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भदोही में अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन: एडवोकेट अमेंडमेंट बिल का किया विरोध

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 के विरोध में अधिवक्ताओं ने आज जोरदार प्रदर्शन किया। जिला बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री कार्यालय और ट्रेजरी का घेराव किया।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने अपने नियमित कार्यों से दूरी बनाए रखी। उन्होंने रजिस्ट्री कार्यालय में किसी भी बैनामा के पंजीकरण की अनुमति नहीं दी। अधिवक्ताओं का मुख्य मांग एडवोकेट अमेंडमेंट बिल 2025 को वापस लेने की है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बिल को वापस लेने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

भदोही एसपी ने हरिहरनाथ मंदिर किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाशिवरात्रि के अवसर पर होने वाले मेले की तैयारियों को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने सिद्ध पीठ बाबा हरिहरनाथ मंदिर का निरीक्षण किया। एसपी ने मंदिर के व्यवस्थापक और पुजारियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। महाशिवरात्रि पर जिले के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

इसे देखते हुए एसपी ने पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मेले को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना सुनिश्चित करें।‌बाबा हरिहरनाथ मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि के अवसर पर पूजन-अर्चन के साथ मेला लगता है। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। पुलिस प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

*मंदिरों को सजाने में तैयारी हुई तेज*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाशिवरात्रि पर्व जनपद 26 फरवरी को मनाया जाएगा। देवाधिदेव महादेव के मंदिरों को सजाने, संवारने का काम भक्तों ने शुरू कर दिया है। इस दौरान निकलने वाला शिव बारात को लेकर जनपद पुलिस तरह से मुस्तैद हो गई है। पुराणों के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है।

माना जाता है कि सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रुप में अवतरण हुआ था। प्रलय की वेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए ब्रह्मांड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर देते हैं। इसलिए महाशिवरात्रि अथवा कालरात्रि कहा गया। क‌ई स्थानों पर ऐसी भी मान्यताएं मिलती है कि इसी निशा में भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती का विवाह भी हुआ था। महाशिवरात्रि के दिन मंदार पुष्प,बेल की पत्ती,बेर आदि चढ़ाने के रुद्रावतार मानव पापों व कष्टों का सर्वनाश कर सुख, समृद्धि व उन्नति के द्वार खोल देते हैं।

हरिहरनाथ मंदिर में शिव विवाह की हल्दी रस्म, श्रद्धालुओं ने किया अभिषेक

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हर वर्ष की तरह इस बार भी भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की रस्में भव्य रूप से संपन्न हो रही हैं।

इसी क्रम में सोमवार को वैवाहिक अनुष्ठान के तहत प्राचीन हरिहरनाथ मंदिर में भगवान भोलेनाथ की हल्दी रस्म संपन्न हुई। इस दौरान भक्तों में विशेष उल्लास देखा गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

भजन-कीर्तन के बीच भक्तों ने भगवान शिव का हल्दी अभिषेक किया। विशेष रूप से महिलाओं ने हल्दी चढ़ाकर मंगलकामनाएं कीं और भक्ति भाव से गीत गाए। इस अनूठी परंपरा में शामिल होकर लोगों ने आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।

कल मेंहदी, फिर निकलेगी भव्य बारात

हल्दी रस्म के बाद मंगलवार को भगवान शिव की मेंहदी रस्म होगी, जिसमें श्रद्धालु भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ उल्लासपूर्वक भाग लेंगे। इसके बाद महाशिवरात्रि के दिन पूरे विधि-विधान से शिव बारात निकाली जाएगी। नगर में जगह-जगह बारात का स्वागत किया जाएगा और इसके बाद मंदिर परिसर में भगवान शिव और माता पार्वती का भव्य विवाह संपन्न होगा। हरिहरनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, इस पारंपरिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि वे भगवान शिव-पार्वती के पावन विवाह महोत्सव का आनंद उठा सकें।

