डीके शिवकुमार के बयान पर कर्नाटक से दिल्ली तक बवाल, विवाद बढ़ा तो दी सफाई
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सार्वजनिक ठेकों में मुस्लिमों को चार प्रतिशत आरक्षण को लेकर कर्नाटक में विवाद जारी है। इस बीच राज्य के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में मुस्लिम आरक्षण के सवाल पर कुछ ऐसा कह दिया कि कर्नाटक से लेकर दिल्ली तक का राजनीतिक पारा चढ़ गई। दरअसल, रविवार को वे एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उनसे मुस्लिम आरक्षण को लेकर सवाल किया गया। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि समय आने पर संविधान बदला जा सकता है। इस बयान का जमकर विरोध हो रहा है।
मैंने कैज़ुअली कह दिया-शिवकुमार
इस बीच, कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने उनके बयान को लेकर हो रहे विवाद पर समाचार एजेंसी एएनआई को बयान दिया है। उन्होंने कहा, मैं एक समझदार राजनेता हूं मैं पिछले 36 वर्षों से सदन में हूं। मुझे बेसिक समझ है। मैंने कैज़ुअली कह दिया था कि कई फ़ैसलों के बाद कई बदलाव होंगे। पिछड़ा वर्ग के कोटे के मुताबिक पहले ही आरक्षण दिया जा चुका है। मैंने नहीं कहा है कि हम संविधान बदलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, वो लोग जो भी बता रहे हैं, वो गलत है। हम एक राष्ट्रीय पार्टी हैं। वो हमारी पार्टी है, जो इस देश में संविधान लेकर आई है। मैं इस मामले में मुकदमा लड़ूंगा।
भाजपा पर फर्जी खबरें फैलाने का आरोप
शिवकुमार ने भाजपा पर उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बारे में कहा, मीडिया मेरी बात को गलत नहीं बता रहा, बल्कि भाजपा ऐसा कर रही है। ये लोग राजनीति करते हैं और देश को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। भाजपा फर्जी खबरें फैलाने के लिए मशहूर है। मैं इसे ऐसे ही नहीं छोड़ूंगा।
क्या बोले थे डीके शिवकुमार?
दरअसल, रविवार को डीके शिवकुमार एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। जहां उनसे सार्वजनिक ठेकों में मुस्लिमों को चार प्रतिशत आरक्षण दिए जाने और भाजपा द्वारा इसे अदालत में चुनौती देने की टिप्पणी को लेकर सवाल किया गया। उसका जवाब देते हुए कर्नाट के डिप्टी सीएम ने कहा कि देखते हैं कि क्या होता है। हमने जो शुरू किया है, मुझे पता है कि इसको लेकर सब अदालत में जाएंगे। इंतजार करते हैं और देखते हैं अदालत का जो भी फैसला आएगा। उन्होंने कहा कि हमें अच्छे दिनों का इंतजार करना होगा। बहुत सारे बदलाव करने हैं...संविधान भी बदल रहा है ऐसे फैसले भी हैं जो संविधान बदल देते हैं।
Mar 24 2025, 15:56