद पर रहते हुए 18 लाख रुपए सरकारी राशि अपने व रिश्तेदारों के खाते में जमाकर निजी उपयोग किया था. उच्च शिक्षा विभाग को जब क्लर्क की हरकतों का पता चला तो पहले 11 मार्च को निलंबित किया गया, इसके बाद 18 मार्च को उसके खिलाफ आनन-फानन में सरस्वती नगर थाने में अपराध दर्ज कराया गया था.

दरअसल, आकाश श्रीवास्तव ने सुनियोजित तरीके से कूटरचना कर शासकीय धन को विभिन्न बैंक खातों में फर्जी तरीके से जमा किया, और बाद में उन पैसों को अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से ट्रांसफर कर लिया. अपने बैंक खातों के अलावा आरोपी ने दो दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के खातों में भी शासकीय धन को गबन करने के लिए जमा करने के बाद ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिया था.

हाईकोर्ट ने प्रोफेसर की भर्ती पर लगाई रोक, नियमों को दरकिनार करने पर यूनिवर्सिटी से मांगा जवाब, जानिए पूरा मामला…

बिलासपुर-  हाईकोर्ट ने अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी में यूजीसी के नियमों को दरकिनार कर की जा रही प्रोफेसर की भर्ती पर रोक लगा दी है। मामले में यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। याचिका में नियुक्ति में यूजीसी नियमों की अनदेखी करते हुए अयोग्य उम्मीदवारों को साक्षात्कार की अनुमति दिए जाने की बात कही गई है।

दरअसल, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर (कॉमर्स) के पद पर नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। डॉ. राजेश कुमार शुक्ला ने भी भर्ती के लिए आवेदन किया। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें बताया गया कि भर्ती प्रक्रिया में यूजीसी रेगुलेशन 2018 का उल्लंघन किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने योग्यता नहीं रखने वाले उम्मीदवारों के आवेदन का त्रुटिपूर्ण सत्यापन किया है। साथ ही उन्हें साक्षात्कार के लिए योग्य घोषित कर दिया है, जो नियमों के खिलाफ है।

याचिका के अनुसार अगर कोई आवेदक निजी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय से है तो उसका शैक्षणिक अनुभव तभी मान्य होगा जब उसकी नियुक्ति संवैधानिक चयन समिति के माध्यम से हुई हो, लेकिन यूनिवर्सिटी ने बिना नियम के प्राइवेट कॉलेज के प्रोफेसर को भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर लिया है। यह यूजीसी रेग्युलेशन 2018 का उल्लंघन है। इस नियम में कहा गया है कि किसी असिस्टेंट प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर का प्रोफेसर पद के लिए आवेदन तभी मान्य होगा, जब उसका कुल मासिक वेतन 7वें वेतनमान में नियुक्त सहायक प्राध्यापक या सह-प्राध्यापक के वेतन से कम न हो।

वर्तमान में 7वें वेतनमान के अनुसार सहायक प्राध्यापक का कुल वेतन एक लाख 30 हजार रुपए से अधिक होना चाहिए। सत्यापन के लिए यह बेहद ही जरूरी प्रक्रिया है। इसके साथ ही यदि कोई आवेदक निजी महाविद्यालय या विश्वविद्यालय से है तो उसका शैक्षणिक अनुभव तभी मान्य होगा, जब उसकी नियुक्ति संवैधानिक चयन समिति के माध्यम से हुई हो।

छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने की मुख्यमंत्री से मुलाकात

रायपुर- छत्तीसगढ़ सीमेंट ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अंजय शुक्ला एवं अन्य पदाधिकारियों ने आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुख्यमंत्री निवास में सौजन्य भेंट किया. इस अवसर पर एसोसिएशन द्वारा राज्य में किए जा रहे सेवा कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी गई.

मुख्यमंत्री साय ने कुनकुरी सदन में एसोसिएशन द्वारा प्रदान की गई एंबुलेंस सेवा की सराहना की और कहा कि यह सेवा जशपुर जिले से इलाज के लिए रायपुर आने वाले जरूरतमंद लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है. स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में इस प्रकार की भागीदारी निश्चित रूप से सराहनीय है.