आस्था और भक्ति का संगम

हरिहरनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर आयोजित यह विवाह उत्सव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। शिव-पार्वती विवाह की रस्में प्रतीकात्मक रूप से समाज में प्रेम, समर्पण और सात्विक जीवन के संदेश को दर्शाती हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस विवाह उत्सव में भाग लेने से परिवार में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।ज्ञानपुर में हरिहरनाथ मंदिर का यह अनूठा आयोजन श्रद्धालुओं के लिए भक्ति और आनंद का संगम बन गया है। अब सभी को महाशिवरात्रि की पावन बेला पर भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात और विवाह का बेसब्री से इंतजार है।

जाम का नहीं चलेगा बहाना, ऑफिस न आने पर कटेगा वेतन

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाकुंभ जाने वाले यात्रियों के कारण जाम है। आज ऑफिस आने में असमर्थ है। अब इस तरह का बहाना नहीं चलेगा। स्वास्थ्यकर्मियों को ड्यूटी पर आना ही होगा।यह कहना है सौ शय्या अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुनील पासवान का। उन्होंने जाम का हवाला देकर नदारद रहने वाले सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल के करीब 20 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस जारी किया है।उन्होंने जाम का हवाला देकर घर पर रहने वाले कर्मचारियों को वेतन रोकने की हिदायत दी है। 13 जनवरी से महाकुंभ शुरु हुआ है। इसके बाद से अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों को छुट्टी लेने का मौका मिल गया। उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद भी स्वास्थ्यकर्मी मनमानी कर रहे हैं। अस्पताल में प्रयागराज से आने वाले छह से सात नर्सें भीड़ और जाम का हवाला देकर ड्यूटी पर आने में असमर्थता जताती हैं।

वे हर दूसरे दिन जाम का हवाला देकर घर पर ही रहती हैं। इसी तरह बनारस से आने वाले 12 से 14 स्वास्थ्यकर्मी भी जाम का हवाला देकर मौज कर रहे हैं। जनपद के एलटी, टेक्नीशियन भी अस्पताल में नियमित नहीं पहुंचते हैं। आश्चर्य की बात है कि उपस्थिति रजिस्टर पर उनके हस्ताक्षर होते हैं। लगातार एक तरह का बहाना मिलते देख सीएमएस ने सभी स्वास्थकर्मियों को चेतावनी नोटिस जारी किया है। हिदायत दी है कि अगर आगे इस तरह का बहाना बनाया तो वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में सरकारी, संविदा मिलाकर कुल 50 कर्मचारियों की तैनाती है। दो चार को छोड़ कर अमूमन कर्मचारी ड्यूटी के नदारद रहते हैं। सौ शय्या अस्पताल में 2022 में ओपीडी सेवा शुरु हुई। तीन साल के बाद भी अब तक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं दिख रही हैं। लापरवाही से अस्पताल की ओपीडी 100 से 150 तक सिमट कर रह गई है।

सीसीटीवी जांच से सच आएगा सामने

सौ शैय्या अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी बीते एक माह 20 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी महाकुंभ का हवाला देकर ड्यूटी नदारद चल रहे हैं ‌। महीने में 12 से 14 दिन ड्यूटी कर पूरे महीने की वेतन ले रहे हैं।‌ स्थानीय कर्मियों का कहना है कि उच्चाधिकारी सीसीटीवी कैमरा देखे तो लापरवाह स्वास्थ्यकर्मियों की हकीकत सामने आ जाएगी। नदारद रहने वालों में ज्यादातर नर्स है‌। करीब 12 से 14 नर्स अमूमन नदारद रहती है। यही हाल दो चिकित्सक, एक वरिष्ठ लिपिक का भी है।

