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प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों को राहत देने को लेकर सपा ने दिया मांग पत्र*

  *गोण्डा।*
पिछले कई दिनों से भयंकर वर्षा  आंधी के प्राकृतिक आपदा से विधानसभा क्षेत्र तरबगंज में फसलों को हुई क्षति, आंधी से पेड़ व खंभे गिरने से बाधित बिजली  आपूर्ति को बहाल करने की मांग पर समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को उप जिलाधिकारी को चार सूत्रीय मांगपत्र दिया।
     सपा का प्रतिनिधि मंडल मंडल जिसमे पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व पार्टी के वरिष्ठ नेता रामभजन चौबे , के टी तिवारी सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी , विजय सिंह, टिंटू प्रदेश सचिव दिनेश यादव जिला उपाध्यक्ष, मनोज चौबे सपा नेता, विवेक सिंह बाबा पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष छात्र सभा के नेतृत्व में एसडीएम को दिए गए  मांगपत्र में कहा गया है कि
तहसील व विधान सभा तरबगंज में  लगातार तेज रफ्तार से चली  हवाओं व अंधड के साथ हुई भारी वर्षा से पूरा जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।  विधानसभा क्षेत्र के नगर कस्बों सहित सरयू के तटवर्ती मांझा क्षेत्र के दर्जनों गांवों  में भारी जलभराव से आवागमन  बाधित होने के साथ मवेशियों के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई है।
मांगपत्र में गन्ना, धान व मक्का के गिरने से हुई क्षति के  पीड़ित किसानों को अनुदान दिलाने का अनुरोध किया गया है।
जलभराव से फूस के रिहायशी आवास व पशुशाला के गिरने, तेज हवाओं से हजारों पेड गिरने से बाधित आवागमन बहाल कराने, बिजली के खंभे गिरने से ठप्प पडी विद्युत आपूर्ति शुरू कराने की भी मांग की गई है। मांगपत्र देने वाले प्रमुख रूप से देव मणि तिवारी ,अंकुर तिवारी, रिंटू सिंह, रोहित चौबे ,धर्मेंद्र तिवारी,दिलीप पांडे, सूबेदार चौबे, बृजेश चौबे, कालिका प्रजापति, आदि शामिल रहे।
सनातन की एकता में ही हमारी सुरक्षा और मजबूती: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- *गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं व महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर सीएम योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- 140 करोड़ लोग एक स्वर में हुंकार भरेंगे तो दुनिया की कोई ताकत सामने नहीं ठहर सकती*
- *बोले मुख्यमंत्री- अलग-अलग स्वर ताकत नहीं, पराजय का कारण बनेंगे, सनातन गौरव के मार्ग में भ्रम की जगह नहीं*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- राम के वैभव को बर्दाश्त नहीं करने वाले फैलाएंगे भ्रम, रामभक्तों को पहचानना होगा कालनेमि*
- *बोले मुख्यमंत्री- राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी जरूरी, रामलला के प्रकटीकरण में रही महंत दिग्विजयनाथ की भूमिका*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी, अयोध्या और विंध्यवासिनी धाम का दिख रहा भव्य स्वरूप*

गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि सनातन धर्म की एकता में ही हमारी सुरक्षा और मजबूती है। पंथ और संप्रदाय की उपासना पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन सभी का कल्याण वृहद सनातन धर्म की मजबूती में है। 140 करोड़ लोग एक स्वर में हुंकार भरेंगे तो दुनिया की कोई ताकत सामने नहीं ठहर सकती। अलग-अलग गति प्रगति नहीं, दुर्गति और अलग-अलग स्वर ताकत नहीं, पराजय का कारण बनेंगे।
मुख्यमंत्री योगी गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित सप्त दिवसीय समारोह के तहत व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दोनों आचार्यों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।
- *रामभक्तों को पहचानना होगा कालनेमि*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम और सनातन का वैभव जिन्हें बर्दाश्त नहीं है, वे दुष्प्रचार और भ्रम पैदा करेंगे। जिस तरह संजीवनी बूटी लेने जाते समय हनुमान जी ने कालनेमि को पहचान लिया था, उसी तरह रामभक्तों को भी भ्रम फैलाने वालों को पहचानना होगा।
उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ भारत की आजादी को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं मानते थे। संपूर्ण स्वाधीनता के लिए सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी जरूरी थी। उनका मानना था कि सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्राण प्रतिष्ठा हो सकती है तो अयोध्या में भी यह कार्य होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1949 में रामलला के प्रकटीकरण के समय महंत दिग्विजयनाथ, बाबा अभिराम दास और महंत रामचंद्र दास परमहंस सक्रिय थे। इसकी रणनीति देवीपाटन में महंत दिग्विजयनाथ, महाराजा बलरामपुर और तत्कालीन गोंडा जिलाधिकारी केके नायर के बीच बनी थी। आज 500 वर्षों बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर सनातन धर्मावलंबियों को गौरव की अनुभूति करा रहा है।
- *मोदी के नेतृत्व में दिख रहा सनातन का वैभव*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि और विंध्यवासिनी धाम का भव्य स्वरूप सामने है। प्रयागराज महाकुंभ ने दुनिया के सामने सनातन परंपरा का सामर्थ्य रखा है। उन्होंने वृंदावन के वैष्णव कुंभ का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने बिखरे नाथ संप्रदाय को अखिल भारतीय भेष बारह पंथ योगी महासभा के रूप में एकजुट किया। अपनी परंपरा का पालन करते हुए वृहद सनातन धर्म की एकता को मजबूत करना होगा।
- *दोनों आचार्यों ने रखी भविष्य की मजबूत नींव*
मुख्यमंत्री योगी ने युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और अपने पूज्य गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को नमन करते हुए कहा कि दोनों आचार्यों ने जिन विषयों के लिए जीवन समर्पित किया, उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। महापुरुषों के दूरदर्शी कार्य भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद दोनों आचार्यों के आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं।
- *गुलामी के दौर में रखी शिक्षा की नींव*
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश गुलाम था और संसाधनों का अभाव था, तब महंत दिग्विजयनाथ ने 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। महाराणा प्रताप को आदर्श बनाने के पीछे स्वदेश, स्वाभिमान और स्वधर्म का भाव था।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में भी महंत दिग्विजयनाथ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विश्वविद्यालय के लिए मठ की संपत्ति और दो संस्थाएं सरकार को देने में उन्होंने श्रेय की चिंता नहीं की। आज महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अंतर्गत 50 से 55 संस्थाएं संचालित हैं। इनमें विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, आयुर्वेद कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, विद्यालय, अस्पताल और कृषि विज्ञान केंद्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने उस दौर में बालिका शिक्षा के लिए विद्यालय और महाविद्यालय स्थापित किए। गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाने और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रयासों को आगे बढ़ाने में भी उनकी भूमिका रही।
- *गोरक्षपीठ में जाति-पंथ का भेदभाव नहीं*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोरक्षपीठ नाथ परंपरा की पीठ होते हुए भी पूरे सनातन धर्म के लिए समर्पित है। यहां जाति, पंथ या संप्रदाय के आधार पर भेदभाव नहीं होता। सभी जातियों के लोग एक पंक्ति में अन्न ग्रहण करते हैं और सभी आचार्यों व संतों को समान सम्मान मिलता है।
- *वक्ताओं ने भी याद किया योगदान*
अयोध्या से आए जगद्गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने शिक्षा, स्वास्थ्य और भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाया। गोरखनाथ मंदिर आज सामाजिक समरसता का भी केंद्र है। काशी से आए जगद्गुरु रामानंदाचार्य डॉ. रामकमल दास वेदांती ने कहा कि संत की साधना तभी सार्थक है, जब उससे लोककल्याण का मार्ग खुले। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल ने कहा कि 1932 में बोया गया शिक्षा का बीज आज विशाल स्वरूप ले चुका है। कार्यक्रम में डॉ. रामनरेश पांडे की पुस्तक श्री हनुमत् कथा पूजनम् का मुख्यमंत्री योगी और संतों ने विमोचन किया।
- *कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
कार्यक्रम में जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य, महंत बालकनाथ योगी, महंत योगी चेताईनाथ, जगद्गुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा और महंत मिथिलेशनाथ उपस्थित रहे।
समस्या निस्तारण में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: सीएम योगी
*जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं*
*अधिकारियों को दिए निर्देश, तत्परता और संवेदनशीलता से हो जनता की समस्याओं का समाधान*

