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Aug 08 2019, 20:47

आज कश्मीर के 370  में संशोधन पर पी एम ने किया  देश को सम्बोधित 
(भाग --1)

लद्धाख और जम्मू कश्मीर के भाई -वहन अनेक अधिकारों से वंचित थे  जिनके कारण उनका विकास रुका हुआ था जिसको हमने सुधारा है

पीएम मोदी ने कहा कि एक राष्ट्र के तौर पर, एक परिवार के तौर पर, आपने, हमने, परे देश ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। एक ऐसी व्यवस्था, जिसकी वजह से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहन अनेक अधिकारों से वंचित थे, जो उनके विकास में बड़ी बाधा थी, वो हम सबके प्रयासों से अब दूर हो गई है। जो सपना सरदार पटेल का था, बाबा साहेब अंबेडकर का था, डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का था, अटल जी और करोड़ों देशभक्तों का था, वो अब पूरा हुआ है। अब देश के सभी नागरिकों के हक़ और दायित्व समान हैं।
     उन्होंने कहा कि समाज जीवन में कुछ बातें, समय के साथ इतनी घुल-मिल जाती हैं कि कई बार उन चीजों को स्थाई मान लिया जाता है। ये भाव आ जाता है कि, कुछ बदलेगा नहीं, ऐसे ही चलेगा। अनुच्छेद 370 के साथ भी ऐसा ही भाव था। उससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के हमारे भाई-बहनों की जो हानि हो रही थी, उसकी चर्चा ही नहीं होती थी। हैरानी की बात ये है कि किसी से भी बात करें, तो कोई ये भी नहीं बता पाता था कि अनुच्छेद 370 से जम्मू-कश्मीर के लोगों के जीवन में क्या लाभ हुआ। हमारे देश में कोई भी सरकार हो, वो संसद में कानून बनाकर, देश की भलाई के लिए काम करती है। किसी भी दल की सरकार हो, किसी भी गठबंधन की सरकार हो ये कार्य निरंतर चलता रहता है। कानून बनाते समय काफी बहस होती है, चिंतन मनन होता है, उसकी आवश्यकता को लेकर गंभीर पक्ष रखे जाते हैं।
         आगे पीएम मोदी ने कहा कि इस प्रक्रिया से गुजरकर जो कानून बनता है, वो पूरे देश के लोगों का भला करता है। लेकिन कोई कल्पना नहीं कर सकता कि संसद इतनी बड़ी संख्या में कानून बनाए और वो देश के एक हिस्से में लागू ही नहीं हों। देश के अन्य राज्यों में सफाई कर्मचारियों के लिए सफाई कर्मचारी एक्ट लागू है, लेकिन जम्मू कश्मीर के सफाई कर्मचारी इससे वंचित थे। देश के अन्य राज्यों में दलितों पर अत्याचार रोकने के लिए सख्त कानून लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं था। देश के अन्य राज्यों में अल्पसंख्यकों के हितों के संरक्षण के लिए माइनॉरिटी एक्ट लागू है,

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     @India  लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं था। देश के अन्य राज्यों में श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए मिनिमम वैगेज एक्टस लागू है लेकिन जम्मू कश्मीर में ये सिर्फ कागजों पर ही मिलता था।
     क्रमश: 
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Aug 08 2019, 17:58

काश्मीर में आर्ट‍िकल 370 हटाए जाने के पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के वार से बौखलाया PAK, भारतीय फिल्मों पर लगा दिया बैन

जम्मू-कश्मीर में आर्ट‍िकल 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार पर रोक, राजनयिक संबंधों में कमी, समझौता एक्सप्रेस पर रोक और भारतीय विमानों के लिए तीन एयरस्पेस पर बैन लेकिन रोक यही थम नहीं रही है. अब इमरान खान की सरकार ने पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों की स्क्रीनिंग पर भी रोक लगा दी है.

पाकिस्तान प्रधानमंत्री की विशेष सूचना सलाहकार फिरदौस आशिक अवान ने कहा, किसी भारतीय फिल्म की स्क्रीन‍िंग पाकिस्तान में नहीं होगी. उन्होंने कहा कि एक पॉलिसी के तहत भारतीय परम्परा को दिखाने वाले किसी भी तरह के कंटेंट पर पाकिस्तान में रोक होगी. उन्होंने कहा कि ये फैसला पाकिस्तान की ओर से कश्मीरियों के सपोर्ट में लिया गया है.