अंजय शुक्ला ने जानकारी दी कि एसोसिएशन ने पिछली गर्मियों में ट्रांसपोर्ट यार्ड में शीतल पेयजल और गर्मी से राहत देने वाली सुविधाएं प्रदान की थीं, जिसे इस वर्ष भी प्रदान किया जाएगा. इसके अलावा, एसोसिएशन द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित करने की योजना भी साझा की गई, जिसमें बेटियों के विवाह का संपूर्ण दायित्व एसोसिएशन उठाएगा. इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी और बेटियों का सम्मानजनक विवाह सुनिश्चित होगा.

मुख्यमंत्री साय ने अंजय शुक्ला के नेतृत्व में एसोसिएशन के सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और हर प्रकार के सहयोग का आश्वासन भी प्रदान किया. मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ट्रांसपोर्ट सेक्टर की भूमिका को समझती है और ट्रांसपोर्टरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा.

बिना संसाधनों के प्रसव कराने की कोशिश, जच्चा-बच्चा की मौत, आदिवासी समाज में आक्रोश

गरियाबंद- जिले के देवभोग क्षेत्र में ओडिशा सीमा से लगे एक गांव में अवैध क्लिनिक की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया है. डूमाघाट की आदिवासी महिला योगेंद्री बाई को उनके पति पदमन नेताम शुक्रवार रात प्रसव के लिए इस अवैध क्लिनिक में लेकर पहुंचे थे. बगैर किसी पंजीयन के संचालित इस झोलाछाप क्लिनिक में 4 घंटे तक महिला को रोका गया और बिना संसाधनों के प्रसव कराने की कोशिश की गई. इस बीच जब हालत बिगड़ने जच्चा-बच्चा अधमरा हो गए तो उन्हें ओडिशा के एक निजी अस्पताल भेज दिया गया, जहां उनकी मौत हो गई.

मामला सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन लीपापोती में लग गया था. लापरवाही से हुई मौत के बाद आदिवासी समाज आक्रोशित है. समाज के पदाधिकारी लोकेश्वरी नेताम, संजय नेताम के नेतृत्व में आदिवासी समाज ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है. इसमें जिसमें दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, क्लिनिक सील कराने के अलावा पीड़ित परिवार को 50 लाख मुआवजा देने की मांग की गई है. मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी भी सामाजिक पदाधिकारियों ने दी है.

इधर घटना को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने 6 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है और जल्द ही रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.

पीड़ित परिवार ने पुलिस को कहा किसी की गलती नहीं

खबर का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीओपी विकास पाटले अपनी टीम के साथ पीड़ित परिजन के घर पहुंचे. पुलिस ने पीड़ित परिवार से मामले की जानकारी जुटाई. एसडीओपी पाटले ने बताया कि पीड़ित परिवार ने किसी पर दोष नहीं मढ़ा है और न ही कोई कार्रवाई चाहता है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

आदिवासी परिवार पर दबाव बना रहे दोषी

इस मामले में आदिवासी नेता लोकेश्वरी नेताम ने कहा प्रशासन स्वास्थ्य सुविधा दिलाने में नाकाम है. उन्होंने कहा कि मेरे निर्वाचन क्षेत्र की पीड़िता पहली बार मां बनने जा रही थी, लेकिन वह लापरवाही की शिकार हो गई. स्वास्थ्य सुविधा में कमी के कारण ही भोलेभाले आदिवासी झोला छाप के चंगुल में फंस कर अपनी जान गंवा रहे हैं. इन झोला छाप लोगों को अपने करतूत से बचने का सारा उपाय भी पता रहता है. पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है. लेकिन हम उसके साथ अन्याय नहीं होने देंगे. पीड़ित परिवार को उसका हक और न्याय दिला कर रहेंगे.

रायपुर से विशाखापट्टनम के लिए शुरू होगी इंडिगो की नई फ्लाइट, शेड्यूल जारी

रायपुर-  छत्तीसगढ़ के हवाई यात्रियों के लिए विशाखापट्टनम अब नया डेस्टिनेशन बनने जा रहा है. बजट एयरलाइंस इंडिगो ने रायपुर-विशाखापट्टनम-रायपुर सेक्टर में 31 मार्च से नई फ्लाइट शुरू करने का शेड्यूल जारी कर दिया है. इसके लिए बुकिंग भी शुरू कर दी गई है. प्रदेश के कारोबारी, विद्यार्थी और पर्यटक लंबे समय से इस रूट पर सीधी फ्लाइट की मांग कर रहे थे.