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनसेवा के नियमित प्रकल्प 'जनता दर्शन' में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात की। गंभीरता से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का समाधान तत्परता और संवेदनशील तरीके से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय करते हुए संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए।
गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की। सबको आश्वस्त किया, घबराइए मत, समस्या का समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा।  सबके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकार भरपूर मदद उपलब्ध कराएगी।
- *मुख्यमंत्री ने गोशाला में की गोसेवा*
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा भी की। उन्होंने गायों, गोवंश व नंदी को खूब दुलारा, गुड़ खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश की समुचित देखभाल के निर्देश दिए।
बेस्टी एजुकेशन द्वारा मनाया गया हिन्दी पखवाड़ा
मुंबई । अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था बेस्टी एजुकेशन एंड चेरिटेबल ट्रस्ट दोहा कतर के मुंबई इकाई द्वारा आनलाइन सोमवार 28 सितंबर 2026 को हिंदी पखवाड़ा मनाया गया।जिसकी अध्यक्षता मुंबई के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रामजीलाल वर्मा ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में मुंबई से शिक्षक नरसिंह हैरान जौनपुरी उपस्थित थे। अंतरराष्ट्रीय पटल पर हिन्दी दिवस मनाते हुए उपस्थित साहित्यकारों ने स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया। कविगोष्ठी का शुभारंभ जौनपुर उत्तर प्रदेश से उपस्थित के. आर. स्नेही के सरस्वती वंदना से हुआ तत्पश्चात कल्याण शहर से बीनू त्रिपाठी विभु, डॉ दयाराम दर्द फिरोजबादी, मुंबई से आनंद पाण्डेय केवल, गाजियाबाद से डॉ मधु स्वामी, सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश से रमेशचंद्र नंदवंशी, मुंबई से विनोद कुमार शुक्ल गुंजन ने हिन्दी के गुणगान को अपनी विधाओं में श्रोताओं के सम्मुख रखा जिसकी सराहना सभी ने किया। उक्त कार्यक्रम का संचालन मुंबई अध्यक्ष विनय शर्मा दीप,आयोजन अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अफसाना सैयद तथा संयोजन संस्थापक अध्यक्ष डॉ बैजनाथ शर्मा मिंटू ने किया।साहित्यकारों द्वारा काव्यपाठ पश्चात संचालक विनय शर्मा दीप एवं संयोजक डॉ बैजनाथ शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयासरत – देवेंद्र फडणवीस
मुंबई। देश की युवा शक्ति को रोजगार के लिए सक्षम बनाने हेतु शिक्षा के साथ कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार का समन्वय आवश्यक है। केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बदलती तकनीक के अनुसार (एआई, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग) लगातार ‘अपस्किलिंग’ और नए कौशल को आत्मसात करना समय की आवश्यकता है। दुनिया के 28 से अधिक देशों में मानव संसाधन की बड़ी मांग है और महाराष्ट्र के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयासरत है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा। श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरेसी (एसएनडीटी) महिला विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की ओर से ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेले’ का आज कोंकण और नासिक संभाग के सभी जिलों में ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बोल रहे थे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वीडियो संदेश के माध्यम से रोजगार मेले को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों सहीदा परमानिक को क्रेवा कैपिटल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, बेलापुर तथा कांती शंभू चव्हाण को क्रेवा कैपिटल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, कुर्ला की ओर से नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 25 वर्ष पूर्ण होने की पृष्ठभूमि में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत इस रोजगार मेले का आयोजन किया गया है। इस मेले के माध्यम से कोंकण और नासिक संभाग के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, ऐसी आशा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार की त्रिसूत्री अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानव दर्शन’ का विचार समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास को सुनिश्चित करने वाला है। इसी विचार के आधार पर सरकार का कामकाज चल रहा है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देश में शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और मानव संसाधन का निर्माण सबसे महत्वपूर्ण विषय है, जिसके आधार पर हम 2047 का विकसित भारत तैयार कर सकेंगे। गरीबी मुक्त, बेरोजगारी मुक्त और रोगमुक्त भारत हमारा सपना है। इस सपने की ओर आगे बढ़ने के लिए वास्तव में शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार की त्रिसूत्री के आधार पर हमें यह व्यवस्था खड़ी करनी होगी। आज देश की 65 प्रतिशत आबादी कार्यक्षम युवा शक्ति है। एक ओर उद्यमियों को कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है, तो दूसरी ओर युवाओं को रोजगार की जरूरत है। इन दोनों को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी के रूप में रोजगार मेले कार्य कर रहे हैं। बदलती तकनीक के अनुसार युवाओं को लगातार नए कौशल आत्मसात करने चाहिए। रोजगार देने वाले और रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं के बीच सेतु के रूप में रोजगार मेले महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आज महाराष्ट्र की दृष्टि से एक ऐतिहासिक दिन है। कोंकण और नासिक संभाग में 418 स्थानों पर एक साथ रोजगार मेले आयोजित किए गए हैं और एक लाख से अधिक युवक-युवतियां इस पहल से जुड़े हैं। यह केवल 418 रोजगार मेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की युवा शक्ति को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की व्यापक संकल्पना की शुरुआत है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानव दर्शन’ के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। इसी विचार के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह जानकारी कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दी।

मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने आगे कहा कि, आज रोजगार महाकुंभ की शुरुआत हुई है; यह अंत नहीं है। महाराष्ट्र के प्रत्येक युवक-युवती को रोजगार या स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने तक हमारे प्रयास जारी रहेंगे। महाराष्ट्र की युवा शक्ति को कौशल, अवसर और रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में इस बार केवल आईटीआई के विद्यार्थियों तक सीमित न रहते हुए सभी स्तरों के युवाओं के लिए प्रत्येक तहसील में कम से कम तीन छोटे रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं। केवल मेले आयोजित करने तक सीमित न रहते हुए विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त हो, इसके लिए 7 दिनों का नि:शुल्क पूर्व-रोजगार प्रशिक्षण दिया गया है और अब तक 61 हजार युवक-युवतियों ने यह प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस मेले के लिए एक लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है और कम से कम 70 प्रतिशत युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने तक हम नहीं रुकेंगे, ऐसा भी उन्होंने कहा।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग कौशल विकास विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहा है, ताकि जितने अधिक स्नातक युवा शिक्षा पूरी करके बाहर निकलें, उतने ही अधिक रोजगार के मार्ग भी निर्मित हों। यह जानकारी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने दी। वहीं, विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि, महाराष्ट्र ने आज एशिया के अग्रणी निवेश केंद्र और देश की ‘स्टार्टअप कैपिटल’ के रूप में अपनी पहचान बनाई है। युवाओं को केवल राज्य में ही नहीं, बल्कि दुनिया में कहीं भी रोजगार के अवसर मिलने पर उन्हें आवश्यक भाषा एवं कौशल प्रशिक्षण देकर विदेश भेजने की तैयारी सरकार ने की है।

इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री कु. अदिति तटकरे, अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरेसी महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. हेमलता बागला, रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अपूर्वा पालकर, महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा आयुक्त डॉ. अमित सैनी, मुंबई शहर की जिलाधिकारी आंचल गोयल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा राज्यभर से ऑनलाइन और प्रत्यक्ष माध्यम से हजारों विद्यार्थी उपस्थित थे।

*कोंकण और नासिक संभाग में 400 से अधिक रोजगार मेले*

कोंकण और नासिक संभाग के 12 जिलों में रोजगार मेले आयोजित किए गए हैं। अब तक 1,500 से अधिक उद्यमी नियोक्ताओं और एक लाख से अधिक रोजगार इच्छुक युवक-युवतियों ने रोजगार महाकुंभ के लिए पंजीकरण कराया है। सहभागी उद्यमियों की ओर से 25,000 से अधिक रोजगार के अवसरों एवं रिक्त पदों की मांग दर्ज की गई है। जिला स्तर पर शैक्षणिक संस्थानों, महाविद्यालयों, सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य संस्थाओं के समन्वय से उम्मीदवारों और नियोक्ताओं के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। जिला प्रशासन, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, उद्योग विभाग, विपणन विभाग, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल, विश्वविद्यालयों और औद्योगिक संगठनों का सहयोग प्राप्त हुआ।

*महिलाओं की रोजगार भागीदारी को विशेष प्रोत्साहन*

महिलाओं की रोजगार भागीदारी को विशेष प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से महिलाओं के लिए स्वतंत्र विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया गया था। यह मेला विशेष रूप से रोजगार की इच्छुक महिलाओं के लिए आयोजित किया गया। महिलाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों, कंपनियों और सेवा क्षेत्र की आस्थापनाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की गई है। विभिन्न 36 उद्यमियों ने इसमें सहभागिता दर्ज की है। स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न सरकारी महामंडलों की योजनाओं की जानकारी देने वाले स्टॉल भी उपलब्ध कराए गए हैं।
आपदा की घड़ी में हर पीड़ित के साथ भाजपा सरकार: मुख्यमंत्री योगी
- *तमकुहीराज में बाढ़ की स्थिति का मुख्यमंत्री योगी ने लिया जायजा, बेदूपार इंटर कॉलेज में अपने हाथों से परिवारों को बांटी राहत सामग्री*
- *जनहानि पर चार लाख की सहायता, क्षतिग्रस्त मकान पर पीएम या सीएम आवास योजना से मिलेगा आवास*
- *फसल नुकसान का होगा सर्वे, पीड़ित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश*
- *नारायणी में अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी, तटबंध टूटा और कई घरों में आया पानी*
- *एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की दो-दो टीमें और पीएसी की चार यूनिट राहत-बचाव में तैनात*

कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में भाजपा सरकार उनके साथ खड़ी है। जनहानि पर परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। क्षतिग्रस्त मकान पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिलेगा, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए धनराशि दी जाएगी। फसल नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा क्षेत्र तमकुहीराज में नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बेदूपार इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट की और अपने हाथों से कुछ परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेने के साथ जनप्रतिनिधियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। - *साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दिनों तक लगातार भारी बारिश के बाद प्रदेश के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि से लोगों को त्रासदी का सामना करना पड़ा। नेपाल में भी अतिवृष्टि से बड़े पैमाने पर जलजमाव हुआ और वहां का पानी नीचे आ रहा है। सामान्य दिनों में नारायणी नदी से तीन से चार लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित होता था, जो पिछले दिनों अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इससे तटबंध टूटा और कई घरों में पानी आया। सरकार सोमवार से स्थिति पर नजर रखे हुए थी। अब मौसम साफ है।
राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमें तथा पीएसी की चार यूनिट तैनात की गई हैं। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें भी सोमवार से काम में जुटी हैं। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सोमवार रात ही प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गए थे। क्षेत्र के सांसद और विधायक भी लगातार सहयोग कर रहे हैं।
- *पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री*
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो दाल के साथ चना, तेल, मसाले, नमक और अन्य सामग्री शामिल है। मुख्यमंत्री ने राहत कार्य में लगी टीमों को प्रभावित लोगों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचाने और वहां रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। - *सड़क और तटबंध की होगी मरम्मत*
मुख्यमंत्री ने फसलों के नुकसान का सर्वे कर पीड़ित किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित सड़कों और तटबंध की मरम्मत कराने को कहा। सिंचाई विभाग को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों के खेतों को नुकसान न हो।
- *प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे स्वास्थ्य शिविर*
मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। अस्पतालों में सांप या जंगली जानवर के काटने पर तत्काल वैक्सीन उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उपचार में देरी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरी टीम प्रभावित लोगों के सहयोग के लिए खड़ी है। जनप्रतिनिधि भी राहत और बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करें। - *ये रहे मौजूद*
इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत क्षेत्र के सांसद, विधायक, जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
रेवंत रेड्डी का बयान हिंदुओं का अपमान, कांग्रेस नेतृत्व देश से माफी मांगे : संजय सरावगी* ‎ ‎
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*वोट बैंक की राजनीति करने वालों को यह भी नहीं पता कि रामायण के 'लंका कांड' में लंका जाने से पहले भगवान राम ने महादेव की पूजा की थी : संजय सरावगी*