स्वास्थ्य केंद्रों में लापरवाही पर सीएमओ ने की कार्रवाई

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही सीएमओ ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के दौरान प्रथामिक स्वास्थ्य केंद्र महजूदा और करियाव का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षक के दौरान क‌‌ई अनियमितताएं पाई गई। एक फार्मासिस्ट मुख्यालय पर निवास नहीं कर रहा था। दूसरे फार्मासिस्ट ने औषधि स्टाॅक बुका नहीं रखी थी। इन दोनों स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण सीएमओ ने उनका 7 दिन का वेतन रोक दिया। सीएमओ के अचानक निरीक्षक से स्वास्थ्य केंद्रों में हड़कंप मच गया। उन्होंने सभी स्वास्थ्य कर्मियों को कड़ी चेतावनी दी। कहा कि सभी कर्मी अपने कार्य में सुधार लाएं। ऐसा न करने पर विभागीय कठोर कार्रवाई की जाएगी।

*टीबी मरीजों को मिला पोषण तोहफा: जिलाधिकारी की मौजूदगी में रेड क्रॉस सोसायटी ने बांटी पोषण पोटली*

रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव

भदोही- इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी भदोही शाखा द्वारा प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान एवं मुख्यमंत्री के 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत 52 टीबी मरीजों को पोषण आहार का वितरण जिलाधिकारी विशाल सिंह ने किया । विशाल सिंह ने रेडक्रॉस सोसाइटी भदोही के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि रेड क्रॉस सोसायटी जन सामान्य तक पहुंच कर सेवा कार्य कर रहा है।

रेड क्रॉस द्वारा किए जा रहे रक्तदान शिविर, मोतियाबिंद ऑपरेशन तथा स्वास्थ्य शिविर का उल्लेख किया। टी बी मुक्त भारत के अंतर्गत शनिवार को पोषण पोटली का वितरण किया गया । शासन की योजनाओं को सामान्य जन तक पहुंचाने और सफल बनाने में रेड क्रॉस भदोही का प्रयास सराहनीय है। डॉक्टर रितेश पाठक ने मरीजों को आवश्यक निर्देश प्रदान किया । सचिव डॉक्टर भारतेन्दु द्विवेदी ने जिलाधिकारी एवं अतिथि का स्वागत किया।

इस अवसर पर रेडक्रॉस के सदस्य अरविंद भट्टाचार्य,अब्दुल वाहिद अंसारी, डॉ आर एन सिंह, अभय श्रीवास्तव, आनंद तिवारी आनंद गुप्ता, सावित्री श्रीवास्तव विकास नारायण सिंह, मुकेश शुक्ला , प्रशांत पांडे , अखिलेश सिंह, हृदय नारायण, शकील अहमद, राजेंद्र प्रसाद आदि उपस्थित थे। कोषाध्यक्ष हरेंद्र प्रताप सिंह को 39 बार रक्तदान करने पर जिलाधिकारी ने सम्मानित किया। अरविंद भट्टाचार्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

*अमेरिका से कृषि उत्पादों के आयात पर रोक की मांग: भदोही में किसानों ने किया प्रदर्शन, डीएम को सौंपा ज्ञापन*

रिपोर्ट -नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश किसान सभा ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।किसान सभा के जिला अध्यक्ष पंधारी यादव ने कहा कि कृषि उत्पादों का बढ़ता आयात भारतीय किसानों की आजीविका को नष्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका स्थित बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारतीय बाजार पर अपना अधिकार स्थापित कर रही हैं।

किसानों की प्रमुख मांगें हैं:

- अमेरिका से कृषि उत्पादों के आयात पर रोक लगाई जाए

- भारतीय भूमि पर अमेरिकी सैनिक विमानों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाए

- किसानों का आर्थिक शोषण बंद किया जाए प्रदर्शन में जिला मंत्री भूलाल पाल, राजेश कुमार, नंदलाल, शंकर लाल मौर्य, बंसराज सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।

महाकुंभ से जुड़े जेल के कैदी: भदोही जेल में 409 बंदियों ने त्रिवेणी संगम के पवित्र जल से किया स्नान