वैसे इसी साल जम्मू कश्मीर की घटना के बाद भारत के फिल्म निर्माताओं ने अपनी ओर से खुद फैसला लिया था कि वो पाकिस्तान में फिल्मों की स्क्रीनिंग नहीं करेंगे. कई निर्माताओं ने पाकिस्तान में फ़िल्में रिलीज नहीं करने की घोषणा भी की थी. इतना ही नहीं, बालाकोट पर आतंकी हमले से नाराज फिल्म इंडस्ट्री ने अपनी फिल्मों में पाकिस्तान के कलाकारों को ना लेने की भी अपील की थी.

बताते चलें कि जम्मू कश्मीर पर भारत सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान के तमाम आर्टिस्ट भी बौखलाए हुए हैं. आतिफ असलम, माहिरा खान और तमाम पाकिस्तानी कलाकारों ने कश्मीर में भारत के कदम की आलोचना की है. ये सबकुछ भारत अनुच्छेद 370 में दिए गए तमाम प्रावधानों को खत्म करने के बाद सामने आ रहा है.

बताते चलें कि भारत ने जम्मू कश्मीर में 370 को फिलहाल खत्म कर दिया है. सरकार ने लद्दाख को जम्मू कश्मीर से अलग कर केंद्र शासित प्रदेश बना दिया. जम्मू कश्मीर को भी एक राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है.

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Aug 08 2019, 17:50

आठवें महीने की 8 तारीख को रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे राष्ट्र के नाम संदेश देंगे. जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने और राज्य से अनुच्छेद 370 को कमजोर किए जाने के बाद प्रधानमंत्री का ये पहला संदेश होगा. प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से प्रधानमंत्री के संबोधन की जानकारी दी गई है.

आज 8 तारीख है, महीना भी अगस्त यानी साल का आठवां है और एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात आठ बजे देश के सामने होंगे.

आपको याद होगा कि इससे पहले 8 नवंबर, 2016 को भी रात आठ बजे प्रधानमंत्री ने देश के नाम संबोधन किया था. तब पीएम मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया था और 500-1000 के नोट को सिर्फ कागज का टुकड़ा करार दिया था. और देश में हर कोई हैरान हो गया था.

अब जब एक बार फिर प्रधानमंत्री देश के सामने रात 8 बजे ही आ रहे हैं, ऐसे में सोशल मीडिया पर फिर लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं. और लोगों को फिर रात आठ बजे की याद आ रही है, जब नोटबंदी की गई थी. सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं, ‘मितरों, आज रात फिर 8 बजे’.

जम्मू-कश्मीर के लिए केंद्र सरकार ने जो फैसला लिया है, उसपर देशभर में चर्चा है. मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित राज्य बनाया, अनुच्छेद 370 के तहत मिलने वाले सभी विशेष अधिकारों को वापस लिया और लद्दाख को अभी अलग से केंद्र शासित प्रदेश बनाया. गृह मंत्री अमित शाह ने तो इस पर राज्यसभा और लोकसभा दोनों जगह बयान दिया है, लेकिन प्रधानमंत्री आज पहली बार बोलेंगे.

अगर जम्मू-कश्मीर की बात करें तो अभी भी वहां पर धारा 144 लागू है. मोबाइल फोन बंद हैं, इंटरनेट भी बंद है और टीवी-केबल भी बंद है. हालांकि, लोग रोजमर्रा का सामान लेने के लिए बाजार का रुख कर रहे हैं. हालात पर नजर बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल भी अभी कश्मीर में ही हैं.

एक तरफ जम्मू-कश्मीर में एक अजीब-सी शांति पसरी है तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान भारत सरकार के इस फैसले से बौखला गया है. पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को तोड़ दिया है, एयरस्पेस पर कुछ रूट पर बैन लगा दिया है. इसके अलावा पाकिस्तान में मौजूद भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को भी वापस भेजने का फैसला लिया है.

प्रधानमंत्री अब तक कई मुद्दों पर देश को संबोधित कर चुके हैं, पहले नोटबंदी का ऐलान, फिर नोटबंदी का हिसाब देने के लिए और अभी हाल ही में अंतरिक्ष में जो भारत ने कामयाबी हासिल की थी, तब भी उन्होंने राष्ट्र के नाम संदेश दिया था.

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Aug 08 2019, 17:49

आठवें महीने की 8 तारीख को रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे PM मोदी   

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे राष्ट्र के नाम संदेश देंगे. जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने और राज्य से अनुच्छेद 370 को कमजोर किए जाने के बाद प्रधानमंत्री का ये पहला संदेश होगा. प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से प्रधानमंत्री के संबोधन की जानकारी दी गई है.