राजनीतिक लाभ के लिए भगवान और सनातन को भी बांटने का प्रयास कर रही कांग्रेस : संजय सरावगी* ‎ ‎*उत्तर-दक्षिण की धार्मिक पहचान को लेकर समाज में विभाजन पैदा करना कांग्रेस की पुरानी राजनीति : संजय सरावगी* ‎ ‎*कांग्रेस नेता बार-बार सनातन और भगवान का अपमान कर रहे, अब हद हो गई : संजय सरावगी* ‎ ‎ ‎पटना, 29 सितंबर। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा भगवान को लेकर दिए गए बयान पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने रेवंत रेड्डी के बयान को हिंदू समाज की धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। ‎ ‎संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस के नेता राजनीतिक लाभ के लिए लगातार सनातन धर्म और हिंदू आस्था को निशाना बनाते रहे हैं। लेकिन अब स्थिति ऐसी हो गई है कि कांग्रेस के नेता भगवान को भी बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान किसी एक क्षेत्र, राज्य या राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े विषय को उत्तर और दक्षिण भारत के नाम पर बांटना समाज को विभाजित करने की राजनीति है। ‎ ‎भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से समाज को जोड़ने और सद्भाव बढ़ाने की अपेक्षा होती है, लेकिन रेवंत रेड्डी का बयान राजनीतिक लाभ के लिए समाज में विभाजन पैदा करने वाला है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था को राजनीतिक पहचान और क्षेत्रीय विभाजन से जोड़ना देश की सामाजिक एकता के लिए उचित नहीं है। ‎ ‎उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सनातन परंपरा की अपनी विविधता और गहरी जड़ें हैं। अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं को अलग-अलग राजनीतिक पहचान देकर प्रस्तुत करना देश की सांस्कृतिक एकता को कमजोर करने का प्रयास है। ‎ ‎उन्होंने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और रेवंत रेड्डी के बयान के लिए हिंदू समाज से माफी मांगे। संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि भारत की विविधता उसकी ताकत है और अलग-अलग क्षेत्रों की धार्मिक परंपराएं देश की साझा सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। ‎ ‎संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस के नेता रह-रहकर राजनीतिक फायदे के लिए सनातन और भगवान का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन करोड़ों लोगों की आस्था को राजनीतिक विवाद का विषय बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे बयानों और राजनीति को समझ रही है तथा समय आने पर इसका जवाब भी देगी। ‎ ‎उन्होने कटाक्ष करते हुए कहा कि कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वालों को यह भी नहीं पता कि रामायण के 'लंकाकांड' में लंका जाने से पहले भगवान राम ने महादेव की पूजा की थी। ‎ ‎उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह वोट की राजनीति के लिए समाज को बांटने के बजाय देश की एकता, सामाजिक सद्भाव और सभी धर्मों की आस्था के सम्मान की राजनीति करे।
*झामुमो राज में जंगल भी सुरक्षित नहीं : डॉ दिनेशानंद गोस्वामी

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि झामुमो राज में अब जंगल भी सुरक्षित नहीं है । राज्य में पिछले 7 वर्षों से कोयला, बालू , पत्थर तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों की चोरी एवं लूट होती रही है ।अब तो घने जंगल में पेड़ों की कटाई भी होने लगी है । विगत दिनों पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत सांकाभांगा गाँव के पास के जंगल में बड़ी संख्या में साल (सखुआ) के पेड़ काटे गए परन्तु वन विभाग पेड़ों के कटाई को रोकने में विफल रही । सबसे हैरानी की बात है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के महज 3 किलोमीटर दूर जंगल में पेड़ काटे जा रहे थे और वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी । जल , जंगल, ज़मीन की सुरक्षा करने के वादे के साथ सत्ता में आई झामुमो सरकार जंगलों में पेड़ों के कटाई को रोक नहीं सकी । डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्य में हो रहे प्राकृतिक संसाधनों के लूट तथा जंगलों में हो रहे पेड़ों की कटाई को रोकने का आग्रह किया है ।

चीनी मिलाने बाढ़ एवं वर्षा पीड़ित किसानों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया
               
तुलसीपुर बलरामपुर 29 सितंबर।   विगत दिनों हुई मूसलाधार बारिश से प्रभावित किसानों के सहयोग के लिए तुलसीपुर चीनी मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम उनके सहयोग के लिए युद्ध स्तर पर मैदान में उतरकर किसानों का हर संभव सहयोग कर रही है जल भराव वाले खेतों से पानी को उतरवाने के लिए और गिरे हुए गन्ने की बधाई के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है इकाई प्रमुख  आर एस प्रसाद ने बताया कि ऐसे खेतों में जहां वर्षा का जल लग गया है खेतों में डालने के लिए ब्लीचिंग पाउडर और ट्राइकोडर्मा की निशुल्क व्यवस्था चीनी मिल प्रबंधन ने कराया है जिस किसी भी किसान को इसकी जरूरत हो अपने क्षेत्र के CFAऔर सीडीओ से बात करके प्राप्त कर सकते है और किसी भी सहयोग तथा सुझाव के लिए चीनी मिल प्रबंधन से सहयोग प्राप्त कर सकते हैं उक्त जानकारी चीनी मिल उप महाप्रबंधक प्रशासन आशीष प्रताप सिंह ने दी।
हमारी चिंताओं को लेकर अमेरिका गंभीर नहीं' यूएस की धरती से एस जयशंकर ने उसे सुनाया

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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। जयशंकर ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान को सीमापार आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया और अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करने को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा है कि आतंकवाद को लेकर भारत की च‍िंताओं के प्रत‍ि अमेरिका का असंवेदनशील होना दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक समस्या है।

पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद पर घेरा

न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के कार्यक्रम में जयशंकर ने सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम नहीं लेते हुए कहा कि पड़ोसी देश से फैलने वाला आतंकवाद भारत की सुरक्षा से जुड़ी मुख्य चिंताओं में से है। बहुत कम देश ऐसे हैं, जिन्हें किसी पड़ोसी देश से उस तरह के आतंकवाद का सामना करना पड़ा है, जैसा हमने किया है।

पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर अमेरिका पर सवाल

जयशंकर ने पूरी गंभीरता से कहा कि भारत के लिए सुरक्षा सबसे अहम है। उन्होंने कहा, अगर हमारा कोई सहयोगी (यूएस) हमारी इस मुख्य चिंता को नहीं समझता है तो जाहिर है कि इसका असर हमारे रिश्तों पर पड़ता है। गौरतलब है कि भारत लंबे समय से पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा विभिन्न वैश्विक मंचों पर उठाता आया है, लेकिन अभी तक पाकिस्तान के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। खासकर ट्रंप प्रशासन ने तो पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर जवाबदेह ठहराने से भी परहेज किया है।

कूटनीति के दिखावे अब खत्म हो गए-जयशंकर

जयशंकर ने कहा कि एक समय अमेरिका में यह सोच थी कि भारत के पास बहुत सारे विकल्प नहीं होने चाहिए और नई दिल्ली को वॉशिंगटन के साथ अपने रिश्तों पर ध्यान देना चाहिए, जबकि अमेरिका खुद हमेशा से अपने विकल्प खुले रखता आया है। भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि कूटनीति के ऐसे दिखावे अब खत्म हो गए हैं और देश अब एक-दूसरे के साथ खुलकर जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बहुध्रुवीय दुनिया की ओर हो रहे व्यापक बदलाव का हिस्सा है।

अमेरिका ने व्यापार का एक नया तरीका अपनाया-जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह भी कहा कि अमेरिका ने व्यापार का एक नया तरीका अपनाया है। यह तरीका वन-टू-वन डील है यानी हर चीज पर फिर से बातचीत। हर कोई खुलकर एक-दूसरे के साथ डील कर रहा है। विदेश मंत्री ने इस दौरान साफ कहा कि हम आज मल्टीपोलैरिटी (बहु-ध्रुवीयता) की ओर बढ़ रहे हैं।

