"जे एन यू सपनों को साकार करता है" डॉ महबूब हसन
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गोरखपुर। दी द ऊ, उर्दू विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ महबूब हसन के सम्मान में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उर्दू के मशहूर कहानीकार डॉ ज़ाकिर फैजी ने की। प्रसिद्ध स्कॉलर और त्रैमासिक पत्रिका "अदबी नशेमन" के संपादक डॉ शाहिद हबीब फलाही ने स्वागत भाषण देते कहा कि डॉ महबूब हसन अध्यापन के साथ साथ उर्दू साहित्यिक जगत में भी अपना नाम रौशन कर रहे हैं। उन की कृतियां और रचनाएं राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो रही हैं। जंगल जंगल, तितली रानी, टुंडे कबाब, इस्मत चुगताई व जैन ऑस्टिन और निकात-ए-फिक्शन आदि उन की महत्वपूर्ण किताबें हैं। बाल साहित्य और हास्य व्यंग के मैदान में उन की खास पहचान हैं। अपनी साहित्यिक गतिविधियों से डॉ महबूब हसन गोरखपुर विश्वविद्यालय का नाम अंतराष्ट्रीय पटल पर गौरवान्वित कर रहे हैं।
बतौर मुख्य अतिथि डॉ महबूब हसन ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से जुड़ी हुई पुरानी खूबसूरत यादों को साझा किया। उन्होंने फैज़ का प्रसिद्ध शेर पढ़ा। तुम्हारी याद के जब ज़ख्म भरने लगते हैं/ किसी बहाने तुम्हें याद करने लगते हैं। डॉ हसन अपने व्यक्तव्य में कहा कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी समाज के शोषित वर्ग के सपनों को साकार करता है। इस विश्वविद्यालय ने भाषा और साहित्य के प्रगतिशील विचारों को पोषित किया। इस कार्यक्रम में भारतीय भाषा केंद्र के शोधार्थी और छात्र एवं छात्राओं ने उन से संवाद स्थापित किया। छात्रों के एक सवाल के जवाब में डॉ हसन ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी हर तरह की वैचारिक स्वतंत्रता प्रदान करता है। ऐसी शैक्षिक वातावरण में विकास की संभावनाएं प्रबल हो जाती हैं। उन्होंने छात्रों और शोधार्थियों को मुखातिब करते हुए कहा कि आज की नई नस्ल बेहद ऊर्जावान है। उन का शैक्षिक प्रयत्न समाज और देश के लिए अत्यंत हितकारी है।
उर्दू के प्रसिद्ध युवा लेखक डॉ ज़ाकिर फैजी ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि मैं इस कार्यक्रम के आयोजकों का आभारी हूं। मैं डॉ महबूब हसन को विगत डेढ़ दहाई से जनता हूं। वो इस विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र रहे हैं। उन्होंने यहां से एम फिल और पी एच दी उच्च शिक्षा प्राप्त की है। गांव की पृष्ठ भूमि से आने वाले डॉ हसन ने अपनी उत्कृष्ट साहित्यिक योगदान से इस कैंपस का सम्मान बढ़ाया है। उन के उज्ज्वल भविष्य की कामनाएं करता हैं।
इस आयोजन का संचालन भारतीय भाषा केंद्र के छात्र एवं युवा कवि आसिफ बेलाल ने किया और धन्यवाद ज्ञापन शोधार्थी तारिक ने दिया। कार्यक्रम में जे एन यू के अलावा डी यू और जामिया के छात्र एवं छात्राएं भी उपस्थित रहीं।
Feb 26 2025, 19:11