आज 8 तारीख है, महीना भी अगस्त यानी साल का आठवां है और एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात आठ बजे देश के सामने होंगे.

आपको याद होगा कि इससे पहले 8 नवंबर, 2016 को भी रात आठ बजे प्रधानमंत्री ने देश के नाम संबोधन किया था. तब पीएम मोदी ने नोटबंदी का ऐलान किया था और 500-1000 के नोट को सिर्फ कागज का टुकड़ा करार दिया था. और देश में हर कोई हैरान हो गया था.

अब जब एक बार फिर प्रधानमंत्री देश के सामने रात 8 बजे ही आ रहे हैं, ऐसे में सोशल मीडिया पर फिर लोगों की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं. और लोगों को फिर रात आठ बजे की याद आ रही है, जब नोटबंदी की गई थी. सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं, ‘मितरों, आज रात फिर 8 बजे’.

जम्मू-कश्मीर के लिए केंद्र सरकार ने जो फैसला लिया है, उसपर देशभर में चर्चा है. मोदी सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित राज्य बनाया, अनुच्छेद 370 के तहत मिलने वाले सभी विशेष अधिकारों को वापस लिया और लद्दाख को अभी अलग से केंद्र शासित प्रदेश बनाया. गृह मंत्री अमित शाह ने तो इस पर राज्यसभा और लोकसभा दोनों जगह बयान दिया है, लेकिन प्रधानमंत्री आज पहली बार बोलेंगे.

अगर जम्मू-कश्मीर की बात करें तो अभी भी वहां पर धारा 144 लागू है. मोबाइल फोन बंद हैं, इंटरनेट भी बंद है और टीवी-केबल भी बंद है. हालांकि, लोग रोजमर्रा का सामान लेने के लिए बाजार का रुख कर रहे हैं. हालात पर नजर बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल भी अभी कश्मीर में ही हैं.

एक तरफ जम्मू-कश्मीर में एक अजीब-सी शांति पसरी है तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान भारत सरकार के इस फैसले से बौखला गया है. पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को तोड़ दिया है, एयरस्पेस पर कुछ रूट पर बैन लगा दिया है. इसके अलावा पाकिस्तान में मौजूद भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को भी वापस भेजने का फैसला लिया है.

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     @India  प्रधानमंत्री अब तक कई मुद्दों पर देश को संबोधित कर चुके हैं, पहले नोटबंदी का ऐलान, फिर नोटबंदी का हिसाब देने के लिए और अभी हाल ही में अंतरिक्ष में जो भारत ने कामयाबी हासिल की थी, तब भी उन्होंने राष्ट्र के नाम संदेश दिया था. 
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Aug 08 2019, 16:56

मिशन मंगल' का नया ट्रेलर हुआ रिलीज, अक्षय की टीम का जोश देख आप भी हो जाएंगे खुश    

बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार इन दिनों अपनी फिल्म मिशन मंगल में लगे हुए हैं। बीते दिनों ही फिल्म का ट्रेलर आया था। जिसे काफी पसंद किया गया था। फिल्म का प्रमोशन इन दिनों जोरों शोरों से चल रहा है। फिल्म में अक्षय के साथ कई स्टार्स नजर आएंगे। खास बात ये है कि फिल्म में कई हीरोइन्स हैं। जिसमें विद्या बालन, तापसी पन्नू, सोनाक्षी सिन्हा, नित्या मेनॉन, कृति कुल्हाड़ी और एक्टर शरमन जोशी नजर आएंगे। अब इस फिल्म का दूसरा ट्रेलर रिलीज किया गया है।
      फिल्म का नया ट्रेलर बेहद हटकर है। अगर आपने पहला ट्रेलर देखा है और अब आप इस ट्रेलर को देखेंगे तो चौंक जाएंगे। फिल्म का टूसरा ट्रेलर बेहद फनी और कॉमेडी वाले अंदाज़ का है। नया ट्रेलर भारत के मंगल मिशन के पीछे की कहानी नहीं बल्कि इस पूरे मिशन को पूरा करने में सामने आए संघर्ष और असफलता को बताता है।

        ट्रेलर में दिखाया गया है कि इसरो के साइंटिस्ट कैसे अपनी असफलता को पीछे छोड़कर आगे बढ़ते हैं। फिल्म में अक्षय कुमार स्पेस साइंटिस्ट की भूमिका में दिखाई दिए उनके किरदार का नाम राकेश धवन है। इस दौरान अक्षय पूरी टीम को मोटिवेट करते नजर आ रहे हैं। फिल्म के इस नए ट्रेलर में अक्षय के जबरदस्त डायलॉग्स सुनने को मिल रहे हैं।