प्राकृतिक आपदा से पीड़ितों को राहत देने को लेकर सपा ने दिया मांग पत्र*

  *गोण्डा।*
पिछले कई दिनों से भयंकर वर्षा  आंधी के प्राकृतिक आपदा से विधानसभा क्षेत्र तरबगंज में फसलों को हुई क्षति, आंधी से पेड़ व खंभे गिरने से बाधित बिजली  आपूर्ति को बहाल करने की मांग पर समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को उप जिलाधिकारी को चार सूत्रीय मांगपत्र दिया।
     सपा का प्रतिनिधि मंडल मंडल जिसमे पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व पार्टी के वरिष्ठ नेता रामभजन चौबे , के टी तिवारी सदस्य प्रदेश कार्यकारिणी , विजय सिंह, टिंटू प्रदेश सचिव दिनेश यादव जिला उपाध्यक्ष, मनोज चौबे सपा नेता, विवेक सिंह बाबा पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष छात्र सभा के नेतृत्व में एसडीएम को दिए गए  मांगपत्र में कहा गया है कि
तहसील व विधान सभा तरबगंज में  लगातार तेज रफ्तार से चली  हवाओं व अंधड के साथ हुई भारी वर्षा से पूरा जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है।  विधानसभा क्षेत्र के नगर कस्बों सहित सरयू के तटवर्ती मांझा क्षेत्र के दर्जनों गांवों  में भारी जलभराव से आवागमन  बाधित होने के साथ मवेशियों के लिए चारे की समस्या खड़ी हो गई है।
मांगपत्र में गन्ना, धान व मक्का के गिरने से हुई क्षति के  पीड़ित किसानों को अनुदान दिलाने का अनुरोध किया गया है।
जलभराव से फूस के रिहायशी आवास व पशुशाला के गिरने, तेज हवाओं से हजारों पेड गिरने से बाधित आवागमन बहाल कराने, बिजली के खंभे गिरने से ठप्प पडी विद्युत आपूर्ति शुरू कराने की भी मांग की गई है। मांगपत्र देने वाले प्रमुख रूप से देव मणि तिवारी ,अंकुर तिवारी, रिंटू सिंह, रोहित चौबे ,धर्मेंद्र तिवारी,दिलीप पांडे, सूबेदार चौबे, बृजेश चौबे, कालिका प्रजापति, आदि शामिल रहे।
सनातन की एकता में ही हमारी सुरक्षा और मजबूती: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- *गोरखनाथ मंदिर में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं व महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर सीएम योगी ने अर्पित की श्रद्धांजलि*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- 140 करोड़ लोग एक स्वर में हुंकार भरेंगे तो दुनिया की कोई ताकत सामने नहीं ठहर सकती*
- *बोले मुख्यमंत्री- अलग-अलग स्वर ताकत नहीं, पराजय का कारण बनेंगे, सनातन गौरव के मार्ग में भ्रम की जगह नहीं*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- राम के वैभव को बर्दाश्त नहीं करने वाले फैलाएंगे भ्रम, रामभक्तों को पहचानना होगा कालनेमि*
- *बोले मुख्यमंत्री- राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी जरूरी, रामलला के प्रकटीकरण में रही महंत दिग्विजयनाथ की भूमिका*
- *मुख्यमंत्री योगी ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी, अयोध्या और विंध्यवासिनी धाम का दिख रहा भव्य स्वरूप*

गोरखपुर। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि सनातन धर्म की एकता में ही हमारी सुरक्षा और मजबूती है। पंथ और संप्रदाय की उपासना पद्धति अलग हो सकती है, लेकिन सभी का कल्याण वृहद सनातन धर्म की मजबूती में है। 140 करोड़ लोग एक स्वर में हुंकार भरेंगे तो दुनिया की कोई ताकत सामने नहीं ठहर सकती। अलग-अलग गति प्रगति नहीं, दुर्गति और अलग-अलग स्वर ताकत नहीं, पराजय का कारण बनेंगे।
मुख्यमंत्री योगी गोरखनाथ मंदिर में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित सप्त दिवसीय समारोह के तहत व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दोनों आचार्यों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया।
- *रामभक्तों को पहचानना होगा कालनेमि*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम और सनातन का वैभव जिन्हें बर्दाश्त नहीं है, वे दुष्प्रचार और भ्रम पैदा करेंगे। जिस तरह संजीवनी बूटी लेने जाते समय हनुमान जी ने कालनेमि को पहचान लिया था, उसी तरह रामभक्तों को भी भ्रम फैलाने वालों को पहचानना होगा।
उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ भारत की आजादी को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं मानते थे। संपूर्ण स्वाधीनता के लिए सांस्कृतिक स्वतंत्रता भी जरूरी थी। उनका मानना था कि सोमनाथ मंदिर की पुनर्प्राण प्रतिष्ठा हो सकती है तो अयोध्या में भी यह कार्य होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1949 में रामलला के प्रकटीकरण के समय महंत दिग्विजयनाथ, बाबा अभिराम दास और महंत रामचंद्र दास परमहंस सक्रिय थे। इसकी रणनीति देवीपाटन में महंत दिग्विजयनाथ, महाराजा बलरामपुर और तत्कालीन गोंडा जिलाधिकारी केके नायर के बीच बनी थी। आज 500 वर्षों बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर सनातन धर्मावलंबियों को गौरव की अनुभूति करा रहा है।
- *मोदी के नेतृत्व में दिख रहा सनातन का वैभव*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि और विंध्यवासिनी धाम का भव्य स्वरूप सामने है। प्रयागराज महाकुंभ ने दुनिया के सामने सनातन परंपरा का सामर्थ्य रखा है। उन्होंने वृंदावन के वैष्णव कुंभ का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने बिखरे नाथ संप्रदाय को अखिल भारतीय भेष बारह पंथ योगी महासभा के रूप में एकजुट किया। अपनी परंपरा का पालन करते हुए वृहद सनातन धर्म की एकता को मजबूत करना होगा।
- *दोनों आचार्यों ने रखी भविष्य की मजबूत नींव*
मुख्यमंत्री योगी ने युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और अपने पूज्य गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को नमन करते हुए कहा कि दोनों आचार्यों ने जिन विषयों के लिए जीवन समर्पित किया, उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। महापुरुषों के दूरदर्शी कार्य भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। गोरक्षपीठ और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद दोनों आचार्यों के आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं।
- *गुलामी के दौर में रखी शिक्षा की नींव*
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश गुलाम था और संसाधनों का अभाव था, तब महंत दिग्विजयनाथ ने 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। महाराणा प्रताप को आदर्श बनाने के पीछे स्वदेश, स्वाभिमान और स्वधर्म का भाव था।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना में भी महंत दिग्विजयनाथ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विश्वविद्यालय के लिए मठ की संपत्ति और दो संस्थाएं सरकार को देने में उन्होंने श्रेय की चिंता नहीं की। आज महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अंतर्गत 50 से 55 संस्थाएं संचालित हैं। इनमें विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, आयुर्वेद कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, विद्यालय, अस्पताल और कृषि विज्ञान केंद्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने उस दौर में बालिका शिक्षा के लिए विद्यालय और महाविद्यालय स्थापित किए। गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाने और बीआरडी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रयासों को आगे बढ़ाने में भी उनकी भूमिका रही।
- *गोरक्षपीठ में जाति-पंथ का भेदभाव नहीं*
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोरक्षपीठ नाथ परंपरा की पीठ होते हुए भी पूरे सनातन धर्म के लिए समर्पित है। यहां जाति, पंथ या संप्रदाय के आधार पर भेदभाव नहीं होता। सभी जातियों के लोग एक पंक्ति में अन्न ग्रहण करते हैं और सभी आचार्यों व संतों को समान सम्मान मिलता है।
- *वक्ताओं ने भी याद किया योगदान*
अयोध्या से आए जगद्गुरु स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ ने शिक्षा, स्वास्थ्य और भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाया। गोरखनाथ मंदिर आज सामाजिक समरसता का भी केंद्र है। काशी से आए जगद्गुरु रामानंदाचार्य डॉ. रामकमल दास वेदांती ने कहा कि संत की साधना तभी सार्थक है, जब उससे लोककल्याण का मार्ग खुले। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल ने कहा कि 1932 में बोया गया शिक्षा का बीज आज विशाल स्वरूप ले चुका है। कार्यक्रम में डॉ. रामनरेश पांडे की पुस्तक श्री हनुमत् कथा पूजनम् का मुख्यमंत्री योगी और संतों ने विमोचन किया।
- *कार्यक्रम में ये रहे मौजूद*
कार्यक्रम में जगद्गुरु द्वाराचार्य स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य, महंत बालकनाथ योगी, महंत योगी चेताईनाथ, जगद्गुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा और महंत मिथिलेशनाथ उपस्थित रहे।
समस्या निस्तारण में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: सीएम योगी
*जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 150 लोगों की समस्याएं*
*अधिकारियों को दिए निर्देश, तत्परता और संवेदनशीलता से हो जनता की समस्याओं का समाधान*