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जेल की सलाखों में कैद बंदियों को महाकुंभ के आध्यात्मिक समागम से जोड़ने के लिए जेल प्रशासन ने अनूठा प्रयास किया है। कालीन नगरी के रूप में प्रसिद्ध भदोही के जिला कारागार ज्ञानपुर में निरुद्ध बंदियों को त्रिवेणी के पवित्र संगम जल से स्नान कराया गया है। जेल प्रशासन द्वारा संगम से पवित्र जल को जेल में मंगवाया गया था। शुक्रवार को जल भरे कलश की जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह व जेलर आदि द्वारा विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। उसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच जेल बंदियों ने संगम के पवित्र जल स्नान किया। स्नान को लेकर बंदियों में बेहद उत्सुकता और आस्था का भाव नजर आया। बंदी 'हर हर गंगे', और 'हर हर महादेव' के नारे लगाते रहे।

जेल अधीक्षक अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि "त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल से सभी बंदियों का स्नान कराया गया है। जिससे वे भी महाकुंभ की आस्था और पुण्य के इस महापर्व और समागम से जुड़ सकें। इसके लिए शासन स्तर से निर्देश प्राप्त हुए थे। ज्ञानपुर की जेल में अभी कुल 409 बंदी निरुद्ध हैं, प्रयास करके सभी को इससे जोड़ा जा रहा है। कहा कि विश्वास है कि इस कार्यक्रम से जेल में एक अच्छा वातावरण निर्मित होगा। और बंदियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।"

यूपी के भदोही में मौजूद है अनोखा शिव मंदिर, जहां साल में 3 बार रंग बदलता है शिवलिंग

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भारत में देवी-देवताओं के ऐसे हजारों मंदिर हैं, जो किसी न किसी चमत्कार और रहस्यों के लिए प्रसिद्ध हैं. इसी तरह देश में भगवान शिव के भी ऐसे कई मंदिर हैं, जो उनकी लीलाओं का वर्णन करते है. कहते हैं कि भगवान शिव के कई रूप और कई नाम हैं. अलग-अलग शिवालयों में हमें यह देखने को भी मिलता है. इन शिव मंदिरों का अपना इतिहास है। कई प्राचीन शिव मंदिर अनोखे और बेहद अदभुत हैं. उन्हीं में से एक यूपी के भदोही जिले का तिलेश्वरनाथ मंदिर है. इसका अलग आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व है. इस मंदिर का अनोखा शिवलिंग मौसम के साथ अपना रंग बदलता है. इतना ही नहीं बल्कि त्वचा का भी विसर्जन करता है. महाशिवरात्रि में यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है। मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है।

यह अदभुत शिवलिंग भदोही के गोपीगंज स्थित तिलेश्वरनाथ मंदिर का है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग के महाभारत काल में पांडवो ने अज्ञातवास के दौरान इस शिवलिंग की स्थापना की थी. तभी से रंग बदलने वाले अनोखे रूप के कारण यह शिवलिंग आस्था का केंद्र बना है. मान्यताओं के अनुसार इस शिवलिंग में प्राण-प्रतिष्ठा करते समय अर्जुन ने तीर चलाया था, जिसमें कुबेर ने सोने-चांदी की बारिश की थी. जिसका उल्लेख धार्मिक ग्रंधो में भी मिलता है. जब इस मंदिर का विशाल निर्माण कराने के लिए भक्तों ने खुदाई की थी, उस समय खुदाई में सोने-चांदी के सिक्के भी मिले थे. मान्यता है कि इस शिवलिंग पर जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक करने से सभी मुरादें पूरी होती हैं. सावन के महीने में दूर-दूर से भक्त यहां तिलेश्वरनाथ की पूजा-अर्चना करने आते हैं।

माना जाता है कि साल भर में यह शिवलिंग तीन बार अपना रंग बदलता है. यह गर्मियों में गेहुंआ, सर्दियों में भूरा और सावन में काले रंग का होता है. बता दें कि यह शिवलिंग साल में एक बार त्वचा भी बदलती है. रंग बदलते तो सबको दिखता है लेकिन त्वचा को बदलते किसी को नहीं दिखता है। इस मंदिर का शिवलिंग तिल के समान बढ़ता है इसीलिए इसका नाम तिलेश्वरनाथ रखा गया है. पांडवों द्वारा निर्मित इस मंदिर के विषय में कहा जाता है।