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Aug 08 2019, 16:51

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बारे में विस्तार से जानिये, कुछ महत्वपूर्ण बातें


_सुषमा स्वराज की पहचान प्रखर वक्ता और कुशल राजनेता के साथ एक संवेदनशील राजनीतिक हस्ती की भी थी। इसी कारण उनकी सराहना विरोधी दल के नेता और यहां तक कि भाजपा के कट्टर आलोचक भी करते थे।

_नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली सरकार में विदेश मंत्री बनने के पहले ही वह एक दक्ष नेता के तौर पर स्थापित हो चुकी थीं, लेकिन बतौर विदेश मंत्री उन्होंने देश के साथ विदेश में भी छाप छोड़ी। वह पाकिस्तान में भी एक सहृदय नेता के तौर पर जानी जाती थीं। तनावभरे संबंधों के बावजूद वह वहां के बीमार लोगों को भारत का वीजा देने में उदारता बरतती थीं। इसके चलते ट्विटर पर वीजा मांगने वाले पाकिस्तानियों की कतार लगी रहती थी।

_कई लोगों को वह खुद ट्विटर के जरिये सूचित करती थीं कि आपका वीजा स्वीकृत हो गया है। सहृदय नेता वाली उनकी छवि रह-रह कर सामने आती ही रहती थी। गलती से पाकिस्तान चली गई मूक-बधिर गीता को वहां से लाने में उन्होंने जैसी दिलचस्पी दिखाई, वैसी ही तत्परता प्रेम में पड़कर पड़ोसी देश चले गए मुंबई के युवक हामिद अंसारी के मामले में भी दिखाई। इसके अलावा पाकिस्तान जाकर वहां मुसीबत में फंस गई दिल्ली की युवती उज्मा अहमद को भी भारत लाने में उन्होंने कोई कसर नहीं उठा रखी। वह पाकिस्तान में बंदी बनाए गए कुलभूषण जाधव के परिजनों के प्रति भी सदैव अपनत्व दिखाती रहीं और उन्हें दिलासा देती रहीं।

पारिवारिक विवरण

_सुषमा स्वराज का विवाह श्री स्वराज कौशल से हुआ है। उनके पति भारत के सुप्रीम कोर्ट में आपराधिक मामलो के एक वरिष्ठ वकील हैं। वह वर्ष 1990 से वर्ष 1993 तक मिजोरम के राज्यपाल के रूप में नियुक्त रहे। वह वर्ष 1998-2004 के बीच संसद सदस्य भी रहे थे। सुषमा स्वराज और स्वराज कौशल की  एक बेटी भी है जिनका नाम बांसुरी स्वराज है। उनकी पुत्री ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक और बैरिस्टर हैं।

करियर

_सुषमा स्वराज पेशे से एक वकील है। उन्होंने वर्ष 1970 के दशक में छात्र नेता के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की। वह हरियाणा विधान सभा के सदस्य के रूप में 1977-82 और 1987-90 के बीच नियुक्त रहीं। वह हरियाणा के श्रम और रोजगार विभाग में 1977-79 के बीच  मंत्री थीं। साथ ही 1987-90 के बीच हरियाणा के शिक्षा विभाग और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत रहीं। वह 3 साल तक हरियाणा राज्य के सफल वक्ता के रूप में चर्चित रहीं थीं। वह वर्ष 1990 में राज्य सभा के सदस्य के रूप में चुनी गयीं। वर्ष 1996 में  ग्यारहवें लोकसभा चुनाव में चुनी गयीं। वह वर्ष 1996 में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में बनी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार  में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री बनी। वर्ष 1998 में वह दूसरे कार्यकाल के लिए बारहवीं लोकसभा के लिए चुनी गयीं। वह 19 मार्च से 2 अक्टूबर 1998 तक दूरसंचार मंत्रालय की अनुपूरक

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     @India अनुपूरक मंत्री बनी रहीं। वह 13 अक्टूबर से 3 दिसंबर 1998 तक  दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री बनी।  16 वीं लोकसभा में विदेशी मंत्री के रूप में चुनी गई।