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनसेवा के नियमित प्रकल्प 'जनता दर्शन' में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात की। गंभीरता से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का समाधान तत्परता और संवेदनशील तरीके से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय करते हुए संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए।
गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 150 लोगों से मुलाकात की। सबको आश्वस्त किया, घबराइए मत, समस्या का समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा।  सबके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी एस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकार भरपूर मदद उपलब्ध कराएगी।
- *मुख्यमंत्री ने गोशाला में की गोसेवा*
गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा भी की। उन्होंने गायों, गोवंश व नंदी को खूब दुलारा, गुड़ खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को गोवंश की समुचित देखभाल के निर्देश दिए।
बेस्टी एजुकेशन द्वारा मनाया गया हिन्दी पखवाड़ा
मुंबई । अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था बेस्टी एजुकेशन एंड चेरिटेबल ट्रस्ट दोहा कतर के मुंबई इकाई द्वारा आनलाइन सोमवार 28 सितंबर 2026 को हिंदी पखवाड़ा मनाया गया।जिसकी अध्यक्षता मुंबई के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रामजीलाल वर्मा ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में मुंबई से शिक्षक नरसिंह हैरान जौनपुरी उपस्थित थे। अंतरराष्ट्रीय पटल पर हिन्दी दिवस मनाते हुए उपस्थित साहित्यकारों ने स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया। कविगोष्ठी का शुभारंभ जौनपुर उत्तर प्रदेश से उपस्थित के. आर. स्नेही के सरस्वती वंदना से हुआ तत्पश्चात कल्याण शहर से बीनू त्रिपाठी विभु, डॉ दयाराम दर्द फिरोजबादी, मुंबई से आनंद पाण्डेय केवल, गाजियाबाद से डॉ मधु स्वामी, सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश से रमेशचंद्र नंदवंशी, मुंबई से विनोद कुमार शुक्ल गुंजन ने हिन्दी के गुणगान को अपनी विधाओं में श्रोताओं के सम्मुख रखा जिसकी सराहना सभी ने किया। उक्त कार्यक्रम का संचालन मुंबई अध्यक्ष विनय शर्मा दीप,आयोजन अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अफसाना सैयद तथा संयोजन संस्थापक अध्यक्ष डॉ बैजनाथ शर्मा मिंटू ने किया।साहित्यकारों द्वारा काव्यपाठ पश्चात संचालक विनय शर्मा दीप एवं संयोजक डॉ बैजनाथ शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयासरत – देवेंद्र फडणवीस
मुंबई। देश की युवा शक्ति को रोजगार के लिए सक्षम बनाने हेतु शिक्षा के साथ कौशल विकास, प्रशिक्षण और रोजगार का समन्वय आवश्यक है। केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बदलती तकनीक के अनुसार (एआई, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग) लगातार ‘अपस्किलिंग’ और नए कौशल को आत्मसात करना समय की आवश्यकता है। दुनिया के 28 से अधिक देशों में मानव संसाधन की बड़ी मांग है और महाराष्ट्र के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयासरत है, ऐसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा। श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरेसी (एसएनडीटी) महिला विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग की ओर से ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय महारोजगार मेले’ का आज कोंकण और नासिक संभाग के सभी जिलों में ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बोल रहे थे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने वीडियो संदेश के माध्यम से रोजगार मेले को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों सहीदा परमानिक को क्रेवा कैपिटल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, बेलापुर तथा कांती शंभू चव्हाण को क्रेवा कैपिटल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, कुर्ला की ओर से नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 25 वर्ष पूर्ण होने की पृष्ठभूमि में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत इस रोजगार मेले का आयोजन किया गया है। इस मेले के माध्यम से कोंकण और नासिक संभाग के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, ऐसी आशा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संकल्पना के विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार की त्रिसूत्री अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानव दर्शन’ का विचार समाज के अंतिम व्यक्ति के विकास को सुनिश्चित करने वाला है। इसी विचार के आधार पर सरकार का कामकाज चल रहा है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि देश में शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और मानव संसाधन का निर्माण सबसे महत्वपूर्ण विषय है, जिसके आधार पर हम 2047 का विकसित भारत तैयार कर सकेंगे। गरीबी मुक्त, बेरोजगारी मुक्त और रोगमुक्त भारत हमारा सपना है। इस सपने की ओर आगे बढ़ने के लिए वास्तव में शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार की त्रिसूत्री के आधार पर हमें यह व्यवस्था खड़ी करनी होगी। आज देश की 65 प्रतिशत आबादी कार्यक्षम युवा शक्ति है। एक ओर उद्यमियों को कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता है, तो दूसरी ओर युवाओं को रोजगार की जरूरत है। इन दोनों को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी के रूप में रोजगार मेले कार्य कर रहे हैं। बदलती तकनीक के अनुसार युवाओं को लगातार नए कौशल आत्मसात करने चाहिए। रोजगार देने वाले और रोजगार की तलाश करने वाले युवाओं के बीच सेतु के रूप में रोजगार मेले महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आज महाराष्ट्र की दृष्टि से एक ऐतिहासिक दिन है। कोंकण और नासिक संभाग में 418 स्थानों पर एक साथ रोजगार मेले आयोजित किए गए हैं और एक लाख से अधिक युवक-युवतियां इस पहल से जुड़े हैं। यह केवल 418 रोजगार मेलों का आयोजन नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की युवा शक्ति को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की व्यापक संकल्पना की शुरुआत है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानव दर्शन’ के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। इसी विचार के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह जानकारी कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने दी।

मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने आगे कहा कि, आज रोजगार महाकुंभ की शुरुआत हुई है; यह अंत नहीं है। महाराष्ट्र के प्रत्येक युवक-युवती को रोजगार या स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने तक हमारे प्रयास जारी रहेंगे। महाराष्ट्र की युवा शक्ति को कौशल, अवसर और रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में इस बार केवल आईटीआई के विद्यार्थियों तक सीमित न रहते हुए सभी स्तरों के युवाओं के लिए प्रत्येक तहसील में कम से कम तीन छोटे रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं। केवल मेले आयोजित करने तक सीमित न रहते हुए विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त हो, इसके लिए 7 दिनों का नि:शुल्क पूर्व-रोजगार प्रशिक्षण दिया गया है और अब तक 61 हजार युवक-युवतियों ने यह प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इस मेले के लिए एक लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है और कम से कम 70 प्रतिशत युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने तक हम नहीं रुकेंगे, ऐसा भी उन्होंने कहा।