सप्ताह में पांच दिन उड़ान सेवा

इंडिगो की यह फ्लाइट सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को संचालित होगी. यात्रियों की सुविधा के लिए 78 सीटर एटीआर विमान लगाया गया है. इससे रायपुर से विशाखापट्टनम का सफर सिर्फ डेढ़ घंटे में पूरा होगा. शुरुआती दौर में 31 मार्च को रायपुर से विशाखापट्टनम की टिकटें मात्र 3,000 रुपये में उपलब्ध हैं.

बता दें कि विशाखापट्टनम स्वास्थ्य सेवाओं, एजुकेशन, वीकेंड टूरिज्म और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में लोकप्रिय है. इस फ्लाइट के शुरू होने से यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा.

रायपुर से इंदौर, भोपाल, प्रयागराज के लिए भी नई उड़ानें

इंडिगो एयरलाइंस ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से इंदौर, भोपाल और प्रयागराज के लिए भी नई फ्लाइट्स शुरू करने की योजना बनाई है. इन उड़ानों के शुरू होने से इंदौर, भोपाल और प्रयागराज के फेयर भी सस्ते होंगे.

इंदौर-रायपुर-इंदौर फ्लाइट 30 मार्च से प्रतिदिन चलेगी.

रायपुर-प्रयागराज-रायपुर फ्लाइट 30 मार्च से शनिवार और रविवार को उड़ान भरेगी.

भोपाल-रायपुर-भोपाल फ्लाइट 30 मार्च से सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को संचालित होगी.

उड़ानों का शेड्यूल 

रायपुर-विशाखापट्टनम

इंडिगो 6E 7295 – रायपुर से सुबह 8:50 बजे, विशाखापट्टनम 10:20 बजे.

इंडिगो 6E 7296 – विशाखापट्टनम से 11:00 बजे, रायपुर 12:30 बजे.

रायपुर-इंदौर

इंडिगो 6E 7295 – इंदौर से सुबह 6:30 बजे, रायपुर 8:30 बजे.

इंडिगो 6E 7296 – रायपुर से दोपहर 12:50 बजे, इंदौर 2:45 बजे.

रायपुर-प्रयागराज

इंडिगो 6E 7295 – रायपुर से 8:50 बजे, प्रयागराज 10:25 बजे.

इंडिगो 6E 9296 – प्रयागराज से 10:50 बजे, रायपुर 12:30 बजे.

रायपुर-भोपाल

इंडिगो 6E 7149 – भोपाल से सुबह 9:40 बजे, रायपुर 11:10 बजे.

इंडिगो 6E 7469 – रायपुर से 11:30 बजे, भोपाल 1:00 बजे.

भालू की मौत मामले में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, तीन वनकर्मी निलंबित

बालोद- हाल ही में तांदुला डेम में एक भालू की तैरती हुई मिली लाश के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में भूषण लाल ढीमर (वनपाल सहायक परिक्षेत्र अधिकारी, हर्राठेमा), दरेश कुमार पटेल (परिसर रक्षक, मलगांव) और विशेखा नाग (परिसर रक्षक, नैकिनकुंवा) को निलंबित कर दिया गया है.

जानकारी के अनुसार, 24 फरवरी को तांदुला डेम में एक भालू का शव तैरता मिला था, जिसे वन विभाग ने गुपचुप तरीके से कल्लूबाहरा के जंगल में दफना दिया. करीब एक माह बाद जब मृत भालू की तस्वीर वायरल हुई, तो मामला तूल पकड़ लिया. जांच के दौरान शनिवार को वन विभाग ने शव को दोबारा जमीन से निकाला तो चौकाने वाली सच्चाई सामने आई भालू के चारों पंजे शरीर से अलग थे, जिससे वन विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई.

मामले की गंभीरता को देखते हुए भालू के शव के सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने के बाद और भी जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है. इस पूरे मामले को गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह ने विधानसभा में भी उठाया है.