    व्यवसाय

    _सुषमा स्वराज जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की चार वर्ष तक सदस्य रहीं।
    _वह हरियाणा में जनता पार्टी के अध्यक्ष पद पर चार वर्ष तक विराजमान रहीं।
    _वह 2 वर्ष तक भाजपा की अखिल भारतीय सचिव भी बनी रहीं।
    _वर्ष 1977 में वह हरियाणा विधान सभा के लिए चुनी गईं और हरियाणा में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लिया।
    _वर्ष 1987 में वह फिर से हरियाणा विधान सभा के लिए चुनी गई।
    _वर्ष 1990 में, वह राज्य सभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित की गयी थीं।
    _वर्ष 1996 में वह दुसरे कार्यकाल के लिए ग्यारहवीं लोकसभा की सदस्य बनी।
    _वर्ष 1998 में वह तीसरी बार बारहवीं लोकसभा के सदस्य के रूप में चुनी गईं।
    _13 अक्टूबर से 3 दिसम्बर 1998 को, वह  दिल्ली की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनी।
    _नवंबर 1998 में, वह दिल्ली विधानसभा के लिए हुए चुनाव में हौज खास विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में निर्वाचित की गयी थीं, लेकिन लोकसभा सीट बरकरार रखने के कारण उन्हें अपने विधान सभा सीट से इस्तीफा देना पड़ा।
    _30 सितंबर, 2000 से 29 जनवरी 2003 तक  वह सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनी रही।_
    _मार्च 19 से 12 अक्टूबर 1998 तक वह सूचना एवं प्रसारण और दूरसंचार मंत्रालय में केंद्रीय कैबिनेट मंत्री थीं।
    _29 जनवरी 2003 से 22 मई 2004 तक, वह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं संसदीय मामलों की मंत्री थी।
    _अप्रैल 2006 में वह फिर से पांचवीं अवधि के लिए राज्य सभा के सदस्य के रूप में चुनी गयीं।
    _16 मई 2009 को वह छठीं बार के लिए 15 वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित की गयी।
    _3 जून, 2009 को वह लोकसभा में उप-नेता प्रतिपक्ष बन गईं।_
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Aug 08 2019, 16:46

गुलाब नबी आजाद को श्रीनगर एयरपोर्ट से रोक कर वापस दिल्ली भेजा गया । 370 धारा हटाये जाने के बाद वे पहली बार कश्मीर जा रहे थे  

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने और लद्दाख को अलग करने के बाद यह पहला मौका था जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद श्रीनगर पहुंचे थे।लेकिन उनको एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया है। उनके साथ जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम मीर भी मौजूद थे। वहीं, खबर आ रही है कि गुलाम नबी आजाद को दिल्ली वापस भेज दिया गया है।

श्रीनगर में होने वाली इस बैठक में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के बाद वहां के हालात पर चर्चा होनी थी। अनुच्छेद 370 को हटाने के प्रस्ताव पर राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद ने जमकर विरोध किया था। उन्होंने इसे संविधान के खिलाफ बताया था। गुलाम नबी आजाद ने कश्मीर में कर्फ्यू जैसे हालात पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि बीजेपी जो बिल लेकर आई है वो घाटी के लोगों के हित में नहीं है।

     इसके पहले, श्रीनगर रवाना होते वक्त पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में उन्होंने एनएसए अजित डोभाल की कश्मीरियों के साथ लंच करने और बातचीत करने वाली तस्वीरों पर तंज किया था, उन्होंने कहा था, 'पैसे लेकर आप किसी को भी साथ ले सकते हो। आर्टिकल 370 हटने के बाद राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोवाल कश्‍मीर घाटी पहुंचे थे, वहां उन्होंने हालात का जायजा लिया था।