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग कौशल विकास विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रहा है, ताकि जितने अधिक स्नातक युवा शिक्षा पूरी करके बाहर निकलें, उतने ही अधिक रोजगार के मार्ग भी निर्मित हों। यह जानकारी उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने दी। वहीं, विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि, महाराष्ट्र ने आज एशिया के अग्रणी निवेश केंद्र और देश की ‘स्टार्टअप कैपिटल’ के रूप में अपनी पहचान बनाई है। युवाओं को केवल राज्य में ही नहीं, बल्कि दुनिया में कहीं भी रोजगार के अवसर मिलने पर उन्हें आवश्यक भाषा एवं कौशल प्रशिक्षण देकर विदेश भेजने की तैयारी सरकार ने की है।

इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री कु. अदिति तटकरे, अपर मुख्य सचिव मनीषा वर्मा, श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरेसी महिला विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. हेमलता बागला, रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. अपूर्वा पालकर, महाराष्ट्र राज्य कौशल विकास सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा आयुक्त डॉ. अमित सैनी, मुंबई शहर की जिलाधिकारी आंचल गोयल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा राज्यभर से ऑनलाइन और प्रत्यक्ष माध्यम से हजारों विद्यार्थी उपस्थित थे।

*कोंकण और नासिक संभाग में 400 से अधिक रोजगार मेले*

कोंकण और नासिक संभाग के 12 जिलों में रोजगार मेले आयोजित किए गए हैं। अब तक 1,500 से अधिक उद्यमी नियोक्ताओं और एक लाख से अधिक रोजगार इच्छुक युवक-युवतियों ने रोजगार महाकुंभ के लिए पंजीकरण कराया है। सहभागी उद्यमियों की ओर से 25,000 से अधिक रोजगार के अवसरों एवं रिक्त पदों की मांग दर्ज की गई है। जिला स्तर पर शैक्षणिक संस्थानों, महाविद्यालयों, सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य संस्थाओं के समन्वय से उम्मीदवारों और नियोक्ताओं के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। जिला प्रशासन, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, उद्योग विभाग, विपणन विभाग, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल, विश्वविद्यालयों और औद्योगिक संगठनों का सहयोग प्राप्त हुआ।

*महिलाओं की रोजगार भागीदारी को विशेष प्रोत्साहन*

महिलाओं की रोजगार भागीदारी को विशेष प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से महिलाओं के लिए स्वतंत्र विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया गया था। यह मेला विशेष रूप से रोजगार की इच्छुक महिलाओं के लिए आयोजित किया गया। महिलाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों, कंपनियों और सेवा क्षेत्र की आस्थापनाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की गई है। विभिन्न 36 उद्यमियों ने इसमें सहभागिता दर्ज की है। स्वरोजगार को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न सरकारी महामंडलों की योजनाओं की जानकारी देने वाले स्टॉल भी उपलब्ध कराए गए हैं।
आपदा की घड़ी में हर पीड़ित के साथ भाजपा सरकार: मुख्यमंत्री योगी
- *तमकुहीराज में बाढ़ की स्थिति का मुख्यमंत्री योगी ने लिया जायजा, बेदूपार इंटर कॉलेज में अपने हाथों से परिवारों को बांटी राहत सामग्री*
- *जनहानि पर चार लाख की सहायता, क्षतिग्रस्त मकान पर पीएम या सीएम आवास योजना से मिलेगा आवास*
- *फसल नुकसान का होगा सर्वे, पीड़ित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश*
- *नारायणी में अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी, तटबंध टूटा और कई घरों में आया पानी*
- *एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की दो-दो टीमें और पीएसी की चार यूनिट राहत-बचाव में तैनात*

कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में भाजपा सरकार उनके साथ खड़ी है। जनहानि पर परिवार को चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। क्षतिग्रस्त मकान पर प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिलेगा, जबकि आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए धनराशि दी जाएगी। फसल नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को 10 दिन के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने विधानसभा क्षेत्र तमकुहीराज में नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बेदूपार इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट की और अपने हाथों से कुछ परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की जानकारी लेने के साथ जनप्रतिनिधियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। - *साढ़े पांच लाख क्यूसेक पहुंचा पानी*
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दिनों तक लगातार भारी बारिश के बाद प्रदेश के साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि से लोगों को त्रासदी का सामना करना पड़ा। नेपाल में भी अतिवृष्टि से बड़े पैमाने पर जलजमाव हुआ और वहां का पानी नीचे आ रहा है। सामान्य दिनों में नारायणी नदी से तीन से चार लाख क्यूसेक पानी प्रवाहित होता था, जो पिछले दिनों अचानक साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इससे तटबंध टूटा और कई घरों में पानी आया। सरकार सोमवार से स्थिति पर नजर रखे हुए थी। अब मौसम साफ है।
राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की दो-दो टीमें तथा पीएसी की चार यूनिट तैनात की गई हैं। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें भी सोमवार से काम में जुटी हैं। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह सोमवार रात ही प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गए थे। क्षेत्र के सांसद और विधायक भी लगातार सहयोग कर रहे हैं।
- *पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री*
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पांच हजार पैकेट में खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 किलो चावल, 10 किलो आटा, 10 किलो आलू, दो किलो दाल के साथ चना, तेल, मसाले, नमक और अन्य सामग्री शामिल है। मुख्यमंत्री ने राहत कार्य में लगी टीमों को प्रभावित लोगों को तत्काल राहत शिविरों में पहुंचाने और वहां रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। - *सड़क और तटबंध की होगी मरम्मत*
मुख्यमंत्री ने फसलों के नुकसान का सर्वे कर पीड़ित किसानों को 10 दिनों के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित सड़कों और तटबंध की मरम्मत कराने को कहा। सिंचाई विभाग को ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों के खेतों को नुकसान न हो।
- *प्रभावित क्षेत्रों में लगेंगे स्वास्थ्य शिविर*
मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए। अस्पतालों में सांप या जंगली जानवर के काटने पर तत्काल वैक्सीन उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उपचार में देरी न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरी टीम प्रभावित लोगों के सहयोग के लिए खड़ी है। जनप्रतिनिधि भी राहत और बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग करें। - *ये रहे मौजूद*
इस दौरान जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत क्षेत्र के सांसद, विधायक, जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
रेवंत रेड्डी का बयान हिंदुओं का अपमान, कांग्रेस नेतृत्व देश से माफी मांगे : संजय सरावगी* ‎ ‎
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*वोट बैंक की राजनीति करने वालों को यह भी नहीं पता कि रामायण के 'लंका कांड' में लंका जाने से पहले भगवान राम ने महादेव की पूजा की थी : संजय सरावगी*


राजनीतिक लाभ के लिए भगवान और सनातन को भी बांटने का प्रयास कर रही कांग्रेस : संजय सरावगी* ‎ ‎*उत्तर-दक्षिण की धार्मिक पहचान को लेकर समाज में विभाजन पैदा करना कांग्रेस की पुरानी राजनीति : संजय सरावगी* ‎ ‎*कांग्रेस नेता बार-बार सनातन और भगवान का अपमान कर रहे, अब हद हो गई : संजय सरावगी* ‎ ‎ ‎पटना, 29 सितंबर। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी द्वारा भगवान को लेकर दिए गए बयान पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने रेवंत रेड्डी के बयान को हिंदू समाज की धार्मिक आस्था का अपमान बताते हुए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। ‎ ‎संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस के नेता राजनीतिक लाभ के लिए लगातार सनातन धर्म और हिंदू आस्था को निशाना बनाते रहे हैं। लेकिन अब स्थिति ऐसी हो गई है कि कांग्रेस के नेता भगवान को भी बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान किसी एक क्षेत्र, राज्य या राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े विषय को उत्तर और दक्षिण भारत के नाम पर बांटना समाज को विभाजित करने की राजनीति है। ‎ ‎भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से समाज को जोड़ने और सद्भाव बढ़ाने की अपेक्षा होती है, लेकिन रेवंत रेड्डी का बयान राजनीतिक लाभ के लिए समाज में विभाजन पैदा करने वाला है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था को राजनीतिक पहचान और क्षेत्रीय विभाजन से जोड़ना देश की सामाजिक एकता के लिए उचित नहीं है। ‎ ‎उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सनातन परंपरा की अपनी विविधता और गहरी जड़ें हैं। अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं को अलग-अलग राजनीतिक पहचान देकर प्रस्तुत करना देश की सांस्कृतिक एकता को कमजोर करने का प्रयास है। ‎ ‎उन्होंने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और रेवंत रेड्डी के बयान के लिए हिंदू समाज से माफी मांगे। संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि भारत की विविधता उसकी ताकत है और अलग-अलग क्षेत्रों की धार्मिक परंपराएं देश की साझा सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। ‎ ‎संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस के नेता रह-रहकर राजनीतिक फायदे के लिए सनातन और भगवान का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन करोड़ों लोगों की आस्था को राजनीतिक विवाद का विषय बनाना स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे बयानों और राजनीति को समझ रही है तथा समय आने पर इसका जवाब भी देगी। ‎ ‎उन्होने कटाक्ष करते हुए कहा कि कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वालों को यह भी नहीं पता कि रामायण के 'लंकाकांड' में लंका जाने से पहले भगवान राम ने महादेव की पूजा की थी। ‎ ‎उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह वोट की राजनीति के लिए समाज को बांटने के बजाय देश की एकता, सामाजिक सद्भाव और सभी धर्मों की आस्था के सम्मान की राजनीति करे।
*झामुमो राज में जंगल भी सुरक्षित नहीं : डॉ दिनेशानंद गोस्वामी

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि झामुमो राज में अब जंगल भी सुरक्षित नहीं है । राज्य में पिछले 7 वर्षों से कोयला, बालू , पत्थर तथा अन्य प्राकृतिक संसाधनों की चोरी एवं लूट होती रही है ।अब तो घने जंगल में पेड़ों की कटाई भी होने लगी है । विगत दिनों पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड अंतर्गत सांकाभांगा गाँव के पास के जंगल में बड़ी संख्या में साल (सखुआ) के पेड़ काटे गए परन्तु वन विभाग पेड़ों के कटाई को रोकने में विफल रही । सबसे हैरानी की बात है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के महज 3 किलोमीटर दूर जंगल में पेड़ काटे जा रहे थे और वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी । जल , जंगल, ज़मीन की सुरक्षा करने के वादे के साथ सत्ता में आई झामुमो सरकार जंगलों में पेड़ों के कटाई को रोक नहीं सकी । डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्य में हो रहे प्राकृतिक संसाधनों के लूट तथा जंगलों में हो रहे पेड़ों की कटाई को रोकने का आग्रह किया है ।

चीनी मिलाने बाढ़ एवं वर्षा पीड़ित किसानों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया
               
तुलसीपुर बलरामपुर 29 सितंबर।   विगत दिनों हुई मूसलाधार बारिश से प्रभावित किसानों के सहयोग के लिए तुलसीपुर चीनी मिल के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम उनके सहयोग के लिए युद्ध स्तर पर मैदान में उतरकर किसानों का हर संभव सहयोग कर रही है जल भराव वाले खेतों से पानी को उतरवाने के लिए और गिरे हुए गन्ने की बधाई के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है इकाई प्रमुख  आर एस प्रसाद ने बताया कि ऐसे खेतों में जहां वर्षा का जल लग गया है खेतों में डालने के लिए ब्लीचिंग पाउडर और ट्राइकोडर्मा की निशुल्क व्यवस्था चीनी मिल प्रबंधन ने कराया है जिस किसी भी किसान को इसकी जरूरत हो अपने क्षेत्र के CFAऔर सीडीओ से बात करके प्राप्त कर सकते है और किसी भी सहयोग तथा सुझाव के लिए चीनी मिल प्रबंधन से सहयोग प्राप्त कर सकते हैं उक्त जानकारी चीनी मिल उप महाप्रबंधक प्रशासन आशीष प्रताप सिंह ने दी।
हमारी चिंताओं को लेकर अमेरिका गंभीर नहीं' यूएस की धरती से एस जयशंकर ने उसे सुनाया

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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। जयशंकर ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान को सीमापार आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया और अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करने को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा है कि आतंकवाद को लेकर भारत की च‍िंताओं के प्रत‍ि अमेरिका का असंवेदनशील होना दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक समस्या है।

पाकिस्तान का नाम लिए बिना आतंकवाद पर घेरा

न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के कार्यक्रम में जयशंकर ने सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम नहीं लेते हुए कहा कि पड़ोसी देश से फैलने वाला आतंकवाद भारत की सुरक्षा से जुड़ी मुख्य चिंताओं में से है। बहुत कम देश ऐसे हैं, जिन्हें किसी पड़ोसी देश से उस तरह के आतंकवाद का सामना करना पड़ा है, जैसा हमने किया है।

पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर अमेरिका पर सवाल

जयशंकर ने पूरी गंभीरता से कहा कि भारत के लिए सुरक्षा सबसे अहम है। उन्होंने कहा, अगर हमारा कोई सहयोगी (यूएस) हमारी इस मुख्य चिंता को नहीं समझता है तो जाहिर है कि इसका असर हमारे रिश्तों पर पड़ता है। गौरतलब है कि भारत लंबे समय से पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा विभिन्न वैश्विक मंचों पर उठाता आया है, लेकिन अभी तक पाकिस्तान के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। खासकर ट्रंप प्रशासन ने तो पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर जवाबदेह ठहराने से भी परहेज किया है।

कूटनीति के दिखावे अब खत्म हो गए-जयशंकर

जयशंकर ने कहा कि एक समय अमेरिका में यह सोच थी कि भारत के पास बहुत सारे विकल्प नहीं होने चाहिए और नई दिल्ली को वॉशिंगटन के साथ अपने रिश्तों पर ध्यान देना चाहिए, जबकि अमेरिका खुद हमेशा से अपने विकल्प खुले रखता आया है। भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि कूटनीति के ऐसे दिखावे अब खत्म हो गए हैं और देश अब एक-दूसरे के साथ खुलकर जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बहुध्रुवीय दुनिया की ओर हो रहे व्यापक बदलाव का हिस्सा है।

अमेरिका ने व्यापार का एक नया तरीका अपनाया-जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह भी कहा कि अमेरिका ने व्यापार का एक नया तरीका अपनाया है। यह तरीका वन-टू-वन डील है यानी हर चीज पर फिर से बातचीत। हर कोई खुलकर एक-दूसरे के साथ डील कर रहा है। विदेश मंत्री ने इस दौरान साफ कहा कि हम आज मल्टीपोलैरिटी (बहु-ध्रुवीयता) की ओर बढ़ रहे हैं।