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Aug 08 2019, 16:44

काबुल में कार बम धमाका,पुलिस मुख्‍यालय को बनाया निशाना , 14 की मौत 145 घायल


Street buzz desk/ अफगानिस्‍तान की राजधानी काबुल में एक कार बम धमाके में 14 की मौत एवं 145 लोग घायल हो गए हैं। इस हमले में पुलिस मुख्‍यालय को निशाना बनाया गया है। हमले की जिम्‍मेदारी तालिबान ने ली है। अफगानिस्‍तान के आंतरिक मंत्रालय ने इस जानकारी की पुष्टि की है।
  इंटीरियर मिनिस्‍ट्री के प्रवक्‍ता नसरत रहीमी ने उन खबरों को खंडन किया कि विस्‍फोट के बाद गोलीबारी भी हुई थी। रहीमी ने बताया कि यह बम धमाका तब हुआ जब एक चेक प्‍वॉइंट पर स्‍टेशन के बाहर एक गाड़ी रोकी गई। मंत्रालय का कहना है कि यह धमाका मुख्‍य शहर से दूर पश्चिमी इलाके में हुआ। इस हमले में कई महिलाएं एवं बच्‍चे भी घायल हैं। 
  तालिबान ने यह धमाका ऐसे वक्‍त किया है , जब दो दिन पूर्व कतर की राजधानी दोहा में तालिबान के साथ संयुक्‍त राज्‍य अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि जल्‍माय खलीलजाद की 8 वें चरण की वार्ता संपन्‍न हुई। खलीलजाद ने इस शांति वार्ता को बहुत सकारात्‍मक बताया था। इस मौके पर उन्‍होंने कहा था कि अमेरिका किसी भी हाल में अफगानिस्‍तान की धरती पर तालिबान नियंत्रण वाले क्षेत्र और अंतरराष्‍ट्रीय आतंकवाद का अड्डा नहीं बनने देगा। बता दें कि इसके पहले भी काबुल में कई बम धमाके हो चुके हैं। पिछले महीने की एक जुलाई को शक्तिशाली बम धमाके से शहर दहल उठा था। काबुल में हुए शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई थी और 68 अन्य घायल हो गए थे। अधिकारियों ने बताया  कि आतंकवादी पुल-ए-महमूद खान में एक निर्माणाधीन इमारत में घुस गए थे। हालात को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में पहुंचे सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी भी हुई थी।

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Aug 08 2019, 14:34

जान लीजिए,

बजट सत्र खत्म होने के आखिरी दिन 32 बिल पास कर राज्यसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित

- उच्च सदन में 32 और लोकसभा में 36 विधेयकों को पारित किया गया

Streetbuzz desk/संसद के बजट सत्र बुधवार को  आखिरी दिन कुल 32 बिल पास कर राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। सभापति ने इस सत्र को कई मायने में ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस बार काफी अच्छा काम काज हुआ जो पिछले कई सत्रों में देखने को नहीं मिला था। उच्च सदन में 32 और लोकसभा में 36 विधेयकों को पारित किया गया। राज्यसभा में आज जलियावाला बाग राष्ट्रीय स्मारक बिल को वापस ले लिया गया और इससे पहले सदन ने मौन रखकर पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि दी।

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Aug 08 2019, 13:32

सुषमा स्वराज की अस्थि  आज होगा गढ़मुक्तेश्वर में  विसर्जन,अस्थि लेकर निकल पड़े हैं परिजन 

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता और देश की पूर्व विदेश मंत्री रहीं सुषमा स्वराज की अस्थियों का आज गढ़मुक्तेश्वर में विसर्जन किया जाएगा, सुषमा के परिजन गुरुवार सुबह लोधी श्मशान घाट से अस्थियां जुटाकर गढ़मुक्तेश्वर के लिए रवाना हो गए हैं। आपको बता दें, सुषमा स्वराज का मंगलवार देर रात निधन हो गया था, उन्हें दिल का दौरा पड़ा था, इसके बाद बुधवार को सुषमा का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था।

भारतीय राजनीति के लोकप्रिय चेहरों में से एक सुषमा स्वराज ने हमेशा मूल्यों और सिद्धांतों पर बल दिया, वो केवल एक प्रखर वक्ता ही नहीं बल्कि प्रेम और इंसानियत के जरिए चीजों को बदलने की कोशिश करने वाली एक साहसी महिला थीं और इसी वजह से उनके निधन पर विरोधी दलों के नेता भी रो पड़े, सुषमा ने जाते-जाते भी समाज को एक बड़ा संदेश दिया। उनके अंतिम संस्कार की सारी प्रथाएं उनकी इकलौती बेटी बांसुरी कौशल ने निभाई।

आम तौर पर ये प्रथाएं पति या बेटे निभाते हैं लेकिन बांसुरी ने इन संस्कारों को पूरा करके ये बता दिया कि सुषमा स्वराज सिर्फ कहती ही नहीं बल्कि मानती भी थीं कि बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं है, आपको बता दें कि एम्स में मंगलवार रात निधन होने के बाद सुषमा स्वराज के पार्थिव शरीर को बुधवार को अंतिम दर्शन के लिए बीजेपी मुख्यालय में रखा गया था, इसके बाद सुषमा के पार्थिव शरीर को केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, रविशंकर प्रसाद और पीयूष गोयल ने भी कंधा दिया था, इसके बाद दिल्ली के लोधी रोड स्थित शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार किया गया था।